नई दिल्ली में बिक्रम ठाकुर ने हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर से शिष्टाचार भेंट की। बिक्रम ठाकुर ने बताया कि क्षेत्र के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। इस अवसर पर ऊना से विधायक सतपाल सिंह सत्ती भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक के दौरान विधानसभा क्षेत्र के विकास को गति देने के लिए केंद्र सरकार के सहयोग से संचालित की जा सकने वाली विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं पर सकारात्मक चर्चा हुई। साथ ही इस बात पर भी विचार-विमर्श किया गया कि केंद्र सरकार की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ क्षेत्र के लोगों तक कैसे पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इस दौरान पूर्व में केंद्र सरकार द्वारा क्षेत्र को दिए गए सहयोग और स्वीकृत विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। अनुराग ठाकुर ने आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार हमेशा हिमाचल प्रदेश के विकास और जनहित के कार्यों के लिए प्रतिबद्ध रही है और भविष्य में भी क्षेत्र के विकास के लिए हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार देश के हर क्षेत्र के संतुलित विकास के लिए कार्य कर रही है और हिमाचल प्रदेश के लिए भी अनेक महत्वपूर्ण योजनाएं चलाई जा रही हैं। इन योजनाओं का लाभ क्षेत्र तक पहुंचे, इसके लिए समन्वय बनाकर कार्य किया जाएगा। बैठक में क्षेत्र के बुनियादी ढांचे, विकास परियोजनाओं और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। सभी ने मिलकर क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति देने और जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास करने का संकल्प व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज जिला मंडी स्थित मेडिकल कॉलेज नेरचौक में रोबोटिक सर्जरी सुविधा का शुभारम्भ किया। इस विश्वस्तरीय आधुनिक तकनीक पर 28.44 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं। उन्होंने यहां पर स्वयं पहली सर्जरी को देखा। इससे पूर्व, जिला शिमला के अटल सुपरस्पेशलिटी अस्पताल चमियाणा और जिला कांगड़ा के मेडिकल कॉलेज टांडा में रोबोटिक सर्जरी की शुरूआत की गई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि शीघ्र ही आईजीएमसी शिमला और हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में भी रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू कर दी जाएगी, जिसकी प्रक्रिया चल रही है। ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि चमियाणा में अब तक 151 तथा टांडा मेडिकल कॉलेज में 92 ऑपरेशन रोबोटिक सर्जरी के माध्यम से किए जा चुके है, जिसके बेहतर परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में एम्स दिल्ली के स्तर पर हाईएंड तकनीक का समावेश किया जा रहा है, ताकि प्रदेश के मेडिकल कॉलेज रैफरल स्वास्थ्य संस्थान बनकर न रह जाएं। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों को भी एक्सपोजर विजिट पर भेजा जाएगा, ताकि वे आधुनिक तकनीक के बारे में और बेहतर जानकारी हासिल कर सकें। उन्होंने कहा, ‘‘बिगड़ी हुई व्यवस्थाओं को ठीक करने में समय लगता है। आरडीजी बंद होने के कारण प्रदेश के बजट से 10 हजार करोड़ कम हुए हैं, इसके बावजूद आने वाले समय में राज्य सरकार आधुनिक मेडिकल तकनीक पर तीन हजार करोड़ रुपये खर्च करने जा रही है। स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार के लिए धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडिकल कॉलेज नेरचौक में हृदय रोग विभाग स्थापित किया जाएगा। कॉलेज के सभी विभागों में पीजी कोर्स शुरू किए जाएंगे। ऐसे सभी विभागों में जहां पीजी कोर्स शुरू करने के लिए प्रोफेसर नहीं है, उन्हें एकमुश्त रिलेक्सेशन (छूट) दी जाएगी, ताकि वहां पीजी कोर्स शुरू करने में किसी प्रकार की दिक्कत न आए। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज में एस.आर.शिप के पद भी बढ़ाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि नेरचौक में रेडियोलॉजी विभाग के साथ-साथ सभी विभागों को सशक्त किया जाएगा और डॉक्टरों, पैरा मेडिकल और टेक्नीशियन के पदों को भरा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के नीतिगत फैसले के तहत सभी मेडिकल कॉलेजों में पीजी और एसआर शुरू की जाएंगी। राज्य सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के लिए प्रयास कर रही है, ताकि प्रदेश के मरीजों को बेहतर इलाज के लिए बाहर न जाना पड़े। उन्होंने कहा कि नेरचौक ट्रॉमा सेंटर में खाली पदों को भरा जाएगा, ताकि इमरजेंसी सेवाओं में सुधार हो सके। थ्री-टेस्ला एमआरआई मशीन के साथ-साथ लिनाक (LINAC) मशीन को शुरू करने की प्रक्रिया चल रही है और जल्द ही पैट स्कैन मशीन भी लगाई जाएगी। ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों का स्टाइपंड 40 हजार रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये किया है, जबकि सीनियर रेजिडेंट सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों का स्टाइपंड एक लाख रुपये से बढ़ाकर 1.30 लाख रुपये किया गया है। मुख्यमंत्री ने मेडिकल कॉलेज नेरचौक के डॉक्टरों और स्टाफ से भी संवाद किया और मेडिकल कॉलेज में विभिन्न सुविधाओं और कमियों के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा के संबंध में मिले सुझावों को नीति में शामिल किया जाएगा, ताकि मरीजों को प्रदेश में ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त हो सकें। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व वह आईजीएमसी शिमला, टांडा और हमीरपुर मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों से भी इसी तर्ज पर संवाद कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में छात्रों के लिए 60-60 के सेक्शन बनाए जाएंगे। उसी अनुपात में स्टाफ भी उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा मिल सके।
विश्व महिला दिवस पर पुलिस मैदान में दौड़ स्पर्धाओं का आयोजन किया जाएगा। सहायक आयुक्त किन्नौर विपिन ठाकुर ने उपायुक्त कार्यालय के सभागार में 8 मार्च को पुलिस मैदान रिकांगपिओ में आयोजित होने वाले विश्व महिला दिवस कार्यक्रम के संबंध में बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि इस अवसर पर “अस्मिता – खेल से ही पहचान” कार्यक्रम के तहत 13 वर्ष से कम, 13 से 18 वर्ष तथा 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के युवक-युवतियों के लिए 100, 200 और 400 मीटर दौड़ प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। प्रतियोगिता के विजेताओं को मेडल देकर सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रतिभागी अपना ऑनलाइन पंजीकरण https://nsrs.kheloindia.gov.in पर कर सकते हैं। इसके अलावा 8 मार्च को प्रातः 8 बजे के बाद पुलिस मैदान में स्थापित काउंटर पर भी पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध रहेगी। सहायक आयुक्त ने स्थानीय युवाओं से इन दौड़ प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी किन्नौर डॉ. राकेश नेगी, जिला कार्यक्रम अधिकारी जय कुमार गुप्ता, युवा खेल अधिकारी शुभम चंद्रन सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
चंबा जिले के चुराह उपमंडल की बघेईगढ़ ग्राम पंचायत में भेड़-बकरियां चराते समय एक महिला की ढांक से गिरकर मौत हो गई। मृतका की पहचान घईया गांव की निवासी गुमानू पत्नी मोती राम के रूप में हुई है। एसपी चंबा विजय कुमार सकलानी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने मामले में नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की है। जानकारी के अनुसार, गुमानू भेड़-बकरियां चराने के लिए घर से निकली थीं। रास्ते में अचानक पैर फिसलने से उनका संतुलन बिगड़ा और वे गहरी ढांक में जा गिरीं। इस हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। महिला को ढांक में गिरते देख आसपास मौजूद लोग मौके पर जमा हो गए और उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। परिजनों की मदद से शव को ढांक से निकालकर सड़क तक लाया गया। परिजनों ने किसी तरह का संदेह व्यक्त नहीं किया है। परिजनों के बयान पर बीएनएसएस की धारा 174 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। उपमंडलीय प्रशासन ने मृतका के परिजनों को 25 हजार रुपये की तत्काल सहायता दी है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा महिला एवं बाल विकास निदेशालय के तत्वावधान में 8 मार्च 2026 को जिला सिरमौर के नाहन में राज्य स्तरीय अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस समारोह का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं के अधिकारों, सम्मान और सशक्तिकरण के प्रति समाज की प्रतिबद्धता को और मजबूत करना है। विभाग के एक प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि इस अवसर पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। उन्होंने बताया कि समारोह में प्रदेश भर से लगभग 10,000 महिलाएं भाग लेंगी। इनमें आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता, महिला मंडलों की सदस्य, पंचायती राज संस्थाओं तथा शहरी स्थानीय निकायों की निर्वाचित प्रतिनिधि शामिल होंगी। प्रवक्ता ने कहा कि यह आयोजन महिलाओं के ऐतिहासिक संघर्षों, उपलब्धियों और समाज में उनके अमूल्य योगदान को सम्मानित करने के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, आर्थिक आत्मनिर्भरता और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में लैंगिक समानता तथा महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नाहन में आयोजित इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा प्रदर्शनी और विशेष स्टॉल भी लगाए जाएंगे। इन स्टॉलों में महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों को प्रदर्शित किया जाएगा, जिससे उनकी उद्यमिता और कौशल को बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय उत्पादों के लिए नए बाजार अवसर भी उपलब्ध होंगे।
पुलिस जिला नूरपुर की CIA टीम ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत डमटाल क्षेत्र के अंतर्गत गाँव छन्नी में एक घर पर दबिश देकर 12.76 ग्राम हेरोइन बरामद करने में सफलता हासिल की है। इस मामले में पुलिस ने एक महिला को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार CIA नूरपुर की टीम डमटाल क्षेत्र में गश्त और संदिग्ध व्यक्तियों की निगरानी कर रही थी। इसी दौरान NDPS अधिनियम की धारा 41(2) के तहत प्राप्त वारंट के आधार पर गाँव छन्नी स्थित एक घर की तलाशी ली गई। तलाशी की कार्रवाई नियमानुसार गवाहों की मौजूदगी में की गई। तलाशी के दौरान घर के एक कमरे में रखे फूलदान के अंदर से 12.76 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। पुलिस ने आरोपी महिला की पहचान बबली (29), पत्नी सुरिंदर उर्फ झांडी, निवासी गाँव छन्नी, तहसील इंदौरा, जिला कांगड़ा के रूप में की है। पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है। इस संबंध में पुलिस थाना डमटाल में NDPS अधिनियम की धारा 21 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस मादक पदार्थ की तस्करी में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।
