**पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा यूपीएस के उपरान्त कर्मचारियों के मन से सेवानिवृति के बाद आर्थिक असुरक्षा की शंका का भाव हुआ समाप्त ** धूमल ने प्रधानमंत्री मोदी को यूनिफाइड पेंशन स्कीम की मंजूरी पर धन्यवाद व्यक्त किया वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को मंजूरी देने के फैसले का हार्दिक स्वागत किया। उन्होंने इस ऐतिहासिक निर्णय को कर्मचारियों के हित में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और दूरदर्शी कदम बताया, जिससे सरकारी कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित और संरक्षित रहेगा। प्रो. धूमल ने प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि सेवानिवृत्ति के पश्चात यूनिफाइड पेंशन स्कीम द्वारा मिलने वाले वित्तीय सुरक्षा लाभों से कर्मचारी और अधिकारियों का मनोबल बढ़ेगा। 25 वर्ष नौकरी करने के पश्चात कर्मचारियों को उसकी एवरेज बेसिक पे का 50% पेंशन के रूप में मिलेगा और यदि कर्मचारी 10 साल नौकरी करता है तो उसको कम से कम ₹10000 पेंशन प्रतिमाह जरूर मिलेगी यही नहीं सेवानिवृत कर्मचारियों की मृत्यु के पश्चात उसकी पत्नी को 60% पेंशन मिलेगी। यूनिफाइड पेंशन स्कीम आने के उपरांत जो कर्मचारी और अधिकारियों के मन में सेवा निवृत्ति के पश्चात आर्थिक सुरक्षा को लेकर एक शंका का माहौल बना हुआ था वह समाप्त होगा। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि UPS के तहत कर्मचारियों के भविष्य की वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। इस योजना के अंतर्गत, कर्मचारी और नियोक्ता दोनों द्वारा अंशदान किया जाएगा, जो एक केंद्रीय कोष में जमा होगा। इस कोष का सुरक्षित और पारदर्शी निवेश किया जाएगा, जिससे कर्मचारियों को उनकी सेवा के बाद पेंशन के रूप में एक स्थिर आय प्राप्त होगी। यह स्थिरता कर्मचारियों के लिए वित्तीय सुरक्षा का आधार बनेगी। प्रो धूमल ने कहा कि यूनिफाइड पेंशन स्कीम में पेंशन प्रक्रिया को पारदर्शी और स्थिर बनाया गया है। सरकार द्वारा कोष का प्रबंधन किया जाएगा, जिससे पेंशन की राशि का निर्धारण निष्पक्ष और संतुलित तरीके से होगा। इससे कर्मचारियों को पेंशन के मामले में किसी भी तरह की असुरक्षा का सामना नहीं करना पड़ेगा। पूर्व मुख्यमंत्री ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि UPS ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) और राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के बीच के अंतर को समाप्त कर दिया है। यह समायोजन सभी कर्मचारियों को एक समान पेंशन का अधिकार देता है, जिससे उन्हें भविष्य में किसी भी असमानता का सामना नहीं करना पड़ेगा। यह समायोजन विशेष रूप से उन कर्मचारियों के लिए फायदेमंद है जो पुरानी और नई पेंशन योजनाओं के बीच भ्रमित थे। उन्होंने कहा कि UPS के माध्यम से सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारियों को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिलेगा। पेंशन की राशि को इस प्रकार से निर्धारित किया गया है कि वह कर्मचारियों की बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम हो। इससे कर्मचारियों को वित्तीय स्वतंत्रता मिलेगी और वे सेवानिवृत्ति के बाद भी अपने जीवन को सम्मानजनक तरीके से जी सकेंगे। प्रो धूमल ने कहा कि यह योजना न केवल कर्मचारियों के लिए लाभकारी है, बल्कि उनके परिवारों के लिए भी एक सुरक्षा कवच के रूप में कार्य करेगी। UPS के माध्यम से कर्मचारियों को पेंशन की गारंटी मिलने से उनके परिवार के सदस्य भी सुरक्षित और संरक्षित महसूस करेंगे। प्रो. धूमल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि यह योजना कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि UPS न केवल कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाएगी, बल्कि उन्हें उनके योगदान को उचित सम्मान देने में भी सहायक होगी। प्रो. धूमल ने आशा व्यक्त की कि इस योजना से कर्मचारियों को आत्मविश्वास मिलेगा और वे अपनी सेवाओं को और भी अधिक समर्पण और उत्साह के साथ निभा सकेंगे।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के लक्कड़ बाज़ार में स्थित IGMC डॉक्टर हॉस्टल (ब्लॉक A) के साथ तेंदुए का एक मारा हुआ शावक मिला है। शावक मिलने से आस-पास रहने वालों में डर का माहौल बना हुआ है। रविवार सुबह पुलिस को सूचना मिलो कि लक्कड़ बाजार में डॉक्टर हॉस्टल के साथ तेंदुए का एक शावक मृत अवस्था में पड़ा हुआ है। सूचना मिलने के बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और वन विभाग को भी सूचित कर दिया। वन विभाव की टीम भी मौके पर पहुंच गई। वन विभाग की टीम ने मरे हुए शावक को अपने कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है। तेंदुआ का मरा हुआ शावक मिलने से आस-पास डर का माहौल बना हुआ है। डॉक्टर देर रात तक ड्यूटी के लिए आईजीएमसी आते जाते हैं। आस पास क्षेत्रों में रहने वाले लोग भी यहां से गुजरते हैं। इससे लोगों के मन में अब तेंदुआ का डर बैठा हुआ है। गौरतलब है कि शिमला में कई जगहों पर तेंदुआ देखा जा चुका है। अब कई वार्डों में भी तेंदुआ दिख रहा है। संजौली,छोटा शिमला, कनलोग, चक्कर में तेंदुआ कई बार दिख चुका है। बीते सप्ताह तारा देवी के आईटीबीपी कैंप में तेंदुआ आया था, जो सीसीटीवी में रिकॉर्ड हुआ था। यही नहीं तेंदुआ दो बच्चों को अपना शिकार भी बना चुका है। तेंदुआ डाउन डेल और कनलोग में एक बच्ची को उठा कर ले गया था। इसके बाद लोगों में दहशत का माहौल था। अब लक्कड़ बाजार में शावक का शव मिलने से लोगों में फिर डर बैठ गया है। वहीं, अब इस मामले में वन विभाग जांच में जुट गया है कि शावक मौत कैसे हुई है। एसपी शिमला संजीव गांधी ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि, 'लक्कड़ बाज़ार में एक मृतक शावक मिला है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
हिमाचल में प्रदेश सरकार जहां करोड़ों के बल्क ड्रग फार्मा पार्क के निर्माण के लिए प्रयासरत है, वहीं हर महीने फेल हो रहे दवाओं के सैंपल ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। हिमाचल में बन रही दवाओं के लगातार फेल हो रहे सैंपल से फार्मा हब के नाम से मशहूर हिमाचल का नाम खराब हो रहा है। हिमाचल में करीब 600 फार्मा कंपनियां सालाना 12,000 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार करती हैं। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की जांच में एक के बाद एक हिमाचल में बनी दवाओं के सैंपल फेल हो रहे हैं। इस साल अब तक प्रदेश में बनी 85 से अधिक दवाओं के सैंपल फेल हो चुके हैं। बीते साल भी जनवरी से लेकर जुलाई तक 107 दवाओं के सैंपल फेल हुए थे। इसके बाद सरकार ने टास्क फोर्स गठित कर दोषियों पर कार्रवाई करने का दावा किया था, बावजूद इसके दवाओं के सैंपल फेल होने का सिलसिला लगातार जारी है। दवा निर्माता कंपनियां मुनाफा कमाने के लिए सब स्टैंडर्ड दवाएं बना रही हैं। हिमाचल में बीबीएन, पांवटा साहिब, कालाअंब, सोलन, संसारपुर टैरेस, गगरेट, मेहतपुर व कुमारहट्टी औद्योगिक क्षेत्र हैं। जीवन रक्षक दवाओं के अलावा हार्ट, किडनी, बुखार, मधुमेह, एलर्जी, दर्द, सर्दी-जुकाम, बीपी, गैस, उल्टी, हड्डियों के दर्द, कान, आंख व दांतों के दर्द जैसी दवाओं के सैंपल बार-बार फेल हो रहे हैं। केंद्रीय दवा मानक एवं नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने प्रदेश में बनने वाली दवाओं के सैंपल फेल होने पर सवाल उठाए हैं। केंद्रीय दवा मानक नियंत्रक संगठन (सीडीएसओ) हर महीने राष्ट्रीय स्तर पर ड्रग अलर्ट जारी करता है। इसमें जिन दवाओं के सैंपल फेल होते हैं, उनकी सूची जारी की जाती है। बाजार में ये दवाएं उपलब्ध होने के कारण लोग इन दवाओं का सेवन कर लेते हैं क्योंकि सैंपल फेल होने के बाद ही इन दवाओं का स्टॉक वापस मंगवाया जाता है। इससे पहले यह दवाएं बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध होती हैं। प्रदेश में अगस्त में 20 दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं। इन सभी दवाओं के स्टॉक को बाजार से वापस मंगवा लिया है। सभी दवा उत्पादकों को नोटिस जारी कर लाइसेंस रद्द कर दिए हैं। एक सप्ताह में सभी दवाएं वापस कंपनी में पहुंच जाएंगी। जिन कंपनियों में दवाओं के अधिक सैंपल फेल हुए हैं, अब वहां के कर्मचारियों को एक विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं दवा नियंत्रक अधिकारियों का कहना है कि सैंपल फेल होने के कारण गुणवत्ता ही नहीं कई अन्य कारण भी होते हैं। कई बार लेबल सही नहीं होता है। यही नहीं जहां पर स्टोर में दवा रखी होती है वहां पर तापमान की कंडीशन क्या है, इससे भी सैंपल फेल होना निर्भर करता है। अधिकारियों के अनुसार हिमाचल में दवाओं के सैंपल फेल होने की रेशो अन्य राज्यों से कम है। प्रदेश में केवल एक फीसदी दवाओं के ही सैंपल फेल हुए हैं जोकि अन्य राज्यों की तुलना में काफी कम हैं। हिमाचल में दवा कंपनियों के 90 फीसदी सैंपल लिए जाते हैं जबकि देश के अन्य राज्यों के केवल दस फीसदी ही सैंपल लिए जाते हैं। हिमाचल की कंपनियों की बनी दवाओं की अंतरराष्ट्रीय बाजार में काफी मांग है। यही कारण है कि हिमाचल की 250 दवा कंपनियों को विदेशी एजेंसियों ने अप्रूवल दी है। प्रदेश में दवाओं के सैंपल लेने की रेशो अन्य राज्यों से 9 गुणा अधिक है। 90 फीसदी सैंपल प्रदेश से उठाए जाते हैं। केवल 10 फीसदी सैंपल अन्य राज्यों से लिए जाते हैं। सैंपल फेल होने के बाद सभी दवाइयां बाजार से वापस मंगवाई जाती हैं। फेल होने के कारणों का पता लगाया जाता है। दोबारा सैंपल फेल न हों इसके लिए विभाग की ओर से औपचारिकताएं पूरी की जाती हैं।
भारतीय जनता पार्टी के संसदीय प्रभारी व पूर्व में उद्योग मंत्री रहे विधायक बिक्रम ठाकुर ने NPS औऱ OPS के बीच का संशोधित रास्ता निकाल प्रधानमंत्री द्वारा एकीकृत पेंशन योजना (यूपीएस) लागू करने के लिए आभार व्यक्त किया है। पूर्व उद्योग मंत्री बिक्रम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में लाई गई एकीकृत पेंशन योजना सरकारी कर्मचारियों के लिए एक वरदान है। इस योजना से 23 लाख केंद्रीय कर्मचारियों को फायदा होगा और उन्हें सुरक्षित भविष्य की गारंटी मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह योजना पुरानी पेंशन स्कीम (ओपीएस) की तरह ही है, जिसमें सरकारी कर्मियों को रिटायरमेंट के बाद औसत मूल वेतन की 50 फीसदी राशि मिलेगी। ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री की दूरदर्शी सोच और नेतृत्व क्षमता के कारण ही ऐसी योजनाएं संभव हो पा रही हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री को इस योजना के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि भाजपा पार्टी प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सरकारी कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह योजना न केवल सरकारी कर्मचारियों के लिए बल्कि देश के विकास के लिए भी एक महत्वपूर्ण कदम है। इस योजना से सरकारी कर्मचारियों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी और वे अपने काम पर ध्यान केंद्रित कर पाएंगे। पूर्व मंत्री बिक्रम ठाकुर ने कहा कि भाजपा पार्टी प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सरकारी कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी पार्टी ने हमेशा सरकारी कर्मचारियों के हितों की रक्षा की है और आगे भी करती रहेगी।
जिला शिमला के अंटी के पास लापता डेढ़ वर्षीय बच्ची आस्था का शव बरामद हो गया है। 22 अगस्त को जुब्बल तहसील के अंटी भालू क्यारी घेली के पास एक स्विफ्ट कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, जिसमें पति-पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि उनकी डेढ़ वर्षीय बच्ची आस्था लापता हो गई थी, जिसे रेस्क्यू टीम द्वारा लगातार ढूंढा जा रहा था। शनिवार को सुंदरनगर से गोताखोर टीम आई और उन्होंने नदी से बच्ची के शव को ढूंढ निकाला। गौरतलब है कि बीते गुरुवार शाम को करीब 6:10 पर जुब्बल क्षेत्र के अंटी भालू क्यारी घेली प्रोजेक्ट सड़क पर एक स्विफ्ट कार (नंबर HP N10 9397) गाड़ी नदी में गिर कर हादसे का शिकार हो गई। स्थानीय लोगों ने नदी में जोर से कुछ गिरने की आवाज सुनी। लोग घटना स्थल की तरफ दौड़े तो देखा एक स्विफ्ट कार पब्बर नदी में गिरी है। लोगों ने पुलिस को सूचना दी और खुद भी रेस्क्यू करने लगे। गाड़ी में सुशील कपरेटा (उम्र 29 साल) और उनकी पत्नी ममता (उम्र 27 साल) और डेढ़ वर्षीय बच्ची आस्था सवार थी। हादसे में पति-पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई थी और उनका शव भी बरामद हो गया था, लेकिन उनकी बच्ची लापता हो गई थी। पुलिस ने पानी में भी सर्च किया लेकिन बच्ची का कोई पता नहीं लगा। अंधेरा होने के चलते सर्च ऑपरेशन भी नहीं हो पा रहा था।
