बरठी....शिक्षा खण्ड झंडूत्ता के अंतर्गत आने वाले राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बरठी में तीन दिवसीय जिला स्तरीय अंडर 19 सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है! जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव विवेक कुमार ने शिरकत की! सबसे पहले विवेक कुमार को स्कूल प्रधानाचार्य व अन्य स्टाफ द्वारा शॉल और टोपी पहना कर सम्मानित किया गया ! विवेक कुमार ने इस सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए प्रतियोगिता में भाग ले रहे बच्चों को बधाई देते हुए कहा कि इंस्ट्रूमेंटल और वोकल दोनों विधाओं में बच्चो ने जबरदस्त प्रस्तुतियां पेश की हैँ! उन्होंने हिमाचली लोकल गायकों गंभरी देवी व भगवान दास सहित अन्य गायकों की भूरि भूरि प्रशंसा करते हुए बच्चों के समक्ष तानसेन द्वारा दीपकराग व उनकी पुत्री के द्वारा गाये गए मल्हार राग के उदाहरण भी प्रस्तुत किये!विवेक कुमार ने अपनी तरफ से स्कूल के लिए एडवांस माइक कॉलर देने की घोषणा भी की! जानकारी देते हुए एडीपीओ जगदेव मेहता ने बताया कि इन प्रतियोगिताओं में जिला बिलासपुर के 25 स्कूल भाग ले रहे हैं! जिसमें पहले दिन 178 छात्र व छात्राओं ने भाग लिया! उन्होंने बताया की तीन दिन तक चलने वाले इस कार्यक्रम में आज शुक्रवार को वॉइस ऑफ पंजाब रहे गौरव कोंडल द्वारा संगीत कार्यक्रम पेश किया जाएगा! जबकि समापन समारोह के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में स्थानीय पंचायत प्रधान उमा शर्मा शिरकत करेंगी! इस अवसर पर शिक्षा उपनिदेशक नरेश कुमारी चंदेल, प्रधानाचार्य सुरेश शर्मा, पंचायत प्रधान उमा शर्मा, आत्मा प्रोजेक्ट के अध्यक्ष मनिंदर चंदेल, कैप्टन करतार सिंह व श्याम सुंदर परमार सहित भारी संख्या में लोग उपस्थित थे! फोटो.....विवेक कुमार को सम्मानित करते प्रधानाचार्य सुरेश कुमार व उपस्थित जनसमूह
सीबीएसई विद्यालय कुनिहार में पाँच दिवसीय शिविर में जिला सोलन की मेजर गेम्स के बॉयज टीम के खिलाड़ियों ने खूब पसीना बहाया। 4 से 8 अक्टूबर तक चले इस शिविर में जिला सोलन के विभिन्न विद्यालयों से चयन किये गए खिलाड़ियों ने प्रशिक्षित व कुशल शिक्षकों से हॉकी,जूडो,रेसलिंग,बॉक्सिंग व हैंडबॉल जैसी मेजर गेम्स की बारीकियों को पूरी लगन व शिदत से सीखा।कैम्प इंचार्ज गणेश दत्त की अगुवाई में इस प्रशिक्षण शिविर में कोच व शिक्षक सुबह मार्च पास्ट जैसी अनुशासन परेड से खिलाड़ियों का दिन आरम्भ होता था व दिन भर इन खेलों में खिलाड़ी खूब पसीना बहाते। एडीपीओ जिला क्रीड़ा संघ एलिमेंट्री महेंद्र ठाकुर ने शिविर के सफल आयोजन के लिये शिविर इंचार्ज गणेश दत्त व ऑफिसियल इंचार्ज भुवनेश्वर शर्मा सहित सहयोगी कोच शिक्षकों को बधाई दी व जिला सोलन की टीम से मंडी में 9 से 11 अक्टूबर तक होने वाले राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिता में बेहतरीन प्रदर्शन करके जिला सोलन का नाम रोशन करने के लिए शुभकामनाएं दी। विद्यालय प्रधानाचार्य प्रताप सिंह रणोत ने भी शुभकामनाएं देते हुए प्रशिक्षण शिविर में एडीपीओ जिला क्रीड़ा संघ एलीमेंट्री महेंदर कुमार के मार्ग दर्शन में जिला के अनुभवी प्रशिक्षकों ने खिलाड़ियों को मेदान में मेहनत से तराशा है व राज्य स्तर पर ये बच्चे जिला सोलन का प्रतिनिधित्व करते हुए नाम रोशन करेंगे ।
हिमाचल प्रदेश के सरकारी CBSE स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती का मामला अब भी लटका हुआ है। करीब 5,623 इन-सर्विस शिक्षक स्क्रीनिंग परीक्षा और मेरिट प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद पोस्टिंग का इंतजार कर रहे हैं। मई में शिक्षा विभाग ने परीक्षा में सफल शिक्षकों की मेरिट सूची जारी कर काउंसलिंग की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की बात कही थी, लेकिन तैनाती का रास्ता साफ नहीं हो सका। सरकार ने पहले मेरिट और शिक्षकों की पसंद के आधार पर स्कूलों में तैनाती की योजना बनाई थी। इसके तहत शिक्षकों से स्कूलों के विकल्प भी लिए जाने थे। हालांकि, पहले से CBSE स्कूलों में तैनात शिक्षकों को कहां समायोजित किया जाए, इसे लेकर स्थिति उलझ गई। इस देरी का असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर भी पड़ रहा है। जुलाई की रिपोर्ट के मुताबिक, CBSE स्कूलों में शिक्षक तैनाती को लेकर असमंजस के बीच 2,217 विद्यार्थियों के स्कूल छोड़ने की बात सामने आई थी। वहीं, मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने अगस्त में विधानसभा में 30 सितंबर तक 147 CBSE संबद्ध सरकारी स्कूलों में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया पूरी करने की घोषणा की थी। इसके बावजूद अक्टूबर की शुरुआत तक हजारों शिक्षक अपनी पोस्टिंग का इंतजार कर रहे हैं। शिक्षकों की मांग है कि सरकार जल्द तैनाती प्रक्रिया पूरी करे, ताकि स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर हो और विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
हिमाचल प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हॉलीलॉज चर्चा में है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू पर निशाना साधते हुए उनकी सरकार और कामकाज को लेकर सवाल उठाए हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री खुद को सफल मान रहे हैं, जबकि प्रदेश में कई मुद्दों को लेकर सरकार विपक्ष के निशाने पर है। उन्होंने हॉलीलॉज से जुड़े राजनीतिक प्रभाव और कांग्रेस के भीतर चल रही सियासी चर्चाओं को भी मुद्दा बनाया। हॉलीलॉज लंबे समय से हिमाचल की राजनीति में एक प्रमुख राजनीतिक केंद्र माना जाता रहा है। वीरभद्र सिंह के दौर से इसका प्रदेश कांग्रेस की राजनीति में खास प्रभाव रहा है। जयराम ठाकुर के ताजा बयान के बाद एक बार फिर हॉलीलॉज बनाम सुक्खू सरकार की सियासत चर्चा में आ गई है। वहीं, सुक्खू सरकार की ओर से इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर भी नजर रहेगी।
हिमाचल प्रदेश में निर्विरोध चुनी गई 136 ग्राम पंचायतों के लिए सरकार ने बड़ी सौगात दी है। पंचायती राज विभाग ने इन पंचायतों के लिए कुल 34 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि जारी की है। प्रत्येक पंचायत को 25 लाख रुपये मिलेंगे। सरकार का यह फैसला पंचायत चुनावों में सहमति और निर्विरोध निर्वाचन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लिया गया है। हालांकि पंचायतें इस राशि को अपनी मर्जी से किसी भी काम पर खर्च नहीं कर सकेंगी। विभाग की ओर से जारी 28 सितंबर के दिशा-निर्देशों के अनुसार ही धनराशि का इस्तेमाल करना होगा। जिलेवार देखें तो शिमला की 42 पंचायतों को सबसे अधिक 10.50 करोड़ रुपये मिलेंगे। सिरमौर की 27 पंचायतों को 6.75 करोड़, किन्नौर की 18 पंचायतों को 4.50 करोड़, लाहौल-स्पीति की 17 पंचायतों को 4.25 करोड़ और सोलन की 13 पंचायतों को 3.25 करोड़ रुपये मिलेंगे। इसके अलावा मंडी, कुल्लू और ऊना की पांच-पांच पंचायतों को 1.25-1.25 करोड़ रुपये, कांगड़ा की दो पंचायतों को 50 लाख तथा चंबा और बिलासपुर की एक-एक पंचायत को 25-25 लाख रुपये मिलेंगे। इस राशि का उद्देश्य पंचायतों में विकास कार्यों को बढ़ावा देना है। सरकार ने साफ किया है कि अनुदान का इस्तेमाल निर्धारित नियमों के तहत ही किया जाएगा, ताकि पैसा गांवों की जरूरतों और विकास कार्यों पर सही तरीके से खर्च हो।
हिमाचल प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद भी मौसम के तेवर तल्ख बने हुए हैं। मौसम विभाग ने 8 और 9 अक्तूबर को कई जिलों में बारिश, गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की है। 8 अक्तूबर को कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर में आंधी-तूफान, बिजली चमकने और बारिश का येलो अलर्ट है। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है, जबकि झोंके 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना है। 9 अक्तूबर को सोलन, शिमला और सिरमौर में मौसम खराब रहने का अनुमान है। वहीं, ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश के साथ हल्की बर्फबारी भी हो सकती है। मौसम खराब होने के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़कें फिसलने और निचले इलाकों में जलभराव का खतरा बढ़ सकता है। बिजली चमकने और तेज हवाओं के दौरान लोगों को खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार 10 अक्तूबर के बाद व्यापक चेतावनी नहीं है, जिससे प्रदेश में मौसम के धीरे-धीरे सामान्य होने के आसार हैं।
एशियन गेम्स 2026 में महिलाओं की 10,000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतकर हिमाचल का नाम रोशन करने वाली सीमा को अब नीता अंबानी से मिलने का बुलावा मिला है। सीमा ने 32 मिनट 50.05 सेकंड के समय के साथ ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था। सीमा की इस उपलब्धि के बाद उनका सम्मान बढ़ा है और अब रिलायंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन नीता अंबानी उनसे मुलाकात करेंगी। एशियन गेम्स में रिलायंस फाउंडेशन से जुड़े कई भारतीय खिलाड़ी भी शामिल रहे हैं। सीमा की इस उपलब्धि से हिमाचल में भी खुशी का माहौल है। एशियन गेम्स में उनकी शानदार दौड़ ने उन्हें देशभर में पहचान दिलाई है। अब नीता अंबानी से होने वाली मुलाकात उनके खेल करियर के लिए भी अहम मानी जा रही है।
