**ओपीएस के लिए जयराम ने कर्मचारियों को दी थी चुनाव लड़ने की चुनौती **भाजपा ने नोट के दम पर रची चुनी हुई सरकार को गिराने की साज़िश **मुख्यमंत्री ने देहरा विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस पार्टी के लिए प्रचार मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और भाजपा ने धनबल के अहंकार में जनता की ताक़त को कुछ नहीं समझते। पहले उन्होंने पुरानी पेंशन प्राप्त करने के लिए सरकारी कर्मचारियों को चुनाव लड़ने की चुनौती थी और फिर विधानसभा में कहा कि इस सरकार को भगवान भी नहीं बचा सकता। उन्होंने कहा कि सरकार गिराने की साज़िश में कांग्रेस पार्टी के छह बागी विधायकों और तीन निर्दलीय विधायकों ने भाजपा का साथ दिया, लेकिन जनता ने धनबल की राजनीति को नकार कर कांग्रेस विधायकों की संख्या 34 से बढ़ाकर 38 कर दिया। उन्होंने कहा कि इतिहास में पहली बार निर्दलीय विधायक अपना इस्तीफ़ा स्वीकार कराने के लिए धरने पर बैठे और कोर्ट गए। इसकी असली वजह भाजपा से डील की रुकी हुई दूसरी किश्त थी। इस्तीफ़ा स्वीकार होने के बाद अब होशियार सिंह समेत तीनों निर्दलीय विधायकों को अटैची मिल चुकी है। होशियार सिंह ने देहरा विधानसभा क्षेत्र के सम्मान को भाजपा के पास गिरवी रखा और अब देहरा की जनता इस अपमान का बदला लेने को तैयार है। उन्होंने कहा कि देहरा से भाजपा प्रत्याशी होशियार सिंह अब उस धन से जनता को वोट ख़रीदने का प्रयास करेंगे, लेकिन जनता विकास को चुनेगी और कांग्रेस प्रत्याशी कमलेश ठाकुर को भारी मतों से विजयी बनाएँगे। मुख्यमंत्री आज देहरा विधानसभा क्षेत्र के खैरियां, बौंगता, बाड़ी, शिवनाथ, ध्वाला, ठाकुरद्वारा, मूहल, रजोल और देहरा में कांग्रेस प्रत्याशी कमलेश ठाकुर के पक्ष में चुनाव प्रचार के दौरान यह बात कही। उन्होंने कहा देहरा में होशियार सिंह सिर्फ वोट की राजनीति करने में व्यस्त रहे और क्षेत्र के विकास को अनदेखा किया। होशियार सिंह की अपनी गृह पंचायत के लोग भी विकास को तरस रहे हैं। उनकी प्राथमिकता अपने रिजॉर्ट को काम पूरा करना है और विकास से उनका कोई लेना देना नहीं है। छह महीने पहले जब वह हरिपुर आए तो निर्दलीय विधायक की हर माँग को पूरा किया, लेकिन काम न होने का आरोप लगाकर वह भाजपा की साज़िश में शामिल होकर अपनी विधायकी बेच डाली। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस सरकार से निर्दलीय विधायक को दिक्कत थी तो भाजपा के साथ बैठ जाते, उप-चुनाव का बोझ जनता पर क्यों डाला। विपक्ष में बैठ कर होशियार सिंह कैसे अपने क्षेत्र का विकास कैसे करवाएँगे। उन्होंने कहा कि भाजपा के ईमानदार कार्यकर्ता भी होशियार सिंह का साथ नहीं देंगे क्योंकि विधायक रहते हुए उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित किया। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि होशियार सिंह ने देहरा की जनता से बिना पूछे इस्तीफ़ा दिया और अब दोबारा साढ़े तीन साल के लिए विधायक बनने को वोट मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार पांच साल का कार्यकाल पूरा करेगी और देहरा की समस्याओं का समाधान भी करेगी। होशियार सिंह की बुद्धि भ्रष्ट होने से देहरा की तक़दीर बदल गई है और एक साल के भीतर देहरा की तस्वीर कांग्रेस सरकार बदल देगी। पौंग बांध विस्थापितों की मदद के लिए अगर क़ानून भी बदलना पड़ा तो क़ानून भी बदल देंगे। देहरा में पुलिस अधीक्षक कार्यालय तथा एसई (लोक निर्माण विभाग) का कार्यालय भी खोला जाएगा, जिसकी अधिसूचना चुनाव के बाद जारी की जाएगी। उन्होंने कहा कि पहली बार कांग्रेस पार्टी ने निचले क्षेत्र से एक आम परिवार के व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाया है। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सत्ता में आने के बाद से ही कांग्रेस सरकार ने राज्य के संसाधनों की लूट को बंद करने के लिए प्रयास किए और एक वर्ष में ही 2200 करोड़ रुपए का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि इंदिरा गाँधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना के अंतर्गत प्रदेश में 18 वर्ष से अधिक आयु की पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1500 रुपये पेंशन प्रदान कर रही है और इस योजना के तहत अब तक तीन किश्तों के 4500 रुपए वितरित किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार डॉ. वाई एस परमार विद्यार्थी ऋण योजना के अंतर्गत गरीब विद्यार्थियों को एक प्रतिशत ब्याज की दर पर 20 लाख रुपये का कर्ज़ उच्च शिक्षा के लिए उपलब्ध करवाया जा रहा है। इसके अतिरिक्त अनाथ बच्चों की देखभाल तथा उनकी शिक्षा के लिए मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना आरंभ की है और चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट के रुप में अपनाया है। उन्होंने कहा कि विधवा महिलाओं के 27 वर्ष के बच्चों की उच्च शिक्षा का खर्च भी राज्य सरकार ही वहन कर रही है। गाय का दूध 45 रुपए और भैंस का दूध 55 रुपए प्रति लीटर की दर से ख़रीदा जा रहा है और प्राकृतिक खेती से पैदा होने वाले गेहूं को 40 रुपए तथा मक्की को 30 रुपए प्रति किलो की दर से ख़रीदा जाएगा। इस अवसर पर ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, विधायक संजय रतन, अजय सोलंकी, प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा सहित अन्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
कांगड़ा: पूर्व केंद्रीय मंत्री व हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने देहरा विधानसभा में हो रहे उपचुनाव में बीजेपी पार्टी प्रत्याशी होशियार सिंह के पक्ष में चुनाव प्रचार किया। इस दौरान उन्होंने सीएम सुक्खू पर जमकर हमला बोला। सांसद ने कहा देहरा में कांग्रेस आपसी अंतर्कलह से जूझ रही है। कांग्रेस के देहरा से पूर्व विधानसभा प्रत्याशी डॉ. राजेश शर्मा ने जो आरोप सीएम सुक्खू पर लगाए हैं वह बहुत गंभीर हैं। कांग्रेस को जब देहरा में चुनाव लड़ने के लिए कोई योग्य उम्मीदवार नहीं मिला तो कांग्रेस ने बाहरी उम्मीदवार को यहां से टिकट देने का काम किया। अनुराग ठाकुर ने तंज कसते हुए कहा जिसको नादौन ने नकारा उसे देहरा भी कभी स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने कहा लोकसभा चुनाव में सीएम के गृह विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी को लीड मिली थी और यही कुछ देहरा उपचुनाव में होगा। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री और कांग्रेस प्रत्याशी का देहरा से कोई संबंध नहीं है। प्रदेश कांग्रेस सरकार द्वारा लिए गए कर्ज पर सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कांग्रेस ने डेढ़ साल में 25 हजार करोड़ रुपये का कर्ज लेकर प्रदेश पर कर्ज का बोझ 95 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचा दिया है। कांग्रेस ने प्रदेश को कुछ नहीं दिया बल्कि यहां चल रहे संस्थानों व अन्य सुविधाओं को बंद कर दिया। उन्होंने कहा कांग्रेस ने अपने मित्रों को लाभ पहुंचाने के अलावा बीते 18 महीनों में कुछ नहीं किया। इसके अलावा अनुराग ठाकुर ने कहा बीते साल हिमाचल में आपदा आई थी तब लोगों ने कांग्रेस का असल चरित्र देखा था। मोदी सरकार ने राहत के लिए तुरंत ₹1762 करोड़ रुपये हिमाचल प्रदेश के लिए मुहैया करवाए थे। मनरेगा के तहत हजारों करोड़ रुपये दिए गए। प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत 2700 करोड़ रुपये दिए गए। इसके साथ करीब 20 हजार ग्रामीण आवास भी दिए गए लेकिन कांग्रेस की सरकार ने लोगों को राहत पहुंचाने की जगह भाई-भतीजावाद की राजनीति की।
2008 बैच के एचएएस अधिकारी श्रवण मांटा, जो वर्तमान में हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशक के रूप में सेवारत हैं, को हिमाचल प्रशासनिक अधिकारी संघ (एचएएस) का अध्यक्ष चुना गया तथा प्रशांत सिरकेक, जो कि हिपा के अतिरिक्त निदेशक के रूप में सेवारत हैं, को शनिवार को हाइब्रिड मोड के माध्यम से आयोजित संघ की वार्षिक आम सभा की बैठक में महासचिव चुना गया। एचएएस संघ एचएएस अधिकारियों का एक पंजीकृत निकाय है, जो सेवा के मानक और सेवा की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए सुझावात्मक भूमिकाओं के साथ-साथ सेवा अधिकारियों की सेवा शर्तों, कैरियर की प्रगति और कल्याण की देखभाल करता है। एचएएस अधिकारी राज्य के विकास में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और आपदाओं के दौरान अधिकारियों की भूमिका अनुकरणीय थी। पिछले साल हुई आपदा के दौरान सेवा अधिकारियों द्वारा 20 लाख से अधिक का योगदान दिया गया था।
उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने द टाईम्स ऑफ इंडिया के वरिष्ठ सहायक सम्पादक आनन्द बोध के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि श्री बोध ने अपना जीवन पत्रकारिता के उच्च सिद्धान्तों को बनाए रखने के लिए समर्पित किया है। आज श्री बोध का इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल शिमला में हृदय गति रुकने के कारण निधन हुआ। उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि एक पत्रकार के नाते उन्हें भी आनन्द बोध सहित वरिष्ठ एवं समर्पित पत्रकारों के साथ काम करने का मौका मिला, जिससे उन्हें पत्रकारों द्वारा जनता को जागरूक करने के प्रयासों के पीछे के संघर्ष को जानने का अवसर भी प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि बोध ने बतौर पत्रकार हिमाचल के महत्त्वपूर्ण मुद्दों को बखूबी जनता के समक्ष रखा। उन्होंने कहा कि आनन्द बोध सदैव तथ्य पर आधारिता पत्रकारिता के पक्षधर रहें, जिसके कारण उन्होंने पत्रकारिता क्षेत्र में सम्मान पाया। उनका जाना पत्रकारिता क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर तथा निदेशक सूचना एवं जन सम्पर्क राजीव कुमार ने द टाईम्स ऑफ इंडिया के वरिष्ठ सहायक सम्पादक आनन्द बोध के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि बोध को हिमाचल के पत्रकारिता जगत में उनके अतुलनीय योगदान के लिए सदैव स्मरण किया जाएगा। आज उनका इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल शिमला में हृदय गति रुकने के कारण निधन हुआ। उन्होंने कहा कि आनन्द बोध को तथ्य आधारित पत्रकारिता एवं हिमाचल के हितों से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए सदैव याद किया जाएगा। उनका जाना पत्रकारिता क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने परमपिता परमात्मा से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह ने कहा कि प्रदेश की तीनों विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस भारी बहुमत से जीत हासिल कर रही है। हमीरपुर, देहरा व नालागढ़ के मतदाताओं का रुझान कांग्रेस के पक्ष में है और लोग प्रदेश में कांग्रेस सरकार को मजबूत करने के लिए एकजुट हैं। तीन उपचुनाव के बाद प्रदेश में कांग्रेस विधायकों की संख्या 41 होने जा रही है। प्रतिभा सिंह ने कहा कि भाजपा का कोई भी राजनीतिक दांव अब प्रदेश में चलने वाला नहीं है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश में उपचुनाव के लिए भाजपा पूरी तरह जिम्मेदार है और इससे वह कभी भी दोषमुक्त नहीं होगी। प्रतिभा सिंह ने कहा है कि तीनों पूर्व निर्दलीय विधायकों ने अपने मतदाताओं के उस भरोसे को तोड़ा है, जिसके लिए उन्होंने उन्हें चुना था। इसलिए उन्हें अब क्षेत्र के लोग कभी माफ नहीं करेंगे। उन्होंने कहा है कि इन तीनों पूर्व विधायकों को लोगों से अपने इस कृत्य के लिए माफी मांगनी चाहिए। प्रतिभा सिंह ने पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं से कहा है कि अब चुनाव के तीन दिन शेष हैं। मतदाताओं को सचेत करते हुए पार्टी के प्रति अपनी जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा व ईमानदारी से पूरा करना है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार ने कर्मचारियों को ओपीएस बहाल कर व महिलाओं को 1500 रुपए की सम्मान राशि जारी कर अपनी गारंटी को पूरा किया है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस जनहित के प्रति पूरी तरह समर्पित है। प्रतिभा सिंह ने कहा है कि भाजपा झूठी बयानबाजी कर लोगों को गुमराह करने का असफल प्रयास कर रही है। लोग भाजपा की नीति व नियत से भली भांति परिचित है। सत्ता हथियाने के लिए प्रदेश में पूर्ण बहुमत वाली कांग्रेस सरकार को जिस प्रकार से अस्थिर करने की कोशिश की गई थी वह प्रदेश के लोकतंत्र व जनमत का अपमान था जिसे कभी सहन नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार पूरी तरह मजबूत है जो अपना कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा करेगी।