हिमाचल मंत्रिमंडल की बैठक आज संडे को होने जा रही है। प्रदेश सचिवालय में दोपहर 12 बजे सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली इस कैबिनेट मीटिंग में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं। इससे पहले 8 अगस्त को मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित हुई थी, जिसमें स्वास्थ्य विभाग सहित विभिन्न विभागों में सैकड़ों पदों को भरने का निर्णय मुहर लगी थी। अब मानसून सत्र से ठीक दो दिन पहले होने जा रही मंत्रिमंडल की बैठक में कई मसलों पर चर्चा हो सकती है। इस दौरान बैठक में विभिन्न विभागों के कई एजेंडे लाए जा सकते हैं। हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार वर्तमान में खराब वित्तीय हालत से जूझ रही है। सरकार का खजाना खाली है, जिससे सरकार के पास कर्मचारियों का डीए और एरियर के भुगतान तक पैसे नहीं हैं। ऐसे में 15 अगस्त को कर्मचारियों को डीए की किस्त जारी न होने से कर्मचारी नाराज चल रहे हैं, जिसके लिए हिमाचल प्रदेश सचिवालय कर्मचारी परिसंघ सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारी संगठनों ने सरकार के खिलाफ डीए और एरियर के भुगतान को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। कर्मचारी नेता अफसरशाही और नेताओं की फिजूलखर्ची को लेकर उठा सवाल उठा रहे हैं, लेकिन सरकार का तर्क है कि वित्तीय संकट के कारण डीए और एरियर के भुगतान को अभी खजाने में पैसे नहीं है। ऐसे में आज होने वाली कैबिनेट की मीटिंग में खराब वित्तीय हालातों से पार पाने पर चर्चा हो सकती है। इस दौरान कैबिनेट में कई कड़े निर्णय भी लिए जा सकते हैं, ताकि कर्मचारियों को देनदारियां को कम किया जा सके। प्रदेश की खराब वित्तीय स्थिति और कर्मचारियों की देनदारी के साथ बेरोजगारी भी एक बहुत बड़ी समस्या है, जिससे निपटने के लिए कैबिनेट की बैठक में विभिन्न विभागों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए नए पद सृजित करने का भी निर्णय लिया जा सकता है। वहीं, विभिन्न विभागों में खाली चल रहे कर्मचारियों और अधिकारियों के खाली पदों को भरने के लिए भर्तियां करने पर फैसला लिया जा सकता है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 27 अगस्त से शुरू हो रहा है। इस बीच कैबिनेट की बैठक मानसून सत्र से दो दिन पहले होने जा रही है, जिसमें मानसून सत्र में विपक्ष के सवालों को लेकर रणनीति तैयार की जा सकती है।
** प्रदीप ठाकुर की अध्यक्षता में हुई मिनी JCC अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ की बैठक आज मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर की अध्यक्षता में सफलतापूर्वक संपन्न हुई । महासंघ द्वारा मुख्यमंत्री से जल्द संयुक्त सलाहकार समिति (JCC) की बैठक के लिए आग्रह किया गया ताकि कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं का निपटारा हो सके l बैठक में कर्मचारियों की मुख्य मांगों के रूप में विभिन्न विभागों के कामकाज को सुचारू रूप से चलाने के लिए सभी रिक्त पदों को जल्द भरने, हिमाचल प्रदेश विद्युत निगम, जिला परिषद तथा अन्य छूटे विभागों के लिए पुरानी पेंशन का प्रावधान, अनुबंध कर्मचारियों को पूर्व की भांति वर्ष में दो बार नियमित करने, 12 प्रतिशत मंहगाई भते की अदायगी, वर्ष 2016 के वेतन आयोग के अनुसार बकाया राशि का तुरंत भुगतान, वेतन विसंगति दूर करने, पुलिस विभाग के साथियों को रियायती यात्रा सुविधा का प्रावधान पूर्व की तरह ही रखा जाने, सभी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की आयु को 58 से बढ़ाकर 60 वर्ष करना, ज़िला परिषद के कर्मचारियों का ग्रामीण विकास विभाग या पंचायती राज विभाग में विलय करने, विभागीय पदोन्नतियों को समय पर करने, पेंशन पात्रता सेवा को 10 वर्ष से घटकर 05 वर्ष करने, मल्टी टास्क वर्कर्स, आंगनवाड़ी अध्यापिका एवं सहायिका, जल रक्षक, मिड-डे-मिल कार्यकर्ता वि अन्य सभी समरूप कर्मचारियों के लिए स्थाई नीति का निर्माण, करुणामुल्क भर्ती में एकमुश्त राहत देना, आउटसोर्स कर्मचारी के लिए स्थाई नीति, मल्टी टास्क कर्मी के लिए स्थाई नीति, सहित अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे सम्मिलित रहेंगे। उपरोक्त मांगों में मुख्यमंत्री ने रिक्त पदों को जल्द भरने के लिए सहमति दी, पुलिस की यात्रा को पहले की तरह रखने के लिए सहमति दे तथा इसके लिए कल की कैबिनेट में मंजूरी देने के संकेत दिए, कॉन्ट्रैक्ट के साथियों को सितंबर में रेगुलर करने को कहा, डी ए और एरियर को जल्द देने के लिए भी सहमति दी, करूनामुल्क के साथियों को एक मुशत राहत देकर सरकारी नौकरी के लिए सहमति दी, अन्य मुद्दों के लिए एक महीने के अंदर दोबारा बैठक करने के लिए कहा। इस बैठक में जल्द ही संयुक्त सलाहकार समिति (JCC) की बैठक बुलाने का भी अनुरोध किया, जिस पर मुख्यमंत्री ने शीघ्र करवाने का भरोसा दिया है। इस महत्वपूर्ण बैठक के लिए महासंघ की ओर से प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर व महासचिव भरत शर्मा तथा अन्य साथियों ने मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर एवं महासचिव भरत शर्मा ने बताया कि अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के 128 ब्लॉक में कार्यकारिणी गठित हो चुकी है जो कर्मचारी मुद्दों को प्रशासन के समक्ष रख कर सुलझा रही है l महासंघ में 135 विभिन्न विभागों के 2,50,000 से ज़्यादा कर्मचारी हमारे सदस्य है l इस बैठक में राज्य कार्यकारिणी के मुख्य संरक्षक स्नाईक एम० आर० वर्मा, मुख्य सलाहकार शमशेर ठाकुर, मुख्य राज्य प्रवक्ता कुशाल शर्मा, संगठन सचिव विजय ठाकुर, कार्यालय सचिव देव नेगी, ज़िला सोलन प्रधान मनदीप ठाकुर, महासचिव हरचरण सिंह, अतिरिक्त महासचिव सत्य देव रतूड़ी एवं वित सचिव मोहन राठौर, ज़िला मंडी प्रधान लेख राज एवं उनकी कार्यकारिणी, ज़िला शिमला के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अरविंद मेहता, महासचिव नारायण सिंह हिमराल एवं कार्यकारिणी, उपाध्यक्ष मोहित शर्मा, ज़िला बिलासपुर महासचिव सुधीर चंदेल एवं कार्यकारिणी, खंड कसुम्पटी/ जुन्गा के वरिष्ठ सलाहकार मोहन लाल वर्मा व मोहन सिंह नेगी, सलाहकार मीरा शर्मा, संगठन सचिव देवेंद्र शर्मा, कार्यकारी सदस्य नीरज शर्मा एवं अन्य राज्य, ज़िला एवं खंड के अन्य सदस्य भी इस मिनी JCC की बैठक में शामिल रहे।
हिमाचल प्रदेश में इन दिनों कर्मचारियों ने सुक्खू सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है। कर्मचारी पेंडिंग डीए और एरियर की मांग कर रहे हैं, जिसके चलते कर्मचारी में भारी गुस्सा है। इसी बीच कर्मचारियों सड़क पर उतरे तो हिमाचल सरकार के कैबिनेट मंत्री राजेश धर्माणी ने सरकारी कर्मचारियों को दो टूक जवाब देते हुए कहा कि सरकार के पास कोई नोट छापने की मशीन नहीं है। अगर कर्मचारी चाहते हैं कि उन्हें वर्तमान में मिलने वाली सुविधाएं मिलती रहें तो उन्हें सरकार के साथ खड़े होना होगा। मंत्री के इस बयान से कर्मचारियों में खासा रोष है। हिमाचल प्रदेश सचिवालय परिसंघ के चेयरमैन संजीव शर्मा ने मंत्री को खुली चुनौती देते हुए कहा कि बिलासपुर से बाहर चुनाव लड़ कर दिखाएं, उनके खिलाफ मेरा कर्मचारी खड़ा होगा। इतना ही नहीं संजीव शर्मा ने कहा कि राजेश धर्माणी मंत्री बनने के लायक ही नहीं थे, उन्हें तो जबरदस्ती मंत्री बनाया गया है।
** 38 उड़ानें, 389 भक्तों ले किया सफर मणिमहेश यात्रा की हेलिटैक्सी सेवा के तहत शुक्रवार को दोनों तरफ कुल 38 उड़ानें ही हो पाई है, जबकि बीच में मौसम खराब होने के चलते कुछ समय के लिए उड़ाने भी नहीं हुई और तीन से चार मर्तबा हेलिकाप्टर को भी बीच राह से लौटना पड़ा है। प्रशासन से मिले आंकड़ों के तहत थुम्बी एविएशन के हेलिकाप्टर में शुक्रवार को कुल 389 यात्रियों ने सफर किया है, जबकि सेवा प्रदान करने वाली अन्य कंपनी का आंकड़ा अभी तक एडीएम कार्यालय को नहीं मिल पाया था। उल्लेखनीय है कि मणिमहेश हेलिटैक्सी सेवा 22 अगस्त से आरंभ हुई है। शुक्रवार को भरमौर से गौरीकुंड के लिए हवाई उड़ानों का दूसरा दिन रहा। लिहाजा शुक्रवार को थुम्बी एविएशन की कुल 21 उड़ानें हुई, जिसमें 115 यात्रियों ने भरमौर से गौरीकुंड के लिए उडान भरी, जबकि 98 श्रद्धालुओं ने डल झील में आस्था की डुबकी लगाने के बाद गौरीकुंड से भरमौर की राह पकड़ी है। एडीएम कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार हेलिटैक्सी सेवा प्रदान कर रही दूसरी कंपनी राजस एयरो स्पोट्र्स के हेलीकाप्टर से भरमौर से गौरीकुंड के लिए 86 उड़ानें भरी, जबकि गौरीकुंड से भरमौर के लिए 90 यात्रियों ने सफर किया। इस तरह इस कंपनी के हेलिकाप्टर में शुक्रवार को कुल 176 ने सफर किया है। मणिमहेश यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ उमडऩे के साथ ही चौरासी मंदिर परिसर में भी पूरी तरह से रौनक आ गई है। भगवान भोले नाथ के भजनों और उद्घोषों से पूरा भरमौर कस्बा शिवमयी हो गया है। श्रद्धालुओं के भारी संख्या में पहुंचने से यहां के कारोबारियों को भी बेहतर कारोबार की उम्मीद जगी है। उपमंडल मुख्यालय भरमौर समेत आसपास के हिस्सों के कारोबारियों को मणिमहेश यात्रा कारोबार के लिहाज से बड़ी लाभदायक रहती है। यात्रा के दिनों में स्थानीय लोगों द्वारा स्थानीय फसलों को बेचने के लिए सडक़ किनारे अस्थायी रूप से दुकानें लगाई जाती है।
प्रदेश के कॉलेजों के शिक्षकों को भी राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसरों के प्रोत्साहन के लिए शिक्षा विभाग नई योजना बना रहा है। अभी तक स्कूल स्तर के शिक्षकों को ही हर साल पांच सितंबर को सम्मानित किया जाता है। इसी वर्ष से कॉलेजों के शिक्षकों से भी आवेदन मांगकर पुरस्कार देने की योजना बनाई गई है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में हुई विभागीय बैठक में इस योजना को शुरू करने का फैसला लिया गया। मंत्री ने अधिकारियों से इस बाबत विस्तृत योजना बनाने को कहा है। योजना से मुख्यमंत्री को अवगत करवाकर लागू किया जाएगा। हर साल शिक्षक दिवस पर स्कूलों में पढ़ाने वाले 30 शिक्षकों को सरकार सम्मानित करती है। कॉलेजों के शिक्षकों को इस योजना से अभी तक अलग रखा गया था। अब कॉलेज शिक्षकों के प्रोत्साहन के लिए अलग से योजना बनाकर सम्मानित करने का फैसला लिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि सरकार से इस योजना को मंजूरी मिलते ही प्रयास रहेंगे कि इसी वर्ष से सम्मानित किया जाए। स्कूली शिक्षकों को राज्य स्तरीय पुरस्कारों के लिए चयनित करने के लिए 27 सितंबर से दूसरे चरण की छंटनी प्रक्रिया शुरू होगी। शिक्षा सचिव की अध्यक्षता वाली चयन कमेटी इन शिक्षकों के साक्षात्कार लेगी। बीते दिनों ही शिक्षा विभाग ने पुरस्कार के लिए आवेदन करने वाले शिक्षकों के स्कूलों में जाकर उनकी उपलब्धियों का मूल्यांकन किया है। स्कूली बच्चों की परीक्षाएं भी ली गई हैं। बच्चों को प्राप्त होने वाले अंकों के आधार पर शिक्षकों का चयन राज्य स्तरीय पुरस्कार के लिए किया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश में एसीसी, अंबुजा व अल्ट्राटेक कंपनियों ने प्रति बैग दस रुपये सीमेंट के दाम बढ़ा दिए हैं। शुक्रवार से नए दाम पर सीमेंट बेचना शुरू कर दिया है। एसीसी सीमेंट विक्रेता पवन बरूर के मुताबिक एसीसी गोल्ड का दाम 460 रुपये प्रति बैग से बढ़कर 470 हो गया है। एसीसी सुरक्षा 430 रुपये में मिलेगा। अल्ट्राटेक सीमेंट विक्रेता सतपाल ने बताया कि अल्ट्राटेक सीमेंट का बैग 430 में मिलेगा। अंबुजा सीमेंट विक्रेता रोहित के मुताबिक 425 रुपये प्रति बैग बिकने वाला सीमेंट अब 435 में मिलेगा। सूत्रों के अनुसार जल्द 10 से 20 रुपये प्रति बैग दाम और बढ़ेंगे। राहत की बात यह है कि पिछले एक माह में सरिये के दाम 600 रुपये प्रति क्विंटल कम हुए हैं। बाजार में सरिया 5,500 से 5,700 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है।
केन्द्रीय पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने वीरवार सायं चंडीगढ़ में उत्तरी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के पर्यटन मंत्रियों के सम्मेलन की अध्यक्षता की। हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष आरएस बाली और पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग की निदेशक मानसी सहाय ठाकुर ने इस सम्मेलन में हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। सम्मेलन में वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित पर्यटन केंद्रों को विकसित करने के लिए वैकल्पिक स्थलों की खोज करने और पर्यटन क्षेत्रों में सुरक्षा, सम्पर्क एवं सुविधाएं बढ़ाने पर बल दिया गया। सम्मेलन में निजी क्षेत्रों से निवेश आकर्षित करने के लिए रणनीति साझा करने पर भी विस्तार से चर्चा हुई। बाली ने कहा कि प्रदेश सरकार पर्यटन क्षेत्र में निजी निवेश आकर्षित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। इस दिशा में विभिन्न पहल की गई हैं और निवेशकों को अनेक प्रोत्साहन प्रदान किए जा रहे हैं। केन्द्रीय राज्य पर्यटन मंत्री सुरेश गोपी, पर्यटन सचिव, पर्यटन महासचिव एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने इस सम्मेलन में भाग लिया।