शिमला में एनएचएआई के फोरलेन प्रोजेक्ट के तहत बन रही ट्विन टनल को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। संजौली, शांतिविहार, भट्टाकुफर, ढली और चलौंठी क्षेत्र के लोगों ने टनल निर्माण से अपने घरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है। प्रभावितों का कहना है कि निर्माण के बाद कई मकानों में दरारें आई हैं और आगे काम बढ़ने पर सैकड़ों घरों पर खतरा बढ़ सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे विकास के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन विकास के नाम पर उनके घरों और जान-माल की सुरक्षा से समझौता नहीं होना चाहिए। प्रभावित परिवारों ने आरोप लगाया कि टनल निर्माण से पहले उन्हें पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई और कई परिवारों को नुकसान के बावजूद अभी तक उचित मुआवजा नहीं मिला है। कुछ प्रभावितों के अनुसार, कई लोग करीब डेढ़ साल से अपने घरों से बाहर रहने को मजबूर हैं। मामले को लेकर स्थानीय लोगों ने ट्विन टनल संघर्ष समिति का गठन किया है। समिति प्रभावित परिवारों की समस्याओं और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को उठा रही है। लोगों की मांग है कि निर्माण कार्य आगे बढ़ाने से पहले घरों की सुरक्षा को लेकर ठोस तकनीकी जांच कराई जाए और नुकसान की भरपाई सुनिश्चित की जाए। हाल ही में सेंट्रल इंपावर्ड कमेटी ने शांति विहार क्षेत्र में पहुंचकर प्रभावित मकानों का निरीक्षण किया। स्थानीय लोगों ने कमेटी को बताया कि अब तक दस से अधिक मकानों में दरारें आ चुकी हैं और टनल का निर्माण आगे बढ़ने पर 300 से ज्यादा मकानों को खतरा हो सकता है। इससे पहले शिकायतों के बाद प्रशासन ने टनल निर्माण का काम रुकवाया था। दरारों के कारण की जांच के लिए विशेषज्ञों की टीमों ने भी क्षेत्र का जायजा लिया है। वहीं, एनएचएआई ने प्रभावित स्थल पर ब्लास्टिंग किए जाने के आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि संबंधित हिस्से में ब्लास्टिंग नवंबर 2025 से बंद है। दरारों का वास्तविक कारण अभी जांच का विषय है। प्रभावितों का साफ कहना है कि उन्हें सड़क और टनल जैसी विकास परियोजनाओं से आपत्ति नहीं है, लेकिन पहले घरों की सुरक्षा सुनिश्चित हो, फिर निर्माण आगे बढ़ाया जाए।
हिमाचल प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की तस्वीर को लेकर कांग्रेस के भीतर फिर सवाल उठने लगे हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के हालिया रोहड़ू और रामपुर दौरे के दौरान कार्यक्रमों के पोस्टर और बैनर में वीरभद्र सिंह की तस्वीर नजर नहीं आई। मंच से भी उनके नाम का उल्लेख नहीं होने पर पूर्व सांसद और वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह ने नाराजगी जताई। प्रतिभा सिंह ने कहा कि वीरभद्र सिंह को गुजरे अभी करीब साढ़े चार साल ही हुए हैं और उन्हें इतनी जल्दी भुला देना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह ने हिमाचल के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और सार्वजनिक कार्यक्रमों में उनके योगदान को याद किया जाना चाहिए। वहीं, मामला तूल पकड़ने के बाद रोहड़ू के कांग्रेस विधायक एलएम ब्राक्टा ने भी माना कि कार्यक्रम में वीरभद्र सिंह की तस्वीर होनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने भाषण में रोहड़ू के विकास में वीरभद्र सिंह के योगदान का जिक्र किया था। साथ ही उन्होंने कहा कि तस्वीर न लग पाना जानबूझकर नहीं हुआ। रामपुर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष लाल चंद ने भी माना कि कार्यक्रम में वीरभद्र सिंह की तस्वीर नहीं लग पाई। उन्होंने इसे जानबूझकर की गई अनदेखी नहीं बताया और कहा कि कांग्रेस आज भी वीरभद्र सिंह की विरासत और उनके कार्यों को आगे बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री सुक्खू के रोहड़ू-रामपुर दौरे के दौरान करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास के साथ एंटी-चिट्टा रैलियां भी आयोजित की गई थीं। लेकिन दौरे के बाद वीरभद्र सिंह की तस्वीर और नाम को लेकर उठा विवाद अब कांग्रेस की अंदरूनी सियासत में चर्चा का विषय बन गया है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बुधवार को हिमाचल प्रदेश के दौरे के दौरान अटल टनल रोहतांग के नॉर्थ पोर्टल पहुंचीं। राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और करीब 600 पुलिस जवानों की तैनाती की गई। नॉर्थ पोर्टल पर राष्ट्रपति का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। यहां उन्होंने कुछ समय रुककर लाहौल की प्राकृतिक वादियों का नजारा भी देखा। इसके बाद राष्ट्रपति अटल टनल के साउथ पोर्टल की ओर रवाना हुईं, जहां बीआरओ अधिकारियों ने उन्हें टनल और इसकी सामरिक महत्ता से जुड़ी जानकारी दी। Jराष्ट्रपति के दौरे के चलते मनाली से अटल टनल तक कई स्थानों पर पुलिस नाके लगाए गए और यातायात को जरूरत के अनुसार नियंत्रित किया गया। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की थी। राष्ट्रपति के दौरे के दौरान अटल टनल क्षेत्र में बर्फबारी के बीच ठंड भी बढ़ी हुई थी। राष्ट्रपति ने टनल का जायजा लेने के साथ बीआरओ अधिकारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इसके बाद राष्ट्रपति के हिडिंबा मंदिर जाने का कार्यक्रम है। उनका हिमाचल दौरा 6 से 8 अक्तूबर तक
हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर में अणु कॉलेज की 19 वर्षीय द्वितीय वर्ष की छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। छात्रा का शव हमीरपुर के सदर थाना क्षेत्र के अणु में स्थित किराये के कमरे से बरामद हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज हमीरपुर भेज दिया। पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। मामले की पुष्टि हमीरपुर के एसपी बलवीर सिंह ने की है। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और छात्रा की मौत के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
दिल्ली में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत विपक्षी नेताओं को रोके जाने के विरोध में हिमाचल कांग्रेस ने बुधवार को शिमला स्थित लोकभवन के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार, मंत्री, विधायक और बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। दरअसल, छह अक्तूबर को दिल्ली में INDIA गठबंधन के नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया था। संसद से चुनाव आयोग कार्यालय की ओर मार्च को पुलिस ने रोक दिया, जिसके बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई नेता धरने पर बैठ गए। करीब आठ घंटे बाद पुलिस ने उन्हें वहां से हटा दिया। इसी कार्रवाई के विरोध में शिमला में कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को अपनी बात रखने से रोकना लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि आवाज दबाने से सवाल खत्म नहीं होंगे और विपक्ष जनता की आवाज उठाता रहेगा। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े सवालों पर विपक्ष को अपनी बात रखने का अधिकार है। प्रदर्शन के दौरान पार्टी नेताओं ने लोकतांत्रिक अधिकारों और असहमति की आवाज को बनाए रखने की मांग उठाई
जिला के भोटा क्षेत्र में एक किराए के क्वार्टर में प्रेमिका के साथ रह रहे शादीशुदा युवक को उसकी पत्नी ने रंगे हाथ पकड़ लिया। इसके बाद हुए विवाद में पति और उसकी प्रेमिका ने मिलकर पत्नी की जमकर धुनाई कर दी। पुलिस ने पीड़ित पत्नी की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पति और उसकी प्रेमिका को हिरासत में लेकर हवालात में डाल दिया है। क्या है पूरा मामला: मिली जानकारी के मुताबिक जिला के कोट,कलंझडी क्षेत्र के एक नजदीकी गांव से ताल्लुक रखने वाला यह युवक उत्तराखंड की एक निजी कंपनी में काम करता था। वहीं उसका संपर्क उत्तराखंड की एक युवती से हुआ और दोनों में प्रेम प्रसंग शुरू हो गया। इसके उपरांत युवक प्रेमिका को भोटा ले आया और यहा क्वार्टर लेकर दोनों साथ रहने लगे। शनिवार शाम को जब युवक की पत्नी को इस बात का पता चला तो वह सीधे भोटा क्षेत्र स्थित क्वार्टर में पहुंच गई। अपनी आंखों के सामने पति को दूसरी महिला के साथ देखकर जब उसने विरोध किया तो पति और प्रेमिका उस पर टूट पड़े और उसकी पिटाई कर दी। हंगामे और शोर-शराबे के बाद मौके पर पहुंची भोटा पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। क्षेत्र में यह मामला भारी चर्चा का विषय बना हुआ है। युवक की पत्नी की शिकायत पर यह मामला दर्ज हुआ है। इसके बारे में एएसपी राजेश उपाध्याय ने बताया कि शिकायतकर्ता महिला की शिकायत पर उसके पति और एक अन्य महिला को हिरासत में लिया गया है। पुलिस इस मामले में नियमानुसार कार्रवाई अमल मिला रही है।