मनाली के करजां गांव में एक आशियाना अचानक आग की लपटों से घिर गया। देवदार की महक और पत्थर की कलाकारी वाली काष्ठकुणी शैली का यह मकान देखते ही देखते दहक उठा, लेकिन ग्रामीणों के साहस और दमकल विभाग की फुर्ती ने एक बड़े विनाश को होने से रोक लिया। देर रात जब गांव के लोग अपने घरों में विश्राम की तैयारी कर रहे थे, तभी निहाल चंद के घर की ऊपरी मंजिल से आग की ऊंची लपटें उठती देख चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही मनाली और पतलीकूहल से दमकल की गाड़ियां मौके पर रवाना हुईं। संकरी गलियों और रात के अंधेरे के बावजूद ग्रामीणों ने अपनी एकजुटता दिखाते हुए आग पर काबू पाने की कोशिशें शुरू कर दीं। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में मकान का ऊपरी हिस्सा काफी हद तक क्षतिग्रस्त हो गया है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार मकान मालिक निहाल चंद को करीब 6 लाख रुपये का वित्तीय नुकसान झेलना पड़ा है। राहत की बात यह है कि आग को फैलने से रोक लिया गया, जिससे पड़ोस के घरों और आसपास की लगभग 50 लाख रुपये की संपत्ति सुरक्षित बचा ली गई। इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई है, जो कि सबसे बड़ी राहत की बात रही। मनाली अग्निशमन केंद्र के प्रभारी सरनपत ने पुष्टि की कि टीम ने समय रहते मोर्चा संभाल लिया था, जिससे एक बड़ा रिहायशी इलाका राख होने से बच गया। हालांकि, आग लगने के असली कारणों का अभी खुलासा नहीं हो पाया है और विभाग इसकी गहनता से जांच कर रहा है।
जनजातीय जिला किन्नौर के ऐतिहासिक गांव कल्पा में विश्व प्रसिद्ध पारंपरिक व सांस्कृतिक 'रोलाने पर्व' आज से शुरू हो गया है। पांच दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में किन्नौर की समृद्ध संस्कृति और अनूठी परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी। उपायुक्त किन्नौर, डॉ. अमित कुमार शर्मा ने बताया कि उत्सव की लोकप्रियता को देखते हुए इस बार हजारों की संख्या में विदेशी और घरेलू पर्यटकों के आने की उम्मीद है। आयोजन को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए मंदिर कमेटी और जिला प्रशासन के बीच कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं। भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल और डीडीएमए किन्नौर को विशेष निर्देश दिए गए हैं। उपायुक्त ने विश्वास व्यक्त किया कि बाहर से आने वाले पर्यटक रोलाने पर्व का भरपूर आनंद लेंगे और किन्नौर की अद्वितीय संस्कृति से रूबरू होंगे। प्रशासन पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधा के लिए पूरी तरह तैयार है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू आज मंडी जिले के एक दिवसीय दौरे पर है। इस दौरान मुख्यमंत्री मंडी जिले को करोड़ों रुपए की विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। इस दौरे का मुख्य आकर्षण स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नई क्रांति का आगाज और नाचन विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास व उद्घाटन होगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री सुबह शिमला से हैलीकॉप्टर के माध्यम से सुंदरनगर पहुंचें। जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा उनका भव्य स्वागत किया गया। सुंदरनगर में लैंड करने के बाद वे सड़क मार्ग द्वारा श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय मेडिकल कॉलेज नेरचौक के लिए प्रस्थान करेंगे। नेरचौक मेडिकल कॉलेज में मुख्यमंत्री ऐतिहासिक पहल करते हुए 'रोबोटिक सर्जरी सुविधा' का विधिवत उद्घाटन करेंगे। उद्घाटन समारोह के पश्चात मुख्यमंत्री मेडिकल कॉलेज के फैकल्टी सदस्यों के साथ एक अहम बैठक भी करेंगे। इस दौरान संस्थान की भविष्य की योजनाओं और स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने पर चर्चा की जाएगी। नेरचौक के बाद दोपहर के समय मुख्यमंत्री नाचन विधानसभा क्षेत्र के दियारगी पहुंचेंगे। यहां सीएम क्षेत्र के विकास के लिए करोड़ों रुपए की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री दोपहर बाद पुनः सुंदरनगर पहुंचेंगे। वहां से वे हेलीकॉप्टर के माध्यम से राजधानी शिमला के लिए रवाना हो जाएंगे।
जिला कारागार मंडी में बंद एक कैदी तक चिट्टा पहुंचाने के प्रयास का मामला सामने आया है। यह कोशिश जेल में चिट्टा तस्करी मामले में बंद आरोपी पति के लिए उसकी पत्नी ने की है। 1.3 ग्राम चिट्टा बरामद होने पर पुलिस ने आरोपी महिला को नियामानुसार गिरफ्तार किया और नोटिस पाबंद किया। पुलिस के अनुसार वीरवार दोपहर को नियमित मुलाकात के दौरान एक महिला की ओर से कपड़ों के माध्यम से संदिग्ध मादक पदार्थ जेल के अंदर भेजने का प्रयास किया, जिसे सुरक्षा जांच के दौरान बरामद कर लिया गया। सहायक अधीक्षक जेल मंडी की शिकायत पर यह मामला सामने आया। शिकायत में बताया गया कि जिला कारागार मंडी में बंद कैदियों की नियमित मुलाकात के दौरान सुनीता पत्नी सूरज कुमार शर्मा निवासी डाकघर बागाचनोगी जिला मंडी अपने पति से मिलने जेल पहुंची थी। मुलाकात के दौरान महिला कपड़ों के माध्यम से सफेद रंग का संदिग्ध पदार्थ जेल के अंदर भेजने का प्रयास किया। ड्यूटी पर तैनात जेल स्टाफ ने सुरक्षा जांच के दौरान उक्त पदार्थ को बरामद कर लिया। जांच में यह पदार्थ चिट्टा प्रतीत हुआ, जिसका कुल वजन लगभग 1.3 ग्राम पाया गया। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। बता दें, चिट्टे के आदि आरोपी कई बार पुलिस के लिए आफत बन चुके हैं। चिट्टे की तलब होने व तबीयत बिगड़ने पर आरोपियों को अस्पताल ले जाना पड़ा है। इस मामले में भी चिट्टे की तलब को पूरा करने के लिए आरोपी की पत्नी को भी तस्करी में शामिल कर दिया। उधर, पुलिस अधीक्षक मंडी विनोद कुमार ने बताया कि मामले में नियमानुसार सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है।
पुलिस जिला नूरपुर द्वारा नशे के सौदागरों के खिलाफ अपनाई गई जीरो टॉलरेंस नीति और न्यायालय में प्रभावी पैरवी के चलते एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल हुई है। माननीय न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी (JMFC) इंदौरा की अदालत ने NDPS एक्ट के एक मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। जानकारी के अनुसार वर्ष 2016 में थाना इंदौरा के अंतर्गत पुलिस ने संजीव कुमार उर्फ प्रिंस पुत्र अशोक कुमार, निवासी वार्ड नंबर-3 डमटाल, तहसील इंदौरा, जिला कांगड़ा को 3.90 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया था। पुलिस टीम ने मामले की गहन जांच कर पुख्ता साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किए। मामले की सुनवाई के बाद माननीय न्यायालय ने 5 मार्च 2026 को आरोपी संजीव कुमार को दोषी ठहराते हुए एक वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में आरोपी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। पुलिस के अनुसार दोषी संजीव कुमार एक आदतन अपराधी है, जिसके खिलाफ डमटाल और इंदौरा क्षेत्रों में चोरी, मारपीट, अवैध शराब तस्करी और एनडीपीएस अधिनियम के तहत कुल 13 आपराधिक मामले दर्ज हैं। नूरपुर पुलिस का कहना है कि इस सजा से क्षेत्र में सक्रिय नशा तस्करों को कड़ा संदेश गया है। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि नशे के अवैध कारोबार से जुड़ी किसी भी जानकारी को तुरंत पुलिस के साथ साझा करें। अपराधियों को कानून के कठघरे तक पहुंचाने के लिए हिमाचल पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
तहसील खुंडियां के गांव बलाहड़ की कौशल्या देवी का सेना सहारा बनी। फरवरी 1972 में उनके माता-पिता ने उनका विवाह किया था। कुछ समय तक सब कुछ ठीक चलता रहा, लेकिन बाद में उनके पति की नौकरी चली गई और परिवार का गुजारा मेहनत-मजदूरी से होने लगा। दिसंबर 2009 में अचानक उनके पति का निधन हो गया, जिसके बाद कौशल्या देवी अपने माता-पिता पर निर्भर हो गईं। कोरोना काल के दौरान अप्रैल 2020 में उनके पिता लाल सिंह का देहांत हो गया और चार साल बाद जून 2024 में उनकी माता विद्या देवी भी चल बसीं। इससे कौशल्या देवी पूरी तरह अकेली रह गईं और आर्थिक संकट का सामना करने लगीं। पूर्व सैनिक लीग खुंडियां के चेयरमैन एवं समाजसेवी रिटायर्ड कर्नल एम.एस. राणा ने बताया कि जुलाई 2024 में डीएससी रिकॉर्ड के माध्यम से कौशल्या देवी की डिपेंडेंट पेंशन के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की गई थी। रिकॉर्ड में उनकी जन्म तिथि और सिविल दस्तावेजों में अंतर पाया गया, जिसे ठीक करवाने में लगभग एक वर्ष का समय लगा। सितंबर 2025 में पूर्व सैनिक लीग खुंडियां की टीम ने सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार कर जिला सैनिक कल्याण विभाग धर्मशाला के माध्यम से रिकॉर्ड कार्यालय भेजे। इसके बाद सेना की ओर से कौशल्या देवी को लगभग 18 हजार रुपये की मासिक डिपेंडेंट पेंशन स्वीकृत कर दी गई, जिससे उन्हें आर्थिक सहारा मिला है। कौशल्या देवी ने इस सहयोग के लिए भारतीय सेना, जिला सैनिक कल्याण विभाग धर्मशाला के डिप्टी डायरेक्टर कर्नल गोपाल सिंह गुलेरिया तथा पूर्व सैनिक लीग खुंडियां की टीम—कर्नल एम.एस. राणा, कैप्टन कर्म सिंह, कैप्टन कश्मीर सिंह, सूबेदार मेजर माधो राम, सूबेदार मेजर रणबीर सिंह और नायब सूबेदार अमर सिंह—का निस्वार्थ सेवा के लिए आभार व्यक्त किया है। कर्नल राणा ने बताया कि ऐसे मामलों में उन्हीं बेटियों को डिपेंडेंट पेंशन मिलती है जिनके परिवार की मासिक आय नौ हजार रुपये से कम हो और जो अन्य निर्धारित शर्तों को भी पूरा करती हों। उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिक लीग खुंडियां सैन्य परिवारों के कार्यों में मदद करने के लिए हमेशा तत्पर रहती है और खुंडियां के अलावा बाहरी क्षेत्रों के परिवार भी यहां से अपने कार्य करवाने आते हैं।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं लोकसभा में सांसद प्रियंका गांधी बीती शाम को शिमला पहुंच गई हैं। वह, शिमला के छराबड़ा में अपने घर पर ठहरी हुई हैं। सूत्रों के अनुसार, प्रियंका गांधी अगले चार-पांच दिन वहीं रुकेंगी। बताया जा रहा है कि प्रियंका गांधी चंडीगढ़ तक हेलिकॉप्टर से पहुंचीं और वहां से सड़क मार्ग से होते हुए शिमला आईं। उनके निजी दौरे को गोपनीय रखा गया है। एक- दो दिन बाद प्रियंका गांधी हनुमान मंदिर जाखू में दर्शन को पहुंच सकती है। बता दें कि शिमला से लगभग 12 किलोमीटर दूर छराबड़ा में कल्याणी हेलिपैड के पास प्रियंका गांधी ने पहाड़ी शैली में अपना घर बना रखा है। वह साल में पांच-छह बार छराबड़ा आती रही हैं। उनके साथ माता सोनिया गांधी, पति रॉबर्ट वाड्रा, भाई राहुल गांधी और बच्चे भी छराबड़ा आते रहे हैं। खासकर गर्मियों के दौरान प्रियंका गांधी का परिवार यहां कई कई दिन बिताता है। प्रियंका के दौरे को देखते हुए पुलिस ने छराबड़ा में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। यहां से आने-जाने वाले हरेक व्यक्ति पर पैनी नजर रखी जा रही है, क्योंकि प्रियंका के घर के साथ ही राष्ट्रपति निवासी रिट्रीट है। यहां पर लोकल समेत देशभर से शिमला आने वाले टूरिस्ट चले रहते है।
