शिमला: देश में भंडारण की कमी से हर साल 12 करोड़ टन अन्न बर्बाद
बताया कि गूगल मीट पर हुए कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं ने हिस्सा लिया। उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो अजय वास्तव ने कहा कि युवाओं को इस बारे में संवेदनशील बढ़ाने की जरूरत है। खाद्य सुरक्षा कानून के बारे में डॉ सोमदेव शर्मा ने बताया इसके अंतर्गत 7 करोड़ 59 लाख टन अनाज गरीबों को मुफ्त उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संविधान में वर्णित मौलिक अधिकारों में खाद्य सुरक्षा का अधिकार शामिल नहीं था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने जीवन जीने के अधिकार के साथ इसे जोड़ दिया। केंद्र सरकार ने 9 वर्ष पूर्व इस बारे कानून बनाया। डॉ सोमदेव शर्मा ने कहा कि स्थानीय फसलों को प्रोत्साहन देने की जरूरत है क्योंकि उनमें कृत्रिम रूप से पौष्टिक तत्व मिलाने की जरूरत नहीं पड़ती। इसी तरह लगातार एक ही प्रकार की उपज लेना भी सही नहीं है। इसमें विविधता लानी चाहिए। उन्होंने युवाओं के सवालों के जवाब भी दिए। उन्होंने किसानों के अधिकारों के बारे में कहा की बहुराष्ट्रीय कंपनियां बीज पर कब्जा करके किसानों को गुलाम बनाना चाहती हैं। इसके लिए किसानों को जागरूक करने की आवश्यकता है। कार्यक्रम के संचालन में संजीव शर्मा, इतिका चौहान, मुकेश कुमार, उदय वर्मा और संजीव भागड़ा ने सहयोग दिया।
