प्रदेश में शुष्क मौसम लगातार जारी बना हुआ है, वहीं मैदानी और निचले इलाकों में घना कोहरा छा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की संभावना नहीं है। प्रदेश में सबसे कम कुकुमसेरी में -4.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। हालांकि, 30 दिसंबर से पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मध्य व उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है। मौसम विभाग ने ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, सोलन और सिरमौर जिलों के लिए घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में सुबह और देर रात दृश्यता काफी कम रहने की चेतावनी दी गई है। विशेष रूप से ऊना और बिलासपुर में कई स्थानों पर घना कोहरा छाए रहने की संभावना है, जिससे सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 30 और 31 दिसंबर को मध्य व उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है। नए साल की शुरुआत में भी ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी के आसार बने हुए हैं। बीते 24 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव दर्ज नहीं किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी संभव है, लेकिन इसके बाद इसमें फिर 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है। अधिकतम तापमान में भी आगामी दिनों में गिरावट आने के संकेत हैं।
इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में डॉक्टर और मरीज के बीच हुई हाथापाई का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी में हुए इस विवाद के बाद आज डॉक्टर काम छोड़कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। डॉक्टर “वी वांट जस्टिस” और “हम सब एक हैं” जैसे नारे लगाते हुए प्रदर्शन कर रहे हैं। हड़ताल के चलते डॉक्टर किसी भी मरीज की जांच नहीं कर रहे हैं और डॉ. राघव का टर्मिनेशन वापस लेने की मांग पर अड़े हुए हैं। रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन (आरडीए) के अध्यक्ष सोहेल शर्मा ने कहा कि आज सभी डॉक्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं, जिसमें डेंटल डॉक्टर भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि डॉक्टरों की सरकार से एक ही मांग है डॉ. राघव का टर्मिनेशन तुरंत वापस लिया जाए। सोहेल ने कहा कि डॉक्टर खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, ऐसे में सरकार को डॉक्टरों की सुरक्षा पर भी ध्यान देना चाहिए। डॉ. राघव को पहले सस्पेंड किया गया और उसके बाद बिना उचित जांच के सीधे टर्मिनेट कर दिया गया, जो गलत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार डॉ. राघव का टर्मिनेशन वापस नहीं लेती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। मरीज से मारपीट के आरोप में डॉ. राघव की सेवाएं समाप्त किए जाने के बाद रेजिडेंट डॉक्टरों में भारी रोष है। आईजीएमसी के अलावा टांडा, नाहन, नेरचौक, चंबा और हमीरपुर मेडिकल कॉलेजों में भी सेवाएं प्रभावित रहीं, जिसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ा। सुबह ओपीडी के बाहर मरीजों की लंबी कतारें लगी रहीं, लेकिन डॉक्टरों के न होने से कई मरीजों को बिना उपचार के ही घर लौटना पड़ा। हालांकि ओपीडी में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की तैनाती की गई है। आईजीएमसी में आरडीए के बैनर तले अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए रेजिडेंट डॉक्टर मेडिकल कॉलेज परिसर में एकत्र हुए। यहां अध्यक्ष सोहेल शर्मा और अन्य पदाधिकारियों ने रेजिडेंट्स, इंटर्न्स और एमबीबीएस छात्रों को संबोधित करते हुए चिकित्सक की बर्खास्तगी के आदेशों को रद्द करने की मांग की। सोहेल ने कहा कि यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है, जिससे डॉक्टर पेशे और अस्पताल की छवि को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने दोहराया कि बर्खास्तगी वापस लिए जाने तक हड़ताल जारी रहेगी।
शिमला के इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में मरीज से मारपीट विवाद में रेजिडेंट डॉक्टरों ने आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने का ऐलान किया है। इससे अस्पतालों की OPD और रूटीन ऑपरेशन पूरी तरह बंद रहेंगे। इस दौरान-इमरजेंसी सर्विस जारी रहेगी। इस बीच, मेडिकल एजुकेशन एवं रिसर्च डिपार्टमेंट (DMER) ने स्टेंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी की है। इनमें कहा गया कि RDA की हड़ताल के दौरान मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में इलाज व पढ़ाई बाधित नहीं होनी चाहिए। रूटीन ऑपरेशन बंद रहेंगे, जबकि इमरजेंसी में ऑपरेशन चलते रहेंगे। वहीं CM सुक्खू द्वारा मांगे मानने के आश्वासन के बावजूद डॉक्टर स्ट्राइक पर गए है। इससे पूरे प्रदेश में आज मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। साथ ही RDA के समर्थन में हिमाचल मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन (HMOA) और स्टेट एसोसिएशन ऑफ मेडिकल एंड डेंटल कॉलेज टीचर्स (SAMDCOT) भी आ गई है। इससे प्रदेश में लगभग 3000 डॉक्टर हड़ताल पर रहने वाले है। बता दें कि डॉक्टरों द्वारा मांग कि जा रही है कि डॉ. राघव निरूला के खिलाफ टर्मिनेशन की कार्रवाई को निरस्त किया जाए साथ ही IGMC परिसर के भीतर भीड़ द्वारा डराने-धमकाने/ट्रायल की गंभीर घटना मामले में दोषियों के खिलाफ FIR हो और डॉ. राघव को जान से मारने की धमकी तथा उन्हें देश छोड़ने के लिए मजबूर करने वाले नरेश दस्ता पर मामला दर्ज हो, अस्पतालों में डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चत की जाए। इन सभी मांगों को लेकर डॉक्टरों ने आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने का ऐलान किया है।
प्रदेश में एक बार फिर मौसम करवट बदलने जा रहा है, जिससे प्रदेश में पिछले दो महीनों से अधिक समय से चल रहे ड्राई स्पेल के टूटने के आसार बन गए हैं। मौसम विभाग के अनुसार 30 दिसंबर से मौसम बदलेगा और 1 जनवरी तक मध्य व उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है। हालांकि, मैदानी जिलों में मौसम साफ रहेगा। निचले पहाड़ी और मैदानी इलाकों में 29 दिसंबर तक कोहरा छाए रहने का ऑरेंज और 30 को येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र की ताजा जानकारी के अनुसार प्रदेश के चंबा, लाहौल-स्पीति और कुल्लू जिलों के ऊंचाई वाले इलाकों में आगामी तीन दिनों तक लगातार बर्फबारी होने के आसार बन गए हैं। प्रदेश में 30 दिसंबर को एक नया पश्चिमी विक्षोभ प्रवेश कर रहा है, जिससे इस दिन प्रदेश के मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में एक या दो स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी होने के आसार है। इसी तरह से मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में 31 दिसंबर और 1 जनवरी को भी एक या दो स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी रहेगी। वहीं, अगले दो दिन तक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ का अधिक प्रभाव नजर आएगा। प्रदेश में 27 से 29 दिसंबर तक मौसम साफ रहेगा। इस दौरान दिन के तापमान कई स्थानों में दो से तीन डिग्री सेल्सियस से अधिक रह सकता है और न्यूनतम तापमान भी सामान्य से अधिक रहेगा। लेकिन, जैसे ही 31 दिसंबर को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होगी, इस कारण ऊंचाई वाले क्षेत्रों में दिन के तापमान और न्यूनतम तापमान में काफी गिरावट दर्ज की जा सकती है। इसके प्रभाव से मैदानी जिलों के तापमान में भी 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट बने रहने की संभावना है।
सस्ते राशन के डिपुओं में अब उपभोक्ता को बैकलॉग का राशन नहीं मिलेगा। वर्तमान माह में ही उपभोक्ताओं को पूरा राशन लेना होगा। खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली ने इस नियम को सख्ती से लागू कर दिया है। अब तक जिन उपभोक्ताओं को पिछले महीने का राशन बाद में एक साथ मिल जाता था, यानी जो बैकलॉग कोटा की सुविधा मिलती थी। यह व्यवस्था अब विभाग ने बंद कर दी है। ऐसे में अब उपभोक्ता काे वर्तमान माह में ही समय पर डिपो पहुंचकर सस्ता राशन लेना होगा, नहीं तो कोटा उसी महीने में समाप्त हो जाएगा। विभाग ने यह नियम पहले भी लागू किए थे लेकिन अब इन नियमों को सख्ती से लागू कर दिया है। वहीं इस संबंध में विभाग की ओर से जिला नियंत्रकों को भी दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैैं। विभाग व सरकार के इस फैसले को राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने और अनियमितताओं पर विराम लगेगा। विभाग की ओर से जारी ये आदेश इसी महीने से लागू हो गए हैं। अब दिसम्बर महीने में जो भी उपभोक्ता राशन नहीं उठाएगा उन्हें अगले महीने यानी जनवरी महीने में बैकलॉग नहीं दिया जाएगा। डिपो संचालकों पर भी ये नियम लागू होगा। उन्हें भी परमिट कटने के बाद तय समय में होलसेल गोदामों से सस्ते राशन के पूरा कोटा एक साथ उठाना होगा, ताकि करंट महीने में ही उपभोक्ताओं को पहली तारीख से राशन उपलब्ध हो सके। डिपो धारक भी अगर समय पर राशन का पूरा कोटा नहीं उठता है। जिस कारण वर्तमान माह में उपभोक्ताओं को सस्ता राशन नहीं मिल पाता है तो इस स्थिति में उपभोक्ताओं को अगले महीने बैकलॉग नहीं मिलेगा। ऐसे में डिपो धारकों की लापरवाही का खामियाजा भी उपभोक्ताओं को ही उठाना पड़ सकता है।
हिमाचल प्रदेश में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को बड़ा झटका लगने वाला है दरअसल 25 दिसंबर की रात 8 बजे से प्रदेश भर में 108 और 102 एंबुलेंस सेवाएं ठप रहेगी। एंबुलेंस कर्मचारियों ने 48 घंटे की हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। यह हड़ताल 27 दिसंबर की रात 8:00 बजे तक तक जारी रहेगी। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने हड़ताल को लेकर तैयारियां पूरी कर ली हैं। मरीजों को परेशानी न हो, इसके लिए विभाग अपनी एंबुलेंस चलाएगा। वहीं, 108 और 102 एंबुलेंस कर्मचारियों का कहना है कि एनएचएम की ओर से उनकी लंबित मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है और प्रशासन कंपनी के हित में काम कर रहा है। सीटू के बैनर तले यह हड़ताल होगी। वहीं सीटू नेता विजेंद्र मेहरा ने कहा कि प्रशासन कर्मचारियों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करने के बजाय उन पर एस्मा एक्ट 1972 लागू करने की धमकी देकर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। यूनियन नेताओं का कहना है कि एंबुलेंस सेवा का टेंडर सरकार और प्रशासन ने निजी कंपनी को दिया है, लेकिन जब कर्मचारी कंपनी द्वारा किए जा रहे शोषण की शिकायत लेकर प्रशासन के पास पहुंचते हैं तो यह कहकर जिम्मेदारी से बचा जाता है कि वे सरकारी कर्मचारी नहीं हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि अब वही प्रशासन कंपनी को संरक्षण देने के लिए कर्मचारियों पर एस्मा एक्ट लगाने की बात कर रहा है। कर्मचारियों का यह भी कहना है कि उन्होंने कई बार शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखीं और प्रशासन को कंपनी के शोषण से अवगत कराया, लेकिन हर बार उनकी आवाज़ को नजरअंदाज किया गया।