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने आज यहां हिमाचल प्रदेश सामान्य उद्योग निगम लिमिटेड के निदेशक मंडल की 231वीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक के दौरान, बोर्ड ने राज्य सरकार को वित्त वर्ष 2022-23 के सात प्रतिशत लाभांश 50,06,978 रुपये के भुगतान को स्वीकृति प्रदान की। यह लाभांश राज्य सरकार के पांच प्रतिशत के मानक से दो प्रतिशत अधिक है। उद्योग मंत्री ने अप्रैल से मई 2024 के दौरान निगम के बेहतर प्रदर्शन की प्रशंसा करते हुए कहा कि निगम ने लगभग 2.85 करोड़ रुपये का लाभ दर्ज किया है। इसके अतिरिक्त, वित्तीय वर्ष 2022-23 के वार्षिक खातों को मंजूरी देने के अलावा, बोर्ड ने इस अवधि के लिए निगम के 1.33 करोड़ रुपये के शुद्ध लाभ का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि बोर्ड ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए बजट को भी मंजूरी दी, जिससे निगम को लगभग 10 करोड़ रुपये का लाभ होने की उम्मीद है। निगम के प्रबंध निदेशक अरिंदम चौधरी ने बोर्ड को निगम द्वारा की जा रही प्रमुख गतिविधियों से अवगत कराया। बैठक में प्रधान सचिव उद्योग आर.डी. नज़ीम और निदेशक उद्योग राकेश कुमार प्रजापति भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान ने आज यहां कहा कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों की हितैषी है। सरकार ने अपनी गारंटी को पूरा करते हुए पहली कैबिनेट बैठक में ही पुरानी पेंशन बहाल की और 1 लाख 36 हजार कर्मचारियों को उनका हक दिया। उन्होंने कहा कि पिछली भाजपा सरकार ने पांच साल में एक बार भी कर्मचारियों की ओपीएस की मांग पर गौर नहीं किया बल्कि कर्मचारियों को प्रताड़ित किया गया। पुरानी पेंशन बहाल होने से पहले जहां सेवानिवृत्त कर्मचारियों 3,700 रुपये मिल रहे थे वहीं अब उन्हें 37,000 रुपये मासिक पेंशन मिल रही है। लाखों कर्मचारियों को इसका लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के महंगाई भत्ते और एरियर की जवाबदेही को लेकर मीडिया के सामने भी और विधानसभा में श्वेत पत्र लाकर भी बताया जा चुका है। 75 हजार करोड़ का बोझ अलग है, लोन अलग हैं। इसके अलावा पिछली सरकार कर्मचारियों की 10 हजार करोड़ की देनदारियां छोड़ कर गई है। नरेश चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री ने 75 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनरों के लिए 200 करोड़ का प्रावधान किया है और उन्हें सारे भुगतान इस वित्त वर्ष में किए जा रहे हैं। कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर जिस तरह का रुख अपनाया इस पर उन्हें बहुत अफसोस है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को अपनी मांग रखने का अधिकार है लेकिन मांग के साथ सरकार के खिलाफ आरोप-प्रत्योराप लगाकर आलोचना करना भी गलत है। उन्होंने कहा कि सचिवालय के कर्मचारी अन्यों के मुकाबले सरकार की आर्थिक स्थिति को बहुत ही बेहतर तरीके से समझते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कड़े फैसले ले रहे हैं। बिजली बोर्ड, एचआरटीसी, अन्य बोर्ड व निगम जो घाटे में चल रहे हैं और संभावनाएं तलाशी जा रही हैं कि उन्हें किस तरह घाटे से उबारा जाए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों ने जिस तरह का रवैया अपनाया उसकी सरकार को कभी उम्मीद नहीं थी। नरेश चौहान ने कहा कि सरकार को हर वर्ग के लिए काम करना है। किसानों, बागवानों बेरोजगारों हर वर्ग के लिए योजनाएं बनानी हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारी बातचीत के जरिए सरकार के समक्ष अपनी मांग रखें तभी मिल बैठकर यह मसला सुलझाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि डेढ़ साल में सरकार ने कर्मचारी हित में बहुत सारे फैसले लिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कर्मचारियों का आह्वान किया कि कर्मचारी किसी भी तरह के बहकावे में न आएं।
हिमाचल प्रदेश में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार चंडीगढ़-kullu -धर्मशाला को जोड़ने वाले नए हवाई रूट का प्रस्ताव तैयार कर रही है। इस पहल का उद्देश्य राज्य के दो प्रमुख पर्यटन स्थलों के बीच पर्यटकों की आवाजाही में बढ़ोतरी सुनिश्चित करना है, जिसके लिए संबंधित एयरलाइंस कंपनी और अन्य एजेंसियों के साथ चर्चा की जा रही है। इसमें कुल्लू और धर्मशाला के बीच नई सीधी हवाई सेवा के माध्यम से पर्यटन क्षेत्र को प्रोत्साहन मिलेगा और पर्यटकों को बेहतर हवाई सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि 'राज्य सरकार प्रदेश में बेहतर पर्यटन सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। सुविधा संपन्न पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए कई नए कदम उठाए जा रहे हैं और इस दिशा में हवाई सेवा को सुदृढ़ किया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश अलौकिक सौन्दर्य से परिपूर्ण है और यहां पर्यटन की अपार सम्भावनाएं हैं। प्रदेश सरकार बेहतर पर्यटन अधोसंरचना का विकास कर पर्यटकों की संख्या में वृद्धि सुनिश्चित कर रही है जिससे क्षेत्रीय आर्थिकी को बल मिलेगा.प्रदेश में पर्यटकों की बढ़ती हुई संख्या लोगों को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाएगी। प्रदेश सरकार के समग्र और समावेशी प्रयासों के फलस्वरूप राज्य के विभिन्न पर्यटन स्थलों को देश के अन्य भागों से हवाई सेवा के माध्यम से जोड़ा जा रहा है। लोगों को दिल्ली-शिमला-दिल्ली, शिमला-धर्मशाला-शिमला हवाई सेवा प्रतिदिन और अमृतसर-शिमला-अमृतसर और अमृतसर-कुल्लू-अमृतसर हवाई सेवा सप्ताह में तीन दिन उपलब्ध करवाई जा रही है। प्रदेश में हवाई यात्रा सुविधा में वृद्धि करने के साथ-साथ राज्य सरकार नए हेलीपोर्ट भी विकसित कर रही है। प्रदेश की पर्यटन राजधानी जिला कांगड़ा के रक्कड़ और पालमपुर, चम्बा और किन्नौर जिला के रिकांगपिओ में हेलीपोर्ट के निर्माण के लिए प्रदेश सरकार ने 13 करोड़ रुपये जारी किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश जैसे हिमालयी भौगोलिक क्षेत्र में हेलीपोर्ट पर्यटकों को आकर्षित करने और उनकी यात्रा सुगम बनाने में सहायक सिद्ध होंगे। उन्होंने कहा कि आपातकालीन स्थिति में यह हेलीपोर्ट स्थानीय लोगों को त्वरित सहायता प्रदान करने में मददगार होंगे। इनके महत्त्व को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में हेलीपोर्ट निर्मित कर रही है। ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने जिला कांगड़ा को हिमाचल की पर्यटन राजधानी घोषित किया है। पर्यटकों की सुविधा के लिए जिला में आवश्यक पर्यटन अधोसंरचना को स्तरोन्नत किया जा रहा है। इस दिशा में कांगड़ा हवाई अड्डे का विस्तारीकरण किया जा रहा है, जिसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की गई है। इस हवाई अड्डे के विस्तारीकरण से यहां बड़े विमान उतर सकेंगे और इससे हवाई यात्रा की लागत में भी कमी आएगी। प्रदेश सरकार के इस कदम से क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी और स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार व स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।
**तीन बार गुस्ताखी माफ़, चौथी बार रद्द होगा लाइसेंस शराब के शौकीनों के लिए यह खबर अच्छी है। अब शराब कारोबारी शराब के तय दरों से अधिक दाम वसूल नहीं पाएंगे। और अगर ऐसा कोई करता है तो आप इसकी शिकायत व्हाट्सप्प के जरिए कर सकते है। मनमानी दाम पर शराब बेचने वाले ऐसे कारोबारियों पर हिमाचल प्रदेश आबकारी अधिनियम, 2011 व इसके तहत बनाए गए नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। शिकायत के जाँच में यदि कारोबारी ओवर चार्जिंग में दोषी पाए जाने पर ठेकेदार को पहले उल्लंघन पर 15000 रुपये, दूसरे उल्लंघन पर 25000 रुपये, तीसरे उल्लंघन पर 50000 रुपये और चौथे उल्लंघन पर एक लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान किया गया है। अगर कोई ठेकेदार ओवर चार्जिंग करते हुए चार बार से अधिक दोषी पाया जाता है तो संबंधित आबकारी अधिकारी तुरन्त जोनल कलेक्टर को ठेकेदार के विरूद्ध हिमाचल प्रदेश आबकारी अधिनियम 2011 की धारा 29 के अंतर्गत कार्रवाई के लिए सिफारिश करेगा। जिसके तहत ठेकेदार का लाइसेंस निलंबित या रद्द हो सकता है। आबकारी आयुक्त डॉ यूनुस खान ने बताया कि आबकारी नीति के तहत बॉटल्ड इन ओरिजिन (सिंगल माल्ट, व्हिस्की, रम, जिन, वोदका, बायो बीयर/बायो वाइन, साइडर) पर 10 प्रतिशत लाभांश और भारत में निर्मित सभी बीयर ब्रांड पर 30 प्रतिशत लाभांश तय किया गया है। देसी शराब पर 30 प्रतिशत लाभांश, देश में बनी लो ब्रांड अंग्रेजी शराब पर 15 फीसदी और हाई ब्रांड शराब पर 30 फीसदी लाभांश तय किया गया है। न्यूनतम विक्रय मूल्य से 10 से 30 फीसदी लाभांश से अधिक शराब के विक्रय से संबंधित शिकायत के लिए विभाग ने दूरभाष नम्बर भी जारी किए हैं। वाट्स-एप नम्बर 94183-31426 पर शिकायतकर्ता शिकायत कर सकते हैं ताकि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।
बिजली बोर्ड तकनीकी कर्मचारी संघ का एक प्रतिनिधि मंडल बीते कल प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण कपटा की अध्यक्षता में विद्युत बोर्ड प्रबंधक वर्ग से मिला, जिसमे नॉन आईटीआई टी मेट एवं नान आईटीआई ALM को एकमुश्त पदोन्नत करने जनरेशन विंग में फिटर से फोरमैन एवं कनिष्ठ अभियंता पदोन्नत करने बारे में विस्तार पूर्वक चर्चा हुई, जिसमे बोर्ड प्रबंधक वर्ग ने इस विषय पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर कर्मचारियों के हित में फैसला लेने का आश्वासन दिया। उसके उपरांत संघ का प्रतिनिधिमंडल हिमाचल प्रदेश सरकार में तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी से राज्य सचिवालय में मिला। राजेश धर्माणी को सरकार द्वारा बिजली बोर्ड के संदर्भ मे कैबिनेट सब कमिटी का अध्यक्ष बनाया गया है । इसी संदर्भ में तकनीकी कर्मचारी संघ ने मंत्री को विद्युत बोर्ड में फील्ड की वर्तमान वास्तविक स्थिति के बारे में अवगत करवाया गया, जिसमे तकनीकी संघ ने बोर्ड में खाली चल रही तकनीकी कर्मचारियों की भारी कमी की वजह से बढ़ रहे वर्क लोड और हादसों पर भी चर्चा की गई । तकनीकी कर्मचारियों की संख्या कम होने पर भी 26 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को तकनीकी कर्मचारी पूरे प्रदेश विद्युत आपूर्ति सुचारु रुप से दे रहा है। बिजली बोर्ड कर्मचारियों के लिए जल्द पुरानी पेंशन सरकार की तर्ज़ पर बहाल हो , जो कर्मचारी 12- 14 वर्ष से विभिन्न एजेंसी के माध्यम से आउटसोर्स पर कार्य कर रहे है उन के लिए नीति बनाकर बोर्ड में मर्ज किया जाए । बिजली बोर्ड में तकनीकी कर्मचारियों की जल्द भर्ती हो। विद्युत को सुचारू रूप से चलाने के लिए स्टोर में आवश्यक सामान जैसे फ्यूज वायर, टेप , mccb , किट कैट, केबल, की उपलब्धता सुनिश्चित करना। मंत्री ने उपरोक्त सभी मांगों को सब कमिटी में चर्चा के उपरांत पूरी करने का आश्वासन दिया है ।
हिमाचल प्रदेश में मानसून कमजोर पड़ गया है। 24 अगस्त तक मौसम साफ बना रहने का पूर्वानुमान है। 25 अगस्त से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के आसार हैं। 25 से 27 अगस्त तक बादल बरसने की संभावना जताई गई है। वीरवार को राजधानी शिमला सहित प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में धूप खिली। कहीं भी बारिश दर्ज नहीं हुई। प्रदेश में अभी भी 56 सड़कें, 10 बिजली ट्रांसफार्मर और 5 पेयजल योजनाएं ठप हैं। बारिश का दौर थमते ही मैदानी जिलों में उमस बढ़ गई है। वीरवार को ऊना में अधिकतम तापमान 36 डिग्री तक पहुंच गया। शुक्रवार और शनिवार को भी प्रदेश के सभी क्षेत्रों में मौसम साफ बना रहने का पूर्वानुमान है। 25 अगस्त से बारिश के आसार हैं। बुधवार रात को शिमला में न्यूनतम तापमान 15.8, कल्पा में 15.0, धर्मशाला में 18.5, ऊना-कांगड़ा-मंडी में 22.5, नाहन में 23.3, केलांग में 9.8, सोलन में 19.5, मनाली में 18.8, बिलासपुर में 24.8, हमीरपुर में 23.1 और चंबा में 21.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।
हिमाचल प्रदेश के जिला शिमला के रोहड़ू उपतहसील सरस्वती नगर के अंतर्गत अंटी घेली सड़क पर वीरवार को कार दुर्घटना में दंपती की मौत हो गई। कार पब्बर नदी में गिरने के बाद एक साल की बेटी लापता है। पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर लापता बेटी की तलाश शुरू कर दी। जानकारी के अनुसार, अंटी घेली सड़क पर हादसा करीब पांच बजे हुआ। सावरा कुड्डू परियोजना के घेली सड़क पर एडिट के पास से कार करीब दो सौ मीटर नीचे पब्बर नदी में गिर गई। हादसे में कार में दंपती एक साल की बेटी के साथ सवार थे। दुर्घटना के बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों ने पब्बर नदी से शवों को निकाला। दुर्घटना में मृतक दंपती की पहचान झाल्टा गांव निवासी 34 वर्षीय सुशील पुत्र स्व सहाबू राम और उसकी 25 वर्षीय पत्नी ममता के रूप में हुई है। डीएसपी रोहडू रविंद्र नेगी ने हादसे की पुष्टि की है। उन्होंने कहा दंपती के शवों को कब्जे में ले लिया है। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा जाएगा। पुलिस की टीम मौके पर पहुंच कर लापता बच्ची की तलाश कर रही है। वहीं इस घटना के बाद झाल्टा गांव में मातम पसरा हुआ है। दुर्घटना का पता चलते ही लोग पीड़ित परिवार के यहां ढांढ़स बंधाने के लिए पहुंचना शुरू हो गए थे। पीड़ित परिवार की दर्दनाक चीखें सुनकर हर किसी की आंख नम थीं।
