बागवानों को उचित मुआवज़ा दे सरकार वरना करेंगे धरना प्रदर्शन-कौशल मुंगटा
युवा कोंग्रेस नेता व सरस्वती नगर से जिला परिषद सदस्य कौशल मुंगटा ने सरकार को चेताया है कि अगर बागवानों को उनके नुक़सान का उचित मुआवज़ा नहीं मिला तो वो आगामी दिनों में धरना प्रदर्शन व हड़ताल से भी गुरेज़ नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि ऊपरी क्षेत्रों में बेमौसमी बर्फ़बारी और ओलावृष्टि से सब कुछ तबाह हो गया है, नुकसान का आंकलन करना मुश्किल हो गया है। कई जगहों पर पेड़ जड़ से ही उखड़ गए हैं तो कहीं ओलावृष्टि से पूरी फसल तबाह हो गई है।
नुकसान का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि जिसकी 2 हज़ार से अधिक सेब की पेटियाँ होती थी, उस बागवान की फसल इस तरह तबाह हुयी है की इस वर्ष उसकी 50 पेटियाँ होना भी मुश्किल है। ऐसे में जिन लोगों की आर्थिकी सेब की फसल पर निर्भर है वो पुरे साल कैसे गुजर-बसर करेंगे, ये बड़ा सवाल है।
वहीं मुंगटा ने सरकार से आग्रह किया है कि जो मुआवज़े की राशि लोगों को मिलनी है उसमें पारदर्शिता हो क्यूँकि जिसका करोड़ों का नुकसान हुआ है उसे कुछ राशि देकर भरपाई नहीं हो सकती है। वहीं, KCC लिमिट पर लगने वाले ब्याज को भी सरकार को इस आपदाकाल में माफ़ कर देना चाहिए ताकि बागवान परेशान ना हों। मुंगटा ने कहा कि उनका पूरा वार्ड सेब बाहुल्य क्षेत्र में आता है, सभी लोग सेब पर ही निर्भर है ऐसे में जब पूरी फसल ही तबाह हो गई हो तो लोग कैसे अपना गुजर बसर करेंगे, सरकार को इस विषय के बारे में सोचना चाहिए और उचित मुआवज़ा और राहत प्रदान करनी चाहिए। अगर बागवानों को मुआवज़ा देने में आनाकानि की गई तो सरकार 2022 में अपना बोरिया बिस्तर भी तैयार रखें।
