ऊना : केंद्र उदारता दिखाते हुए हिमाचल की मदद करे : मुकेश
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश का गठन जिस समय हुआ, उसी समय यह बात तय हुई थी कि केंद्र सरकार हिमाचल को लगातार लिबर्टी दिखाते हुए, उदारता दिखाते हुए मदद करेगी। उन्होंने कहा कि हमारी केंद्र सरकार से मांग है कि केंद्र हिमाचल की देवभूमि को पहाड़ी राज्य को उदारता से मदद करे। उन्होंने कहा कि हम हिमाचल को आर्थिक रूप से निर्भर बनाने के लिए वचनबद्ध हैं, इसके लिए हम काम भी कर रहे हैं, लेकिन केंद्र को हिमाचल की उदारता से मदद करनी चाहिए। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हम लगातार केंद्र के समक्ष अपने मुद्दे उठा रहे हैं, योजनाओं क उठा रहे हैं। हिमाचल के विकास के लिए लगातार संपर्क कर रहे हैं और कांग्रेस की सरकार हिमाचल के विकास के लिए वचनबद्ध है।
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हिमाचल के जो पड़ोसी राज्यों के साथ मसले हैं उनको प्रदेश की सरकार उठा रही है,क्योंकि हम गंभीरता से उन मसलों को हल करना चाहते हैं। यह मसले वर्षों से हल नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ पर 7.19 प्रतिशत हिमाचल प्रदेश का हिस्सा है, इसलिए यह हिस्सा हिमाचल को मिलना चाहिए, यह हमारा अधिकार है। उन्होंने कहा कि पंजाब अपना अधिकार बताएं हमें आपत्ति नहीं है लेकिन जब चंडीगढ़ बना तभी से इस बात को कहा गया कि 7.19 प्रतिशत हिस्सा हिमाचल प्रदेश का है। हमारा बिजली में भी है, पानी में भी है और हमारा हिस्सा चंडीगढ़ में भी है। उन्होंने कहा कि अभी शानन प्रोजेक्ट की लीज खत्म हो रही है तो हिमाचल में यह प्रोजेक्ट हिमाचल को शिफ्ट होना है।
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हिमाचल का जो अधिकार है वह लेकर रहेंगे, उसके लिए आवाज उठाएंगे। हर संभव लड़ाई लड़नी पड़ी तो लड़ाई लड़ेंगे, लेकिन हिमाचल का हक लेकर रहेंगे। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि इसके लिए हमारे वरिष्ठ मंत्री चंद्र कुमार के नेतृत्व में कैबिनेट की कमेटी बनी है वह पूरे मसले पर अपनी रिपोर्ट देगी उसके बाद हम आगे की कार्रवाई करेंगे। कहा कि हम अपने आर्थिक संसाधन बढ़ाना चाहते हैं ,इसलिए वाटर सैस लगाया है बहुत सी कंपनियां देने के लिए तैयार हैं, हम कम्पनियों से वार्ता करने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र ने बीबीएमबी में पानी उठाने को लेकर एनओसी की शर्त हिमाचल के लिए खत्म की है अच्छा निर्णय, सराहनीय निर्णय, हम अपना पानी प्रयोग कर सकते हैं ,हमारी अनेक योजनाएं बननी है पानी की। मुकेश ने कहा कि पोंग डैम से ऊना के लिए पानी उठाना है।बीत एरिया की योजना बननी है, अनेक अन्य योजनाएं हैं जिनको हम सफलता के साथ आगे बढ़ाएंगे और जल शक्ति तो हिमाचल में प्रथम हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में बरसात से नुकसान हो रहा है यह हर बरसात में होता है,प्रयास रहता है कि कम से कम हो लेकिन बरसात से सबसे ज्यादा पानी व सिंचाई की योजनाओं को नुकसान हुआ है।
उन्होंने कहा कि विभाग के अधिकारियों को फील्ड में जुटने को कहा गया है ताकि बिना देरी जो नुकसान हुआ है उसको ठीक भी किया जा सके। नुकसान जो हुआ है इसकी पूरी रिपोर्ट बनाकर केंद्र को भी भेज दी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार मुस्तैद है और जनता को राहत देने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जहां जहां पानी की दिक्कत बरसात के कारण आ रही है योजनाओं को नुकसान हुआ है सिल्ट आई है, उस सब को ठीक करने का काम प्राथमिकता पर किया जा रहा है।
सेब पर आयात शुल्क कम करने से बागवानों को नुकसान
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कहा तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यह कहते थे कि हिमाचल के फलों का,सेब का रस हर जूस के उत्पाद में प्रयोग होना चाहिए, इसके रस को आगे बढ़ाने की बात करते थे,कहां अब विदेश गए तो वाशिंगटन सेब कर आयात शुल्क कम कर दिया है कि हिमाचल प्रदेश में बहुत बड़ी आर्थिकी सेब है,बागवान इस पर मेहनत करते हैं। ऐसे में बागवानों को नुकसान होगा। प्रदेश की सरकार यह मसला केंद्र के समक्ष उठा रही है और हम इस मसले को पुरज़ोर ढंग से उठाएंगे। बागवान को नुकसान नहीं होना चाहिए।