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शनिवार शाम हमीरपुर में कहा कि पूर्व निर्दलीय विधायक आशीष शर्मा को पूरा मान-सम्मान दिया। मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली रैली हमीरपुर में की, उनके घर सुबह का नाश्ता किया। उनके काम किए, हमीरपुर बस स्टैंड का निर्माण कार्य शुरू करवाया। हमीरपुर में चीफ इंजीनियर इलेक्ट्रिकल, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का कार्यालय, परिवहन अपीलेट प्राधिकरण का कार्यालय खोला। गांधी चौक का सौंदर्यीकरण किया, हमीरपुर शहर में बिजली की तारों को हटाने के लिए 20 करोड़ रुपये जारी किए। बावजूद इसके आशीष शर्मा बिक गए। सुक्खू ने कहा कि हमीरपुर के तीन विधायकों ने हमीरपुर जिला के मुख्यमंत्री और कांग्रेस सरकार को हटाने का षड्यंत्र भाजपा के साथ मिलकर रचा। यह वही लोग हैं, जिन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल को सुजानपुर में हराने की साजिश रची थी। ये लोग हमीरपुर विरोधी हैं, अपने जिला का मुख्यमंत्री नहीं चाहते। दुख होता है जब अपने जिले के तीन विधायक गद्दारी करें और अन्य जिलों के विधायक कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे। 34 विधायकों की ताकत से आगे बढ़े और आज हमारे विधायकों की संख्या बढ़कर 38 हो चुकी है। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार अभी साढ़े तीन साल और है। पूर्व निर्दलीय विधायक आशीष शर्मा बहरूपिया हैं, उन्होंने जनता के स्वाभिमान व अपने ईमान को भाजपा की राजनीतिक मंडी में बेचा है। उन्होंने अपने जिले के मुख्यमंत्री को धोखा दिया। वह सच्चा जनसेवक नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 14 महीने में क्षेत्र का विकास नहीं किया, अपने लिए 140 करोड़ के ठेके लिए। सारा रिकॉर्ड सार्वजनिक किया जा चुका है, कोई भी आरटीआई ले सकता है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने देहरा में कहा कि होशियार सिंह विधायक बनने के लिए नहीं, अपने अधूरे रिजॉर्ट का काम पूरा कराने के लिए वोट मांग रहे हैं। छह महीने पहले उन्होंने देहरा आकर क्षेत्र के लिए घोषणाएं कीं और अब कह रहे हैं कि उनके काम कांग्रेस सरकार में नहीं हो रहे थे। इस्तीफा देने से पहले उन्होंने देहरा के मतदाताओं से एक बार पूछा तक नहीं। राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार के चोर दरवाजे बंद कर प्रदेश की आर्थिक स्थिति में 20 प्रतिशत का सुधार लाकर 2200 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व अर्जित किया है।
जिला पुलिस नूरपुर ने थाना जवाली के अधीन ताहलियां में एक ट्राले से अवैध शराब की खेप पकड़ी है। प्राप्त जानकारी अनुसार ट्राला 32 मील से जवाली की तरफ आ रहा था कि हेड कांस्टेबल सुग्रीव सिंह व केवल सिंह के नेतृत्व में पुलिस द्वारा लगाए गए नाके में बीती रात ताहलियां में एक ट्राले को रोका गया तो ट्राला चालक मौके से फरार हो गया। ट्राले में करीबन 33 पेटी देशी शराब बरामद हुई। पुलिस ने ट्राला व शराब को कब्जे में ले लिया है और चालक के खिलाफ केस दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। एसपी नूरपुर अशोक रतन ने पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने ट्राला से ताहलियां में 33 पेटी अवैध शराब पकड़ी है। चालक मौके से फरार हो गया है। पुलिस ने चालक के खिलाफ केस दर्ज कर आगामी जांच शुरू कर दी है।
मंडी शहर में शनिवार को लगातार तीसरे दिन भी पेयजल के लिए हाहाकार मचा रहा। हालात यह है कि प्राकृतिक जल स्रोतों पर लोगों की भीड़ लग रही है। सुबह-शाम लोग प्राकृतिक स्रोतों से पानी लाकर गुजारा कर रहे हैं। मानसून की पहली ही बारिश से मंडी शहर की करीब 84 करोड़ रुपये खर्च कर बनाई ऊहल पेयजल योजना हांफ गई है। करोड़ रुपये खर्च करने के बावजूद बरसात में गाद भरने जैसी स्थिति से निपटने और निर्बाध पेयजल मुहैया करवाने के लिए पुख्ता प्रबंध नहीं किए जा सके हैं। बरसात की शुरूआत में ही महत्वपूर्ण पेयजल योजना के हांफने से मंडी शहर के लोगों में भारी आक्रोश है। योजना के ठप होने से लगातार तीसरे दिन भी पेयजल की सप्लाई न मिलने से शहर में स्थिति बिगड़ने लगी है। लोगों को प्राकृतिक स्रोतों से पानी लाना पड़ रहा है। इससे दिनचर्या के लिए पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, ऐसे में लोगों को पानी के टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं। बावड़ियों और अन्य स्रोतों पर भी पानी के लिए लोगों की कतारें लग रही हैं। मंडी शहर के जैंचू नौण, शिवा बावड़ी, स्कूल बाजार, पैलेस कालोनी, पुलघराट आदि स्थानों पर शनिवार को दिनभर पानी के लिए लोगों की भीड़ जुटी रही। शहरवासियों में अशोक कुमार, रचना, रीता देवी, राजेश ठाकुर, नरेंद्र सैणी, राकेश, संजीव कुमार, निशांत, ओम प्रकाश, शिवम, धर्मचंद, रेखा आदि ने बताया कि पेयजल के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। विभाग को चाहिए कि बरसात में पेयजल के लिए पुख्ता इंतजाम करें। बारिश के कारण बरोट से लगातार पानी ऊहल नदी में छोड़ा जा रहा है। इससे नदी के आर-पार बनी ट्रेंच वीयर में बार-बार गाद भर रही है। ट्रेंच वीयर में लगा ट्रैश रैक बंद हो रहा है। इसे साफ करने के लिए कर्मचारी को ट्रेंच वीयर में उतरना पड़ेगा, जिसकी इस समय गहराई 4 से 5 फीट है। इसके ऊपर तीन से चार फीट पानी की गहराई है। ऐसे में इसकी अभी सफाई करना संभव नहीं हो पा रहा है। शहर के कुछ इलाकों में वैकल्पिक व्यवस्था से पेयजल सप्लाई देने का प्रयास किया जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश सरकार की इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना को लेकर युवतियां और महिलाएं उत्साहित हैं। योजना के तहत 1500 रुपये के फार्म जमा करवाने के लिए इन दिनों जिला कल्याण कार्यालय (डीडब्लयूओ) में महिलाओं की लाइनें लग रही हैं। जिला कल्याण कार्यालय में शिमला ग्रामीण और शिमला शहरी के तहसील कल्याण कार्यालय हैं। यहां रोजाना सैकड़ों की संख्या में महिलाएं आवेदन जमा करवाने पहुंच रही हैं। कई बार महिलाओं की संख्या अधिक होने से लाइनें कार्यालय के बाहर तक पहुंच रही हैं। जिला कल्याण विभाग के मुताबिक 17 मार्च से 30 जून तक जिलाभर से करीब 70,532 आवेदन मंजूरी के लिए पहुंचे हैं। इसमें चौपाल से सबसे ज्यादा 11,891, ठियोग से 9,377 और रोहड़ू से 7,167 आवेदन आए हैं। इसके अलावा रामपुर से 7,093, चिड़गांव से 5,724, कुमारसैन से 5,707, शिमला ग्रामीण से 5,652, कोटखाई से 4,500, जुब्बल से 4,189, सुन्नी से 3,779, ननखरी से 3,625, शिमला शहरी से 1,281 और डोडरा-क्वार से 547 आवेदन आए हैं। अब आवेदनों की छंटनी की जा रही है। प्रक्रिया पूरी होते ही इन्हें भी लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। जिला कल्याण अधिकारी केआर चौहान के मुताबिक योजना के तहत महिलाओं के आवेदनों की छंटनी प्रक्रिया जारी है। सुख सम्मान निधि योजना के तहत जिले में करीब 2,569 महिलाएं लाभान्वित हो चुकी हैं। महिलाओं को अप्रैल से जून तक के प्रतिमाह 1500-1500 रुपये जारी किए हैं। प्रदेश सरकार ने 14 जून को जिले में करीब 2,569 महिलाओं को योजना के तहत तीन माह की राशि एकमुश्त जारी कर एक करोड़ 15 लाख 60 हजार 500 रुपये की धनराशि वितरित की थी। विभाग के मुताबिक लोकसभा चुनाव से पहले (16 मार्च तक) फॉर्म जमा करवाने वाली महिलाओं को यह राशि जारी की है।
मंडी: शनिवार को मंडी शहर के टाउन हॉल में दो दिवसीय सातवां नेशनल स्वात फेडरेशन कप शुरू हो गया है। इस फेडरेशन कप का शुभारंभ नगर निगम के मेयर वीरेंद्र भट्ट ने किया। स्वात फ्रेंच बॉक्सिंग एसोसिएशन की ओर से आयोजित इस प्रतियोगिता में 12 राज्यों हिमाचल, पंजाब, बिहार, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गुजरात, चंडीगढ़, राजस्थान और दिल्ली के 250 महिला व पुरुष खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। इस प्रतियोगिता में अवल्ल रहने वाले खिलाड़ियों को राष्ट्रीय चैंपियनशिप में दमखम दिखाने का मौका मिलेगा। इस मौके पर नगर निगम मेयर ने मंडी में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता करवाने के लिए स्वात फ्रेंच बॉक्सिंग एसोसिएशन का शुक्रिया अदा करते हुए इंडोनेशिया में कांस्य पदक जीतने वाले मंडी के वरुण वालिया को भी बधाई दी। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहकर खेलों में बढ़-चढ़ कर भाग लेने की अपील की। वहीं, प्रेसिडेंट ऑल इंडिया स्वात फ्रेंच बॉक्सिंग हंसराज ने बताया कि वह पिछले 8 सालों से पूरे देश में 6 लाख बच्चों को आत्मरक्षा के गुर सिखा चुके हैं। इस प्रतियोगिता के बाद नेशनल चैंपियनशिप करवाई जाएगी, जिसमें अवल्ल रहने वाले खिलाड़ी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली प्रतियोगिता में भाग लेकर देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। प्रतियोगिता के पहले दिन आयोजित मुकाबलों में हिमाचल के मंडी जिला के 3 बॉक्सर, 2 महिला खिलाड़ी होमानी और वरूणिका और एक पुरुष खिलाड़ी वरुण सेमीफाइनल में पहुंच गए हैं। इसके अलावा दूसरे राज्यों के खिलाड़ियों ने भी बॉक्सिंग रिंग पर खूब पसीना बहाया। इस अवसर पर नगर निगम के पार्षद वीरेंद्र सिंह आर्य, स्वात फ्रेंच बॉक्सिंग एसोसिएशन के संस्थापक सुखविंद्र सिंह, राष्ट्रीय अध्यक्ष हंस राज, राष्ट्रीय महासचिव परमजीत कौर व हिमाचल राज्य के महासचिव संतोष कुमारी व अन्य मौजूद रहे।
पुलिस थाना इंदौरा के तहत एक अज्ञात व्यक्ति का श*व बयास नदी स्थित घण्डरां में मिला है। पंचायत प्रधान जुगल किशोर ने इस संदर्भ में पुलिस को सूचित किया, जिस पर अतिरिक्त प्रभारी पुलिस थाना इंदौरा नरेश कुमार पुलिस दल सहित घटनास्थल पर पहुँचे व श*व को कब्जे में लेकर छानबीन शुरु कर दी। जानकारी के मुताबिक श*व निर्वस्त्रअवस्था में नदी में पड़ा हुआ था, ऐसे में उसकी ह*त्या कर श*व फेंके जाने के भी अनुमान लगाए जा रहे हैं। वहीं डी.एस.पी. विशाल वर्मा ने बताया कि पुलिस ने श*व को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल नूरपुर भेज दिया है। श*व की शिनाख्त नहीं हो पाई है। श*व को पहचान हेतु सिविल अस्पताल नूरपुर में अगले 72 घण्टों के लिए रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि पुलिस विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जाँच कर रही है।
ज़िला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने बताया कि नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र के उप-चुनाव के दृष्टिगत मतदान केन्द्र 87 दत्तोवाल-2 जो राजकीय प्राथमिक पाठशाला दत्तोवाल (पश्चिमी भाग) में जर्जर हालत में स्थित था, स्कूल प्रशासन द्वारा गिरा दिया गया है। अब इस मतदान केन्द्र को राजकीय प्राथमिक पाठशाला दत्तोवाल के परिसर में ही स्थित दूसरे भवन (दक्षिण भाग) में परिवर्तित किया गया है। इस बारे में ज़िला निर्वाचन अधिकारी की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है।
आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा आज के समय की मांग है और इसके संवर्धन के लिए आने वाले समय प्रदेश सरकार महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। ज्वालामुखी में आज शनिवार को आयुष विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए आयुष मंत्री यादविंद्र गोमा ने यह बात कही। आयुष मंत्री ने बैठक में विभागीय कार्यों की समीक्षा करते हुए विभाग के बेहतर संचालन हेतु अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिए। इस दौरान ज्वालामुखी के विधायक संजय रतन भी उपस्थित रहे। यादविंद्र गोमा ने कहा कि आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सरकार आने वाले समय में आवश्यक कदम उठाने जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रत्येक प्रशासनिक उपमंडल में आयुष विभाग का उपमंडल है। वहीं ज्वालामुखी उपमंडल फिलहाल देहरा आयुष उपमंडल के अन्तर्गत ही आता है। गोमा ने कहा कि ज्वालामुखी को आयुर्वेदिक उपमंडल बनाने की दिशा में विचार किया जा रहा है और इस दिशा में सरकार द्वारा जल्द ही निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके बाद यहां उपमंडलीय आयुष अधिकारी की नियुक्ति भी की जाएगी। यादविंद्र गोमा ने कहा कि आज केवल भारत ही नहीं अपितु पूरा विश्व आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा की ओर बड़ी आशा की दृष्टि से देख रहा है। आयुर्वेद आज के युग में दुनिया के लिए बड़ा वरदान साबित हो सकता है, इसके लिए इससे जुड़े लोगों को अधिक परिश्रम करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हमारे प्रदेश पर प्रकृति की अनंत कृपा होने की वजह से यहां आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा के संवर्धन की भरपूर संभवानाएं हैं। इसके लिए सरकार हर क्षेत्र में आयुष विभाग से जुड़े संस्थानों और इंफ्रास्ट्रक्चर को दुरुस्त करने के लिए गंभीर प्रयास कर रही है। आयुर्वेदिक संस्थानों में व्यवस्थाओं को दुरुस्थ करने का कार्य किया जाएगा, जिससे प्रदेश में आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा को बढ़ावा मिलेगा। आयुष मंत्री ने इस दौरान विभागीय अधिकारियों की समस्याओं और सुझावों को सुनते हुए, इन पर गंभीरतापूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सीएम सुक्खू विभाग की आवश्यकताओं को बखूबी समझते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में आने वाले समय में विभाग में महत्वपूर्ण बदलाव लाने की दिशा में काम हो रहा है। आमजन के प्रति आयुष विभाग की जिम्मेदारियों सहित विभाग के चिकित्सकों और अन्य कर्मचारियों की अपेक्षाओं को लेकर भी सरकार महत्वपूर्ण कदम उठाएगी। इस अवसर पर ज्वालामुखी के विधायक संजय रतन ने कहा कि आज के समय में आयुर्वेद के प्रति लोगों का रूझान बहुत तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण समय में विभाग के अधिकारियों और चिकित्सकों को और अधिक अनुसंधान करके लोगों को बेहतर उपचार उपलब्ध करवाने की दिशा में कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारे प्रदेश में बहुत सी दुर्लभ जड़ी-बूटियां उपलब्ध हैं। उन्होंने विभाग के अधिकारियों को इनका दोहन कर प्रदेश में ही आयुर्वेदिक औषधियों के निर्माण के दिशा में कार्य करने की बात कही। उन्होंने कहा कि मंत्री यादविंद्र गोमा के सहयोग से ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र में भी आने वाले समय में आयुर्वेदिक संस्थानों के निर्माण और सुधारिकरण की दिशा में तेज गति से कार्य होगा। इस दौरान आयुष विभाग में ओएसडी डॉ. सुनीत पठानिया, जिला आयुष अधिकारी डॉ. राजीव भारद्वाज, एसडीएएमओ देहरा डॉ. अरूण शर्मा, डॉ. सोनिका शर्मा, अध्यक्ष नगर परिषद ज्वालामुखी धर्मेंद्र शर्मा सहित विभाग के अधिकारी और चिकित्सक उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज देहरा विधानसभा क्षेत्र के लुदरेट, नंदपुर भटोली, जलरियां, गुलेर, गठूटर तथा भटोली फकोरियां में कांग्रेस पार्टी के पक्ष में ताबड़तोड़ चुनाव प्रचार किया और पार्टी प्रत्याशी कमलेश ठाकुर के पक्ष में वोट माँगे। सीएम सुक्खू ने कहा कि कांग्रेस सरकार किसी भी पौंग बांध विस्थापित परिवार को भूमिहीन नहीं रहने देगी। उन्होंने कहा कि वह स्वयं इस मामले को देखेंगे और क़ानून भी बदलना पड़ा तो क़ानून बदल देंगे, लेकिन विस्थापितों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 1972 से 20,722 प्रभावित परिवार न्याय की आस में दर-दर भटक रहे हैं लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ लेकिन अब कांग्रेस सरकार उनकी समस्याओं को सुलझाएगी। उन्होंने कहा कि देहरा के पूर्व विधायक होशियार सिंह केवल छह साल तक अपने विकास में लगे रहे और देहरा की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया। कभी कल्पना भी नहीं की कि देहरा इतना पिछड़ा होगा और लोगों को बिजली, पानी और सड़क की समस्या से भी जूझना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि देहरा अब हमारा हो चुका है और यहां की समस्याओं का समाधान करना मेरा दायित्व है। उन्होंने कहा कि अच्छा होता होशियार सिंह अपना इस्तीफ़ा मंज़ूर कराने को धरना देने की बजाय देहरा की समस्याओं के लिए धरना प्रदर्शन करते। लेकिन पूर्व विधायक एक चुनी हुई सरकार को गिराने की षड्यंत्र में शामिल हो गए और भाजपा की राजनीतिक मंडी में बिक गए। एक महीने तक होशियार सिंह पंचकूला, गुड़गाँव तथा हरिद्वार के महँगे होटलों में देहरा से बाहर रुके रहे। उन्होंने कहा कि इस्तीफ़ा मंज़ूर न होने के कारण भाजपा से मिलने वाली उनकी दूसरी किश्त रुकी हुई थी और अब दूसरी किश्त का अटैची उनके पास पहुँच गया है, लेकिन राज्य सरकार की इस धन पर पूरी नज़र है और होशियार सिंह यह पैसा वोट ख़रीदने के लिए इस्तेमाल करने वाले हैं। उन्होंने कहा कि जनता पूर्व विधायक से डबल-ट्रिपल पैसा ले क्योंकि यह जन भावनाओं का सौदा कर कमाया हुआ धन है, लेकिन वोट कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी को दे। सीएम सुक्खू ने कहा कि जब देहरा की जनता से पांच वर्ष के लिए होशियार सिंह को निर्दलीय विधायक के रूप में चुना था, तो उन्हें डेढ़ साल में ही त्यागपत्र देने की क्या आवश्यकता थी। अब विधायकी छोड़कर साढ़े तीन वर्ष के लिए दोबारा विधायक बनने के लिए वोट मांग रहे हैं। विधायक पद से इस्तीफ़ा देने से पहले उन्होंने देहरा के मतदाताओं से एक बार पूछा तक नहीं कि वह इस्तीफ़ा दें या न दें। उन्होंने कहा कि होशियार सिंह विधायक बनने के लिए वोट नहीं मांग रहे, बल्कि अपने अधूरे रिजॉर्ट का काम पूरा कराने के लिए वोट मांग रहे हैं। छह महीने पहले मैंने देहरा आकर क्षेत्र के लिए घोषणाएँ की और होशियार कह रहे हैं कि मेरे काम कांग्रेस सरकार में नहीं हो रहे। सत्य यह है कि विधायक रहते हुए भी होशियार सिंह अपने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर कभी नहीं आए। विधायक को प्रति वर्ष क्षेत्र के विकास के लिए दो करोड़ मिलते हैं, होशियार सिंह बताएँ छह साल के 12 करोड़ रुपए कहां गए। उन्होंने कहा कि पूर्व विधायक अब जनता के सामने बेनक़ाब हो चुके हैं और बिके हुए विधायक को सबक़ सिखाने के लिए तैयार है। प्रदेश की जनता ने कांग्रेस विधायकों की संख्या 34 से बढ़ाकर 38 कर दी है। यह देहरा का भाग्य ही होगा कि उनकी धर्मपत्नी कमलेश ठाकुर को कांग्रेस आलाकमान ने एक सर्वे के आधार पर पार्टी का प्रत्याशी बनाकार चुनाव मैदान में उतारा है और अब क्षेत्र का विकास सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता सँभालने के पहले ही दिन से लोगों के कल्याण के लिए काम कर रही है। अनाथ बच्चों के लिए मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना के तहत 4000 अनाथ बच्चों को अपनाया है। विधवाओं और एकल महिलाओं को घर बनाने के लिए 3 लाख रुपए आर्थिक मदद के साथ-साथ उनके 27 वर्ष तक के बच्चों की उच्च शिक्षा का खर्च राज्य सरकार उठा रही है। 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों के इलाज का खर्च कांग्रेस सरकार वहन कर रही है। गाय का दूध 45 रुपए और भैंस का दूध 55 रुपए प्रति लीटर की दर से ख़रीदा जा रहा है। मनरेगा की दिहाड़ी 240 रुपए से बढ़ाकर 300 रुपए की गई है। महिलाओं को 1500 रुपए पेंशन प्रदान कर रही है और देहरा की 1045 महिलाओं को तीन महीने के 4500 रुपए उनके खाते में डाल दिए गए हैं। इसके साथ ही प्रदेश के 1.36 लाख सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन बहाल की है। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि आपदा में कांग्रेस सरकार ने बिना केंद्र सरकार की सहायता के प्रभावित 22 हजार परिवारों को फिर से बसाया और उनके पुनर्वास के लिए 4500 करोड़ रुपए का विशेष पैकेज दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार के चोर दरवाज़े बंद कर प्रदेश की आर्थिक स्थिति में 20 प्रतिशत का सुधार लाकर 2200 करोड़ रुपए का अतिरिक्त राजस्व अर्जित किया है, जिससे जन कल्याण की योजनाएँ बनाकर लोगों में बाँटा जा रहा है। इस अवसर पर कृषि मंत्री चौधरी चंद्र कुमार, हिमाचल प्रदेश कांग्रेस पार्टी के कोषाध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा, जिलाध्यक्ष कर्ण पठानिया, कांग्रेस नेता देवेंद्र जग्गी, मनमोहन कटोच सहित अन्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
विद्युत उपमंडल कुनिहार के अंतर्गत आने वाले सभी उपभोक्ताओं को सूचित किया जाता है कि 220 केवी कुनिहार जाबल जमरोट से निकलने वाले 33 केवी कुनिहार फीडर के नियमित रखरखाव और मुरम्मत तथा 33 केवी सबस्टेशन कुनिहार, 11 केवी यार्ड, 33 केवी यार्ड के रखरखाव और 33 केवी जाबल जमरोट से कुनिहार लाइन पर आने वाले पेड़ों/झाड़ियों टहनियों की कटाई-छंटाई के कारण 8 जुलाई सोमवार को प्रातः 9 बजे से सायं 5 बजे तक विद्युत आपूर्ति बंद रहेगी। जिसके कारण खंड कुनिहार व पट्टाबरारी के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों अर्थात कुनिहार, उचागांव, बेहली, आँजी, पट्टाबरारी, कोटी, देलगी कन्यारा, स्यांवा, नमोल, प्लासी, खाड़ी, हरिपुर, दोची, बांवा, जेएनवी, कंडला, कोठी, बडोरी, जाडली, टुकाडी, बानी, झांडी, भटयूएन, चाकलू, भरोल, रिवीं, बिल आदि क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। इसके अलावा 11 केवी डूमेहर फीडर पर भी विद्युत आपूर्ति उपलब्ध नहीं होगी, जिसके कारण डूमेहर, भूमती, बलेरा, जयनगर, कुन्हार आदि क्षेत्र बंद रहेंगे। यह जानकारी इंजीनियर मोहिंदर सिंह चौधरी सहायक अभियंता, विद्युत उपखंड एचपीएसईबीएल कुनिहार द्वारा साझा की गई है और उन्होंने प्रभावित उपभोक्ताओं से सहयोग का अनुरोध किया है।
जिला श्रम विभाग किन्नौर द्वारा पूह विकास खण्ड में सीमा सड़क संगठन के श्रमिकों के लिए रेताखान में भवन एवं सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड द्वारा निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। जिला श्रम कल्याण अधिकारी सपन जसरोटिया ने बताया कि इस शिविर में सीमा सड़क संगठन के 90 श्रमिकों की स्वास्थ्य जांच की गई तथा निःशुल्क दवाईयां वितरित की गई। उन्होंने बताया कि इस चिकित्सा शिविर का मकसद वर्तमान राज्य सरकार द्वारा श्रमिक कल्याण के लिए समावेशी योजनाओं का लाभ पहुँचाना तथा प्रदेश सरकार की श्रमिकों के लिए चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान करना है ताकि धरातल पर जनजातीय एवं दुर्गम क्षेत्रों में वंचित वर्गों को लाभ मिल सके। जिला श्रम कल्याण अधिकारी ने बताया कि श्रम विभाग समय-समय पर चिकित्सा शिविरों का आयोजन करेगा ताकि श्रमिकों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध हो सके। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की श्रमिकों के लिए कार्यान्वित कल्याण योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने के लिए दूरभाष नम्बर 01786-223903 पर सम्पर्क कर सकते हैं।
04 जुलाई से 30 सितम्बर तक आयोजित होने वाले सम्पूर्णता अभियान का उपायुक्त किन्नौर डॉ. अमित कुमार शर्मा ने आज जनजातीय जिला किन्नौर के अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी कार्यालय पूह से शुभारम्भ किया तथा कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे। उपायुक्त ने इस अवसर पर जिला किन्नौर में आरंभ किए गए सम्पूर्णता अभियान के अन्तर्गत 06 मुख्य कार्यक्रम सूचकों को 30 सितम्बर, 2024 तक पूर्ण करने की शपथ दिलाई। इसके अतिरिकत सभी विभागों से शेष 34 मुख्य कार्यक्रम सूचकों पर निरंतर कार्य करने के निर्देश भी दिए गए। इस दौरान मैराथॉन दौड़ का आयोजन किया गया, जिसमें पूह खण्ड के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के विद्यार्थियों ने भाग लिया। छात्रों की मैराथॉन दौड़ में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रिब्बा के मुन्ना ने प्रथम स्थान, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पूह के प्रेम ने द्वितीय तथा कुन्जंग ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। छात्राओं की मैराथॉन दौड में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कानम की विपाशा ने प्रथम स्थान, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मूरंग की करिशमा ने द्वितीय स्थान तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कानम की चन्द्रा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी पूह विनय मोदी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सोनम नेगी, अधिशाषी अभियन्ता जल शक्ति विभाग मण्डल पूह अभिषेक शर्मा, सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।
