100 साल बाद घर लौटीं 'मां अन्नपूर्णा' की मूर्ति
मोदी सरकार के प्रयासों से करीब 100 साल पहले वाराणसी से चुराई गई मां अन्नपूर्णा की मूर्ति कनाडा से वापस भारत आ गई है। ये मूर्ति 11 नवंबर यानी गुरुवार को उत्तर प्रदेश सरकार को सौंपी जाएगी। इस मूर्ति में मां अन्नपूर्णा के एक हाथ में खीर की कटोरी और दूसरे हाथ में चम्मच है। माना जा रहा है 18वीं शताब्दी की ये मूर्ति 1913 में काशी के एक घाट से चुरा ली गई थी, और फिर इसे कनाडा ले जाया गया था। जानकारी के अनुसार मां अन्नपूर्णा की ये मूर्ति कनाडा में एक विश्वविद्यालय में रखी गई थी। बीते 100 साल से यह मूर्ति यूनिवर्सिटी ऑफ रेजिना के मैकेंजी आर्ट गैलरी का हिस्सा थी। यह मामला उस समय सामने आया जब इस साल गैलरी में एक प्रदर्शनी की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान कलाकार दिव्या मेहरा की नजर इस मूर्ति पर पड़ी। उन्होंने इस मुद्दे को उठाया और फिर सरकार ने अपनी ओर से इसकी वापसी के प्रयास शुरु किये। मां अन्नापूर्णा की इस प्राचीन मूर्ति को 15 नवंबर के दिन काशी विश्वनाथ धाम में फिर से स्थापित किया जाएगा। इससे पहले 4 दिनों तक इस मूर्ति को 18 जिलों में दर्शन के लिए रखा जाएगा।