*शिमला, 5 अक्टूबर* नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत शिमला पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। दो अलग-अलग NDPS मामलों में बैकवर्ड लिंकेज विकसित कर पुलिस ने दो अंतरराज्यीय नशा सप्लाई नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए दो मुख्य सप्लायरों को गिरफ्तार किया है। *पहला मामला - थाना बालूगंज* 27 सितंबर को शोघी क्षेत्र में नाकाबंदी के दौरान पुलिस ने क्षितिज वर्मा (26), निवासी निथर, कुल्लू को 6 ग्राम चिट्टा के साथ पकड़ा था। आरोपी के मोबाइल की जांच में मनीमाजरा, चंडीगढ़ निवासी रोहित उर्फ राहुल के साथ WhatsApp चैट मिली। CDR और IPDR विश्लेषण से दोनों के बीच संपर्क और मुलाकात की पुष्टि हुई। इस आधार पर विशेष टीम ने 4 अक्टूबर को चंडीगढ़ में दबिश देकर रोहित उर्फ राहुल को गिरफ्तार कर लिया। *दूसरा मामला - थाना चिड़गांव* इसी दिन 27 सितंबर को बडियारा में गश्त के दौरान अमित चौहान (30), निवासी चिड़गांव से 7 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ था। जांच में सामने आया कि चिट्टा बलौंगी, मोहाली में वीरेंद्र नामक व्यक्ति से लाया गया था। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदीप (41), गांव थाना, चिड़गांव की भूमिका सामने आई। पुलिस ने 30 सितंबर को मोहाली के बलौंगी से उसे गिरफ्तार किया। *शिमला पुलिस की नई रणनीति* पुलिस अब केवल बरामदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि सप्लाई चेन के मुख्य सप्लायर तक पहुंच रही है। इस वर्ष 2026 में अब तक 80 मुख्य सप्लायरों को गिरफ्तार कर 61 नेटवर्क तोड़े गए हैं, जबकि 2024 में 8 और 2025 में 14 सप्लायर ही पकड़े गए थे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हिमाचल दौरे को लेकर कुल्लू-मनाली में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। 6 अक्टूबर रात 8 बजे से 7 अक्टूबर दोपहर 12 बजे तक अटल टनल की ओर भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक रहेगी ! इसके अलावा 7 अक्टूबर को पलचान से अटल टनल रोहतांग तक सभी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। राष्ट्रपति के काफिले के गुजरने के दौरान अन्य वाहनों को भी कुछ समय के लिए रोका या डायवर्ट किया जा सकता है। प्रशासन ने 6 से 8 अक्टूबर तक रामबाग से हिडिंबा मंदिर और ओल्ड मनाली की ओर भारी वाहनों पर भी रोक लगाने के आदेश दिए हैं। आपातकालीन सेवाओं, एंबुलेंस, अग्निशमन, पुलिस और सुरक्षा वाहनों को प्रतिबंध से छूट रहेगी ! राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 6 से 8 अक्टूबर तक हिमाचल दौरे पर रहेंगी। इस दौरान वह बिलासपुर एम्स के दीक्षांत समारोह में शामिल होने के बाद मनाली जाएंगी और 7 अक्टूबर को हिडिंबा मंदिर व अटल टनल का दौरा प्रस्तावित है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि वे इन प्रतिबंधों को ध्यान में रखते हुए अपनी यात्रा की योजना बनाएं और मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करें।
हिमाचल प्रदेश अब ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में भी कदम बढ़ाने जा रहा है। सोलन जिले के नालागढ़ के दभोटा में प्रदेश का पहला 1 मेगावाट क्षमता वाला ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट तैयार हो रहा है। प्लांट का निर्माण अंतिम चरण में पहुंच गया है और फरवरी 2027 से व्यावसायिक उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। करीब 9.04 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस परियोजना को हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPPCL) और ऑयल इंडिया लिमिटेड के सहयोग से विकसित किया जा रहा है। इसके लिए दभोटा में करीब 4,000 वर्गमीटर जमीन चिन्हित की गई है। प्लांट में अक्षय ऊर्जा से मिलने वाली बिजली के जरिए इलेक्ट्रोलिसिस प्रक्रिया से हाइड्रोजन तैयार की जाएगी। इसकी प्रस्तावित क्षमता प्रतिदिन 423 किलोग्राम ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन की है। यानी सालाना करीब 154.4 टन हाइड्रोजन उत्पादन का लक्ष्य है। एक किलोग्राम हाइड्रोजन तैयार करने में करीब 13 लीटर पानी और लगभग 52 यूनिट बिजली की जरूरत होगी। पूरी क्षमता पर प्लांट को रोजाना करीब 22 हजार यूनिट बिजली की आवश्यकता रहने का अनुमान है। अधिकारियों के अनुसार प्लांट में मशीनरी और तकनीकी उपकरणों की स्थापना लगभग पूरी हो चुकी है। अब परीक्षण और कमीशनिंग की प्रक्रिया के बाद फरवरी 2027 से उत्पादन शुरू करने की तैयारी है। तैयार ग्रीन हाइड्रोजन का इस्तेमाल उद्योगों, रसायन एवं उर्वरक क्षेत्र और परिवहन में किया जा सकेगा। यह परियोजना हिमाचल के स्वच्छ ऊर्जा और कम-कार्बन अर्थव्यवस्था की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
हिमाचल प्रदेश के चौधरी सरवण कुमार कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर और डॉ. यशवंत सिंह परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी में कुलपति नियुक्ति का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। राज्य सरकार ने हिमाचल हाईकोर्ट के 27 अगस्त के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। सरकार के सुप्रीम कोर्ट जाने की पुष्टि कृषि सचिव सी. पालरासू ने की है। दरअसल, हाईकोर्ट ने अगस्त में दोनों विश्वविद्यालयों में कुलपति नियुक्ति से जुड़े राज्य सरकार के संशोधित प्रावधानों को निरस्त कर दिया था। अदालत ने यूजीसी के 2018 नियमों के अनुसार नए सिरे से चयन प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए थे। साथ ही सर्च-कम-सेलेक्शन कमेटी में यूजीसी के नामित सदस्य को शामिल करने को भी जरूरी माना था। हाईकोर्ट के आदेश के बाद लोकभवन ने पुरानी चयन समितियों को भंग कर नई प्रक्रिया शुरू कर दी थी। अब सरकार के सुप्रीम कोर्ट पहुंचने से इस नई चयन प्रक्रिया पर भी असमंजस की स्थिति बन गई है। दोनों विश्वविद्यालयों में स्थायी कुलपतियों की नियुक्ति अब सुप्रीम कोर्ट के रुख पर निर्भर कर सकती है। इस पूरे विवाद की शुरुआत कुलपति नियुक्ति में राज्य सरकार की भूमिका बढ़ाने वाले संशोधित प्रावधानों को लेकर हुई थी। हाईकोर्ट ने इन प्रावधानों को यूजीसी नियमों से टकराव वाला मानते हुए रद्द कर दिया था।
सोना-चांदी खरीदने वालों के लिए आज बाजार से मिली-जुली खबर सामने आई है। 5 अक्टूबर 2026 को सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि चांदी के भाव में तेजी देखने को मिली। घरेलू बाजार के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 24 कैरेट सोने का भाव करीब ₹1.49 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास रहा। ऑल इंडिया बुलियन बेंचमार्क में 24 कैरेट सोना ₹1,49,743 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। वहीं 22 कैरेट सोने का भाव करीब ₹1,37,165 प्रति 10 ग्राम रहा। दूसरी ओर, चांदी की कीमत में तेजी देखी गई। 999 शुद्धता वाली चांदी का बेंचमार्क भाव करीब ₹2,26,543 प्रति किलोग्राम रहा। यानी सोने में नरमी के बावजूद चांदी की चमक बढ़ी है। बाजार में कीमतों के उतार-चढ़ाव पर डॉलर की चाल, अमेरिकी ब्याज दरों की उम्मीद, अंतरराष्ट्रीय बाजार और मांग-आपूर्ति जैसे कारकों का असर पड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोमवार को सोने और चांदी दोनों में मजबूती देखने को मिली। खरीदारी करने वालों के लिए जरूरी बात: ज्वेलरी का अंतिम बिल केवल सोने के बेस रेट से तय नहीं होता। इसमें मेकिंग चार्ज, वेस्टेज और 3% GST भी जुड़ सकता है। इसलिए खरीदारी से पहले स्थानीय ज्वेलर से उस समय का अंतिम रेट जरूर जांच लें।
हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) की बस में धर्मपुर से शोघी के बीच सफर करने वाले यात्रियों से टोल टैक्स वसूले जाने का मामला सामने आया है। यात्रियों का आरोप है कि बस ने टोल प्लाजा से होकर सफर नहीं किया, इसके बावजूद उनसे किराये में टोल टैक्स के नाम पर अतिरिक्त राशि ली गई। यात्रियों ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब बस टोल प्लाजा से होकर गुजरी ही नहीं, तो यात्रियों से टोल टैक्स किस आधार पर वसूला गया। इसको लेकर यात्रियों में नाराजगी है और उन्होंने HRTC से मामले में स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। यात्रियों का कहना है कि बस किराये में शामिल अतिरिक्त शुल्क की जानकारी भी स्पष्ट होनी चाहिए, ताकि उन्हें पता चल सके कि उनसे किस मद में कितनी राशि ली जा रही है। अब यात्रियों की नजर निगम के जवाब पर है कि धर्मपुर-शोघी रूट पर यह शुल्क किस नियम के तहत वसूला जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश में भांग और अफीम की अवैध खेती पर अब तकनीक के जरिए शिकंजा कसने की तैयारी है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने नशे की अवैध खेती वाले क्षेत्रों की जियो टैगिंग शुरू कर दी है। इसके तहत खेती वाले स्थान की सटीक GPS लोकेशन, अक्षांश-देशांतर के साथ मौके की फोटो और वीडियो भी डिजिटल रिकॉर्ड में सुरक्षित किए जाएंगे। पुराने ठिकानों पर भी रहेगी नजर जियो टैगिंग से उन जगहों पर दोबारा निगरानी करना आसान होगा, जहां पहले अवैध भांग या अफीम की खेती पकड़ी जा चुकी है। यदि फसल नष्ट करने के बाद उसी स्थान पर दोबारा खेती मिलती है तो पुराने डिजिटल रिकॉर्ड, फोटो और वीडियो के आधार पर कार्रवाई को मजबूत किया जा सकेगा। रिकॉर्ड में खेती की मात्रा, कार्रवाई की तारीख और नष्ट किए गए क्षेत्र की जानकारी भी दर्ज होगी। कुल्लू समेत दुर्गम इलाकों पर फोकस NCB की निगरानी में कुल्लू सहित प्रदेश के ऊंचाई वाले और दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र भी शामिल हैं। इन इलाकों में अवैध नशे की खेती की शिकायतें सामने आती रही हैं। जियो टैगिंग से जांच एजेंसियों को जमीन और खेती से जुड़ी जानकारी जुटाने में भी मदद मिलेगी। पुलिस-वन विभाग और NCB में बढ़ेगा तालमेल अभियान में पुलिस, वन विभाग और NCB के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान पर भी जोर दिया जा रहा है। मौके से जुटाए गए डिजिटल साक्ष्य NDPS एक्ट के तहत होने वाली कार्रवाई को मजबूत करने में मदद करेंगे। इस व्यवस्था को प्रदेश के अन्य संवेदनशील जिलों तक भी बढ़ाने की तैयारी है। फसल नष्ट करने का प्रमाणपत्र भी मिलेगा अवैध खेती नष्ट करने की कार्रवाई को पारदर्शी बनाने के लिए वन विभाग की ओर से प्रमाणपत्र जारी करने की व्यवस्था की जा रही है। मौके पर नष्ट की गई फसल का डिजिटल रिकॉर्ड, फोटो और वीडियो से मिलान करने के बाद प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। इससे कार्रवाई का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा और अवैध खेती पर दोबारा नजर रखना आसान होगा।