**प्रदेश सरकार ने लिया फैसला **मेडिकल कॉलेजो में रेजिडेंट डॉक्टर की ड्यूटी शाम 7 बजे से पहले होगी चेंज हिमाचल प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में रेजिडेंट डॉक्टर अब 12 घंटे से ज्यादा ड्यूटी नहीं देंगे। इसमें ऑन काल ड्यूटी भी शामिल होगी। सरकार की ओर से वीरवार को यह निर्देश जारी किए गए हैं। वहीं आदेश संबंधी कॉपी मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्य को भी भेजी गई हैं। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि नए रोस्टर के हिसाब से रेजिडेंट डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई जाए। इसके अलावा इन आदेशों की अनुपालना रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर सरकार को भेजी जाए। अभी तक आईजीएमसी, चमियाना, टांडा समेत अन्य मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सक 36-36 घंटे तक ड्यूटी करते हैं। लगातार ड्यूटी देने और काम के बोझ के चलते मानसिक रूप से परेशान रहते हैं। ऐसे में अब रेजिडेंट डॉक्टरों के लिए सरकार ने काम के घंटे निर्धारित किए हैं। इसके अलावा सरकार ने नए आदेशों में यह भी स्पष्ट किया है कि सुरक्षा के लिहाजा से शाम 7:00 बजे से पहले ही रेजिडेंट डॉक्टर की ड्यूटी चेंज हो जानी चाहिए। बता दें कि कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में हुए जघन्य अपराध के बाद रेजिडेंट डॉक्टरों ने काम के घंटे और सुरक्षा का मुद्दा उठाया था। इसके बाद बाद सरकार हरकत में आई और वीरवार को यह फैसला सरकार ने लिया हैं। अस्पतालों में सेवाएं देने वाले चिकित्सक, जो आज काफी ऊंचे ओहदों पर पहुंच गए हैं, उनका भी कहना है कि यह सिस्टम सदियों पुराना था। लिहाजा अब इस सिस्टम के बदलने के बाद रेजिडेंट डॉक्टरों को राहत मिलेगी। वहीं काम को लेकर मानसिक रूप से बोझ बना रहता था, वह भी कम होगा।
**हिमाचल सचिवालय में कर्मचारियों का जनरल हाउस आज हिमाचल में डीए और एरियर समेत अन्य मांगों को लेकर आज सरकार पर फिर से कर्मचारियों का गुस्सा फूटेगा। शिमला स्थित सचिवालय के आर्म्सडेल भवन के प्रांगण में 21 अगस्त को हुए जनरल हाउस में कर्मचारी संगठनों ने सरकार को वार्ता के लिए गुरुवार तक का अल्टीमेटम दिया था, लेकिन इसके बाद भी सरकार ने कर्मचारियों को वार्ता के लिए नहीं बुलाया है। ऐसे में हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवा परिसंघ के क्लास वन से लेकर क्लास फोर तक के सभी कर्मचारी शुक्रवार को फिर से सचिवालय के आर्म्सडेल भवन के प्रांगण में एकत्रित होकर सरकार खिलाफ अपना गुबार निकालेंगे। हिमाचल में डीए और छठे वेतनमान का संशोधित एरियर न मिलने से कर्मचारियों के सब्र का बांध अब टूट चुका है। ऐसे में कर्मचारी संगठनों दो टूक चेतावनी दी है कि अब भी अगर सरकार की नींद नहीं टूटी तो विधानसभा का मानसून सत्र समाप्त होते ही कर्मचारी कैजुअल लीव पर चले जाएंगे। हिमाचल प्रदेश सचिवालय के आर्म्सडेल भवन के प्रांगण होने जा रहे जनरल हाउस में विभिन्न विभागों के कर्मचारी संगठन शामिल होंगे। जो डीए और एरियर की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ हल्ला बोलेंगे। इसमें हिमाचल प्रदेश इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड एम्पलाईज यूनियन, लोकायुक्त कार्यालय कर्मचारी संगठन, हिमाचल प्रदेश विधानसभा सचिवालय संगठन, स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ, हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम कर्मचारी संघ, हिमाचल प्रदेश राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ व जूनियर ऑफिस अस्सिटेंट( आई टी) ने लिखित तौर पर जनरल हाउस का समर्थन किया है। ऐसे में आज ये सभी कर्मचारी संगठन भी आम सभा में शामिल होकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। वित्तीय संकट से जूझ रही हिमाचल सरकार पर कर्मचारियों की देनदारी लगातार बढ़ रही है। इसमें पूर्व हिमाचल दिवस, स्वतंत्रता दिवस या दिवाली के मौके पर कर्मचारियों की देनदारियों को निपटाया जाता रहा है, लेकिन अब कर्ज के बोझ से दबी सरकार का खजाना कर्मचारियों के लिए खाली है। हालत ये है कि प्रदेश सरकार को डीए की तीन किस्त देनी है, जिसमें पहली किस्त 1 जनवरी 2023, दूसरी 1 जुलाई 2023 और तीसरी किस्त 1 जनवरी 2024 से दी जानी अभी बाकी है। इस पर अब 1 जुलाई 2024 से चौथी किस्त भी देय हो गई है। यही नहीं कर्मचारियों को अभी छठे वेतनमान का संशोधित एरियर नहीं मिला है, जिससे प्रदेश भर में विभिन्न विभागों के कर्मचारी संगठन अब सरकार से आर पार की लड़ाई लड़ने के लिए मैदान में उतर गए हैं।
** रिसेप्शन पर पहले आएगी मेल, तभी मिलेगी मंजूरी हिमाचल में अगर आम लोगों को मुख्यमंत्री से कोई काम है तो वे सचिवालय आने के कार्यक्रम को स्थगित कर दें। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू आधिकारिक व्यस्तताओं के कारण आज आम जनता की समस्याएं नहीं सुन पाएंगे। ये जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी की गई है। सीएम सुक्खू हर शुक्रवार को आम जनता से मिलकर उनकी समस्याओं को सुनते हैं। ऐसे में इस दिन प्रदेश भर के लोग अपनी समस्याओं के समाधान के लिए मुख्यमंत्री से मिलने के लिए सचिवालय आते हैं। बता दें कि सीएम कार्यालय में सप्ताह भर लोगों की भीड़ न जुटे, इसलिए लोगों की सुविधा के लिए सचिवालय में बुधवार और शुक्रवार को खुला दरबार लगाने की व्यवस्था की गई है। इस दौरान बुधवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू कांग्रेस संगठन से जुड़े लोगों से मिलते हैं और शुक्रवार को सीएम आम जनता से मिलकर उनकी समस्याओं को सुनते हैं। हिमाचल प्रदेश सचिवालय में आम जनता के प्रवेश के नियम बदल गए हैं। सचिवालय में रोजाना जुटने वाली अत्याधिक भीड़ को देखते हुए अब मंत्रियों और मुख्य संसदीय सचिवों से कार्यालयों में मिलने के लिए लोगों को पहले अनुमति लेनी होगी। इसके लिए मिलने आने वाले लोगों को पहले रिसेप्शन से संबंधित मंत्री या सीपीएस व अन्य अधिकारियों की शाखा को फोन करना होगा। इस दौरान अगर किसी से मिलना जरूरी होगा तो प्रवेश के लिए संबंधित कार्यालय से ईमेल भेजी जाएगी। इस औपचारिकता को पूरा करने के बाद ही सचिवालय में प्रवेश के लिए पास जारी किया जाएगा। ये व्यवस्था सुबह 10 से दोपहर बाद 1 बजे तक लागू रहेगी। इसके बाद मिलने वाले लोगों के लिए पहले की तरह ही पास बनेंगे। प्रदेश सचिवालय में लोगों की रोजाना अत्यधिक भीड़ जुटती है। इसमें बहुत से लोग तो मंत्रियों और सीपीएस से जरूरी काम होने पर ही सचिवालय आते हैं, लेकिन ऐसे भी कई लोग हैं जो रोजाना अनावश्यक ही सचिवालय के अंदर और बाहर चक्कर काटते हैं। ऐसे में बेकार ही सचिवालय की शाखाओं में घूमने से काम प्रभावित होता है। इसको देखते हुए सचिवालय प्रशासन विभाग ने नई व्यवस्था को लागू किया है, जिसमें रिसेप्शन से फोन कर पहले प्रवेश के लिए मंजूरी लेना जरूरी है। मुख्यमंत्री के सलाहकारों, ओएसडी से भी मुलाकात के लिए भी नई व्यवस्था के अंतर्गत प्रवेश दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सुक्खू ने रविवार 25 अगस्त को कैबिनेट की मीटिंग बुलाई है। विधानसभा के मानसून सत्र से पहले इस मीटिंग को बुलाया गया है। इसमें मानसून सत्र में पेश होने प्रस्तावित विभिन्न विधायकों को लेकर चर्चा की जा सकती है। माना जा रहा है कि कैबिनेट में विधेयकों के अलावा कर्मचारियों-पेंशनर के लंबित महंगाई भत्ते डीए व एरियर को लेकर भी चर्चा हो सकती है। वहीं, आपदा से जिन परिवारों को भारी नुकसान हुआ हैं, उनके राहत एवं पुनर्वास के लिए राहत पैकेज का भी कैबिनेट में ऐलान हो सकता है। इसी तरह विभिन्न विभागों में भर्तियों को भी मंजूरी मिल सकती है। कैबिनेट में विधानसभा के मानसून सत्र को लेकर भी चर्चा हो सकती है। बता दें कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 27 अगस्त से शुरू हो रहा है जो नौ सितंबर तक चलेगा।
शिमला जिले की फल मंडियों में सेब की आवक बढ़ना शुरू हो गई है। इसके चलते दाम में गिरावट आई है। एक हफ्ते में सेब के दाम 600 से 700 रुपये प्रति पेटी तक गिरे हैं। भट्ठाकुफर फल मंडी में एक हफ्ता पहले ए ग्रेड के सेब की पेटी 2400 से 3600 रुपये तक बिक रही थी। बुधवार को फल मंडी में यही सेब दो हज़ार से 2,800 रुपये प्रति पेटी तक बिका। दाम में गिरावट से बागवान निराश हैं। भट्ठाकुफर फल मंडी में ठियोग से सेब की खेप लेकर आए बागवान रोहन नेगी ने बताया कि निचले और मध्यम इलाकों वाले सेब को हर वर्ष बेहतर दाम मिलते हैं। जब तक ऊंचाई वाले इलाकों में सेब सीजन शुरू होता है तो दाम नीचे गिर जाते हैं। इससे बागवानों को उनकी मेहनत का पैसा नहीं मिल पाता। बागवान सुरेश ने बताया कि सूखा पड़ने से इस साल सेब की पैदावार बहुत ज्यादा प्रभावित हुई है। दूसरी ओर सीजन शुरू होने के बाद फसल के बेहतर दाम नहीं मिल रहे हैं। एक साल में एक पेटी के ऊपर खाद, स्प्रे से लेकर लेबर तक का करीब 750 रुपये का खर्चा आ जाता है। आढ़तियों के अनुसार इन दिनों फल मंडी में सबसे ज्यादा रॉयल सेब की खेप पहुंच रही है। वहीं इसके अलावा गोल्डन, स्पर और गाला सेब भी मंडी में आ रहा है। एपीएमसी के अनुसार भट्ठाकुफर फल मंडी में एक हफ्ता पहले 15 से 17 हजार सेब की पेटी मंडी पहुंच रही थी, वहीं बुधवार को मंडी में 23 से 24 हजार सेब की पेटी पहुंची है। आने वाले दिनों में आवक में बढ़ोतरी होनी की उम्मीद है। फल मंडी में एक हफ्ते में सेब की आवक में बढ़ोतरी देखने को मिली है। आवक के मुकाबले मंडी में ग्राहक भी नहीं आ रहे हैं। इसके चलते दामों में 500 से 600 रुपये की गिरावट आई है।
हिमाचल प्रदेश के जिला किन्नौर के निगुलसरी में बार-बार भूस्खलन से एनएच-पांच पर यातायात बाधित हो रहा है। बुधवार को भी आठ घंटे तक यहां एनएच बंद रहा। इससे दोनों ओर वाहनों की कतारें लगी रहीं और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। उधर, बुधवार शाम तक प्रदेश में 55 सड़कें, 14 बिजली ट्रांसफार्मर और 29 पेयजल योजनाएं ठप रहीं। जिला मंडी में 14, शिमला में 13, कुल्लू में 11, कांगड़ा में 12, किन्नौर में 2 और ऊना-सिरमौर-बिलासपुर में एक-एक सड़क बंद रही। प्रदेश में जारी बारिश से अभी तक विभिन्न विभागों को 1,19,544 लाख रुपये का नुकसान हो गया है। बुधवार को राजधानी शिमला सहित प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम साफ रहने के साथ धूप खिली। बारिश का दौर थमने से लोगों को कुछ राहत मिली है। आगामी तीन दिनों के दौरान भी प्रदेश में मौसम बना रहने की संभावना है। एक-दो स्थानों पर बारिश के आसार भी जताए गए हैं। हिमाचल प्रदेश में दक्षिण पश्चिम मानसून कमजोर पड़ गया है। 22 से 24 अगस्त तक प्रदेश में मौसम साफ रहने के आसार हैं। 25 अगस्त से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। 27 अगस्त तक प्रदेश के कई क्षेत्रों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी हुआ है।
रामपुर: समेज में त्रासदी के दौरान प्रशासन ने 1 अगस्त से लापता लोगों को ढूंढने के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया था। अभी तक केवल 14 लोगों के शव ही बरामद हुए हैं। अभी भी 22 लोगों का कोई सुराग नहीं चल पाया है। ग्राम पंचायत प्रधान मोहन लाल कपाटीया ने बताया इन 14 शवों में से 10 लोगों की पहचान डीएनए टेस्ट से हुई है और 4 लोगों की पहचान शारीरिक तौर पर की गई है। सरकार ने प्रभावितों की सहमति के बाद सर्च ऑपरेशन को बंद कर दिया है, हालांकि सतलुज नदी के किनारे अभी भी सर्च ऑपरेशन जारी है। बता दें कि 31 जुलाई की रात को समेज में भारी बाढ़ आने के कारण जान-माल का भारी नुकसान हुआ था। एक गांव के 36 लोग इस घटना में लापता हो गए थे। यह बाढ़ बादल फटने के कारण आई थी। आधी रात में आई इस बाढ़ का घर में सोए हुए लोगों को पता नहीं चल सका जिस कारण यह हादसा हुआ। अब तक सभी शव सुन्नी डैम व सतलुज नदी के आसपास ही बरामद हुए हैं। समेज गांव में एक भी शव बरामद नहीं हुआ है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि पानी का बहाव कितना तेज होगा। बता दें कि हिमाचल प्रदेश में इस साल कुल्लू, मंडी, शिमला, किन्नौर और लाहौल-स्पीति में बादल फटने की घटनाएं सामने आई हैं। इसमें करोड़ों रुपये की सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। वहीं, कई लोगों ने अपनी जान भी गंवाई है।
