काम में कोताही बरतने पर सरकार ने लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। कांगड़ा में बनेर खड्ड और हमीरपुर के जाहू में निर्माणाधीन पुल ढहने पर जूनियर इंजीनियर से लेकर अधिशाषी अभियंता समेत 14 इंजीनियरों और कर्मचारियों को चार्जशीट किया है। सरकार से मंजूरी मिलने के बाद विभाग ने चार्जशीट थमाई। इनके खिलाफ विभाग अपने स्तर पर विभागीय कार्रवाई अमल में लाएगा। एक ठेकेदार को एक साल के लिए ब्लैक लिस्ट भी कर दिया है। काम में कोताही बरतने के आरोप तय होने पर इनका वेतन व अन्य वित्तीय सुविधाएं छिन सकती हैं। डेढ़ साल पहले इन पुलों का निर्माण कार्य चल रहा था। काम के दौरान दोनों पुल ढह गए। विभाग ने इसकी जांच बिठाई। जांच कमेटियों की रिपोर्ट आने के बाद विभागीय चार्जशीट तैयार की गई। इसके बाद दोनों मामले सरकार को भेजे गए। अब सरकार ने इन इंजीनियरों को चार्जशीट करने के निर्देश दिए हैं। सूत्र बताते हैं कि जाहू पुल 75 मीटर लंबा था, जो कि तीन जगह से टूटा है। इंजीनियर इन चीफ अजय गुप्ता ने बताया कि दोनों पुलों का निर्माण ठेकेदारों को अपने पैसों से करना होगा। ऐसा नहीं किया तो ठेकेदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।
- हमीरपुर विधानसभा के बूथ 28 व 31 में घर-घर जाकर एकत्रित की मिट्टी -माटी से दिल्ली के कर्तव्य पथ पर अमृत वाटिका का होगा निर्माण देशभर में मनाए जा रहे 'मेरी माटी, मेरा देश' कार्यक्रम के अंतर्गत हमीरपुर विधानसभा के बूथ 28 व 31 में कौशल विकास निगम के पूर्व वाइस चेयरमैन नवीन शर्मा के नेतृत्व में घर-घर जाकर मिट्टी एकत्रित की गई। इस दौरान नवीन शर्मा ने कहा कि देश भर की पंचायतों व शहरों से मिट्टी एकत्रित कर दिल्ली के कर्तव्य पथ पर अमृत वाटिका का निर्माण किया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य उन बहादुर स्वतंत्रता सेनानियों, वीरों व वीरांगनाओं का सम्मान करना है, जिन्होंने देश के लिए अपने जीवन का बलिदान कर दिया। उन्होंने कहा कि 'मेरी माटी, मेरा देश' कार्यक्रम लोगों को राष्ट्रवाद की भावना से जोड़ता है। अपनी भूमि से जुड़कर और अपने नायकों का सम्मान करके यह कार्यक्रम राष्ट्रवाद की भावना पैदा करेगा और भावी पीढ़ियों को प्रेरित करेगा। 15 सितंबर तक यह अभियान चलेगा, जिसके अंतर्गत हमीरपुर के सभी 94 बूथों पर घर-घर जाकर मिट्टी एकत्रित की जाएगी।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने जेओए आईटी पेपर लीक मामले में नामित आरोपी नितिन आजाद की जमानत रद्द कर दी है। न्यायाधीश सुशील कुकरेजा ने अपने निर्णय में कहा कि नितिन गंभीर आरोपों का सामना कर रहा है। इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि जमानत मिलने के बाद याचिकाकर्ता कानूनी परिणामों से बचने के लिए फरार हो सकता है। अदालत ने पाया कि जांच एजेंसी ने अभी तक मामले की जांच पूरी नहीं की है। एजेंसी का शक है कि वह किसी अन्य समानांतर मामले में संलिप्त हो सकता है। आरोपी नितिन के खिलाफ पुलिस थाना सतर्कता हमीरपुर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7ए, 8, 12 और 13(1)(ए) और भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 201 और 120बी के तहत मामला दर्ज है। अभिलाष कुमार की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस को शिकायत की गई कि संजीव कुमार उर्फ संजय ने उसे जेओए (आईटी), पोस्ट कोड संख्या 965 की परीक्षा के पेपर चार लाख रुपये में बेचने की बात कही थी। उसके बाद शिकायतकर्ता ने संजीव कुमार उर्फ संजय की बातचीत रिकॉर्ड करनी शुरू कर दी। उसके बाद प्रश्नपत्र के लिए कीमत पर ढाई लाख रुपये में सौदेबाजी की गई। प्रश्नपत्र के लिए संजीव कुमार ने शिकायतकर्ता का परिचय निखिल नाम के व्यक्ति से करवाया। इसके बाद संजीव कुमार और निखिल ने प्रश्नपत्र और उत्तर कुंजी उपलब्ध कराने की पेशकश की। मामले की आगामी जांच में नितिन आरोपी पाया गया और उसके खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया। इससे पहले अप्रैल में भी आरोपी ने हाईकोर्ट के समक्ष जमानत याचिका दायर की थी, जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था। प्लास्टिक अपशिष्ट के कार्यान्वयन की जानकारी दें सरकार हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने नियमानुसार प्लास्टिक अपशिष्ट का निष्पादन न करने पर कड़ा संज्ञान लिया है। अदालत ने राज्य सरकार से शपथपत्र के माध्यम से प्लास्टिक अपशिष्ट के कार्यान्वयन के संबंध में जानकारी तलब की है। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश रंजन शर्मा की खंडपीठ ने राज्य सरकार से पूछा है कि प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन (संशोधित) नियम, 2022 में इसके निष्पादन के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। मामले की सुनवाई 20 सितंबर को निर्धारित की गई है। अदालत ने राज्य सरकार को आदेश दिए हैं कि प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन (संशोधित) नियम, 2022 के तहत सक्षम प्राधिकारी के साथ पंजीकृत उत्पादकों, आयातकों और ब्रांड-मालिकों की संख्या अदालत के समक्ष स्पष्ट रूप से बताई जाए। इसके अलावा प्लास्टिक अपशिष्ट के निष्पादन के लिए चिन्हित स्थानों की जानकारी भी तलब की गई है। अदालत ने हिमाचल प्रदेश ठोस कचरा (नियंत्रण) अधिनियम, 1995 में उन व्यक्तियों या प्राधिकरणों की संख्या भी तलब की है, जिनके विरुद्ध अधिनियम के अंतर्गत जुर्माना लगाया हो। इसके अतिरिक्त अदालत ने प्रदेश के सभी ठोस कचरा संयंत्रों का निरीक्षण की रिपोर्ट दायर करने के लिए एक हफ्ते का समय दिया है। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि अदालती आदेशों के बावजूद भी कचरे का निस्तारण नियमों के अनुसार नहीं किया जा रहा है। बता दें कि अदालत के समक्ष हिमाचल के अलग-अलग हिस्सों से अपशिष्ट प्रबंधन, ठोस अपशिष्ट स्थापित करने के लिए स्थल विवाद और अनुपचारित सीवरेज और ठोस अपशिष्ट की रिहाई से जुड़ी याचिकाएं दर्ज की गई है। हिमाचल प्रदेश में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और इसके कार्यान्वयन पर अदालत को बताया गया कि हिमाचल प्रदेश 59 शहरी समूह के साथ भारत का सबसे अच्छा शहरीकृत राज्य है। लेकिन, कचरे की कम मात्रा भी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकती है। हिमाचल में 29 नगर परिषद और 5 नगर निगम है। कहीं भी कचरे का नियमानुसार निष्पादन नहीं किया जा रहा है।
-परिवार सहित सड़कों पर उतरने की भी दी चेतावनी प्रदेशाध्यक्ष सुनील शर्मा बोले- 2555 एसएमसी शिक्षक स्कूलों में दे रहे सेवाएं -सैकड़ों विद्यालय सिर्फ और सिर्फ एसएमसी शिक्षकों के ही सहारे एसएमसी अध्यापक संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुनील शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार यदि 30 सितंबर 2023 तक एसएमसी शिक्षकों के लिए पॉलिसी नहीं बनाती है तो 2 अक्तूूबर से प्रदेश में सत्याग्रह किया जाएगा। एसएमसी शिक्षकों ने प्रदेश सरकार को चेताया कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं होती है तो वे परिवारों के साथ सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होंगे। बता दें कि प्रदेश में 2555 एसएमसी शिक्षक मौजूदा समय में कार्यरत हैं और अपने लिए सरकार से पॉलिसी बनाने की मांग कर रहे हैं। शिमला में एसएमसी अध्यापक संघ द्वारा आज पत्रकार वार्ता को संबोधित किया गया। पत्रकार वार्ता के दौरान संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुनील शर्मा ने बताया कि एसएमसी अध्यापक संघ द्वारा शिक्षा सचिव को एसएमसी अध्यापकों द्वारा नियमित करने के संदर्भ में अल्टीमेटम दिया गया है। संघ ने कहा कि 2555 एसएमसी अध्यापक 2012 से निरंतर प्रदेश के विद्यालयों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं और सरकार द्वारा कोई भी नीति न बनने के कारण अभी तक शोषण के शिकार हो रहे हैं, जबकि अन्य सभी अस्थाई अध्यापक पीटीए, पैट, पैरा व उर्दू पंजाबी पीरियड आधार तथा तकनीकी शिक्षा में पीरियड आधार शिक्षकों को कम अंतराल में ही नियमित किया जा चुका है। एसएमसी अध्यापक बहुत ही कम वेतन में शिक्षा विभाग में सभी कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं और प्रदेश के सैकड़ों विद्यालय सिर्फ और सिर्फ एसएमसी शिक्षकों के ही सहारे चल रहे हैं। एसएमसी अध्यापकों द्वारा शिक्षा विभाग को यह अल्टीमेटम दिया गया है कि 30 सितंबर तक एसएमसी अध्यापकों को नियमित नीति में लाया जाए, अन्यथा 2 अक्तूबर से ही एसएमसी अध्यापक मजबूरन अपने परिवार और बच्चों सहित सत्याग्रह, धरना-प्रदर्शन पैन डाउन स्ट्राइक करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। इस संदर्भ में एसएमसी अध्यापकों ने विश्वास जताते हुए कहा कि सरकार ने हमें गंभीरता से सुना और सरकार हमें नियमित करेगी। मुख्यमंत्री ने भी हमें आश्वासन दिया है कि एसएमसी अध्यापकों को सितंबर माह तक नियमित किया जाएगा। इस मौके पर अध्यक्ष सुनील शर्मा, उपाध्यक्ष निर्मल ठाकुर, महासचिव बेला राम वर्मा,सचिव वेद प्रकाश ठाकुर, और सुरेश चौहान उपस्थित रहे।
कहा- प्रदेश सरकार अदा करेगी आवास का किराया मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं और कार्यक्रमों के कार्यान्वयन की समीक्षा के लिए आज यहां मंडे मीटिंग की अध्यक्षता की। उन्होंने योजनाओं व विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में भारी बारिश के कारण घर क्षतिग्रस्त होने से जो लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं, उन्हें प्रदेश सरकार किराए पर आवासीय सुविधा उपलब्ध करवाएगी। मकान का किराया प्रदेश सरकार अदा करेगी। इसके दृष्टिगत दो व तीन कमरों के सेट किराए पर लेने का प्रावधान किया जाएगा। इस संबंध में सभी उपायुक्तों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिमला नगर निगम क्षेत्र में भारी बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत के लिए 10 करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे। उन्होंने शिमला में विभिन्न क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त सड़कों व गिरे हुए डंगों के कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सभी अभियांत्रिकी महाविद्यालयों में अगले शैक्षणिक सत्र से कृत्रिम मेधा (एआई) के पाठ्यक्रम आरम्भ किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षण संस्थानों में भविष्य की चुनौतियों के आधार पर एआई पाठ्यक्रम आरम्भ करना समय की मांग है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मत्स्य क्षेत्र में स्वरोजगार के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण से योजनाओं का कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने हेलीपोर्टस के निर्माण कार्य की प्रक्रिया की प्रगति की हर सप्ताह समीक्षा करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कटहल की खेती की अपार सम्भावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग द्वारा किसानों को कटहल की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वाहनों के फिटनेस प्रमाण-पत्र के लिए आवेदन व समयादेश (अपॉइंटमेंट) के लिए प्रभावी ऑन-लाईन प्रणाली विकसित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, प्रधान सचिव ओंकार चंद शर्मा, भरत खेड़ा, आरडी. नजीम, देवेश कुमार, डॉ. अमनदीप गर्ग और विभिन्न सचिव उपस्थित थे।
- हालांकि पद पर बने रहेंगे युवा कांगेस के जिला व विधानसभा अध्यक्ष हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस महासचिव एवं प्रभारी जिला हमीरपुर महेश सिंह ठाकुर मैडी ने भारतीय युवा कांग्रेस के महासचिव एवं प्रभारी हिमाचल प्रदेश विनीत कंबोज, सहप्रभारी योगेश हांडा व प्रदेश अध्यक्ष नेगी निगम भंडारी की अनुमति से जिला युवा कांग्रेस हमीरपुर, विधानसभा क्षेत्र बड़सर, हमीरपुर व भोरंज की कार्यकारिणी को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है जबकि युवा कांगेस के जिला व विधानसभा अध्यक्ष अपने-अपने पद पर बने रहेंगे। महेश सिंह ठाकुर ने कहा कि सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र युवा कांग्रेस की कार्यकारिणी को अध्यक्ष समेत भंग कर दिया है वहां जल्द ही स्थानीय नेताओं की सलाह से नये अध्यक्ष की नियुक्ति की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह निर्णय जिला व ब्लॉक कार्यकारिणी के पदाधिकारियों की संगठन में निष्क्रियता को देखते हुए व आने वाले लोकसभा चुनावों के मद्देनजर लिया गया है। शीघ्र ही जिला तथा भंग ब्लॉकों की कार्यकारिणी गठित की जाएगी, जिसमें संगठन के कार्यक्रमों की रूचि रखने वाले व ऊर्जावान युवाओं को कार्य करने के अवसर दिए जाएंगे। महेश सिंह ठाकुर ने कहा कि हमीरपुर जिला अध्यक्ष व बड़सर, हमीरपुर व भोरंज के विधानसभा अध्यक्षों से जिला व विधानसभा स्तर की जो कार्यकारिणीयां भंग की गई हैं, उनसे नई कार्यकारिणी को 15 दिनों के भीतर गठित कर स्वीकृति के लिए प्रदेश युवा कांग्रेस कार्यालय को भेजने को कहा है।
