रोहड़ू। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने गुरुवार को रोहड़ू में नशे के खिलाफ एंटी-चिट्टा रैली को हरी झंडी दिखाई। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के साथ संवाद किया और खुद भी रैली में शामिल होकर मार्च किया। इस दौरान युवाओं को नशे से दूर रहने और नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया गया। मुख्यमंत्री के तीन दिवसीय रोहड़ू-रामपुर दौरे की शुरुआत 1 अक्टूबर से हुई है। रोहड़ू में विद्यार्थियों के साथ कार्यक्रम के बाद वह चिड़गांव पहुंचे, जहां विभिन्न विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास के साथ जनसभा को संबोधित करने का कार्यक्रम है। इसके बाद मुख्यमंत्री ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम के तहत ग्राम पंचायत दियूदी-मयला के भटवाड़ी गांव पहुंचेंगे। यहां वह ग्रामीणों, महिला मंडलों और युवक मंडलों के साथ संवाद कर स्थानीय समस्याओं को सुनेंगे। मुख्यमंत्री का रात में भटवाड़ी में रात्रि प्रवास भी निर्धारित है। 2 अक्टूबर को मुख्यमंत्री रामपुर क्षेत्र का दौरा करेंगे। शिंगला में विकास योजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास के बाद नोग वैली के लोगों से संवाद करेंगे। इसके बाद काशा गांव में ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम में ग्रामीणों से बातचीत करेंगे और रात में पाठ गांव में रुकने का कार्यक्रम है। 3 अक्टूबर को रामपुर में भी एंटी-चिट्टा रैली आयोजित होगी। मुख्यमंत्री विद्यार्थियों से संवाद करने के बाद रैली को हरी झंडी दिखाएंगे और इसमें शामिल होंगे। इसके बाद उनका शिमला लौटने का कार्यक्रम है। मुख्यमंत्री के इस दौरे में नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान के साथ ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को सीधे सुनना और विकास योजनाओं की समीक्षा प्रमुख रूप से शामिल है।
शिमला। नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ शिमला पुलिस ने कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए अब तस्करों की आर्थिक गतिविधियों और अवैध कमाई पर भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पुलिस ने तीन एनडीपीएस मामलों में करीब 40.5 लाख रुपये से अधिक की चल-अचल और वित्तीय संपत्तियां सीज की हैं। इनमें वाहन, बैंक खातों की रकम औरन्य वित्तीय संपत्तियां शामिल हैं। बालूगंज मामले में 23 लाख की संपत्ति सीज बालूगंज थाने में दर्ज मामले में 23 फरवरी 2026 को आईएसबीटी शिमला के पास करीब सात ग्राम चिट्टा बरामद होने के बाद अविनाश चौहान को गिरफ्तार किया गया था। जांच आगे बढ़ने पर विशाल यादव, जय प्रकाश यादव और रवि अहिरवार भी गिरफ्तार किए गए। वित्तीय जांच में पुलिस के अनुसार करीब 22 लाख रुपये की स्कॉर्पियो-एन और बैंक खाते में मौजूद रकम समेत लगभग 23 लाख रुपये की संपत्ति सामने आई, जिसे एनडीपीएस एक्ट के तहत सीज किया गया। पुलिस के मुताबिक विशाल यादव के खाते में जनवरी 2025 से 26 अगस्त 2026 के बीच करीब एक करोड़ रुपये का लेन-देन भी मिला, जिसका स्पष्ट वैध आय स्रोत सामने नहीं आया। रामपुर के दो मामलों में 17.5 लाख की कार्रवाई रामपुर थाने के एक मामले में मई 2025 में किराये के कमरे से करीब 31 ग्राम चिट्टा और 50,400 रुपये नकद बरामद किए गए थे। मामले में पांच आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद वित्तीय जांच की गई। पुलिस ने करीब 9.5 लाख रुपये मूल्य की संपत्तियां, जिसमें कार, मोटरसाइकिल और स्कूटी शामिल हैं, सीज की हैं। वहीं रामपुर के दूसरे मामले में 25 जून 2025 को नोगली बाजार के पास मनसा राम उर्फ मनीष को करीब 2.5 किलोग्राम चरस के साथ गिरफ्तार किया गया था। जांच के दौरान उसके बैंक और डाकघर खातों समेत अन्य वित्तीय लेन-देन की पड़ताल की गई। पुलिस के अनुसार करीब 8 लाख रुपये की रकम प्रथम दृष्टया नशे के अवैध कारोबार से जुड़ी मिली, जिसे सीज किया गया। 2026 में अब तक 12.5 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति सीज शिमला पुलिस के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक एनडीपीएस मामलों की वित्तीय जांच के आधार पर 12.5 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की चल-अचल और वित्तीय संपत्तियां सीज की जा चुकी हैं। पुलिस अब नशा तस्करों तक पहुंचने के साथ-साथ उनके आर्थिक नेटवर्क और नशे से अर्जित कथित अवैध संपत्ति की भी जांच कर रही है।
हिमाचल प्रदेश बार काउंसिल को करीब 133 दिनों के इंतजार के बाद नया नेतृत्व मिल गया है। बुधवार, 30 सितंबर को बार काउंसिल के चेयरमैन, वाइस चेयरमैन और बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) में प्रदेश के प्रतिनिधि के चुनाव हुए। चुनाव में वरिष्ठ अधिवक्ता I.N. मेहता को हिमाचल प्रदेश बार काउंसिल का चेयरमैन चुना गया। वहीं अधिवक्ता शिवानी शर्मा वाइस चेयरमैन बनीं। इसके अलावा अधिवक्ता विक्रांत चंदेल को बार काउंसिल ऑफ इंडिया में हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। 21 सदस्यों ने किया मतदान नए पदाधिकारियों के चुनाव में कुल 21 मत निर्णायक रहे। इनमें बार काउंसिल के 18 निर्वाचित सदस्य, दो मनोनीत सदस्य और हिमाचल प्रदेश के महाधिवक्ता शामिल रहे। इन्हीं सदस्यों ने मतदान कर नए नेतृत्व का चुनाव किया। चुनाव में I.N. मेहता को चेयरमैन, शिवानी शर्मा को वाइस चेयरमैन और विक्रांत चंदेल को BCI में हिमाचल के प्रतिनिधि के रूप में चुना गया। चार महीने बाद पूरा हुआ नेतृत्व का गठन हिमाचल प्रदेश बार काउंसिल के 18 सदस्यों के चुनाव की प्रक्रिया अप्रैल में हुई थी और 20 मई को चुनाव परिणाम घोषित किए गए थे। इसके बाद नए पदाधिकारियों के चुनाव के लिए करीब 133 दिनों तक इंतजार करना पड़ा। अब चेयरमैन, वाइस चेयरमैन और BCI प्रतिनिधि के चुनाव के साथ प्रदेश बार काउंसिल के नए नेतृत्व का गठन पूरा हो गया है। बार काउंसिल के इस चुनाव में महिला प्रतिनिधित्व को लेकर भी सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत दो महिला सदस्यों को मनोनीत किया गया है। अब नए नेतृत्व के सामने प्रदेश के अधिवक्ताओं से जुड़े मुद्दों को आगे बढ़ाने और बार काउंसिल के कामकाज को प्रभावी ढंग से संचालित करने की जिम्मेदारी होगी।
शिमला। हिमाचल प्रदेश के गरीब और अतिनिर्धन परिवारों को ₹1,500 मासिक आर्थिक सहायता और 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने वाली मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना की 2 अक्टूबर को होने वाली लॉन्चिंग टल गई है। पहले सरकार ने गांधी जयंती के दिन योजना शुरू करने की घोषणा की थी, लेकिन अब इसके लिए नई तारीख तय की जाएगी। योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने ₹1,500 की आर्थिक सहायता देने और पात्र गरीब परिवारों को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने का प्रावधान है। सरकार की ओर से पहले 2 अक्टूबर से इसका लाभ देने की तैयारी की गई थी। जानकारी के अनुसार योजना की पात्रता में बदलाव किए गए हैं। सरकार ने मनरेगा में कम से कम एक दिन काम करने की अनिवार्य शर्त हटाने और परिवार की आय सीमा को ₹50 हजार से बढ़ाकर ₹75 हजार करने का फैसला किया है। इन बदलावों के बाद पात्र परिवारों के सर्वे और सत्यापन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है I पंचायत स्तर पर हुए सर्वे में करीब 1.80 लाख आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली के लिए चिह्नित किया गया है। वहीं करीब 2.50 लाख महिलाओं को ₹1,500 मासिक सहायता देने की तैयारी है। लाभार्थियों का सत्यापन और आंकड़ों के एकीकरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद योजना लागू की जाएगी। सरकार के अनुसार पात्र महिलाओं के बैंक खातों में सहायता राशि सीधे भेजने और पात्र परिवारों को बिजली बिल में राहत देने की व्यवस्था की जाएगी। फिलहाल नई लॉन्चिंग तारीख का इंतजार है।
एशियन गेम्स में भारतीय महिला कबड्डी टीम को स्वर्ण पदक दिलाने वाली हिमाचल की चार खिलाड़ियों ने प्रदेश सरकार की ओर से घोषित पुरस्कार राशि पर सवाल उठाए हैं। खिलाड़ियों का कहना है कि 33.33-33.33 लाख रुपये की राशि उनकी ऐतिहासिक उपलब्धि और वर्षों की मेहनत के साथ पूरा न्याय नहीं करती। हिमाचल की पुष्पा राणा, रितु नेगी, ज्योति ठाकुर और भावना ठाकुर ने सरकार से पुरस्कार राशि पर पुनर्विचार करने की मांग की है। खिलाड़ियों की मांग है कि एशियन गेम्स के स्वर्ण पदक के लिए निर्धारित चार करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि को चारों हिमाचली खिलाड़ियों में बराबर बांटा जाए, जिससे प्रत्येक खिलाड़ी को एक-एक करोड़ रुपये मिलें। भावना ठाकुर ने कहा है कि वह मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मुलाकात कर इस मांग को प्रमुखता से रखेंगी। उन्होंने चारों खिलाड़ियों को एक-एक करोड़ रुपये के साथ सरकारी नौकरी देने की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि खिलाड़ियों ने सीमित संसाधनों के बावजूद वर्षों की मेहनत और संघर्ष से यह मुकाम हासिल किया है। वही मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने 28 सितंबर को एशियन गेम्स के हिमाचली पदक विजेताओं के लिए कुल 5.33 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि का ऐलान किया था। इसके तहत चारों कबड्डी खिलाड़ियों को 33.33 लाख रुपये प्रति खिलाड़ी दिए जाने हैं। वहीं मंडी के सावन बरवाल को मैराथन में रजत पदक के लिए 2.50 करोड़ और चंबा की सीमा कुमारी को 10 हजार मीटर दौड़ में कांस्य पदक के लिए 1.50 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। सरकार के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश स्पोर्ट्स काउंसिल कैश अवॉर्ड रूल्स-2024 के तहत एशियन गेम्स के व्यक्तिगत स्वर्ण पदक के लिए चार करोड़ रुपये का प्रावधान है। कबड्डी टीम के मामले में पुरस्कार राशि टीम के नियमों के अनुसार खिलाड़ियों की भागीदारी के अनुपात में वितरित की जा रही है। चारों खिलाड़ियों की मांग के बाद अब हिमाचल में एशियन गेम्स की स्वर्णिम उपलब्धि और खिलाड़ियों को मिलने वाली पुरस्कार राशि को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
