भारत ने LAC पर बढ़ाई सैनिकों की संख्या, इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने पर कर रहे काम
एलएसी पर चीन से चल रहे विवाद के बीच भारत ने कहा है कि जिन सीमावर्ती इलाकों में डिसइंगेजमेंट नहीं हुआ है वहां सेना की तैनाती बढ़ा दी गई है। साथ ही एलएसी के दूसरी तरफ चीन के जबरदस्त इंफ्रास्ट्रक्चर और पीएलए की बढ़ी हुई संख्या को देखते हुए भारतीय सेना ने पुनर्गठन के साथ-साथ अपने सैन्य ढांचे में जरूरी बदलाव भी किए हैं। इस बात का खुलासा खुद रक्षा मंत्रालय की सालाना रिपोर्ट में हुआ है। रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, "एलएसी पर एक से अधिक क्षेत्रों में चीन द्वारा बल के प्रयोग पर स्टेट्स-क्यो यानि यथास्थिति को बदलने के लिए एकतरफा और उत्तेजक कार्रवाइयों का पर्याप्त रूप से जवाब दिया गया है।" रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, इस विवाद को सुलझाने के लिए दोनों देशों की सेनाएं विभिन्न स्तरों पर बातचीत में लगी हुई हैं। निरंतर संयुक्त प्रयासों के बाद, कई स्थानों पर डिसइंगेजमेंट नहीं हुआ है। ऐसे में उन क्षेत्रों में जहां डिसइंगेजमेंट नहीं हुआ है वहां पर्याप्त रूप से सैनिकों की संख्या बढ़ाई गई है।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, एलएसी पर अपने दावों को मजबूत करने के लिए भारतीय सैनिक पूरी दृढ़ता लेकिन शांति-पूर्वक सीमा पर चीन के खिलाफ डटे हुए हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि एलएसी पर भारत भी सड़क, ब्रिज और दूसरी मूलभूत सुविधाओं के साथ अपने इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में जुटा है। रक्षा मंत्रालय की सालाना रिपोर्ट में पिछले एक साल के दौरान देश की रक्षा का पूरा लेखा जोखा है। इसमें थलसेना की चीन और पाकिस्तान के खिलाफ कारवाई और शांति समझौतों से लेकर वायुसेना और नौसेना की तैयारियों और आधुनिकिकरण के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले पांच साल के दौरान पाकिस्तान से सटी एलओसी पर बेहद तनाव के बाद इस साल फरवरी में दोनों देशों के डीजीएमओ ने शांति समझौता किया। ये समझौते दोनों देशों के लिए फायदे का सौदा था और इससे लंबे समय तक सीमा पर शांति कायम रह सकती है।