हिमाचल प्रदेश की सियासत में मार्च का महीना एक बार फिर हलचल और उम्मीदों का पैगाम लेकर आ रहा है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू 21 मार्च को वर्ष 2026-27 के लिए अपने कार्यकाल का चौथा बजट पेश करेंगे। यह अवसर इसलिए भी खास है। क्योंकि इससे पहले वे लगातार तीन वर्षों तक 17 मार्च को ही बजट पेश करते रहे हैं। इस बार तारीख में बदलाव के साथ बजट को लेकर राजनीतिक और आर्थिक दोनों ही स्तरों पर उत्सुकता बढ़ गई है। विधानसभा का बजट सत्र 18 मार्च से 2 अप्रैल तक चलेगा। कुल 13 बैठकों वाले इस सत्र में सरकार की नीतियों, योजनाओं और वित्तीय प्राथमिकताओं पर गहन मंथन होगा। प्रदेश में इस बार दो चरणों में पूरा होगा। विधानसभा का पहला बजट का सत्र 16 फरवरी से 18 फरवरी तक चला था। वहीं, अब विधानसभा का दूसरा बजट सत्र 18 मार्च से राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के साथ शुरू होगा। विधानसभा बजट सत्र के दूसरे चरण में 18 से 20 मार्च तक पहले राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा होगी। इसके बाद 21 मार्च को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू बजट पेश करेंगे। वहीं, 22 मार्च को अवकाश रहेगा। इसके बाद 23 मार्च से बजट अनुमानों पर चर्चा शुरू होगी, जो 28 मार्च तक जारी रहेगी। इस दिन बजट पारित किया जाएगा। इसके बाद 29 मार्च को अवकाश रहेगा। 30 मार्च से 2 अप्रैल तक विभिन्न विधेयक सदन में रखे जाएंगे।
हिमाचल हाईकोर्ट में आज फिर से शिमला नगर निगम मेयर के कार्यकाल को बढ़ाने को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई होगी। इस मामले में अंतरिम आदेश जारी करने की मांग को लेकर दायर याचिका पर सरकार आज कोर्ट में अपनी दलीलें पेश करेगी। बीते सोमवार को याचिकाकर्ता ने मेयर की नियुक्ति को तत्काल रद्द करने की मांग की थी, जिसे कोर्ट ने यह कहते हुए स्वीकार नहीं किया कि यह एक संवैधानिक मुद्दा है, जिस पर सरकार को अपना पक्ष रखने का पूरा मौका दिया जाना चाहिए। पक्षों को बिना सुने जल्दबाजी में कोर्ट कोई भी आदेश पारित नहीं कर सकती। बता दें कि राज्य सरकार ने मेयर का कार्यकाल ढाई साल से बढ़ाकर पांच वर्ष किया है। इसके लिए बाकायदा विधानसभा के विंटर सेशन में अध्यादेश लाया गया। इस अध्यादेश को एक एडवोकेट ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर चुनौती दी। 4 दिसंबर 2025 को सरकार ने संबंधित विधेयक को विधानसभा में पारित कर राज्यपाल को मंजूरी के लिए भेजा। जनवरी 2026 में राज्यपाल ने कुछ आपत्तियों के साथ विधेयक सरकार को लौटा दिया। सरकार ने 16 फरवरी को इसे दोबारा विधानसभा में पेश कर उसी दिन पारित कराया और पुनः राज्यपाल की स्वीकृति के लिए भेज दिया। फिलहाल इस पर मंजूरी लंबित है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अंजली सोनी वर्मा ने दलील दी कि जब तक विधेयक को राज्यपाल की स्वीकृति नहीं मिल जाती, तब तक मौजूदा कानून के तहत मेयर का कार्यकाल समाप्त माना जाएगा। ऐसे में उनके द्वारा लिए गए निर्णय अवैध ठहराए जाएं। उन्होंने तर्क दिया कि इससे नगर निगम में संवैधानिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। याचिका में कुछ पार्षदों के निलंबन और बजट पेश किए जाने जैसे निर्णयों को भी चुनौती दी गई है। वहीं, सरकार की ओर से कहा गया कि कार्यकाल बढ़ाने संबंधी अध्यादेश को विधिवत विधानसभा में पारित किया जा चुका है और अब यह राज्यपाल की स्वीकृति की प्रक्रिया में है। इसी प्रकरण में कोर्ट ने पार्षद आशा शर्मा, कमलेश मेहता और सरोज ठाकुर द्वारा स्वयं को पक्षकार बनाने का आवेदन भी कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। याचिका में राज्य सरकार के शहरी विकास विभाग, राज्य निर्वाचन आयोग तथा महापौर सुरेंद्र चौहान को प्रतिवादी बनाया गया है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि सरकार ने एक व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से महापौर के कार्यकाल को पांच वर्ष करने का अध्यादेश लाया।
सोलन जिला में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां एक पिता ने अढ़ाई साल के बच्चे की हत्या कर दी। मामला सलोगड़ा का है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को हिरासत में ले लिया है और कोर्ट में पेश किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार बालूघाटी के सलोगड़ा में नेपाली मूल की महिला तारा देवी पत्नी राजेंद्र ने बताया कि उसके अढ़ाई साल का बच्चा प्रवीन घर के आंगन में गिर गया था, जिसे इलाज के लिए वह अस्पताल ले गए, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जब मृतक बच्चे को दफनाने के लिए ले जाया जा रहा था, तब ग्रामीणों ने इसकी सूचना पंचायत प्रधान को दी और फिर मामले का दूसरा पहलू उजागर हुआ। जानकारी के अनुसार महिला तारा देवी अपने पहले पति राजेंद्र को छोडक़र वर्तमान पति राज थापा के साथ रह रही थी। अब राजेंद्र और राज थापा के बीच अढ़ाई साल के बच्चे के पालन-पोषण को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद के बीच 2 दिन पहले राज थापा, जो कि प्रवीन का सौतेला पिता था, ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। चौंकाने वाली बात यह है कि वारदात को नेचुरल डेथ का रूप दिया जा रहा था। अगर ग्रामीणों को बच्चे के दफनाने की सूचना नहीं मिलती, तो मामले का किसी को पता नहीं चल पाता। बहरहाल, पुलिस टीम ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। एसपी सोलन ने मामले की पुष्टी की है।
शिमला जिले के तहत पुलिस थाना देहा क्षेत्र में चिट्टा तस्करी के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए चिट्टा सप्लायर को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार 27 फरवरी को पुलिस थाना देहा की टीम ने गश्त के दौरान एक युवक को 5.52 ग्राम चिट्टा/हेरोइन सहित गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान रोहित (25 वर्ष) पुत्र मंगत राम, निवासी गांव पालुआ, डा० चनैर, तहसील ठियोग, जिला शिमला के रूप में हुई। इस संबंध में पुलिस थाना देहा में मुकदमा संख्या 08/26 दिनांक 28/02/2026 को धारा 21 एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। मामले की जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर 2 फरवरी को नशे की खेप के सप्लायर अजय चौहान (37 वर्ष) पुत्र स्वर्गीय प्रकाश चंद, निवासी गांव धारकालना, डा० देवठी, तहसील ठियोग, जिला शिमला को भी गिरफ्तार किया गया। आरोपी के खिलाफ उक्त मुकदमे में धारा 29 एनडीपीएस अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। आरोपी अजय चौहान को आज माननीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे तीन दिन की पुलिस हिरासत रिमांड पर भेजा गया है। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है। जिला पुलिस शिमला ने स्पष्ट किया है कि नशे के विरुद्ध “जीरो टॉलरेंस” की नीति के तहत सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और युवाओं को नशे के दुष्प्रभाव से बचाने के लिए अभियान को और तेज किया जाएगा।
ऊना जिला की हरोली पुलिस थाना की टीम ने चिट्टा माफियों पर लगातार शिकंजा कसा हुआ है। इसी कड़ी में मंगलवार को एक गुप्त सूचना के आधार पर थाना हरोली की टीम ने सहायक उप निरीक्षक दीपक के नेतृत्व में धर्मपुर में बाइक पर सवार दो स्थानीय युवकों से 0.38 ग्राम हेरोइन पकड़ने में सफलता प्राप्त की है। प्राथमिक पूछताछ में आरोपियों की पहचान भूषण पुत्र सोमनाथ निवासी वार्ड नं0-05 गांव व डा. धर्मपुर तहसील हरोली, जिला ऊना तथा नीरज निवासी गांव व डा. धर्मपुर तहसील हरोली, जिला ऊना के रूप में हुई। आरोपी चिट्टे की उक्त खेप कहां से लाए है और ऊना मे इसका नेटवर्क किसके साथ है पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी गई है। प्रभारी पुलिस थाना सुनील ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ अभियोग दर्ज करके आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। वहीं पुलिस अधीक्षक सचिन ने बताया कि जिला पुलिस लगातार नशे के व्यापारियों के खिलाफ सतर्कता और सूझबूझ से कार्य करके ऐसे लोगों को जेल के सलाखों के पीछे धकेल रही है।
मनाली में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए होटल के एक कमरे से 91.290 ग्राम चिट्टा बरामद कर दो युवकों को गिरफ्तार किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 02 मार्च को रात लगभग 10:50 बजे थाना पुलिस की टीम गश्त पर थी। इसी दौरान IBEX चौक पर विश्वसनीय सूचना मिली कि होटल मंगलदीप-02, गोंपा रोड़, मनाली के कमरा नंबर 202 में ठहरे दो युवक चिट्टा/हेरोइन बेचने का कार्य कर रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने होटल में दबिश दी। कमरे में मौजूद व्यक्तियों ने अपनी पहचान विजय कुमार (31 वर्ष), निवासी वीपीओ भूना, तहसील व जिला फतेहाबाद (हरियाणा) तथा संजीव वैद्य (24 वर्ष), निवासी मकान नंबर 3396, सेक्टर 25-डी, चंडीगढ़ के रूप में बताई। कमरे की तलाशी लेने पर बैड के तकिये के नीचे रखे खाकी रंग के कागजी बैग से एक बीड़ी बंडल, एक लाइटर एक काला लेदर पर्स (जिसमें ₹1100 व एसबीआई एटीएम कार्ड विजय कुमार के नाम) तथा एक पारदर्शी पॉलिथीन लिफाफा बरामद हुआ। लिफाफे में हल्के पीले रंग का दानेदार पदार्थ मिला, जो प्रारंभिक जांच में चिट्टा/हेरोइन प्रतीत हुआ। तराजू से तोलने पर पदार्थ (पॉलीथीन सहित) कुल 91.290 ग्राम पाया गया। पुलिस ट्राम द्वारा दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मामलें में आगामी कार्रवाई जारी है।
