शिमला: इस बार सरकारी कर्मचारियों को वेतन के लिए 5 तारीख का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इस बार कर्मचारियों के खाते में पहले की तरह ही एक तारीख को ही खाते में सैलरी आएगी। बीते महीने एक तारीख को सरकारी कर्मचारियों को सैलरी न मिलने पर सरकार को आलोचनाओं का सामना भी करना पड़ा था। सरकार ने इस बार निर्णय लिया है कि सरकारी कर्मचारियों को सितम्बर माह का वेतन 1 अक्तूबर और पेंशन का भुगतान 9 अक्तूबर, 2024 को किया जाएगा। वित्त विभाग ने सरकारी कोषागार में होने वाले ‘फ्लो ऑफ मनी’ की समीक्षा के बाद निर्णय लिया है कि सरकारी कर्मचारियों को सितम्बर माह के वेतन भुगतान 1 अक्तूबर और पेंशन 9 अक्तूबर, 2024 को दी जाएगी। पिछले माह प्रदेश के कर्मचारियों को वेतन 5 सिंतबर और पेंशनरों को 10 सितम्बर 2024 को पेंशन का भुगतान किया गया था। इसके पीछे सरकार का तर्क था कि वित्तीय संसाधनों का सही तरीकों से उपयोग करने की दिशा में यह निर्णय लिया गया था। इस दिशा में राज्य सरकार को होने वाली प्राप्तियों और खर्चे में बैलेंस को कम करके यह प्रयास किया जा रहा है कि कर्ज राशि सही समय पर ली जाए, इससे ऋण पर दिए जाने वाले ब्याज पर कम से कम खर्च हो। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ये कह चुके हैं कि वेतन और पेंशन की अदायगी के लिए सरकार के पास पर्याप्त पैसा न होने के कारण लोन लेना पड़ता है। महीने के आरंभ में ही लोन लेने पर ब्याज के रूप में महीने में 2.80 करोड़ रुपए का बोझ पड़ता है। इस पैसे को बचाने के लिए वेतन पांच तारीख को दिया गया है। वहीं, मुख्यमंत्री ने विधानसभा के मानसून सत्र में साफ किया था कि सितम्बर महीने के वेतन के लिए वित्तीय स्थिति का आकलन करने के बाद 28 या 29 सितम्बर को इस पर फिर से निर्णय लिया जाएगा क्योंकि कई कर्मचारी ऐसे हैं जिन्होंने बैंकों से ऋण लिया है तथा मासिक किश्त पहली तारीख को अदा करनी पड़ती है।
हिमाचल प्रदेश करूणामूलक संघ द्वारा जिला स्तरीय बैठकों मे संघ की दूसरी बैठक जिला ऊना के लोक निर्माण विभाग के रेस्ट हाऊस में की गई। बैठक प्रदेशाध्यक्ष अजय कुमार की अध्यक्षता में हुई, जिसमे राज्य मीडिया प्रभारी गगन कुमार, जिला प्रधान निखिल शर्मा उप प्रधान साहिल व आईटी सेल शादी लाल, नरेंद्र ,सुनील सैकड़ो की संख्या में करूणामूलक आश्रितों ने भाग लिया। बता दें कि करुणामूलक संगठन ब समस्त परिवारों ने काफी लंबा संघर्ष पूर्व में किया और इस संघर्ष को यह निरंतर इसी प्रकार चलाए हुए हैं। विधानसभा चुनावों के समय जब कांग्रेस सरकार विपक्ष में थी तो करुणामूलक परिवारों एक साथ सभी को वन टाइम सेटलमेंट देने के बात हर एक मंच से की गई थी।अब जाकर प्रदेश सरकार करुणामूलक परिवारों के मुद्दे को लेकर गंभीर हुई है, जिस पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खु द्वारा करुणामूलक सब कमेटी गठित कर दी गई। कमेटी का अध्यक्ष शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर और कमेटी मेबर राजेश धर्मानी , यजुबिदर गोमा को बनाया गया। मुख्यमंत्री द्वारा कमेटी को आदेश दिया गया की जल्द से जल्द इस मुद्दे को कैबिनेट में लाया जाए, जिस पे हाल ही में पिछली कैबिनेट में करुणामूलक पॉलिसी पर भी कैबिनेट में चर्चा हुई। कैबिनेट में चर्चा होने के पश्चात अब इन सभी परिवारों के दिलो मे न्याय की उम्मीद जगी है। सभी परिवारों का कहना है कि सरकार बिना पेंशन छेड़छाड़ से सभी करुणा मूलक परिवारों को नौकरियां प्रदान करें पेंशन एक विधवा हक है वो हक एक विधवा से ना छिना जाए। यह परिवार काफी लम्बे समय से नौकरियों का इन्तजार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने विधानसभा में जल्द करूणामूलक नौकरियाँ बहाली हेतू आश्वासन इन सभी परिवारों को दिया है। संगठन द्वारा मुख्यमंत्री के समक्ष मांग रखी गई थी कि जो भी पॉलिसी में खामियां है उनको दूर किया जाए व संगठन के दो से तीन पदाधिकारी को सुझाबिय तौर पर सब कमेटी में बुलाए जगह दी जाए, ताकि जो भी पॉलिसी में खामिया है उस पर पदाधिकारी अपने सुझाव सब कमेटी को दे सकें। संघ के पदाधिकारियो का कहना है कि रिजेक्ट केसो की नोटिफ़िकेशन को भी सरकार द्वारा वापिस लिया जाए ओर जिन विभागों ,बोडो, निगमो और यूनिवर्सिटी मे खाली पोस्टे नही है बहा पर पोस्टे क्रिएट की जाए या फिर अन्य किसी विभाग में किसी को शिफ्ट करके नौकरियां दी जाए ताकि सब परिवारोंको न्याय मिल सके। मुख्य मांगें:- कैबिनेट में पॉलिसी संशोधन किया जाए, जिसमें 62500 एक व्यक्ति सालाना आय शर्त को खत्म किया जाए। और आय सीमा को 2.50 लाख से ज्यादा से ज्यादा बढ़ाया है। इसके साथ वित विभाग के द्वारा रेजेक्टेड केसों को कंसिडेर न करने की नोटिफिकेशन को तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया जाए और रेजेक्टेड केसों को दोवारा कंसिडेर करने की नोटिफिकेशन जल्द की जाए और 5% कोटे की शर्त को हमेशा के लिए हटा दिया जाए और जिन विभागों बोडो निगमो और यूनिवर्सिटी में खाली पोस्टें नही है उन केसों को अन्य विभाग में शिफ्ट करके नोकरियाँ दी जाए। और साथ ही योग्यता के अनुसार सभी श्रेणियों (Technical+ non Techanical) के सभी पदों में नोकरियां दी जाए ताकि एक पद पर बोझ न पड़े। मांगों के संदर्भ में कैबिनेट में मोहर लगाई जाए।
हिमाचल प्रदेश में चिट्टे की तस्करी के लगातार बढ़ रहे मामलों के बीच शिमला पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने अप्पर शिमला में चिट्टे के एक सरगना को गिरफ्तार कर उसके ड्रग्स साम्राज्य का भंडाफोड़ किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिस के हत्थे चढ़ा सरगना शिमला के रोहड़ू का जाना-माना सेब कारोबारी है और इसी की आड़ में ड्रग्स तस्करी को भी अंजाम दे रहा था। अभियुक्त को शाही महात्मा के नाम से जाना जाता है, बल्कि उसका असल नाम शशि नेगी है। वह पिछले करीब छह सालों से अंतरराज्यीय ‘चिट्टा’ रैकेट चला रहा था और इसके दिल्ली में नाइजीरियन ड्रग गैंग और हरियाणा के अन्य गैंग के साथ संपर्क था। उसका जम्मू-कश्मीर में भी कुछ तस्करों के साथ संपर्क था। एसपी शिमला संजीव कुमार गांधी ने बताया कि शशि नेगी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके गिरोह के करीब दो दर्जन तस्करों को भी पकड़ा जा चुका है। शशि नेगी बड़ी चालाकी के साथ पिछले कई सालों से यह ड्रग्स रैकेट चला रहा था। वह सेब की आड़ में ड्रग रैकेट को संचालित कर रहा था। दिलचस्प यह है कि पकड़ा गया सेब कारोबारी अपने पूरे ड्रग्ज रैकेट को व्हाट्सएप के जरिए अंजाम देता था और ड्रग्ज डिलीवरी करने वाले शख्स और इसे हासिल करने वाला व्यक्ति कभी एक-दूसरे से नहीं मिलते थे। एसपी संजीव कुमार गांधी ने आरोपी सेब कारोबारी ने इस रैकेट को इतनी कड़ियों में बांट रखा था कि उसे यकीन था कि पुलिस उस तक नहीं पहुंच सकती है। लेकिन 20 सितंबर को उसे उस वक्त झटका लगा जब पुलिस ने शिमला में इस साल की सबसे बड़ी ड्रग्स की जब्ती की। पुलिस को इस दौरान 465 ग्राम ‘चिट्टा’ मिला। व्हाट्सएप पर होती थी ड्रग्स की मांग पुलिस के मुताबिक ड्रग्स की मांग व्हाट्सएप पर होती थी। ये लोग पहले सुनिश्चित करते थे कि ड्रग्स के वितरण से पहले यह चार हाथों से गुजरें। उन्होंने मांग लाने, ड्रग्स की आपूर्ति करने और भुगतान प्राप्त करने के लिए अलग-अलग अप्रत्याशित लोगों को नियुक्त किया। पुलिस ने जांच में पाया कि सरगना शशि नेगी खुद कभी भी किसी भी साझेदार के साथ सीधे संपर्क में नहीं आते थे। डिलीवरी करने वाला व्यक्ति ड्रग को एक अलग स्थान पर रखता और खरीदार को वहां से उठाने के लिए एक वीडियो साझा करता था। पैसे भी अलग-अलग खातों से होते हुए नेगी के खाते में पहुंचते थे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पिछले 15 महीनों में आरोपियों के बैंक खातों में ढाई से तीन करोड़ रुपये के फंड फ्लो का खुलासा हुआ है। आरोपी सेब कारोबारी की पोल तब खुली जब पुलिस ने अप्पर शिमला में जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा निवासी एक तस्कर को चिट्टे की खेप के साथ पकड़ा था। आरोपी से हुई पूछताछ में सामने आया कि उसने चिट्टे की खेप को रोहड़ू में रहने वाले उक्त सेब कारोबारी तक पहुंचानी है। इसके बाद पुलिस ने आरोपी सेब कारोबारी के ड्रग साम्राज्य पर शिकंजा कसा और उसके गिरोह का पर्दाफाश किया। वह अप्पर शिमला के रोहड़ू, जुब्बल कोटखाई और ठियोग इत्यादि इलाकों में ड्रग्स की डिलीवरी करवाता था।
हिमाचल प्रदेश पुलिस विभाग में कार्यरत कुक श्रेणी कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर अराजपत्रित कर्मचारी सेवाएं महासंघ के राज्य उपाध्यक्ष एल ड़ी चौहान से शिमला में मुलाकात की तथा महासंघ के साथ जुड़ने बारे अपना विश्वास प्रकट किया। हिमाचल प्रदेश एनजीओ फेडरेशन के राज्य उपाध्यक्ष ने इन कर्मियों की मांगों को सुना तथा आश्वस्त किया कि जल्द इन मांगों को पुलिस महानिदेशक तथा गृह सचिव के समक्ष रखा जाएगा। चौहान ने कहा कि प्रदेश पुलिस विभाग में मुख्यालय, थानों, अधीक्षक कार्यालयों, पुलिस ट्रेनिंग सेंटर, 6 भारतीय आरक्षी वाहनियों, एक बटालियन में लगे मेस में लगभग 250 के करीब कुक अपनी सेवाएं दिन रात देते है, लेकिन विभाग द्वारा आज तक इनके लिए कोई भी पदोन्नति का प्रावधान नही किया गया है तथा तृतीय श्रेणी में होने पर भी इनको वेतन वही पुराने वाला चतुर्थ श्रेणी के बराबर निर्धारित किया गया है, जो कि इस श्रेणी के साथ सरासर अन्याय है। चौहान ने कहा कि 1996 से पूर्व कुक चतुर्थ श्रेणी में थे तथा न्यायालय के आदेश पर 1996 के बाद इस श्रेणी को क्लास-3 तो बनाया गया लेकिन 2012 के revise वेतन आयोग में इनको छोड़ दिया गया, इससे जहां इनको वितीय नुकसान हुआ वही अब ये लिपिक या अन्य श्रेणी पर पदोन्नत या LDR भर्ती पात्रता से भी बाहर हो गए, क्योंकि उसके लिए चतुर्थ श्रेणी ही पात्र है। एल ड़ी चौहान ने प्रदेश सरकार व पुलिस महानिदेशक से मांग रखी है जल्द कुक श्रेणी की अगली पदोन्नति हेतु नियमो में प्रावधान किया जाए तथा इनकी वेतन विसंगति को भी दुरुस्त करते हुए पूर्व की भांति इन्हें लिपिक व कॉन्स्टेबल के बराबर वेतन निर्धारित किया जाए, क्योंकि पदोन्नति सभी का संवैधानिक अधिकार है। महासंघ जल्द इस मुद्दे पर सचिव गृह से भी मुलाकात करेगा तथा कुक श्रेणी को न्याय देने की गुहार करेगा।
नगर निकायों के रविवार को हुए उपचुनाव में सोलन नगर निगम के वार्ड-5 से अमरदीप पांजा 283 मतों से जीत हासिल कर पार्षद बने। नगर परिषद (नप) सुजानपुर से नीरजा ठाकुर और नगर परिषद नेरचौक से गीता देवी पार्षद बनीं। पंचायती राज संस्थाओं के लिए 51.08% और नगर पालिकाओं के लिए हुए उपचुनाव में 68.75% मतदान हुआ है। सोलन नगर निगम वार्ड 5 के उपचुनाव में अमरदीप को 523 वोट, जबकि पुनीत नारंग को 240 वोट मिले। अमरदीप सोलन भाजपा मंडल के सचिव भी हैं। नगर परिषद सुजानपुर से नीरजा नीरजा को 276 वोट मिले, जबकि प्रतिद्वंदी सुमन को 183 वोटों पड़े। श्रवण को महज एक वोट मिला। नगर परिषद नेरचौक से गीता देवी को 414, भावना को 351 वोट पड़े। पंचायतीराज संस्थाओं के लिए सिरमौर जिला में सबसे अधिक 80.06% और हमीरपुर जिले में सबसे कम 44.63% मतदान हुआ। सुजानपुर में सबसे अधिक 72.68, नगर परिषद नेरचौक में 68.38, जबकि नगर निगम सोलन में 66.93% मतदान हुआ। शिमला जिले में एक उपप्रधान और 13 वार्ड सदस्यों को निर्विरोध चुन लिया था। जिला परिषद की दो सीटों पर भी रविवार को उपचुनाव हुआ। इनके नतीजे सोमवार यानि आज घोषित होंगे। इनमें लाहौल-स्पीति के वार्ड-6 सिस्सू और सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र का बगेड़ा वार्ड शामिल है। बिलासपुर की पंजगाईं पंचायत में प्रधान के उपचुनाव के बाद दो बार मतगणना हुई। इसमें दोनों प्रत्याशियों हेमराज और नत्थू राम को 461-461 मत मिले। इसके बाद टॉस के आधार पर हेमराज को प्रधान चुना गया। भोरंज की भकेड़ा पंचायत में प्रधान पद पर कर्णवीर सिंह, बिलासपुर की मलांगण पंचायत में ज्ञान चंद, पलासला में संदेश शर्मा को जीत मिली। मंडी जिले की रियूर पंचायत में दुष्यंत, तुमन में ख्याल चंद और खलवाहन में शिव प्रधान बने। भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष राजीव बिंदल और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि उपचुनाव में भाजपा की जीत हुई है, जो सरकार की झूठी गारंटियों का करारा जवाब है। वहीं कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष संजय अवस्थी ने कहा कि ज्यादातर प्रत्याशी कांग्रेस से जीते हैं। वहीं, सीएम के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने कहा कि सोलन में पार्षद के उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी की जीत हुई है। कांग्रेस आकलन करेगी कि कहां चूक हुई है। अन्य सीटों पर भाजपा जीत के कोरे दावे कर रही है। विधानसभा चुनाव लड़ चुके सुरेंद्र सिंह दूसरी बार बने वार्ड पंच जोगिंद्रनगर हलके से विधानसभा चुनाव लड़ चुके लांगणा क्षेत्र से एडवोकेट सुरेंद्र सिंह खडियार पंचायत के गदियाड़ा वार्ड से वार्ड पंच चुने गए हैं। वह तीन बार विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। इससे पहले वह दो बार पंचायत प्रधान और एक बार वार्ड पंच रह चुके हैं। अब एक बार फिर जनता ने उन्हें पंचायतीराज संस्था में काम करने का मौका दिया है। 65 वर्षीय अधिवक्ता सुरेंद्र सिंह ने कहा कि वह धरातल स्तर पर जनता के लिए काम करेंगे। आमजन के कार्यों के लिए उपलब्ध रहेंगे।
