शिमला: वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी, वीडियो मेकिंग से भी होता है वन्य प्राणियों का संरक्षण : अनिल ठाकुर
आज वन्यप्राणी सप्ताह के उपलक्ष्य में वन्यप्राणी प्रभाग वन विभाग द्वारा वन्यप्राणी प्रभाग के फील्ड ऑफिसर और ऑफिशियल के लिए वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी फिल्मिंग पक्षियों एवं वन्य वनस्पतियों की प्रजातियों के बारे जानने के विभिन्न तरीकों के ऊपर एक कार्यशाला का आयोजन कॉन्फ्रेंस हॉल टालेंड शिमला में किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ आर लालनन सांगा, अतिरिक्त प्रधान मुख्य अरण्यपाल वित्त ने किया। अनिल ठाकुर अतिरिक्त प्रधान मुख्य अरण्यपाल ने बताया कि वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी, वीडियो मेकिंग, पक्षियों और वन्य वनस्पतियों की प्रजातियों को रिकॉर्ड करना भी वन्य प्राणियों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है तो सभी प्रतिभागी इस कार्यशाला से सीख कर जाएं और अपने अपने कार्यक्षेत्र में जाकर सिखाए गए विभिन्न तरीकों का प्रयोग करें।
अभिनव कुमार भारतवर्ष के प्रसिद्ध वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर में सभी प्रतिभागियों को वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी के विभिन्न तरीकों से अवगत करवाया। डॉ. अनिल ठाकुर वन्य वनस्पति विशेषज्ञ ने सभी प्रभागियों को वन वनस्पतियों की प्रजातियों को पहचानने और रिकॉर्ड करने के विभिन्न तरीकों से अवगत करवाया।
कार्यशाला में 40 से ज्यादा प्रतिभागियों ने लिया भाग
कार्यक्रम में देव राज कौशल, मुख्य अरण्यपाल वन्यप्राणी वत्त शिमला, श्री अनीश शर्मा जी उप अरण्यपाल, रविशंकर उप अरण्यपाल, वन्यप्राणी मंडल शिमला रेणु सहजल, वन मंडलाधिकारी, प्रवीण शर्मा वन मंडल अधिकारी एवं शीतल शर्मा जी वन मंडल अधिकारी और वन्यप्राणी प्रभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