** कर्मचारियों के डीए-एरियर के समय आर्थिक तंगी का रोना मंडी: पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार को निशाने पर लेते हुए कर्मचारियों और पेंशनरों की मांगों को जायज ठहराया। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर निशाना साधते हुए जयराम ठाकुर ने कहा, सीएम सुक्खू प्रदेश में सबकुछ बंद करते-करते अब कर्मचारियों तक पहुंच आए हैं। बेहतर होगा अगर सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू बंद करने की शुरुआत अपने दफ्तर से करते। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आरोप लगाते हुए कहा कि सुक्खू कर्ज पर कर्ज ले रही है और इस पैसे का इस्तेमाल सीएम सुक्खू अपने सीपीएस को पालने में कर रहे हैं। सीएम सुक्खू ने प्रदेश में सीपीएस की फौज खड़ी कर दी है और उनके लिए विभागों से चार-चार अतिरिक्त गाड़ियां लगा रखी हैं। उनके लिए अतिरिक्त स्टाफ लगाकर करोड़ों रुपए खर्चे जा रहे हैं। जयराम ने कहा कि सीएम सुक्खू द्वारा अपने दफ्तर के खर्चे कम करने के बजाए लोगों पर अनावश्यक बोझ डाला जा रहा है। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू को आड़े हाथों लेते हुए जयराम ठाकुर ने कहा, प्रदेश की भोली-भाली जनता के आगे आर्थिक संकट का रोना रोने वाले सीएम सुक्खू मंत्रियों को नए दफ्तर देने जा रहे हैं। सचिवालय के जिस भवन का सीएम सुक्खू ने स्वयं कुछ दिन पहले उद्घाटन किया था, उसके कमरों को आज मंत्रियों के नए और बड़े दफ्तर बनाने के लिए तोड़ा जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा, हमने भी पांच साल आर्थिक संकट के बावजूद सरकार चलाई और कभी ऐसा नहीं हुआ कि हमें किसी महीने कर्मचारियों की पगार रोकनी पड़ी हो या डीए और एरियर देने में देरी की हो। ये पहली ऐसी सरकार है जो ऋण तो बेतहाशा ले रही है, लेकिन न तो समय पर सैलरी मिल रही है और न ही घोषणा के बावजूद डीए व एरियर दिया जा रहा है। यही नहीं मेडिकल रीइंबर्समेंट का भुगतान भी दो सालों से नहीं हुआ है। जयराम ठाकुर ने कहा कि पहले से ही आर्थिक संकट से गुजर रहे प्रदेश में सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू और कांग्रेस ने सिर्फ चुनाव जीतने के लिए प्रदेश के कर्मचारियों का इस्तेमाल किया है। सत्ता में आते ही सीएम सुक्खू की 10 की 10 गारंटियां फेल हुई है। नेता प्रतिपक्ष ने तंज कसते हुए कहा कि सुक्खू सरकार को इन गांरटियों को पूरा करने के लिए 10 जन्म लग जाएंगे। बता दें कि 1 जनवरी 2023 से हिमाचल प्रदेश में कर्मचारियों की डीए की 3 किस्तें का भुगतान अभी तक नहीं हुआ है, यानी 12 फीसदी देय है। कर्मचारी इसके लिए लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं, हालांकि कर्मचारियों को 15 अगस्त के दिन उम्मीद थी कि उनकी कम से कम डीए की एक किस्त तो जारी होगी, लेकिन सरकार की ओर से कोई घोषणा न होने पर अब उन्हें 1 साल और इंतजार करना होगा, जबकि सरकार ने 75 साल की उम्र पूरी कर चुके पेंशनर्स को पूरे एरियर के भुगतान की घोषणा की है। वहीं, एरियर और डीए की किस्त न मिलने पर प्रदेश में कर्मचारियों में सुक्खू सरकार के प्रति भारी रोष है।
हिमाचल प्रदेश विजिलेंस की टीम ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय शिमला में तैनात डीएसपी के रीडर आरक्षी संदीप कुमार को अनुसूचित जाति व जनजाति अधिनियम के तहत दर्ज एक मामले को रफा दफा करने के लिए रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। विजिलेंस से प्राप्त जानकारी के अनुसार 20 अगस्त की शाम गिरफ्तार किया है। आरोपित संदीप कुमार 24 अगस्त तक पुलिस रिमांड पर हवालात पुलिस थाना छोटा शिमला में बंद है। वहीं संदीप कुमार की गिरफ्तारी और विजिलेंस थाना में मुकदमा पंजीकृत होने के बाद आरक्षी संदीप कुमार को रीडर पद से हटाकर पुलिस लाइन कैंथू शिमला में तैनात कर लिया गया है। आरक्षी संदीप कुमार पर आरोप है कि पुलिस थाना न्यू शिमला के मु० न० 15/2024 जेर धारा 341, 506, 427 आईपीसी व 3(1)(r), 3(1)(s), 3(1)(za) (A) अनुसूचित जाति व जनजाति अधिनियम को रफा दफा करने के लिए रिश्वत मांगी थी।
** हर्ष महाजन की अर्जी पहले ही खारिज कर चुका है कोर्ट हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में राज्यसभा चुनाव को चुनौती देने वाली अभिषेक मनु सिंघवी की याचिका पर आज सुनवाई होगी। हिमाचल में 27 फरवरी को घोषित किए गए राज्यसभा चुनाव परिणाम के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी अभिषेक मनु सिंघवी और भाजपा उम्मीदवार हर्ष महाजन के बीच मुकाबला बराबरी का रहा था, जिसके बाद पर्ची सिस्टम पर भाजपा उम्मीदवार को विजयी घोषित किया गया था। ऐसे में कांग्रेस प्रत्याशी अभिषेक मनु सिंघवी ने मुकाबला बराबरी पर रहने के बाद पर्ची सिस्टम से घोषित किए गए नतीजे को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। इस केस में बुधवार को ही हाईकोर्ट ने सांसद हर्ष महाजन की उस अर्जी को खारिज किया था, जिसमें उन्होंने 3 सितंबर को तेलंगाना में राज्यसभा चुनाव को देखते हुए, इस मामले की सुनवाई को टालने का आग्रह किया था। राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने कोर्ट में अर्जी देकर आग्रह किया था कि अभिषेक मनु सिंघवी तेलंगाना से राज्यसभा सीट के लिए चुनाव मैदान में उतरे हैं, जिसका असर हिमाचल हाईकोर्ट में चल रहे केस पर पड़ेगा। इसको देखते हुए हर्ष महाजन ने केस की सुनवाई को टालने का आग्रह किया था, लेकिन हाईकोर्ट ने हर्ष महाजन की इस अर्जी को अस्वीकार कर दिया है, जिसके बाद केस पर आज से बहस शुरू करने को कहा है। हिमाचल में राज्यसभा की एक सीट के लिए 27 फरवरी को मतदान हुआ था, लेकिन क्रॉस वोटिंग के कारण कांग्रेस के 40 विधायक होने पर भी पार्टी प्रत्याशी अभिषेक मनु सिंघवी भाजपा प्रत्याशी हर्ष महाजन से चुनाव हार गए थे। हुआ ये था कि कांग्रेस विधायकों की क्रॉस वोटिंग की वजह से कांग्रेस उम्मीदवार अभिषेक मनु सिंघवी और भाजपा प्रत्याशी हर्ष महाजन के बीच का मुकाबला 34-34 के वोटों पर बराबरी में हुआ था। ऐसे में बराबर मत होने के बाद चुनाव परिणाम लॉटरी सिस्टम से घोषित किया गया। जो भाजपा प्रत्याशी हर्ष महाजन के पक्ष में रहा था, जिसके चलते अभिषेक मनु सिंघवी ने प्रदेश हाईकोर्ट में एक याचिका डालकर राज्यसभा चुनाव को चुनौती दी है, जिसमें उन्होंने मुकाबला बराबरी पर होने के बाद पर्ची से हर्ष महाजन को विजय घोषित करने के नियम को गलत बताया है, जिस पर आज हिमाचल हाईकोर्ट में बहस शुरू होनी है।
हिमाचल प्रदेश में अब प्राइमरी और मिडल के बाद अब हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में भी शिक्षकों का युक्तीकरण शुरू होगा। नवीं से बारहवीं कक्षा वाले स्कूलों से आवश्यकता से अधिक नियुक्त शिक्षक शिफ्ट किए जाएंगे। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने उच्च शिक्षा निदेशालय से इसी माह सरप्लस शिक्षकों की सूची मांगी है। इसके अलावा पांच से कम विद्यार्थियों की संख्या वाले हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूल मर्ज करने को लेकर भी विचार शुरू हो गया है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि विद्यार्थियों की कम संख्या वाले उच्च और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों से कई विषय शिफ्ट होंगे। उच्च शिक्षा निदेशालय ने जिला उपनिदेशकों से विद्यार्थियों के दाखिलों का ब्योरा एकत्र कर लिया है। विषयवार और कक्षावार नामांकन की अलग-अलग से जानकारी भी ली गई है। कई वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में कुछ विषयों में विद्यार्थियों का नामांकन बहुत कम है। ऐसे विषयों को साथ लगते अधिक विद्यार्थियों की संख्या वाले स्कूलों में शिफ्ट करने का विचार है। कम विद्यार्थियों की संख्या वाले स्कूलों से संबंधित विषयों के शिक्षकों को आवश्यकता वाले स्कूलों में तैनाती दी जाएगी। उच्च शिक्षा निदेशालय ने प्रवक्ता स्कूल न्यू, डीपीई सहित गैर शिक्षकों का युक्तीकरण करने का फैसला लिया है। इसके अलावा जिन स्कूलोंं में विद्यार्थियों के दाखिले कम हैं, ऐसे स्कूलों को मर्ज करने का प्रस्ताव भी बनाया जाएगा। विद्यार्थियों की कम संख्या वाले प्राथमिक और मिडल स्कूलों की तर्ज पर वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल भी साथ लगते स्कूलों में मर्ज किए जा सकते हैं। बता दें कि बीते दिनों ही प्रदेश सरकार ने विद्यार्थियों की शून्य संख्या वाले 99 स्कूल बंद करने का फैसला लिया है। पांच या पांच से कम विद्यार्थियों की संख्या वाले 419 प्राथमिक और मिडल स्कूल मर्ज करने का निर्णय हुआ है। इन स्कूलों को दो से तीन किलोमीटर के दायरे वाले स्कूलों में मर्ज किया जा रहा है।
** केके पंत को मिला अतिरिक्त मुख्य सचिव वन का जिम्मा हिमाचल प्रदेश सरकार ने सिविल सेवा बोर्ड की सिफारिशों पर 7 IAS अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग के आदेश जारी किए हैं। इसको लेकर मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने बकायदा अधिसूचना जारी की है। यह अधिसूचना 20 अगस्त को जारी की गई। सेंट्रल डेप्युटेशन से लौटे केके पंत को अतिरिक्त मुख्य सचिव वन का जिम्मा सौंपा गया है। पंत को फाइनेंशियल कमिश्नर अपील का जिम्मा भी सौंपा गया है। यह अतिरिक्त प्रभार के तौर पर रहेगा। डॉ. अभिषेक जैन को डिजिटल टेक्नॉलजी का सेक्रेटरी बनाया गया है। इसके अलावा वह फाइनेंस, प्लानिंग, 20 सूत्री कार्यक्रम के सेक्रेटरी के तौर पर भी जिम्मा संभालेगें। स्वास्थ्य सचिव एम सुधा देवी को सचिव कार्मिक का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। इसके अलावा सीपी वर्मा को राज्यपाल का सचिव लगाया गया है। राज्यपाल के पूर्व सचिव राजेश शर्मा को "ग्रामीण विकास और पंचायती राज" सचिव का जिम्मा सौंपा गया है। आईएएस अधिकारी प्रियंका बसु इंग्टी को "सचिव श्रम एवं रोजगार, मुद्रण एवं स्टेशनरी, मत्स्य पालन और युवा सेवाएं एवं खेल" का जिम्मा सौंपा गया है। IAS राकेश कंवर को "शिक्षा, पशुपालन, भाषा, कला और संस्कृति" का सचिव बनाया गया है। इसके अलावा इनके पास एमपीपी एवं पावर और एनसीईएस का अतिरिक्त कार्यभार रहेगा।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने वाहन योग्य पुलों की रिपोर्ट मांगी है। लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरों को इस माह के अंत तक रिपोर्ट देने को कहा गया है। लोक निर्माण विभाग ने इंजीनियरों को पुलों का ऑडिट करने के निर्देश दिए थे। इसमें कहा गया कि प्रदेश में पुल कितने मजबूत एवं सुरक्षित हैं? ऑडिट रिपोर्ट के बाद जो पुल मरम्मत करने योग्य होंगे, उन्हें ठीक किया जाएगा। जो बिल्कुल खस्ताहाल हैं, उनकी जगह नए पुल का निर्माण किया जाएगा। प्रदेश सरकार ने लोक निर्माण विभाग को वेली ब्रिज तैयार करने के भी निर्देश दिए है। खस्ताहाल पुलों की जगह पहले बेली ब्रिज स्थापित होंगे, उसके बाद आरसीसी के पुलों का निर्माण किया जाएगा। हिमाचल में बीते साल प्राकृतिक आपदा के चलते दो दर्जन पुल बाढ़ में बह गए, जबकि कई को नुकसान पहुंचा है। कोई अप्रिय घटना न घटे, इसके चलते सरकार पुलों का ऑडिट करवा रही है। सरकार ने लोक निर्माण विभाग को आदेश दिए हैं कि जोन, मंडल या उपमंडल स्तर पर इंजीनियरों की टीमों का गठन कर सभी पुलों का निरीक्षण करें। अगर इंजीनियरों को लगा कि पुल ठीक करने योग्य है, ऐसी स्थिति में ही उसे दुरुस्त करने का प्लान तैयार किया जाएगा। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि बीते साल आपदा के चलते लोक निर्माण विभाग को 4,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इस बार भी कुल्लू और शिमला में बादल फटने से पुलों और सड़कों को 500 करोड़ का नुकसान हो चुका है। पानी के बहाव के साथ चट्टानें और पेड़ पुलों से टकराते हैं, इससे पुलों को नुकसान होता है। ऐसे में पुलों का ऑडिट जरूरी है।
मानसून सीजन खत्म होने में अब कुछ ही दिन बचे हैं। सितंबर माह से मानसून लौटना शुरू करेगा, लेकिन इससे पहले एक बार मानसून रफ्तार पकड़ चुका है। हिमाचल प्रदेश में कई दिनों से मौसम लगातार खराब बना हुआ है। प्रदेश के कई हिस्सों में सोमवार को भी बारिश देखने को मिली है। वहीं, बारालाचा, कुंजुम पास, रोहतांग दर्रा, शिंकुला सहित कई चोटियों पर हल्की बर्फबारी हुई है। मौसम विभाग ने किन्नौर, लाहौल स्पीति, चंबा को छोड़कर अन्य जिलों में 20 अगस्त से लेकर 22 अगस्त तक कई जिलों में भारी बारिश, लैंडस्लाइड, बाढ़ और फ्लैश फ्लड को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग की ओर से जारी किए गए बुलेटिन के मुताबिक बारिश के कारण नदी, नाले उफान पर रह सकते हैं। मौसम विभाग के अनुसार 20 अगस्त को सबसे अधिक बारिश कांगड़ा में 39.9, मंडी में 37 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि सबसे कम बारिश लाहौल स्पीति में दर्ज की गई है, जबकि बीते स्पताह में कांगड़ा में सबसे अधिक 241.8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। बारिश के कारण प्रदेश में तापमान सामान्य बना हुआ है। इसके कारण लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिली है। सबसे अधिक तापमान ऊना में दर्ज किया गया है। वहीं, शिमला में 20 डिग्री, सुंदरनगर में 26, केलंग में 23 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। बता दें कि वहीं, प्रदेश में 107 सड़कों पर यातायात बाधित हुआ। इनमें शिमला में 48, मंडी और कुल्लू में 24-24 सड़कें बाधित हैं। कई क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर खराब होने से बिजली सेबा भी बाधित हैं। सोमवार को प्रदेश में 146 सड़कों पर यातायात ठप रहा। इसके अतिरिक्त 301 बिजली ट्रांसफार्मर और 20 जल आपूति योजनाएं ठप चल रही हैं। सबसे ज्यादा सड़कें, बिजली ट्रांसफार्मर शिमला, कुल्लू, मंडी जिले में प्रभावित हुई थी।
