हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की बीएड की रेगुलर कॉलेज छात्रों की दूसरे और चौथे सेमैस्टर और इक्डोल की वार्षिक प्रणाली के तहत परीक्षाएं 16 जुलाई से शुरू होंगी, जो 18 अगस्त तक चलेंगी। विवि ने बीएड की इन परीक्षाओं के शेड्यूल को जारी कर दिया है। जिसे विवि की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। छात्र इसे वेबसाइट पर देख और डाउनलोड कर सकते है। ये परीक्षाएं दोपहर बाद के सत्र में दो बजे से आयोजित की जाएगी। वहीं विवि ने एमएड की की परीक्षाओं की डेटशीट भी जारी कर दी है। सेमेस्टर सिस्टम के तहत होने वाली इन परीक्षाओं का शेड्यूल वेबसाइट पर अपलोड किया गया है। ये परीक्षाएं 16 जुलाई से लेकर 26 जुलाई तक आयोजित की जाएगी। विवि के इस सेल्फ फाइनांसिंग इंजीनियरिंग संस्थान में विभिन्न श्रेणी की सीटों का आवंटन तय किए गए रोस्टर के अनुसार दिया जाएगा। इसमें हर कोर्स में छह और पांचों कोर्स में 30 ऐसी सीटें है, जिनमें ट्यूशन फीस माफ रहती है। इसके अलावा कुछ सीटों को श्रेणी विशेष के लिए आरक्षित रख कर भरा जाता है। इसमें विवि कर्मचारियों के बच्चों जैसी अलग अलग श्रेणी की सीटें शामिल है। प्रवेश और आरक्षित सीटों से संबंधित नियम और शर्तें संस्थान की वेबसाइट पर अपलोड किए गए प्रोस्पेक्ट्स में उपलब्ध है। इसमें प्रवेश और काउंसलिंग से संबंधित दिशा निर्देश भी उपलब्ध है।
शिमला: हिमाचल में मौसम की बेरुखी का असर फसलों की पैदावार पर पड़ा है, जिससे मांग अधिक होने से बाजार में खाने पीने की वस्तुओं की कीमतें आसमान छू रही हैं। इन दिनों खाद्य वस्तुओं सहित सब्जियां भी बहुत अधिक महंगी हो गई हैं। ऐसे में प्रदेश के लाखों परिवारों के लिए उचित मूल्य की दुकानें ही सस्ते राशन खरीदने के लिए एकमात्र सहारा बची है, जिसके तहत सरकार ने जुलाई महीने के लिए सस्ते राशन का आवंटन कर दिया है। हिमाचल प्रदेश के पांच लाख से अधिक डिपुओं में एपीएल परिवारों को अगले महीने 14 किलो आटा और 6 किलो चावल कोटा प्रति राशन कार्ड मिलेगा। सरकार ने अगस्त 2023 से एपीएल परिवारों दिए जाने वाले आटे और चावल के कोटे में कोई कट नहीं लगाया है। उससे पहले हर दो तीन महीने में राशन के कोटे को घटाया और फिर से बढ़ाया जाता रहा है, लेकिन अब करीब एक साल से आटे और चावल की मात्रा से कोई फेरबदल नहीं किया गया है। हालांकि अधिक सदस्यों वाले परिवारों के लिए राशन की मात्रा अभी कम है। ऐसे उपभोक्ता राशन का कोटा बढ़ाए जाने की भी लंबे समय से मांग कर रहे हैं। केंद्र सरकार ने जुलाई माह के लिए राशन कोटे का आवंटन कर दिया हैं। इस बारे में सभी जिला खाद्य नियंत्रकों को निर्देश जारी किए गए हैं। वहीं, उचित मूल्यों की दुकानों में उपभोक्ताओं को समय पर सस्ता राशन उपलब्ध कराने के भी निर्देश जारी किए गए हैं। जुलाई महीने के लिए एपीएल परिवारों के लिए 25 हजार मीट्रिक टन से अधिक चावल और आटे के कोटे का आवंटन हुआ है। अब तय की गई मात्रा के हिसाब से डिपो धारकों को परमिट जारी होंगे। ऐसे में लाखों उपभोक्ताओं को डिपुओं में एक जुलाई से सस्ता राशन मिलना शुरू हो जाएगा।डिपो में समय पर सस्ता राशन उपलब्ध हो, इसके लिए सरकार ने पहले ही जरूरी दिशा निर्देश जारी किए हैं। प्रदेश में राशन धारकों को आटे की तर्ज पर फोर्टिफाइड चावल दिया जा रहा है। इस चावल में आयरन के साथ विटामिन 12, फोलिक एसिड समेत शरीर के लिए जरूरी कई पोषक तत्व मिलाए गए हैं। प्रदेश में एपीएल परिवारों की संख्या 12,24,448 है। इसमें एपीएल कार्ड धारकों की संख्या 11,52,003 है। वहीं, एपीएल टैक्स पेयर की संख्या 72,445 है. इसमें एपीएल कार्ड धारकों की कुल आबादी 44,19,312 है, जिसमें एपीएल आबादी 41,26,583 है। वहीं, टैक्स पेयर की आबादी 2,92,729 है, जिन्हें अगले महीने 14 किलो आटा और 6 किलो चावल प्रति राशन कार्ड के दिया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश के 3 जिलों में आज भारी बारिश का अनुमान है। मानसून के साथ पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता को देखते हुए मौसम विभाग ने शनिवार के लिए तीन और रविवार को चार जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। चंबा, कांगड़ा और कुल्लू जिलों के लिए आज के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि कल के लिए मंडी, शिमला, सिरमौर और सोलन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। अगले 48 घंटों के दौरान इन जिलों के कुछ इलाकों में एक-दो बार भारी बारिश हो सकती है। इसे देखते हुए राज्य के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय लोगों से भी सतर्क रहने का आग्रह किया है। लोगों को ऊंचाई वाले, भूस्खलन वाले इलाकों और नदी-नालों के पास न जाने की सलाह दी गई है। आईएमडी के मुताबिक अगले छह दिन यानी 4 जुलाई तक राज्य में लगातार बारिश की संभावना है। प्रदेश के ऊना, शिमला और सोलन जिला में मानसून ने धमाकेदार एंट्री की है। अन्य जिलों में हल्की बारिश हुई है। बारिश के बाद प्रदेशभर में लोगों ने गर्मी से राहत की सांस ली है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक डॉ. सुरेंद्र पाल ने बताया, इस बार मई माह में 'रेमल' चक्रवात के कारण थोड़ी देरी हुई है। उन्होंने बताया कि हिंद महासागर और अरब सागर से चलने वाली हवाओं का दबाव नहीं बन पाया। इस कारण मानसून बीच में ही रुक गया था।
उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में बीते रोज हिमाचल पथ परिवहन निगम के निदेशक मंडल की 156वीं बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हिमाचल पथ परिवहन निगम ने अपने बेड़े में पुरानी बसों के स्थान पर 250 नई डीजल बसें और 50 टेम्पो ट्रैवलर खरीदने का निर्णय लिया है, जिस पर लगभग 105 करोड़ रुपए का खर्च अनुमानित है। इसके अतिरिक्त, निगम इस वर्ष अपने बेड़े में 24 नई सुपर लग्जरी बसें एवं 50 टेम्पो ट्रैवलर शामिल करेगा। ये 50 टेम्पो ट्रैवलर प्रदेश के दूर-दराज एवं जनजातीय क्षेत्रों में पुरानी बसों के स्थान पर चलाए जाएंगे। इन बसों की खरीद निगम द्वारा अपने संसाधनों से की जाएगी। इसके अतिरिक्त, निगम अपने संसाधनों से लगभग 25 करोड़ रुपए की इलेक्ट्रिक बसों की खरीद भी करेगा। उप-मुख्यमंत्री नेे कहा कि निगम द्वारा टाइप-1 327 बसें और टाइप-3 विद्युत चलित बसों की खरीद के लिए 15 जून 2024 को निविदाएं आमंत्रित कर ली गई हैं। उन्होंने कहा कि बसों में यात्रियों द्वारा कैशलेस माध्यम से किराए का भुगतान करने के लिए परिचालकों को प्रोत्साहित करने के लिए त्रैमासिक आधार पर मंडलीय स्तर पर तीन परिचालकों को पारितोषिक देने का निर्णय लिया गया है। यह योजना 31 दिसंबर 2024 तक लागू रहेगी। उन्होंने कहा कि 350 बस चालकों की रूकी हुई भर्ती प्रक्रिया को जल्द शुरू किया जाएगा। निगम में चालकों के 600 पद रिक्त हैं और आने वाले दो वर्षों में लगभग 800 चालक सेवानिवृत हो रहे हैं, इसलिए चालकों की भर्ती प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि निगम के कर्मियों को 18 जनवरी 2024 के बाद देय चिकित्सा प्रतिपूति, वेतन भोगियों तथा पेंशन भोगियों को 55.36 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। अग्निहोत्री ने कहा कि निगम के प्रबंध निदेशक की अध्यक्षता में रिसोर्स मोबिलाइजेशन समिति का गठन किया गया है। यह समिति निगम को हो रहे घाटे के कारणों का पता लगाकर अपनी रिपोर्ट बोर्ड को प्रस्तुत करेगी। