प्रदेश में होगा 476.35 करोड़ का निवेश, 1379 लोगों को मिलेगा रोजगार
फस्र्ट वर्डिक्ट । शिमला
हालांकि प्रदेश में बेरोजगारी का ग्राफ अधिक है, मगर सरकार भी इसके लिए सतत प्रयासरत है। इसके लिए सरकार ने कई प्रयास किए हैं। इनमें मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना, रोजगार मेले और समय-समय सरकारी नौकरियों का भी प्रावधान किया है, जिससे ज्यादा से ज्यादा बेरोजगारी पर काबू पाया जा सके और बेरोजगार अपने रोजगार के साधन जुटा सकें। हिमाचल प्रदेश में 476.35 करोड़ के निवेश को मंजूरी मिली है। इससे 1379 लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग की अध्यक्षता में आयोजित सिंगल विंडो बैठक में यह निर्णय लिया गया। यह निवेश 38 इकाइयों के माध्यम से आएगा। इनमें 25 औद्योगिक इकाइयां हैं। इसके अलावा 11 पर्यटन इकाइयों एवं 2 पावर प्रोजेक्टों में भी निवेश होगा। बैठक के दौरान यह भी बताया गया कि केंद्रीय पूंजी निवेश प्रोत्साहन के तहत निवेश करने वालों को सबसिडी मिलेगी। सबसिडी के लिए 478 इकाइयों को प्री-रजिस्टर किया गया है।
अब तक 168.65 करोड़ रुपए की सबसिडी स्वीकृत हो गई है, जिसमें से केंद्र से 69.28 करोड़ रुपए मिल चुके हैं। सबसिडी के रूप में 56 करोड़ रुपए प्लांट एवं मशीनरी के लिए मिलेंगे। बैठक में केंद्रीय पूंजी निवेश प्रोत्साहन योजना के तहत 118 दावों का निपटारा किया गया। हिमाचल प्रदेश में अब खनन से संबंधित स्वीकृति ऑनलाइन उपलब्ध हो सकेगी। अब तक उद्योग विभाग का खनन विंग ऑनलाइन नहीं जुड़ा था। इसको लेकर 1 माह के भीतर ब्लू प्रिंट तैयार किया जाएगा। इसके बाद वर्ष के अंत तक खनन विंग को ऑनलाइन किया जाएगा। इससे खनन लीज लेने, पुन: आबंटित करने, क्रशर के लिए आवेदन करने, नालों, खड्डों, व नदियों से खनिज रेत, पत्थर व रोड़ी निकालने संबंधी आवेदन भी ऑनलाइन हो सकेंगे। खनन के लिए ऑनलाइन स्वीकृतियां मिलने से अब जहां सरकारी कार्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, वहीं काम करवाने के लिए रिश्वत देने के मामलों पर भी विराम लग सकेगा।
