नूरपुर : रेडियोलॉजिस्ट का पद वर्षों से खाली लाेगाें काे करना पड़ रहा निजी अस्पतालाें का रुख
मनीष ठाकुर । नूरपुर
नूरपुर अस्पताल में 4 वर्ष से धूल फांक रही अल्ट्रासाउंड मशीन। सिविल अस्पताल लालपुर में रेडियोलॉजिस्ट का पद गत 4 वर्षों से रिक्त चल रहा है। इसके चलते लाखों रुपए से खरीदी मशीनें वर्षों से धूल फांक रही है। नूरपुर क्षेत्र के 4 विधानसभा क्षेत्रों नुरपुर, फतेहपुर, इंदौरा व जवाली के अलावा भटियात के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुछ महीनों के लिए यहां अल्ट्रासाउंड करने वाले रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति हुई थी, लेकिन कुछ महीने बाद ही यहां से उसका स्थानांतरण टांडा कर दिया गया। अल्ट्रासाउंड नहीं होने से मरीजों को निजी अस्पताल पठानकोट या टांडा मेडिकल कॉलेज का रुख करना पड़ता है। डॉक्टर विशेषकर गर्भवती महिलाओं को दो से तीन बार गर्भ में बच्चे की ग्रोथ को जाने के लिए अल्ट्रासाउंड करवाने की डॉक्टर सलाह देते हैं।
हर बार गर्भवती परिवार के परिजनों को निजी अस्पतालों में जेब ढीली करनी पड़ती है। वहीं, नूरपुर व जसूर में महंगे दामों पर इन महिलाओं के परिजनों को खर्च उठाना पड़ता है। वह सरकार द्वारा बनाए गए हेल्थ कार्ड भी निजी अस्पतालों में मान्य नहीं होते, इससे गरीब परिवारों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। अगर या सुविधा नूरपुर अस्पताल में उपलब्ध होती, तो अन्य वर्ग के लोगों को भी कम दामों पर अल्ट्रासाउंड की सुविधा प्राप्त हो सकती है। इस बारे संबंध में नूरपुर अस्पताल के मेडिकल सुपरडेंट सुशील शर्मा से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि अस्पताल में अल्ट्रासाउंड विशेषज्ञ के पद रिक्त होने के संबंध में विभाग को समय-समय पर जानकारी भेजी जाती है।
