हिमाचल प्रदेश के कई जिले शीतलहर की चपेट में हैं। माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार अगले छह दिनों तक निचले पहाड़ी, मैदानी क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर शीतलहर चलने के आसार हैं। बीते 24 घंटों के दाैरान ऊना, हमीरपुर, मंडी और सुंदरनगर में शीतलहर दर्ज की गई है। विभाग ने 19 से 22 दिसंबर के दौरान बिलासपुर, हमीरपुर, ऊना, चंबा कांगड़ा व मंडी जिले के कुछ इलाकों में तेज शीतलहर चलने का ऑरेंज-येलो अलर्ट जारी किया है। उधर, राज्य के सात स्थानों पर न्यूनतम तापमान माइनस में व तीन स्थानों पर शून्य में दर्ज किया गया है। माैसम केंद्र शिमला की ओर से प्रदेश में अगले सात दिनों तक मौसम शुष्क रहने की संभावना जताई गई है। हालांकि, चंबा व लाहाैल-स्पीति जिले के उच्च पर्वतीय एक-दो स्थानों पर आज हल्की बारिश-बर्फबारी हो सकती है। अन्य भागों में 24 दिसंबर तक माैसम साफ बना रहने का पूर्वानुमान है। अगले 24 घंटों तक न्यूनतम और अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। इसके बाद अगले तीन दिनों तक राज्य के कुछ हिस्सों में तापमान में धीरे-धीरे 2-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी।
हिमाचल में सीमेंट फिर महंगा हो गया है। डीलरों ने प्रति बैग 5 से 20 रुपये तक दाम बढ़ाए हैं। हालांकि, डीलर दाम में बढ़ोतरी की वजह कंपनी की ओर से डिस्काउंट बंद करना बता रहे हैं। एसीसी सीमेंट विक्रेता पवन बरूर ने बताया कि एसीसी सुरक्षा सीमेंट पहले 430 रुपये प्रति बैग बिक रहा था, जो अब 440 रुपये में उपलब्ध होगा। एसीसी गोल्ड 480 के बजाय 485 रुपये में मिलेगा। अंबुजा सीमेंट विक्रेता रोहित शर्मा ने बताया कि पहले अंबुजा सीमेंट 435 रुपये प्रति बैग बिक रहा था। अब दाम बढ़कर 455 रुपये हो गए हैं। डीलरों के अनुसार, पहले कंपनियां अलग-अलग जोन बनाकर उन्हें डिस्काउंट देती थीं, इससे वह ग्राहकों को रियायती दरों पर सीमेंट बेच पाते थे। हाल ही में कंपनियों ने डिस्काउंट बंद कर दिया है। अब मुनाफा घटने के कारण उन्हें कीमतें बढ़ानी पड़ी हैं। कंपनियों ने अपनी बिलिंग में कोई बदलाव नहीं किया है।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने मंडी जिले के बल्ह में चिट्टे के मामले को रफा-दफा करने के लिए पैसे मांगे जाने पर पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सीबीआई से जांच करवाने के आदेश दिए हैं। याचिका में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।अदालत ने एफआईआर नंबर 106/2024 पर सीबीबीआई के पुलिस अधीक्षक को तुरंत आपराधिक रिपोर्ट दर्ज करने और जांच को तार्किक निष्कर्ष तक ले जाने के निर्देश दिए हैं। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह और न्यायाधीश सत्येन वैद्य की खंडपीठ ने डीजीपी को तीन दिन के अंदर मामले से संबंधित सारा रिकाॅर्ड सीबीआई को सौंपने के आदेश दिए। अदालत ने मुख्य सचिव को भी संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा है। अदालत ने फैसले में कहा है कि पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट की सांविधानिक पीठ की ओर से ललिता कुमारी बनाम यूपी में जारी दिशा-निर्देशों की अनुपालना नहीं की है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने अदालत में घटनाक्रम की वीडियो दिखाई। इसमें कुछ पुलिस अधिकारी सादे कपड़ों में चिट्टा गाड़ी में रखते और आरोपियों को ले जाते पाए गए हैं। बल्ह में तीन युवकों को 287 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया गया था। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि किसी ने उनसे फिरौती की मांग की थी और कहा कि अगर पैसों का इंतजाम किया तो आपके बेटे पर एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने अदालत में बताया कि युवकों को गलत तरीके से फंसाया है। दलील में कहा कि 31 मार्च को याचिकाकर्ता को शाम करीब 6:00 बजे एक नंबर से फोन आया और बताया कि उसके बेटे दीपक की गाड़ी में सवार दो लोगों को पुलिस ने चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया है। याचिकाकर्ता ने बेटे को छोड़ने का आग्रह किया तो बदले में एक लाख रुपये की व्यवस्था करने को कहा गया। कहा कि अगर पैसे नहीं दिए तो बेटे को मामले में फंसाया जाएगा। इसके बाद याचिकाकर्ता ने पैसे का प्रबंध किया और तीन रिश्तेदार के साथ नेरचौक रवाना हुए। बीच रास्ते में बाबा बालक नाथ मंदिर के नजदीक पुलिस मिली और याचिकाकर्ता ने पुलिस को आपबीती सुनाई। पुलिस ने याचिकाकर्ता की बातों पर ध्यान नहीं दिया। अदालत के आदेशों की अनुपालना की अगली सुनवाई 3 मार्च को होगी।
धर्मशाला के तपोवन में बुधवार से शुरू हो रहे शीतकालीन सत्र में पक्ष और विपक्ष के बीच खूब घमासान होगा। इस बात का संकेत विपक्ष ने मंगलवार को उस समय दे दिया, जब उसने सत्र से पहले मंगलवार को विधानसभा अध्यक्ष द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक से किनारा कर लिया। मंगलवार को दिन में करीब साढ़े 12 बजे विधानसभा अध्यक्ष ने तपोवन स्थित अध्यक्ष के चैंबर में सर्वदलीय बैठक बुलाई थी, लेकिन विपक्ष की ओर से नेता प्रतिपक्ष सहित किसी भी सदस्य ने इसमें हिस्सा नहीं लिया। सत्र से पहले बुलाई गई इस बैठक में दोनों पक्षों की ओर से सत्र को सुचारू रूप से चलने देने के लिए सहमति बननी थी, लेकिन विपक्ष के कड़े तेवरों के चलते बैठक में किसी ने भी हिस्सा नहीं लिया। उधर, बाद में मीडिया से बात करते हुए संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने इसे विपक्ष का एक अनैतिक और गैर जिम्मेदाराना रवैया करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह बैठक एक महत्त्वपूर्ण बैठक थी। सत्र को सुचारू रूप से चलाने और विपक्ष के सहयोग के लिए इस बैठक को बुलाया गया था, लेकिन न ही नेता प्रतिपक्ष और न ही उनका कोई अन्य सदस्य इस बैठक में पहुंचा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के इस मंदिर में इस तरह का रवैया पूरी तरह से गैर जिम्मेदाराना है। गौरतलब है कि नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर सोमवार देर शाम धर्मशाला पहुंच गए थे, लेकिन मंगलवार को बैठक में हिस्सा नहीं लिया। नेता प्रतिपक्ष तबीयत ठीक न होने के कारण बैठक में भाग न ले पाने की बात कर रहे थे। सर्वदलीय बैठक में हिस्सा नहीं लेने से एक बात स्पष्ट हो गई है कि इस बार विपक्ष न सिर्फ सदन के भीतर बल्कि सदन के बाहर भी सरकार को घेरने का मन बना चुका है। विधानसभा शीतकालीन सत्र में चार बैठकों का आयोजन किया जाएगा। इस बार के सत्र में विधानसभा सदस्यों द्वारा 248 तारांकित और 68 अतारांकित प्रश्न सदन में उठाए जाएंगे। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने तपोवन परिसर में पत्रकारों से कहा कि चार बैठकों के दौरान विभिन्न नियमों के तहत 14 विषयों पर चर्चा भी सदस्यों द्वारा की जाएगी।
** असुरक्षित खाद्यान्न वस्तुएं पाए जाने पर हो सकता है 05 लाख रुपए तक का जुर्माना अतिरिक्त उपायुक्त सोलन अजय कुमार यादव ने कहा कि सभी नागरिकों को सुरक्षित खाद्य वस्तुएं उपलब्ध करवाना ज़िला प्रशासन का दायित्व है और इस दिशा में पूर्ण रूप से सजग होकर कार्य किया जा रहा है। अजय यादव आज यहां खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के कार्यान्वयन के सम्बन्ध में गठित ज़िला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। अजय यादव ने कहा कि खाद्य पदार्थों की सुरक्षा के लिए यह आवश्यक है कि खाद्यान्न वस्तुओं के सभी व्यापारी एवं संचालक (एफ.बी.ओ.) अपना पंजीकरण करवाएं और लाईसेंस प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि पंजीकरण एवं लाईसेंस के लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण द्वारा ऑनलाईन सुविधा प्रदान की गई है। इसके लिए खाद्य पदार्थों के व्यापारी वेबसाईट foscos.fssai.gov.in पर सम्पर्क कर सकते हैं। वर्तमान में ज़िला सोलन में 7348 सक्रिय पंजीकरण और 1341 सक्रिय लाईसेंस धारक हैं। प्रथम जनवरी, 2024 से 30 नवम्बर, 2024 तक 1799 पंजीकरण तथा 771 लाईसेंस जारी किए गए हैं। अजय यादव ने कहा कि ज़िला में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की अनुपालना सुनिश्चित बनाने के लिए गत 18 महीनों में 247 निरीक्षण कर अधिनियम के अनुरूप जुर्माना वसूला गया। उन्होंने कहा कि असुरक्षित खाद्य वस्तुएं पाए जाने की स्थिति में सजा का प्रावधान है। खाद्य वस्तुओं के मानक से कम पाए जाने पर 05 लाख रुपए तक का जुर्माना तथा मिसब्राण्ड की स्थिति में 03 लाख रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा सुनिश्चित बनाने के लिए खाद्य सुरक्षा सोलन के अधिकारियों द्वारा नियमित एवं औचक निरीक्षण किए जाते हैं। बैठक में खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण एवं प्रमाणीकरण के अंतर्गत विभिन्न विषयों पर भी विस्तृत चर्चा की गई। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सोलन राजकुमार चंदेल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित रंजन तलवार, उप निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा डॉ. शिव कुमार, ज़िला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति नियंत्रक नरेन्द्र धीमान, खाद्य सुरक्षा सोलन के सहायक आयुक्त अरूण चौहान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
डॉ यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी और वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी ने 2024-25 शैक्षणिक सत्र के लिए पीएचडी एडमिशन का नोटिस जारी कर दिया है। विश्वविद्यालय के नौणी स्थित मुख्य परिसर में औद्यानिकी महाविद्यालय और वानिकी महाविद्यालय और नेरी के औद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय में विभिन्न पीएचडी कार्यक्रमों के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। औदयानिकी महाविद्यालय के तहत ऐग्रीबिज़नस मैनेजमेंट, कीट विज्ञान, फ्लॉरिकल्चर एवं लैंडस्कैप आर्कीटेकचर, खाद्य प्रौद्योगिकी, फल विज्ञान, मोलिकुइलर बायोलॉजी और बायोटेक्नोलोजी, प्लांट पैथोलॉजी, पोस्ट हार्वेस्ट प्रबंधन, बीज विज्ञान और प्रौद्योगिकी और सब्ज़ी विज्ञान विषयों में पीएचडी के लिए छात्र आवेदन कर सकते हैं। इसी तरह, विश्वविद्यालय के वानिकी महाविद्यालय के अंतर्गत कृषि अर्थशास्त्र, कृषि सांख्यिकी, पर्यावरण विज्ञान,फॉरेस्ट बायोलोजी और वृक्ष सुधार, वन उत्पाद एवं उपयोग, माइक्रोबायोलोजी, सिल्विकलचर एवं एग्रोफ़ोरेस्टी, मृदा विज्ञान में पीएचडी सीट के लिए आवेदन किया जा सकता है। नेरी महाविद्यालय में कृषि अर्थशास्त्र, फल विज्ञान, प्लांट पैथोलॉजी, सिल्विकलचर एवं एग्रोफ़ोरेस्टी, सॉइल साइन्स, सब्जी विज्ञान एवं मोलिकुइलर बायोलॉजी और बायोटेक्नोलोजी विषयों के लिए आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 1 जनवरी, 2025 है। प्रवेश परीक्षा 05 जनवरी को विश्वविद्यालय के नौणी स्थित मुख्य परिसर में आयोजित की जाएगी और परिणाम 13 जनवरी को घोषित होगा। पहली काउंसलिंग 15 जनवरी को आयोजित की जाएगी। प्रत्येक कार्यक्रम के लिए सीटों की विस्तृत जानकारी विश्वविद्यालय की वेबसाइट www.yspuniversity.ac.in पर पाई जा सकती है।