** मुख्यमंत्री से करेंगे मुलाकात शिमला: कोलकाता में ट्रेनी महिला डॉक्टर से रेप और हत्या मामले को लेकर देशभर के चिकित्सकों में उबाल है। इन डॉक्टरों को अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता सता रही है। ऐसे में देशभर में रेप पीड़िता को न्याय दिलाने और डॉक्टरों को सुरक्षा प्रदान करने को लेकर चिकित्सक हड़ताल पर हैं। इसी कड़ी में हिमाचल प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों में मंगलवार को भी डॉक्टरों की हड़ताल जारी है। वहीं, आज शिमला में रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने आईजीएमसी से सचिवालय तक पैदल मार्च किया और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से सचिवालय में मिलने पहुंचे। बता दें कि भारतीय चिकित्सा संघ के आह्वान पर हिमाचल प्रदेश में डॉक्टरों ने हड़ताल जारी रखने का ऐलान किया है। आज भी मरीजों को अस्पतालों में इलाज नहीं मिलेगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के मिलने के बाद हो सकता है कि हिमाचल में डॉक्टरों की हड़ताल समाप्त हो जाए. शनिवार से शुरू हुई हड़ताल आज मंगलवार चौथे दिन भी जारी है। ऐसे में आज भी मरीजों को परेशानियां झेलनी पड़ेगी। रेजिडेंट डॉक्टर के बाद हिमाचल मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन (HMOA) भी हड़ताल पर है, जिससे प्रदेश में इससे स्वास्थ्य सेवाएं पटरी से उतर गई है। अस्पतालों में केवल आपातकालीन सेवाएं चालू रही। डॉक्टरों ने अपनी मांगों को पूरा नहीं होने तक प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान किया है। हिमाचल के सभी मेडिकल कॉलेजों हॉस्पिटल में आज भी डॉक्टर मरीजों का इलाज नही करेंगे। यदि मरीज दूरदराज क्षेत्रों से हॉस्पिटल पहुंचे तो आज भी बिना इलाज के वापस लौटना पड़ सकता है। आईएमए के राष्ट्रीय इकाई के रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल को समर्थन के ऐलान के बाद हिमाचल डॉक्टर एसोसिएशन ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA), फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन (FORDA) और फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FOAIA) ने मंगलवार को भी हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया है।
** मुख्यमंत्री सहित अन्य नेताओं ने राजीव गांधी की प्रतिमा पर अर्पित की पुष्पांजलि ** राजीव गांधी के योगदान को किया गया याद सद्भावना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज छोटा शिमला स्थित राजीव चौक पर पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न राजीव गांधी की जयन्ती के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश सचिवालय के अधिकारियों और कर्मचारियों को सद्भावना दिवस शपथ भी दिलाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय राजीव गांधी को राष्ट्र आधुनिक भारत निर्माता के रूप में जानता है। प्रधानमंत्री के कार्यकाल के दौरान उन्होंने लोगों और समाज की सोच को बदलने के लिए अनेक दूरदर्शी निर्णय लिए। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय राजीव गांधी के प्रधानमंत्री के कार्यकाल के दौरान वह नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) के अध्यक्ष थे। एनएसयूआई की मांग पर राजीव गांधी ने युवाओं के मताधिकार के उपयोग की आयु को 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष की, ताकि देश का युवा लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कर सके। उनके कार्यकाल की यह सबसे बड़ी उपलब्धि थी। ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राजीव गांधी के दूरदर्शी निर्णयों के फलस्वरूप आज भारत सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अग्रणी देश बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने जब भारत की सुपर कम्प्यूटर की मांग को ठुकराया, तब उनके सशक्त नेतृत्व ने देश ने सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए निर्णायक कदम उठाए। लोकतांत्रिक प्रक्रिया में महिलाओं के अधिकारों की उन्होंने पुरजोर वकालत की और पंचायती राज संस्थाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण दिया गया। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने विधानसभा और संसद में महिलाओं के 33 प्रतिशत आरक्षण के लिए आवाज उठाई। इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, हिमाचल प्रदेश कांग्रेस समिति की अध्यक्ष प्रतिभा सिंह, मुख्य संसदीय सचिव मोहन लाल ब्राक्टा व संजय अवस्थी, हिमाचल प्रदेश भवन एवं सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव कंवर, हिमुडा के उपाध्यक्ष यशवंत छाजटा, शिमला नगर निगम के महापौर सुरेंद्र चौहान, उप महापौर उमा कौशल, पार्षदगण, मुख्यमंत्री के ओएसडी रितेश कपरेट और अन्य व्यक्ति उपस्थित थे।
मंडी: कोलकाता के आरजी मेडिकल कॉलेज में ट्रेनी महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और निर्मम हत्या के बाद देशभर में गुस्सा देखने को मिल रहा है। महिला डॉक्टर की निर्मम हत्या के बाद से देशभर के डॉक्टर अपना रोष जाहिर कर रहे हैं। प्रदेशभर में 17 अगस्त से डॉक्टर हड़ताल पर हैं। मृतक महिला डॉक्टर के लिए न्याय और अपने लिए सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। मंडी जिले में लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज नेरचौक में डॉक्टरों ने ओपीडी सेवाएं बंद कर रखी हैं। हिमाचल चिकित्सा अधिकारी संघ की बैठक में 20 अगस्त को भी ओपीडी बंद रखने और आपातकालीन सेवाओं को ही जारी रखने का निर्णय लिया गया है। कोलकाता में महिला डॉक्टर की रेप के बाद हत्या के विरोध में रेजिडेंट डॉक्टर्स, प्रशिक्षु छात्र-छात्राओं के साथ-साथ विभिन्न विभागों के डॉक्टर प्रदर्शन भी कर चुके हैं। वहीं, ओपीडी सेवाएं बंद होने से मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि आपात स्थिति में मरीजों को हर संभंव इलाज दिया जा रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि कोलकाता में प्रशिक्षु महिला डॉक्टर के साथ हुई दरिंदगी को लेकर पूरे देश में गुस्सा है। अस्पतालों में कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि जब डॉक्टर अपने कार्य स्थल पर ही सुरक्षित नहीं होंगे तो उनकी सुरक्षा पर प्रश्नचिन्ह खड़ा जरूर होता है। डॉक्टरों का कहना है कि इस मामले का राजनितिकरण नहीं होना चाहिए और इस प्रकार के जघन्य अपराध में पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय मिलना चाहिए। प्रदर्शन कर रही महिला चिकित्सक ने कहा कि डॉक्टरों को रात्रि सेवा के दौरान अपनी सुरक्षा की चिंता होती है और इसके कारण उनका काम भी प्रभावित होता है। डॉक्टर के ऊपर पहले भी कई बार हमले हो चुके हैं। उन्होंने मांग की है कि पीड़ित महिला डॉक्टर के मामले में जल्द से जल्द न्याय दिया जाए और डाक्टरों की सुरक्षा को सेंट्रल प्रोटेक्शन एक्ट के माध्यम से सुनिश्चित किया जाए।
पिछले महीने बजट में सरकार ने कस्टम ड्यूटी में कटौती का फैसला किया गया। इसके बाद से सोने के कीमतों में कमी आ रही हैं। इससे निवेशकों की रुची भी बढ़ रही है। कीमतों में ताजा गिरावट उन लोगों के लिए अवसर है जिन्होंने सोने में अबतक निवेश नहीं किया है। सरकार ने कस्टम ड्यूटी में कटौती की घोषणा के बाद सोने की कीमतें 6 फीसदी गिरकर 69,000 रुपये प्रति ग्राम हो गई है। पिछले एक साल में सोने ने 21.10 फीसदी का रिटर्न दिया है। 20 अगस्त को भारत में सोने की कीमतें 72,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के करीब है। सबसे ज्यादा प्योरिटी वाले 24 कैरेट सोने की कीमत 72,760 रुपये प्रति 10 ग्राम है। आभूषण खरीदने वाले लोग 22 कैरेट सोना खरीदते है, क्योंकि थोड़े से मिश्र धातु मिश्रण के कारण अपनी अतिरिक्त मजबूती के लिए जाना जाता है। आज 22 कैरेट सोना की कीमत 66,690 रुपये प्रति 10 ग्राम है। इस बीच चांदी की कीमत 85,800 रुपये प्रति किलोग्राम है।
हिमाचल में राजस्व विभाग से संबंधित आम लोगों की परेशानियों को देखते हुए सरकार ने संयुक्त ग्रामीण राजस्व अधिकारी एवं कानूनगो महासंघ को आज वार्ता का समय दिया है। ये वार्ता अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व ओंकार शर्मा के साथ दोपहर करीब 12 बजे होगी, जिसमें महासंघ की मांगों को लेकर चर्चा होगी, जिसके बाद महासंघ आज ही ऑनलाइन सेवाएं देने का फैसला लेगा। 12 जुलाई को हुई प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में पटवारी और कानूनगो को जिला से स्टेट कैडर में किए जाने का निर्णय लिया गया था, जिससे नाराज संयुक्त ग्रामीण एवं राजस्व अधिकारी एवं कानूनगो महासंघ ने 15 जुलाई से लोगों को ऑनलाइन सेवाएं न देने का निर्णय लिया था। ऐसे में प्रदेश भर के नगर निगमों, नगर परिषद, नगर पंचायतों और पंचायतों के तहत लोगों के हिमाचली प्रमाण, आय प्रमाण पत्र, कृषक प्रमाण पत्र और ईडब्लूएस आदि प्रमाण पत्र नहीं बन रहे हैं। यही नहीं प्रदेश भर में लोगों के ऑनलाइन अपडेट होने वाले इंतकाल और लोन से संबंधित कार्य भी प्रभावित हो गए हैं। इससे आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, मानवीय पहलू को देखते हुए प्रदेश में आपदा से जुड़े कार्य की इस निर्णय बाहर रखा गया है. वहीं, इसी बीच 15 अगस्त को देहरा में मनाए गए राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान महासंघ के पदाधिकारियों की मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के साथ बैठक हुई थी, जिसमें महासंघ ने स्टेट कैडर सहित अन्य मांगों को लेकर मिले आश्वासन के बाद फिर से ऑनलाइन सेवाएं देने का निर्णय लिया था, लेकिन एक ही दिन में संयुक्त ग्रामीण राजस्व अधिकारी एवं कानूनगो महासंघ ने यू टर्न लेते हुए फिर से ऑनलाइन सेवाएं बंद कर दी हैं। प्रदेश में लोगों की परेशानियों को देखते हुए सरकार और महासंघ की आज एक बार फिर से मीटिंग निर्धारित हुई है। ये बैठक अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व ओंकार शर्मा के साथ होगी, जिसमें महासंघ पटवारियों और कानूनगो की लंबित मांगों को रखेगा। इस दौरान अगर इन सरकार मांगों को माने जाने को लेकर अपनी सहमति देती है तो पटवारी और कानूनगो 21 अगस्त से लोगों को ऑनलाइन सेवाएं देनी शुरू कर देंगे, जिसके बाद लोगों को राहत मिल सकती है। बता दें कि प्रदेश भर में पिछले करीब 33 दिनों से लोगों के ऑनलाइन सर्टिफिकेट नहीं बन रहे हैं, जिससे प्रदेश स्तर में 2 लाख से अधिक ऑनलाइन आवेदन पेंडिंग पड़े हैं। ऐसे में लोगों के जरूरी काम लटक गए है। इस तरह से लोग भी सरकार और महासंघ के बीच चल रहे विवाद के समाप्त होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। ताकि, उन्हें अधिक समस्या का सामना न करना पड़े। हिमाचल प्रदेश संयुक्त ग्रामीण राजस्व अधिकारी (पटवारी) एवं कानूनगो महासंघ के अध्यक्ष सतीश चौधरी ने कहा, मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में कुछ मांगों को लेकर संशय रह गया था, जिसको दूर करने के लिए आज राज्य सचिवालय में महासंघ की अतिरिक्त मुख्य सचिव के साथ बैठक निर्धारित हुई है, जिसमें इन मांगों को लेकर चर्चा होगी। इसके बाद महासंघ अपना निर्णय सुनाएगा।
शिमला: एचआरटीसी के घाटे के 168 रूट प्राइवेट ऑप्रेटरों को दिए जाएंगे और इन रूटों पर प्राइवेट बस ऑप्रेटर्ज बसें चलाएंगे। मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने के बाद इस पर काम शुरू हो गया है। निगम के करीब 50 घाटे वाले रूट पहले निजी ऑप्रेटरों को दिए जा चुके हैं। अब 168 रूटों को निजी हाथों में देने के बाद निगम में भी बड़े स्तर पर बदलाव होगा। निगम का बस बेड़ा कम होगा, जिसके बाद कर्मचारियों की कैडर स्ट्रैंथ भी कम करनी पड़ेगी। एचआरटीसी में 12 हजार कर्मचारी हैं। इसमें 9 हजार चालक- परिचालक हैं। निगम प्रबंधन के अनुसार घाटे के रूटों पर बस सेवा बंद होने के बाद चालक-परिचालक सरप्लस हो जाएंगे। पहले चरण में युक्तिकरण की प्रक्रिया को अपनाया जाएगा। इसके तहत सरप्लस स्टाफ को अन्य डिपुओं में भेजा जाएगा। अगले 5 सालों में कितने कर्मचारी सेवानिवृत्त होने वाले हैं, कितनों की पदोन्नति देय है इसका पूरा खाका तैयार किया जाएगा। इसके अनुसार आगामी प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी। यदि निगम के पास फिर भी स्टाफ सरप्लस हो जाता है तो अन्य विभागों को चालक-परिचालकों को भेजने का निर्णय लिया जा सकता है या फिर सरप्लस पूल में इन कर्मचारियों को भेजा जाएगा। निगम चालकों को तो अन्य विभागों में भेज सकता है, लेकिन परिचालकों से क्या काम लेना है इस पर अभी विचार चल रहा है।
हिमाचल के राशन डिपुओं में मिलने वाला आटा-चावल भी अब उपभोक्ताओं को महंगा मिलेगा। करीब 15 साल बाद आटा-चावल के दाम बढ़ाए गए हैं। हालांकि, प्रदेश के राशनकार्ड उपभोक्ताओं को चावल और गेंहू केंद्र सरकार मुहैया करवाती है। लेकिन प्रदेश सरकार का तर्क है कि राशन को डिपुओं और गोदामों तक पहुंचाने की भाड़ा दरें बढ़ गई हैं। इसलिए राशन के रेट बढ़ाए गए हैं। अभी एपीएल उपभोक्ताओं को डिपुओं में आटा 9:30 रुपये से प्रतिकिलो मिल रहा है। इसे बढ़ाकर 12 रुपये प्रति किलो, चावल 10 रुपये से बढ़ाकर 13 रुपये करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसी तरह बीपीएल (35 किलो राशन, प्रति व्यक्ति पांच किलो) वाले उपभोक्ताओं को चावल 6.85 रुपये से बढ़ाकर 10 रुपये प्रति किलो और आटा 7 रुपये से बढ़ाकर 9.30 रुपये किलो मिलेगा। खाद्य आपूर्ति निगम ने इसका प्रस्ताव तैयार किया है। सूत्रों के मुताबिक एक सितंबर को इस नई व्यवस्था लागू की जा सकती है। हिमाचल प्रदेश में वर्तमान में करीब साढ़े 19 लाख राशनकार्ड उपभोक्ता हैं। इनमें से साढ़े 12 लाख के करीब एपीएल उपभोक्ता हैं, जबकि अन्य आईआरडीपी और करदाता हैं। सरकार की ओर से उपभोक्ताओं को 6 किलो चावल, 10 से 13 किलो आटा, दो लीटर तेल (रिफाइंड और सरसों), चीनी और एक किलो नमक सब्सिडी पर दिया जा रहा है।
