शिमला : संयुक्त किसान मंच की बैठक कोटखाई में हुई आयोजित
विभिन्न किसान संगठनों के संयुक्त किसान मंच की बैठक कोटखाई में आयोजित की गई। इस बैठक में कोटखाई क्षेत्र के किसानों व बागवानों के 7 संगठनों जिसमें किसान संघर्ष समिति, पीजीए, यंग ग्रोवर्स एसोसिएशन, हिमाचल किसान सभा, घ्याल पर्यावरण समिति, भारतीय किसान यूनियन, एप्पल ग्रोवर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। जिसमे संयुक्त किसान मंच के संजय चौहान, आशुतोष चौहान, सुशील चौहान, इनके साथ प्रताप चौहान, राजेश चौहान, अरुण, संजय धनी, सनी सेकटा के साथ ही इनके संगठन के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसके अतिरिक्त जिला परिषद सदस्य विशाल शांगटा, क्यारी पंचायत की दुर्मा चौहान के अतिरिक्त पूर्व प्रधान पवन चौहान, जगदीश शर्मा भी उपस्थित रहे। इसमे संयुक्त किसान मंच की 27 सदस्यीय क्षेत्रीय कमेटी का गठन किया गया। जिसमें संयोजक सुशील चौहान व सह संयोजक प्रताप ठाकुर को चुना गया। इनके अतिरिक्त आषुतोष, संजय धनी, राजेश चौहान, रोशन लाल राजटा, अरुण, दुर्मा चौहान, संजीव ठाकुर, विशाल शांगटा, पवन चौहान, सुनील चौहान, पदम सिंह, राजिंदर चौहान, मिथुन चौहान, अमित, सरोज चौहान, दलीप जस्टा, कमलजीत, सुनील, राजिंदर मेहता, सीमा, सनी सेकटा, कुलदीप शर्मा, सुरिंदर शर्मा, बैठक में निर्णय लिया गया कि 13 सितम्बर को किसान संयुक्त मंच कोटखाई में प्रदर्शन किया जाएगा।
इस बैठक में चर्चा करते हुए कहा कि आज कृषि खास रूप में सेब की खेती गंभीर संकट आ गया है। आज सरकार द्वारा बागवानी में दी जा रही सब्सिडी बन्द कर दी गई है। जिससे सेब की खेती की लागत बहुत अधिक बढ़ गई है। मौसम की मार से भी कृषि व सेब की खेती पर असर पड़ रहा है। एक ओर लागत निरन्तर बढ़ रही है वहीं उत्पादन व उत्पादकता घट रही है। इसके साथ सरकार व APMC की लचर कार्यप्रणाली से किसानों का मण्डियों में शोषण किया जा रहा है। आज मण्डियों में गैर कानूनी रूप से कारोबार किया जा रहा है। APMC कानून, 2005 के अनुसार जिस दिन मण्डी में किसान का उत्पाद बिकेगा उसी दिन उसका भुगतान किया जाएगा। परन्तु न तो अदानी और न ही मण्डियों में भुगतान कानून के अनुसार हो रहा है। इस बैठक में किसानों व बागवानों की समस्याओं के कारण पैदा हुए इस कृषि संकट के चलते संयुक्त किसान मंच द्वारा तय मांगो पर सहमति बनाई गई।