** मंडी, बिलासपुर, हमीरपुर में कोल्ड वेव का ऑरेंज अलर्ट जारी... हिमाचल प्रदेश में सर्दी के मौसम में एक बार फिर गर्मी रिकार्ड तोड़ने लगी है। मध्यवर्ती ऊंचाई वाले इलाकों में जहां ज्यादा ठंड पड़ती है, वहां तापमान में उछाल आया है। शिमला और कल्पा में दिसंबर महीने का दूसरा रिकार्ड अधिकतम तापमान दर्ज किया गया है। तो दूसरी तरफ मैदानी तीन से चार जिलों में 19 दिसंबर तक शीतलहर का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया हैं।मौसम वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा ने बताया कि प्रदेश के दिन के तापमान सामान्य से 4 से 6 डिग्री सेल्सियस ज्यादा चले हुए हैं। शिमला का अधिकतम तापमान नॉर्मल की तुलना में 7 डिग्री ज्यादा के साथ 21 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। उन्होंने बताया कि मंडी, बिलासपुर, हमीरपुर में सुबह के वक्त शीतलहर चल सकती हैं ऐसे में कोल्ड वेव का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। कांगड़ा में भी कुछ स्थानों पर शीतलहर चल सकती हैं। उन्होंने बताया कि 22 दिसम्बर तक प्रदेश में मौसम साफ बना रहेगा।
शूलिनी विश्वविद्यालय ने अकादमिक सहयोग के लिए ऑस्ट्रेलिया के तस्मानिया विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों की मेजबानी की । इस यात्रा का उद्देश्य विनिमय कार्यक्रमों और दोहरी डिग्री के साथ वैश्विक शैक्षणिक साझेदारी को मजबूत करना है। प्रतिनिधियों में प्रोफेसर ट्रिस्टन स्कॉट-दुराईराजा, एसोसिएट डायरेक्टर, पार्टनरशिप्स एंड लर्निंग एब्रॉड, और नितिन शर्मा, पार्टनरशिप के प्रमुख और कंट्री मैनेजर, तस्मानिया विश्वविद्यालय, ऑस्ट्रेलिया से शामिल थे। अपनी यात्रा के दौरान, प्रतिनिधियों ने शूलिनी विश्वविद्यालय के नेतृत्व और संकाय सदस्यों के साथ चर्चा की। प्रोफेसर ट्रिस्टन स्कॉट-दुराईराजा ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग रणनीतियों पर अंतर्दृष्टि साझा की और छात्रों के लिए वैश्विक सीखने के अवसरों के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने छात्र विनिमय कार्यक्रमों और दोहरी डिग्री पाठ्यक्रमों जैसी पहलों के माध्यम से भारत में शैक्षणिक भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए तस्मानिया विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता पर भी प्रकाश डाला। चांसलर प्रो. पी.के. खोसला ने कहा कि तस्मानिया विश्वविद्यालय के साथ हमारी साझेदारी अकादमिक उत्कृष्टता और अनुसंधान नवाचार के लिए नए क्षितिज खोलेगी। इस अवसर पर, शूलिनी विश्वविद्यालय की उपाध्यक्ष, एवं निदेशक छात्र अनुभव और सफलता, प्रवेश और वित्तीय सहायता, अवनी खोसला ने कहा कि तस्मानिया विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों की यात्रा वैश्विक शैक्षणिक सहयोग की दिशा में शूलिनी विश्वविद्यालय की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। शूलिनी विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय मामलों के कार्यालय के उप निदेशक डॉ. रोज़ी धांता ने कहा, तस्मानिया विश्वविद्यालय के साथ यह बातचीत हमारे छात्रों और संकाय के लिए महत्वपूर्ण अवसर खोलती है। उन्होंने कहा, हम दीर्घकालिक सहयोग बनाने को लेकर आशावादी हैं जो दोनों संस्थानों में अकादमिक अनुभवों को समृद्ध करेगा।
देश में संविधान को लेकर गरमाई राजनीति के बीच हिमाचल की कांग्रेस सरकार ने सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को सांविधानिक मूल्यों पर आधारित शिक्षा देने का फैसला लिया है। राज्य सचिवालय में शिक्षा विभाग के कामकाज की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के स्कूली पाठ्यक्रम में सांविधानिक मूल्यों को शामिल करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 6-6 स्कूलों को सभी आवश्यक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इनमें पर्याप्त स्टाफ, पुस्तकालय, प्रयोगशाला और अन्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। स्कूलों के लिए वर्ष भर की गतिविधियों का कैलेंडर तैयार किया जाएगा। सीएम ने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन के ध्येय के साथ शिक्षा विभाग में व्यापक स्तर पर युक्तिकरण प्रक्रिया पर काम किया जा रहा है। कॉलेजों में भी नए विषयों के समावेश के साथ-साथ उनका युक्तिकरण भी किया जा रहा है। बैठक में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, सचिव शिक्षा राकेश कंवर भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने गेस्ट टीचर नीति पर चर्चा करते हुए कहा कि नीति से पठन-पाठन की प्रक्रिया में निरंतरता बनाए रखने में मदद मिलेगी। नियमित अध्यापकों के छुट्टी पर जाने की स्थिति में योग्य अध्यापकों की सेवाएं ली जाएंगी। इससे बच्चों की पढ़ाई बाधित नहीं होगी। स्कूल प्रमुखों को छुट्टी पर जाने वाले अध्यापकों की सूचना नियमित रूप से उपनिदेशक कार्यालय को प्रेषित करनी होगी।
हिमाचल प्रदेश में बागवानी विकास के लिए प्रदेश सरकार उच्च घनत्व पौधरोपण को बढ़ावा देगी। प्रदेश सरकार ने एचडीपी-2 परियोजना लागू करने का फैसला लिया है। एचडीपी-2 परियोजना के वित्त पोषण के लिए सरकार विश्व बैंक को प्रस्ताव भेजेगी। सोमवार को बागवानी विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान यह फैसला लिया गया। बैठक में मुख्यमंत्री ने बागवानी विभाग के अधिकारियों को प्रदेश में भंडारण और विपणन व्यवस्था विकसित करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने मंडी मध्यस्थता योजना के तहत बागवानों से खरीदे जाने वाले सेब का पैसा डीबीटी सुविधा के तहत सीधे बागवानों के बैंक खातों में भेजने की व्यवस्था लागू करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों और बागवानों को उत्पादों के सही दाम मिलें, इसके लिए सरकार द्वारा जिला स्तर पर आधुनिक कोल्ड स्टोर विकसित करने की योजना पर भी कार्य किया जा रहा है। ऊना जिला में आलू की प्रसंस्करण यूनिट स्थापित करने की योजना पर भी कार्य किया जा रहा है। प्रदेश में सेब बागवानी के कायाकल्प के लिए सरकार 500 करोड़ रुपये की परियोजना बनाने पर भी विचार कर रही है, इसकी अवधि पांच वर्ष होगी। प्रदेश में वित्त वर्ष 2023-24 तथा 2024-25 के दौरान राज्य योजनाओं की उपलब्धियों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वित्त वर्ष में बागवानी विकास योजना के तहत पावर टिल्लर और पावर स्प्रेयर पर 12.84 करोड़ खर्च किए गए जिससे 4244 बागवान लाभान्वित हुए। वित्त वर्ष 2024-25 में इसके तहत अब तक 9 करोड़ रुपये खर्च कर 3156 बागवानों को लाभान्वित किया गया है। एंटी हेलनेट स्कीम में 14.45 करोड़ खर्च कर 1767 लोगों को फायदा हुआ है। हिमाचल पुष्प क्रांति योजना पर पिछले वित्त वर्ष के दौरान 11 करोड़ रुपये खर्च कर 750 लोगों को लाभ पहुंचाया गया है। बैठक में बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, सचिव बागवानी सी. पालरासु, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, निदेशक बागवानी विनय कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि गेस्ट टीचर रखना एक अस्थायी व्यवस्था है। शिक्षण संस्थानों में निरंतर पढ़ाई जारी रखने को यह फैसला लिया गया है। उन्होंने कहा कि सीधी भर्ती से शिक्षकों के रिक्त पदों को भरना कांग्रेस सरकार की पहली प्राथमिकता है। पूर्व सरकार की नीतियों पर शिक्षा मंत्री ने सवाल उठाते हुए बेवजह इस मामले को तूल नहीं देने का आग्रह किया है। सोमवार को राज्य सचिवालय में शिक्षा मंत्री ने कहा कि गेस्ट टीचर भर्ती के लिए पहले एसओपी बनेगी। गेस्ट टीचरों का पैनल बनाकर उन्हें पढ़ाने के लिए बुलाया जाएगा। राज्य सरकार कम विद्यार्थियों की संख्या वाले स्कूल और कॉलेजों को मर्ज करने पर भी विचार कर रही है। शिक्षण संस्थानों में आवश्यकता से अधिक शिक्षकों का युक्तिकरण करने का फैसला लिया है। इसके तहत जिन स्कूलों में आवश्यकता से ज्यादा शिक्षक नियुक्त हैं, उन्हें अन्य स्कूलों में भेजा जाएगा। जिन संस्थानों में शिक्षकों के पद रिक्त रहेंगे, वहीं पर गेस्ट टीचर लगाए जाएंगे। यदि कोई शिक्षक अवकाश पर जाता है तो भी गेस्ट टीचर पर रखे जाएंगे। इन शिक्षकों को पीरियड आधार पर पैसा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस योजना का मकसद है कि स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई में एक दिन भी बाधा न आए। राज्य सरकार शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए प्रयासरत है। पूर्व सरकार के समय स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था का बुरा हाल था। शिक्षा मंत्री ने बताया कि राज्य मंत्रिमंडल ने शिक्षा विभाग में छह हजार पदों को भरने की मंजूरी दी थी। करीब 3200 पदों को भरा जा चुका है। 2800 पदों को राज्य चयन आयोग हमीरपुर के माध्यम से भरा जाएगा। इसके लिए प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जल्द ही आयोग को इसका प्रस्ताव तैयार करके भेजा जाएगा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य लोक सेवा आयोग के माध्यम से प्रवक्ताओं के पदों को भरने के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी। इसका परिणाम घोषित किया जा चुका है। उच्च शिक्षा विभाग में 1500 पदों को पदाेन्नति, सीधी भर्ती व बैच वाइज आधार पर भरा है। अभी आयोग ने 5 विषयों का परिणाम घोषित किया है। विभाग को निर्देश जारी कर दिए हैं कि जल्द ही नियुक्तियां दे दी जाए। कॉलेजों में भी खाली पदों को भरा जा रहा है।
हिमाचल में एक जनवरी से ग्रेड एक और दो अधिकारियों को बिजली सब्सिडी नहीं मिलेगी। इन उपभोक्ताओं को पूरी दरों के हिसाब से बिल चुकाना होगा। यह फैसला सोमवार को मुख्यमंत्री सुक्खू की अध्यक्षता में राज्य सचिवालय में हुई ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक में लिया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बोर्ड की कार्यप्रणाली में नवोन्मेषी उपायों का समावेश करने के निर्देश दिए। बोर्ड की मजबूती के लिए 100 करोड़ का अतिरिक्त कॉर्पस फंड भी प्रदान करने का फैसला लिया। सीएम ने कहा कि बोर्ड की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए सरकार निरंतर समीक्षा क रही है। हाल ही में उद्योग एवं व्यावसायिक उपभोक्ताओं के संबंध में विद्युत दरों में युक्तिकरण किया है, इससे लगभग 500 करोड़ रुपये वार्षिक अतिरिक्त आय सुनिश्चित हुई है। प्रदेश की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने और राज्य को आत्मनिर्भर बनाने के लिए वित्तीय अनुशासन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी कड़ी में ग्रेड वन और टू के सरकारी अधिकारियों को दी जाने वाली बिजली सब्सिडी बंद करने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्युत बोर्ड में लाइनमैन और टी-मेट की भर्तियां जल्द की जाएंगी ताकि फील्ड स्टाफ की कमी को दूर किया जा सके। समुचित फील्ड स्टाफ की तैनाती से विद्युत आपूर्ति सेवा में गुणवत्ता भी सुनिश्चित होगी। अधिकारियों को स्टाफ का युक्तिकरण करने के लिए योजना बनाने के निर्देश भी दिए। अधिकारियों ने बताया कि आयकर चुकाने वाले उपभोक्ताओं की सब्सिडी बंद करने को लेकर की जा रही प्रक्रिया के तहत ही यह पहला फैसला है। आने वाले दिनों में अन्य उपभोक्ताओं को लेकर भी फैसले लिए जाएंगे। एक परिवार को एक ही बिजली मीटर पर सब्सिडी देने की प्रक्रिया भी जारी है। इसको लेकर ई केवाईसी कर रिकॉर्ड एकत्र किया जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र बुधवार से धर्मशाला स्थित तपोवन में शुरू होगा। सत्र में शामिल होने के लिए सरकार मंगलवार दोपहर को शिमला से रवाना होगी। इस सप्ताह राज्य सचिवालय में प्रशासनिक सचिव नहीं मिलेंगे। कई विभागाध्यक्ष भी सत्र में शामिल होंगे। इससे कम स्तर के अधिकारी हालांकि राजधानी में ही रहेंगे। यह अधिकारी अपने विभागों से संबंधित सूचनाओं को ऑनलाइन माध्यम से ही उच्च अधिकारियों को भेजेंगे। मंगलवार शाम को धर्मशाला में कांग्रेस और भाजपा के विधायक दल आगामी रणनीति बनाने को लेकर बैठकें करेंगे। कांग्रेस विधायक दल की बैठक मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और भाजपा की बैठक नेता विपक्ष जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में होगी। बुधवार को सत्र के पहले दिन सरकार की नीतियों के खिलाफ भाजपा का धर्मशाला में प्रदर्शन भी होगा। प्रदेश में चर्चित विभिन्न मामलों को लेकर सदन में सत्ता और विपक्ष के बीच खूब गहमागहमी होने के आसार हैं। विधानसभा का शीतकालीन सत्र 18 से 21 दिसंबर तक चलेगा। इसमें चार बैठकें होंगी। सत्र के पहले दिन राधा स्वामी सत्संग ब्यास के हमीरपुर जिला के भोटा स्थित अस्पताल की जमीन को अपनी सहयोगी संस्था को देने के लिए सरकार द्वारा भूमि सुधार अधिनियम में संशोधन को विधेयक भी लाया जाना है। इसमें सिलिंग में राहत दी जानी है। बीते दिनों हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी देते हुए मुख्यमंत्री को अंतिम मंजूरी देने के लिए अधिकृत किया गया है। सत्र के दौरान नौकरियों और कांग्रेस की गारंटियों पर सदन गर्माएगा। विधायकों की ओर से शीतकालीन सत्र के लिए अभी तक 450 से अधिक सवाल पहुंच गए हैं। अधिकांश सवाल बेरोजगारी, कानून व्यवस्था, अवैध खनन और स्थानीय मुद्दों को लेकर पूछे गए हैं। कांग्रेस की गारंटियों को लेकर को भी भाजपा विधायकों ने सवाल लगाए हैं। मुख्यमंत्री सुक्खू 18 और 19 दिसंबर को ही सदन में मौजूद रहेंगे। 20 और 21 दिसंबर को मुख्यमंत्री का राजस्थान के जैसलमेर जाना प्रस्तावित है। 20 दिसंबर को जैसलमेर में राज्यों के वित्त मंत्रियों और 21 को जीएसटी काउंसिल की बैठक होनी है।
