चुनावी वर्ष में जयराम सरकार में जिस तरह से वित्तीय कुप्रबंधन हुआ, वह आज तक कभी नहीं हुआ: मुकेश
उप मुख्यमंत्री बोले- कर्ज लेने के मामले में देश में पांचवें स्थान पर पहुंच गया हिमाचल
92774 करोड़ की देनदारी जयराम सरकार से विरासत में मिली
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्रिहोत्री ने कहा कि हिमाचल की वित्तीय स्थिति पर श्वेत पत्र लाने का एलान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने किया था और उसकी प्रति हाउस में रखी जाएगी। उप मुख्यमंत्री ने कहा '5 साल के दौरान राजकोषीय कुप्रबंधन किस प्रकार से हुआ इसके बारे में मैं प्रति हाउस में रखना चाहता हूं। प्रदेश के हालातों को विपक्ष खामोशी से सुने और समझे।' आज रिपोर्ट हाउस में रखी गई है। भारतीय रिजर्व बैंक की एक रिपोर्ट के अनुसार हिमाचल कर्ज के दबाव में है। हिमाचल कर्ज लेने के मामले में देश में पांचवें स्थान पर पहुंच चुका है। बड़े और छोटे राज्यों की श्रेणी में हिमाचल पांचवें दर्जे पर पहुंच चुका है। इसके क्या कारण रहे हैं, यह अग्निहोत्री ने हाउस के समक्ष रखे। संसाधन जुटाने के लिए पिछली सरकार द्वारा कोई कदम नहीं उठाए गए। पूरी निर्भरता केवल कर्ज पर रखी गई है। कांग्रेस सरकार को 92,774 करोड़ की देनदारियां विरासत में मिली है। पिछली सरकार द्वारा चुनावी वर्ष में जिस तरह से वित्तीय कुप्रबंधन हुआ, वह आज तक कभी नहीं किया गया। 16261 करोड़ की उधारी जुटाई गई।
चुनाव जीतने के लिए भाजपा ने 10 हजार करोड़ के महंगाई भत्ते का एलान किया, लेकिन पैसा नहीं दिया गया। 600 करोड़ की 2 किस्तें घोषित की गईं, लेकिन नहीं दी गईं। कुल मिलाकर 92774 करोड़ की देनदारियां पिछली सरकार की रखी गईं। प्रदेश के फाइनेंसर की दुर्दशा जिस तरह से भाजपा द्वारा की गई उससे प्रदेश की कमर टूट गई है।