IGMC शिमला में मरीज और डॉक्टर के बीच हुई झड़प के मामले में राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। इंदिरा गाधी मेडिकल कॉलेज एंव अस्पताल (आईजीएमसी) अस्पताल के सीनियर डॉक्टर राघव नरूला को सुक्खू सरकार ने मरीज से मारपीट के आरोपों के बाद पद से बर्खास्त कर दिया है। जांच कमेटी की रिपोर्ट में आरोपी डॉक्टर को दोषी माना गया है और उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निदेशक ने उन्हें टर्मिनेट के आदेश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को 24 घंटे के अंदर जांच रिपोर्ट तलब की थी। इसी जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। जांच समिति की रिपोर्ट में यह निष्कर्ष निकाला गया है कि इस घटना के लिए दोनों पक्ष मरीज और सीनियर रेजिडेंट जिम्मेदार हैं। रिपोर्ट में इसे कदाचार, दुर्व्यवहार, अनुचित आचरण और एक लोक सेवक के लिए अशोभनीय कृत्य मानते हुए रेजिडेंट डॉक्टर नीति 2025 के उल्लंघन का मामला बताया गया। इन तथ्यों के आधार पर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निदेशक ने रेजिडेंट डॉक्टर नीति 2025 की धारा-9 के तहत कार्रवाई करते हुए डॉ. राघव निरुला की सीनियर रेजिडेंट के पद से सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त करने के आदेश जारी किए हैं। चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निदेशक की ओर से जारी आदेश के अनुसार 22 दिसंबर 2025 को आईजीएमसी शिमला की अनुशासनात्मक जांच समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट प्राप्त हुई थी। इस रिपोर्ट में बताया गया कि 36 वर्षीय मरीज अर्जुन और डॉ. राघव निरुला के बीच अस्पताल परिसर में हाथापाई हुई थी। घटना के बाद मरीज के परिजनों की ओर से डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करवाई गई, जिसकी जांच पुलिस की ओर से की जा रही है। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट और घटना के वीडियो क्लिप के आधार पर डॉ. राघव निरुला को 22 दिसंबर 2025 को रेजिडेंट डॉक्टर नीति 2025 की धारा-9 के तहत सीनियर रेजिडेंसी से निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद सरकार ने 23 दिसंबर 2025 को एक उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया, जिसे 72 घंटे के भीतर सभी पहलुओं की जांच कर तथ्यात्मक रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए थे। 23 दिसंबर को मुख्यमंत्री ने इसकी रिपोर्ट 24 घंटे के भीतर 24 दिसंबर तक देने को कहा। समिति ने बुधवार को अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी। बुधवार शाम को आदेश की प्रतिलिपि स्वास्थ्य सचिव, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं, आईजीएमसी के प्रधानाचार्य और चिकित्सा अधीक्षक को सूचना एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दी गई है।
फ्रांसिस स्कूल, बटाला (पंजाब) में आयोजित 8वीं इंडिया ओपन इंटरनेशनल कराटे-डो चैंपियनशिप में लॉरेट इंस्टिट्यूट ऑफ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग, शिमला (हिमाचल प्रदेश) की छात्रा साक्षी ठाकुर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 57 किलोग्राम भार वर्ग में दूसरा स्थान प्राप्त कर रजत पदक अपने नाम किया। इस अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में देश-विदेश से आए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने भाग लिया। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच साक्षी ठाकुर ने अपने उत्कृष्ट तकनीकी कौशल, अनुशासन और आत्मविश्वास का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। उनकी इस सफलता के पीछे निरंतर अभ्यास, कड़ी मेहनत तथा प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन रहा। साक्षी ठाकुर की इस उपलब्धि पर लॉरेट संस्थान के प्रबंधक एवं निर्देशक डॉ. रण सिंह, लॉरिएट सोसाइटी की माननीय सचिव डॉ. मीरा सिंह तथा प्रधानाचार्या डॉ. कमलजीत कौर ने उन्हें शुभकामनाएँ दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
राजधानी शिमला में एक बार फिर दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। शिमला के देवड़ा कॉलोनी स्थित कच्चे रास्ते के पास एक आवारा कुत्ता नवजात शिशु का शव मुंह में दबाए घूमता नजर आया। स्थानीय लोगों ने जब यह दृश्य देखा तो तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मृत नवजात लड़का था और उसकी उम्र कुछ ही घंटे या अधिकतम एक दिन बताई जा रही है। शव की हालत देखकर आशंका जताई जा रही है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने नवजात को जन्म के तुरंत बाद खुले में फेंक दिया, जिसे बाद में आवारा कुत्ते ने नोच लिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए आईजीएमसी शिमला भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। पुलिस आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और हाल ही में प्रसव कराने वाली महिलाओं की जानकारी भी जुटाई जा रही है। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में गुस्सा और डर का माहौल है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है और पहले भी इस तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और नवजात के माता-पिता की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी को इस संबंध में कोई जानकारी हो तो पुलिस को तुरंत सूचित करें।
NHAI को शिमला बायपास प्रोजेक्ट में एक और कामयाबी हासिल हुई है। 23 दिसंबर 2025 को टनल नंबर 5 के दोनों सिरे आपस में मिल चुके हैं, यह टनल शिमला बायपास प्रोजेक्ट में मील का पत्थर साबित होगी। टनल 5 शिमला बायपास को इसके आखिरी छोर चलौंठी से जोड़ती है। टनल के निर्माण से लोगों को भविष्य में अटल सुपर स्पेशलिटी आयुर्विज्ञान संस्थान, चमियाना पहुंचने में आसानी होगी और शिमला के ट्रैफिक जाम से भी निजात मिलेगी। टनल निर्माण का कार्य गावर और भारत कंस्ट्रक्शन द्वारा किया जा रहा है। टनल की कुल लंबाई 210 मीटर है, जिसका कार्य 22 मई 2025 को शुरू हुआ था। NHAI ने 7 महीनों के रिकार्ड समय में 23 दिसंबर 2025 को इस कार्य को पूरा किया है। टनल का निर्माण NATM यानी न्यू ऑस्ट्रियन टनल मेथड से किया गया है। मौजूदा समय में टनल बनाने के लिए यह सबसे कारगर तकनीक मानी जाती है। NHAI की 27.457 किलोमीटर लंबी शिमला बाईपास परियोजना, चंडीगढ़-शिमला कॉरिडोर का एक महत्वपूर्ण खंड है। इस परियोजना में पांच सुरंगें शामिल हैं, परियोजना का उद्देश्य जनता की यात्रा को तेज और अधिक सुविधाजनक बनाना है। शिमला बायपास के निर्माण से शहर में ट्रैफिक जाम कम होगा और शिमला (ढली) पहुंचने की यात्रा का समय लगभग एक घंटे कम हो जाएगा। इस परियोजना के बनने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और उपरी शिमला का रुख करने वाले स्थानीय लोगों और पर्यटकों को भी सुविधा मिल पाएगी। वहीं, सेब सीजन के दौरान बागवान आसनी से अपना सेब शिमला और बाहर की मंडियों तक पहुंचा पाएंगे।
विंटर कार्निवाल शिमला-2025, क्रिसमस और नववर्ष की पूर्व संध्या के दौरान राजधानी शिमला में कानून व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन ने विशेष प्लान लागू कर दिया है। इस प्लान के तहत शिमला शहर को पांच सेक्टर में विभाजित किया गया है। सभी सेक्टर का ओवरऑल चार्ज एडीएम लॉ एंड ऑर्डर पंकज शर्मा के पास रहेगा। इसके साथ ही पांच सेक्टर में एक-एक अधिकारी की नियुक्ति की गई है। जिला दण्डाधिकारी शिमला अनुपम कश्यप ने मंगलवार को इससे संबंधित कार्यालय आदेश जारी किए हैं। जिला दण्डाधिकारी ने कहा कि क्रिसमस और नववर्ष की पूर्वसंध्या पर शिमला में पर्यटक और स्थानीय लोगों की आमद काफी बढ़ जाती है और ऐसे में कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए विशेष प्लान बनाया गया है। आदेशानुसार हर सेक्टर में एक अधिकारी का जिम्मा लगाया है। इनके साथ पुलिस विभाग की टीम तैनात है। इसके बारे में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने पहले ही तैनाती कर दी है। जिला प्रशासन की प्राथमिकता है कि पर्यटकों को बेहतर कानून व्यवस्था दी जाए। इसके साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था भी सुचारू रहे। उन्होंने कहा कि 24 दिसंबर से 2 जनवरी 2026 तक यह प्लान लागू रहेगा। उन्होंने कहा कि शिमला के एंट्री प्वाइंट में एम्बुलेंस की तैनाती रहेगी। उन्होंने आम जन और शिमला आने वाले पर्यटकों से अपील की है कि जिला प्रशासन के प्लान के मुताबिक नियमों का पालन करें। उन्होंने कहा कि आमजन अपने वाहन निर्धारित गति में चलाएं और ओवरटेक करने से बचें। इसके अतिरिक्त, शराब के नशे में गाड़ी न चलाए।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने हिमाचल प्रदेश के चर्चित गुड़िया रेप-मर्डर मामले में आरोपी की पुलिस हिरासत में मौत के केस में दोषी ठहराए गए तत्कालीन आईजी सैयद जहूर हैदर जैदी की उम्रकैद की सजा को सस्पेंड कर दिया है। हालांकि, इस संबंध में हाईकोर्ट का विस्तृत आदेश अभी जारी होना बाकी है। इससे पहले चंडीगढ़ स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने 18 जनवरी 2024 को आईजी जैदी सहित आठ पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को दोषी करार दिया था। इसके बाद 21 जनवरी को आईजी जैदी, तत्कालीन डीएसपी मनोज जोशी, एसआई राजिंदर सिंह, एएसआई दीप चंद शर्मा, ऑनरेरी हेड कांस्टेबल मोहन लाल व सूरत सिंह, हेड कांस्टेबल रफी मोहम्मद और कांस्टेबल रानित को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। जैदी ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। यह मामला वर्ष 2017 में शिमला जिले के कोटखाई क्षेत्र में 16 वर्षीय छात्रा के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या से जुड़ा है। छात्रा 4 जुलाई 2017 को स्कूल से लौटते समय लापता हो गई थी, जबकि 6 जुलाई को उसका शव तांदी जंगल से बरामद हुआ था। इस मामले की जांच के लिए तत्कालीन आईजी जैदी की अध्यक्षता में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। SIT ने राजू और सूरज को आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया था, लेकिन सूरज की पुलिस हिरासत में मौत हो गई। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और जनता के विरोध को देखते हुए सरकार ने जांच सीबीआई को सौंप दी। सीबीआई जांच में यह सामने आया कि सूरज की मौत पूछताछ के दौरान पुलिस प्रताड़ना से हुई थी। सीबीआई ने आईजी जैदी समेत कुल नौ पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ हत्या, सबूत मिटाने सहित गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया था। एम्स के डॉक्टरों के बोर्ड की रिपोर्ट में हिरासत में यातना की पुष्टि हुई थी। इसके बाद वर्ष 2017 में यह केस शिमला की जिला अदालत से चंडीगढ़ सीबीआई कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया गया। आईजी जैदी करीब 582 दिन तक जेल में रहे। अप्रैल 2019 में उन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली थी। इसके बावजूद ट्रायल जारी रहा। जनवरी 2020 में उन्हें दोबारा सस्पेंड किया गया, जबकि जनवरी 2023 में कांग्रेस सरकार ने उनकी सेवाएं बहाल कीं। सितंबर 2023 में उन्हें मुख्यालय में तैनाती दी गई थी। वहीं, गुड़िया हत्याकांड के मुख्य आरोपी अनिल कुमार उर्फ नीलू को शिमला की विशेष अदालत ने 18 जून 2021 को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। सीबीआई ने नीलू को अप्रैल 2018 में गिरफ्तार किया था और अप्रैल 2021 में उसे दोषी ठहराया गया था।
