** पीपीपी मोड में चलेगा संचालन हिमाचल प्रदेश में व्यावसायिक वाहन संचालक अब अपने वाहनों की जांच निजी ऑटोमेटिक फिटनेस टेस्टिंग सेंटरों पर भी करवा सकेंगे। सरकार ने प्रदेश में 5 ऑटोमेटिक फिटनेस टेस्टिंग सेंटर खोलने का फैसला लिया है। इन केंद्रों का संचालन पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप आधार पर होगा। निजी कंपनी वाहन की जांच कर रिपोर्ट परिवहन विभाग को भेजेगी। वाहन मालिकों को फिटनेस प्रमाणपत्र परिवहन विभाग के आरटीओ जारी करेंगे। ऑटोमेटिक सेंटर स्थापित होने के बाद वाहनों की फिटनेस में न तो सिफारिश चलेगी न ही कोई जुगाड़। यांत्रिक रूप से अनुपयुक्त वाहनों के संचालन से होने वाली दुर्घटनाओं को कम करने के लिए सरकार ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन स्थापित करने जा रही है। अब तक प्रदेश में वाहनों की फिटनेस एमवीआई (मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर) करते हैं। फिटनेस जांच की वीडियो रिकार्डिंग का भी प्रावधान है, बावजूद इसके फिटनेस प्रमाण पत्र जारी करने में व्यापक अनियमित्ताएं हो रही हैं। सरकार की ओर से बनाई गई योजना के तहत निजी क्षेत्र की जो भी कंपनी ऑटोमेटिक फिटनेस टेस्टिंग सेंटर स्थापित करने की इच्छुक होगी उसे करीब 4000 वर्ग मीटर जमीन पर केंद्र स्थापित करना होगा। जमीन यदि अपनी नहीं है तो लीज पर भी ली जा सकती है। वाहन निर्माता, वाहन विक्रेता अथवा ऐसा व्यक्ति जो गाड़ियों की मरम्मत के काम से जुड़ा है, केंद्र स्थापित नहीं कर सकता। सरकार ने निजी क्षेत्र में पांच ऑटोमेटिक फिटनेस टेस्टिंग सेंटर खोलने का फैसला लिया है। वाहन मालिक इन केंद्रों पर अपने वाहनों की फिटनेस जांच करवा सकेंगे। चरणबद्ध तरीके से प्रदेश के हर जिले में इस तरह की सुविधा उपलब्ध करवाने की योजना है।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा का आधारभूत ढांचा मजबूत किया जाएगा। आगामी तीन वर्षों में सरकार स्कूल भवनों के निर्माण पर 600 करोड़ रुपये खर्च करेगी। मुख्यमंत्री ने ये बातें अर्की विधानसभा क्षेत्र की दुर्गम पंचायत क्यार कनैता के लोहारघाट में आयोजित एक जनसभा में कहीं। उन्होंने लोहारघाट में उप तहसील खोलने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार समाज के सभी वर्गों का कल्याण सुनिश्चित कर रही है। जनता से किए गए वायदों के अनुरूप विभिन्न गारंटियां चरणबद्ध तरीके से पूरी की जा रही हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क, शिक्षा व स्वास्थ्य जैसे प्राथमिक क्षेत्रों में अधोसंरचनात्मक एवं अन्य सुधार किए जा रहे हैं। सरकार सभी विद्यालयों में आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित कर रही है। स्वास्थ्य क्षेत्र में सभी चिकित्सा महाविद्यालयों, जिला अस्पताल स्तर पर अधोसंरचना को मजबूत किया जा रहा है। राज्य सरकार दूर-दराज के क्षेत्रों में पहुंचकर न केवल समस्याओं का निदान कर रही हैं बल्कि विकास के लाभ भी जन-जन तक पहुंचा रही है। ग्रामीण आर्थिकी में सुधार के लिए सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रही है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल ने कहा कि मुख्यमंत्री के कुशल मार्गदर्शन में प्रदेश विकास की नई इबारत लिख रहा है। अर्की के विधायक संजय अवस्थी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने शपथ लेते ही व्यवस्था परिवर्तन का शुभारंभ किया और 101 करोड़ के सुख आश्रय कोष के साथ सामाजिक परिवर्तन की नींव रखी। इस मौके पर पंचायत प्रधान रघुराज पराशर भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्राकृतिक खेती के माध्यम से उत्पादित मक्की की खरीद 30 और गेहूं की 40 रुपए प्रति किलो की दर से की जा रही है। सरकार अब तक 398 मीट्रिक टन मक्की खरीद चुकी है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती के उत्पाद विक्रय करने के लिए किसान अपना पंजीकरण करवाएं। उन्होंने कहा कि सही नीतियों और जन सहयोग से वर्ष 2027 तक हिमाचल आत्मनिर्भर बनेगा और वर्ष 2032 तक सबसे समृद्ध राज्य होगा। मुख्यमंत्री ने शहीद हवलदार राम रतन की पत्नी निर्मला देवी को भी सम्मानित किया। हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक खेती से लागत मूल्य में करीब 36 फीसदी की कमी आई है। प्रदेश में 3,592 पंचायतों के 1.98 लाख किसान 35 हजार हेक्टेयर भूमि पर प्राकृतिक खेती कर रहे रहे हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बताया कि प्रदेश में किसानों की आर्थिकी सुदृढ़ करने के लिए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। कहा कि प्राकृतिक खेती से जहां पर्यावरण को रासायनिक खेती के दुष्प्रभावों से बचाया जा रहा है, वहीं खेती की लागत कम होने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी बल मिल रहा है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 15 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया है। प्राकृतिक खेती की प्रासंगिकता को देखने के लिए योजना की शुरुआत के बाद प्रदेश में रासायनिक उर्वरकों व कीटनाशकों के प्रयोग के आकलन के लिए राष्ट्रीय कृषि विस्तार प्रबंधन संस्थान हैदराबाद और अकादमी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज लखनऊ की ओर से शोध किए गए हैं।
हिमाचल में नशा तस्करी के मामले थम नहीं रहे हैं। हर दिन पुलिस कही न कही तस्करों को हेरोइन, चिट्टा, चरस और ड्रग्स के साथ पकड़ते हैं। इसके बावजूद अवैध नशे का कारोबार करने वाले अपनी हरकतों से बाज नहीं आते हैं। ताजा मामला हमीरपुर सदर थाना क्षेत्र का है, जहां पुलिस ने दो आरोपियों को 9.83 ग्राम चिट्टा के साथ गिरफ्तार किया हैं। दोनों पंजाब से चिट्टा लेकर शिमला जा रहे थे। जानकारी के अनुसार हमीरपुर के भोटा स्थित सहायता कक्ष में तैनात पुलिस कर्मियों ने चिट्टे की खेप को लेकर हमीरपुर में दाखिल हुए पंजाब के 2 युवकों से 9.83 ग्राम चिट्टा बरामद किया है। बताया जा रहा है कि ये युवक पंजाब से इस चिट्टे को नादौन से होते हुए शिमला की ओर ले जाने की फिराक में थे। पुलिस ने भोटा के नजदीक मोरसू के पास एनडीपीएस एक्ट के तहत युवकों को गिरफ्तार किया है। एसपी हमीरपुर भगत सिंह ठाकुर ने कहा, चिट्टे के साथ पकड़े गए दोनों युवकों को कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस रिमांड के दौरान दोनों युवकों से गहन पूछताछ की जाएगी। एसपी ने लोगों से आग्रह किया कि चिट्टे और अन्य अवैध नशीले पदार्थों की सूचना तुरंत पुलिस को दें, जिससे नशा तस्करों पर पुलिस कार्रवाई कर सके। दोनों आरोपियों की पहचान राणा (27 वर्ष) और विनम्र बैंस (24 वर्ष) के रूप में हुई है। इनमें राणा पंजाब के पटियाला और विनम्र रूपनगर, पंजाब का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार शनिवार देर रात करीब 11 बजे मोरसू क्षेत्र से उन्हें गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपी अपनी कार में सवार होकर नादौन की तरफ से शिमला की ओर रवाना हो रहे थे। मोरसू के पास पुलिस को नाके के दौरान शक हुआ, जिसके आधार पर पुलिस ने उनकी तलाशी ली। इस दौरान दोनों आरोपियों के पास से 9.83 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। पुलिस ने उनकी कार को भी कब्जे में ले लिया है।
हिमाचल प्रदेश की लाहौल घाटी के पर्यटक स्थल कोकसर में शनिवार को वीकेंड पर सैलानियों का सैलाब उमड़ पड़ा। क्रिसमस और नववर्ष से पहले हजारों सैलानियों के वाहनों की कतार देखने को मिली। कई जगह दो से तीन किलोमीटर तक वाहनों की लंबी लाइन लगी रही। सड़क पर पर्यटक वाहन रेंगते रहे। इस साल की सर्दी में अभी तक इस शनिवार को पहली बार हजारों सैलानी कोकसर पहुंचे। सुबह के समय घाटी में मौसम खुशनुमा रहा, लेकिन दोपहर बाद आसमान में हल्के बादल और हल्की धूप के बीच सैलानी जगह-जगह पैदल पहुंचकर मस्ती करते देखे गए। ठंड के मौसम में पर्यटक टोपी, हाथ में ग्लव्स पहने नजर आए। हालांकि, कुछ सैलानियों ने ठंड की परवाह न करते हुए बर्फ के बीच जमकर मस्ती की। बर्फ से ढकी पहाड़ियों को देखकर सैलानी रोमांचित हो उठे। सेल्फी के साथ अपनों से वीडियो कॉल कर उन्हें भी लाहौल के कोकसर और ग्रांफू की सफेद वादियों से रूबरू करवाया। स्कीइंग, टयूब स्लाइडिंग, जिपलाइन, एटीवी राइडिंग में मस्ती की। खासकर स्कीइंग कार आनंद बच्चों के लेकर युवा और दंपत्तियों ने भी लिया। उधर, वीकेंड पर पहाड़ों की रानी शिमला में भी बड़ी संख्या में सैलानी पहुंचे हैं। शहर के सर्कुलर रोड पर दिनभर गाड़ियां रेंगती रहीं। सैलानियों की आमद बढ़ने से स्थानीय कारोबारी भी खुश नजर आए। सैलानियों ने राजमा और चावल का स्वाद लिया। पर्यटन कारोबारी दीपक कुमार, राजेश, सुनील, मान सिंह रावत व सीताराम ने बताया कि वीकेंड पर कोकसर में सैलानियों की भारी भीड़ जुटी है। उन्हें अच्छी बर्फबारी का इंतजार है। उन्होंने उम्मीद जताई कि क्रिसमस और नव वर्ष में बर्फबारी होगी।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के आदेशों की अनुपालना करते हुए डीजीपी की ओर से दायर हलफनामे में कहा कि प्रदेश के सभी पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं। अदालत में दायर हलफनामे में कहा गया है कि प्रदेश में जिला स्तरीय निरीक्षण समिति (डीएलओसी) और राज्य स्तरीय निरीक्षण सीमित (एसएलओसी) का गठन किया गया है। जो पुलिस थानों में लगे सीसीटीवी कैमरे की लोकेशन और रखरखाव का कार्य करेगी। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश सत्येन वैद्य की खंडपीठ ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट की जजमेंट परमवीर सिंह बनाम बलजीत सिंह में दिए गए निर्देशों का पालन किया जाए। जिसमें जिला स्तरीय निरीक्षण सीमित यह सुनिश्चित करेगी कि प्रत्येक पुलिस थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और उनका रखरखाव किया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले में राज्यों को निर्देश दिए हैं कि सभी थानों के प्रवेश और निकास बिंदु ,पुलिस स्टेशन का मुख्य द्वार, सभी लॉकअप, लॉबी, सभी बरामदे, सब इंस्पेक्टर का कमरा, लॉकअप रूम के बाहर का क्षेत्र, पुलिस स्टेशन के परिसर के सामने, शौचालय और पुलिस स्टेशन का पिछला हिस्से को कैमरे से कवर करना होगा। इसके साथ ही जिला स्तरीय निरीक्षण समिति को सीसीटीवी और उसके उपकरणों का पर्यवेक्षण,रखरखाव की जिम्मेदारी होगी। सीसीटीवी की मरम्मत इसके उपकरणों की कार्य प्रणाली के बारे में एसएलओसी को मासिक रिपोर्ट भेजना और विभिन्न पुलिस स्टेशनों में लगे सीसीटीवी से संग्रहित फुटेज की समीक्षा करना ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं कोई मानवाधिकारों का उल्लंघन तो नहीं हुआ है,जो हुआ हो और जिसकी रिपोर्ट नहीं की गई हो। अदालत ने कहा है कि एसएलओसी का पहला कार्य सीसीटीवी और उसके उपकरणों की खरीद, वितरण और स्थापना करना होगा। दूसरा इसके लिए बजट का प्रावधान करना। तीसरा कैमरे और उसके उपकरणों की निरंतर निगरानी और मरम्मत। चौथा, जो कैमरे बंद पड़े है उनका निरीक्षण समय पर करना और जिन के उपकरण खराब पड़े हैं, उसे ठीक करना होगा। पांचवां डीएलओसी की ओर से भेजी गई मासिक रिपोर्ट में शिकायतों का समाधान करना। छठा डीएलओसी से मासिक रिपोर्ट मंगाएं और खराब पड़े उपकरणों का निपटारा अतिशीघ्र करें। अदालत ने याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता रजनीश मनीकटाला के प्रयासों की भी सरहाना की है, जिन्होंने इतने महत्वपूर्ण समस्या को अदालत के समक्ष लाया।
हिमाचल प्रदेश में एक अप्रैल 2025 से बिजली महंगी हो सकती है। बिजली बोर्ड प्रबंधन ने 50 से 70 पैसे प्रति यूनिट बढ़ोतरी का प्रस्ताव राज्य विद्युत विनियामक आयोग को भेजा है। इसमें बोर्ड ने 300 करोड़ रुपये के घाटे का हवाला देते हुए बिजली दरों में बढ़ोतरी की मांग की है। अब जनसुनवाई में आयोग बोर्ड के प्रस्ताव पर सभी हितधारकों के सुझाव और आपत्तियां लेगा।हिमाचल में इस साल बिजली की दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। बोर्ड को सरकार की ओर से हालांकि अनुदान के तौर पर हर वर्ष 750 से 1000 करोड़ रुपये दिए जाते हैं, इसके बावजूद बोर्ड के लिए अपना खर्च पूरा करना मुश्किल हो गया है। बोर्ड को प्रतिमाह करीब 180 करोड़ रुपये वेतन और पेंशन के लिए चाहिए। बोर्ड का राजस्व घाटा 300 करोड़ से अधिक हो गया है। हर महीने 125 यूनिट निशुल्क बिजली देने से बोर्ड का आर्थिक संतुलन गड़बड़ा गया है। इसको देखते हुए बोर्ड ने राज्य विद्युत नियामक आयोग को प्रस्ताव भेजकर अप्रैल 2025 से बिजली दरों में बढ़ोतरी की वकालत की है। हिमाचल के करीब 25 लाख घरेलू और अन्य श्रेणियों के उपभोक्ताओं को बिजली बोर्ड सप्लाई मुहैया करवा रहा है। साल 2024 में लोकसभा चुनाव होने के चलते प्रदेश में बिजली महंगी नहीं हुई थी। राज्य विद्युत नियामक आयोग की ओर से 75 पैसे से एक रुपये तक प्रति यूनिट दरें बढ़ाई गई थी। इन दरों का राज्य सरकार ने अतिरिक्त सब्सिडी देकर खर्च उठा लिया था। अब साल 2025-26 के लिए बोर्ड ने प्रस्ताव तैयार कर करीब 300 करोड़ रुपये के घाटे का हवाला देते हुए दरें बढ़ाने की मांग की है। उधर, साल 2023-24 में घरेलू उपभोक्ताओं को 125 यूनिट से अधिक खपत पर 22 पैसे और अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 46 पैसे की दर से बढ़ाया गया था। 31 मार्च 2025 तक यहीं दरें लागू रहेंगी।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से बड़ी खबर सामन आई है। यहां शिमला-चंडीगढ़ NH पर दो कारों के बीच जोरदार टक्कर हो गई है। हादसे में एक कार सड़क पर पलट गई है। जबकि, दूसरी कार भी क्षतिग्रस्त हुई है। हादसे के वक्त दोनों कारों में कई लोग सवार थे। हादसा संकटमोचन मंदिर के पास पेश आया है। यहां दिल्ली नंबर DL3CBM5329 ऑडी कार और शिमला की टैक्सी HP01A8165 में जोरदार टक्कर हुई है। हादसे में टैक्सी चालक गंभीर रूप से घायल हो गया- जिसे तुरंत उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है। बताया जा रहा है कि टैक्सी चालक की टांगोंं और सिर में गहरी चोट आई हैं। दूसरी कार में सवार लोगों को भी चोटें आई हैं। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई है। फिलहाल, हादसे के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस टीम द्वारा जांच की जा रही है।
