दिल्ली बॉर्डर को आज पूरी तरह खाली कर देंगे किसान, लेकिन आम जनता के लिए अभी नहीं खुलेगा दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे
कृषि कानूनों के रद्द होने के बाद आज आंदोलनकारी किसान दिल्ली बॉर्डर को पूरी तरह खाली कर देंगे। किसानों का आखिरी जत्था आज दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर के मुजफ्फरनगर लौट जाएगा। किसान आंदोलन का सबसे बड़ा चेहरा जिसकी एक आवाज पर देशभर के किसान एकजुट हुए, जिसकी जिद्द के आगे सरकार को भी झुकना पड़ा, वो राकेश टिकैत, 383 दिन बाद आज अपने घर लौट रहे हैं। गाजीपुर बॉर्डर से किसान आज भले ही बोरिया-बिस्तर समेट रहे हैं, लेकिन आम जनता के लिए दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे अभी नहीं खुलेगा। हाइवे पर गाड़ियां दौड़ाने में 15 से 20 दिन लग सकते हैं। एनएच 24 पर जिस जगह किसान बैठे हुए हैं, उस जगह का एक साल से अधिक समय से निरीक्षण नहीं हो सका है, इसके अलावा फ्लाईओवर पर दरारें भी पड़ गई हैं, जिन्हें ठीक करना बाकी है। किसानों के चले जाने के बाद सबसे पहले उस इलाके को पुलिस अपने नियंत्रण में लेगी और नेशनल हाइवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारी व कर्मचारी निरीक्षण करेंगे और जो खामियां निकलेंगी, उन्हें दुरुस्त किया जाएगा। इसके अलावा सब कुछ ठीक होने के बाद ही गाड़ियों को हरी झंडी दिखाई जाएगी।