प्रदेश के (IGMC) शिमला में डॉक्टर द्वारा मरीज से कथित मारपीट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मरीज के परिजन डॉक्टर के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज करने और उसकी गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हुए हैं। इसी मांग को लेकर आज परिजन एसपी शिमला से मुलाकात करेंगे। हालांकि, IGMC प्रशासन ने आरोपी डॉक्टर को सस्पेंड कर दिया है, लेकिन परिजन इससे संतुष्ट नहीं है और वह डॉक्टर की सेवा से बर्खास्तगी की मांग कर रहे हैं। परिजनों का कहना है कि मारपीट के समय मरीज को ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया था। हाथापाई के दौरान ऑक्सीजन निकल गई, जिससे मरीज की जान को खतरा पैदा हुआ। परिजनों का कहना है कि यह हमला जान से मारने की नीयत से किया गया है। बता दे कि चौपाल क्षेत्र के नेरवा निवासी अर्जुन पंवार का बीते सोमवार को IGMC में एंडोस्कोपी टेस्ट करवाया गया। जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे कुछ समय आराम करने की सलाह दी थी। इसके बाद, अर्जुन अपने परिजनों के साथ चेस्ट OPD वार्ड में शिफ्ट हो गए। वहां एक खाली बेड देखकर वह उस पर लेट गया। इसी दौरान एक डॉक्टर वहां पहुंचा। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने आते ही मरीज से तू-तड़ाक में बात की और कहा,“तू यहां कहां से आ गया?” मरीज अर्जुन ने डॉक्टर को बताया कि उसकी एंडोस्कोपी हुई है और डॉक्टरों ने ही उसे आराम करने की सलाह दी थी, इसलिए वह खाली बेड पर लेट गया। मरीज के अनुसार, जब उसने डॉक्टर की बदतमीजी पर सवाल उठाया और कहा कि 'क्या आप घर पर भी ऐसे ही बात करते हैं? तो डॉक्टर भड़क गया और हाथापाई शुरू कर दी। IGMC के सीनियर मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. राहुल राव ने बताया कि मरीज के साथ मारपीट मामले में डॉक्टर को सस्पेंड कर दिया गया है। प्रशासन ने इस मामले की जांच को लेकर कमेटी गठित कर दी है। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर दायर याचिका पर आज हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान सरकार और राज्य चुनाव आयोग की ओर से मामले में जवाब दाखिल किए गए। अब इस मामले में अगली सुनवाई 30 दिसंबर को होगी, जिसमें याचिकाकर्ता पक्ष प्रतिवादियों द्वारा दायर जवाबों पर अपना उत्तर देगा। इसके बाद मामले पर फिर से बहस होगी। मामले पर मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायमूर्ति जियालाल भारद्वाज की खंडपीठ में सुनवाई हुई। समय पर पंचायत चुनाव कराने की मांग को लेकर हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई है। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने पहले सरकार और राज्य चुनाव आयोग को 22 दिसंबर तक अपना जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए थे। इसके अनुपालन में आज सरकार और चुनाव आयोग की ओर से जवाब दाखिल कर दिए गए हैं। अब याचिकाकर्ता को इन जवाबों पर अपना पक्ष रखना है। मामले पर अगली सुनवाई 30 दिसंबर को होगी। यह याचिका अधिवक्ता डिक्कन ठाकुर और अन्य की ओर से दायर की गई है। याचिका में सरकार पर पंचायत चुनाव में देरी करने का आरोप लगाया गया है। याचिकाकर्ता का कहना है कि पंचायती राज संस्थाओं का कार्यकाल 31 जनवरी को समाप्त हो रहा है। नियमों के अनुसार, कार्यकाल पूरा होने से कम से कम छह महीने पहले आगामी चुनाव की तैयारियां शुरू की जानी चाहिए थीं, लेकिन अभी तक राज्य चुनाव आयोग द्वारा चुनाव कार्यक्रम घोषित नहीं किया गया है। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि चुनाव आयोग द्वारा आदर्श आचार संहिता का केवल एक क्लॉज लागू किया गया, जो नियमों के विपरीत है।
कोटखाई क्षेत्र के बाघी बाजार के समीप दिनांक 21 दिसंबर रविवार को बीती रात एक वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। दुर्घटनाग्रस्त वाहन का पंजीकरण नंबर HP-64-7845 (K/10) बताया जा रहा है। वाहन में कुल छह लोग सवार थे, जिनमें तीन लड़के और तीन लड़कियाँ शामिल थीं। हादसे में मौके पर ही एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई, जबकि अन्य पाँच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को 108 एम्बुलेंस की सहायता से उपचार के लिए IGMC शिमला भेजा गया है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मृतक और घायलों के नाम और पते की अभी पुष्टि नहीं हो पाई है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है।
प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर मामला तेज है। आज इस संबंध में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में सुनवाई होगी। समय पर पंचायत चुनाव कराए जाने की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई होनी है। यह मामला आज मुख्य न्यायाधीश की अदालत में सूचीबद्ध है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायमूर्ति जियालाल भारद्वाज की खंडपीठ इस पर सुनवाई करेगी। समय पर पंचायत चुनाव की मांग को लेकर अधिवक्ता डिक्कन ठाकुर और अन्य की ओर से उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई है। याचिका में राज्य सरकार पर पंचायत चुनाव में अनावश्यक देरी करने का आरोप लगाया गया है। याचिकाकर्ता का कहना है कि पंचायती राज संस्थाओं का कार्यकाल 31 जनवरी 2026 को समाप्त हो रहा है। नियमों के अनुसार, कार्यकाल समाप्त होने से कम से कम छह महीने पहले आगामी चुनावों की तैयारी शुरू की जानी चाहिए, लेकिन अब तक राज्य चुनाव आयोग की ओर से चुनाव कार्यक्रम घोषित नहीं किया गया है। इसके अलावा, चुनाव आयोग द्वारा आचार संहिता का केवल एक क्लॉज लागू किए जाने पर भी याचिकाकर्ता ने आपत्ति जताई है और इसे नियमों के विरुद्ध बताया है। पंचायती राज संस्थाओं का कार्यकाल समाप्त होने में अब बहुत कम समय शेष है। इसे देखते हुए याचिकाकर्ता की ओर से एक अतिरिक्त आवेदन भी दायर किया गया था, जिस पर 17 दिसंबर को मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायमूर्ति जियालाल भारद्वाज की खंडपीठ ने सुनवाई की। इस दौरान याचिकाकर्ता ने मामले के अंतिम निपटारे तक अंतरिम आदेश जारी करने की मांग की थी। याचिकाकर्ता का आरोप है कि मामला उच्च न्यायालय में लंबित होने के बावजूद राज्य सरकार और चुनाव आयोग ने कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और चुनाव आयोग को पूरे मामले में 22 दिसंबर तक जवाब दाखिल करने के आदेश दिए थे। साथ ही, मुख्य न्यायाधीश ने संकेत दिए थे कि अदालत इस मामले में शीघ्र निर्णय ले सकती है।
राजधानी शिमला में 24 दिसंबर से विंटर कार्निवल की शुरुआत होने जा रही है। इस बार कार्निवल में दर्शकों को संगीत, संस्कृति और मनोरंजन का शानदार संगम देखने को मिलेगा। पहली स्टार नाइट पर मशहूर पंजाबी गायक रोहनप्रीत और पूजा पंडित अपनी दमदार प्रस्तुतियों से समा बांधेंगे। दोनों कलाकार शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक अपने हिट गानों से दर्शकों का मनोरंजन करेंगे। नगर निगम के अनुसार, कार्निवल के पहले दिन दोपहर 3 बजे के करीब मालरोड पर लगभग 200 महिलाओं द्वारा महानाटी का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद शाम 5:00 से 6:30 बजे तक वॉयस ऑफ शिमला प्रतियोगिता आयोजित होगी। शाम 7 बजे से स्टार नाइट शुरू होगी। कार्निवल का कार्यक्रम इस प्रकार रहेगा 24 दिसंबर को पंजाबी गायक रोहनप्रीत और पूजा पंडित, 25 दिसंबर पहाड़ी गायक अरुण जस्टा और राजीव शर्मा, 26 दिसंबर पहाड़ी गायक राजेश त्यागी और पंकज ठाकुर, 27 दिसंबर रमा भारती, इंद्रजीत सिंह और राजीव राजा, 28 दिसंबर ईशान भारद्वाज और सुनील कुमार, 29 दिसंबर किन्नौरी गायक बीरबल, काकू राम, पारस, संचिता भारद्वाज और साहिल कुमार, 30 दिसंबर किशन वर्मा, कुमार साहिल और अंजलि नानक, 31 दिसंबर हन्नी नेगी, हारमनी ऑफ पाइन ग्रुप और गौरव, 1 जनवरी 2026 बॉलीवुड प्लेबैक सिंगर हेमा सरदेसाई और कॉमेडियन अब्राहिम कुरैशी समां बांधेंगे। कार्निवल में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगे। महापौर सुरेंद्र चौहान ने बताया कि विंटर कार्निवल का उद्देश्य हिमाचल की सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देना और सर्दियों के मौसम में पर्यटन को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि कार्निवल के दौरान दर्शकों को संगीत और नृत्य के साथ-साथ लोक कला और स्वादिष्ट स्थानीय व्यंजनों का भी आनंद मिलेगा। कार्निवल को लेकर टाउन हॉल में महापौर सुरेंद्र चौहान और उपमहापौर उमा कौशल की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में एडीएम प्रोटोकॉल ज्योति राणा, पुलिस अधिकारी, नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री और संयुक्त आयुक्त डॉ. भुवन शर्मा उपस्थित रहे। बैठक में सुरक्षा व्यवस्था सहित अन्य आवश्यक प्रबंधों पर चर्चा की गई। नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री ने कहा कि विंटर कार्निवल का लोगों को बेसब्री से इंतजार रहता है और इस बार भी मनोरंजन, संस्कृति और उत्सव का भव्य संगम देखने को मिलेगा। विंटर कार्निवल के दौरान लोगों को रात में घर पहुंचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए एचआरटीसी टैक्सियों और बस सेवाओं को बढ़ाने की योजना है। कार्निवल के दौरान संजौली, नवबहार, मैहली, पंथाघाटी, न्यू शिमला, जाखू, भराड़ी और समरहिल रूट पर रात 10 बजे तक सेवाएं चलाने का प्रस्ताव है। महापौर और उपमहापौर ने बताया कि इस संबंध में एचआरटीसी से बातचीत की जाएगी। वहीं एचआरटीसी प्रबंधन ने कहा कि पत्र मिलने के बाद मांग के अनुसार सेवाएं बढ़ाई जाएंगी, जिससे यात्रियों को सुविधा के साथ-साथ निगम की आय में भी वृद्धि होगी।
दिनांक 21-12-2025 को शिमला के बालूगंज क्रॉसिंग पर की गई नाकाबंदी के दौरान पुलिस ने नशा तस्करी के एक मामले में एक युवक को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान धीरज शर्मा (29 वर्ष) पुत्र स्व. अजय शर्मा, निवासी गांव घासो, डाकघर झाखड़ी, तहसील रामपुर, जिला शिमला के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 7.090 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद की है। इसके साथ ही मौके से वाहन नंबर HP-06B-4771 को भी जब्त किया गया है। कार्रवाई के दौरान आरोपी के दो साथी योगेश और अंकु, दोनों निवासी गांव घासो, मौके से फरार होने में सफल रहे। इस संबंध में एफआईआर नंबर 221/25, धारा 21 व 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत पुलिस थाना पश्चिमी शिमला में दर्ज की गई है। फरार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस द्वारा छापेमारी की जा रही है। पूरी कार्रवाई एएसआई सुशील शर्मा, स्पेशल सेल की अगुवाई में की गई। वहीं दूसरे मामले में दिनांक 20-12-2025 को शिमला के शोगी बैरियर पर पुलिस द्वारा की गई नाकाबंदी के दौरान नशा तस्करी के एक मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान दीपक वर्मा (35 वर्ष) पुत्र बाबू राम वर्मा, निवासी गांव कलहली, डाकघर मलोठी, तहसील व जिला शिमला के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी को बस नंबर PB-65AT-2919 से काबू किया, जिसके कब्जे से 6.090 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद की गई। बरामदगी के बाद आरोपी को मौके पर ही हिरासत में ले लिया गया। इस संबंध में एफआईआर नंबर 220/25, दिनांक 20.12.2025 को धारा 21 एनडीपीएस एक्ट के तहत पुलिस थाना पश्चिमी शिमला में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस द्वारा आरोपी से पूछताछ की जा रही है तथा नशा तस्करी से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच जारी है। यह कार्रवाई भी एएसआई सुशील शर्मा, स्पेशल सेल की देखरेख में अंजाम दी गई। पुलिस का कहना है कि नशा तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी सख्ती से जारी रहेगा।