हिमाचल प्रदेश के कई होनहार युवा भारतीय सेना में बड़े पदों पर विराजमान हैं। इसी सूची में अब ऊना जिले के एक बेटे ने भी अपना नाम जोड़ लिया है। जिले के ASP सुरेंद्र शर्मा के बेटे कनिष्क शर्मा इंडियन आर्मी में बतौर लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्त हुए हैं। कनिष्क की इस उपलब्धि से उनके परिवार व क्षेत्र का नाम रोशन हुआ है। कनिष्क शर्मा ने चार साल की कड़ी ट्रेनिंग के बाद इंडियन मिलिट्री अकादमी, देहरादून से कमीशन हासिल किया। इस अवसर पर उनके माता-पिता और बड़ी बहन ने अकादमी पहुंचकर उन्हें बैजेस लगाए। कनिष्क भारतीय सेना के असम स्थित सिग्नल्स डिवीजन में सेवाएं देंगे। कनिष्क शर्मा ने प्रशिक्षण के दौरान टेलीकम्युनिकेशन में B.Tech. की पढ़ाई भी की- जो कि एक साल में पूरी हो जाएगी। आपको बता दें कि कनिष्क शर्मा मूल रूप से चंबा के चुराह जिले के हिमगिरि के रहने वाले हैं। कनिष्क शर्मा ने प्रारंभिक शिक्षा माउंट कार्मल स्कूल ऊना और गग्गल से हासिल की है। इसके बाद जमा दो की पढ़ाई सेक्रेड हार्ट स्कूल सिद्धपुर धर्मशाला में पूरी की है। कनिष्क शर्मा ने TES एंट्री के तहत गया में चार साल का कड़ा प्रशिक्षण हासिल किया। इसके बाद OTA में एक साल, CTW, MCTE महू में B.Tech. की तीन साल की शिक्षा ग्रहण की। फिर IMA देहरादून में एक महीने के कड़े प्रशिक्षण के बाद पासिंग आउट परेड में हिस्सा लिया और लेफ्टिनेंट पद पर नियुक्त हुए हैं। कनिष्क के परिवार में उनके माता-पिता और बड़ी बहन है। कनिष्क के पिता सुरेंद्र शर्मा ऊना जिले में ASP के पद पर कार्यरत हैं। कनिष्क की मां मनीषा शर्मा गृहिणी हैं। जबकि, बड़ी बहन कशिश शर्मा ने एग्रीकल्चर में जेनेटिक्स और प्लांट ब्रीडिंग में मास्टर्स की हुई है। कनिुष्क की इस सफलता के बाद पूरे परिवार में खुशी का माहौल है। कनिष्क की इस सफलता के बाद उनके घर पर बधाई देने वाले लोगों का तांता लग गया है। उनके माता-पिता ने बताया कि कनिष्क बचपन से ही भारतीय सेना में जाने के सपने देखता था, जिसे उसने आज अपनी कड़ी मेहनत के दम पर पूरा कर लिया है।
** पानी की पाइपें जमीं, 19 दिसंबर तक बारिश-बर्फबारी की नहीं कोई उम्मीद हिमाचल के पहाड़ी इलाकों और मैदानी क्षेत्रों में कड़ी ठंड पड़ रही है। पानी की पाइपें जमने लगी हैं और लाहौल-स्पीति के ऊंचे इलाकों में बहता पानी भी जम गया है। ठंड इतनी बढ़ गई है कि 11 शहरों का तापमान माइनस में चला गया है। लोग सुबह और शाम के वक्त घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं, लेकिन दिन में धूप निकलने से मौसम थोड़ा आरामदायक हो जाता है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के वैज्ञानिक संदीप शर्मा ने बताया कि पिछले 24 घंटे में मौसम साफ रहा और कई जगहों पर तापमान सामान्य से कम था। 19 दिसंबर तक मौसम साफ रहने का अनुमान है। बिलासपुर और मंडी जिलों में सुबह और शाम धुंध की समस्या हो सकती है, और इस दौरान दिन का तापमान 2 से 3 डिग्री तक बढ़ सकता है।
हिमाचल प्रदेश में नशा तेजी से युवाओं को अपनी चपेट में ले रहा है। कई युवा नशे की चपेट में आकर अपनी जिंदगी बर्बाद कर चुके हैं। बाहरी राज्यों के तस्कर भी हिमाचल में सक्रिय हैं। शिमला पुलिस पहले ही चिट्टा तस्करी में शामिल शाही महात्मा और राधे गैंग जैसे गिरोहों का भंडाफोड़ कर चुकी हैं। इसके साथ ही रोजाना कई चिट्टा तस्करों को पुलिस गिरफ्तार भी कर रही है। ताजा मामले में शिमला पुलिस ने दो सगे भाइयों को चिट्टे के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। दोनों युवक पंजाब के रहने वाले हैं। पुलिस ने युवकों से 12.280 ग्राम चिट्टा बरामद किया है। दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस आरोपियों से ये पूछताछ कर रही है कि दोनों ने नशीला पदार्थ कहां से खरीदा था और इसे कहां बेचने जा रहे थे। दरअसल पुलिस की टीम ने शुक्रवार को कालका-शिमला एनएच-05 पर शोघी के समीप हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के पास नाका लगाया था। इसी दौरान चंडीगढ़ से शिमला की ओर आ रही पंजाब नवंबर की बाइक को पुलिस ने चेकिंग के लिए रोका। चेकिंग के दौरान बाइक सवार दोनों युवकों से पुलिस ने 12.280 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद किया। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान 28 वर्षीय दविंदर सिंह और 34 वर्षीय मंदीप सिंह के रूप में हुई है। दोनों आरोपी वसी शेखा गांव मोहाली, पंजाब के रहने वाले हैं और सगे भाई हैं। दोनों युवक शिमला घूमने पहुंचे हुए थे। एसपी शिमला संजीव गांधी ने बताया कि पुलिस नशे के खिलाफ अभियान चलाए हुए है। इसी के तहत आए दिन तस्करों लगातार कार्रवाई की जा रही है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने अधिकारियों को जिला शिमला के उप-मंडल कुपवी की विभिन्न ग्राम पंचायतों में खाली पहाड़ियों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने की संभावना तलाशने के निर्देश दिए हैं। 13 दिसंबर, 2024 को कुपवी उपमंडल के गांव टिक्कर में ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम के उपरांत आज सुबह मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से क्षेत्र की विकासात्मक आवश्यकताओं पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने से स्वरोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। इससे पहले, आज सुबह मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू गांव टिक्कर में बच्चों के साथ खेतों में टहलने निकले। उन्होंने बच्चों के साथ समय व्यतीत किया तथा उनसे पढ़ाई व खेल इत्यादि के बारे में बातचीत की। मुख्यमंत्री ने बच्चों से स्थानीय स्कूलों में उपलब्ध संसाधनों के बारे में भी बात की। इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने गांव के वृद्धजनों से भी भेंट की। मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ नागरिकों से उनके समय में प्रचलित पठन-पाठन के तरीकों व वर्तमान में शिक्षा के परिपेक्ष्य पर विस्तार से चर्चा की।वरिष्ठ नागरिकों ने गाय के दूध पर समर्थन मूल्य 32 से बढ़ाकर 45 रुपये एवं भैंस के दूध पर 47 रुपये से बढ़ाकर 55 रुपये प्रति किलो करने के लिए मुख्यमंत्री की सराहना की। वरिष्ठ नागरिकों ने कहा कि प्राकृतिक रूप से उत्पादित मक्की की खरीद 30 रुपये प्रति किलो तथा 40 रुपये प्रति किलो की दर से गेहूं की खरीद करने से ग्रामीण क्षेत्रोें के लोगों को लाभ प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ नागरिकों के साथ सरकार द्वारा ग्रामीण आर्थिकी को सशक्त करने के विभिन्न उपायों पर भी चर्चा की। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनीराम शांडिल, कांग्रेस नेता राजीव किम्टा, सचिव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता आशीष सिंघमार, उपायुक्त अनुपम कश्यप, पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी और अन्य लोग उपस्थित थे।
हिमाचल में दिव्यांग कोटे के जेबीटी के 187 पद भरने के लिए काउंसलिंग शेड्यूल में बदलाव किया गया है। पदों को भरने के लिए अब काउंसलिंग छह जनवरी से होगी। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय के मुताबिक चार-चार जिलों के तीन समूह बनाकर छह से आठ जनवरी तक काउंसलिंग होगी। काउंसलिंग प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय शिमला में होगी। बीएड के साथ अब डीएलएड करने वाले भी काउंसलिंग में भाग लेने के लिए पात्र होंगे। टेट पास ही काउंसलिंग में शामिल हो सकेंगे। 18 से 45 वर्ष की आयु वाले आवेदन कर सकते हैं। मंडी में सबसे ज्यादा 37, कांगड़ा में 28, बिलासपुर में 16, चंबा में 15, हमीरपुर में 9, किन्नौर में 1, कुल्लू में 10, शिमला में 20, सिरमौर में 23, सोलन में 20 और ऊना में 8 पद भरे जाएंगे। छह जनवरी को मंडी, लाहौल-स्पीति, कुल्लू और किन्नौर जिले की काउंसलिंग होगी। सात को कांगड़ा, हमीरपुर, चंबा और ऊना और 8 को शिमला, सिरमौर, सोलन और बिलासपुर में पद भरने के लिए काउंसलिंग आयोजित होगी। आवेदक किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय-शिक्षण संस्थान से जमा दो 50 फीसदी अंकों के साथ पास होने के साथ डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन पास होना चाहिए। पीजी में 55 फीसदी अंकों के साथ तीन साल की इंटीग्रेटिड बीएड-एमएड पास भी आवेदन कर सकते हैं। हिमाचल के मूल निवासी या प्रदेश से दसवीं और बारहवीं कक्षा पास करने वाले आवेदन के लिए पात्र होंगे। अनुबंध आधार पर नियुक्तियां की जाएंगी। चयनित होने पर 17,820 रुपये का वेतन मिलेगा। काउंसलिंग की मेरिट के आधार पर आवेदकों को उनकी प्राथमिकता के तौर पर जिला आवंटित किया जाएगा। 30 अंकों के आधार पर मेरिट तय की जाएगी।
** मुखाग्नि देते हुए बड़ा बेटा बोला- मेरे पापा अमर रहे हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के विधानसभा क्षेत्र धर्मशाला की बगली पंचायत के आईटीबीपी में तैनात एएसआई विनोद कुमार का शनिवार को सैन्य सम्मान से साथ अंतिम संस्कार किया गया। विनोद की ड्यूटी के दौरान चार दिन पहले गुवाहाटी में हृदय गति रुकने से मौत हो गई थी। शनिवार सुबह पार्थिव देह पैतृक गांव पहुंची। जवान की पार्थिव देह घर पहुंचते ही हर ओर चीख-पुकार का माहाैल रहा। जवान की पत्नी, बेटों और अन्य परिजनों की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। शनिवार सुबह मोक्ष धाम में जवान का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। आइटीबीपी के 12 जवानों ने तिरंगे से ढकी जवान की पार्थिव देह पर पुष्प अर्पित कर सलामी देकर अंतिम विदाई दी। अंतिम दर्शन के लिए सैकड़ों लोग माैजूद रहे। इस दाैरान विनोद अमर रहे और भारत माता की जय के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। बड़े बेटे ने रोते हुए मेरे पापा अमर रहे कहकर पिता की पार्थिव देह को मुखाग्नि दी। इस दौरान प्रशासन की ओर से भी उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। जानकारी के अनुसार गुवाहाटी में ड्यूटी के दौरान ह्रदयाघात से बुधवार रात को विनोद कुमार की मौत हो गई थी। विनोद गोवाहाटी में एएसआई की ट्रेनिंग के लिए गए थे। विनोद अपने पीछे पत्नी और दो बेटे छोड़ गए हैं।
** 'सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम के तहत टिक्कर पहुंचे मुख्यमंत्री सुक्खू हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू शुक्रवार को प्रदेश सरकार की महत्त्वाकांक्षी पहल ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम के तहत जिला शिमला के चौपाल उपमंडल की कुपवी तहसील के टिक्कर गांव पहुंचे। सीएम सुक्खू का टिक्कर वासियों ने ग्रामीण परिपाटी से स्वागत किया। शाम ढलते ही प्रदेश के मुख्यमंत्री को अपने घर-द्वार पर पाकर ग्रामवासी सर्द मौसम में भी गर्मजोशी से विभोर हो गए। लोगों ने अपनी समस्याओं के बारे में भी मुख्यमंत्री को अवगत करवाया। सीएम पूर्व जिला परिषद सदस्य हरी सिंह पचनाइक के घर पर रुके। हरि सिंह के घर पर अलाव सेंकते-सेंकते मुख्यमंत्री ने ग्रामवासियों से क्षेत्र में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा व्यवस्था की भी जानकारी ली। मुख्यमंत्री के आवास के लिए तीन स्थानों जुडु शिलाल पंचायत के नंदपुर गाव, मंझौली पंचायत के मंझौली तथा टिक्कर गांव पर विचार किया जा रहा था, लेकिन प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि व अन्य कारणों से टिक्कर गांव का चयन किया । मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार ने कानून में संशोधन कर तकसीम और दुरूस्ती के मामलों का निपटारा करने की समयावधि नौ महीनेए निशानदेही के मामलों की तीन महीने और इंतकाल के मामलों की अवधि एक महीना निर्धारित की है। मुख्यमंत्री ने दूध पर एमएसपी, मक्की और गेहूं की खरीद सहित ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की सरकार की योजनाओं के बारे में लोगों को बताया। उन्होंने लोक संगीत की मधुर स्वर लहरियों और स्थानीय व्यंजनों का भी आनंद लिया।सीएम के रात्रि भोज में मीठे व नमकीन सिड्डू, कुंकुए (बिच्छु बूटी) का साग, मक्की की रोटी, पटांडे, कोद्दे के आटे के जोद्दे, शक्कर, गेंहू के आटे का खिंडा, खीर, चलोथी, कुल्थ व अरहर की दाल, अरबी, गुड्डत व गुच्छी की सब्जी के अलावा मांसाहार में पहाड़ी मुर्गा व बकरे का मीट तैयार किया गया था ।ग्रामीण लायक राम ने कहा कि सीएम सुक्खू जुनूनी व्यक्ति हैं, वरना वह इतनी दूर से हमारे गांव क्यों आते। यही व्यवस्था परिवर्तन है। उन्होंने कहा कि सुक्खू प्रदेश के ऐसे पहले मुख्यमंत्री हैं, जिन्होंने कुपवी में रात्रि को ठहराव किया और आम आदमी के घरद्वार आएए इससे पहले वह डोडरा क्वार में भी ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम के तहत रात्रि को रुके थे और घर-द्वार जाकर लोगों की समस्याओं का समाधान किया था।