शिमला। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू एक से तीन अक्तूबर तक रोहड़ू और रामपुर क्षेत्र के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री विभिन्न गांवों में पहुंचकर स्थानीय लोगों से सीधे संवाद करेंगे और उनकी समस्याएं सुनेंगे। दौरे के दौरान सुक्खू क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों का जायजा भी लेंगे। साथ ही स्थानीय लोगों की मांगों और सुझावों पर अधिकारियों के साथ चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री के गांवों में पहुंचने से ग्रामीणों को अपनी समस्याएं सीधे सरकार के सामने रखने का मौका मिलेगा। दौरे को आगामी विकास कार्यों और क्षेत्र की जरूरतों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश में बारिश के दौर के बाद अब मौसम में सुधार के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार 30 सितंबर से 5 अक्तूबर तक प्रदेश में मौसम के मुख्यतः साफ रहने की संभावना है। इस दौरान अधिकांश क्षेत्रों में बारिश से राहत मिलेगी और आसमान साफ रहने के साथ धूप खिल सकती है। हालांकि कुछ स्थानों पर स्थानीय मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। बारिश थमने के बाद तापमान में भी हल्का उतार-चढ़ाव दर्ज किया जा सकता है। प्रदेश में बीते दिनों हुई बारिश के कारण कई क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हुआ था, ऐसे में मौसम साफ होने से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
60 साल सेवा की मांग पर हाईकोर्ट पहुंचा कर्मचारी, रिटायरमेंट के बाद उसी पद पर दोबारा नियुक्ति के आदेश
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने 58 वर्ष की उम्र में सेवानिवृत्त किए गए कर्मचारी को अंतरिम राहत देते हुए उसी पद और उसी स्थान पर दोबारा नियुक्त करने के आदेश दिए हैं। मामला ठाकुरदास बनाम हिमाचल प्रदेश राज्य एवं अन्य से जुड़ा है। याचिकाकर्ता को 30 अप्रैल 2026 को 58 वर्ष की आयु पूरी होने पर रिटायर कर दिया गया था। कर्मचारी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दावा किया कि उसे 60 वर्ष की आयु तक सेवा में बने रहने का अधिकार है और दोबारा उसी पद पर काम करने की अनुमति मांगी। मामले में हाईकोर्ट ने कहा कि प्रतिवादियों को जवाब दाखिल करने का अवसर दिया गया था, लेकिन रिट याचिका और स्थगन आवेदन पर जवाब दाखिल नहीं किया गया। इसके बाद अदालत ने अंतरिम व्यवस्था के तहत कर्मचारी को वहीं और उसी पद पर पुन: सेवा में लेने का आदेश दिया, जहां वह सेवानिवृत्ति के समय तैनात था। हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया कि यह आदेश अंतिम फैसला नहीं है और आगे आने वाले आदेशों के अधीन रहेगा। यदि कर्मचारी को कोई सेवानिवृत्ति लाभ मिल चुका है, तो उसे विभाग को वापस करना होगा। इसके लिए कर्मचारी को राशि दो सप्ताह के भीतर जमा करनी होगी, जिसके बाद उसे अदालत के आदेश के अनुसार तत्काल सेवा में लिया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 27 अक्तूबर 2026 को होगी। आदेश न्यायमूर्ति अजय मोहन गोयल और न्यायमूर्ति योगेश जसवाल की खंडपीठ ने पारित किया।
जापान के आइची-नागोया में आयोजित 20वें एशियाई खेलों में हिमाचल का नाम रोशन करने वाले छह पदक विजेता खिलाड़ियों के लिए प्रदेश सरकार ने 5.33 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि घोषित की है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने खिलाड़ियों की उपलब्धियों पर बधाई देते हुए यह घोषणा की। भारतीय महिला कबड्डी टीम की स्वर्ण पदक जीत में हिमाचल की पुष्पा राणा, रितु नेगी, ज्योति ठाकुर और भावना ठाकुर शामिल रहीं। चारों खिलाड़ियों को 33.33-33.33 लाख रुपये दिए जाएंगे। यानी कबड्डी की इन चार खिलाड़ियों को कुल करीब 1.33 करोड़ रुपये मिलेंगे। वहीं, मंडी के सावन बरवाल ने पुरुष मैराथन में रजत पदक हासिल किया। सरकार उन्हें 2.50 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि देगी। चंबा की सीमा कुमारी ने महिलाओं की 10 हजार मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीता, जिसके लिए उन्हें 1.50 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। सरकार के अनुसार पुरस्कार राशि हिमाचल प्रदेश स्पोर्ट्स काउंसिल कैश अवॉर्ड रूल्स-2024 के तहत दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों की मेहनत और उपलब्धियां प्रदेश के युवाओं को खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेंगी। सरकार ने खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देने और खेल पुरस्कार राशि बढ़ाने पर भी जोर दिया है।
शिमला। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू सोमवार को कुल्लू सदर के विधायक सुंदर सिंह ठाकुर को साथ लेकर सड़क मार्ग से दिल्ली पहुंचे। शिमला में खराब मौसम के कारण मुख्यमंत्री का हेलिकॉप्टर उड़ान नहीं भर सका, जिसके बाद वे सड़क मार्ग से रवाना हुए। सुक्खू मंगलवार को कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक में शामिल होंगे। बैठक में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों और आगामी चुनावों की तैयारियों को लेकर कांग्रेस की रणनीति पर चर्चा होगी। मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे के दौरान हिमाचल में प्रस्तावित मंत्रिमंडल विस्तार या फेरबदल को लेकर कांग्रेस हाईकमान से चर्चा की भी संभावना है। सुंदर सिंह ठाकुर को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की चर्चाएं पहले से चल रही हैं। वहीं, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर भी दिल्ली में हैं, जहां उनकी कांग्रेस नेतृत्व से मुलाकात प्रस्तावित है।
हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन के चुनाव 25.09.2026 को संम्पन्न हुए, जिनके परिणाम भी उसी दिन घोषित किए गए। अधिवक्ता निखिल कंबर, पुत्र श्री राजेश कंबर, को कोषाध्यक्ष पद पर निर्विरोध निर्वांचित घोषित किया गया। मात्र 25 वर्ष की आयु में यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर उन्होंने युवा अधिवक्ताओं के लिए एक प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया है। अधिवत्त्ता निखिल कंबर मूल रूप से ग्राम थानाधार, डाकघर भुड़रा, तहसील राजगढ़ के निवासी हैं और वर्तमान में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में विधि व्यवसाय कर रहे हैं। उन्होंने निबिर्धन जीत को युवा नेतृत्व, सादगी, समर्पण और विश्वास की बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है। निखिल कंवर का संकल्प मैं पारशिग़ा, लोक, सेवा तथा नवप्रवेशी युवा अधिवक्ताओं के समक्ष आने वाली व्यावहारिक समस्याओं को प्राथमिकता से उठाऊँगा। मेरा प्रयास रहेगा कि युवा वकीलों को बेहतर कार्यः देरावका, मार्गद्र्शन, अवसर और सम्मानजनक पेशेबर वातावरण मिल सके। मैं बार के प्रत्येक सदस्य के हित में पूर्ण समर्पण, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करूँगा।
शिमला पुलिस ने कार का शीशा तोड़कर 15 लाख रुपये चोरी करने के मामले में मंडी जिले के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। चोरी की वारदात के बाद पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज के आधार पर पुलिस टीम आरोपियों तक पहुंची और उन्हें दबोच लिया। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने कार का शीशा तोड़कर उसमें रखी करीब 15 लाख रुपये की रकम पर हाथ साफ किया था। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और CCTV फुटेज के साथ अन्य सुरागों को जोड़ा। जांच के दौरान सामने आए साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मंडी जिले से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर रही है और चोरी की रकम समेत वारदात में इस्तेमाल किए गए अन्य सामान के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि दोनों आरोपी इससे पहले इस तरह की किसी अन्य वारदात में शामिल रहे हैं या नहीं। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
हिमाचल प्रदेश में सितंबर के आखिरी दिनों में मौसम ने फिर करवट ले ली है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी से ठंड बढ़ गई है। मौसम विभाग ने किन्नौर और लाहौल-स्पीति के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। रविवार को रोहतांग दर्रा, किन्नौर और स्पीति की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी दर्ज की गई। स्पीति घाटी के कुछ इलाकों में भी ताजा हिमपात हुआ, जिससे तापमान में गिरावट आई और लोगों को सितंबर में ही सर्दी का अहसास होने लगा। मौसम विभाग के अनुसार 28 सितंबर को शिमला, सोलन और सिरमौर में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। वहीं किन्नौर और लाहौल-स्पीति के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश के साथ बर्फबारी की संभावना है। किन्नौर और लाहौल-स्पीति में तेज हवाएं भी चल सकती हैं। बारिश और बर्फबारी के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क यातायात प्रभावित होने की आशंका है। प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों व पर्यटकों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और पहाड़ी क्षेत्रों में सफर करते समय सतर्क रहने की सलाह दी है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 29 सितंबर तक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और प्रदेश के अन्य हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। इसके बाद मौसम में कुछ राहत मिलने की संभावना है, हालांकि 30 सितंबर से 2 अक्तूबर के बीच कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश फिर हो सकती है।