शिमला: जिला शिमला में हर साल सेब सीजन के दौरान बाहरी राज्यों से आए शातिरों द्वारा सेब के ट्रक चोरी के मामले सामने आते हैं, जिससे बागवानों को काफी ज्यादा नुकसान होता है। हालांकि पुलिस ने इस ओर एक्शन लेते हुए सेब के ट्रकों की चोरी को रोकने का प्रयास किया है, जिसके चलते इन मामलों में कमी भी आई है। वहीं, एक बार फिर शिमला में सेब का ट्रक चोरी होने का मामला सामने आया है। पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। सेब के ट्रक चोरी का मामला शिमला जिले के ठियोग के कुमारसेन का है। कुमारसेन से आंध्र प्रदेश जा रहा है एक सेब का ट्रक बीच रास्ते में गायब हो गया है। सेब कारोबारी गोपाल राजटा ने पुलिस थाना कुमारसेन में इसकी शिकायत दर्ज करवाई है। पुलिस ने कारोबारी की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है और ट्रक चोरी की जांच शुरू कर दी है। एसपी शिमला संजीव गांधी ने बताया कि सेब कारोबारी गोपाल राजटा, कुमारसेन के गांव रियोग का रहने वाला है। गोपाल राजटा ने कुमारसेन पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 7 सितंबर को रीना देवी के सेब की 550 पेटियां नारकंडा व मतियाना से हरियाणा नंबर (HR 61 E 3500) के ट्रक में लोड होकर आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा के लिए रवाना हुआ। ट्रक को 12 सितंबर तक विजयवाड़ा पहुंचना था, लेकिन वो अभी तक वहां नहीं पहुंचा है। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि ट्रक का मालिक ही ट्रक चला रहा था। ट्रक ड्राइवर का नाम नरेश है और वो हरियाणा के भिवानी का रहने वाला है। कारोबारी ने पुलिस को बताया कि वो कई सालों से सेब का व्यापार करता है। गोपाल राजटा का कहना है कि ट्रक में करीब 15 लाख का सेब है।
प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने आज बताया कि वित्त विभाग द्वारा सरकारी कोषागार में होने वाले ‘नकदी के प्रवाह’ की समीक्षा करने के पश्चात् निर्णय लिया गया है कि सरकारी कर्मचारियों को सितम्बर माह का वेतन 1 अक्तूबर तथा पेंशन का भुगतान 9 अक्तूबर, 2024 को किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले माह प्रदेश के कर्मचारियों को वेतन 5 सिंतबर व पेंशनरों को 10 सितम्बर 2024 को पेंशन का भुगतान किया गया था। प्रवक्ता ने कहा कि वर्तमान सरकार द्वारा वित्तीय संसाधनों का विवेकपूर्ण तरीकों से उपयोग करने की दिशा में यह कदम उठाया गया था। इस दिशा में राज्य सरकार को होने वाली प्राप्तियों और खर्चे में असंतुलन को कम करके यह प्रयास किया जा रहा है कि ऋण राशि सही समय पर ली जाए, जिससे ऋण पर दिये जाने वाले ब्याज पर कम से कम खर्च हो। प्रवक्ता ने कहा कि 4 सितम्बर, 2024 को मुख्यमंत्री ने विधानसभा में स्पष्ट किया था कि सितम्बर महीने के वेतन के लिए वित्तीय स्थिति का आकलन करने के बाद 28 या 29 सितम्बर को इस पर फिर से निर्णय लिया जाएगा क्योंकि कई कर्मचारी ऐसे हैं जिन्होंने बैंकों से ऋण लिया है तथा मासिक किश्त पहली तारीख को अदा करनी पड़ती है।
** 5 अक्टूबर का कर रहे इंतजार लीपापोती ना करे सरकार राजधानी शिमला में शनिवार को एक बार फिर देवभूमि संघर्ष समिति के नेतृत्व में हिंदू संगठनों ने एकत्रित होकर डीसी ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान हिंदू संगठनों ने सरकार से मस्जिद में हुए अवैध निर्माण पर कार्रवाई करने की मांग की। वहीं, बाहर से हिमाचल प्रदेश में आने वाले लोगों का वेरिफिकेशन करवाने की मांग की। देवभूमि संघर्ष समिति के संयोजक भारत भूषण ने कहा "प्रदेश में शनिवार को संजौली मस्जिद में हुए अवैध निर्माण को लेकर 16 स्थानों पर प्रदर्शन हो रहा है। मस्जिद में हुए अवैध निर्माण को लेकर 5 अक्टूबर को आने वाले फैसले का हम इंतजार कर रहे हैं। सरकार इस मामले में किसी तरह की लीपापोती ना करे। हाल में संजौली की मस्जिद में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के नेता शोएब जमई आए थे। इसको लेकर देवभूमि संघर्ष समिति के संयोजक भारत भूषण ने सवाल किया कि "वह शख्स मस्जिद में कैसे पहुंचा, जबकि मस्जिद को पुलिस ने सील किया था। बावजूद इसके अभी तक शोएब जमई के खिलाफ FIR दर्ज नहीं हुई है। बता दें कि AIMIM के नेता शोएब जमई ने हाल ही में संजौली मस्जिद में प्रवेश किया था और वहां बाकायदा वीडियो बनाकर ये दावा किया था "यहां आसपास मस्जिद की ऊंचाई पर अन्य इमारतें भी हैं। अगर मस्जिद में बनी इमारत अवैध है तो आसपास बनी सभी इमारतें भी अवैध हैं और साथ ही कहा कि कोर्ट में इस मामले को लेकर पीआईएल दाखिल करेंगे और किसी भी कीमत पर मस्जिद को शहीद नहीं होने देंगे।
हिमाचल प्रदेश में बन रहीं कथित अवैध मस्जिदों और मजारों के निर्माण पर रोक की मांग को लेकर शनिवार को देवभूमि संघर्ष समिति शिमला सीटीओ चौक पर प्रदर्शन किया। समिति ने प्रदेशभर के जिला मुख्यालयों में भी प्रदर्शन किए। शिमला में हुए प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। इसके बाद शेरे पंजाब तक रैली भी निकाली गई और बाद में जिला प्रशासन को ज्ञापन साैंपा। प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए । मंडी में मस्जिद के पास पुलिस बल तैनात किया गया। मंडी शहर के सेरी चानणी परिसर में एकत्रित होकर हिंदू संगठनों ने हिंदू एकता जिंदाबाद के नारे लगाए। इसके बाद शहर में रैली के माध्यम से हिंदुओं को अपनी संस्कृति और सभ्यता के संरक्षण के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया । देवभूमि संघर्ष समिति, महामंडलेश्वर और नागा साधुओं के नेतृत्व में शहर में नगर परिक्रमा की गई। शहर व गलियों का भ्रमण कर भजन-कीर्तन किया। देवभूमि संघर्ष समिति की ओर से केंद्र सरकार से वक्फ बोर्ड को समाप्त करने और प्रदेश में अवैध रूप से आने वाले लोगों को रोकने के लिए प्रशासन को ज्ञापन भी साैंपे गए। इसके अलावा संजौली समेत प्रदेशभर में हुए प्रदर्शन के दौरान लोगों पर दर्ज एफआईआर को वापस लेने की मांग की गई। समिति ने 2 अक्तूबर को होने वाले ग्रामसभाओं में पंचायतों में बाहर से आने वाले लोगों के दस्तावेजों की जांच को लेकर प्रस्ताव पास करने की मांग की है। समिति का कहना है कि प्रदेश सरकार संजौली मसले पर टालमटोल कर रही है और मुस्लिम पक्ष को इसे गिराने की अनुमति नहीं दे रही है। कुनिहार में क्षेत्रीय हिंदु संगठन की ओर से प्रवासियों के पंजीकरण को लेकर प्रदर्शन किया। इस दाैरान संगठन ने प्रदेश सरकार समेत प्रशासन से प्रवासियों के पंजीकरण की मांग की इसके तहत कुनिहार का पूरा बाजार भी बंद रखा गया। संगठन ने कुनिहार के नायब तहसीलदार कार्यालय के बाहर भी प्रदर्शन कर हनुमान चालीसा का पाठ किया। इसके बाद तहसीलदार के माध्यम से प्रदेश सरकार को एक मांग पत्र भी भेजा है। देव संघर्ष समिति हमीरपुर नाम शनिवार को वाटर चौक से लेकर गांधी चौक तक रैली का आयोजन किया। इस दाैरान सदस्यों ने वक्फ बोर्ड को भंग करने की मांग की। देव संघर्ष समिति के जिला संयोजक सुजीत कुमार ने कहा कि वक्फ बोर्ड को भंग किया जाना चाहिए तथा अवैध रूप से हो रहे निर्माण को भी बंद किया जाना चाहिए। उन्होंने उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया।
शिमला: हिमाचल प्रदेश विश्विद्यालय के हॉस्टल में देर रात एक बड़ा हादसा समाने आया है। हॉस्टल की छत से गिरने के कारण एक छात्र की गिरने से मौत हो गई है। ये हादसा देर रात शुक्रवार को पेश आया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। बताया जा रहा है कि छात्र हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के एसबीएस (शहीद भगत सिंह) हॉस्टल की 5वीं मंजिल से अचानक गिर गया। मृतक युवक हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में विधि विभाग (लॉ) में प्रथम वर्ष का छात्र था। मृतक युवक की पहचान अखिल निवासी किन्नौर के रूप में हुई है। सूचना के अनुसार पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंच कर शव को कब्जे में लेकर पोर्स्टमार्टम के लिए IGMC भेज दिया है। जहां आज युवक का पोर्स्टमार्टम किया जाएगा। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के छात्र देवराज ने बताया कि युवक हॉस्टल से कैसे गिरा फिलहाल इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है। पुलिस मौके पहुंच गई है। घटना स्थल को सील कर दिया गया है और मामले की जांच में जुट गई है। एसपी शिमला संजीव गांधी ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। छात्र पांचवी मंजिल से कैसे गिरा इसकी छानबीन की जा रही है। शव का आईजीएमसी में पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है।
शिमला जिले में आयोजित किया गया 3 दिवसीय एएनसी गुणवत्ता प्रशिक्षण, जिसमें सीएचओ, हेल्थ वर्कर्स ने भाग लिया। प्रशिक्षण का आयोजन एनएचएम और JHPIEGO के समन्वय में किया गया। प्रशिक्षण का नाम एएनसी गुणवत्ता प्रशिक्षण और कार्यक्रम का नाम बॉर्न हेल्दी था। प्रशिक्षण में मशोबरा, मटियाना और सुन्नी ब्लॉक के लोगों ने भाग लिया। प्रशिक्षण में यह सिखाया गया कि गर्भवती महिलाओं को एएनसी के तीन ट्राइमास्टर में क्या सुविधाएं दी जानी चाहिए और सेवाओं को बेहतर करने के लिए क्या करना चाहिए। यह सब विशेषज्ञों ने प्रशिक्षणार्थियों को सिखाया। प्रशिक्षण के आयोजन से शिमला जिले में गर्भवती महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने में मदद मिलेगी। प्रशिक्षण में शामिल हुए लोगों को एएनसी के महत्व और गर्भवती महिलाओं को कैसे बेहतर सेवाएं दी जा सकती हैं, इसके बारे में जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के बाद, प्रशिक्षणार्थियों को अपने क्षेत्रों में जाकर गर्भवती महिलाओं को बेहतर सेवाएं देने के लिए प्रेरित किया गया।
** मार्च से माहौल को शांतिपूर्ण बनाए रखने का दिया गया संदेश **मुस्लिम वर्ग के लोग बोले, बाहरी लोगों की होनी चाहिए वेरिफिकेशन शिमला में अवैध मस्जिद मामले की वजह से उपजे विवाद को लेकर आज विभिन्न संगठनों ने सीटीओ चौक से लोअर बाजार होते हुए रिज पर स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा तक संदभावना मार्च निकाला। सद्भावना मार्च में वामपंथी व मुस्लिम संगठनों सहित कई अन्य लोगों ने शामिल होकर शांति का संदेश दिया। इस दौरान सीपीआईएम के पूर्व में मेयर रहे संजय चौहान ने कहा कि शिमला में लंबे समय से सभी धर्मो के लोग आपस में मिलजुल कर रहते हैं लेकिन अब विवाद को लेकर माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है। आज शिमला में विभिन्न संगठनों द्वारा सद्भावना मार्च निकाला गया, जिसमें सभी समुदाय और संगठनों के लोग शामिल हुए हैं और लोगों से शांति की अपील की जा रही है। उन्होंने कहा कि शिमला शांतिपूर्ण प्रदेश है 1984 के दंगों के दौरान भी सभी वर्गों के लोगों ने यहां पर एकता का परिचय देते हुए आपसी भाईचारे और एकता का परिचय दिया था। कुतुब मस्जिद के के अध्यक्ष मोहम्मद पीरू ने कहा कि वह पिछले पच्चीस वर्षों से यहां शिमला में रह रहे हैं और यहां पर आज तक कभी इस तरह का माहौल पैदा नही हुआ। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन बाहर से आने वाले सभी लोगों की वेरिफिकेशन करें ताकि यहां पर माहौल खराब ना हो। उन्होंने कहा कि शांति मार्च से माहोल को शांतिपूर्ण बनाए रखने का संदेश दिया जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने भाजपा के राज्यसभा सदस्य हर्ष महाजन के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। नोटिस के अनुसार महाजन ने चंबा की अपनी हालिया यात्रा के दौरान कुछ व्यक्तिगत टिप्पणियां की थीं। पठानिया ने कहा है कि महाजन ने उन पर झूठे आरोप और आक्षेप लगाए गए, जो अध्यक्ष और सदन के सदस्य की गरिमा के खिलाफ हैं। पठानिया ने कहा कि वह अपनी सांविधानिक शक्तियों का प्रयोग करते हुए उन्हें विशेषाधिकार नोटिस जारी कर रहे हैं। पठानिया ने कहा कि महाजन को सबूतों के साथ आरोपों को साबित करना चाहिए और स्पष्ट रूप से बताना चाहिए कि वह किस पठानिया का जिक्र कर रहे थे। उन्होंने किस संदर्भ में अपमानजनक टिप्पणी की और वह आरोपों को साबित करें, क्योंकि यह विशेषाधिकार हनन के बराबर है। सांसद को सवालों का जवाब देना चाहिए।
प्रदेश के प्री प्राइमरी स्कूलों में भर्ती किए जाने वाले प्रशिक्षकों को प्रतिमाह 10 हजार रुपये वेतन मिलेगा। साल में दस माह के लिए ही वेतन दिया जाएगा। दो माह की छुट्टियों की अदायगी नहीं की जाएगी। बुधवार को शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने 6297 प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा प्रशिक्षकों के भर्ती नियम अधिसूचित किए। 21 से 45 वर्ष की आयु के बारहवीं कक्षा में 50 फीसदी अंक प्राप्त करने वाले हिमाचली भर्ती के लिए पात्र होंगे। प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा कार्यक्रम में दो वर्ष का डिप्लोमा या नर्सरी में बीएड होना अनिवार्य रहेगा। एक साल का डिप्लोमा करने वाले भर्ती के लिए पात्र नहीं होंगे। आउटसोर्स आधार पर इनकी भर्तियां की जाएंगी। प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा प्रशिक्षकों (ईसीसीईटी) की नियुक्ति के लिए नियम एवं शर्तें, उनके रोजगार, पारिश्रमिक, योग्यता और जिम्मेदारियों के लिए जारी दिशा-निर्देश में बताया गया कि इन्हें चयनित सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में नियुक्त किया जाएगा। विद्यालयवार रिक्तियां प्रारंभिक शिक्षा निदेशक निर्धारित करेंगे। करों और सेवा प्रदाता शुल्क सहित 10 हजार का मासिक पारिश्रमिक मिलेगा। भुगतान केवल 10 महीनों के लिए किया जाएगा, जिसमें स्कूल की छुट्टियों की अवधि शामिल नहीं है। प्रत्येक जिले में प्राथमिक शिक्षा के उप निदेशक के समग्र नियंत्रण में रहते हुए प्रशिक्षक स्कूल के सबसे वरिष्ठ शिक्षक की देखरेख में काम करेंगे। राज्य सरकार की मंजूरी के बिना किसी भी प्रशिक्षक को वियोजन से मुक्त नहीं किया जा सकेगा। नामांकन भिन्नता या प्रशासनिक कारणों से प्राथमिक शिक्षा निदेशक के परामर्श से स्थानांतरण हो सकेंगे। मान्यता प्राप्त संस्थान से नर्सरी शिक्षक शिक्षा, प्री-स्कूल शिक्षा, प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा कार्यक्रम (कम से कम दो वर्ष का) में डिप्लोमा या बीएड (नर्सरी) होना चाहिए। एससी/एसटी/ओबीसी/पीडब्ल्यूडी उम्मीदवारों के लिए योग्यता अंकों में 5 प्रतिशत की छूट रहेगी। हिमाचल प्रदेश के बाहर के संस्थानों से बारहवीं कक्षा उत्तीर्ण करने वाले उम्मीदवारों को वास्तविक हिमाचली होना आवश्यक रहेगा। धोखाधड़ी को रोकने के लिए आउटसोर्सिंग एजेंसी उम्मीदवारों की उचित स्क्रीनिंग करेगी। डिप्लोमा प्रमाणपत्रों की प्रामाणिकता के लिए सत्यापन किया जाएगा। एनसीटीई-मान्यता प्राप्त संस्थानों से डिप्लोमा वाले उम्मीदवारों पर ही विचार किया जाएगा। किसी प्रशिक्षक के जाने की स्थिति में आउटसोर्स एजेंसी को 14 दिनों के भीतर उपयुक्त प्रतिस्थापन प्रदान करना होगा।