** मार्च तक तैयार होगी डीपीआर किरतपुर-नेरचौक फोरलेन पर पांच समानांतर टनलों का निर्माण किया जाएगा। इनमें से एक का काम शुरू कर दिया गया है और मार्च तक इसे तैयार करने का लक्ष्य रखा है। चार टनलों की डीपीआर तैयार की जा रही है और मार्च तक टेंडर प्रक्रिया शुरू करने का लक्ष्य है। करीब 60 किमी लंबे किरतपुर-नेरचौक फोरलेन पर पांच टनल बनी हैं। ये सभी टू लेन हैं। वर्तमान में इन टनलों में से केवल एक ही टनल से वाहनों का आवागमन होता है, जिससे हादसों का खतरा बढ़ जाता है। फोरलेन की अन्य सड़कों की तुलना में टनलों में वाहनों की गति भी धीमी हो जाती है। दिन-प्रतिदिन बढ़ते ट्रैफिक के कारण ही समानांतर टनलों के निर्माण का फैसला लिया गया है। मौजूदा पांच टनलों के साथ समानांतर टनलों के बनने से यातायात सुचारु रहेगा। किरतपुर से नेरचौक तक इस फोरलेन पर पांच टनल हैं। इनके समानांतर पांच टनलों का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। परियोजना की सबसे लंबी टनल, कैंची मोड़ 1800 मीटर का समानांतर सुरंग निर्माण कार्य चल रहा है, जिसे मार्च 2025 में पूरा करने का लक्ष्य है। अन्य चार टनलों के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा डीपीआर तैयार की जा रही है। इनमें टनल नंबर-2 थापना की लंबाई 465 मीटर, टनल नंबर-3 तुन्नू की लंबाई 550 मीटर, टनल नंबर-4 टीहरा की लंबाई 1265 मीटर, टनल नंबर-5 भवाणा की लंबाई 740 मीटर है। अन्य चार समानांतर टनलों के निर्माण के लिए एनएचएआई डीपीआर तैयार कर रहा है। वहीं, अलग-अलग स्तर पर इसकी एफसीए अप्रूवल का कार्य भी चल रहा है। केंद्र से एफसीए की ई-फाइल पर जो आपत्तियां लग रही हैं, उन्हें हटाकर दोबारा फाइल को तैयार किया जा रहा है। इन टनलों के समानांतर निर्माण से न केवल वाहनों की गति बढ़ेगी, बल्कि हादसों का खतरा भी कम होगा। साथ ही फोरलेन पर यातायात सुचारू और तेज होगा, जिससे यात्रियों को समय और ईंधन की बचत होगी। प्राथमिकता के आधार पर अन्य चार टनलों का निर्माण कार्य को शुरू करने की प्रक्रिया डीपीआर अप्रूव होने के बाद एनएचएआई जल्द शुरू करेगा।
शिमला में आज सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई। छह घंटे तक चली कैबिनेट मीटिंग में कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी। सुक्खू कैबिनेट ने गेस्ट टीचर नीति को मंजूरी दी। अब गेस्ट टीचरों को पीरियड बेस पर पैसे मिलेगें। सीनियर सेकेंडरी में 400 रुपये प्रति पीरियड और कॉलेज में 500 रुपये प्रति पीरियड मिलेंगे। वहीं, हिमाचल में काम समय पर हो इसके लिए टेंडर की ऑनलाइन पब्लिकेशन के लिए कैबिनेट ने समय की लिमिट घटाने की दी स्वीकृति। कैबिनेट बैठक में फैसला लिया गया कि विधवा एकल नारी को मकान बनाने को मिलेंगे 3 लाख। इस बार बरसात में समेज सहित अन्य क्षेत्र को 2023 की तर्ज पर रिलीफ पैकेज देने को कैबिनेट ने मंजूरी दी। पूरी तरह से क्षतिग्रस्त मकान को 7 लाख रुपए मिलेंगे। उद्योग विभाग के 80 खनन रक्षक पद भरने को स्वीकृति मिली। शिक्षा विभाग में पंजाबी टीचर के 31 पद भरने की स्वीकृति मिली। सैनिक वेलफेयर विभाग में विभिन्न श्रेणियों के 26 पद भरे जाएंगे। हिमाचल में लैंड सीलिंग एक्ट में बदलाव को सुखविंदर कैबिनेट की सैद्धान्तिक मंजूरी दी है। इसके अलावा सुक्खू कैबिनेट ने प्राकृतिक आपदा में जंगलों में गिरे पेड़ सड़ कर बर्बाद न हो, इसके लिए डीएफओ को 50 पेड़ हटाने के लिए नॉर्मल टेंडर प्रक्रिया के तहत ऑक्शन की पावर दी गई है। सुन्नी में SDM ऑफिस खोलने को मंजूरी मिली। हिमाचल में 13 नगर पंचायत को मंजूरी मिली। हिमाचल में शहरी क्षेत्रों में मुख्यमंत्री शहरी आजीविका गारंटी योजना को कैबिनेट की स्वीकृति, जल शक्ति विभाग में इंजीनियर के 3 पदों को भरने की स्वीकृति मिली। हिमाचल में अब ग्रेवटी वाटर स्कीमों की पंचायतें करेगी देखरेख इसकी भी कैबिनेट ने स्वीकृति दी।
** पांच स्थानों पर न्यूनतम पारा माइनस में हिमाचल प्रदेश में आगामी सात दिनों तक माैसम साफ रहने की संभावना है। हालांकि, बुधवार को जारी बुलेटिन में 12 दिसंबर को उच्च पर्वतीय कुछ स्थानों पर बारिश-बर्फबारी का पूर्वानुमान जताया गया था। गुरुवार को माैसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार प्रदेश में 18 दिसंबर तक मौसम मुख्यत शुष्क रहने की संभावना है। आज लाहाैल-स्पीति के एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश-बर्फबारी हो सकती है। वहीं, अगले 24 घंटों तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। इसके बाद अगले 4-5 दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे 2-3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होगी। वहीं राज्य के पांच स्थानों पर न्यूनतम तापमान माइनस में दर्ज किया गया है।
हिमाचल प्रदेश में सात अगस्त 2024 के बाद अध्ययन अवकाश पर जाने वाले प्रोफेसरों और शिक्षकों को कुल वेतन का सिर्फ 40 फीसदी वेतन ही मिलेगा। नए सीसीएस अवकाश नियमों के तहत अध्ययन अवकाश के दौरान वेतन भुगतान को लेकर शिक्षा विभाग ने निर्देश जारी किए हैं। 24 महीने तक के अध्ययन अवकाश के लिए प्रशासनिक की जगह वित्त विभाग की अनुमति लेना भी अनिवार्य कर दिया है। कॉलेज प्रोफेसरों के वेतन से जुड़ी कुछ आपत्तियों के बाद शिक्षा विभाग ने वित्त विभाग से यह मामला उठाया था। मंगलवार को उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा की ओर से इस संदर्भ में सभी कॉलेज प्रिंसिपलों को पत्र जारी किया गया है। प्रदेश सरकार ने कुछ समय पहले केंद्रीय सिविल सेवाएं अवकाश नियम-1972 में बदलाव किया है। नए नियम को केंद्रीय सिविल सेवाएं अवकाश हिमाचल प्रदेश नियम-2024 नाम दिया गया है। वर्ष 1986 से लेकर प्रशासनिक विभाग ही 24 महीने तक की स्टडी लीव के लिए अनुमति देता आया है। अब वित्त विभाग ही तय करेगा कि किसी विभाग के अधिकारी या कर्मचारी को अवकाश पर भेजना है या नहीं। हर साल बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी स्टडी लीव पर जाते हैं। अध्ययन अवकाश के दौरान उन्हें सरकार की ओर से पूरा वेतन दिया जाता है। स्टडी लीव पर अधिक कर्मचारियों-अधिकारियों के रहने से जहां विभागों में प्रशासनिक कामकाज प्रभावित होता रहा है, वहीं सरकारी कोष को भी बड़ा नुकसान होता रहा है। अब देश या देश से बाहर ली गई अध्ययन छुट्टी के दौरान सरकारी कर्मचारी-अधिकारी को 40 प्रतिशत वेतन मिलेगा। इसके अलावा महंगाई भत्ता और मकान किराया भी मिलेगा। अवकाश वेतन का भुगतान सरकारी कर्मचारी की ओर से यह प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने के बाद होगा कि वह किसी अंशकालिक रोजगार के संबंध में किसी भी छात्रवृत्ति, वजीफे या पारिश्रमिक की प्राप्ति नहीं कर रहा है। उधर, शिक्षा निदेशालय ने स्पष्ट किया कि संशोधित केंद्रीय सिविल सेवा (अवकाश) नियम, 1972 के सात अगस्त 2024 से प्रभावी होने के साथ, उन लोगों पर इसके लागू होने के संबंध में भ्रम की स्थिति बन गई है, जो इस तिथि से पहले अध्ययन अवकाश पर थे। संशोधित नियम केवल उन कर्मचारियों पर लागू होंगे, जो सात अगस्त 2024 को या उसके बाद अध्ययन अवकाश पर गए हैं। जिन कर्मचारियों ने इस तिथि से पहले अपना अध्ययन अवकाश शुरू किया था, उन्हें पिछले नियमों के तहत अपना वेतन मिलना जारी रहेगा, जो उनके अवकाश स्वीकृत होने के समय लागू थे।
हिमाचल की राजधानी शिमला में चोर फिर सक्रिय हो गए हैं और चोरी की वारदात को अंजाम दे रहे हैं। ताजा मामला शिमला का है, जहां बीते दिन दिनदहाड़े एक व्यक्ति ने एटीएम को तोड़ने का प्रयास किया। हालांकि, वह चोरी को अंजाम दे पाता उससे पहले ही आसपास के लोगों ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया। जानकारी के अनुसार शिमला में एक शातिर ने कॉपरेटिव बैंक एटीएम को तोड़ने की नाकामयाब कोशिश की। शातिर दिन दहाड़े बैंक के एटीएम को लूटने की फिराक में था, लेकिन शातिर अपने मंसूबो में कामयाब नहीं हो पाया। चोर के वारदात को अंजाम देने पहले ही लोगों ने उसे धर दबोचा। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस ने वेद प्रकाश शांडिल के बयान पर मामला दर्ज कर लिया है। वेद ने पुलिस को बताया कि मंगलवार को वह रोजाना की तरह एसडीए कॉम्प्लेक्स में अपनी ड्यूटी पर था। इस दौरान वह कार्यालय के ऊपर लगे टावर व डीजी सेट को चेक करने गए तो, उन्हें किसी चीज को तोड़ने की तेज आवाज सुनाई दी, जिसके बाद वह ऊपर सड़क में गया इस दौरान उसने देखा कि वहां कॉपरेटिव बैंक के एटीएम के अंदर एक शख्स हाथ मे हथियार लिए था और एटीएम को तोड़ने की कोशिश कर रहा था,जिसके बाद उन्होंने उसकी सूचना पुलिस चौकी कुसुम्पटी को दी। मौके पर पहुंची पुलिस की टीम ने शीघ्र कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम संजय (32 वर्ष) बताया, जो जिला हमीरपुर का रहने वाला है। पुलिस ने व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एसपी शिमला संजीव गांधी ने मामले की जानकारी दी। एसपी शिमला ने कहा, एटीएम तोड़ रहे कि आरोपी को लोगों की सहायता से पकड़ लिया गया है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है। मामले में पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।
** विभिन्न योजनाओं के तहत लाभार्थियों को वित्तीय लाभ किए वितरित मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज जिला बिलासपुर के लुहणू मैदान में प्रदेश सरकार के दो वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान छः नई योजनाओं का शुभारंभ किया और लाभार्थियों को वित्तीय लाभ वितरित किए। मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्राकृतिक रूप से उत्पादित मक्की से तैयार हिमभोग आटा लॉन्च किया। राज्य सरकार ने प्रदेश के 10 जिलों में 1,506 किसानों से 398 मीट्रिक टन मक्की की खरीद की है और किसानों के बैंक खातों में सीधे 1.20 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए गए हैं। देश में हिमाचल गेहूं के लिए 40 रुपये प्रतिकिलो ग्राम और मक्की के लिए 30 रुपये प्रतिकिलो ग्राम अधिकतम समर्थन मूल्य देने वाला राज्य है और प्रदेश में 35 हजार हेक्टेयर भूमि पर 1.98 लाख किसान प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। इस पद्धति को बढ़ावा देने के लिए 680 करोड़ रुपये की राजीव गांधी स्टार्ट-अप योजना के तहत राजीव गांधी प्राकृतिक खेती स्टार्ट-अप योजना के अन्तर्गत 36,000 किसानों को शामिल किया जा रहा है। कांग्रेस प्रतिज्ञा पत्र निहित गांरटियों को पूरा करने के उद्देश्य से लघु किसानों और पशुपालकों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने 300 रुपये प्रति क्विंटल की दर से जैविक खाद और वर्मी कम्पोस्ट खरीद की योजना शुरू की है। योजना के तहत 100 किसानों को प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के माध्यम से 1 लाख रुपये वितरित किए गए हैं। इस पहल का उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। मुख्यमंत्री ने राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना 2023 के अन्तर्गत 16 टैक्सी मालिकों को चाबियां प्रदान की। योजना के तहत लाभार्थियों को ई-टैक्सी खरीद के लिए 50 प्रतिशत सब्सिडी का लाभ प्राप्त हुआ है और सरकारी कार्यालयों में पांच वर्षों के लिए लीज पर ई-टैक्सियों का संचालन किया जाएगा। इससे टैक्सी मालिकों को नियमित आय का साधन उपलब्ध करवाया गया है। राज्य सरकार का लक्ष्य पहले चरण में ई-टैक्सी मालिकों को लगभग 150 परमिट प्रदान करना है। मुख्यमंत्री ने इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के अन्तर्गत प्रदेश के 5145 लाभार्थियों को 1.38 करोड़ रुपये वितरित कर इस योजना का शुभारंभ किया। उन्होंने लाभार्थियों को पात्रता प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए। इस योजना का उद्देश्य विधवाओं, निराश्रित महिलाओं, तलाकशुदा महिलाओं और दिव्यांग अभिभावकों के 23 हजार बच्चों की शिक्षा को सुनिश्चित करना है। योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को 18 वर्ष से कम की आयु के बच्चों के लिए 1 हजार रुपये प्रतिमाह और उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है। इस योजना के लिए 53.21 करोड़ रुपये का वार्षिक बजट प्रावधान रखा गया है। इससेे बाल शोषण को रोकने में सहायता मिलेगी और वंचित परिवारों के बच्चों की शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने राज्य के सात जिलों में बागवानी क्षेत्र के विकास को विस्तार प्रदान करने के लिए 1292 करोड़ रुपये की हिमाचल प्रदेश उपोष्ण कटिबंधीय बागवानी, सिंचाई और मूल्य संवर्धन परियोजना का भी शुभारंभ किया। इसके तहत प्रदेश के छः हजार हैक्टेयर क्षेत्र में अमरूद, संतरे, लीची और पलम जैसे फलों की खेती को बढ़ावा प्रदान कर 15 हजार किसान परिवारों को प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित किया जाएगा। वर्ष 2032 तक प्रतिवर्ष 1.3 लाख मीट्रिक टन फलों का उत्पादन होने की संभावना है जिनका बाजार मूल्य 400 करोड़ रुपये होगा। मुख्यमंत्री ने किन्नौर, लाहौल स्पीति, चम्बा और जिला सिरमौर के शिलाई के दुर्गम क्षेत्रों के लिए पांच मोबाइल आयुष स्वास्थ्य यूनिट को झंडी दिखाकर रवाना किया। प्रत्येक यूनिट में स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप आयूर्वेद, यूनानी और होमोपैथी उपचार के लिए अनुभवी चिकित्सा टीम सेवाएं देगी। इस पहल का उद्देश्य दुर्गम क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना है। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के अन्तर्गत जिला बिलासपुर के 197 लाभार्थियों को 1.90 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की। इसके तहत 153 बच्चों के लिए पेंशन, 17 लाभार्थियों के लिए आवास अनुदान,10-10 लाभार्थियों के लिए विवाह एवं उच्च शिक्षा और 3-3 लाभार्थियों के लिए व्यावसायिक शिक्षा और स्टार्ट-अप सहायता प्रदान की गई।
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में राज्य की कांग्रेस सरकार दो साल का जश्न मना रही है। इस दाैरान उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि भाजपा ने सरकार गिराने की नाकाम कोशिश की। हम 40 थे और 40 हैं। हमारे एक भी मंत्री में दाग नहीं है। इससे ईमानदार मंत्रिमंडल नहीं हो सकता। भाजपा के लोग दिल्ली में जाकर पैसे रुकवाने का काम करते हैं। प्रदेश के कर्मचारियों को ओपीएस कांग्रेस की सरकार ने दी। भाजपा सरकार ने पेंशन देने से इन्कार कर दिया था। कांग्रेस सरकार कर्मचारियों की साथी है। जब तक हम हैं, तब तक आपकी पेंशन सुरक्षित है। इसलिए हमें एक साथ मिलकर चलना है। मुकेश ने घोषणा कि जितनी भी भर्तियों के परिणाम लंबित हैं, एक महीने के अंदर जारी किए जाएंगे। मुकेश ने कहा कि सीएम से इसकी चर्चा नहीं हुई है, लेकिन मैं इसकी जिम्मेदारी लेता हूं। क्यूंकि हम आपके शुभचिंतक हैं। मुकेश ने कहा कि भाजपा बोलती है कि दिल्ली हिमाचल भवन की कुर्की हो गई, लेकिन कोई हाथ तो लगाकर देखे। मुकेश ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि कहा कि बोले समोसा सुक्खू का नहीं, पुलिस का था और पुलिस के समोसे को हाथ लगाओंगे तो ऐसा ही होगा। अग्निहोत्री ने टॉयलेट टैक्स पर चुटकी लेते हुए कहा कि भाजपा के लोग 24 घंटे टॉयलेट में बैठे, फिर देखें टैक्स लगा कि नहीं। अग्निहोत्री ने कहा कि 1 हजार नई बसें हम एक साल के अंदर बेड़े में शामिल कर रहे हैं। जयराम पर निशाना साधते हुए कहा कि आजकल कहते हैं कि कुकर के पैसे लिए, अरे कुकर की सीटी अग्निहोत्री ऐसे बजाएगा कि याद रखोंगे। एचआरटीसी को बदनाम किया जा रहा है। यह कांग्रेस पार्टी की लड़ाई है, भाजपा को अब सत्ता नहीं मिलेगी। हम उस पार्टी के लोग हैं, जिन्होंने हिमाचज का निर्माण किया और इसे आगे बढ़ाया। कहा कि शिमला में 2 हजार करोड़ से रोपवे बना रहे हैं। दो साल में बनकर तैयार होगा। 2400 इलेक्ट्रिक बसें खरीदी जाएंगी।