कालका-शिमला NH-5 पर न्यू इयर से पहले राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने सफर महंगा कर झटका दे दिया है। शनिवार मध्यरात्रि से हाईवे का सफर महंगा हो गया है। इससे पर्यटन सीजन पर असर पड़ सकता है। हैरत की बात ये है कि सनवारा टोल प्लाजा में एनएचएआई ने एक साल में तीसरी बार दरों में बदलाव किया है। इसका प्रभाव लोगों पर पड़ेगा। टोल में करीब 40 से 255 रुपये तक वनवे सफर महंगा हो गया है। NHAI की ओर से आदेश टोल प्लाजा संचालकों को दे दिए हैं और मध्यरात्रि से वसूलने के लिए कहा है। आदेश में स्पष्ट किया है कि कालका-शिमला नेशनल हाईवे में परवाणू से सोलन और सोलन से कैथलीघाट तक के एरिया सनवारा टोल में शामिल किया है। ऐसे में 80.722 किलोमीटर के लिए संशोधित शुल्क निर्धारित किया है। नई दरें वाहनों की श्रेणी के अनुसार तय की गई हैं, जिनमें एक तरफा यात्रा, एक ही दिन में वापसी यात्रा, पचास यात्राओं के लिए मान्य मासिक पास तथा जिले में पंजीकृत व्यावसायिक वाहनों के लिए अलग-अलग शुल्क हैं। नई टोल दरों के अनुसार कार, जीप, वैन और हल्की मोटर गाड़ी के लिए एकतरफा यात्रा शुल्क 110 रुपये, 24 घंटे में वापसी शुल्क 165 रुपये, 50 यात्राओं का मासिक पास 3,675 रुपये तथा जिले में पंजीकृत व्यावसायिक वाहनों के लिए 55 रुपये शुल्क तय किया है। हल्के कमर्शियल वाहन, हल्के मालवाहक वाहन या मिनी बस के लिए एकतरफा शुल्क 180 रुपये, वापसी शुल्क 265 रुपये, मासिक पास 5,935 रुपये और जिले में पंजीकृत वाहनों के लिए 90 रुपये वसूले जाएंगे। बस और ट्रक (दो एक्सल) के लिए एकतरफा शुल्क 375 रुपये, वापसी 560 रुपये, मासिक पास 12,440 रुपये और जिले में पंजीकृत कमर्शियल वाहनों के लिए 185 रुपये निर्धारित हैं। तीन एक्सल कमर्शियल वाहनों के लिए एकतरफा शुल्क 405 रुपये, वापसी 610 रुपये, मासिक पास 13,570 रुपये तथा जिले में पंजीकृत वाहनों के लिए 205 रुपये तय किए हैं। इसी तरह एचसीएम, ईएमई, एमएवी (4 से 6 एक्सल) वाहनों के लिए एकतरफा 585 रुपये, वापसी 880 रुपये, मासिक पास 19,510 रुपये और जिले में पंजीकृत वाहनों के लिए 295 रुपये शुल्क रहेगा। वहीं ओवर साइज्ड वाहन (7 या उससे अधिक एक्सल) के लिए एकतरफा 710 रुपये, वापसी 1,070 रुपये, मासिक पास 23,750 रुपये तथा जिले में पंजीकृत वाहनों के लिए 355 रुपये शुल्क निर्धारित है।
हिमाचल प्रदेश में पुलिस अफसरों के मीडिया से बातचीत को लेकर पुलिस मुख्यालय ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) की ओर से जारी एक सर्कुलर में साफ किया गया है कि अब जिले या थाना स्तर के अधिकारी मीडिया से अपने स्तर पर कोई बयान नहीं देंगे। यह आदेश कानून-व्यवस्था, अपराध, जांच और पुलिस से जुड़े सभी आधिकारिक मामलों पर लागू होगा। डीजीपी कार्यालय की ओर से जारी सर्कुलर में कहा गया है कि हाल के समय में यह देखा गया है कि कई बार सब-डिवीजनल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) और थाना प्रभारी (एसएचओ) मीडिया से बातचीत कर रहे हैं। इनमें नई पोस्टिंग जॉइन करने के बाद बयान देना, अपराध या जांच से जुड़े मामलों पर प्रतिक्रिया देना और पुलिसिंग से जुड़े विषयों पर टिप्पणी करना शामिल है। इसे नियमों के विपरीत मानते हुए अब स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। आदेश के अनुसार मीडिया से औपचारिक रूप से बातचीत करने का अधिकार केवल जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) और रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) को होगा। वे भी अपराध, कानून-व्यवस्था, जांच, पुलिस नीतियों और अन्य आधिकारिक मुद्दों पर तभी बयान दे सकेंगे, जब पुलिस मुख्यालय से आवश्यक अनुमति ली गई हो। सर्कुलर में यह भी साफ किया गया है कि एसडीपीओ, एसएचओ और अन्य पुलिस अधिकारी अपने आधिकारिक पद पर रहते हुए मीडिया को कोई बयान नहीं देंगे। वे प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया या सोशल मीडिया के लिए कोई टिप्पणी, प्रतिक्रिया या जानकारी साझा नहीं कर सकते। इसके अलावा किसी भी तरह का इंटरव्यू या ब्रीफिंग भी तभी दी जा सकेगी, जब इसके लिए सक्षम अधिकारी की लिखित अनुमति हो। डीजीपी ने स्पष्ट किया है कि यह निर्देश केंद्रीय सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1964 के तहत दिए गए हैं, जिनमें बिना सरकार की पूर्व अनुमति मीडिया से बात करने पर रोक है। इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश पुलिस अधिनियम, 2007 और पंजाब पुलिस नियम, 1934 में भी पुलिस अधिकारियों के लिए अनुशासन, आदेशों के पालन और निर्धारित अधिकारों के दायरे में काम करने की बाध्यता तय की गई है।
HRTC के करीब 12 हजार कर्मचारियों को 31 मार्च तक 3 फीसदी महंगाई भत्ते (डीए) का छह माह का बकाया चार किस्तों में मिलेगा। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में वीरवार को पीटरहॉफ में एचआरटीसी निदेशक मंडल (बीओडी) की बैठक में इस बाबत मंजूरी दी गई। साथ ही कर्मचारियों और पेंशनरों के छह माह के लंबित मेडिकल बिलों का भुगतान करने के निर्देश भी दिए गए। वहीं, अब लोग लोक मित्र केंद्रों में भी बसों की टिकट बुक करवा सकेंगे। बीओडी में हिम बस पोर्टल का शुभारंभ किया गया। इससे लोग अब हिम कार्ड ऑनलाइन बनवा सकेंगे। एचआरटीसी ने वेतन खातों के साथ क्रेडिट स्कोर की सुविधा के लिए एक्सिस बैंक, यूको बैंक और पंजाब नेशनल बैंक के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। टिकट बुकिंग के लिए एक कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) भी स्थापित किया जाएगा। वर्तमान में राज्य में लगभग 6000 सीएससी कार्यरत हैं। इससे पूर्व मुकेश अग्निहोत्री ने हिमाचल प्रदेश सिटी ट्रांसपोर्ट और बस अड्डा प्रबंधन एवं विकास प्राधिकरण के निदेशक मंडल की बैठक में ‘एसेट मैनेजमेंट एप्लीकेशन’ का शुभारंभ किया। इससे बस अड्डों के संचालन, रखरखाव और परिसंपत्तियों की निगरानी को और पारदर्शी तथा प्रभावी बनाया जा सकेगा। बैठक में ठियोग बाजार में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स एवं पार्किंग कॉम्प्लेक्स, मंडी बस अड्डे में कार पार्किंग तथा मल्टीपर्पज हॉल के निर्माण का फैसला लिया गया। साथ ही उप मुख्यमंत्री ने थुनाग, दाड़लाघाट, हमीरपुर, बैजनाथ, भोरंज और फतेहपुर के बस अड्डों के निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने बिलासपुर के मंडी-भराड़ी, जयसिंहपुर और चंबा के पुराने बस अड्डे में कार पार्किंग एवं कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स, बद्दी में नए बस अड्डों की टेंडर प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने और प्रस्तावित परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से आगे बढ़ाने को कहा है।
शिमला जिले के रामपुर उपमंडल से 14 साल की बच्ची के साथ छेड़छाड़ का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता के परिजनों की शिकायत पर रामपुर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। डीएसपी रामपुर नरेश शर्मा ने बताया कि पीड़िता के परिजनों द्वारा रामपुर पुलिस को दी शिकायत के मुताबिक ये घटना 16 दिसंबर की सुबह की है। नाबालिगा सुबह के समय अपने गांव के पास ही स्कूल बस का इंतजार कर रही थी। इसी दौरान उसी के गांव का रहने वाला 47 वर्षीय मोहिंदर ठाकुर अपनी गाड़ी में वहां पहुंचा। पीड़िता के परिवार ने आरोप लगाए कि इस दौरान आरोपी ने नाबालिग को जबरन अपनी गाड़ी में बिठा लिया और दत्तनगर की ओर ले गया। परिजनों का कहना है कि रास्ते में आरोपी ने नाबालिग के साथ अभद्रता की, उसके गाल छुए और हाथ पकड़कर उसके साथ शारीरिक दुर्व्यवहार किया। घटना के बाद नाबालिग किसी तरह अपने घर पहुंची और पूरी आपबीती अपने परिवार को बताई। जिसके बाद बुधवार (17 दिसंबर) को परिजन रामपुर थाने पहुंचे और आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 75 और पॉक्सो अधिनियम 2012 की धारा 8 के तहत मामला दर्ज किया। आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
प्रदेश की राजधानी शिमला में स्तिथ सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चमियाना में लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत से अगले छह महीनों में थ्री-टेस्ला MRI मशीन को स्थापित किया जाएगा। बुधवार को चमियाना अस्पताल में दी जाने वाली विभिन्न सुविधाओं को लेकर एआईएमएसएस के प्रिंसिपल डॉ. ब्रिज शर्मा ने पत्रकार वार्ता की। इस दाैरान एआईएमएसएस के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. सुधीर शर्मा भी मौजूद रहे। उन्होंने एआईएमएसएस चामियाना को शुरू करने में विशेष ध्यान और प्राथमिकता देने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का आभार किया। डॉ. ब्रिज शर्मा ने कहा कि वर्तमान में एआईएमएसएस चामियाना में न्यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी, यूरोलॉजी, गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी, प्लास्टिक सर्जरी, एंडोक्रिनोलॉजी, सीटीवीएस और कार्डियक एनेस्थीसिया के सुपर स्पेशियलिटी विभाग हैं। चामियाना में रोजाना ओपीडी में एक हजार मरीज देखे जाते हैं। अकेले नवंबर में 12,327 ओपीडी मरीजों का इलाज किया गया, जबकि 591 मरीजों को आईपीडी में भर्ती किया गया। रेडियोलॉजी विभाग ने अब तक लगभग 505 अल्ट्रासाउंड, 385 सीटी स्कैन, 1926 एक्स-रे, 1222 ईसीजी जांच की हैं। इसके अलावा कुल 298 बड़ी सर्जरी और 787 छोटी सर्जरी सफलतापूर्वक की गई हैं, जो अस्पताल की बढ़ती सर्जिकल क्षमता और क्लिनिकल दक्षता को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने अपनी प्रगतिशील सोच के तहत 29 करोड़ रुपये की नवीनतम रोबोटिक सर्जरी सुविधा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। रोबोटिक सर्जरी यूनिट 11 अगस्त 2025 को शुरू हुई और 100 से ज्यादा रोबोटिक सर्जरी पहले ही पूरी हो चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने संस्थान के लिए 50 स्टाफ नर्सों को मंजूरी दी है। मरीजों को होने वाली समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के लिए, एक सूचना और शिकायत निवारण प्रकोष्ठ का गठन किया गया है। मरीज रूम नंबर 735, 7वीं मंजिल, चामियाना में सेल से संपर्क कर सकते हैं या अपने सुझाव/शिकायतें msaimss@hp.gov.in पर ईमेल से भेज सकते हैं।