SSP शिमला गौरव सिंह ने पुलिस थाना ठियोग का औपचारिक दौरा कर थाना की कार्यप्रणाली और पुलिस कर्मचारियों से संबंधित विभिन्न विषयों का जायजा लिया। दौरे के दौरान अपराधों की जांच एवं डिटेक्शन को और बेहतर बनाने, लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे तथा क्षेत्र में पुलिस की मौजूदगी और गश्त को मजबूत करने पर जोर दिया गया। क्षेत्र में पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने के लिए फागू और छैला में अतिरिक्त पुलिस बल उपलब्ध करवाया गया है, जिससे इन क्षेत्रों में पुलिस की मौजूदगी और निगरानी बढ़ेगी। SSP ने पुलिस कर्मचारियों के कल्याण और सुविधाओं को भी प्राथमिकता दी। थाना भवन की आवश्यक मरम्मत के लिए विभाग द्वारा धनराशि उपलब्ध करवाई गई है, जिससे थाना परिसर में सुविधाओं और कार्य वातावरण में सुधार किया जा सकेगा। SSP ने पुलिस कर्मचारियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली तथा उन्हें बेहतर पुलिसिंग, नशा तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, अनुशासन और जनता के प्रति संवेदनशील व्यवहार के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला कबड्डी टीम के शानदार प्रदर्शन और स्वर्ण पदक जीतने के बाद सांसद अनुराग ठाकुर ने टीम से वीडियो कॉल पर बातचीत की। उन्होंने टीम प्रबंधन और खिलाड़ियों को ऐतिहासिक जीत के लिए बधाई दी और देश का नाम रोशन करने पर उनका आभार जताया। भारतीय महिला कबड्डी टीम ने फाइनल में ईरान को 37-34 से हराकर लगातार दूसरी बार एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक अपने नाम किया। पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम अजेय रही और उसने अपने खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया। अनुराग ठाकुर ने विशेष रूप से हिमाचल की चार खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश की बेटियों ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार खेल दिखाया और अपने प्रदर्शन से हर हिमाचली का सिर गर्व से ऊंचा किया है। इस बार भारतीय महिला कबड्डी टीम में हिमाचल की कप्तान पुष्पा राणा, ज्योति ठाकुर, भावना और पूर्व कप्तान रितु नेगी शामिल रहीं। इनमें पुष्पा राणा, ज्योति ठाकुर और भावना धर्मशाला स्थित साई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से जुड़ी हैं, जबकि रितु नेगी भारतीय रेलवे की ओर से खेलती हैं। अनुराग ठाकुर ने महिला कबड्डी टीम की सभी खिलाड़ियों को भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देश की बेटियों ने अपने प्रदर्शन से भारत का गौरव बढ़ाया है।
हिमाचल प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 26 सितंबर की शाम या रात से 29 सितंबर की सुबह तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर सक्रिय रहेगा। इस दौरान दक्षिण-पूर्वी हिमाचल और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना है। 27 सितंबर को बारिश का जोर सबसे अधिक रहने का अनुमान है। राजधानी शिमला में शनिवार को सुबह धूप के बाद दोपहर में घने बादल छा गए। शिमला समेत सिरमौर, सोलन, मंडी और बिलासपुर के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों के दौरान व्यापक बारिश होने की संभावना जताई गई है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक और तेज हवाएं भी चल सकती हैं। 27 सितंबर को सिरमौर में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं बिलासपुर, मंडी, शिमला, सोलन और किन्नौर में येलो अलर्ट है। 28 सितंबर को शिमला, सोलन और सिरमौर में भी भारी बारिश का येलो अलर्ट रहेगा। मौसम विभाग ने बारिश के साथ बिजली चमकने और तेज हवाओं को लेकर भी चेतावनी दी है। 26 से 28 सितंबर के बीच शिमला, सोलन और सिरमौर में तथा 27 सितंबर को किन्नौर, बिलासपुर, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी में कुछ स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। लगातार बारिश के दौरान भूस्खलन, मलबा आने और सड़कें फिसलन भरी होने का खतरा बढ़ सकता है। खासकर पहाड़ी और संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। बारिश के कारण कृषि-बागवानी गतिविधियां भी प्रभावित हो सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार 29 सितंबर से 2 अक्तूबर तक कुछ स्थानों पर हल्की बारिश जारी रह सकती है, लेकिन भारी बारिश की गतिविधि में कमी आने की संभावना है।
जापान के आइची-नागोया में चल रहे 20वें एशियन गेम्स में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया है। फाइनल मुकाबले में भारत ने ईरान को 37-34 से हराकर खिताब पर कब्जा किया। इस जीत में हिमाचल प्रदेश की चार बेटियों की भी अहम मौजूदगी रही। भारतीय टीम में हिमाचल की पुष्पा राणा, रितु नेगी, ज्योति ठाकुर और भावना ठाकुर शामिल हैं। खास बात यह है कि पुष्पा राणा टीम की कप्तान हैं। चारों खिलाड़ियों के भारतीय टीम में चयन की पुष्टि एशियन गेम्स से पहले हुई थी। फाइनल से पहले भारतीय टीम ने सेमीफाइनल में नेपाल को 48-24 के बड़े अंतर से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। इस मुकाबले में भारतीय टीम ने शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा और तीन ऑलआउट के साथ जीत दर्ज की। ग्रुप चरण में भी भारत का प्रदर्शन शानदार रहा। टीम ने बांग्लादेश, ईरान और जापान को हराकर अपना अभियान अजेय रखा और सेमीफाइनल में पहुंची। हिमाचल की चार खिलाड़ियों का एक साथ भारतीय महिला कबड्डी टीम में शामिल होना प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि है। सिरमौर के शिलाई क्षेत्र से रितु नेगी और पुष्पा राणा, मंडी से भावना ठाकुर और सोलन के चायल क्षेत्र से ज्योति ठाकुर भारतीय टीम का हिस्सा हैं। ये हमारे देश और प्रदेश के लिए बहुत गर्व की बात है
हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित क्षेत्रों में 5 लाख रुपये तक के रिस्टोरेशन कार्यों के टेंडर अब ऑफलाइन किए जा सकेंगे। राज्य सरकार ने इन कार्यों के लिए सचिवालय से दोबारा मंजूरी लेने की जरूरत को खत्म करते हुए प्रक्रिया आसान कर दी है। नई व्यवस्था के तहत जिला उपायुक्तों की रिपोर्ट पर SDRF/NDRF के तहत स्वीकृत 5 लाख रुपये तक के कार्यों के टेंडर अधिशासी अभियंता स्तर पर ही ऑफलाइन किए जा सकेंगे। इससे आपदा से क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलों, डंगों और अन्य छोटे बुनियादी ढांचे की जल्द मरम्मत शुरू हो सकेगी। दरअसल, पहाड़ी क्षेत्रों में कई बार नेटवर्क की समस्या के कारण ठेकेदार ऑनलाइन टेंडर नहीं भर पाते थे। सिंगल बिड या नो-बिड की स्थिति में दोबारा टेंडर प्रक्रिया करनी पड़ती थी। इसके चलते चंबा, मंडी, कुल्लू और शिमला समेत कई क्षेत्रों में रिस्टोरेशन के काम अटके हुए थे। ऑफलाइन प्रक्रिया से 2 से 3 दिन में काम अवार्ड होने की उम्मीद है। इससे सड़क की रिटेनिंग वॉल, कलवर्ट और अन्य छोटे मरम्मत कार्य तेजी से शुरू किए जा सकेंगे। स्थानीय ठेकेदारों को भी फायदा होगा, खासकर उन लोगों को जिनके पास डिजिटल सिग्नेचर या ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया के लिए जरूरी संसाधन नहीं हैं। यह छूट आपदा प्रभावित घोषित क्षेत्रों और 2025-26 मानसून आपदा से जुड़े रिस्टोरेशन कार्यों के लिए दी गई है। उद्देश्य बारिश और आपदा से क्षतिग्रस्त सड़क संपर्क को जल्द बहाल करना और सर्दी शुरू होने से पहले जरूरी काम पूरा करना है। हालांकि, 5 लाख रुपये से अधिक लागत वाले कार्यों के लिए ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया जारी रहेगी। ऑफलाइन किए गए टेंडर का रिकॉर्ड और तुलनात्मक विवरण भी ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा, ताकि प्रक्रिया का पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध रहे।
हिमाचल प्रदेश सरकार के कार्मिक विभाग ने दो जिलों के उपायुक्त (DC) बदलने के आदेश जारी किए हैं। जारी अधिसूचना के अनुसार डॉ. अमित शर्मा को किन्नौर से स्थानांतरित कर कुल्लू का उपायुक्त बनाया गया है, जबकि सोनाक्षी तोमर को किन्नौर की नई उपायुक्त की जिम्मेदारी दी गई है। सरकार के इस प्रशासनिक फेरबदल के बाद दोनों जिलों में जिला प्रशासन की कमान नए अधिकारियों के हाथ में होगी। संबंधित अधिकारियों को आदेश के अनुसार नई तैनाती पर कार्यभार संभालना होगा। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार डॉ. अमित शर्मा फिलहाल किन्नौर के उपायुक्त के तौर पर दर्ज हैं, जबकि कुल्लू में इस समय सुरजीत सिंह राठौर अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं। हिमाचल सरकार की अधिसूचनाएं आधिकारिक eGazette पोर्टल पर जारी की जाती हैं।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (HPTDC) के कॉरपोरेट कार्यालय को शिमला से धर्मशाला स्थानांतरित करने के फैसले को चुनौती देने वाली दो याचिकाएं खारिज कर दी हैं। इसके साथ ही मुख्यालय को धर्मशाला शिफ्ट करने के सरकार के फैसले का रास्ता साफ हो गया है। मुख्य न्यायाधीश जीएस संधावालिया और न्यायमूर्ति बिपिन चंदर नेगी की खंडपीठ ने 16 सितंबर 2026 को यह फैसला सुनाया। याचिकाएं सेवानिवृत्त HPTDC कर्मचारियों दाबे राम और मुकेश भारद्वाज ने दायर की थीं। दोनों ने शिमला स्थित कॉरपोरेट कार्यालय को धर्मशाला के होटल कश्मीर हाउस में स्थानांतरित करने के फैसले को चुनौती दी थी। सरकार और HPTDC की ओर से अदालत को बताया गया कि अप्रैल 2025 में धर्मशाला-कांगड़ा को प्रदेश की पर्यटन राजधानी घोषित किया गया था। इसके बाद HPTDC के निदेशक मंडल ने निगम के अपने भवन में कॉरपोरेट कार्यालय को धर्मशाला शिफ्ट करने के लिए सरकार से मंजूरी लेने का फैसला किया। इससे पहले शिमला में होटल हॉलिडे होम के पास नया कॉरपोरेट कार्यालय बनाने की योजना थी, लेकिन भवन निर्माण की योजना को नगर निगम से मंजूरी नहीं मिल सकी। इसके बाद धर्मशाला में कार्यालय स्थानांतरित करने का प्रस्ताव आगे बढ़ा। हाईकोर्ट ने कहा कि सरकारी कार्यालय का स्थान तय करना मुख्य रूप से सरकार का नीतिगत निर्णय है। अदालत सरकार के ऐसे नीतिगत फैसले के गुण-दोष की तुलना कर उसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकती। अदालत ने यह भी कहा कि दोनों याचिकाकर्ता सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं और उनका HPTDC के साथ सेवा संबंध समाप्त हो चुका है। इसलिए वे सेवारत कर्मचारियों से जुड़े इस मुद्दे पर याचिका दायर करने के लिए उचित आधार नहीं रखते। दोनों याचिकाएं खारिज करते हुए अदालत ने प्रत्येक याचिकाकर्ता द्वारा जमा 50-50 हजार रुपये की राशि हाईकोर्ट बार एसोसिएशन और हाईकोर्ट स्टाफ वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन के बीच बराबर बांटने के निर्देश दिए। हालांकि HPTDC की आधिकारिक वेबसाइट पर फिलहाल हेड ऑफिस का पता रिट्ज एनेक्सी, शिमला ही दर्ज है, इसलिए वास्तविक प्रशासनिक शिफ्टिंग की स्थिति को सरकार/निगम के आगामी आदेशों के संदर्भ में देखना होगा।