हिमाचल में प्री और पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति छात्रवृत्ति योजना के तहत 2022-23 और 2023-24 की राशि रोकी गई है। बैंक खाते से आधार नंबर नहीं जोड़ने पर 11,024 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति जारी करने पर रोक लगा दी गई है। उच्च शिक्षा निदेशालय ने राशि जारी करवाने के लिए आधार नंबर को बैंक खातों से जुड़वाने के लिए अंतिम मौका देते हुए तीन माह की माेहलत दी है। विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए प्रदेश के सभी सरकारी और निजी स्कूल-कॉलेज प्रिंसिपलोंं और विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को पत्र भेजे गए हैं। उच्च शिक्षा निदेशक डाॅ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन बैंक खातों को आधार से नहीं जोड़ा गया है, ऐसे खातों में छात्रवृत्ति की राशि न जोड़ा जाए। छात्रवृत्ति आवंटन में फर्जीवाडा रोकने के लिए केंद्र सरकार ने यह कदम उठाया है। इसी कड़ी में उच्च शिक्षा निदेशालय ने शैक्षणिक सत्र 2022-23 और 2023-24 के लिए प्री मैट्रिक और पाेस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति छात्रवृत्ति योजना के लंबित मामलों में धनराशि जारी नहीं की है। निदेशक ने कहा कि इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक में बचत खाते खोलने के लिए विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए कहा है। भारतीय डाक भुगतान बैंक के पास ग्रामीण, दूरदराज और पहाड़ी क्षेत्रों में विशाल नेटवर्क क्षमता है। इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक द्वारा सभी खाते आधार नंबर से जोड़ने के बाद ही खोले जाते हैं। उच्च शिक्षा निदेशक ने स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों से विद्यार्थियों को जागरूक करने के साथ उनके अभिभावकों या संरक्षकों से भी संपर्क करने को कहा है। निदेशक ने कहा कि अगर किसी विद्यार्थी ने तीन माह के बाद भी आधार नंबर को बैंक खातों से नहीं जुड़वाया तो ऐसे मामलों में छात्रवृत्ति जारी नहीं होगी।प्री मैट्रिक अनुसूचित जाति छात्रवृत्ति योजना में 6,549 विद्यार्थियों की राशि रुकी है। शैक्षणिक सत्र 2022-23 के तहत 19,813 पात्र पाए गए। 16,408 को राशि दी गई जबकि बैंक खाते से आधार नहीं जुड़वाने पर 3,405 की राशि को रोका गया है। इसी तरह शैक्षणिक सत्र 2023-24 के लिए 19,523 विद्यार्थी पात्र थे। 16,311 को पैसा दिया गया और 3,144 की राशि रोकी गई। पोस्ट मैट्रिक योजना में 4,475 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति नहीं मिली है। शैक्षणिक सत्र 2022-23 के लिए 23,450 विद्यार्थी पात्र पाए गए। 20,742 को राशि जारी हुई जबकि 2,708 को पैसा नहीं दिया गया है। शैक्षणिक सत्र 2023-24 के लिए 23,435 पात्र विद्यार्थी थे। 21,668 को राशि दी गई। बैंक खाते से आधार नहीं जुड़वाने पर 1,767 की छात्रवृत्ति रोका है।
शिमला: जस्टिस राजीव शकधर हिमाचल प्रदेश हाइकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बन गए हैं। आज सुबह करीब 11 बजे हिमाचल राजभवन में हुए एक कार्यक्रम में जस्टिस राजीव शकधर ने हिमाचल हाइकोर्ट के चीफ जस्टिस के रूप में शपथ ली। राज्यपाल राजीव प्रताप शुक्ल ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस कार्यक्रम में हिमाचल सरकार के मंत्री, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल, हाइकोर्ट के जज और आला अधिकारी मौजूद थे। हिमाचल प्रदेश हाइकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में राजीव शकधर का कार्यकाल एक महीने से भी कम का होगा, क्योंकि जस्टिस राजीव शकधर 18 अक्टूबर को रिटायर हो रहे हैं। इससे पहले हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रहे न्यायमूर्ति एमएस रामचंद्र राव को झारखंड हाईकोर्ट का सीजे नियुक्त किया गया है। हिमाचल हाईकोर्ट के सीजे का कार्यभार संभालने वाले न्यायमूर्ति राजीव शकधर फिलहाल दिल्ली हाइकोर्ट के जस्टिस थे। दिल्ली के ही सेंट कोलंबस स्कूल से उन्होंने आरंभिक शिक्षा हासिल की हैं। उन्होंने 1984 में दिल्ली यूनिवर्सिटी से बी-कॉम (ऑनर्स) की डिग्री हासिल की थी। फिर साल 1987 में दिल्ली यूनिवर्सिटी से ही एलएलबी की डिग्री प्राप्त की। वो नवंबर 1987 में वकील के तौर पर नामित हुए। इसी साल उन्होंने इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया से CA की पढ़ाई पूरी की थी। साल 1994 में उन्होंने लंदन यूनिवर्सिटी के इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज से लॉ का एडवांस कोर्स पूरा किया। 8 दिसंबर 2005 को वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में नामित हुए थे। न्यायमूर्ति राजीव शकधर को 11 अप्रैल 2008 को दिल्ली हाईकोर्ट में न्यायाधीश बनाया गया था। फिर 17 अक्टूबर, 2011 को स्थायी न्यायाधीश के रूप में उनकी नियुक्ति की पुष्टि की गई। उन्हें 11 अप्रैल 2016 को मद्रास हाईकोर्ट में स्थानांतरित किया गया, लेकिन फिर 15 जनवरी, 2018 को उन्हें वापस दिल्ली हाईकोर्ट में ही स्थानांतरित किया गया। मद्रास उच्च न्यायालय में सूचना और प्रौद्योगिकी समिति की अध्यक्षता की है और दिल्ली उच्च न्यायालय में भी इसी पद पर हैं। उन्हें सिविल मुकद्दमे, संवैधानिक कानून, वाणिज्यिक मुकद्दमे, कॉर्पोरेट और कराधान कानूनों पर महारात हासिल है। उल्लेखनीय है कि 18 अक्तूबर को इनकी सेवानिवृति के बाद पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के सीनियर मोस्ट जज न्यायमूर्ति जीएस संधवालिया को हिमाचल हाईकोर्ट का न्यायाधीश बनाए जाने की सिफारिश भी सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने पहले ही कर दी थी। उनकी नियुक्ति न्यायमूर्ति शकधर की रिटायरमेंट के बाद होगी।
हिमाचल प्रदेश में पिछले तीन दिनों से मौसम शुष्क बना रहा, जिसके कारण तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि मौसम विभाग शिमला ने आज बुधवार के लिए शिमला, सोलन और सिरमौर जिले में भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। विभाग ने बुधवार और गुरुवार को प्रदेश के 12 में से 6 जिलों में अलग-अलग स्थान पर गरज के साथ बारिश और बिजली गिरने का येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग शिमला ने बताया कि 1 जून से 24 सितंबर तक चालू मानसून सीजन में बारिश की 21 फीसदी कमी दर्ज की गई। हिमाचल प्रदेश में सामान्य 723.1 मिमी के मुकाबले 573.7 मिमी बारिश हुई है। लाहौल-स्पीति में सबसे ज्यादा 69% बारिश की कमी दर्ज की गई है। इसके बाद ऊना में 35%, चंबा में 34%, हमीरपुर में 31%, सोलन में 21%, किन्नौर में 20%, कांगड़ा और सिरमौर में 9% और मंडी में 4% बारिश की कमी दर्ज की गई, जबकि शिमला प्रदेश में एकमात्र ऐसा जिला रहा, जहां 15% अधिक बारिश दर्ज की गई। वहीं, हिमाचल में अधिकतम तापमान में भी खासी बढ़ोतरी दर्ज की गई। पिछले कुछ दिनों से मौसम शुष्क रहने से तापमान सामान्य से 3 से 8 डिग्री सेल्सियस ज्यादा रहा। जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के केलांग में अधिकतम तापमान 25.9 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 7.9 डिग्री ज्यादा रहा, जबकि जनजातीय जिला किन्नौर के कल्पा में दिन का तापमान 25.2 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.9 डिग्री ज्यादा रहा। प्रदेश में सबसे गर्म ऊना रहा, जहां अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5.7 डिग्री सेल्सियस ज्यादा था। इसके अलावा सोलन में पारा सामान्य से 5.6 डिग्री ज्यादा, भुंतर में सामान्य से 5.8 डिग्री ज्यादा, धर्मशाला में सामान्य से 5.2 डिग्री ज्यादा और शिमला में सामान्य से 5.7 डिग्री ज्यादा रह। वहीं, प्रदेश में न्यूनतम तापमान भी सामान्य से 2 से 5 डिग्री अधिक रहा।
हिमाचल में मस्जिद के अवैध निर्माण से बाहरी लोगों को लेकर उपजे विवाद के बाद सरकार एक्शन मोड में आ गई है। प्रदेश सरकार ने सबसे पहले नगर निगम शिमला की परिधि के तहत स्ट्रीट वेंडर को रेगुलेट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसके तहत शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने शिमला शहर के विधायक हरीश जनारथा, नगर निगम मेयर सुरेंद्र चौहान, शिमला व्यापार मंडल व शहर की स्ट्रीट वेंडर्स एसोसिएशन के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें विक्रमादित्य सिंह ने नगर निगम को तहबाजारियों की पहचान करके, शहर में स्ट्रीट वेंडर जोन चिन्हित व स्ट्रीट वेंडर्स के लिए ब्लू लाइन लगाने के निर्देश दिए हैं। जहां पर वेंडिंग होगी, जिसके लिए तहबाजारियों को परमिट जारी किए जाएंगे, जिसका हर तीन साल में कमेटी की ओर से रिव्यू किया जाएगा। शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि वेंडिंग के लिए जोनिंग और ब्लू लाइन का कार्य पूरा करने के लिए नगर निगम आयुक्त को 30 दिसंबर की डेडलाइन दी गई है, जिसमें विकलांग, विधवा, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों, अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति को प्राथमिकता दी जाएग। इसकी बकायदा नियमित तौर पर मॉनिटरिंग भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी स्ट्रीट वेंडर को अपने लाइसेंस फोटो के साथ दुकान के आगे लगाने होंगे। बिना लाइसेंस वालों को शहर में नहीं बैठने दिया जाएगा। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि नगर निगम शिमला ने अभी तक शहर में 1060 तक स्ट्रीट वेंडर की पहचान की है, जिनमें से 540 नए तहबाजारी और जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि इसमें कुछ त्रुटियां भी रह गई हैं। शहर में कई ऐसे वेंडर भी हैं, जिनकी वैरिफिकेशन हो चुकी है, लेकिन ऐसे लोग अब मौके पर नहीं बैठ रहे हैं। इनकी भी पहचान करने के लिए कहा गया है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि स्ट्रीट वेंडरों के लिए विभाग ने नगर निगम को किराया तय करने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि लोअर बाजार, लक्कड़ बाहर और मिडल बाजार आदि भीड़ भाड़ वाले क्षेत्रों में अधिक रेट और बाकी जगहों पर कम किराया रखने के लिए कहा गया है, ताकि व्यापारी व स्ट्रीट वेंडर को कोई नुकसान नहीं हो। व्यापारियों की शिकायत है कि शिमला में रविवार को संडे मार्केट सजती है, जिसमें बाहरी राज्यों से भी लोग दुकानें सजाते हैं, लेकिन उनकी ना तो कोई पहचान होती है, ना ही नगर निगम को आय होती है। ऐसे में नगर निगम आयुक्त को इन्हें रेगुलेट किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि स्ट्रीट वेंडिंग में हिमाचल के लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड मार्च 2025 में होने वाली बोर्ड की वार्षिक परीक्षाओं में 32 नंबर के आसान आर 20 नंबर के कठिन प्रश्न विद्यार्थियों से पूछेगा। इसके अलावा सामान्य स्तर के 28 नंबर के प्रश्न पूछे जाएंगे। इस दौरान प्रश्नपत्र के 40 फीसदी प्रश्न आसान, 35 फीसदी सामान्य और 25 फीसदी कठिन प्रश्न पूछे जाएंगे। मार्च में नए पैटर्न में आने वाले प्रश्नपत्रों के शिक्षा बोर्ड ने मॉडल पेपर तैयार किए हैं, जिन्हें बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। बोर्ड की ओर से प्रश्नपत्र के पैटर्न में बदलाव करने का मुख्य उद्देश्य शिक्षा बोर्ड से परीक्षा पास करने वाले परीक्षार्थियों को आगामी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करना है। एमसीक्यू प्रश्नों को हल करने के लिए ओएमआर सीट भी दी जाएगी। यह बदलाव तीसरी, पांचवीं, आठवीं, नौवीं, 10वीं, 11वीं और 12वीं कक्षा के प्रश्नपत्रों में देखने को मिलेगा। बोर्ड के नए पैटर्न के अनुसार स्कूल शिक्षा बोर्ड एक नंबर के 16 प्रश्न पूछेगा। इनमें नौ प्रश्न आसान, चार सामान्य और तीन का स्तर कठिन रहेगा। इसके अलावा दो नंबर के नौ प्रश्न पूछे जाएंगे, जिनमें पांच आसान और दो-दो प्रश्न सामान्य और कठिन श्रेणी से रहेंगे। वहीं, तीन नंबर के छह प्रश्न पूछे जाएंगे, जिसमें आसान तीन, सामान्य दो और कठिन स्तर का एक कठिन स्तर का प्रश्न पूछेगा, जबकि चार नंबर के तीन प्रश्न पूछे जाएंगे, जिसमें आसान स्तर का एक और सामान्य स्तर के दो प्रश्न रहेंगे। इसके अलावा पांच नंबर के दो प्रश्न पूछे जाएंगे, जिनका स्तर कठिन श्रेणी का रहेगा। वहीं छह नंबर एक ही प्रश्न पूछा जाएगा, जो कि सामान्य श्रेणी से आएगा। शिक्षा बोर्ड आसान स्तर के 18, सामान्य स्तर के 11 और कठिन स्तर के आठ प्रश्न परीक्षा के दौरान पूछेगा। परीक्षाओं के लिए कक्षा 10वीं और 12वीं के आधुनिक तकनीक के आदर्श प्रश्नपत्र, अंक विभाजन और चरणबद्ध अंक योजना तैयार की गई है। प्रदेश के छात्रों और अध्यापकों की सुविधा के लिए इन आदर्श प्रश्नपत्रों और अंक विभाजन को कक्षावार और विषयवार बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) ने जुलाई 2024 सत्र के लिए सभी पाठ्यक्रमों सेमेस्टर और सर्टिफिकेट कार्यक्रमों के अतिरिक्त नए प्रवेश और पुन: पंजीकरण की अंतिम तिथि को तीस सितंबर तक बढ़ाया है। उच्च शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक छात्र इस बढ़ाई गई आवेदन की अंतिम तिथि तक प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते है। ऑनलाइन प्रवेश के लिए इग्नू के सीधे लींक ignou.samarth.ac.in और इग्नू की वेबसाइट ignou.ac.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते है। प्रवेश से संबंधित अधिक जानकारी के लिए छात्र इग्नू के क्षेत्रीय अध्ययन केंद्र शिमला के दूरभाष नंबर 0177-262412 पर संपर्क कर सकते हैं। विश्वविद्यालय की ओर से यूजी डिग्री कोर्स बीए, बीएससी, बी कॉम और 2021-22 बैच बैच को प्रथम वर्ष की परीक्षा पास करने को दिए परीक्षा के अतिरिक्त गोल्डन चांस के लिए 29 सितंबर तक ऑनलाइन फार्म भरने का मौका दिया है। विवि के परीक्षा नियंत्रक डाॅ. श्याम लाल कौशल ने कहा कि परीक्षा अक्तूबर में होगी। इसके लिए विवि के nexams.hpushimla.in के माध्यम से परीक्षा फार्म भर सकते हैं। यूजी डिग्री को तय पांच साल की अविधि में पूरा करने के लिए दिए गए इस मौके में बीए, बीएससी, बीकॉम और शास्त्री डिग्री के 2021-22 बैच के वो छात्र पात्र होंगे, जिनकी प्रथम वर्ष में कंपार्टमेंट है।