सचिव, जिला विधिक सेवा एवं प्राधिकरण एवं वरिष्ठ न्यायाधीश किन्नौर जितेंद्र कुमार ने आज राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रिकांग पिओ में आयोजित पौधारोपण कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंने इस अवसर पर पौधा रोपित कर अभियान का शुभारंभ किया तथा विद्यालय के छात्र-छात्राओं को पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन के महत्व पर जानकारी प्रदान की तथा जलवायु परिवर्तन की ज्वलंत समस्या पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि पौधारोपण अभियान के तहत जिला के विद्यालयों में पौधारोपण कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है,जिसके माध्यम से युवा पीढ़ी को पर्यावरण के संरक्षण की महत्ता बारे जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस पौधारोपण कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को पानी के बचाव व इसके सदुपयोग बारे जागरूक किया गया, जिसमें वर्षा के जल संग्रहण के विभिन्न पहलुओं से विद्यार्थियों को अवगत करवाया गया। इसके अलावा विद्यार्थियों एवं अन्य लोगों को पर्यावरण के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने पर बल दिया गया ताकि प्रकृति के प्रति विद्यार्थियों का संजीदा रवैया उत्पन्न हो सके।
अधिशाषी अभियंता (विद्युत) किन्नौर टाशी नेगी ने जानकारी देते हुए बताया कि 22 के.वी. पूह-काजा फीडर में मरम्मत कार्य के चलते चांगो, शलखर व स्पीति खण्ड में 7 जुलाई, 2024 को प्रातः 9 बजे से सायं 6 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने बताया कि यदि खराब मौसम के कारण कार्य पूर्ण नहीं होता है तो अगले दिन भी विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने विद्युत आपूर्ति की असुविधा के चलते जनसाधारण से सहयोग की अपील की है।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने शिमला शहर में शौचालय का प्रयोग करने पर महिलाओं से अतिरिक्त शुल्क वसूलने पर कड़ा संज्ञान लिया है। अदालत ने शौचालय का रखरखाव करने वालों को निर्देश दिए हैं कि शौचालय के भीतर शिकायत पत्र में मोबाइल नंबर लिखा जाए। अगर किसी महिला से यूरिन के लिए 5 या कोई पैसे मांगे जाएं तो उसकी शिकायत दर्ज कराई जाए। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश सुशील कुकरेजा की खंडपीठ ने कहा कि अदालत के आदेशों के बावजूद भी अगर वसूली की जाएगी तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज शिमला में शौचालय की खस्ता हालत पर हाईकोर्ट ने विभाग के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट और प्रदेश स्वास्थ्य विभाग के सचिव को पार्टी बनाया है। इस मामले में अदालत की ओर से नियुक्त किए गए न्याय मित्र देवेन खन्ना ने अदालत को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बताया कि वे आईजीएमसी के यूरोलॉजी विभाग में दाखिल हैं। महिलाओं और पुरुषों के लिए यहां पर कोई अलग से शौचालय की व्यवस्था नहीं है। इसकी वजह से मरीजों को इन्फेक्शन की संभावना बनी रहती है। टॉयलेट की हालत भी बहुत बदत्तर है। मरीजों को इससे काफी परेशानी हो रही है। अदालत ने आईजीएमसी विभाग के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट और प्रदेश स्वास्थ्य सचिव को इस मामले में अगली सुनवाई से पहले स्टेटस रिपोर्ट दायर करने के आदेश दिए हैं।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने पर्यावरण संरक्षण योजना में पौधारोपण के लिए 150 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। इस राशि का उद्देश्य राज्य में हरित क्षेत्र का विस्तार और पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित करना है। इस परियोजना के अंतर्गत 50 करोड़ रुपये राज्य वन विभाग को आवंटित किए गए हैं। यह राशि राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में पौधरोपण और वन संरक्षण के कार्यों के लिए प्रयोग की जाएगी। वन विभाग ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए 1.8 करोड़ पौधों के रोपण की योजना बनाई है, जो 76 वन बीटों में फैले होंगे। करीब 1,500 हेक्टेयर में पौधारोपण किया जाएगा। इस वनीकरण अभियान के माध्यम से, सरकार का लक्ष्य है कि वन आवरण को बढ़ाकर पर्यावरणीय संतुलन को बहाल किया जा सके और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम किया जा सके। प्रदेश में पिछले साल आपदा के कारण पौधरोपण नहीं हो पाया था। विभाग का इस साल उस टारगेट को भी पूरा करने का लक्ष्य है। इसके अतिरिक्त 100 करोड़ रुपये की राशि प्रतिपूरक वनीकरण निधि प्रबंधन और योजना प्राधिकरण (कैंपा) को आवंटित की गई है। कैंपा का मुख्य उद्देश्य उन क्षेत्रों में पौधरोपण करना है, जहां वन क्षेत्र को नुकसान हुआ है। यह राशि विभिन्न परियोजनाओं और योजनाओं के माध्यम से वनों के पुनर्वास के लिए प्रयोग की जाएगी। कैंपा के माध्यम से राज्य सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि वन क्षेत्र के नुकसान की भरपाई की जा सके और जैव विविधता की रक्षा की जा सके। प्रधान मुख्य अरण्यपाल राजीव कुमार ने बताया कि प्रदेश में पौधरोपण के जिए 150 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। अभियान राज्य के पर्यावरण के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। यह अभियान न केवल वन आवरण को बढ़ाने में मदद करेगा, बल्कि रोजगार के अवसर भी प्रदान करेगा। जंगलों में आग के खतरे को देखते हुए वन विभाग ने चीड़ के पौधे नहीं लगाने का निर्णय लिया है। विभाग ने देवदार, अखरोट, कवार, चमेली, बान, शहतूत और ब्रास के पौधे तैयार किए हैं। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान में विभिन्न प्रकार के स्थानीय और दुर्लभ प्रजातियों के पौधों का रोपण किया जाएगा। अतिरिक्त प्रधान मुख्य अरण्यपाल कैंपा गिरिश होसुर ने बताया कि निर्माण कार्यों के लिए काटे गए सभी पौधों की भी भरपाई की जाएगी। कैंपा में 3,000 हेक्टेयर में नेट प्रेसेंट के लिए, 900 हेेक्टेयर में साइट के हिसाब से और 1,000 हेक्टेयर में निर्माण कार्यों के कारण नष्ट हुए जंगलों की भरपाई के लिए पौधे लगाए जाएंगे। कैंपा को अप्रैल में पेड़ लगाने की अनुमति मिल गई थी और पेड़ लगाने के लिए योजना बना ली गई है।
हिमाचल में सेब कारोबार से जुड़े लाखों लोगों को परेशानियों का सामना न करना पड़े, इसके लिए एचपीएमसी आज से कार्टन की सप्लाई शुरू कर देगा। इसके लिए पहले चरण में करसोग सहित कम ऊंचाई वाले ऐसे क्षेत्रों में सप्लाई भेजी जाएगी, जहां सेब की फसल तैयार है। इसके बाद बागवानों की मांग के मुताबिक प्रदेश के मध्यम और अधिक ऊंचाई वाले सेब बहुल क्षेत्रों में एचपीएमसी विक्रय केंद्रों में कार्टन उपलब्ध कराया जाएगा। प्रदेश में शिमला, रोहड़ू, जुब्बल, गुम्मा, रिकांगपिओ, रामपुर, चैल चौक व चिंडी आदि सेब उत्पादन करने वाले क्षेत्रों में एचपीएमसी के कुल 12 फंक्शनल विक्रय केंद्र हैं। जहां पर सेब सीजन में कार्टन की अधिक मांग रहती है। ऐसे में बागवानों को इन सभी विक्रय केंद्रों में डिमांड के मुताबिक कार्टन उपलब्ध होगा। इसके लिए सरकारी उपक्रम एचपीएमसी ने शॉर्ट लिस्ट की गई तीन कंपनी शिवालिक कंटेनर्ज, जेज पैकर्स और जसमेर मेकर्स को पहले ही सप्लाई आर्डर जारी किया है। वहीं, बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी के मुताबिक बागवानों को यूनिवर्सल कार्टन की कोई कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। इसके लिए जरूरी दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। बागवानी पर हर साल लागत बढ़ने से परेशान बागवानों के लिए राहत की बात है कि इस बार कार्टन पिछले साल की तुलना में 7 रुपए तक सस्ता मिलेगा। जीएसटी काउंसिल ने कार्टन पर जीएसटी 18 से घटाकर 12 फीसदी तय किया है। ऐसे में इस साल कार्टन पर जीएसटी पिछले साल के मुकाबले में 6 फीसदी कम लागू होगा, जिसका फायदा हिमाचल में लाखों बागवानों को होगा। एचपीएमसी ने यूनिवर्सल कार्टन के दाम फाइनल कर दिए हैं। इसके मुताबिक बागवानों को अलग-अलग कीमत में ब्राउन और सफेद कार्टन उपलब्ध कराए जाएंगे, जिसका न्यूनतम मूल्य 47.75 रुपए और अधिकतम मूल्य 56 रुपए तय किया गया है। जिस पर जीएसटी अलग से वसूला जाएगा। ऐसे में इस बार बागवानों को दोहरी राहत मिलने वाली है। एक तो इस बार मंडियों में यूनिवर्सल कार्टन में 20 किलो पैकिंग में सेब बिकेगा। जिससे बागवानों को अब पहले की तरह अधिक पैकिंग में सेब बेच कर नुकसान नहीं उठाना होगा। वहीं, इस बार बागवानों को यूनिवर्सल कार्टन पिछले सालों के मुकाबले में 3.50 से 7.50 रुपए सस्ता मिलेगा। यूनिवर्सल कार्टन में अब 20 किलो सेब ही भरा जाएगा। इससे पहले टेलीस्कोपिक कार्टन में प्रति पेटी 7 से 8 ट्रे सेब भरा जाता था, जिसका प्रति पेटी वजन भी 30 किलो के करीब रहता था, लेकिन मंडियों में बागवानों को 24 किलो पेटी के हिसाब से ही सेब की कीमत दी जाती थी। इस कारण अधिक पैकिंग होने से बागवानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता था। बागवानों को नुकसान न हो इसके लिए यूनिवर्सल कार्टन अनिवार्य किया गया है। ये कार्टन सिंगल बॉक्स का होगा। इसका साइज लंबाई में 500 एमएम, चौड़ाई में 300 एमएम और ऊंचाई में 310 एमएम होगा, जिसे घटाया और बढ़ाया नहीं जा सकता है। जिस कारण इसमें 20 किलो ही सेब भरा जाएगा। इससे मंडियों में वजन को लेकर इस बार विवाद होने से बचा जा सकता है।
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में आनी के ब्रौ पुलिस थाना के तहत ग्राम पंचायत कुशवा के किंचा गांव में घास काटने गए एक दंपती की पैर फिसलने के कारण गहरी खाई में गिरने से दर्दनाक मौ*त हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर जाकर श*वों को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंपा। पुलिस से मिली जानकारी के इस घटना से एक दिन पहले मृत*क दंपती की बेटी का जन्मदिन था और रात को अपने रिश्तेदारों के साथ मिलकर धूमधाम से मनाया था। बेटी के जन्मदिन के दूसरे शुक्रवार को यह दर्दनाक हादसा घटित हो गया। पुलिस ने इस घटना को लेकर भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। मृत*क दंपती की पहचान कींचा निवासी भगवान दास(26 ) पुत्र दया राम और कपिला(24) के रूप में हुई है। दंपती अपने पीछे एक तीन वर्ष की मासूम बच्ची को छोड़ गए हैं। उधर, डीएसपी आनी चंद्र शेखर कायथ ने बताया कि दंपती की मौ*त पहाड़ी पर घास काटते समय पैर फिसलने से गहरी खाई में गिरने से हुई है। पुलिस ने मामला दर्ज करके छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस गहनता से जांच में जुटी है।
हिमाचल प्रदेश में बरसात के चलते राजधानी शिमला की मंडियों में सब्जियों की आवक घट गई है। इसके कारण सब्जियों के दामों में उछाल आ गया है। एक दिन में ही सब्जियां 10 से 20 रुपये प्रति किलो महंगी हो गई हैं। शुक्रवार को लोअर बाजार सब्जी मंडी में जो टमाटर 40 से 60 रुपये प्रति किलो बिक रहा था, शनिवार को उसकी कीमत 60 से 80 रुपये प्रति किलो पहुंच गई। इसके अलावा 80 रुपये में बिकने वाली फूलगोभी 100, 30 से 40 में बिकने वाली भिंडी 40 से 50 और 30 से 40 में रुपये में बिकने वाली लौकी के दाम 40 से 60 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। हालांकि मटर, प्याज और आलू के दाम स्थिर है। लोअर बाजार सब्जी मंडी में मटर 120 से 160, प्याज 50 और आलू 35 से 50 रुपये प्रति किलो तक बिक रहे हैं। सब्जियों के दामों में लगातार हो रही बढ़ोतरी से आम लोगों की परेशानियां बढ़ गई है। सब्जी विक्रेता बोले कि सब्जी मंडी में मांग के अनुसार कम सब्जियां आ रही हैं। बरसात की वजह से फसल खराब हो रही है, जिसके चलते सब्जियों के दाम बढ़ना शुरू हो गए हैं।