** पीपीपी मोड में चलेगा संचालन हिमाचल प्रदेश में व्यावसायिक वाहन संचालक अब अपने वाहनों की जांच निजी ऑटोमेटिक फिटनेस टेस्टिंग सेंटरों पर भी करवा सकेंगे। सरकार ने प्रदेश में 5 ऑटोमेटिक फिटनेस टेस्टिंग सेंटर खोलने का फैसला लिया है। इन केंद्रों का संचालन पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप आधार पर होगा। निजी कंपनी वाहन की जांच कर रिपोर्ट परिवहन विभाग को भेजेगी। वाहन मालिकों को फिटनेस प्रमाणपत्र परिवहन विभाग के आरटीओ जारी करेंगे। ऑटोमेटिक सेंटर स्थापित होने के बाद वाहनों की फिटनेस में न तो सिफारिश चलेगी न ही कोई जुगाड़। यांत्रिक रूप से अनुपयुक्त वाहनों के संचालन से होने वाली दुर्घटनाओं को कम करने के लिए सरकार ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन स्थापित करने जा रही है। अब तक प्रदेश में वाहनों की फिटनेस एमवीआई (मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर) करते हैं। फिटनेस जांच की वीडियो रिकार्डिंग का भी प्रावधान है, बावजूद इसके फिटनेस प्रमाण पत्र जारी करने में व्यापक अनियमित्ताएं हो रही हैं। सरकार की ओर से बनाई गई योजना के तहत निजी क्षेत्र की जो भी कंपनी ऑटोमेटिक फिटनेस टेस्टिंग सेंटर स्थापित करने की इच्छुक होगी उसे करीब 4000 वर्ग मीटर जमीन पर केंद्र स्थापित करना होगा। जमीन यदि अपनी नहीं है तो लीज पर भी ली जा सकती है। वाहन निर्माता, वाहन विक्रेता अथवा ऐसा व्यक्ति जो गाड़ियों की मरम्मत के काम से जुड़ा है, केंद्र स्थापित नहीं कर सकता। सरकार ने निजी क्षेत्र में पांच ऑटोमेटिक फिटनेस टेस्टिंग सेंटर खोलने का फैसला लिया है। वाहन मालिक इन केंद्रों पर अपने वाहनों की फिटनेस जांच करवा सकेंगे। चरणबद्ध तरीके से प्रदेश के हर जिले में इस तरह की सुविधा उपलब्ध करवाने की योजना है।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा का आधारभूत ढांचा मजबूत किया जाएगा। आगामी तीन वर्षों में सरकार स्कूल भवनों के निर्माण पर 600 करोड़ रुपये खर्च करेगी। मुख्यमंत्री ने ये बातें अर्की विधानसभा क्षेत्र की दुर्गम पंचायत क्यार कनैता के लोहारघाट में आयोजित एक जनसभा में कहीं। उन्होंने लोहारघाट में उप तहसील खोलने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार समाज के सभी वर्गों का कल्याण सुनिश्चित कर रही है। जनता से किए गए वायदों के अनुरूप विभिन्न गारंटियां चरणबद्ध तरीके से पूरी की जा रही हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क, शिक्षा व स्वास्थ्य जैसे प्राथमिक क्षेत्रों में अधोसंरचनात्मक एवं अन्य सुधार किए जा रहे हैं। सरकार सभी विद्यालयों में आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित कर रही है। स्वास्थ्य क्षेत्र में सभी चिकित्सा महाविद्यालयों, जिला अस्पताल स्तर पर अधोसंरचना को मजबूत किया जा रहा है। राज्य सरकार दूर-दराज के क्षेत्रों में पहुंचकर न केवल समस्याओं का निदान कर रही हैं बल्कि विकास के लाभ भी जन-जन तक पहुंचा रही है। ग्रामीण आर्थिकी में सुधार के लिए सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रही है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल ने कहा कि मुख्यमंत्री के कुशल मार्गदर्शन में प्रदेश विकास की नई इबारत लिख रहा है। अर्की के विधायक संजय अवस्थी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने शपथ लेते ही व्यवस्था परिवर्तन का शुभारंभ किया और 101 करोड़ के सुख आश्रय कोष के साथ सामाजिक परिवर्तन की नींव रखी। इस मौके पर पंचायत प्रधान रघुराज पराशर भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्राकृतिक खेती के माध्यम से उत्पादित मक्की की खरीद 30 और गेहूं की 40 रुपए प्रति किलो की दर से की जा रही है। सरकार अब तक 398 मीट्रिक टन मक्की खरीद चुकी है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती के उत्पाद विक्रय करने के लिए किसान अपना पंजीकरण करवाएं। उन्होंने कहा कि सही नीतियों और जन सहयोग से वर्ष 2027 तक हिमाचल आत्मनिर्भर बनेगा और वर्ष 2032 तक सबसे समृद्ध राज्य होगा। मुख्यमंत्री ने शहीद हवलदार राम रतन की पत्नी निर्मला देवी को भी सम्मानित किया। हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक खेती से लागत मूल्य में करीब 36 फीसदी की कमी आई है। प्रदेश में 3,592 पंचायतों के 1.98 लाख किसान 35 हजार हेक्टेयर भूमि पर प्राकृतिक खेती कर रहे रहे हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बताया कि प्रदेश में किसानों की आर्थिकी सुदृढ़ करने के लिए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। कहा कि प्राकृतिक खेती से जहां पर्यावरण को रासायनिक खेती के दुष्प्रभावों से बचाया जा रहा है, वहीं खेती की लागत कम होने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी बल मिल रहा है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 15 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया है। प्राकृतिक खेती की प्रासंगिकता को देखने के लिए योजना की शुरुआत के बाद प्रदेश में रासायनिक उर्वरकों व कीटनाशकों के प्रयोग के आकलन के लिए राष्ट्रीय कृषि विस्तार प्रबंधन संस्थान हैदराबाद और अकादमी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज लखनऊ की ओर से शोध किए गए हैं।
हिमाचल प्रदेश की लाहौल घाटी के पर्यटक स्थल कोकसर में शनिवार को वीकेंड पर सैलानियों का सैलाब उमड़ पड़ा। क्रिसमस और नववर्ष से पहले हजारों सैलानियों के वाहनों की कतार देखने को मिली। कई जगह दो से तीन किलोमीटर तक वाहनों की लंबी लाइन लगी रही। सड़क पर पर्यटक वाहन रेंगते रहे। इस साल की सर्दी में अभी तक इस शनिवार को पहली बार हजारों सैलानी कोकसर पहुंचे। सुबह के समय घाटी में मौसम खुशनुमा रहा, लेकिन दोपहर बाद आसमान में हल्के बादल और हल्की धूप के बीच सैलानी जगह-जगह पैदल पहुंचकर मस्ती करते देखे गए। ठंड के मौसम में पर्यटक टोपी, हाथ में ग्लव्स पहने नजर आए। हालांकि, कुछ सैलानियों ने ठंड की परवाह न करते हुए बर्फ के बीच जमकर मस्ती की। बर्फ से ढकी पहाड़ियों को देखकर सैलानी रोमांचित हो उठे। सेल्फी के साथ अपनों से वीडियो कॉल कर उन्हें भी लाहौल के कोकसर और ग्रांफू की सफेद वादियों से रूबरू करवाया। स्कीइंग, टयूब स्लाइडिंग, जिपलाइन, एटीवी राइडिंग में मस्ती की। खासकर स्कीइंग कार आनंद बच्चों के लेकर युवा और दंपत्तियों ने भी लिया। उधर, वीकेंड पर पहाड़ों की रानी शिमला में भी बड़ी संख्या में सैलानी पहुंचे हैं। शहर के सर्कुलर रोड पर दिनभर गाड़ियां रेंगती रहीं। सैलानियों की आमद बढ़ने से स्थानीय कारोबारी भी खुश नजर आए। सैलानियों ने राजमा और चावल का स्वाद लिया। पर्यटन कारोबारी दीपक कुमार, राजेश, सुनील, मान सिंह रावत व सीताराम ने बताया कि वीकेंड पर कोकसर में सैलानियों की भारी भीड़ जुटी है। उन्हें अच्छी बर्फबारी का इंतजार है। उन्होंने उम्मीद जताई कि क्रिसमस और नव वर्ष में बर्फबारी होगी।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के आदेशों की अनुपालना करते हुए डीजीपी की ओर से दायर हलफनामे में कहा कि प्रदेश के सभी पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं। अदालत में दायर हलफनामे में कहा गया है कि प्रदेश में जिला स्तरीय निरीक्षण समिति (डीएलओसी) और राज्य स्तरीय निरीक्षण सीमित (एसएलओसी) का गठन किया गया है। जो पुलिस थानों में लगे सीसीटीवी कैमरे की लोकेशन और रखरखाव का कार्य करेगी। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश सत्येन वैद्य की खंडपीठ ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट की जजमेंट परमवीर सिंह बनाम बलजीत सिंह में दिए गए निर्देशों का पालन किया जाए। जिसमें जिला स्तरीय निरीक्षण सीमित यह सुनिश्चित करेगी कि प्रत्येक पुलिस थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और उनका रखरखाव किया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले में राज्यों को निर्देश दिए हैं कि सभी थानों के प्रवेश और निकास बिंदु ,पुलिस स्टेशन का मुख्य द्वार, सभी लॉकअप, लॉबी, सभी बरामदे, सब इंस्पेक्टर का कमरा, लॉकअप रूम के बाहर का क्षेत्र, पुलिस स्टेशन के परिसर के सामने, शौचालय और पुलिस स्टेशन का पिछला हिस्से को कैमरे से कवर करना होगा। इसके साथ ही जिला स्तरीय निरीक्षण समिति को सीसीटीवी और उसके उपकरणों का पर्यवेक्षण,रखरखाव की जिम्मेदारी होगी। सीसीटीवी की मरम्मत इसके उपकरणों की कार्य प्रणाली के बारे में एसएलओसी को मासिक रिपोर्ट भेजना और विभिन्न पुलिस स्टेशनों में लगे सीसीटीवी से संग्रहित फुटेज की समीक्षा करना ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं कोई मानवाधिकारों का उल्लंघन तो नहीं हुआ है,जो हुआ हो और जिसकी रिपोर्ट नहीं की गई हो। अदालत ने कहा है कि एसएलओसी का पहला कार्य सीसीटीवी और उसके उपकरणों की खरीद, वितरण और स्थापना करना होगा। दूसरा इसके लिए बजट का प्रावधान करना। तीसरा कैमरे और उसके उपकरणों की निरंतर निगरानी और मरम्मत। चौथा, जो कैमरे बंद पड़े है उनका निरीक्षण समय पर करना और जिन के उपकरण खराब पड़े हैं, उसे ठीक करना होगा। पांचवां डीएलओसी की ओर से भेजी गई मासिक रिपोर्ट में शिकायतों का समाधान करना। छठा डीएलओसी से मासिक रिपोर्ट मंगाएं और खराब पड़े उपकरणों का निपटारा अतिशीघ्र करें। अदालत ने याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता रजनीश मनीकटाला के प्रयासों की भी सरहाना की है, जिन्होंने इतने महत्वपूर्ण समस्या को अदालत के समक्ष लाया।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बदलग ने अपना वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह विद्यालय प्रांगण में बड़ी धूमधाम के साथ मनाया। इस समारोह के मुख्य अतिथि डॉ प्रवीन पंवर एसोसिएट प्रो. आईजीएमसी शिमला रहे। विद्यालय परिवार ने मुख्य अतिथि का जोरदार स्वागत किया तथा स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। स्कूली छात्राओं द्वारा वंदेमातरम व मुख्य अतिथि द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। स्थानीय विद्यालय के प्रधानाचार्य अशोक कुमार ने मुख्य अतिथि सहित अन्य सभी लोगों का स्वागत व कार्यक्रम में पहुंचने पर धन्यवाद किया। विद्यालय की वार्षिक गतिविधियों की रिपोर्ट सबके सामने प्रस्तुत की। स्कूली बच्चों द्वारा एक से एक रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में बच्चो से कहा कि हमें अपने माता-पिता, शिक्षकों सहित सभी का सम्मान करना चाहिए। शिक्षा के साथ विद्यालय की हर गतिविधि में भाग लेना चाहिए। अंत में मुख्य अतिथि द्वारा वर्ष भर की गतिविधियों में अव्वल रहे छात्रों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर पंचायत प्रधान सतीश चंद, उप प्रधान महेंद्र सिंह, एस एम सी अध्यक्ष सतीश वर्मा के अलावा प्रकाश कौशल, महेश शर्मा, पवन कुमार, ज्ञान चंद, ईश्वर दत, कमलेश शिल्पा, कविता, राजीव, बबीता,पदम देव, मीना कुमारी, मीनाक्षी, शमशेर सिंह आदि मौजूद रहे।