राजधानी शिमला के पास समरहिल के जंगलों में 20 साल की युवती का शव बरामद हुआ है। पुलिस के मुताबिक पहली नजर में ये मामला खुदकुशी का लग रहा है और फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक ये मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा हुआ है। दरअसल सिरमौर जिले की रहने वाली लड़की एक लड़के से प्रेम करती थी। युवक भी सिरमौर जिले का ही रहने वाला था। एक ही गांव के होने के कारण दोनों के प्रेम प्रसंग की जानकारी परिजनों को भी थी। बताया जा रहा है कि कुछ वक्त से दोनों के रिश्तों में खटास आ गई थी, जिसके बाद लड़की ने अपने प्रेमी से शादी करने से इनकार कर दिया था। प्रेमिका के शादी से इनकार करने के बाद प्रेमी आहत था। कुछ दिन पहले ही युवक ने सोलन में खुदकुशी कर ली थी, जिससे आहत होकर 20 साल की युवती ने भी अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। समरहिल पुलिस चौकी को जंगल में एक युवती का शव मिलने की जानकारी मिली थी, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए आईजीएमसी भिजवाया था। युवती अपने भाई के पास रहने के लिए शिमला आई हुई थी। जो हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (HPU) में पढ़ाई कर रहा है। भाई की शिकायत पर ही पुलिस ने मामला दर्ज किया है और जांच कर रही है। शिमला एसपी संजीव गांधी ने बताया कि शिमला के समरहिल में एक युवती के सुसाइड का मामला दर्ज हुआ है। पोर्स्टमार्टम के बाद शव को परिजनों के हवाले कर दिया है और मामले में जांच शुरू कर दी है।
हिमाचल प्रदेश में एक कांस्टेबल को नौकरी से निकालने के मामले में पूर्व डीजीपी संजय कुंडू, दो रिटायर्ड पुलिस ऑफिसर, 3 एसपी समेत 10 पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। सक्षम अदालत के आदेश पर आईजी साउथ रेंज ने शिमला सदर पुलिस स्टेशन को केस दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। पूर्व डीजीपी संजय कुंडू समेत अन्य 10 पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति एक्ट की धारा 3(1)(P), एससी-एसटी एक्ट 1989 के तहत मुकदमा रजिस्टर हुआ है। नौकरी से निकाले गए कांस्टेबल धर्म सुख नेगी की पत्नी मीना नेगी की शिकायत के आधार पर ये एफआईआर दर्ज की गई है, जिसमें महिला ने पूर्व डीजीपी संजय कुंडू, पूर्व आईपीएस समेत अन्य पुलिस अधिकारियों पर उसके पति के उत्पीड़न का आरोप लगाया था। कांस्टेबल और उसकी पत्नी जनजातीय जिला किन्नौर के रहने वाले हैं। ये मामला पूर्व भाजपा के कार्यकाल का हैं। जब संजय कुंडू हिमाचल पुलिस के मुखिया थे। महिला ने पुलिस अधिकारियों के खिलाफ दर्ज शिकायत में बताया कि पुलिस के उच्च अधिकारियों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए उसके पति धर्म सुख नेगी को नौकरी से निकाला है। महिला ने बताया है कि पुलिस अधिकारियों ने पहले उसके पति पर झूठे व मनगढ़ंत आरोप लगाए और फिर विभागीय जांच बैठा कर 9 जुलाई 2020 को जबरन बेइज्जत करके नौकरी से निकाल दिया, जबकि कांस्टेबल के तौर पर उसके पति का 8 वर्षों का सेवाकाल बचा हुआ था। शिकायतकर्ता का कहना है कि उसके पति को पुलिस हेडक्वार्टर से आवंटित सरकारी आवास का बिना वर्क आउट के 1 लाख 43 हजार 424 रुपए का रेंट वसूलने के आदेश दिए। इसके अलावा 2020 से अब तक उनकी ग्रेच्युटी, डीसीआरजी और अन्य लाखों रुपयों का रिटायरमेंट बेनिफिट्स को रोक कर रखा गया है। महिला ने बताया कि उसके पति को सरकारी आवास को खाली करने को लेकर कई बार तत्कालीन डीजीपी संजय कुंडू और एसपी वेलफेयर ने उन्हें जलील किया है। इसके लिए तत्कालीन डीजीपी और एसपी वेलफेयर द्वारा पुलिस आवासीय कॉलोनी भराड़ी व उनके पैतृक गांव रामनी, किन्नौर में बार-बार नोटिस भेजकर उनके परिवार को समाज में जलील किया गया। महिला ने शिकायत में बताया कि नवंबर 2023 को उन्होंने कोर्ट, पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, मुख्य सचिव, गृह सचिव और एसपी शिमला को प्रार्थना पत्र देकर उनके परिवार पर हुए अत्याचार और अमानवीय व्यवहार की जानकारी भी दी गई थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि पूर्व डीजीपी और अन्य पुलिस अधिकारियों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए उसके पति व परिवार को सामाजिक, आर्थिक व मानसिक तौर पर पीड़ा पहुंचाई है, जिससे आज उसका परिवार भुखमरी की कगार पर पहुंच गया है। महिला द्वारा पूर्व डीजीपी संजय कुंडू, रिटायर आईपीएस हिमांशु मिश्रा और अरविंदर शारदा, एसपी शालिनी अग्निहोत्री, दिवाकर दत्त शर्मा, अंजू आरा खान, भगत सिंह ठाकुर, पंकज शर्मा, मीनाक्षी और डीएसपी बलदेव शर्मा शामिल हैं। मामले में शिमला पुलिस ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति एक्ट की धारा 3(1)(P) के तहत एफआईआर दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
शिमला: हिमाचल में जिला शिमला के तहत लोक 16 मील धामी में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक की 262 वीं शाखा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के कार्यकाल के दौरान लोगों की मांग पर अब तक 22 ब्रांचों को खोलने के लिए स्वीकृति प्रदान की गई है। राज्य सहकारी बैंक आम-जनमानस के साथ-साथ किसानों- बागवानों वरिष्ठ नागरिकों की जरूरतों को पूरा करने में अपनी अहम भूमिका निभा रहा है, जिससे सहकारी बैंक की आमदनी में भी बढ़ौतरी हो रही है। मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि सहकारी बैंक की ओर से विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ-साथ गरीब परिवारों के उत्थान के लिए कई योजनाएं चलाई गई है, जिसके जरिए लोगों को बहुत कम दरों पर ऋण दिया जा रहा है। इस दौरान अगर कोई भी संस्था या व्यक्ति नियमित रूप से ऋण की अदायगी करता है तो उनके ऋण ब्याज में और कमी का प्रावधान भी है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि सहकारी बैंक के राजस्व में काफी अधिक बढ़ोतरी हुई है, जिसमें अब तक 26 हाजर करोड़ रुपए का टर्नओवर शामिल है, जिस कारण ये बैंक अच्छे काम के कारण देश के सभी सहकारी बैकों की सूचि में तीसरे नंबर पर पहुंच गया है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि हर घर को सड़क सुविधा से जोड़ना हमारा दायित्व है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तीसरे चरण में शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में करीब 70 करोड़ की राशि खर्च की जा रही है। सरकार अब चौथे चरण का कार्य शुरू करने जा रही है। जिसमें सभी गावों को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए कार्य योजना तैयार की जा रही है। लोक निर्माण मंत्री ने बताया कि टुटु के पास नई सब्जी मंडी बनकर तैयार है, जिसका जल्द ही शुभारंभ किया जाएगा, जाठिया में हिमालयन काॅलोनी नाम से एक बड़ा शहर बनाने के लिए केन्द्र सरकार से शीघ्र परियोजना स्वीकृत करने का आग्रह किया गया हैं। उन्होंने बताया कि शिमला-कांगड़ा फोरलेन को तारादेवी-बडैहरी-रैहल होते हुए घनाहटी के लिए जोड़ने के लिए एलाइनमेंट का काम जारी है। अगर किसी की मलकीयती जमीन सड़क में आती है तो उसके लिए उचित मुआवजे का प्रावधान किया जाएगा। पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि हीरानगर के पास करीब 5.50 करोड़ की लागत से खंड विकास अधिकारी कार्यालय का नया भवन बनाया जाएगा, जिसके लिए सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं और शीघ्र ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इस मौके पर राज्य सहकारी बैंक देवेंद्र श्याम ने कहा कि सहाकारी बैंक की इस नई शाखा में 9 करोड़ रुपए का डिपोजिट है, जिसे बढ़ाना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने कहा कि सहकारी बैंक की ओर से 11 हजार किसानों-बागवानों को केसीसी बैंक ऋण प्रदान किए गए हैं।
देश के कई हिस्सों से मानसून विदा होने लगा है लेकिन हिमाचल प्रदेश में फिलहाल मानसून से राहत नहीं मिलने वाली है। हिमाचल में 25 सितंबर से लेकर 27 सितंबर तक भारी बारिश की संभावना मौसम विभाग ने जताई है। इसको लेकर येलो अलर्ट भी जारी किया गया है। इस दौरान कई हिस्सों में ओलावृष्टि और गर्जन के साथ बारिश भी हो सकती है। सोमवार को शिमला सहित प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में मौसम साफ बना हुआ है पिछले दो-तीन दिनों से बारिश न होने के चलते तापमान में भी काफी ज्यादा बढ़ोतरी देखने को मिली है खासकर राजधानी शिमला में तापमान 28 डिग्री तक पहुंच गया है जो कि इससे सीजन का सबसे ज्यादा तापमान रिकार्ड किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक कुलदीप श्रीवास्तव ने कहा कि देश के कुछ हिस्सों से मानसून की वापसी हुई है और राजस्थान, गुजरात में भी 24 घंटे में मानसून विदा हो सकता है। हिमाचल प्रदेश की बात करें तो हिमाचल प्रदेश में फिलहाल अभी मानसून जारी रहेगा और 25 सितंबर से फिर से बारिश होने की संभावना है। प्रदेश में 27 सितंबर तक मौसम खराब बना रहेगा और इस दौरान ओलावृष्टि गर्जन के साथ बारिश होने की संभावना है और इसको लेकर येलो अलर्ट भी जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बीते तीन-चार दिनों से मौसम साफ बने रहने से तापमान में भारी बढ़ोतरी देखने को मिली है दो दिन पहले शिमला में तापमान 26 डिग्री तक पहुंच गया आज मौसम साफ बना रहेगा तो 28 डिग्री तक अधिकतम तापमान पहुंच जाएगा जो की सीजन का सबसे ज्यादा तापमान दर्ज किया जाएगा।
** कहा, हम आपदा फंड देते हैं, तो यह सीएम राहत कोष में नहीं, सोनिया गांधी के खाते में जाता है मंडी से भाजपा सांसद कंगना रनौत ने मनाली के शलीन गांव में रविवार को आयोजित भाजपा के सदस्यता अभियान कार्यक्रम में आरोप लगाया कि हिमाचल प्रदेश सरकार कर्ज लेती है और इसे कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी को देती है, जिससे राज्य का खजाना खाली हो रहा है। सुक्खू सरकार पर हमला करते हुए कहा, आपदाओं और कांग्रेस सरकार ने राज्य को दशकों पीछे धकेल दिया है। उन्होंने कहा, अगर हम आपदा निधि देते हैं तो वह मुख्यमंत्री राहत कोष में जानी चाहिए, लेकिन सभी जानते हैं कि वह सोनिया राहत कोष में जाती है। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह पर कटाक्ष करते हुए कंगना ने कहा, मेरे खिलाफ चुनाव लड़ने वाले राजा के बेटे की हरकतें सभी को पता हैं। लोग सड़कों पर गड्ढों से तंग आ चुके हैं। उन्होंने कहा, मैं अपने क्षेत्र के लिए जितना संभव होगा, उतना करूंगी, लेकिन पीडब्ल्यूडी मंत्री को भी कुछ करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक युगपुरुष हैं और वे बेहद सुलझे हुए ढंग से समस्याओं से निपटते हैं। कंगना ने भाजपा के सदस्यता अभियान की शुरुआत करने के बाद कार्यकर्ताओं को संबोधित किया कि हर कोई जानता है कि भ्रष्टाचार व्याप्त है और कांग्रेस शासित राज्य सरकारों ने अपने-अपने राज्यों को खोखला कर दिया है। उन्होंने आश्चर्य जताया कि कांग्रेस चुनावों पर इतना अधिक खर्च कैसे करती है। कंगना ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने प्राथमिक स्कूलों की खेलों को बंद करने का जो फैसला लिया है, वह गलत है। युवाओं को खेलों में आगे लाने के लिए वह जल्द ही मंडी संसदीय क्षेत्र में एक भव्य खेल ऑडिटोरियम का निर्माण भी करवाएंगी। जनसभा में उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने जिस तरह से प्राथमिक स्कूलों में खेलों को बंद किया है, वह गलत है। प्रदेश सरकार एक और तो कर्ज पर कर्ज ले रही है और दूसरी ओर कर्मचारियों को वेतन और पेंशन समय पर नहीं दे पा रही।
हिमाचल प्रदेश सरकार के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि या तो सांसद कंगना यह साबित करें कि प्रदेश सरकार की ओर से सोनिया गांधी को पैसा दिया जा रहा है, अन्यथा उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सेंसर बोर्ड ने कंगना की फिल्म को बैन किया हुआ है, इसका दुख मनाने सांसद आजकल हिमाचल में आई हुई हैं। कहा कि कंगना का बयान दर्शाता है कि उनका मानसिक दिवालियापन हो चुका है। उन्होंने कहा कि कंगना ज्यादा शिक्षित नहीं है। इसलिए वह बार-बार ऐसे बयान देती रही हैं। कंगना ने बीते कल कहा था कि केंद्र से जो मदद आ रही है, वह सोनिया गांधी को दी जा रही है। इस पर विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि कंगना या तो इसके प्रमाण दें, ऐसा नहीं किया तो सोनिया गांधी की छवि खराब करने के लिए मानहानि को तैयार रहें। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि इससे मूर्खतापूर्ण कोई बयान नहीं हो सकता है। केंद्र से जो बजट मिलता है, उसका खर्च लाइन ऑफ क्रेडिट(एलओसी) के आधार पर होता है। उन्होंने कंगना को चैलेंज किया कि कंगना एक रुपये की हेराफेरी साबित करके दिखाए। उन्होंने कहा कि ये वही सांसद है, जिन्हें भारतीय जनता पार्टी का हाईकमान फटकार लगा चुका है कि संवेदनशील मुद्दों पर ऐसी बयानबाजी न करें। समय के साथ वक्फ बोर्ड सहित हर संगठन, ट्रस्ट व धार्मिक संस्था में बदलाव व सुधार होना चाहिए। विक्रमादित्य ने कहा कि जिस तरीके का एक माहाैल हिमाचल में बना हुआ है। हम सब चाहते हैं कि सब लोग शांति के साथ रहे, भाईचारे व प्रेम के साथ रहे। प्रदेश में शांति व्यवस्था बनाए रखना यह सरकार की जिम्मेदारी है। लेकिन जिस तरीके के सवाल जमीन आवंटन को लेकर उठ रहे हैं, उसको देखते हुए समय के साथ हर संगठन, ट्रस्ट व धार्मिक संस्था में बदलाव व सुधार होना चाहिए। विक्रमादित्य ने कहा कि भीमाकाली मंदिर भी पहले उनकी निजी संपत्ति थी, लेकिन पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह ने इसे सरकार के अधीन लाया ताकि इसमें पारदर्शिता आए। इसलिए वक्फ बोर्ड सहित अन्य संगठनों में भी पारदर्शिता आनी चाहिए। हिमाचल के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कौल सिंह ठाकुर ने सांसद कंगना रणाैत पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि कंगना रणाैत की बातें अनपढ़ जैसी होती हैं कि उन्हें गंभीरता से नहीं लिया जा सकता। कांग्रेस की बैठक में भाग लेने पहुंचे कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि चुनाव से पहले और चुनाव के बाद जनता से जो वादे किए थे, उन्हें पूरा करना चाहिए, लेकिन वे तो लापता हैं, सिर्फ एक बार अपने इलाके की जनता से मिलीं और उसके बाद उनका कोई पता नहीं है। उन्होंने कहा कि आपदा के वक्त कंगना कहीं नजर नहीं आईं, सिर्फ एक दौरा किया। इस बीच हिमाचल प्रदेश सरकार आपदा प्रभावितों के बीच में रही। हिमाचल कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने कहा कि सांसद कंगना बिना तथ्य के बयानबाजी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई कैसे सोच सकता है कि केंद्र से आ रही सहायता और राज्य के लिए लिया जा रहा कर्ज सोनिया गांधी के खाते में जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसा बयान उनकी मानसिकता को दर्शाता है। इस तरह का बयान बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
