** संयुक्त मोर्चा ने किया विरोध हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड में आउटसोर्स से लगे 81 चालकों की सेवाएं समाप्त करने की तैयारी है। इसका हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त मोर्चा ने विरोध किया है। संयोजक लोकेश ठाकुर और सह संयोजक हीरालाल वर्मा ने कहा कि संयुक्त मोर्चा इस विषय को सरकार के समक्ष उठाएगी। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस बारे बोर्ड की ओर से जारी किए गए निर्देश को तुरंत वापस लिया जाए। नेताओं ने कहा कि यह हैरानी की बात है कि जिन आउटसोर्स कर्मियों ने 10-12 वर्ष बिजली बोर्ड में अपने उज्ज्वल भविष्य का सपना देखकर कम वेतन पर लंबे समय तक अपनी सेवाएं दीं और आज उनकी सेवाएं समाप्त करना दुर्भाग्यपूर्ण ही नहीं, बल्कि उनके साथ बहुत बड़ा धोखा है। उन्होंने कहा कि यह बहुत दुखद है कि प्रदेश सरकार यदि आउटसोर्स कर्मियों के हित मे कोई नीति नहीं बना सकती है तो कम से कम उनको नौकरी से तो नहीं निकाला जाना चाहिए। यह लोकतांत्रिक सरकार की सामाजिक उत्थान की जिम्मेवारियों के अनुरूप नहीं होगा। उन्होंने कहा कि इस महंगाई के दौर मे यह कर्मी जहां मुश्किल से अपना गुजारा कर रहे हैं, वहीं अपनी अगली पीढ़ी को बेहतर स्वास्थ्य व शिक्षा नहीं दे पा रहे हैं। मोर्चा ने बिजली बोर्ड मैनेजमेंट से आग्रह किया कि छंटनी के इन आदेशों को तुरंत रद्द किया जाए और आउटसोर्स कर्मियों को स्थायी नीति बनाई जाए। फ्रंट ने मांग की है कि बिजली बोर्ड में समाप्त किए गए 51 पदों को तुरंत बहाल किया जाए। आउटसोर्स पर रखे गए यह चालक बिजली बोर्ड के नहीं, बल्कि कंपनी के थे। बोर्ड इनकी सेवाएं ले रहा था। अब बिजली बोर्ड में स्क्रैप पॉलिसी में वाहनों को हटा दिया गया है तो अब इनसे काम नहीं लिया जा रहा था। इन्हें कंपनी ने ही वापस बुलाया है।
** सोलन डाइट ने की पहल जेबीटी प्रशिक्षुओं को निजी शिक्षण संस्थानों में भी नौकरी मिल सकेगी। इसके लिए डाइट सोलन ने पहल की है। इसमें डाइट की ओर से निजी शिक्षण संस्थानों के लिए कैंपस इंटरव्यू आयोजित कर प्रशिक्षुओं को रोजगार से जोड़ा जा रहा है। अब तक प्रशिक्षु जेबीटी करने के बाद कई वर्षों तक सरकारी नौकरी को लेकर घर पर बैठ जाते थे। अब उनके इस इंतजार के बीच में उन्हें रोजगार से भी जोड़ा जा रहा है। हाल में डाइट सोलन के आठ प्रशिक्षुओं का चयन सोलन समेत शिमला के निजी शिक्षण संस्थानों के लिए हुआ है। इसमें कुछ प्रशिक्षुओं को आउटऑफ स्कूल के लिए एक निजी संस्था ने चयनित किया है। इसमें उन्हें संस्था और विभाग की ओर से भी अच्छा पैकेज दिया गया है। डाइट सोलन के प्रिसिंपल डॉ. शिव कुमार शर्मा ने बताया कि प्रशिक्षु अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद सरकारी नौकरी पाने के लिए बारी के इंतजार में कई वर्ष घर पर ही लगा देते हैं। इस बीच न तो उनकी पाठन प्रक्रिया का विकास होता है, और नहीं उनके पास कोई अपना अनुभव रहता है। नई मुहिम के तहत वह कैंपस इंटरव्यू में भाग लेकर निजी शिक्षण संस्थानों में भी बच्चों को पढ़ा सकते हैं। इससे उनका अनुभव भी बढ़ेगा। हाल ही में डाइट सोलन के आठ प्रशिक्षुओं का चयन निजी शिक्षण संस्थानों के लिए हुआ है।
डाडा सीबा तहसील के अंतर्गत आने वाले गाँव गुराला में बाबा भरथरी दंगल का 27 अक्टूबर को आगाज होगा। इस दंगल में देश के नामी पहलवान अखाड़े में अपनी कुश्तियों के जौहर दिखाएंगे। इस दंगल के लिए कमेटी ने भी तैयारियां मुक्कमल कर ली हैं। बाबा भरथरी दंगल कमेटी गुराला के प्रधान बलविंदर सिंह (बिटू) ने बताया 27 अक्टूबर को दंगल का आयोजन किया जा रहा है। इस कुश्ती प्रतियोगिता में हिमाचल पंजाब और हरियाणा के पहलवानों के बीच जोर अजामाइश होगी। इस कुश्ती प्रतियोगिता का गांव ब आस पास के लोगों बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने ने बताया पहलवानों की दंगल में 1:00 बजे से लेकर 3:00 बजे तक ही एंट्री की जाएगी 3:00 बजे के बाद आने वाले पहलबानो को कोई भी कुश्ती नहीं दी जाएगी। इस मौके पर उन्होंने पंजाब और देश भर के कुश्ती प्रेमियों सहित सभी स्थानीय निवासियों से इस कुश्ती में ज्यादा से ज्यादा हिस्सा लेने की अपील की है। उन्होंने बताया फाइनल मुकाबले में दोनों पहलवानों को 21000 रुपए की राशि दी जाएगी।
सुक्खू सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनरों को दिवाली से पहले कई तोहफे दिए हैं। सरकार ने 75 साल से अधिक उम्र के पेंशनरों को नए संशोधित वेतनमान के बाद पेंशन का बकाया 22.50 प्रतिशत बचा एरियर देने के आदेश जारी किए हैं। कुल 45 प्रतिशत एरियर में से आधा यानी कि 22.50 फीसदी सरकार 9 अक्तूबर को पेंशन के साथ दे चुकी है। सरकार ने 75 साल से अधिक उम्र के करीब तीस हजार पेंशनरों को एक माह के अंदर ही पूरा एरियर दे दिया है। बताया जा रहा है कि 22.50 प्रतिशत एरियर पेंशनरों को 28 अक्तूबर को पेंशन के साथ ही जारी किया जा सकता है। सरकार ने हिमाचल के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को भी नए वेतनमान का एरियर जारी करने के आदेश दिए हैं। इनकी संख्या करीब 25 हजार के आसपास बताई जा रही है। ग्रुप डी यानी चतुर्थ श्रेणी के हर कर्मी को नए वेतनमान के बकाया एरियर के 20 हजार रुपये जारी करने के सरकार के आदेश हैं। कर्मचारियों को एरियर अक्तूबर में ही देने के आदेश दिए गए हैं। एक जनवरी 2016 से नया वेतनमान लागू होने के बाद से इनका एरियर देय है। प्रधान सचिव वित्त ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, हिमाचल हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल, मंडलीय आयुक्तों, उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को इस संबंध में एक चिट्ठी भेजी है। बता दें कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने एरियर देने की घोषणा पहले ही की थी। एरियर हिमाचल प्रदेश सिविल सर्विसेज संशोधित वेतनमान नियम 2022 के तहत देय होगा। इससे पहले चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को 60-60 हजार दिए गए थे और अब 20-20 हजार रुपये और दिए जाएंगे। हिमाचल सरकार के वित्त विभाग ने राज्य के करीब पौने दो लाख पेंशनरों को चार फीसदी महंगाई भत्ता जारी करने के भी आदेश जारी किए हैं। इसी माह पेंशन के साथ भत्ता दिया जाएगा। डीए की किस्त एक अक्तूबर 2024 से 38 से बढ़ाकर 42 प्रतिशत की गई है। एक जनवरी 2023 से लेकर 30 सितंबर 2024 तक के डीए के एरियर का भुगतान अलग आदेश के तहत किया जाएगा।
इंदौरा/मनीष ठाकुर: मिनर्वा कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन इंदौरा के प्रांगण में करवाचौथ के उपलक्ष्य पर नए सत्र की छात्राओं के लिए मेहंदी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता का आयोजन सी.सी.ए कमेटी के द्वारा किया गया। इस प्रतियोगिता में बी.एड की सभी छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, मेहंदी प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य छात्रों में सौंदर्यात्मक मूल्यों का विकास करना है। इस प्रतियोगिता में वंशिका ने प्रथम स्थान व अंकिता ने द्वितीय स्थान तथा तन्वी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया है। इस अवसर पर प्रतियोगिता के न्यायाधीश जगजीत कौर और दीक्षा रही । उन्होंने प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को सम्मानित किया। कॉलेज के प्राचार्य डॉ प्रशांत कुमार ने प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को पुरस्कृत किया और इस उपलक्ष्य पर सभी अध्यापक वर्ग वहां उपस्थित रहे।
इंदौरा/मनीष ठाकुर: मिनर्वा कॉलेज ऑफ एजुकेशन इंदौरा में बी.एड के विद्यार्थियों के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ रन्जना ने किया, इसमें उन्होंने प्रथम सेमेस्टर के छात्र अपनी नियमित कक्षाएं शुरू करने से पहले कार्यक्रम का विकास शिक्षण प्रक्रिया के एक भाग के रूप में मूल्य वर्धित पाठ्यक्रमों में शुरू हुआ। इस कार्यक्रम में आगामी सेमेस्टर के लिए संबंधित विषय प्रभारियों द्वारा पीएलओ और सीएलओ की चर्चा भी शामिल थी। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती पूजन से हुई। इसके पश्चात विद्यार्थियों को कॉलेज के नियमों की जानकारी दी गई और पिछली उपलब्धियों को विद्यार्थियों के समक्ष बतलाया गया। साथ ही स्कोप परिसर में होने वाले दूसरे पाठ्यक्रमों की भी जानकारी दी।mसभी शिक्षकों ने विद्याथियों को अपने-अपने विषय के पाठ्क्रम से अवगत कराया और सम्पूर्ण कोर्स की विस्तृत रूप से जानकारी दी। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रशांत कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी को समय की पाबंदी और अनुशासन का हमेशा ध्यान रखना चाहिए और अपनी आंतरिक क्षमताओं का विकास करते हुए सार्थक जीवन की ओर अग्रसर होना चाहिए। इस अवसर पर विद्याथियों को बी.एड पाठ्क्रम के प्रथम सेमेस्टर में होने वाली गतिविधियों की जानकारी दी । कॉलेज प्रबंधन कमेटी के अध्यक्ष जरनैल सिंह पटियाल ने सभी विधार्थियों को प्रोत्साहित किया और उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी।
हिमाचल प्रदेश सरकार में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि राज्य सरकार पौंग विस्थापितों के लंबित मामलों को निपटाने के लिए तत्परता के साथ काम कर रही है। इसको लेकर अधिकारियों को भी आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। पौंग बांध विस्थापित, राहत एवं पुनर्वास समिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि जिन पौंग विस्थापितों को अब तक राजस्थान में जमीन उपलब्ध नहीं करवाई गई है, उनके मामलों को सचिव जल संसाधन मंत्रालय की अध्यक्षता में गठित हाई पावर कमेटी के सामने रखा गया है। दूसरे चरण में मुरब्बों से वंचित विस्थापितों को नियमों के तहत राजस्थान में जमीन उपलब्ध करवाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके लिए जल्द ही राज्य के अधिकारियों का एक दल भूमि निरीक्षण और अन्य लंबित मामलों को लेकर बीकानेर में दौरा करेगा । राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए भी सरकार विस्थापितों की मदद करेगी, ताकि पौंग विस्थापितों को उनके हक दिलाए जा सके। पौंग विस्थापितों के लंबित मामलों का जल्द निपटारा करने के लिए हर महीने राजस्थान के राजस्व अधिकारियों के साथ बैठकें आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके साथ ही पौंग विस्थापितों की समस्याओं के निपटने के लिए सब कमेटी भी गठित की जाएगी, ताकि ये कमेटी नियमित तौर पर मामलों की समीक्षा कर सकें । कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पारदर्शिता के लिए पौंग विस्थापितों का रिकॉर्ड गूगल शीट पर भी तैयार किया गया है , जिसमें विस्थापितों को डिटेल में जानकारी प्राप्त हो सकती है। यह गूगल शीट राजस्थान सरकार के साथ भी शेयर की गई है । राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि बीबीएमबी को मुहैया करवाई गई जमीन उपयोग में नहीं लाई जा रही है, उसका भी डाटा तैयार किया जाए, ताकि इस जमीन का इस्तेमाल विस्थापित कर सकें । इस मौके पर उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि पौंग विस्थापितों की समस्याओं से निपटने के लिए वर्तमान सरकार गंभीर है ।इसे लेकर राजस्थान सरकार के साथ भी पौंग विस्थापितों की समस्याओं को उठाया गया है । विधायक मलेंद्र राजन ने भी पौंग बांध में पिछले साल अधिक जल निकासी का मामला उठाते हुए कहा कि डैम एक्ट के तहत बाढ़ प्रभावितों को उचित राहत दिलवाई जाए और पौंग विस्थापितों को राजस्थान में आ रही समस्याओं को दूर करने के लिए कारगर कदम उठाए जाएं । वहीं, अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार शर्मा ने कहा कि पौंग डैम बनने से कांगड़ा जिले के विभिन्न उपमंडलों में 20722 परिवार प्रभावित हुए थे, जिनमें से 16352 प्रभावित परिवारों को जमीन मुहैया करवाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी और राजस्थान में 9616 प्रभावित परिवारों को खेती योग्य जमीन उपलब्ध करवाई जा चुकी है , जबकि 6736 प्रभावित परिवारों को जमीन मुहैया करवाने के मामले अभी तक लंबित हैं । इन मामलों के त्वरित निपटारे के लिए उपयुक्त कदम उठाए जा रहे हैं ।