हिमाचल प्रदेश में एक अप्रैल 2025 से बिजली महंगी हो सकती है। बिजली बोर्ड प्रबंधन ने 50 से 70 पैसे प्रति यूनिट बढ़ोतरी का प्रस्ताव राज्य विद्युत विनियामक आयोग को भेजा है। इसमें बोर्ड ने 300 करोड़ रुपये के घाटे का हवाला देते हुए बिजली दरों में बढ़ोतरी की मांग की है। अब जनसुनवाई में आयोग बोर्ड के प्रस्ताव पर सभी हितधारकों के सुझाव और आपत्तियां लेगा।हिमाचल में इस साल बिजली की दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। बोर्ड को सरकार की ओर से हालांकि अनुदान के तौर पर हर वर्ष 750 से 1000 करोड़ रुपये दिए जाते हैं, इसके बावजूद बोर्ड के लिए अपना खर्च पूरा करना मुश्किल हो गया है। बोर्ड को प्रतिमाह करीब 180 करोड़ रुपये वेतन और पेंशन के लिए चाहिए। बोर्ड का राजस्व घाटा 300 करोड़ से अधिक हो गया है। हर महीने 125 यूनिट निशुल्क बिजली देने से बोर्ड का आर्थिक संतुलन गड़बड़ा गया है। इसको देखते हुए बोर्ड ने राज्य विद्युत नियामक आयोग को प्रस्ताव भेजकर अप्रैल 2025 से बिजली दरों में बढ़ोतरी की वकालत की है। हिमाचल के करीब 25 लाख घरेलू और अन्य श्रेणियों के उपभोक्ताओं को बिजली बोर्ड सप्लाई मुहैया करवा रहा है। साल 2024 में लोकसभा चुनाव होने के चलते प्रदेश में बिजली महंगी नहीं हुई थी। राज्य विद्युत नियामक आयोग की ओर से 75 पैसे से एक रुपये तक प्रति यूनिट दरें बढ़ाई गई थी। इन दरों का राज्य सरकार ने अतिरिक्त सब्सिडी देकर खर्च उठा लिया था। अब साल 2025-26 के लिए बोर्ड ने प्रस्ताव तैयार कर करीब 300 करोड़ रुपये के घाटे का हवाला देते हुए दरें बढ़ाने की मांग की है। उधर, साल 2023-24 में घरेलू उपभोक्ताओं को 125 यूनिट से अधिक खपत पर 22 पैसे और अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 46 पैसे की दर से बढ़ाया गया था। 31 मार्च 2025 तक यहीं दरें लागू रहेंगी।
सूचना एवं जन संपर्क विभाग शिमला, सोलन और मुख्य परिवहन अधिकारी सोलन के सहयोग से हिम सांस्कृतिक दल ने कुनिहार के न्यू बस स्टैंड पर सड़क सुरक्षा के नियमों और कानूनों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए गीत-संगीत और नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। इस नाटक में वाहन चालकों को यह संदेश दिया गया कि वे सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें, ताकि वे असमय दुर्घटनाओं का शिकार न हों। सरकार द्वारा बनाए गए नियमों के अनुसार वाहन चलाने से जीवन सुरक्षित रह सकता है। इस कार्यक्रम में दल के कलाकार हेमंत कुमार (अध्यक्ष), जय सिंह कश्यप (उपाध्यक्ष), रोशन लाल, दिग्विजय सिंह, चतर सिंह, अमित कुमार, सुमन सोनी, बीना शर्मा, किरण, मंजू देवी और हेतराम ने गीत-संगीत और नुक्कड़ नाटक के जरिए सड़क सुरक्षा के महत्व पर जोर दिया।
परिवहन सेवा निवृत कर्मचारी कल्याण मंच का एक प्रतिनिधि मंडल उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री से मिला। यह प्रतिनिधि मंडल प्रदेशाध्यक्ष वृज लाल ठाकुर की अध्यक्षता में नालागढ़ में उप मुख्यमंत्री से मिला, जिसमें प्रदेश पदाधिकारी और जिला सोलन के लगभग 150 कार्यकर्ता शामिल थे। प्रतिनिधि मंडल ने पहले उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, विधायक राम कुमार और विधायक हरदीप बावा को सम्मानित किया। इसके बाद, प्रदेशाध्यक्ष और प्रदेश महासचिव ने 11 सूत्रीय मांग पत्र उप मुख्यमंत्री को सौंपा। इस मांग पत्र को हिमाचल पथ परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक को भी भेजा गया। उप मुख्यमंत्री ने कल्याण मंच की मांगों को गंभीरता से लिया और मंच के पदाधिकारियों ने लगभग 20 मिनट तक अपने मुद्दे रखे, जिन्हें मंत्री ने ध्यान से सुना। उन्होंने वादा किया कि बजट सत्र से पहले कल्याण मंच के प्रतिनिधियों को सचिवालय में बातचीत के लिए बुलाया जाएगा। इस दौरान, पेंशनधारियों के बच्चों की शादियों के लिए एरियर देने के आदेश भी जारी कर दिए गए। प्रदेशाध्यक्ष बृजलाल ठाकुर ने बताया कि इस कार्यक्रम को सफल बनाने में जिलाध्यक्ष बाबू राम ठाकुर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस प्रतिनिधि मंडल में कार्यकारी अध्यक्ष अजमेर ठाकुर, प्रदेश महासचिव रूप चंद शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष राम स्वरूप चौधरी, अर्की से बलबीर चौधरी और रघुनाथ शर्मा, नालागढ़ इकाई से भीम सिंह और रघुवीर सिंह, ऊना से रमेश शर्मा और राजेश खन्ना समेत 150 कार्यकर्ता शामिल थे।
हिमाचल प्रदेश के कई होनहार युवा भारतीय सेना में बड़े पदों पर विराजमान हैं। इसी सूची में अब ऊना जिले के एक बेटे ने भी अपना नाम जोड़ लिया है। जिले के ASP सुरेंद्र शर्मा के बेटे कनिष्क शर्मा इंडियन आर्मी में बतौर लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्त हुए हैं। कनिष्क की इस उपलब्धि से उनके परिवार व क्षेत्र का नाम रोशन हुआ है। कनिष्क शर्मा ने चार साल की कड़ी ट्रेनिंग के बाद इंडियन मिलिट्री अकादमी, देहरादून से कमीशन हासिल किया। इस अवसर पर उनके माता-पिता और बड़ी बहन ने अकादमी पहुंचकर उन्हें बैजेस लगाए। कनिष्क भारतीय सेना के असम स्थित सिग्नल्स डिवीजन में सेवाएं देंगे। कनिष्क शर्मा ने प्रशिक्षण के दौरान टेलीकम्युनिकेशन में B.Tech. की पढ़ाई भी की- जो कि एक साल में पूरी हो जाएगी। आपको बता दें कि कनिष्क शर्मा मूल रूप से चंबा के चुराह जिले के हिमगिरि के रहने वाले हैं। कनिष्क शर्मा ने प्रारंभिक शिक्षा माउंट कार्मल स्कूल ऊना और गग्गल से हासिल की है। इसके बाद जमा दो की पढ़ाई सेक्रेड हार्ट स्कूल सिद्धपुर धर्मशाला में पूरी की है। कनिष्क शर्मा ने TES एंट्री के तहत गया में चार साल का कड़ा प्रशिक्षण हासिल किया। इसके बाद OTA में एक साल, CTW, MCTE महू में B.Tech. की तीन साल की शिक्षा ग्रहण की। फिर IMA देहरादून में एक महीने के कड़े प्रशिक्षण के बाद पासिंग आउट परेड में हिस्सा लिया और लेफ्टिनेंट पद पर नियुक्त हुए हैं। कनिष्क के परिवार में उनके माता-पिता और बड़ी बहन है। कनिष्क के पिता सुरेंद्र शर्मा ऊना जिले में ASP के पद पर कार्यरत हैं। कनिष्क की मां मनीषा शर्मा गृहिणी हैं। जबकि, बड़ी बहन कशिश शर्मा ने एग्रीकल्चर में जेनेटिक्स और प्लांट ब्रीडिंग में मास्टर्स की हुई है। कनिुष्क की इस सफलता के बाद पूरे परिवार में खुशी का माहौल है। कनिष्क की इस सफलता के बाद उनके घर पर बधाई देने वाले लोगों का तांता लग गया है। उनके माता-पिता ने बताया कि कनिष्क बचपन से ही भारतीय सेना में जाने के सपने देखता था, जिसे उसने आज अपनी कड़ी मेहनत के दम पर पूरा कर लिया है।
** पानी की पाइपें जमीं, 19 दिसंबर तक बारिश-बर्फबारी की नहीं कोई उम्मीद हिमाचल के पहाड़ी इलाकों और मैदानी क्षेत्रों में कड़ी ठंड पड़ रही है। पानी की पाइपें जमने लगी हैं और लाहौल-स्पीति के ऊंचे इलाकों में बहता पानी भी जम गया है। ठंड इतनी बढ़ गई है कि 11 शहरों का तापमान माइनस में चला गया है। लोग सुबह और शाम के वक्त घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं, लेकिन दिन में धूप निकलने से मौसम थोड़ा आरामदायक हो जाता है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के वैज्ञानिक संदीप शर्मा ने बताया कि पिछले 24 घंटे में मौसम साफ रहा और कई जगहों पर तापमान सामान्य से कम था। 19 दिसंबर तक मौसम साफ रहने का अनुमान है। बिलासपुर और मंडी जिलों में सुबह और शाम धुंध की समस्या हो सकती है, और इस दौरान दिन का तापमान 2 से 3 डिग्री तक बढ़ सकता है।
सोलन की ग्राम पंचायत अन्हेच के रिहूँ गांव में कोयले की गैस लगने से तीन युवाओं की मौत हो गई। रिहु गांव के राजकुमार के मकान में यह तीनों लोग किराए के कमरे में रहते थे। ठंड अधिक होने के कारण बीती रात तीनो युवा, लोहे के कनस्टर में आग जलाकर कमरा बंद कर सो गए। आग से निकलने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड से दम घुटने से तीनों की मौत हो गई।जानकारी के अनुसार जिले के थाना धर्मपुर के तहत डगशाई के साथ लगती अन्हेच पंचायत के रिहूं गांव में कोयले की गैस लगने से तीन प्रवासी कामगारों की मौत हो गई। मृतक युवकों की पहचान सुरेश कुमार, अरबाज और सूरज, निवासी रामपुर उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। युवकों की उम्र 20 से 30 वर्ष बताई जा रही है । बीती रात आग जलाकर यह तीनों अपने कमरे में सो गए थे। जब सुबह यह नहीं उठे तो मकान मालिक के बार बार दरवाजा खटखटाने के बाद भी अंदर से कोई जबाव नहीं आई । मकान मालिक राजकुमार ने पंचायत प्रतिनिधि और पुलिस को सूचित किया। मौके पर पहुंची पुलिस की टीम ने कमरे की खिड़की की जाली तोड़कर अंदर से दरवाजे में कुंडी खोली। कमरे में तीनों युवक मृत अवस्था में पड़े मिले और पास ही कोयले की अंगीठी जली हुई थी। एसपी सोलन गौरव सिंह ने बताया कि परमाणू पुलिस मौके पर है। शवों को कब्जे में ले लिया गया है। अभी तक की जांच में यही सामने आया है कि कोयले की गैस से ही इन तीनों की मौत हुई है, इनके शरीर पर ओर किसी तरह का कोई निशान नहीं मिला है। पुलिस विभाग की टीम मौके पर है और आगामी जांच भी जारी है।
आज दयानंद आदर्श विद्यालय के प्रांगण में नर्सरी और पहली कक्षा की मदर्स के लिए मदर्स डे कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रिंसिपल ऊषा मित्तल ने बताया कि इस तरह के आयोजनों से मांओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलता है। यह कार्यक्रम अनुराधा, रीता और ममता के मार्गदर्शन में हुआ। इस कार्यक्रम में प्रिंसिपल ऊषा मित्तल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और मंत्र उच्चारण से हुई। मदर्स ने विभिन्न प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें उपस्थित लोगों ने सराहा। इसके अलावा, उनके लिए कई खेल भी रखे गए थे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण मदर्स द्वारा की गई मॉडलिंग थी, जिसमें पायल, उषा, सोनम, नीलम, नीलम चौधरी, अर्चना, अंजना, सुमन, नेहा, ऋतु बंसल और अन्य ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। प्रिंसिपल ऊषा मित्तल ने मदर्स को टोकन देकर सम्मानित किया और उन्हें संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों की जिंदगी में मां का योगदान अतुलनीय होता है। इस कार्यक्रम का मंचन नीता दीवान और संगीता ठाकुर ने किया। अंत में शांति पाठ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
हिमाचल में दिव्यांग कोटे के जेबीटी के 187 पद भरने के लिए काउंसलिंग शेड्यूल में बदलाव किया गया है। पदों को भरने के लिए अब काउंसलिंग छह जनवरी से होगी। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय के मुताबिक चार-चार जिलों के तीन समूह बनाकर छह से आठ जनवरी तक काउंसलिंग होगी। काउंसलिंग प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय शिमला में होगी। बीएड के साथ अब डीएलएड करने वाले भी काउंसलिंग में भाग लेने के लिए पात्र होंगे। टेट पास ही काउंसलिंग में शामिल हो सकेंगे। 18 से 45 वर्ष की आयु वाले आवेदन कर सकते हैं। मंडी में सबसे ज्यादा 37, कांगड़ा में 28, बिलासपुर में 16, चंबा में 15, हमीरपुर में 9, किन्नौर में 1, कुल्लू में 10, शिमला में 20, सिरमौर में 23, सोलन में 20 और ऊना में 8 पद भरे जाएंगे। छह जनवरी को मंडी, लाहौल-स्पीति, कुल्लू और किन्नौर जिले की काउंसलिंग होगी। सात को कांगड़ा, हमीरपुर, चंबा और ऊना और 8 को शिमला, सिरमौर, सोलन और बिलासपुर में पद भरने के लिए काउंसलिंग आयोजित होगी। आवेदक किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय-शिक्षण संस्थान से जमा दो 50 फीसदी अंकों के साथ पास होने के साथ डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन पास होना चाहिए। पीजी में 55 फीसदी अंकों के साथ तीन साल की इंटीग्रेटिड बीएड-एमएड पास भी आवेदन कर सकते हैं। हिमाचल के मूल निवासी या प्रदेश से दसवीं और बारहवीं कक्षा पास करने वाले आवेदन के लिए पात्र होंगे। अनुबंध आधार पर नियुक्तियां की जाएंगी। चयनित होने पर 17,820 रुपये का वेतन मिलेगा। काउंसलिंग की मेरिट के आधार पर आवेदकों को उनकी प्राथमिकता के तौर पर जिला आवंटित किया जाएगा। 30 अंकों के आधार पर मेरिट तय की जाएगी।