**कई जगह जलभराव की स्थिति उत्पन हिमाचल प्रदेश के कई भागों में भारी बारिश दर्ज की गई है। इससे जगह-जगह भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार राज्य में शनिवार सुबह 10:00 बजे तक एक नेशनल हाईवे व 150 सड़कों पर आवाजाही ठप रही। सबसे ज्यादा सड़कें मंडी व सिरमौर जिले में ठप हैं। इसके अतिरिक्त राज्य में 334 बिजली ट्रांसफार्मर भी ठप पड़े हैं। वहीं 55 जल आपूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हैं। जिला सिरमौर में शनिवार सुबह बड़ा सड़क हादसा टल गया है। जिले के रेणुका विधानसभा क्षेत्र में रेणुका-संगड़ाह सड़क पर कालथ के समीप बस पर एक चट्टान गिर गई। हादसे में बस चालक और एक महिला को चोटें आई हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के संगड़ाह उपमंडल के कालथ के समीप शनिवार को एक निजी बस पर चट्टान गिरने के बाद बड़ा हादसा होने से टला है। जिला कुल्लू व लाहौल में तीसरे दिन भी बारिश का दौर जारी रहा। वहीं, जिला कुल्लू के साथ लाहौल घाटी में रातभर जमकर बारिश हुई। 13050 फुट ऊंचे रोहतांग दर्रा में फाहे गिरने से मौसम कूल-कूल हो गया है। ब्यास के साथ चंद्रा, पार्वती नदी सहित नाले भी उफान पर हैं। बारिश से कुल्लू जिले में आठ सड़कें बंद हो गई हैं, जबकि बारिश के बाद बंजार बस स्टैंड तालाब बन गया है। बस स्टैंड में पानी की निकासी की उचित व्यवस्था न होने से यहां पर यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं दूसरी ओर किसान व बागवान बारिश के बाद गदगद हैं। बारिश ने किसानों व बागवानों के चेहरों पर चिंता की लकीरों को मिटा दिया हैं। अब जहां बिजाई का कार्य शुरू होगा। वहीं सेब, नाशपाती, जापानी फल, मेरीपोजा, प्लम आदि के लिए बारिश लाभकारी साबित होगी। मंडी जिले में भारी बारिश से तबाही हुई है। भूस्खलन से जगह-जगह 112 सड़कें बंद हैं। मंडी-पठानकोट-हाइवे पर गलू के समीप पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित हुआ है। चंडीगढ़-मनाली एनच पर मंडी-पंडोह, छह मील के पास पहाड़ी से पत्थर गिर रहे हैं। सुबह सात मील के पास एनएच ठप रहा। भूस्खलन के बीच मंडी-पंडोह का सफर जोखिम भरा हो गया है। फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। कांगड़ा जिले के शाहपुर में नेशनल हाईवे को भारी बारिश के काफी नुकसान हुआ है। हाईवे जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो गया है। वहीं कई जगह जलभराव हुआ है।
**परिणाम के आधार पर मिलेंगे शिक्षक पुरस्कार हिमाचल प्रदेश में विद्यार्थियों की कम संख्या वाले स्कूल मर्ज किए जाएंगे। ऐसे स्कूलों को पहले चरण में मर्ज किया जाएगा, जहां आसपास में भी स्कूल स्थित होंगे। इन स्कूलों के विद्यार्थियों और शिक्षकों को साथ लगते स्कूलों में शिफ्ट किया जाएगा। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में शुक्रवार को राज्य सचिवालय में हुई विभागीय समीक्षा बैठक में यह फैसला लिया गया। शिक्षा मंत्री ने बताया कि शिक्षा की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होगा। स्कूलों में पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति करने के लिए यह फैसला लेना जरूरी हो गया है। शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में फैसला लिया गया कि अब राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार के लिए शिक्षकों के चयन का मुख्य आधार परीक्षा परिणाम रहेगा। अन्य गतिविधियों को भी देखा जाएगा, लेकिन प्राथमिकता सर्वश्रेष्ठ परिणाम देने वाले शिक्षकों को ही दी जाएगी। बैचवाइज आधार पर चयनित करीब 2000 जेबीटी और टीजीटी को इसी माह नियुक्तियां देने के शिक्षा मंत्री ने बैठक में निर्देश दिए। शिक्षा मंत्री ने कहा कि एक सप्ताह के भीतर ही नवनियुक्त शिक्षकों को स्टेशन अलॉट कर दिए जाएंगे, जिन स्कूलों में सिर्फ एक-एक शिक्षक हैं और विद्यार्थियों की संख्या अधिक है, वहां नए शिक्षकों को पहली नियुक्ति दी जाएगी। बैठक के दौरान एसएमसी शिक्षकों को नियमित करने के लिए पुराने नियमों में संशोधन करने के प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय को निर्देश दिए गए। राज्य सरकार ने एसएमसी शिक्षकों को नियमित करने को फैसला लिया है। एसएमसी शिक्षक पहले सीधी सीमित भर्ती (एलडीआर) से अनुबंध पर आएंगे और फिर दो साल बाद नियमित होंगे। बैठक के दौरान प्रिंसिपलों की पदोन्नति सूची जल्द जारी करने पर भी सहमति बनी। रोहित ने कहा कि वर्ष 2022 के अंत तक शिक्षा विभाग में करीब 15 हजार पद रिक्त थे। मुख्यमंत्री सुक्खू ने 6 हजार पद भरने को मंजूरी दी है। 2000 पद एक सप्ताह में भर दिए जाएंगे। बैठक में शिक्षा सचिव राकेश कंवर, उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा और प्रारंभिक शिक्षा निदेशक आशीष कोहली सहित कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
**गर्जन और बिजली को लेकर भी अलर्ट हुआ जारी हिमाचल प्रदेश में मौसम लगातार करवट ले रहा है। बीते दिनों जहां बारिश के कम होने की संभावना जताई गई थी, तो अब वहीं बारिश को लेकर मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश में 3 जुलाई की रात से मौसम ने करवट ली है और बारिशों का दौर एक बार फिर शुरू हुआ। बारिश के कारण प्रदेश के कई स्थानों में तबाही का मंजर भी देखने को मिला है। जानकारी के अनुसार, 115 से ज्यादा सड़कें यातायात के लिए बंद कर दी गई हैं। कई जगह सड़कें धंस गई हैं। कई स्थानों पर बारिश से भूस्खलन हुआ है। राज्य में 212 ट्रांसफार्मर काम नहीं कर रहे। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने आज और कल भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही गर्जन और बिजली को लेकर भी अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि, इसके बाद मौसम के सामान्य रहने के आसार है। इस दौरान बारिशों का दौर थोड़ा कम हो सकता है, लेकिन अधिकतर स्थानों ने बादल छाए रहेंगे।
**शिलाई विधानसभा क्षेत्र की टिटियाना पंचायत का मामला **महिलाओं ने नशे के खिलाफ खोला मोर्चा **शादी समारोह और दूसरी पार्टियों में शराब परोसे जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया महिलाओं ने नशे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शिलाई विधानसभा क्षेत्र की कमरऊ तहसील के विकास खंड तिलौरधार की टिटियाना पंचायत में शादी समारोह और दूसरी पार्टियों में शराब परोसे जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। क्षेत्र की महिलाओं ने निर्णय लिया है कि ऐसा करने वाले के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उस कार्यक्रम का सामूहिक बहिष्कार किया जाएगा, जहां पर शराब परोसी जाएगी। इसके अलावा महिलाओं ने पंचायत में जुआ खेलने, नशा बेचने वालों के खिलाफ पांच हजार रुपये जुर्माने की भी बात कही है। उनका कहना है कि यदि जुर्माने के बाद भी लोग नहीं सुधरे तो उनके खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज करवाया जाएगा। टिटियाना पंचायत की महिलाओं की एक बैठक शाठी-पाशी का चौतरा महासु देवता के मंदिर प्रांगण में हुई। इसकी अध्यक्षता पंचायत प्रधान पार्वती शर्मा ने की। बैठक में गांव की करीब 120 महिलाएं मौजूद रहीं। बैठक में 15 साल पहले पंचायत में नशाबंदी पर लिए गए फैसलों पर चर्चा की गई। इसमें सामने आया कि लोग पूर्व में नशाबंदी के खिलाफ लिए गए फैसलों की चोरी छिपे अवहेलना कर रहे हैं। इससे पंचायत में नशाबंदी के खिलाफ बनाए गए नियम टूटने लगे हैं। इसके बावजूद पंचायत में बहुत सुधार है। लोग और विशेषकर युवा वर्ग नशे से दूर ही हैं। इसके बावजूद जिस तरह से नशा समाज में फैल रहा है, इससे पंचायत में भी नशे की जड़े फैलने के आसार हैं। ऐसे में बैठक में पंचायत को नशे से दूर रखने के लिए और कड़े फैसले लेने का निर्णय लिया गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि पंचायत में होने वाली शादी और दूसरी पार्टियों में शराब व दूसरा नशा नहीं परोसा जाएगा। कोई व्यक्ति यदि ऐसा करता है तो उस कार्यक्रम का सामूहिक बहिष्कार किया जाएगा। बैठक में मंदिर समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा, प्रज्ञा समिति के उपाध्यक्ष मायाराम शर्मा, महिला मंडल अध्यक्ष मनसो देवी, बबिता देवी, इंदिरा देवी, सत्या देवी, पूर्व प्रधान जयंती शर्मा, कौशल्या देवी, सुखा देवी, रीना शर्मा, आशा देवी, निर्मला देवी, नीमा देवी, नीलम देवी, सुमित्रा देवी समेत मंदिर समिति, प्रज्ञा समिति व नवयुवक मंडल के सदस्य मौजूद रहे।
सिरमौर जिला के संगड़ाह उपमंडल में शनिवार सुबह एक बड़ा हादसा होने से टल गया है। जानकारी के अनुसार रेणुका-संगड़ाह सड़क पर कालथ के समीप पहाड़ी से एक बड़ी चट्टान निजी बस पर आ गिरी, जिससे बस चालक और एक महिला को चोटें आई हैं जबकि अन्य यात्री सुरक्षित बताए जा रहे हैं। चालक व यात्रियों के अनुसार बस रेणुका विधानसभा क्षेत्र के बड़ग से नोहराधार की तरफ जा रही थी, जैसे ही बस कालथ के पास पहुंची तो अचानक पहाड़ी से एक चट्टान बस पर आ गिरी। गनीमत रही कि चट्टान गिरने के बाद बस अनियंत्रित नहीं हुई और खाई में जाने से बच गई। यदि ऐसा होता तो हादसे का मंजर कुछ और ही हो सकता था।
नालागढ़ : नालागढ़ में भाजपा के प्रत्याशी केएल ठाकुर के प्रचार अभियान में पहुंचे नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार के घोटाले सामने आने शुरू हो गए हैं। हर दिन नए नए मामले उजागर हो रहे हैं। ये तो अभी शुरुआत है। कांग्रेस सरकार प्रदेश में घोटालों का रिकॉर्ड बनाने वाली है। हिमाचल प्रदेश इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड में 60 करोड़ रुपये से ज्यादा के घोटाले का मामला सामने आया है। सरकार ने अपने चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए 175 करोड़ के टेंडर को 240 करोड़ रुपए में आवंटित किया है। 60 करोड़ रुपए का यह घोटाला किसे लाभ पहुंचाने के लिए, किसके इशारे पर किया गया। सरकार को इसका जवाब देना चाहिए। ये कांग्रेस सरकार का कोई पहला घोटाला नहीं है। उन्होंने कहा कि इसके पहले भी कई घोटाले सामने आ चुके हैं। जहाँ अपने चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए सरकार ने नियमों की अनदेखी की और अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना की। मुख्यमंत्री को इन सवालों के जवाब देना चाहिए। सरकार प्रदेश के विकास की बजाय प्रदेश को पीछे ले जाने का काम कर रही है। प्रदेश सरकार की रूचि सिर्फ घोटालों में है सरकार का प्रदेश के लोगों से कोई सरोकार नहीं रह गया है।
भारतीय राज्य पेंशनर्ज महासंघ इकाई जयनगर की मासिक बैठक इकाई अध्यक्ष सोहन लाल ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में परिवहन सेवा निवृत कर्मचारी कल्याण मंच के राज्य कार्य कारिणी अध्यक्ष बृजलाल ठाकुर विशेष रूप से उपस्थित रहे। सरकार द्वारा सेवानिवृत कर्मचारियों जो कि 1-1-16 से जनवरी 2022 तक सेवानिवृत हुए है को संशोधित पेंशन, लीव इनकेशमेंट, कम्यूटेंशन व संशोधित वेतन का बकाया नही देने पर भारी रोष व्यक्त किया गया। साथ ही हिमाचल पथ परिवहन निगम से सेवानिवृत कर्मचारियों को संशोधित वेतन के बकाया राशि की कोई भी किश्त न देने व समय पर पेंशन न मिलने के प्रति भी रोष प्रकट किया गया। इसके अलावा 12 प्रतिशत महंगाई भत्ते के किश्त जारी न करना व लंबित मैडिकल बिलों का भुगतान न होने पर भी सरकार को जमकर घेरा । बृजलाल ठाकुर ने बताया कि बैठक में परिवहन निगम से सेवानिवृत कर्मचारियों द्वारा प्रस्तावित धरना प्रदर्शन का महासंघ ने समर्थन करने का ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि सरकार की हठ को देखते हुए भारतीय राज्य पेंशनर्ज महासंघ ने सभी सेवानिवृत अधिकारियों व कर्मचारियों से अनुरोध किया है कि प्रदेश में होने वाले उप चुनाव में सरकार के विरुद्ध मतदान करे। इस बैठक में सोहन लाल ठाकुर,बाल कृष्ण ठाकुर, दीपराम ठाकुर, रतिराम, रामलाल, श्याम लाल ठाकुर,लच्छी राम , संतराम सहित काफी संख्या में पेंशनर मौजूद रहे।
शिमला ज़िला के जुब्बल तहसील के अंतर्गत सोलंग पंचायत में देवता कैलाथ का नया मंदिर बनने के बाद भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कलश लगने और शिखा पूजन के साथ ही कैलाथ देवता अपने नए मंदिर में विराजमान हुए। कैलाथ देवता पबासी महासू के साथ सालंगित पूजित वीर है। कैलाथ महाराज को तीव्र वेग का देवता भी कहा जाता है तथा पांशबील व जौनसार बावर के देवघार क्षेत्र में हजारों लोग महाराज को मानते है। कैलाथ के नए मंदिर में विराजमान होने के बाद देवता के गुर एम०आर मूंगटा ने बताया की महाराज अत्यंत शक्तिशाली व भक्त वत्सल है। उन्होंने कहा की इस क्षेत्र में ये महाराज का पहला मंदिर है, कैलाथ चार महासू के एक भाई पबासी के पालकी से आगे चलते हैं। कैलाथ की पौंड सभी वीर,नौड़ तथा भौड़ से तीव्र है और कैलाथ पहले देऊबन के प्राचीन राजा भी रहे हैं।गौरतलब है की हिमाचल के जुब्बल व कई अन्य क्षेत्रों के अलावा जौनसार बावर व कश्मीर से लेकर दूर-दूर तक महासू महाराज की ख्याति है। महासू महाराज के मंदिर के लिये भारत के राष्ट्रपति भवन से भी नमक का चढ़ावा आता है ।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के बिजनेस स्कूल में शैक्षणिक सत्र 2024-26 के लिए एमबीए कोर्स में प्रवेश के लिए ली एचपीयू मेट-2024 के प्राप्तांक के आधार पर सब्सिडाइज्ड और नॉन सब्सिडाइज्ड श्रेणी की सीटों के लिए ग्रुप डिस्कशन और इंटरव्यू का शेड्यूल तय कर जारी कर दिया गया है। बिजनेस स्कूल के निदेशक प्रो. दिनेश कुमार ने इस शेड्यूल को जारी किया है। सब्सिडाइज्ड श्रेणी की तय की गई सीटों के लिए आठ से 11 जुलाई संस्थान में जीडी और इंटरव्यू होगा। इसके लिए 203 पात्र विद्यार्थियों की सूची जीडी इंटरव्यू की तिथि और अलग-अलग बनाए गए समूहों के साथ विवि की वेबसाइट पर अपलोड किया गया है। इस प्रक्रिया में भाग लेने आने वाले विद्यार्थियों को आवेदन फार्म की प्रति, सभी शैक्षणिक योग्यता के मूल प्रमाण और उसकी प्रति, मूल हिमाचली प्रमाण पत्र क अलावा अलावा एससी, एसटी, ईडब्लू एस, दिव्यांग श्रेणी, सिंगल गर्ल्स चाइल्ड और अन्य आवेदन फार्म में भरी गई श्रेणी के दस्तावेज भी साथ लाने होंगे। एमबीए की नॉन सब्सिडाइज्ड श्रेणी की सीटों के लिए 15 से 20 जुलाई तक संस्थान में ग्रुप डिस्कशन और साक्षात्कार आयोजित किया जाएगा। इसके लिए कुल 600 विद्यार्थियों को जीडी इंटरव्यू के लिए नाम और रोलनंबर के साथ लिस्ट किया गया है। छात्र इसे विवि की वेबसाइट पर देख सकते हैं।
