सोलन : वाकनाघाट में लैंडस्लाइड, खतरे की जद में आई एक यूनिवर्सिटी
हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के चलते अब लैंडस्लाइड के मामले भी सामने आ रहे हैं। मिट्टी के कमजोर होने से पहाड़ दरक रहे हैं, जिससे मिट्टी पहाड़ों से खिसकते हुए सड़कों पर आ रही है। ऐसा ही एक मामला सोलन के वाकनाघाट से सामने आया है। यहां पर बाहरा यूनिवर्सिटी के नीचे बने टिन के शेड और भवनों के नीचे लैंडस्लाइड होने के चलते कुछ टिन के शेड इसकी चपेट में आ गए हैं। वहीं, इस लैंडस्लाइड का सारा मलबा नीचे एनएच-5 पर जा गिरा है, जिसके कारण हाईवे की एक लेन पूरी तरह से प्रभावित हो गई है और सिर्फ एक लेन पर ही ट्रैफिक चलाया जा रहा है। मौके पर तहसीलदार कंडाघाट भी पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया, जिन लोगों को यहां पर नुकसान हुआ है, उनसे बातचीत की गई। लोगों ने अपनी दुकानों में रखे सामान को बाहर निकाल लिया है। वहीं, दूसरी ओर भारी बारिश और लैंडस्लाइड के कारण यूनिवर्सिटी के एक ब्लॉक में भी दरारें आ गई हैं। फिलहाल बड़ी-बड़ी दरारें बिल्डिंग के आसपास की जगह में देखने को मिल रही हैं। इस कारण बाहरा यूनिवर्सिटी को भी खतरा पैदा हो गया है। वहीं तहसीलदार कंडाघाट राजेन्द्र शर्मा ने कहा, "प्रशासन मौके पर पहुंचा है और स्थिति का जायजा लिया जा रहा है। मौके पर जमीन धंसी है, जिस कारण 2 दुकानें जो टिन के शेड से बनी थी, वो टूट गई हैं। 4 दुकानों को और बाहरा यूनिवर्सिटी के एक ब्लॉक को खतरा बना हुआ है। गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग ने 2 सितंबर तक भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। भारी बारिश के साथ मौसम विभाग ने आंधी चलने और बिजली गिरने को लेकर भी चेतावनी जारी की है।
