विपक्ष की नहीं सुन रही गूंगी-बहरी प्रदेश सरकार: परमार
-10 माह से खजाना खाली होने का आलाप रही राग
- सीएम राहत कोष में आए पैसे की भी हो रही बंदरबांट
- झूठ का पुलिंदा था विधानसभा में पेश किया गया श्वेत पत्र
पूर्व मंत्री एवं सुलह के वर्तमान विधायक विपिन परमार ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार को बने 10 माह का समय बीत चुका है और इस सरकार के मुखिया सुखविंदर सुक्खू बार-बार एक ही राग आलाप रहे हैं कि प्रदेश का खजाना खाली है। उन्होंने कहा कि सुक्खू सरकार ने न तो सही ढंग से आपदा प्रबंधन किया और न ही मुख्यमंत्री राहत कोष में आए पैसे को सही ढंग से प्रयोग किया, इसकी भी बंदरबांट हुई है।
परमार ने कहा कि हिमाचल की आर्थिकी को लेकर सरकार विधानसभा में जो स्वेत पत्र लाई थी, वह भी एक झूठ का पुलिंदा था। लोगों के ध्यान को भटकाने के लिए यह स्वेत पत्र लाया गया था। यह मात्र आंकड़ों का मकड़जाल था।
उन्होंने कहा कि केंद्र की सरकार ने 862 करोड़ रुपये 6 हजार मकानों के लिए, 2600 करोड़ रुपये प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, 400 करोड़ सेंटर रोड फंड, एनडीआरएफ को 200 करोड़ रुपये एडवांस दिया है। लेकिन अपनी गारंटियों को पूरा करने के लिए कांग्रेस सरकार केंद्र पर और पैसा देने का दबाव बना रही है। उन्होंने कहा कि गूंगी-बहरी सुखविंदर सिंह की सरकार हमारी बात नहीं सुन रही है। विधानसभा में चीख-चीख कर तथ्यों के साथ हमने आपनी बात को रखा, परंतु विपक्ष की आवाज को दबाया गया।
