शिमला : तीसरी तिमाही में 232.67 करोड़ के साथ कर के पश्चात हुआ लाभ : अध्यक्ष
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला
अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक नन्द लाल शर्मा ने बताया कि एसजेवीएन ने वर्तमान वित्तीय वर्ष की तीसरी तिमाही के दौरान 232.67 करोड़ रुपए का कर पश्चात लाभ (पीएटी) दर्ज किया है, जो गत वित्तीय वर्ष की इसी तिमाही की तुलना में 19% अधिक है। आज शिमला में कंपनी की बोर्ड बैठक के पश्चाधत संबोधित करते हुए, शर्मा ने कहा कि तीसरी तिमाही के दौरान, एसजेवीएन ने परिचालन से 550.92 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किया है। यह गत वर्ष की तुलना में 11.29% अधिक है। एसजेवीएन ने 56.95 करोड़ रुपए की अन्य आय भी दर्ज की है, जिससे गत वित्तीय वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 55.94% की वृद्धि दर्ज हुई है। शर्मा ने अवगत कराया कि वित्तीय वर्ष 2021-22 की तीसरी तिमाही में, एसजेवीएन ने गत वित्तीय वर्ष की इसी अवधि में 1280 मि.यू. विद्युत उत्पादन को पार करते हुए 1480 मिलियन यूनिट का इस अवधि के लिए सबसे अधिक विद्युत उत्पादन दर्ज किया है। कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों और कड़ी मेहनत, सकारात्मक वृद्धि प्रतिशतता हमारी परिचालन इकाइयों के इष्टतम उपयोग, बेहतर विद्युत उत्पादन के रिकॉर्ड के लिए निरंतर अन्वेिषण,सर्वोत्तम वित्तीय प्रथाओं को अपनाने तथा कंपनी के पोर्टफोलियो में क्षमता वृद्धि पर रणनीतिक फोकस के परिणामस्वररूप हैं। सीईआरसी द्वारा एसजेवीएन को पूरे भारत में विद्युत में आंतर-राज्यीय ट्रेडिंग के लिए श्रेणी "1" लाइसेंस प्रदान किया गया है। अब एसजेवीएन का लक्ष्य देश में विद्युत का ट्रेडिंग करने के इच्छुक किसी भी उत्पादक तथा उपभोक्ता के लिए वन-स्टॉप स्रोत बनना है। इसके अतिरिक्त एसजेवीएन को नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के विकास के लिए अधीनस्थ् कंपनी बनाने के लिए वित्त मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया है। इससे बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम, वेव, बायोमास, स्मॉल हाइड्रो और ग्रीन हाइड्रोजन परियोजनाओं सहित नवीकरणीय ऊर्जा को विकसित करने में मदद मिलेगी। एक अन्य प्रमुख उपलब्धि में, पीआईबी ने 2614.51करोड़ की अनुमानित लागत पर 382 मेगावाट सुन्नी डैम जल विद्युत परियोजना, हिमाचल प्रदेश के निवेश प्रस्ताव की सिफारिश की है। हाल ही में, एसजेवीएन ने दिनांक 8 फरवरी 2022 को जयपुर में राजस्थान सरकार के साथ एमओयू/एलओआई हस्ताक्षर कार्यक्रम के दौरान राज्य में 10,000 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजनाओं के विकास के लिए राजस्थान सरकार को एक आशय पत्र प्रस्तुत किया है। वर्ष 2030 तक गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से 500 गीगावॉट स्थापित क्षमता हासिल करने की भारत सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप, एसजेवीएन ने अपने बिजनेस मॉडल को पुन: तैयार करते हुए अपने नवीकरणीय ऊर्जा पोर्टफोलियो पर जोर दिया है।