हमीरपुर जिले के नादौन में आयकर विभाग की तीन कारोबारियों के घरों और अन्य ठिकानों पर छापामारी दूसरे दिन भी जारी है। टीम ने आभूषणों को जांचने के लिए जौहरी बुलाए गए हैं। नादौन में पिछले 30 घंटों से अधिक समय से आयकर विभाग की छापामारी जारी है। अन्य दस्तावेज और जमीन तथा ठेकों का ब्यौरा कब्जे में लिया गया है। बता दें कि कल यानी गुरुवार को विभाग के अधिकारी जेसीबी में सवार होकर धनोट में ब्यास नदी के साथ लगती खड्ड पार कर एक कारोबारी के क्रशर पर भी पहुंची। इस दौरान क्रशर से जुड़ी संपत्तियों की सख्ती से जांच की। इस दौरान कारोबारियों और उनके परिवार के सदस्यों के फोन, लैपटॉप कब्जे में ले लिए गए। देर शाम तक रेड जारी रही। वहीं टीम के सदस्य आज सुबह फिर से जाँच पड़ताल में जुटे। हालाँकि अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मौके से क्या बरामद किया है। सूत्रों के मुताबिक ईडी की रडार पर और भी कई लोग है।
हिमाचल प्रदेश के कई भागों में बीती रात से बादल झमाझम बरस रहे है । मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार दौरान मानसून की गतिविधि की तीव्रता और वितरण में वृद्धि होने की संभावना है। इस दौरान ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, चंबा, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में एक या दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। 8 जुलाई से वर्षा की गतिविधि में कमी आने की संभावना है। इस अवधि के दौरान औसत न्यूनतम व अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे रहने की संभावना है। आज भी प्रदेश के कई भागों में बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। शिमला में भी मौसम खराब बना हुआ है। राज्य में 11 जुलाई तक मौसम खराब रहने के आसार हैं।भारी बारिश के चलते जगह-जगह भूस्खलन से शुक्रवार सुबह 10:00 बजे तक राज्य में 77 सड़कों पर आवाजाही ठप रही। सबसे अधिक सड़कें मंडी जिले में बंद हैं। वहीं राज्य में 236 बिजली ट्रांसफार्मर भी प्रभावित हैं। इसके अतिरिक्त 19 जल आपूर्ति योजनाएं भी ठप चल रही हैं।
**उपचुनाव में भाजपा की जीत के बाद हिमाचल की राजनीति में भूचाल तय **डेढ़ साल से सिर्फ़ आश्वासन दिये जा रही है सुक्खू सरकार, कब होंगे काम **जनसभा में मुख्यमंत्री के सामने ही लोग कह रहे हैं 1500 नहीं मिले हमीरपुर : विधानसभा उपचुनाव में हमीरपुर के भाजपा प्रत्याशी आशीष शर्मा के समर्थन में आयोजित जनसभा में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सुक्खू सरकार ने डेढ़ सालों में झूठ बोलने का रिकॉर्ड बनाया है। सरकार सिर्फ़ झूठ पर झूठ बोले जा रही है। डेढ़ साल से सरकार सिर्फ़ आश्वासन दिए जा रही है। इस सरकार के पास बताने के लिए एक काम नहीं हैं, जिसके दम पर वोट माँग सके। नालागढ़ में जाएंगे तोड़ कहेंगे देहरा में मिल गई सम्मान निधि, देहरा जाएँगे तो कहेंगे हमीरपुर में मिल गई सम्मान निधि। आज तो देहरा के लोगों ने मंच पर मुख्यमंत्री के सामने ज़ोरदार आवाज़ में कहा कि उन्हें कोई सम्मान निधि नहीं मिली है। किस तरह के झूठ से सरकार कितने दिन बची रहेगी। अब बहत हो गया प्रदेश के लोग सरकार के झूठ का काम तमाम करने के लिए बैठे हैं। इस उपचुनाव में जनता ही सुक्खू सरकार का फॉर्म भरने वाली है। जयराम ठाकुर ने कहा कि चारों लोक सभा सीटों की तरह इस बार के उपचुनाव भी भाजपा जीतेगी। भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशियों के जीतते ही प्रदेश की राजनीति में भूचाल आना तय है। प्रदेश में कांग्रेस सरकार ज़्यादा दिन की मेहमान नहीं है। प्रदेश में सरकार की तानाशाही का दौर बीतने वाला है। अब प्रदेश के लोग कांग्रेस सरकार की जोर-ज़बरदस्ती के ख़िलाफ़ अवाम उठा रहे हैं, एक जुट हो रहे हैं। इस उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशियों को मिल रहा समर्थन इस बात की गवाही दे रहा है कि कांग्रेस सरकार को प्रदेश के लोगों ने पूरी तरह से नकार दिया है। लोकसभा चुनाव में मंत्री तो मंत्री मुख्यमंत्री भी अपना हलका नहीं बचा पाए। इस बार भी यही हाल होगा, सभा भाजपा प्रत्याशी रिकॉर्ड मतों से जीतेंगे। जयराम ठाकुर ने कहा कि सुक्खू सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर हैं और क़ानून-व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त है। सरकार के संरक्षण में माफिया पैर पसार है। आये दिन घोटाले सामने आ रहे हैं। घोटालों की फ़ेहरिस्त बढ़ने वाली है। प्रदेश का सारा तंत्र भाजपा के नेताओं और प्रत्याशियों के ख़िलाफ़ लगा दिया गया है। सरकार व्यवस्था सुधारने के बजाय भाजपा के नेताओं के घर गिराने, डंगे गिराने, रास्ता बंद करने, बिज़नेस बंद करने, गाड़ियाँ बंद करने, झूठे मुक़दमों में फ़सानें में व्यस्त है। अब तानाशाही का यह दौर बस ख़त्म होने वाला है। नेता प्रतिपक्ष ने हमीरपुर विधानसभा क्षेत्र के सासन, धनेड़, बलोह, डीडवीं टिक्कर में चुनावी जनसभाओं को संबोधित किया। इस मौक़े पर उनके साथ विधायक रणधीर शर्मा, त्रिलोक जंवाल, दिलीप ठाकुर, इन्द्र दत्त लखनपाल और हमीरपुर कि पूर्व विधायक नरेंद्र ठाकुर समेत स्थानीय पदाधिकारी और हज़ारों की संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
** कृषि तथा शिक्षा क्षेत्र में ऋण देने की प्राथमिकता तय करें ** किसान क्रेडिट कार्ड जारी करना भी करें सुनिश्चित उपायुक्त हेमराज बैरवा ने सभी बैंकर्स से जमा-ऋण अनुपात में बढ़ाने के लिए प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, इसके साथ ही सभी बैंक अधिकारियों को शिक्षा तथा कृषि ऋण बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं। इस बाबत वीरवार को डीआरडीए के सभागार में अग्रणी बैक द्वारा आयोजित जिला स्तरीय सलाहकार एवं समन्वय समिति की अध्यक्षता करते हुए जिले में कार्यरत सभी बैंकों द्वारा क्रियान्वित की जा रही सरकार की गरीबी उन्मूलन योजनाओं के अन्तर्गत हुई प्रगति तथा वार्षिक ऋण योजना 2023 -24 के के लक्ष्यों तथा उपलब्धियों की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने समीक्षा करते हुए कहा कि जिला काँगड़ा के ऋण वितरण में बैंकों का वार्षिक ऋण योजना 2023 का लक्ष्य 6898 करोड़ रुपये था, जिसे मार्च तिमाही के अंत तक बैंकों ने 6916 करोड़ रुपये के ऋण वितरण करके 100.26 प्रतिशत की दर से अपने लक्ष्यों की प्राप्ति की है। जिले में वित्तीय वर्ष 2023 -24 मे मार्च 2024 के अंत तक प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र में बैंकों ने 68.50 प्रतिशत की दर से तथा गैर प्राथमिकता क्षेत्र में 359.24 प्रतिशत की दर से लक्ष्यों की प्राप्ति की है। उन्होने बैंको से आशा जताई कि वे जिले के आर्थिक विकास में अपने दायित्वों को समझते हुए ज्यादा से ज्यादा ऋण प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र को देंगे व लोगों के आर्थिक स्तर को ऊंचा उठाने में सहयोग करेंगे। इससे पहले मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए अग्रणी बैंक जिला प्रबंधक तिलक राज डोगरा ने बताया कि जिले में वित्तीय वर्ष 2023 -24 मे मार्च 2024 के अंत तक कृषि क्षेत्र में 1364 करोड़ रुपये, सूक्ष्म मध्यम व लघु उद्यमों में 2549.73 करोड़ रुपये तथा अन्य प्राथमिक क्षेत्र में 290.73 करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए है। जिले के बैंको ने किसान क्रेडिट कार्ड योजना के अन्तर्गत लगातार वृद्धि दर्ज की है तथा वित्तीय वर्ष 2023 -24 मे मार्च 2024 के अंत तक कुल 93290 किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए हैं। उन्होने आगे बताया कि जिला में कार्यरत सभी बैंक शाखाओ को इस आशय के निर्देश भेजे जा चुके हैं कि वे शेष बचे किसानों को भी किसान क्रेडिट कार्ड जारी करना सुनिश्चित करें।
मुख्य संसदीय सचिव (लोक निर्माण, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग) संजय अवस्थी 5 जुलाई, 2024 को अर्की विधानसभा क्षेत्र के प्रवास पर आ रहे हैं। संजय अवस्थी 5 जुलाई, 2024 को प्रातः 11.15 बजे उपमण्डलाधिकारी अर्की के कार्यालय में अर्की विधानसभा क्षेत्र के चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा बैठक करेंगे। मुख्य संसदीय सचिव तदोपरांत दोपहर 02.30 बजे ग्राम पंचायत जलाणा के राहु गांव में वन महोत्सव में भाग लेंगे।
उपायुक्त मनमोहन शर्मा ने कहा कि स्वच्छता ग्रीन लीफ रेटिंग (एस.जी.एल.आर.) के कार्यान्वयन ज़िला के लिए खुले में शौच मुक्त प्लस मॉडल स्थिति प्राप्त करने के लिए पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मनमोहन शर्मा आज यहां ज़िला में स्वच्छता ग्रीन लीफ रेटिंग प्रणाली के कार्यान्वयन के लिए आयोजित प्रथम बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय पर्यटन मंत्रालय के सहयोग से जल शक्ति मंत्रालय द्वारा स्वच्छता ग्रीन लीफ रेटिंग पहल शुरू की गई है। इसका उद्देश्य पर्यटन उद्योग में स्वच्छता मानकों को और बेहतर करना है। उन्होंने कहा कि एस.जी.एल.आर. का उद्देश्य पर्यटन इकाइयों के संयुक्त प्रयासों से सौंदर्यकरण और स्वच्छता में सुधार करके पर्यटन स्थलों की प्रतिष्ठा में भी सुधार करना है। इसके अतिरिक्त, पर्यटन क्षेत्र में विश्वस्तरीय स्वच्छता और सफाई को बढ़ावा देना, जल निकायों में प्रदूषण की रोकथाम के साथ-साथ पर्यटन उद्योग में स्वच्छता मानकों को उन्नत करने के साथ पर्यावरण को स्वच्छ रखना भी एस.जी.एल.आर. का मूल उद्देश्य है। इसके अतिरिक्त एस.जी.एल.आर. का लक्ष्य स्वच्छता मानकों तक पहुंच बनाना भी है, जैसे कचरा प्रबंधन पद्धतियां, स्वच्छता, कूड़ेदानों की उपलब्धता और पर्यटन उद्योग में लागू की जा रही स्वच्छता और स्थिरता पर सार्वजनिक अभियान चलाना है। मनमोहन शर्मा ने कहा कि पर्यटन और स्वच्छता के स्तर को बढ़ाने के लिए ज़िला के पांचों उपमंडल स्तर पर उपमण्डलाधिकारी की अध्यक्षता में एस.जी.एल.आर. समिति का गठन किया जाएगा। एस.जी.एल.आर. के तहत आतिथ्य क्षेत्र की इकाइयों को उनके प्रदर्शन के आधार पर एक से पांच के पैमाने पर रेटिंग दी जाएगी। उन्होंने ज़िला ग्रामीण विकास अभिकरण व पर्यटन विभाग को स्वच्छता ग्रीन लीफ रेटिंग बारे पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों को जागरूक करने के निर्देश भी दिए। ज़िला ग्रामीण विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी ओम प्रकाश ठाकुर ने बैठक का संचालन किया। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त अजय कुमार यादव, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजन उप्पल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजकुमार, उपमंडलाधिकारी कंडाघाट सिद्धार्थ आचार्य, उपमंडलाधिकारी सोलन डॉ. पूनम बंसल, पुलिस उपाधीक्षक बद्दी खजाना राम सहित ज़िला के होटल व होमस्टे के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