** मुखाग्नि देते हुए बड़ा बेटा बोला- मेरे पापा अमर रहे हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के विधानसभा क्षेत्र धर्मशाला की बगली पंचायत के आईटीबीपी में तैनात एएसआई विनोद कुमार का शनिवार को सैन्य सम्मान से साथ अंतिम संस्कार किया गया। विनोद की ड्यूटी के दौरान चार दिन पहले गुवाहाटी में हृदय गति रुकने से मौत हो गई थी। शनिवार सुबह पार्थिव देह पैतृक गांव पहुंची। जवान की पार्थिव देह घर पहुंचते ही हर ओर चीख-पुकार का माहाैल रहा। जवान की पत्नी, बेटों और अन्य परिजनों की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। शनिवार सुबह मोक्ष धाम में जवान का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। आइटीबीपी के 12 जवानों ने तिरंगे से ढकी जवान की पार्थिव देह पर पुष्प अर्पित कर सलामी देकर अंतिम विदाई दी। अंतिम दर्शन के लिए सैकड़ों लोग माैजूद रहे। इस दाैरान विनोद अमर रहे और भारत माता की जय के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। बड़े बेटे ने रोते हुए मेरे पापा अमर रहे कहकर पिता की पार्थिव देह को मुखाग्नि दी। इस दौरान प्रशासन की ओर से भी उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। जानकारी के अनुसार गुवाहाटी में ड्यूटी के दौरान ह्रदयाघात से बुधवार रात को विनोद कुमार की मौत हो गई थी। विनोद गोवाहाटी में एएसआई की ट्रेनिंग के लिए गए थे। विनोद अपने पीछे पत्नी और दो बेटे छोड़ गए हैं।
** मार्च तक तैयार होगी डीपीआर किरतपुर-नेरचौक फोरलेन पर पांच समानांतर टनलों का निर्माण किया जाएगा। इनमें से एक का काम शुरू कर दिया गया है और मार्च तक इसे तैयार करने का लक्ष्य रखा है। चार टनलों की डीपीआर तैयार की जा रही है और मार्च तक टेंडर प्रक्रिया शुरू करने का लक्ष्य है। करीब 60 किमी लंबे किरतपुर-नेरचौक फोरलेन पर पांच टनल बनी हैं। ये सभी टू लेन हैं। वर्तमान में इन टनलों में से केवल एक ही टनल से वाहनों का आवागमन होता है, जिससे हादसों का खतरा बढ़ जाता है। फोरलेन की अन्य सड़कों की तुलना में टनलों में वाहनों की गति भी धीमी हो जाती है। दिन-प्रतिदिन बढ़ते ट्रैफिक के कारण ही समानांतर टनलों के निर्माण का फैसला लिया गया है। मौजूदा पांच टनलों के साथ समानांतर टनलों के बनने से यातायात सुचारु रहेगा। किरतपुर से नेरचौक तक इस फोरलेन पर पांच टनल हैं। इनके समानांतर पांच टनलों का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। परियोजना की सबसे लंबी टनल, कैंची मोड़ 1800 मीटर का समानांतर सुरंग निर्माण कार्य चल रहा है, जिसे मार्च 2025 में पूरा करने का लक्ष्य है। अन्य चार टनलों के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा डीपीआर तैयार की जा रही है। इनमें टनल नंबर-2 थापना की लंबाई 465 मीटर, टनल नंबर-3 तुन्नू की लंबाई 550 मीटर, टनल नंबर-4 टीहरा की लंबाई 1265 मीटर, टनल नंबर-5 भवाणा की लंबाई 740 मीटर है। अन्य चार समानांतर टनलों के निर्माण के लिए एनएचएआई डीपीआर तैयार कर रहा है। वहीं, अलग-अलग स्तर पर इसकी एफसीए अप्रूवल का कार्य भी चल रहा है। केंद्र से एफसीए की ई-फाइल पर जो आपत्तियां लग रही हैं, उन्हें हटाकर दोबारा फाइल को तैयार किया जा रहा है। इन टनलों के समानांतर निर्माण से न केवल वाहनों की गति बढ़ेगी, बल्कि हादसों का खतरा भी कम होगा। साथ ही फोरलेन पर यातायात सुचारू और तेज होगा, जिससे यात्रियों को समय और ईंधन की बचत होगी। प्राथमिकता के आधार पर अन्य चार टनलों का निर्माण कार्य को शुरू करने की प्रक्रिया डीपीआर अप्रूव होने के बाद एनएचएआई जल्द शुरू करेगा।
शिमला में आज सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई। छह घंटे तक चली कैबिनेट मीटिंग में कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी। सुक्खू कैबिनेट ने गेस्ट टीचर नीति को मंजूरी दी। अब गेस्ट टीचरों को पीरियड बेस पर पैसे मिलेगें। सीनियर सेकेंडरी में 400 रुपये प्रति पीरियड और कॉलेज में 500 रुपये प्रति पीरियड मिलेंगे। वहीं, हिमाचल में काम समय पर हो इसके लिए टेंडर की ऑनलाइन पब्लिकेशन के लिए कैबिनेट ने समय की लिमिट घटाने की दी स्वीकृति। कैबिनेट बैठक में फैसला लिया गया कि विधवा एकल नारी को मकान बनाने को मिलेंगे 3 लाख। इस बार बरसात में समेज सहित अन्य क्षेत्र को 2023 की तर्ज पर रिलीफ पैकेज देने को कैबिनेट ने मंजूरी दी। पूरी तरह से क्षतिग्रस्त मकान को 7 लाख रुपए मिलेंगे। उद्योग विभाग के 80 खनन रक्षक पद भरने को स्वीकृति मिली। शिक्षा विभाग में पंजाबी टीचर के 31 पद भरने की स्वीकृति मिली। सैनिक वेलफेयर विभाग में विभिन्न श्रेणियों के 26 पद भरे जाएंगे। हिमाचल में लैंड सीलिंग एक्ट में बदलाव को सुखविंदर कैबिनेट की सैद्धान्तिक मंजूरी दी है। इसके अलावा सुक्खू कैबिनेट ने प्राकृतिक आपदा में जंगलों में गिरे पेड़ सड़ कर बर्बाद न हो, इसके लिए डीएफओ को 50 पेड़ हटाने के लिए नॉर्मल टेंडर प्रक्रिया के तहत ऑक्शन की पावर दी गई है। सुन्नी में SDM ऑफिस खोलने को मंजूरी मिली। हिमाचल में 13 नगर पंचायत को मंजूरी मिली। हिमाचल में शहरी क्षेत्रों में मुख्यमंत्री शहरी आजीविका गारंटी योजना को कैबिनेट की स्वीकृति, जल शक्ति विभाग में इंजीनियर के 3 पदों को भरने की स्वीकृति मिली। हिमाचल में अब ग्रेवटी वाटर स्कीमों की पंचायतें करेगी देखरेख इसकी भी कैबिनेट ने स्वीकृति दी।
हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड सोलन ने उपमण्डल सोलन-1 के अंतर्गत सभी विद्युत उपभोक्ता से आग्रह किया है कि अपने विद्युत मीटर खाता संख्या (कन्जयूमर आई.डी.) को अपने आधार कार्ड से शीघ्र जोड़ें ताकि उन्हें सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली विभिन्न सुविधाएं पूर्ववत मिलती रहें। यह जानकारी विद्युत उपमण्डल सोलन-1 के सहायक अभियंता ने दी। उन्होंने कहा कि कन्जयूमर मीटर खाता संख्या को आधार कार्ड से जोड़ने की ई-केवाईसी प्रक्रिया आरम्भ हो गई है। सभी उपभोक्ताओं को 20 दिसम्बर, 2024 तक इस प्रक्रिया को पूर्ण करना होगा। उन्होंने कहा कि ई-केवाईसी के लिए आधार कार्ड, राशन कार्ड, बिजली का कोई भी नया या पुराना बिल तथा आधार कार्ड से जुड़े हुए अपने मोबाइल नम्बर को साथ रखना होगा। उन्होंने कहा कि यदि किसी कारणवश घर से ई-केवाईसी न हो पाए तो उपभोक्ता विद्युत बोर्ड के कार्यालय आकर ई-केवाईसी करवा सकते हैं। सहायक अभियंता से सभी उपभोक्ताओं से अपना बिजली का बिल समय पर जमा करवाने का आग्रह भी किया है।
शूलिनी विश्वविद्यालय ने यूवीकैन फाउंडेशन के सहयोग से परिसर के आसपास के गांवों की महिलाओं के लिए दो दिवसीय मुफ्त स्तन कैंसर स्क्रीनिंग शिविर का आयोजन किया। कार्यक्रम में 100 से अधिक महिलाओं की भागीदारी देखी गई, जिसमें शीघ्र पहचान और आत्म-देखभाल के महत्व पर जोर दिया गया। दिल्ली के डॉक्टरों और तकनीशियनों की एक समर्पित टीम ने पेशेवर और गहन मूल्यांकन सुनिश्चित करते हुए स्क्रीनिंग की। कार्यक्रम का नेतृत्व डॉ. तन्वी ने किया, जिन्होंने छोटे समूहों में महिलाओं के लिए इंटरैक्टिव जागरूकता सत्र आयोजित किए। उन्होंने स्व-स्तन परीक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला, उपस्थित लोगों को इस प्रक्रिया का प्रदर्शन किया और देखभाल और धैर्य के साथ उनके प्रश्नों का उत्तर दिया। शूलिनी विश्वविद्यालय में स्थिरता और सामुदायिक जुड़ाव की निदेशक पूनम नंदा ने शिविर को सफल बनाने में उनके समर्थन के लिए YouWeCan फाउंडेशन को हार्दिक धन्यवाद दिया। इस अवसर पर बोलते हुए, नंदा, जो खुद एक कैंसर से पीड़ित हैं, ने अपनी यात्रा साझा की और जागरूकता और शीघ्र पता लगाने के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने अपने शब्दों से कई लोगों को प्रेरित करते हुए कहा, मैं समय पर हस्तक्षेप और जागरूकता के जीवन-रक्षक मूल्य को समझती हूं और मैं इस संदेश को दूर-दूर तक फैलाने के लिए प्रतिबद्ध हूं। छात्र स्वयंसेवक, जिन्होंने पहले प्रभावशाली पिंक अक्टूबर जागरूकता अभियान का नेतृत्व किया था, ने शिविर की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे सक्रिय रूप से स्थानीय महिलाओं तक पहुंचे और उन्हें इस पहल के माध्यम से दी जाने वाली मुफ्त जांच और सहायता का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया।
** पांच स्थानों पर न्यूनतम पारा माइनस में हिमाचल प्रदेश में आगामी सात दिनों तक माैसम साफ रहने की संभावना है। हालांकि, बुधवार को जारी बुलेटिन में 12 दिसंबर को उच्च पर्वतीय कुछ स्थानों पर बारिश-बर्फबारी का पूर्वानुमान जताया गया था। गुरुवार को माैसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार प्रदेश में 18 दिसंबर तक मौसम मुख्यत शुष्क रहने की संभावना है। आज लाहाैल-स्पीति के एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश-बर्फबारी हो सकती है। वहीं, अगले 24 घंटों तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। इसके बाद अगले 4-5 दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे 2-3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होगी। वहीं राज्य के पांच स्थानों पर न्यूनतम तापमान माइनस में दर्ज किया गया है।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सायरी के एनएसएस स्वयंसेवी पलक ठाकुर का चयन गणतंत्र दिवस के प्री आरडी कैंप के लिए हुआ है। जानकारी अनुसार स्वयंसेवियों ने राष्ट्रीय सेवा योजना के प्रभारी नितिका बंसल और दिलीप चौहान के मार्गदर्शन में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुठाड़ में मेगा सिलेक्शन कैंप में भाग लिया, जिसमें स्वयंसेवी पलक ठाकुर सुपुत्री कमल कुमार ने बेहतरीन प्रदर्शन किया, जिस आधार पर पलक का चयन गणतंत्र दिवस प्री आर डी कैंप के लिए हुआ और विद्यालय में खुशी की लहर है। कैंप से विद्यालय लौटने पर स्वयंसेवी पलक ठाकुर का विद्यालय परिवार ने भव्य स्वागत किया। प्रधानाचार्या इंदु शर्मा सहित समस्त स्टाफ ने स्वयंसेवी को इस चयन के लिए बधाई देते हुए श्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित किया।
हिमाचल पथ परिवहन सेवा निवृत कर्मचारी कल्याण मंच अर्की इकाई की बैठक जो 15 दिसम्बर को होनी निश्चित हुई थी, उसे इस बार किन्ही कारणों की वजह से स्थगित कर दिया गया है। इकाई अध्यक्ष बलबीर सिंह चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि 14 दिसम्बर को नालागढ़ में आयोजित होने वाली जिला कार्यकारिणी की बैठक की वजह से अर्की इकाई की बैठक को स्थगित किया गया है क्योंकि सभी इकाइयों के पदाधिकारी इस बैठक में भाग लेंगे। इस बैठक में कल्याण मंच के नव नियुक्त प्रदेशाध्यक्ष बृजलाल ठाकुर शिरकत करेंगे जो जिला की बैठक को संबोधित कर अपने विचार साझा करेंगे। उन्होंने बताया कि अब अर्की इकाई की आगामी बैठक 15 जनवरी को पेंशनर भवन कुनिहार में आयोजित की जाएगी।
हिमाचल प्रदेश में सात अगस्त 2024 के बाद अध्ययन अवकाश पर जाने वाले प्रोफेसरों और शिक्षकों को कुल वेतन का सिर्फ 40 फीसदी वेतन ही मिलेगा। नए सीसीएस अवकाश नियमों के तहत अध्ययन अवकाश के दौरान वेतन भुगतान को लेकर शिक्षा विभाग ने निर्देश जारी किए हैं। 24 महीने तक के अध्ययन अवकाश के लिए प्रशासनिक की जगह वित्त विभाग की अनुमति लेना भी अनिवार्य कर दिया है। कॉलेज प्रोफेसरों के वेतन से जुड़ी कुछ आपत्तियों के बाद शिक्षा विभाग ने वित्त विभाग से यह मामला उठाया था। मंगलवार को उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा की ओर से इस संदर्भ में सभी कॉलेज प्रिंसिपलों को पत्र जारी किया गया है। प्रदेश सरकार ने कुछ समय पहले केंद्रीय सिविल सेवाएं अवकाश नियम-1972 में बदलाव किया है। नए नियम को केंद्रीय सिविल सेवाएं अवकाश हिमाचल प्रदेश नियम-2024 नाम दिया गया है। वर्ष 1986 से लेकर प्रशासनिक विभाग ही 24 महीने तक की स्टडी लीव के लिए अनुमति देता आया है। अब वित्त विभाग ही तय करेगा कि किसी विभाग के अधिकारी या कर्मचारी को अवकाश पर भेजना है या नहीं। हर साल बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी स्टडी लीव पर जाते हैं। अध्ययन अवकाश के दौरान उन्हें सरकार की ओर से पूरा वेतन दिया जाता है। स्टडी लीव पर अधिक कर्मचारियों-अधिकारियों के रहने से जहां विभागों में प्रशासनिक कामकाज प्रभावित होता रहा है, वहीं सरकारी कोष को भी बड़ा नुकसान होता रहा है। अब देश या देश से बाहर ली गई अध्ययन छुट्टी के दौरान सरकारी कर्मचारी-अधिकारी को 40 प्रतिशत वेतन मिलेगा। इसके अलावा महंगाई भत्ता और मकान किराया भी मिलेगा। अवकाश वेतन का भुगतान सरकारी कर्मचारी की ओर से यह प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने के बाद होगा कि वह किसी अंशकालिक रोजगार के संबंध में किसी भी छात्रवृत्ति, वजीफे या पारिश्रमिक की प्राप्ति नहीं कर रहा है। उधर, शिक्षा निदेशालय ने स्पष्ट किया कि संशोधित केंद्रीय सिविल सेवा (अवकाश) नियम, 1972 के सात अगस्त 2024 से प्रभावी होने के साथ, उन लोगों पर इसके लागू होने के संबंध में भ्रम की स्थिति बन गई है, जो इस तिथि से पहले अध्ययन अवकाश पर थे। संशोधित नियम केवल उन कर्मचारियों पर लागू होंगे, जो सात अगस्त 2024 को या उसके बाद अध्ययन अवकाश पर गए हैं। जिन कर्मचारियों ने इस तिथि से पहले अपना अध्ययन अवकाश शुरू किया था, उन्हें पिछले नियमों के तहत अपना वेतन मिलना जारी रहेगा, जो उनके अवकाश स्वीकृत होने के समय लागू थे।