प्रदेश में पंचायती राज चुनाव में देरी को लेकर हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायमूर्ति जिया लाल भारद्वाज की खंडपीठ ने राज्य सरकार और चुनाव आयोग से इस मामले में जवाब तलब किया है और 21 दिसंबर तक जवाब माँगा है। हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में पंचायती राज चुनावों की समय सीमा को लेकर एक जनहित याचिका दायर की गई है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार की मंशा चुनाव समय पर करवाने की नहीं है और इस संबंध में सरकार ने कोई अधिसूचना तक जारी नहीं की है। याचिकाकर्ता का कहना है कि सरकार जानबूझकर चुनाव में देरी कर रही है, जिससे पंचायत प्रक्रियाएं प्रभावित हो रही हैं। याचिकाकर्ता के वकील मनदीप चंदेल ने बताया कि कोर्ट ने सुनवाई के दौरान राज्य सरकार और राज्य चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर 21 दिसम्बर तक जवाब मांगा है। हालांकि हाई कोर्ट में सरकार की तरफ से पेश हुए महाधिवक्ता ने 21 जनवरी तक चुनाव प्रक्रिया शुरू करने का कोर्ट में पक्ष रखा है। फिलहाल मामले की अगली सुनवाई 22 दिसंबर को निर्धारित की गई है। विपक्ष लगातार सरकार पर चुनावों से भागने का आरोप लगा रहा है। दरअसल, 8 अक्टूबर को राज्य सरकार ने पंचायत चुनावों को स्थगित करने का आदेश जारी किया था। आदेश में कहा गया कि प्रदेश में कनेक्टिविटी और सड़क संपर्क की स्थिति बेहतर होने के बाद ही चुनाव कराना संभव होगा। सरकार ने सुनिश्चित किया कि आम जनता और मतदान कर्मियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और मतदाता अपने मतदान के अधिकार से वंचित न रहें। हिमाचल प्रदेश सरकार ने मानसून 2025 के कारण हुए नुकसान और खराब सड़क हालात को देखते हुए, दिसंबर में होने वाले पंचायत चुनावों को स्थगित करने का फैसला लिया। यह आदेश मुख्य सचिव और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष संजय गुप्ता द्वारा डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट 2005 की धारा 24(e) के तहत जारी किया गया था।
हिमाचल प्रदेश में शुष्क ठंड लगातार जारी है। ऊंचाई वाले इलाकों के न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखने को मिला। हालांकि मध्य पर्वतीय इलाकों और निचले व मैदानी इलाकों के तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। प्रदेश में अभी मौसम साफ बना हुआ है। आगामी 2 दिन तक प्रदेश में बारिश या बर्फबारी के कोई आसार नहीं है। मौसम विभाग ने प्रदेश में क्रिसमस से पहले बारिश और बर्फबारी होने की संभावना जताई है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के मुताबिक प्रदेश में 20 और 21 दिसंबर को ऊंचे पहाड़ी इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है। इसके अलावा प्रदेश के कुछ हिस्सों में कोहरे का कहर भी जारी है। मौसम विभाग ने 17 और 18 दिसंबर के लिए बिलासपुर में भाखड़ा बांध के आसपास के इलाके में और मंडी जिले के बल्ह क्षेत्र में घना कोहरा छाए रहने को लेकर अलर्ट जारी किया है। वहीं, बात करें न्यूनतम तापमान की तो -5.3 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान के साथ कुकुमसेरी प्रदेश में सबसे ठंडा रहा। वहीं, ताबो में -3.0 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया। इसके अलावा शिमला में 11.4, सुंदरनगर में 3.4, भुंतर में 2.8, कल्पा में 1.8, धर्मशाला में 10.0, ऊना में 7.0, नाहन में 10.3, पालमपुर में 6.0, सोलन में 4.0, मनाली में 4.5, कांगड़ा में 5.0, मंडी में 5.6, बिलासपुर में 6.0, हमीरपुर में 4.7, जुब्बरहट्टी में 10.4, कुफरी में 9.7, नारकंडा में 6.5, रिकांगपिओ में 3.9, सेओबाग में 0.8, बरठीं में 5.6, पांवटा साहिब में 9.0, सराहन में 5.6, देहरा गोपीपुर में 9.0, नेरी में 10.2 और बजौरा में 2.9 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।
शनिवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने समग्र शिक्षा निदेशालय में आधुनिक शैक्षणिक अवसंरचना का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। आने वाले समय में स्कूली पाठ्यक्रम में संगीत, संस्कृति तथा भविष्य से जुड़े विषयों को भी शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि शिक्षा विभाग में बड़े स्तर पर नियुक्तियाँ की जाएंगी, जिनमें अस्थायी और स्थायी दोनों प्रकार की भर्तियाँ शामिल होंगी। अस्थायी नियुक्तियाँ पाँच वर्षों के लिए होंगी, जबकि स्थायी भर्तियाँ बैचवाइज और प्रतियोगी प्रक्रिया के माध्यम से की जाएंगी। इसके अलावा मल्टी-यूटिलिटी वर्कर्स की भर्ती भी प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि अगले शैक्षणिक सत्र से प्राथमिक विद्यालयों में खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन भी शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वर्ष 2032 तक प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में देश के श्रेष्ठ विद्यालय स्थापित किए जाएंगे और शिक्षा के क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश देश में प्रथम स्थान हासिल करेगा। उन्होंने घोषणा की कि आगामी शैक्षणिक सत्र से प्री-नर्सरी से बारहवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को स्कूल परिसर में मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं होगी। हालांकि, शिक्षक अपने मोबाइल फोन स्टाफ रूम या बैग में रख सकेंगे। इसके साथ ही शिक्षा विभाग के लिए एक बेहतर स्थानांतरण नीति लागू करने पर भी विचार किया जा रहा है। राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूलों और सीबीएसई पाठ्यक्रम वाले विद्यालयों के लिए अलग कैडर गठित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा विभाग को राज्य सरकार की ओर से सर्वाधिक सहयोग प्राप्त हो रहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पिछले तीन वर्षों में शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कई महत्वपूर्ण सुधार लागू किए गए हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा गुणवत्ता के आकलन में हिमाचल प्रदेश ने 21वें स्थान से छलांग लगाकर पाँचवाँ स्थान प्राप्त किया है। यह सफलता शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों के संयुक्त प्रयासों के साथ-साथ प्रदेश सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
हिमाचल प्रदेश में शुष्क ठंड लगातार जारी है। लेकिन तीन दिन बाद यानी 14 दिसंबर को हल्की बर्फबारी के आसार बन रहे हैं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, चंबा, किन्नौर, लाहौल स्पीति और कुल्लू की ऊंची चोटियों पर हल्का हिमपात हो सकता है। अन्य क्षेत्रों में मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है। इस बीच अधिक ऊंचे क्षेत्रों में शीतलहर और मैदानी इलाकों में कोहरा छाने से सुबह-शाम व रात को ठंड जरूर बढ़ी है। मगर शिमला में रात के तापमान में निरंतर उछाल आ रहा है। इससे मैदानी इलाकों की रातें शिमला से ज्यादा ठंडी है। प्रदेश में अब तक सूखे जैसे हालात है। अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में जरूर अच्छी बारिश हुई। मगर अक्टूबर के बाद पूरा नवंबर और अब तक दिसंबर भी ड्राइ गया है। नवंबर में भी सामान्य से 95 प्रतिशत कम और दिसंबर में अब तक एक बूंद भी बारिश की नहीं बरसी। शिमला का न्यूनतम तापमान 9.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि मंडी के सुंदरनगर का 2.9 डिग्री, कुल्लू के भुंतर का 2.4, धर्मशाला 7.4, ऊना 5.9, पालमपुर 5.0, सोलन 3.4, मनाली 2.7, कांगड़ा 5.5, मंडी 4.3, बिलासपुर 6.1, हमीरपुर 4.2, बरठी 4.2 और बजौरा का तापमान 2.4 डिग्री तक गिर चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, मैदानी इलाकों में कोहरा पड़ने से ठंड ज्यादा पड़ रही है। पहाड़ों पर जब तक अच्छी बारिश-बर्फबारी नहीं होती, तब तक कोहरा परेशान करता रहेगा। विभाग ने आज भी सोलन, कांगड़ा, ऊना, मंडी, बिलासपुर और हमीरपुर के निचले इलाकों में कोहरे का अलर्ट दे रखा है।
हिमाचल प्रदेश राजभवन का नाम अब आधिकारिक रूप से बदलकर लोकभवन कर दिया गया है। केंद्र सरकार के फैसले के बाद राज्यपाल शिवप्रताप शुक्ल ने अधिसूचना को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही अब सभी सरकारी दस्तावेज़ों, वेबसाइटों, आधिकारिक पत्राचार और भवन संकेतकों में राजभवन की जगह लोकभवन शब्द का प्रयोग अनिवार्य होगा। अधिसूचना जारी होते ही सभी विभागों ने रिकॉर्ड अपडेट करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। राजभवन परिसर में लगे नामपट्ट, साइनबोर्ड और प्रतीकों को बदलने का काम भी शुरू हो गया है। सरकार ने निर्देश दिए हैं कि निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी प्लेटफॉर्म पर नया नाम प्रतिबिंबित हो जाना चाहिए। केंद्र सरकार ने हाल ही में सभी राज्यों में राजभवन को लोकभवन नाम देने का निर्णय लिया था जिसके बाद हिमाचल प्रदेश में भी यह बदलाव लागू हुआ है। प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि लोकभवन नाम लोकतांत्रिक मूल्यों और जनता की भागीदारी का प्रतीक है इसलिए यह बदलाव समय की मांग है। ऐतिहासिक धरोहर: बार्नस कोर्ट से लोकभवन तक: 1932 में निर्मित यह भवन मूल रूप से बार्नस कोर्ट के नाम से जाना जाता था। धज्जी दीवार शैली में बने इस नियो-ट्यूडर आर्किटेक्चर वाले भवन को ब्रिटिश भारतीय सेना के कमांडर-इन-चीफ सर एडवर्ड बार्नस ने 1832 में अपने आवास के तौर पर इस्तेमाल किया। इसी कारण इसका नाम बार्नस कोर्ट पड़ा। 1849 से 1864 तक यह ब्रिटिश कमांडर-इन-चीफ का प्रमुख निवास रहा। 1966 तक यह पंजाब के ग्रीष्मकालीन राजभवन के रूप में उपयोग में था। शिमला के हिमाचल प्रदेश में शामिल होने के बाद इसे राज्य अतिथि गृह बनाया गया। 1970 के दशक में यह पर्यटक बंगला भी बना और 1981 में पीटरहॉफ राजभवन में आग लगने के बाद राजभवन को स्थायी रूप से इसी ऐतिहासिक भवन में स्थानांतरित कर दिया गया। भारत–पाकिस्तान शिमला समझौते का साक्षी: यही भवन 3 जुलाई 1972 का ऐतिहासिक पल भी संजोए है जब भारत की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री जुल्फीकार अली भुट्टो ने यहां शिमला समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। वर्तमान लोकभवन की विशेषताएँ: इस दो मंजिला दरबार हॉल में महात्मा गांधी की शिमला यात्राओं के चित्र लगे है। नीचली मंज़िल पर बैठक कक्ष और बड़ा सभा कक्ष है जहां औपचारिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं। साथ ही स्वतंत्रता से पहले के हथियारों का संग्रह भी यहां मौजूद है। वहीं ब्रिटिश काल की संरक्षित बिलियर्ड्स टेबल और भगवान शिव और भगवान हनुमान के मंदिरों के साथ दो खूबसूरत लॉन इस भवन की विशेषताएँ है। भवन की नींव पत्थरों की चिनाई से बनी है और सुपर-स्ट्रक्चर पारंपरिक मिट्टी व लकड़ी से तैयार धज्जी दीवार शैली का उत्कृष्ट उदाहरण है। हिमाचल का यह ऐतिहासिक धरोहर भवन अब लोकभवन नाम के साथ एक नई पहचान और नए अध्याय की शुरुआत कर चुका है।