**देवभूमि संघर्ष समिति का 28 सितंबर को प्रदर्शन करने का ऐलान ** एमसी कोर्ट ने 5 अक्टूबर को फैंसला नहीं लिया तो शुरु होगा जेल भरो आंदोलन हिमाचल प्रदेश में चल रहे अवैध मस्जिद निर्माण को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। देवभूमि संघर्ष समिति ने अब एक बड़ा ऐलान कर दिया है। संघर्ष समिति 28 सितंबर को प्रदेश में सभी जिला मुख्यालयों में प्रदर्शन करने जा रही है। संजौली मस्जिद विवाद में अगर 5 अक्टूबर को फैसला नहीं आता है तो जेल भरो आंदोलन शुरू करने का देवभुमि संघर्ष समिति ने शिमला में पत्रकार वार्ता के दौरान ऐलान कर दिया है। देव भूमि संघर्ष समिति के संयोजक भरत भूषण ने शिमला में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा कि 5 अक्टूबर को यदि नगर निगम कोर्ट से संजौली मस्जिद मामले में कोई फैसला नहीं लिया तो देवभूमि संघर्ष समिति प्रदेश भर में जेल भरो आंदोलन शुरू करेगी। 1 सितंबर से शुरू हुए जन आंदोलन में अब तक प्रदेश भर में 28 स्थानों पर प्रदर्शन हो चुके हैं। हिमाचल प्रदेश के इतिहास में यह पहला आंदोलन है। जिसका कोई एक नेता नहीं है, कोई राजनीतिक दल या संगठन इसका नेतृत्व नहीं कर रहा हैं। यहां का समाज इस आंदोलन के लिए खड़ा हुआ है। बाहरी राज्यों से बिना पहचान के हिमाचल आकर माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहे है इसे देवभूमि के लोग बर्दाश्त नहीं करेंगे।
** होटलों और होमस्टे में एडवांस बुकिंग दुर्गा पूजा टूरिस्ट सीजन के लिए किन्नौर और लाहौल-स्पीति सैलानियों की पहली पसंद बन गए हैं। 5 अक्तूबर के बाद किन्नौर और लाहौल-स्पीति में बजट होटल 50 फीसदी एडवांस बुक हो गए हैं, अन्य होटलों में भी 30 फीसदी कमरे बुक हैं। शहरों के शोर-शराबे से दूर साफ-सुथरी आबोहवा सैलानियों को आकर्षित कर रही है। किन्नौर में बर्फ से लकदक पहाड़ और सेब से लदे बगीचे सैलानियों को अपनी ओर खींच रहे हैं।दुर्गा पूजा टूरिस्ट सीजन के लिए इस साल शिमला, मनाली, धर्मशाला, डलहौजी के मुकाबले किन्नौर और स्पीति के लिए सैलानियों का अधिक रुझान देखने को मिल रहा है। सैलानी सराहन, सांगला, छितकुल, कल्पा, ताबो, काजा और केलांग के होटलों में बुकिंग करवा रहे हैं। किन्नौर के निचले इलाकों में सेब सीजन शुरू हो गया है। बगीचों में पौधे सेब से लदे हैं और चोटियों पर बर्फ है। साल दर साल किन्नौर और लाहौल-स्पीति में सैलानियों की संख्या बढ़ रही है। किन्नौर के होटल कारोबारी मोहन प्रकाश नेगी का कहना है कि मौजूदा समय में ट्रैकिंग के लिए टूरिस्ट किन्नौर पहुंच रहे हैं। दुर्गा पूजा टूरिस्ट सीजन के लिए कमरों की एडवांस बुकिंग शुरू हो गई है। सैलानी किन्नौर की प्राकृतिक खूबसूरती का लुत्फ उठाना चाहते हैं लेकिन सड़क की खराब स्थिति के कारण समस्या पेश आ रही है। हिमाचल के अन्य पर्यटन स्थलों के मुकाबले सैलानी किन्नौर और लाहौल-स्पीति जाना अधिक पसंद कर रहे हैं। शहरों से दूर साफ-सुथरी आबोहवा सैलानियों को आकर्षित कर रही है। किन्नौर और स्पीति के बजट होटलों में 50 फीसदी कमरे एडवांस बुक हो गए हैं हिल्सक्वीन शिमला में बंगाली सैलानियों की चहलपहल बढ़नी शुरू हो गई है। दुर्गा पूजा की छुट्टियां शुरू होने से पहले ही बंगाल के कारोबारी अपने परिवारों के साथ शिमला पहुंच रहे हैं। इन दिनों शिमला के कालीबाड़ी मंदिर में बड़ी संख्या में बंगाल के टूरिस्ट पूजा अर्चना करते देखे जा सकते हैं।
हिमाचल प्रदेश में विभिन्न विभागों की करीब 70 योजनाओं के टेंडर रद्द किए गए हैं। निविदा की राशि का सही आकलन नहीं करने पर अलग-अलग विभागों ने इस संबंध में फैसले लिए हैं तो कुछ मामलों में दस्तावेजों के पूरा न होने और अकेले बोलीदाता के आने पर भी इन्हें रद्द किया गया है। राज्य सरकार की सख्ती के बाद सभी प्रशासनिक सचिवों ने विभागाध्यक्षों को निर्देश जारी किए हैं कि विभिन्न योजनाओं के टेंडर लगाते वक्त इस बात का ध्यान रखा जाए कि फिजूलखर्ची न हो। अच्छी स्पर्धा करवाकर ही टेंडर लगाए जाएं। ऐसे में कई टेंडर दस्तावेजों में अनियमितताएं और अधूरापन पाए जाने पर उन्हें रद्द किया गया है। कुछ टेंडरों में दस्तावेज पूरे न होने की वजह से भी इन्हें खारिज किया गया है और औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद इन्हें दोबारा लगाया जाएगा। बस स्टैंड से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जुब्बल के लिए बस स्टैंड से रास्ता बनाने, जिला बिलासपुर की तहसील सदर में सोलग जुरासी से धार टटोह के लिए लिफ्ट इरिगेशन वाटर सप्लाई स्कीम, ज्वालामुखी में विभिन्न खड्डों में वर्षा जल संग्रहण ढांचे बनाना, तहसील घुमारवीं में नए स्रोत मनी खड्ड से जलापूर्ति योजना मालयोर, देवनगर से मूलबारी सड़क के लिए लिंक रोड में मेटलिंग और टारिंग, पॉलिटेक्निक कॉलेज हमीरपुर में मेकेनिकल इंजीनियरिंग ब्लॉक का निर्माण, राजकीय डिग्री कॉलेज सलूणी में बैडमिंटन कोर्ट और वॉलीबाल कोर्ट निर्माण, सुमन फाइलिंग स्टेशन रामपुर में इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन का निर्माण, धर्मशाला में सिद्धपुर मोहाली फेज-दो में हाउसिंग कॉलोनी का निर्माण, ज्वाली में कम्युनिटी हेल्थ सेंटर बनाने, देहरा में न्यायिक कोर्ट परिसर का निर्माण, भावानगर में गानवी खड्ड से सिल्ट हटाने, नादौन के रैल में पीएचसी निर्माण, टांडा कॉलेज में न्यूरो सर्जरी के लिए उपकरण खरीद, नूरपुर में सामुदायिक भवन निर्माण, सैनिक स्कूल सुजानपुर टीहरा में हॉस्टल निर्माण सहित कई कामों के टेंडर रद्द किए गए हैं।
हिमाचल में वित्तीय संकट से जूझ रही सरकार डीए और एरियर का भुगतान नहीं कर पा रही है, जिससे प्रदेश भर में सरकारी कर्मचारी सहित पेंशनर्स सुक्खू सरकार से नाराज चल रहे हैं। सरकार के खिलाफ कर्मचारियों के रोष का मामला कांग्रेस हाईकमान तक पहुंच गया है। ऐसे में सुक्खू सरकार कई कड़े निर्णय लेकर लोगों को भाजपा के समय दी गई मुफ्त बिजली पानी सहित अन्य सुविधाओं को वापस लेकर खाली खजाने की सेहत सुधारने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। इस तरह से खराब वित्तीय स्थिति और लोगों पर डाले जा रहे महंगाई के बोझ को लेकर कांग्रेस सरकार विपक्ष के निशाने पर है, जिसका असर दो राज्य हरियाणा और जम्मू कश्मीर के विधानसभा पर भी पड़ने के आसार हैं। इन सभी बातों का जवाब देने के लिए कांग्रेस की प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने आज पार्टी की बैठक बुलाई है, जिसमें मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू , डिप्टी मुकेश अग्निहोत्री सहित पार्टी के सभी नेताओं को बैठक में शामिल होने के निर्देश दिए गए हैं। खबर है कि इस दौरान प्रदेश में अवैध मस्जिद निर्माण के मामले को लेकर भी चर्चा होगी। कांग्रेस पार्टी प्रदेश मुख्यालय में प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह की अध्यक्षता में आज महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है, जिसमें सुखविंदर सिंह सुक्खू, उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री सहित प्रदेश मंत्रिमंडल के सभी सदस्य, सीपीएस, कांग्रेस विधायक, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सभी पदाधिकारी, विधानसभा चुनावों में रहें पार्टी प्रत्याशियों, सभी जिलाध्यक्ष और अग्रणी संगठनों एवं विभागों के राज्य प्रमुखों को बुलाया गया है। इस बैठक में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव प्रदेश मामलों के सह प्रभारी विशेष तौर पर शिरकत करेंगे। कांग्रेस मुख्यालय में सुबह 11 बजे शुरू बैठक होगी। प्रदेश कांग्रेस संगठन महामंत्री रजनीश किमटा ने बताया है कि बैठक में संगठन से जुड़े अनेक विषयों पर वार्ता होगी। उन्होंने कहा कि बैठक में भाजपा के किसी भी दुष्प्रचार का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए भी पार्टी की रणनीति तैयार करेगी। इसके लिए सभी पार्टी नेताओं को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए जाएंगे। बैठक में आमंत्रित सभी नेताओं, अभी पदाधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य की गई है।
**सरकारें अपनी पार्टी के चुनावी वादे के अनुसार काम करती है लेकिन कांग्रेस विपरीत काम कर रही है ** मुख्यमंत्री क्या 5 साल प्रदेश की जनता को झटके पर झटके ही देना चाहते हैं ** नौकरी माँग रहे युवाओं को विवाह करने की सलाह देना निंदनीय और हास्यास्पद शिमला: नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शिमला से जारी बयान में कहा कि सुक्खू सरकार हर दिन प्रदेश वासियों को झटका दे रही है। चुनाव के समय लोकलुभावन वादे करने वाली कांग्रेस पार्टी भूल गई है कि प्रदेश के लोगों पर महंगाई का बोझ लादना सरकार चलाना नहीं होता है। चुनाव के समय हर चीज़ फ्री-फ्री-फ्री की घोषणा करने वाले पहले से मिल रही सुविधाएँ छीनते चले जा रहे हैं। बिजली पर मिलने वाली 125 यूनिट की सब्सिडी बंद करने और 300 यूनिट से अधिक बिजली खर्च करने पर ज़्यादा बिल वसूलने के तानाशाही फैसले के बाद अब सरकार ने प्रदेश की जनता को फिर एक झटका दिया है। इस बार सुक्खू सरकार ने प्रदेश के लोगों को को नि:शुल्क मिल रहे हैं पेयजल की योजना भी खत्म कर दिया है। इसके साथ ही शहरों में मिलने वाले पानी के कीमतों में भारी वृद्धि की है। जिसका असर प्रदेश वासियों के जेबों पर पड़ना तय है। चुनाव में सभी चीजें फ्री देने का वादा करने के बाद पहले से फ्री मिल रही है चीजों को छीन लेना, सुविधाओं को महंगा कर देना प्रदेश के लोगों से एक धोखा है। मुख्यमंत्री को प्रदेश के लोगों से माफी मांगनी चाहिए। जयराम ठाकुर ने कहा कि सबसे हास्यास्पद ये है कि हिमाचल में उसी कांग्रेस पार्टी की सरकार है, जिसनें चुनाव के दौरान बड़े-बड़े वादे किए थे। सब कुछ फ्री में देने का आश्वासन दिया था। खटाखट की स्कीम चलाकर हिमाचल समेत पूरे देश के लोगों को बरगलाने का काम किया था। इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश में सत्ता में आने के बाद से प्रदेश के लोगों को महंगाई और बेरोज़गारी की दलदल में धकेलने वाली कांग्रेस देश के अन्य भागों में हो रहे विधानसभा चुनाव में फिर से झूठे वादे कर रही है। हरियाणा और जम्मू कश्मीर में कांग्रेस के नेता सरकारी नौकरियों की भरमार, रोजगार की भरमार लगाने समेत बिजली, पानी जैसी सुविधाओं को लेकर बड़ी बड़ी बातें कर रहे हैं। इसके अलावा महिलाओं, किसानों, बुजुर्गों, बीमार लोगों के लिए बड़ी बड़ी योजनाएं लाने की बातें कर रहे हैं। उसी कांग्रेस पार्टी की सरकार हिमाचल प्रदेश में हर दिन इन सभी वर्गों के खिलाफ़ कोई ना कोई साजिश कर रही है। पूर्व सरकार द्वारा उन्हें मिली सुविधाओं को छीन रही है। योजनाओं को बंद कर रही है या उनका बजट रोका जा रहा है। इसके साथ ही पहले से चल रहे विकास कार्यों को अटकाने भटकाने और लटकाने का काम किया जा रहा है। कांग्रेसनीत सुक्खू सरकार में 500 से ज्यादा स्कूलों को बंद कर दिया गया है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि बेरोजगार युवकों द्वारा मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान जब महिलाओं द्वारा ओवर-ऐज होने का हवाला देते हुए जल्दी से जल्दी नौकरियां निकालने मांग की गई तो उन्होंने कथित रूप से युवाओं को विवाह करने की सलाह देते हुए कहा गया कि नौकरी अपने हिसाब से आराम-आराम से ही आएगी। आप लोगो के हिसाब से नहीं। आप लोग अपना विवाह कर लीजिये। मुख्यमंत्री का यह बयान बहुत दुर्भाग्यपूर्ण और बचकाना है। क्या मुख्यमंत्री हैं भूल गए हैं कि उनकी पार्टी के हर छोटे बड़े नेता ने चौक चौराहों से चिल्ला-चिल्लाकर हर साल 1 लाख नौकरियां देने की घोषणा नहीं कर रहे थे? क्या उनके नेताओं ने प्रदेश के युवाओं से 5 साल में 5 लाख नौकरियों का वादा नहीं किया था? जब नौकरियों का वादा करके कांग्रेस ने वोट मांगे थे तो युवाओं का हक है कि वह सरकार से नौकरी मांगे और सरकार की जिम्मेदारी है कि उन्हें नौकरियां दे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को इस तरह के रवैये से बाज आना चाहिए, इसके पहले भी उन पर दिव्यांगों द्वारा गैरजिम्मेदाराना बयान देने के आरोप लगाए जा चुके हैं।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आयुर्वेद के पुरातन ज्ञान के संरक्षण पर बल देते हुए कहा कि ‘प्रकृति परीक्षण’ की अवधारणा पर गहराई के साथ शोध होना चाहिए जोकि शरीर के विभिन्न रोगों का निदान करने पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि विभिन्न रोगों का उपचार में इस अवधारणा को व्यापक स्तर पर प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। राज्यपाल ने शनिवार सायं नई दिल्ली में भारतीय धरोहर के आठवें वार्षिक सम्मान समारोह में संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत है और इसका संरक्षण करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हमारे समृद्ध मूल्यों और विश्वासों ने देश को ‘मां’ का दर्जा प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि विदेशों के बुद्धिजीवियों जैसे मैक्स मूलर ने हमारे वेदों का अध्ययन किया और उनके ज्ञान की प्रशंसा की है। इसलिए हमें न सिर्फ हमारी विरासत पर गर्व करना चाहिए बल्कि युवाओं और बच्चों को इसके बारे में जागरूक भी करना चाहिए। भारत देश संतो की भूमि है जहां लोगों को आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्ति होती हैं। उन्होंने प्राचीन ज्ञान के संरक्षण और समाज सेवा के लिए भारतीय धरोहर की समर्पित सेवाओं की तारीफ की। राज्यपाल ने भारतीय धरोहर की वार्षिक पत्रिका का विमोचन भी किया। उन्होंने रंजीत कौर को उनके दिवंगत पति के अहम योगदान के लिए स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने इस अवसर पर प्रख्यात लेखक और निर्देशक चंद्र प्रकाश द्विवेदी, शिक्षा, संस्कृति संरक्षण, जनजातीय और ग्रामीण क्षेत्रों में अहम भूमिका निभाने के लिए सामाजिक कार्यकर्ता लक्ष्मी नारायण गोयल, पूर्व संरक्षकों, भारतीय धरोहर के सदस्यों को भी सम्मानित किया, जिन्होंने संगठन के लिए उल्लेखनीय योगदान दिया। समारोह की अध्यक्षता कर रहीं राज्यसभा सांसद संगीता यादव ने भी इस अवसर पर अपने विचार प्रस्तुत किए। भारतीय धरोहर के महामंत्री विजय शंकर तिवारी ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया और संगठन की गतिविधियों के बारे में विस्तार से अवगत करवाया। इस अवसर पर भारतीय धरोहर के अध्यक्ष रमेश कपूर और सदस्यों ने समारोह में भाग लिया।