जियो बीपी (रिलायंस बीपी मोबिलिटी लिमिटेड) और ईवीआई टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड प्रदेश में पांच ग्रीन कॉरिडोर पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित करेगी। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की उपस्थिति में परिवहन विभाग के निदेशक डीसी नेगी ने कंपनियों के साथ एमओयू हस्ताक्षरित किए। दोनों कंपनियां एक साल में 41 में से 31 स्थानों पर ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करेंगी। यहां यात्रियों को शौचालय, फूड कोर्ट सहित अन्य वे-साइड सुविधाएं भी मिलेंगी। एक हफ्ते में तीसरी कंपनी इलेक्ट्रोवेब के साथ भी एमओयू होगा। यह कंपनी 10 स्थानों पर ईवी चार्जिंग स्टेशन और वे-साइड सुविधाएं देंगी। मुख्यमंत्री सुक्खू ने बताया कि जियो बीपी कंपनी मंडी-जोगिंद्रनगर पठानकोट के साथ-साथ कीरतपुर-मनाली-केलांग ग्रीन कॉरिडोर को विकसित करेगी। ईवीआई टेक्नोलॉजी एक वर्ष के भीतर परवाणु-ऊना-संसारपुर टेरेस-नूरपुर तथा परवाणु, शिमला-रिकांगपियो-लोसर ग्रीन कॉरिडोर विकसित करेगी। इलेक्ट्रोवेब कंपनी शिमला-हमीरपुर-चंबा ग्रीन कॉरिडोर को विकसित करेगी। इन पांच ग्रीन कॉरिडोर पर कंपनियां एक साल के भीतर 41 स्थानों पर ईवी चार्जिंग स्टेशन, वे-साइड सुविधाएं तथा सुपर मार्केट स्थापित करेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन 41 स्थानों पर ई-बस, ई-ट्रक तथा अन्य ई-व्हीकल को चार्ज करने की सुविधा मिलेगी। इन स्थानों पर शौचालय तथा रेस्तरां की सुविधाएं भी मिलेगी। सरकार को कंपनियां 75 लाख रुपये प्रति वर्ष लीज मनी देगी। उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि सरकार 350 ई-बसों की खरीद कर रही है। परिवहन विभाग देश में ऐसा पहला विभाग है जहां सभी वाहन इलेक्टि्रक हैं। इस अवसर पर प्रधान सचिव परिवहन आरडी नजीम भी उपस्थित रहे।
** सुबह स्केटिंग करने पहुचे लोग, स्केटिंग के दौरान ठंड गायब... शिमला के लक्कड़ बाजार में स्थित आइस स्केटिंग रिंक में आइस स्केटिंग शुरू हो गई है। इस रिंक में आज भी प्राकृतिक तरीके से बर्फ जमाई जाती है। सुबह स्केटिंग करने पहुंचे लोग बहुत खुश और उत्साहित दिखे। उनका कहना है कि वे इस पल का लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। जैसे ही उन्हें स्केटिंग शुरू होने की खबर मिली, वे तुरंत यहां पहुंच गए। लोगों ने बताया कि स्केटिंग करते समय ठंड का अहसास नहीं होता और यह बहुत मजेदार अनुभव होता है। आइस स्केटिंग रिंक के सचिव रजत मल्होत्रा ने बताया कि रिंक में अच्छी बर्फ जम गई है, इसलिए आज से स्केटिंग शुरू कर दी गई है। अगर मौसम ठीक रहा, तो जल्द ही शाम के समय भी स्केटिंग कराई जाएगी। फिलहाल, स्केटिंग सुबह 8:00 बजे से 10:00 बजे तक हो रही है। बता दें कि शिमला आइस स्केटिंग क्लब द्वारा सदस्यता और शुल्क तय कर दिए है। सीनियर और जूनियर के लिए अलग-अलग श्रेणियां तय की गई हैं। सीनियर के लिए पूरे सीजन की सदस्यता का शुल्क 3000 रुपये और जूनियर के लिए 1800 रुपये है। कपल सदस्यता का शुल्क 3500 रुपये रखा गया है। आकस्मिक स्केटिंग सत्र के लिए प्रति सत्र 300 रुपये का शुल्क रखा गया है। वहीं, पखवाड़ा सदस्यता सीनियर के लिए 1700 रुपये और जूनियर के लिए 900 रुपये में उपलब्ध है। स्केट्स किराये पर लेने के लिए सीनियर को 1500 रुपये और जूनियर को 1200 रुपये देने होंगे। सीसीएम हॉकी स्केट्स का शुल्क 2500 रुपये है, जो सीनियर और जूनियर दोनों के लिए एक समान है। इसके अलावा स्केट्स के लिए 3000 रुपये और सीसीएम हॉकी स्केट्स के लिए 7500 रुपये की सुरक्षा राशि जमा करनी होगी। क्लब ने यह भी घोषणा की है कि जूनियर सदस्यों, जिनके माता-पिता क्लब के सदस्य हैं, को पूरे सीजन की सदस्यता पर 200 रुपये की छूट दी जाएगी। गेस्ट के लिए भी अलग से शुल्क निर्धारित किए गए हैं। कार्ड खेलने वाले गेस्ट को 150 रुपये प्रति दिन और नॉन-प्लेइंग गेस्ट को 30 रुपये प्रति दिन शुल्क देना होगा। गेस्ट को सप्ताह में अधिकतम चार बार ही अनुमति दी जाएगी। शिमला के लक्कड़ बाजार में स्तिथि रिंक एशिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक आइस स्केटिंग रिंक है, जिसे 1920 में स्थापित किया गया था। यहां पर बड़ी-बड़ी हस्तियों ने स्टैकिंग की है। हर साल यह रिंक पर्यटकों और स्केटिंग प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहता है। इस साल भी बड़ी संख्या में पर्यटकों और स्थानीय लोगों के भाग लेने की उम्मीद है।
हिमाचल प्रदेश में ऊपरी इलाकों में हुई बर्फबारी के चलते कड़ाके की ठंड हो गई है। जिला ऊना, हमीरपुर और पालमपुर में पारा शून्य पहुंच गया है। शिमला में रात को तापमान एक डिग्री सेल्सियस रहा। प्रदेश में सबसे ज्यादा न्यूनतम तापमान 5.9 नाहन में दर्ज हुआ। रात का पारा कम होने से सड़कों पर फिसलन बढ़ गई है। कई जगह पानी के पाइप जम गए हैं। चंबा-किलाड़ वाया सचे जोत मार्ग बंद हो गया है। वहीं, मनाली-लेह मार्ग पर सफर करना खतरनाक हो गया है। मैदानी जिलों में बुधवार से शुक्रवार तक सुबह-शाम के समय कोहरा पड़ने और अन्य जगह शीतलहर का येलो अलर्ट जारी हुआ है। बुधवार को प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है। वीरवार को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के आसार जताए गए हैं। शिमला में मंगलवार को धूप खिलने के साथ मौसम दिन भर साफ रहा, लेकिन शीतलहर कम नहीं हुई। ऊना में अधिकतम तापमान सबसे ज्यादा 23.8 डिग्री सेल्सियसरहा। भरमौर क्षेत्र में नल में पानी की धार बर्फ में तबदील नजर आई। लाहौल घाटी में माइनस तापमान के बीच 97 फीसदी घरेलू नलों में पानी जम हो गया है। लाहौल के धुंधी, सिस्सू और जिस्पा के अलावा अन्य कई स्थानों पर ब्लैक आइस में वाहन फिसलते रहे। पुलिस ने अटल टनल पर्यटक वाहनों के लिए बंद कर दी है। हालांकि, फॉर बाई फॉर वाहनों में पर्यटक अटल टनल की ओर गए। कुफरी, डोडरा क्वार, चौपाल में हुई हल्की बर्फबारी हुई। प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम साफ रहने के साथ शिमला के कुफरी, डोडरा क्वार और चौपाल में मंगलवार दोपहर बाद हल्की बर्फबारी हुई। चांशल दर्रा बंद होने से डोडरा क्वार सड़क वाहनों की आवाजाही के लिए ठप हो गई है। किन्नौर में ऊंचे इलाकों में बर्फबारी के दो दिन बाद भी तीन ग्रामीण रूट बंद चल रहे हैं। छितकुल, कुनौचारंग और आसरंग के लिए मंगलवार को भी पथ परिवहन निगम की बसों की आवाजाही नहीं हो पाई है। प्रदेश में बर्फबारी के बाद शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया है। सोमवार रात को सात जिलों का न्यूनतम पारा माइनस में रिकॉर्ड हुआ। इनमें लाहौल-स्पीति जिले के ताबो में सबसे कम- 12.7 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान है। इसके अलावा कुकुमसेरी का -8.1, समदो का -7.9, कल्पा का -5.4, शिमला जिले में नारकंडा के -3.4, कुफरी का-2.2, कुल्लू जिले में मनाली का -2.8, सेऊबाग का -2.5, बजौरा का -1.6, भुंतर का -1.4, किन्नौर जिले के रिकांगपिओ का -1.8, चंबा जिले के भरमौर का -1.7, बिलासपुर जिले के बरठीं का -0.7, सोलन का - 0.6 डिग्री न्यूनतम तापमान रहा।
** बिलासपुर से 6 नई योजनाओं का होगा शुभारंभ हिमाचल प्रदेश में साल 2022 में विधानसभा चुनाव में 40 सीटें जीतकर सत्ता में आई सुक्खू सरकार का दो साल का कार्यकाल पूरा हो गया है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 11 दिसंबर 2022 को मुख्यमंत्री की शपथ लेकर कार्यभार संभाला था। इस उपलक्ष्य में प्रदेश सरकार केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के गृह जिला बिलासपुर के लुहणू मैदान में राज्य स्तरीय समारोह आयोजित करने जा रही है। इस समारोह को यादगार बनाने के लिए सरकार ने लुहणू मैदान में 30 हजार की भीड़ जुटाने का लक्ष्य रखा है, जिसके लिए मंत्रियों सहित सभी विधायकों को अपने अपने विधानसभा क्षेत्रों से लोगों को लाने का टारगेट दिया गया है। वहीं, इस दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू लोगों के सामने सरकार की दो साल की उपलब्धियों का गुणगान करेंगे और साथ ही 6 नई योजनाओं का शुभारंभ भी करेंगे। हिमाचल में कांग्रेस सरकार के दो साल का कार्यभार पूरा होने पर बिलासपुर के लुहणू मैदान समारोह आयोजित होगा। ये कार्यक्रम सुबह 11 बजे शुरू होगा, जिसमें प्रदेश भर से कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटेगी। इस दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू प्रदेश में 6 नई योजनाओं का शुभारंभ करेंगे, जिनमें राजीव गांधी स्टार्ट-अप स्वरोजगार योजना के तहत ई-टैक्सी, विधवाओं के बच्चों को उच्च शिक्षा प्रदान करने के लिए इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना, हिमाचल प्रदेश शिवा परियोजना, प्राकृतिक खेती से तैयार मक्की का हिम भोग आटा, गोबर की खरीद योजना और प्राकृतिक रूप से उत्पादित मक्की की खरीद के लिए संबंधित किसानों को धन हस्तांतरण करना शामिल है। इसके अलावा इस दौरान पांच आयुष मोबाइल वैन को भी हरी झंडी दिखाई जाएगी। वहीं, पुरानी पेंशन योजना और मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के लाभार्थियों को चेक भी वितरित किए जाएंगे। इस अवसर पर स्वतंत्रता सेनानियों को भी सम्मानित भी किया जाएगा। हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार के दो साल के समारोह में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी और राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी नहीं आ रहे हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इन सभी राष्ट्रीय स्तर के नेताओं को कार्यक्रम में आने का न्योता दिया था। ‘व्यवस्था परिवर्तन से आत्मनिर्भर हिमाचल’ थीम पर किए जा रहे समारोह में हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव राजीव शुक्ला मुख्य अतिथि होंगे।
** टुटू में बीएमओ ऑफिस खोलने, 16 मील कॉलेज के लिए समुचित धन राशि प्रदान करने की घोषणा की मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज शिमला जिले के टूटू में 4.50 करोड़ रूपये की लागत से निर्मित विनियमित मण्डी का लोकार्पण किया। इस मण्डी में 8 दुकानें, नीलामी मंच, किसानों को ठहरने के लिए 20 बिस्तरों की डोरमैट्री व सार्वजनिक कार्यक्रमों हेतु एक बड़ा हॉल और अन्य मूलभूत सुविधाएं होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मण्डी के बनने से धामी, घनाहट्टी, मजठाई, बागी, धमून, बाईचड़ी, ढांडा, चायली, नैहरा, देवनगर, गलोट, जुब्बडहट्टी, रामपुरी, शकराह व कालीहट्टी आदि पंचायतों के किसान लाभाविन्त होंगे। उन्हें अपनी नकदी फसलों और सब्जियों के उचित मूल्य प्राप्त होंगेे। उन्होंने कहा कि इससे पहले उन्हें अपने उत्पाद बेचने के लिए शिमला आना पड़ता था, जिससे उनके समय के साथ-साथ आर्थिक नुकसान भी होता था। उन्होंने कहा कि इस मण्डी के निर्माण से इन पंचायतों की लम्बे समय से चली आ रही मांग पूर्ण हो गई है। ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को उनके उत्पाद के उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में विनियमित मण्डियों का निर्माण कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों बागवानों के घरद्वार के समीप मण्डियों के निर्माण से न केवल उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो रही है बल्कि उनके समय में भी बचत हो रही है। मुख्यमंत्री ने टूटू में बीएमओ ऑफिस के साथ-साथ पर्याप्त चिकित्सक नियुक्त करने की घोषणा की। उन्होंने बडैहरी-शिल्ली-हीरानगर सड़क के लिए दो करोड़ देने का आश्वासन दिया। उन्होंने टूटू के दो वार्डों में सीवरेज सिस्टम की सुविधा उपलब्ध करवाने और एंबुलेंस रोड के निर्माण का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि 16 मील में महाविद्यालय भवन के निर्माण के लिए राज्य सरकार समुचित धन उपलब्ध करवाएगी। उन्होंने दो श्मशान घाट के निर्माण के लिए 10-10 लाख और गौशाला के लिए भी 10 लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्राकृतिक खेती से उत्पादित 4000 क्विंटल मक्की की खरीद 30 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से खरीद की है और आगामी वर्ष से 40 रुपए प्रति किलो की दर से प्राकृतिक खेती से उत्पादित गेहूं की खरीद की जाएगी। उन्होंने कहा कि मक्की के आटे को हिम-भोग के नाम से बाजार में उतारा जायेगा। हमारी सरकार ने दूध की खरीद दरों में 15 रुपए प्रति लीटर की बढ़ौतरी की। गाय के दूध को 45 रुपए तथा भैंस का दूध 55 रुपए प्रति लीटर की दर से खरीदा जा रहा है। मनरेगा की दिहाड़ी ऐतिहासिक 60 रुपए बढ़ाकर 300 रुपए की गई है। यह सभी कदम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सभी पात्र व्यक्यिों तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विधवाओं के 27 वर्ष की आयु तक के बच्चों को शिक्षा प्रदान करने का पूरा खर्च उठा रही है। इस योजना का विधिवत शुभारंभ 11 दिसंबर को किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश के 6000 अनाथ बच्चों को ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ के रुप में अपनाया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने भ्रष्टाचार के चोर दरवाजों को बंद करके अतिरिक्त राजस्व अर्जित किया है तथा अब इस धन से लोगों के कल्याण के लिए योजनाएं बनाई जा रही हैं। राज्य सरकार सभी गारंटियों को चरणबद्ध तरीके से पूरा कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछली भाजपा सरकार ने पांच साल में 20 हजार नौकरियां प्रदान की तथा वर्तमान कांग्रेस सरकार ने मात्र दो वर्षों में 31 हजार नौकरियां निकाली हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार खुद को डबल इंजन की सरकार की कहती थी, लेकिन उनके कार्यकाल में हर क्षेत्र के स्तर में गिरावट हुई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बदलाव लाकर सुधारात्मक कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अगले तीन वर्षों में शिक्षा व स्वास्थ्य का मजबूत आधारभूत ढांचा तैयार करेगी। उन्होंने कहा कि उनका पूरा मंत्रिमंडल एकजुटता के साथ इस दिशा में कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘हम दृढ़ इच्छा-शक्ति से हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाएंगे और इसमें सभी का सहयोग आवश्यक है।