ज्वालामुखी : कैंसर से पीड़ित पति के इलाज के लिए पत्नी ने लगाई मदद की गुहार
** गर्म मसाले की रेहड़ी लगाने वाली हीरापति के पति मेजर की है दयनीय हालत
** लोगों की मदद से गरीब के पति की बच सकती है जान
उप मंडल ज्वालामुखी की हीरापति ने कैंसर की गंभीर बीमारी से जूझ रहे अपने 30 वर्षीय पति मेजर सिंह के इलाज के लिए लोगों से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है। डॉक्टरों ने मेजर सिंह के इलाज के लिए उसकी पत्नी हीरापति को 8 से 10 लाख रुपए का प्रबंध करने को कहा है। हीरापति ने बताया कि वह अब तक अपने पति के इलाज पर अपनी सारी जमापूंजी लगा चुकी हैं। इसके अलावा वह अपने रिश्ते-नातेदारों से भी जितना संभव था मदद ले चुकी हैं। ज्वालामुखी मंदिर मार्ग में गर्म मसाले की रेहड़ी लगाने वाली हिरापति के पति की दयनीय हालत को देखते हुए यहां के स्थानीय दुकानदार भी 25 से 30 हजार रुपए की आर्थिक सहायता उन्हें प्रदान कर चुके हैं।
हीरापति ने बताया कि अब उनके पास अपने पति के इलाज के लिए कुछ नहीं बचा है। अब हीरपति ने आर्थिक रूप संपन्न लोगों, स्वयंसेवी संस्थाओं और अन्य समाजसेवी लोगों से मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने बताया कि मेजर सिंह की हालत दिनों-दिन बिगड़ती जा रही है और उसके इलाज के लिए जल्द सहायता की जरूरत है। उन्होंने कहा कि लोगों की मदद से उनके पति को जीवन मिल सकता है।
हीरापति ने मदद के लिए मेजर सिंह के नाम से बैंक अकाउंट का नंबर भी दिया है और दानी लोगों से इस अकाउंट में यथासंभव मदद की गुहार लगाई है। जो भी व्यक्ति मेजर सिंह की मदद करना चाहता है वह इस खाता नंबर 42525908515, आइएफएस कोड, एसबीआईएन 0010067 पर राशि भेज सकता है। इसके अलावा मेजर सिंह के मोबाइल नंबर 7018944921 पर संपर्क कर सकते हैं। ये नंबर उनका गुगल पे पर भी अवेलेवल है, ऐसे में कोई भी मेजर सिंह की मदद करना चाहता है तो वह उनके इस नंबर के जरिए भी पैसे भेज सकता है।
मात्र 30 साल है उम्र, 3 बच्चे छोटे-छोटे
मेजर सिंह की उम्र लगभग 30 वर्ष है, ओर उनकी पत्नी हीरापति सहित उनके 3 बच्चे है। इनमें रोहित सबसे छोटा है जिसकी उम्र मात्र 6 साल है, जबकि दूसरा बेटा विक्रम 10 ओर बेटी पूजा 12 वर्ष की हैं। हीरापति के अनुसार हरियाणा के एक नामी अस्पताल में उनका इलाज किया गया था, जिस पर लगभग 10 लाख से अधिक खर्च आया था और अब उनका एक अंतिम सर्जरी होनी है जिसका खर्च लगभग 8 से 10 लाख रुपए बताया गया है। हीरापति ने लोगों से मदद की गुहार लगाई है।
