शिमला: पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बाहरी राज्यों की टूरिस्ट बसों से टैक्स हटाए हिमाचल सरकार: विनीश शाह
गुजरात के टूर ऑपरेटरों तथा ट्रैवल एजेंटों का हिमाचल के होटलों की ऑक्युपेंसी बढ़ाने में बहुत बड़ा योगदान रहता है। गुजरात से अधिकतर पर्यटक हिमाचल में ग्रुप्स में आते हैं। शिमला होटल एंड टूरिज्म स्टेक होल्डर एसोसिएशन ने गुजरात ट्रेवल एजेंट एसोसिएशन के साथ गांधीनगर में टूरिज्म ट्रेड फेयर के दौरान एक बैठक की। ट्रेवल एजेंट एसोसिएशन ऑफ पैन इंडिया के अध्यक्ष विनीश शाह गुजरात के अन्य ट्रेवल एजेंटों के साथ इस मीटिंग में उपस्थित रहे। शिमला होटल एंड टूरिज्म स्टेक होल्डर एसोसिएशन का प्रतिनिधित्व ज्वाइंट सेक्रेटरी तरुण बख्शी ने किया तथा हमारी एसोसिएशन के मेंबर्स ने गुजरात ट्रेवल एजेंट असोसिएशन के मेंबरों के साथ इंटरेक्ट किया। विनीश शाह ने कहा कि गुजरात के टूर ऑपरेटर्स तथा ट्रेवल एजेंट हिमाचल को प्रोमोट करना चाहते हैं, परंतु उन्हें शिमला आने पर कई प्रकार की समस्यों का सामना करना पड़ता है। जिन समस्याओं के कारण गुजरात के टूर ऑपरेटर हिमाचल मे ग्रुप लाने से कतराते हंै।
शाह ने बताया कि जम्मू कश्मीर तथा उत्तराखंड में बाहरी राज्यों के नंबर वाली टूरिस्ट बसों से कोई भी टैक्स नहीं लिया जाता, जबकि हिमाचल में बाहरी राज्यों के नंबर वाली बसों से बहुत अधिक टैक्स वसूला जाता है। हाल ही में हिमाचल सरकार ने 1 सितंबर से टैक्स में बढ़ोतरी कर 3000 रुपए से लेकर 6000 रुपए टैक्स प्रतिदिन वसूलने का फैसला लिया है। इस भारी भरकम टैक्स के कारण टूर ऑपरेटर्स को हिमाचल के लिए टूर लेकर आना वायेबल ही नहीं रहता।
एक तरफ तो गुजरात के ट्रैवल एजेंट में ही कंपीटीशन होता है और दूसरी तरफ सरकारी कर्मचारियों जो टूर बुक करते है उनका लिमिटेड बजट होता है। उन्होंने कहा कि शिमला शहर में टूरिस्ट बसों को प्रवेश नहीं करने दिया जाता, जिसके कारण टूर ऑपरेटर्स को शिमला से सात से आठ किलोमीटर पीछे ही तारादेवी के पास बसों को सड़क के किनारे पार्क करना पड़ता है। तारादेवी से शिमला के लिए तथा शिमला साईटसींग के लिए टैक्सी के माध्यम से पर्यटकों को भेजना पड़ता है, जिसके कारण टूर की कीमत और बढ़ जाती है। विनीश शाह ने कहा कि गुजरात के ट्रैवल एजेंट तथा टूर ऑपरेटर्स को हिमाचल में टूर लाने के लिए आकर्षित करने के लिए हिमाचल सरकार द्वारा बाहरी राज्यों की नंबर वाली टूरिस्ट बसों पर लगने वाले कर को हटाना चाहिए, ताकि टूर ऑपरेटर को हिमाचल में टूर लाना वायबले हो सके।
वहीं शिमला होटल एंड टूरिज्म स्टेक होल्डर एसोसिएशन के सचिव तरुण बख्शी ने कहा कि एसोसिएशन जल्द ही इस मुद्दे को सरकार से उठाएगी। इन समस्याओं का हल होने से गुजरात के टूर ऑपरेटर्स को जेएंडके तथा उत्तराखंड न जाकर हिमाचल की और डायवर्ट किया जा सकता है। इससे न केवल हिमाचल की इंडस्ट्री को लाभ होगा, परंतु सरकार के खजाने में भी इजाफा होगा। वर्तमान में गुजरात टूर ऑपरेटर्स द्वारा हिमाचल में न के बराबर आने के कारण न तो हिमाचल के ट्रांसपोर्ट विभाग को कोई रेवेन्यू आ रहा और न ही सरकार को होटलों से मिलने वाला जीएसटी मल रहा है।
ं