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस की प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) की महत्वपूर्ण बैठक शुक्रवार को शिमला स्थित राजीव भवन में होगी। प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल की मौजूदगी में होने वाली बैठक में संगठन के कामकाज की समीक्षा के साथ आगामी रणनीति पर मंथन किया जाएगा। बैठक में भरमौर से सिरमौर तक प्रस्तावित ‘हिमाचल जोड़ो यात्रा’ की रूपरेखा और तारीख तय करने पर चर्चा होगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार के नेतृत्व में प्रस्तावित इस यात्रा का उद्देश्य पूरे प्रदेश में संगठन को सक्रिय करना और लोगों तक पहुंच बढ़ाना बताया गया है। यात्रा के दौरान SIR समेत अन्य मुद्दे भी उठाए जाने की तैयारी है। इसके अलावा मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस की आगे की रणनीति पर भी चर्चा होगी। पार्टी SIR प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाती रही है और इसी मुद्दे पर शुक्रवार को शिमला में निर्वाचन विभाग के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन भी किया गया। प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार के साथ मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, रजनी पाटिल समेत पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता शामिल होने वाले था I PCC बैठक में प्रदेश पदाधिकारियों और जिला कांग्रेस अध्यक्षों के पिछले तीन महीने के कामकाज की समीक्षा भी की जाएगी। संगठन को बूथ, ब्लॉक और पंचायत स्तर तक मजबूत करने तथा आगामी 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों को गति देने पर भी चर्चा होगी। 26 सितंबर को मीडिया विभाग और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अग्रणी संगठनों व विभागों के कामकाज की समीक्षा की जाएगी।
हिमाचल कांग्रेस की प्रभारी रजनी पाटिल तीन दिवसीय हिमाचल दौरे पर हैं। शुक्रवार को उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से शिमला में मुलाकात की। बैठक में राज्य सरकार और कांग्रेस संगठन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। हालांकि मुलाकात में किन-किन मुद्दों पर विस्तार से बातचीत हुई, इसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। इसके बाद शिमला के राजीव भवन में प्रदेश कांग्रेस की अहम बैठक होनी है। इसमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार समेत प्रदेश पदाधिकारी और जिला कांग्रेस अध्यक्ष शामिल होंगे। बैठक में पिछले तीन महीनों के संगठनात्मक कामकाज की समीक्षा की जाएगी और जिलों व ब्लॉकों में संगठन की सक्रियता का फीडबैक लिया जाएगा। बैठक में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों, सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल तथा आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों पर भी चर्चा प्रस्तावित है। पार्टी भरमौर से सिरमौर तक 'हिमाचल जोड़ो यात्रा' की रणनीति पर भी मंथन करेगी। वहीं, शुक्रवार को कांग्रेस ने शिमला के कुसुम्पटी स्थित चुनाव विभाग कार्यालय के बाहर SIR और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन भी रखा है। इसमें रजनी पाटिल, मुख्यमंत्री सुक्खू, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, मंत्री, विधायक और बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल होने हैं। यानी आज शिमला में कांग्रेस के लिए दिन संगठन की समीक्षा, सरकार-संगठन के तालमेल और आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों की रणनीति के लिहाज से अहम है।
भारतीय महिला कबड्डी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए नेपाल को 48-24 से हराकर फाइनल में जगह बना ली है। टीम अब 26 सितंबर को स्वर्ण पदक के लिए मैदान में उतरेगी। इस जीत में हिमाचल प्रदेश की बेटियों की मौजूदगी खास रही। सिरमौर की पुष्पा राणा भारतीय टीम की कप्तान हैं, जबकि रितु नेगी, ज्योति ठाकुर और भावना ठाकुर भी 12 सदस्यीय टीम का हिस्सा हैं। चारों खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में टीम के अभियान में अहम भूमिका निभाई है। भारत ने ग्रुप चरण में भी शानदार प्रदर्शन किया। टीम ने बांग्लादेश को 42-21, ईरान को 37-23 और जापान को 50-25 से हराकर ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल किया और बिना कोई मैच गंवाए सेमीफाइनल में प्रवेश किया। इसके बाद नेपाल को हराकर फाइनल का टिकट पक्का किया। अब भारत के सामने 26 सितंबर को स्वर्ण पदक का मुकाबला होगा। फाइनल में उसका सामना ईरान और चीनी ताइपे के बीच दूसरे सेमीफाइनल की विजेता टीम से होगा। भारतीय टीम मौजूदा एशियन गेम्स में अपने स्वर्ण पदक का बचाव करने के लक्ष्य के साथ उतरी है। हिमाचल के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि सिरमौर के शिलाई क्षेत्र से दो लगातार भारतीय महिला कबड्डी कप्तान सामने आई हैं—पहले रितु नेगी और अब पुष्पा राणा।
शिमला: हिमाचल प्रदेश के करीब 155 सरकारी CBSE स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2027-28 से नई यूनिफॉर्म लागू होगी। शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों के लिए लाइट ग्रीन, फॉरेस्ट ग्रीन और चारकोल ग्रे रंगों पर आधारित ड्रेस कोड तय किया है। बालवाटिका से पांचवीं तक के बच्चों के लिए अलग ड्रेस निर्धारित की गई है, जबकि छठी से 12वीं तक छात्राओं के लिए स्कर्ट की जगह सलवार-दुपट्टा या ग्रे पतलून का विकल्प रहेगा। छात्रों के लिए लाइट ग्रीन शर्ट और चारकोल ग्रे पतलून रखी गई है। सभी कक्षाओं के लिए स्पोर्ट्स ड्रेस भी एक समान होगी। ठंडे क्षेत्रों में मौसम के अनुसार अतिरिक्त गर्म कपड़े पहनने की अनुमति रहेगी। वहीं शिक्षकों के लिए भी ड्रेस कोड तय किया गया है। महिला शिक्षिकाओं के लिए हल्का लाइलैक और पुरुष शिक्षकों के लिए हल्की नीली शर्ट-पैंट निर्धारित की गई है। यह ड्रेस कोड 1 अक्टूबर 2026 से लागू होगा। स्कूल भवनों को भी ऑलिव ग्रीन और सैंड बेज रंग की थीम में रंगने की योजना है। नई व्यवस्था का उद्देश्य सरकारी CBSE स्कूलों को एक समान पहचान देना और ड्रेस में एकरूपता लाना है।
CBSE JBT भर्ती में ओवरलैपिंग रोकने की मांग, HP JBT अभ्यर्थियों ने DC के माध्यम से CM को सौंपा ज्ञापन
हिमाचल प्रदेश में CBSE JBT भर्ती के साथ अन्य भर्ती में एक साथ चयन के कारण संभावित ओवरलैपिंग को रोकने और HP JBT चयनित अभ्यर्थियों को जल्द नियुक्ति देने की मांग उठी है। JBT भर्ती के अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को ज्ञापन भेजकर इस मामले में जल्द कार्रवाई की मांग की है। HP JBT भर्ती कोड 25004 के तहत 600 पदों के लिए परीक्षा 25 से 27 फरवरी को हुई थी, जबकि CBSE JBT भर्ती कोड 26015 के 600 पदों के लिए परीक्षा 13 से 17 जून तक आयोजित की गई। दोनों भर्तियों में 300 से अधिक अभ्यर्थियों के समान रूप से चयनित होने की संभावना जताई गई है। अभ्यर्थियों का कहना है कि HP JBT भर्ती का परिणाम 14 अगस्त को घोषित हो चुका है। वहीं, CBSE JBT भर्ती में दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया होनी है। HPRCA की ओर से करीब 10 प्रतिशत वेटिंग पैनल रखने की स्थिति में 600 पदों पर लगभग 60 अभ्यर्थियों को ही वेटिंग में रखा जा सकेगा। ऐसे में संभावित रिक्त पदों को भरना मुश्किल हो सकता है। अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली, HP JBT भर्ती के चयनित अभ्यर्थियों को जल्द नियुक्ति पत्र जारी किए जाएं, ताकि CBSE JBT के पद रिक्त न रहें। दूसरी, CBSE JBT की वेटिंग लिस्ट को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत किया जाए, ताकि संभावित रिक्त पदों को वेटिंग पैनल से भरा जा सके। तीसरी, CBSE JBT की दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया HP JBT के चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी होने के बाद शुरू की जाए। अभ्यर्थियों ने कहा है कि इन मांगों पर जल्द कार्रवाई होने से दोनों भर्तियों में ओवरलैपिंग की समस्या कम हो सकती है और अधिक से अधिक योग्य अभ्यर्थियों को रोजगार का अवसर मिल सकेगा।
हिमाचल प्रदेश के करीब 30 लाख बिजली उपभोक्ताओं के लिए बिल भुगतान की प्रक्रिया जल्द और आसान होने वाली है। बिजली बोर्ड अब UPI, डेबिट-क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग, BBPS, RTGS/NEFT, QR कोड, POS मशीन और WhatsApp पेमेंट जैसे अलग-अलग विकल्पों को एक ही डिजिटल मंच पर लाने की तैयारी कर रहा हैI नई व्यवस्था के लिए बोर्ड ने RBI से अधिकृत पेमेंट एग्रीगेटर नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके बाद उपभोक्ताओं को अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर जाकर भुगतान करने की जरूरत नहीं होगी। किसी भी माध्यम से किया गया भुगतान एकीकृत डिजिटल सिस्टम में दर्ज होगा और उसका रिकॉर्ड तुरंत उपलब्ध रहेगा। बोर्ड इसके लिए एक यूनिफाइड वेब-बेस्ड डैशबोर्ड भी तैयार करेगा। इसमें अलग-अलग माध्यमों से आए भुगतानों की निगरानी, मिलान और वित्तीय विश्लेषण एक ही जगह से किया जा सकेगा। इससे भुगतान सफल हुआ या नहीं, पैसा खाते में पहुंचा या किसी तकनीकी दिक्कत के कारण अटका—इसकी जानकारी भी आसानी से मिल सकेगी। बोर्ड ने इस परियोजना के लिए योग्य पेमेंट एग्रीगेटरों, बैंकों और वित्तीय संस्थानों से प्रस्ताव मांगे हैं। निविदाएं 6 अक्तूबर 2026 शाम 5 बजे तक जमा की जा सकती हैं। तीन महीने में 30 लाख से ज्यादा डिजिटल भुगतान मई से जुलाई 2026 के बीच बिजली बोर्ड को विभिन्न डिजिटल माध्यमों से 30 लाख से अधिक भुगतान मिले, जिनसे करीब 2027 करोड़ रुपये की राशि जमा हुई। इनमें BBPS के जरिए करीब 24.96 लाख लेनदेन हुए और 298.34 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। पेमेंट गेटवे से 4.28 लाख से अधिक लेनदेन हुए, जबकि RTGS/NEFT के जरिए करीब 46,950 लेनदेन में 1004.41 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा हुई। नई व्यवस्था में RTGS और NEFT के भुगतान का उसी दिन सेटलमेंट करने का प्रावधान होगा। वहीं UPI, कार्ड, BBPS और अन्य डिजिटल माध्यमों से प्राप्त राशि अधिकतम अगले कार्य दिवस तक बोर्ड के खाते में पहुंचाने की व्यवस्था होगी। फिलहाल भी HPSEBL के उपभोक्ता पोर्टल और मोबाइल ऐप के जरिए बिजली बिल देखने और ऑनलाइन भुगतान की सुविधा उपलब्ध है।
