प्रदेश सरकार का यह कहना कि हमें कुछ नहीं मिला, गलत : जयराम ठाकुर
राज्यपाल से मिले नेता प्रतिपक्ष, प्रदेश में बाढ़ से उपजे हालात पर की चर्चा
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार कह रही है कि आपदा पर राजनीति नहीं होनी चाहिये लेकिन यह बात उनके आचरण में कहीं दिखाई नहीं दे रही हैं। केंद्र सरकार हिमाचल की हर प्रकार से मदद कर रहा है और राज्य सरकार कह रही है कि केंद्र कोई मदद नहीं कर रहा है। यह उचित बात नहीं है। राज्य सरकार अपनी मांगे रखे, ज़्यादा नुक़सान हुआ है तो ज़्यादा मदद मिलनी चाहिए, यह मांग करना राज्य सरकार का अधिकार है। इसके साथ ही राज्य सरकार यह भी बताए की केंद्र की तरफ़ से क्या सहयोग मिला है। उन्हें बताना चाहिए कि उन्होंने आपदा प्रभावितों के लिए क्या किया है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आज महामहिम राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से शिष्टाचार भेंट की। दोपहर बारह बजे वह राज भवन पहुंचे। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश में आपदा से उपजे हालात पर
चर्चा की।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा प्रदेश की हर प्रकार मदद की जा रही है। राहत और बचाव कार्य से लेकर रोड इन्फ़्रास्ट्रक्चर सही करने में केंद्र पूरा सहयोग कर रहा है। बीते कल ही 200 करोड़ रुपये की चौथी किश्त केंद्र सरकार द्वारा जारी कि गई है। इसके पहले ही 554 करोड़ रुपये केंद्र सरकार द्वारा आपदा राहत के लिए जारी किया जा चुका है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुख्यमंत्री और मीडिया के सामने कह चुके हैं कि केंद्र हिमाचल की हर मदद करेगा। इसके बाद भी राज्य सरकार का यह कहना कि केंद्र से कोई सहयोग नहीं मिला, आपदा राहत में जुटे लोगों का भी अपमान है।
कांग्रेस के विधायक कर रहे विधानसभा के सत्र की मांग
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि विधान सभा का सत्र बुलाना राज्य सरकार पर निर्भर करता है। सरकार जब चाहेगी हम तैयार हैं। मानसून सत्र 15 अगस्त तक हो जाता है। कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक स्वयं विधान सभा सत्र की माँग कर रहे हैं। यह बातें उन्होंने महामहिम से मुलाक़ात के बाद पत्रकारों द्वारा पूछे गये सवाल के जवाब में कही।
केंद्र ने ग्राम सड़क योजना के तहत दिए 2643 करोड़
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चरण-3 के तहत हिमाचल प्रदेश को 2643 करोड़ रुपये दिये हैं। इस स्वीकृत राशि से प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों की लगभग 2,683 किलोमीटर लंबी 254 सड़कों के विस्तारीकरण और दुरुस्तीकरण का काम होगा। क्या यह सब सहयोग नहीं हैं।
