ऊना : उप मुख्यमंत्री मुकेश व कृषि चंद्र कुमार ने की विभिन्न मुद्दों पर चर्चा
उप मुख्यमंत्राी मुकेश अग्निहोत्री ने कहा है कि प्रदेश की महत्वकांक्षी सिंचाई योजनाओं की स्वीकृति का मामला केंद्र से उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि फिना सिंह परियोजना, सुखाहार परियोजना एंव वीत एरिया सिंचाई योजनाओं पर प्रदेश के खेतों की सिंचाई निर्भर कर रही है। प्रदेश इस समय सिंचाई में राष्ट्रीय औसत से नीचे चल रहा है। इसलिए केंद्र से सिंचाई योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर मंजूरी का आग्रह किया जाएगा। यह बात मुकेश अग्निहोत्री ने कृषि मंाी चंद्र कुमार से मुलाकात के बाद कही।
चंद्र कुमार ने उप मुख्यमंत्री से आठ सालों से लटकी सुखाहार योजना को विशेष तरजीह देने की वकालत की। सिंचाई योजनाओं परचंद्र कुमार ने अपने तर्क देते हुए निचले इलाकों में खेतों तक पानी पहुंचाने के मास्टर प्लान पर काम करने की वकालत की।
उधर, मुकेश अग्निहोत्री ने दलील दी की केंद्र सभी योजनाएं नब्बे-दस के अनुपात में मंजूर करे। उन्होंने कहा कि बीबीएनबी से पानी उठाने की केन्द्र द्वारा शर्त हटाने का फायदा तभी होगा जब बडी योजनाओं को केन्द्र मंजूर करेगा। दलील दी कि सुखाहार योजना की पुरानी कीमत 153 करोड़ थी जबकि संषोधित मूल्य 220 करोड़ के आसपास पहुंच गया है। उन्होंने चंद्र कुमार को भरोसा दिया कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में निवेश मंजूरी समिति की बैठक 17 जुलाई को होगी। उसके एजेंडे में इस योजना को भी रखा जाएगा।
इसी तरह फीना सिंह परियोजना अधर में लटकी हुई है। इसकी प्रस्तावित कीमत 643 करोड़ है जिस पर 300 करोड़ रूपए राज्य खर्च चुका है। केंद्र के प्रोजेक्ट मंजूर करने की कमेटी की बैठक 10 जुलाई को है। उन्होंने कहा कि यह एजेण्डे में शामिल है और केंद्र को इसमें हिमाचल की मद्द करनी चाहिए। वैसे भी केन्द्र के नियमों में भी शामिल है कि जिस योजना पर 50 फीसद राज्य खर्च कर लेगा उसमें बकाया राशि केंद्र देगा इसलिए केंद्र को 313 करोड रूपए जारी करने चाहिए। उन्होंने कहा कि ऊना जिला की वीत क्षेत्र 75 करोड़ सिंचाई योजना एंव कुटलैहड़ के भरमौती से 46 करोड़ रूपए सिंचाई उपलब्ध करवाने की योजना मंजूर करने के लिए भी केंद्र से पत्राचार किया जा रहा है।