शिमला के सुन्नी में पिता की मौत के बाद बेटी भी लापता, सतलुज में तलाश जारी; आखिर खाई तक कैसे पहुंची पिकअप? शिमला जिले के सुन्नी के ओगली क्षेत्र से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुए पिता-बेटी के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। करीब एक सप्ताह बाद पिता कुलदीप का शव सतलुज नदी से बरामद हुआ, जबकि उनकी 18 वर्षीय बेटी स्नेहा की तलाश अभी भी जारी है। जानकारी के अनुसार, 12 सितंबर की शाम कुलदीप अपनी बेटी स्नेहा के साथ पिकअप में कुमारसैन की ओर गए थे। रात करीब 1:30 बजे उन्होंने पत्नी को फोन कर बताया था कि वे पंदोआ पहुंच गए हैं और करीब 10 मिनट में घर पहुंच जाएंगे। इसके बाद दोनों के मोबाइल फोन बंद हो गए। परिजनों ने तलाश शुरू की तो ओगली के पास उनकी पिकअप सड़क किनारे लावारिस हालत में मिली। वाहन का कंडक्टर साइड का शीशा टूटा हुआ था। इसी वजह से परिवार ने किसी अनहोनी की आशंका जताई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और आसपास के CCTV फुटेज भी खंगाले। जांच के दौरान CCTV में सुबह करीब 4 बजे पिकअप की आवाजाही कोठी, ओगली और चेबड़ी क्षेत्र में दिखाई दी। इसके बाद पुलिस ने आसपास के इलाकों और सतलुज नदी के किनारे सर्च अभियान चलाया। करीब सात-आठ दिन बाद मंडी जिले के करला गांव के पास सतलुज नदी में नाव चलाने वालों ने एक शव देखा। पुलिस और परिजनों ने मौके पर पहुंचकर शव की पहचान कुलदीप के रूप में की। बाजुओं पर बने त्रिशूल और गले पर लिखे 'मां' शब्द से भी पहचान की पुष्टि हुई। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। अब इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि कुलदीप और उनकी बेटी पिकअप से अलग कैसे हुए और वाहन सड़क से किस तरह वहां पहुंचा? वाहन का शीशा टूटने और पिता का शव सतलुज में मिलने के बाद पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि यह हादसा था या इसके पीछे कोई दूसरी वजह। फिलहाल पुलिस का मुख्य फोकस स्नेहा की तलाश पर है। सतलुज और आसपास के क्षेत्रों में सर्च अभियान चलाया जा चुका है और CCTV समेत अन्य सुरागों की जांच की जा रही है।
हिमाचल के शिमला जिले में साइबर ठगी का मामला सामने आया है। शातिर ठग ने खुद को बैंक मैनेजर बताकर एक बुजुर्ग को फोन किया और बैंक खाते से जुड़ी जानकारी लेने के बाद उनके खाते से 5.51 लाख रुपये उड़ा लिए। बताया जा रहा है कि बुजुर्ग के मोबाइल पर एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने खुद को बैंक का मैनेजर बताया। उसने बैंक खाते से संबंधित जरूरी प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर बुजुर्ग को झांसे में लिया। इसके बाद ठग ने उनसे कुछ जानकारी हासिल की और देखते ही देखते खाते से बड़ी रकम निकाल ली। खाते से 5.51 लाख रुपये की निकासी होने का पता चलने पर बुजुर्ग के होश उड़ गए। उन्होंने मामले की शिकायत पुलिस से की। पुलिस ने साइबर ठगी की शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है और लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बैंक अधिकारी बनकर फोन करने वाले किसी भी व्यक्ति के साथ OTP, PIN, CVV, पासवर्ड या बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें। किसी भी संदिग्ध कॉल या लिंक पर प्रतिक्रिया देने से पहले बैंक की आधिकारिक हेल्पलाइन से संपर्क करें।
शिमला जिले के उपमंडल चौपाल के नेरवा क्षेत्र के टेलर गांव में साप के डसने साई दो सगी बहनो की मौत हो गई I मृतकों की पहचान महक (10) और कनक (7) पुत्रियां जितेंद्र निवासी गांव टेलर, डाकघर थंगाड तहसील नेरवा के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार 20 सितंबर की रात दोनों बहनें अपने माता-पिता के साथ मकान की धरातल मंजिल के एक कमरे में सोई थीं। अगले दिन सुबह पिता काम से बाहर चले गए, जबकि मां सपना खेतों में काम करने चली गईं। करीब आठ बजे मां घर लौटी तो दोनों बच्चियां कमरे में बेहोशी की हालत में पड़ी थीं। आवाज लगाने और उठाने का प्रयास करने के बावजूद दोनों ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। उसी समय माँ ने एक साप को कमरे से बहार जाते हुए देखा I परिजनों को आशंका हुई की दोनों बचियों को सांप ने डसा है I परिजनों ने तुरंत दोनों बचियों को उपचार के लिए स्थानीय अस्पताल त्यूनी उत्तराखंड पहुंचाया I प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रोहड़ू रेफर किया गया। वहां से दोनों को आगामी उपचार के लिए आईजीएमसी शिमला रेफर किया गया। 21 सितंबर को रात करीब 2:46 बजे पुलिस पिकेट आईजीएमसी से थाना नेरवा को सूचना मिली कि दोनों बच्चियों को उपचार के लिए आईजीएमसी लाया गया है, जहां उपचार के दौरान महक की मौत हो गई।पुलिस अधिकारी अस्पताल पहुंचने के लिए रवाना हुए, इसी दौरान कनक की भी मौत की सूचना मिली। पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम करवाने के बाद अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चिकित्सकों की अंतिम राय अभी प्राप्त होना बाकी है। पुलिस ने धारा 194 बीएनएसएस के तहत कार्रवाई शुरू की है। प्रारंभिक जांच और परिजनों के बयानों के आधार पर दोनों बहनों की मौत जहरीले सांप के काटने से होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस की ओर से मामले में अन्य प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। इस विषय में एसडीएम चौपाल हेमचंद वर्मा ने कहा कि मृतक बच्चों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी तक नहीं प्राप्त हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यदि मृत्यु का कारण सर्पदंश बताया जाएगा तो सरकारी राहत मैनुअल के अनुसार परिवार को राहत राशि प्रदान कर दी जाएगी।
हिमाचल प्रदेश में नशे के कारोबार पर शिकंजा कसने के लिए सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि नशा तस्करों ने अवैध तरीके से जो संपत्तियां बनाई हैं, उन्हें जब्त किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य नशे के कारोबार से जुड़े लोगों की आर्थिक ताकत को खत्म करना है। सीएम ने कहा कि नशा तस्करी से कमाई गई संपत्ति को किसी भी सूरत में सुरक्षित नहीं रहने दिया जाएगा। कानून के तहत ऐसी संपत्तियों की पहचान कर जब्ती की कार्रवाई की जाएगी। सरकार यह सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रही है कि नशे के काले कारोबार से कमाया गया पैसा आखिरकार जनता के हित में इस्तेमाल हो। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि प्रदेश में नशे के खिलाफ अभियान को और तेज किया जाएगा। पुलिस और संबंधित विभागों को नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ उनकी अवैध संपत्तियों का पता लगाने पर भी जोर देने की बात कही गई है। सरकार का मानना है कि केवल तस्करों को गिरफ्तार करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि नशे के पूरे आर्थिक नेटवर्क पर चोट करना जरूरी है। इसी रणनीति के तहत अवैध संपत्तियों को जब्त कर नशे के कारोबार से जुड़े लोगों की कमर तोड़ने की तैयारी है।
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने रेलवे बोर्ड भवन, शिमला स्थित आयकर विभाग के कार्यालय में तैनात आयकर अधिकारी वरुण खारी के खिलाफ पांच लाख रुपये रिश्वत मांगने के आरोप में FIR दर्ज की है। आरोप है कि एक कारोबारी पर करीब 18 लाख रुपये की आयकर देनदारी का दबाव बनाकर रकम कम कराने और मामला निपटाने के एवज में रिश्वत मांगी गई। CBI ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act) की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। CBI के अनुसार, सोलन जिले के मांगू (अर्की) निवासी कारोबारी लाभचंद को 7 अगस्त को आयकर विभाग की ओर से रिकवरी नोटिस मिला था। इसमें आकलन वर्ष 2017 के लिए 8,97,160 रुपये और वर्ष 2018 के लिए 6,010 रुपये की पेनल्टी जमा करने को कहा गया था। कारोबारी ने अपने कंसल्टेंट के माध्यम से आयकर पोर्टल पर आपत्ति दर्ज कराई। आरोप है कि 8 सितंबर को दस्तावेजों के साथ आयकर अधिकारी से मुलाकात के दौरान 8,97,160 रुपये की पेनल्टी के अलावा करीब 8,97,100 रुपये ब्याज की देनदारी भी बताई गई। इस तरह कुल रकम करीब 17.94 लाख रुपये बताई गई। राहत देने के बदले मांगे पांच लाख आरोप के मुताबिक, कारोबारी को इस देनदारी में राहत दिलाने और मामला निपटाने के बदले आयकर अधिकारी ने पांच लाख रुपये रिश्वत की मांग की। इसके बाद कारोबारी ने CBI में शिकायत की। शिकायत मिलने के बाद जांच एजेंसी ने 9 सितंबर को शिकायत के सत्यापन की कार्रवाई शुरू की। शुरुआती संपर्क 103 बस स्टॉप के पास हुआ। इसके बाद फागली स्थित सरकारी क्वार्टर में CBI टीम ने बेस कैंप बनाया। सत्यापन के दौरान कंसल्टेंट के कपड़ों में डिजिटल वॉइस रिकॉर्डर लगाया गया और बातचीत रिकॉर्ड की गई। CBI के अनुसार, रिकॉर्डिंग में कथित रिश्वत मांगने से संबंधित बातचीत सामने आई। जांच एजेंसी के मुताबिक, बातचीत के दौरान पहले चार लाख रुपये देने की मांग की गई। बाद में तीन लाख रुपये तत्काल और दो लाख रुपये एक सप्ताह के भीतर देने पर सहमति बनने की बात सामने आई। इसके बाद अधिकारी के व्हाट्सऐप नंबर से कंसल्टेंट को कॉल आने और बातचीत के बाद तीन लाख रुपये लेकर टूटू स्थित पावर हाउस के पास पहुंचने की बात तय होने का आरोप है। शिकायत के सत्यापन के आधार पर CBI ने 9 सितंबर को FIR दर्ज कर ली। मामले की जांच इंस्पेक्टर सुशील को सौंपी गई है। CBI ने आरोपी अधिकारी को पकड़ने के लिए उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है। फिलहाल मामले में जांच जारी है और आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने तलाक से जुड़े एक मामले में अहम टिप्पणी करते हुए स्पष्ट किया है कि सिर्फ स्टांप पेपर पर आपसी सहमति से तैयार किया गया तलाकनामा विवाह को कानूनी रूप से खत्म नहीं करता। तलाक को वैध बनाने के लिए संबंधित कानूनी प्रक्रिया और अदालत की मंजूरी जरूरी है। कोर्ट ने साफ किया कि पति-पत्नी के बीच समझौता या स्टांप पेपर पर तैयार दस्तावेज अपने आप में तलाक की डिक्री का विकल्प नहीं हो सकता। यानी केवल यह लिख देना कि दोनों पक्ष अलग हो गए हैं, पर्याप्त नहीं है। अदालत की इस टिप्पणी का सीधा मतलब है कि विवाह संबंध खत्म करने के लिए कानून में तय प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है। निजी तौर पर तैयार किए गए दस्तावेज के आधार पर कोई व्यक्ति खुद को कानूनी रूप से तलाकशुदा नहीं मान सकता। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में वैवाहिक स्थिति तय करने के लिए सक्षम अदालत की भूमिका अहम है। इसलिए पति-पत्नी को सिर्फ स्टांप पेपर या आपसी समझौते के भरोसे तलाक की कानूनी स्थिति मान लेने से बचना चाहिए।