आठ दिन बाद भी वेतन नहीं मिलने पर भी HRTC चालक-परिचालक रोषित हैं। मंगलवार को लगातार दूसरे दिन एचआरटीसी चालक-परिचालक संघ के पदाधिकारियों ने पुराना बस अड्डा स्थित निगम मुख्यालय के बाहर प्रदेश सरकार और निगम प्रबंधन के खिलाफ रोष जताया। चालक यूनियन के अध्यक्ष मानसिंह ठाकुर ने कहा कि एचआरटीसी को बंद करना है तो बंद करो, प्राइवेट को देना है तो प्राइवेट को दे दो, बस हमें हमारे हक का पैसा दे दो। उन्होंने कहा कि अगर चालक-परिचालक इन्कार कर दें तो चार्जशीट करने की धमकी दी जाती है। रूट पर बसें खराब होने पर पब्लिक चालक-परिचालकों को घेरती है। मानसिंह ठाकुर ने कहा कि निगम प्रबंधन और सरकार के खिलाफ चालक-परिचालकों का रोष अब चरम पर है। उन्होंने कहा कि 24 दिसंबर को संघ की ओर से कड़ा फैसला लिया जाएगा और अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सोमवार को शिमला में हिमाचल प्रदेश पेंशनर संयुक्त फ्रंट के प्रतिनिधिमंडल को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से पेंशनरों के सभी लंबित चिकित्सा बिलों की अदायगी आगामी एक माह के भीतर पूर्ण कर दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के कर्मचारियों एवं पेंशनरों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारी अपने सामाजिक सरोकारों का बिना किसी बाधा के निर्वहन सुनिश्चित कर सकें, इसलिए प्रदेश सरकार ने सत्ता में आने के बाद ओपीएस बहाल की। इससे प्रदेश के 1 लाख 36 हजार कर्मचारी लाभान्वित हुए हैं। सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार पेंशनरों की मांगों का समाधान सुनिश्चित कर रही है और उनकी विभिन्न देनदारियों की अदायगी भी समय-समय पर की जा रही है। बता दें कि, मांगों को लेकर पेंशनरों की संयुक्त संघर्ष समिति ने 28 नवंबर को धर्मशाला में विधानसभा सत्र के दाैरान आक्रोश रैली निकाली थी। समिति ने सरकार से पेंशनरों की समस्याओं के समाधान के लिए जेसीसी की बैठक बुलाने की मांग उठाई थी। समिति के अनुसार 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2021 के बीच सेवानिवृत्त पेंशनरों को आज तक संशोधित लीव इनकैशमेंट, कम्यूटेशन, ग्रेच्युटी, 13 प्रतिशत डीए और तीन वर्षों से लंबित चिकित्सकीय बिलों का भुगतान नहीं किया गया है।
विद्युत उपमंडल मशोबरा के तहत 22/11 केवी क्रैगनैनो–ए.आई.आर. फीडर की आवश्यक मरम्मत और रखरखाव कार्य के चलते 8 और 10 दिसंबर को कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। विभाग के अनुसार इन दिनों सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक बागी जुब्बड़, जबलांदा-1 व 2, शेनाल, गोल्फ लिंक, शाली, डोबा, कोगी शाली-1 व 2, भरत गौशाला, बाग, शैशर, टिक्कर, सौंथल, कोगी, पारनी, जखलयाणा, दगोग, अरोमा वैली व आसपास के इलाकों में विद्युत आपूर्ति ठप्प रहेगी। विभाग ने प्रभावित उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है। इसी तरह विद्युत मंडल जुब्बल के तहत 22 केवी मंडोल फीडर पर भी 8 दिसंबर को आवश्यक रखरखाव कार्य प्रस्तावित है। इसके चलते शीलघाट क्षेत्र में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। इस दौरान ग्राम पंचायत मढोल, शील और कोट काइना क्षेत्र प्रभावित रहेंगे। सहायक अभियंता, विद्युत उपमंडल जुब्बल करण सिंह ने बताया कि कार्य मौसम अनुकूल रहने की स्थिति में ही पूरा किया जाएगा, अन्यथा समय में परिवर्तन संभव है।
प्रदेश में शीतलहर लगातार जारी है प्रदेश के ऊंचे क्षेत्रों में कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। जिससे चलता पानी जमने लगा है। लाहौल घाटी के पर्यटन स्थल कोकसर के समीप पानी का झरना ठोस बर्फ में तब्दील हो गया है। अब यहां पर टूरिस्ट सेल्फी ले रहे हैं। किन्नौर, लाहौल स्पीति और चंबा के अधिक ऊंचे क्षेत्रों में भी इसी तरह बहता पानी जम रहा है। इन जिलों में रात में तापमान माइनस में है। अधिक ऊंचे क्षेत्रों के साथ साथ मैदानी इलाकों में भी ठंड पड़ रही है। प्रदेश के 14 शहरों में रात का तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे गिर चुका है। लाहौल स्पीति के ताबो का न्यूनतम तापमान -8.3 डिग्री और कुकुमसेरी का -5.2 डिग्री तक गिर गया है। मैदानी इलाकों में भी तापमान जमाव बिंदू के आसपास पहुंच गया है। शिमला का रात का तापमान 7.2 डिग्री है, जबकि मंडी के सुंदरनगर का 2.6 डिग्री, भुंतर का 2.5, पालमपुर 4.5, सोलन 2.1, मनाली 3.4, मनाली 3.7, हमीरपुर 3.8 और कुल्लू के बजौरा का न्यूनतम तापमान 2.8 डिग्री सेल्सियस तक गिर चुका है। प्रदेश के अधिकांश शहरों का अधिकतम तापमान भी सामान्य से नीचे गिर गया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने आज और कल दो दिन के लिए छह जिलों में घने कोहरे का यलो अलर्ट जारी किया है। इससे सुबह 10 बजे तक विजिबिलिटी 100 मीटर से भी नीचे गिरेगी। खासकर ब्यास नदी के आसपास एक सप्ताह से घना कोहरा पड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, आज प्रदेश में मौसम पूरी तरह साफ रहेगा। मगर अगले कल अधिक ऊंचे और मध्यम ऊंचाई वाले भागों में हल्की बारिश व बर्फबारी के आसार है।
पुलिस टीम ने सोमवार शाम गश्त के दौरान 2 युवकों को 26.030 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया। यह मामला एनडी एंड पीएस अधिनियम की धारा 21, 29 के तहत दर्ज किया गया है। एएसआई रंजय सिंह, प्रभारी थाना ठियोग ने यह जानकारी दी है उन्होंने बताया कि एक विश्वसनीय सूचना के आधार पर कोटखाई निवासी राजन डोगरा और आयुष नामक दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। दोनों व्यक्ति ठियोग बाईपास स्थित शराब ठेके के पास कार संख्या HP09C-6562 (ऑल्टो) में बैठे थे और चिट्टे की खरीद-फरोख्त में लिप्त थे। पूछताछ करने पर, चालक की ओर बैठे व्यक्ति ने अपना नाम राजन डोगरा पुत्र स्वर्गीय नंद लाल डोगरा, निवासी ग्राम गवाच, डाकघर कलबोग, तहसील कोटखाई, जिला शिमला, हिमाचल प्रदेश, उम्र 28 वर्ष और दूसरे व्यक्ति ने आयुष पुत्र प्रकाश चंद, निवासी ग्राम बटावदा, डाकघर कलबोग, तहसील कोटखाई, जिला शिमला, हिमाचल प्रदेश, उम्र 21 वर्ष बताया। आरोपियों और स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में वाहन की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान, कार से 26.030 ग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद की गई। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की जाँच जारी है और आरोपियों को आज अदालत में पेश किया जाएगा।
मतियाना ब्लॉक के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कथोग में (SUPW) सोसाइटी द्वारा छात्राओं को आर्ट एंड क्राफ्ट के बारे में जानकारी दी गई। यह जानकारी यूजफुल प्रोडक्टिव वर्क के मास्टर ट्रेनर सोनिका ने नवीं से 12वीं कक्षा की छात्राओं को दी। ड्राइंग मास्टर प्रेमदीप कटोच की देखरेख में आर्ट एंड क्राफ्ट के प्रोडक्ट तैयार कर विद्यार्थियों को प्रोत्साहित भी किया। प्रधानाचार्य डॉक्टर संदीप चौहान ने बच्चों की ओर से तैयार किए प्रोडक्ट्स को खूब सराहा। मास्टर ट्रेनर सोनिका ने बताया कि (SUPW) सोसाइटी यूजफुल प्रोटेक्टिव वर्क एक शैक्षणिक अवधारणा है जो छात्रों को समाज के लिए उपयोगी काम और सामुदायिक सेवा में शामिल करती है। इस अवसर पर अन्य अध्यापक सोहनलाल, नरेश कुमार, ओम प्रकाश जस्टा, मनोज अत्री और कंवर सिंह मौजूद रहे।
प्रदेश में नवंबर माह में सूखे की स्थिति बनी रही। पूरे प्रदेश में सामान्य से 95%कम बारिश हुई। वहीं प्रदेश में शीत लहर का प्रकोप बना हुआ है। राज्य के 24 शहरों का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे गिर गया है। मंडी, कुल्लू, किन्नौर और लाहौल-स्पीति में ठंड सामान्य से ज्यादा पड़ रही है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सुबह-शाम पाला जम रहा है, वहीं मैदानी इलाकों में कोहरे ने लोगों की मुसीबत बढ़ा दी है। लाहौल स्पीति के ताबो और कुकुमसेरी में सबसे ज्यादा ठंड पड़ रही है। ताबो का न्यूनतम तापमान -5.2 डिग्री तक गिर गया है। वहीं कुकुमसेरी का -3.8 डिग्री तक लुढ़क गया। किन्नौर के कल्पा और सियोबाग में भी तापमान 2.5 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। दिलचस्प यह है कि शिमला से ज्यादा ठंड अमूमन गर्म माने जाने वाले मंडी, हमीरपुर, बिलासपुर, कांगड़ा और ऊना में पड़ रही है। शिमला का न्यूनतम तापमान 9.0°C रिकॉर्ड किया गया, जबकि सुंदरनगर का 5.6, भुंतर 4.9, धर्मशाला 7.1, ऊना 6.7, पालमपुर 6.0, सोलन 3.8, मनाली 6.3, कांगड़ा 7.2, मंडी 4.6, बिलासपुर 8.3 और हमीरपुर का न्यूनतम तापमान 6.9 डिग्री तक गिर गया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 4 व 5 दिसंबर को वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो रहा है। इससे अधिक ऊंचे क्षेत्रों में हल्का हिमपात और मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बारिश का पूर्वानुमान है। रोहतांग, कुंजुम, मनाली के ऊपर वाले क्षेत्रों, खदराला, चौपाल और किन्नौर में बर्फबारी के आसार हैं। बारिश-बर्फबारी से तापमान में और गिरावट आएगी, जिससे ठंड और बढ़ सकती है। प्रदेश के मैदानी इलाकों में सुबह के वक्त कोहरा छा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र ने आज और कल भी ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, मंडी और कांगड़ा में घने कोहरे का अलर्ट जारी कर रखा है।
श्री हनुमान मंदिर न्यास समिति जाखू की बैठक सोमवार को उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में मंदिर से जुड़े विभिन्न विकासात्मक कार्यों की समीक्षा और निर्णय लिए गए। उपायुक्त ने बताया कि मंदिर के गर्भगृह के आसपास चांदी की नक्काशी के प्रस्ताव को समिति ने मंजूरी दे दी है। नक्काशी के डिज़ाइन की स्वीकृति एसडीएम, न्यास सदस्य और जिला भाषा अधिकारी संयुक्त रूप से देंगे। यह पूरा कार्य एक दानकर्ता द्वारा करवाया जाएगा और खर्च भी वही वहन करेगा। बैठक में लोक निर्माण विभाग द्वारा तैयार किए गए 5 करोड़ 67 लाख रुपये की लागत वाले मास्टर प्लान को भी स्वीकृति दी गई। योजना में यज्ञशाला, शू हाउस, नए शौचालय, दुकानें और शेड आदि निर्माण कार्य शामिल हैं। मंदिर की वेबसाइट निर्माण की प्रगति रिपोर्ट भी पेश की गई। बताया गया कि वेबसाइट का काम अंतिम चरण में है और इसे एक सप्ताह के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में एसी टू डीसी देवी चंद ठाकुर, संयुक्त आयुक्त नगर निगम भुवन शर्मा, एसडीएम शहरी ओशीन शर्मा, तहसीलदार अपूर्व शर्मा, जिला भाषा अधिकारी अनिल हारटा, न्यास सदस्य कुनाल, अमित शर्मा, पार्षद नरेंद्र ठाकुर, इशू ठाकुर, दीपक कुमार, कपिल शर्मा सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