कांगड़ा। डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल टांडा में पीजी प्रशिक्षु डॉक्टर से कथित छेड़छाड़ के मामले में सरकार ने सख्त कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के निर्देश के बाद आरोपी लैब तकनीशियन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। बताया गया है कि 28 सितंबर को प्रथम वर्ष की पीजी प्रशिक्षु डॉक्टर मरीज के लिए प्लेटलेट्स की व्यवस्था से संबंधित जानकारी लेने ब्लड बैंक पहुंची थीं। शिकायत के अनुसार, वहां ड्यूटी पर तैनात लैब तकनीशियन ने उनके साथ कथित तौर पर अनुचित व्यवहार किया। डॉक्टर ने बाद में चिकित्सा अधीक्षक को लिखित शिकायत दी। मामले के विरोध में टांडा की रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (RDA) ने पेन डाउन स्ट्राइक कर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की थी। डॉक्टरों ने अस्पताल में महिला चिकित्सकों और प्रशिक्षुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई। मामले में कांगड़ा पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने भी विभागीय जांच के लिए टीम गठित की है। सरकार की ओर से कहा गया है कि स्वास्थ्य संस्थानों में इस तरह के दुर्व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निलंबन के दौरान आरोपी का मुख्यालय हमीरपुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रहेगा और विभागीय जांच पूरी होने तक कार्रवाई प्रभावी रहेगी।
हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। भाजपा के प्रदेश प्रभारी श्रीकांत शर्मा ने दावा किया है कि 2027 के विधानसभा चुनाव में हिमाचल की सत्ता में भाजपा की वापसी होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बदलाव तय है। हमीरपुर के टिप्पर गांव में भाजपा के प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक के दौरान श्रीकांत शर्मा ने पार्टी के संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा प्रदेश के 8,007 मतदान केंद्रों पर संगठन को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। बैठक में आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों, सेवा कार्यों और पार्टी के भविष्य के रोडमैप पर भी चर्चा हुई। भाजपा नेतृत्व 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रहा है। भाजपा की प्रदेश सह-प्रभारी दर्शना सिंह ने कांग्रेस और वाम दलों पर युवाओं को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा इन दावों का जवाब तथ्यों के साथ देगी। वहीं, 2027 में सत्ता परिवर्तन को लेकर भाजपा नेता लगातार अपने स्तर पर दावे कर रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू पहले ही भाजपा के सत्ता में लौटने के दावे को खारिज कर चुके हैं। इस तरह 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले हिमाचल में भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी और संगठनात्मक तैयारियां तेज होती नजर आ रही हैं।
शिमला। राजधानी शिमला की ढली सब्जी मंडी में पहाड़ी मटर ने इस सीजन में जोरदार दस्तक दी है। शुरुआती सीजन में ही अच्छी गुणवत्ता वाला मटर 210 रुपये प्रति किलो तक बिका है। मंडी में मटर के दाम फिलहाल 100 से 210 रुपये प्रति किलो तक चल रहे हैं। मटर का सीजन अभी शुरुआती दौर में है, जिसके चलते ढली मंडी में रोजाना करीब 50 से 60 बोरियां ही पहुंच रही हैं। मंडी जिले के करसोग और आसपास के क्षेत्रों से मटर की आवक शुरू हुई है। कम आवक और बाहरी राज्यों में बढ़ी मांग के कारण मटर के दामों में उछाल आया है। आढ़तियों के अनुसार हिमाचली पहाड़ी मटर की दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, अहमदाबाद, गुजरात समेत कई बड़े शहरों में अच्छी मांग है। वहीं सोमवार को मंडी में सब्जियों की कुल आवक भी कम रही, जिसका असर दामों पर देखने को मिला ! मंडी आढ़ती एसोसिएशन के सचिव बिट्टू वर्मा के मुताबिक अभी सीजन की शुरुआत है और बड़े शहरों से मांग मजबूत बनी हुई है। ऐसे में आने वाले दिनों में भी मटर के भाव मजबूत रहने की उम्मीद है। अच्छे दाम मिलने से मटर उत्पादक किसानों के चेहरे भी खिल गए हैं। यानी इस समय पहाड़ी मटर किसानों के लिए 'हरी कमाई' का बड़ा जरिया बन गया है।
शिमला। हिमाचल प्रदेश से मानसून की विदाई के बाद अब एक बार फिर मौसम करवट लेने वाला है। मौसम केंद्र शिमला ने 6 से 10 अक्तूबर तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई है। मौसम में बदलाव के साथ तापमान में भी गिरावट आने के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार 6 अक्तूबर को बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। इस दौरान हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने का अनुमान है। 7 अक्तूबर को कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला में तेज हवाओं और बारिश का असर देखने को मिल सकता है। वहीं 8 अक्तूबर को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला के लिए भी येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक 6 से 9 अक्तूबर तक कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है। 10 अक्तूबर को भी कुछ जगहों पर हल्की बारिश या बर्फबारी के आसार हैं। मौसम बदलने के साथ प्रदेश के अधिकतम तापमान में अगले कुछ दिनों में 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है, जबकि न्यूनतम तापमान में भी कमी होने की संभावना है। इससे खासकर सुबह और शाम के समय ठंड बढ़ेगी और ऊंचाई वाले इलाकों में सर्दी का असर और तेज महसूस होगा। मौसम विभाग ने लोगों से तेज हवाओं, बिजली और बारिश के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है।
शिमला। हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की 5 अक्तूबर को प्रस्तावित बैठक स्थगित हो गई है। अब मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में 7 अक्तूबर को कैबिनेट बैठक होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि बैठक की अंतिम तारीख और एजेंडा आधिकारिक तौर पर अधिसूचना जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। जानकारी के अनुसार, सितंबर में भी मंत्रिमंडल की बैठक नहीं हो पाई थी। इससे पहले 11 सितंबर को प्रस्तावित बैठक भी स्थगित की गई थी। अब लंबित मामलों को अगली बैठक में शामिल किए जाने की तैयारी है। प्रस्तावित बैठक में कर्मचारियों से जुड़े मामलों, विभिन्न विभागों में खाली पदों को भरने और नई भर्तियों से संबंधित प्रस्तावों पर चर्चा हो सकती है। शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग समेत कई विभागों के महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी कैबिनेट के सामने आने की संभावना है। इसके अलावा पहले से लंबित एजेंडे के साथ मुख्यमंत्री की ओर से हाल में की गई कुछ घोषणाओं से जुड़े प्रस्ताव भी बैठक में शामिल हो सकते हैं। इनमें 100 नए सीबीएसई स्कूलों और शिक्षकों की नियुक्ति तथा करीब 600 जूनियर इंजीनियर पदों पर भर्ती से संबंधित मामले भी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। फिलहाल सरकार की ओर से 7 अक्तूबर की बैठक की औपचारिक अधिसूचना का इंतजार है। बैठक होती है तो लंबे समय से लंबित भर्ती और कर्मचारी मामलों को लेकर कई अहम फैसले सामने आ सकते हैं।
सोलन, हिमाचल प्रदेश: साई संजीवनी हॉस्पिटल सोलन में GNM तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों के लिए भावपूर्ण विदाई समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि श्रीमती वीना अग्रवाल जी, प्रधानाचार्या मिस दिव्या वर्मा, संस्थान के शिक्षकगण तथा श्रीमती मीनाक्षी राव, श्रीमती स्नेहलता एवं श्रीमती मीना सागर जी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। समारोह में विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, मनोरंजक गतिविधियों और विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से अपने विद्यार्थी जीवन की खूबसूरत यादों को साझा किया। इस अवसर पर मिस फेयरवेल का खिताब रितिका, मिस पर्सनैलिटी का खिताब दीपाली तथा मिस चार्मिंग का खिताब खुशी ने अपने नाम किया। मुख्य अतिथि श्रीमती वीना अग्रवाल जी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा, “नर्सिंग केवल एक पेशा नहीं, बल्कि सेवा, संवेदना और समर्पण का माध्यम है। अपने ज्ञान, अनुशासन और मानवीय मूल्यों को साथ लेकर आगे बढ़ें तथा जहां भी जाएं, अपने संस्थान और शिक्षकों का नाम रोशन करें।” उन्होंने सभी विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। समारोह के दौरान विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच भावुक क्षण भी देखने को मिले। तीन वर्षों की मेहनत, सीख और साथ की यादों के साथ विद्यार्थियों को उनके आगामी जीवन एवं करियर के लिए शुभकामनाएं देते हुए विदाई दी गई। साई संजीवनी परिवार ने सभी GNM तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों के उज्ज्वल, सफल एवं सेवाभावी भविष्य की मंगलकामना की।
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश, बादल फटने और अचानक बाढ़ जैसी आपदाओं से निपटने के लिए मौसम निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। प्रदेश के 116 संवेदनशील स्थानों पर स्वचालित मौसम स्टेशन (AWS) स्थापित किए जाएंगे। इस परियोजना पर करीब 53 करोड़ रुपये खर्च होने की बात सामने आई है। इन AWS के जरिए स्थानीय स्तर पर बारिश, तापमान और मौसम में होने वाले अचानक बदलावों का रियल टाइम डेटा जुटाने में मदद मिलेगी। इससे मौसम की स्थिति बिगड़ने पर प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को समय रहते अलर्ट जारी करने तथा संवेदनशील इलाकों में जरूरी कदम उठाने में मदद मिल सकेगी। जिलावार देखें तो शिमला में सबसे अधिक 24 AWS लगाए जाएंगे। इसके बाद सिरमौर में 18, चंबा और मंडी में 14-14, सोलन में 10, कांगड़ा में 9, किन्नौर में 7, बिलासपुर में 6, ऊना में 5, कुल्लू में 4, हमीरपुर में 3 और लाहौल-स्पीति में 2 स्वचालित मौसम स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। मानसून के दौरान हिमाचल में कई इलाकों में भारी बारिश, भूस्खलन, बादल फटने और फ्लैश फ्लड का खतरा रहता है। ऐसे में इन स्टेशनों से मिलने वाला स्थानीय मौसम डेटा चेतावनी व्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकता है। फिलहाल हिमाचल में IMD के नेटवर्क के तहत 24 AWS और 66 Automatic Rain Gauge Stations भी संचालित हैं। नए 116 स्टेशन जुड़ने से प्रदेश में मौसम की स्थानीय निगरानी का दायरा और बढ़ेगा।