सोलन ज़िला में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत निर्धारित मानदण्डों को पूरा करने वाले व्यक्तिगत व सामुदायिक शौचालयों का श्रेष्ठ श्रेणी के रूप में चयन किया गया। इन विजेता ग्राम पंचायतों को ज़िला स्तर पर आज यहां अतिरिक्त उपायुक्त सोलन एवं ज़िला ग्रामीण विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक अजय यादव ने सम्मानित किया। सोलन विकास खण्ड की ग्राम पंचायत ओच्छघाट के राजकीय माध्यमिक विद्यालय कालाघाट के समीप सामुदायिक शौचालय तथा ग्राम पंचायत जाबल जमरोट के गांव डुंगी की शांति देवी पत्नी खेम चंद को व्यक्तिगत शौचालय की श्रेणी में पुरस्कृत किया गया। कुनिहार विकास खण्ड की ग्राम पंचायत पलोग के सामुदायिक भवन मानन के समीप स्थित सामुदायिक शौचालय तथा ग्राम पंचायत घनागुघाट के गांव बपडोन की हरदेई सुपुत्री सुंदर सिंह को व्यक्तिगत शौचालय के लिए सम्मानित किया गया। विकास खण्ड नालागढ़ की ग्राम पंचायत घोलोवाल में स्थित शिव मंदिर कालीबाड़ी के समीप स्थित सामुदायिक भवन के सामुदायिक शौचालय तथा ग्राम पंचायत गोलजमाला के गांव नंगल उपरला के मलकीत सिंह सुपुत्र हरदयाल सिंह को व्यक्तिगत शौचालय के लिए सम्मानित किया गया। धर्मपुर विकास खण्ड की ग्राम पंचायत नारायणी के गांव जंदौरी के रत्न लाल सुपुत्र बालू राम को व्यक्तिगत शौचालय तथा कण्डाघाट विकास खण्ड की ग्राम पंचायत छावशा के गांव बणी के नरेन्द्र पाल सुपुत्र मानू राम को व्यक्तिगत शौचालय के लिए सम्मानित किया गया। सोलन ज़िला में 19 नवम्बर से 10 दिसम्बर, 2024 तक विश्व शौचालय दिवस का आयोजन किया गया। इस अवधि में व्यक्तिगत व सार्वजनिक स्थलों पर शौचालयों की साफ-सफाई व मुरम्मत कार्य करवाने के लिए विशेष अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के पैरामीटर में अव्वल रहे श्रेष्ठ व्यक्तिगत व सामुदायिक शौचालय का चयन किया गया। अजय यादव ने कहा कि ऐसे अभियान से अन्य ग्राम पंचायतों को साफ-सफाई रखने के लिए प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि घरो में स्वच्छता एक स्वस्थ जीवन का आधार होती है। उन्होंने सभी से आग्रह किया ज़िला को स्वच्छ रखने में सहयोग दें।
डॉ यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी में बुधवार को विख्यात तमिल कवि भारती, लेखक, पत्रकार और स्वतंत्रता सेनानी सुब्रमन्य भारती की जयंती के अवसर पर भारतीय भाषा दिवस मनाया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय में सभी कार्यक्रम और कार्यालय में हिन्दी भाषा का ही उपयोग किया गया। विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभाग ने सतर्क, सुरक्षित एवं संरक्षित पर्यावरण संघ (स्पेस क्लब) के सदस्यों व 60 छात्र-छात्राओं द्वारा पर भारतीय भाषा उत्सव मनाया गया, जिसे तीन परिकल्पना पर आधारित किया गया। पहले परिकल्प के अंतर्गत विश्वविद्यालय के सभी संवैधानिक अधिकारियों, विभागाध्यक्षों तथा कार्यालय के अक्षिक्षकों को हिन्दी तथा क्षेत्रीय भाषा में अपने कार्यालय में कार्य करने के लिए निवेदन किया गया तथा संघ के सभी सदस्यों द्वारा उनके कार्यालयों में जाकर यह संदेश प्रेषित किया गया। दूसरे परिकल्प के अंतर्गत संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें विभागाध्यक्ष डॉ सतीश भारद्वाज ने इस वर्ष के भारतीय भाषा दिवस का विषय ‘भाषाओं के माध्यम से एकता’ पर प्रकाश डालते हुए अपने व्याख्यान में प्रकृति और भाषा में समन्वयन के सम्बंध पर कहा कि जहां आधुनिकता के दौर में हम अपनी क्षेत्रीय भाषाओं को भुलाते जा रहें है वहीं हम आधुनिकता की पाश्चात्य परिवेश को भी अपना रहे हैं, जिससे कि हम आपसी सौहार्द, प्रेम व भाईचारे से कहीं कोसों दूर भाग रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाषाएं हमारी संस्कृति की पहचान है और प्रकृति के साथ हमारे रिश्ते को भी दर्शाती है। विभिन्न क्षेत्रों की जलवायु भिन्न होने के कारण वहां का भाषीय परिवेश भी भिन्न है। इन सब का आपस में तालमेल बिठाने से ही हमें प्रकृति से भी प्रेम होगा व हम अपने संस्कारों से भी जुड़े रहेंगे। संगोष्ठी में उपस्थित छात्रों द्वारा अपनी क्षेत्रीय भाषा में प्रश्न पूछे गए तथा उनका उत्तर भी उसी भाषा में दिया गया एवं इस अवसर पर पर्यावरण विज्ञान विभाग के छात्र-छात्राओं ने अपने सगे-संबध्यिों को 35 पोस्ट कार्ड पर अपनी स्थानीय भाषा में पुराने तरीके से संदेश भेजे। इसमे जहां क्षेत्रीय भाषाओं का सहारा लिया गया वहीं इन्होंने इस कार्यक्रम में उत्सुकतापूर्वक अपनी जीवन शैली में दैनिक रूप से प्रयोग होने वाली क्षेत्रीय भाषाओं में परिचर्चा में भी बढ़-चढ़ कर भाग लिया व अपनी प्रसन्नता जाहिर की। इसके उपरान्त स्पेस क्लब के छात्रों ने कुलपति प्रोफेसर राजेश्वर सिंह चंदेल से निवेदन किया गया कि कार्यक्रम के प्रारूप को विस्तार देने के लिए विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों को प्रेरणा दी जाए। प्रोफेसर चंदेल ने छात्रों कि इस मुहिम का स्वागत किया और बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत हर विभाग को परामर्श दिया गया है कि क्षेत्रीय/स्थानीय भाषा के माध्यम से शिक्षा एवं अनुसंधान का प्रचार-प्रसार करें। उन्होंने कहा कि दैनिक कार्य में हिन्दी के साथ-साथ क्षेत्रीय भाषा को प्रोत्साहित करने से विश्वविद्यालय के कार्यक्रमों में किसानों के साथ सामंजस्य बनाने में विश्वविद्यालय को मदद मिलेगी।
** विभिन्न योजनाओं के तहत लाभार्थियों को वित्तीय लाभ किए वितरित मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज जिला बिलासपुर के लुहणू मैदान में प्रदेश सरकार के दो वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान छः नई योजनाओं का शुभारंभ किया और लाभार्थियों को वित्तीय लाभ वितरित किए। मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्राकृतिक रूप से उत्पादित मक्की से तैयार हिमभोग आटा लॉन्च किया। राज्य सरकार ने प्रदेश के 10 जिलों में 1,506 किसानों से 398 मीट्रिक टन मक्की की खरीद की है और किसानों के बैंक खातों में सीधे 1.20 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए गए हैं। देश में हिमाचल गेहूं के लिए 40 रुपये प्रतिकिलो ग्राम और मक्की के लिए 30 रुपये प्रतिकिलो ग्राम अधिकतम समर्थन मूल्य देने वाला राज्य है और प्रदेश में 35 हजार हेक्टेयर भूमि पर 1.98 लाख किसान प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। इस पद्धति को बढ़ावा देने के लिए 680 करोड़ रुपये की राजीव गांधी स्टार्ट-अप योजना के तहत राजीव गांधी प्राकृतिक खेती स्टार्ट-अप योजना के अन्तर्गत 36,000 किसानों को शामिल किया जा रहा है। कांग्रेस प्रतिज्ञा पत्र निहित गांरटियों को पूरा करने के उद्देश्य से लघु किसानों और पशुपालकों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने 300 रुपये प्रति क्विंटल की दर से जैविक खाद और वर्मी कम्पोस्ट खरीद की योजना शुरू की है। योजना के तहत 100 किसानों को प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के माध्यम से 1 लाख रुपये वितरित किए गए हैं। इस पहल का उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। मुख्यमंत्री ने राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना 2023 के अन्तर्गत 16 टैक्सी मालिकों को चाबियां प्रदान की। योजना के तहत लाभार्थियों को ई-टैक्सी खरीद के लिए 50 प्रतिशत सब्सिडी का लाभ प्राप्त हुआ है और सरकारी कार्यालयों में पांच वर्षों के लिए लीज पर ई-टैक्सियों का संचालन किया जाएगा। इससे टैक्सी मालिकों को नियमित आय का साधन उपलब्ध करवाया गया है। राज्य सरकार का लक्ष्य पहले चरण में ई-टैक्सी मालिकों को लगभग 150 परमिट प्रदान करना है। मुख्यमंत्री ने इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के अन्तर्गत प्रदेश के 5145 लाभार्थियों को 1.38 करोड़ रुपये वितरित कर इस योजना का शुभारंभ किया। उन्होंने लाभार्थियों को पात्रता प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए। इस योजना का उद्देश्य विधवाओं, निराश्रित महिलाओं, तलाकशुदा महिलाओं और दिव्यांग अभिभावकों के 23 हजार बच्चों की शिक्षा को सुनिश्चित करना है। योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को 18 वर्ष से कम की आयु के बच्चों के लिए 1 हजार रुपये प्रतिमाह और उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है। इस योजना के लिए 53.21 करोड़ रुपये का वार्षिक बजट प्रावधान रखा गया है। इससेे बाल शोषण को रोकने में सहायता मिलेगी और वंचित परिवारों के बच्चों की शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने राज्य के सात जिलों में बागवानी क्षेत्र के विकास को विस्तार प्रदान करने के लिए 1292 करोड़ रुपये की हिमाचल प्रदेश उपोष्ण कटिबंधीय बागवानी, सिंचाई और मूल्य संवर्धन परियोजना का भी शुभारंभ किया। इसके तहत प्रदेश के छः हजार हैक्टेयर क्षेत्र में अमरूद, संतरे, लीची और पलम जैसे फलों की खेती को बढ़ावा प्रदान कर 15 हजार किसान परिवारों को प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित किया जाएगा। वर्ष 2032 तक प्रतिवर्ष 1.3 लाख मीट्रिक टन फलों का उत्पादन होने की संभावना है जिनका बाजार मूल्य 400 करोड़ रुपये होगा। मुख्यमंत्री ने किन्नौर, लाहौल स्पीति, चम्बा और जिला सिरमौर के शिलाई के दुर्गम क्षेत्रों के लिए पांच मोबाइल आयुष स्वास्थ्य यूनिट को झंडी दिखाकर रवाना किया। प्रत्येक यूनिट में स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप आयूर्वेद, यूनानी और होमोपैथी उपचार के लिए अनुभवी चिकित्सा टीम सेवाएं देगी। इस पहल का उद्देश्य दुर्गम क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना है। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के अन्तर्गत जिला बिलासपुर के 197 लाभार्थियों को 1.90 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की। इसके तहत 153 बच्चों के लिए पेंशन, 17 लाभार्थियों के लिए आवास अनुदान,10-10 लाभार्थियों के लिए विवाह एवं उच्च शिक्षा और 3-3 लाभार्थियों के लिए व्यावसायिक शिक्षा और स्टार्ट-अप सहायता प्रदान की गई।
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में राज्य की कांग्रेस सरकार दो साल का जश्न मना रही है। इस दाैरान उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि भाजपा ने सरकार गिराने की नाकाम कोशिश की। हम 40 थे और 40 हैं। हमारे एक भी मंत्री में दाग नहीं है। इससे ईमानदार मंत्रिमंडल नहीं हो सकता। भाजपा के लोग दिल्ली में जाकर पैसे रुकवाने का काम करते हैं। प्रदेश के कर्मचारियों को ओपीएस कांग्रेस की सरकार ने दी। भाजपा सरकार ने पेंशन देने से इन्कार कर दिया था। कांग्रेस सरकार कर्मचारियों की साथी है। जब तक हम हैं, तब तक आपकी पेंशन सुरक्षित है। इसलिए हमें एक साथ मिलकर चलना है। मुकेश ने घोषणा कि जितनी भी भर्तियों के परिणाम लंबित हैं, एक महीने के अंदर जारी किए जाएंगे। मुकेश ने कहा कि सीएम से इसकी चर्चा नहीं हुई है, लेकिन मैं इसकी जिम्मेदारी लेता हूं। क्यूंकि हम आपके शुभचिंतक हैं। मुकेश ने कहा कि भाजपा बोलती है कि दिल्ली हिमाचल भवन की कुर्की हो गई, लेकिन कोई हाथ तो लगाकर देखे। मुकेश ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि कहा कि बोले समोसा सुक्खू का नहीं, पुलिस का था और पुलिस के समोसे को हाथ लगाओंगे तो ऐसा ही होगा। अग्निहोत्री ने टॉयलेट टैक्स पर चुटकी लेते हुए कहा कि भाजपा के लोग 24 घंटे टॉयलेट में बैठे, फिर देखें टैक्स लगा कि नहीं। अग्निहोत्री ने कहा कि 1 हजार नई बसें हम एक साल के अंदर बेड़े में शामिल कर रहे हैं। जयराम पर निशाना साधते हुए कहा कि आजकल कहते हैं कि कुकर के पैसे लिए, अरे कुकर की सीटी अग्निहोत्री ऐसे बजाएगा कि याद रखोंगे। एचआरटीसी को बदनाम किया जा रहा है। यह कांग्रेस पार्टी की लड़ाई है, भाजपा को अब सत्ता नहीं मिलेगी। हम उस पार्टी के लोग हैं, जिन्होंने हिमाचज का निर्माण किया और इसे आगे बढ़ाया। कहा कि शिमला में 2 हजार करोड़ से रोपवे बना रहे हैं। दो साल में बनकर तैयार होगा। 2400 इलेक्ट्रिक बसें खरीदी जाएंगी।