प्रदेश में पिछले कई दिनों से मौसम शुष्क बना हुआ है। हालांकि प्रदेश में तापमान माइनस में चला गया है और कड़ाके की ठंड पड़ रही है। वहीं, अब दिसंबर महीना शुरू हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने प्रदेश में आगामी दिनों में हल्की बारिश और बर्फबारी को लेकर संभावना जताई है। मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में 4 और 5 दिसंबर को ऊंचाई और मध्य पर्वतीय इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी होने का पूर्वानुमान है। जबकि निचले व मैदानी इलाकों में मौसम साफ बना रहेगा। हिमाचल में कड़कड़ाती ठंड के साथ घने कोहरे की भी मार पड़ रही है। हिमाचल में 1 और 2 दिसंबर को घने कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। बिलासपुर के भाखड़ा बांध व उसके आसपास के इलाकों और मंडी जिले के बल्ह में सुबह के समय घने कोहरे को लेकर चेतावनी जारी की गई है। इसके अलावा मौसम साफ रहेगा, जबकि 3 दिसंबर को मौसम पूरी तरह से साफ है। 4 और 5 दिसंबर को ही हल्की बारिश-बर्फबारी के आसार हैं। प्रदेश में -4.7 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान के साथ ताबो और -4.6 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान के साथ कुकुमसेरी सबसे ठंडा रहा। वहीं, समदो में भी -3.1 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया है। इसके अलावा शिमला में 8.5, सुंदरनगर में 3.4, भुंतर में 1.3, कल्पा में 1.4, ऊना में 6.5, नाहन में 12.1, पालमपुर में 5.0, सोलन में 3.4, मनाली में 1.9, कांगड़ा में 5.2, मंडी में 4.5, बिलासपुर में 6.8, हमीरपुर में 4.6, जुब्बरहट्टी में 8.2, कुफरी में 8.8, नारकंडा में 6.0, भरमौर में 6.2, रिकांगपिओ में 3.2, सेओबाग में 0.3, बरठीं में 4.6, कसौली में 10.2, पांवटा साहिब में 10.0, सराहन में 5.2, देहरा गोपीपुर में 7.0, नेरी में 9.3 और बजौरा में 1.6 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया है।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में बाहर से आने वाले वाहनों पर ग्रीन टैक्स लगाने की तैयारी है। नगर निगम की ओर से इसे लगाने का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया था। सरकार ने इसमें 5 से 6 सुधार कर दोबारा से बनाने के लिए वापस भेजा था। प्रशासन ने राज्य सरकार की ओर से वापस आए प्रस्ताव को फिर से तैयार किया है। इसकी प्रस्तुति राज्य सरकार और शहरी विकास विभाग को दी जाएगी। इसके लिए नगर निगम के अधिकारियों से समय मांगा है। पिछले पांच से छह सालों से निगम इस प्रस्ताव को लागू करने की तैयारी कर रहा है। अभी तक इसे लागू नहीं कर पाया है। पहले एक बार इसे बैरियर लगाकर लागू किया था। उस समय राष्ट्रीय राजमार्ग का अनापत्ति पत्र न होने के कारण हाई कोर्ट के आदेश पर बंद करना पड़ा था। अब इसे बिना बैरियर के ही ऑनलाइन सुविधा के साथ लागू करने की तैयारी है। नगर निगम को ग्रीन टैक्स लागू करने के बाद 12 करोड़ रुपये से ज्यादा की आय होने की उम्मीद है। निगम ने इसे पहले भी एक बार राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगा दिया था, लेकिन हाई कोर्ट के निर्देश के बाद इसे हटाना पड़ा था। अब निगम ने बैरियर फ्री तरीके से लागू करने की तैयारी करने का प्रस्ताव तैयार किया है। नगर निगम लंबे समय से आय के नए संसाधन तलाशने की दिशा में काम कर रहा है, लेकिन निगम को ज्यादा सफलता नहीं मिल रही है। अब निगम ने इस बार फिर से इसी दिशा में एक प्रयास किया है, जिसमें शहर में बाहर से आने वाले वाहनों पर ग्रीन टैक्स लगाने की तैयारी की जा रही है। सरकार की मंजूरी मिलने के बाद अन्य राज्यों से आने वाली गाड़ियों को ग्रीन टैक्स चुकाना होगा। नगर निगम के प्रस्ताव में बस और ट्रक जैसे बड़े वाहनों के लिए 300 रुपये, कार के लिए 200 रुपये और दोपहिया वाहनों के लिए 50 रुपये ग्रीन टैक्स तय किया है।
प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के लिए होने वाले चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने तय समय पर चुनाव कराने के लिए अपनी तैयारियां तेज कर दी है। इसके लिए दो दिन पहले ही राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनावी सामग्री उठाने के लिए सभी जिलों को अलग-अलग तारीखें री-शेड्यूल की थी। जिसके मुताबिक आज से चुनाव सामग्री और बैलेट पेपरों के वितरण की प्रक्रिया शुरू हो रही है। इसको लेकर आयोग ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्धारित समय पर चुनाव सामग्री उठाने के निर्देश दिए हैं। चुनाव सामग्री अधिकारियों को मुद्रण एवं लेखन विभाग कार्यालय कच्चीघाटी से वितरित की जाएगी। राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव सामग्री और बैलेट पेपर उठाने के लिए हर जिले के डीसी को 24 नवंबर से 1 दिसंबर तक री-शेड्यूल किया गया है। इसके तहत आज पहले दिन केलांग, काजा, किन्नौर और कुल्लू के निर्वाचन अधिकारियों को चुनाव सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। इसी तरह कल यानी मंगलवार को सिरमौर और ऊना के निर्वाचन अधिकारियों को चुनाव सामग्री वितरित की जाएगी। वहीं, 26 नवंबर को शिमला, 27 नवंबर को कांगड़ा, 28 नवंबर को मंडी, 29 नवंबर को सोलन व चंबा और 1 दिसंबर को बिलासपुर व हमीरपुर को चुनाव सामग्री वितरित की जाएगी। राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी निर्वाचन अधिकारियों को चुनाव सामग्री उठाते समय सुरक्षा का पूरा इंतजाम किए जाने के निर्देश दिए हैं। चुनाव सामग्री विशेषकर बैलेट पेपर सुरक्षित सरकारी वाहनों में उचित पुलिस सुरक्षा के साथ ले जाने होंगे। आयोग ने सामग्री को चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज ऐतिहासिक रिज पर भारत की प्रथम महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की जयंती पर उन्हें पुष्पाजंलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने राष्ट्र के विकास में इंदिरा गांधी के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके दूरदर्शी निर्णयों ने भारत को मजबूत आधार प्रदान कर सशक्त बनाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबी उन्मूलन, आर्थिक सुधार, बैंकों के राष्ट्रीयकरण, कृषि उत्पादकता बढ़ाने, रोजगार सृजन और सामाजिक सशक्तिकरण में उनकी भूमिका अतुलनीय रही है। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी ने देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया। इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह, उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, विधायक संजय रतन, हरीश जनारथा, मलेंद्र राजन, रणजीत सिंह राणा, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, हिमुडा के उपाध्यक्ष यशवंत छाजटा, नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान, उप-महापौर उमा कौशल, पार्षदगण, उपायुक्त अनुपम कश्यप, पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी और अन्य उपस्थित थे।
हिमाचल की राजधानी शिमला के संजौली में विवादित मस्जिद मामला फिर तूल पकड़ गया है। देवभूमि संघर्ष समिति ने संजौली पुलिस स्टेशन के बाहर तीन प्रमुख मांगों को लेकर आमरण अनशन शुरू किया है। इनकी प्रमुख मांग बीते शुक्रवार को पुलिस द्वारा देवभूमि संघर्ष समिति के पदाधिकारियों पर दर्ज FIR वापस लेने, कोर्ट द्वारा अवैध करार मस्जिद का बिजली-पानी काटने और कोर्ट के आदेशानुसार मस्जिद के ढांचे को गिराने की है। दरअसल, बीते शुक्रवार को देवभूमि संघर्ष समिति ने कोर्ट द्वारा अवैध करार संजौली मस्जिद में बाहरी राज्यों से आए मुस्लिमों को नमाज पढ़ने से रोका। इस दौरान, दो समुदाय के लोगों के बीच बहस भी हुई। कुछ लोग बिना नमाज पढ़े ही लौट गए। इसके बाद, संजौली पुलिस ने तीन महिलाओं समेत छह लोगों पर FIR की है। इन पर समुदाय विशेष की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप है। देवभूमि संघर्ष समिति इस पर भड़क उठी है। संजौली थाना के बाहर देवभूमि संघर्ष समिति की अगुवाई में आज विभिन्न हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता और स्थानीय लोगों ने आमरण अनशन किया। साथ ही शुक्रवार को एक बड़े आंदोलन की चेतावनी दी गई है। हिन्दू नेता विजय शर्मा और मदन ठाकुर का कहना है कि अगर उनके ख़िलाफ़ दर्ज किए झूठे मुक़दमे वापस नहीं हुए, तो प्रदेश स्तर पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। यह आंदोलन 11 सितंबर 2024 की तरह बड़ा और व्यापक स्तर पर होगा। इसके साथ हिंदू संगठनों ने मस्जिद में अवैध निर्माण के बाद नियमों के मुताबिक बिजली-पानी काटने और विवादित स्थल पर गतिविधियों को रोकने की मांग उठाई है। हिंदू संगठन कार्यकर्ताओं ने इसके लिए सरकार और प्रशासन को 24 घंटे का वक़्त दिया है। अगर इनकी तीन मांगें नहीं मानी गई, तो शुक्रवार को संजौली में एक बार फिर बड़ा आंदोलन होगा।
हिमाचल प्रदेश के छह बार मुख्यमंत्री रहे स्व. वीरभद्र सिंह भले ही मूल रूप से रामपुर के निवासी थे, लेकिन उन्होंने अपनी राजनीतिक पारी रोहड़ू से ही शुरू की थी और लंबे समय तक रोहडू विधानसभा क्षेत्र के विधायक रहे। सोमवार को रोहड़ू में स्व. वीरभद्र सिंह की प्रतिमा का अनावरण किया जा रहा है। स्व. वीरभद्र सिंह की शिमला में यह तीसरी प्रतिमा होगी। इससे पूर्व एक प्रतिमा ठियोग विधानसभा क्षेत्र के सैंज में लगाई गई है। वहीं दूसरी प्रतिमा रिज मैदान पर लगाई गई है और अब सोमवार को रोहड़ू में उनकी तीसरी प्रतिमा का अनावरण होने जा रहा है। इस विशेष मौके पर कांग्रेस पार्टी की प्रदेशाध्यक्ष रानी प्रतिभा सिंह और राज्य के लोक निर्माण विभाग के मंत्री विक्रमादित्य सिंह सहित अन्य कांग्रेस नेता भी मौजूद रहेंगे। 2012 तक शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में आने से पहले उन्होंने सभी चुनाव रोहड़ू से ही लड़े है और हर वक्त इस विधानसभा क्षेत्र से भारी मतों से विजयी रहे है। इसमें 1985 से लेकर 2012 तक के सभी चुनाव रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र से लड़कर जीतकर विधानसभा में बतौर विधायक पहुंचे हैं। रोहडू में सोमवार को आयोजित हो रहे स्व. वीरभद्र सिंह की प्रतिमा अनावरण समारोह के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर से भव्य तैयारियां की गई हैं। कार्यक्रम के दौरान शामिल होने वाले लोगों के लिए धाम यानी दोपहर के भोजन की व्यवस्था भी शामिल है। इस प्रतिमा को स्थापित करने एवं सभी तरह की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी ब्लॉक कांग्रेस रोहड़ू के कार्यकर्ताओं को दी गई है।
संजौली थाना क्षेत्र के अंतर्गत चलौंठी के पास एक निजी रेस्टोरेंट के समीप मंगलवार को दिल दहला देने वाला सड़क हादसा पेश आया। सड़क किनारे खड़ी एक मारुति कार को तेज रफ़्तार से आ रही क्रेटा कार ने जोरदार टक्कर मारी, जिसकी चपेट में पास खड़ा 4–5 वर्ष का एक मासूम बच्चा भी आ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार क्रेटा कार ढली की ओर से शिमला की तरफ आ रही थी और चालक अचानक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। तेज रफ़्तार में हुई इस टक्कर से बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस के अनुसार मृतक बच्चे की पहचान की प्रक्रिया जारी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए आईजीएमसी शिमला भेजा गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड कर्मचारी यूनियन ने बिजली बोर्ड में भारी स्टाफ कमी को देखते हुए प्रदेश सरकार द्वारा नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के निर्णय का स्वागत किया है। यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष नितिश भारद्वाज, महासचिव प्रशांत शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नन्द लाल, झाबे राम शर्मा, ललित कुमार, सुनील चौधरी, मुख्य संगठन सचिव अनिल वर्मा और मुख्य सलाहकार यशवंत चौहान ने प्रेस को जारी संयुक्त बयान में कहा कि यह कदम प्रदेश में विद्युत व्यवस्था को मजबूत करने में सहायक सिद्ध होगा। यूनियन पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मांग की है कि भर्ती प्रक्रिया निजी एजेंसी के माध्यम से आउटसोर्स के आधार पर न की जाए। इसके बजाय इसे विद्युत बोर्ड लिमिटिड के माध्यम से मेरिट के आधार पर किसी निर्धारित नीति के तहत संचालित किया जाए, ताकि चयनित कर्मचारी एक निश्चित समयावधि में बोर्ड के नियमित कर्मचारी बन सकें। यूनियन का कहना है कि आउटसोर्स प्रणाली शोषण पर आधारित है और इसी व्यवस्था के कारण कई आउटसोर्स कर्मचारी पिछले वर्षों में दुर्घटनाओं का शिकार होकर मौत या स्थायी विकलांगता का सामना कर चुके हैं, जिससे उनके परिवार कठिन परिस्थितियों में जीवन व्यतीत कर रहे हैं। पदाधिकारियों ने कहा कि वर्तमान में स्टाफ की कमी इस हद तक बढ़ गई है कि कई स्थानों पर सीढ़ी पकड़ने तक के लिए दूसरा कर्मचारी उपलब्ध नहीं है और कर्मचारी अकेले ही जोखिमपूर्ण कार्य करने को मजबूर हैं। विद्युत उपकेंद्रों में भी स्टाफ की भारी कमी है, जिसके चलते कर्मचारियों को अकेले ही शिफ्ट ड्यूटी निभानी पड़ रही है। यूनियन ने सरकार से कैबिनेट द्वारा मंजूर 1000 टी-मेट और 70 हेल्पर (पावर हाउस) पदों की भर्ती प्रक्रिया को जल्द शुरू करने की मांग की है, ताकि बिजली आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में सहायता मिल सके। साथ ही, पहले से कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए स्थायी नीति बनाने और यूनियन के 18वें महाअधिवेशन में मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं को शीघ्र लागू करने की भी मांग की गई है। यूनियन पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि मुख्यमंत्री शीघ्र ही बोर्ड प्रबंधन को आवश्यक दिशा–निर्देश जारी करेंगे।