हिमाचल प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर से जोड़ने का काम तेजी से चल रहा है। प्रदेश में अब तक 10,29,926 स्मार्ट मीटर स्थापित किए जा चुके हैं। बिजली बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार स्मार्ट मीटर लगाने के मामले में सोलन सर्किल सबसे आगे है, जबकि कई अन्य सर्किलों में भी चरणबद्ध तरीके से काम जारी है। आंकड़ों के मुताबिक सोलन सर्किल में 2,78,071, शिमला सर्किल में 2,30,453 और रामपुर सर्किल में 1,61,961 स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। वहीं नाहन सर्किल में 1,35,292 और रोहड़ू सर्किल में 72,312 स्मार्ट मीटर स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा कांगड़ा सर्किल में 48,477, मंडी में 21,742, ऊना में 19,622 और हमीरपुर में 16,766 स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। बोर्ड के बाकी सर्किलों में भी स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ रही है। स्मार्ट मीटर लगाने की यह मुहिम केंद्र सरकार की पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (RDSS) के तहत चल रही है। इसका उद्देश्य बिजली वितरण व्यवस्था को अधिक तकनीक आधारित और पारदर्शी बनाना है। स्मार्ट मीटर से बिजली की खपत की वास्तविक समय में निगरानी और वास्तविक खपत के आधार पर बिलिंग में मदद मिलती है। केंद्र के आंकड़ों के अनुसार 31 दिसंबर 2025 तक हिमाचल में RDSS के तहत 7,02,046 उपभोक्ता स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके थे। इसके अलावा ट्रांसफार्मर और फीडर मीटर भी स्थापित किए गए थे l नोट: आपके दिए विषय के लिए उपलब्ध नवीनतम विस्तृत सर्किल-वार आंकड़े जून 2026 के हैं; इसलिए ऊपर के आंकड़े उसी आधार पर दिए गए हैं।
हिमाचल प्रदेश में जमीन के बंदोबस्त की लंबी प्रक्रिया को अब छोटा करने की तैयारी है। प्रदेश सरकार बंदोबस्त के नियमों में बदलाव करने जा रही है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत जमीन की सीमाएं तय करने का काम करीब हर पांच साल में किया जाएगा, जबकि मौजूदा व्यवस्था में 40 साल की अवधि का प्रावधान है। इस संबंध में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में सचिवालय में बैठक हुई। बैठक में भूमि अभिलेख निदेशक समेत बंदोबस्त और राजस्व विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। सरकार ने नियमों में बदलाव के सुझाव तैयार करने के लिए एक कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं। कमेटी में बंदोबस्त का अनुभव रखने वाले सेवानिवृत्त अधिकारियों को भी शामिल किया जाएगा। सरकार के निर्देश के अनुसार कमेटी 10 दिन के भीतर अधिसूचित की जाएगी और उसे करीब एक महीने में अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी। कमेटी मौजूदा नियमों का अध्ययन कर उन प्रावधानों में बदलाव सुझाएगी, जिनकी वजह से बंदोबस्त की प्रक्रिया वर्षों तक लंबित रहती है। कई जिलों में दशकों से नहीं हुआ बंदोबस्त प्रदेश के कई जिलों में लंबे समय से बंदोबस्त नहीं हो पाया है। चंबा में 1951, मंडी में 1959 और कांगड़ा में 1970 के बाद बंदोबस्त की प्रक्रिया नहीं हो सकी है। सरकार के अनुसार आधुनिक उपकरणों और कर्मचारियों की कमी भी इस लंबी प्रक्रिया का एक कारण है। डिजिटल रिकॉर्ड पर जोर नई व्यवस्था में जमीन की पैमाइश और सीमाएं तय करने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल प्रस्तावित है। इसमें ड्रोन, रोवर, डीजीपीएस, लेजर डिस्टेंस मीटर, इलेक्ट्रॉनिक डेटा कलेक्टर और अन्य सर्वे उपकरणों का इस्तेमाल किया जा सकता है। साथ ही जमीन के नक्शों और सीमाओं का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने पर जोर रहेगा। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी के अनुसार बंदोबस्त में लगने वाले वर्षों को कम करना सरकार का उद्देश्य है। इसके लिए नियमों के साथ-साथ तकनीक, सर्वेक्षण प्रक्रिया और कर्मचारियों की भूमिका में भी जरूरी बदलाव सुझाए जाएंगे।
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में शनिवार सुबह बड़ा सड़क हादसा हुआ। मनाली से पठानकोट जा रही HRTC की बस पुलिस लाइन बाशिंग के पास करीब सुबह 6 बजे सड़क पर पलट गई। हादसे के समय बस में चालक-परिचालक समेत कुल छह लोग सवार थे। हादसे में चार यात्रियों, चालक और परिचालक समेत सभी छह लोग घायल हुए हैं। घायलों को उपचार के लिए क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू पहुंचाया गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार सभी की हालत सामान्य बताई जा रही है। घायलों की पहचान श्याम लाल (45), कृष्ण थापा (42), छाया देवी (25), राकेश कुमार (31), बस चालक मनमोहन सिंह (42) और परिचालक प्रवीण सिंह (46) के रूप में हुई है। ये लोग कुल्लू, पठानकोट और कांगड़ा क्षेत्र से संबंधित हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। बस नंबर HP-38-9738 मनाली से पठानकोट रूट पर जा रही थी। हादसे के कारणों की पुलिस जांच कर रही है। प्रारंभिक रिपोर्टों में बस के अनियंत्रित होकर पलटने की बात सामने आई है, जबकि एक रिपोर्ट में ब्रेक फेल होने की आशंका बताई गई है; वास्तविक कारण जांच के बाद स्पष्ट होगा।
शिमला के दुर्गम काशापाट क्षेत्र में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का पारंपरिक अंदाज में खास स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर काशा और पाट गांव के ग्रामीणों में खासा उत्साह रहा। ग्रामीणों ने स्थानीय रीति-रिवाजों के साथ उनके स्वागत की तैयारियां कीं और उन्हें पहाड़ी संस्कृति व खानपान से रूबरू करवाया। मुख्यमंत्री ने काशा गांव में लंच और डिनर किया। इसके बाद वह पाट गांव में ग्रामीण सुपन दास के घर रात्रि विश्राम के लिए पहुंचे। मुख्यमंत्री के लिए स्थानीय अनाज और पारंपरिक खाद्य सामग्री से तैयार व्यंजन परोसे गए। तीन अक्टूबर की सुबह मुख्यमंत्री को नाश्ते में ओगले और फाफड़े का चिल्टू, कोदा व तुलसी की रोटी, गेहूं व झालरे की मोड़ी, स्थानीय मक्खन-लस्सी, भिथू और गुच्छी की सब्जी समेत कई पारंपरिक व्यंजन परोसे जाने की तैयारी थी। इन व्यंजनों को तैयार करने की जिम्मेदारी क्षेत्र के सात महिला मंडलों को दी गई थी। मुख्यमंत्री के गांव में रात्रि प्रवास को ग्रामीणों ने खास अवसर बताया। इस दौरान सुक्खू ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं और मांगें भी जानेंगे। प्रशासन की ओर से भी दौरे को लेकर सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया गया। मुख्यमंत्री का यह दौरा रोहड़ू, चिड़गांव, रामपुर और आसपास के क्षेत्रों के तीन दिवसीय कार्यक्रम का हिस्सा था। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विकास कार्यों का उद्घाटन-शिलान्यास करने के साथ ग्रामीणों और स्थानीय लोगों से संवाद किया।
हिमाचल प्रदेश में अक्टूबर की शुरुआत में मौसम साफ रहने के बाद अब फिर करवट लेने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 5 अक्टूबर से बारिश का दौर शुरू हो सकता है, जबकि 6 और 8 अक्टूबर को कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 2 से 4 अक्टूबर तक प्रदेश में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा। इसके बाद पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते मौसम में बदलाव आएगा। 5 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है। वहीं 6 अक्टूबर को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर में बारिश के आसार हैं। किन्नौर और लाहौल-स्पीति के ऊंचे क्षेत्रों में बारिश के साथ बर्फबारी हो सकती है। 6 अक्टूबर को कुछ जिलों में आंधी-बिजली का भी अलर्ट है। ऊना, बिलासपुर, कांगड़ा, शिमला और सिरमौर में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक रहने की संभावना है। वहीं 8 अक्टूबर को भी मौसम खराब रहने के संकेत हैं। कुछ स्थानों पर बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है। मौसम विभाग ने किसानों और बागवानों को तैयार फसल को सुरक्षित रखने तथा आंधी-बिजली के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है। फिलहाल प्रदेश में मौसम साफ बना हुआ है, लेकिन अगले कुछ दिनों में तापमान में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। अधिकतम तापमान में आगामी 3-4 दिनों के दौरान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी का अनुमान है।
हिमाचल प्रदेश में गांधी जयंती के बाद बने लॉन्ग वीकेंड पर पर्यटन कारोबार ने रफ्तार पकड़ ली है। शनिवार को शिमला और मनाली समेत प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर बड़ी संख्या में सैलानी पहुंचे। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और अन्य मैदानी राज्यों से पर्यटक छुट्टियां मनाने पहाड़ों का रुख कर रहे हैं। शिमला में शनिवार सुबह से ही सर्कुलर रोड पर वाहनों का दबाव बढ़ गया, जिससे कई जगह ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही। लिफ्ट के पास पार्किंग सुबह करीब 11 बजे तक भर गई और वाहनों की कतारें लिफ्ट से टॉलैंड तक पहुंच गईं। विधानसभा से बालूगंज के बीच भी ट्रैफिक प्रभावित रहा और वाहन धीमी गति से चलते नजर आए। पर्यटकों की बढ़ती संख्या का असर शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भी दिखाई दिया। मालरोड और रिज मैदान में दिनभर चहल-पहल रही। होटलों में भी ऑक्यूपेंसी बढ़ी है। शुक्रवार को शिमला में होटल ऑक्यूपेंसी करीब 70 फीसदी रही और शनिवार को इसके और बढ़ने की उम्मीद जताई गई। उधर, मनाली में भी पर्यटकों की भारी आमद के कारण सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। रिपोर्टों के अनुसार शनिवार को मनाली में 4,000 से अधिक पर्यटक वाहन पहुंचने की बात सामने आई है, जिससे कई मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ। शुक्रवार रात मनाली और आसपास के मार्गों पर भी भारी जाम की स्थिति बनी। बड़ी संख्या में पर्यटकों के पहुंचने से शहर के होटल भी पैक होने लगे हैं। वहीं परवाणू में भी शुक्रवार को करीब दो किलोमीटर लंबा जाम लगा था, जिससे हिमाचल आने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों को परेशानी हुई। हालांकि, पर्यटकों की बढ़ती संख्या से होटल, रेस्तरां, टैक्सी और अन्य पर्यटन कारोबार से जुड़े कारोबारियों के चेहरे खिल उठे हैं। लंबे समय बाद पर्यटन स्थलों पर बढ़ी भीड़ को कारोबार के लिए राहत के तौर पर देखा जा रहा है।