शिमला: शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने अपने हालिया दिल्ली दौरे को लेकर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि उनका दिल्ली जाना व्यक्तिगत कार्यक्रम से जुड़ा था। इस दौरान वरिष्ठ नेताओं से उनकी मुलाकात संयोगवश हुई। वहीं, शिमला जिला परिषद चुनाव में कांग्रेस के कमजोर प्रदर्शन को लेकर रोहित ठाकुर ने चिंता जताई। उन्होंने माना कि चुनावी प्रदर्शन को लेकर पार्टी को गंभीरता से मंथन करने की जरूरत है। शिक्षा मंत्री के बयान से संकेत मिल रहे हैं कि कांग्रेस संगठन और नेतृत्व को लेकर समीक्षा और सुधार की जरूरत महसूस की जा रही है। पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और संगठन को अधिक सक्रिय बनाने पर भी ध्यान दिया जा सकता है। रोहित ठाकुर ने दिल्ली दौरे को लेकर लग रही अटकलों पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि इसे किसी राजनीतिक बैठक या विशेष रणनीति से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। वहीं, जिला परिषद चुनाव के नतीजों को लेकर उन्होंने पार्टी के प्रदर्शन पर चिंता जाहिर की है।
नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (NLU) शिमला में विद्यार्थियों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कई अहम कदम उठाए जाएंगे। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने छात्राओं के लिए नए हॉस्टल के निर्माण, कम वोल्टेज की समस्या दूर करने और पीने के पानी की व्यवस्था बेहतर करने के निर्देश दिए हैं। छात्राओं के लिए नया हॉस्टल बनने से उन्हें रहने की बेहतर सुविधा मिलेगी। वहीं, विश्वविद्यालय परिसर में लो वोल्टेज की समस्या का समाधान होने से बिजली व्यवस्था में सुधार होगा। इसके साथ ही पीने के पानी की समस्या को भी दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने और विद्यार्थियों को बेहतर माहौल उपलब्ध करवाने पर जोर दिया। वहीं, NLU के कुलपति ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का आभार जताया। उन्होंने विश्वविद्यालय की जरूरतों को गंभीरता से लेने और विद्यार्थियों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार की ओर से दिए गए सहयोग के लिए धन्यवाद किया।
हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन में बारिश और प्राकृतिक आपदाओं ने भारी नुकसान पहुंचाया है। 30 जून से 10 सितंबर 2026 तक प्रदेश में 1,63,882.59 लाख रुपये यानी करीब 1,638.83 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया गया है। यह आंकड़ा राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से जारी संचयी रिपोर्ट में सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार, प्राकृतिक आपदाओं के कारण अब तक 116 लोगों की मौत हुई है। इनमें भूस्खलन से 18, डूबने से 15, बिजली गिरने से 12 और पेड़ या बड़ी चट्टान गिरने से 40 लोगों की मौत शामिल है। इसके अलावा 10 मौतें सड़क हादसों में दर्ज की गई हैं। रिपोर्ट में 172 लोगों की मौत सड़क दुर्घटनाओं में भी दर्ज होने का उल्लेख है। कांगड़ा में सबसे ज्यादा नुकसान जिला स्तर पर सबसे अधिक नुकसान कांगड़ा में 447.17 लाख रुपये दर्ज किया गया है। इसके बाद मंडी में 297.57 लाख, चंबा में 294.10 लाख, शिमला में 376.65 लाख और सोलन में 164.88 लाख रुपये का नुकसान दर्ज किया गया है। 70 सड़कें बंद लगातार बारिश के कारण प्रदेश में 70 सड़कें बंद हैं। इनमें सबसे ज्यादा मंडी में 30 सड़कें, कुल्लू में 11, शिमला में 11, कांगड़ा में 10, सिरमौर में 4, ऊना में 3 और लाहौल-स्पीति में 1 सड़क बंद है। इनमें मंडी के सराज की 25, सुंदरनगर की 1, सरकाघाट की 3 और थलौट की 1 सड़क शामिल है। कुल्लू में कुल्लू उपमंडल की 4, बंजार की 2, आनी की 3 और निरमंड की 2 सड़कें प्रभावित हैं। बिजली-पानी की सप्लाई भी प्रभावित बारिश का असर बिजली और पेयजल व्यवस्था पर भी पड़ा है। शिमला जिले में 2 बिजली ट्रांसफार्मर और 2 पेयजल आपूर्ति योजनाएं प्रभावित हुई हैं। प्रशासन की ओर से बंद मार्गों को खोलने और प्रभावित क्षेत्रों में सुविधाएं बहाल करने के प्रयास जारी हैं। बारिश से बचाव और बहाली की चुनौती लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में आवाजाही प्रभावित हुई है। प्रशासन बंद मार्गों को खोलने के साथ बिजली और पेयजल व्यवस्था बहाल करने में जुटा है। लोगों को मौसम और सड़क की स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज शिक्षा विभाग की एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें सीबीएसई स्कूलों के शिक्षकों के लिए ड्रेस कोड, विद्यार्थियों की यूनिफॉर्म तथा स्कूल भवनों के लिए रंग योजना को अंतिम रूप देने के संबंध में चर्चा की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि सीबीएसई स्कूलों के विद्यार्थियों की विशिष्ट यूनिफॉर्म हरे रंग की थीम पर आधारित होगी। इन स्कूलों की महिला शिक्षिकाएं हल्के लाइलैक (बैंगनी) रंग की पोशाक पहनेंगी, जबकि पुरुष शिक्षक हल्के नीले रंग की पैंट और शर्ट पहनेंगे। इन स्कूलों के भवनों को ऑलिव ग्रीन और सैंड बेज रंगों से रंगा जाएगा। शिक्षकों का ड्रेस कोड साफ-सुथरा, औपचारिक, शालीन और पेशेवर होगा तथा इसमें न्यूनतम सहायक वस्तुओं का प्रयोग किया जाएगा। डयूटी के दौरान शिक्षकों को अपना पहचान पत्र पहनना भी अनिवार्य होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विद्यार्थियों को उनके घरों के नजदीक गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार ने सीबीएसई स्कूलों में आवश्यक आधारभूत ढांचे के विकास तथा विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए सुविधाओं को मजबूत करने के लिए 80 करोड़ रुपये जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि इन स्कूलों के लिए अतिरिक्त 5 करोड़ रुपये भी जारी कर दिए जाएंगे।
गोपी जैक्स ने आरोप लगाया कि प्रदेश में होने वाले कई बड़े सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बाहरी राज्यों से कलाकारों को बुलाकर उन पर लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, जबकि स्थानीय कलाकारों को नाममात्र का मानदेय दिया जाता है. उन्होंने सवाल उठाया कि जब हिमाचल की लोक संस्कृति को स्थानीय कलाकार ही अपनी कला के जरिए आगे बढ़ा रहे हैं तो उन्हें उचित आर्थिक सम्मान क्यों नहीं दिया जाता.
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच हिमाचल प्रदेश के बाढ़ प्रभावित नदी क्षेत्रों में वैज्ञानिक ड्रेजिंग से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि अत्यधिक बारिश, बाढ़ और फ्लैश फ्लड के कारण हिमाचल की नदियों में बड़ी मात्रा में मलबा, बोल्डर, पत्थर और रेत जमा हो जाती है। इससे नदियों की पानी ले जाने की क्षमता प्रभावित होती है और आसपास की मानव बस्तियों, सड़कों, पुलों, वनों तथा अन्य महत्वपूर्ण ढांचे पर बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि आपदा के जोखिम को कम करने के लिए ऐसे संवेदनशील नदी क्षेत्रों में वैज्ञानिक और समयबद्ध ड्रेजिंग जरूरी है।
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के चौपाल क्षेत्र से एक विवाहिता के साथ कथित यौन उत्पीड़न और धमकी का गंभीर मामला सामने आया है। 28 वर्षीय महिला ने पुलिस को दी शिकायत में एक व्यक्ति पर जबरदस्ती करने और बाद में उसके विरोध करने पर महिला, उसके पति तथा दो छोटे बच्चों को जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए चौपाल पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुख्य आरोपी दिला राम शर्मा और उसके दो बेटों संतोष तथा नारायण दत्त के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