** लाखों परिवारों की दिवाली में घुलेगी मिठास हिमाचल में फेस्टिव सीजन में महंगाई के बढ़ते बोझ ने आम लोगों की कमर तोड़ दी है। दिवाली के पहले ही बाजार में महंगाई ने एक तरह से आग लगा दी है। प्रदेश भर के बाजारों में रोज़मर्रा की ज़रूरतों की चीजों की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हो रही है। त्योहारी सीजन में प्याज के दाम बढ़कर 60 रुपए तक पहुंच गए हैं। टमाटर पहले ही 100 रुपए प्रति किलो बिक रहा है। वहीं, खाद्य तेल की कीमतें 200 प्रति लीटर तक के आंकड़े को छू रही हैं। आटा-दाल चावल और चीनी के भाव भी सातवें आसमान पर हैं इससे त्योहारी सीजन में बाजार से राशन खरीदना लोगों के लिए मुश्किल होता जा रहा है ।खासकर आवश्यक वस्तुओं के दाम बढ़ने से गरीब और निम्न वर्ग के लोगों को जीवन यापन करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में प्रदेश के लाखों परिवारों के लिए राहत की खबर ये है कि डिपुओं के जरिए सरकार 100 ग्राम प्रति व्यक्ति अतिरिक्त चीनी का फेस्टिवल कोटा दे सकती है । इसके लिए खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने एक प्रस्ताव सरकार को भेजा है। यहां से मंजूरी मिलते ही 19 लाख से अधिक राशन कार्ड धारकों को चीनी का फेस्टिवल कोटा जारी किया जाएगा। त्योहारी सीजन में मिठाइयों की अधिक डिमांड रहती है, जिससे इन दिनों बाजारों में चीनी की खपत भी ज्यादा रहती है। ऐसे में चीनी का रिटेल भाव भी 48 रुपए किलो तक पहुंच गया है। वहीं, डिपुओं के जरिए लोगों को यही चीनी बाजार से सस्ते रेट पर उपलब्ध कराई जाती है। प्रदेश में 5200 से अधिक डिपुओं के माध्यम से बीपीएल परिवारों को 13 रुपये प्रति किलो के हिसाब से चीनी दी जा रही है। इसी तरह से नॉन टैक्स पेयर एपीएल परिवारों को यही चीनी 33 रुपए प्रति किलो के हिसाब से उपलब्ध हो रही है। वहीं, टैक्स पेयर उपभोक्ताओं को डिपुओं में चीनी प्रति किलो के हिसाब से 44 रुपए चुकाने पड़ रहे हैं। उचित मूल्य की दुकानों के जरिए सरकार प्रति व्यक्ति 500 ग्राम चीनी का कोटा देती है, लेकिन फेस्टिवल सीजन में 100 ग्राम अतिरिक्त चीनी का कोटा मिलने से प्रति व्यक्ति 600 ग्राम चीनी मिलेगी ।
कांगड़ा जिले में पुलिस ने नशा तस्करों से चिट्टे की बड़ी खेप जब्त करने में बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने नशा तस्कर पति-पत्नी को धर-दबोचा है। आरोपी दंपति से पुलिस ने 109.52 ग्राम चिट्टे की बड़ी खेप बरामद की है। दोनों पति पत्नी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस द्वारा मामले में आगामी कार्रवाई की जा रही है। नूरपुर के एसपी अशोक रत्न ने बताया कि पुलिस ने कंडवाल में नाकाबंदी की हुई थी, जिस दौरान एक गाड़ी में सवार दंपति से बड़ी मात्रा में चिट्टा बरामद किया गया। आरोपी दंपति की पहचान रवि कुमार और उसकी पत्नी शिल्पा के तौर पर हुई है। आरोपी दंपति फतेहपुर के झाझवा गांव के निवासी हैं. पुलिस ने दंपति के कब्जे से 109 ग्राम चिट्टा बरामद किया है। दोनों पति-पत्नी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस द्वारा अब आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। एसपी नूरपुर अशोक रत्न ने कहा कि भविष्य में भी नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ जिला पुलिस का अभियान जारी रहेगा। उन्होंने युवाओं से भी अपील करते हुए कहा कि युवा भी इस नशे से दूर रहे और अपना ध्यान खेलों की तरफ आकर्षित करें। उन्होंने कहा कि नूरपुर पुलिस समय-समय पर इस तरह के नशे के सौदागरों के खिलाफ कार्रवाई करती रहती है। इन नशे के सौदागरों को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ा जाएगा।गौरतलब है कि प्रदेश में आए दिन नशा तस्कर पुलिस के हत्थे चढ़ रहे हैं। बीते सितंबर महीने में शिमला पुलिस ने भी प्रदेश में सबसे बड़ी चिट्टे की खेप बरामद की थी, जिसमें शिमला पुलिस ने जम्मू-कश्मीर के एक व्यक्ति को चिट्टा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया था और उससे 468 ग्राम चिट्टा बरामद किया था। इसके बाद पुलिस ने इसके सरगना को भी गिरफ्तार कर लिया था, जो कि शिमला जिले का ही निवासी था और ऊपरी शिमला में नशे का कारोबार चलाता था।
केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के बलाहर स्थित वेदव्यास परिसर में 17 तारीख से दो दिवसीय पुस्तकालय सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है। जानकारी देते हुए केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के वेद व्यास परिसर की निदेशक प्रो सत्यम कुमारी व पुस्तकालय अध्यक्ष विक्रमजीत सिंह ने बताया कि एन ई पी 2020 के संदर्भ में "शैक्षणिक पुस्तकालयों का पुनरुद्धार: संभावनाएँ और चुनौतियाँ" विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। इस सम्मेलन में देश भर के विशेषज्ञ, पुस्तकालयाध्यक्ष, शिक्षाविद् और शोधार्थी भाग लेंगे। कार्यक्रम का शुभारंभ 17 अक्टूबर को प्रातः 10 बजे होगा। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. विक्रम कुमार शर्मा (पुस्तकालयाध्यक्ष, केन्द्रीय हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय धर्मशाला) और विशिष्ट अतिथि डॉ. शिवराम राव के. (पुस्तकालय विभागाध्यक्ष, हिमाचल प्रदेश केन्द्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला) शामिल होंगे। मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. हरीश चन्द्र (जी एन डी यू अमृतसर) व नवीन डोबरियाल (सी एस यू देवप्रयाग) रहेंगे। इस समस्त कार्यक्रम के संयोजक डॉ. पूरण माल गुप्ता (विश्वविद्यालय पुस्तकालयाध्यक्ष, केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली) होंगे। कार्यक्रम संरक्षक प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी (कुलपति, केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली) व कार्यक्रम अध्यक्ष प्रो. सत्यम कुमारी (निदेशक, केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, वेदव्यास परिसर, बलाहर) होंगे। उन्होंने बताया कि यह सम्मेलन एन ई पी 2020 एवं भारतीय ज्ञान प्रणाली के तहत शैक्षणिक पुस्तकालयों की भूमिका पर विचार करने का एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के राज्य प्रवक्ता एवं पूर्व कर्मचारी कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष ठाकुर सुरिंदर सिंह मनकोटिया ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू का कर्मचारियों तथा पेंशनरों को 4% महंगाई भते की किस्त देने के लिए धन्यवाद व्यक्त किया है। मनकोटिया ने कहा कि 4 प्रतिशत महँगाई भते की किस्त जारी करने से प्रदेश के 1.80 कर्मचारी और 1.70 पेंशनर लाभान्वित होंगे। ये पहले मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने दिवाली के अवसर पर, इतिहास में पहली बार कर्मचारियों और पेंशनरों को पहली की वजाय 28 अक्तूबर को वेतन व पेंशन की अदायगी करने की ठानी है। इस सौगात को कर्मचारी, अधिकारी, पेंशनर कभी भूलेंगे नहीं। इसी के साथ चिकित्सा प्रतिपूर्ति के लिए 10 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान करके सभी लम्बित चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिलों के निपटान के आदेश जो मुख्यमंत्री सुक्खू ने दिए हैं, उससे वर्तमान कर्मचारियों व सेवानिवृत कर्मचारियों को एक बहुत बड़ी राहत मिलेगी। 75 वर्ष या इससे अधिक आयु के पेंशनरों का पूरा बकाया एरियर देने के आदेश से, तथा चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को 20 हजार रुपये वेतन एरियर देने के आदेश जो सरकार ने दिए हैं उससे पता चलता है कि सरकार कर्मचारी व सेवानिवृत कर्मचारी हितेषी सरकार है। और ये उनके मुँह पर तमाचा है जो कर्मचारियों के ड्यूज न देने का डिंडोरा पीट रहे थे। इतना ही नहीं बल्कि इससे भी आगे बढ़कर मुख्यमंत्री ने एक और इतिहासिक फैसला लेते हुए बोर्डो व निगमों के 1 लाख कर्मचारियों व सेवानिवृत कर्मचारियों को भी मालामाल कर दिया। उनके आदेशानुसार बोर्डो व निगमों के कर्मचारियों व पेंशनरों को भी पहली नवंबर की वजाय दीपावली से पूर्व , 28 अक्टूबर को वेतन व पेंशन मिलेगी। पिछली सरकार से देय हिमाचल पथ परिवहन निगम के कर्मचारियों व पेंशनरों का ओवरटाइम, जो 55 माह से देय था और जो करीब 90 करोड़ बनता है, उसे दिसम्बर तक देकर चुकता कर दिया जायगा। और तो और सरकार ने निगम के कर्मचारियों व पेंशनरों के मेडिकल बिलों की आपूर्ति के लिए 9 करोड़ देगी जिससे 2 महीने में लंबित बिल चुकता कर दिए जाएंगे। मनकोटिया ने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर अपने कार्यकाल में वेतन आयोग के न एरियर दे पाए न मेडिकल बिलों की अदायगी कर पाए, न ओवरटाइम की पेमेंट की, न कोई 5 साल भता बढ़ाया और न दिवाली से पहले कभी वेतन व पेंशन दी। अनुराग ठाकुर, जयराम ठाकुर, बिक्रम ठाकुर ये वो तीन ठाकुर हैं जो पहले दिल्ली की केंद्र सरकार के पास जाकर हिमाचल के ड्यूज यानी हक के पैसे, हिमाचल के शेयर के पैसे रुकवाते हैं और फिर दूसरे राज्यों में जाकर, हिमाचल प्रदेश और यहाँ के भोले-भाले लोगों को बदनाम करते हैं। क्या ये तीन ठाकुरों की तिकड़ी भूल गई कि एक लाख 35 हजार कर्मचारियों को ओल्ड पेंशन स्कीम जिस पेन से मुख्यमंत्री ने दी है उसकी अभी सिहाई भी नहीं सूखी। बदनाम करने की वजाय ये तिकड़ी ये बताएं कि इतनी बड़ी आपदा आने पर इन्होंने केंद्र से क्या दिलाया? स्टेट शेयर और जीऐसटी का पैसा तो हर माह, हर स्टेट को आता है ये तो केंद्र तथा राज्यों का रूटीन का मैटर है। हम मुख्यमंत्री और समस्त कैबिनेट का आभार व्यक्त करते हैं कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद, उन्होंने कर्मचारियों व पेंशनरों को दिवाली से पहले 1 तारीख के वजाय 28 को वेतन, पेंशन, डी ए देने का साहस जुटाया।
