धर्मशाला : SEIL का ध्येय सीमावर्ती क्षेत्रों और देश के अन्य भागाें के बीच स्थापित करना है संवाद- पालसरा
राष्ट्रीय एकात्मता यात्रा-2023 के प्रतिनिधि पत्रकाराें से हुए रू-ब-रू
शिवंशु शुक्ला। धर्मशाला
पूर्वोत्तर राज्यों से राष्ट्रीय एकात्मता यात्रा-2023 में आए प्रतिनिधियों द्वारा आज प्रेस वार्ता को संबोधित किया गया। इसमें अंतर-राज्य छात्र जीवन दर्शन (Students' Experience in Inter-state Living SEIL) यात्रा जो 11 फरवरी से 14 फरवरी तक कांगड़ा जिला में रहने वाली है, जिसका पूरा स्वरूप और पूर्वोत्तर से आए प्रतिनिधियों द्वारा अपने अनुभव इस प्रेस वार्ता के माध्यम से साझा किए। इस प्रेस वार्ता में विद्यार्थी परिषद की केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य एवं राष्ट्रीय एकात्मता यात्रा की को-ऑर्डिनेटर विकी यादर और विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश के प्रांत मंत्री रितिक पालसरा मुख्य रूप से उपस्थित रहे। प्रदेश सह मंत्री रितिक पालसरा ने इस यात्रा के बारे में बताया की अंतर-राज्य छात्र जीवन दर्शन (Students' Experience in Inter-state Living SEIL)1966 विद्यार्थी युवाओं में कार्यरत एक स्वयंसेवी संगठन है, जो विद्यार्थी परिषद द्वारा 1966 में शुरू किया गया, जो राष्ट्रीय एकात्मता को बढ़ावा देता है और हमारे महान राष्ट्र के सुदूर क्षेत्रों के लोगों में एकता को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
"एक राष्ट्र-एक जन-एक संस्कृति हमारा मूलमंत्र है। SEIL का ध्येय सीमावर्ती क्षेत्रों/सुदूर क्षेत्रों और भारत के अन्य हिस्सों के बीच संवाद स्थापित करना और एक दूसरे के प्रति जागरूकता पैदा करना है। हमें अनुभव है कि अनुभूति ही व्यक्तियों में अपनत्व का भाव जगाता है एवं प्रबोधन दृढविश्वास जागृत करता है। उत्तर पूर्व के हज़ारों छात्रों ने भारत के अन्य क्षेत्रों में कई स्थानों का दौरा किया, स्थानीय परिवारों में रहकर संस्कृति की एकता का अनुभव किया SEIL विशेष रूप से उत्तर पूर्वी राज्यों और भारत के अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों के छात्रों के लिए कौशल विकास, पर्यटन, व्यवसाय मार्गदर्शन पाठ्यक्रम और व्यक्तित्व विकास शिविरों का आयोजन करता रहा है। केंद्र के भीतर प्रस्तावित 3 विभागों में से शैक्षिक विभाग शुरू से कार्यरत है। SEIL ने पिछले साढ़े पाँच दशकों से अपने कार्यों के माध्यम से हमारे देश के दूरदराज के हिस्सों से और विशेष रूप से उत्तर पूर्व में राष्ट्रवादी दृष्टिकोण से समाज के अलग अलग क्षेत्रों में कार्यरत भाइयों बहनों की श्रृंखला निर्माण का काम किया है।
इस वर्ष 'राष्ट्रीय एकात्मता यात्रा (फ़रवरी 2023) गुवाहाटी में पहली फरवरी से ओरिएंटेशन कैंप से शुरू होकर देश के विभिन्न प्रांतों में 16 अलग अलग मार्गों से होकर 20 फरवरी को गुवाहाटी में अनुभव कथन के साथ संपन्न होगी। एक यात्रा 4 अलग-अलग राज्यों में अलग अलग स्थानों पर जाएगी। पूरे यात्रा में कुल 480 पूर्वोत्तर के जनजाति छात्र- छात्राएं भाग ले रहे हैं। यह यात्रा कुल 22 राज्यों के 64 स्थानों पर जाएगी। इसी क्रम में यह यात्रा पिछले कल यानी 10 फरवरी को सायं 8:00 बजे धर्मशाला पहुंची, जिसका विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने शहीद स्मारक में भव्य स्वागत किया।
यह यात्रा 11,12,13 व 14 फरवरी तक कांगड़ा जिला में रहेगी। पूर्वोत्तर राज्यों से आए इन 30 प्रतिनिधियों के लिए 15 परिवार चिन्हित किए गए हैं, जिन परिवारों में 4 दिन यह प्रतिनिधि रहेंगे। 11 फरवरी को इन प्रतिनिधियों का भ्रमण एचपीसीए स्टेडियम, नोरमलिंगा, आयुष हर्बल कंपनी नगरोटा, चामुंडा माता मंदिर में रहेगा। 12 फरवरी का भ्रमण कांगड़ा किला, मसरूर रॉक कट टेंपल, टी गार्डन धर्मशाला में रहेगा। 13 फरवरी का भ्रमण मैकलोडगंज, सेंट जॉन चर्च, भागसुनाग मंदिर और बौद्ध धर्म के गुरु दलाई लामा से मिलना रहेगा। 14 फरवरी सामुदायिक भवन कोतवाली में नागरिक अभिनंदन समारोह का आयोजन किया जाएगा, जिसमें कुछ सांस्कृतिक प्रस्तुतियां रहेंगी, जिसमें पूर्वोत्तर राज्यों की संस्कृति और हिमाचल प्रदेश की संस्कृति की झलक हमें देखने को मिलेगी। नागरिक अभिनंदन समारोह के बाद ही यह प्रतिनिधि दल अपने अगले गंतव्य के लिए रवाना हो जाएगा।
