31 जनवरी से शुरू होगा बजट सत्र, हो सकती हैं महत्वपूर्ण घोषणाएं
31 जनवरी को बजट सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण से होगी. राष्ट्रपति दोनों सदनों के संयुक्त अधिवेशन को सेंट्रल हॉल में सम्बोधित करेंगे राष्ट्रपति के अभिभाषण में आम तौर पर सरकार की उपलब्धियों और भावी योजनाओं का ब्योरा दिया जाता है। ऐसे में इस साल के अभिभाषण में भी मोदी सरकार अपनी भावी योजनाओं और उपलब्धियों का खाका दिखाई पड़ेगा। कहा जा रहा है कि इस बजट में सरकार किसानों के लिए बड़ी घोषणाएं कर सकती है। 31 जनवरी को ही राष्ट्रपति का अभिभाषण ख़त्म होने के बाद सरकार की ओर से संसद के दोनों सदनों में इस साल का आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाएगा। कोरोना की त्रासदी के बावजूद पिछले साल देश की अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत मिले थे। आर्थिक सर्वेक्षण में अर्थव्यवस्था को लेकर पैदा हुई चुनौतियों और उससे निपटने के लिए सरकार की तैयारियों का लेखा जोखा पेश किया जाएगा। बजट सत्र का सबसे अहम पहलू 1 फरवरी को पेश होने वाला आम बजट होगा।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को लोकसभा में सुबह 11 बजे आम बजट पेश करने से जुड़ा अपना भाषण शुरू करेंगी। बजट की दिशा कैसी होगी, इसकी एक बानगी आर्थिक सर्वेक्षण में भी ज़रूरी दिखाई पड़ेगी। पांच राज्यों में जारी चुनावी घमासान के बीच पेश हो रहे बजट में कुछ बड़ी घोषणाओं की संभावना है। बजट में जहां आम वेतन भोगी टैक्स में छूट की उम्मीद लगाए बैठा है वहीं कोरोना महामारी से परेशान व्यापारी वर्ग को भी राहत की आस है। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि किसानों को लेकर बजट में कोई महत्वपूर्ण घोषणा की जा सकती है। तय कार्यक्रम के मुताबिक़, दो भागों में होने वाले बजट सत्र का पहला भाग 11 फरवरी तक चलेगा। आम बजट के अलावा इस भाग का एक और अहम हिस्सा होता है। इस बार लोकसभा में प्रस्ताव पर बहस के लिए चार दिनों का समय आवंटित किया गया है जो 2 फरवरी को शुरू होगी। बहस की समाप्ति पर 7 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जवाब देंगे जिसपर सबकी निगाहें होंगी।