ज्वालामुखी उपमंडल के तहत मझीण क्षेत्र जहाँ तीन बैंक हैं पर एक भी एटीएम आज दिन तक स्थापित नहीं है। मझीण में स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया, काँगड़ा कोऑपरेटिव बैंक और हिमाचल ग्रामीण बैंक को मिला कर कुल तीन बैंक है पर एटीएम की सुविधा किसी बैंक की भी नहीं है। विकास धीमान ने बताया कि क्षेत्र ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र के मुख्य व्यापारिक केंद्रों में से एक है। यहां खरीदारी के लिए बहुत बड़ी मार्किट है लेकिन एटीएम का न होना यहाँ के स्थानीय लोगों और व्यापारियों के लिए बहुत बड़ी मुश्किल बन गया है । नकदी के लिए या तो हमें बैंक या फिर एटीएम के लिए नादौन जाना पड़ता है। विकास धीमान ने बताया कि नकदी निकालने गए लोग नादौन में ही अपना सामान खरीद लेते हैं जिसके फल स्वरूप यहाँ के व्यापारी को नुक्सान होता है। विकास धीमान ने बताया कि आज की तारिक में हर किसी का खता बैंक में है और बैंक एटीएम कार्ड मेंटिनेंस के नाम पर वार्षिक फीस भी लेता है लेकिन एटीएम की सुविधा उपलब्ध नहीं करवा रहा । विकास धीमान ने सवाल उठाया है कि जब तक एटीएम नहीं लग जाता मझीण के खाता धारकों से एटीएम कार्ड फीस नहीं ली जानी चाहिए। विकास धीमान ने स्थानीय बैंक प्रतिनिधियों से भी अनुरोध किया है कि जल्द से जल्द यहां एटीएम स्थापित किए जाए ताकी स्थानीय जनता को कुछ राहत मिले।
जयसिंहपुर/नरेंदर डोगरा: कंवर दुर्गा चंद राजकीय महाविद्यालय जयसिंहपुर में दिनांक 18-10-2024 को अभिभावक-अध्यापक संघ (PTA) की आम सभा महाविद्यालय परिसर में 11 बजे रखी गई है। महाविद्यालय के सभी छात्र-छात्राओं के अभिभावक इस आम सभा में सादर आमंत्रित हैं। आम सभा की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य महोदय प्रोफ़ेसर उपेन्द्र शर्मा करेंगे। इस आम सभा में पीटीए की नई कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा तथा महाविद्यालय के वार्षिक मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
डीएवी भड़ोली स्कूल में सैलड मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य सुरजीत कुमार राणा ने बताया कि बच्चों को ऐसी प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़ भाग लेना चाहिए, इससे उनके अंदर छिपी हुई कला बाहर आती है और उन में आत्मविश्वास बढ़ता है। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने सैलड को बहुत खूबसूरती से सजाया। इस प्रतियोगिता में 9वीं और 11वीं के बच्चों ने अपने-अपने सदन की ओर से हिस्सा लिया। प्रतियोगिता का परिणाम सदन स्तर के आधार पर निकाला गया। बच्चों ने खीरा, मूली, टमाटर आदि सब्जियों से सुंदर-सुंदर कलाकृतियों से सजी हुई सलाद बनाई सलाद में मयूर आकृति के अलावा अन्य विभिन्न आकृतियां आकर्षण का केंद्र रही। इस प्रतियोगिता में पहला स्थान गांधी सदन के प्रतिभागियों में अनामिका, सचित ,सिमरन ,शुभांशु ,आदि ने प्राप्त किया । दूसरा स्थान सुभाष सदन के प्रतिभागियों में आईना दत्ता, अनन्या शर्मा ,जतिन, आरव सूद, अर्णव गौतम ने प्राप्त किया। प्रधानाचार्य ने विजेता रहे बच्चों को प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया और बच्चों व अध्यापकों को बधाई दी।
कांगड़ा: विधानसभा नूरपुर के कस्बा जसूर में मंगलवार को हिमाचल परिवहन निगम की बस के नीचे आ जाने से एक बच्ची की मौत हो गई। बच्ची की उम्र डेढ़ साल बताई जा रही है। हादसे में बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा बेहद दर्दनाक था। बच्ची का शरीर सड़क पर ही चिपक गया। बच्ची की शिनाख्त करना ही मुश्किल हो गया था। मिली जानकारी के मुताबिक पंजाब निवासी निहाल की डेढ़ साल की बच्ची निहारिका जसूर सब्जी मंडी के पीछे खेल रही थी। यहां पास में ही एचआरटीसी वर्कशॉप भी है। वर्कशॉप के साथ ही खड्ड किनारे प्रवासी लोगों की झुग्गी झोपड़ियां हैं। एचआरटीसी चालक वीरेंद्र कुमार पुत्र नसीब सिंह निवासी नूरपुर टायर पंक्चर लगवाने गया था। इसी दौरान बच्ची बस के नीचे खेल रही थी, जैसे ही चालक ने गाड़ी को रिवर्स किया टायर के नीचे आ जाने से उसकी मौत हो गई। बच्ची का पिता पंजाब के लुधियाना का रहना वाला है और परिवार सहित जसूर में झुग्गी झोपड़ी में रहता है। वहीं इस मामले की पुष्टि करते हुए नूरपुर के एसपी अशोक रत्न ने बताया कि, पुलिस ने इस मामले को लेकर केस दर्ज कर लिया है और मामले की छानबीन की जा रही है। पुलिस ने मौके से सबूत भी जुटाए हैं और बस चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। बस चालक द्वारा जब बस को रिवर्स किया जा रहा था उस समय बस की पिछले टायर की नीचे आने से बच्ची को मौत हो गई है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पोस्टमार्टम होने के उपरांत शव परिजनों के सपुर्द कर दिया जाएगा।
** अगले महीने समीक्षा करेंगे सीएम हिमाचल में राजस्व से संबंधित लंबित मामलों का अब जल्द ही निपटारा होगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सभी लंबित राजस्व मामलों का निपटारा करने के लिए विशेष अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राजस्व लोक अदालतों के माध्यम से लंबित मामलों का निपटारा किया जा रहा है। इसमें और तेजी लाई जाने की आवश्यकता हैं। लोगों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से छुटकारा मिलना चाहिए, जिस पर राजस्व अधिकारियों को विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। सीएम सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार लोगों को घर द्वार पर सुविधाएं देने के लिए वचनबद्ध है और लंबित राजस्व मामलों का निपटारा करना अति आवश्यक है।उन्होंने सभी मंडलायुक्तों और उपायुक्तों को दुरूस्ती से सभी लंबित मामलों का 31 अक्टूबर, 2024 तक निपटारा करने के निर्देश दिए हैं, जिसकी समीक्षा नवंबर महीने में की जाएगी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सभी उपायुक्त लंबित राजस्व मामलों की समीक्षा के लिए अपने जिलों में एक-एक नोडल अधिकारी की तैनाती करें। इसकी सूचना डीसी को सरकार को भेजनी होगी, ताकि लंबित मामलों को समय सीमा के भीतर निपटाया जा सके। उन्होंने कहा कि राजस्व मामलों के निपटारे के लिए उपायुक्तों को नायब तहसीलदार तक खाली पड़े पदों को भरने की शक्तियां प्रदान की गई हैं। इसके लिए पर्याप्त बजट का प्रावधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह नवंबर माह में इस मामले की दोबारा समीक्षा करेंगे। सीएम सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने आपदा प्रभावितों के लिए विशेष राहत पैकेज के रूप में 4500 करोड़ रुपए जारी किए हैं। इस धनराशि से प्रभावित परिवारों की सहायता करने को कहा गया है, ताकि प्रभावित परिवारों को समय पर छत नसीब हो सके। बता दें कि पिछले साल मानसून सीजन में 500 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। इसके अलावा 10 करोड़ रुपए की सार्वजनिक और निजी संपत्ति का नुकसान हुआ था। पिछली बरसात में 23 हजार परिवार प्रभावित हुए थे, जिनके पुनर्वास के लिए प्रदेश सरकार ने 4,500 करोड़ रुपए का आपदा राहत पैकेज लागू किया है। इस पैकेज के तहत पूरी तरह से नष्ट हो चुके घरों के लिए मुआवजे की राशि 1.30 लाख रुपए से बढ़ाकर 7 लाख रुपए किया गया है।
हिमाचल प्रदेश सरकार की युवाओं के लिए विदेश में रोजगार के अवसर प्रदान करने की पहल के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। आज इस योजना के अंतर्गत पांच युवाओं का पहला बैच अपनी नई भूमिका शुरू करने के लिए सऊदी अरब पहुंच गया। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इन युवाओं को 31 अगस्त, 2024 को शिमला में नियुक्ति पत्र प्रदान किए थे। इन युवाओं में ऊना जिला के रजत कुमार, सुनील कुमार, जसप्रीत सिंह और अभिनव तथा जिला हमीरपुर के दिनेश शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विदेश में रोजगार की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार ने यूएई स्थित दुबई में ईएफएस फैसिलिटीज़ सर्विसिज ग्रुप लिमिटेड के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) हस्ताक्षरित किया है। दिसम्बर, 2023 में मुख्यमंत्री की दुबई यात्रा के उपरांत इएफएस ने विदेश भर्ती आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए हिमाचल से 15-20 प्रतिशत भर्तियां करने का लक्ष्य रखा है। इसके अंतर्गत आतिथ्य, तकनीकी सेवाओं, हाउस कीपिंग, खाद्य व पेय पदार्थ और कार्यालय सहायक जैसे क्षेत्रों में प्रदेश से प्रतिवर्ष लगभग 1000 उम्मीदवारों को दुबई में रोजगार दिया जाएगा। इसके अलावा, श्रम एवं रोजगार विभाग को विदेश में कार्य कर रहे युवाओं का कुशलक्षेम सुनिश्चित करने के लिए एक तंत्र विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं। यह प्रदेश सरकार की विदेश में राज्य के युवाओं की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार ने सिर्फ 20 माह के अपने कार्यकाल के दौरान सरकारी क्षेत्र में 31000 पद सृजित किए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को विदेश में रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए भी सकारात्मक दृष्टिकोण से कार्य कर रही है ताकि भविष्य में अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार के लिए विदेश में और अवसर प्राप्त हो। इस पहल से राज्य के युवा ऐजेंटों के शोषण से बचेगें और विदेश में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने स्वरोजगार को और अधिक बढ़ावा देने के लिए राजीव गांधी स्टार्ट-अप योजना भी आरम्भ की है। इस योजना से राज्य के युवा स्वयं के उद्यम और स्थायी आजीविका अर्जन के लिए प्रेरित होंगे और आत्मनिर्भर बनेंगे।
हिमाचल प्रदेश में सिरमौर पुलिस ने लाखों रुपए की ऑनलाइन ठगी के मामले में एक आरोपी को धर दबोचा है।आरोपी को बिहार से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने एजेंसी दिलाने के नाम पर पीड़ित से 30.87 लाख रुपए की ठगी की थी। आरोपी के खाते में ठगी के लाखों रुपए की ट्रांजेक्शन भी हुई है। मामले में गठित एसआईटी इस पूरे मामले की गहनता से जांच में जुटी हुई है। मामला सदर पुलिस थाना नाहन से जुड़ा है। एएसपी सिरमौर योगेश रोल्टा ने बताया कि गत 23 सितंबर को नाहन पुलिस थाने में पीयूष गुप्ता निवासी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी नाहन ने इस मामले में शिकायत दर्ज करवाई थीं। शिकायत के मुताबिक पीयूष गुप्ता के साथ ‘कीया’ की एजेंसी दिलाने के नाम पर 30.87 हजार रुपए की ऑनलाइन ठगी हुई। इस पर पुलिस ने केस दर्ज किया। मामले की जांच के लिए नाहन शहर की गुन्नूघाट पुलिस चौकी के प्रभारी एएसआई सुरेश मेहता के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई। एसआईटी ने जांच के दौरान इस मामले में आरोपी अनुराग गौतम निवासी बेगूसराय, बिहार को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि आरोपी के खाते में ठगी के करीब 26.65 लाख रुपए की ट्रांसजेक्शन हुई है। अब एसआईटी इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। पूछताछ के बाद सामने आएगा कि शातिर किस तरह से ऑनलाइन ठगी को अंजाम देते थे और कौन-कौन इस गिरोह में शामिल हैं।