प्रदेश सरकार ने हमीरपुर जिले में एडवांस कैंसर केयर यूनिट स्थापित करने का फैसला लिया है। स्वास्थ्य सेवाएं कॉरपोरेशन की ओर से इसके लिए जल्द ही टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे। पीजीआई की तर्ज पर कैंसर केयर यूनिट में मशीनें स्थापित होंगी। इसके स्थापित किए जाने से जहां कैंसर पीड़ित मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया होगी, वहीं लोगों को इलाज के लिए बाहरी राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा। इसमें आधारभूत ढांचा और मशीनरियों पर करीब 50 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। अभी कैंसर पीड़ित अपना इलाज कराने के लिए या तो इंदिरा गांधी मेडिकल काकॉलेज शिमला या फिर टांडा जाते हैं। कई बाहरी राज्यों में इलाज करवाते हैं। हमीरपुर में यूनिट स्थापित किए जाने से लोगों को काफी सहूलियत होगी। ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, मंडी जिले के लोगों के लिए यह यूनिट कारगर साबित होगी। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में मरीजों की तादाद कम होगी। अभी इस अस्पताल में प्रतिदिन सौ से ज्यादा ओपीडी रहती है। कैंसर के मरीजों को भर्ती करना पड़ता है। ऐसे में आधारभूत ढांचा होना आवश्यक है। स्वास्थ्य सचिव एम. सुधा ने बताया कि एडवांस कैंसर केयर यूनिट के स्थापित करने की प्रक्रिया चल रही है। स्वास्थ्य सेवाएं कॉरपोरेशन मशीनों की खरीदारी करेगा। इस एडवांस चिकित्सा सुविधा से लोगों को काफी फायदा होगा।
सीएम ने जी-20 सम्मेलन के उपलक्ष्य पर राष्ट्रपति द्वारा आयोजित रात्रि भोज में लिया भाग मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार को नई दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा जी-20 शिखर सम्मेलन के अवसर पर आयोजित रात्रि भोज में भाग लिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेेंद्र मोदी से भी मुलाकात की और उनके समक्ष प्रदेश हित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रधानमंत्री को प्रदेश में भारी बारिश के कारण आई आपदा से हुए नुकसान के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी और उनसे प्रदेश में हुई त्रासदी को 'राष्ट्रीय आपदाÓ घोषित करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि गत दो महीनों में भारी बारिश, भू-स्खलन और बाढ़ के कारण प्रदेश में 400 से अधिक लोगों ने अपनी जान गंवाई है और 13 हजार से अधिक घरों को नुकसान पहुंचा है, जिस कारण हजारों परिवार बेघर हो गए हैं। उन्होंने बताया कि इस प्राकृतिक आपदा के कारण प्रदेश को 12 हजार करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से कहा कि इस आपदा से उबरने के लिए प्रदेश को केंद्र की ओर से आर्थिक पैकेज की आवश्यकता है। आपदा के कारण प्रदेश में हुए अभूतपूर्व नुकसान के दृष्टिगत मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि भुज और केदारनाथ मेें आई आपदा की तर्ज पर हिमाचल को भी विशेष राहत पैकेज दिया जाना चाहिए। नरेंद्र मोदी ने ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा उठाए गए प्रदेश हित के मद्दों को ध्यानपूर्वक सुना और कहा कि प्रदेश की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बिडेन, कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक, आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीस, जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान सहित अन्य देशों के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, 19 आमंत्रित देशों के प्रतिनिधि, संयुक्त राष्ट्र, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व स्वास्थ्य संगठन सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि, केंद्रीय कैबिनेट मंत्री और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के अलावा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
-सौरभ वैद और दरशोक ठाकुर को चुना वरिष्ठ उपाध्यक्ष - प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के सभागार में संपन्न हुए चुनाव प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के चुनाव आज प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के सभागार में संपन्न हुए। चुनाव प्रक्रिया में अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एसएस जोगटा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। चुनाव प्रभारी लाल सिंह चावला तथा सह प्रभारी हेम सिंह ठाकुर की देखरेख में संपन्न हुए। चुनाव में सभी 12 जिलों के अध्यक्षों तथा उनके प्रतिनिधि और 90 विभिन्न कर्मचारी संगठनों केअध्यक्ष-महासचिव व अन्य पदाधिकारियों ने भाग लिया। सभागार में लगभग 1100 कर्मचारी उपस्थित रहे। चुनाव में प्रदीप ठाकुर को सर्वसम्मति से प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ का अध्यक्ष चुना गया। चुनाव में सौरभ वैद जिला कांगड़ा तथा दरशोक ठाकुर जिला हमीरपुर को वरिष्ठ उपाध्यक्ष चुना गया। महासचिव भरत शर्मा जिला शिमला तथा कोषाध्यक्ष इंद्रजत शर्मा जिला सिरमौर से चुने गए। शमशेर ठाकुर मुख्य सलाहकार, कुशल शर्मा मुख्य प्रवक्ता, एम आर वर्मा मुख्य संरक्षक, पंकज शर्मा मीडिया प्रभारी, सुनील तोमर उपाध्यक्ष, नसीब सिंह, सोनम, मोहनलाल कश्यप, हंसराज उपाध्यक्ष रजनीश प्रवक्ता, अंकुर सचिव, ईश्वर उपाध्यक्ष, प्रवेश, हितेश शर्मा सचिव, कश्मीर सचिव, विनोद सलाहकार, नवीन रविकांत सोलन उपाध्यक्ष, मराठा सलाहकार, देव नेगी कार्यालय सचिव, नित्यानंद, रामेश्वर, कंवर सिंह ठाकुर, सुनीता मेहता उपाध्यक्ष, संजय कुमार, रजनीश, कमल शर्मा, सुरेश कुमार, जीवन गौतम, सरवन, पूजा सेन, भावना ठाकुर इत्यादि को राज्य कार्यकारिणी में चुना गया। नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर ने उन्हें अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ का अध्यक्ष चुनने के लिए धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि नवनियुक्त कार्यकारिणी कर्मचारियों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान हेतु प्रयास करेगी, जिसके लिए आज शाम को ही कार्यकारिणी की बैठक कर रणनीति तैयार की जाएगी। उन्होंने प्रदेश भर से पहुंचे सभी कर्मचारियों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि जल्द प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मिलकर सभी समस्याओं को उनके समक्ष रखा जाएगा। उनसे जल्द संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक हेतु भी आग्रह किया जाएगा, ताकि संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक में कर्मचारियों के सभी समस्याओं का निपटारा हो सके।
बिलासपुर जिले के लुहणु मैदान में चल रही अग्निवीर सेना भर्ती रैली में हजारों की संख्या में युवा भारतीय सेना में शामिल होने के लिए भाग ले रहे हैं। जिला ऊना के गांव नलवाड़ी तहसील बंगाना के जुड़वा भाई सौरव कुमार और गौरव कुमार जो हमीरपुर में हुई रैली में सफल नहीं हो पाए थे, लुहणु मैदान में आयोजित रैली में उन्होंने अपनी सफलता का परचम लहराया। आश्चर्यजनक बात यह है कि दोनों जुड़वा भाई एक साथ सभी पायदानों को पार करते हुए सेना के लिए चुने गए हैं। विगत रैली की असफलता से सबक लेकर दोनों भाइयों ने कठोर परिश्रम के साथ सभी बाधाओं को पार करने की मन में ठानी। माता-पिता के आशीर्वाद तथा विभिन्न लोगों से प्रेरणा प्राप्त कर इस रैली में सफल हुए इन दोनों भाइयों का कहना है कि सेना भर्ती रैली में परिश्रम के माध्यम से ही स्थान पाया जा सकता है। सौरव और गौरव का कहना है कि रैली से पूर्व सी टेस्ट की सुविधा होने से छंटनी हो कर अभ्यर्थी शारीरिक क्षमता के विभिन्न आयोजनों में भाग लेता है। इससे दौड़ने में अधिक भीड़ न होने से अभ्यर्थी द्वाराअपनी क्षमता को बेहतर रूप में प्रदर्शित किया जा सकता है। उन्होंने इस प्रक्रिया को प्रारंभ करने के लिए सेना का आभार व्यक्त किया। दोनों भाईयों ने शैक्षणिक क्षेत्र में भी उत्कृष्ट मुकाम प्राप्त किया है बावजूद इसके अन्य विकल्पों के होते हुए भी उन्होंने सेना में भर्ती होकर देश सेवा को सबसे बेहतर विकल्प के रूप में चुना। इनके पिता बलवंत सिंह का कहना है कि उन्होंने इन दोनों बेटों को सेना के लिए समर्पित किया है यद्यपि एक और बेटा है जो मानसिक दिव्यांग है। उन्होंने अग्नि वीर सैन्य भर्ती के प्रति अपनी पूरी आस्था जताते हुए बच्चों द्वारा किए गए प्रदर्शन पर प्रसन्नता जाहिर की। ऐसे ही जिला हमीरपुर के काकडियार के जुड़वा भाई अखिल राठौर और निखिल राठोर भी इस रैली में अपने बचपन के सपने को साकार करने में सक्षम हुए हैं। बड़े भाई व बहुत से परिवार जन भारतीय सेना में अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं यही जज्बा अखिल और निखिल के मन में भी भरा हुआ था यह दोनों भाई बताते हैं कि अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए उन्हें जहां परिवारजनों से प्रेरणा मिली वही गांव के कुछ लोग भी मार्गदर्शक बने। यह फौज में अपने सुनहरे भविष्य को संवारने के लिए आतुर है। अखिल और निखिल कहते हैं कि आज बहुत से युवा भारतीय सेवा का अंग प्रत्यंग बन देश की सेवा के लिए तत्पर है युवाओं में इसके लिए होड़ लगी है। जिला ऊना के हरोली क्षेत्र से संबंध रखने वाले मनीष कुमार ने जमा दो की परीक्षा 92 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण की परिवार तथा स्वयं के समक्ष जीवन यापन के लिए अनेक विकल्पों में से इन्होंने सेना में जाकर देश के प्रति अपने कर्तव्य के निर्वहन को ही सबसे उचित समझा। मनीष कुमार का कहना है कि अग्नि वीर सैनिक में यदि योग्यता और समर्थ है तो वह सेना में लंबे समय के लिए अपनी सेवाएं प्रदान कर सकता है। गौरतलब है कि लुहणु मैदान में आयोजित अग्नि वीर भर्ती रैली में बहुत से ऐसे युवाओं ने भाग लिया जो न केवल शैक्षणिक योग्यता में उत्कृष्ट मुकाम हासिल किए हुए थे, अपितु अन्य वोकेशनल ट्रेनिंग या किसी और विषय में भी महारत रखते थे, किंतु इन्होंने उन सब को दरकिनार कर भारतीय सेना का सिपाही बन देश के प्रति अपने कर्तव्य को पूरा करने का लक्ष्य ही चुना।
हिमाचल प्रदेश के बहुचर्चित 250 करोड़ के छात्रवृत्ति घोटाले में निजी शिक्षण संस्थान फर्जी दावे करते रहे और शिक्षा विभाग के अधिकारी इन दावों को सत्यापित करते रहे। सीबीआई की जांच में इसका खुलासा हुआ है। ईडी की ओर से गिरफ्तार चार आरोपियों से अलग-अलग पूछताछ के दौरान यह खुलासा हुआ है। मामले में हर स्तर पर अनियमितताएं बरती गई हैं। आरोप हैं कि निजी शिक्षण संस्थान और शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से छात्रवृत्ति का बजट जारी हुआ है। इन आरोपियों के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम-2002 के प्रावधानों के कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। आरोपियों की संपत्ति, बैंक खाते से लेनदेन, कैसे छात्रवृत्ति को इधर से उधर किया गया, इसे लेकर प्रवर्तन निदेशालय बारीकी से जांच कर रहा है। उल्लेखनीय है कि ईडी ने छात्रवृत्ति घोटाले में एएसएएमएस एजुकेशन ग्रुप के पार्टनर राजदीप जोसन और कृष्ण कुमार, केसी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट पंडोगा के उपाध्यक्ष हितेश गांधी और प्रदेश उच्च शिक्षा निदेशालय की छात्रवृत्ति शाखा के तत्कालीन अधिकारी को गिरफ्तार किया है। आरोप हैं कि निजी शिक्षण संस्थान ने फर्जी दस्तावेज पेश करके अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित विद्यार्थियों के लिए पोस्ट-मैट्रिक योजना में छात्रवृत्ति घोटाला किया। यह है मामला छात्रवृत्ति घोटाले में ईडी ने सीबीआई शिमला की ओर से दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की है। आरोप लगाया गया था कि राज्य शिक्षा विभाग, निजी संस्थान और बैंक अधिकारी 250 करोड़ रुपये से अधिक की छात्रवृत्ति निधि के वितरण में बड़े पैमाने पर गलत विनियोजन में शामिल थे। इस मामले में सीबीआई और ईडी कई अधिकारियों और निजी शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
