लखीमपुर हिंसा पर बवाल, राकेश टिकैत ने प्रशासन के सामने रखी चार मांगें
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में रविवार को हुय हिंसा मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गयी है। किसान नेता राकेश टिकैत की ओर से पहली मांग की गयी थी घटना में शामिल लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। किसानों की पहली मांग मानते हुए आशीष मिश्रा के खिलाफ हत्या, गैर इरादतन हत्या, दुर्घटना और बलवे की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। वहीं इस मामले पर संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा है कि जब तक दोषी गिरफ्तार नहीं होंगे तब तक अन्तिम संस्कार नहीं करेंगे। कल हुए बवाल में चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत हो गई थी। किसान नेताओं के साथ बैठक के बाद लखीमपुर के ज़िलाधिकारी अरविंद चौरसिया ने कहा कि कई चीजों पर चर्चा हुई, मांग पत्र प्राप्त हुआ है। गृह राज्य मंत्री को बर्खास्त करने, FIR दर्ज़ करने और मृतकों को मुआवज़ा धनराशि, एक-एक सरकारी नौकरी देने और पूरे घटनाक्रम की न्यायिक जांच कराने की मांग की है।उन्होंने कहा कि हमने इसे उच्चस्तर पर भेजा है, हम एक दौर की वार्ता और करेंगे।
दरअसल यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को लखीमपुर खीरी में आयोजित कुश्ती कार्यक्रम में आना था। डिप्टी सीएम के पहुंचने से पहले किसान, कृषि कानून के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे। किसानों का आरोप है कि केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे अशीष मिश्रा और उसके समर्थकों ने प्रदर्शन कर रहे किसानों पर गाड़ियां चढ़ा दीं। इससे बाद गुस्साए किसानों ने 2 SUV कार को आग के हवाले कर दिया। इस पूरे मामले में अब तक कई लोगों की मौत हो गई है। हिंसा की खबर के बाद डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने भी अपना लखीमपुर दौरा रद्द कर दिया। घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। सीएम योगी ने ट्विटर पर लिखा, ''घटना दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है, हम तह तक जाएंगे और हिंसा में शामिल सभी को बेनकाब करेंगे, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।'' लखीमपुर हिंसा पर योगी सरकार ने बड़ी बैठक भी की।
वंही इस मामले में केंद्रीय गृहराज्यमंत्री अजय मिश्रा का कहना है कि किसानों के रूप में उपद्रवी तत्वों ने पूरा हंगामा किया। उन्होंने कहा, ''किसानों के बीच छुपे हुए कुछ उपद्रवी तत्वों ने उनकी (भाजपा कार्यकर्ताओं) गाड़ियों पर पथराव किया, लाठी-डंडे से वार करने शुरू किए। फिर उन्हें खींचकर लाठी-डंडों और तलवारों से मारापीटा, इसके वीडियो भी हमारे पास हैं।' अजय मिश्रा ने कहा, ''उन्होंने गाड़ियों को सड़क से नीचे खाई में धक्का दिया. उन्होंने गाड़ियों में आग लगाई, तोड़फोड़ की। मेरा बेटा कार्यक्रम खत्म होने तक वहीं था, उन्होंने जिस तरह से घटनाएं की हैं अगर मेरा बेटा वहां होता तो वो उसकी भी पीटकर हत्या कर देते। हमारे कार्यकर्ताओं की दुखद मृत्यु हुई है। हमारे तीन कार्यकर्ता और ड्राइवर मारा गया है। हम इसके खिलाफ एफआईआर कराएंगे, इसमें शामिल सभी लोगों पर धारा 302 का केस लगाया जाएगा।''