हिमाचल के पालमपुर में मुख्य एसडीआरएफ प्रशिक्षण संस्थान स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण आपदा की घटनाओं में वृद्धि हुई है। इसलिए आपदाओं का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित कर हमें इन चुनौतियों के साथ जीना सीखना होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर्याप्त धनराशि व्यय कर लोगों को आपदा से निपटने की तैयारियों के बारे में जागरूक कर रही है और आपदा से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए कई उपाय अपनाए जा रहे हैं। आपदा की चुनौतियों का सामना करने के लिए प्राधिकरण को सदैव तैयार रहना चाहिए। इस दिशा में फ्रांस की एजेंसी एएफडी के सहयोग से 800 करोड़ रुपये की परियोजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है और मिटीगेशन फंड से 500 करोड़ रुपये व्यय किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने पालमपुर में एक मुख्य एसडीआरएफ प्रशिक्षण संस्थान स्थापित करने की घोषणा भी की है। सीएम सुक्खू ने कहा कि पिछले साल मानसून के दौरान प्रदेश के लोगों ने तबाही का मंजर देखा, जिसमें 500 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी और 10 हजार करोड़ रुपये की सार्वजनिक और निजी संपत्ति का नुकसान हुआ था। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से किसी प्रकार की वित्तीय सहायता न मिलने के बावजूद राज्य सरकार ने 23 हजार प्रभावित परिवारों का पुनर्वास किया और 4,500 करोड़ रुपये का आपदा राहत पैकेज लागू किया है। इस पैकेज के तहत पूरी तरह से नष्ट हो चुके घरों के लिए मुआवजे की राशि 1.30 लाख रुपये से बढ़ाकर सात लाख रुपए की गई है। मुख्यमंत्री ने आपदा राहत प्रयासों में राजनीतिक हस्तक्षेप की आलोचना करते हुए कहा कि प्रदेश को अभी तक आपदा उपरांत आवश्यकता आकलन (पीडीएनए) के 10 हजार करोड़ रुपये नहीं मिले हैं। विपक्ष की ओर से खड़ी की गई हर बाधाओं के बावजूद उनके निरंतर प्रयासों के फलस्वरूप इस दिशा में कुछ प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के मामलों में राजनीति नहीं होनी चाहिए और प्रभावित लोगों को पूरी सहायता प्रदान की जानी चाहिए। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि 72 घंटे तक उन्होंने स्वयं आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर बचाव व राहत कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने व्यक्तिगत रूप से राज्य से 75 हजार पर्यटकों और 15 हजार वाहनों को सुरक्षित निकालने का अभियान चलाया। सीएम ने कहा कि इतनी बड़ी प्राकृतिक आपदा के बावजूद 48 घंटों के भीतर, बिजली, पानी और संचार जैसी आवश्यक सेवाओं को अस्थायी रूप से बहाल किया गया. जिससे राहत कार्यों को सुचारू रूप से चलाने में मदद मिली। राज्य सरकार ने किसानों, विशेष रूप से सेब उत्पादकों की उपज को सुरक्षित रूप से मंडियों तक पहुंचाने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की, ताकि उन्हें अपने उत्पादों के बेहतर दाम मिले। विश्व बैंक, नीति आयोग और पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने राज्य के प्रभावी आपदा प्रबंधन कार्यों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने आपदा के अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी और मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी की अगुवाई में प्रदेश सरकार ने लाहौल-स्पीति जिले के चंद्रताल से 303 फंसे पर्यटकों को सफलतापूर्वक बचाया और सभी पर्यटकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की गई।
हिमाचल प्रदेश में फेस्टिव सीजन में सुक्खू सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को 4 फीसदी डीए देने के साथ पेंडिंग मेडिकल बिलों के भुगतान का ऐलान किया है। वहीं, कर्मचारियों और पेंशनर्स को अगले महीने यानी नवंबर में दी जाने वाली सैलरी और पेंशन को भी एडवांस में दिवाली से पहले 28 अक्टूबर को देने की घोषणा की गई है। ऐसे में त्योहारी सीजन में कई सौगातें एक साथ मिलने पर लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स की नाराजगी सरकार के प्रति कुछ हद तक दूर हो गई है। फेस्टिवल सीजन में 4 फीसदी डीए की किश्त देने, पेंडिंग मेडिकल बिलों के भुगतान और अगले महीने की सैलरी और पेंशन एडवांस में 28 अक्टूबर को डाले जाने के ऐलान से कर्मचारी और पेंशनर्स खुश हैं, लेकिन इसके साथ ही कुछ लंबित मांगों को लेकर सचिवालय कर्मचारियों का आज दोपहर बाद 1.30 जनरल हाउस होने जा रहा है, जिसमें सीएम सुक्खू की सरकार की ओर से कर्मचारी डीए की 4 फीसदी किश्त देने सहित एडवांस सैलरी और पेंशन सहित मेडिकल बिलों के बिलों के भुगतान करने के फैसले पर मुख्यमंत्री का धन्यवाद करेंगे।इसके साथ ही कर्मचारियों की अन्य लंबित मांगे भी सरकार के ध्यान में लाई जाएंगी। हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवाएं परिसंघ के अध्यक्ष संजीव शर्मा ने कर्मचारियों और पेंशनर्स को 4 फीसदी डीए सहित मेडिकल बिलों के भुगतान और अगले महीने की सैलरी और पेंशन एडवांस में 28 अक्टूबर को डाले जाने के ऐलान को लेकर मुख्यमंत्री का आभार जताया है। उन्होंने कहा "जहां तक जनरल हाउस की बात है तो ये पहले से ही प्रस्तावित है। हमने कहा था कि 15 अक्टूबर को जनरल हाउस करेंगे। इस बीच सरकार कुछ देती है तो हम धन्यवाद करेंगे, वरना आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। संजीव शर्मा का कहना है कि जनरल हाउस में कर्मचारियों को 2016 से 2022 के बीच का एरियर के भुगतान, साल में अनुबंध कर्मचारियों को दो बार नियमित करने और आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए नीति बनाने की मांग रखी जाएगी। उनका कहना है कि जनरल हाउस में प्रिविलेज मोशन को वापस लेने की भी मांग रखी जाएगी।
हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर की आरटीओ यानी रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिसर सोना चंदेल ने पंजाब रोडवेज के अमृतसर डिपो-2 के जीएम को नोटिस जारी किया है। इतना ही नहीं संबंधित डिपो की पांवटा साहिब-अमृतसर रूट पर बिना परमिट के चलने वाली एक बस पर 10,000 रुपए का चालान भी किया गया है। आरटीओ की ओर से जीएम को जारी नोटिस में संबंधित बस के ड्राइवर-कंडक्टर को आरटीओ कार्यालय नाहन में तलब किया गया है। आरटीओ ने यह कार्रवाई नाहन निवासी एक यात्री के. टांक की शिकायत पर अमल में लाई है। दरअसल के. टांक ने 18 सितंबर 2024 को इस बाबत आरटीओ सिरमौर को ई-मेल के जरिए पांवटा साहिब-अमृतसर रूट पर पंजाब रोडवेज बस की शिकायत भेजी थी। अमृतसर डिपो-2 की यह बस पांवटा साहिब से शाम 6:25 पर चलती है, जो शाम करीब साढ़े 7 बजे नाहन से 3 किलोमीटर दूर दोसड़का पहुंचती है। टांक ने बताया कि वह प्रतिदिन पांवटा साहिब से नाहन तक सफर करते हैं। आरटीओ को शिकायत करने से कुछ दिन पहले वह इसी बस में पांवटा साहिब से नाहन आ रहे था। बस का रूट पांवटा साहिब-नाहन-अमृतसर था, जैसे ही बस दोसड़का पर पहुंची, तो नाहन आने वाली सवारियों को दोसड़का पर ही उतार दिया गया, जिसमें वह भी शामिल थे. जबकि टिकट की एवज में पैसे पूरे नाहन तक के लिए गए। टांक ने बताया कि इसको लेकर बस के ड्राइवर-कंडक्टर देरी का बहाना बनाकर नाहन न आकर दोसड़का से ही बस लेकर अपने निर्धारित गंतव्य की तरफ निकल गए। यही नहीं 100 रुपए पूरा किराया वसूलने के बाद जो टिकट उन्हें दिया गया, उस पर भी बस का रूट पांवटा साहिब-नाहन दर्शाया गया है। इसके बाद उन्होंने इसकी शिकायत आरटीओ नाहन कार्यालय से की। शिकायत पर आरटीओ सिरमौर ने न केवल बिना परमिट पर संबंधित बस का 10,000 रुपए का चालान किया, बल्कि गत 7 अक्टूबर 2024 को पंजाब रोडवेज अमृतसर-2 के जीएम को भी कें. टांक की शिकायत के साथ एक नोटिस जारी किया। नोटिस में कहा गया है कि इस शिकायत के अलावा टेलीफोन पर भी इस बारे में काफी शिकायतें मिल रही हैं। वहीं, अमृतसर डिपो की बसों के नाहन-दोसड़का से रूट बदलने की सूचनाएं भी बार-बार मिल रही हैं। इसके चलते यात्रियों खासकर बुजुर्गों, बच्चों व महिलाओं को सामान सहित दोसड़का में उतारा जा रहा है, जबकि उनसे नाहन तक का किराया पूरा वसूल किया जा रहा है। नोटिस में जीएम से कहा गया कि पंजाब रोडवेज बस के ड्राइवर-कंडक्टर को 16 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे आरटीओ कार्यालय नाहन में उपस्थित होने और इस लापरवाही के कारणों को बताने का निर्देश दें। साथ ही यह भी कहा गया कि संबंधित बसों को नाहन के जरिए अपने निर्धारित मार्ग पर बस चलाने के लिए भी निर्देशित करें। ऐसा न होने की सूरत में आरटीओ कार्यालय एमवी एक्ट 1998 के प्रावधानों और उसके तहत बनाए गए नियमों के तहत आवश्यक कार्रवाई करने के लिए बाध्य होगा।
जयसिंहपुर/नरेंदर डोगरा: थाना लंबागांव के अंतर्गत आते प्राथमिक स्कूल भटवारा व आंगनबाड़ी केंद्र में अज्ञात चोरों ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। चोरी का पता सोमवार सुबह उस समय चला जब स्कूल में कार्यरत मल्टी टास्क वर्कर सपना स्कूल पहुंची। उसने देखा कि स्कूल के किचन सहित सभी कमरों के ताले टूटे पड़े हैं व दरवाजे खुले पड़े हैं। मल्टी टास्क वर्कर ने इस बात की सूचना मुख्याध्यापक किरण सूद को दी।सूचना मिलते ही मुख्याध्यापक किरण सूद भी स्कूल पहुंचे और कमरों की जांच करने पर पाया कि एक कमरे में लगी एलईडी, वायरलैस स्पीकर सहित रसोई घर में रखे गैस सिलैंडर, चूल्हा, 2 कुक्कर, दरियां व राशन आदि गायब हैं। उधर, स्कूल के साथ लगते आंगनबाड़ी केंद्र का ताला तोड़कर अंदर रखे कुक्कर, बर्तन व रिफाइंड तेल सहित दलिए के पैकेट भी चोर चुरा कर ले गए हैं। दोनों ही मामलों की सूचना लंबागांव पुलिस को दी गई। पुलिस टीम मौके पर पहुंची व मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी। थाना प्रभारी अशोक कुमार ने मामले की पुष्टि की है।
इंदौरा/ मनीष ठाकुर: मिनर्वा कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन इंदौरा के प्रांगण में मंगलवार को बी.एड के नए सत्र संगम 2024 का आगाज हवन आहुतियों व मंत्र उच्चारण के साथ हुआ। कार्यक्रम में काॅलेज प्रबंधन कमेटी के अध्यक्ष जरनैल सिंह पटियाल और कवि नरेश कुमार निर्गुण ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। काॅलेज के प्राचार्य डॉ प्रशांत कुमार ने नए विधार्थियों को महाविद्यालय के अनुशासन प्रणाली से अवगत कराया और काॅलेज प्रबंधन कमेटी के अध्यक्ष जे.एस पटियाल और कवि नरेश कुमार निर्गुण और निदेशक ए.के.खजुरिया, फार्मेसी प्राचार्य डॉ कपिल कुमार वर्मा को सम्मानित किया और उन्होंने बी.एड नए सत्र में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी। इस कार्यक्रम में बी.एड व अन्य कोर्सों के सभी अध्यापक वर्ग और अभिभावक वहां उपस्थित रहे ।
