हिमाचल की राजनीति में एक बार फिर बाहर आया फोन टैपिंग का जिन्न
-नेता प्रतिपक्ष जयराम ने लगाया भाजपा विधायकों के फोन रिकॉर्ड करने का आरोप
- उद्योग मंत्री हर्षवर्धन सिंह ने आरोपों को सिरे से नकारा
हिमाचल की राजनीति में एक बार फिर से फोन टैपिंग का जिन्न बाहर आ गया है। विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान अपने कार्यालय में मीडिया से बात करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने भाजपा विधायकों के फोन रिकॉर्ड करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कुछ पुलिस अधिकारी भाजपा विधायकों के फोन रिकार्ड कर रहे हैं।
यह एक नई परंपरा है। इससे पहले हिमाचल में ऐसा कभी नहीं हुआ। सरकार को इस बारे में स्पष्टीकरण देना चाहिए। सीएम खुद जवाब क्यों नहीं दे रहे हैं? गुरुवार को विधानसभा सत्र की कार्यवाही के बीच मीडिया को संबोधित करते हुए जयराम ठाकुर के आरोपों का जवाब उद्योग एवं संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन सिंह चौहान ने दिया। चौहान ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष के फोन टैपिंग के आरोप झूठे हैं और सरकार ऐसा कुछ नहीं कर रही। लेकिन उन्हें सूचना मिली है कि एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट जैसी केंद्रीय एजेंसियां हिमाचल सरकार के मंत्रियों की फोन टैपिंग कर रही है। यह राज्य सरकार को असंतुलित करने की कोशिश है।
यह चर्चा कई जगह है कि केंद्रीय एजेंसियों की नजर हिमाचल सरकार के मंत्रियों और विधायकों पर है। इससे पहले कुछ अन्य राज्यों में भी इस तरह की एक्टिविटी हो चुकी है। गौरतलब है कि हिमाचल की राजनीति में फोन टैपिंग के विवाद कई बार उठते रहे हैं। पूर्व में मुख्यमंत्री रहे वीरभद्र सिंह और प्रेम कुमार धूमल की सरकारों में भी इस तरह के आरोप एक दूसरे पर लगते रहे हैं। कांग्रेस के एक बड़े नेता की सीडी सिलेक्टिव लीक के जरिए ही बाहर आई थी और वह सीडी फोन टैपिंग से ही बनी थी। वर्तमान सरकार में इस तरह के आरोप पहली बार लगे हैं। हालांकि दोनों दलों के नेताओं की ओर से कोई पुख्ता प्रमाण नहीं दिया गया है। सिर्फ आप ही लगाए गए हैं।