केंद्र सरकार को भेजी 10 करोड़ रुपये की डीपीआर हिमाचल सरकार प्रदेश में तीन नए नर्सिंग कॉलेज खोलेगी। यह कॉलेज चंबा, हमीरपुर और जिला सिरमौर के नाहन में खोले जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग ने डीपीआर तैयार कर केंद्र को भेज दी है। तीनों नर्सिंग कॉलेज में आधारभूत ढांचा विकसित करने पर 10 करोड़ रुपये खर्च होंगे। प्रति नर्सिंग संस्थान को 3 करोड़ रुपये से ज्यादा राशि दी जानी है। वर्तमान में हिमाचल में इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) और मंडी में दो ही सरकारी नर्सिंग कॉलेज हैं। जबकि नर्सिंग स्कूलों की संख्या 15 से ज्यादा है। प्रदेश सरकार ने नए खोले जाने वाले नर्सिंग कॉलेजों में 40-40 सीटें निर्धारित करने का फैसला लिया है। जैसे-जैसे आधारभूत ढांचा विकसित होगा। केंद्र सरकार से सीटें बढ़ाने की सिफारिश की जाएगी। हिमाचल में 12वीं की परीक्षा पास करने के बाद बड़ी संख्या में छात्राएं नर्सिंग और मिडवाइफ के कोर्स कर रही हैं। निजी संस्थानों में नर्सिंग का कोर्स करने के लिए चार लाख रुपये से ज्यादा खर्च आता है। इसमें हॉस्टल, वर्दी व अन्य खर्चे भी शामिल हैं। हजारों की संख्या में छात्राएं यह कोर्स कर रही हैं। हालांकि सरकारी कॉलेजों फीस कम है। इसमें एक साल का खर्च करीब 70 हजार के पास रहता है। हिमाचल में नए नर्सिंग कॉलेज खुलने से कई और छात्राएं सरकारी संस्थानों में प्रशिक्षण हासिल कर सकेंगी। चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. सीता ठाकुर ने बताया कि हिमाचल में नए नर्सिंग कॉलेज खोलने के लिए 10 करोड़ रुपये की डीपीआर केंद्र को भेज दी गई है।
प्रदेश सरकार की ओर से रद्द किए गए स्टाफ सिलेक्शन कमिशन के भीतर हुए पेपर लीक मामले में मुख्य आरोपी उमा आजाद को जिला एक केस में कोर्ट से जमानत मिल गई, लेकिन दूसरे मामले में वह 14 दिन की न्यायिक हिरासत में है। इस कारण अभी वह बाहर नहीं आ पाएंगी। इसके अलावा दो अन्य आरोपी निखिल और संजीव को जमानत मिल गई है। ये दोनों अब बाहर आ सकेंगे। बुधवार को तीन आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जिसमें एक मामले 4 / 22 में आरोपी उमा आजाद और निखिल आजाद को एक-एक लाख मुचलके पर जबकि आरोपी संजीव को 50,000 के मुचलके पर कोर्ट ने जमानत पर रिहा किया। अब पेपर लीक अलग-अलग मामलों में आरोपी उमा आजाद और नितिन अभी तक न्यायिक हिरासत में है उनकी न्यायिक हिरासत 20 सितंबर तक है उसके बाद विजिलेंस की एसआईटी टीम की ओर से उन्हें कोर्ट में पेश किया जाना है। आरोपी उमा आजाद निखिल और संजीव को कोर्ट में पेश किया गया जहां से एक मामले में उन्हें जमानत मिल गई है जबकि ऑक्शन रिकॉर्डर मामले में आरोपी उमा आजाद न्यायिक हिरासत पर हैं। आरोपी नितिन ने हाई कोर्ट में जमानत याचिका दायर की है।
चंबा, कांगड़ा, शिमला और अन्य जिलों के भ्रमण कर सकते हैं सैलानी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज जिला हमीरपुर के नादौन में कहा कि हाल ही में हुई भारी बारिश के कारण प्रदेश में कई सड़कें क्षतिग्रस्त हुईं और निजी एवं सार्वजनिक संपत्ति को भारी नुकसान हुआ। उन्होंने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार के दृढ़ एवं त्वरित प्रयासों के फलस्वरूप राज्य में सड़कों को काफी हद तक बहाल कर दिया गया है तथा प्रदेश में आगंतुकों के लिए सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित किया गया है। उन्होंने कहा कि यह राज्य की अब तक की सबसे भीषण त्रासदी थी, लेकिन अब राज्य में हालात सामान्य हो रहे हैं। नादौन में मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश पर्यटकों के लिए सुरक्षित है और पर्यटक अब चंबा, कांगड़ा, शिमला और अन्य जिलों के भ्रमण पर आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने और सभी प्रभावितों को आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि विपदा के समय में भी नेता प्रतिपक्ष प्रभावित परिवारों की पीड़ा के प्रति सहानुभूति व्यक्त करने के बजाय राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने नेतापक्ष से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से संपर्क कर हिमाचल प्रदेश के लिए केदारनाथ और भुज त्रासदी की तर्ज पर विशेष पैकेज प्रदान करने के लिए आग्रह करने का आहवान किया। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित करने और उत्तराखंड और गुजरात में प्रदान की गई सहायता के समान वित्तीय सहायता प्रदान करने की बार-बार अपील की है, लेकिन अभी तक केंद्र सरकार द्वारा इस संबंध में कोई भी कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार अपने संसाधनों से प्रभावित परिवारों को सहायता प्रदान करने के हरसंभव प्रयास कर रही है। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने प्रदेश पर 75 हजार करोड़ रुपये के ऋण का बोझ डाला तथा केवल राजनीतिक लाभ के लिए कई घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार कर्मचारियों के बकाया और भत्ते देने में विफल रही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता संभालने के पश्चात वित्तीय बाधाओं के बावजूद कर्मचारियों के हितों में अभूतपूर्व निर्णय लेकर पुरानी पेंशन योजना को बहाल किया है।
मुख्यमंत्री ने सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र में आपदा प्रभावित क्षेत्रों का किया दौरा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज हमीरपुर जिला के सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में बारिश और भूस्खलन के कारण हुए नुकसान का निरीक्षण किया और राहत एवं पुनर्वास कार्यों के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने ऊटपुर और कक्कड़ सहित अन्य स्थानों पर हुई भारी तबाही के दृष्टिगत जिला प्रशासन को इन्हें आपदा प्रभावित क्षेत्र घोषित करने निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों से बात कर उन्हें हरसंभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया और कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक प्रभावित के साथ है। प्रदेश सरकार अपने संसाधनों से एक-एक पैसा जोड़कर सभी प्रभावितों की मदद करेगी। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि भारी बारिश के कारण हुई तबाही के दृष्टिगत राज्य सरकार ने एक विशेष राहत पैकेज की घोषणा की है, जिसमें प्रभावितों की सहायता के लिए दस गुणा तक बढ़ा हुआ मुआवजा प्रदान करने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्र घोषित होने के बाद यहां रहने वाले प्रभावित परिवारों को इस विशेष पैकेज के हिसाब से राहत राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि पूर्व में पक्के मकान को आंशिक क्षति पर 12,500 रुपये और कच्चे घर को आंशिक क्षति होने पर 10,000 रुपये की राहत राशि दी जाती थी। लेकिन प्राकृतिक आपदा के कारण हुए नुकसान को देखते हुए सरकार ने इसे बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया है। उन्होंने कहा कि पहले दुकानों और ढाबों को हुए नुकसान के मुआवजे के रूप में सामान के बदले केवल 10 हजार रुपये की आंशिक आर्थिक सहायता मिलती थी, जिसे अब राज्य सरकार ने दस गुना बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया है। इसके अलावा, नए प्रावधानों के अनुसार गाय व भैंस जैसे दुधारू पशुओं की मृत्यु पर प्रति पशु 55,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जा रही है और भेड़, बकरी की मृत्यु पर मिलने वाली वित्तीय सहायता को 4000 रुपये से बढ़ाकर 6000 रुपये कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने सुजानपुर में सचूही, बजाहड़ और जोल पलाही सहित अन्य क्षेत्रों में भी आपदा से हुए नुकसान का जायजा लिया और संबंधित विभागों को राहत एवं पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। इस अवसर पर विधायक राजेंद्र राणा व आशीष शर्मा, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा, कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, अभिषेक राणा, उपायुक्त हेमराज बैरवा, पुलिस अधीक्षक डॉ. आकृति शर्मा इत्यादि उपस्थित रहे।
हमीरपुर: मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावितों को प्रदान किए गृह निर्माण के लिए भूमि दस्तावेज : मुख्यमंत्री
प्रत्येक प्रभावित परिवार को राहत सुनिश्चित कर रही प्रदेश सरकार प्रदेश के खूबसूरत गंतव्यों के भ्रमण के लिए पर्यटक आमंत्रित मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज हमीरपुर जिला के बड़सर और सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र में भारी बारिश से हुए नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने बड़सर विधानसभा क्षेत्र के तहत जब्बल खैरियां, गुरु का बन्न, भेबड़, समताणा खुर्द व लाहड़ी सलान में आपदा प्रभावित परिवारों से संवाद किया और उन्हें हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंनेे कहा कि राज्य सरकार हर आपदा प्रभावित के साथ हैं और प्रत्येक प्रभावित परिवार को राहत सुनिश्चित की जा रही है। गुरु का बन्न में मुख्यमंत्री ने तीन आपदा प्रभावित परिवारों को गृह निर्माण के लिए छह-छह मरला भूमि प्रदान करने के दस्तावेज प्रदान किए। आपदा में इन परिवारों की भूमि बह गई थी तथा इनके मकानों को असुरक्षित घोषित किया गया है। उन्होंने कहा कि एक और प्रभावित परिवार को भी भूमि प्रदान करने के लिए जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं तथा जल्द ही उन्हें भी राज्य सरकार की ओर से भूमि प्रदान कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि समताणा में तीन घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि 11 अन्य घरों में दरारें आ गई हैं। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को इन्हें आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त घोषित करने के निर्देश दिए, ताकि उन प्रभावित परिवारों की मदद की जा सके। मुख्यमंत्री ने लाहड़ी गांव में भूस्खलन से हुए नुकसान का भी निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में क्षतिग्रस्त सड़कों की बहाली के लिए युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है और अधिकांश मुख्य मार्गों पर यातायात व्यवस्था सुचारू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि पर्यटक शिमला, किन्नौर, चम्बा, डलहौजी व कांगड़ा घाटी सहित प्रदेश के खूबसूरत पर्यटन गंतव्यों की यात्रा और भ्रमण कर सकते हैं। इन पर्यटन गंतव्यों के लिए सड़क मार्ग खुले हैं और कोई भी इन गंतव्यों की सुरक्षित यात्रा कर सकता है। पर्यटक वर्तमान सीजन में राज्य के अधिकांश होटलों में विशेष छूट की सुविधा का लाभ भी उठा सकते हैं। पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि भारी बरसात से आई आपदा के कारण पूरे प्रदेश में भयंकर तबाही हुई है और हमीरपुर जिला भी इससे अछूता नहीं रहा है। हमीरपुर जिला में हुई तबाही को उन्होंने स्वयं देखा है और आज यहां लोगों का दुख-दर्द बांटने आए हैं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा का पूर्वानुमान बेहद मुश्किल है, लेकिन राज्य सरकार समयबद्ध राहत एवं पुनर्वास कार्य सुनिश्चित कर रही है और आपदा प्रभावित परिवारों की हर तरह से मदद करेगी। प्रदेश में नए राज्य चयन आयोग के प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए गठित कमेटी से विस्तृत चर्चा की गई है और इसे हमीरपुर में ही खोला जाएगा क्योंकि यहां पर पहले से ही भवन इत्यादि उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जल्द ही लगभग 1200 पुलिस कर्मचारियों की भर्ती करने जा रही है, जिसे नशा तस्करी पर रोक लगाने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त यह पर्यटन पुलिस के रूप में भी इनकी सेवाएं ली जाएंगी। एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खनन गतिविधियों पर पहले भी 15 सितंबर तक रोक लगती थी और इस वर्ष भी लगाई गई है। उन्होंने कहा कि ब्यास नदी और इसकी सहायक नदियों पर क्रशर के संचालन पर रोक आपदा अधिनियम के तहत लगाई गई है। इस अवसर पर विधायक इंद्रदत्त लखनपाल और राजेंद्र राणा, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा, कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, पूर्व विधायक मनजीत डोगरा, उपायुक्त हेमराज बैरवा, पुलिस अधीक्षक डॉ. आकृति शर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले हिमाचल प्रदेश के 16 शिक्षकों को राज्य स्तरीय पुरस्कार से नवाजा गया है। मंगलवार सुबह शिक्षक दिवस पर राजभवन शिमला में राज्यपाल शिवप्रताप शुक्ल और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर इन शिक्षकों को सम्मानित किया। कांगड़ा, बिलासपुर, लाहौल-स्पीति और किन्नौर से एक भी शिक्षक का पुरस्कार के लिए चयन नहीं हुआ है। जिला शिमला से चार, कुल्लू-ऊना और हमीरपुर से दो-दो शिक्षकों को चुना गया है। मंडी-सोलन-सिरमौर और चंबा जिला से पुरस्कार के लिए एक-एक शिक्षक का चयन हुआ है। 