राजकीय महाविद्यालय देहरा में शैक्षणिक सत्र 2024-25 के लिए केंद्रीय छात्र परिषद संघ का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। इसमें नवनिर्वाचित छात्र परिषद संघ के प्रतिनिधियों को शपथ दिलाई गई। इस समारोह में प्राचार्य डॉ. सतीश सोनी ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। प्रधान पद पर छवि राणा ,उपप्रधान पद पर हर्षिता बी. कॉम तृतीय वर्ष से, सचिव पद पर प्रियांशु बी.ए द्वितीय वर्ष से तथा उपसचिव पद पर शिखा प्रथम वर्ष से चुने गए। इसी के साथ कक्षा प्रतिनिधि पद पर पलक, नेहा, साक्षी, अंशुल व सेजल चुने गए। इसके इलावा विभिन्न क्लब के प्रतिनिधियों को भी शपथ ग्रहण करवाई गई। सांस्कृतिक पद पर पायल व मुस्कान, रेड रिबन क्लब पद पर वैशाली व अंकित, रोड सेफ्टी क्लब पद पर पलक व शुभम, रेंजर पद पर अमीषा व रोवर पद पर अंश धीमान, राष्ट्रीय सेवा योजना के प्रतिनिधि के रूप में शिखा व अंशुल तथा स्पोर्ट्स के प्रतिनिधि के रूप में यश व श्रुति ने शपथ ली। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्रो मोनिका शर्मा, प्रो. निशा, डॉ. परवीन, प्रो शिवानी गुप्ता, श्रीमती ब्रिज वाला अशोक कुमार, मुनीश, रामदयाल ,जीवन, सुदर्शना, सावित्री व कश्मीर उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने दिवाली से पहले जल शक्ति विभाग में 12 साल का सेवाकाल पूरा कर चुके कर्मचारियों को तोहफा दिया है। प्रदेश सरकार ने 184 जल रक्षकों को अब पंप अटेंडेंट बनाया है। जल शक्ति विभाग ने अनुबंध अवधि पूरी किए जाने के बाद इन्हें पंप अटेंडेंट बनाने का फैसला लिया है। ऐसे में अब दो साल की अनुबंध अवधि पूरी करने के बाद ये सभी कर्मचारी विभाग में रेगुलर किए जाएंगे, जिससे इन्हें राज्य सरकार की ओर से तय वेतन और भत्तों का लाभ मिलेगा। इस तरह से इन कर्मचारियों की अब दिवाली रोशन होने वाली है। हिमाचल प्रदेश सरकार ने जल रक्षकों के लिए 12 साल की अनुबंध अवधि तय की है, जिन्हें 5400 रुपए मासिक मानदेय दिया जाता है। प्रदेश भर में 184 कर्मचारियों ने 12 साल की तय अवधि को पूरा कर लिया है। इस लिए इन्हें पंप अटेंडेंट बनाया गया है। प्रदेश में इस समय छह हजार जल रक्षक अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इन जल रक्षक को 60 फीसदी भुगतान जल शक्ति विभाग के माध्यम से मिल रहा है, वहीं 40 फीसदी भुगतान पंचायत करती हैं। हिमाचल प्रदेश में अब भी करीब 700 कर्मचारी ऐसे हैं, जो इस अवधि को पूरा कर रहे हैं और इसी साल दिसंबर तक इनका 12 साल का कार्यकाल पूरा हो जाएगा। ऐसे में जल शक्ति विभाग को दिसंबर में इन कर्मचारियों को लेकर भी फैसला करना होगा। वहीं, जल रक्षक इस 60-40 के कोटे को खत्म कर खुद को पूरी तरह से जल शक्ति विभाग के अधीन किए जाने की मांग कर रहे हैं। जल रक्षक महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रूप लाल ने 184 कर्मचारियों को नियमित करने के फैसले का स्वागत किया है। लेकिन अभी भी जल रक्षकों को 12 साल की अवधि पूरी होने के बाद ही नियमित किया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने पंप अटेंडेंट बनने वाले सभी कर्मचारियों को बधाई दी है। डिप्टी सीएम ने कहा, "अब कठिन समय पूरा करने वाले सभी कर्मचारियों का भविष्य उज्जवल होगा। राज्य सरकार ने कर्मचारियों को नियमित करने के लिए दो साल की समयावधि तय की है। अब कर्मचारी दो साल के बाद नियमित हो जाएंगे।
जयसिंहपुर/नरेंदर डोगरा: उपमंडल जयसिंहपुर के जालग में रविवार को शहीद हवलदार मस्तराम मेमोरियल वॉलीबॉल प्रतियोगिता का समापन हो गया, जिसमें बतौर मुख्य अतिथि सेवानिवृत पुलिस अधीक्षक राजेंद्र भाटिया और सेवानिवृत्त तकनीकी उपनिदेशक मोहिंद्र सिंह उपस्थित रहे। इस वॉलीबॉल प्रतियोगिता में लगभग 8 तीनों ने भाग लिया। प्रतियोगिता का फाइनल मुक़ाबला टीम दीनानगर और पठानकोट के बीच हुआ जिसमें दीनानगर की टीम ने तीन शून्य के साथ फाइनल मुक़ाबला जीता। विजेता टीम को 25 हजार रुपए नकद और ट्रॉफी उपविजेता को 15 हजार रूपये ट्रॉफी मुख्य अतिथि ने देकर सम्मानित किया। मुख्य अतिथि सेवानिवृत पुलिस अधीक्षक ने अपनी तरफ से 25 हजार समान निधि वॉलीबॉल प्रतियोगिता आयोजकों को दी। गौरतलव है कि शहीद हवलदार मस्तराम भारतीय सेना में चार महा रेजिमेंट तैनात थे 22 फरवरी 1980 को जम्मू में बम ब्लास्ट में पुलिस जबानों के साथ शहीद हो गए थे। इस अवसर पर एएसआई पंचरुखी यसपाल, ओम प्रकाश धीमान, रिटायर्ड सिरमौर सिंह, रिटायर्ड इंस्पेक्टर रतन चंद, ओम प्रकाश, अरुण पटियाल, मिलाप, रंगीला राम, बाबू राम, रवि, अनुज भाटिया, राम सिंह, के साथ अन्य वरिष्ठ लोग भी उपस्थित रहे।
केन्द्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय की योजना के अनुसार हिमाचल के कांगड़ा जिले में परागपुर का निकटवर्ती गांव मसोट"संस्कृत ग्राम" के रूप में विकसित किया जाएगा। इस क्रम में केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के बलाहर स्थित वेदव्यास परिसर में दो दिनों तक कार्यशाला में प्रशिक्षण प्रदान किया गया।शनिवार-रविवार को आयोजित कार्यशाला में हिमाचल के विभिन्न जिलों से 62 कार्यकर्त्ताओं ने भाग लिया। स्वयंसेवी संगठन संस्कृतभारती के उत्तरक्षेत्रीय प्रशिक्षणप्रमुख संजीव कुमार ने कहा कि संस्कृतग्राम बनाने में संस्कृतभारती संगठन अपना पूर्ण योगदान प्रदान करेगा। रविवार प्रातः कार्यशाला के संयोजक डॉ. पुरुषोत्तम ने प्रसिद्ध संस्कृत प्रचारक प्रताप सिंह व संस्कृतभारती के डॉ. ओंकार को मसोट गांव का भ्रमण करवाया एवं ग्रामवासियों से मिलवाया। इस कार्य से ग्रामवासी काफी उत्साहित हैं कि हमारा मसोट गांव भारत के मानचित्र पर संस्कृत गांव के रूप में दिखेगा। कार्यशाला का आयोजन कुलपति प्रो. वरखेड़ी एवं परिसर निदेशक प्रो. सत्यम कुमारी के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यशाला के दौरान समस्त कार्यक्रम का संचालन बी एड विभाग के शिक्षक डॉ. सत्यदेव ने किया।
** जयसिंहपुर में बनेगा नया बस अड्डा, जल शक्ति का विश्राम गृह बनाने की घोषणा **कला तथा संस्कृति के संरक्षण को उठाए जाएंगे कारगर कदम जयसिंहपुर/ नरेंदर डोगरा: उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने जयसिंहपुर में राज्य स्तरीय दशहरा उत्सव के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि जयसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र में लगभग 300 करोड़ रुपए पेयजल की विभिन्न परियोजनाओं पर खर्च कर रहे हैं । उन्होने कहा अभी पिछले दिनों पंचरुखी में पानी की योजना के लिए 36 करोड रुपए दिया है इसके इलावा सिंचाई की दो नई योजनाएं लगभग 8-8 करोड रुपए की भी स्वीकृत किया है ताकि किसानों को खेतीबाड़ी के लिए प्रचुर मात्रा में पानी उपलब्ध हो सके। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि जयसिंहपुर में जल शक्ति विभाग का विश्राम गृह भी निर्मित किया जाएगा इस के लिए भी विभागीय अधिकारियों को औपचारिकताएं पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जयसिंहपुर में नया बस अड्डा का निर्माण किया जाएगा ताकि इस के लिए दो करोड़ की राशि व्यय की जाएगी तथा बस अड्डे निर्माण तीव्र गति से किया जाएगा ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सके। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि जयसिंहपुर से वोल्वो बस सेवा भी आरंभ की जाएगी। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हिमाचल में कला तथा संस्कृति के संवर्धन तथा संरक्षण के लिए कारगर कदम उठाए जा रहे हैं तथा हिमाचली कलाकारों को उत्सवों के माध्यम से प्राथमिकता के आधार पर मंच उपलब्ध करवाया जाएगा इस के लिए साथ पुरातन कला को संरक्षित करने के लिए भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस अवसर पर आयुष मंत्री यादविंदर गोमा, डॉ आस्था अग्निहोत्री, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष महेश्वर चैहान, ट्रांसपोर्ट बीओडी के सदस्य धर्मवीर धामी व एसडीएम संजीव ठाकुर सहित विभिन्न लोग उपस्थित थे।
हिमाचल देशभर समेत हिमाचल प्रदेश में भी आज धूमधाम से दशहरा पर्व मनाया जा रहा है। शाम के समय प्रदेशभर में रावण दहन किया जाएगा। वहीं, हिमाचल प्रदेश का एक ऐसा जिला भी हैं,जहां पर रावण दहन नहीं होगा। प्रदेश के बाकी शहरों की तरह यहां पर जिला स्तरीय दशहरा उत्सव नहीं मनाया जाता है और न ही यहां पर रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले जलाए जाते हैं। हिमाचल प्रदेश के जिला हमीरपुर शहर में दशहरा पर्व नहीं मनाया जा रहा है और न ही यहां पर विजयदशमी का उत्सव मनाने को लेकर कोई तैयारी की गई है। पिछले 3 सालों से यहां पर दशहरे का त्योहार नहीं मनाया जाता है। हालांकि हमीरपुर शहर में राम नाटक क्लब द्वारा भव्य रामलीला का आयोजन किया जाता है, लेकिन यहां पर रावण दहन नहीं किया जाता है। शहरवासियों ने यहां भी दशहरा पर्व मनाने की प्रशासन से अपील की है। दरअसल हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश हैं कि स्कूल के मैदानों में सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं हो सकते हैं, जिसके चलते हमीरपुर शहर में पिछले तीन सालों से रावण, मेघनाथ और कुंभकर्ण के पुतले नहीं जलाए जाते हैं। हमीरपुर में दशहरा उत्सव स्कूल मैदान में मनाया जाता था। ऐसे में हाईकोर्ट के फैसले के बाद से स्कूल मैदान में दशहरा उत्सव नहीं मनाया जा रहा है। वहीं, शहर के व्यापारियों और लोगों का कहना है कि हमीरपुर में भी अन्य शहरों की तरह दशहरा उत्सव का आयोजन किया जाना चाहिए। दशहरा कमेटी हमीरपुर के पूर्व प्रधान दीप बजाज का कहना है, "हमीरपुर शहर में दशहरे का सबसे बड़ा पर्व मनाया जाता था। तीन सालों से अब तक हाईकोर्ट के आदेशों के बाद बाल स्कूल के मैदान में गतिविधियां नहीं हो पा रही है। इसके साथ ही बाल स्कूल मैदान में कोरियन ग्रास लगाए जाने से भी मैदान में कोई कार्यक्रम नहीं हो पा रहा है। हमीरपुर शहर के लोगों ने सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि हमीरपुर में भी दशहरे का आयोजन किया जाना चाहिए।
हिमाचल प्रदेश में अब तय समय अवधि ही नहीं, परीक्षा परिणाम भी शिक्षकों की पदोन्नति का आधार बनेगा। कम परीक्षा परिणाम देने वाले शिक्षकों की एसीआर में निगेटिव टिप्पणी भी लिखी जाएगी। प्रदेश सरकार ने पदोन्नति और एसीआर से जुड़ी पुरानी व्यवस्था को बदल दिया है। लगातार प्रदर्शन में गिरावट आने पर शिक्षकों की वेतन वृद्धि भी रोकी जाएगी। प्रदेश में गुणात्मक शिक्षा देने और शिक्षकों की जवाबदेही तय करने के लिए शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने विभागीय अधिकारियों को इस बाबत निर्देश जारी किए हैं। अभी तक एसीआर में नकारात्मक टिप्पणी करने का प्रावधान नहीं था। इस वर्ष से पुरानी व्यवस्था में बदलाव करते हुए नए प्रावधान कर दिए गए हैं। शिक्षा के क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश का प्रदर्शन लगातार कम होता जा रहा है। नेशनल अचीवमेंट सर्वे में देश में हिमाचल 21वें स्थान पर पहुंच गया है। प्रदेश की गिनती कुछ वर्ष पहले तक टॉप तीन राज्यों में हाेती थी। सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या में भी बड़ी कमी आई है। बीते दो दशकों में सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या में 5 लाख से अधिक की कमी आई है। इस कारण प्रदेश में बीते दिनों 500 से अधिक स्कूलों को मर्ज भी करना पड़ा है। इन कमियों को दूर करते हुए अब सरकार ने शिक्षकों की जवाबदेही तय करने के लिए कड़े फैसले लिए हैं। इसी कड़ी में पदोन्नति को परीक्षा परिणाम के साथ जोड़ा गया है। अब पदोन्नति सिर्फ तय समय अवधि पूरी करने पर ही नहीं मिलेगी। परीक्षा परिणाम को भी आंका जाएगा। इसके अलावा शिक्षकों की एसीआर में भी कम परिणाम को दर्ज किया जाएगा। निगेटिव टिप्पणियां भी अब एसीआर में की जाएंगी। बीते दिनों ही स्कूल शिक्षा बोर्ड की दसवीं कक्षा के नतीजों में 25 फीसदी से कम परिणाम देने वाले 116 स्कूलोंं के 250 शिक्षकों को नोटिस जारी हुए हैं। इन प्रशिक्षित स्नातक शिक्षकों (टीजीटी) को इस बार वार्षिक इंक्रीमेंट नहीं मिलेगी। कुल 116 स्कूलों में 30 स्कूल ऐसे भी हैं, जहां परीक्षा परिणाम शून्य रहा है। भविष्य में इस तरह के परिणाम ना आए, इसके लिए शिक्षकों को सतर्क करने के लिए पदोन्नति और एसीआर से परीक्षा परिणाम को जोड़ा गया है।
