पंचरुखी : कर्मचारी विरोधी साबित हुई प्रदेश सरकार: घनश्याम शर्मा
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य एवं भारतीय राज्य पेंशनर संघ के वारिष्ठ उपाध्यक्ष घनश्याम शर्मा ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार कर्मचारी विरोधी साबित हुई है। शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों को जहां 46 प्रतिशत महंगाई भत्ते की किश्त जारी की है, वहीं हिमाचल सरकार ने कर्मचारियों को केवल 34 प्रतिशत महंगाई भत्ते की किश्त ही जारी कर अपना पल्लू झाड़ रही है। जबकि हिमाचल सरकार को भी अपने कर्मचारियों को केंद्र सरकार की तर्ज पर 46 प्रतिशत महंगाई भत्ता जारी करना चाहिए था। शर्मा ने कहा कि प्रदेश के विकास को रीढ़ रहे कर्मचारियों को उनका हक देने में प्रदेश सरकार पूरी तरह से नाकाम रही है।
शर्मा ने कहा कि यहीं नहीं वर्ष 2016 के बाद सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को अभी तक रिवाइज्ड लीव इन कैशमेंट तथा अन्य वित्तीय लाभ नहीं दिए गए हैं, जिससे प्रदेश के सेवानिवृत्त कर्मचारियों में कांग्रेस सरकार के प्रति भारी रोष पनपता जा रहा है। घनश्याम शर्मा ने कहा है कि केंद्र सरकार ने कर्मचारियों की मनोदशा को समझा है व कर्मचारियों के हितों को देखते हुए सभी लाभ दिए हैं। लेकिन प्रदेश सरकार कर्मचारियों की अनदेखी कर रही है। शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों को उनके वित्तीय लाभ तक नहीं दे पा रही है।
शर्मा ने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार को सत्ता में आये एक वर्ष का समय हो गया, लेकिन अभी तक भाजपा सरकार के समय शुरु हुए विकास कार्य भी पूरे नहीं कर पाई है। प्रदेश की वर्तमान कांग्रेस सरकार अब इन विकास कार्यों को पूरा करने के लिए बजट तक जारी नहीं कर पा रही है। शर्मा ने कहा कि प्रदेश में जल शक्ति विभाग के पास बचे विकास के बजट को सरकार द्वारा वापस मंगवाना सरकार की मनोदशा को दर्शाता है।