10 शिक्षकों का चयन प्रदेशभर से प्राप्त हुए 39 आवेदनों के आधार हुआ था। तीन शिक्षकों किशोरी लाल, दलीप सिंह और हरीराम शर्मा को सरकार की ओर से गठित राज्य स्तरीय कमेटी ने चयनित किया। कार्यक्रम में इन शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र और शॉल व टोपी देकर सम्मानित किया गया। वहीं, पुरस्कार के लिए एक शिक्षक का नाम समारोह के दौरान ही घोषित किया गया। इसके अलावा बीते वर्ष राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिमला के वीरेंद्र कुमार व चंबा के युद्धवीर सिंह को भी राज्य पुरस्कार दिया गया पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों की सूची शिक्षक का नाम स्कूल का नाम पद अमर चंद चौहान वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल आनी, कुल्लू प्रिंसिपल दीपक कुमार वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल चंबा प्रवक्ता बायोलॉजी अशोक कुमार वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल मंडी प्रवक्ता वाणिज्य कृष्ण लाल वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल बजौरा, कुल्लू डीपीई हेम राज वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल हिमरी, शिमला टीजीटी नॉन मेडिकल कमल किशोर वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल त्यूरी, ऊना कला शिक्षक नरेश शर्मा प्राथमिक स्कूल गिरथरी, हमीरपुर मुख्य शिक्षक प्रदीप कुमार प्राथमिक स्कूल सलोह, सोलन जेबीटी शिव कुमार प्राथमिक स्कूल ककराना, ऊना जेबीटी कैलाश सिंह शर्मा केंद्रीय प्राथमिक स्कूल लालपानी, शिमला जेबीटी किशोरी लाल उपशिक्षा निदेशक कार्यालय हमीरपुर सीएचटी दलीप सिंह वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल वासनी, सिरमौर प्रवक्ता अंग्रेजी हरि राम शर्मा मॉडल वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल नेरवा, शिमला प्रिसिंपल सुरजीत सिंह राठौर छोटा शिमला स्कूल प्रवक्ता
विधानसभा के तीसरे सत्र (मानसून सत्र) के चलते शिक्षा विभाग में 11 से 25 सितंबर तक छुट्टियों पर रोक लगा दी गई है। 18 सितंबर से शुरू होने वाले मानसून सत्र के चलते उच्च और प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने निर्देश जारी कर दिए हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों को मानसून सत्र के चलते रविवार सहित अन्य छुट्टियों के दौरान भी बुलाया जा सकता है। सुबह आठ से रात आठ बजे तक अफसरों को दफ्तर में मौजूद रहना होगा। विभाग ने विधानसभा में शिक्षा विभाग से संबंधित लगे सभी प्रश्नों के जवाब जल्द देने के लिए भी कहा है। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान विभाग से संबंधित सभी प्रश्नों के जवाब तैयार होने चाहिए। अधिकारियों के पास हर तरह की जानकारी होनी चाहिए। हर शाखा में कम से कम एक अधिकारी इस दौरान रोजाना सुबह साढ़े आठ बजे ऑफिस में होना चाहिए। इनकी छुट्टियां हुई हैं रद्द अतिरिक्त निदेशक प्रशासन, कॉलेज, स्कूल उच्च शिक्षा, संयुक्त निदेशक कॉलेज, संयुक्त निदेशक फाइनेंस एंड अकाउंट, सह निदेशक, उच्च शिक्षा के सभी उपनिदेशक, सभी सरकारी कॉलेजों के प्रिंसिपल, कमांडर एनसीसी और चीफ लाइब्रेरियन सेंट्रल स्टेट लाइब्रेरी सोलन, प्रारंभिक शिक्षा के सभी उपनिदेशक, प्रिंसिपल डाइट की छुट्टियां रद्द करने के आदेश दिए गए हैं। इन अधिकारियों के तहत काम करने वाले स्टाफ को भी छुट्टियां नहीं मिलेंगी। विभाग में विभिन्न श्रेणी के कर्मचारियों के कितने पद सृजित हैं, कितने पद रिक्त हैं। कितने पद भरे गए हैं। निदेशालय के अधिकारियों ने कितने स्कूलों, कॉलेजों का निरीक्षण किया। कितने नए स्कूल, कॉलेज खोले गए। सरकार की विभिन्न योजनाओं का क्या स्टेटस है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के हमीरपुर जिला में नादौन क्षेत्र के दौरे के दौरान आज विभिन्न संगठनों और दानी सज्जनों ने आपदा राहत कोष-2023 के लिए उदारतापूर्वक अंशदान किया। मुख्यमंत्री को श्री माता बगलामुखी न्यास ने 5 लाख, गौना स्थित डाईट के कर्मचारियों ने 55 हजार, ज्योतिकलश संस्था टीहरा जिला मंडी ने एक लाख रुपये, प्राथमिक शिक्षक संघ गलोड़ ने 21 हजार रुपये, टीजीटी कला संघ ने 52 हजार रुपये, राजस्व विभाग कर्मचारी संघ ने 65 हजार रुपये और नादौन के चौरू गांव के डॉ. जय प्रेम ने 51 हजार रुपये के चेक राहत कोष के लिए भेंट किए। मुख्यमंत्री ने अंशदान के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि इस तरह के योगदान से जरूरतमंदों की जीवन में आशातीत बदलाव लाने में मदद मिलेगी।
विजिलेंस की ओर से पेपर लीक मामले के मुख्य आरोपी उमा आजाद और नितिन आजाद को सोमवार को कोर्ट में पेश किया। उन्हें 14 दिन के न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। चार दिन पहले इन्हें ऑक्शन रिकॉर्डर पेपर लीक मामले को लेकर कोर्ट में पेश किया गया था जहां से 4 दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया था। आरोपी नितिन आजाद इस मामले में नामजद किया गया है। उसने भी इस पेपर का टेस्ट दिया था, जिसे उसने पास कर लिया था। उल्लेखनीय है कि कमीशन में पेपर लीक मामले में उमा आजाद मुख्य आरोपी हैं और उनके दोनों बेटे निखिल और नितिन भी सलाखों के पीछे हंै। वहीं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में रविवार को स्पेशल कोर्ट लगाया गया था। जज के सामने हिमाचल कर्मचारी चयन आयोग में ऑक्शन रिकॉर्डर भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले के दो आरोपियों के हैंडराइटिंग सैंपल लिए गए थें। दरअसल ऑक्शन रिकॉर्डर भर्ती परीक्षा जब आयोजित की गई थी तो उसमें आयोग में हुए पेपर लीक मामलों में मुख्य आरोपी उमा आजाद के बेटे नितिन आजाद ने टॉप किया था यही कारण है कि दोनों को रविवार को स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया और वहां दोनों के हैंडराइटिंग सैंपल लिए गए यह प्रक्रिया पूरा दिन चली थी।
कहा- चयन आयोग के माध्यम से की जाएगी 6000 हजार शिक्षकों की भर्ती नादौन में मुख्यमंत्री संबल योजना के शुभारंभ पर जनसभा को किया संबोधित पेपर लीक मामले में भंग किए गए कर्मचारी चयन आयोग की जगह जल्द ही हमीरपुर में राज्य चयन आयोग का गठन किया जाएगा। कहा कि 6,000 हजार शिक्षकों की भर्ती चयन आयोग के माध्यम से की जाएगी। यह बात मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गृह जिले हमीरपुर के नादौन में मुख्यमंत्री संबल योजना के शुभारंभ पर जनसभा को संबोधित करते हुए कही। कहा कि जल्द कैबिनेट बैठक होने वाली है। तीन हजार अभी भरे जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में चिट्टे व अन्य तस्करी को राकने के लिए स्पेशल कमांडो फोर्स का गठन किया जा रहा है। इसमें 1200 पद भरे जाएंगे। इसी साल 10 हजार पद भरे जाएंगे इसी साल करीब 10 हजार पद भरे जा रहे हैं। इसमें आपदा के चलते समय लग रहा है। लेकिन अगले दो महीनों के भीतर राज्य चयन आयोग का गठन कर भर्ती परीक्षाएं शुरू की जाएंगी। सीएम ने कहा कि अब कोई पेपर लीक नहीं होगा, कोई भर्ती परीक्षा रद्द नहीं होगी। जो भी भर्ती होगी, पारदर्शी तरीके से कंप्यूटर के माध्यम से होगी। परीक्षा देने के एक हफ्ते के भीतर परिणाम जारी होगा। जिन अभ्यर्थियों का रिजल्ट आठ महीनों या दो साल से लंबित है, उन्हें आयु में भी छूट दी जाएगी ताकि वे भी भर्तियों के लिए आवेदन कर सके। दिव्यांग बच्चों को अब प्रति माह मिलेंगे 1 हजार रुपये इससे पहले मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गृह जिला हमीरपुर के नादौन में मुख्यमंत्री संबल योजना का शुभारंभ किया। गौना करौर स्थित राज्य शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) में आयोजित कार्यक्रम में विशेष रूप से सक्षम जिला हमीरपुर के 120 से ज्यादा दिव्यांग बच्चों को सहायता उपकरण भी वितरित किए गए। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के शिक्षकों और बच्चों लिए चार अन्य कार्यक्रम भी लांच किए। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी में दिव्यांग बच्चों को दो प्रतिशत का आरक्षण दिया है। दिव्यांग बच्चों को अब 1 हजार रुपये की राशि मासिक मिलेगी। अगले बजट में इसका प्रावधान करेगी। आने वाले पांच सालों में सभी गारंटियों को पूरा करेंगे। हिमाचल को अपने पैरों पर खड़ा होना पड़ेगा पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने कहा कि आपदा में केंद्र से कोई राहत नहीं मिली, लेकिन राज्य सरकार ने सड़कों व पानी की स्कीमों को खोलकर रखा, 75 हजार पर्यटकों को सुरक्षित निकाला। आपदा से 12 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। हिमाचल को अपने पैरों पर खड़ा होना पड़ेगा, आत्मनिर्भर होना पड़ेगा। इसके लिए व्यवस्था परिवर्तन करना होगा। कुछ विभागों में यह पहल हो चुकी हैं। पहली बार लोक निर्माण विभाग व आईपीएच में विकास कार्यों के टेंडर 60 दिन के बजाय 20 दिन में जारी हो रहे हैं। पहली बार है कि आपदा में लोक निर्माण विभाग में तीन दिन के भीतर टेंडर लगाकर सड़कें खुलवाई गईं। हमारी सरकार प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम करेगी।
हिमाचल प्रदेश प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने शिक्षक दिवस से एक दिन पूर्व राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कारों की घोषणा कर दी है। इस बार 13 शिक्षकों को इस पुरस्कार से नवाजा जाएगा। चयनित शिक्षकों को मंगलवार को राजभवन शिमला में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल सम्मानित करेंगे। शिक्षकों के यह पुरस्कार शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य और विद्यार्थियों को पढ़ाने में विशेष रुचि लेने के लिए दिया जा रहा है। इनमें से तीन शिक्षकों को सरकार की ओर से शिक्षा के क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य के लिए शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित किया गया। पुरस्कार के लिए चयनित शिक्षकों की सूची शिक्षक का नाम स्कूल का नाम पद अमर चंद चौहान जीएसएसएस आनी प्रिंसिपल दीपक कुमार जीबीएसएसएस चंबा प्रवक्ता बायोलॉजी अशोक कुमार जीबीएसएसएस मंडी प्रवक्ता वाणिज्य कृष्ण लाल जीएसएसएस बजौरा डीपीई हेम राज जीएसएसएस हिमरी शिमला टीजीटी नॉन मेडिकल कमल किशोर जीएसएसएस त्यूरी ऊना कला शिक्षक नरेश शर्मा जीपीएस गिरथरी मुख्य शिक्षक प्रदीप कुमार जीपीएस सलोह जेबीटी शिव कुमार जीपीएस ककराना जेबीटी कैलाश सिंह शर्मा जीसीपीएस लालपानी जेबीटी किशोरी लाल उप शिक्षा निदेशक कार्यालय हमीरपुर सीएचटी दलीप सिंह जीएसएसएस वसवानी प्रवक्ता अंग्रेजी हरि राम शर्मा जीएमएसएसएस नेरवा प्रिंसिपल
विकास कार्यों में तेजी लाने और सभी परियोजनाओं को समयबद्ध पूरा करने के दिए निर्देश मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं और कार्यक्रमों के कार्यान्वयन की समीक्षा के लिए आज यहां आयोजित प्रशासनिक सचिवों की मंडे मीटिंग की अध्यक्षता की। उन्होंने विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी परियोजनाओं को समयबद्ध पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय में सभी फाइलें ई-फाइल प्रणाली के माध्यम से भेजी जाए। इससे समय की बचत होगी और कार्यों को शीघ्र निपटाने में मदद भी मिलेगी। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग द्वारा प्रदान की जाने वाली सभी जन सेवाओं के लिए ऑनलाइन प्रणाली समयबद्ध कार्यान्वित की जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गवर्नेंस में सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग को विशेष अधिमान दे रही है। इससे प्रशासन में पारदर्शिता के साथ-साथ दक्षता भी सुनिश्चित होती है। उन्होंने सभी नगर निगमों और शहरी स्थानीय निकायों का पूर्णतया डिजिटाइजेशन सुनिश्चित करने को भी कहा। इससे लोगों को अधिकांश सेवाएं ऑनलाइन माध्यम से उनके घर में ही प्राप्त हो सकेंगी। मुख्यमंत्री ने नींबू प्रजाति फल उत्पादन बहुल क्षेत्र में अतिरिक्त जूस से साइडर बनाने के लिए आधुनिक संयंत्र स्थापित करने की संभावनाएं तलाश करने के निर्देश दिए। विद्यार्थियों की सुविधा के लिए उन्होंने शिमला, रिज स्थित पुस्तकालय के खुलने का समय बढ़ाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना, राजीव गांधी रोजगार योजना सहित अन्य योजनाओं की विस्तृत समीक्षा भी की। बैठक में मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, विभिन्न प्रधान सचिव और अन्य सचिव उपस्थित थे।