**देहरा अब मुख्यमंत्री का चुनाव क्षेत्र, विकास का पैसा होशियार ने रिजॉर्ट बनाने में लगाया **ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने देहरा में पार्टी प्रत्याशी के लिए किया धुआँधार प्रचार मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वीरवार को देहरा विधानसभा क्षेत्र के त्रिपल, दरकाटा, डोहग पलोटी, नौशहरा, पाईसा, सियोटी खुर्द, मयोली, बनखंडी, शेर लोहारा और घेड़ मानगढ़ में नुक्कड़ सभाएं की। उन्होंने कांग्रेस पार्टी की प्रत्याशी और अपनी धर्मपत्नी कमलेश ठाकुर के लिए देहरा में धुआँधार प्रचार किया। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि देहरा की समस्याओं का समाधान अब मेरा दायित्व है क्योंकि देहरा अब मुख्यमंत्री का चुनाव क्षेत्र बन चुका है। उन्होंने कहा कि चुनाव आचार संहिता लागू होने के कारण वह अभी कोई घोषणा नहीं करेंगे, लेकिन आने वाले समय में देहरा की सभी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता आए दिन तरह तरह के बयान दे रहे हैं, जबकि यह उपचुनाव प्रदेश की जनता पर भाजपा ने ही थोपे हैं। निर्दलीय विधायकों और कांग्रेस के छह विधायकों ने भाजपा के साथ मिलकर चुनी हुई कांग्रेस सरकार को गिराने का षड्यंत्र रचा। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और अन्य भाजपा नेता बार-बार चार जून को हिमाचल प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने का दावा करते रहे, लेकिन पिछले उपचुनाव में प्रदेश की जनता ने बिकने वाले विधायकों को कड़ा सबक़ सिखाया है और विधानसभा में कांग्रेस के विधायकों की संख्या 34 से बढ़कर 38 हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी निर्दलीय विधायक ऐसे ही अपना विधायक पद नहीं छोड़ता। पैसे का गुरूर होशियार सिंह के सिर चढ़कर बोल रहा है। भाजपा के साथ हुई डील के चलते पूर्व विधायक होशियार सिंह ने इस्तीफ़ा दिया और डील की दूसरी किश्त प्राप्त करने के लिए इस्तीफ़ा मंज़ूर करने का दबाव बनाया। भारत के इतिहास में पहली बार कोई निर्दलीय विधायक अपना इस्तीफ़ा स्वीकार करने के लिए धरने पर बैठा और हाई कोर्ट का दरवाज़ा भी खटखटाया। उन्होंने कहा कि दूसरी केस के धन पर सरकार की पूरी नज़र है। उन्होंने कहा कि बिके हुए विधायक पैसा लेकर वोट ख़रीदने के लिए आएंगे, जनता उनसे डबल धन ले लेकिन वोट कांग्रेस के पक्ष में ही डालें क्योंकि यह आपका ही पैसा है। उन्होंने कहा कि निर्दलीय विधायक के तौर पर अपना पद छोड़ने के बाद अब साढ़े तीन साल के लिए दोबारा विधायक बनने को वोट माँगने के लिए आ रहे हैं। धन के अहंकार में आकर उन्होंने अपना विधायक पद को छोड़ा है क्योंकि उन्हें लगता है कि देहरा की जनता मेरी जेब में है। उन्होंने कहा कि होशियार सिंह को टिकट देने से भाजपा के ईमानदार कार्यकर्ता भी नाराज़ हैं। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि एक विधायक को अपने क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिवर्ष दो करोड़ रुपए की धनराशि मिलती है और छह वर्षों में होशियार सिंह को 12 करोड़ रुपए मिले। लेकिन उन्होंने यह पैसा जनता के विकास पर न खर्च कर अपना रिज़ॉर्ट बनाने में लगाया। वह स्वयं कहते हैं कि उनका हर महीने का ख़र्चा 15 करोड़ है, अगर ऐसा है तो देहरा विधानसभा क्षेत्र अब तक पिछड़ा हुआ क्यों है। उन्होंने कहा कि देहरा की जनता अपने स्वाभिमान से कभी भी समझौता नहीं करेगी और राजनीतिक मंडी में बेचने वालों को सबक़ सिखाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिपुर में नए बस अड्डे को पूरा करने के लिए वर्तमान राज्य सरकार ने धन उपलब्ध करवाया तथा क्षेत्र की अन्य समस्याओं का समाधान करने के लिए भी अन्य विकास परियोजनाओं को गति प्रदान की। होशियार सिंह के आरोपों को नकारते हुए ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि अगर वर्तमान सरकार में उनके काम नहीं हो रहे थे तो वे भाजपा के साथ बैठ जाते लेकिन उप चुनाव का ख़र्च जनता पर थोपने की क्या आवश्यकता थी। उन्होंने पूछा कि ऐसा क्या हुआ कि 14 महीने में ही उन्हें अपना इस्तीफ़ा दे दिया और अब साढ़े तीन साल का विधायक बनने के लिए फिर से चुनाव लड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरा विधानसभा क्षेत्र की 1046 महिलाओं को इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि के अंतर्गत पंद्रह सौ रुपये की आर्थिक सहायता की तीसरी किस्त भी प्राप्त हो गई है तथा अब उन्हें 4500-4500 रुपए प्राप्त हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार देहरा के विकास में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगी। देहरा में पुलिस अधीक्षक कार्यालय तथा एसई पीडब्ल्यूडी का कार्यालय खोला जा रहा है और यहाँ की समस्याओं का अगले साढ़े तीन वर्षों में समाधान किया जाएगा। राज्य सरकार देहरा के विकास के लिए धन की कोई कमी नहीं रखेगी। उन्होंने कहा कि देहरा के बनखंडी में 650 करोड़ रुपये की लागत से एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का ज़ू बनाया जा रहा है जिसमें दो हज़ार स्थानीय लोगों को रोज़गार के अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने प्रदेश के 1 लाख 36 हज़ार सरकारी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन स्कीम बहाल की है, मनरेगा के दिहाड़ी 240 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये की गई है। विधवाओं को घर बनाने के लिए तीन लाख रुपए की आर्थिक सहायता के साथ-साथ उनके 27 वर्ष तक के बच्चों को उच्च शिक्षा प्रदान करने का पूरा ख़र्च राज्य सरकार वहन करेगी। इसके साथ ही 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को राज्य सरकार 25 लाख तक का इलाज भी निशुल्क प्रदान कर रही है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए गाय का दूध 45 रुपए प्रति लीटर जबकि भैंस का दूध 55 रुपए प्रति लीटर की दर से ख़रीदा जा रहा है। प्राकृतिक खेती से पैदा होने वाले गेहूं को राज्य सरकार 40 रुपए प्रति किलो तथा मक्की को 30 रुपए प्रति किलो की दर से ख़रीद रही है। साथ ही बेसहारा पशुओं के किसानों को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए बाड़बंदी के लिए भी राज्य सरकार ने 50 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि भाजपा से कोई भी मदद न मिलने के बावजूद राज्य सरकार ने पिछले साल आई आपदा में प्रभावित हुए 22 हजार परिवारों को फिर से बसाया है और उनके लिए मुआवज़ा राशि में ऐतिहासिक बढ़ोतरी की है। भाटी दरकाटा निवासी रिटायर्ड नायब तहसीलदार प्रेम लाल कौंडल तथा आईटीबीपी के रिटायर्ड इंस्पेक्टर भूमि सिंह ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में आस्था व्यक्त करते हुए कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस का पटका पहनाकर उनका स्वागत किया और कहा कि पार्टी में उन्हें उचित मान-सम्मान प्रदान किया जाएगा। इस अवसर पर आयुष मंत्री यादविंदर गोमा, मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर, विधायक संजय रत्न, विवेक शर्मा, हिमाचल प्रदेश वन विकास निगम के उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची, हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के चेयरमैन रघुबीर सिंह बाली, पूर्व विधायक अजय महाजन, प्रदेश कांग्रेस कोषाध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा, हिमाचल प्रदेश कामगार एवं सन्निर्माण कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर, देहरा मंडल के कांग्रेस अध्यक्ष पुष्पिंदर ठाकुर सहित अन्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
शूलिनी विश्वविद्यालय में आयोजित किए जा रहे 37वें इंस्पायर विज्ञान शिविर भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) द्वारा प्रायोजित, को समृद्ध और आकर्षक गतिविधियों की एक श्रृंखला द्वारा चिह्नित किया गया था, शिविर ने प्रश्नोत्तरी, व्याख्यान और व्यावहारिक शिक्षण सत्रों के मिश्रण के साथ युवा दिमागों को प्रेरित और शिक्षित करना जारी रखा। दिन की शुरुआत एक आकर्षक जीवविज्ञान और गणित प्रश्नोत्तरी के साथ हुई, जिसका संचालन स्कूल ऑफ बायोलॉजिकल एंड एनवायर्नमेंटल साइंसेज में सहायक प्रोफेसर डॉ. धृति कपूर और शूलिनी विश्वविद्यालय में प्रोफेसर डॉ. नीरज गंडोत्रा ने किया। प्रश्नोत्तरी के बाद, गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, अमृतसर, पंजाब में प्रोफेसर और अनुसंधान निदेशक डॉ. रेनू भारद्वाज ने दिन का पहला व्याख्यान दिया। डॉ. भारद्वाज, 500 से अधिक प्रकाशनों, पांच पेटेंट, 15 प्रमुख अनुसंधान परियोजनाओं और 41 पीएच.डी. के साथ एक शोधकर्ता है । उनके मार्गदर्शन में छात्रों ने "फाइटोरेमीडिएशन: प्रकृति की हरित स्वच्छ प्रौद्योगिकी" विषय पर अपनी बात से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक जल प्रदूषण और नदी प्रदूषण जैसी पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान में फाइटोरेमेडिएशन के महत्व पर प्रकाश डाला। डॉ. भारद्वाज ने पारिस्थितिकी तंत्र को बाधित किए बिना प्रदूषकों से निपटने के लिए पर्यावरण-अनुकूल प्रौद्योगिकियों की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उनके व्याख्यान को खूब सराहा गया, छात्रों ने चर्चा में सक्रिय रूप से भाग लिया। दूसरा व्याख्यान, "बीजगणित और क्रिप्टोग्राफी," प्रोफेसर आर.के. द्वारा प्रस्तुत किया गया था। शर्मा, कंसेंसिस ब्लॉकचेन चेयर प्रोफेसर और आईआईटी दिल्ली में गणित विभाग के पूर्व प्रमुख। प्रो. शर्मा ने क्रिप्टोग्राफी में बीजगणित के अनुप्रयोगों और सुरक्षित संचार और डेटा सुरक्षा में इसके महत्व पर प्रकाश डाला। इस बौद्धिक रूप से प्रेरक व्याख्यान ने छात्रों को गणित और प्रौद्योगिकी के अत्याधुनिक अंतर्संबंधों से अवगत कराया। फार्मास्युटिकल साइंसेज संकाय के प्रोफेसर डॉ. रोहित गोयल के सत्र के दौरान व्यावहारिक सीखने के लिए समर्पित था। छात्रों ने सॉक्सलेट निष्कर्षण जैसी पादप औषधि निष्कर्षण तकनीकों, उच्च-प्रदर्शन तरल क्रोमैटोग्राफी (एचपीएलसी) का उपयोग करके फाइटोकॉन्स्टिट्यूएंट्स की मात्रा निर्धारित करना, गोलियों के लिए विघटन और भुरभुरापन परीक्षण करना, काम्बर्ट पंचिंग मशीन का उपयोग करके गोलियां तैयार करना, ठोस खुराक रूपों के विघटन की दर का अध्ययन करना सहित प्रयोग किए। और अनुसंधान में प्रयुक्त जानवरों की सामान्य विशेषताओं का अवलोकन करना। इन व्यावहारिक अभ्यासों ने वास्तविक दुनिया के अनुप्रयोगों के साथ सैद्धांतिक ज्ञान को मजबूत करते हुए, अमूल्य व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया। शिविर में विद्यार्थियों को विभिन्न गतिविधियों में भाग लेने का भी अवसर मिला। इनमें डॉ. पीयूष सेवल के नेतृत्व में कंप्यूटर-एआई कक्षाएं, अमित कुमार द्वारा प्रबंधित एक विज्ञान वृत्तचित्र सत्र, विक्रांत चौहान द्वारा पर्यवेक्षण किए गए इनडोर खेल और डॉ. राधा द्वारा आयोजित योगानंद पुस्तकालय का दौरा शामिल था। इसके अतिरिक्त, फिल्म "12वीं फेल" की स्क्रीनिंग ने लचीलेपन और दृढ़ संकल्प पर एक प्रेरक कहानी प्रदान की।
हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड लि पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन उप इकाई कुनिहार की मासिक बैठक का आयोजन इकाई अध्यक्ष ई रत्तन तनवर की अध्यक्षता में कुनिहार के एक निजी होटल में किया गया। बैठक में एसोसिएशन के राज्य उपाध्यक्ष ई जे सी शर्मा विशेष रूप से उपस्थित हुए । बैठक का शुभारंभ करते हुए इकाई महासचिव आर एन कश्यप ने बोर्ड द्वारा एक महीने में किए गए विभिन्न आदेशों से सभा को अवगत करवाया । सभा अध्यक्ष ई रत्तन तनवर ने बोर्ड की निष्क्रियता पर सबकी ओर से अफसोस व्यक्त किया। उन्होंने बोर्ड से मांग की कि 1.1.2016 के बाद रिटायर्ड पेंशनर्स संशोधित वेतनमान में पे फिक्सेशन अविलंब की जाए, उनके ग्रेच्युटी - लीव एंकेशमेंट - कॉम्युटेशन का भुगतान जल्दी किया जाए । बीमार पेंशनर्स के मेडिकल बिलों का भुगतान, सभी पेंशनर्स के एरियर के भुगतान,1.7.2022 से 31.3.2024 तक के 4% डी आर के एरियर का भुगतान तथा देय 12% बकाया महंगाई भत्ते को जारी करने आदि के आदेश जल्द किए जाए। जो एरियर की एक किश्त जारी करने के आदेश चुनाव के दौरान किए थे उसका भुगतान पेंशनर्स को आज तक नहीं हो पाया है वह भुगतान जल्द से जल्द जारी किया जाए । 1.1.2016 से पहले के पेंशनर्स की नोशनल पे फिक्सेशन में फैक्टर को एसोसिएशन के राज्य महासचिव के सुझाव अनुसार लगा कर पे फिक्सेशन संशोधित की जाए । इसके उपरांत ई जे सी शर्मा राज्य उपाध्यक्ष ने पेंशनरों को भविष्य की चुनौतियों से सावधान करते हुए कहा कि सभी को एकजुटता से रह कर उन चुनौतियों से लड़ने के लिए प्रतिक्षण तैयार रहने की आवश्यकता है। सरकार बिना लड़े कुछ भी देने को राजी नहीं है। इसलिए इसका एक ही सूत्र है हम सबकी एकता ।उन्होंने आशा व्यक्त की कि बोर्ड जल्द ही हमारी एसोसिएशन को बातचीत के लिए आमंत्रित करेगा और उस मीटिंग में सभी मांगों का हल निकल जाएगा, उन्होंने 1 जुलाई 2024 को चंबा में राज्य कार्यकारणी की बैठक में लिए गए निर्णयों से भी विस्तार पूर्वक सभी को अवगत करवाया। इस बैठक में कुनिहार के अलावा अन्य दूर-दूर क्षेत्रो से लगभग 60 पेंशनरों ने पहुंच कर बैठक में भाग लिया।