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साल आई आपदा के दौरान अगर सही समय पर टूटी हुई सड़कों को ठीक नहीं किया जाता, तो सेब बागवानों को काफी नुकसान होता। लेकिन राज्य सरकार ने आपदा के दौरान सौ करोड़ रुपए व्यय कर सड़कें बहाल की है और बागवानों के उत्पादों को मंडियों तक पहुंचाया। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने कहा कि युवा पीढ़ी को पुराने रीति रिवाज, बोली और संस्कृति को संजो कर रखना चाहिए क्योंकि यही हमारी पहचान है। उन्होंने सभी से सही जीवन-शैली अपनाकर अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि हर विधानसभा क्षेत्र में आदर्श स्वास्थ्य संस्थान स्थापित किए गए हैं, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति की गई है ताकि लोगों को उनके घर-द्वार पर ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त हो सकें। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि वर्तमान सरकार बिना किसी द्वेष भाव के काम कर रही है। उन्होंने कहा कि शिमला ग्रामीण क्षेत्र में विकास की कोई कमी नहीं छोड़ी जा रही है और दो साल में 400 करोड़ रुपये के विकास कार्य आरंभ किए गए हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश का एक समान विकास वर्तमान राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मटौर-शिमला फोरलेन के शालाघाट से तारादेवी पैकेज के निर्माण की प्रक्रिया आरंभ हो चुकी है। उन्होंने कहा कि शिमला के समीप जाठिया देवी इलाके में जल्द से जल्द नया शहर बसाने के लिए राज्य सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने सब्जी मंडी का शुभारंभ करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि 11 दिसंबर को राज्य सरकार के दो वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के उपलक्ष्य पर बिलासपुर में एक विशाल रैली का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से रैली में बढ़-चढ़ कर भाग लेने की अपील की। एपीएमसी शिमला व किन्नौर के अध्यक्ष देवानंद वर्मा ने सब्जी मंडी की सौगात के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और कहा कि इससे क्षेत्र के किसानों को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए अनेक कदम उठाए हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे है। इस अवसर पर पूर्व विधायक सोहन लाल व चिरंजी लाल, सचिव कृषि सी पालरासू, उपायुक्त अनुपम कश्यप और अन्य व्यक्ति उपस्थित थे।
** काफी संख्या में शिमला पहुच रहे पर्यटक, पर्यटन कारोबारी खुश हिमाचल प्रदेश में बीते दिन शिमला सहित कई हिस्सो में जमकर बर्फबारी हुई है। बर्फबारी की खबर सुनते ही पंजाब हरियाणा दिल्ली से काफी तादात में पर्यटक शिमला पहुच रहे है। शिमला शहर में हालांकि बर्फ कम है लेकिन कुफरी में अभी भी बर्फ है। बर्फ के दीदार करने के लिए पर्यटक कुफरी का रुख कर रहे है। कुफरी में पर्यटक बर्फ के साथ मस्ती करते हुए नजर आए। मौसम विभाग द्वारा आज भी बर्फबारी की आशंका जताई है। शिमला पहुंचे पर्यटको का कहना है कि यहां पर उन्होंने बर्फबारी की उम्मीद भी नहीं कि थी लेकिन मौसम ने अचानक करवट बदली और शिमला में बर्फबारी शुरू हो गई। और बर्फ़ देखने की हसरत पूरी हो गई। शिमला में बर्फबारी होने से पर्यटन कारोबारी भी खुश है। बर्फबारी के बाद पर्यटक शिमला पहुच रहे है। जिससे शिमला के होटलो में ऑक्यूपेंसी भी बढ़ रही है। शिमला में पिछले दो महीने से पर्यटक कम आ रहे थे, जिससे पर्यटन कारोबारी भी निराश थे। वही अब पर्यटन कारोबार भी पटरी पर लौटने लगा है।
हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने आज कोटखाई उपमंडल के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र उबादेश दोरा किया। इस दौरान उन्होंने बाघी पुलिस चौकी का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि इस पुलिस चौकी को नियमित चौकी का दर्जा प्रदान किया गया है। जिसका निर्णय पिछली केबिनेट में लिया गया था। बाघी एक महत्वपूर्ण स्थान है बढ़ते नशे की प्रवृति पर अंकुश लगाने के साथ साथ कानून एवं व्यवस्था को बनाए रखने के लिए ये चौकी बहुत जरूूरी थी। रोहित ठाकुर ने कहा कि बाघी रत्नाडी में पानी की काफी ज्यादा समस्या है इसका समाधान आने वाले समय में किया जाएगा। इस अवसर पर जुब्बल नावर कोटखाई कांग्रेस मण्डल अध्यक्ष मोतीलाल डेरटा, पूर्व ज़िला परिषद सदस्य लायक राम औसटा, BDC बाघी रत्नाडी सदस्य हरिदत और NGO रत्नाडी सदस्य कुलदीप सिंह, संजय सारटा और बाघी रत्नाडी की जनता मौजूद रही।
हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग ने ग्रीष्मकालीन व शीतकालीन अवकाश वाले सरकारी स्कूलों के लिए छुट्टियों का संभावित शेड्यूल जारी कर दिया है। राज्य के सरकारी स्कूलों के लिए छुट्टियों के कार्यक्रम का मामला पिछले कुछ समय से सरकार के विचाराधीन था। उचित विचार-विमर्श के बाद कुछ निर्देशों के साथ एक संभावित छुट्टियों का कार्यक्रम तैयार किया गया है। सरकार की ओर से यह निर्णय लिया गया है कि छुट्टियों के कार्यक्रम को अंतिम रूप देने से पहले इन निर्देशों को व्यापक रूप से प्रसारित किया जाएगा ताकि विभिन्न हितधारकों जैसे कि माता-पिता, विद्यार्थी, शिक्षक, उप निदेशक आदि की प्रतिक्रिया, राय प्राप्त की जा सके। इस पर विभिन्न हितधारक 15 दिन के भीतर अपनी प्रतिक्रिया व राय दे सकेंगे। इसके बाद सभी प्रतिक्रियाओं को 15 जनवरी 2025 से पहले आपकी टिप्पणियों के साथ विभाग को भेजने का फैसला लिया गया है, ताकि छुट्टियों के कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया जा सके।
** ऊँचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की आज भी संभावना, 10 दिसंबर के बाद साफ रहेगा मौसम हिमाचल प्रदेश के 6 जिलों में लंबे समय के सूखे के बाद बारिश और बर्फबारी हुई है। शिमला में दिसंबर महीने में कई साल बाद बर्फबारी देखने को मिली। इससे पहले 2012 में दिसंबर के पहले हफ्ते में बर्फबारी हुई थी, और अब 9 दिसंबर को फिर बर्फ गिरी। शिमला में 2.7 सेंटीमीटर बर्फबारी हुई, जबकि लाहुल-स्पीति के कोकसर में 6.7 सेंटीमीटर बर्फ दर्ज की गई। बर्फबारी के कारण तापमान में करीब 3 डिग्री की गिरावट आई है। मौसम विभाग ने बताया है कि ऊंचाई वाले इलाकों में आज भी बारिश और बर्फबारी हो सकती है। हालांकि, 10 दिसंबर के बाद मौसम फिर से साफ रहने की संभावना है।
सुक्खू सरकार का दो साल का कार्यकाल पूरा होने के थोड़े ही दिन बाद हिमाचल प्रदेश में अफसरशाही की बागडोर भी बदल जाएगी। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना मार्च 2025 में सेवानिवृत्त होंगे। हालांकि उससे पहले उनकी रेरा अध्यक्ष पद पर नियुक्ति हो सकती है तो वह सेवानिवृत्ति के निर्धारित समय से पहले भी यह नियुक्ति पा सकते हैं। यानी वह जनवरी में इस पद पर नियुक्त किए जा सकते हैं। मुख्य सचिव के पद के लिए तीन वरिष्ठ अधिकारियों में संजय गुप्ता, केके पंत और ओंकार शर्मा के नाम चर्चा में हैं। इस संबंध में मुख्यमंत्री को ही फैसला लेना है कि वह किसे प्रदेश की अफसरशाही की कमान दे सकते हैं।अफरशाही की बागडोर बदलेगी तो निचले स्तर तक भी स्वाभाविक रूप से बदलाव होंगे। या तो नए मुख्य सचिव जनवरी में ही नियुक्त हो जाएंगे या फिर मार्च के बाद तो स्वाभाविक रूप से नियुक्ति होनी ही है। रेरा यानी रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथाॅरिटी के वर्तमान में डॉ. श्रीकांत बाल्दी अध्यक्ष हैं। डॉ. बाल्दी पूर्व में हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव भी रह चुके हैं। वह भी मुख्य सचिव के पद से सेवानिवृत्ति लेकर रेरा के अध्यक्ष बने थे। डॉ. बाल्दी दिसंबर के अंत में सेवानिवृत्त हो रहे हैं। ठीक इसी तरह से सक्सेना भी बनाए जा सकते हैं। वर्तमान मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना को सीएम के पसंदीदा अधिकारी होने के चलते उन्हें रेरा की बागडोर दी जा सकती है। हालांकि इसकी एक अलग प्रक्रिया है, जिसके लिए आवेदन मांगे जाएंगे तो कई अन्य अधिकारी भी आवेदन कर सकते हैं। वरिष्ठता में 1988 बैच के आईएएस अफसर संजय गुप्ता तो प्रबोध सक्सेना से भी आगे हैं। उन्हें प्रधान सलाहकार की नियुक्ति दी गई और वह वर्तमान में बिजली बोर्ड के अध्यक्ष और रोपवे कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक भी हैं। प्रबोध सक्सेना के बाद वरिष्ठता में केके पंत आते हैं। पंत 1993 बैच के आईएएस अधिकारी हैं, जबकि सक्सेना का बैच 1990 का है। कुछ अन्य अधिकारी भी सक्सेना से वरिष्ठ हैं, मगर उन्हें केंद्र या राज्य में अलग-अलग तरह की महत्वपूर्ण जिम्मेवारियां दी गई है। पंत हाल ही में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटे हैं। पंत के बाद वरिष्ठता में अनुराधा ठाकुर आती हैं, जो केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं। वह 1994 बैच की हैं। इसी बैच में ओंकार शर्मा उनके बाद आते हैं।
हिमाचल प्रदेश में लंबे समय बाद मौसम ने करवट बदली। रविवार को शिमला समेत हिमाचल के उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी हुई है, जबकि कांगड़ा, कुल्लू और बिलासपुर के नयना देवी में बूंदाबांदी हुई है। शिमला, कुफरी, सिरमौर के चूड़धार, नौहराधार, हरिपुरधार, चंबा के किलाड़ और मंडी के शिकारी देवी, कमरूनाग और शैटाधार में सीजन की पहली बर्फबारी हुई। सिरमौर के छितकुल और किन्नौर कैलाश, लाहौल-स्पीति में रोहतांग दर्रा, बारालाचा, कोकसर, सिस्सू, दारचा, जिस्पा, कुंजुम दर्रा समेत ऊंची चोटियों पर भी बर्फबारी हुई है। धर्मशाला के नड्डी और मैक्लोडगंज में फाहे गिरे। बर्फबारी के बाद सोमवार सुबह शिमला में हल्की धूप खिली, लेकिन दुश्वारियां बरकरार हैं। ताजा बर्फबारी के बाद सोमवार को शिमला की वादियां चांदी की तरह चमकीं।
हिमाचल में कृषि-बागवानी में उच्च तकनीक को अपनाकर किसानों-बागवानों की आजीविका के साधन एवं उनकी आय में बढ़ोतरी करने में सफलता हासिल की है। प्रदेश के किसानों की ओर उत्पादित फल, फूल, सब्जियों और उच्च मूल्य की नकदी फसलों का प्रदेश की आर्थिकी में महत्वपूर्ण योगदान है। एचपी शिवा परियोजना प्रदेश के किसानों और बागवानों के लिए एक वरदान साबित होगी, जिससे राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। जनवरी 2023 से दिसंबर 2028 तक एचपी शिवा मुख्य परियोजना एशियन विकास बैंक के संसाधनों के साथ कुल लागत 1292 करोड़ रुपये के साथ अनुमोदित की गई है। एचपी शिवा परियोजना के तहत प्रदेश के सात जिलों बिलासपुर, हमीरपुर, कांगडा, मंडी, सिरमौर, सोलन और ऊना के 28 विकास खंडों में 6 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल को बागवानी के तहत लाने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे 15 हजार से अधिक बागवान परिवार लाभान्वित होंगे। आगामी परियोजना की तैयारी के लिए 39 क्लस्टर स्थापित किए गए हैं। इसमें 228 हेक्टेयर क्षेत्र को कवर किया गया, जिससे 1250 किसान परिवार लाभान्वित हुए हैं। मुख्य परियोजना के क्रियान्वयन के लिए 4 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में 257 क्लस्टर चिन्हित किए जा चुके हैं। वहीं 162 सिंचाई योजनाएं विकसित की जानी प्रस्तावित हैं। परियोजना में 4 हेक्टेयर क्षेत्र में किये जाने वाले विनिर्माण कार्य जैसे कि भूमि तैयार करना, सोलर मिश्रित तार बाड़बंदी, ड्रिप सिंचाई प्रणाली लगाना व सिंचाई योजनाओं को लगाने के कार्य प्रगति पर हैं। इसके तहत 162 सिंचाई परियोजनाओं में से 121 परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है और 177 क्लस्टर स्थापित किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त सौर मिश्रित बाड़बंदी व भूमि तैयार करने के कार्य 73 क्लस्टरों में जारी है। एचपी शिवा मुख्य परियोजना के अंतर्गत गत दो वर्षों में करीब 324 हेक्टेयर क्षेत्र उच्च घनत्व उपोष्ण कटिबंधीय फलों के अंतर्गत लाया जा चुका है। परियोजना में अभी तक कुल 122 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इसमें से 106 करोड़ रुपये की अदायगी एशियन विकास बैंक की और से की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त 114 प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से 3,687 बागवानों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। बागवानी क्षेत्र प्रदेश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण अंग है। बागवानों का कल्याण के लिए प्रदेश सरकार की ओर से बहुआयामी प्रयास किए जा रहे हैं। इन प्रयासों से प्रदेश में बागवानी क्षेत्र का समग्र विकास हो रहा है।
