मंडी : ठेकेदारों ने नगर परिषद पर चहेतों को खुश करने के लिए नियम बदलने का लगाया आरोप
नेरचौक नगर परिषद में अपने चेहतों को फायदा पहुंचाने के लिए रातों-रात नियम बदले जा रहे हैं। ऐसा कुछ स्वयंभू नेताओं के इशारों पर हो रहा है। यह आरोप कुछ ठेकेदारों ने लगाया है। उन्होंने कहा कि नगर परिषद में भाई-भतीजाबाद चल रहा है, जिस उनको महज चक्कर ही कटवाए जा रहे हैं। आलम यह है कि टेंडरों का खेल कभी ऑनलाइन तो कभी ऑफ लाइन चल रहा है।टेंडर आवेदन करने की अंतिम तारीख को भीकार्यालय का कोई अधिकारी आवेदन फार्म तक नहीं ले रहे हैं। बेरोजगार ठेकेदारों को एक टेबल से दूसरे टेबल पर चक्कर कटवाए जा रहे हैं। बीते बुधवार को 10 कार्यों हेतु ऑफलाइन टेंडर फार्म खरीदने का अंतिम दिन था। यही कारण था कि कुछ ठेकेदार विज्ञापन पढ़कर आ गए। वे दिन भर नेरचौक कार्यालय में चक्कर काटते रहे। मगर किसी ने भी उनका आवेदन स्वीकार नहीं किया। जानकारी के अनुसार 31 मार्च केविज्ञापन के अनुसार कुल 28 ऑनलाइन टेंडरों हेतु 25 अप्रैल की तारीख रखी गई थी। इनकी लागत करीब एक करोड़ रुपए है। मगर टेंडर आवेदन करने से एक दिन पहले ही इन टेंडरों को रद्द करने के आदेश पारित कर दिए गए। इसके कुछ दिन बाद कार्यालय और स्वयम्भू नेताओं के इशारे पर उपरोक्त 28 टेंडरों से 18 टेंडर ही ऑनलाइन आवेदन रख दिए गए और बाकी 10 को गोल मोल करने के प्रयास शुरू हो गए। इनकी अनुमानित लागत करीब 35 लाख रुपए ताकि अपने कुछ खास लोगों को लाभ पहुंचाया जा सके। इन ऑफ लाइन टेंडरों के लिए आवेदन करने की तारीख 19 मई रखी गई। कुछ ठेकेदारों में गुलशन ठाकुर, सुनील, भीम।सिंह, वालिया, अभिषेक, आदि टेंडर फार्म खरीदने के लिए नगर परिषद ऑफिस गए तो कोई अधिकारी या क्लर्क आवेदन लेने के लिए तैयार नहीं हुआ। महज तकनीकी अधिकारियों का बहाना बना दिया गया। स्थानीय ठेकेदारों ने आरोप लगाए हैं कि नेरचौक नगर परिषद के कुछ पार्षद अपने परिजनों को काम दिलवाना चाहते हैं जहां से उनको मोटी कमीशन मिलती रहे। सूत्रों के अनुसार काम तो ऐसे हैं जिनको स्वयंभू नेतागण पहले से ही पूर्ण करवा चुके हैं और अब उनके टेंडर की कागजी प्रक्रियाकाम पूरा होने के बाद की जा रही है।
आम आदमी पार्टी ने कार्यालय में चल रहे गड़बड़ घोटाले की निष्पक्ष जांच के लिए विजिलेंस में शिकायत दर्ज करवाई है। विजिलेंस अधिकारियों से निवेदन किया है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कौन-कौन से ऐसे काम हैं जो पहले से बिना टेंडर प्रक्रिया के पूर्ण किए जा रहे थे तथा ऐसे जुड़े भ्रष्ट ठेकेदारों को तुरतं प्रभाव से ब्लैकलिस्ट किया जाए और जो भ्रष्टाचार फैला रहे हैं उनको बर्खास्त किया जाए। जब इस बारे में एसडीएम बल्ह स्मृतिका नेगी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि ये सारे आरोप झूठे हैं। सभी टेंडर ऑनलाइन ही किए जा रहे हैं। डॉक्युमेंट पूरे न होने के कारण ये टेंडर कैंसिल करने पड़े थे। उन्होंने कहा कि भविष्य में सभी टेंडर ऑनलाइन ही किए जाएंगे। कुछ लोग गलत अफवाहें फैलाने की कोसिस कर रहे हैं, जिससे विकास कार्यों को गति देने में परेशानी आ रही है।