शिमला: कई अभ्यर्थी हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग के तहत भर्तियों और पूर्व में ली गई परीक्षाओं के परिणाम का इंतजार कर रहे हैं। राज्य चयन आयोग कब तक भर्तियां शुरू करेगा इसका जवाब सरकार ने विधानसभा में दिया है। धर्मशाला से विधायक सुधीर शर्मा सरकार से सवाल पूछा था कि, हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग के अन्तर्गत भर्तियां कब तक शुरू करेगी। सरकार पिछले डेढ़ साल से 31.07.2024 तक नई भर्ती प्रणाली के अन्तर्गत लम्बित पोस्ट कोड्स के परिणाम कब तक घोषित करने का विचार रखती है। सरकार कब तक कला अध्यापक पोस्ट कोड -980 का परीक्षा परिणाम घोषित करेगी। यह सत्य है कि सरकार ने गठित अधिकारियों की कमेटी ने पोस्ट कोड -980 की परीक्षा को रद्द करने का फैसला किया है। यदि हां, तो कारण बताएं? सरकार ने अपने जवाब में कहा कि, ' हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग ने पोस्ट कोड 817 (जेओए आईटी) का परिणाम दिनांक 09-08-2024 को घोषित कर दिया था। इसके अतिरिक्त, ऑपरेशन थिएटर असिस्टेंट (OTA) के 162 पदों के लिए 30–03–2024 को (CBT) कम्प्यूटर आधारित टेस्ट लिया जा चुका है। तकनीकी शिक्षा विभाग से प्राप्त रिक्यूजिशन के अनुसार 12 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। इससे साफ होता है कि आयोग ने भर्तियों का काम शुरू कर दिया है। लंबित पोस्ट के परिणाम पर सरकार ने जवाब दिया कि 31-07-2024 तक लम्बित पोस्ट कोड्स में से 24 विभिन्न पोस्ट कोड्स का परिणाम घोषित करने के लिए हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग को निर्देश दे दिये गए थे। इनमें पोस्ट कोड 1000, 999,997,1001,1002,1004,1006 समेत अन्य शामिल हैं। कला अध्यापक पोस्ट कोड -980 के संबंध में अगली कार्रवाई मन्त्रिमंडलीय उप समिति, जोकि 20-02-2024 को गठित की गई है, की संस्तुति और सक्षम प्राधिकारी के निर्णय के अनुसार की जाएगी। सरकार ने 08-11-2023 को गठित कमेटी ने 06-12-2023 को आयोजित बैठक में यह सर्वसम्मत विचार दिया कि पोस्ट कोड -980 (कला अध्यापक - शिक्षा) के प्रश्न पत्र लीक हो गए थे। दागी प्रतिभागियों को बेदाग प्रतिभागियों से अलग करना मुश्किल है और इस तरह, चयन प्रक्रिया के परिणाम की वैधता खो गई है।
हिमाचल प्रदेश सरकार की उचित मूल्यों की दुकान यानी राशन के डिपुओं पर मिलने वाले राशन के दामों में बढ़ोतरी हो गई है। आटा-चावल के दामों में इसी महीने से बढ़ोतरी की गई है, जबकि तेल के दाम पिछले महीने से ही बढ़ा दिए गए थे। सुक्खू सरकार ने एपीएल के साथ-साथ बीपीएल कोटे के राशनकार्ड धारकों की दरों में भी बढ़ोतरी की है। वहीं, प्रदेश सरकार द्वारा डिपो के राशन में की गई इस बढ़ोतरी से मंडी की जनता खुश नजर नहीं आ रही है। मंडी शहर के उपभोक्ताओं का कहना है कि तेल के दामों में अत्यधिक बढ़ोतरी हो गई है। बाजार में भी इसी कीमत पर तेल उपलब्ध है। उपभोक्ताओं का कहना हैं कि सरकार राशन की गुणवत्ता पर ध्यान दे और निम्न वर्ग के लिए रियायतों को जारी रखे, ताकि सरकारी राशन से ऐसे परिवारों का गुजर-बसर सही ढंग से हो सके। उन्होंने कहा कि सरकार को प्रदेश के सभी लोगों के बारे में सोचना चाहिए। वहीं, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले जिला मंडी के नियंत्रक विजय सिंह हमलाल ने बताया कि तेल की नई दरें पिछले महीने से जबकि आटा और चावल की नई दरें इस महीने से लागू कर दी गई हैं। सरसों तेल पहले 113 रूपए प्रति लीटर की दर से मिलता था, जोकि पिछले महीने से 123 रूपए प्रति लीटर कर दिया गया है। तेल के दाम एपीएल और बीपीएल के लिए एक जैसे ही हैं। इसके अलावा एपीएल कोटे में पहले आटा 9 रूपए 30 पैसे प्रति किलो की दर से मिलता था, उसमें अब 2 रूपए 70 पैसे की बढ़ोतरी करके 12 रूपए प्रति किलो की दर से दिया जा रहा है। चावल पहले 10 रूपए में मिलता था, इसमें 3 रूपयों की बढ़ोतरी करके 13 रूपयों में दिया जा रहा है। बीपीएल श्रेणी को दिए जाने वाले एकस्ट्रा राशन की दरों में भी बढ़ोतरी की गई है। निर्धारित कोटे की दरों में कोई बदवाल नहीं किया गया है, लेकिन एकस्ट्रा राशन लेने की जो लिमिट तय की गई है, उसकी दरों में इजाफा किया गया है। बीपीएल श्रेणी को आटा पहले 7 रूपए प्रति किलो की दर से मिलता था, जिसमें 2 रूपए 30 पैसे की बढ़ोतरी करके 9 रूपए 30 पैसे कर दिया गया है। इसी तरह से चावल पहले 6 रूपए 85 पैसे प्रति किलो की दर से मिलते थे, जिसमें अब 3 रूपए 15 पैसों की बढ़ोतरी करके 10 रूपए प्रति किलो की दर से दिया जा रहा है।
** मंडी में रोजाना बढ़ी 20 हजार लीटर खरीद हिमाचल प्रदेश सरकार ने मिल्क फेडरेशन के जरिए खरीदे जाने वाले दूध के दामों में बढ़ोतरी की है। इस बढ़ोतरी के बाद मंडी में पशुपालकों के चेहते खिल उठे हैं, जिससे मंडी में मिल्क फेडरेशन के द्वारा खरीदे जा रहे इस दूध में रोजाना 20 हजार लीटर की बढ़ोतरी हो गई है। बता दें कि इस साल सरकार ने दूध के दामों में 13.20 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। अब गाय के दूध को 45 रुपए जबकि भैंस के दूध को 55 रुपए प्रति लीटर की दर से खरीदा जा रहा है। प्रदेशभर के स्थापित मिल्क फेडरेशन के 11 संयंत्रों पर दूध की खरीद सामान्य से अधिक हो गई है। हिमाचल प्रदेश मिल्क फेडरेशन के मार्केटिंग मैनेजर संदीप ठाकुर ने बताया, "प्रदेश में जहां रोजाना 1.40 लाख लीटर दूध खरीदा जाता था। उसका आंकडा अब 1.90 लाख लीटर रोजाना तक पहुंच गया है। इसमें प्रदेश में 50 हजार लीटर प्रति दिन की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मंडी जिले के चक्कर स्थित मिल्क प्लांट में पहले हर रोज 50 हजार लीटर दूध खरीदा जाता था, जिसमें 20 हजार की बढ़ोतरी होने के बाद अब यह आंकड़ा 70 हजार लीटर तक पहुंच गया है। संदीप ठाकुर ने बताया कि दूध की खरीद बढ़ने के साथ ही मिल्क फेड द्वारा बनाए जाने वाले उत्पादों में भी बढ़ोतरी हुई है। वहीं, पशुपालकों ने इसके लिए प्रदेश सरकार का आभार जताया है। पशुपालक पितांबर शर्मा, राजकुमार और दया राम ने बताया कि पहले वे अच्छे दामों के लिए दूध को मंडी शहर या फिर अन्य स्थानों पर बेचने के लिए ले जाते थे। उसके लिए इन्हें ज्यादा मेहनत करनी पड़ती थी, लेकिन जबसे प्रदेश सरकार ने दूध खरीद के दामों में बढ़ोतरी की है तभी से ही अब ये सारा दूध मिल्क फेडरेशन के सेंटर पर बेच रहे हैं। इन्होंने उम्मीद जताई है कि सरकार ने दूध के दामों में जो और बढ़ोतरी करने का वादा किया है उसे भी जल्द ही पूरा किया जाएगा। बता दें कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने चुनावों से पहले अपने घोषणापत्र में वादा किया था कि उनकी सरकार के सत्ता में आने के बाद गाय का दूध 80 रुपये और भैंस का दूध 100 रुपये प्रति लीटर की दर से खरीदा जाएगा। हालांकि अभी ये आंकड़ा कही गई बात के आधे तक ही पहुंच पाया है। पशुपालकों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में जल्द ही सरकार अपना वादा पूरा करके पशुपालकों को लाभांवित करेगी, लेकिन इतना जरूर है कि पहले के मुकाबले दामों में बढ़ोतरी हुई है और अब मिल्क फेडरेशन भी रोजाना 50 हजार लीटर अतिरिक्त दूध खरीद रहा है।
** ग्रामीणों को प्रति कनेक्शन चुकाने होंगे 100 रुपये हिमाचल में आर्थिक तंगी से उबरने के लिए सुक्खू सरकार ने लोगों का मुफ्त बिजली पानी बंद कर दिया है। ग्रामीण क्षेत्रों में पूर्व की जयराम सरकार ने लोगों को जो फ्री पानी की सुविधा दी थी। सुक्खू सरकार ने इस सुविधा को वापस ले लिया है। अब ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को 1 अक्टूबर से पानी के प्रति कनेक्शन 100 रुपए चुकाने होंगे। अगर किसी ने पानी के अपने नाम दो कनेक्शन लिए हैं तो ऐसे उपभोक्ताओं को हर महीने पानी 200 रुपये पानी का बिल भरना होगा। सरकार ने पानी व सीवरेज का नया दाम तय कर दिया है। अब नई दरों पर लोगों को पानी मिलेगा। वहीं, कनेक्शन, मेंटेनेंस पर भी लोगों को अब पैसा देना होगा। इस बारे में जल शक्ति विभाग ने आदेश जारी कर दिए हैं, जो 1 अक्टूबर से लागू होंगे। प्रदेश सरकार ने पानी का टैरिफ रेट निर्धारित कर दिया है। अब 0 से 20 किलोलीटर पानी खर्च करने पर 19.30 रुपए, 20 से 30 किलोलीटर पर 33.28 रुपए, 30 किलोलीटर से अधिक पर 59.90 रुपए प्रति किलोलीटर की दर निर्धारित की गई हैं। पानी के कनेक्शन पर मिनिमम मेंटेनेंस चार्ज 110 रुपए प्रति माह लगेगा। मीटर खराब होने पर तीन महीने का एवरेज बिल आएगा और 444.07 रुपए प्रतिमाह की दर से वसूली होगी। यह सभी दरें ग्रामीण क्षेत्रों के घरेलू उपभोक्ताओं पर लागू होंगी। प्रदेश में बड़े होटलों के लिए नई दरें 0 से 30 किलोलीटर पर 106.30 रुपए, 30 किलो लीटर से 75 किलोलीटर तक 141.76 रुपए, 75 किलोलीटर से ऊपर 194.85 रुपए की दर से बिल वसूला जाएगा। इसी तरह से होटलों के लिए मिनिमम मेंटेनेंस चार्ज 220 रुपए प्रति महीना तय किया गया है। वहीं, खराब मीटर पर 7779.70 रुपए के हिसाब से पैसा वसूला जाएगा। नॉन डोमेस्टिक, नॉन कमर्शियल कनेक्शन के लिए दरें शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में 153.07 रुपए प्रति किलोलीटर तय की गई हैं। खराब मीटर में 7072.45 रुपए की दर से हर महीने वसूली होगी। इसी तरह से सीवरेज कनेक्शन के लिए भी नई दरें तय की हैं। सीवरेज का एडिशनल कनेक्शन लेने में दोगुनी राशि वसूल की जाएगी। डोमेस्टिक के लिए यह चार्ज 500 रुपए तय किया गया है। कॉमर्शियल के लिए 1 हजार रुपए और नॉन डोमेस्टिक नॉन कमर्शियल पर 2500 रुपए लिए जाएंगे। शहरों व ग्रामीण क्षेत्रों में सीवरेज पर वाटर चार्जिज का 30 फीसदी पैसा लिया जाएगा। शहरों में कुछ संस्थानों की ओर से अपने वाटर सोर्सेज का इस्तेमाल होता है उनसे सीवरेज का प्रति शीट 25 रुपए वसूलेंगे। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में वाटर सप्लाई में अतिरिक्त पेयजल कनेक्शन लेने के लिए घरेलू उपभोक्ताओं का रेट 200 रुपए होगा। कमर्शियल रेट 500 रुपए निर्धारित किया गया है। नॉन डोमेस्टिक नॉन कमर्शियल को यह दर 2500 रुपए तय की गई है। शहरों में डोमेस्टिक एडिशनल कनेक्शन 1 हजार रुपए में मिलेगा। कमर्शियल कनेक्शन को 1500 रुपए देने होंगे। वहीं, नॉन कमर्शियल नॉन डोमेस्टिक में 2500 रुपए रखे गए हैं। जल शक्ति विभाग ने कमर्शियल उपभोक्ताओं व संस्थाओं के लिए भी नई दरें तय की हैं। सरकारी संस्थानों, अस्पतालों, स्कूल, धर्मशाला, धार्मिक स्थलों, ढाबों, दुकानों, वॉशिंग सेंटरों, होम स्टे, प्राइवेट अस्पतालों, निजी स्कूलों, निजी कार्यालयों, रेस्तरां व अन्य सामान्य होटलों के लिए 0 से 20 किलोलीटर पानी 19.30 रुपए प्रति किलोलीटर, 20 से 30 किलोमीटर पानी पर 33.28 रुपए, 30 से 50 किलोलीटर पर 59.90 रुपए, 50 किलोलीटर से 100 किलोलीटर पर 106.30 और 100 किलोलीटर से अधिक पानी की खपत पर 150 रुपए प्रति किलोलीटर की दर तय की गई है। इनसे मिनीमम मेंटेनेंस चार्ज 110 रुपए फिक्स किए गए हैं। खराब मीटर पर 444.07 रुपए की दर से वसूली होगी। नगर निगम सोलन और पालमपुर के लिए बल्कि वाटर सप्लाई की दर 100 रुपए प्रति किलोलीटर निर्धारित की गई है। वहीं, सिंचाई योजनाओं पर 75 रुपए के हिसाब से रेट लिया जाएगा। सरकार ने शहरी निकायों व पंचायती राज संस्थाओं को कुछ इंसेंटिव भी तय किया है। उनके एरिया में वाटर चार्जिज की बेहतरीन कलेक्शन यानी यदि 75 फीसदी से 100 फीसदी तक राजस्व जुटाते हैं, तो उनको कुल कलेक्शन का 15 फीसदी पैसा दिया जाएगा। यही उनकी कलेक्शन 50 से 75 फीसदी तक रहती है, तो 10 फीसदी पैसा मिलेगा और यदि 50 फीसदी तक कलेक्शन रहती है, तो पांच फीसदी का इंसेंटिव इन संस्थाओं को दिया जाएगा। हिमाचल प्रदेश सरकार ने कुछ श्रेणियों के लिए फ्री पानी की सुविधा को जारी रखा है। इनमें विधवाओं, तलाकशुदा महिलाएं व दिव्यांगजन शामिल हैं। वहीं, जिन परिवारों की वार्षिक आय 50 हजार रुपए तक की है। उनसे मौजूदा पानी की दरों की 50 फीसदी राशि ही वसूल की जाएगी।
** विदुषी समीर कौशल के चतुर अंग शास्त्री नृत्य ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध ** "YWCA कलाकारों ने शास्त्रीय नृत्य से दर्शकों को किया आकर्षित" शिमला: राजधानी के ऐतिहासिक गेयटी थियेटर में कला संगम शिमला द्वारा आयोजित "सेलेस्टियल रिदम्स" एक शास्त्रीय नृत्य संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचीन कला केंद्र के सचिव सेजल कौशल द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। YWCA के कलाकारों द्वारा दी गई प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में छात्रों ने रूद्र ताल, झपताल और तीन ताल की आकर्षक प्रस्तुतियां दी। कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण में विदुषी समीर कौशल और उनके विद्यार्थियों द्वारा चतुर अंग शास्त्री नृत्य की प्रस्तुति दी गई, जिसे दर्शकों द्वारा खूब सराहा गया। गेयटी थिएटर सभागार कला प्रेमियों और दर्शकों से खचाखच भरा रहा और हर प्रस्तुति पर कलाकारों की तालियों से हौसला हफजाई की। स्थानीय कला संगम डांस एकेडमी की अध्यक्ष पूनम शर्मा का कहना है कि वह पिछले 35 वर्षों से विद्यार्थियों को शास्त्रीय नृत्य सिखा रही है। वो समय समय पर इस तरह के आयोजन करती रहती है और भविष्य में भी कला को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास करते रहेंगे। कार्यक्रम के अंत में संबोधित करते हुए विदुषी समीर कौशल ने कलाकारों को नृत्य की बारीकियों के गुर सिखाए। .