छावनियों के सिविल क्षेत्रों को स्थानीय निकायों में मिलाने को लेकर रक्षा मंत्रालय ने नई शर्त तय की है। मंत्रालय छावनियों से सिविल क्षेत्रों को बाहर करने को तैयार है, लेकिन इसमें राज्य सरकारों को छावनियों की सभी देनदारियां भी लेनी होंगी। तभी छावनियों से सिविल क्षेत्र बाहर होंगे। मंत्रालय की संपदा शाखा ने शहरी विकास (यूडी) सचिवों को नई शर्त से संबंधित पत्र भेज दिए हैं। छावनियों में पुरानी और लीज पर दी गई सभी संपत्तियां भी राज्य सरकार को मिलेंगी। मंत्रालय सिविल क्षेत्रों को निशुल्क बाहर करने को भी तैयार है। छावनी से सिविल क्षेत्र बाहर आने के बाद इसमें टैक्स लगाना, सुविधाएं देना राज्य सरकार का निर्णय होगा। हालांकि इसमें यह भी तय किया है कि जो क्षेत्र सेना के लिए जरूरी हैं, उन्हें बाहर करने पर दोबारा विचार होगा, चाहे वह कृषि भूमि ही क्यों न हो। बीते दिन हुई छावनियों की बैठक में यह निर्णय लिया गया। रक्षा मंत्रालय की संपदा शाखा के दक्षिण कमान के उप निदेशक हेमंत यादव ने फिलहाल देश की 13 छावनी परिषद के मुख्य अधिशासी अधिकारी को पत्र भेजे हैं। संपदा शाखा ने यह पत्र देश की 13 छावनी अधिकारियों को भेजे हैं। इनमें सैन्य स्टेशन भी हैं। इनमें महाराष्ट्र में अहमदनगर, कामठी, औरंगाबाद, खड़की, पुणे व मध्य प्रदेश में मोरार, सागर, राजस्थान में अजमेर, नसीराबाद, केरल में कन्नूर देवलाली, उत्तर प्रदेश में बबीना, कर्नाटक में बेलगाम व तेलंगाना में सिकंदराबाद शामिल है। रक्षा मंत्रालय से आई शर्तों के बाद राज्य सरकारों ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसमें जल्द शहरी विकास विभाग के सचिव संबंधित छावनियों के उपायुक्तों के साथ बैठक कर दोबारा रिपोर्ट बनाई जाएगी। आचार संहिता से पहले संबंधित उपायुक्त इसकी एक रिपोर्ट सौंप चुके हैं। रक्षा मंत्रालय से नए निर्देश जारी हुए हैं। दोबारा रिपोर्ट तैयार कर सरकार के माध्यम से रक्षा मंत्रालय की संपदा शाखा को भेजेंगे। हिमाचल प्रदेश में चंबा जिले में बकलोह और डलहौजी, सोलन में सपाटू, कसोल, डगशाई और शिमला में जतोग छावनी क्षेत्र हैं।
करसोग: मंडी जिले में बारिश ने पिछले साल की तरह इस बार भी अपना कहर बरपाना शुरू कर दिया है। करसोग के तलेहन में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से फ्लैश फ्लड जैसे हालात पैदा हो गए, जिसके कारण तलेहन में एचआरटीसी की बसें मलबे में दब गई हैं। वहीं, बसों के साथ अन्य गाड़ियां भी मलबे में फंसी हुई हैं। जानकारी के अनुसार रात्रि ठहराव के लिए तलेहन में सड़क किनारे एचआरटीसी की बसों को पार्क किया गया था। बस के ड्राइवर गुरदेव शर्मा ने बताया कि सुबह 4 बजे के करीब उन्हें पहाड़ी से एकाएक भारी मात्रा में पानी व पत्थर गिरने के आवाज सुनाई दी। आवाज सुनते ही वे थोड़ी देर बाद जब मौके पर पहुंचे तो पाया कि भारी मात्रा में मलबा आने के कारण उनकी बसें व अन्य गाड़ियां मलबे में फंस गई हैं। एचआरटीसी की ये बसें तलेहन से शिमला व ततापानी रुट पर चलती हैं। करसोग में रात्रि दो बजे से लगातार बारिश हो रही थी और सुबह 4 बजे के करीब पहाड़ी से यह मलबा आया है। एचआरटीसी की इन बसों सहित कार व जीप भी मलबे में फंसे हुई हैं। सड़क किनारे जिस जगह यह गाड़ियां पार्क की गई थीं, वहां से सड़क पूरी तरह से उखड़ चुकी है। वहीं, एमआर करसोग उमेश कुमार ने बताया कि बसों को निकालने के लिए विभाग की मशीनरी मौके पर रवाना हो गई है। बसों के टायर ही मलबे में फंसे हुए हैं, जिससे बसों को कोई भी नुकसान नहीं पहुंचा है। हिमाचल प्रदेश में मानसून की एंट्री अपने साथ तबाही लेकर आई है। पिछले साल की तरह इस साल भी मंडी में बारिश राहत से ज्यादा मुसीबत बन गई है। भारी बारिश के कहर के चलते मंडी जिले में 107 सड़कें बाधित हैं। वहीं, चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर सड़क जगह-जगह धंस गई है, डंगे ढह गए हैं, जिससे हाईवे बंद होने का खतरा मंडराने लगा है। सराज में भी बीते रोज बरसाती नाले से आए मलबे में एक गाड़ी और बाइक फस गए थे, कई घरों को नुकसान पहुंचा था। वहीं, मौसम विभाग ने आगामी 1 सप्ताह तक प्रदेश में बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है।
हिमाचल प्रदेश में मानसून की शुरुआती बारिश के साथ ही तबाही की दस्तक होने लगी है। पिछले हफ्ते हल्की फुहारों के साथ आए मानसून के बाद प्रदेशभर में नदी नाले उफान पर हैं। उधर मौसम विभाग की ओर से चार दिन भारी बारिश का अलर्ट भी जारी किया है। प्रदेश में पहली बरसात के बाद ही आम जनजीवन पर असर पड़ा है। कई सड़कें बंद हैं तो कई जगह बिजली-पानी की किल्लत शुरू हो गई है। शुरूआती बारिश के बाद हिमाचल प्रदेश स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के आंकड़े सामने आए हैं। मानसून की पहली बारिश का सबसे ज्यादा असर मंडी जिले में दिख रहा है। प्रदेशभर में कुल 115 सड़कें बंद हैं। इनमें से मंडी जिले में 107 सड़कें बंद हैं। मंडी जिले के सराज में सबसे ज्यादा 39 सड़कें बंद हैं। वहीं करसोग में 28, थलौट में 22, सुंदरनगर में 9, नेरचौक में 5 और मंडी, गोहर सब डिविजन में 2-2 सड़कें बंद हैं। मंडी में ही चंडीगढ़-मनाली हाइवे का एक हिस्सा धंस रहा है। पंडोह डैम के पास हाइवे पर बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं, जिससे हाइवे पर खतरा मंडरा रहा है। मंडी के अलावा चंबा जिले में 4, सोलन जिले में 3 और कांगड़ा के इंदौरा में एक सड़क पर वाहनों की आवाजाही बंद है। बारिश के बाद प्रदेशभर के कई इलाकों में बिजली की समस्या हो गई है। हिमाचल प्रदेश स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के मुताबिक प्रदेशभर में गुरुवार सुबह तक 212 ट्रांसफार्मर बाधित हुए इनमें से सबसे ज्यादा 147 मंडी जिले में हैं। इसके अलावा कुल्लू में 42, चंबा में 16, सोलन में 7 ट्रांसफार्मर्स पर असर पड़ा है और इन इलाकों में बिजली बाधित हुई हैं। पहली बारिश से पेयजल सप्लाई योजनाओं पर भी असर पड़ा है। प्रदेशभर में 17 योजनाएं बाधित हुई हैं और ये सभी शिमला जिले में है। ठियोग सब डिविजन में 10 और कुमारसैन सबडिविजन में 7 पेयजल योजनाएं बाधित हुई हैं। गौरतलब है कि पिछले साल आई आपदा का दंश सबसे ज्यादा मंडी जिले ने ही झेला था। इस बार भी अब तक मानसून की शुरूआती बारिश में मंडी जिले में भूस्खलन से लेकर बाढ़ जैसे हालात देखने को मिले हैं। मंडी जिले के सराज में मंगलवार रात आई तेज बारिश के बाद बुधवार सुबह जो नजारा दिखा उसने लोगों को पिछले साल की यादें ताजा करवा दी थी।यहां अनाह ग्राम पंचायत में तेज बारिश के बाद नाले में बाढ़ आ गई जिसके कारण गाड़ियां मलबे में दब गई और कई घरों को भी नुकसान हुआ। पहली बारिश के बाद नाले में आई बाढ़ के कारण कई घरों पर खतरा मंडरा रहा है। उधर करसोग में बीती रात मूसलाधार बारिश के बाद फ्लैश फ्लड जैसे हालात हो गए। बाढ़ के साथ आए मलबे ने एचआरटीसी की बसों से लेकर, पार्किंग में खड़ी कार और जीप को भी जद में ले लिया। कई वाहन मलबे में फंस गए, जिससे वाहनों और सड़क को भी नुकसान हुआ है। बीती रात को हुई जमकर बारिश के बाद राजधानी शिमला में भी चक्कर क्रॉसिंग पर भारी मलबा सड़क पर आ गया, जिसके कारण दोनों तरह से वाहनों की आवाजाही घंटों तक बंद रही। PWD विभाग के मुताबिक जेसीबी की मदद से जल्द ही मलबे को हटा लिया जाएगा। इसके अलावा हिमलैंड-खलीणी लिंक रोड़ पर भी पेड़ टूटकर आ गिरा, जिससे सड़क पर आवाजाही बाधित हो गई। मौसम विभाग की ओर से बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। आज प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने अगले एक हफ्ते तक बारिश की चेतावनी जारी की है। खासकर 7 जुलाई तक बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम की चेतावनी को देखते हुए जिला प्रशासन भी अलर्ट है और पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को नदी नालों के किनारे ना जाने की अपील की गई है। शुरुआती बारिश से ही इस बार लोग डरे हुए हैं क्योंकि बीते साल हिमाचल ने बीते 5 दशक से सबसे भयानक आपदा देखी थी, जिसमें 500 से ज्यादा लोगों की मौ*त हुई थी, जबकि हजारों लोगों ने अपने आशियाने गंवाए थे। हिमाचल सरकार के मुताबिक पिछले साल हुई तबाही से प्रदेश को 10 हजार करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ था।
हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के नादौन में आयकर विभाग ने दबिश दी है। बताया जा रहा है कि आयकर विभाग की टीम ने तीन कारोबारी के घरों और व्यापारिक ठिकानों पर दबिश दी है। टीम रिकॉर्ड खंगाल रही है। कार्रवाई से जिले के कारोबारियों में हड़कंप मच गया। इस संबंध में अधिक जानकारी सामने नहीं आई है। हमीरपुर में 29 जून को भी आयकर विभाग की टीम ने पांच जगहों पर सराफा और शराब कारोबारियों के व्यापारिक प्रतिष्ठानों और घरों पर रेड कर रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिया था। 15 घंटे की कार्रवाई में टीम ने आयकर से जुड़े विभिन्न दस्तावेज कब्जे में लिए । कार्रवाई के दौरान व्यापारी, उनके कर्मचारी और परिवार के सदस्य भी घरों, कार्यालय और दुकानों में बंद रहे।
**मंडियों में पहली बार कंपटीशन में बिकेगा सेब हिमाचल की फल मंडियों में बाहरी राज्यों के लदानी (खरीदार) भी सीधे बागवानों से सेब की खरीद कर सकेंगे। सरकार मंडियाें में आढ़तियों का एकाधिकार खत्म करने जा रही है। लदानियों को मंडियों में दुकानें उपलब्ध करवाने की तैयारी की जा रही है। बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी के निर्देशों पर कृषि उपज विपणन बोर्ड ने यह व्यवस्था बनाने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसी हफ्ते बागवानी सचिव के साथ इसे लेकर बैठक आयोजित होनी है। लदानियों को दुकानें मिलने पर आढ़तियों और लदानियों में प्रतिस्पर्धा से बागवानों को सेब के ऊंचे दाम मिलेंगे। मौजूदा समय में कृषि विपणन बोर्ड के अंतर्गत प्रदेश में चल रही 10 एपीएमसी की मंडियों में सेब कारोबार के लिए आढ़तियों को दुकानें उपलब्ध करवाई गई हैं। आढ़तियों को एपीएमसी एक्ट के तहत लाइसेंस जारी किए जाते हैं, जिसका सालाना नवीकरण करना अनिवार्य होता है। मंडियों के बाहर कारोबार के लिए निदेशक कृषि विभाग की ओर से लाइसेंस जारी होते हैं। आढ़ती बागवानों का सेब लदानियों को बेचते हैं और इसके एवज में कमीशन वसूलते हैं। कुछ सेब खरीदार मंडियों के बाहर सड़क किनारे कारोबार कर रहे हैं। इन्हें भी मंडियाें में दुकानें दी जाएंगी। इतना ही नहीं, बाहरी राज्यों से सेब खरीदने के लिए आने वाले लदानी भी अगर मंडियों में सेब खरीद के लिए दुकानें लेने को आवेदन करेंगे तो उन्हें भी दुकानें उपलब्ध करवाई जाएंगी।
** 9 जुलाई को स्टेडियम में फाइनल खेला जाएगा अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम धर्मशाला में अब प्रदेश के खिलाड़ी भी फ्लड लाइट की रोशनी में खेलते नजर आएंगे। इसके लिए एचपीसीए की ओर विशेष योजना तैयार की गई है ताकि खिलाड़ियों को फ्लड लाइट की रोशनी में खेलने का अनुभव हो। प्रदेश में चल रहे सीनियर अंतर जिला टी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट के सेमीफाइनल और फाइनल धर्मशाला में खेले जाएंगे। फाइनल 9 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय टी-20 की तर्ज पर रात को दुधिया रोशनी में शाम सात बजे से खेला जाएगा। सेमीफाइनल 8 जुलाई को सुबह और दोपहर के सत्र में खेले जाएंगे। हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन की ओर से पहली बार किसी अंतर जिला क्रिकेट टूर्नामेंट का फाइनल फ्लड लाइट में करवाया जा रहा है। अंतर जिला टी-20 टूर्नामेंट के आजकल बिलासपुर और नादौन के अमत्तर मैदान में लीग मुकाबले खेले जा रहे हैं। पूल-ए से ऊना और मंडी सेमीफाइनल में पहुंच चुके हैं। पूल-ए के लीग मुकाबले 6 जुलाई तक चलेंगे। छह जुलाई को सेमीफाइनल के मैच भी तय होंगे। एसोसिएशन प्रदेश के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुविधाएं प्रदान कर रही है। इस कड़ी में अब खिलाड़ी फ्लड लाइट की रोशनी में खेलने का अनुभव ले सकेंगेे। 9 जुलाई को स्टेडियम में फाइनल खेला जाएगा। आठ को सुबह और दोहपर के सत्र में सेमीफाइनल खेले जाएंगे।
मंडी में मौसम विज्ञान केंद्र शिमला द्वारा 7 जुलाई तक मंडी जिला के कई स्थानों पर भारी वर्षा, तेज हवाएं चलने की येलो चेतावनी जारी की है। इस चेतावनी के दृष्टिगत जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण मंडी से प्राप्त सूचना के अनुसार 7 जुलाई तक सभी नागरिकों व पर्यटकों से नदी नालों, भू-स्खलन वाले क्षेत्रों तथा अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में जाने से परहेज करने एवं अपने घर में सुरक्षित स्थानों पर रहने का आग्रह किया है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने जिला के पंचायत प्रधानों, गैर सरकारी संगठनों, ट्रेकर्स एवं नागरिकों से भी अनुरोध किया है कि वे इस बारे में लोगों को जानकारी प्रदान करें ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके। आपदा की स्थिति में सहायता के लिए पर्यटक व आम नागरिक जिला आपदा प्रबंधन परिचालन केंद्र के दूरभाष नम्बर 1905- 226201, 202, 203, 204 अथवा टोल फ्री नम्बर 1077 पर संपर्क कर सकते हैं।


















