केलांग। देश के सबसे ऊंचे और चुनौतीपूर्ण बस रूटों में शामिल दिल्ली-केलांग-लेह बस सेवा ने इस सीजन में हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) के केलांग डिपो की कमाई बढ़ाई है। केलांग-लेह-केलांग सेक्शन से निगम को करीब 45 लाख रुपये की आय हुई है। दिल्ली-केलांग-लेह के पूरे रूट की आय जोड़ने पर यह रकम और अधिक होने की संभावना है। इस साल 26 मई को बस सेवा शुरू हुई थी और मौसम की स्थिति को देखते हुए 17 सितंबर को इसे बंद कर दिया गया। करीब साढ़े तीन महीने चली इस सेवा में देश के अलग-अलग हिस्सों से आए पर्यटकों और अन्य यात्रियों ने करीब 990 किलोमीटर लंबे सफर का आनंद लिया। दिल्ली से लेह के इस रूट पर बस को बारालाचा ला, नकी ला, लाचुंग ला और तंगलंग ला जैसे ऊंचे दर्रों से होकर गुजरना पड़ता है। केलांग से लेह की दूरी करीब 365 किलोमीटर है। ऊंचाई और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद यह रूट यात्रियों के बीच खासा लोकप्रिय है। HRTC के केलांग डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक अंशित शर्मा के अनुसार, इस सीजन में केलांग-लेह-केलांग रूट से करीब 45 लाख रुपये की आय हुई है। उन्होंने बताया कि मौसम और सड़क की स्थिति अनुकूल रहने पर अगले साल मई में बस सेवा दोबारा शुरू की जाएगी। गौरतलब है कि दिल्ली-लेह बस सेवा का किराया 1,839 रुपये निर्धारित किया गया था। सर्दियों में भारी बर्फबारी और खराब मौसम के कारण यह सेवा हर साल बंद कर दी जाती है और मौसम खुलने के बाद दोबारा शुरू होती है।
नालागढ़। सोलन जिले के नालागढ़ उपमंडल के लूणा गांव निवासी CISF सब-इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह का गुरुवार को पूरे सैन्य और राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। जम्मू-कश्मीर के कठुआ में ड्यूटी के दौरान गोलीबारी की घटना में उनकी मौत हुई थी। उनका पार्थिव शरीर सुबह करीब छह बजे उनके पैतृक गांव पहुंचा। सुबह करीब 9:30 बजे अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू हुई। सबसे भावुक पल उस समय आया, जब लक्ष्मण सिंह के 10 वर्षीय बेटे श्रेय ठाकुर ने पिता की चिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान परिवार, ग्रामीणों और पूर्व सैनिकों की आंखें नम हो गईं। अंतिम विदाई के दौरान CISF और हिमाचल पुलिस की टुकड़ी ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर लक्ष्मण सिंह को अंतिम सलामी दी। बड़ी संख्या में ग्रामीण, पूर्व सैनिक, स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी अंतिम संस्कार में शामिल हुए। लक्ष्मण सिंह कठुआ के बसोहली क्षेत्र के माशका गांव में एक हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट की सुरक्षा में तैनात थे। 29 सितंबर को हुई गोलीबारी की घटना में लक्ष्मण सिंह समेत चार जवानों की मौत हुई थी। रिपोर्ट के अनुसार, क्यूआरटी की बी शिफ्ट में तैनात हेड कांस्टेबल अवधेश कुमार सिंह ने अपनी सर्विस राइफल से फायरिंग की थी। इस घटना में लक्ष्मण सिंह के अलावा असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडे, कांस्टेबल रफीक अहमद और कांस्टेबल संदीप कुमार की भी मौत हुई थी। घायलों को चंबा के खैरी स्थित एनएचपीसी अस्पताल ले जाया गया था, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। लक्ष्मण सिंह अपने पीछे माता-पिता, पत्नी और दो बेटों को छोड़ गए हैं। उनके अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। पूरे गांव में शोक का माहौल रहा।
शिमला। साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए KYC अपडेट नहीं कराने पर बैंक खाता बंद होने का डर दिखाकर 7.10 लाख रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। मामले में सिरमौर जिले के दो युवकों समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर ठगी के नेटवर्क और अन्य साथियों की तलाश में जुटी है। साइबर अपराधी अक्सर KYC अपडेट, बैंक खाता बंद होने या मोबाइल नंबर ब्लॉक होने का डर दिखाकर लोगों से बैंकिंग जानकारी हासिल करते हैं। पुलिस जांच के अनुसार, आरोपियों ने पीड़ित को फोन कर खुद को बैंक अधिकारी बताया और कहा कि KYC अपडेट नहीं होने पर उसका खाता बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद उन्होंने लिंक भेजकर या बैंक संबंधी जानकारी हासिल कर पीड़ित के खाते से 7.10 लाख रुपये की राशि निकाल ली। शिकायत मिलने के बाद साइबर थाना पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की और बैंक खातों, मोबाइल नंबरों तथा डिजिटल लेन-देन के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई। जांच के दौरान सिरमौर के दो युवकों सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह का नेटवर्क किन-किन राज्यों तक फैला हुआ है और क्या आरोपी अन्य साइबर ठगी की घटनाओं में भी शामिल रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे KYC अपडेट, बैंक खाता बंद होने या इनाम मिलने जैसे फोन कॉल और लिंक से सतर्क रहें तथा किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, बैंक खाते की जानकारी या पासवर्ड साझा न करें। साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन या नजदीकी साइबर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएंI
बिलासपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 6 अक्तूबर को हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर दौरे पर आएंगी। अपने दौरे के दौरान वह श्री नयना देवी मंदिर में दर्शन करेंगी और इसके बाद एम्स बिलासपुर के पहले दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। राष्ट्रपति के मंदिर दौरे को देखते हुए 6 अक्तूबर को सुबह 7 बजे से दोपहर 1 बजे तक आम श्रद्धालुओं के लिए मंदिर में दर्शन बंद रहेंगे। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे उस दिन दर्शन करना चाहते हैं तो सुबह 7 बजे से पहले मंदिर पहुंच जाएं। दोपहर 1 बजे के बाद दर्शन सामान्य रूप से शुरू कर दिए जाएंगे। राष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए 500 से अधिक पुलिसकर्मी, अधिकारी और कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। नयना देवी मंदिर और एम्स परिसर को सुरक्षा के लिहाज से अलग-अलग सेक्टरों में बांटा गया है। दोनों स्थानों को नो-ड्रोन जोन घोषित किया गया है। राष्ट्रपति आनंदपुर साहिब से सड़क मार्ग के जरिए श्री नयना देवी पहुंचेंगी। दर्शन के बाद वह एम्स बिलासपुर जाएंगी, जहां संस्थान के पहले दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी। इसके बाद उनके मनाली रवाना होने का कार्यक्रम है। सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ प्रशासन ने यातायात, पार्किंग, स्वास्थ्य, बिजली, पेयजल और आपातकालीन सेवाओं के भी विशेष इंतजाम किए हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से तीन एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस भी तैनात रखने की तैयारी है। राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए मंदिर तक पहुंचने वाले मार्गों की मरम्मत और अन्य व्यवस्थाओं को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है। प्रशासन और पुलिस की टीमें पूरे रूट की लगातार निगरानी कर रही हैं।
रोहड़ू। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने गुरुवार को रोहड़ू में नशे के खिलाफ एंटी-चिट्टा रैली को हरी झंडी दिखाई। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के साथ संवाद किया और खुद भी रैली में शामिल होकर मार्च किया। इस दौरान युवाओं को नशे से दूर रहने और नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया गया। मुख्यमंत्री के तीन दिवसीय रोहड़ू-रामपुर दौरे की शुरुआत 1 अक्टूबर से हुई है। रोहड़ू में विद्यार्थियों के साथ कार्यक्रम के बाद वह चिड़गांव पहुंचे, जहां विभिन्न विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास के साथ जनसभा को संबोधित करने का कार्यक्रम है। इसके बाद मुख्यमंत्री ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम के तहत ग्राम पंचायत दियूदी-मयला के भटवाड़ी गांव पहुंचेंगे। यहां वह ग्रामीणों, महिला मंडलों और युवक मंडलों के साथ संवाद कर स्थानीय समस्याओं को सुनेंगे। मुख्यमंत्री का रात में भटवाड़ी में रात्रि प्रवास भी निर्धारित है। 2 अक्टूबर को मुख्यमंत्री रामपुर क्षेत्र का दौरा करेंगे। शिंगला में विकास योजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास के बाद नोग वैली के लोगों से संवाद करेंगे। इसके बाद काशा गांव में ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम में ग्रामीणों से बातचीत करेंगे और रात में पाठ गांव में रुकने का कार्यक्रम है। 3 अक्टूबर को रामपुर में भी एंटी-चिट्टा रैली आयोजित होगी। मुख्यमंत्री विद्यार्थियों से संवाद करने के बाद रैली को हरी झंडी दिखाएंगे और इसमें शामिल होंगे। इसके बाद उनका शिमला लौटने का कार्यक्रम है। मुख्यमंत्री के इस दौरे में नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान के साथ ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को सीधे सुनना और विकास योजनाओं की समीक्षा प्रमुख रूप से शामिल है।