** कहा, हिमाचली हैं बहुत अच्छे लोग लेकिन अपनी जमीन और बेटियों की रक्षा जरूरी शिमला: सांसद कंगना रनौत ने हिमाचल में बाहर से आने वाले लोगों को लेकर सवाल किया है। उन्होंने कहा "हिमाचली अच्छे लोग होते हैं लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि लोग अपनी जमीन की रक्षा ना करें। हमने देखा है कि भारत में बाहर से आने वाले लोगों की घुसपैठ हमेशा रही है। लोग यहां नकली नाम का प्रयोग कर दूसरे धर्म के नाम पर व्यवसाय चला रहे हैं। हिमाचल प्रदेश में बाहर से आने आने वाले लोगों का मुद्दा यहां के स्थानीय लोगों ने उठाया है। इससे प्रदेश के लोगों की सुरक्षा को खतरा है जो एक बड़ा मुद्दा है। हमने अक्सर यह देखा है कि वोट बैंक के लिए यह सब किया जाता है, जबकि सरकार निकम्मी बैठी है। कश्मीर में भी 90 के दशक में क्या हुआ था। किस तरह से डेमोग्राफी को बदला गया था। जमीन और बेटियों की अगर कोई रक्षा नहीं कर पाए तो हमने इसका परिणाम देखा हुआ है। वहीं, कंगना रनौत ने सांसद राहुल गांधी पर भी जमकर हमला बोला है। उन्होंने कहा "राहुल गांधी विदेश में जाकर भारत के खिलाफ बातें करते हैं। वह अपनी सत्ता के लिए देश के टुकड़े करने से नहीं हिचकिचाते। उनकी देश के प्रति भावना सभी को पता है। कंगना रनौत ने कहा "इमरजेंसी बहुत बड़े बजट की फिल्म है। इसको लेकर हम सभी को नुकसान हो रहा है। सेंसर बोर्ड को अब दायित्व लेकर इस फिल्म को जल्द से जल्द रिलीज करवाना चाहिए। सांसद कंगना रनौत ने कहा, मैनें जिस तरह से ये फिल्म बनाई है मुझे फिल्म इंडस्ट्री का कोई साथ नहीं मिला।
** टेस्ट करवाने के बाद लौट वापस घर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की तबीयत एक बार फिर खराब हो गई है। आज सुबह स्वास्थ्य जांच के लिए सीएम सुक्खू आईजीएमसी अस्पताल शिमला पहुंचे। जहां डॉक्टरों द्वारा उनका हेल्थ चेकअप किया गया एवं जरूरी टेस्ट लिए और उसके बाद उन्हें घर भेज दिया गया। दरअसल सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू आज शनिवार सुबह 6 बजे आईजीएमसी अस्पताल पहुंचे। उन्हें पेट दर्द की शिकायत थी, जिसके चलते वो जांच के लिए अस्पताल आए थे। जहां सीएम का अल्ट्रासाउंड किया गया और जरूरी टेस्ट किए गए, जिसके बाद उन्हें वापिस भेज दिया गया। गौरतलब है कि पिछले साल भी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू बीमार हो गए थे। उन्हें पेट में दर्द की शिकायत थी, जिसके बाद वो 25 अक्टूबर को शिमला के आईजीएमसी अस्पताल शिमला में एडमिट रहे थे। उसके बाद भी जब उनकी तबीयत ठीक नहीं हो पाई थी तो वो इलाज के लिए एम्स दिल्ली चले गए थे और 27 अक्टूबर से लेकर 10 नवंबर तक एम्स में एडमिट रहे थे। सीएम सुक्खू एम्स में 15 दिनों तक एडमिट रहे थे। जहां से सेहत में सुधार होने के बाद सीएम सुक्खू वापस हिमाचल प्रदेश लौट आए थे। हालांकि फिलहाल आईजीएमसी के डॉक्टरों ने बताया कि सीएम सुक्खू का स्वास्थ्य ठीक है और डॉक्टरों द्वारा इसे एक रूटीन चेकअप बताया जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश में नशे के कारोबार पर नकेल कसने और नशा तस्करों को पकड़ने के लिए पुलिस द्वारा लगातार मुहिम चलाई जा रही है। इसी के तहत पुलिस ने एक बड़े नशा तस्कर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ इस मुहीम में न सिर्फ आधा किलो के करीब चिट्टा बरामद किया है, बल्कि चिट्टा तस्करी गिरोह के मुख्य सरगना को धर दबोचा है। ये चिट्टे की तस्करी हिमाचल में पाकिस्तान से हो रही थी। एसपी शिमला संजीव गांधी ने बताया कि चिट्टा तस्करी के मुख्य सरगना शाही महात्मा को शुक्रवार दोपहर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। शाही महात्मा काफी समय तक जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती इलाकों में रह चुका है। इस दौरान उसने सीमा पार पाकिस्तान से हो रही चिट्टा तस्करी के नेटवर्क का पता लगाया और उसमें शामिल हो गया। शाही महात्मा लंबे समय से शिमला जिले में नशा तस्करी का नेटवर्क चला रहा है। आरोपी शाही महात्मा उर्फ शशि नेगी रोहड़ू के गांव बिजौरी रंटाड़ी का रहने वाला है। गौरतलब है कि शिमला पुलिस ने कोटखाई में बुधवार रात को 468 ग्राम चिट्टे के साथ मुद्दसीर अहमद को गिरफ्तार किया था। एसपी शिमला ने बताया कि शाही महात्मा के इशारे पर ही मुद्दसीर अहमद चिट्टा रोहड़ू लेकर जा रहा था। उसी के खुलासे के बाद नशा तस्करी के सरगना को पकड़ा गया है। शिमला जिले में इससे पहले दर्ज चिट्टा तस्करी के 5 मामलों में गिरफ्तार 9 लोग भी इसके नेटवर्क का हिस्सा रहे हैं. इन सभी मामलों में शाही महात्मा की संलिप्तता सामने आने के बाद पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने संयुक्त रूप से इसे पकड़ने की योजना बनाई और इसकी हर गतिविधि पर नजर रखी।
राजधानी शिमला में एक सड़क दुर्घटना में शिक्षक की मौत हो गई। ताजा मामला शिमला के चनोग पंचायत के कफलेट गांव के पास हुआ है। जहां एक कार हादसे का शिकार हो गई। इस हादसे में एक स्कूली शिक्षक की मौत हो गई, जबकि कार में सवार उनके दो बेटे गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। एसपी शिमला संजीव गांधी ने बताया कि ये सड़क दुर्घटना शुक्रवार शाम 5 बजे पेश आई, जब स्कूल से छुट्टी के बाद शिक्षक अपने क्वार्टर (किराए के कमरे) के लिए जा रहे थे। इस दौरान ग्राम पंचायत चनोग के साथ लगते गांव का कफलेट के पास एक गाड़ी (नंबर HP 19-0103) हादसे का शिकार हो गई और सड़क से लगभग 100 मीटर नीचे गहरी खाई में जाकर गिरी। हादसे के दौरान कार में शिक्षक के साथ उनके दो बेटे भी सवार थे। जो कि गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। दोनों घायलों का सायरी अस्पताल में इलाज चल रहा है। एसपी शिमला ने बताया कि मृतक शिक्षक राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चनोग में शास्त्री के पद पर तैनात थे। मृतक की पहचान पवन कुमार के तौर पर हुई है। वो सोलन जिले के अर्की के रहने वाले थे। गाड़ी पवन कुमार ही चला रहे थे, जिस समय ये दर्दनाक सड़क हादसा पेश आया। दुर्घटना के बाद सभी को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन शिक्षक को जांच के बाद डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने दुर्घटना में मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
** 300 यूनिट से ज्यादा खर्च करने पर सब्सिडी बंद हिमाचल में 90 हजार करोड़ कर्ज के बोझ के नीचे दबी प्रदेश सरकार ने आर्थिक सेहत सुधारने के लिए लोगों की जेब से पैसा निकालना शुरू कर दिया है। विधानसभा चुनाव से पहले जिस कांग्रेस में लोगों को 300 यूनिट फ्री बिजली देने की गारंटी दी थी। प्रदेश की सत्ता में आने के बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में बनी उसी कांग्रेस की सरकार ने उपभोक्ताओं को महंगाई का करंट देना शुरू कर दिया है। महंगाई का ये झटका अक्टूबर से 300 यूनिट से ज्यादा बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ताओं की जेब को लगेगा। ये इसलिए कि सुक्खू सरकार ने 300 से ज्यादा यूनिट बिजली खर्च होने पर सब्सिडी बंद करने का फैसला लिया है। इस बारे में सरकार के आदेशों के बाद हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड ने विद्युत नियामक आयोग को टैरिफ बढ़ाने के लिए पत्र लिखा हैं। ऐसे में अब सरकार के फैसले के बाद घरेलू उपभोक्ताओं को 300 से ज्यादा यूनिट बिजली खर्च करने पर पहले के मुकाबले अब महंगी बिजली मिलेगी। बिजली बेचकर देश के दूसरे राज्यों को रोशन करने वाले ऊर्जा राज्य हिमाचल में ही उपभोक्ताओं को अगले महीने से बिजली महंगी मिलेगी। प्रदेश में अभी 300 यूनिट से ज्यादा बिजली खर्च करने पर उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 1.03 रुपये सब्सिडी की सुविधा दी जा रही है, जिससे उपभोक्ताओं को 300 यूनिट से ज्यादा बिजली की खपत करने पर 5.22 रूपये का टैरिफ लगता है, लेकिन प्रदेश सरकार की वित्तीय हालत ठीक नहीं है। ऐसे में सरकार ने अब अधिक बिजली खर्च करने पर दी जाने वाली 1.03 रुपये यूनिट सब्सिडी को खत्म करने का फैसला लिया है। इस तरह से अब 300 यूनिट से ज्यादा बिजली खर्च होने पर टैरिफ बढ़कर 6.25 रुपये हो जाएगा। यानी इस दर से अधिक बिजली खर्च करने पर घरेलू उपभोक्ताओं को बिल थमाया जाएगा। अब अगर उपभोक्ता महंगाई की मार से बचना चाहते हैं तो उन्हें बिजली की अधिक खपत पर नियंत्रण रखना होगा, ताकि हर महीने बिजली के यूनिट 300 से कम रहे। तभी उपभोक्ता महंगाई की मार से बच पाएंगे। सरकार की बिजली महंगी करने का फैसला अक्टूबर महीने से प्रभावी हो जाएगा। प्रदेश में 300 से अधिक यूनिट बिजली खर्च करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं की संख्या 92 हजार से अधिक है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज यहां हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में 780 मेगावाट की जंगी थोपन पोवारी जलविद्युत परियोजना को एचपी पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड को सौंपने की मंजूरी दी गई। 1630 मेगावाट की रेणुकाजी और 270 मेगावाट की थाना प्लाउन पंप स्टोरेज जलविद्युत परियोजनाओं को हिमाचल प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड के पक्ष में आवंटित करने का भी निर्णय लिया गया। कैबिनेट ने स्वास्थ्य मंत्री कर्नल (डॉ.) धनी राम शांडिल की अध्यक्षता में एक कैबिनेट उप समिति के गठन को मंजूरी दी, जिसमें ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी और आयुष मंत्री यदविंदर गोमा शामिल होंगे। रोगी कल्याण समितियों को मजबूत करने के लिए सिफारिशें प्रदान करना। मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग को पोस्ट कोड 903 और 939 के परिणाम घोषित करने के लिए अधिकृत किया है, जबकि जांच और अदालती कार्यवाही के अंतिम परिणाम आने तक पोस्ट कोड 903 के तहत पांच पद और पोस्ट कोड 939 के तहत छह पद खाली रखे हैं। इसने शैक्षणिक अनुसंधान को बढ़ाने और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के उद्देश्य से सोलन में राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) को राज्य स्तर पर स्कूल और शिक्षक प्रशिक्षण के लिए शीर्ष संस्थान के रूप में पदोन्नत करने को भी मंजूरी दे दी। इसके अतिरिक्त, मंत्रिमंडल ने शिक्षकों के लिए व्यावसायिक विकास प्रदान करने के लिए 12 जिला शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थानों (डीआईईटी) को मजबूत करने का निर्णय लिया। 'डॉ.' के लाभों को बढ़ाने का भी निर्णय लिया गया। 'यशवंत सिंह परमार ऋण योजना' विदेशी शैक्षणिक संस्थानों में व्यावसायिक और व्यावसायिक पाठ्यक्रम करने के इच्छुक पात्र मेधावी छात्रों के लिए है। इस योजना के तहत, राज्य सरकार एक प्रतिशत की ब्याज दर पर शैक्षिक ऋण प्रदान करती है। मंत्रिमंडल ने कांगड़ा जिले के सिविल अस्पताल देहरा और सिरमौर जिले के सिविल अस्पताल पांवटा साहिब में 50 बिस्तरों वाले क्रिटिकल केयर ब्लॉक की स्थापना को मंजूरी दे दी, जिससे उन्हें आधुनिक देखभाल सुविधाओं से लैस किया जाएगा। देहरा में एचपीएसईबीएल के अधीक्षण अभियंता और खंड चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय स्थापित करने का भी निर्णय लिया गया है। वन विभाग में सहायक वन रक्षकों के 100 रिक्त पदों को भरने का निर्णय लिया गया। मुद्रण एवं लेखन सामग्री विभाग में विभिन्न श्रेणियों के 33 पद भरने को मंजूरी दी गई। इसमें लाहौल-स्पीति जिले के सिस्सू में एक नया पुलिस स्टेशन खोलने के साथ-साथ इसे कार्यात्मक बनाने के लिए विभिन्न श्रेणियों के 18 पदों के सृजन और भरने पर सहमति व्यक्त की गई। चम्बा जिले के हटली में नई खुली पुलिस चौकी के लिए विभिन्न श्रेणियों के छह पद सृजित करने और भरने का भी निर्णय लिया गया। इसके अलावा, जिला जेल मंडी में पुलिस उपाधीक्षक के दो पद, डिस्पेंसर का एक पद, सहायक निदेशक (जीव विज्ञान और सीरोलॉजी) का एक पद और गृह में प्रयोगशाला सहायक (रसायन विज्ञान और विष विज्ञान) के तीन पद भरने का भी निर्णय लिया गया। विभाग। हिमाचल प्रदेश के महाधिवक्ता कार्यालय में विभिन्न श्रेणियों के 10 पद भरने का भी निर्णय लिया गया। बैठक में शिमला जिले के शोघी और सोलन जिले के कसौली, जाबली, बरोटीवाला, नालागढ़ और बद्दी के ईएसआई स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सा अधिकारी (दंत) के छह पद सृजित करने और भरने का निर्णय लिया गया। कैबिनेट ने अपनी परिचालन क्षमताओं को बढ़ाने के लिए फोरेंसिक सेवा विभाग को छह मोबाइल फोरेंसिक वैन प्रदान करने की मंजूरी दे दी।