शिक्षा का उद्देश्य पूर्ण रूप से विकसित और शांतिप्रिय व्यक्तित्व रखने वाले व्यक्तियों का निर्माण करना है, जिनका पोषण विश्व और उनके आसपास के समाज के लिए कुछ बड़ी सोच रखने के लिए किया गया हो। एक बालक को केवल सूचनाएं प्रदान करने की प्रक्रिया के द्वारा नहीं बल्कि समग्र रूप से शिक्षित किया जाना चाहिए। गुरुदेव श्रीश्री रविशंकर का मानना है, 'कक्षा में बैठने से ही कोई शिक्षित हो रहा है, हम ऐसा नहीं मान सकते। हमें बच्चे के मन और शरीर के संपूर्ण विकास पर ध्यान देने के साथ-साथ उसमें अपनापन, साझा करने और दूसरों की देखभाल करने की भावना, प्रेम, अहिंसा और शांति जैसे मानवीय मूल्यों को विकसित करने पर भी ध्यान देना होगा।Ó एक सुंदर विचार है, जो प्राचीन गुरु-शिष्य परंपरा का हिस्सा था, जिसे आज पुनर्जीवित किया जाना चाहिए। एक अच्छा शिक्षक सदा यही चाहेगा कि उसका छात्र विजयी हो और एक अच्छा छात्र उस शिक्षक की जीत की कामना करेगा, जिसका ह्रदय विशाल है। छात्र जानता था कि उसके अल्प ज्ञान की विजय केवल दुख लाएगी, जबकि गुरु के महान ज्ञान की जीत केवल अच्छाई लाएगी। इस सोच ने छात्र और शिक्षक के मध्य एक स्वस्थ संबंध बनाया, जहां छात्र और शिक्षक अपनी वृद्धि और विकास की यात्रा पर एक-दूसरे पर पूरा भरोसा करते थे। अच्छे शिक्षक का धैर्यवान होना जरूरी एक अच्छे शिक्षक को बहुत धैर्य की आवश्यकता होती है। एक शिक्षक का धैर्य छात्रों के जीवन में चमत्कार पैदा कर सकता है, भले ही वे सीखने में थोड़े धीमे हों। माता-पिता को घर पर केवल एक या दो बच्चों को संभालना होता है, जबकि शिक्षकों को छात्रों से भरे कक्ष को संभालना होता है। यह स्पष्ट रूप से शिक्षकों के लिए अधिक तनावपूर्ण और कठिन है। इसलिए शिक्षकों को अधिक केंद्रित होने की जरूरत है। ध्यान और श्वास अभ्यास जैसी विधियाँ शिक्षकों को शांत और केंद्रित रहने के लिए तैयार करने में काफी मदद कर सकती हैं। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि बच्चे हर समय शिक्षकों को देख रहे होते हैं और उनसे सीख रहे होते हैं। शिष्य को प्रत्येक कदम पर मार्गदर्शन की आवश्यकता आज शिक्षकों के लिए यह समझना बहुत महत्वपूर्ण है कि छात्र कहां खड़े हैं और उन्हें वहां से अंतिम लक्ष्य तक जाने में प्रत्येक कदम पर मार्गदर्शन की आवश्यकता है। यहां हम भगवान कृष्ण से सीख सकते हैं कि किस तरह वे कदम दर कदम धैर्य और प्रेम के साथ अर्जुन को अंतिम मंजिल तक ले जाते हैं। आरंभ में अर्जुन भ्रमित थे और उनके मन में बहुत सारे सवाल थे। जैसे-जैसे एक छात्र बड़ा होता है, उसे बहुत अधिक भ्रम होना स्वाभाविक है क्योंकि उसकी अवधारणाएं टूटती रहती हैं। उदाहरण के लिए, हम सीखते हैं कि सूर्य पूर्व में उगता है, बाद में हमें पता चलता कि वास्तव में ग्रह कैसे गति करते हैं। इसलिए एक अच्छा शिक्षक छात्र के मन में उठने वाले इन सवालों के दौरान मार्गदर्शन करने के लिए उपलब्ध होता है। एक अच्छा शिक्षक जानकार होता है और छात्र को इन भ्रमों को दूर करने के लिए मार्गदर्शन करता है। साथ ही कई बार जरूरत पड़ने पर शिक्षक भ्रम पैदा भी कर सकते हैं। विद्रोही लोगों को प्रोत्साहन और पीठ थपथपाने की जरूरत शिक्षकों को एक नाजुक संयोजन के लिए प्रयास करना चाहिए जो है प्रेम के साथ दृढ़ता। ऐसे शिक्षक हैं, जो बहुत प्रेम करते हैं और कुछ अन्य केवल कठोर हैं। ऐसे बच्चे हैं जो विद्रोही हैं और ऐसे बच्चे हैं जो भीरु और शर्मीले हैं। विद्रोही लोगों को प्रोत्साहन और पीठ थपथपाने की जरूरत है। आपको उन्हें प्यार और उनकी देखभाल का एहसास कराना चाहिए और यह एहसास दिलाना चाहिए कि वे आपके अपने हैं। लेकिन जो बच्चे शर्मीले और डरपोक हैं, उन्हें खुलकर आगे आने और बोलने में सक्षम बनाने के लिए आप थोड़ा दृढ़ हो सकते हैं। उनके साथ सख्ती से पेश आएं और प्रेम भी करें। अक्सर हम इसका विपरीत करते हैं। शिक्षक विद्रोही बच्चों के साथ सख्ती से पेश आते हैं और शर्मीले बच्चों के साथ उदार बन जाते हैं। तब उनका व्यवहार का क्रम बेहतरी के लिए नहीं बदलेगा। आपको कठोर और कोमल दोनों होने की आवश्यकता है, अन्यथा आप छात्र का मार्गदर्शन उस दिशा की ओर नहीं कर पाएंगे जहां आप उन्हें ले जाना चाहते हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, 18 करोड़ सदस्यों वाली भाजपा का सदस्य होना सम्मान की बात हमीरपुर जिला भाजपा की नवगठित टीम का लगातार समीरपुर में पहुंचना जारी है। जिला कार्यकारिणी सहित पांचों मंडलों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता समीरपुर में पहुंच कर पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रेम कुमार धूमल से आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। इसी कड़ी में रविवार को भारतीय जनता पार्टी बड़सर मंडल के नवनियुक्त पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने समीरपुर में पहुंचकर पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल का आशीर्वाद प्राप्त किया। पूर्व मुख्यमंत्री धूमल ने सभी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं को उनकी नई जिम्मेवारियों हेतु बधाई एवं शुभकामनाएं दीं साथ ही विश्वास जताया कि वे सभी अपनी-अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाएंगे। प्रेम कुमार धूमल ने अपने संबोधन में कहा कि अपने कार्यकर्ताओं के नाम यदि मैं लेने लगा, तो इसमें काफी समय व्यतीत होगा क्योंकि मुझे हर एक कार्यकर्ता नाम से याद है। उन्होंने कहा कि सबसे पहले मैं आपका आभार व्यक्त करता हूं कि आप इतनी संख्या में आए और ढोल नगाड़ों के साथ आए हैं। बाबा बालक नाथ जी की पवित्र भूमि से आप आए हैं, आपका हार्दिक अभिनंदन है। उन्होंने कहा कि मंडलों का गठन हमेशा दो-तीन साल बाद होता रहा है, इस बार नई टीम जो बलदेव शर्मा के नेतृत्व में बनी है, वह युवा टीम बनी है। धूमल ने कहा कि कोई भी पोस्ट परमानेंट नहीं है, कोई प्रधानमंत्री हो, मुख्यमंत्री हो, मंत्री हो, कुछ समय के बाद उनके साथ पूर्व या पूर्व लग जाता है, लेकिन एक पद ऐसा होता है जिसका हमेशा मान रहता है, वह कार्यकर्ता होता है। कार्यकर्ता के साथ कभी पूर्व नहीं लगता। भाजपा राष्ट्रीय स्तर की पार्टी है, इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी भी कार्यकर्ता हैं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी भी कार्यकर्ता हैं एवं हम सभी भी कार्यकर्ता हैं। भारतीय जनता पार्टी, जिसके 18 करोड़ से ज्यादा सदस्य हैं, इसका कार्यकर्ता होना एक सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि पार्टी के विचारधारा को आगे ले जाते हुए देश की सेवा करनी है। यह एक युग परिवर्तन है, केंद्र में कहीं ताकतें एकजुट हो रही हैं कि देश को तोड़ना है, लेकिन हमें देश को बचाना है। उन्होंने कहा कि मोदी जी के नेतृत्व में कश्मीर के घर-घर में तिरंगा लहराया गया है, साथ ही अब चांद पर भी तिरंगा लहरा दिया है। उन्होंने कहा कि मोदी जी की ताकत देश के 140 करोड़ लोग हैं। धूमल ने कहा कि हमारे लिए राजनीति सेवा का साधन है, धन कमाने का नहीं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आवाहन किया कि वह जितनी मेहनत करेंगे, उतनी ही पार्टी आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि मतदान केंद्र पर एक कार्यकर्ता बैठा हो और एक तरफ में बैठा हूं, तो इसमें कार्यकर्ता का अधिक महत्व है। बड़े नेता तो मात्र भाषण कर सकते हैं, लेकिन मतदान केंद्र पर वोट कार्यकर्ता के माध्यम से ही होता है। उन्होंने कहा कि हमारा सौभाग्य है कि हमें ऐसा नेतृत्व मिला है जिसे विश्व भर में लोग सर आंखों पर उठते रहते हैं। अभी हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऑस्ट्रेलिया गए, तो वहां के प्रधानमंत्री ने कहा कि मोदी इज द बॉस। इतना मान सम्मान मिला है कि इससे समस्त भाजपा परिवार गौरवान्वित है। पूर्व मुख्यमंत्री ने इस मौके पर चुटकी लेते हुए कहा कि गत दिवस को कंज्याण की हेलीपैड पर प्रदेश के मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर उतर रहा था तो नीचे गाय और बैल एकत्रित हो गए, मानो वे पूछ रहे हों कि हमारे गोबर और दूध का मूल्य कब मिलेगा? उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के पास बोलने के लिए कुछ नहीं है। उनका अपना 10 गारंटियों का मेनिफेस्टो ही उनके जी का जंजाल बना हुआ है। कोई काम नहीं हो रहा है और कहते हैं कि केंद्र से कुछ नहीं मिल रहा। केंद्र जितना दे सकता है, दे रहा है, बल्कि ज्यादा ही दे रहा है। लेकिन जब गारंटियां देने लगे थे, तो बड़े-बड़े सब्ज बाग जनता को दिखा दिए। अंत में उन्होंने कहा कि सभी भाजपा कार्यकर्ता मिल-जुल कर काम करें ताकि लगातार तीसरी बार केंद्र में भाजपा सरकार बने। हिमाचल की चारों सीटों पर कमल खिलाकर मोदी जी को प्रधानमंत्री बनाना है। इससे पहले समीरपुर पहुंचने पर सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री का गर्मजोशी के साथ अभिनंदन किया एवं आभार जताया। इस अवसर पर पूर्व विधायक बलदेव शर्मा, वरिष्ठ महिला नेत्री माया शर्मा, बड़सर मंडल के अध्यक्ष यशवीर पटियाल, महामंत्री संजीव कुमार, मुकेश बन्याल, उपाध्यक्ष मांगा राम, कमलेश ढिल्लों, सुभाष बनियाल, चतर सिंह, जिला भाजपा अध्यक्ष देशराज शर्मा एवं उपाध्यक्ष अभयवीर सिंह लवली सहित अन्य भाजपा पदाधिकारी को कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
त्योहारी सीजन से पहले ही हिमाचल प्रदेश मिल्क फेडरेशन ने दुग्ध उत्पादों के दाम बढ़ाकर उपभोक्ताओं को झटका दे दिया है। फेडरेशन ने अलग-अलग उत्पादों के 2.50 से 50 रुपये तक दाम बढ़ा दिए हैं। फेडरेशन का हिम देसी घी 50 रुपये की बढ़ोतरी के साथ 650 रुपये प्रतिकिलो मिलेगा। हालांकि दूध के दामों में बढ़ोतरी नहीं हुई। फेडरेशन ने देसी घी के अलावा पनीर के 200 ग्राम पैकेट के दाम में छह रुपये बढ़ोतरी की है। हिम खोया में प्रतिकिलो के हिसाब से 20 रुपये बढ़ोतरी की गई है। हिम बटर में 25 रुपये आधा किलो के हिसाब से बढ़ाए गए हैं। मिल्क फेडरेशन के चक्कर स्थित प्लांट के यूनिट प्रभारी शुभम ने बताया कि दुग्ध उत्पादों के बढ़े हुए दाम 1 सितंबर से लागू हो गए हैं।
मुख्य सचिव एवं राज्य कार्यकारी समिति के अध्यक्ष प्रबोध सक्सेना ने आज यहां राज्य आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 की धारा 24 (1) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य में निर्माण गतिविधियों के संबंध में आदेश जारी किए हैं। इन आदशों के अनुसार आपदा प्रभावित इमारतों और सड़कों के पुनर्निर्माण कार्यों को छोड़कर किसी भी प्रकार के निजी विकास और निर्माण गतिविधि के लिए पहाड़ियों के कटान पर पूरे राज्य में 16 सितंबर तक प्रतिबंध लगाया गया है। इसके अतिरिक्त शिमला, मंडी, कुल्लू, कांगड़ा, सोलन और चंबा जिलों में वाणिज्यिक, पर्यटन इकाइयों के निर्माण के संबंध में 16 सितंबर तक नई योजना अनुमति एवं भवन अनुमति पर प्रतिबंध रहेगा।यह निर्णय प्रदेश में भारी बरसात के कारण आई प्राकृतिक आपदा के दृष्टिगत मानवीय जीवन, आधारभूत संरचना, पारिस्थितिकी की सुरक्षा के मद्देनजर लिया गया है।