खिलखिलाते चेहरे और बेहतरीन भविष्य की कामना के साथ आज लॉरेट शिक्षण संस्थान में सत्र 2024 में आए सभी प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के स्वागत के लिए फ्रेशर्स पार्टी का आयोजन किया गया। इसमें एम फार्मेसी, फार्म डी, बी फार्मेसी, प्रथम वर्ष के विद्यार्थी उपस्तिथ रहे। कार्यक्रम पारम्परिक रूप से सरस्वती वंदना के साथ शुरू हुआ इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में संस्थान के प्रबंधक एवं निर्देशक डॉ रण सिंह ने शिरकत की। डॉ रण एवं संस्थान के प्राचार्य एवं निर्देशक ने दीप प्रज्वलित करते हुए सभी नए विद्यार्थियों का संस्थान में स्वागत किया। मुख्य अतिथि ने कहा ने कहा कि इस तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रमों से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में मदद मिलती डॉ एम् एस आशावत ने कहा इस पार्टी का मुख्य उद्देश्य नए छात्रों का स्नेहपूर्ण स्वागत करना है। ऐसी पार्टियाँ छात्रों में आत्मविश्वास भरती हैं और उनकी रचनात्मकता को बढ़ाती हैं और कहा इस प्रकार के समारोह जूनियर्स को बंधन बनाने और वरिष्ठों के साथ अच्छा समन्वय सुनिश्चित करने में मदद करते हैं। इस कार्यक्रम में उपप्राचार्य डॉ विनय पंडित तथा डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ सी पी एस वर्मा भी मौजूद रहे। विद्यार्थियों ने सोलो डांस, ग्रुप डांस, ग्रुप सांग, सोलो सांग आदि रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इस कार्यक्रम के कोऑर्डिनेटर एसोसिएट प्रोफेसर शिव कुमार खुशवा थे। कार्यक्रम में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में नए विद्यार्थियों के प्रदर्शन को देखते हुए निर्णायक मंडल ने इस साल के एम् फार्मा से मिस्टर फ्रेशर अदित चौधरी ,मिस फ्रेशर पल्लवी, मिस्टर पर्सनालिटी आरुष एवं मिस पर्सनालिटी दीक्षा फार्म डी से मिस्टर फ्रेशर रूद्र मिस फ्रेशर लक्षिता , मिस्टर पर्सनालिटी आर्यन ,मिस पर्सनालिटी तनिक्षा, डिप्लोमा इन फार्मेसी से मिस्टर फ्रेशर अभिषेक मंगवान ,मिस फ्रेशर श्रुति मिस्टर पर्सनालिटी हर्निश ,मिस पर्सनालिटी वंशिका बी फार्मेसी से मिस्टर फ्रेशर कृष मिस फ्रेशर आस्था शर्मा मिस्टर पर्सनालिटी पियूष शर्मा एवं मिस पर्सनालिटी के खिताब से नबाजा गया। इस कार्यक्रम के जज असिस्टेंट प्रोफेसर देव राज डॉ स्वाति एवं असिस्टेंट प्रोफेसर धीरज शर्मा तथा इस अवसर पर डॉ परवीन डॉ अमरदीप अंकलगी, डॉ अदिति, डॉ मयंक, सहायक प्रोफेसर अजय, सहायक प्रोफेसर अर्चना ,प्रो आस्था तथा स्टाफ के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
शिमला: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में हिमाचल की कांग्रेस सरकार ने बिजली सब्सिडी का युक्तिकरण किया है। उद्योगों को दी जाने वाली बिजली सब्सिडी खत्म करने से सरकार अपने खजाने को ब्रीदिंग स्पेस देना चाहती है, लेकिन इससे उद्योगपति नाराज हो गए हैं। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू का दावा है कि सब्सिडी खत्म करने के बावजूद हिमाचल में उद्योगों को पड़ोसी राज्यों से सस्ती बिजली मिल रही है। वहीं,उद्योगपति इस दावे से इनकार करते हुए कह रहे हैं कि बिजली पड़ोसी राज्यों से महंगी है। इसे लेकर भारतीय उद्योग परिसंघ यानी सीआईआई के एक प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में ऊर्जा सचिव राकेश कंवर से भी मुलाकात की है। ऊर्जा सचिव ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया है कि हिमाचल व पड़ोसी राज्यों की बिजली दरों का तुलनात्मक अध्ययन किया जाएगा। साथ ही इस मामले को सीएम सुक्खू के समक्ष रखा जाएगा। अगले हफ्ते इस मामले में फिर से सीआईआई के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की जाएगी। हिमाचल प्रदेश को देश का उर्जा राज्य कहा जाता है। हिमाचल प्रदेश बैंकिंग सिस्टम के जरिए देश के अन्य राज्यों को बिजली सप्लाई करता है। राज्य में पांच नदियां ऐसी हैं, जो बारहमासी हैं। हिमाचल में 24 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन की क्षमता है, लेकिन अभी तक 11209 मेगावाट जल विद्युत ही उत्पादन हो रहा है। राजस्व की बात की जाए तो हिमाचल प्रदेश ने वर्ष 2023-24 में बिजली उत्पादन से 1434 करोड़ रुपए का राजस्व जुटाया है। हिमाचल में उद्योग जगत सबसे बड़ा बिजली का उपभोक्ता है। उद्योग जगत में 2023-24 में 6382.64 मिलियन यूनिट बिजली की खपत हुई। ये कुल बिजली खपत का 58.26 फीसदी है। ये आंकड़ा दिसंबर 2023 तक का है। यानी उद्योगों को सबसे अधिक बिजली दी जाती है। राज्य सरकार उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए बिजली पर सब्सिडी प्रदान करती है। राज्य सरकार ने इस सब्सिडी का युक्तिकरण किया है। उसके बाद से बिजली महंगी हुई है। सरकार का तर्क है कि बिजली में सब्सिडी से सरकार के खजाने पर सालाना 900 करोड़ रुपए का बोझ पड़ता है। सीएम सुक्खू का कहना है कि राज्य सरकार ने उद्योगों को दी जाने वाली विद्युत सब्सिडी का युक्तिकरण किया है। सीएम का दावा है कि पड़ोसी राज्यों की तुलना में हिमाचल में उद्योगों को सस्ती दर पर पावर सप्लाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि 33 केवी (किलोवाट) से 220 केवी तक की वोल्टेज आपूर्ति वाले बड़े उद्योगों को पड़ोसी राज्यों पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड की तुलना में एक रुपए प्रति यूनिट से अधिक सस्ती दर पर बिजली दी जाएगी। सीएम का कहना है कि राज्य में केवल 159 इंडस्ट्रियल यूनिट्स हैं, जिन्हें 33 केवी से 220 केवी तक बिजली की आपूर्ति की जरूरत है। आंकड़ों के अनुसार हिमाचल में 33 केवी से 220 केवी तक वोल्टेज आपूर्ति के बड़े उद्योगों के अलावा 11 केवी और 22 केवी की वोल्टेज आपूर्ति वाले 2,011 उद्योग है। इन यूनिट्स को भी पड़ोसी राज्यों की तुलना में एक रुपए प्रति यूनिट से अधिक सस्ती दर पर बिजली दी जा रही है। इन उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने विद्युत शुल्क को 16.5 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया है। राज्य में कुल 31,298 लघु और मध्यम उद्योग इकाइयां हैं। इन्हें पहले की तरह ही सब्सिडी मिलती रहेगी। हिमाचल प्रदेश में सोलन, सिरमौर, कांगड़ा, ऊना आदि जिलों में सबसे अधिक उद्योग हैं। यहां के उद्योगपति सरकार के बिजली सब्सिडी खत्म करने के फैसले से खुश नहीं हैं। डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री के निर्वाचन क्षेत्र हरोली में बल्क ड्रग पार्क का निर्माण होना है। यहां हरोली ब्लॉक इंडस्ट्रियल एसोसिएशन ने बिजली सब्सिडी की बहाली की मांग उठाई है। एसोसिएशन के पदाधिकारी राकेश कौशल का कहना है कि ऊना के टाहलीवाल औद्योगिक क्षेत्र की नौ इंडस्ट्रियल यूनिट्स जो 33 केवी से 220 केवी की खपत वाली हैं, पर अनुदान खत्म होने से 14 करोड़ रुपए सालाना का बोझ पड़ेगा। यदि सब्सिडी बहाल न हुई तो तालाबंदी कर पलायन की नौबत आ जाएगी। वहीं, हिमाचल प्रदेश स्टील इंडस्ट्री एसोसिएशन के मुखिया मेघराज गर्ग का कहना है कि राज्य सरकार ने दो साल में बिजली की दरों में 46 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। एसोसिएशन के महासचिव राजीव सिंघल का कहना है, हिमाचल में पंजाब के मुकाबले पचास पैसे प्रति यूनिट अधिक रेट है। पंजाब, हरियाणा व जेएंडके सहित उत्तराखंड से अधिक दरें अब हिमाचल की हैं। वहीं, राज्य सरकार के ऊर्जा सचिव राकेश कंवर का कहना है कि पड़ोसी राज्यों की दरों के साथ हिमाचल की दरों का तुलनात्मक अध्ययन किया जाएगा। उद्योगपतियों के प्रतिनिधियों से साथ फिर से बैठक की जाएगी। उद्योग जगत का कहना है कि हिमाचल में एक रुपए सब्सिडी खत्म होने के बाद बिजली पड़ोसी राज्यों से यहां बिजली महंगी हो गई है। वहीं, सरकार का दावा है कि बिजली अभी भी पड़ोसी राज्यों से सस्ती है। आंकड़ों पर गौर किया जाए तो हिमाचल प्रदेश में अभी बिजली सब्सिडी खत्म करने के बाद 66 केवी उपभोग वाली इंडस्ट्रियल यूनिट्स को 7.70 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली मिल रही है। ये दरें एक रुपए प्रति यूनिट की सब्सिडी खत्म होने के बाद की हैं। वहीं, इससे पहले 31 मार्च 2023 को ये दर 5.29 पैसे प्रति यूनिट थी। इसमें लोड फैक्टर का भी हिसाब होता है। वहीं, 220 केवी उपभोग करने वाले उद्योगों को अब 7.58 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली मिल रही है। ये पहले 5.19 पैसे प्रति यूनिट थी। वहीं, जेएंडके में ये दर 5.37 पैसे प्रति यूनिट, हरियाणा में 6.76 पैसे प्रति यूनिट व पंजाब में 7.45 पैसे प्रति यूनिट है। ये आंकड़े 24 सितंबर को दरें बढ़ाने के बाद के है। फिलहाल अब उद्योगपतियों को अगले हफ्ते ऊर्जा सचिव के साथ मीटिंग का इंतजार है। राज्य सरकार का दावा है कि सब्सिडी खत्म होने के बाद उसे सालाना अधिकतम 600 करोड़ रुपए बचेंगे। अभी राज्य सरकार सभी उद्योगों को बिजली सब्सिडी पर 900 करोड़ सालाना खर्च कर रही है। इसमें से छोटे यूनिट्स को सब्सिडी जारी है और उनकी बिजली ड्यूटी भी घटाई गई है।
हिमाचल प्रदेश में देहरा में आयोजित हुए राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह के बाद सरकार और कर्मचारियों के बीच में तनातनी लगातार बढ़ती जा रही है। आजादी के महापर्व के दिन डीए और संशोधित वेतनमान के एरियर के भुगतान की घोषणा न होने से प्रदेश की कल्याणकारी योजनाओं को जनता तक पहुंचाने वाले कर्मचारी सरकार से नाराज चल रहे हैं। विभिन्न कर्मचारी महासंघ सरकार से बार-बार डीए और एरियर के भुगतान की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार ने कर्मचारियों की मांग को गंभीरता से नहीं लिया है। वहीं, सीएम सुक्खू ने स्वस्थ होने के बाद से सचिवालय में अब अपना रूटीन का कार्य संभाल लिया है, जिस पर कर्मचारियों ने सीएम को वार्ता के लिए बुलाए जाने के लिए दो दिन का समय दिया था, जो अब पूरा हो गया है, लेकिन सरकार ने कर्मचारियों को बातचीत के लिए नहीं बुलाया है। ऐसे में हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवाएं कर्मचारी परिसंघ ने 15 अक्टूबर को जनरल हाउस बुला लिया है। इस दिन फिर से अब सुक्खू सरकार पर कर्मचारियों का गुबार उतरेगा। हिमाचल प्रदेश में अपनी मांगों को लेकर सचिवालय कर्मचारियों ने 21 और 23 अगस्त को जनरल हाउस बुलाया था, जिसमें सरकार को विधानसभा के मानसून सत्र समाप्त होने के बाद डीए और एरियर के भुगतान किए जाने का अल्टीमेटम दिया गया था, लेकिन कर्मचारियों को सरकार के खिलाफ भाषणबाजी करने पर नोटिस जारी किए गए। यही नहीं कैबिनेट मंत्री के खिलाफ बोलने पर प्रिविलेज मोशन भी लाया गया है। ऐसे में सीएम के साथ वार्ता से पहले कर्मचारी प्रिविलेज मोशन और नोटिस को वापस लेने की भी मांग कर रहे हैं। इस पर भी सरकार की तरफ से कोई फैसला अभी तक नहीं लिया गया है। ऐसे में नाराज चल रहे कर्मचारियों के सब्र का बांध फिर से टूट गया है, जिसके बाद अब 15 अक्टूबर को सचिवालय परिसर में कर्मचारियों का जनरल हाउस होगा। ऐसे में सीएम सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार की मुश्किलें फिर से बढ़ सकती हैं। हाल ही में सचिवालय में कर्मचारियों की बैठक हुई थी। हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवाएं कर्मचारी परिसंघ के अध्यक्ष संजीव शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित की गई, मीटिंग अब 15 अक्टूबर को जनरल हाउस करने का फैसला लिया गया है। ये जनरल हाउस सचिवालय परिसर में दोपहर बाद 1.30 होगा, जिसमें प्रदेश के विभिन्न विभागों के कर्मचारी संगठन भी जुटेंगे। हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवाएं कर्मचारी परिसंघ के अध्यक्ष संजीव शर्मा का कहना है,15 अक्टूबर को जनरल हाउस बुलाया गया है। कर्मचारियों के डीए और एरियर के भुगतान को लेकर भी सरकार ने कोई फैसला नहीं लिया है। इसके अलावा पेंशनर्स को इस महीने 9 तारीख को पेंशन जारी की गई पिछले महीने सितंबर में कर्मचारियों को भी वेतन 5 तारीख को दिया गया। वहीं पेंशनर्स के खाते में भी 10 तारीख पेंशन डाली गई थी। इसलिए अब जनरल हाउस बुलाया गया है, जिसमें आगामी रणनीति तय की जाएगी।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री को उनके 62वें जन्मदिवस पर बधाई दी। मुख्यमंत्री ने अग्निहोत्री की दीर्घ आयु तथा उत्तम स्वास्थ्य की कामना की है। उन्होंने मुकेश अग्निहोत्री के समर्पण भाव के साथ प्रदेश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की। उन्होंने आशा व्यक्त की कि मुकेश अग्निहोत्री इसी प्रकार भविष्य में भी प्रदेश के विकास और कल्याण में प्रतिबद्धता से अपना योगदान सुनिश्चित करेंगे।
