प्रदेश को इलेक्ट्रिक वाहनों का हब बनाने की कवायद तेज
प्रदेश को इलेक्ट्रिक वाहनों का हब बनाने के लिए सरकार ने कवायद तेज कर दी है है। सरकार ने 2025 तक 15 फीसदी इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत करने का लक्ष्य रखा है। सरकार द्वारा शिमला, मंडी, बद्दी और धर्मशाला को इलेक्ट्रिक वाहन टाउन बनाने का प्रस्ताव रखा है । इसके लिए राज्य में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट तैयार की जाएंगी। इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग बढ़ने से ज्यादा उद्योग खोले जाएंगे। इससे रोजगार के अवसर पैदा होंगे। बता दें की इलेक्ट्रिक वाहनों का रख-रखाव खर्च कम होता है और पेट्रोल और डीजल वाहनों की अपेक्षा इलेक्ट्रिक वाहनों में प्रति किलोमीटर खर्च कम होता है व छोटे इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी को घर पर ही बिजली के सॉकेट से जोड़ कर चार्ज किया जा सकता है । इलेक्ट्रिक वाहनों में प्रयुक्त होने वाली बैटरी कई वर्षों तक चलती है और इन वाहनों द्वारा ध्वनि प्रदूषण न के बराबर होता है। मंडी के पड्डल मैदान में अन्तरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव के अवसर पर परिवहन विभाग द्वारा इलेक्ट्रिक वाहनों की प्रदर्शनी भी लगाई गई । परिवहन मंत्री बिक्रम ठाकुर ने बताया कि हिमाचल प्रदेश को इलेक्ट्रिक वाहन का हब बनाया जाएगा। प्रदेश सरकार ने राज्य में वर्ष 2025 तक 15 फीसदी वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों से बदलने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा प्रदर्शनी में लोगों को जानकारी उपलब्ध करवाई गई । प्रदर्शनी में इलेक्ट्रिक वाहनों के विभिन्न मॉडल प्रदर्शित किए गए । उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहन पूरी तरह से सुरक्षित हैं और यह वाहन सभी प्रकार की टेस्टिंग प्रक्रिया से गुजरते हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग से पर्यावरण संरक्षण को भी विशेष बल मिलता है, क्योंकि इनके प्रयोग से किसी भी प्रकार का प्रदूषण नहीं होता।