** 12 दिसंबर की कैबिनेट मीटिंग में लगेगी मुहर हिमाचल प्रदेश में गेस्ट टीचर पॉलिसी पर पहले भी विवाद हो चुका है, लेकिन अब नए सिरे से इस पर काम किया जा रहा है। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हाल ही में शिक्षा से जुड़ी एक कॉन्फ्रेंस में गेस्ट टीचर्स रखने को लेकर एक सुझाव दिया था। उसके बाद शिक्षा विभाग ने इस पर काम किया है।अब ऐसा विचार किया जा रहा है कि स्कूल व कॉलेज में प्रधानाचार्य जरूरत के अनुसार गेस्ट टीचर रख सकेंगे। कैबिनेट में इस विचार पर मुहर लगेगी। अभी राज्य सरकार के कार्यकाल के दो साल पूरा होने के समारोह के बाद 12 दिसंबर को कैबिनेट की मीटिंग बुलाई गई है। उस बैठक में गेस्ट टीचर रखने से संबंधित पहलुओं पर विचार किया जाएगा। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने हाल ही में सचिवालय में विभाग की एक लंबी बैठक ली है। उसमें भी इस विषय पर चर्चा हुई है। सरकार का ऐसा विचार है कि जिन स्कूलों में किसी विषय विशेष के अध्यापक नहीं हैं, वहां रोटेशन के आधार पर गेस्ट टीचर रखे जाएं। इसका जिम्मा संबंधित स्कूल के प्रधानाचार्य को दिया जाए। यह अस्थाई प्रावधान होगा। कई बार अचानक से कोई पद खाली होता है, किसी शिक्षक की ट्रांसफर होती है या फिर कोई रिटायर हो जाता है तो विषय विशेष को पढ़ाने वाला कोई नहीं होता। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। ऐसी परिस्थितियों में स्कूल या कॉलेज के प्रधानाचार्य नीड बेस्ड यानी जरूरत के आधार पर गेस्ट टीचर रख सकेंगे। ऐसे शिक्षकों को प्रति घंटा के आधार पर मानदेय दिया जाना प्रस्तावित है। ये टीचर रोटेशन के आधार पर रखे जाएंगे, ताकि उनका एक ही स्कूल में लंबा स्टे न हो जाए। इस बारे में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कैबिनेट एजेंडा तैयार करने को कहा है। शिक्षा मंत्री का कहना है कि कैबिनेट में गेस्ट टीचर रखने के अलावा विभाग के अन्य मसलों पर भी चर्चा होगी। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी गेस्ट टीचर्स को लेकर एक नीति का ऐलान हुआ था। उस नीति का काफी विरोध हुआ था, जिस पर सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने उसे वापस लेने की बात कही थी। उस समय भी सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा था कि इस मामले में सरकार के पक्ष को गलत समझा गया। दरअसल, सरकार पीरियड बेस्ट ऑवरली सिस्टम पर गेस्ट टीचर रखना चाहती थी। उस फैसले पर युवाओं का तर्क था कि यदि ऐसे ही पद भरे जाने हैं तो नेट, सेट व कमीशन आदि परीक्षाओं के लिए इतनी मेहनत करने की आवश्यकता ही क्या है। फिलहाल, अब स्कूल या कॉलेज प्रिंसिपल जरूरत के आधार पर अस्थाई व्यवस्था के तहत एक पैनल गठित कर उसकी सिफारिश पर टीचर रख सकेंगे।
** शिमला, ठियोग सहित ऊपरी क्षेत्रों में हुई सीजन की पहली बर्फबारी, ऑक्यूपेंसी में इजाफा हिमाचल प्रदेश में हुई ताजा बर्फबारी के बाद एकाएक सैलानियों की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है। रविवार को देर शाम शिमला के रिज मैदान पर बर्फ के फाहे गिरते ही सैलानी झूम उठे। बर्फबारी के बाद आने वाले दिनों में प्रदेश के पर्यटन स्थलों पर सैलानियों का जमावड़ा लगने की उम्मीद है। हालांकि, निचले इलाकों के लोग बारिश और बर्फबारी का इंतजार करे रहे हैं। क्रिसमस से पहले हिमाचल में हुई बर्फबारी से पर्यटन कारोबार में बूम आने की उम्मीद है। वहीं, लाहौल स्पीति और किन्नौर की ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी बर्फबारी हो रही है। मौसम विभाग ने पहले ही आज प्रदेश में बर्फबारी और बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया था। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से 8 से 10 दिसंबर तक प्रदेश के कई क्षेत्रों में मौसम खराब बने रहने का पूर्वानुमान है। वहीं, पहाड़ों पर बर्फबारी से राजधानी शिमला सहित अधिकांश क्षेत्रों के न्यूनतम तापमान में कमी दर्ज हुई है। शीतलहर की वजह से अच्छी खासी ठंड देखने को मिल रही है। अधिकतम पारा भी कम रहा है। सबसे कम तापमान लाहौल स्पीति के ताबो में -13.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जबकि सबसे अधिक तापमान ऊना में 25 डिग्री दर्ज किया गया। मैदानी जिलों में 10 और 11 दिसंबर को सुबह और शाम के समय कोहरा छाए रहने का अलर्ट जारी हुआ है। मौसम विभाग के निदेशक कुलदीप श्रीवास्तव ने कहा, प्रदेश में आज बर्फबारी को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया था, जिसके चलते ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी शुरू हो गई है। अगले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में बर्फबारी और बारिश होने की आशंका है, जबकि ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिले में अंधड़ चलने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, 10 और 11 दिसंबर को भाखड़ा बांध (बिलासपुर) और बल्ह घाटी (मंडी) के जलाशय क्षेत्र के कई हिस्सों में सुबह-शाम घना कोहरा छाया रहने की संभावना है।
हिम स्पोर्टस एण्ड कल्चरल एसोशिएसन द्वारा आज बीसीएस शिमला में नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से आयोजित सद्भावना क्रिकेट कप में गवर्नर-इलेवन की टीम ने जीत दर्ज की। विवेक भाटिया और आबिद हुसैन सादिक को संयुक्त रूप से मैन ऑफ द सीरीज घोषित किया गया। फाइनल मैच में गवर्नर-इलेवन टीम ने चीफ जस्टिस-इलेवन की टीम को 32 रनों से हराया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज के मैन ऑफ द मैच विवेक भाटिया तथा पिछले कल गवर्नर एवं प्रेस के बीच खेले गए मैच के मैन ऑफ द मैच आबिद हुसैन सादिक तथा चीफ जस्टिस-इलेवन एवं सीएम-इलेवन के बीच खेले गए मैन ऑफ द मैच विकास भारद्धाज को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने सद्भावना क्रिकेट कप के माध्यम से नशे के विरूद्ध जागरूकता पैदा करने के लिए आयोजकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रतिबद्धता से नशे की बुराई पर अंकुश लगाने के लिए कार्य कर रही है। इस दिशा में खेलों को बढ़ावा देने तथा युवाओं को विभिन्न अवसर उपलब्ध करवाने की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में किए गए कार्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ओलंपिक, पैरालंपिक और एशियाई खेलों जैसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के विजेताओं के लिए पुरस्कार राशि में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। उन्होंने कहा कि स्वर्ण पदक विजेताओं को 5 करोड़, रजत पदक विजेताओं को 3 करोड़ और कांस्य पदक विजेताओं को 2 करोड़ रुपये से सम्मानित किया जा रहा है। एशियाई खेलों और पैरा एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक विजेताओं के लिए पुरस्कार राशि बढ़ाकर 4 करोड़ रुपये कर दी गई है तथा रजत पदक विजेताओं को 2.5 करोड़ रुपये और कांस्य पदक विजेताओं को 1.5 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि दी जा रही है। उन्होंने कहा कि निषाद कुमार और अजय कुमार जैसे पैरा ओलंपिक खिलाड़ियों को प्रदेश का नाम रोशन करने के लिए मान सम्मान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खिलाड़ियों को और अधिक प्रोत्साहित करने के लिए, राज्य सरकार ने प्रतियोगिताओं के भत्ते और यात्रा भत्तों में बढ़ौतरी की है। खिलाड़ियों को अब 200 किलोमीटर तक की यात्रा के लिए एसी थ्री-टियर ट्रेन का किराया और लंबी दूरी के लिए इकोनॉमी-क्लास का हवाई किराया मिलता है। राज्य सरकार ने सभी विधानसभा क्षेत्रों में एकीकृत खेल परिसरों के निर्माण की भी घोषणा की है। प्रदेश में खेल सुविधाओं को बढ़ाने का उद्देश्य बच्चों में खेल की भावना को विकसित करना है ताकि युवा नशीले पदार्थों से दूर रहें और स्वस्थ जीवन शैली को अपनाएं। प्रतियोगिता के दौरान पहले बल्लेबाजी करते हुए गवर्नर-इलेवन ने 20 ओवर में दो विकेट के नुकसान पर 232 रन बनाए। विवेक भाटिया ने 99 रन बनाकर नाबाद रहते हुए शानदार पारी खेली, जबकि आबिद हुसैन ने 82 रनों का योगदान दिया। चीफ जस्टिस-इलेवन की ओर से सुभाष रतन और विकास भारद्वाज ने एक-एक विकेट लिए। चीफ जस्टिस-इलेवन की टीम 233 रनों का पीछा करते हुए 200 रन ही बना पाई। राकेश चौहान ने सर्वाधिक 86 रन बनाए, जबकि सौरभ रतन ने 43, पंकज नेगी ने 22 और अनुज बाली ने 18 रन बनाए। गवर्नर-इलेवन के अशोक रतन ने दो विकेट लेकर जीत सुनिश्चित की। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान, विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, विधायक हरीश जनारथा, सुदर्शन बबलू और विनोद सुल्तानपुरी, हिमाचल प्रदेश वन विकास निगम के उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची व एपीएमसी शिमला के अध्यक्ष देव आनंद वर्मा सहित अन्य लोग भी मौजूद थे।
** मौसम विभाग ने जताई संभावना, प्रदेश में हवाएं चलने से न्यूनतम तापमान गिरा हिमचल प्रदेश में रविवार से बारिश और बर्फबारी का दौर शुरू होने की संभावना है। मौसम विभाग ने जैसा पूर्वानुमान दिया था, उसके अनुसार मौसम ने करवट ले ली है। इसके बाद मौसम विभाग ने आठ दिसंबर को राज्य के आठ जिलों में बारिश होने की संभावना जताई है और चार जिलों के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने की संभावना बताई है। प्रदेश के मैदानी व कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बारिश होने की बात कही गई है। रविवार को मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में भी बारिश व बर्फबारी की संभावना जताई है, तो उच्च पर्वतीय स्थानों पर बारिश, बर्फबारी बताई गई है। कुल मिलाकर रविवार आठ दिसंबर से हिमाचल के मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। शनिवार की बात करें, तो राजधानी शिमला समेत प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में धूप तो थी, मगर ठंडी हवाएं भी साथ चल रही थीं। शिमला में पूरा दिन ठंडी हवाएं चलती रहीं, जिससे यहां न्यूनतम तापमान में गिरावट देखी गई। इसी तरह से प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी हवाएं चलने से मौसम में परिवर्तन देखने को मिला है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक प्रदेश के लाहुल-स्पीति, किन्नौर, चंबा, कांगड़ा, शिमला व कुल्लू की चोटियों में बर्फबारी होने का पूर्वानुमान है। राज्य के सोलन, सिरमौर, ऊना, बिलासपुर, मंडी व हमीरपुर में भी गर्जन के साथ बारिश होने का पूर्वानुमान लगाया गया है। ऐसे में मैदानों सहित पहाड़ों पर लोगोंं को रविवार को ठंड का सामना करना पड़ेगा। तापमान की बात करें, तो कल्पा, केलांग, कुकुमसेरी, समदो व ताबो का न्यूनतम तापमान माइनस डिग्री में रिकार्ड किया जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक डा. कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि प्रदेश में रविवार से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो जाएगा। रविवार को चोटियों पर बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में बारिश होगी। राज्य में 10 दिसंबर तक मौसम खराब बना रहेगा, जबकि 11 से 13 दिसंबर के बीच मौसम साफ होगा।
** संशोधन की हो चुकी तैयारी हिमाचल प्रदेश में जनवरी 2025 से बिजली महंगी हो जाएगी। नए साल से उपभोक्ताओं के बिजली के बिल में दूध और पर्यावरण शुल्क शामिल होगा। बिल संशोधित करने के लिए बोर्ड ने तैयारी पूरी कर ली है। अब बढ़ी हुई दरों को लागू करने के लिए सिर्फ सरकार से आदेश का इंतजार है। सरकार से अधिसूचना जारी होते ही नई दरों के तहत बिजली बिल जारी होंगे। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए दस पैसे प्रति यूनिट और अन्य के लिए दो रुपये तक बिजली के दाम बढ़ेंगे। इससे प्रदेश के 27 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को महंगी बिजली का झटका लगेगा। राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने विधानसभा के मानसून सत्र में पारित विद्युत शुल्क संशोधन अधिनियम 2024 को मंजूरी दे दी है। अब साॅफ्टवेयर में एंट्री का काम सरकार से मंजूरी मिलते ही शुरू किया जाना है। बोर्ड अधिकारियों ने बताया कि दिसंबर में पूर्व की दरों के तहत ही बिल जारी होंगे। इसी माह सरकार से नई दरें लागू करने की अधिसूचना जारी होने के आसार हैं। बढ़ी दरें जनवरी 2025 से लागू होंगी। इसके तहत घरेलू उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 10 पैसे दूध उपकर चुकाना होगा। इन पर पर्यावरण उपकर नहीं लगेगा। शून्य बिल वाले उपभोक्ताओं से दूध उपकर भी नहीं लिया जाएगा। लघु, मध्यम और बड़े उद्योगों, वाणिज्यिक, स्टोन क्रशर, अस्थायी कनेक्शन, चार्जिंग स्टेशन मालिकों से दूध उपकर के साथ-साथ पर्यावरण उपकर भी लिया जाएगा। इन सभी श्रेणियों को 10 पैसे के दूध उपकर के अलावा पर्यावरण उपकर के तौर पर 2 पैसे से लेकर 6 रुपये प्रति यूनिट भी चुकाना होगा। पर्यावरण उपकर लेने के लिए उद्योगों को तीन श्रेणियों लघु, मध्यम और बड़े उद्योगों की श्रेणी में बांटा गया है। लघु उद्योगों पर दो पैसे प्रति यूनिट, मध्यम उद्योगों पर चार पैसे, बड़े उद्योगों पर 10 पैसे, वाणिज्यिक उपभोक्ताओं पर 10 पैसे, अस्थायी कनेक्शनों पर दो रुपये और स्टोन क्रशरों पर दो रुपये प्रति यूनिट पर्यावरण उपकर लगेगा। विद्युत वाहन चार्जिंग स्टेशनों से 6 रुपये प्रति यूनिट उपकर वसूला जाएगा। प्रदेश में जनवरी से एक उपभोक्ता को एक ही बिजली मीटर पर सब्सिडी मिलेगी। इन दिनों प्रदेश भर में उपभोक्ताओं की ई केवाईसी करने का काम चल रहा है। अगर किसी उपभोक्ता के नाम पर अधिक कनेक्शन होंगे तो एक को छोड़कर अन्य पर बिना सब्सिडी वाली दरों के हिसाब से बिजली शुल्क चुकाना होगा। प्रदेश में कई ऐसे उपभोक्ता हैं जिन्होंने मुख्य शहरों सहित ग्रामीण क्षेत्रों में भी घर बनाए हैं। इन उपभोक्ताओं से अभी 125 यूनिट प्रति माह खपत न होने पर किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता है, लेकिन एक परिवार एक मीटर योजना लागू होने पर उन्हें भी न्यूनतम शुल्क चुकाना ही पड़ेगा। बिजली उपभोक्ताओं को भी गैस सिलिंडर की तर्ज पर सब्सिडी बैंक खाते में देने की तैयारी है।
