धर्मशाला शहर को सुन्दर बनाने के लिए अथक प्रयास कर रही सरकार
स्मार्ट सिटी के तहत 315 करोड़ रुपये की परियोजनाएं कार्यान्वित
फर्स्ट वर्डिक्ट, धर्मशाला
धर्मशाला शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। स्मार्ट सिटी के तहत करोड़ों रूपए की राशि विभिन्न परियोजनाओं पर खर्च की जा रही है । बता दें की धर्मशाला शहर को और अधिक सुन्दर बनाने के लिए स्मार्ट सिटी के द्वारा 315 करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है । स्मार्ट सिटी योजना के तहत कुछ दिनों पहले शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने धर्मशाला में अधिकारीयों से बैठक की। इस दौरान उन्होंने बताया की धर्मशाला में स्मार्ट सिटी के तहत 115 करोड़ के 19 प्रोजेक्ट का कार्य पूर्ण हो चुका है। जिसमें तीन करोड़ की लागत से रूट जोन ट्रीटमेंट प्लांट, दो करोड़ नौ लाख की लागत से रूफ टॉप सोलर प्लांट, तीन करोड़ 55 लाख की लागत से स्मार्ट क्लास रूम, 23 करोड़ की लागत स्ट्रीट का निर्माण, छह करोड़ की लागत से अंडरग्राउंड डस्टबिन, एक करोड़ 37 लाख की लागत से ई-नगरपालिका सुविधा, 26 लाख की लागत से पार्क, 36 लाख की लागत से वेबसाइट तथा एक करोड़ 29 लाख की लागत से जीआईएस वेब पोर्टल का निर्माण किया गया है। इसके साथ ही स्मार्ट सिटी के तहत अन्य विभागों के साथ मिलकर 19 करोड़ की लागत से इंटीग्रेटिड हाउसिंग प्रोजेक्ट, 57 लाख की लागत से आश्रयहीनों को आवासीय सुविधा, तीन करोड़ 43 लाख की लागत से डीसी परिसर पार्किंग, 29 करोड़ से पेयजल सुधार परियोजना, तीन करोड़ 70 लाख भागसूनाग क्षेत्र के विकास पर, चार करोड़ 44 लाख से पैन सिटी सड़कों की अपग्रेडेशन, एक करोड़ 55 लाख से एलईडी स्ट्रीट लाइट, चार करोड़ से सिटी कनवेंशन सेंटर, दो करोड़ की लागत से स्किल डिवल्पमेंट सेंटर तपोवन इत्यादि प्रोजेक्ट्स का कार्य पूर्ण हो चुका है। 165 करोड़ की 27 परियोजनाओं का कार्य किया जा रहा है, जबकि 150 करोड़ की 19 नई परियोजनाओं के लिए निविदाएं आमंत्रित की जा रही हैं।
शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि धर्मशाला पर्यटन की दृष्टि से अहम स्थान रखता है। धर्मशाला राज्य के सबसे जीवंत शहर के रूप में उभरा है, जो हर साल न केवल देश बल्कि विदेशों से भी लाखों पर्यटकों को आकर्षित करता है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट इस शहर को विदेशी और घरेलू पर्यटकों के लिए अधिक सुंदर और आकर्षक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा और स्थानीय लोगों को आधुनिक नागरिक सुविधाएं उपलब्ध होगी।