राजधानी शिमला में नशेड़ियों का आतंक बढ़ चुका है। इन्हें ना तो पुलिस का डर है और ना ही कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज इनके लिए मायने रखती है। आम जनता तो छोड़िए अब पुलिस कर्मियों के साथ हाथापाई करने से भी इन्हें डर नहीं लगता। नशे में धुत कुछ नशेड़ी कानून के लंबे हाथों से दो-दो हाथ करने के लिए तैयार हैं। ऐसा ही एक मामला राजधानी शिमला से सामने आया है। जहां कुछ नशेड़ियों ने पुलिस चौकी में घुसकर पुलिसकर्मी की पिटाई की और तोड़फोड़ भी की। पुलिसवाले को पीटने के बाद ये नशेड़ी वहां से फरार भी हो गए हैं। मामला शिमला के समरहिल इलाके का है। आज सुबह समरहिल पुलिस चौकी में तीन नशेड़ी घुस गए और चौकी में मौजूद पुलिस कॉन्सटेबल के साथ मारपीट की। इन तीनों युवकों ने चौकी में प्रिंटर और मेज को भी तोड़ डाला। इन युवकों को पुलिस का खौफ रत्तीभर भी नहीं था। क्योंकि पुलिसवाले से मारपीट और चौकी में तोड़फोड़ करने के बाद ये तीनों मौके से फरार भी हो गए। हालांकि इन तीनों आरोपियों की पहचान हो चुकी है, लेकिन राजधानी शिमला का ये मामला कानून व्यवस्था की पोल भी खोल रहा है। गौरतलब है कि समरहिल में ही हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी का कैंपस है और ये समरहिल पुलिस चौकी HPU के नाम से भी जानी जाती है। चौकी में मौजूद पुलिसकर्मियों की शिकायत पर मामला बालूगंज थाने में दर्ज कर लिया गया है। आरक्षी सुशांत गौतम ने बताया कि "शराब के नशे में राहुल, अमन कुमार और विजय राज ने समरहिल पुलिस चौकी में घुसकर आरक्षी साहिल के साथ मारपीट की मेज और प्रिंटर तोड़कर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना बालूगंज में धारा 132, 121(1), 352 (3)5 भारतीय न्याय संहिता और धारा 3 पब्लिक प्रॉपर्टी डैमेज एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ है। फिलहाल अभी तक मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं की है, लेकिन इस घटना के बाद अब पुलिस भी सवालों के घेरे में है। सवाल है कि जब राजधानी में पुलिस चौकी और उसके अंदर बैठे कर्मचारी ही सुरक्षित नहीं है तो आम जनता खुद को कितना सुरक्षित महसूस करेगी। अपराधियों को पुलिस का ही डर नहीं है। शिमला एक टूरिस्ट प्लेस है। यहां रोजाना हजारों पर्यटक घूमने के लिए आते हैं। ऐसे में बाहरी राज्यों से आया कोई व्यक्ति किसी अपराध को अंजाम देता है तो कैसे पुलिस इससे निपटेगी। कैसे पुलिस पर्यटकों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को बनाए रखेगी।
भंग कर्मचारी चयन आयोग के बहुचर्चित पेपर लीक मामले में एक और आरोपी अभ्यर्थी परीक्षा का टॉपर है। पेपर लीक मामले में दर्ज 14वीं एफआईआर में पुलिस रिमांड पर चल रहा आरोपी अमित रावत असिस्टेंट स्टोरकीपर (पोस्ट कोड 822) भर्ती परीक्षा में 82 अंक लेकर टॉपर रहा था। मार्च 2022 में इस परीक्षा का नतीजा घोषित होने के बाद अमित बिजली बोर्ड हमीरपुर के सर्किल कार्यालय में तैनात था। वह तीन माह पूर्व ही नियमित हुआ था। अब बिजली बोर्ड प्रबंधन ने भी कर्मचारी का रिकॉर्ड खंगालना शुरू कर दिया हैं। भंग आयोग के कार्यकाल में पेपरलीक का यह खेल लंबे समय से आयोग में चल रहा था। दो साल की सेवाओं के बाद आरोपी अभ्यर्थी नियमित भी हो गए थे। इस भर्ती की लिखित परीक्षा में प्रदेशभर के हजारों युवाओं ने हिस्सा लिया था, जबकि पेपर खरीद कर आरोपी परीक्षा में मेरिट हासिल कर नौकरी लग गया। पेपर लीक मामले की मुख्य आरोपी उमा आजाद का बड़ा बेटा नितिन भी आयोग की दो परीक्षा पास कर नौकरी लगा था। वह भी एक परीक्षा में टॉपर रहा था। इसके अलावा विभिन्न पोस्ट कोड में दर्ज एफआईआर में कई आरोपी अभ्यर्थी मेरिट में रहे हैं। डेढ़ साल की लंबी जांच में विजिलेंस ने 14वीं एफआईआर दर्ज की है। दो दर्जन के करीब पोस्ट कोड की परीक्षाएं विजिलेंस जांच के दायरे में हैं। कैबिनेट सब कमेटी ने विभिन्न पोस्ट कोड के नतीजे घोषित करने के आदेश नवगठित राज्य चयन आयोग को दिए हैं लेकिन जांच के दायरे में शामिल परीक्षाओं में उन पदों पर नतीजे घोषित नहीं किए जा रहे है जिनमें अभ्यर्थी आरोपी हैं। जेओए आईटी पोस्ट कोड 817 में भी पांच पदों को रिक्त रखा गया है। इस परीक्षा को पास करने वाले पांच अभ्यर्थी भी पेपरलीक में आरोपी हैं। एसपी विजिलेंस कुलभूषण वर्मा का कहना है कि जांच जारी है। कर्मचारी का रिकाॅर्ड ब्रांच से मांगा गया है। यह कर्मचारी कुछ माह पूर्व ही नियमित हुआ था। मामले में नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। बोर्ड प्रबंधन को जल्द इसकी रिपोर्ट भेजी जाएगी।
शिमला में हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड इंप्लाइज यूनियन की राज्य कमेटी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए यूनियन के अध्यक्ष केडी शर्मा ने बीते कल बोर्ड की खराब हालत पर चिंता जताई। उन्होंने कहा 53 साल के इतिहास में बिजली बोर्ड की हालत आज सबसे दयनीय है, जिसके लिए सीधे तौर प्रदेश सरकार दोषी है। बिजली बोर्ड जैसी बड़ी संस्था को सरकार पिछले डेढ़ साल से एडहॉक प्रबंधन पर चला रही है। केडी शर्मा ने कहा, लंबे समय से अस्थायी प्रबंधन की वजह से बोर्ड की हालत खराब है, जिन अधिकारियों को बोर्ड का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है, उन्होंने डेढ़ साल से राज्य के ऊर्जा क्षेत्र को प्रयोगशाला बनाकर रख दिया है, जिसका खामियाजा बिजली बोर्ड के साथ कर्मचारियों व पेंशनरों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा प्रबंध निदेशक लंबे समय से अस्थायी तौर पर आगन्तुक की तरह 7 से 10 दिन में एक बार आ रहे हैं, जिससे बिजली बोर्ड में पूर्णकालिक निदेशक व निदेशक मंडल की बैठकें समय पर नहीं हो पा रही हैं। ऐसे में लंबे समय से कई महत्वपूर्ण निर्णय व पदोन्नतियां लटकी पड़ी हैं। पिछले साल मई महीने में सर्विस कमेटी ने जो निर्णय लिए हैं उन्हें अभी तक लागू नहीं किया गया है। इसमें 20 मई 2023 को निदेशक मंडल ने बोर्ड में 1100 तकनीकी कर्मचारियों को भरने का फैसला लिया था, लेकिन अभी तक भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। यूनियन ने अधिकारियों की वजह से डेढ़ साल में बोर्ड और प्रदेश की जनता को हुए नुकसान की चार्जशीट तैयार कर आगामी कार्रवाई को सरकार के लिए भेजी थी, लेकिन उस पर अभी तक कोई भी कार्रवाई नहीं की गई है। ऐसे में यूनियन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच के लिए उच्च न्यायालय में याचिका दायर करने का निर्णय लिया है। यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष ने कहा इस कुप्रबंधन के कारण बिजली बोर्ड गंभीर वित्तीय संकट से गुजर रहा है, जिस कारण कर्मचारियों व पेंशनर्ज के वित्तीय लाभ रुके पड़े हैं। स्थिति ये है कि पिछले एक साल से कर्मचारियों को रिटायरमेंट पर अर्जित अवकाश व ग्रेच्युटी की अदायगी नहीं हो पाई है। आज बिजली बोर्ड कर्मचारियों के अभाव से जूझ रहा है। तकनीकी कर्मचारियों को 48-48 घंटे ड्यूटी देनी पड़ रही है, जिस कारण प्रति वर्ष 30 से 45 कर्मचारी हादसे का शिकार हो रहे हैं। बीते साल 9 नियमित और 5 आउटसोर्स कर्मचारी अकाल मौत का शिकार हुए हैं। वहीं, कुल 27 कर्मचारियों को हादसे में गंभीर चोटें आई हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारी लोगों को बेहतर बिजली सुविधा उपलब्ध करवा रहे हैं, इसके बाद भी साल 2003 के बाद लगे कर्मचारियों को अभी तक पुरानी पेंशन के लाभ से वंचित रखा गया है। केडी शर्मा ने कहा इस तरह के कुप्रबंधन की वजह से बिजली बोर्ड कर्मचारियों का धैर्य अब टूट रहा है।
**शुक्रवार रात से यहां फंसे थे सेबों के ट्रक उपमंडल रामपुर में तकलेच क्षेत्र के डमराली में बादल फटने से क्षतिग्रस्त हुई सड़क को बहाल कर दिया गया है। सड़क बहाली के बाद डीसी शिमला और एसपी शिमला ने भी तकलेच में निरीक्षण किया। बता दें कि यहां पर 16 अगस्त की रात से सेब के ट्रक फंसे हुए थे। सड़क बहाल होने के बाद ही इन ट्रकों की आवाजाही शुरू हो पाई है। वहीं, डीसी शिमला अनुपम कश्यप ने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए हैं कि डमराली तक पहुंचने वाले मार्ग के बहाली के काम में तेजी लाई जाए। इसके अलावा स्थानीय पंचायत को एस्टीमेट बनाने के निर्देश दिए। तकलेच के डमराली में 16 अगस्त को बादल फटा, जिससे साथ लगते नालों में फ्लैश फ्लड आ गया और यहां की सड़क बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। सड़क के अलावा यहां पर कई जगह कलवट टूटे गए थे। डीसी शिमला अनुपम कश्यप ने बताया, "तकलेच तक सड़क बहाल हो चुकी है। यहां फंसे हुए सेब के ट्रकों को निकाल दिया गया है। डमराली तक सड़क बहाल करने का काम चला हुआ है। यहां पर मशीन की मदद से कटिंग करके मार्ग तैयार किया जा रहा है।" इस दौरान डीसी शिमला के साथ एसपी शिमला संजीव कुमार गांधी, एसडीएम रामपुर निशांत तोमर, डीएसपी नरेश शर्मा, लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग, विद्युत विभाग के अधिकारियों समेत स्थानीय पंचायत के प्रतिनिधि मौजूद रहे। वहीं, इस मौके पर डीसी अनुपम कश्यप और एसपी संजीव कुमार गांधी ने समेज त्रासदी में लापता लोगों के लिए चलाए गए सर्च ऑपरेशन को लेकर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आर्मी और सीआईएसएफ की टीमों का विशेष आभार व्यक्त किया। डीसी अनुपम कश्यप ने कहा, "इस बड़े सर्च ऑपरेशन में सभी टीमों का काम काबिले तारीफ रहा है। 85 किलोमीटर के दायरे में सर्च ऑपरेशन को चलाया गया। टीम के हर सदस्य ने सर्च ऑपरेशन में अहम भूमिका निभाई है। अभी तक कई शवों को बरामद कर लिया गया है, जबकि कई शवों की शिनाख्त कर उन्हें परिजनों को सौंप दिया गया है। बाकी बचे कुछ शवों का डीएनए मिलान जारी है। "इस दौरान डीसी शिमला अनुपम कश्यप और एसपी शिमला संजीव कुमार गांधी ने एनडीआरएफ यूनिट के कोटला कैंप, सीआईएसएफ के झाकड़ी और आर्मी के अवेरीपट्टी कैंप में पूरी टीम के साथ बैठक करते हुए आभार जताया। उन्होंने सभी यूनिटों से भविष्य में आपदा के समय सतर्क रहने और सहयोग करने की अपील की। इस दौरान संबंधित यूनिट के आला अधिकारी भी बैठक मौजूद रहे।
हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग ने आज और आगामी दो दिनों के लिए भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार मंडी, कुल्लु, हमीरपुर, बिलासपुर और कांगड़ा जिले में अलग-अलग जगहों पर गरज और बिजली के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं, चंबा, लाहौल-स्पीति, किन्नौर, शिमला और सोलन जिले में कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है, जबकि बाकी जिलों में मौसम विभाग ने हल्की बारिश को लेकर आशंका जाहिर की है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आज 19 अगस्त और 20-21 अगस्त को प्रदेश में मौसम खराब रहेगा और अलग-अलग जगहों में भारी बारिश को लेकर चेतावनी भी जारी की गई है। वहीं, प्रदेश में आगामी दिनों में मैदानी और निचले पहाड़ी और मध्य पहाड़ी इलाकों में अलग-अलग स्थानों पर गरज के साथ बारिश और बिजली गिरने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक बीते 24 घंटों में प्रदेश में कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई है। वहीं, इस दौरान न्यूनतम और अधिकतम तापमान में भी ज्यादा बदलाब दर्ज नहीं किया गया है। पिछले 24 घंटों में न्यूनतम तापमान सामान्य रहा जबकि अधिकतम तापमान सामान्य से ज्यादा रहा। सबसे कम न्यूनतम तापमान कुकुमसेरी में 9.08 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान धौलाकुआं में 34.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा शिमला में 24.0, कांगड़ा में 32.0, धर्मशाला में 29.4, सोलन में 30.0, नाहन में 28.7, सुंदरनगर में 32.9, कुल्लू में 34.6, मनाली में 27.7, बिलासपुर में 33.4 और ऊना में 34.0 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
हिमाचल के ग्रामीण क्षेत्रों में पानी के 20 लाख कनेक्शन लगे हैं। अब इन्हें जल शक्ति विभाग की ओर से हर महीने पानी का बिल आएगा। जल शक्ति विभाग ने उपभोक्ताओं का आंकड़ा जुटा लिया है। 50 फीसदी ऐसे उपभोक्ता हैं, जिनके पास दो-दो कनेक्शन हैं। लोगों को अब इन दोनों कनेक्शनों के बिलों की अदायगी करनी पड़ेगी। प्रति कनेक्शन हर महीने 100 रुपये बिल आएगा। राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने के बाद जल शक्ति विभाग ने बिल कैसे वसूलना है, इसे लेकर होमवर्क शुरू कर दिया है।उपभोक्ताओं ने पहले जल शक्ति विभाग से पानी के कनेक्शन ले लिए थे। इसके बाद जल जीवन मिशन के तहत भी पानी का अतिरिक्त कनेक्शन ले रखा है। सरकार ने बीपीएल, एकल नारी, विधवा महिला, दिव्यांग श्रेणी के लोगों को निशुल्क पानी देने का फैसला लिया है। ऐसे लोगों की पहचान स्थानीय स्तर पर ही होगी और इसका पूरा डाटा विभाग के बिलिंग सॉफ्टवेयर में फीड किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि पूर्व जयराम सरकार ने विधानसभा चुनाव से पहले मई 2022 में ग्रामीण क्षेत्रों में निशुल्क पानी देने का फैसला लिया था। जबकि सुक्खू सरकार ने प्रदेश की खराब वित्तीय स्थिति का तर्क देकर मुफ्त पानी देने की योजना को सीमित कर दिया है। राज्य सरकार की आने वाले दिनों में ग्रामीण क्षेत्रों में भी पानी के मीटर लगाने की योजना है। जल शक्ति विभाग गांवों में पानी के मीटर भी लगाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में होटल, होम स्टे, ढाबा और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां भी चल रही हैं, उनके लिए पानी का बिल व्यावसायिक होगा।
सीएम ने प्राथमिक अध्यापकों को वितरित किए टैबलेट, मुख्यमंत्री बाल पौष्टिक आहार योजना का किया शुभारम्भ