** कल से शुरू होगी आइस स्केटिं रिंक में आज स्केटिंग के लिए ट्रायल हुआ । रिंक में सोमवार यानी कल से स्केटिंग शुरू हो जाएगी। पिछले पांच दिन से रिंक में पानी जमाने का काम किया जा रहा है।यदि इसी प्रकार से मौसम साफ रहता है तो सोमवार से रिंक में आइस स्केटिंग शुरू हो जाएगी। अब रिंक में पूरी तरह से बर्फ जमने लगी है। आइस स्केटिंग रिंक में सर्दियों के दौरान बहुत संख्या में सैलानी व युवा स्केटिंग करने के लिए पहुंचते हैं। हर साल आइस स्केटिंग रिंक में दिसंबर में आइस स्केटिंग शुरू होती है। आइस स्केटिंग रिंक में लोग अभी सिर्फ सदियों के दिनों में ही स्केटिंग कर पाते हैं। पदाधिकारी पंकज प्रभाकर ने बताया कि रिंक में बर्फ जम गई है। यदि इसी प्रकार से मौसम साफ रहता है तो सोमवार से रिंक में स्केटिंग होगी। अभी सुबह ही स्केटिंग का सेशन लगेगा। पहले कुछ दिन तक रिंक में एक ही सेशन होगा। इसके बाद दोनों सेशन को शुरू कर दिया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदा प्रभावितों के लिए भूमि तबादला नीति लागू होगी। विधानसभा के आगामी शीतकालीन सत्र में वन सरंक्षण कानून के तहत प्रदेश सरकार प्रस्ताव लाएगी और इसे केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। हिमाचल किसान सभा और सेब उत्पादक संघ की मांग पर राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने इसे लेकर आश्वासन दिया है। शनिवार को पूर्व विधायक और सेब उत्पादक संघ के संयोजक राकेश सिंघा और किसान सभा के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. कुलदीप सिंह तंवर की अध्यक्षता में प्रतिनिधिमंडल ने सरकार से वन अधिकार कानून के तहत किसानों के कब्जे नियमित करने के लिए रास्ता निकाले का भी आग्रह किया। बीते दो सालों में प्राकृतिक आपदा के कारण प्रदेश के हजारों किसान-बागवानों की कृषि भूमि तबाह हो गई है। बाढ़ और बादल फटने सहित अन्य प्राकृतिक आपदाओं के कारण खेत बहने और बगीचे तबाह होने से प्रभावित किसानों-बागवानों को भूमि तबादला नीति के तहत अन्यत्र स्थान पर कृषि के लिए भूमि उपलब्ध करवाई जाएगी। हिमाचल में 1980 से पहले भी भूमि तबादला नीति लागू थी। जिला उपायुक्त अपने क्षेत्रों में ऐसे मामलों की पड़ताल कर सरकार को रिपोर्ट भेजेंगे। केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद प्रदेश सरकार प्रभावितों को कृषि के लिए भूमि उपलब्ध करवाएगी। प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हिमाचल प्रदेश के करीब डेढ़ लाख लोगों को भूमि तबादला नीति लागू होने से लाभ मिलेगा। राकेश सिंघा और डॉ. कुलदीप सिंह तंवर ने बताया कि हिमाचल में कृषि भूमि से बेदखली के मामले में उच्चतम न्यायालय ने अपने आदेशों में जिला कलेक्टर, वन विभाग के डीएफओ और मंडलीय कमिश्नर की ओर से अपनाए गए तरीके पर सवाल उठाते हुए इसे रिव्यू करने के निर्देश दिए हैं। सरकार को सौंपे गए 6 सूत्री मांगपत्र में वन अधिकार कानून के तहत किसानों द्वारा किए गए कब्जों को नियमित करने के लिए बीच का रास्ता निकाले का आग्रह किया गया है। साल 2002 में भाजपा सरकार के समय अतिरिक्त जमीन को नियमित करने के लिए सरकार ने आवेदन मांगे थे। इस दौरान 1.67 लाख आवेदन सरकार को मिले थे। सरकार ने लघु और सीमांत किसानों को राहत देने का आश्वासन दिया था। इस मामले में प्रदेश सरकार से आग्रह किया गया है कि केंद्र सरकार से मांग उठा कर प्रभावितों को राहत दी जाए। इस मौके पर सेब उत्पादक संघ के अध्यक्ष सोहन सिंह ठाकुर, प्रोफेसर राजेंद्र चौहान और संयुक्त किसान मंच के सह संयोजक संजय चौहान भी मौजूद रहे। आगामी विधानसभा सत्र में वन संरक्षण अधिनियम में राहत के लिए प्रस्ताव लाकर केंद्र सरकार को भेजा जाएगा, जिससे प्रदेश में आपदा प्रभावितों और अन्य लोगों को राहत दी जा सके।
आईजीएमसी अस्पताल शिमला के कर्मचारियों ने एक बार फिर विरोध प्रदर्शन किया। अस्पताल में सफाई कर्मचारियों ने शनिवार को हंगामा किया। दरअसल सफाई कर्मचारी वेतन न मिलने को लेकर परेशान हैं। ऐसे में सीटू के बैनर तले सफाई कर्मियों ने आईजीएमसी अस्पताल में एमएस ऑफिस का घेराव किया। इस दौरान करीब दो घंटे तक सफाई व्यवस्था पूरी तरह से बंद रही। इसके अलावा सफाई कर्मचारियों ने काम को ठप करने की चेतावनी दी है। आईजीएमसी सफाई यूनियन के अध्यक्ष वीरेंद्र ने कहा, अगर अस्पताल मैनेजमेंट का रवैया इसी तरह का रहता है तो सभी एकजुट होकर अपने हक की लड़ाई लड़ेंगे। सैलरी के लिए हम कई बार एमएस से बात कर चुके हैं, फिर भी पैसा नहीं मिला। वहीं, सीटू के संयोजक विजेंद्र मेहरा ने कहा कि ठेकेदार न्यूनतम वेतन लागू करने, ईपीएफ, ईएसआई, छुट्टियों, आठ घंटे के कार्य दिवस, हर माह सात तारीख से पूर्व वेतन भुगतान, बोनस, चेंजिंग रूम, दो वर्दी सेट आदि मुद्दों का समाधान नहीं कर रहे हैं। ठेकेदार श्रम कानूनों की खुलकर अवहेलना कर रहे हैं। उन्होंने चेताया कि अगर श्रम कानून लागू नहीं किए तो आंदोलन उग्र किया जाएगा। वहीं, आईजीएमसी के एमएस डॉक्टर राहुल राव का कहना है,जल्द कर्मियों की सैलरी जारी कर दी जाएगी। आईजीएमसी अस्पताल शिमला के सफाई कर्मी और वार्ड अटेंडेंट को दो कंपनियां सैलरी देती हैं। अस्पताल में 80 वार्ड अटेंडेंट और 60 सफाई कर्मी हैं। ये आउटसोर्स कर्मी कंपनी से जब भी सैलरी मांगते हैं तो दोनों कंपनियों का एक ही जवाब आता है कि अभी मैनेजमेंट द्वारा सैलरी जारी नहीं की गई है। लिहाजा स्थिति ये हो गई है कि इन सफाई कर्मचारियों को घर खर्च चलाना भी मुश्किल हो गया है। कर्मचारियों का कहना है कि दिवाली पर सभी को सैलरी मिली थी, लेकिन हम लोगों ने उधार लेकर त्यौहार मनाया, जब सभी कर्मी अपनी ड्यूटी पूरी ईमानदारी के साथ निभा रहे हैं तो अस्पताल मैनेजमेंट को देखना चाहिए कि पैसा हर महीने समय से दिया जाए।उनका कहना है कि अस्पताल प्रबंधन के इस रवैये की वजह से नौकरी छोड़ने तक की नौबत आ गई है।
शिमला के बीसीएस, खेल मैदान में आज खेले गए सद्भावना क्रिकेट टूर्नामेंट के दूसरे मैच में चीफ जस्टिस-इलेवन ने मुख्यमंत्री-इलेवन को 8 विकेट से हरा दिया। सीएम-इलेवन द्वारा दिए गए 111 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए सीजे-इलेवन ने 13वें ओवर में मात्र दो विकेट खोकर जीत हासिल कर ली। सीजे-इलेवन की ओर से विकास भारद्वाज ने सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए नाबाद 52 रन बनाए, जबकि जस्टिस वीरेंद्र सिंह ने 34 रन का योगदान दिया और जस्टिस बीसी नेगी ने स्कोरबोर्ड में 12 रनों का योगदान दिया। सीएम-इलेवन की ओर से गेंदबाजी में विधायक डॉ. हंसराज और विनोद कुमार ने एक-एक विकेट लिया। इससे पहले सीएम-इलेवन ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया और 15 ओवर में कुल 110 रन बनाए। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने 27 रनों की पारी खेलकर टीम का नेतृत्व किया, जो उनकी टीम का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर है। विधायक सुदर्शन बबलू ने भी 26 रन बनाकर महत्वपूर्ण योगदान दिया। सीजे-11 की ओर से जस्टिस संदीप शर्मा और विकास भारद्वाज ने दो-दो विकेट लिए। हिम स्पोर्ट्स एंड क्लचरल एसोसिएशन द्वारा आयोजित इस टूर्नामेंट का फाइनल मैच रविवार को गवर्नर-11 और सीजे-11 टीमों के बीच खेला जाएगा। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, विधायक कमलेश ठाकुर, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान और अन्य व्यक्ति भी मौजूद थे।
** नि-क्षय अभियान’ के तहत मोबाइल वैन को झंडी दिखा कर किया रवाना मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज ‘नि-क्षय अभियान’ के तहत आयोजित एक समारोह में बतौर मुख्यातिथि भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने पोर्टेबल एक्स-रे मशीन से तपेदिक की जांच भी करवाई। उन्होंने इस अभियान के लिए समर्पित एक मोबाइल वैन को झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि 100 दिनों तक चलने वाला यह अभियान हिमाचल प्रदेश को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में कारगर साबित होगा। इस अभियान का उद्देश्य टीबी के मामलों की समय पर पहचान, प्रभावी उपचार और समुदायों में जागरूकता सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान राज्य के सभी जिलों में चलाया जाएगा, जिसके तहत कमज़ोर वर्गों पर विशेष ध्यान केन्द्रित किया जाएगा। उन्होंने सभी से अपने क्षेत्रों में नि-क्षय शिविर अभियान में सक्रियता से भाग लेने और लोगों को टीबी के लक्षणों को पहचानने और समय पर जांच करवाने के लिए प्रोत्साहित करने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हिमाचल प्रदेश निकट भविष्य में टीबी मुक्त राज्य बनकर उभरेगा। इसके दृष्टिगत राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से प्राप्त सहायता के अलावा, मुख्यमंत्री टीबी उन्मूलन योजना के तहत 2 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। राज्य की 13 प्रतिशत आबादी 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की है, इसके दृष्टिगत वृद्धजनों के लिए प्रारंभिक निदान और रोकथाम आवश्यक है। उन्होंने बीमारियों की रोकथाम के लिए युवा पीढ़ी को जागरूक होने और स्वस्थ जीवन शैली अपनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सरकार प्रारम्भिक आयु से ही बच्चों को जागरूक करने के लिए स्कूली पाठयक्रम में स्वास्थ्य शिक्षा को शामिल करने पर विचार कर रही है। प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र को प्राथमिकता प्रदान करते हुए इस क्षेत्र में सुधार की दिशा में अनेक कदम उठाए हैं। अस्पतालों में आपातकालीन विभागों को स्तरोन्नत किया जा रहा है और चिकित्सा महाविद्यालयों के लिए आधुनिक चिकित्सा उपकरणों के लिए निविदाएं पहले ही जारी की जा चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि एक साल के भीतर राज्य के लोगों के लिए उन्नत निदान और उपचार सुविधाओं तक पहुंच सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में रेफरल प्रणाली के सुदृढ़ीकरण के लिए दृढ़ता से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा विशेषज्ञों के लिए सरकार सुपर-स्पेशलिस्ट डॉक्टरों के मासिक भत्ते को 60,000 रुपये से बढ़ाकर 1.75 लाख रुपये और विशेषज्ञ डॉक्टरों के लिए एक लाख रुपये करने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की वन सम्पदा उत्तर भारत को प्राणवायु प्रदान करती है। उन्होंने केंद्र सरकार से राज्य के वनों के संरक्षण के प्रयासों को अधिमान देते हुए ‘ग्रीन बोनस’ प्रदान करने की अपील की। इसके अतिरिक्त राज्य सरकार सतत् भविष्य सुनिश्चित करने के दृष्टिगत हरित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए अपनी औद्योगिक नीति में संशोधन कर रही है। कार्यक्रम के दौरान, मुख्यमंत्री ने टीबी मुक्त भारत की शपथ दिलाई और टीबी रोगियों को निक्षय पोषण किट वितरित कीं। उन्होंने अभियान में योगदान देने वाली संस्थाओं और संगठनों को भी सम्मानित किया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने सभी से टीबी के प्रति सतर्क रहने और शीघ्र उपचार के लिए समय पर जांच करवाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में टीबी जांच दर देश में सबसे अधिक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार टीबी रोगियों की पोषण संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए मासिक वित्तीय सहायता भी प्रदान कर रही है। उन्होंने बल दिया कि टीबी को खत्म करने के लिए जन सहयोग बहुत जरूरी है। सचिव स्वास्थ्य एम. सुधा देवी ने नि-क्षय अभियान पर विस्तृत प्रस्तुति दी। इससे पूर्व, एनएचएम की मिशन निदेशक प्रियंका वर्मा ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस अवसर पर विधायक हरीश जनारथा, नगर निगम शिमला के महापौर सुरेन्द्र चौहान, उपायुक्त एनएचएम डॉ. जोया अली रिजवी और अन्य लोग भी उपस्थित थे।
** हिमभोग ब्रांड के नाम से मिलेगा पैकेट हिमाचल में अब जल्द ही बाजार में भी प्राकृतिक खेती से तैयार मक्की का आटा उपलब्ध होगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा, सरकार प्राकृतिक खेती से उत्पादित मक्की के आटे को ‘हिमभोग’ ब्रांड के साथ बाजार में उतारेगी, जिसका जल्द ही शुभारम्भ किया जाएगा और इसे बाजार में उपलब्ध करवाया जाएगा। सीएम सुक्खू ने कहा, अभी तक सरकार के प्रयासों से प्राकृतिक खेती से जुड़े 1506 किसान परिवारों से 4 हजार क्विंटल से अधिक मक्की की खरीद की गई है। लाहौल-स्पीति और किन्नौर जिलों को छोड़कर बाकी सभी जिलों से यह खरीद की गई है। सोलन जिला से सबसे अधिक 1140 क्विंटल, चंबा में 810 क्विंटल और मंडी में 650 क्विंटल मक्की की खरीद की जा चुकी है। सीएम सुक्खू ने कहा कि सरकार प्रदेश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है। हिमाचल गेहूं और मक्की में सर्वाधिक न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रदान करने वाला देश का पहला राज्य है। प्रदेश में प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों से गेहूं 40 रुपये और मक्की 30 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीद का कार्य शुरू हो चुका है। प्रदेश में 35 हजार हेक्टेयर भूमि पर प्राकृतिक खेती की जा रही है, जिससे 1.98 लाख किसान जुड़े हैं। इन किसानों की सुविधा के लिए राज्य सरकार ने डेढ़ लाख से अधिक किसानों का निःशुल्क प्रमाणीकरण भी किया है। इस वर्ष 36 हजार किसानों को प्राकृतिक खेती के साथ जोड़ा जा रहा है। सरकार प्राकृतिक खेती उत्पादों के लिए 10 मंडियों में आधारभूत ढांचा विकसित कर रही है। ताकि उन्हें अपना उत्पाद बेचने में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। कृषि को रोजगार से जोड़ना ₹680 करोड़ की राजीव गांधी स्टार्टअप योजना का तीसरा चरण है। सीएम सुक्खू ने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था में कृषि और बागवानी का महत्वपूर्ण योगदान है। लोगों की आर्थिकी में इसके महत्व को देखते हुए राज्य सरकार इस क्षेत्र के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। हिमाचल प्रदेश की करीब 90 फीसदी आबादी गांवों में रहती है। इसलिए सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के लिए कई कदम उठा रही है। सीएम ने कहा राज्य सरकार सीधे तौर पर पैसा किसान के हाथों तक पहुंचाना चाहती है। ताकि वे आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें और खेती उनकी आय का नियमित स्रोत बने। हमने न सिर्फ प्राकृतिक खेती के उत्पादों को समर्थन मूल्य दिया है, बल्कि गाय का दूध 45 रुपये और भैंस का दूध 55 रुपये प्रति लीटर की दर से खरीदा जा रहा है। हमने मनरेगा की दिहाड़ी में ऐतिहासिक 60 रुपये की वृद्धि कर इसे 300 रुपये किया है। ये सारे प्रयास ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के लिए किए गए हैं।