शिमला जिले के तहत थाना जुब्बल क्षेत्र में पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए महज चार घंटे में दो नाबालिग लड़कियों को सकुशल बरामद कर उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 02-03-2026 को दोपहर करीब 1:00 बजे प्रधान ग्राम पंचायत कोट काईना दो अन्य नेपाली व्यक्तियों के साथ थाना जुब्बल पहुंचे। उन्होंने पुलिस को सूचना दी कि दो नेपाली नाबालिग लड़कियां बिना बताए घर से कहीं चली गई हैं। परिजनों द्वारा अपने स्तर पर काफी तलाश करने के बावजूद उनका कोई सुराग नहीं लग पाया। सूचना मिलते ही थाना जुब्बल पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस चौकी सरस्वती नगर और चेक पोस्ट खड़ापत्थर को भी सतर्क कर दिया गया। एएसआई अशोक कुमार अपने हमराही आरक्षी और दोनों लड़कियों के परिजनों के साथ संभावित स्थानों पर तलाश के लिए रवाना हुए। पुलिस टीम ने जुब्बल, हाटकोटी और रोहड़ू क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और विभिन्न स्थानों पर सघन तलाशी अभियान चलाया। लगातार प्रयासों के परिणामस्वरूप सूचना मिलने के मात्र चार घंटे के भीतर दोनों नाबालिग लड़कियों को रोहड़ू क्षेत्र से सकुशल बरामद कर लिया गया। आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद दोनों लड़कियों को सुरक्षित उनके परिवारजनों सौंप दिया गया।
हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा जारी डिटेंशन ऑर्डर की अनुपालना में जिला पुलिस शिमला द्वारा एक और आरोपी नशा तस्कर को नजरबंद करने हेतु जेल भेजा गया है। यह कार्रवाई दिनांक 02 मार्च 2026 को पुलिस थाना ननखड़ी की टीम द्वारा की गई। पुलिस टीम द्वारा आरोपी प्रेम राज उर्फ आईडी मैहता, उर्फ संतोष मैहता, पुत्र वीर सिंह, निवासी ग्राम जगोट, डाकघर एवं तहसील ननखड़ी, जिला शिमला (हि.प्र.) को पीआईटी एनडीपीएस अधिनियम के अंतर्गत मुकाम जगोट (ननखड़ी) में विधिवत डिटेंशन ऑर्डर के आधार पर हिरासत में लेकर तीन महीने के लिए जिला सुधार गृह कैथू, शिमला भेज दिया गया है। यह कार्रवाई राज्य सरकार के आदेशों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा नशा तस्करी पर कठोर अंकुश लगाने की प्रतिबद्धता का प्रत्यक्ष प्रमाण है। उक्त व्यक्ति पूर्व में भी NDPS अधिनियम, 1985 के अंतर्गत कई मामलों में संलिप्त रह चुका है। आरोपी को पूर्व में चार बार गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें से दो मामलों में वह दोषसिद्ध कॉन्विक्ट हो चुका है, जबकि दो मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं। शिमला पुलिस द्वारा पिछले लगभग एक महीने में 24 आदतन संगठित नशा तस्करों को डिटेंशन आदेश के आधार पर हिरासत में लेकर 3 माह के लिए जेल भेजा जा चुका है। जिला पुलिस शिमला नशे के विरुद्ध “जीरो टॉलरेंस” की नीति के अंतर्गत दृढ़तापूर्वक कार्य कर रही है।
सोलन के जिला दण्डाधिकारी मनमोहन शर्मा ने आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए माल रोड पर वाहनों की आवाजाही को लेकर आवश्यक आदेश जारी किए हैं। जारी आदेश मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 115 एवं 117, सड़क नियमन नियम, 1999 के नियम 15 एवं 17 तथा हिमाचल प्रदेश मोटर वाहन नियम, 1999 के नियम 184 एवं 196 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लागू किए गए हैं। आदेशों के अनुसार ग्रीष्मकालीन अवधि में 2 मार्च, 2026 से 30 नवंबर, 2026 तक पुराना उपायुक्त कार्यालय से पुराने बस अड्डे तक प्रतिदिन सायं 5:30 बजे से रात्रि 8:00 बजे तक सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। हालांकि यह आदेश रोगी वाहन (एंबुलेंस), अग्निशमन वाहन, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात वाहनों तथा कचरा उठाने वाले वाहनों पर लागू नहीं होंगे। प्रशासन द्वारा जारी ये आदेश तुरंत प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं।
जिला एवं सत्र न्यायालय सोलन परिसर एवं कण्डाघाट, अर्की, कसौली, नालागढ़ न्यायालय परिसर में 14 मार्च, 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की जाएगी। यह जानकारी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोलन की सचिव आकांक्षा डोगरा ने दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न मामलों का निपटारा समझौते के आधार पर किया जाएगा। इस दौरान आपराधिक कंपाउंडेबल अपराध, चेक बाउंस मामले, वाहन चालान के मामले, धन वसूली के मामले इत्यादि की सुनवाई कर निपटारा किया जाएगा। इसके अतिरिक्त सड़क दुर्घटना क्लेम के मामले, श्रम विवाद के मामले, बिजली और पानी के बिल, वैवाहिक विवाद, भूमि अधिग्रहण के मामले, वेतन और भत्तों तथा सेवानिवृत्ति से संबंधित मामलों की सुनवाई कर निपटारा होगा। प्राधिकरण की सचिव ने कहा कि जो मामले अब तक न्यायालय में दायर नहीं हुए हैं, उनका भी लोक अदालत में निपटारा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोक अदालत में समय एवं धन की बचत होती है। न्यायालय शुल्क नहीं लगता और पुराने मुकदमों का न्यायालय शुल्क वापस हो जाता है। इसमें किसी पक्ष को सजा भी नहीं होती। उन्होंने कहा कि वाहन चालान के मामलों में वर्चुअल कोर्ट की साइट पर जाकर भी भुगतान किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कोई भी इच्छुक व्यक्ति यदि अपने मामलों का निपटारा करवाना चाहता है तो 14 मार्च, 2026 से पूर्व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय सोलन व जिले के सभी न्यायालयों में सादे कागज पर आवेदन कर सकता है। जिस न्यायालय में मामला विचाराधीन है, वहां भी इस संबंध में आवेदन किया जा सकता है।
छोटी काशी मंडी में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी होली का त्योहार बड़े ही उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस बार भी होली का सामूहिक आयोजन सेरी मंच पर हुआ जिसमें हजारों की संख्या में लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। यहां होली के आयोजकों द्वारा लोगों के लिए डीजे आदि का प्रबंध किया गया था जहां लोगों ने जमकर गुलाल भी उड़ाया और जी भरकर नाचे भी। सुबह करीब दसे बजे से दोहपर दो बजे यह भव्य आयोजन हुआ जिसमें सभी ने शिरकत की। पूर्व सीएम एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, बल्ह के विधायक इंद्र सिंह गांधी, डीसी मंडी अपूर्व देवगन और एसपी मंडी विनोद कुमार सहित अन्य गणमान्य लोगों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई और सभी को होली की बधाई दी। इस भारी भरकम भीड़ को मैनेज करने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल भी तैनात रहा। क्यूआरटी की टीमें भीड़ के अंदर पूरी तत्परता से डटी रही। वहीं, दूसरी तरह राज माधव राय मंदिर में भी भगवान श्री कृष्ण को होली लगाने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। बता दें कि राज माधव राय को मंडी रियासत का राजा कहा जाता है और भक्त इनके दरबार में आकर इन्हें गुलाल लगाकर मंगल कामनाएं मांगते हैं। दोपहर दो बजे के बाद राज माधव राय की पालकी के साथ ही छोटी काशी का होली का यह त्यौहार संपन्न हुआ। बता दें कि छोटी मंडी में होली के त्यौहार को हमेशा से ही एक दिन पहले मनाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। इसलिए यहां होली का त्यौहार हमेशा ही एक दिन पहले मनाया जाता है। लोग इस त्यौहार को पूरे हर्षोल्लास के साथ मना सकें, इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा स्थानीय अवकाश भी घोषित किया जाता है। स्थानीय निवासी संतोष सचदेवा, डा. दिनेश ठाकुर, कनव, दिनेश शर्मा, राज बिहारी कृष्ण दास और ऋषभ शर्मा ने बताया कि इस त्यौहार को लेकर उनके खासा उत्साह रहता है। लोग वर्ष भर इस त्यौहार का इंतज़ार करते हैं और इसे पूरे जोश के साथ मनाते हैं।
पठानकोट से संबंध रखने वाले युवा इशित महाजन ने मुंबई में पंजाब का नाम रोशन किया है। उन्होंने फैशन डिजाइनिंग में राष्ट्रीय स्तर की डिजाइनिंग प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया। इशित के पिता रॉकी एक टेलर हैं और पठानकोट में रॉकी स्टूडियो नाम से टेलरिंग की दुकान चलाते है, जबकि इशित एटलस स्किल टेक युनिवर्सिटी मुंबई में फैशन डिजाइनिंग के छात्र हैं और भारत भर से फैशन डिजाइनिंग में 10 हजार डिजाइनर में से पहले उसने टॉप 16 में जगह बनाई और अब प्रथम स्थान प्राप्त कर न केवल पठानकोट बल्कि पूरे पंजाब का नाम मुंबई में चमकाया है। उन्होंने लिवा प्रोटेज विनर का खिताब अपने नाम किया है।
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू के जाणा गांव के पास रविवार तड़के एक सड़क हादसे में दो युवकों की मौत हो गई। फागली उत्सव से लौट रही एक बोलेरो कैंपर अनियंत्रित होकर करीब 100 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। इस दुर्घटना में तीन अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस के अनुसार, यह हादसा रविवार तड़के करीब 3:30 बजे जाणा वॉटरफॉल के समीप हुआ। बोलेरो कैंपर में सवार पांच दोस्त फागली उत्सव में देवता के दर्शन कर लौट रहे थे। एसपी कुल्लू मदन लाल कौशल ने घटना की पुष्टि की है। घायल चश्मदीद विवेक (20 वर्ष), निवासी गांव कोटाधार, ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि वे सभी दोस्त शनिवार को जाणा गांव में फागली उत्सव के लिए आए थे। विवेक के अनुसार, जाणा बस स्टैंड से लगभग 250 मीटर आगे वॉटरफॉल के पास चालक अविनाश ने गाड़ी से नियंत्रण खो दिया। गाड़ी पहले पहाड़ी से टकराई और फिर सीधे खाई में जा गिरी। इस हादसे में बोलेरो ड्राइवर 20 वर्षीय अविनाश और सोनम की मौत हो गई, जबकि गांव कोटाधार निवासी 20 वर्षीय विवेक, हेमराज और विजय गंभीर रुप से घायल हो गए। तीनों घायलों को उपचार के लिए कुल्लू अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतक अविनाश के पैतृक गांव सौर (डाकघर कराड़सू) और विवेक के गांव कोटाधार में इस घटना के बाद शोक का माहौल है।
बाबा कांशी राम राजकीय महाविद्यालय डाडासीबा के करियर एवं मार्गदर्शन प्रकोष्ठ द्वारा करियर पॉइंट अकादमी डाडासीबा के सहयोग से महाविद्यालय परिसर में एक विशेष करियर मार्गदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को विभिन्न करियर विकल्पों एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ कार्यक्रम प्रभारी डॉ. राम पाल द्वारा स्वागत भाषण के साथ किया गया। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य के प्रति सजग रहने तथा समय का सदुपयोग करने के लिए प्रेरित किया। महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर रजनी संख्यान ने अपने संबोधन में छात्र जीवन में करियर के महत्व को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी युग में सही मार्गदर्शन, निरंतर परिश्रम और उचित रणनीति के माध्यम से विद्यार्थी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच अपनाने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं संसाधन व्यक्ति मनोज कुमार, निदेशक-सह-स्वामी, करियर पॉइंट अकादमी डाडासीबा ने करियर के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डाला। उन्होंने सरकारी एवं गैर-सरकारी क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की रणनीति तथा समय प्रबंधन के महत्व पर विस्तारपूर्वक चर्चा की। विद्यार्थियों ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. राम पाल ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रोफेसर दविंदर सिंह, प्रोफेसर खेम चंद, सहायक पुस्तकालयाध्यक्ष अंजना देवी तथा अधीक्षक ग्रेड–II कुंता देवी सहित अन्य स्टाफ सदस्य भी उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा (HAS) की अधिकारी ओशिन शर्मा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट हटा दिए हैं। यह कदम हाल के विवादों और सरकार की सख्ती के बाद उठाया गया बताया जा रहा है। इससे पहले भी उनकी सोशल मीडिया गतिविधियों को लेकर सवाल उठते रहे हैं। हाल में एक निजी कंपनी के उत्पाद के प्रमोशन से जुड़ा मामला सामने आने पर चर्चा तेज हो गई थी। ओशिन शर्मा वर्तमान में शिमला में एसडीएम के पद पर तैनात हैं। उनकी सोशल मीडिया पर सक्रियता चर्चा का विषय थी। इसको लेकर वह विवाद में थी। विपक्ष भी इसको लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा था। विधानसभा सत्र के दौरान एक बीजेपी विधायक ने बिना नाम लिए अधिकारियों की सोशल मीडिया सक्रियता पर सवाल उठाए थे। उत्पाद प्रमोशन की शिकायत मिलने के बाद मुख्य सचिव ने मामले की जांच के आदेश दिए। सरकार ने संकेत दिया था कि सेवा नियमों के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं अब लगातार विवाद और बढ़ते दबाव के बीच अधिकारी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट बंद कर दिए। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है।
