यूजीसी एवं सरकार के नियमो को ताक पर रखकर नियुक्तियां कर रहे प्रो सिकंदर :छतर ठाकुर
एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष छतर सिंह ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश विश्व विद्यालय के कुलपति पर एक बार फिर नियमों को ताक पर रखकर पिछले दरवाजे से नौकरियां बाटने का आरोप लगाया है। कुलपति ने पहले भी करोना काल में गुप चुप तरीके से सहायक आचार्यों के पद भरने का प्रयास किया था। इसके विरुद्ध एनएसयूआई ने आवाज उठाई और उन्हें पीछे हटना पड़ा। हिमाचल में करोना के चलते 14 जून तक सभी शैक्षणिक संस्थान बन्द किए गए है। ऐसे में विश्व विद्यालय ने माइक्रो बायोलॉजी, इतिहास विषय में छटनी प्रक्रिया आरंभ कर दी है। कुलपति का यह रवैया हिमाचल के अनेकों छात्रों के विश्वास का घात कर रहा है। एनएसयूआई अध्यक्ष ने कुलपति से यह मांग की है कि वह बताए की ऐसी कौन की मजबूरी आन पड़ी है कि उन्हें नियमों को ताक पर रख कर नियुक्तियां करनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक आकाओं को खुश करने के लिए अयोग्य उम्मीदवारों को पदा सीन करना उचित नहीं। उन्होंने कहा कि एनएसयूआई राज्यपाल महामहिम को पत्र सौंपकर ऐसे भ्रष्ट कुलपति को हटाने कि मांग करेगी। और इन अवैध नियुक्तियों को उच्च न्यायालय में चुनौती देगी । इस से पहले भी विश्वविद्यालय प्रशासन को एनएसयूआई की पहल पर उच्च न्यायालय व सर्वोच्च न्यायालय से फटकार लगा कर घुटने के बल गिरा चुके हैं। सरकार व विश्वविद्यालय प्रशासन की मनमानी को देखते हुए आम छात्र न्यायालय पर ही उम्मीद लगाये हुए हैं ।