शिमला। नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ शिमला पुलिस ने कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए अब तस्करों की आर्थिक गतिविधियों और अवैध कमाई पर भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पुलिस ने तीन एनडीपीएस मामलों में करीब 40.5 लाख रुपये से अधिक की चल-अचल और वित्तीय संपत्तियां सीज की हैं। इनमें वाहन, बैंक खातों की रकम औरन्य वित्तीय संपत्तियां शामिल हैं। बालूगंज मामले में 23 लाख की संपत्ति सीज बालूगंज थाने में दर्ज मामले में 23 फरवरी 2026 को आईएसबीटी शिमला के पास करीब सात ग्राम चिट्टा बरामद होने के बाद अविनाश चौहान को गिरफ्तार किया गया था। जांच आगे बढ़ने पर विशाल यादव, जय प्रकाश यादव और रवि अहिरवार भी गिरफ्तार किए गए। वित्तीय जांच में पुलिस के अनुसार करीब 22 लाख रुपये की स्कॉर्पियो-एन और बैंक खाते में मौजूद रकम समेत लगभग 23 लाख रुपये की संपत्ति सामने आई, जिसे एनडीपीएस एक्ट के तहत सीज किया गया। पुलिस के मुताबिक विशाल यादव के खाते में जनवरी 2025 से 26 अगस्त 2026 के बीच करीब एक करोड़ रुपये का लेन-देन भी मिला, जिसका स्पष्ट वैध आय स्रोत सामने नहीं आया। रामपुर के दो मामलों में 17.5 लाख की कार्रवाई रामपुर थाने के एक मामले में मई 2025 में किराये के कमरे से करीब 31 ग्राम चिट्टा और 50,400 रुपये नकद बरामद किए गए थे। मामले में पांच आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद वित्तीय जांच की गई। पुलिस ने करीब 9.5 लाख रुपये मूल्य की संपत्तियां, जिसमें कार, मोटरसाइकिल और स्कूटी शामिल हैं, सीज की हैं। वहीं रामपुर के दूसरे मामले में 25 जून 2025 को नोगली बाजार के पास मनसा राम उर्फ मनीष को करीब 2.5 किलोग्राम चरस के साथ गिरफ्तार किया गया था। जांच के दौरान उसके बैंक और डाकघर खातों समेत अन्य वित्तीय लेन-देन की पड़ताल की गई। पुलिस के अनुसार करीब 8 लाख रुपये की रकम प्रथम दृष्टया नशे के अवैध कारोबार से जुड़ी मिली, जिसे सीज किया गया। 2026 में अब तक 12.5 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति सीज शिमला पुलिस के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक एनडीपीएस मामलों की वित्तीय जांच के आधार पर 12.5 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की चल-अचल और वित्तीय संपत्तियां सीज की जा चुकी हैं। पुलिस अब नशा तस्करों तक पहुंचने के साथ-साथ उनके आर्थिक नेटवर्क और नशे से अर्जित कथित अवैध संपत्ति की भी जांच कर रही है।
धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में अमेरिकी कांग्रेस के पांच सदस्यीय द्विदलीय प्रतिनिधिमंडल ने 30 सितंबर को तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा से उनके आवास पर मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व अमेरिकी हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के चेयरमैन ब्रायन मास्ट ने किया। प्रतिनिधिमंडल में जेम्स गैलाघर, जिमी पैट्रोनिस, हेली स्टीवंस और श्री थानेदार शामिल रहे। मुलाकात के बाद सांसदों ने मीडिया से बातचीत में तिब्बत, मानवाधिकार, धार्मिक स्वतंत्रता और चीन की नीतियों को लेकर अपनी चिंताएं रखीं। ब्रायन मास्ट ने कहा कि अमेरिका तिब्बती लोगों के अधिकारों और स्वतंत्रता के समर्थन में खड़ा है। उन्होंने चीन पर तिब्बतियों और अन्य समुदायों के खिलाफ दमन करने के आरोप भी लगाए। मास्ट ने चीन की ओर से तिब्बती समुदाय पर देश की सीमाओं के बाहर भी निगरानी और दबाव बनाए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अमेरिका स्वतंत्रता, लोकतंत्र और लोगों के मूल अधिकारों को महत्वपूर्ण मानता है। दलाई लामा के उत्तराधिकारी का मुद्दा भी उठा मुलाकात के दौरान दलाई लामा के उत्तराधिकारी को लेकर भी चर्चा हुई। ब्रायन मास्ट ने चीन की ओर से भविष्य के दलाई लामा के चयन को प्रभावित करने की किसी भी कोशिश पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि दलाई लामा के पुनर्जन्म से जुड़ा निर्णय धार्मिक परंपरा के अनुसार होना चाहिए। ट्रंप-शी जिनपिंग मुलाकात पर भी चर्चा अमेरिकी सांसदों से हाल में हुई अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात को लेकर भी सवाल किया गया। मास्ट ने कहा कि दलाई लामा का मानना है कि दुनिया के बड़े देशों के नेताओं के बीच बातचीत होना जरूरी है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी बातचीत से तिब्बतियों और अन्य समुदायों के अधिकारों को लेकर अमेरिका की चिंताएं खत्म नहीं होतीं। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने तिब्बत से जुड़े प्रस्तावित अमेरिकी कानूनों और आगे के सहयोग को लेकर भी सकारात्मक रुख जताया। सांसदों ने कहा कि तिब्बत के मुद्दे पर अमेरिकी कांग्रेस में द्विदलीय समर्थन बना हुआ है। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की यह धर्मशाला यात्रा ऐसे समय हुई है जब तिब्बत और दलाई लामा के उत्तराधिकार को लेकर चीन और तिब्बती पक्ष के बीच मतभेद जारी हैं। धर्मशाला में दलाई लामा से मुलाकात के बाद अमेरिकी सांसदों के बयानों ने इस मुद्दे को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय चर्चा में ला दिया है।
हिमाचल प्रदेश बार काउंसिल को करीब 133 दिनों के इंतजार के बाद नया नेतृत्व मिल गया है। बुधवार, 30 सितंबर को बार काउंसिल के चेयरमैन, वाइस चेयरमैन और बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) में प्रदेश के प्रतिनिधि के चुनाव हुए। चुनाव में वरिष्ठ अधिवक्ता I.N. मेहता को हिमाचल प्रदेश बार काउंसिल का चेयरमैन चुना गया। वहीं अधिवक्ता शिवानी शर्मा वाइस चेयरमैन बनीं। इसके अलावा अधिवक्ता विक्रांत चंदेल को बार काउंसिल ऑफ इंडिया में हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। 21 सदस्यों ने किया मतदान नए पदाधिकारियों के चुनाव में कुल 21 मत निर्णायक रहे। इनमें बार काउंसिल के 18 निर्वाचित सदस्य, दो मनोनीत सदस्य और हिमाचल प्रदेश के महाधिवक्ता शामिल रहे। इन्हीं सदस्यों ने मतदान कर नए नेतृत्व का चुनाव किया। चुनाव में I.N. मेहता को चेयरमैन, शिवानी शर्मा को वाइस चेयरमैन और विक्रांत चंदेल को BCI में हिमाचल के प्रतिनिधि के रूप में चुना गया। चार महीने बाद पूरा हुआ नेतृत्व का गठन हिमाचल प्रदेश बार काउंसिल के 18 सदस्यों के चुनाव की प्रक्रिया अप्रैल में हुई थी और 20 मई को चुनाव परिणाम घोषित किए गए थे। इसके बाद नए पदाधिकारियों के चुनाव के लिए करीब 133 दिनों तक इंतजार करना पड़ा। अब चेयरमैन, वाइस चेयरमैन और BCI प्रतिनिधि के चुनाव के साथ प्रदेश बार काउंसिल के नए नेतृत्व का गठन पूरा हो गया है। बार काउंसिल के इस चुनाव में महिला प्रतिनिधित्व को लेकर भी सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत दो महिला सदस्यों को मनोनीत किया गया है। अब नए नेतृत्व के सामने प्रदेश के अधिवक्ताओं से जुड़े मुद्दों को आगे बढ़ाने और बार काउंसिल के कामकाज को प्रभावी ढंग से संचालित करने की जिम्मेदारी होगी।
हिमाचल प्रदेश के मंडी-पठानकोट हाईवे पर एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। हाईवे पर एक ऑल्टो कार सड़क निर्माण में लगे रोलर से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसके परखच्चे उड़ गए। हादसे में तीन बच्चों समेत छह लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को बाहर निकालकर उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, टक्कर हाईवे पर रोलर से हुई। पुलिस हादसे से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। मंडी-पठानकोट हाईवे पर पहले भी सड़क दुर्घटनाएं सामने आती रही हैं। हाल में भी इस मार्ग पर हादसों के कारण यातायात प्रभावित हुआ है।
शिमला। हिमाचल प्रदेश के गरीब और अतिनिर्धन परिवारों को ₹1,500 मासिक आर्थिक सहायता और 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने वाली मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना की 2 अक्टूबर को होने वाली लॉन्चिंग टल गई है। पहले सरकार ने गांधी जयंती के दिन योजना शुरू करने की घोषणा की थी, लेकिन अब इसके लिए नई तारीख तय की जाएगी। योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने ₹1,500 की आर्थिक सहायता देने और पात्र गरीब परिवारों को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने का प्रावधान है। सरकार की ओर से पहले 2 अक्टूबर से इसका लाभ देने की तैयारी की गई थी। जानकारी के अनुसार योजना की पात्रता में बदलाव किए गए हैं। सरकार ने मनरेगा में कम से कम एक दिन काम करने की अनिवार्य शर्त हटाने और परिवार की आय सीमा को ₹50 हजार से बढ़ाकर ₹75 हजार करने का फैसला किया है। इन बदलावों के बाद पात्र परिवारों के सर्वे और सत्यापन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है I पंचायत स्तर पर हुए सर्वे में करीब 1.80 लाख आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली के लिए चिह्नित किया गया है। वहीं करीब 2.50 लाख महिलाओं को ₹1,500 मासिक सहायता देने की तैयारी है। लाभार्थियों का सत्यापन और आंकड़ों के एकीकरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद योजना लागू की जाएगी। सरकार के अनुसार पात्र महिलाओं के बैंक खातों में सहायता राशि सीधे भेजने और पात्र परिवारों को बिजली बिल में राहत देने की व्यवस्था की जाएगी। फिलहाल नई लॉन्चिंग तारीख का इंतजार है।