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज यहां सूचना एवं जन सम्पर्क, उत्तर पूर्व परिषद्, के निदेशक अजय पराशर द्वारा लिखित दो पुस्तकों ‘जालंधर पीठ का रहस्य’ और ‘मुश्तरका खाता’ का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने इन पुस्तकों के संकलन में लेखक के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ‘जालंधर पीठ का रहस्य’ पाठकों का हिमाचल प्रदेश की विभिन्न पीठों के ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्त्व के बारे में ज्ञानवर्धन करेगी। ‘मुश्तरका खाता’ रोजमर्रा की जिन्दगी के विभिन्न आयामों को दर्शाती 16 लघु कहानियों का संग्रह है, जो स्थानीय संस्कृति एवं इतिहास की समझ बढ़ाने में महत्त्वपूर्ण साबित होगी। अजय पराशर ने विमोचन एवं उत्साहवर्धन के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
**कलाकार देंगे रूद्र ताल, झपताल और तीन ताल की प्रस्तुतियां शिमला: राजधानी के ऐतिहासिक गेयटी थियेटर में कला संगम शिमला की ओर से सेलेस्टियल रिदम्स एक शास्त्रीय नृत्य संध्या का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर प्राचीन कला केंद्र के सचिव सेजल कौशल बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगे। शिमला में पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए कार्यक्रम के आयोजक पूनम शर्मा ने बताया की 21 सितंबर को कार्यक्रम शाम 5:00 बजे से शुरू होगा। इसमें कला संगम डांस एकेडमी के करीब 60 से 70 विद्यार्थी भाग लेंगे। इसमें रूद्र ताल, झपताल और तीन ताल प्रस्तुत किए जाएंगे। इसके अलावा विदुषी समीर कौशल और उनके विद्यार्थियों की ओर से चतुर अंग शास्त्री नृत्य की प्रस्तुति दी जाएगी। कला संगम डांस एकेडमी की अध्यक्ष पूनम शर्मा का कहना है कि वह पिछले 35 वर्षों से विद्यार्थियों को शास्त्रीय नृत्य सिखा रही है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देना और कलात्मक अभिव्यक्ति के लिए एक मंच प्रदान करना है।
**संजौली में हुए लाठीचार्ज पर जताया विरोध शिमला: संजौली में स्थित कथित अवैध मस्जिद निर्माण को लेकर प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शनों का दौर अभी भी जारी है। इसके साथ ही संजौली में प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर हिंदू संगठनों का गुस्सा अभी शांत नहीं हुआ है। मंडी, कुल्लू, बिलासपुर के बाद जिला शिमला में उपमंडल चौपाल के नेरवा में आज हिंदू संगठनों ने जोरदार प्रदर्शन किया। नेरवा बाजार में सुबह हिंदू संगठनों के हजारों कार्यकर्ताओं ने हिंदू जागरण मंच के पूर्व प्रांत महामंत्री के नेतृत्व में विरोध रैली निकाली। इस प्रदर्शन में करणी सेना और कई हिंदू संगठन शामिल रहे। हिंदू संगठनों ने अवैध प्रवासियों की समस्या को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। साथ ही अवैध प्रवासियों के साथ किसी तरह का मेलजोल न रखने की बात कही। हिंदू जागरण मंच के अध्यक्ष कमल गौतम का कहना है कि, ' उनकी लड़ाई हिमाचल के अल्पसंख्यकों के साथ नहीं है। ये लोग लंबे समय से हमारे साथ रहे हैं, लेकिन प्रदेश में जगह-जगह बाहर से आए अवैध प्रवासी दिन प्रतिदिन हिमाचल के व्यापार, जमीनों पर कब्जा करते जा रहे हैं। ये आने वाले दिनों में हिमाचल के लिए खतरे की घंटी है। 11 सितंबर को संजौली में अवैध मस्जिद के खिलाफ प्रदर्शन किया गया था। इसके बाद पूरे हिमाचल में इसे लेकर प्रदर्शन हुए थे। संजौली में शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस ने बिना किसी कारण के लाठियां बरसाई हैं, जिसमें 11 लोगों को चोटें आई थीं। पुलिस शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे लोगों को भी रोक रही है और जनता की आवाज को दबाना चाहती है। इसी को लेकर नेरवा में आज लोग इकट्ठे हुए हैं और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई है। वहीं, हिंदू संगठनों ने मांग की है कि सरकार संजौली स्थित अवैध मस्जिदों को जल्द हटाए और बाहर से आने वाले अवैध प्रवासियों पर नजर रखे और उनका रिकॉर्ड पुलिस के पास होना चाहिए। हिंदू संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार समय रहते कार्रवाई नहीं करती है तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन पूरे प्रदेश में तेजी से फैलेगा। इसके लिए सरकार जिम्मेवार होगी।
जिला शिमला के कोटखाई थाना के तहत चिट्टे की एक बड़ी खेप पकड़ी गई है। ऊपरी शिमला के खड़ापत्थर में जम्मू और कश्मीर के जिला कुपवाड़ा निवासी मुद्दासिर अहमद से 460 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया है। सम्भवत ये हिमाचल में चिट्टे की सबसे बड़ी खेप है। पुलिस थाना कोटखाई के अनुसार मुद्दासिर अहमद नामक व्यक्ति चिट्टे की इस खेप को रोहड़ू में सप्लाई करने जा रहा था। कोटखाई पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की छानबीन शुरू कर दी है। शिमला पुलिस ने अपने आधिकारिक पेज पर इस बरामदगी की सूचना साझा की है। एसपी शिमला संजीव गांधी ने मामले की पुष्टि की है। एसपी शिमला ने बताया, आज सुबह पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी की एक व्यक्ति नशे की खेप से कहीं जा रहा है। खड़ापत्थर में सीआईडी ने जम्मू कश्मीर के गांव भातपुरा, जिला कुपवाड़ा निवासी मुद्दासिर अहमद से 460 ग्राम चिट्टा बरामद किया है। मुद्दासिर चिट्टे की इस खेप को रोहड़ू में चिट्टा माफिया को देने वाला था। कोटखाई पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
** हिमाचल में उपजे विवाद से करवाया अवगत ** सीएम को फोन कर घटनाओं को रोकने के केसी वेणुगोपाल ने दिए निर्देश हिमाचल प्रदेश के शिमला में मस्जिद विवाद के बाद पूरे प्रदेश में हिंदू संगठनों द्वारा किए जा रहे धरना प्रदर्शन किए जा रहे है। प्रदेश भर में मस्जिदों के बाहर नारेबाजी की जा रही है, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया है। वही इसको लेकर प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष इकबाल मुहमद की अगवाई में एक मुस्लिम समुदाय का प्रतिनिधि मंडल दिल्ली पहुचा, जिसमे कई मस्जिदों के इमाम भी शामिल थे । प्रतिनिधिमंडल ने कांग्रेस अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद इमरान प्रतापगढ़ी से मुलाकात की और उन्हें प्रदेश की स्थिति से अवगत करवाया ओर कहा कि हिमाचल में खास कर एक समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है आए दिन मस्जिदों के बाहर प्रदर्शन किए जा रहे है, जिससे मुस्लिम समुदाय में डर का माहौल बनाया जा रहा है और माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है। वही इमरान प्रतापगढ़ी ने प्रतिनिधि मंडल को कांग्रेस महासचिव कैसी वेणुगोपाल के पास लेकर पहुचा और हिमाचल में एक समुदाय के खिलाफ हो रही घटनाओं को रोकने की अपील की। वही मौके से ही वेणु गोपाल मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह से फोन पर बात की और इन घटनाओं को रोकने के निर्देश दिए। केसी वेणुगोपाल ने आश्वासन दिया कि कॉंग्रेस पार्टी आपसी सौहार्द के लिए प्रतिबद्ध है और राहुल गॉंधी के मुहब्बत के नारे के साथ न्याय करने के लिए पुरज़ोर कोशिश कर रही है।
** प्राइवेट होटलों में दिया जा रहा डिस्काउंट हिमाचल प्रदेश में अब बर्फ से ढकी चोटियां पर्यटकों को आकर्षित करने लगी हैं। लाहौल-स्पीति और मनाली की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी होने से बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है, जिसके चलते पिछले कुछ दिनों से प्रदेश में पर्यटकों की आमद बढ़ने लगी है। जिला कुल्लू की पर्यटन नगरी मनाली में अब ऑक्यूपेंसी 30 प्रतिशत के पार पहुंच गई है। इसके अलावा अन्य राज्यों से आने वाले टूरिस्ट व्हीकल का आंकड़ा भी 500 के पार हो गया हैं। इस वीकेंड में पर्यटन कारोबारियों को ऑक्यूपेंसी बढ़ने की उम्मीद है। अन्य राज्यों से मनाली पहुंचने वाली लग्जरी बसें का आंकड़ा 35 के पार हो गया। वहीं, रोहतांग पास में भी पर्यटकों की आमद बढ़ने लगी है। बीते दिन भी लगभग 115 टूरिस्ट व्हीकल रोहतांग पहुंचे। इसके अलावा सैलानियों को कुल्लू-मनाली के निजी होटलों में 30 से 40 प्रतिशत तक डिस्काउंट दिया जा रहा है। वहीं, पर्यटन कारोबारी भी दशहरा सीजन को लेकर आकर्षक पैकेज बनाने में जुट गए हैं। मनाली के पर्यटन कारोबारी दलीय, चुनी लाल, प्रताप व प्रेम ने बताया कि बीते दिन मनाली में पर्यटकों की बाहरी राज्यों से 35 लग्जरी बसें पहुंचीं। बरसात के चलते पर्यटन कारोबार चौपट गया था। सितंबर के पहले सप्ताह में लग्जरी बसों की संख्या 10 तक रह गई थी। इससे पहले अगस्त में मनाली के होटलों में ऑक्यूपेंसी 15 प्रतिशत थी, जो कि अब 30 प्रतिशत तक पहुंच गई है। उन्होंने बताया कि इस वीकेंड पर इसमें और ज्यादा बढ़ोतरी की उम्मीद है। मनाली में अब पर्यटन कारोबारी नवरात्रि की तैयारी में जुटे है। स्नो वैली रिजॉर्ट के एमडी विम्पी बक्शी, मनाली ग्रैंड के मैनेजर हैप्पी, ग्लेशियर रिजॉर्ट के मैनेजर किशन व माहीन काटेज के मैनेजर राजू ने बताया कि कुल्लू दशहरा उत्सव के दौरान पर्यटन कारोबार में तेजी आएगी। उन्होंने बताया कि निजी होटलों में 30 से 40 प्रतिशत तक छूट दी जा रही है। होटल एसोसिएशन मनाली के उपाध्यक्ष रोशन ठाकुर ने कहा कि इस बार दशहरा सीजन बेहतर चलने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि मनाली के पर्यटन कारोबारी दशहरा व दिवाली सीजन की तैयारी में जुट गए हैं।
** न्यायमूर्ति राजीव शकधर की सिफारिश निरस्त शिमला: पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट के सीनियर मोस्ट जज न्यायमूर्ति जीएस संधवालिया अब हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश होंगे। इससे पूर्व न्यायमूर्ति राजीव शकधर को हिमाचल हाईकोर्ट का सीजे नियुक्त करने की सिफारिश की गई थी। इस सिफारिश को अब निरस्त किया गया है। अब सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने न्यायमूर्ति जीएस संधवालिया के नाम की सिफारिश की है। कॉलेजियम ने अपनी सिफारिश केंद्र सरकार को भेज दी है। उल्लेखनीय है कि न्यायमूर्ति जीएस संधवालिया को वर्ष 2011 में 30 सितंबर को पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट में न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। इस समय हिमाचल हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एमएस रामचंद्र राव हैं। न्यायमूर्ति एमएस रामचंद्र राव का स्थानांतरण हुआ है। उनके स्थान पर नया सीजे नियुक्त होना है। इसके लिए पहले न्यायमूर्ति राजीव शकधर के नाम की सिफारिश हुई थी। न्यायमूर्ति राजीव शकधर इसी साल 18 अक्टूबर को दिल्ली हाईकोर्ट से सेवानिवृत हो रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने इसी साल 11 जुलाई को राजीव शकधर के नाम की सिफारिश हिमाचल हाईकोर्ट के सीजे के तौर पर की थी। उस सिफारिश को अब निरस्त किया गया है। अब नई सिफारिश के अनुसार न्यायमूर्ति जीएस संधवालिया को नियुक्त करने की बात कही गई है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने केंद्र सरकार से ये सिफारिश की है कि न्यायमूर्ति जीएस संधवालिया को 18 अक्टूबर को न्यायमूर्ति राजीव शकधर की रिटायरमेंट के बाद हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया जाए। यहां बता दें कि हिमाचल हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के तौर पर न्यायमूर्ति एमएस रामचन्द्र राव ने मई 2023 में कार्यभार संभाला था। पिछली सिफारिश के तहत उन्हें झारखंड के मुख्य न्यायाधीश बनाने की बात कही गई थी। तब सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने देश के सात राज्यों में हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किए जाने की सिफारिश की थी।
** प्रदेशभर में खोले 19 खरीद केंद्र हिमाचल में खरीफ सीजन में तैयार हो रही धान की फसल को बेचने के लिए किसानों को परेशान नहीं होना पड़ेगा। किसानों को घर द्वार पर धान की फसल बेचने की सुविधा मिल सके, इसके लिए सरकार ने 19 खरीद केंद्र खोले हैं। इन केंद्रों में किसान अपनी सुविधा के मुताबिक धान की फसल को बेच सकते हैं। यही नहीं किसान समय पर अपनी फसल को बेच सके, इसके लिए खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने धान की फसल की खरीद करने के लिए बुकिंग का पोर्टल भी खोल दिया हैं। इस तरह से किसान धान की फसल बेचने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवा सकते है। धान की खरीद के लिए पोर्टल खुलने के साथ ही किसानों ने ऑनलाइन पंजीकरण करना शुरू कर दिया है। विभाग ने किसानों का पंजीकरण करने के लिए hpappp.nic.in पोर्टल का लिंक तैयार किया हैं। हिमाचल में किसानों से सरकार धान की फसल खरीदेगी। विभाग के इस पोर्टल पर धान खरीद से जुड़ी पूरी जानकारी उपलब्ध है। प्रदेश भर में स्थापित किए गए 19 केंद्रों में 10 अक्टूबर से 31 दिसंबर तक धान की खरीद की जाएगी। किसानों की आर्थिक सेहत सुधारने के लिए सरकार ने अबकी बार धान की फसल का खरीद मूल्य 2320 रुपए प्रति क्विंटल तय किया है। हिमाचल प्रदेश में धान खरीद के लिए 19 केंद्र बनाए गए है। इसमें एचपीएससीएससी चिड़गांव जिला शिमला, अनाज मंडी फतेहपुर, पांवटा साहिब धौलाकुंआ जिला सिरमौर, एपीएमसी रामपुर, मलपूर बद्दी जिला सोलन, रियाली, एचपीएससीएससी गोडाऊन कवार, एचपीएससीएससी गोडाऊन सलूणी जिला चंबा, एचपीएससीएससी गोडाऊन शिलाई, एचपीएससी एससी गोडाऊन तीसा, मार्केट यार्ड नालागढ़, एचपीएससीएससी गोडाऊन ददाहू, एचपीएससीएससी गोडाऊन हरिपुरधार जिला सिरमौर, मार्केट यार्ड टकारला, मीलवां, नगरोटा बगवां जिला कांगड़ा, रियाली, औद्योगिक क्षेत्र टाहलीवाल जिला ऊना में धान खरीद केंद्र बनाए हैं।


















































