मंडी में साढ़े चार सौ युवाओं को 16 करोड़ से ज्यादा की सब्सिडी
जिला उद्योग केंद्र मंडी के महा प्रबंधक ओपी जरयाल ने बताया कि अगर किसी को अपना काम-धंधा शुरू में आर्थिक मदद की दरकार है तो हिमाचल सरकार की मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना उनके लिए बहुत फायदेमंद है। उद्योग विभाग के सौजन्य से लागू की गई मुख्यमंत्री स्वावलम्बन योजना में बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार लगाने के लिए सरकार की ओर से वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। मंडी जिले में मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना में 2018 से अब तक करीब साढ़े चार सौ युवाओं को अपना काम धंधा शुरु करने के लिए 16 करोड़ रुपये से ज्यादा की सब्सिडी दी जा चुकी है।
ये है योजना में सब्सिडी का प्रावधान
इस योजना में 1 करोड़ रुपये लागत तक की परियोजनाओं पर महिलाओं को 30 प्रतिशत तथा पुरूषों को 25 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान है। साथ ही सरकार ने महिलाओं के लिए पात्रता आयु 45 से बढ़ा कर 50 साल करने का निर्णय भी लिया है। जिला उद्योग केंद्र मंडी के प्रबंधक विनय कुमार बताते हैं कि स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री स्वावलम्बन योजना में पहले की गतिविधियों के साथ अब उन्नत डेयरी विकास, दूध व दुग्ध उत्पादों के लिए कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं की स्थापना, कृषि उपकरणों व औजारों का निर्माण तथा रेशम प्रसंस्करण इकाई जैसी 18 नई गतिविधियां भी सम्मिलित की हैं। इससे अब योजना के तहत कवर की गई स्वरोजगार गतिविधियों की संख्या बढ़कर 103 हो गई है।
हिमाचल सरकार का इस ओर विशेष जोर है कि अधिक से अधिक युवा स्वरोजगार से जुड़ें और नौकरी मांगने के स्थान पर नौकरी देने की स्थिति में आएं। स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री स्वावलम्बन योजना युवाओं को स्वरोजगार के अनेकों अवसर बना रही है। हमारा प्रयास है कि अधिक से अधिक युवाओं को इसमें लाभ दिया जाए।
अरिंदम चौधरी, उपायुक्त मंडी