हिमाचल प्रदेश का एक और लाल देश की रक्षा करते हुए शहीद हो गया। 29 वर्षीय जवान अक्षय कुमार ने अरुणाचल प्रदेश में ड्यूटी के दौरान अपनी जान देश के लिए न्यौछावर कर दी है। अक्षय कुमार धर्मशाला के सिद्धबाड़ी के रहने वाले थे। शहीद अक्षय कुमार 19 डोगरा बटालियन में तैनात थे। वहीं, उनकी शहादत की खबर गांव में पहुंचते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। अक्षय कुमार ने साल 2015 में महज 19 साल की उम्र में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। शहीद के पिता संसार चंद ने बताया कि बचपन से ही अक्षय का सपना देश की सेवा करना था। उनका सपना तो पूरा हुआ, लेकिन अक्षय का ये बलिदान परिवार और गांव के लिए बड़ा सदमा है। उन्होंने बताया कि अक्षय कुमार को ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक आया, जिससे उनकी मौत हो गई। शहीद अक्षय की दो महीने पहले ही शादी हुई थी। आंखों में नमी लिए भारी मन से शहीद के पिता ने कहा कि इतनी खुशी के बाद इतना बड़ा गम हमारा इंतजार कर रहा था। शादी के बाद अक्षय अपनी पत्नी के साथ नए जीवन की शुरुआत करने की तैयारी की ही थी, लेकिन किस्मत ने कुछ और ही तय कर रखा था। अक्षय कुमार के शहीद होने की खबर जैसे ही उनके गांव पहुंची तो पूरा गांव गमगीन हो गया। हर कोई उनकी शहादत पर गर्व तो कर रहा है, लेकिन उनकी कमी से सबकी आंखें नम हैं। गांव वाले शहीद को अंतिम विदाई देने की तैयारी कर रहे हैं। अक्षय कुमार का पार्थिव शरीर शनिवार को पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव बागनी लाया जाएगा। शहीद के पैतृक गांव में उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी।
** उपभोक्ताओं को मिल रहा आधा सामान हिमाचल प्रदेश में लगातार बढ़ रही महंगाई के बीच लोगों को उचित मूल्य की दुकानों में भी राहत नहीं मिल रही है। दिसंबर महीने का पहला सप्ताह बीतने को है, लेकिन डिपुओं में से आधा सामान अभी भी गायब है। डिपुओं में सस्ते राशन के नाम पर सिर्फ आटा, चावल और चीनी ही मिल रही है, जबकि दो महीने से प्रदेश के लाखों उपभोक्ताओं को डिपुओं में सरसों का तेल और दाल नहीं मिल रही है। ऐसे में लाखों परिवार बाजार से महंगे रेट पर दालें और तेल खरीदने को मजबूर हैं। हालांकि हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम से मलका और चने की दाल के रेट अप्रूव होने के बाद दोनों दालों की सप्लाई का ऑर्डर भी जारी कर दिया गया है, लेकिन अभी तक उचित मूल्य की दुकानों में दालों का ये स्टॉक नहीं पहुंचा है। ऐसे में खासकर गरीब परिवारों की जेब पर सबसे ज्यादा असर पर पड़ रहा है। वहीं, सरसों के तेल के लिए उपभोक्ताओं को अभी और इंतजार करना पड़ेगा। हिमाचल में उपभोक्ताओं को दो महीने के सरसों के तेल का कोटा नहीं मिला है। प्रदेश में बहुत से डिपुओं में उपभोक्ताओं को तीन महीने से सरसों का तेल उपलब्ध नहीं हुआ है। प्रदेश में कुल राशन कार्ड धारकों की संख्या 19,65,589 है. जो 4500 से ज्यादा डिपुओं के जरिए सस्ते राशन की सुविधा का लाभ उठा रहे हैं। ऐसे में इन उपभोक्ताओं को अब सरसों तेल का बैकलॉग कोटा भी दिया जाना है, जिसके लिए हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम को करीब 70 लाख लीटर सरसों के तेल की जरूरत है। हिमाचल में लोगों को महंगाई से राहत दिलाने के लिए डिपुओं के जरिए उपभोक्ताओं को आटा, चावल, तीन अलग-अलग किस्म की दालें, सरसों का तेल और नमक बाजार से सस्ते रेट पर मुहैया करवाया जाता है। महंगाई के चलते डिपुओं में सरसों के तेल की मांग ज्यादा रहती है। सरसों के तेल के कोटे को कोई भी उपभोक्ता नहीं छोड़ता है, जिस कारण प्रदेश में हर महीने डिपुओं में करीब 34 लाख लीटर सरसों के तेल की खपत होती है। हिमाचल प्रदेश सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत डिपुओं के जरिए बाजार से सस्ते रेट पर तीन दालें उपलब्ध करा रही है, जिस कारण डिपुओं में लगातार दालों की भी मांग बढ़ती जा रही है। प्रदेश में हर महीने राशन कार्ड धारक डिपुओं से नियमित तौर पर दाल का कोटा उठा रहे हैं।उचित मूल्य की दुकानों में दालों की लिफ्टिंग सौ फीसदी के करीब है। ऐसे में डिपुओं में हर महीने दालों की खपत करीब 5500 मीट्रिक टन तक पहुंच गई है। वहीं, हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम ने सरकार से अप्रूवल मिलने के बाद दिसंबर महीने के लिए 40,510 क्विंटल मलका और 79,160 क्विंटल दाल चना का सप्लाई ऑर्डर जारी कर दिया है।
राजस्व विभाग के पटवारी और कानूनगो वर्ग के लिए आयोजित प्रथम राज्य स्तरीय खेलकूद महोत्सव का आयोजन 3 से 5 दिसंबर तक किया गया। तीन दिवसीय इस ऐतिहासिक आयोजन का शुभारंभ तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने किया और समापन राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी द्वारा किया गया। इस महोत्सव में 11 जिलों और एसओ डिवीजन शिमला और कांगड़ा (लाहौल-स्पीति को छोड़कर) से लगभग 600 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। राजस्व मंत्री ने इस ऐतिहासिक आयोजन की सराहना करते हुए इसे विभाग के लिए गर्व का विषय बताया। उन्होंने इस महोत्सव के लिए ₹2 लाख की वित्तीय सहायता प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने सभी प्रतिभागियों की अनुशासन और खेल भावना की प्रशंसा करते हुए अगले वर्ष इस आयोजन को अपने गृह जिले किन्नौर में आयोजित करने का निमंत्रण भी दिया। इस अवसर पर राजस्व विभाग के राज्य अध्यक्ष सतीश चौधरी ने इस सफल आयोजन के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी और अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार शर्मा का आभार व्यक्त किया। साथ ही, जिला बिलासपुर के मेजबान प्रधान सुनील जोशी, उनकी प्रबंधन टीम, सभी अधिकारियों और आयोजन को सफल बनाने में योगदान देने वाले प्रेस रिपोर्टरों एवं सभी सहयोगकर्ताओं का धन्यवाद दिया। उन्होंने सभी को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। खेल परिणाम: 1. क्रिकेट: कांगड़ा ने शिमला को हराकर जीत दर्ज की। 2. कबड्डी: ऊना ने सोलन को हराया। 3. वॉलीबॉल: शिमला ने मंडी को हराया। 4. बैडमिंटन (पुरुष): हमीरपुर ने कांगड़ा को हराया। 5. बैडमिंटन (महिला): मंडी विजेता रही। 6. शतरंज (पुरुष): कांगड़ा विजेता। 7. शतरंज (महिला): सिरमौर विजेता। 8. सांस्कृतिक प्रस्तुति (नाटी): सोलन विजेता। 9. सोलो डांस: सोलन विजेता। 10. सोलो सांग: चंबा विजेता। राजस्व मंत्री ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाते हुए इसे विभागीय एकजुटता और खेल भावना का प्रतीक बताया। सभी प्रतिभागियों और आयोजकों को उनके प्रयासों के लिए बधाई दी।
**ओपन हार्ट सर्जरी के पेशेंट ऑपरेशन बेड से लौटाए जा रहे हैं और प्रदेश के मुखिया झूठ बोल रहे हैं शिमला से जारी बयान में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने हिमाचल सरकार और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश की राजधानी में स्थित इंदिरा गाँधी मेडिकल कॉलेज में भी सरकार कैंसर के मरीजों को दवाइयां नहीं उपलब्ध करवा पा रही है इसके बाद भी बड़ी-बड़ी बातें कर रही है। अपनी नाकामियों पर पर्दा डालने के लिए झूठ बोलना बहुत ही बेशर्मी की बात है। क्या इस सरकार का एकमात्र एजेंडा और गवर्नेंस का मॉडल झूठ का मॉडल है? क्या मुख्यमंत्री अखबार नहीं पढ़ते या उन्हें उनके सलाहकारों द्वारा बताया नहीं जाता कि प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था के क्या हाल है? कैंसर के इलाज समय का कितना महत्त्व होता है, यह बात हर आदमी जानता है लेकिन यह बात मुख्यमंत्री को और हमारे स्वास्थ्य महकमे के सर्वेसर्वा लोगों को नहीं पता है। कैंसर का इलाज करा रहे पेशेंट के लिए यूज़ की जाने वाली इम्यूनोथेरपी के इंजेक्शन प्रदेश के सबसे बड़े संस्थान आईजीएमसी में भी नहीं है। पेशेंट आते हैं और इंजेक्शन न मिलने पर बिना इलाज के ही लौट जाते हैं। इसके बाद प्रदेश के मुखिया बड़े-बड़े मंचों से खड़े होकर कहते हैं की हमने तो स्वास्थ्य व्यवस्था अंतर्राष्ट्रीय स्तर की कर दी है। ऐसी अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था प्रदेश को नहीं चाहिए। मुख्यमंत्री इस बात को समझें की बड़ी-बड़ी बातों से बीमारियों के इलाज नहीं होते हैं उसके लिए दवा, डॉक्टर, टेक्नीशियन, और इक्विपमेंट की जरूरत होती है। इसलिए मुख्यमंत्री बड़ी-बड़ी बातों से मरीजों के जीवन फिर खिलवाड़ करना बंद कर दें। नेता प्रतिपक्ष ने कहा की हर दिन प्रदेश के अखबारों में स्वास्थ्य व्यवस्था के रसातल में चले जाने की खबरें प्रमुखता से छपती हैं। कभी ओपन हार्ट सर्जरी के लिए ऐडमिट पेशेंट बेड से वापस लौटा दिए जाते हैं तो कभी छोटे मोटे ऑपरेशन के लिए आए मरीज बिना ऑपरेशन के ही घर भेज दिए जाते हैं। सामान्य से सामान्य जांचों की किट और रूटीन में इस्तेमाल होने वाली दवाइयां भी आईजीएमसी में उपलब्ध नहीं रहती है, जिसके कारण लोगों को या तो बाहर से दवाइयां खरीदनी पड़ती है या बिना पूरी दवाइयों के ही इलाज करवाना पड़ता है। यह सिर्फ इसलिए है कि सरकार दवा आपूर्ति करने वाली संस्थाओं के पुराने बिलों का भुगतान नहीं कर रही है। दुखद स्थिति ये है की यह हालात प्रदेश के दूरस्थ स्थित किसी सामान्य संस्थान के न होकर आईजीएमसी जैसे प्रदेश के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित संस्थान के हैं। हर बार लोगों को सिर्फ इसलिए परेशानी झेलनी पड़ती है कि मुख्यमंत्री सिर्फ बड़े-बड़े मंचों से बड़ी-बड़ी बातें करते हैं और मूलभूत समस्याओं पर ध्यान नहीं देते हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि झूठ बोलकर गलत आंकड़े पेश करके मुख्यमंत्री सिर्फ और सिर्फ अपने आलाकमान को गुमराह कर सकते हैं हिमाचल प्रदेश के लोगों को नहीं। भारतीय जनता पार्टी कांग्रेस के एक भी झूठ को चलने नहीं देगी। हर दिन उनके सभी झूठ बेनकाब किए जाएंगे। प्रदेश में लोगो के इलाज के लिए पूर्व सरकार द्वारा जो भी विश्वस्तरीय प्रयास किए गए थे उसे मुख्यमंत्री ने एक झटके में ही तबाह कर दिया है। आज आईजीएमसी जैसे संस्थानों में अगर बेहद संवेदनशील माने जाने वाली कैंसर और हार्ट से जुड़ी बीमारियों की दवाएं और चिकित्सक उपलब्ध नहीं हैं तो इससे शर्मनाक बात कुछ नहीं हो सकती। अगर आज ओपन हार्ट सर्जरी के मरीज भर्ती करने के बाद भी घर वापस भेजने पड़ रहे हैं तो ऐसे हालात का जिम्मेदार कौन है? सरकार के इस नाकारेपन से यदि किसी भी मरीज के साथ कोई अनहोनी होती है तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? उन्होंने मुख्यमंत्री से निवेदन करते हुए कहा की राजनीति अपनी जगह है बीमार लोगों का इलाज और स्वास्थ्य लाभ अपनी जगह। इसलिए मेहरबानी करके स्वास्थ्य व्यवस्था की तबाह हो चुकी स्थिति के बारे में गंभीरता से विचार करें। क्योंकि जीवन अनमोल है और एक बार सरकारी निकम्मेपन की वजह से उसकी क्षति होती है तो उसकी भरपाई नहीं की जा सकती। मैं यह बात बार बार इसलिए दोहरा रहा हूँ क्योंकि सरकार को लगता ही नहीं है कि स्वास्थ्य व्यवस्था इतने बुरे दौर से गुजर रही है। जब सरकार को इस बात का एहसास ही नहीं होगा तो वह सुधार के लिए कोई कदम भी नहीं उठाएगी।
हिमाचल प्रदेश बिलिंग पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन के एक प्रतिनिधिमंडल ने अध्यक्ष अनुराग शर्मा के नेतृत्व में आज मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू से भेंट की। उन्होंने कांगड़ा जिले के बीड़ बिलिंग में बीते माह नवंबर में पैराग्लाइडिंग वर्ल्ड कप के सफल आयोजन के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को हिमाचली टोपी, शॉल व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने पैराग्लाइडिंग वर्ल्ड कप में द्वितीय स्थान पर रहे बीड़ निवासी रंजीत कुमार को भी सम्मानित करते हुए कहा कि यह गर्व का विषय है कि राज्य के युवा हर क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। इस अवसर पर एसोसिएशन के पदाधिकारी सुरेश कुमार, प्रवीण कुमार, रंजीत चमेल, हरदेव ठाकुर, शैलभ अवस्थी भी उपस्थित थे।
** मंत्रिमंडल की 16 बैठकों में लिए गए 273 निर्णय पूरी तरह कार्यान्वितः जगत सिंह नेगी राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में आज मंत्रिमंडलीय उप-समिति की बैठक आयोजित की गई। इस दौरान मंत्रिमंडल की बैठकों में लिए गए निर्णयों के कार्यान्वयन को लेकर समीक्षा की गई। बैठक में अवगत करवाया गया कि 13 जनवरी 2023 से 30 सितंबर 2023 तक मंत्रिमंडल की कुल 16 बैठकें आयोजित हुई हैं। मंत्रिमंडल की इन बैठकों में 288 निर्णय लिए गए। बैठक में अवगत करवाया गया कि 273 निर्णय पूरी तरह कार्यान्वित हो चुके हैं। बैठक में आज शेष 15 निर्णयों को लेकर चर्चा की गई जिनमें वन, सामान्य प्रशासन, स्वास्थ्य, बागवानी, उद्योग, राजस्व, परिवहन, कृषि और कार्मिक विभाग से जुड़े निर्णय शामिल थे। जगत सिंह नेगी ने अधिकारियों को इन निर्णयों को कार्यान्वित करने के लिए कार्यशैली में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा जनहित में लिए गए यह निर्णय शीघ्र कार्यान्वित किए जाएं ताकि आम जनता को लाभ मिल सके। बैठक में सदस्य सचिव हरबंस सिंह ब्रसकोन और संयुक्त सचिव सामान्य प्रशासन विभाग कुलविंद्र सिंह भी उपस्थित रहे।


















































