शिमला : भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी लोकल कमेटी का सातवां सम्मेलन किसान मजदूर भवन शिमला में सम्पन्न
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी लोकल कमेटी शिमला का सातवां सम्मेलन किसान मजदूर भवन शिमला में सम्पन्न हुआ। सम्मेलन ने आगामी तीन वर्षों के लिए पन्द्रह सदस्यीय कमेटी का गठन किया। कॉमरेड बाबू राम को लोकल कमेटी का नया सचिव चुना गया। जगमोहन ठाकुर, सुरेंद्र तंवर, विजय कौशल, महेश वर्मा, बालक राम, किशोरी ढटवालिया, विनोद बिरसांटा, सुरेंद्र बिट्टू, सोनिया सबरवाल,अशोक वर्मा, अनिल ठाकुर, नेहा, विवेक राज व दलीप सिंह को कमेटी सदस्य चुना गया। सम्मेलन में लगभग सौ प्रतिनिधि मौजूद रहे। पार्टी राज्य सचिव डॉ ओंकार शाद ने सम्मेलन का समापन किया जबकि जिला सचिव संजय चौहान ने इसका उद्घाटन किया। राज्य कमेटी सदस्य विजेंद्र मेहरा, फालमा चौहान, जगत राम व बलबीर पराशर सम्मेलन में मौजूद रहे। रामपुर में 4-5 सितंबर को होने वाले जिला सम्मेलन के लिए नवनिर्वाचित पन्द्रह कमेटी सदस्यों के साथ ही रमाकांत मिश्रा, दिनित देंटा, राम सिंह, रामप्रकाश, हिमी देवी, पवन शर्मा, बंटी ठाकुर, हितेंद्र हैप्पी, कलावती, संजीव खजूरिया, रमन थारटा, पोविन्दर, जयदीप सिंह, हेमराज चौधरी व ओमप्रकाश को प्रतिनिधि चुना गया।
नव निर्वाचित लोकल कमेटी सचिव बाबू राम ने कहा है कि आगामी तीन वर्षों में शिमला शहर में पार्टी का विस्तार किया जाएगा। जनता के मुद्दों पर जनांदोलन विकसित किया जाएगा। भविष्य में शहर में जनता, मजदूर वर्ग, कर्मचारियों, महिलाओं, छात्रों व युवाओं के मुद्दों पर उन्हें लामबंद किया जाएगा। उन्होंने पार्टी प्रतिनिधियों से केंद्र की मोदी सरकार व प्रदेश की जयराम सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ कमर कसने के आह्वान किया। उन्होंने किसान विरोधी तीन कृषि कानूनों, मजदूर विरोधी चार लेबर कोडों, बिजली विधेयक 20, 20, सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण के खिलाफ, शहर में कूड़े, पानी, चौबीस घण्टे बस सेवा, पार्किंग सुविधा, सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत करने, हर व्यक्ति को कोरोना काल में दस किलो राशन, प्रति व्यक्ति 7500 रुपये की आर्थिक सहायता, ओल्ड पेंशन स्कीम, आउटसोर्स के लिए नीति बनाने, आंगनबाड़ी, मिड डे मील व आशा कर्मियों की मांगों पर पार्टी कार्यकर्ताओं से आंदोलन को तेज करने का आह्वान किया।