जियो बीपी (रिलायंस बीपी मोबिलिटी लिमिटेड) और ईवीआई टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड प्रदेश में पांच ग्रीन कॉरिडोर पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित करेगी। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की उपस्थिति में परिवहन विभाग के निदेशक डीसी नेगी ने कंपनियों के साथ एमओयू हस्ताक्षरित किए। दोनों कंपनियां एक साल में 41 में से 31 स्थानों पर ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करेंगी। यहां यात्रियों को शौचालय, फूड कोर्ट सहित अन्य वे-साइड सुविधाएं भी मिलेंगी। एक हफ्ते में तीसरी कंपनी इलेक्ट्रोवेब के साथ भी एमओयू होगा। यह कंपनी 10 स्थानों पर ईवी चार्जिंग स्टेशन और वे-साइड सुविधाएं देंगी। मुख्यमंत्री सुक्खू ने बताया कि जियो बीपी कंपनी मंडी-जोगिंद्रनगर पठानकोट के साथ-साथ कीरतपुर-मनाली-केलांग ग्रीन कॉरिडोर को विकसित करेगी। ईवीआई टेक्नोलॉजी एक वर्ष के भीतर परवाणु-ऊना-संसारपुर टेरेस-नूरपुर तथा परवाणु, शिमला-रिकांगपियो-लोसर ग्रीन कॉरिडोर विकसित करेगी। इलेक्ट्रोवेब कंपनी शिमला-हमीरपुर-चंबा ग्रीन कॉरिडोर को विकसित करेगी। इन पांच ग्रीन कॉरिडोर पर कंपनियां एक साल के भीतर 41 स्थानों पर ईवी चार्जिंग स्टेशन, वे-साइड सुविधाएं तथा सुपर मार्केट स्थापित करेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन 41 स्थानों पर ई-बस, ई-ट्रक तथा अन्य ई-व्हीकल को चार्ज करने की सुविधा मिलेगी। इन स्थानों पर शौचालय तथा रेस्तरां की सुविधाएं भी मिलेगी। सरकार को कंपनियां 75 लाख रुपये प्रति वर्ष लीज मनी देगी। उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि सरकार 350 ई-बसों की खरीद कर रही है। परिवहन विभाग देश में ऐसा पहला विभाग है जहां सभी वाहन इलेक्टि्रक हैं। इस अवसर पर प्रधान सचिव परिवहन आरडी नजीम भी उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश में ऊपरी इलाकों में हुई बर्फबारी के चलते कड़ाके की ठंड हो गई है। जिला ऊना, हमीरपुर और पालमपुर में पारा शून्य पहुंच गया है। शिमला में रात को तापमान एक डिग्री सेल्सियस रहा। प्रदेश में सबसे ज्यादा न्यूनतम तापमान 5.9 नाहन में दर्ज हुआ। रात का पारा कम होने से सड़कों पर फिसलन बढ़ गई है। कई जगह पानी के पाइप जम गए हैं। चंबा-किलाड़ वाया सचे जोत मार्ग बंद हो गया है। वहीं, मनाली-लेह मार्ग पर सफर करना खतरनाक हो गया है। मैदानी जिलों में बुधवार से शुक्रवार तक सुबह-शाम के समय कोहरा पड़ने और अन्य जगह शीतलहर का येलो अलर्ट जारी हुआ है। बुधवार को प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है। वीरवार को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के आसार जताए गए हैं। शिमला में मंगलवार को धूप खिलने के साथ मौसम दिन भर साफ रहा, लेकिन शीतलहर कम नहीं हुई। ऊना में अधिकतम तापमान सबसे ज्यादा 23.8 डिग्री सेल्सियसरहा। भरमौर क्षेत्र में नल में पानी की धार बर्फ में तबदील नजर आई। लाहौल घाटी में माइनस तापमान के बीच 97 फीसदी घरेलू नलों में पानी जम हो गया है। लाहौल के धुंधी, सिस्सू और जिस्पा के अलावा अन्य कई स्थानों पर ब्लैक आइस में वाहन फिसलते रहे। पुलिस ने अटल टनल पर्यटक वाहनों के लिए बंद कर दी है। हालांकि, फॉर बाई फॉर वाहनों में पर्यटक अटल टनल की ओर गए। कुफरी, डोडरा क्वार, चौपाल में हुई हल्की बर्फबारी हुई। प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम साफ रहने के साथ शिमला के कुफरी, डोडरा क्वार और चौपाल में मंगलवार दोपहर बाद हल्की बर्फबारी हुई। चांशल दर्रा बंद होने से डोडरा क्वार सड़क वाहनों की आवाजाही के लिए ठप हो गई है। किन्नौर में ऊंचे इलाकों में बर्फबारी के दो दिन बाद भी तीन ग्रामीण रूट बंद चल रहे हैं। छितकुल, कुनौचारंग और आसरंग के लिए मंगलवार को भी पथ परिवहन निगम की बसों की आवाजाही नहीं हो पाई है। प्रदेश में बर्फबारी के बाद शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया है। सोमवार रात को सात जिलों का न्यूनतम पारा माइनस में रिकॉर्ड हुआ। इनमें लाहौल-स्पीति जिले के ताबो में सबसे कम- 12.7 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान है। इसके अलावा कुकुमसेरी का -8.1, समदो का -7.9, कल्पा का -5.4, शिमला जिले में नारकंडा के -3.4, कुफरी का-2.2, कुल्लू जिले में मनाली का -2.8, सेऊबाग का -2.5, बजौरा का -1.6, भुंतर का -1.4, किन्नौर जिले के रिकांगपिओ का -1.8, चंबा जिले के भरमौर का -1.7, बिलासपुर जिले के बरठीं का -0.7, सोलन का - 0.6 डिग्री न्यूनतम तापमान रहा।
** बिलासपुर से 6 नई योजनाओं का होगा शुभारंभ हिमाचल प्रदेश में साल 2022 में विधानसभा चुनाव में 40 सीटें जीतकर सत्ता में आई सुक्खू सरकार का दो साल का कार्यकाल पूरा हो गया है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 11 दिसंबर 2022 को मुख्यमंत्री की शपथ लेकर कार्यभार संभाला था। इस उपलक्ष्य में प्रदेश सरकार केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के गृह जिला बिलासपुर के लुहणू मैदान में राज्य स्तरीय समारोह आयोजित करने जा रही है। इस समारोह को यादगार बनाने के लिए सरकार ने लुहणू मैदान में 30 हजार की भीड़ जुटाने का लक्ष्य रखा है, जिसके लिए मंत्रियों सहित सभी विधायकों को अपने अपने विधानसभा क्षेत्रों से लोगों को लाने का टारगेट दिया गया है। वहीं, इस दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू लोगों के सामने सरकार की दो साल की उपलब्धियों का गुणगान करेंगे और साथ ही 6 नई योजनाओं का शुभारंभ भी करेंगे। हिमाचल में कांग्रेस सरकार के दो साल का कार्यभार पूरा होने पर बिलासपुर के लुहणू मैदान समारोह आयोजित होगा। ये कार्यक्रम सुबह 11 बजे शुरू होगा, जिसमें प्रदेश भर से कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटेगी। इस दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू प्रदेश में 6 नई योजनाओं का शुभारंभ करेंगे, जिनमें राजीव गांधी स्टार्ट-अप स्वरोजगार योजना के तहत ई-टैक्सी, विधवाओं के बच्चों को उच्च शिक्षा प्रदान करने के लिए इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना, हिमाचल प्रदेश शिवा परियोजना, प्राकृतिक खेती से तैयार मक्की का हिम भोग आटा, गोबर की खरीद योजना और प्राकृतिक रूप से उत्पादित मक्की की खरीद के लिए संबंधित किसानों को धन हस्तांतरण करना शामिल है। इसके अलावा इस दौरान पांच आयुष मोबाइल वैन को भी हरी झंडी दिखाई जाएगी। वहीं, पुरानी पेंशन योजना और मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के लाभार्थियों को चेक भी वितरित किए जाएंगे। इस अवसर पर स्वतंत्रता सेनानियों को भी सम्मानित भी किया जाएगा। हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार के दो साल के समारोह में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी और राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी नहीं आ रहे हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इन सभी राष्ट्रीय स्तर के नेताओं को कार्यक्रम में आने का न्योता दिया था। ‘व्यवस्था परिवर्तन से आत्मनिर्भर हिमाचल’ थीम पर किए जा रहे समारोह में हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव राजीव शुक्ला मुख्य अतिथि होंगे।
कुनिहार: 20 वर्षीय रिया कंवर, जो पिछले एक साल से ब्लड कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही थी, अब इस दुनिया में नहीं रही। रिया के निधन की खबर ने न केवल उसके परिवार को, बल्कि कुनिहार क्षेत्र के हर उस व्यक्ति को शोक में डुबो दिया, जो पिछले एक साल से उसकी स्वस्थ होने की दुआ कर रहा था। रिया के पिता विजेन्द्र सिंह कंवर ने अपनी बेटी के इलाज के लिए हर संभव प्रयास किए, आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। एक साल पहले रिया के पेट में अचानक दर्द हुआ था, जिसके बाद उसे कुनिहार के स्थानीय अस्पताल में दिखाया गया। वहाँ से उसे शिमला के IGMC रेफर किया गया, जहां टेस्ट के बाद रिया को ब्लड कैंसर का पता चला। इस प्रकार के कैंसर का इलाज बेहद महंगा था और लगभग 40 लाख रुपये की आवश्यकता थी। दिहाड़ी मजदूरी करने वाले रिया के पिता के लिए इतनी बड़ी राशि जुटाना नामुमकिन था। फिर भी परिवार ने अपनी जमा पूंजी और लोगों की मदद से इलाज जारी रखा। रिया का इलाज चंडीगढ़ और फिर देहरादून के अस्पतालों में भी चलता रहा। कुछ समय के लिए रिया स्वस्थ होकर घर भी लौट आई थी, लेकिन अचानक उसकी तबीयत फिर से बिगड़ गई। रिया के माता-पिता और परिवार ने अपनी बेटी को बचाने के लिए हर प्रयास किया, लेकिन भगवान को कुछ और ही मंजूर था। मंगलवार सुबह रिया का शव देहरादून से गांव थावना पहुंचा, और गांव के शमशान घाट पर उसके छोटे भाई सक्षम कंवर ने रिया का अंतिम संस्कार किया। रिया के परिवार ने उन सभी लोगों का धन्यवाद किया जिन्होंने इस कठिन समय में उनकी मदद की।
हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग ने ग्रीष्मकालीन व शीतकालीन अवकाश वाले सरकारी स्कूलों के लिए छुट्टियों का संभावित शेड्यूल जारी कर दिया है। राज्य के सरकारी स्कूलों के लिए छुट्टियों के कार्यक्रम का मामला पिछले कुछ समय से सरकार के विचाराधीन था। उचित विचार-विमर्श के बाद कुछ निर्देशों के साथ एक संभावित छुट्टियों का कार्यक्रम तैयार किया गया है। सरकार की ओर से यह निर्णय लिया गया है कि छुट्टियों के कार्यक्रम को अंतिम रूप देने से पहले इन निर्देशों को व्यापक रूप से प्रसारित किया जाएगा ताकि विभिन्न हितधारकों जैसे कि माता-पिता, विद्यार्थी, शिक्षक, उप निदेशक आदि की प्रतिक्रिया, राय प्राप्त की जा सके। इस पर विभिन्न हितधारक 15 दिन के भीतर अपनी प्रतिक्रिया व राय दे सकेंगे। इसके बाद सभी प्रतिक्रियाओं को 15 जनवरी 2025 से पहले आपकी टिप्पणियों के साथ विभाग को भेजने का फैसला लिया गया है, ताकि छुट्टियों के कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया जा सके।
सुक्खू सरकार का दो साल का कार्यकाल पूरा होने के थोड़े ही दिन बाद हिमाचल प्रदेश में अफसरशाही की बागडोर भी बदल जाएगी। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना मार्च 2025 में सेवानिवृत्त होंगे। हालांकि उससे पहले उनकी रेरा अध्यक्ष पद पर नियुक्ति हो सकती है तो वह सेवानिवृत्ति के निर्धारित समय से पहले भी यह नियुक्ति पा सकते हैं। यानी वह जनवरी में इस पद पर नियुक्त किए जा सकते हैं। मुख्य सचिव के पद के लिए तीन वरिष्ठ अधिकारियों में संजय गुप्ता, केके पंत और ओंकार शर्मा के नाम चर्चा में हैं। इस संबंध में मुख्यमंत्री को ही फैसला लेना है कि वह किसे प्रदेश की अफसरशाही की कमान दे सकते हैं।अफरशाही की बागडोर बदलेगी तो निचले स्तर तक भी स्वाभाविक रूप से बदलाव होंगे। या तो नए मुख्य सचिव जनवरी में ही नियुक्त हो जाएंगे या फिर मार्च के बाद तो स्वाभाविक रूप से नियुक्ति होनी ही है। रेरा यानी रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथाॅरिटी के वर्तमान में डॉ. श्रीकांत बाल्दी अध्यक्ष हैं। डॉ. बाल्दी पूर्व में हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव भी रह चुके हैं। वह भी मुख्य सचिव के पद से सेवानिवृत्ति लेकर रेरा के अध्यक्ष बने थे। डॉ. बाल्दी दिसंबर के अंत में सेवानिवृत्त हो रहे हैं। ठीक इसी तरह से सक्सेना भी बनाए जा सकते हैं। वर्तमान मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना को सीएम के पसंदीदा अधिकारी होने के चलते उन्हें रेरा की बागडोर दी जा सकती है। हालांकि इसकी एक अलग प्रक्रिया है, जिसके लिए आवेदन मांगे जाएंगे तो कई अन्य अधिकारी भी आवेदन कर सकते हैं। वरिष्ठता में 1988 बैच के आईएएस अफसर संजय गुप्ता तो प्रबोध सक्सेना से भी आगे हैं। उन्हें प्रधान सलाहकार की नियुक्ति दी गई और वह वर्तमान में बिजली बोर्ड के अध्यक्ष और रोपवे कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक भी हैं। प्रबोध सक्सेना के बाद वरिष्ठता में केके पंत आते हैं। पंत 1993 बैच के आईएएस अधिकारी हैं, जबकि सक्सेना का बैच 1990 का है। कुछ अन्य अधिकारी भी सक्सेना से वरिष्ठ हैं, मगर उन्हें केंद्र या राज्य में अलग-अलग तरह की महत्वपूर्ण जिम्मेवारियां दी गई है। पंत हाल ही में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटे हैं। पंत के बाद वरिष्ठता में अनुराधा ठाकुर आती हैं, जो केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं। वह 1994 बैच की हैं। इसी बैच में ओंकार शर्मा उनके बाद आते हैं।