हमीरपुर जिला भाजपा की नवनियुक्त कार्यकारिणी ने शनिवार को समीरपुर पहुंच कर पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल से मुलाकात की एवं उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस मौके पर उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री सहित भाजपा शीर्ष नेतृत्व का आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के नेतृत्व में समस्त भाजपा टीम अपनी जिम्मेदारी बाखूबी निभा रही है एवं नई जिम्मेदारियां को भी बाखूबी निभाएगी। इस दौरान प्रेम कुमार धूमल ने सभी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया एवं मिष्ठान भी करवाया गया। धूमल ने कहा कि सभी नवयुक्त पदाधिकारी एवं सदस्यों को बधाई एवं शुभकामनाएं एवं नई जिम्मेदारी को निभाने में वे सफल होंगे, इसका उन्हें पूर्ण विश्वास है। इस मौके पर जिला भाजपा अध्यक्ष देशराज शर्मा सहित समस्त नवनियुक्त कार्यकारिणी उपस्थित रही। कार्यकारिणी सदस्यों ने अपनी नियुक्ति पर पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल सहित प्रदेश भाजपा संगठन, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं गृह मंत्री अमित शाह सहित पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद अनुराग ठाकुर का धन्यवाद किया है।
हिमाचल कांग्रेस के दिग्गज नेता एवं सुजानपुर से विधायक राजेंद्र राणा ने अपनी ही सरकार पर सवाल दागे हंै। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को पत्र लिखकर भंग किए गए हिमाचल प्रदेश स्टाफ सिलेक्शन कमीशन को बहाल करने, भर्ती परीक्षाओं के लटके हुए रिजल्ट घोषित करने और पूर्व सरकार में हुए पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती स्कैब में दोषी अफसरों पर कार्रवाई की मांग की है। सीएम के नाम लिखे पत्र में राजेंद्र राणा ने कहा कि लंबे समय से भर्तियों के परिणाम रुके हुए हैं। जिन युवाओं ने परीक्षा उत्तीर्ण की है, वे अब बेचैन हैं और बड़ी बेसब्री से रिजल्ट का इंतज़ार कर रहे हैं। देरी के कारण कुछ युवा ओवर-एज हो रहे हैं। युवा इस बात से चिंतित हैं कि आयु सीमा लांघने के कारण कहीं वे सरकारी नौकरी के लिए अपात्र ना हो जाएं। उन्होंने मुख्यमंत्री से लटके हुए रिजल्ट जल्द घोषित करने का आग्रह किया है। एचपीएसएससी को बनाया जाए क्रियाशील कांग्रेस विधायक ने कहा कि एचपीएसएससी लंबे समय से बंद पड़ा है। उन्होंने सीएम से आग्रह कि में एचपीएसएससी ईमानदार अधिकारी की तैनाती करके इसे फिर से क्रियाशील बनाया जाए, क्योंकि हजारों युवाओं की उम्मीद इसके साथ जुड़ी हुई जुड़ी हुई हैं। पुलिस भर्ती स्कैम के दोषियों के खिलाफ की जाए कार्रवाई राजेंद्र राणा ने कहा कि पूर्व सरकार में पुलिस भर्ती स्कैम हुआ था। इससे हज़ारों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। तब इस मामले को विपक्ष में रहते हुए कांग्रेस ने सदन में जोर शोर से उठाया था। मगर, अब इस स्कैम पर संजीदगी दिखाने की जरूरत है और प्रदेश के युवाओं की उम्मीदें आप पर हैं। इस भर्ती स्कैम में जो अधिकारी संलिप्त थे, उन पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गुरुवार देर सायं सभी उपायुक्तों के साथ एक वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता की और उन्हें अपने जिलों में भारी बारिश से हुए नुकसान का तीन दिन के भीतर आकलन करने के निर्देश दिए। उन्होंने आपदा प्रभावितों की सहायता के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए अधिकारियों को राहत व पुनर्वास कार्यों मेें तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने उपायुक्तों से क्षति की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उपायुक्त जिलों में क्षति का मूल्यांकन कर सम्बंधित क्षेत्रों को आपदा प्रभावित क्षेत्र का दर्जा प्रदान करें। उन्होंने कहा कि प्रभावितों को राहत राशि के उचित वितरण के लिए एसडीएम और उपायुक्तों सहित राजस्व अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि भारी बारिश के कारण हुई तबाही के दृष्टिगत राज्य सरकार ने एक विशेष राहत पैकेज की घोषणा की है। इसमें प्रभावितों की सहायता के लिए दस गुणा तक बढ़ा मुआवजा प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व में पक्के मकान को आंशिक क्षति पर 12,500 रुपये और कच्चे घर को आंशिक क्षति होने पर 10,000 रुपये की राहत राशि दी जाती थी। लेकिन प्राकृतिक त्रासदी के कारण हुए नुकसान को देखते हुए सरकार ने इसे बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया है। उन्होंने कहा कि पहले दुकानों और ढाबों को हुए नुकसान के मुआवजे के रूप में सामान के बदले केवल 10 हजार रुपये की आंशिक आर्थिक सहायता मिलती थी जिसे अब राज्य सरकार ने दस गुना बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया है। इसके अलावा, नए प्रावधानों के अनुसार दुधारू और भारवाहक मवेशियों की मृत्यु पर प्रति पशु 55,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी और भेड़, बकरी और सुअर की मृत्यु की स्थिति में वित्तीय सहायता को 4000 रुपये से बढ़ाकर 6000 रुपये कर दिया गया है। प्रदेश में धंसते क्षेत्रों के संबंध में चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह की प्राकृतिक आपदा के कारण उत्पन्न स्थितियों का गहन अध्ययन करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जिन प्रभावितों की सम्पत्ति पूर्ण रूप से नष्ट हो गई है, उन्हें पर्याप्त सहायता सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि ईमारती लकड़ी और ईंधन की लकड़ी की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए राज्य सरकार ने प्रदेश से बाहर इनके निर्यात पर प्रतिबंध लगाया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के इस आदेश की सख्ती से अनुपालना सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने आपदा के दौरान उपायुक्तों द्वारा किए गए त्वरित प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की प्रतिबद्धता के फलस्वरूप 48 घंटों के भीतर विद्युत एवं पेयजल आपूर्ति बहाल की गई। उन्होंने कहा कि अब विभाग सड़कों की मरम्मत पर विशेष ध्यान दे ताकि किसान अपनी उपज समयबद्ध बाजार तक पहुंचा सकें। उन्होंने कहा कि सड़कों को बहाल करने के लिए मशीनें किराये पर लेने में धन की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। बैठक में प्रधान सचिव राजस्व ओंकार चंद शर्मा, प्रधान सचिव लोक निर्माण भरत खेड़ा, प्रधान सचिव वित्त मनीष गर्ग, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निदेशक डीसी राणा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 के प्रावधानों के तहत हुई गिरफ्तारियां हिमाचल प्रदेश के बहुचर्चित 250 करोड़ के छात्रवृत्ति घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये गिरफ्तारियां धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 के प्रावधानों के तहत की गई हैं। इनमें एएसएएमएस एजुकेशन ग्रुप के पार्टनर राजदीप जोसन और कृष्ण कुमार, केसी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट पंडोगा के उपाध्यक्ष हितेश गांधी और प्रदेश उच्च शिक्षा निदेशालय की छात्रवृत्ति शाखा के तत्कालीन अधिकारी अरविंद राजटा शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों को विशेष न्यायालय पीएमएलए शिमला में पेश किया गया। न्यायालय ने चारों को पांच दिन के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया। ईडी ने सीबीआई शिमला की ओर से दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की है। आरोप है कि राज्य शिक्षा विभाग, निजी संस्थान और बैंक अधिकारी करीब 250 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति निधि के वितरण में बड़े पैमाने पर गलत विनियोजन में शामिल थे। ईडी की जांच से पता चला कि राजदीप जोसन और कृष्ण कुमार ने मैसर्स एएसएएमएस एजुकेशन ग्रुप एंड स्किल डेवलपमेंट सोसायटी के माध्यम से फर्जी दस्तावेज पेश करके अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित विद्यार्थियों के लिए पोस्ट-मैट्रिक योजना के तहत छात्रवृत्ति घोटाला किया। इसी तरह हितेश गांधी की अध्यक्षता वाले केसी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट पंडोगा ने छात्रवृत्ति के लिए फर्जी दावे किए, जिन्हें अरविंद राजटा ने सत्यापित किया। हितेश गांधी ने विद्यार्थियों के बैंक खाते में वितरित छात्रवृत्ति को केसी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट के बैंक खातों में स्थानांतरित कर दिया। इससे पहले 31 अगस्त को चार राज्यों में 24 स्थानों पर तलाशी ली गई थी। इसमें 4.42 करोड़ रुपये की अंतिम कुर्की आदेश दिया गया था। हिमाचल, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली के 24 स्थानों पर पड़े थे छापे प्रवर्तन निदेशालय ने छात्रवृत्ति घोटाले के मामले में 29 अगस्त को हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली के 24 स्थानों पर इस मामले में छापे मारे थे। ईडी ने इन छापों के दौरान बैंक खातों में 2.55 करोड़ रुपये की अघोषित नकदी जब्त की थी। छात्रवृत्ति घोटाले में संलिप्त आरोपियों ने खोल दिए होटल और शराब के ठेके हिमाचल में सामने आए 250 करोड़ रुपये से अधिक के बहुचर्चित छात्रवृत्ति घोटाले में संलिप्त कुछ निजी शिक्षण संस्थानों के मालिकों ने होटल और शराब के ठेके भी खोल दिए हैं। इन्होंने इसी बीच जमीन की भी खरीद-फरोख्त की है। सीबीआई की जांच में इसका खुलासा हुआ है। इनके पास आय से अधिक संपत्ति है, जिसे प्रवर्तन निदेशालय जब्त कर रहा है। सीबीआई ने अब तक की जांच के तहत करीब 28 निजी संस्थानों को छात्रवृत्ति घोटाले में संलिप्त पाया है। इनमें से 15 संस्थानों की जांच पूरी हो चुकी है। इनके खिलाफ आरोप पत्र भी दाखिल किए जा चुके हैं। 13 निजी शिक्षण संस्थानों की जांच चल रही है। यह घोटाला 2013 से 2019 के बीच हुआ है। पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर छात्रवृत्ति हुई जारी सीबीआई जांच में खुलासा हुआ है कि छात्रवृत्ति घोटाले को लेकर हर स्तर पर अनियमितताएं बरती गईं। आपसी मिलीभगत से निजी संस्थानों को पहले आओ और पहले पाओ के आधार पर छात्रवृत्ति के लिए बजट जारी हुआ। यही कारण रहा है कि छात्रवृत्ति का 80 प्रतिशत बजट निजी और 20 प्रतिशत बजट सरकारी संस्थानों को जारी हुआ।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनीष गर्ग ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार निर्वाचक नामावली को शुद्ध एवं त्रुटिरहित व अद्यतन बनाए रखने के उदेश्य से बी.एल.ओ. द्वारा 21-07-2023 से अपने मतदान क्षेत्र के अन्तर्गत घर-घर जाकर फोटोयुक्त मतदाता सूचियों में विद्यमान प्रविष्टियों के सत्यापन का कार्यक्रम आरम्भ किया गया था जो कि दिनांक 21-08-2023 तक चला। इस दौरान 01-10-2023 की अहर्ता तिथि के आधार पर 18 वर्ष से अधिक आयु प्राप्त कर चुके 32,403 मतदाताओं की पहचान कर प्रारूप 6 पर आवेदन प्राप्त कर लिये गये है। सत्यापन के दौरान 18,445 मतदाता अनुपस्थित व 41,488 स्थानान्तरित मतदाता चिन्हित किये गये। इसके अतिरिक्त मतदाता सूची में 3,335 दोहरे रूप से पंजीकृत, व 40,939 मृत मतदाताओं की पहचान की गई तथा फोटो मतदाता सूची में 21,723 मतदाताओं की खराब व धुन्धली फोटो को रंगीन फोटो से परिवर्तित करने हेतु पहचान की गई। इसके अतिरिक्त उन्होने यह भी बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार हिमाचल प्रदेश के समस्त 68 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के मतदान केन्द्रों के भौतिक सत्यापन का कार्यक्रम भी समस्त जिला निर्वाचन अधिकारियों, समस्त निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों एवं उप-मण्डलाधिकारी की देख रेख में दिनांक 22-08-2023 से 31-08-2023 तक चलाया गया था। उन्होंने कहा कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 25 के प्रावधानुसार 2 से 8 सितम्बर, 2023 तक मतदान केंद्रों की सूचियां प्रारूप में प्रकाशित की जायेंगी। यह सूचियां समस्त जिला निर्वाचन कार्यालयों, समस्त निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी एवं उप-मण्डलाधिकारी (नागरिक), समस्त तहसीलों व उप-तहसीलों के कार्यालयों में जनसाधारण के निःशुल्क निरीक्षण के लिए उपलब्ध रहेेंगी। इस दौरान यह सूचियां https://ceohimachal.gov.in पर भी देखी जा सकती हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि प्रदेशवासी मतदान केंद्रों के युक्तिकरण के सम्बंध में अपनी कोई आपत्ति अथवा परामर्श 2 से 8 सितम्बर, 2023 तक अपने जिले से सम्बंधित जिला निर्वाचन अधिकारी (जिलाधीश), निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (एडीएम/एसडीएम) के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं।