हिमाचल प्रदेश के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी डॉ. जेपी सिंह को बिहार विधानसभा चुनाव में करारी शिकस्त मिली है। छपरा विधानसभा क्षेत्र से जन सुराज पार्टी के टिकट पर मैदान में उतरे सिंह न केवल चुनाव हार गए, बल्कि उनकी जमानत भी जब्त हो गई। डॉ. जेपी सिंह हाल ही में एडीजीपी (CID) के पद पर कार्यरत थे। इससे पहले वे आईजी दक्षिण रेंज, आईजी नॉर्थ रेंज और विजिलेंस विभाग में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभा चुके हैं। पुलिस सेवा में उनकी पहचान एक सख्त और अनुभवी अधिकारी के रूप में रही है। वे मूल रूप से 2000 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उनकी सामान्य सेवानिवृत्ति 31 जुलाई 2027 को होनी थी, लेकिन राजनीति में प्रवेश करने के लिए उन्होंने इससे पहले ही स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ले ली थी।
प्रदेश सरकार अपने कार्यकाल के तीन वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 11 दिसंबर को मंडी जिले में राज्यस्तरीय कार्यक्रम आयोजित करेगी। कार्यक्रम स्थल के चयन के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है, जिसमें राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी और धर्मपुर विधायक चंद्रशेखर शामिल हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा के लिए बुधवार को आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह जानकारी साझा की। उन्होंने सभी विभागों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाएं निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी की जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम में पिछले तीन वर्षों के दौरान वर्तमान राज्य सरकार द्वारा ‘व्यवस्था परिवर्तन’ पहल के माध्यम से हासिल सकारात्मक परिवर्तन को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा। सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महत्त्वपूर्ण सुधार किए हैं, जिससे राज्य भर के लोग लाभान्वित हो रहे हैं। राज्य की अर्थव्यवस्था में सुधार के साथ राजस्व सृजन में लगातार वृद्धि हो रही है। उन्होंने बताया कि विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थी भी इस कार्यक्रम में भाग लेंगे। विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान करने वाले व्यक्तियों और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को इस कार्यक्रम के दौरान सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विकासात्मक गतिविधियों में तेजी लाने और जमीनी स्तर पर सरकार की प्राथमिकताओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए दो वर्षीय रोडमैप तैयार करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने लोगों के घर-द्वार तक और अधिक सेवाएं पहुंचाने, डिजिटलीकरण को बढ़ावा देने और सभी विभागों में सुशासन को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. धनी राम शांडिल, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, मुख्य सचिव संजय गुप्ता, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, प्रशासनिक सचिव, विभागाध्यक्ष और वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे। राज्य के सभी उपायुक्त भी वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बुधवार सुबह राजभवन में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से शिष्टाचार भेंट की। इस दाैरान दोनों के बीच प्रदेश के विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। इसके बाद मुख्यमंत्री ने शिमला लिफ्ट पार्किंग के समीप हिम-ईरा की पहल हिमाचल हाट का शिलान्यास किया। सीएम सुक्खू ने इस अवसर पर कहा कि हिम ईरा में पहली बार महिलाओं को फूड वैन उपलब्ध करवाई गई है। इसी वर्ष 60 और वैन महिलाओं को उपलब्ध करवाएंगे। उन्होंने कहा कि दिल्ली घटना के बाद प्रदेश में अधिकारियों को सुरक्षा की दृष्टि से एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं। सुक्खू ने कहा कि 11 दिसंबर को प्रदेश सरकार के तीन साल पूरे होने पर समारोह का आयोजन किया जाएगा। CM सुक्खू ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर पर तीखे प्रहार करते हुए कहा कि वह तनाव में हैं, हर दिन बयान देते हैं। क्योंकि भाजपा पांच गुटों में बंटी हुई है। भाजपा के पांचों गुटों में बहुत तनाव चल रहा है। इसमें अनुराग गुट, नड्डा गुट, जयराम गुट, बिका हुआ गुट व ध्वाला गुट शामिल हैं। वहीं सीएम सुक्खू ने महान स्वतंत्रता सेनानी, शिक्षाविद् एवं कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष, मदन मोहन मालवीय की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया। सीएम ने कहा कि मालवीय ने अपना संपूर्ण जीवन देश के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए समर्पित किया। हिमाचल सरकार उनके आदर्शों को अपनाकर एक शिक्षित, जागरूक और उत्तरदायी समाज बनाने के लिए सतत प्रयासरत है।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सोलन जिला में सनवारा टोल बैरियर को आज से फिर शुरू करने की अनुमति दे दी है। सड़क की खराब हालत के कारण अदालत ने पिछली सुनवाई के दौरान शर्त लगाई थी कि यदि NHAI व राज्य सरकार सोलन से शिमला तक की सड़क के खराब हिस्सों को समय पर दुरुस्त कर दें तो टोल बैरियर को खोलने की अनुमति दे दी जाएगी। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि वह हाईवे से बालूगंज यू-टर्न पर सुधार का काम पूरा करे और शिमला नगर निगम को उचित कदम उठाने का निर्देश दें। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश जिया लाल भारद्वाज की खंडपीठ ने राज्य सरकार और एनएचएआई दोनों को यह काम पूरा करने के लिए 10 दिन का समय दिया था। उल्लेखनीय है कि पूर्व में अदालत ने सनवारा टोल बैरियर को पहले 20 सितंबर से 30 अक्टूबर तक बंद करने के आदेश दिए थे। हाईकोर्ट ने इस मामले में सामान्य सुविधाओं की कमी पर स्वतः संज्ञान लिया था। तब मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायमूर्ति रंजन शर्मा की खंडपीठ ने जिलाधीश सोलन को आदेश जारी किए थे कि वह सड़क की दशा सुधारने के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी को जरूरी सहायता मुहैया करवाए। इसके अलावा कोर्ट ने लोक निर्माण विभाग को आदेश जारी किए थे कि वह कैथली घाट से शिमला तक सड़क मार्ग की दशा को सुधारने के लिए कार्य करें। विशेषतया शोघी औद्योगिक क्षेत्र में सड़क की खस्ता हालत को भी सुधारने के लोक निर्माण विभाग को आदेश जारी किए गए थे। मामले पर आगामी सुनवाई 30 अक्टूबर को हुई थी। उसके बाद अदालत ने संबंधित पक्षों को दस दिन का समय दिया था। अदालत के सख्त रुख को देखते हुए नेशनल हाईवे अथॉरिटी व लोक निर्माण विभाग सहित नगर निगम ने तय समय में काम पूरा कर दिया है।
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिला में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज अंतरराष्ट्रीय रामपुर लवी मेले का शुभारंभ किया। अपने संबोधन में राज्यपाल ने सबसे पहले दिल्ली में हुए धमाके पर दुख व्यक्त किया और जान गंवाने वाले लोगों के प्रति संवेदना प्रकट की। उन्होंने लोगों और व्यापारियों को मेले की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने मेले के इतिहास पर प्रकाश डाला और मेले में लोक कलाकारों की ओर से दी गई प्रस्तुति की सरहना की। राज्यपाल ने चिट्टे नशा के प्रचलन पर चिंता जताते हुए कहा कि देश विरोधी ताकतें इस नशे को युवाओं तक पहुंचा रही हैं। इसका सभी पुरजोर विरोध करना चाहिए। पुलिस प्रशासन नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रहा और जनप्रतिनिधि भी इसके विरोध में उतर रहे हैं। आम लोग भी इस अभियान में आगे आकर प्रशासन का सहयोग करें। तभी इस नशे को समाप्त किया जा सकता है। राज्यपाल ने कहा कि हम सब आज पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इसकी वजह से प्राकृतिक आपदाएं आ रही हैं। हम सभी को पर्यावरण को बचाने के लिए प्रयास करने होंगे। मेले के शुभारंभ के बाद राज्यपाल ने किन्नौर मार्केट और सरकारी विभागों की ओर से लगाई प्रदर्शनियों का अवलोकन किया।
हिमाचल की राजधानी शिमला में इस साल भी दिसंबर के आखिरी सप्ताह में विंटर कार्निवल का रंगारंग आयोजन किया जाएगा। नगर निगम शिमला ने इस आयोजन की तैयारियां अभी से शुरू कर दी हैं। इस बार कार्निवल का आयोजन सात दिन तक चलेगा। यह कार्यक्रम 25 दिसंबर यानी क्रिसमस डे से शुरू होकर 31 दिसंबर तक चलेगा। नए साल की पूर्व संध्या तक रिज मैदान और मालरोड़ पूरी तरह उत्सव के रंग में रंगे नजर आएंगे। नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान की अध्यक्षता में विंटर कार्निवल की तैयारियों को लेकर एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। महापौर ने बताया कि यह शिमला का तीसरा विंटर कार्निवल होगा, जो क्रिसमस से लेकर नए साल तक पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए मनोरंजन का बड़ा आकर्षण रहेगा। उन्होंने कहा कि इस बार भी कार्निवल में हिमाचली संस्कृति और लोक जीवन की झलक देखने को मिलेगी। कार्यक्रम में हिमाचली लोक संगीत, लोक नृत्य और पारंपरिक परिधानों पर आधारित फैशन शो मुख्य आकर्षण रहेंगे। इसके अलावा हर शाम स्टार नाइट का आयोजन किया जाएगा, जिसमें स्थानीय और बाहरी कलाकारों के प्रदर्शन होंगे। प्रत्येक दिन अलग-अलग थीम पर सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे, जिससे सैलानियों को हर दिन कुछ नया देखने को मिलेगा। विंटर कार्निवल के दौरान पर्यटन कारोबार भी बढ़ेगा। सात दिवसीय उत्सव में देश-विदेश से भारी संख्या में पर्यटकों के पहुंचने की संभावना है। होटल, रेस्तरां, टैक्सी यूनियन और स्थानीय हस्तशिल्प व्यवसायियों को इससे बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।


















































