स्वास्थ्य सुरक्षा का संबल देने में सहायक हिमकेयर योजना
प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही हिमकेयर योजना हर हिमाचली को स्वास्थ्य सुरक्षा का संबल देने में सहायक सिद्ध हुई है। इस योजना का लाभ विशेष रूप से हिमाचल प्रदेश के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को देना है, ताकि उन्हें उनकी स्वास्थ्य की देखभाल के लिए कोई परेशानी न हो। इस योजना को हिमाचल प्रदेश के उन सभी नागरिकों को स्वास्थ्य बीमा प्रदान करने के लिए आरंभ किया गया था जो केंद्र सरकार द्वारा संचालित आयुष्मान स्वास्थ्य बीमा योजना में कवर नहीं थे। जनता को और सहूलियत देते हुए सरकार ने अब हिमकेयर में नए परिवारों का पंजीकरण पूरे वर्ष करने का निर्णय लिया है। इसकी नवीनीकरण अवधि 3 वर्ष के लिए बढ़ा दी गई है। अब एक साल की फीस में ही हिमकेयर कार्ड तीन साल के लिए बनेगा।
क्या कहना है लाभार्थियों का
हिमकेयर योजना से लाभ पाने वाले लोगों का कहना है कि बीमारी का खर्चा गरीब आदमी की कमर तोड़ देता है। यह बड़ी सुविधा है कि हिमाचल सरकार रोगियों के खर्चे उठा रही है, गरीब की जेब से एक पैसा नही लग रहा। सदर मंडी के बन्युर गांव की 33 साल की गगना देवी का कहना है कि उन्होंने अपना हिम केयर कार्ड नजदीकी लोकमित्र केंद्र में बनवाया है और उन्हें इससे बहुत फायदा हुआ है। उन्हें पित्ते की पथरी थी, जिसका इलाज एक प्राइवेट अस्पताल में कराया, जहां हिम केयर कार्ड से उनका मुफ्त इलाज हुआ। उन्होंने इस योजना के लिए मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश सरकार जय राम ठाकुर का धन्यवाद किया। बन्युरी गांव की दीपिका का कहना है कि यह सरकार की एक अच्छी योजना है जिसमें परिवार के 5 सदस्यों को कोई भी गम्भीर बीमारी है तो वे अपना इलाज प्राइवेट या सरकारी अस्पताल से मुफ्त में करवा सकते हैं। मंडी जिले के टिल्ली गांव हिमकेयर कार्ड धारक नारायण सिंह गुलेरिया का कहना है कि अस्पतालों में मुफ्त इलाज हो रहा है, जिससे लोगों को खर्चे की चिंता से मुक्ति मिली है।
ऐसे करे आवेदन
हिमकेयर योजना के अंतर्गत लोक मित्र केंद्र या कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है। लोग स्वास्थ्य विभाग पोर्टल पर भी आसानी से स्वयं ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। वे डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डॉट एचपीएसबीवाईएस डॉट आइएन (www.hpsbys.in) पर लॉगिन करके स्वयं पंजीकरण कर सकते हैं। इसके लिए आधार कार्ड और राशन कार्ड की कॉपी अपलोड करके एवं पात्रता के अनुरूप ऑनलाइन दर्शायी फीस 365 रुपये अथवा 1000 रुपये भरके पंजीकरण कराया जा सकता है।
इन्हे मिल सकता है लाभ
योजना के तहत बीपीएल, पंजीकृत रेहड़ी-फड़ी वाले, स्वच्छता कार्यों में जुड़े लोग और मनरेगा में 50 दिन या उससे अधिक कार्य करने वालों का निशुल्क बनता है हिमकेयर कार्ड। इसके अतिरिक्त एकल नारी, 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग, 70 वर्ष की आयु से अधिक वरिष्ठ नागरिक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं, आशा वर्कर्ज, मिड-डे-मील कार्यकर्ता, दिहाड़ीदार (सरकारी, स्वायत्त संस्थानों, सोसायटी, बोर्ड एवं निगम के कर्मचारी), अनुबंध और आउटसोर्स कर्मचारी से केवल 365 रुपए और उपरोक्त के अतिरिक्त जो व्यक्ति नियमित सरकारी कर्मचारी या सेवानिवृत्त कर्मचारी नहीं है वे 1000 रुपये देकर योजना के तहत कार्ड बनवा सकते हैं।
ये रहेंगे वंचित
सेवानिवृत्त, पैंशनधारी एवं सरकारी कर्मचारी (पति-पत्नी) हिमकेयर योजना में नहीं आते, लेकिन वे अपने बच्चे जो 25 वर्ष से अधिक आयु के हैं के कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं। जिन लाभार्थियों के आयुष्मान योजना के तहत कार्ड बने हुए हैं वे हिमकेयर के कार्ड के लिए आवेदन नहीं कर सकते।
अब तक इतने लोग हुए लाभान्वित
प्रदेश में अब तक 2 लाख 31 हजार 414 रोगी इस योजना का लाभ उठा चुके हैं। लोगो की स्वास्थ्य सुरक्षा पर सरकार ने 200 करोड़ रुपये व्यय किए हैं। प्रदेश में अभी तक लगभग साढ़े 8 लाख लोगों ने योजना में अपना पंजीकरण कराया है। जिला मंडी में हिमकेयर में 21 हजार 788 लोगों को 8.86 करोड़ रुपये के लाभ दिए गए हैं। जिले में 1 लाख 9 हजार 926 लोगों ने योजना में अब तक अपना पंजीकरण कराया है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेंद्र शर्मा का कहना है कि हिमकेयर योजना के अंतर्गत 5 लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा लाभार्थी परिवार को प्रदान किया जाता है। इस योजना का लाभ एक परिवार के 5 सदस्य उठा सकते हैं। यदि किसी परिवार में पांच से ज्यादा सदस्य हैं, तो शेष सदस्यों को अलग से नामांकन कर कार्ड प्रदान किया जाएगा। योजना के अंतर्गत लाभार्थी उन सभी अस्पतालों में अपना इलाज करवा सकते हैं जो आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत एम्पैनेल्ड हैं।
-मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेंद्र शर्मा
उपायुक्त अरिंदम चौधरी का कहना है कि सरकार उन सब लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने को प्रयासरत है जो अपनी आर्थिक स्थिति के कारण अच्छी स्वास्थ्य सेवा वहन नहीं कर सकते हैं। ऐसे सभी लोगों के लिए हिमकेयर योजना बड़ी मददगार है। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से योजना में अपना पंजीकरण कराने और इसका लाभ लेने का आग्रह किया है।
-उपायुक्त अरिंदम चौधरी