विभाग बोला-जल्द शुरू होगी लकड़ी की नीलामी प्रक्रिया वन विभाग द्वारा जंगलों में काटी गई लकड़ी अभी तक नहीं उठाई गई है। ऐसे में बरसात का मौसम निकल जाने के कारण लकड़ी खराब भी हो सकती है। वन विभाग द्वारा इसके लॉट्स बनाकर कारपोरेशन को सौंपा जाना है, लेकिन अभी तक इसे नहीं सौंपा गया है। विभाग का कहना है कि मार्किंग का कार्य शुरू हो गया है, इसे कारपोरेशन को जल्द ही भेज दिया जाएगा। विभाग ने चीड़ के पेड़ों को काटकर जंगलों के आसपास रखा है, बरसात के कारण लकड़ी खराब भी हो सकती है। लकड़ियों के ऊपर मिट्टी आने से लकड़ी गल या सड़ सकती है। जंगलों में कई जगह सड़कों के आसपास पेड़ भी झुक चुके हैं, जो दुर्घटना का कारण बन सकते हैं, उन्हें भी अभी तक नहीं काटा गया है। विभाग का कहना है कि इसको लेकर भी विभाग मार्किर्ंग करेगा और उसके बाद ही इन्हें काटने की प्रक्रिया शुरू होगी। इस बारे में डीएफओ राकेश का कहना है कि जो भी लकड़ी जंगलों के आसपास काट कर रखी गई है। उन्हें लौट बनाकर शीघ्र ही उनकी नीलामी प्रक्रिया की जाएगी और उसे कारपोरेशन को भी भेज दिया जाएगा।
भाजपा महिला मोर्चा की राज्य अध्यक्ष वंदना योगी ने रक्षाबंधन के उपलक्ष में भाजपा द्वारा दिए गए रक्षाबंधन कार्यक्रम के तहत नादौन नगर परिषद के कार्यालय में सफाई कर्मचारियों व पुलिस थाना में पुलिस कर्मियों के साथ रक्षाबंधन का त्यौहार मनाया। जिसमें सफाई कर्मचारी, पुलिस कर्मियों व टैक्सी चालकों को राखी बांधी गई। इस दौरान उनके साथ महिला कार्यकर्ता व अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे। वंदना योगी ने कहा कि पार्टी हर स्तर पर महिला मोर्चा के माध्यम से रक्षाबंधन का पर्व मना रही है। महिला कार्यकर्ता इस पर्व को सफल करेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि सभी समाज के विभिन्न वर्गों में पहुंचकर रक्षाबंधन का त्योहार मनाए।
कहा-पात्र विद्यार्थियों को शिक्षा के लिए 20 लाख रुपये का ऋण प्रदान करने की सुविधा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां कहा कि राज्य सरकार ने पात्र हिमाचली विद्यार्थियों को एक प्रतिशत ब्याज की दर पर ऋण प्रदान करने के लिए वित्त वर्ष 2023-24 से डॉ. यशवंत सिंह परमार विद्यार्थी ऋण योजना लागू की है। उन्होंने कहा कि इस योजना से यह सुनिश्चित होगा कि राज्य का कोई भी युवा वित्तीय संसाधनों की कमी के कारण उच्च या व्यावसायिक शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जिस परिवार की वार्षिक आय 4 लाख रुपये से कम है, उस परिवार का छात्र इस योजना के तहत ऋण प्राप्त करने के लिए पात्र है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे मामलों में जहां बैंक को शुल्क राशि की पहली किस्त जारी करने में समय लग रहा है, संबंधित संस्थान को शुल्क राशि की पहली किस्त जारी करने के लिए सभी जिलों के उपायुक्त कार्यालय के स्तर पर एक कोष बनाया जाएगा ताकि छात्र को संस्थान में प्रवेश लेने में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से उच्च शिक्षा विभाग से पात्र छात्रों द्वारा लिए गए शिक्षा ऋण के बदले ब्याज सब्सिडी का दावा करने के लिए नोडल बैंक नामित करेगी। उन्होंने कहा कि नोडल बैंक उच्च शिक्षा विभाग के साथ समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित करेगा। उन्होंने कहा कि ऋण लेने वाले विद्यार्थियों को अपनी पसंद के संस्थान में प्रवेश पाने से पहले पोर्टल पर अपना पंजीकरण करना होगा और योजना के तहत अपने आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे। इसके पश्चात विद्यार्थी को प्रवेश में चयनित होने का प्रमाणन करने से संबंधित दस्तावेज भी अपलोड करने होंगे। विद्यार्थी के पात्र पाए जाने पर उच्च शिक्षा निदेशक ऋण की पहली किस्त जारी करने के लिए संबंधित बैंक को मामले की सिफारिश करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के तहत पात्र विद्यार्थी हिमाचल प्रदेश में स्थित किसी भी अनुसूचित बैंक से शिक्षा ऋण प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि योजना के तहत विद्यार्थी बोर्डिंग, आवास, ट्यूशन फीस, किताबें और उनकी शिक्षा से जुड़े अन्य संबद्ध खर्चों को पूरा करने के लिए अधिकतम 20 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण ले सकते हैं। सीएम सुक्खू ने कहा कि पिछली कक्षा में 60 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले छात्र व्यावसायिक व तकनीकी शिक्षा जैसे इंजीनियरिंग, चिकित्सा, प्रबंधन, पैरा मेडिकल फार्मेसी, नर्सिंग, विधि इत्यादि में डिप्लोमा व डिग्री कोर्स तथा औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों, बहुतकनीकी संस्थानों से तकनीकी कोर्स तथा मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों और विश्वविद्यालयों से पी.एच.डी. करने के लिए एक प्रतिशत ब्याज की दर से ऋण लेने के लिए पात्र होंगे। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक ऋण की सुविधा का लाभ प्राप्त करने के लिए विद्यार्थियों के पंजीकरण एवं प्रवेश तिथि को आयु सीमा 28 वर्ष निर्धारित की गई है। सुक्खू ने कहा कि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने और छात्रों की प्रगति की निगरानी के लिए नियमित अवधि में योजना के परिणामों का मूल्यांकन करने के लिए एक तंत्र विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग शिकायत निवारण अधिकारी नामित करेगा, जिसके पास छात्र ईमेल, डाक या किसी डिजिटल माध्यम से अपनी शिकायतें दर्ज करवा सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह योजना गरीब छात्रों को उनकी क्षमता के अनुरूप जीवन में उनकी आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच सुनिश्चित करेगी।
कहा-सीमित संसाधनों के बावजूद प्रभावितों को प्रदान की जाएगी हरसंभव मदद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज हमीरपुर जिला के भोरंज विधानसभा क्षेत्र के बाढ़ तथा भू-स्खलन प्रभावित हिम्मर-दरोबड़ी, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बाहनवीं, खुराल पुल, चंदरूही, नगरोटा गाजियां और अन्य गांवों का दौरा किया तथा वहां हुए भारी नुक्सान का जायजा लिया। उन्होंने इन गांवों में चल रहे राहत एवं पुनर्वास तथा मरम्मत कार्यों का निरीक्षण भी किया और प्रभावित लोगों का हाल-चाल पूछा। उन्होंने राहत एवं पुनर्वास तथा मरम्मत कार्यों के संबंध में अधिकारियों को दिशा-निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों की जान बचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और स्थानीय प्रशासन लोगों की सुरक्षा को सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इस मॉनसून के मौसम में अत्यधिक नुकसान हुआ है लेकिन राज्य सरकार हर प्रभावित तक मदद पहुंचाना सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश सरकार हिमाचल में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों को घर निर्माण के लिए हर संभव सहायता प्रदान करेगी। कंजयाण हैलिपैड पर पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार सीमित संसाधनों के बावजूद सभी प्रभावितों को हरसंभव मदद प्रदान करेगी। नहीं देगी। उन्होंने कहा कि वह स्वयं आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करके नुकसान का जायजा ले रहे हैं और विश्व बैंक तथा नीति आयोग जैसी संस्थाओं ने भी प्रभावित को तुरंत सहायता पहुंचाने के लिए प्रदेश सरकार के प्रयासों की सराहना की है। उन्होंने कहा कि 18 सितंबर से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में इस आपदा पर व्यापक चर्चा की जाएगी। इस अवसर पर हमीरपुर की संस्था सीनियर सिटीजन काउंसिल के पदाधिकारियों ने 21 लाख रुपये और कॅरियर प्वाइंट यूनिवर्सिटी भोरंज के विद्यार्थियों ने 3 लाख रुपये के चेक आपदा राहत कोष के लिए मुख्यमंत्री को भेंट किए। इस अवसर पर भोरंज के विधायक सुरेश कुमार, हमीरपुर के विधायक आशीष शर्मा, कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, कांगड़ा सहकारी प्राथमिक कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के अध्यक्ष राम चंद्र पठानिया, हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम के समन्वयक अतुल कड़ोहता, कांग्रेस के पदाधिकारी, उपायुक्त हेमराज बैरवा तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
जब आंखों के सामने ही सपनों का आशियाना धराशायी हो जाए तो दर्द कितना होता होगा, इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। ऐसा ही दर्द मंडी जिले के उप मंडल सरकाघाट के कई परिवारों का है। इनमें से एक अति निर्धन परिवार उप मंडल की ग्राम पंचायत रिस्सा के गांव रिस्सा का है। रिन्टू पुत्र टेक चंद के परिवार पर आपदा एक कहर बनकर आ बरसी है। इस बरसात ने इनका नया और पुराना घर दोनों छीन लिये हैं। यही नहीं गांव की सारी जमीन भूस्खलन की चपेट में आ गई है तथा मौजूदा समय में रिन्टू अपने पूरे परिवार के साथ रिस्सा के सरकारी स्कूल में अपना कष्ट भरा समय गुजार रहे हैं। आप सभी दानी सज्जनों से एक सादर अपील है कि आपकी छोटी से छोटी मदद भी इन सबको एक कुटिया बनाने में सहायक सिद्ध हो सकती है। ये लोग सरकार से भी अपील कर रहे हैं मदद की। दानी सज्जन निम्नलिखित अकाउंट नंबर में आप स्वेच्छा अनुसार सहयोग कर सकते हैं। Rintu S/O Tek Chand VPO Rissa, Sarkaghat, Mandi HP 175024 Himachal Pradesh Framing Bank Account Details 87491700075321 IFSC Code PUNBOHPGB04 इनके फोन नंबर हैं 78078 73145, 7807177180
केंद्रीय सूचना प्रसारण एवं युवा व खेल मामलों के मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया है कि हिमाचल प्रदेश में आपदा पीड़ितों के लिए केंद्र सरकार 6,000 घर बनाएगी। पीएम ग्रामीण आवास योजना के तहत ग्रामीण विकास मंत्रालय ने इसकी मंजूरी दे दी है। शुक्रवार को अनुराग ठाकुर ने नई दिल्ली में केंद्रीय ग्रामीण विकास व पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह से मुलाकात कर मंजूरी देने के लिए आभार जताया। अनुराग ने बताया कि हाल ही में 5,000 घरों को मंजूरी मिली थी। इस आपदा में केंद्र से अब तक कुल 11,000 घर मंजूर हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशानुसार केंद्र हिमाचल की हरसंभव सहायता कर रहा है। बीते दिनों भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल के साथ उन्होंने आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया था।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने दो बच्चों की संख्या वाले 143 स्कूल डि नोटिफाई किए हैं। प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने 117 प्राथमिक विद्यायल और 26 माध्यमिक विद्यालय बंद किए जाने को लेकर आदेश जारी कर दिए हैं। बिलासपुर जिले में 6, चंबा में 8, हमीरपुर में 4, कांगड़ा में 17, किन्नौर में 5, कुल्लू में 4, लाहौल-स्पीति में 19, मंडी में 18, शिमला में 25, सिरमौर में 3, सोलन में 7 और ऊना में 1 प्राथमिक विद्यालय डि नोटिफाई किया गया है। चंबा जिले में 2, कांगड़ा में 3, किन्नौर में 2, लाहौल-स्पीति में 7, मडी में 5, शिमला में 6 और सिरमौर में 1 माध्यमिक विद्यालय डि नोटिफाई किया गया है। वहीं विद्यार्थियों की संख्या बढऩे पर हिमाचल सरकार ने बंद किए 20 स्कूलों को दोबारा खोलने की अधिसूचना जारी की है। चंबा, कांगड़ा, शिमला, सिरमौर, सोलन और मंडी जिले में ये स्कूल दोबारा खोले गए हैं।
हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के 6,000 से अधिक पद भरने के लिए अक्तूबर से भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी। राज्य सचिवालय में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बताया कि नया भर्ती आयोग गठित होते ही शिक्षा विभाग भर्तियां शुरू करेगा। प्रारंभिक शिक्षा विभाग में 5,300 और उच्च शिक्षा विभाग में 1,000 पद भरे जाएंगे। प्रदेश कैबिनेट ने इन पदों को भरने के लिए पहले ही मंजूरी दे दी है। शिक्षा मंत्री ने कहा है विभाग अपने स्तर पर भी प्रयास कर रहा है कि रिक्त पद जल्द भरे जाएं। पदोन्नति और बैचवाइज आधार पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। पांच वर्ष बाद नियमित प्रिंसिपल कॉलेजों में पदोन्नत कर दिए गए हैं। अन्य श्रेणियों के शिक्षकों के पद पदोन्नति से भरे जा रहे हैं। बैचवाइज आधार पर भी जिला शिक्षा अधिकारी भर्तियां कर रहे हैं। बीते दिनों ही मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश में भर्तियां करने के लिए नया आयोग गठित करने की बात कही है। इसके लिए सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी दीपक सानन की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है। कमेटी अक्तूबर में अपनी रिपोर्ट देगी। इस रिपोर्ट के मिलते ही नया भर्ती आयोग गठित किया जाएगा। पेपर लीक मामले में भंग किए गए हमीरपुर कर्मचारी चयन आयोग की जगह नया भर्ती आयोग बनाया जाना है।
