बिहार: कैबिनेट का बड़ा फैसला, शराब हुई पूरी तरह से बंद
पटनाः बिहार मद्य निषेध और उत्पाद नियमावली 2021 को राज्य सरकार की कैबिनेट ने बुधवार को स्वीकृति दे दी है। इसमें मद्य निषेध से जुड़े कई नियमों को स्पष्ट किया गया है। अब अगर किसी परिसर में शराब का निर्माण, भंडारण, बोतल बंदी, बिक्री या आयात-निर्यात होता है, तो वैसे पूरे परिसर को सीलबंद कर दिया जाएगा। हालांकि आवासीय परिसरों का चिह्नित भाग ही सीलबंद किया जाएगा न कि संपूर्ण परिसर या पूरा आवास सीलबंद होगा। छावनी क्षेत्र और मिलिट्री स्टेशन को शराब भंडारित करने की अनुमति होगी। छावनी क्षेत्र से बाहर किसी भी कार्यरत या सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी को शराब रखने या उपभोग करने की अनुमति नहीं होगी। अधिहरण का प्रस्ताव मिलने पर कलेक्टर सुनवाई का अवसर प्रदान करते हुए प्रभावी पक्षकार की उपस्थिति के 90 दिनों के अंदर अधिहरण का आदेश पारित करेंगे। आदेशानुसार प्रथम अपराध के लिए जमानत के लिए धारा 436 के प्रावधान लागू होंगे। कलक्टर के आदेश के विरुद्ध अपील दायर की जा सकेगी, जिस पर आयुक्त उत्पाद को 30 दिनों के अंदर आदेश पारित करना होगा। अपील एवं पुनरीक्षण का कार्यवाही में अपीलार्थी अथवा उसका अधिवक्ता सुनवाई की निर्धारित तिथि को उपस्थित नहीं होने की स्थिति में उपलब्ध अभिलेख के आधार पर पीठासीन पदाधिकारी द्वारा एकपक्षीय निर्णय लिया जाएगा। वहीं इथनॉल उत्पादित करने वाली अनाज आधारित डिस्टलरी की गतिविधि 24 घंटे सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में संचालित होगी। मादक द्रव्य से लदे वाहनों को राज्य सीमा में घोषित चेकपोस्ट से ही आने-जाने की अनुमति होगी। ऐसे वाहनों को हर हाल में 24 घंटे के अंदर राज्य की सीमा से बाहर निकलना अनिवार्य होगा। निर्धारित रूट पर जैसे ही शराब लदी गाड़ी राज्य की सीमा में प्रवेश करेगी इसमें डिजिटल लॉक लग जाएगा।