हिमाचल प्रदेश में एक ही विभाग के तहत आने वाले तीन सार्वजनिक उपक्रमों (कॉरपोरेशनों) के कर्मचारियों को महंगाई भत्ते की अलग-अलग दर को लेकर सवाल उठा है. ऊर्जा विभाग के अधीन आने वाले हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड (HPSEBL), हिमाचल प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPPTCL) और हिमाचल प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPPCL) में कर्मचारियों को एक समान दर से महंगाई भत्ता नहीं मिल रहा है. हाल ही में हुए विधानसभा के मानसून सत्र में यह मामला उठने के बाद सरकार ने इसकी वजह स्पष्ट की. दरअसल, पांवटा साहिब से भाजपा विधायक सुख राम चौधरी ने विधानसभा में सरकार से पूछा था कि HPSEBL और HPPTCL के कर्मचारियों को 60 फीसदी, जबकि HPPCL के कर्मचारियों को केवल 45 फीसदी DA क्यों मिल रहा है? विधायक ने सरकार से इस अंतर की वजह जाननी चाही. सरकार ने क्या कहा? सरकार ने लिखित जवाब में स्पष्ट किया कि यह कहना पूरी तरह सही नहीं है कि अलग-अलग उपक्रमों के सभी कर्मचारियों को केवल कंपनी या उपक्रम के आधार पर 60 या 45 फीसदी DA दिया जा रहा है. सरकार के मुताबिक, इन उपक्रमों में कार्यरत कर्मचारी अलग-अलग पेंशन और भविष्य निधि (Provident Fund) व्यवस्था के तहत आते हैं. सरकार ने बताया कि नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत आने वाले कर्मचारियों को वर्तमान में 60 फीसदी की दर से महंगाई भत्ता दिया जा रहा है. वहीं, एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड (EPF) और ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) के दायरे में आने वाले कर्मचारियों को 45 फीसदी की दर से DA मिल रहा है. हिमाचल प्रदेश में एक ही विभाग के तहत आने वाले तीन सार्वजनिक उपक्रमों (कॉरपोरेशनों) के कर्मचारियों को महंगाई भत्ते की अलग-अलग दर को लेकर सवाल उठा है. ऊर्जा विभाग के अधीन आने वाले हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड (HPSEBL), हिमाचल प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPPTCL) और हिमाचल प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPPCL) में कर्मचारियों को एक समान दर से महंगाई भत्ता नहीं मिल रहा है. हाल ही में हुए विधानसभा के मानसून सत्र में यह मामला उठने के बाद सरकार ने इसकी वजह स्पष्ट की. दरअसल, पांवटा साहिब से भाजपा विधायक सुख राम चौधरी ने विधानसभा में सरकार से पूछा था कि HPSEBL और HPPTCL के कर्मचारियों को 60 फीसदी, जबकि HPPCL के कर्मचारियों को केवल 45 फीसदी DA क्यों मिल रहा है? विधायक ने सरकार से इस अंतर की वजह जाननी चाही. सरकार ने क्या कहा? सरकार ने लिखित जवाब में स्पष्ट किया कि यह कहना पूरी तरह सही नहीं है कि अलग-अलग उपक्रमों के सभी कर्मचारियों को केवल कंपनी या उपक्रम के आधार पर 60 या 45 फीसदी DA दिया जा रहा है. सरकार के मुताबिक, इन उपक्रमों में कार्यरत कर्मचारी अलग-अलग पेंशन और भविष्य निधि (Provident Fund) व्यवस्था के तहत आते हैं. सरकार ने बताया कि नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत आने वाले कर्मचारियों को वर्तमान में 60 फीसदी की दर से महंगाई भत्ता दिया जा रहा है. वहीं, एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड (EPF) और ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) के दायरे में आने वाले कर्मचारियों को 45 फीसदी की दर से DA मिल रहा है. हिमाचल प्रदेश में एक ही विभाग के तहत आने वाले तीन सार्वजनिक उपक्रमों (कॉरपोरेशनों) के कर्मचारियों को महंगाई भत्ते की अलग-अलग दर को लेकर सवाल उठा है. ऊर्जा विभाग के अधीन आने वाले हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड (HPSEBL), हिमाचल प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPPTCL) और हिमाचल प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPPCL) में कर्मचारियों को एक समान दर से महंगाई भत्ता नहीं मिल रहा है. हाल ही में हुए विधानसभा के मानसून सत्र में यह मामला उठने के बाद सरकार ने इसकी वजह स्पष्ट की. दरअसल, पांवटा साहिब से भाजपा विधायक सुख राम चौधरी ने विधानसभा में सरकार से पूछा था कि HPSEBL और HPPTCL के कर्मचारियों को 60 फीसदी, जबकि HPPCL के कर्मचारियों को केवल 45 फीसदी DA क्यों मिल रहा है? विधायक ने सरकार से इस अंतर की वजह जाननी चाही. सरकार ने क्या कहा? सरकार ने लिखित जवाब में स्पष्ट किया कि यह कहना पूरी तरह सही नहीं है कि अलग-अलग उपक्रमों के सभी कर्मचारियों को केवल कंपनी या उपक्रम के आधार पर 60 या 45 फीसदी DA दिया जा रहा है. सरकार के मुताबिक, इन उपक्रमों में कार्यरत कर्मचारी अलग-अलग पेंशन और भविष्य निधि (Provident Fund) व्यवस्था के तहत आते हैं. सरकार ने बताया कि नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत आने वाले कर्मचारियों को वर्तमान में 60 फीसदी की दर से महंगाई भत्ता दिया जा रहा है. वहीं, एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड (EPF) और ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) के दायरे में आने वाले कर्मचारियों को 45 फीसदी की दर से DA मिल रहा है. हिमाचल में एक ही विभाग के कर्मचारियों को क्यों दिया जा रहा अलग-अलग डा? हिमाचल प्रदेश में एक ही विभाग के तहत आने वाले तीन सार्वजनिक उपक्रमों (कॉरपोरेशनों) के कर्मचारियों को महंगाई भत्ते की अलग-अलग दर को लेकर सवाल उठा है. ऊर्जा विभाग के अधीन आने वाले हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड (HPSEBL), हिमाचल प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPPTCL) और हिमाचल प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPPCL) में कर्मचारियों को एक समान दर से महंगाई भत्ता नहीं मिल रहा है. हाल ही में हुए विधानसभा के मानसून सत्र में यह मामला उठने के बाद सरकार ने इसकी वजह स्पष्ट की. दरअसल, पांवटा साहिब से भाजपा विधायक सुख राम चौधरी ने विधानसभा में सरकार से पूछा था कि HPSEBL और HPPTCL के कर्मचारियों को 60 फीसदी, जबकि HPPCL के कर्मचारियों को केवल 45 फीसदी DA क्यों मिल रहा है? विधायक ने सरकार से इस अंतर की वजह जाननी चाहीI सरकार ने लिखित जवाब में स्पष्ट किया कि यह कहना पूरी तरह सही नहीं है कि अलग-अलग उपक्रमों के सभी कर्मचारियों को केवल कंपनी या उपक्रम के आधार पर 60 या 45 फीसदी DA दिया जा रहा है. सरकार के मुताबिक, इन उपक्रमों में कार्यरत कर्मचारी अलग-अलग पेंशन और भविष्य निधि (Provident Fund) व्यवस्था के तहत आते हैं. सरकार ने बताया कि नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत आने वाले कर्मचारियों को वर्तमान में 60 फीसदी की दर से महंगाई भत्ता दिया जा रहा है. वहीं, एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड (EPF) और ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) के दायरे में आने वाले कर्मचारियों को 45 फीसदी की दर से DA मिल रहा है.
जिला शिमला के रामपुर उपमंडल में बीपीएल श्रेणी के तहत चयनित लोगों को जारी किए गए आय प्रमाण पत्रों की अब दोबारा जांच की जाएगी. उपमंडल अधिकारी (नागरिक) रामपुर बुशहर की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर संबंधित राजस्व अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं. आदेश के अनुसार 50 हजार और 75 हजार तक की वार्षिक आय दर्शाने वाले उन सभी आय प्रमाण पत्रों का पुनः सत्यापन किया जाएगा, जो बीपीएल श्रेणी में चयनित व्यक्तियों को जारी किए गए हैं.पुनः सत्यापन के दौरान संबंधित तहसीलदार और नायब तहसीलदार प्रत्येक मामले में जांच करेंगे. यह जांच संबंधित ग्राम पंचायत सचिव, पटवारी, ग्राम पंचायत प्रधान और संबंधित वार्ड सदस्य की समिति के साथ परामर्श कर की जाएगी. जांच में संबंधित व्यक्ति और परिवार की वास्तविक आय, आर्थिक स्थिति और आय प्रमाण पत्र जारी करने के आधार की पड़ताल की जाएगी. इसके साथ ही यह भी देखा जाएगा कि प्रमाण पत्र उपलब्ध सरकारी रिकॉर्ड और मौके की वास्तविक स्थिति के अनुरूप है या नहीं.प्रत्येक आय प्रमाण पत्र की सत्यापन रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसमें स्पष्ट रूप से उल्लेख किया जाएगा कि जांच के बाद प्रमाण पत्र सही पाया गया है अथवा नहीं. एसडीएम कार्यालय ने संबंधित अधिकारियों को यह पूरी प्रक्रिया 15 सितंबर 2026 तक अनिवार्य रूप से पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं. मामले को अति आवश्यक और समयबद्ध बताया गया है.
हिमाचल प्रदेश के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू, उनकी कैबिनेट के कुछ मंत्री और बड़े अफसर इस समय दिल्ली में हैं. सीएम सुक्खू के अलावा तीन कैबिनेट मंत्री दिल्ली दौरे पर हैं. सीएम के साथ राज्य के टॉप ब्यूरोक्रेट्स भी राजधानी में डेरा डाले हुए हैं. मुख्य सचिव केके पंत के अलावा अन्य बड़े अफसर सीएम के साथ हैं. दिल्ली में हिमाचल को लेकर कुछ बड़े घटनाक्रम देखने को मिलेंगे. सीएम सुक्खू केंद्रीय नेताओं से मिलेंगे और साथ ही अपनी पार्टी के नेताओं से भी मिलने का कार्यक्रम है. सीएम दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सहित अन्य नेताओं से मुलाकात करेंगे. इसके अलावा शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान एवं कृषि और पशुपालन मंत्री चौधरी चंद्र कुमार भी दिल्ली में हैं. शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर दिल्ली में साक्षरता दिवस पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे. वहीं, सोमवार देर शाम दिल्ली पहुंचे सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू आज यानी मंगलवार (8 सितंबर) सुबह केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात करेंगे. मीटिंग का एजेंडा कुल्लू-मनाली एवं मंडी में ब्यास नदी की ड्रेजिंग को लेकर तय है. हिमाचल प्रदेश का एक कंसर्न मानसून सीजन में आपदा से प्रभावित लोगों को वन भूमि का आवंटन सुनिश्चित करना भी है. सीएम सुक्खू ने इस मामले में ऐलान किया है कि आपदा प्रभावितों को जरूरत के अनुसार वन भूमि दी जाएगी. इसके लिए केंद्रीय वन व पर्यावरण मंत्रालय की मंजूरी जरूरी है. मंगलवार शाम को ही सीएम सुक्खू की केंद्रीय वित्त मंत्री से मुलाकात तय है. निर्मला सीतारमण के साथ मीटिंग में सीएम एवं मुख्य सचिव सहित अन्य अफसर भी रहेंगे. इस दौरान हिमाचल प्रदेश के वित्तीय मसलों पर चर्चा होगी. साथ ही हिमाचल प्रदेश प्राईड ऑफ हिल्स नाम से शुरू किए गए फंड में केंद्र से और अधिक रकम प्रदान किए जाने की मांग करेगा. इस दौरान हिमाचल प्रदेश पिछले सीजन में पीएम नरेंद्र मोदी की तरफ से घोषित किए गए पैकेज को लेकर भी अपना पक्ष रखेगा. सीएम सुक्खू का दो अन्य केंद्रीय मंत्रियों से मिलने का संभावित कार्यक्रम है. विभिन्न केंद्रीय नेताओं के साथ मुलाकात के दौरान राज्य के मुख्य सचिव केके पंत, दिल्ली में सीएम के ऊर्जा सलाहकार रामसुभग सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव आरडी नजीम, शिक्षा सचिव और सीएम के सचिव का कार्यभार देख रहे आईएएस राकेश कंवर आदि मौजूद रहेंगे.