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज हमीरपुर में शिक्षा विभाग की दो महत्त्वकांक्षी पहलों प्राथमिक स्कूल शिक्षकों को टैबलेट वितरण और मुख्यमंत्री बाल पौष्टिक आहार योजना का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के शिक्षा एवं प्रशासनिक कार्यों में डिजिटलीकरण को बढ़ावा प्रदान करने के प्रयासों के तहत प्रदेश में 17,510 प्राथमिक स्कूल शिक्षकों को टैबलेट दिए जाएंगे। इस नवीन पहल का उद्देश्य शिक्षण कार्यों में आधुनिकरण को बढ़ावा देना, डिजिटल शैक्षणिक संसाधनों तक पहुंच सुनिश्चित करना और उपस्थिति दर्ज करने और डाटा अपडेट करने जैसे प्रशासनिक कार्यों को सरल बनाना है। इस सुविधा से शिक्षा में गुणात्त्मक सुधार होगा और शिक्षक बच्चों के लिए शिक्षा संबंधी सामग्री को प्रभावी तरीके से पेश करेंगे। इसके अतिरिक्त इन टैबलेट के माध्यम से अध्यापक ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेकर अपना ज्ञानवर्धन कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने सरकारी स्कूलों के बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध करवाने के लिए तैयार की गई अभिनव योजना ‘मुख्यमंत्री बाल पौष्टिक आहार योजना’ का भी शुभारम्भ किया। यह योजना मौजूदा मिड-डे-मील की पूरक होगी और राज्य के 15,181 स्कूलों के नर्सरी से आठवीं कक्षा तक के बच्चों को लाभ मिलेगा। वर्तमान में राज्य में 5,34,293 बच्चे मिड-डे-मील योजना से लाभान्वित हो रहे हैं। इस योजना के आरम्भ होने से बच्चों को अब अतिरिक्त पौष्टिक आहार मिलेगा। योजना के अंतर्गत बच्चों की पसन्द को ध्यान में रखते हुए सप्ताह में एक बार उबले हुए अंडे या फल दिए जाएंगे और स्थानीय बाजार से ताजे फल खरीदे जाएंगे। प्रदेश सरकार ने इस वित्त वर्ष में मुख्यमंत्री बाल पौष्टिक आहार योजना के लिए 12.75 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट आवंटित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार की गलत नीतियों के फलस्वरूप प्रदेश गुणात्त्मक शिक्षा क्षेत्र की रैंकिंग में फिसलकर 18वें स्थान पर पहुंच गया है। लेकिन वर्तमान सरकार शिक्षा क्षेत्र में सुधार करने के लिए प्रयासरत है। वर्तमान प्रदेश सरकार ने कार्यभार ग्रहण करते हुए बच्चों को गुणात्त्मक शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए अनेक महत्त्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा में सुधार करने के लिए प्रदेश सरकार तीन स्तरों पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए गुणात्त्मक शिक्षा प्रदान करने के लिए धन की कमी को आड़े नहीं आने दिया जाएगा। इसके अंतर्गत शिक्षकों को शैक्षणिक भ्रमण पर विदेश भेजा जा रहा है, प्रथम चरण में नवीन शिक्षण प्रणालियों जानने के लिए 217 शिक्षकों को सिंगापुर भेजा गया, प्रदेश में शिक्षा अधोसंरचना के विकास पर भी विशेष बल दिया जा रहा है। राज्य की प्रत्येक विधानसभा में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल खोले जा रहे हैं। शिक्षक विद्यार्थियों के जीवन और उनकी सोच में सकारात्मक बदलाव लाते हैं और शिक्षक महत्त्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाते हैं। इसलिए समाज में शिक्षकों का स्थान महत्त्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रदेश सरकार ने सरकारी स्कूलों के शिक्षकों का स्थानांतरण वर्ष में एक बार करने का निर्णय लिया है। इससे पहले, 5000 अध्यापक वर्षभर स्थानांतरण की प्रक्रिया में घिरे रहते थे। स्कूल संबंधी लैटर्ज के लिए आउट सोर्स आधार पर स्टाफ की भर्ती की जाएगी। उन्होंने कहा कि पांच से कम विद्यार्थियों वाले स्कूलों को नजदीकी स्कूलों में मर्ज किया जा रहा है और आवश्यकता पड़ने पर विद्यार्थियों के लिए परिवहन सुविधा के लिए 20000 रुपये भी व्यय किए जाएंगे। पिछली भाजपा सरकार के बिना स्टाफ की उपलब्धता के 400 से अधिक शिक्षण संस्थानों के खोलने के निर्णय की आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्य स्कूलों से अध्यापकों को नए खोले गए स्कूलों में भेजा गया जिससे शिक्षा का स्तर गिरा। इन बातों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार को शून्य नामांकन वाले स्कूलों को बंद करना पड़ा। प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए महाविद्यालयों का भी युक्तिकरण किया जाएगा। ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए पिछली भाजपा सरकार के पास कड़े निर्णय लेने का साहस नहीं था। उन्होंने केवल राजनीतिक लाभ लेने के लिए सम्पन्न परिवारों के बिजली और पानी के बिल माफ किए। मुफ्त में बांटने की यह प्रक्रिया अगर इसी प्रकार जारी रहती तो प्रति व्यक्ति कर्ज दो लाख रुपये तक पहुंच जाता। उन्होंने कहा कि प्रदेश की विकट आर्थिक स्थिति के बावजूद राज्य सरकार ने कर्मचारियों को सात प्रतिशत मंहगाई भत्ता प्रदान किया है और इस वर्ष 75 वर्ष से अधिक आयु के 28 हजार पेंशनभोगियों को एरियर का भुगतान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारी मेरे परिजनों के समान है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था को स्थिर करने के लिए अभी छः माह का और समय लगेगा। प्रदेश की अर्थव्यवस्था के पटरी पर आने पर एरियर और मंहगाई भत्ते प्रदान किए जाएंगे। केंद्र सरकार के पास एनपीएस फंड का नौ हजार करोड़ रुपये से अधिक का पैसा फसा हुआ है। उन्होंने केंद्र सरकार से यह धनराशि वापिस लाने के लिए सहयोग करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार 850 शिक्षण संस्थानों को उत्कृष्टता केन्द्रों में स्तरोन्नत कर रही है। सरकार ने मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के अन्तर्गत 6 हजार अनाथ बच्चों को चिल्डर्न ऑफ दे स्टेट के रूप में अपनाया है। इस योजना में 27 वर्ष की आयु तक इन बच्चों की शिक्षा देखभाल, वार्षिक यात्रा का खर्च और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि सोलन जिला के कण्डाघाट में लगभग 300 विशेष रूप से सक्षम बच्चों को विशेष शिक्षा प्रदान करने के लिए उत्कृष्टता केन्द्र का निर्माण किया जा रहा है, जिससे वे उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि स्कूलों में संसाधनों के अधिकतम उपयोग के लिए 500 मीटर के दायरे के संस्थानों में कलस्टर सिस्टम लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिपेक्ष को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा प्रदान करने के लिए शिक्षण संस्थानों में न्यू एज कोर्सिज जैसे आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, डाटा लर्निंग, इलेक्ट्रिक व्हीकल मशीन, तकनीशियन मैकेट्रॉनिक्स, फाइबर-टू-होम टैक्नॉलिजी, सोलर टैक्नॉलिजी और इंटरनेट ऑफ थिंगस (आईओटी) तकनीशियन ट्रेनिंग जैसे पाठ्यक्रम शामिल किए गए हैं। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश गुणात्त्मक शिक्षा के क्षेत्र में अग्रसर है, जिसमें हमीरपुर जिला पूरे राज्य में अग्रणी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के मार्गदर्शन में प्रदेश के प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इसके दृष्टिगत सरकार को कुछ कठोर निर्णय भी लेने पड़े हैं, जिसके भविष्य में ठोस परिणाम सामने आएंगे। उन्होंने कहा कि पांच से कम विद्यार्थियों को निकटवर्ती स्कूलों में मर्ज किया जा रहा है और संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए लक्ष्य निर्धारित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्राथमिक शिक्षकों को टैबलेट प्रदान करने की योजना के सकारात्मक परिणाम भविष्य में सामने आएंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार को विरासत में खराब आर्थिक व्यवस्था मिली थी। इसके बावजूद सरकार द्वारा प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कई महत्त्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। शिक्षा विभाग 7 हजार पदों को भरने जा रहा है, जिसमें 2300 पद भरे जा चुके हैं। इसके अलावा, जिन स्कूलों में शिक्षकों की कमी है उन स्कूलों में अतिरिक्त स्टाफ भी तैनात किया जा रहा है। तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, विधायक सुरेश कुमार, कैप्टन रणजीत सिंह राणा और विवेक शर्मा, कांगड़ा सहकारी प्राथमिक कृषि एवं ग्रामीण बैंक के अध्यक्ष रामचन्द्र पठानिया, एपीएमसी के अध्यक्ष अजय शर्मा, पूर्व विधायक अनिता वर्मा, सोहन लाल और मनजीत डोगरा, कांग्रेस नेता डॉ. पुष्पेन्द्र वर्मा, सुभाष ढटवालिया और नरेश ठाकुर, उपायुक्त अमरजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक भगत सिंह ठाकुर, निदेशक उच्च शिक्षा अमरजीत सिंह, प्रारम्भिक शिक्षा निदेशक आशीष कोहली, राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा अभियान राजेश शर्मा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुमन भारती और अन्य लोग इस अवसर पर उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में आज झमाझम बारिश हो रही है। वहीं, राजधानी शिमला और मंडी में शनिवार को जोरदार बारिश हुई। प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में मौसम साफ रहने के साथ धूप खिली। बिलासपुर में अधिकतम तापमान 34 डिग्री दर्ज हुआ। रविवार को भी प्रदेश के कई क्षेत्रों में बारिश होने का येलो अलर्ट जारी हुआ है। 23 अगस्त तक मौसम खराब बना रहने का पूर्वानुमान है। एक से 17 अगस्त तक प्रदेश में सामान्य से 10% अधिक बादल बरसे हैं। हालांकि मानसून सीजन में अभी भी 22 फीसदी की कमी चल रही है। शुक्रवार रात को शिमला, सुंदरनगर, धर्मशाला, ऊना, नाहन, पालमपुर, मनाली, मंडी, बिलासपुर, हमीरपुर, सराहन, पांवटा साहिब, जुब्बड़हट्टी में बादल झमाझम बरसे।मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश के सात जिलों में आज बारिश होने की संभावना है। जिसमें ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, कांगड़ा शिमला, सोलन, सिरमौर शामिल है। इसके अलावा चंबा, कुल्लू, मंडी किन्नौर और लाहौल स्पीति में मौसम विज्ञान केंद्र ने मौसम के साफ रहने का की संभावना जताई है।
देश-दुनिया से कटे मलाणा के लिए हेलिकॉप्टर से राशन पहुंचाने की कोशिश सफल नहीं हो पाई। प्रशासन ने हेलिकॉप्टर से राशन मलाणा पहुंचाना था। इसके लिए भुंतर एयरपोर्ट से राशन लेकर हेलिकॉप्टर ने उड़ान भी भरी। लगातार दूसरे दिन हेलिकॉप्टर मलाणा में अस्थायी हेलीपैड पर नहीं उतर पाया। मलाणा गांव के सामने वाली पहाड़ी पर हेलिकॉप्टर से राशन सामग्री फेंकी गई लेकिन कई राशन के पैकेट जमीन पर गिरने के बाद फट गए। हेलिकॉप्टर के हेलीपैड में उतरने की मलाणा के ग्रामीण उम्मीद लगा बैठे थे, लेकिन उनकी उम्मीद पूरी नहीं हो पाई। ग्रामीणों ने बिना किसी मशीनरी की सहायता से अस्थायी हेलीपैड तैयार किया था। इसके लिए पहाड़ी जैसी दिखने वाली जगह को समतल किया गया। एक सप्ताह तक गांव के लोग जगह को समतल करने में लगे रहे। अस्थायी हेलीपैड बनने के बाद प्रशासन ने यहां के लिए राशन हेलिकॉप्टर से भेजने का निर्णय लिया। शनिवार को हेलिकॉप्टर जैसे ही मलाणा पहुंचा तो पायलट ने उतारने में जोखिम समझते हुए नहीं उतारा। मलाणा के लोग शनिवार को हेलिकॉप्टर को देखने के लिए यहां पहुंचे थे। मलाणा पंचायत के प्रधान राजू राम ने कहा कि हेलीकॉप्टर दूसरे दिन भी नहीं उतर पाया। उन्होंने प्रशासन से समस्या का समाधान करने की गुहार लगाई। उन्होंने कहा कि लोगों तक जल्द राशन पहुंचाया जाए तो परेशानी न हो।एसडीएम सदर विकास शुक्ला ने कहा कि अब तक मलाणा में 15 क्विंटल राशन पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि हेलिकॉप्टर की बजाय पैदल मार्ग से राशन मलाणा पहुंचाया जाएगा।
राजधानी शिमला में आईजीएमसी के मेडिकल हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरकर युवक की मौत हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक शनिवार को आधी रात के समय आईजीएमसी के लक्कड़ बाजार स्थित मेडिकल गर्ल्स हॉस्टल में एक युवक चौथी मंजिल से गिर गया, जिसे एंबुलेंस 108 से इलाज के लिए आईजीएमसी अस्पताल पहुंचाया गया। जहां डॉक्टर ने जांच करने के बाद युवक को मृत घोषित कर दिया। आईजीएमसी के सीएमओ डॉ. महेश ने बताया कि देर रात लोगों को गर्ल्स हॉस्टल के बाहर कुछ गिरने की आवाज आई, तो सभी हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं ने जब बाहर देखा तो दीवार के साथ लगकर एक युवक गिरा पड़ा था। मौके पर मौजूद लोगों ने 108 एंबुलेंस को फोन कर बुलाया और युवक को तुरंत आईजीएमसी लाया गया, लेकिन सर पर चोट लगने के कारण युवक की मौत हो चुकी थी। युवक की पहचान करण पटियाल (उम्र 22 साल) के तौर पर हुई है। वो एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी का स्टूडेंट था और पालमपुर का रहने वाला था। वहीं, अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर युवक गर्ल्स हॉस्टल की चौथी मंजिल पर देर रात पहुंचा कैसे? वहीं, इस घटना के बाद हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। वहीं, अब पुलिस हॉस्टल के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे खंगालने में जुट गई है, जिससे पता किया जा सके की आखिर युवक चौथी मंजिल तक कब और कैसे चढ़ा और कैसे वहां तक पहुंचा। वहीं, राजधानी में गर्ल्स हॉस्टल में इस घटना के बाद हड़कंप मच गया है।


















































