शिमला : सीटू राज्य कमेटी ने आईजीएमसी के बाहर किया मौन प्रदर्शन
आईजीएमसी कॉन्ट्रैक्ट वर्करज़ यूनियन सम्बन्धित सीटू ने आईजीएमसी के आउटसोर्स व ठेका मजदूरों की मांगों को लेकर आईजीएमसी गेट पर धरना दिया। इस दौरान मजदूरों ने काली पट्टियां बांधकर जोरदार मौन प्रदर्शन किया जिसमें सैंकड़ों मजदूर शामिल हुए। यूनियन ने चेतावनी दी है कि अगर मजदूरों की मांगों का शीघ्र समाधान न किया गया तो यूनियन भविष्य में हड़ताल करने से भी गुरेज़ नहीं करेगी।
प्रदर्शन में सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा,राज्य सचिव रमाकांत मिश्रा,जिला सचिव बाबू राम,बालक राम,हिमी देवी,यूनियन अध्यक्ष विरेन्द्र लाल, महासचिव नोख राम, उपाध्यक्ष सीता राम, सुरेन्द्रा, पमीश कुमार, सीमा देवी, सरीना, जगत राम, लेखराज, विद्या गाजटा, शालू कुमारी, गीता, वंदना, धीरज, इंदु, विद्या, हेमावती, देवा, पुनमा, मीरा आदि मौजूद रहे। प्रदर्शन के बाद यूनियन का प्रतिनिधिमंडल सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा की अध्यक्षता में आईजीएमसी के प्रधानाचार्य व मेडिकल सुपरिन्टेन्डेन्ट से मिला व उन्हें बाईस सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। उन्होंने आश्वासन दिया कि मजदूरों की मांगों के समाधान के लिए दस दिन के भीतर बैठक बुला कर इनका समाधान किया जाएगा।
उन्होंने आईजीएमसी प्रबंधन से मजदूरों को न्यूनतम वेतन,ईपीएफ,ईएसआई,बोनस,छुट्टियों,कोरोना काल के वेतन,दो वर्दी सेट,चेंजिंग रूम व प्रसूति अवकाश,हर वर्ष पच्चीस प्रतिशत वेतन बढ़ोतरी की मांग की है। उन्होंने नौकरी से निकाले गए मजदूरों को तुरन्त बहाल करने की मांग की है। उन्होंने मजदूरों का वेतन पन्द्रह हज़ार रुपये घोषित करने व आउटसोर्स कर्मियों के लिए नीति बनाने की मांग की है। उन्होंने ठेका बदलने पर मजदूरों की सेवाओं को यथावत जारी रखने की मांग की है।