शिमला। हिमाचल प्रदेश में स्वाइन फ्लू का एक और मामला सामने आया है। आईजीएमसी शिमला में छह माह की बच्ची की स्वाइन फ्लू रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। बच्ची कुल्लू जिले की रहने वाली है। तेज बुखार के बाद परिजन उसे उपचार के लिए आईजीएमसी लेकर पहुंचे थे। डॉक्टरों ने बच्ची के लक्षणों को देखते हुए स्वाइन फ्लू की जांच कराने की सलाह दी। सैंपल जांच के लिए भेजा गया, जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद बच्ची को आईजीएमसी में ही उपचार और निगरानी में रखा गया I मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग भी सतर्क हो गया है। अस्पतालों में वायरल संक्रमण जैसे लक्षणों वाले मरीजों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर रैंडम सैंपलिंग करने को भी कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टरों को अलर्ट रहने और संदिग्ध मरीजों की समय पर जांच करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. यशपाल रांटा ने छह माह की बच्ची के स्वाइन फ्लू पॉजिटिव होने की पुष्टि की है। उन्होंने लोगों से सावधानी बरतने और लक्षण दिखाई देने पर समय पर डॉक्टर से संपर्क करने की अपील की है। स्वाइन फ्लू में तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द, शरीर में दर्द और कमजोरी जैसे लक्षण हो सकते हैं। बच्चों में सांस लेने में परेशानी, अत्यधिक सुस्ती या दूध-पानी कम पीना गंभीर संकेत हो सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग ने भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी बरतने, हाथ साफ रखने और फ्लू जैसे लक्षण होने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की है। गौरतलब है कि प्रदेश में हाल के दिनों में स्वाइन फ्लू के कई मामले सामने आए हैं, जिसके चलते स्वास्थ्य विभाग पहले से ही निगरानी बढ़ा चुका है।
शिमला। कभी देश के सबसे कम साक्षर राज्यों में शामिल हिमाचल प्रदेश ने अब साक्षरता के क्षेत्र में बड़ी छलांग लगाई है। वर्ष 1951 में प्रदेश की साक्षरता दर सिर्फ 7.98 फीसदी थी, जो अब बढ़कर 99.5 फीसदी हो गई है। इस उपलब्धि के साथ हिमाचल देश में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। 99.7 फीसदी साक्षरता के साथ गोवा पहले नंबर पर है। अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के मौके पर 8 सितंबर को नई दिल्ली में शिक्षा मंत्रालय के कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश को पूर्ण साक्षरता की उपलब्धि के लिए सम्मानित किया जाएगा। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर कार्यक्रम में बतौर विशेष अतिथि शामिल होंगे। प्रदेश की ओर से साक्षरता अभियान की उपलब्धियों और काम करने के तरीके की प्रस्तुति भी दी जाएगी। आजादी के बाद हिमाचल के सामने शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी चुनौती थी। 1951 में प्रदेश की कुल साक्षरता दर केवल 7.98 फीसदी थी। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 1961 में यह 21.03 फीसदी, 1971 में 31.71 फीसदी, 1981 में 42.33 फीसदी, 1991 में 63.75 फीसदी, 2001 में 76.48 फीसदी और 2011 में 82.80 फीसदी पहुंची। इसके बाद लगातार चलाए गए शिक्षा और साक्षरता अभियानों से प्रदेश ने तेजी से प्रगति की। कठिन पहाड़ी भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद दूरदराज के क्षेत्रों तक स्कूल और शिक्षा की सुविधा पहुंचाने पर जोर दिया गया। साक्षरता अभियान के तहत वर्ष 2023-24 में 94,930 निरक्षरों की पहचान की गई थी। इनमें से दो वर्षों में 66 हजार से ज्यादा लोगों को साक्षर बनाया गया। अब प्रदेश में करीब 28,480 निरक्षर लोग शेष हैं। अभियान में केवल पढ़ना-लिखना ही नहीं, बल्कि लोगों को बुनियादी गणना, डिजिटल भुगतान, मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट के सुरक्षित इस्तेमाल और ऑनलाइन सेवाओं की जानकारी भी दी गई। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि साक्षरता की बड़ी चुनौती पार करने के बाद अब सरकार का फोकस शिक्षा की गुणवत्ता और सरकारी स्कूलों-कॉलेजों को मजबूत करने पर है। उन्होंने शिक्षकों की नियुक्ति, तबादलों में पारदर्शिता और स्कूलों में बेहतर व्यवस्था पर जोर दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में कम छात्र संख्या वाले कई शिक्षण संस्थानों को लेकर सरकार को नए सिरे से विचार करना होगा। सरकारी स्कूलों में पिछले 15 वर्षों में करीब चार लाख छात्रों की कमी को उन्होंने बड़ी चुनौती बताया। यानी 1951 में 7.98 फीसदी से शुरू हुआ हिमाचल का साक्षरता सफर आज 99.5 फीसदी तक पहुंच चुका है। अब प्रदेश की अगली चुनौती हर व्यक्ति तक शिक्षा की पहुंच के साथ-साथ सरकारी शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाना है।
कंगना ने मंडी में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक में अधिकारियों से विकास कार्यों की धीमी रफ्तार को लेकर कड़े सवाल किए थे। उन्होंने पूछा था कि मंजूरी और पैसा मिलने के बावजूद कई काम जमीन पर क्यों नहीं उतर रहे। कंगना के इसी तेवर पर पलटवार करते हुए विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि सिर्फ आवाज ऊंची करने से आदेश सख्त नहीं बन जाते। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि प्रशासनिक कामकाज में कलम की एक स्याही ही काफी होती है। उनके बयान के बाद दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक बयानबाजी फिर चर्चा में आ गई है। विक्रमादित्य सिंह ने कंगना की अधिकारियों के साथ बातचीत के तरीके पर भी सवाल उठाए। वहीं कंगना का फोकस मंडी संसदीय क्षेत्र में केंद्र की योजनाओं और सांसद निधि से जुड़े विकास कार्यों की धीमी प्रगति पर है। बैठक के बाद संबंधित अधिकारियों ने इन परियोजनाओं की समीक्षा भी शुरू कर दी है। यानी मुद्दा विकास कार्यों की रफ्तार से शुरू हुआ, लेकिन अब मामला कंगना और विक्रमादित्य के बीच सियासी तकरार तक पहुंच गया है।
धर्मशाला: घनियारा में करीब 84 कनाल सरकारी जमीन को कथित तौर पर इंतकाल के जरिए निजी लोगों के नाम कर दिया गया। बाद में जमीन के टुकड़े कर इन्हें दूसरे लोगों को बेच दिया गया। मामले में अब 42 खरीदार और लाभार्थी विजिलेंस की जांच के दायरे में हैं। जांच के मुताबिक, करीब 3.24 हेक्टेयर जमीन मई 2019 में अलग-अलग इंतकाल के जरिए निजी नामों पर दर्ज की गई थी। इनमें 29 शुरुआती लाभार्थी और 13 बाद के खरीदार शामिल हैं। विजिलेंस को मामले में धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश के संकेत मिले हैं। जमीन के रिकॉर्ड, इंतकाल और खरीद-फरोख्त से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। मामले की शिकायत फरवरी 2025 में विजिलेंस को मिली थी। इसके बाद जनवरी 2026 में FIR दर्ज की गई। अब जांच आगे बढ़ाते हुए 42 लोगों की भूमिका खंगाली जा रही है
शिमला: हिमाचल में कृषि उपकरणों पर सब्सिडी लेने वाले किसानों के लिए व्यवस्था बदल दी गई है। अब सिर्फ आवेदन करने से सब्सिडी मिलना तय नहीं होगा। अगर तय लक्ष्य से ज्यादा आवेदन आते हैं तो कृषि विभाग लॉटरी के जरिए किसानों का चयन करेगा। पहले सब्सिडी पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर मिलती थी। नई व्यवस्था से किसानों में नाराजगी है। किसानों का कहना है कि अब सब्सिडी मिलना किस्मत पर निर्भर हो गया है। एक किसान एक साल में अधिकतम दो कृषि उपकरणों के लिए आवेदन कर सकता है। इसके बाद पांच साल तक दोबारा आवेदन नहीं किया जा सकेगा। योजना के तहत ट्रैक्टर, पावर टिलर, पावर वीडर, क्रॉप रीपर और रोटावेटर जैसे उपकरणों पर सब्सिडी दी जाती है। पात्र किसानों को उपकरणों पर 40 से 50 फीसदी तक अनुदान मिलता है। किसान नेताओं ने लॉटरी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सरकार से व्यवस्था में बदलाव की मांग की है। उनका कहना है कि सब्सिडी का लाभ आवेदन और जरूरत के आधार पर मिलना चाहिए, लॉटरी के भरोसे नहीं।
हिमाचल के कुछ जिलों में आज हल्की बारिश हो सकती है। वहीं, ज्यादातर इलाकों में मौसम साफ रहेगा या आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। राहत की बात यह है कि आज किसी भी जिले में भारी बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं हुआ है। मौसम विभाग ने बताया कि अगले कुछ दिनों में मानसून की गतिविधियां कम होने के आसार हैं। राज्य के कई हिस्सों में हल्की बारिश होती रह सकती है। ऐसे में लोगों को पिछले दिनों के मुकाबले मौसम से राहत मिलने की उम्मीद है। शनिवार को राज्य में अधिकतम तापमान सामान्य के करीब रहा। भुंतर में राज्य का सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 32.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। वहीं, सुंदरनगर में 30.5, मंडी में 30.8, बिलासपुर में 32 डिग्री और ऊना में 30.8 डिग्री सेल्सियस के आसपास तापमान रहा। राजधानी शिमला में अधिकतम तापमान 20.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार, आज निचले और मध्यम पहाड़ी इलाकों में कुछ जगहों पर बारिश और गरज-चमक हो सकती है। हालांकि, भारी बारिश की कोई चेतावनी नहीं दी गई है। आने वाले दिनों में भी ज्यादातर इलाकों में मौसम सामान्य रहने की संभावना है। राज्य में पिछले दिनों हुई भारी बारिश के कारण कई जगहों पर सड़कें, बिजली और दूसरी सेवाओं पर असर पड़ा था। ऐसे में मौसम में सुधार से लोगों को राहत मिली है। हालांकि, पहाड़ी इलाकों में अचानक मौसम बदलने के आसार को देखते हुए लोगों को बारिश के दौरान सावधान रहने की सलाह दी गई है।
हिमाचल में सेब सीजन के बीच कैन खाद की कमी से बागवान परेशान हैं। कैन खाद से सेब के पौधों को जरूरी पोषण मिलता है। इसका उत्पादन बंद होने के बाद बागवानों को यूरिया, कैल्शियम नाइट्रेट और एनपीके जैसी दूसरी खाद इस्तेमाल करनी पड़ रही है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने यह मामला केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के सामने उठाया है। उन्होंने कैन खाद का उत्पादन और सप्लाई जल्द शुरू करने की मांग की है। रोहित ठाकुर ने कहा कि सेब का कारोबार हिमाचल की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए बेहद जरूरी है और इससे हर साल करीब 6 हजार करोड़ रुपये का योगदान होता है। ऐसे में बागवानों को समय पर सस्ती खाद मिलना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि लंबे समय तक यूरिया इस्तेमाल करने से जमीन की गुणवत्ता और सेब के पेड़ों पर असर पड़ सकता है। जेपी नड्डा ने भरोसा दिया है कि मामले को देखा जा रहा है और बागवानों के हित में जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
हिमाचल विधानसभा में शिक्षा व्यवस्था की चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। प्रदेश के 177 सरकारी स्कूलों के पास अपना भवन नहीं है। कई जगह बच्चे पंचायत भवन, रेस्ट हाउस, सामुदायिक केंद्र और दूसरे स्कूलों के कमरों में पढ़ने को मजबूर हैं। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बताया कि 12 स्कूलों के भवन प्राकृतिक आपदा के कारण असुरक्षित हो चुके हैं। 28 स्कूलों के नए भवन बन रहे हैं, जबकि 14 के लिए पैसा जारी किया जा चुका है। बाकी स्कूलों के लिए जमीन की समस्या बड़ी अड़चन बनी हुई है। वहीं, पिछले तीन साल में बंद हुए 1,526 स्कूलों में से 1,473 भवन आज भी शिक्षा विभाग के पास हैं। इनमें से 577 भवन दूसरे विभागों और संस्थाओं को इस्तेमाल के लिए दे दिए गए हैं। सबसे हैरान करने वाली तस्वीर चंबा के कुनरा स्कूल की है, जहां 99 बच्चे फिलहाल रेस्ट हाउस के महज चार कमरों में पढ़ाई करने को मजबूर हैं


















