हिमाचल प्रदेश में मौसम ने करवट बदल ली है। हिमाचल प्रदेश में रविवार से बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है। राजधानी शिमला में बर्फबारी के बाद कसौली में भी बर्फबारी हुई। पर्यटन क्षेत्र कसौली में सीजन की पहली बर्फबारी हुई है।हालांकि बर्फबारी सिर्फ 15 मिनट तक ही हुई, लेकिन लोगों और पर्यटकों के चेहरे पर बर्फबारी होने की खुशी देखने को मिली। बर्फबारी होने के साथ ही पर्यटक झूम उठे। वहीं, समूचे प्रदेश में बर्फबारी के चलते तापमान बहुत कम हो गया है और कड़ाके की ठंड पड़ रही है। बता दें की मौसम विभाग शिमला ने प्रदेश में आगामी दिनों के लिए बारिश व बर्फबारी की चेतावनी दी है। रविवार दोपहर बाद से मौसम बदल गया है। दिनभर घने काले बादल छाए रहे इसके बाद पर्यटन क्षेत्र कसौली में शाम करीब 7:00 बजे बारिश का सिलसिला शुरू हुआ। बारिश के बीच ही बर्फ के फाहे गिरे। शाम 7:20 पर बर्फ के फाहे गिरने तेज हो गए। इसके बाद करीब 15 मिनट तक बर्फ के फाहे गिरते रहे। वीकेंड होने के चलते कसौली में पर्यटकों की आवाजाही भी काफी रही। साल 2023 में पर्यटन क्षेत्र कसौली में बर्फबारी नहीं हुई थी, जिसके चलते यहां के लोगों और पर्यटकों को मायूस होना पड़ा था। मगर इस बार कसौली में बर्फबारी का सिलसिला बीते रोज से शुरू हो गया है। ऐसे में पर्यटन कारोबारियों के चेहरे भी खिल गए हैं। पर्यटन कारोबारियों को पर्यटन कारोबार बढ़ने की उम्मीद है। वहीं, रविवार को सोलन व अन्य क्षेत्रों में बारिश होती रही। हालांकि यहां रुक-रुक कर बारिश हुई। शहर व आसपास के क्षेत्रों में रविवार सुबह से ही तेज हवा चल रही थी। इससे धूल मिट्टी अधिक हो गई थी।
हिमाचल में कृषि-बागवानी में उच्च तकनीक को अपनाकर किसानों-बागवानों की आजीविका के साधन एवं उनकी आय में बढ़ोतरी करने में सफलता हासिल की है। प्रदेश के किसानों की ओर उत्पादित फल, फूल, सब्जियों और उच्च मूल्य की नकदी फसलों का प्रदेश की आर्थिकी में महत्वपूर्ण योगदान है। एचपी शिवा परियोजना प्रदेश के किसानों और बागवानों के लिए एक वरदान साबित होगी, जिससे राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। जनवरी 2023 से दिसंबर 2028 तक एचपी शिवा मुख्य परियोजना एशियन विकास बैंक के संसाधनों के साथ कुल लागत 1292 करोड़ रुपये के साथ अनुमोदित की गई है। एचपी शिवा परियोजना के तहत प्रदेश के सात जिलों बिलासपुर, हमीरपुर, कांगडा, मंडी, सिरमौर, सोलन और ऊना के 28 विकास खंडों में 6 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल को बागवानी के तहत लाने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे 15 हजार से अधिक बागवान परिवार लाभान्वित होंगे। आगामी परियोजना की तैयारी के लिए 39 क्लस्टर स्थापित किए गए हैं। इसमें 228 हेक्टेयर क्षेत्र को कवर किया गया, जिससे 1250 किसान परिवार लाभान्वित हुए हैं। मुख्य परियोजना के क्रियान्वयन के लिए 4 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में 257 क्लस्टर चिन्हित किए जा चुके हैं। वहीं 162 सिंचाई योजनाएं विकसित की जानी प्रस्तावित हैं। परियोजना में 4 हेक्टेयर क्षेत्र में किये जाने वाले विनिर्माण कार्य जैसे कि भूमि तैयार करना, सोलर मिश्रित तार बाड़बंदी, ड्रिप सिंचाई प्रणाली लगाना व सिंचाई योजनाओं को लगाने के कार्य प्रगति पर हैं। इसके तहत 162 सिंचाई परियोजनाओं में से 121 परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है और 177 क्लस्टर स्थापित किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त सौर मिश्रित बाड़बंदी व भूमि तैयार करने के कार्य 73 क्लस्टरों में जारी है। एचपी शिवा मुख्य परियोजना के अंतर्गत गत दो वर्षों में करीब 324 हेक्टेयर क्षेत्र उच्च घनत्व उपोष्ण कटिबंधीय फलों के अंतर्गत लाया जा चुका है। परियोजना में अभी तक कुल 122 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इसमें से 106 करोड़ रुपये की अदायगी एशियन विकास बैंक की और से की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त 114 प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से 3,687 बागवानों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। बागवानी क्षेत्र प्रदेश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण अंग है। बागवानों का कल्याण के लिए प्रदेश सरकार की ओर से बहुआयामी प्रयास किए जा रहे हैं। इन प्रयासों से प्रदेश में बागवानी क्षेत्र का समग्र विकास हो रहा है।
** 12 दिसंबर की कैबिनेट मीटिंग में लगेगी मुहर हिमाचल प्रदेश में गेस्ट टीचर पॉलिसी पर पहले भी विवाद हो चुका है, लेकिन अब नए सिरे से इस पर काम किया जा रहा है। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हाल ही में शिक्षा से जुड़ी एक कॉन्फ्रेंस में गेस्ट टीचर्स रखने को लेकर एक सुझाव दिया था। उसके बाद शिक्षा विभाग ने इस पर काम किया है।अब ऐसा विचार किया जा रहा है कि स्कूल व कॉलेज में प्रधानाचार्य जरूरत के अनुसार गेस्ट टीचर रख सकेंगे। कैबिनेट में इस विचार पर मुहर लगेगी। अभी राज्य सरकार के कार्यकाल के दो साल पूरा होने के समारोह के बाद 12 दिसंबर को कैबिनेट की मीटिंग बुलाई गई है। उस बैठक में गेस्ट टीचर रखने से संबंधित पहलुओं पर विचार किया जाएगा। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने हाल ही में सचिवालय में विभाग की एक लंबी बैठक ली है। उसमें भी इस विषय पर चर्चा हुई है। सरकार का ऐसा विचार है कि जिन स्कूलों में किसी विषय विशेष के अध्यापक नहीं हैं, वहां रोटेशन के आधार पर गेस्ट टीचर रखे जाएं। इसका जिम्मा संबंधित स्कूल के प्रधानाचार्य को दिया जाए। यह अस्थाई प्रावधान होगा। कई बार अचानक से कोई पद खाली होता है, किसी शिक्षक की ट्रांसफर होती है या फिर कोई रिटायर हो जाता है तो विषय विशेष को पढ़ाने वाला कोई नहीं होता। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। ऐसी परिस्थितियों में स्कूल या कॉलेज के प्रधानाचार्य नीड बेस्ड यानी जरूरत के आधार पर गेस्ट टीचर रख सकेंगे। ऐसे शिक्षकों को प्रति घंटा के आधार पर मानदेय दिया जाना प्रस्तावित है। ये टीचर रोटेशन के आधार पर रखे जाएंगे, ताकि उनका एक ही स्कूल में लंबा स्टे न हो जाए। इस बारे में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कैबिनेट एजेंडा तैयार करने को कहा है। शिक्षा मंत्री का कहना है कि कैबिनेट में गेस्ट टीचर रखने के अलावा विभाग के अन्य मसलों पर भी चर्चा होगी। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी गेस्ट टीचर्स को लेकर एक नीति का ऐलान हुआ था। उस नीति का काफी विरोध हुआ था, जिस पर सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने उसे वापस लेने की बात कही थी। उस समय भी सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा था कि इस मामले में सरकार के पक्ष को गलत समझा गया। दरअसल, सरकार पीरियड बेस्ट ऑवरली सिस्टम पर गेस्ट टीचर रखना चाहती थी। उस फैसले पर युवाओं का तर्क था कि यदि ऐसे ही पद भरे जाने हैं तो नेट, सेट व कमीशन आदि परीक्षाओं के लिए इतनी मेहनत करने की आवश्यकता ही क्या है। फिलहाल, अब स्कूल या कॉलेज प्रिंसिपल जरूरत के आधार पर अस्थाई व्यवस्था के तहत एक पैनल गठित कर उसकी सिफारिश पर टीचर रख सकेंगे।
** शिमला, ठियोग सहित ऊपरी क्षेत्रों में हुई सीजन की पहली बर्फबारी, ऑक्यूपेंसी में इजाफा हिमाचल प्रदेश में हुई ताजा बर्फबारी के बाद एकाएक सैलानियों की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है। रविवार को देर शाम शिमला के रिज मैदान पर बर्फ के फाहे गिरते ही सैलानी झूम उठे। बर्फबारी के बाद आने वाले दिनों में प्रदेश के पर्यटन स्थलों पर सैलानियों का जमावड़ा लगने की उम्मीद है। हालांकि, निचले इलाकों के लोग बारिश और बर्फबारी का इंतजार करे रहे हैं। क्रिसमस से पहले हिमाचल में हुई बर्फबारी से पर्यटन कारोबार में बूम आने की उम्मीद है। वहीं, लाहौल स्पीति और किन्नौर की ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी बर्फबारी हो रही है। मौसम विभाग ने पहले ही आज प्रदेश में बर्फबारी और बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया था। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से 8 से 10 दिसंबर तक प्रदेश के कई क्षेत्रों में मौसम खराब बने रहने का पूर्वानुमान है। वहीं, पहाड़ों पर बर्फबारी से राजधानी शिमला सहित अधिकांश क्षेत्रों के न्यूनतम तापमान में कमी दर्ज हुई है। शीतलहर की वजह से अच्छी खासी ठंड देखने को मिल रही है। अधिकतम पारा भी कम रहा है। सबसे कम तापमान लाहौल स्पीति के ताबो में -13.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जबकि सबसे अधिक तापमान ऊना में 25 डिग्री दर्ज किया गया। मैदानी जिलों में 10 और 11 दिसंबर को सुबह और शाम के समय कोहरा छाए रहने का अलर्ट जारी हुआ है। मौसम विभाग के निदेशक कुलदीप श्रीवास्तव ने कहा, प्रदेश में आज बर्फबारी को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया था, जिसके चलते ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी शुरू हो गई है। अगले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में बर्फबारी और बारिश होने की आशंका है, जबकि ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिले में अंधड़ चलने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, 10 और 11 दिसंबर को भाखड़ा बांध (बिलासपुर) और बल्ह घाटी (मंडी) के जलाशय क्षेत्र के कई हिस्सों में सुबह-शाम घना कोहरा छाया रहने की संभावना है।
** मौसम विभाग ने जताई संभावना, प्रदेश में हवाएं चलने से न्यूनतम तापमान गिरा हिमचल प्रदेश में रविवार से बारिश और बर्फबारी का दौर शुरू होने की संभावना है। मौसम विभाग ने जैसा पूर्वानुमान दिया था, उसके अनुसार मौसम ने करवट ले ली है। इसके बाद मौसम विभाग ने आठ दिसंबर को राज्य के आठ जिलों में बारिश होने की संभावना जताई है और चार जिलों के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने की संभावना बताई है। प्रदेश के मैदानी व कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बारिश होने की बात कही गई है। रविवार को मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में भी बारिश व बर्फबारी की संभावना जताई है, तो उच्च पर्वतीय स्थानों पर बारिश, बर्फबारी बताई गई है। कुल मिलाकर रविवार आठ दिसंबर से हिमाचल के मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। शनिवार की बात करें, तो राजधानी शिमला समेत प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में धूप तो थी, मगर ठंडी हवाएं भी साथ चल रही थीं। शिमला में पूरा दिन ठंडी हवाएं चलती रहीं, जिससे यहां न्यूनतम तापमान में गिरावट देखी गई। इसी तरह से प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी हवाएं चलने से मौसम में परिवर्तन देखने को मिला है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक प्रदेश के लाहुल-स्पीति, किन्नौर, चंबा, कांगड़ा, शिमला व कुल्लू की चोटियों में बर्फबारी होने का पूर्वानुमान है। राज्य के सोलन, सिरमौर, ऊना, बिलासपुर, मंडी व हमीरपुर में भी गर्जन के साथ बारिश होने का पूर्वानुमान लगाया गया है। ऐसे में मैदानों सहित पहाड़ों पर लोगोंं को रविवार को ठंड का सामना करना पड़ेगा। तापमान की बात करें, तो कल्पा, केलांग, कुकुमसेरी, समदो व ताबो का न्यूनतम तापमान माइनस डिग्री में रिकार्ड किया जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक डा. कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि प्रदेश में रविवार से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो जाएगा। रविवार को चोटियों पर बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में बारिश होगी। राज्य में 10 दिसंबर तक मौसम खराब बना रहेगा, जबकि 11 से 13 दिसंबर के बीच मौसम साफ होगा।


















































