सरकाघाट के दो यूवा नौजवान बने भारतीय सेना मे लेफ्टिनेंट
सुनील कुमार। सरकाघाट
भारतीय सेना अकादमी देहरादून में आज भव्य पासिंग आउट परेड का आयोजन किया गया। इस परेड में 377 जेंटलमैन कैडेट्स जिन मे विदेशी कैडेट्स भी शामिल है, ने परेड में हिस्सा लिया। इसी परेड में सरकाघाट के भी दो युवक, जेंटलमैन कैडेट उत्कर्ष गौतम और जेंटलमैन कैडेट केतन पाटयाल भी शामिल थे, जिनको परेड के बाद भारतीय सेना मे लेफ्टिनेंट रैंक दे कर कमीशन दिया गया। ट्रेडिशन के मुताबिक ये रैंक उनके माता-पिता ने यंग ऑफिसर्स के कंधों पर सुसोभित किया। लेफ्टिनेंट उत्कर्ष गौतम गांव फतेहपुर, सरकाघाट के रहने वाले हैं और ये तीसरी पीढ़ी के सदस्य हैं, जिन्हें देश की सेवा का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। इनके पिता कर्नल उमेश शर्मा ने 35 वर्ष तक सेना में कार्यारत रहे हुए, देश की सेवा में अपना योगदान दिया। कर्नल उमेश शर्मा ने जीएसएसएस सरकाघाट में ही अपनी पढ़ाई पूरी की थी।
उत्कर्ष के दादा जी भी, भारतीय वायु सेना मैं कार्यरत थे और रिटायरमेंट के बाद लगभग 26 साल तक सकाघाट कोर्ट्स मैं एक जाने- माने वकील रहे। लेफ्टिनेंट उत्कर्ष गौतम ने अपने पिता जी के साथ रहते हुए, देश के भिन- भिन स्कूलों से पढ़ाई की और 12 कक्षा के बाद जुलाई 2018 को नेशनल डिफेंस अकादमी, पुणे ज्वाइन किया। पुणे में तीन वर्ष के ट्रेनिंग के बाद जून 2021 को पास आउट होने के बाद भारतीय सेना अकादमी, देहरादून में एक वर्ष की ट्रेनिंग पूरी की।
आज 11 जून 2022 को इनको मेहनत का फल मिला और लेफ्टिनेंट का रैंक प्राप्त किया। लेफ्टीनेंट उत्कर्ष गौतम के माता एक हाउस मेकर है। इनकी एक बड़ी बहन एमबीबीएस डाक्टर है और वो अब अमेरिका में उच्च शिक्षा ले रही हैं और एक इंजीनियर है। उम्मीद है कि इन युवाओं से प्रेरणा लेते हुऐ, आने वाले समय मैं सरकाघाट से और भी युवक भारतीय सेना में कमीशन लेंगे और हमारे सरकाघाट का नाम रोशन करेंगे।