उद्योग मंत्री हर्षवर्द्धन चौहान ने आज यहां नगर निगम सोलन की परिधि में नुकसान दायक सिद्ध हो रहे वृक्षों को हटाने के लिए प्रस्तावित स्थलों का निरीक्षण कर अधिकारियों से विचार-विमर्श किया। उद्योग मंत्री ने नगर निगम सोलन की परिधि में वृक्ष प्राधिकरण समिति द्वारा संस्तुत 28 वृक्षों को हटाने के लिए प्रस्तावित 13 स्थलों में से चंबाघाट में शिव मंदिर के समीप, नए बस स्टैंड के समीप लोहार मोहल्ला, नहोड़ गांव के समीप, ठोड़ो मैदान के समीप तथा खुंडीधार में निर्धारित स्थलों का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए। हर्षवर्द्धन चौहान ने इस अवसर पर आश्वासन दिया कि भविष्य में भी सोलन नगर निगम के क्षेत्र में वृक्ष कटान की अनुमति उन्हीं स्थानों पर दी जाएगी जहां पर जान-माल का खतरा हो। उन्होंने कहा कि एक पेड़ काटने के एवज में व्यक्ति को 05 पेड़ लगाना अनिवार्य होगा ताकि हरित क्षेत्र प्रभावित न हो। उद्योग मंत्री ने कहा कि हिमाचल में पर्यटन क्षेत्र आर्थिकी के आधार स्तम्भ में से एक है और हरित आवरण पर्यटकों की संख्या में वृद्धि तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वृक्ष कटान की अनुमति देते समय सभी आवश्यक पहलुओं का ध्यान रखा जाता है। उन्होंने इस अवसर पर नगर निगम सोलन की महापौर, पार्षदों तथा अधिकारियों से सोलन शहर के सौंदर्यकरण, मूलभूत सुविधाओं एवं अधोसंरचनात्मक आवश्यकताओं के सम्बन्ध में फीडबैक ली। उन्होंने कहा कि सभी आवश्यक पहलुओं को प्रदेश सरकार के ध्यान में लाया जाएगा। ज़िला कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष चन्द बरमानी, नगर निगम सोलन की महापौर ऊषा शर्मा, नगर निगम सोलन के पार्षद सरदार सिंह ठाकुर, राजीव कौडा, संतोष ठाकुर, अभय, मनोनीत पार्षद रजत थापा, उप महाधिवक्ता रोहित शर्मा, हिमाचल प्रदेश व्यापार कल्याण बोर्ड के सदस्य शोभित बहल, नगर निगम सोलन की आयुक्त एकता कापटा, ज़िला उद्योग महाप्रबंधक सुरेंद्र ठाकुर, उपमण्डलाधिकारी सोलन डॉ. पूनम बंसल, नगर निगम सोलन के संयुक्त आयुक्त चेतन चौहान, ट्री ऑफिसर चन्द्रिका शर्मा सहित अन्य व्यक्ति एवं स्थानीय निवासी इस अवसर पर उपस्थित थे।
साई संजीवनी हॉस्पिटल में आपातकालीन सर्जरी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज करते हुए, प्रसिद्ध सर्जन डॉ. संजय अग्रवाल के नेतृत्व में डुओडेनल अल्सर परफोरेशन (आंत में छेद) का सफल लैप्रोस्कोपिक ऑपरेशन किया गया। रोगी को तीव्र पेट दर्द, उल्टी तथा पेट में गंभीर संक्रमण (एक्यूट एब्डॉमेन) के लक्षणों के साथ अस्पताल लाया गया था। आवश्यक जांचों एवं चिकित्सकीय मूल्यांकन के बाद डुओडेनल अल्सर परफोरेशन की पुष्टि हुई। मरीज की स्थिति को देखते हुए डॉ. संजय अग्रवाल एवं उनकी टीम ने पारंपरिक ओपन सर्जरी के स्थान पर आधुनिक लैप्रोस्कोपिक (दूरबीन विधि) तकनीक से ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। ऑपरेशन के दौरान डुओडेनम में हुए छेद की पहचान कर उसे सफलतापूर्वक लैप्रोस्कोपिक तकनीक से ठीक किया गया। सर्जरी बिना किसी जटिलता के संपन्न हुई। इस आधुनिक विधि से मरीज को कम दर्द, कम रक्तस्राव, छोटे चीरे तथा शीघ्र स्वस्थ होने का लाभ मिला। वर्तमान में मरीज की स्थिति स्थिर है और वह चिकित्सकीय निगरानी में तेजी से स्वस्थ हो रहा है। यह सफल आपातकालीन सर्जरी सोलन में उन्नत लैप्रोस्कोपिक सुविधाओं की उपलब्धता को दर्शाती है, जिससे अब गंभीर मरीजों को उपचार के लिए बड़े शहरों की ओर जाने की आवश्यकता कम हो गई है। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि पेप्टिक अल्सर परफोरेशन जैसी गंभीर स्थिति में समय पर पहचान और शीघ्र सर्जरी अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि देरी होने पर पेरिटोनाइटिस और सेप्सिस जैसी जानलेवा जटिलताएँ उत्पन्न हो सकती हैं।
हरिपुर में 27 फरवरी को सुबह 09:00 बजे से सायं कार्य समाप्त होने तक 11 के.वी. दौलतपुर फीडर के जरूरी रखरखाव हेतु फीडर के अंतर्गत आने वाले गांवों जोकि दौलतपुर, तकीपुर, जलाडी, कुल्थी, धमेड, जन्यांकड़, घट्टा, जतेहर, चौंदा, कोपर लाहड, टल्ला, तर्खानकर, रसूह तथा फर्ना आदि की विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी सहायक अभियंता आदित्य सूद ने दी। साथ ही धीरा में भी विद्युत उपमंडल डरोह के अंतर्गत आने वाले विद्युत अनुभाग कार्यालय धीरा की 11 के.वी. काहनफट फीडर की नई 11 के. वी. लाइन के दूसरे चरण का कार्य आरंभ किए जाने के कारण भदरोल, काहनफट, पनयाली, लाहरु आदि गांवों में 27 फरवरी को सुबह 9:30 बजे से लेकर कार्य समाप्ति तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी सहायक अभियन्ता सुभाष कुमार ने दी।
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जिला बिलासपुर के थाना कोट पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत श्री नैनादेवी क्षेत्र के घवांडल गांव में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। एक व्यक्ति ने खुद को लोक निर्माण विभाग का इंजीनियर बताकर महिला से 4 लाख 56 हजार रुपए ठग लिए। पुलिस ने आरोपित के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, घवांडल निवासी नीता देवी ने आरोप लगाया है कि फरवरी 2024 में राकेश कुमार निवासी चौपाल, जिला शिमला ने उनसे संपर्क किया। आरोपित ने स्वयं को लोक निर्माण विभाग में इंजीनियर बताते हुए उनके बेटे को सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। सरकारी नौकरी का सपना दिखाकर आरोपित ने महिला का विश्वास जीत लिया और अलग-अलग तिथियों में कुल 4 लाख 56 हजार रुपए अपने बताए गए बैंक अकाउंट में जमा करवा लिए। पीड़िता ने ये राशि अपने खाते के अलावा रिश्तेदारों के खातों से भी ट्रांसफर करवाई। शिकायत में बताया गया है कि आरोपित पिछले दो वर्षों से नौकरी लगने की प्रक्रिया पूरी होने का आश्वासन देता रहा। वह कभी फाइल आगे बढ़ने की बात करता तो कभी नियुक्ति पत्र जारी होने का बहाना बनाता रहा। जब काफी समय बीत जाने के बाद भी न तो नौकरी मिली और न ही पैसे वापस किए गए, तो महिला को अपने साथ ठगी होने का एहसास हुआ। हालात यहां तक पहुंच गए कि अब आरोपी पीड़िता के फोन कॉल तक रिसीव नहीं कर रहा है।
हज यात्रा 2026 की तैयारियां शुरू हो गई है। हिमाचल से हज यात्रा पर इस बार 67 यात्री सऊदी अरब जा रहे है। हिमाचल से हज यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए मेडिकल स्क्रीनिंग व टीकाकरण का कार्यक्रम 5 मार्च से शुरू होने जा रहा है।इसको लेकर सचिवालय में हिमाचल प्रदेश हज समिति की एक महत्वपर्ण बैठक समिति के अध्यक्ष दिलदार अली बट्ट की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में वर्ष 2026 में हज यात्रा पर जाने वाले हिमाचल प्रदेश के हाजियों से संबंधित विभिन्न व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में मनोज कुमार चौहान, आईएएस, मुख्य कार्यकारी अधिकारी हज समिति-एवं विशेष सचिव (गृह) तथा राकेश शर्मा, वरिष्ठ कोल्ड चेन अधिकारी-एवं-्नोडल अधिकारी (हज) नेशनल हेल्थ मिशन भी उपस्थित रहे। बैठक में केंद्र सरकार द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों एवं मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) की जानकारी दी गई, जिनका पालन हज यात्रियों की चिकित्सीय जांच एवं टीकाकरण के दौरान किया जाएगा। वहीं बैठक के दौरान समिति ने सर्वसम्मति से जिला-वार हाजियों की संख्या तथा मेडिकल स्क्रीनिंग व टीकाकरण का कार्यक्रम भी निर्धारित किया। निर्धारित किए गए कार्यक्रम के अनुसार जिला सिरमौर के हाजियों जिनमें 2 कांगड़ा से सम्बन्ध रखते हैं' की चिकित्सीय जांच एवं टीकाकरण 5 मार्च को मिस्रवाला मरकज़, पांवटा साहिब में होगा। वहीं जिला सोलन के हाजियों की चिकित्सीय जांच एवं टीकाकरण 6 मार्च को नालागढ़ मरकज़ में होगी। जिला बिलासपुर के हाजियों की चिकित्सीय जांच एवं टीकाकरण 7 मार्च को जामा मस्जिद, रौड़ा सेक्टर जिला बिलासपुर में, मंडी व कुल्लू के हाजियों की चिकित्सीय जांच एवं टीकाकरण 9 मार्च को जामा मस्जिद, भोजपुर (सुंदरनगर) में, जिला चंबा के हाजियों की चिकित्सीय जांच एवं टीकाकरण 10 मार्च को मदनी मदरसा, गांव मसवाड़ी, डाकघर पल्यूर में तथा जिला कांगड़ा के हाजियों की चिकित्सीय जांच एवं टीकाकरण 9 मार्च को मस्जिद, गांव गगवाल, डाकघर बसंतपुर, तहसील इंदौरा में होगा। बैठक में अध्यक्ष की संस्तुति पर हाजी हुसैन अली (चंबा) एवं यूनुस परवेज भटटी (पांवटा साहिब) को राज्य हज प्रशिक्षक नियुक्त करने का निर्णय भी लिया गया, जो हाजियों को प्रशिक्षण देने के साथ-साथ मेडिकल टीमों के सहयोग हेतु कार्य करेंगे। समिति ने संबंधित जिलों के उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों, मुख्य चिकित्सा अधिकारियों तथा मिशन निदेशक, नेशनल हेल्थ मिशन को व्यवस्थाएं समयबद्ध एवं सुचारू रूप से सुनिश्चित करने हेतू आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। समिति के अध्यक्ष दिलदार अली बट्ट ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के कुशल मार्गदर्शन में प्रदेश हज समिति हाजियों के लिए उचित व्यवस्थाओं व सुविधाओं के लिए वचनबद्ध है। उन्होंने कहा कि हज पर जाने वाले यात्रियों को किसी तरह की समस्या नहीं आने दी जाएगी।
