डाडासीबा कॉलेज में अभी तक नहीं भरे गए अध्यापकाें के पद
विनायक ठाकुर । डाडासीबा
बाबा कांशी राम राजकीय महाविद्यालय डाडा सीबा मे गत करीब साढे़ 3 वर्षों से लगातार एक साथ 4 शिक्षकों व 7 गैर शिक्षकों के रिक्त पदों को सरकार कब भरेगी। वहीं, जिसके लिए उक्त कालेज मे शिक्षा ग्रहण करने बाले करीब 317 छात्रो ने इन विधानसभा चुनावो के बाद बनने वाली नई सरकार से आश जगने लगी है। उक्त कॉलेज के तमाम छात्र-छात्राओं व अभिभावकों का कहना है विगत करीब 4 वर्षों से लगातार चली आ रही इस गंभीर समस्या को लेकर हमने कई बार मौखिक व लिखित रुप से सरकार व विभागीय प्रशासन को ज्ञापन तक सौंपे गए, लेकिन इतना लंबा समय बीत जाने के बाद भी कोई असर नहीं हुआ।
लिहाज़ा ऐसे में यहां शिक्षा ग्रहण करने वाले तमाम छात्र-छात्राओं का भबिष्य अधर मे लटकता नजर आ रहा है। अभिभावक- अध्यापक संघ के प्रधान व अभिभावकों का कहना है कि इस वर्ष का शिक्षा सत्र भी लगभग खत्म होने वाला है और ऐसे में यहां प्रदेश शिक्षा विभाग की नाकामी यहां शिक्षा ग्रहण करने वाले तमाम छात्र-छात्राओं की जिंदगी पर भारी पड़ने लगी है। वहीं, अभिभावक सगंठन का कहना है कि इस बारे कई बार विभाग के खिलाफ रोष प्रदर्शन व लिखित शिकायत भी की, लेकिन नतीजा शून्य निकला। कमेटी प्रधान पिंकी देवी आदि का कहना है कि राजनीति शास्त्र व इतिहास विषय जो कि तीनो ही मेजर सब्जेक्ट हैं, इन तीन टीचरों के पद 8 मार्च,2019 से लगातार खाली चले हुए हैं, जबकि संगीत टीचर का पद जब से यहां कॉलेज खुला है, तभी से यह कुर्सी खाली पड़ी है, जिसे आज तक नहीं भरा गया।
इसे सरकार की नाकामी समझे या फिर यहा शिक्षा ग्रहण करने वाले तमाम छात्रों का दुर्भाग्य, जो कि सरकार की पोल खोलने के लिऐ काफी है। इतना ही नहीं कॉलेज मे पुस्तकाल अध्यक्ष "वरिष्ठ सहायक "लिपिक "तबला वादक दो सेवादार सहित चौकीदारों के पद भी पिछले लंबे अरसे से खाली पडे़ हुए हैं, जिन्हें भरने के लिए सरकार अभी तक गंभीर नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि गत करीब पांच वर्ष पहले लोगों की चिरकाल से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए हिमाचल सरकार ने यहां कॉलेज तो खोल दिया था, लेकिन यहां कई मुलजिमों के रिक्त पदों को आज तक भरने की जहमत नहीं उठाई। उधर इस संबंध में डाडासीबा महाविद्यालय के उप प्राचार्य जितेंद्र कुमार ने बताया महा विद्यालय में कई रिक्त पद हैं उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी गई है।
