शिमला: सैहब, आउटसोर्स मजदूरों व सुपरवाइजरों का शोषण कर रहा नगर निगम : सीटू
-सैहब सोसाइटी वर्कर्स यूनियन ने सीटू कार्यालय में बैठक कर जताया रोष
-कहा, यूनियन की मांगों का तुरंत समाधान न हुआ तो तेज होगा आंदोलन
सैहब सोसाइटी वर्कर्स यूनियन की बैठक सीटू कार्यालय किसान मजदूर भवन चिटकारा पार्क कैथू में हुई। यूनियन ने चेताया है कि अगर सैहब व आउटसोर्स कर्मियों की मांगों का समाधान तुरंत न हुआ तो आंदोलन तेज होगा। सैहब व आउटसोर्स कर्मी नगर निगम की तानाशाही के खिलाफ काले बिल्ले लगाकर ड्यूटी जारी रखेंगे।
सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा व अन्य ने कहा है कि सैहब, आउटसोर्स मजदूरों व सुपरवाइजरों का शोषण हो रहा है। हर महीने एक दर्जन सुपरवाइजरों व सैकड़ों आउटसोर्स कर्मियों का वेतन रोका जा रहा है, जो कि वेतन भुगतान अधिनियम 1936 का उल्लंघन है। सुपरवाइजरों व गारबेज कलेक्टरों के हर महीने वेतन को रोकने के नगर निगम आयुक्त के निर्णय को श्रम अधिकारी शिमला द्वारा गैर कानूनी घोषित किया जा चुका है, बावजूद इसके वे तानाशाही कर रहे हैं। अगर यह परंपरा बंद न की गई तो मजदूर हड़ताल पर उतर जाएंगे। उन्होंने मांग की है कि सैहब वर्कर्स को नियमित कर्मचारी घोषित किया जाए। उन्हें 15वें भारतीय श्रम सम्मेलन, सुप्रीम कोर्ट के सन 1992 के आदेश, सातवें वेतन आयोग की जस्टिस माथुर की सिफारिशों व 26 अक्तूबर 2016 के माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश अनुसार 26 हज़ार वेतन दिया जाए। उन्हें अतिरिक्त कार्य का अतिरिक्त वेतन दिया जाए। उन्हें कानूनी रूप से 39 छुट्टियां दी जाएं। सैहब में आउटसोर्स में कार्यरत कर्मियों को सैहब के अंतर्गत लाया जाए व उन्हें समय पर वेतन दिया जाए। सैहब कर्मियों को 4-9-14 का लाभ दिया जाए। सभी सैहब सुपरवाइजरों व मजदूरों को सरकार द्वारा घोषित वेतन दिया जाए। सुपरवाइजरों व मजदूरों के लिए पदोन्नति नीति बनाई जाए। उनकी ईपीएफ की बकाया राशि उनके खाते में जमा की जाए। उनसे अतिरिक्त कार्य करवाना बंद किया जाए।
बैठक में सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, जिलाध्यक्ष कुलदीप डोगरा, सचिव अमित कुमार, रंजीव कुठियाला, यूनियन अध्यक्ष जसवंत सिंह, महासचिव ओमप्रकाश गर्ग, नरेश ठाकुर, पाला राम मट्टू, सुनील, योगेश, भरत, पवन, नरेंद्र, अमित भाटिया, रूपा, पूनम, शारदा, देवी सिंह, सूरत राम, नरेंद्र, राकेश, नरेश, राहुल, शिव राम, बूटा राम, विक्रम, दिगम्बर, मनोज, अजित आदि शामिल रहे।