भारतीय मजदूर संघ हिमाचल प्रदेश इकाई ने विभिन्न मजदूर संगठनों के साथ नूरपुर, व फतेहपुर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष मदन राणा की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने फतेहपुर सब्जी मंडी से हाड़ा बाजार होते हुए फतेहपुर बाजार तक रैली निकाली और तहसीलदार फतेहपुर के माध्यम से मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन भेजा। वहीं नूरपुर में जिला मजदूर संघ प्रधान पुरुषोत्तम शर्मा के नेतृत्व में मजदूरों नें विरोध प्रदर्शन के दौरान सड़कों पर जोरदार हल्ला बोला और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को लेकर रोष जताया। मंजदूर संगठन ने मुख्यमंत्री हिमाचल ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू को एस डी एम नूरपुर के माध्यम से 24 सूत्रीय मांग पत्र सौंपते हुए कर्मचारियों तथा असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग उठाई है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि एक माह के भीतर मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेश भर में जोरदार आंदोलन शुरू किया जाएगा। संघ पदाधिकारियों के अनुसार 20–21 दिसंबर 2025 को ऊना और मेहतपुर में आयोजित प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में कर्मचारियों व श्रमिकों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई थी। ज्ञापन में असंगठित क्षेत्र एवं योजना कर्मियों के लिए न्यूनतम वेतन 26,000 रुपये प्रतिमाह निर्धारित करने, सभी कर्मचारियों को EPF, ESI और HRA का लाभ देने तथा HRA की सीमा बढ़ाने की मांग की गई है। इसके अलावा आशा वर्कर्स, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मिड-डे मील कर्मियों के मानदेय में वृद्धि, सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करने तथा 5 लाख रुपये ग्रेच्युटी देने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई है। संघ ने राज्य कर्मचारियों के लंबित एरियर और महंगाई भत्ते की किस्तें जारी करने तथा सातवें वेतनमान के लाभ सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही कर्मचारियों के हित में समान वेतन नीति लागू करने और विभिन्न विभागों में लंबित मामलों का जल्द निपटारा करने पर भी जोर दिया गया। संगठन का कहना है कि कर्मचारियों और श्रमिकों की समस्याएं लंबे समय से लंबित हैं, जिनका शीघ्र समाधान आवश्यक है। संघ ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) को प्रभावी रूप से लागू करने पर विशेष जोर दिया है। इसके अतिरिक्त परिवहन कर्मचारियों की समस्याओं को उठाते हुए हिमाचल पथ परिवहन निगम के लिए पर्याप्त बजट प्रावधान, समय पर वेतन भुगतान तथा वेतन विसंगतियां दूर करने की मांग की गई है। ज्ञापन में विभागवार मांगें भी शामिल हैं, जिनमें पदोन्नति प्रक्रियाओं में तेजी, आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमित करना, पंचायत चौकीदारों व टेलरिंग टीचरों को नियमित करना तथा सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन व मेडिकल बिलों का समय पर भुगतान करना प्रमुख है। संघ ने कहा कि मांगों पर जल्द निर्णय न होने पर चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।
कृषि एवं पशुपालन मंत्री प्रो. चंद्र कुमार की उपस्थिति में आज ज्वाली में इलेक्ट्रिक बस का सफल ट्रायल रन किया गया। इस अवसर पर एसडीएम नरेंद्र जरियाल, एचआरटीसी के डीएम पंकज चड्डा, आरएम विजय चौधरी,अन्य विभागीय अधिकारी एवं स्थानीय लोग भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार पर्यावरण संरक्षण के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इलेक्ट्रिक बसों की खरीद की जा रही है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक बसें न केवल पर्यावरण के अनुकूल हैं, बल्कि इनके संचालन खर्च भी पारंपरिक डीजल बसों की तुलना में कम होते हैं। उन्होंने बताया कि इन बसों के संचालन से यात्रियों को आरामदायक, सुरक्षित एवं सुगम सफर की सुविधा मिलेगी। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित ये बसें सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करेंगी। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में प्रदेश सरकार द्वारा और अधिक इलेक्ट्रिक बसें खरीदी जाएंगी, जिन्हें प्रदेश के अंतरराज्यीय रूटों पर चरणबद्ध तरीके से संचालित किया जाएगा, ताकि यात्रियों को सुविधाजनक एवं पर्यावरण हितैषी परिवहन उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार हरित ऊर्जा और सतत विकास को प्राथमिकता दे रही है तथा सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और पर्यावरण हितैषी बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।
कुल्लू के नगवाईं स्थित क्लिक होटल भुंतर में 27 फरवरी से 1 मार्च तक तीन दिवसीय श्री रामचरितमानस परायण अनुष्ठान एवं विशेष सत्संग का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में अयोध्या के सिद्धपीठ हनुमत निवास के पीठाधीश्वर व प्रख्यात चिंतक आचार्य मिथिलेश नंदिनी शरण महाराज आध्यात्मिक प्रवचन देंगे और मानस परायण का संचालन करेंगे। आयोजकों के अनुसार, तीनों दिन भजन-कीर्तन, रामकथा व सत्संग का क्रम चलेगा। श्रद्धालुओं को श्री रामचरितमानस के विविध प्रसंगों का रसास्वादन करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम को लेकर उत्साह का वातावरण है।
विधानसभा क्षेत्र ज्वालामुखी के अंतर्गत अंब पठियार स्थित राजकीय महाविद्यालय ज्वालामुखी का नाम बदलकर स्वतंत्रता सेनानी पंडित सुशील रत्न राजकीय महाविद्यालय ज्वालामुखी किए जाने के मामले में सवाल उठना शुरू हो गए हैं। सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर एक नोटिस भी वायरल हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता रणजीत सिंह ने कहा कि उन्होंने नोटिस के माध्यम से वर्ष 1905 से 1947 तक पंडित सुशील रत्न के योगदान संबंधी दस्तावेज मांगे हैं। साथ ही यह भी पूछा गया है कि क्या महाविद्यालय में कोई लाइब्रेरी या रिकॉर्ड उपलब्ध है, जहां उनके सम्मान और उपाधियों का उल्लेख हो। यदि गलत तथ्यों के आधार पर कॉलेज का नामकरण किया गया है तो यह गंभीर विषय है। वहीं, पंचायत की वर्तमान प्रधान सुमन लता ने कहा कि पंचायत को इस संबंध में पूर्व सूचना नहीं दी गई। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री ने एक कार्यक्रम के दौरान घोषणा की गई थी, जिसके बाद नामकरण किया गया। उधर, महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. चंदन भारद्वाज ने इसे किसी की शरारत करार दिया है। उनका कहना है कि सभी औपचारिकताएं और सरकारी नोटिफिकेशन पूरे होने के बाद ही नामकरण किया गया है। इस मामले में विधायक संजय रत्न ने कहा कि ऐसा कोई भी नोटिस उन्हें प्राप्त नहीं हुआ है। पिता ने देश के लिए अपना बलिदान ओर योगदान दिया है। कॉलेज का नाम सरकार की ओर से रखा गया है। नोटिस का कोई औचित्य ही नहीं है। देश में हजारों ऐसे संस्थान है, जहां बलिदानियों और स्वतंत्रता सेनानियों के ऊपर कॉलेज स्कूलों के नाम रखे गए हैं।
नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस थाना घुमारवीं की टीम ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन पर स्थित बलोह टोल प्लाजा के समीप एक कार से 949 ग्राम चरस बरामद की है। पुलिस ने मौके पर हरियाणा के दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार रात घुमारवीं थाना की टीम ने टोल प्लाजा के पास विशेष नाकाबंदी कर रखी थी। इस दौरान फोरलेन से गुजरने वाले वाहनों की नियमित जांच की जा रही थी। मंडी की ओर से आ रही एक कार को संदेह के आधार पर रुकवाया गया। प्रारंभिक पूछताछ में संतोषजनक जवाब न मिलने पर पुलिस ने वाहन की तलाशी ली। तलाशी के दौरान कार के डैशबोर्ड से 949 ग्राम चरस बरामद हुई। बरामदगी के तुरंत बाद पुलिस ने कार में सवार दोनों युवकों को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में आरोपियों की पहचान विकास (29) पुत्र चांद सिंह और सोमबीर (27) पुत्र रामफल, निवासी गांव अलादादरपुर, थाना गुहाना, जिला सोनीपत, हरियाणा के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगामी जांच शुरू कर दी है। जिला पुलिस अधीक्षक संदीप धवल ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि नशे के कारोबार पर सख्ती से अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान आगे भी जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि तस्करी में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और मामले में गहन जांच की जा रही है।
पुलिस ट्रेनिंग काॅलेज डरोह में प्रशिक्षण ले रही प्रशिक्षु महिला कांस्टेबल को अश्लील मैसेज भेजने के आरोप में इसी संस्थान में तैनात हेड कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उप महानिरीक्षक डीआईजी उत्तरी रेंज सौम्या सांबशिवन ने तत्काल प्रभाव से हेड कांस्टेबल के खिलाफ कार्रवाई की और विभागीय जांच के आदेश जारी किए। सूत्रों के अनुसार महिला कांस्टेबल ने पांच दिन पहले डीआईजी नॉर्थ रेंज को लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया था कि हेड कांस्टेबल की ओर से उसे व्हाट्सएप पर आपत्तिजनक और अश्लील मैसेज भेजे जा रहे हैं। शिकायत में स्क्रीन शॉट और डिजिटल साक्ष्यों का भी उल्लेख बताया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में आरोप गंभीर पाए जाने पर हेड कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया। जांच में यह भी देखा जाएगा कि क्या हेड कांस्टेबल ने अपने पद का दुरुपयोग किया और क्या आईटी एक्ट तथा अन्य प्रासंगिक धाराएं लागू होती हैं। विभागीय सूत्रों का कहना है कि डिजिटल माध्यम से होने वाले उत्पीड़न के मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी और विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी। पुलिस विभाग में प्रशिक्षण के लिए आई युवती के याैन उत्पीड़न की शिकायत पर डीआईजी सौम्या सांबशिवन ने जो संवेदनशीलता दिखाई है, वह काबिलेतारीफ है। उम्मीद है कि मामले की सही जांच कर पीड़ित को न्याय दिलाया जाएगा।
शिमला पुलिस ने मारपीट मामले में कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह मामला लीला सिंह मेहतो (आयु 52 वर्ष) निवासी ग्राम बडावाला, तहसील विकासनगर, जिला देहरादून (उत्तराखंड), वर्तमान निवासी ग्राम बिथल, तहसील कुमारसैन, जिला शिमला की लिखित शिकायत पर दर्ज किया गया था। शिकायत के अनुसार 06.12.2025 को लगभग रात 11:30 बजे, उनके पुत्र एवरेस्ट सिंह मेहतो अपने साथी अभिषेक के साथ बिथल में एक विवाह समारोह से लौट रहे थे। जब वे काली मिट्टी (टाटा मोटर्स वर्कशॉप, बिथल के पास) पहुंचे, तो कुछ व्यक्तियों द्वारा उन्हें बिना किसी कारण के रोककर मारपीट की गई, जिससे एवरेस्ट सिंह मेहतो को सिर में चोट आई और उन्हें उपचार हेतु सिविल अस्पताल रामपुर ले जाया गया। इस मामले में जांच करते हुए 24.02.2026 को साक्ष्यों एवं जांच के आधार पर थाना कुमारसैन पुलिस ने 3 आरोपियों दीपक पुत्र हेम राज (20 वर्ष) निवासी ग्राम तुलसीपुर, राप्ती अंचल, नेपाल, वर्तमान में बैनाल/बिथल क्षेत्र, जिला शिमला में निवासरत, दूसरा आरोपी अनिल पुत्र हीरा लाल (23 वर्ष) निवासी ग्राम घेटमा, जिला रुकुम, नेपाल, वर्तमान में बिथल, तहसील कुमारसैन, जिला शिमला में निवासरत तथा तीसरा आरोपी अंकुश पुत्र प्रेम कुमार (18 वर्ष) निवासी तुर्सू, जिला डायलिख, नेपाल, वर्तमान में भद्राश, तहसील रामपुर, जिला शिमला में निवासरत है को गिरफ्तार किया गया। अब उक्त आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश किया जाएगा। मामले में आगामी जांच जारी है। वहीं जिला पुलिस शिमला नागरिकों से अपील करती है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अवैध कृत्य की सूचना तुरंत निकटतम पुलिस थाना या आपातकालीन हेल्पलाइन पर दें। सामुदायिक सहयोग से ही सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जा सकता है।