भारतीय डाक विभाग मुख्य डाकघर देहरा में विश्व डाक दिवस बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया, जिसमें अधीक्षक डाकघर देहरा बलबीर चंद विशेष रूप से उपस्थित हुए। इस उपलक्ष पर दिल्ली कॉन्वेंट स्कूल के विद्यार्थियों ने भ्रमण किया, जिसमें डाकपाल देहरा राकेश कुमार ने डाक विभाग द्वारा चलाई जा रही सभी योजनाओं के बारे में जानकारी दी। इसी कड़ी में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पेड़ लगाया गया। बच्चों को डाक टिकट संग्रह और बचत करने के लिए अवगत कराया गया। बच्चों द्वारा इंडिया पोस्ट मेरा दोस्त और आज की बचत कल की मुस्कान जैसे नारों का उच्चारण कर आज के दिवस को स्मरणीय बना दिया। समारोह के दौरान अधीक्षक द्वारा सभी का धन्यवाद किया गया और आए हुए बच्चों व शिक्षकों को सम्मानित किया गया। डाकपाल देहरा राकेश कुमार द्वारा स्कूल प्रबंधन का आभार व्यक्त किया कि उन्होंने हमारे निमंत्रण को स्वीकार कर अपनी सहभागिता दी।
**पुलिस कर रही मामले की जांच तांत्रिक विद्या से इलाज के नाम एक महिला के साथ उसके पति और पति के दोस्त किया रेप.. ये मामला है हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के ज्वालामुखी क्षेत्र के तहत पड़ते तहसील खुंडियां का जहा, तांत्रिक विद्या से इलाज के नाम एक महिला के साथ उसके पति और पति के दोस्त ने रेप किया। बता दे कि महिला का पति और आरोपी बिरोजा निकालने का काम करता है। दोनों थिल में किराए के कमरे रहते हैं। पांच अक्तूबर को महिला अपने पति के पास थिल गई थी। बताया जा रहा है कि महिला कुछ समय से बीमार चल रही थी। खाना खाने के बाद पति ने महिला से कहा कि उसका दोस्त तांत्रिक विद्या से इलाज करता है और तांत्रिक विद्या से तुम्हें ठीक कर देगा। फिर रात को सुरेश चंद ने कुछ मंत्र पढ़े और तीनो सो गए। इस दौरान पहले पति सुरेश कुमार फिर आरोपी सुरेश चंद ने महिला के साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए। अगले दिन पीड़ित महिला अपने ससुराल पहुंची और यह आप बीती अपनी जेठानी को सुनाई, जिसके बाद दोनों ने खुंडियां पुलिस स्टेशन पहुंच कर दोनों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है ।
** 47 चयनित उम्मीदवारों की सूची हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग ने उच्च शिक्षा विभाग में प्रवक्ता (स्कूल न्यू) वाणिज्य के पदों के लिए आयोजित भर्ती परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है। आयोग ने लिखित वस्तुनिष्ठ और विषय योग्यता परीक्षा के बाद दस्तावेज सत्यापन में उनके प्रदर्शन के आधार पर योग्यता के क्रम में 47 उम्मीदवारों की सूची प्रवक्ता वाणिज्य पदों पर नियुक्ति के लिए अनुशंसित की है। अनुशंसित उम्मीदवारों की अंतिम नियुक्ति हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से उनके दस्तावेजों/प्रमाणपत्रों के सत्यापन के अधीन है। भर्ती परिणाम आयोग ने अपनी वेबसाइट पर अपलोड़ कर दिया है।
** इस महीने 93 फीसदी कम बरसे बादल हिमाचल प्रदेश में आगामी छह दिनों तक माैसम साफ रहने के आसार हैं। माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार आज मध्य व उच्च पर्वतीय स्थानों पर कहीं-कहीं बारिश की संभावना है। 10 से लेकर 15 अक्तूबर तक पूरे प्रदेश में माैसम साफ रहने का पूर्वानुमान है। आज मंडी, शिमला व सिरमाैर जिले में एक-दो स्थानों पर गरज के साथ हल्की बारिश का पूर्वानुमान है। प्रदेश की राजधानी शिमला में भी आज हल्के बादल छाए हुए हैं। मानसून सीजन में 1 से 9 अक्तूबर तक राज्य में सामान्य से 93 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। इस अवधि के दाैरान बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर, किन्नाैर, कुल्लू, लाहाैल-स्पीति, शिमला, सिरमाैर व सोलन में बारिश हुई ही नहीं। कांगड़ा में सामान्य से 92, मंडी 48 व ऊना में 8 फीसदी कम बारिश हुई।
कांगड़ा: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला स्थित अरनी यूनिवर्सिटी इंदौरा में 6 अक्टूबर को छात्रों के दो गुटों में विवाद हुआ। आरोप है कि इस दौरान छात्रों के एक गुट ने यूनिवर्सिटी में अल्लाह-हू-अकबर के नारे लगाए। मामले में यूनिवर्सिटी प्रशासन ने 10 छात्रों को सस्पेंड कर दिया है। वहीं, मामले में अरनी यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. विवेक सिंह ने कहा कि कॉलेज में सभी धर्मों के छात्र पढ़ते हैं। छात्रों द्वारा भारत विरोधी कोई भी नारे नहीं लगाए गए हैं। छात्रों के बीच हुई लड़ाई को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की जा रही है। मामले को लेकर अरनी यूनिवर्सिटी के कुलपति ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान कुलपति डॉ. विवेक सिंह ने कहा, "6 अक्टूबर को कॉलेज में दो गुटों में विवाद हुआ, जिसे यूनिवर्सिटी प्रशासन ने पुलिस के साथ मिलकर मामले को सुलझा लिया था। इस दौरान किसी भी प्रकार के आपत्तिजनक बयानबाजी व नारेबाजी नहीं की गई थी। इस तरह की बात को लेकर कोई वीडियो और अन्य सबूत सामने नहीं आए हैं। दो गुटों में हुई लड़ाई को लेकर जांच कमेटी गठित की गई है, जो पूरे मामले की जांच कर रही है। कुलपति डॉ. विवेक सिंह ने कहा, "मामले के शुरुआती दौर में ही 10 छात्रों सस्पेंड कर दिया गया है। अरनी विश्वविद्यालय में एंटी इंडिया और संप्रदाय को लेकर किसी भी प्रकार की बात नहीं रखी जाती है। सभी छात्र विश्वविद्यालय में पढ़ते हैं। बावजूद इसके भारत विरोधी कोई भी बात नहीं है। कुछ माह पूर्व एक जनवरी को उन पर हमला भी हुआ था। ऐसे में एक बार फिर से विश्वविद्यालय को बदनाम करने का प्रयास भी हो सकता है। विश्वविद्यालय के कुलपति ने कहा, "बच्चों को भड़काने व संप्रदाय का नाम लेकर लड़ाने का काम किया जा रहा है। सोशल मीडिया में भी दुष्प्रचार किया जा रहा है। बाउंड्री बॉल जमीनी डिमार्केशन न होने से अधुरी है, जिससे बाहरी लोग भी विवि में प्रवेश कर रहे हैं। सरकार और प्रशासन को भी इस विषय को लेकर मदद करनी चाहिए।
** हिमाचल के शिक्षण संस्थान में विरोधी नारों का लगा दुर्भाग्यपूर्ण इंदौरा/मनीष ठाकुर: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद समय-समय पर समाज , देश व शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर अपनी राय रखती आई है। और बड़े दुख के साथ यह कहना पढ रहा है कि हिमाचल मे जहा हर घर से कोई ना कोई मां भारती की सेवा मे तत्पर रहता है उसी प्रदेश के एक विश्वविद्यालय के अन्दर भारत तेरे टुकड़े होंगे इनशाह अल्लाह इनशाह अल्लाह के नारे लगाए जाते हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के इकाई मंत्री इंदौर लखन कपूर ने बयान जारी करते हुए कहा है कि कल अरनी विश्वविद्यालय में समुदाय विशेष के छात्रों द्वारा गुंडागर्दी का प्रदर्शन किया गया। पहले तो उन्होंने एक छात्र को जमकर पीटा और उसके बाद जब कुलपति उस छात्र को अपनी गाड़ी में बैठाकर बचाकर ले जा रहे थे तो उन्होंने कुलपति की गाड़ी तक पर हमला कर दिया। इसके बाद 60-70 गुंडों ने इकट्ठे होकर भारत विरोधी नारे लगाए। अल्लाह हू अकबर और भारत तेरे टुकड़े होंगे जैसे नारे उन्होंने विश्वविद्यालय कैंपस में लगाए । अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद प्रशासन व सरकार से यह मांग करती है कि इस तरह की देश विरोधी गतिविधियों मे संलिप्त व्यक्तियों पर सख्त कार्रवाई करी जाए। विश्वविद्यालय प्रशासन तुरंत उन छात्रों को विश्वविद्यालय से बाहर निकाले। और प्रशासन उन पर देशद्रोह कानून के तहत कार्यवाही करे। अन्यथा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद एक बड़ा आंदोलन प्रदेश भर में करेगी। हिमाचल जैसे शांत राज्य के विश्वविद्यालयों को जेएनयू नहीं बनने दिया जाएगा। इसलिए प्रशासन इन अराजक तत्वों पर जल्द ही कार्यवाही करे ताकि देवभूमि का शांत माहौल ख़राब ना हो।
इंदौरा/मनीष ठाकुर: राजकीय महाविद्यालय इंदौरा में सीएसीए के चयनित छात्र पदाधिकारीयों को महाविद्यालय की प्राचार्या और अन्य अध्यापकों द्वारा शपथ दिलाई गई। आज का यह कार्यक्रम राजकीय महाविद्यालय इंदौरा में सीएसीए के प्रभारी प्रोफेसर आरके गुप्ता द्वारा आयोजित करवाया गया प्रोफेसर गुप्ता ने सभी चयनित छात्रों को महाविद्यालय में उनके कर्तव्यों और छात्र नेताओं के रूप में उनके कार्यों के बारे में विस्तार पूर्वक बताया इस कार्यक्रम में प्रोफेसर योगेश पॉल, प्रोफेसर कुलवंत सिंह, प्रोफेसर अंजना, प्रोफेसर रेखा पठानिया, डॉ. अक्षय, डॉक्टर विवेक, डॉक्टर कमल, डॉक्टर रोहित गांधी, प्रोफेसर सुरेश कुमार, प्रोफेसर रजनी, प्रोफेसर पूनम, डॉ दीपक आदि ने भी चयनित छात्रों को शपथ दिलाई। एमएससी प्रथम वर्ष की छात्रा सुनैना को सत्र 2024 - 25 के लिए सीएसीए के अध्यक्ष के रूप में और पूनम ठाकुर को उपाध्यक्ष युविका पठानिया को सचिव तथा अनमोल को संयुक्त सचिव के रूप में शपथ दिलाई गई। इसके अलावा सीएसीए के अन्य विभिन्न पदों में सी.आर. के लिए चयनित प्रतिनिधियों में कंचन वाला, महक, मालिका, हरप्रीत, दिव्यांशु, नमिता रानी, नवजोत कौर, रेड रिबन क्लब के लिए अनुज और तमन्ना, खेल से जुड़ी गतिविधियों के लिए शिवांगी और रितिक, सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए रितिका राणा और श्रेया, रोड सेफ्टी के लिए विकास और नेहा, राष्ट्रीय सेवा योजना के लिए सचिन और सलोनी, एनसीसी के लिए शिवम और पलक, रेंजर से राजकुमारी तथा रोवर से अतुल को सदस्य के रूप में शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य डॉ सुमीक्षा गुप्ता ने सभी को संबोधित किया और सत्र 2024 - 25 के लिए चयनित सीएससीए की कार्यकारिणी को अपनी शुभकामनाएं दी।