चार साल की समायरा का वो मुस्कुराता चेहरा अब कभी नहीं दिखेगा। घर के उस आंगन में हंसती खेलती समायरा अब कभी नजर नहीं आएगी। कुदरत के इस कहर ने न जाने कितने परिवारों को उजाड़ दिया है। तबाही की ये तस्वीरें जब भी जहन में आती है रूह कांप उठती है। ये त्रासदी इतने गहरे जख्म देगी इस बात का अंदेशा भी नहीं था। शिव बावड़ी का वो हादसा भुलाए नई भूलता। पल भर में मंदिर मलबे में तब्दील हो चुका था। सोमवार का वो दिन उन लोगो के लिए काल का दिन बनकर आया था जो उस दिन शिव बावड़ी मंदिर में मौजूद थे। समायरा का पूरा परिवार इस हादसे में खत्म हो चुका है। 7 लोगों का एक साथ चले जाना बेहद दुखद है और उससे भी ज़्यादा दुखद अपनों की आखिरी झलक को तरस जाना। 11 दिन बीत चुके जाने के बाद समायरा का शव आज बरामद किया गया है। 11 दिन तक वो परिवार उस नन्ही सी बेटी की आखरी झलक देखने के लिए तरस गया था। वो परिवार पूरी तरह से बिखर चुका है। इस हादसे ने वो नासूर दर्द दिया है जो शायद ही किसी के जहन से कभी जाए।
मां की नजरे अपने दुलारे बेटे का इंतजार करती रही, एक पत्नी अपने सुहाग की सलामती के लिए दिन-रात प्रार्थना करती रही और वो नन्ही बच्ची रोज पूछती थी पापा कब आएंगे। नीरज के परिवार की नजरें घटनास्थल पर चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन पर थी और आस थी कि कुछ ऐसा चमत्कार हो जाए की नीरज सकुशल लौटे। दिन बीतता गया और परिवार की हिम्मत और आस्था अब जवाब दे रही थी। नीरज के सकुशल लौटने की उम्मीद दिन-व-दिन कम होते जा रही थी। 24 अगस्त को शिमला के शिव बावड़ी हादसे के घटनास्थल से नीरज का शव 11 दिन बाद मिला। हादसे वाले दिन नीरज शिव मंदिर में जलाभिषेक के लिए गया था, लेकिन चंद लम्हों में शिव बावड़ी मंदिर का नामोनिशान तक नहीं रहा। तबाही के उस मलबे में 20 लोगों ने अपनी जान गवां दी। जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों पर दुखो का पहाड़ टूट चूका है, परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। नीरज के परिवार वालो का दु:ख शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है। 11 दिन तक वो परिवार इस आस में बैठा रहा की शायद नीरज वापस लौट आएंगे। हर रोज इसी उम्मीद में वो नम आंखें इंतजार में रहीं, लेकिन आज लापता नीरज ठाकुर का शव बरामद कर लिया गया है। नीरज समरहिल के रहने वाले थे। नीरज का कुल्लू में होटल का कारोबार था। इस दुखद हादसे में नीरज ठाकुर अपनी मां शांति देवी, पत्नी समा ठाकुर और बेटी सान्या को पीछे छोड़ गए हैं। पल भर में नीरज के परिवार की खुशियां खत्म हो गई है। इस आपदा ने लोगो को जो जख्म दिए हैं, वो कभी नहीं भूल सकते।
मकान नहीं, जीवन भर की पूंजी थी। वो सपनों का आशियाना था जो पल भर में तबाह हो गया। कितना दर्दनाक रहा होगा वो मंजर जब लोगों ने अपने घरों को अपनी आँखों के सामने ताश के पत्तों की तरह बिखरते हुए देखा होगा। ये सोचना भी बेहद मुश्किल है। हिमाचल में आसमान से बरस रही आफत से सैकड़ों लोग बेघर हो चुके हैं। दरकते पहाड़, धंसती जमीन और टूटते मकान इस ओर इशारा कर रहे है कि हिमाचल पर ये संकट बड़ा है और ये संकट अभी टला नहीं है। आफत की बरसात ने ऐसा कोहराम मचाया है कि लोग रात को अपने घरों में चैन की नींद भी नहीं सो पा रहे हैं। 24 जून वो तारीख थी जब हिमाचल प्रदेश में मॉनसून की एंट्री हुई थी। तबसे अब तक भारी बारिश का दौर जारी है। हिमाचल प्रदेश आपदा प्रबंधन की तरफ से जारी रिपोर्ट में अब तक 2220 घर पूरी तरह से जमींदोज हो चुके हैं। जबकि 11 हजार के करीब घरों में दरारें आई हैं। इसी तरह 9819 घर ऐसे है जिन्हे थोड़ा बहुत नुक्सान पहुंचा है। इस रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में बारिश और फ्लैश फ्लड में 4695 से अधिक गौशालाएं बह गई हैं। 300 से अधिक दुकानें बारिश में ढह गई हैं। भारी बारिश के कारण हिमाचल में अब तक 8 हजार 99 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। कुदरत के इस कहर के कारण अब तक 350 से अधिक लोगों की मौत भी हो चुकी है। इस आपदा से जो हिमाचल को नुक्सान पहुंचा है शायद वो कुछ वक्त के बाद सामान्य भी हो जाए, कुछ समय बाद सब वापिस पटरी पर लौट आए, लेकिन जिन लोगों ने इस त्रासदी में अपनों को खोया है वो अब कभी लौट कर नहीं आएंगे। जब भी तबाही की ये तस्वीरें जहन में आएंगी उन लोगो की आंखें फिर नम हो जाएंगी। आपदा के दिए ये जख्म सदा हरे रहेंगे।
14 अगस्त को नितिका का जन्मदिन था। हमेशा की तरह वो अपने पापा के विश करने का इंतज़ार कर रही थी। नितिका अपने पापा की फोन कॉल का इंतज़ार करते-करते थक गयी। जब उसके पापा का कॉल नहीं आया तो उसने खुद कॉल की लेकिन नंबर नहीं लगा। इसके बाद जो खबर शिमला के समरहिल से आई वो दिल दहला देने वाली थी ।यहाँ सावन की शिवरात्रि की पूजा के लिए जिस शिव बावड़ी मंदिर में सात लोगों का पूरा परिवार पूजा करने गया था, वहां लैंडस्लाइड हुआ और सभी मलबे में दब गए हैं। वो लुधियाना से तुरंत शिमला के लिए निकली। शाम को यहां पहुंचीं तो देखा कि सात में से चार परिजन उनकी मां संतोष शर्मा, भाई अमन और भाई की बेटियों नायरा और साशा के शव मलबे से निकाले जा चुके थे। सावन का छठा सोमवार और 14 अगस्त का वो दिन, नितिका अब शायद कभी नहीं भूल पाएगी। इन चार शवों को मुखाग्नि भी नितिका ने ही दी। तीसरे दिन उनके भाई अमन की पत्नी अर्चना का शव मिला, जिसका संस्कार अर्चना के भाई ने किया। परिवार में इकलौती बची नितिका का कहना है कि उसे 14 अगस्त का दिन कभी नहीं भूल सकता। पापा पवन शर्मा और भतीजी समायरा अभी भी लापता हैं। नितिका का रो रो कर बुरा हाल है। नितिका कहती है, 'वक्त बीत जायेगा, लेकिन यह जख़्म कभी नहीं भर पायेगा।Ó
हिमाचल प्रदेश में आई त्रासदी ने जो दर्द दिया है वो नासूर है। त्रासदी ने जो गहरे जख्म दिए हैं, इन जख्मों का न मरहम है और न कोई दवा और न ही आने वाला वक्त ये जख्म भर सकता है। मंडी के पड़ोह के रहने वाले नितीश भी इसी दर्द से गुजर रहे हैं। 14 अगस्त की वो सुबह नितीश के परिवार के लिए नया सवेरा नहीं, बल्कि काल का ग्रास ले आया। 14 अगस्त की सुबह लगभग 5 बजे नितीश के घर के पीछे अचानक ढेर सारा मलबा आ गया। अफरातफरी में सभी घर से बाहर निकल आए, लेकिन 6 महीने की सानिया घर के अंदर ही रह गई थी। नितेश की 18 वर्षीय पत्नी मोनिका और 17 वर्षीय बहन रविता उस दुधमुंही को बचाने के लिए घर के अंदर गई। ये दोनों यही सोचकर घर में गई कि बच्ची को उठाकर तुरंत बाहर आ जाएंगी, लेकिन होनी को कौन टाल सकता है। अचानक मलबा घर पर आ गया और तीनों घर सहित उस मलबे में दब गईं। 45 वर्षीय माता रचना देवी और 11 वर्षीय एक अन्य बहन गोपी मलबे की चपेट में आ गई और उसके साथ बहती चली गई। इतने में गांव वालों को पता चल गया और उन्होंने दोनों मां-बेटी को बाहर निकाल दिया। नितीश और उसकी एक अन्य 15 वर्षीय बहन जाह्नवी भागकर खुद को बचाने में कामयाब हो सके। मां के पांव में गंभीर चोट लग चुकी थी। पांव का इन्फेक्शन इतना बढ़ गया कि डॉक्टरों को घुटने से नीचे पांव ही काटना पड़ गया। माता हॉस्पिटल में उपचारधीन है, लेकिन अभी पत्नी, बेटी और बहन का कोई सुराग नहीं लग पाया है। परिवार के इकलौते सहारे नितीश के सिर पर दुखों का पहाड़ टूटने के साथ-साथ जिम्मेदारियों का बोझ भी है। अब नितीश को समझ नहीं आ रहा कि वो अस्पताल में उपचाराधीन मां को संभाले या फिर सांबल में आकर दिन भर अपनी पत्नी, बेटी और बहन के लिए चल रहे तलाशी कार्य को देखे। नितीश पर जो दुखो का पहाड़ टूटा है उस दर्द को शब्दों में बयां करना नामुमकिन है और नामुमकिन है इस हानि की भरपाई कर पाना।
प्रदेश में भारी बारिश के बीच सोलन, शिमला, मंडी और हमीरपुर जिले में बिजली संकट गहरा गया है। ऑरेंज अलर्ट के बीच जारी भारी बारिश के चलते प्रदेश में 2897 बिजली ट्रांसफार्मर ठप हो गए हैं। आधे से अधिक ट्रांसफार्मर इन चार जिलों में हैं। मंडी में 1142, शिमला में 598, हमीरपुर में 376 और सोलन में 410 ट्रांसफार्मर बंद हैं।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने नौ एचपीएस अधिकारियों के तबादला आदेश जारी किए हैं। एएसपी आईआरबी बस्सी नरेंद्र कुमार को एएसपी सिरमौर, एएसपी सिरमौर सोम दत्त को एएसपी आईआरबी बस्सी, डीएसपी पीटीसी डरोह अमित ठाकुर को डीएसपी लीव रिजर्व शिमला, डीएसपी सिटी शिमला तजिंदर कुमार को डीएसपी सेकंड आईआरबी सकोह, एसडीपीओ कांगड़ा मदन लाल धीमान को डीएसपी फर्स्ट आईआरबी बनगढ़, डीएसपी फर्स्ट आईआरबी बनगढ़ अंकित शर्मा को एसडीपीओ कांगड़ा, डीएसपी विजिलेंस एसआईयू शिमला, वरुण पटियाल को डीएसपी सिटी शिमला, एसडीपीओ आनी चंद्र शेखर को डीएसपी एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स शिमला और एसडीपीओ सुंदरनगर दिनेश कुमार को डीएसपी सेकंड आईआरबी सकोह लगाया गया है। इसके साथ ही नियुक्ति का इंतजार कर रहे भरत भूषण को एसडीपीओ सुंदरनगर और निशा सिंह को डीएसपी लीव रिजर्व धर्मशाला लगाया गया है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक डॉ. सुरेंद्र पाल ने बताया कि प्रदेश के कई क्षेत्रों में आज भी भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। इसे देखते हुए आज ऑरेंज अलर्ट और कल के लिए यलो अलर्ट दिया गया है। परसों से मानसून के कमजोर पड़ने के आसार हैं।रहा है। वहीं किसानों को मार्केट तक अपने उत्पाद पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
44 मरीजों में स्क्रब टाइफस की पुष्टि, 59 मरीजों में टाइफाइड के लक्षण हिमाचल प्रदेश में जलजनित रोग पांव पसारते जा रहे हैं। दिन प्रतिदिन बढ़ रहे जलजनित रोग को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी किया है। विभाग ने इसको लेकर एडवाइजरी भी जारी की है। लोगों को आसपास साफ-सफाई और उबालकर पानी पीने की सलाह दी है। जानकारी के अनुसार स्क्रब टाइफस बीमारी की आशंका के चलते प्रदेश के अस्पतालों में 129 मरीजों के सैंपल लिए गए। इसमें 44 लोगों में स्क्रब टाइफस की पुष्टि हुई। इसके अलावा 217 लोगों की टाइफाइड को लेकर जांच की गई। इनमें 59 मरीजों में बीमारी के लक्षण पाए गए। स्वास्थ्य विभाग ने बीमारियों को लेकर मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य, वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी को अलर्ट किया है। ओपीडी में इलाज के लिए आने वाले मरीजों के टेस्ट कराने को कहा गया है। अस्पताल प्रशासन को पर्याप्त मात्रा में दवाइयां उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश में मूसलाधार बारिश के चलते लोगों के घरों में मटमैला पानी की सप्लाई हो रही है। इससे जलजनित के आंकड़ों में इजाफा हो रहा है। एनएचएम के निदेशक सुदेश मोक्टा ने कहा कि प्रदेश में जलजनित रोग के मामले बढ़ने से स्वास्थ्य संस्थानों को अलर्ट किया गया है। प्रतिदिन जिलों से बीमारी से ग्रसित मरीजों की रिपोर्ट ली जा रही है। बीमारी के लक्षण तेज बुखार 104 से 105 डिग्री तक आ सकता है जोड़ों में दर्द और कंपकंपी के साथ बुखार आना शरीर में अकड़न या शरीर टूटा लगना अधिक संक्रमण में गर्दन, बाजू के नीचे कूल्हों के ऊपर गिल्टियां आना
इंडियन ऑयल कारपोरेशन में छूट न देने का फैसला वापस लिया हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदा के बीच एचआरटीसी को बड़ी राहत मिली है। एचआरटीसी को डीजल पर मिलने वाली प्रति लीटर डेढ़ रुपए की छूट अब जारी रहेगी। इंडियन ऑयल कारपोरेशन में छूट न देने का अपना फैसला वापस ले लिया है। इंडियन ऑयल कारपोरेशन के फैसले से निगम को प्रति माह करीब एक करोड़ रुपए की बचत होगी। वहीं, सालाना 10 से 15 करोड़ रुपए की बचत होने का अनुमान है। गौरतलब है को इंडियन ऑयल कारपोरेशन ने पहले एचआरटीसी को डीजल पर मिलने वाली छूट को बंद करने का फैसला लिया था। इसके बाद एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक रोहन चंद ठाकुर की ओर से केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय के समक्ष यह मामला उठाया गया था। इनके आग्रह पर इंडियन ऑयल कारपोरेशन ने फैसला वापस ले लिया है। इस बारे में एक पत्र के माध्यम से एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक रोहन चंद ठाकुर को इंडियन ऑयल कारपोरेशन की ओर से जानकारी प्रदान की गई है।


















