जोगिंदरनगर नेरोगेज रेल लाइन के लिए आज का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ। लगभग तीन वर्षों के लंबे इंतजार के बाद चक्की रेलवे का नवनिर्मित पुल पूरी तरह तैयार हो गया है। करीब 70 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस आधुनिक और सुदृढ़ पुल का यातायात नियंत्रण कमिश्नर रेलवे सेफ्टी (सीआरएस), नॉर्दर्न सर्कल दिनेश देसवाल ने रेल डिवीजन जम्मू के डिवीजनल मैनेजर विबेक सहित तकनीकी टीम के साथ गहन निरीक्षण किया और इसे संचालन के लिए हरी झंडी दे दी। निरीक्षण के दौरान सीआरएस दिनेश देसवाल ने पुल की संरचनात्मक मजबूती, ट्रैक फिटिंग, लोड क्षमता, सुरक्षा उपकरणों और अन्य सभी तकनीकी मानकों की बारीकी से जांच की। उन्होंने निर्माण कार्य को उच्च गुणवत्ता वाला बताते हुए रेलवे इंजीनियरों की सराहना की। उन्होंने कहा कि चक्की रेल ब्रिज पूरी मजबूती से बनाया गया है तथा शेष औपचारिकताएं पूरी होते ही इस रूट पर रेल संचालन शुरू कर दिया जाएगा। गौरतलब है कि वर्ष 2022 में आई भारी बारिश और चक्की खड्ड में आए तेज बहाव ने पुराने रेलवे पुल को क्षतिग्रस्त कर बहा दिया था, जिससे पंजाब के पठानकोट से कांगड़ा घाटी तक का रेल संपर्क पूरी तरह टूट गया था। लगभग तीन वर्षों तक नेरोगेज रेल सेवा बंद रहने से हजारों यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही स्थानीय व्यापार और पर्यटन उद्योग को भी बड़ा झटका लगा। सीआरएस की मंजूरी के बाद अब पठानकोट–कांगड़ा–बैजनाथ नेरोगेज रेल लाइन पर ट्रेनों के संचालन की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होते ही रेल सेवा बहाल कर दी जाएगी। लंबे इंतजार के बाद क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि कांगड़ा घाटी में फिर से रेल की सीटी गूंजेगी, जिससे आवागमन सुगम होगा और पर्यटन, रोजगार व स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
जिला कांगड़ा के राजकीय मांडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल फतेहपुर के बारहवीं कक्षा में पढ़ने वाले ऑटोमोबाइल विषय के छात्र लक्ष्मण ने कबाड़ और पुराने वाहनों के पार्ट्स से एक अनोखा वर्किंग मॉडल तैयार कर सबका ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। यह उपकरण ट्रैक्टर की तरह दिखता भी है और चलता भी है। खास बात यह है कि यह पेट्रोल से संचालित होता है और पूरी तरह कार्यशील है। सीमित संसाधनों के बावजूद छात्र ने अपनी तकनीकी समझ और रचनात्मक सोच का बेहतरीन परिचय दिया है। लक्ष्मण ने पुराने इंजन पार्ट्स, बेकार पड़ी धातु सामग्री और अन्य अनुपयोगी ऑटो पार्ट्स को एकत्र कर उन्हें नई संरचना में ढालते हुए यह मॉडल तैयार किया। उनका कहना है कि यदि विद्यार्थियों को सही मार्गदर्शन और प्रयोग का अवसर मिले तो वे कबाड़ से भी उपयोगी और नवाचारी उपकरण बना सकते हैं। यह प्रयास ‘वेस्ट टू बेस्ट’ की अवधारणा को साकार करता है और पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश देता है। ऑटोमोबाइल के शिक्षक रविंद्र सिंह ने बताया कि छात्र ने अपनी मेहनत और लगन से इस मॉडल को तैयार किया है, जो अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा बनेगा। वहीं शिक्षक प्रमोद सिंह ने कहा कि यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि व्यावसायिक शिक्षा स्कूल में पढ़ रहे बच्चों के लिए सार्थक सिद्ध हो रही है। पढ़ाई के साथ-साथ विद्यार्थी व्यावहारिक रूप से भी सक्षम बन रहे हैं। विद्यालय स्टाफ एवं शिक्षक युद्धबीर, नरदेव सिंह, पंकज, नीतू शर्मा, मनजीत कौर और पूजा चौधरी ने भी छात्र की इस उपलब्धि की सराहना की। क्षेत्रवासियों ने लक्ष्मण के प्रयास को सराहा और उम्मीद जताई कि भविष्य में वह अपने क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करेगा।
झंडूता विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत पिछड़ा क्षेत्र कोटधार के गांव कुट में अब पेयजल किल्लत नहीं रहेगी। अब इस गांव के लोगों को कुटबांगड़ पेयजल योजना से ही पेयजल सप्लाई मिलेगी। हालांकि इससे पहले इस गांव को कुटबांगड़ पेयजल योजना से पेयजल सप्लाई नहीं रखी गई थी। लेकिन इस मसले को स्थानीय लोगों ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व महासचिव एवं झंडूता कांग्रेस नेता विवेक कुमार के समक्ष रखा। जिसके चलते अब इस गांव के लोगों को राहत मिली है। इन लोगों की समस्या का समाधान हुआ है। झंडूता विधानसभा क्षेत्र के कुट गांव में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व महासचिव विवेक कुमार ने विशेष रूप से शिरकत की। इस दौरान ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं रखीं। वहीं, विवेक कुमार ने कहा कि सभी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। साथ ही इस मौके पर गांव में पेयजल टैंक बनाने की भी बात कही। यह टैंक करीब 40 हजार लीटर का होगा। इस टैंक के बन जाने के बाद करीब 500 लोगों को पेयजल सुविधा मिलेगी। साथ ही इस गांव को कुटबांगड़ पेयजल योजना से पेयजल सप्लाई मिलेगी। विवेक कुमार ने कहा कि झंडूता विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ावा देने के लिए प्रयास किए गए हैं। स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई चिकित्सकों की तैनाती हुई है। इसके अलावा सड़कों की हालत सुधारी गई है। उन्होंने कहा कि बरठीं से शाहतलाई सड़क के अलावा अन्य सड़कों के कार्य जारी हैं। ताकि आम जनता को किसी तरह की समस्या न झेलनी पड़े। विवेक कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अगुवाई में प्रदेश सरकार बेहतर कार्य कर रही है। सरकार की योजनाओं का लाभ आम जनता को मिल रहा है।
एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज (एआईयू) ने शूलिनी विश्वविद्यालय के सहयोग से सोलन स्थित विश्वविद्यालय परिसर में एआईयू अन्वेषण 2025-26 अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया। इस राष्ट्रीय छात्र अनुसंधान सम्मेलन में देश भर के संस्थानों से लगभग 200 छात्र और संकाय सदस्य एकत्रित हुए, जिन्होंने मौलिक अनुसंधान मॉडल, प्रोटोटाइप और नवोन्मेषी विचारों का प्रदर्शन किया। यह आयोजन बौद्धिक आदान-प्रदान और अकादमिक सहयोग के लिए एक जीवंत मंच साबित हुआ। एआईयू की प्रमुख छात्र अनुसंधान पहल, अन्वेषण का उद्देश्य युवा विद्वानों में वैज्ञानिक सोच, समस्या-समाधान कौशल और एक सशक्त अनुसंधान संस्कृति को बढ़ावा देना है। संरचित प्रस्तुतियों और संवादात्मक सत्रों के माध्यम से, इस मंच ने प्रतिभागियों को राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के साथ-साथ उभरती वैश्विक चुनौतियों के अनुरूप अनुसंधान परिणामों को प्रस्तुत करने में सक्षम बनाया, जिससे नवाचार-आधारित विकास के महत्व को बल मिला। शूलिनी विश्वविद्यालय की मुख्य शिक्षण अधिकारी डॉ. आशू खोसला ने अपने स्वागत भाषण में शोध आधारित शिक्षा और नवाचार उन्मुख शिक्षण प्रणालियों के माध्यम से युवा प्रतिभाओं के पोषण के महत्व पर बल दिया। एआईयू के संयुक्त निदेशक डॉ. अमरिंदर पाणि ने अन्वेषण को छात्र नवाचार को समर्पित देश के सबसे बड़े शोध सम्मेलनों में से एक बताया। इस परिप्रेक्ष्य को आगे बढ़ाते हुए, शूलिनी विश्वविद्यालय के नवाचार एवं विपणन विभाग के अध्यक्ष, प्रोफेसर आशीष खोसला ने अकादमिक मंचों में भागीदारी के महत्व पर बल दिया। मोहम्मद हिदायतुल्लाह द्वारा एक राष्ट्रीय विज्ञान संगोष्ठी में व्यक्त की गई टिप्पणियों का उल्लेख करते हुए, उन्होंने कहा कि भागीदारी स्वयं एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि अनुसंधान की सच्ची भावना सार्थक प्रश्न पूछने, साहस के साथ नवाचार करने और सामूहिक रूप से ज्ञान का निर्माण करने में निहित है। भारतीय अनुसंधान संस्थान (एआईयू) के अध्यक्ष, प्रोफेसर विनय पाठक ने प्राचीन विद्वानों, ऋषियों और गणितज्ञों द्वारा संवर्धित भारत की समृद्ध वैज्ञानिक विरासत पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि चिकित्सा, गणित और खगोल विज्ञान जैसे क्षेत्रों में भारतीय अनुसंधान ने ऐतिहासिक रूप से विश्व का नेतृत्व किया है। अपने संबोधन में, कुलपति प्रोफेसर पी. के. खोसला ने युवा शोधकर्ताओं को वैश्विक उत्कृष्टता के लिए प्रयास करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने उन्हें सीमाओं से परे सोचने, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने और विज्ञान और नवाचार में नेतृत्व के पदों की आकांक्षा रखने के लिए प्रोत्साहित किया, जिससे भारत वैश्विक अनुसंधान मानचित्र पर प्रमुख स्थान प्राप्त कर सके। धन्यवाद ज्ञापन शूलिनी विश्वविद्यालय के प्रबंधन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर, चंदर मोहन गुप्ता ने दिया, जिन्होंने कहा कि प्रत्येक नवाचार एक विचार से शुरू होता है और सार्थक अनुसंधान परिणामों में परिवर्तित होने के लिए व्यवस्थित अवधारणा की आवश्यकता होती है।
मिनर्वा कॉलेज ऑफ एजुकेशन, इंदौरा के विद्यार्थियों ने “युवा चेंज मेकर्स” नेतृत्व विकास कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लिया। यह कार्यक्रम हमीरपुर के सांसद अनुराग सिंह ठाकुर द्वारा हिमाचल प्रदेश के युवाओं के लिए प्रारंभ किया गया है। कार्यक्रम का शुभारंभ जनवरी 2026 के अंतिम सप्ताह में किया गया, जबकि पंजीकरण प्रक्रिया 25 जनवरी 2026 से आरंभ हुई। एक वर्ष की इस फेलोशिप का उद्देश्य युवाओं को राजनीतिक समझ, सुशासन की दक्षता तथा सामाजिक संवेदनशीलता से युक्त नेतृत्व के लिए तैयार करना है। कार्यक्रम के विभिन्न चरणों के उपरांत 40 से 50 युवाओं का चयन किया जाएगा, जिनमें से अंतिम चरण में 17 से 21 “चेंज मेकर्स” चुने जाएंगे। चयनित प्रतिभागी सीधे सांसद के साथ क्षेत्रीय विकास परियोजनाओं पर कार्य करेंगे। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शीर्ष 21 युवाओं को ₹1,21,000 की प्रोत्साहन राशि (इंसेंटिव ग्रांट) प्रदान की जाएगी। इस पहल के अंतर्गत कॉलेज के विद्यार्थियों ने युवाओं का ऑनलाइन पंजीकरण एवं नामांकन भी करवाया। छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अधिक से अधिक युवाओं को कार्यक्रम से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि यह कार्यक्रम प्रदेश के युवाओं के लिए सार्वजनिक जीवन में प्रवेश का एक सशक्त एवं संरचित मंच सिद्ध होगा, जिससे वे अपनी नेतृत्व क्षमता का विकास कर समाज और राज्य के समग्र विकास में सक्रिय योगदान दे सकेंगे। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत कुमार ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत सिद्ध होते हैं। उन्होंने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि यदि प्रत्येक सांसद अपने निर्वाचन क्षेत्र में इस प्रकार की पहल करे, तो प्रत्येक क्षेत्र की प्रगति देश की समग्र उन्नति में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है।