ज्वालाजी से होशियार पुर बंद पड़े रूट को विभाग बहाल करे। प्रधान नाहन नगरोटा,न्याल,बनी,सेहरी, लग बलयाना बी डी सी राजीव, विनोद डोगरा और अजय ने विभाग से आग्रह किया है कि इस बंद पड़े रूट को ज्वालाजी, चंबा पत्तन , सदवा, गरली, बनी, सेहरी,लग बलयाना,अम्ब टीला होकर चलाना उचित होगा। एक तो ये बस तीन विधान सभा क्षेत्र ज्वालाजी, जसवां-परागपुर व चिंतपूर्णी की लगभग पंद्रह पंचायत से होकर गुजरने वाली इकलौती बस होगी वहीं दूरी कम होने के साथ-साथ इन पिछड़े क्षेत्रों के लोगों को होशियार पुर, अमृतसर, जालंधर और देहली जाने के लिए घर द्वार से सुविधा प्राप्त होगी। अत: क्षेत्रीय प्रबंधक देहरा से करवध निवेदन है कि लोगों की सुविधा हेतु इस बस को फिर से चलाने बारे विचार करे। हम सभी पंचायतों के प्रतिनिधि आप के आभारी होंगे।
जयसिंहपुर/नरेंदर डोगरा: आलमपुर के साई गांव की बेटी कोमल शर्मा ने एम.एस. सी. मैडिकल सर्जिकल नर्सिंग (क्रिटिकल केयर नर्सिंग) में डिग्री हासिल कर क्षेत्र का मान बढ़ाया है। कोमल ने यह डिग्री स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान से हासिल की है। कोमल ने जमा दो तक की पढ़ाई धर्मशाला से करने के बाद डेरा बस्सी से बी.एस.सी. नर्सिंग की। उसके बाद एम एस सी नर्सिंग की डिग्री पी जी आई चण्डीगढ़ से हासिल की। कोमल को यह डिग्री भारत सरकार के निति आयोग के सदस्य विनोद कुमार पोल द्वारा पी जी आई की और से आयोजित समारोह के दौरान दी गई। कोमल वर्तमान में पी.जी.आई. चंडीगढ़ में सेवारत है। कोमल के पिता ध्रुव देव शर्मा हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड़ धर्मशाला से एस ओ के पद से सेवानिवृति हुए हैं व माता अध्यापिका है। कोमल अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता व अध्यापकों को देती है।
जयसिंहपुर/नरेंदर डोगरा: राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय लोअर लंबागांव में चल रहे सात दिवसीय एनएसएस शिविर के तीसरे दिन स्वयंसेवकों ने पुलिस थाना लंबागांव में अपनी सेवाएं दी। स्वयंसेवकों ने पुलिस थाना लंबागांव के परिसर की सफाई की घास उखाड़ी और झाड़ियों को काटा व आसपास की सफाई की । वही शिविर में भाग ले रहे स्वयंसेवकों को विद्यालय के प्रांगण में लंबागांव के विकास राणा ने प्रेरक भाषण देकर स्वयंसेविकों को प्रेरित किया। इस अवसर पर एनएसएस प्रभारी अशोक चौधरी, मोनिका कटोच, राजेश शर्मा, एसएचओ अशोक कुमार भी मौजूद रहे।
जयसिंहपुर/नरेंदर डोगरा: आयुष, युवा सेवाएँ एवं खेल यादविंदर गोमा 8 अक्तूबर को जयसिंहपुर में एसडीएम आवास एवं पुस्तकालय का लोकार्पण करेंगे। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि आयुष मंत्री प्रातः 11 बजे ब्लॉक कांग्रेस कमेटी की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इसके उपरांत 2:30 बजे एसडीएम आवास और पुस्तकालय का लोकार्पण करेंगे। गोमा 9 अक्तूबर को सांय 4 बजे शाहपुर में जिला स्तरीय दशहरा के शुभारंभ समारोह की अध्यक्षता करेंगे। इसके उपरांत 5 बजे आयुर्वैदिक डिस्पेंसरी शाहपुर का निरीक्षण करेंगे। प्रवक्ता ने बताया कि यादविंद्र गोमा 10 अक्तूबर को सुबह 11 बजे जयसिंहपुर में लोगों की समस्याएं सुनेंगे और सांय 5 बजे राज्य स्तरीय दशहरा महोत्सव जयसिंहपुर के शुभारंभ करेंगे। मंत्री 11 और 12 अक्तूबर को भी राज्य स्तरीय दशहरा महोत्सव में शामिल रहेंगे।
**चोटियों पर बर्फबारी की संभावना हिमाचल प्रदेश के कुछ भागों में पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से माैसम बिगड़ने के आसार हैं। माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार राज्य के मध्य व उच्च पर्वतीय कुछ स्थानों पर 8 से 10 अक्तूबर तक बारिश का पूर्वानुमान है। इस दाैरान चोटियों पर हल्की बर्फबारी होने की संभावना है। इसके बाद 11 अक्तूबर से पूरे प्रदेश में माैसम साफ रहने के आसार हैं। उधर, मैदानी भागों में माैसम साफ रहने से पारा और चढ़ने के आसार हैं। आज राजधानी शिमला व आसपास भागों में धूप खिलने के साथ हल्के बादल छाए हुए हैं।
** मुख्यमंत्री बोले, राज्य के टैक्सों से उगाही करके ही केंद्र के पास आता है पैसा, खैरात नहीं बांट रहे **कहा, नड्डा कांग्रेस से गए नेता की सलाह लेना बंद करें मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के बयान पर पलटवार किया है। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के बीते दिनों बयान दिया था कि केंद्र यदि मदद न करे तो एक दिन भी हिमाचल की सरकार नहीं चल सकती। इस पर सीएम सुक्खू ने कहा कि नड्डा को जानकारी होनी चाहिए कि हम संघीय ढांचे में रहते हैं। उस संघीय ढांचे में हिमाचल भी एक राज्य है। राज्य के टैक्सों से उगाही करके ही केंद्र के पास पैसा आता है। वो खैरात नहीं बांट रहे, हिमाचल के लोगों का हक है। रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट, सेंट्रल स्टेट टैक्स का शेयर भी हमारा हक है। इस तरह की बातें उन्हें(नड्डा) शोभा नहीं देतीं। सुक्खू ने कहा कि नड्डा के आजकल जो सलाहकार बने हैं वो कांग्रेस में भी रहे हैं। उनकी सलाह से बचकर रहेंगे तो अच्छा ही रहेगा। जिस प्रकार पूर्व भाजपा सरकार ने हेल्थ सेक्टर को नुकसान पहुंचाया, उसे उभारने में समय लगेगा। हमारी सरकार व्यवस्था परिवर्तन के माध्यम से एक वर्ष के भीतर इन संस्थानों को मजबूत करेगी। दो वर्ष में हमीरपुर काॅलेज, चंबा व नाहन व नेरचाैक काॅलेज के लिए पैसा दिया गया। नड्डा जी को ऐसा बयान शोभा नहीं देता, वो भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री भी है। टॉयलेट सीट टैक्स मामले को लेकर सीएम ने कहा कि प्रदेश की जनता पर किसी तरह का टैक्स नहीं लगाया गया है। अभी तक न तो जनता से पानी का शुल्क लिया गया है, न टॉयलेट सीट शुल्क लिया गया है। किसी की बिजली सब्सिडी बंद नहीं की है। हरियाणा चुनाव को लेकर भाजपा की ओर से ऐसी बातें की जा रही हैं। कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में ज्यादा रुचि नहीं दिखाई, इसके चलते इसमें गिरावट आई। हमारी सरकार इन परिस्थितियों से निपटने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। इस दिशा में सरकार आईजीएमसी व टांडा मेडिकल काॅलेज में डाॅक्टर-मरीज व नर्स-मरीज अनुपात विश्वस्तरीय करने जा रही है। इसके लिए 400 पद स्टाफ नर्स के स्वीकृत किए हैं। डाॅक्टरों की भी भर्ती की जा रही है। इस दाैरान स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनीराम शांडिल व सीपीएस संजय अवस्थी भी माैजूद रहे।
**किसी और एजेंसी से जांच की उठाई मांग पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) संजय कुंडू सहित 10 पुलिस अफसरों के खिलाफ प्रताड़ना के आरोप से संबंधित मामले में सीआईडी ने जांच करने से इन्कार कर दिया है। सीआईडी ने इस बारे में पुलिस मुख्यालय को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि यह जांच किसी अन्य जांच एजेंसी से कराई जाए। हिमाचल प्रदेश पुलिस मुख्यालय को लिखे गए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि इस मामले के आरोपितों में एक आरोपी अधिकारी सीआईडी में सेवारत है। लिखे पत्र में इसके अलावा भी सीआईडी ने जांच न करने के कई कारण बताए हैं। सीआईडी की तरफ से लिखा गया है कि निष्पक्षता और पारदर्शिता के लिए इस मामले की जांच किसी अन्य एजेंसी को करनी चाहिए। पुलिस विभाग में पूर्व में तैनात कर्मचारी धर्मसुख नेगी की पत्नी मीना नेगी निवासी रामनी, किन्नौर ने आरोप लगाए हैं कि पुलिस के उच्च अधिकारियों ने पद का दुरुपयोग करते हुए बदले की भावना से मेरे पति के खिलाफ फर्जी जांच की। विभागीय जांच के बाद आठ वर्षों की सेवा शेष रहते 9 जुलाई 2020 को मेरे पति का पक्ष सुने बिना नौकरी से निकाल दिया गया। पूर्व कर्मचारी की पत्नी ने इसके बारे में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह और आईजी को शिकायत भेजी थी।
धर्मशाला: एनएसजी की गिनती दुनिया में तेज तर्रार कमांडो के रूप में होती है। इसे ब्लैक कैट भी कहा जाता है। इसका गठन आतंकी गतिविधियों से निपटने के लिए जाता है। 26/11 को मुंबई में हुए आतंकी हमले को काउंटर करने के लिए एनएसजी का बड़ा योगदान रहा था। इन दिनों एनएसजी की टीम धर्मशाला पहुंची है। इस दौरान एनएसजी की टीम ने बम और लो एक्सलोसिव को भी विभिन्न टीमों की मदद से डिफ्यूज किया। एनएसजी, पुलिस विभाग के साथ फॉरेंसिक टीम भी घटनास्थल पर मौजूद रही, जिन्होंने आतंकी घटना के दौरान कई अहम सुराग जुटाने और जांच पड़ताल करने में भी मदद की। ये सब धर्मशाला हो रही एनएसजी की मॉकड्रिल का हिस्सा था। ये मॉक ड्रिल रविवार के बाद सोमवार को भी होनी है। जिला मुख्यालय धर्मशाला में एनएसजी, पुलिस विभाग, फॉरेंसिक टीम, स्वास्थ्य विभाग की टीम सहित अन्य विभागों ने काउंटर आंतकवाद और काउंटर हाईजैक के भविष्य में खतरे से निपटने के दृष्टिकोण से एक मॉक ड्रिल में भाग लिया। इस अभ्यास के दौरान धर्मशाला के विभिन्न जगहों को एनएसजी की ओर से चिन्हित किया गया था। जहां ये मॉक ड्रिल हुई थी। इस दौरान एनएसजी कमांडो सहित जिला कांगड़ा पुलिस के उच्च अधिकारी भी मौजूद रहे।
हिमाचल के ग्रामीण क्षेत्रों में दी जा रही पानी की फ्री सुविधा को सरकार ने एक अक्टूबर से बंद कर दिया है, जिसके बाद अब ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को इस महीने से 100 रुपए प्रति कनेक्शन के हिसाब से पानी के बिलों का भुगतान करना होगा। लेकिन प्रदेश में जिन उपभोक्ताओं ने मई 2022 में फ्री पानी की सुविधा मिलने से पहले के बिलों को जमा नहीं किया है। ऐसे उपभोक्ताओं से भी जल शक्ति विभाग ने पानी के बिल वसूलने जाने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसके तहत करसोग जल शक्ति विभाग मंडल ने ऐसे करीब 12 हजार उपभोक्ताओं को अंतिम नोटिस जारी कर दिया है, जिसमें उपभोक्ताओं को निर्धारित समय में पानी के बकाया बिलों के भुगतान का आखिरी मौका दिया गया है। इसके बाद भी अगर पानी के बिल जमा किए गए जाते हैं तो ऐसे लोगों को कनेक्शन बिना किसी अग्रिम सूचना के काट दिया जाएगा, जल शक्ति विभाग ने सभी पंचायतों में संबंधित वाटर गार्ड के माध्यम से पानी के बिलों के साथ ही नोटिस भी जारी कर दिए हैं। वहीं, जल शक्ति विभाग करसोग मंडल ने उपभोक्ताओं से तय समय में बिलों का भुगतान करने की भी अपील की है। करसोग में लोगों पर जल शक्ति विभाग की पानी के बकाया बिलों की करीब 47 लाख की देनदारी है। हिमाचल प्रदेश में पूर्व भाजपा की जयराम सरकार ने 15 अप्रैल 2022 को ग्रामीण क्षेत्रों में फ्री पानी की सुविधा देने की घोषणा की थी, जिसकी अधिसूचना मई 2022 में जारी हुई थी। इस तरह से पिछले 28 महीनों से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को फ्री पानी दिया जा रहा था, लेकिन करसोग उपमंडल में 12 हजार के करीब ऐसे उपभोक्ता हैं, जिन्होंने पानी की फ्री सुविधा मिलने से पहले के बिलों का भुगतान नहीं किया है, जिसमें सैंकड़ों की संख्या में ऐसे उपभोक्ता भी है, जिनके पानी के बिलों की बकाया राशि 10 हजार से अधिक है। हालांकि जल शक्ति विभाग लोगों से कई बार बिलों के भुगतान किए जाने की अपील कर चुका है, लेकिन इसके बाद भी उपभोक्ताओं ने बिल जमा नहीं किए हैं। ऐसे ने अब विभाग ने ऐसे उपभोक्ताओं को बिलों के भुगतान करने का अंतिम नोटिस जारी कर दिया है।


















































