सीटू राष्ट्रीय सचिव डॉक्टर कश्मीर ठाकुर पर जानलेवा हमला, पुलिस अधीक्षक हमीरपुर के पास दर्ज़ एफआईआर
सीटू राज्य कमेटी हिमाचल प्रदेश की बैठक शिमला में सम्पन्न हुई। राज्य कमेटी ने डॉ. कश्मीर सिंह ठाकुर पर जानलेवा हमले की कड़ी निंदा की है। सीटू ने हिमाचल प्रदेश के पुलिस महानिदेशक से डॉ. कश्मीर सिंह ठाकुर को पुलिस सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है। इस संदर्भ में डॉ. कश्मीर ठाकुर ने पुलिस अधीक्षक हमीरपुर को शिकायत पत्र देकर हमले की जानकारी दी है और आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाई है। सीटू ने संगठन व इसके नेताओं पर आरोपी द्वारा लगाए जा रहे बेबुनियाद आरोपों का कड़ा संज्ञान लिया है। सीटू ने आरोपी को चेताया है कि वह अपने बयानों को तुरन्त वापिस ले, सार्वजनिक तौर पर माफी मांगे अन्यथा उनके खिलाफ प्रदेश भर में मानहानि के मुकद्दमें होंगे।
सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, महासचिव प्रेम गौतम, उपाध्यक्ष जगत राम, रविन्द्र कुमार, बिहारी सेवगी, भूपेंद्र सिंह, सुदेश कुमारी, एनडी रणौत, ओमदत्त शर्मा, राजेश शर्मा, सचिव रमाकांत मिश्रा, राजेन्द्र ठाकुर, केवल कुमार, राजेश ठाकुर, कुलदीप डोगरा व वित्त सचिव अजय दुल्टा ने बैठक के बाद संयुक्त बयान जारी करके पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पिछले एक महीने के दौरान डॉ कश्मीर ठाकुर को दो बार जान से मारने की कोशिश की गई है जिसकी सूचना डॉ कश्मीर ठाकुर ने पुलिस अधीक्षक हमीरपुर को दी है व एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। डॉ कश्मीर ठाकुर के हवाले से इस एफआईआर में कहा गया है कि हमीरपुर जिला के अणुकलां निवासी अनिल मनकोटिया ने 30 जुलाई 2021 की सुबह उन पर अपनी कार चढ़ा कर उन्हें जान से मारने की कोशिश की। आरोपी इसी तरह की कोशिश 29 जून को भी कर चुका है जिसे उन्होंने नज़रअंदाज़ कर दिया था परंतु हत्या की कोशिश की पुनरावृत्ति के बाद उन्होंने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाकर पुलिस अधीक्षक हमीरपुर से सुरक्षा की मांग की है।
उक्त आरोपी को सीपीआईएम विरोधी गतिविधियों के चलते पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। इसी के चलते आरोपी बार-बार इस तरह की हरकतें करके सीपीआईएम के वरिष्ठ नेता व सीटू के राष्ट्रीय सचिव डॉ कश्मीर ठाकुर को डराने-धमकाने की कोशिश कर रहा है। सीटू नेताओं ने पुलिस महानिदेशक हिमाचल प्रदेश से मामले की गम्भीरता को देखते हुए आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और डॉ. कश्मीर ठाकुर को उचित पुलिस सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है। इस संदर्भ में सीटू का प्रतिनिधिमंडल जल्द ही पुलिस महानिदेशक से मिलेगा।
बैठक में निर्णय लिया गया कि सीटू संगठन व इसके नेताओं को बेवजह बदनाम करने व बेबुनियाद आरोप लगाने के खिलाफ हिमाचल प्रदेश में सीटू के अंतर्गत कार्य कर रहीं सभी यूनियनों की ओर से अनिल मनकोटिया को लीगल नोटिस भेजा जाएगा। अगर उन्होंने संगठन व इसके नेताओं के खिलाफ लगाए गए आरोपों को वापिस न लिया तथा इन के लिए सार्वजनिक तौर पर माफी न मांगी तो उनके खिलाफ प्रदेशभर में मानहानि के मुकद्दमे दायर किए जाएंगे।