हमीरपुर। NIT हमीरपुर के हॉस्टल में एक युवक के घुसकर छात्रों का सामान चोरी करने का मामला सामने आया है। आरोपी ने हॉस्टल के कमरों से नकदी, मोबाइल फोन और लैपटॉप चोरी किए। घटना के बाद संस्थान में हड़कंप मच गया। छात्रों की शिकायत पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को आरोपी के पास से IIT मंडी का आईकार्ड मिला। आईकार्ड मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी की पहचान और उसके संस्थान से संबंध को लेकर जांच आगे बढ़ाई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि युवक NIT हमीरपुर के हॉस्टल में कैसे दाखिल हुआ और उसने किन-किन कमरों को निशाना बनाया। हॉस्टल में लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। पुलिस ने चोरी हुए कैश, मोबाइल और लैपटॉप के संबंध में भी जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। मामले की जांच जारी है और आरोपी से पूछताछ के बाद चोरी की वारदात से जुड़े अन्य तथ्यों का पता चलने की उम्मीद है।
एशियन गेम्स में भारतीय महिला कबड्डी टीम को स्वर्ण पदक दिलाने वाली हिमाचल की चार खिलाड़ियों ने प्रदेश सरकार की ओर से घोषित पुरस्कार राशि पर सवाल उठाए हैं। खिलाड़ियों का कहना है कि 33.33-33.33 लाख रुपये की राशि उनकी ऐतिहासिक उपलब्धि और वर्षों की मेहनत के साथ पूरा न्याय नहीं करती। हिमाचल की पुष्पा राणा, रितु नेगी, ज्योति ठाकुर और भावना ठाकुर ने सरकार से पुरस्कार राशि पर पुनर्विचार करने की मांग की है। खिलाड़ियों की मांग है कि एशियन गेम्स के स्वर्ण पदक के लिए निर्धारित चार करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि को चारों हिमाचली खिलाड़ियों में बराबर बांटा जाए, जिससे प्रत्येक खिलाड़ी को एक-एक करोड़ रुपये मिलें। भावना ठाकुर ने कहा है कि वह मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मुलाकात कर इस मांग को प्रमुखता से रखेंगी। उन्होंने चारों खिलाड़ियों को एक-एक करोड़ रुपये के साथ सरकारी नौकरी देने की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि खिलाड़ियों ने सीमित संसाधनों के बावजूद वर्षों की मेहनत और संघर्ष से यह मुकाम हासिल किया है। वही मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने 28 सितंबर को एशियन गेम्स के हिमाचली पदक विजेताओं के लिए कुल 5.33 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि का ऐलान किया था। इसके तहत चारों कबड्डी खिलाड़ियों को 33.33 लाख रुपये प्रति खिलाड़ी दिए जाने हैं। वहीं मंडी के सावन बरवाल को मैराथन में रजत पदक के लिए 2.50 करोड़ और चंबा की सीमा कुमारी को 10 हजार मीटर दौड़ में कांस्य पदक के लिए 1.50 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। सरकार के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश स्पोर्ट्स काउंसिल कैश अवॉर्ड रूल्स-2024 के तहत एशियन गेम्स के व्यक्तिगत स्वर्ण पदक के लिए चार करोड़ रुपये का प्रावधान है। कबड्डी टीम के मामले में पुरस्कार राशि टीम के नियमों के अनुसार खिलाड़ियों की भागीदारी के अनुपात में वितरित की जा रही है। चारों खिलाड़ियों की मांग के बाद अब हिमाचल में एशियन गेम्स की स्वर्णिम उपलब्धि और खिलाड़ियों को मिलने वाली पुरस्कार राशि को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
मंडी। अखिल भारतीय कांग्रेस कार्यसमिति की सदस्य और पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं। नई दिल्ली में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में शामिल होने के बाद उन्होंने कहा कि मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस देशभर में अभियान चलाएगी। प्रतिभा सिंह ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के भीतर मतभेद सामने आने के बावजूद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की ओर से लिए जा रहे फैसलों से लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने इसे ‘जनमत चोरी’ से जोड़ते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने CWC की बैठक में संविधान और लोकतंत्र की रक्षा तथा कथित ‘वोट चोरी’ को रोकने के लिए देशभर में बड़ा अभियान चलाने का आह्वान किया है। कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाएगी और अभियान को आगे बढ़ाएगी। प्रतिभा सिंह ने SIR के तहत 13 लाख से अधिक मतदाताओं को मताधिकार से वंचित किए जाने का दावा भी किया। हालांकि, यह आंकड़ा और इससे जुड़े आरोप प्रतिभा सिंह के बयान पर आधारित हैं और इन्हें स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता I उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई। वहीं, हिमाचल में कांग्रेस पहले ही SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर प्रदर्शन कर चुकी है। 25 सितंबर को शिमला में निर्वाचन विभाग कार्यालय के बाहर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया था। देशभर में SIR और चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस तथा विपक्षी दलों की आपत्तियों के बीच इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस लगातार तेज हो रही है।
शिमला। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू एक से तीन अक्तूबर तक रोहड़ू और रामपुर क्षेत्र के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री विभिन्न गांवों में पहुंचकर स्थानीय लोगों से सीधे संवाद करेंगे और उनकी समस्याएं सुनेंगे। दौरे के दौरान सुक्खू क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों का जायजा भी लेंगे। साथ ही स्थानीय लोगों की मांगों और सुझावों पर अधिकारियों के साथ चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री के गांवों में पहुंचने से ग्रामीणों को अपनी समस्याएं सीधे सरकार के सामने रखने का मौका मिलेगा। दौरे को आगामी विकास कार्यों और क्षेत्र की जरूरतों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश में बारिश के दौर के बाद अब मौसम में सुधार के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार 30 सितंबर से 5 अक्तूबर तक प्रदेश में मौसम के मुख्यतः साफ रहने की संभावना है। इस दौरान अधिकांश क्षेत्रों में बारिश से राहत मिलेगी और आसमान साफ रहने के साथ धूप खिल सकती है। हालांकि कुछ स्थानों पर स्थानीय मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। बारिश थमने के बाद तापमान में भी हल्का उतार-चढ़ाव दर्ज किया जा सकता है। प्रदेश में बीते दिनों हुई बारिश के कारण कई क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हुआ था, ऐसे में मौसम साफ होने से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
60 साल सेवा की मांग पर हाईकोर्ट पहुंचा कर्मचारी, रिटायरमेंट के बाद उसी पद पर दोबारा नियुक्ति के आदेश
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने 58 वर्ष की उम्र में सेवानिवृत्त किए गए कर्मचारी को अंतरिम राहत देते हुए उसी पद और उसी स्थान पर दोबारा नियुक्त करने के आदेश दिए हैं। मामला ठाकुरदास बनाम हिमाचल प्रदेश राज्य एवं अन्य से जुड़ा है। याचिकाकर्ता को 30 अप्रैल 2026 को 58 वर्ष की आयु पूरी होने पर रिटायर कर दिया गया था। कर्मचारी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दावा किया कि उसे 60 वर्ष की आयु तक सेवा में बने रहने का अधिकार है और दोबारा उसी पद पर काम करने की अनुमति मांगी। मामले में हाईकोर्ट ने कहा कि प्रतिवादियों को जवाब दाखिल करने का अवसर दिया गया था, लेकिन रिट याचिका और स्थगन आवेदन पर जवाब दाखिल नहीं किया गया। इसके बाद अदालत ने अंतरिम व्यवस्था के तहत कर्मचारी को वहीं और उसी पद पर पुन: सेवा में लेने का आदेश दिया, जहां वह सेवानिवृत्ति के समय तैनात था। हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया कि यह आदेश अंतिम फैसला नहीं है और आगे आने वाले आदेशों के अधीन रहेगा। यदि कर्मचारी को कोई सेवानिवृत्ति लाभ मिल चुका है, तो उसे विभाग को वापस करना होगा। इसके लिए कर्मचारी को राशि दो सप्ताह के भीतर जमा करनी होगी, जिसके बाद उसे अदालत के आदेश के अनुसार तत्काल सेवा में लिया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 27 अक्तूबर 2026 को होगी। आदेश न्यायमूर्ति अजय मोहन गोयल और न्यायमूर्ति योगेश जसवाल की खंडपीठ ने पारित किया।
जापान के आइची-नागोया में आयोजित 20वें एशियाई खेलों में हिमाचल का नाम रोशन करने वाले छह पदक विजेता खिलाड़ियों के लिए प्रदेश सरकार ने 5.33 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि घोषित की है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने खिलाड़ियों की उपलब्धियों पर बधाई देते हुए यह घोषणा की। भारतीय महिला कबड्डी टीम की स्वर्ण पदक जीत में हिमाचल की पुष्पा राणा, रितु नेगी, ज्योति ठाकुर और भावना ठाकुर शामिल रहीं। चारों खिलाड़ियों को 33.33-33.33 लाख रुपये दिए जाएंगे। यानी कबड्डी की इन चार खिलाड़ियों को कुल करीब 1.33 करोड़ रुपये मिलेंगे। वहीं, मंडी के सावन बरवाल ने पुरुष मैराथन में रजत पदक हासिल किया। सरकार उन्हें 2.50 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि देगी। चंबा की सीमा कुमारी ने महिलाओं की 10 हजार मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीता, जिसके लिए उन्हें 1.50 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। सरकार के अनुसार पुरस्कार राशि हिमाचल प्रदेश स्पोर्ट्स काउंसिल कैश अवॉर्ड रूल्स-2024 के तहत दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों की मेहनत और उपलब्धियां प्रदेश के युवाओं को खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेंगी। सरकार ने खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देने और खेल पुरस्कार राशि बढ़ाने पर भी जोर दिया है।


















