मिनर्वा कॉलेज ऑफ़ फार्मेसी, इंदौरा के बी.फार्मेसी छठे सत्र के छात्रों के लिए एक दिवसीय औद्योगिक दौरे का आयोजन किया गया। इस दौरान छात्रों ने अमृतसर में स्थित एकअग्रणी फार्मास्युटिकल कंपनी एस्पेन लाइफसाइंसेज प्राइवेट लिमिटेड का दौरा किया, जिस से उन्हें वास्तविक औद्योगिक वातावरण तथा दवा निर्माण प्रक्रियाओं का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ। इस औद्योगिक भ्रमण में कॉलेज के दो प्राध्यापक मिस्टर अजय शर्मा व मिस कोमल कश्यप भी विद्यार्थियों के साथ उपस्थित रहे। शिक्षकों के मार्गदर्शन में छात्रों ने विभिन्न विभागों का अवलोकन किया तथा उद्योग विशेषज्ञों से महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। भ्रमण का मुख्य उद्देश्य छात्रों को फार्मास्युटिकल उद्योग की कार्यप्रणाली, नवीनतम तकनीकों और गुणवत्ता नियंत्रण प्रक्रियाओं से परिचित कराना था। छात्रों ने कंपनी के विभिन्न विभागों जैसे उत्पादन, गुणवत्ता नियंत्रण और उन्नत उपकरण संचालन के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। औद्योगिक दौरे के दौरान, छात्रों को वास्तविक जीवन की औद्योगिक प्रक्रियाओं को नज़दीक से देखने का अवसर मिला, जिस से उनके शैक्षणिक ज्ञान को व्यावहारिक अनुभव के साथ जोड़ा जा सका। कॉलेज प्रबंधक इंजीनियर जे.एस.पटियाल का मानना है कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए इस प्रकार के औद्योगिक एवं शैक्षणिक कार्यक्रम अत्यंत आवश्यक हैं, इसलिए संस्थान हमेशा ऐसे आयोजनों के लिए तत्पर रहता है। मिनर्वा ग्रुप ऑफ़ कॉलेजेस के डीन अकादमिक प्रोफेसर बी.डी.शर्मा का कहना है कि ऐसे दौरे छात्रों के लिए भविष्य के करियर हेतु भी महत्वपूर्ण सीख प्रदान करते हैं, और यह उनकी औद्योगिक समझ तथा व्यावसायिक कौशलों को निखारने में सहायक होते हैं। कॉलेज प्राचार्य डॉ. कपिल कुमार वर्मा का कहना है कि औद्योगिक भ्रमण विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। हमारा उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना है, ताकि वे भविष्य में एक सक्षम और जिम्मेदार फार्मासिस्ट बन सकें।
ऑनलाइन साइबर ठगी के मामलों में नूरपुर पुलिस ने सफलता हासिल की है। जिला नूरपुर में वर्ष 2023 एवं 2024 के दौरान पुलिस थाना नूरपुर में ऑनलाइन साइबर ठगी के दो मामले दर्ज हुए थे। जिसमें पहला मामला 23.03.2023 को IPC की धारा 420 के तहत शिकायतकर्ता हरबंस सिंह निवासी तहसील फतेहपुर, जिला कांगड़ा (हि.प्र.) से अज्ञात व्यक्तियों द्वारा व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से 03 लाख रुपये की ठगी के आरोप में दर्ज किया गया था। वहीं दूसरा मामला 18.01.2024 को IPC की धारा 420 के तहत शिकायतकर्ता शिमला देवी निवासी तहसील नूरपुर, जिला कांगड़ा (हि.प्र.) से अज्ञात आरोपियों द्वारा फोन कॉल के माध्यम से कुल 3,20,000/- रुपये गूगल पे के माध्यम से ठगने के आरोप में दर्ज किए गए थे। दोनों मामलों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस जिला नूरपुर द्वारा विशेष रणनीति के तहत एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी विश्लेषण, डिजिटल ट्रैकिंग, बैंक लेन-देन की जांच तथा अन्य राज्यों में दबिश देकर लगातार कार्रवाई की। टीम के सतत प्रयासों से पहले मामले में शिकायतकर्ता हरबंस सिंह को 03 लाख रुपये वापस दिलाने में सफलता प्राप्त हुई है। दूसरे मामले में जांच के दौरान पुलिस टीम जब आरोपी की गिरफ्तारी हेतु बिहार पहुंची तो मुख्य आरोपी महाबीर कुमार निवासी पश्चिम चंपारण, बिहार वहां से फरार होकर गुजरात भाग गया। पुलिस टीम ने लगातार पीछा करते हुए आरोपी को सूरत (गुजरात) से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ जारी है तथा इन मामलों में अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।
हिमाचल प्रदेश के शिमला स्थित अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशलिटी अस्पताल (एआईएमएसएस) चमियाणा परिसर में मंगलवार सुबह एक कुत्ता मानव पैर का हिस्सा मुंह में लेकर घूमता हुआ दिखाई दिया। इस घटना का वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। यह इंसानी अंग अस्पताल में की गई एम्प्यूटेशन (शरीर का अंग काटने) प्रक्रिया के बाद मेडिकल वेस्ट में रखा गया था। यह किसी दुर्घटना के मामले में किया गया था। अस्पताल प्रशासन ने इस लापरवाही के संबंध में सफाई सुपरवाइजर से जवाब तलब किया है। अस्पताल के स्तर पर यह गंभीर लापरवाही मानी जा रही है, क्योंकि कटे हुए अंगों के निपटान की उचित व्यवस्था होती है। पूरे मामले की तथ्यात्मक जांच के लिए एक फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का गठन किया गया है। इस समिति में नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट लीलावती, बायो मेडिकल वेस्ट के नोडल अधिकारी राजेश वर्मा और मैट्रन लीला बोध को शामिल किया गया है। यह समिति मामले की पूरी जांच कर तथ्यों का पता लगाएगी, जिम्मेदारी तय करेगी और भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति रोकने के लिए संभावित चूक की पहचान करेगी। प्रशासन के अनुसार, समिति आज शाम 5 बजे तक अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। वहीं अस्पताल प्रबंधन ने आश्वासन दिया है कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बिक्रम ठाकुर ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार की लापरवाही और वित्तीय कुप्रबंधन ने हिमाचल की स्वास्थ्य व्यवस्था को गंभीर संकट में धकेल दिया है। उन्होंने कहा कि पहले बड़े-बड़े मंचों से घोषणा की गई थी कि आधुनिक रोबोटिक सर्जरी जैसी सुविधा आम लोगों को राहत देने के लिए लाई जाएगी और इसे हिमकेयर के दायरे में शामिल किया जाएगा, लेकिन आज स्थिति यह है कि न केवल रोबोटिक सर्जरी की फीस बढ़ा दी गई है बल्कि सामान्य उपचार भी महंगा कर दिया गया है। यह सीधे तौर पर गरीब और मध्यम वर्ग के साथ विश्वासघात है, जिनके लिए ये योजनाएं जीवनरेखा मानी जाती थीं। बिक्रम ठाकुर ने कहा कि सरकार एक ओर मुफ्त इलाज का ढोल पीट रही है, वहीं दूसरी ओर आयुष्मान भारत और हिमकेयर के तहत अस्पतालों को समय पर भुगतान नहीं किया जा रहा। करोड़ों रुपये की देनदारी लंबित होने के कारण कई अस्पताल योजनाओं के मरीजों को भर्ती करने से बच रहे हैं या फिर आधा-अधूरा इलाज कर उन्हें बाहर से दवाइयां और इंजेक्शन खरीदने के लिए मजबूर कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह स्थिति सरकार की प्रशासनिक विफलता और आर्थिक कंगाली का परिणाम है, जिसका खामियाजा सीधे तौर पर आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई अस्पतालों में कैंसर, हृदय रोग, किडनी और अन्य गंभीर बीमारियों की जीवनरक्षक दवाइयों की भारी कमी बनी हुई है। मरीजों को हजारों रुपये के इंजेक्शन और जरूरी दवाइयां निजी मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ रही हैं। गरीब परिवार, जो इन योजनाओं के सहारे इलाज की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचते हैं, उन्हें निराशा हाथ लग रही है। कई मामलों में ऑपरेशन टल रहे हैं, जांचें बाहर करवानी पड़ रही हैं और मरीज आर्थिक व मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। सरकार के दावे और जमीनी हकीकत में साफ अंतर दिखाई दे रहा है। बिक्रम ठाकुर ने कहा कि स्वास्थ्य जैसी संवेदनशील व्यवस्था के साथ इस प्रकार का खिलवाड़ अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। जब सरकार ने खुद रोबोटिक सर्जरी जैसी सुविधा का प्रचार किया, तो उसे यह भी सुनिश्चित करना चाहिए था कि उसका लाभ गरीबों तक पहुंचे। लेकिन अब फीस बढ़ाकर इसे आम आदमी की पहुंच से बाहर कर दिया गया है। यह स्पष्ट संकेत है कि सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित है और उसे न तो मरीजों की चिंता है और न ही प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की कोई ठोस योजना। उन्होंने मांग की कि हिमकेयर और आयुष्मान के तहत लंबित सभी भुगतान तुरंत जारी किए जाएं, अस्पतालों में आवश्यक जीवनरक्षक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और रोबोटिक सर्जरी की बढ़ी हुई फीस को तुरंत वापस लिया जाए। यदि सरकार ने शीघ्र सुधारात्मक कदम नहीं उठाए तो भाजपा इस जनविरोधी नीति के खिलाफ प्रदेशव्यापी आंदोलन करेगी। बिक्रम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश की जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सरकार को अपनी विफलताओं का जवाब देना ही होगा।
मंडी जिले के सुंदरनगर के बेच्छना गांव के निवासी और भारतीय सेना में नायब सूबेदार भूपेंद्र सिंह ने दक्षिण अमेरिका की सबसे ऊंची चोटी माउंट अकोंकागुआ पर पहुंचकर इतिहास रच दिया है। उनकी यह उपलब्धि न केवल हिमाचल बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। यह विशेष अभियान नेहरू पर्वतारोहण संस्थान और जवाहर पर्वतारोहण संस्थान के संयुक्त दल द्वारा संचालित किया गया था। इस अभियान का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय पर्वतारोहण कौशल का प्रदर्शन करना था। नायब सूबेदार भूपेंद्र सिंह इस दल के महत्वपूर्ण सदस्य रहे और उन्होंने अपने अनुशासन, धैर्य और साहस से मिशन को सफल बनाया। बता दें कि दक्षिण अमेरिका में स्थित माउंट अकोंकागुआ लगभग 6,961 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और इसे विश्व की सबसे चुनौतीपूर्ण चोटियों में गिना जाता है। यहां का तापमान शून्य से कई डिग्री नीचे चला जाता है। तेज बर्फीली हवाएं चलती हैं और ऑक्सीजन की भारी कमी पर्वतारोहियों की परीक्षा लेती है। इन कठिन परिस्थितियों के बीच 22 फरवरी 2026 को दोपहर 2:10 बजे नायब सूबेदार भूपेंद्र सिंह ने शिखर पर पहुंचकर तिरंगा लहराया और इतिहास रच दिया। वहीं इस खबर से सुंदरनगर के बेच्छना गांव और पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है। सुंदरनगर के विधायक राकेश जम्वाल ने भी नायब सूबेदार भूपेंद्र सिंह को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने इसे हिमाचल के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।


















