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश में परिवहन के सीमित साधन हैं और लोग परिवहन सुविधा के लिए एचआरटीसी पर निर्भर करते हैं। उन्होंने कहा कि निगम द्वारा महिलाओं तथा विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारियों को रियायती दरों पर सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। इसके अतिरिक्त निगम की बसें परिवहन सेवा से वंचित क्षेत्रो में भी सेवाएं दी रही हैं। उन्होंने बताया कि निगम सेवा भाव से कार्य करते हुए रोजाना लगभग 5 लाख यात्रियों को बेहतर सुविधा प्रदान कर रहा है। उन्होंने बताया कि जिन लोगों ने निगम की बसों की बेहतरीन तस्वीरें और वीडियो बना कर भेजे थे उन्हें सम्मानित किया गया है। इसी प्रकार जो कर्मचारी अपने रूट पर अच्छी आमदनी करेंगे उन्हें भी निगम द्वारा सम्मानित किया जाएगा। बैठक में निर्णय लिया गया कि निगम द्वारा सभी कर्मचारियों की वार्षिक चिकित्सा जांच करवाई जाएगी। साथ ही प्रदेश में बस अड्डों की स्थिति का जायजा लिया और उनमें सुधार करने को लेकर विचार विमर्श किया गया। उन्होंने बताया कि धर्मशाला में बन रहे बस अड्डे के लंबित कार्य के दृष्टिगत प्रबंध निदेशक को कार्य कर रही एजेंसी को कारण बताओ नोटिस जारी उन्हें अगली बैठक में उपस्थित होने के निर्देश जारी किए जाएं। इसी तरह मैक्लोडगंज और शिमला के बस अड्डों से संबंधित मामलों पर भी बैठक में चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि बद्दी और फतेहपुर में बस अड्डा प्राथमिकता के आधार पर बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि निगम की लंबित राशि को जल्द जारी किया जाए ताकि निगम के कर्मचारियों के हित में और बेहतर निर्णय लिए जा सकें। बैठक का संचालन प्रबंध निदेशक हिमाचल पथ परिवहन निगम रोहन चंद ठाकुर ने किया और उप-मुख्यमंत्री तथा गैर-सरकारी सदस्यों को निगम द्वारा आगे भी बेहतर कार्य करने का आश्वासन दिया।
**लोक निर्माण मंत्री ने नितिन गडकरी से सड़क परियोजनाओं पर चर्चा की लोक निर्माण निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने नई दिल्ली में केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से भेंट कर आगामी बरसात के दृष्टिगत प्रदेश की विभिन्न सड़क परियोजनाओं के बारे में विचार-विमर्श किया। केन्द्रीय मंत्री ने लोक निर्माण मंत्री के आग्रह पर जिला शिमला में केन्द्रीय सड़क एवं अवसंरचना निधि (सीआरआईएफ) के अंतर्गत खमाड़ी-टिक्कर सड़क के लिए 50 करोड़ रुपये स्वीकृत किए। लोक निर्माण मंत्री ने यह धनराशि स्वीकृत करने के लिए गडकरी का आभार व्यक्त किया। विक्रमादित्य सिंह ने राष्ट्रीय राजमार्गों को जोड़ने वाली लोक निर्माण विभाग की सड़कों की मरम्मत के लिए केन्द्रीय मंत्री द्वारा पूर्व में घोषित 150 करोड़ रुपये जारी करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मानसून को ध्यान में रखते हुए यह धन राशि महत्त्वपूर्ण है। उन्होंने मंडी जिले में कमांद-कटौला और चैलचौक-पंडोह सड़कों के रखरखाव एवं मरम्मत के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को पहले से प्रस्तुत 30 करोड़ रुपये के अनुमानों को भी शीघ्र स्वीकृत करने का आग्रह किया क्योंकि यह वैकल्पिक सड़क मार्ग ट्रैफिक की समस्या से निजात दिलाने में काफी सहायक है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में यह सड़कें महत्त्वपूर्ण हैं और लोगों और पर्यटकों की सुविधा एवं कुल्लू-मनाली ट्रैफिक समस्या के समाधान में इन सड़कों का रख-रखाव महत्त्वपूर्ण है। लोक निर्माण मंत्री ने अवगत करवाया कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने केन्द्रीय मंत्री के साथ शिमला-मटौर राष्ट्रीय राजमार्ग को टू-लेन की बजाय फोर-लेन के रूप में निर्मित करने का मामला पहले ही उठाया है। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्गों को एक समान उन्नयन के लिए एनएचएआई की संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लिए कई महत्त्वपूर्ण परियोजनाएं वार्षिक मसौदा योजना (ड्राफ्ट एन्नुअल प्लान) से हटा दी गई हैं। उन्होंने इन परियोजनाओं को वार्षिक योजना 2024-2025 में शामिल करने का अनुरोध किया। लोक निर्माण मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय उच्च मार्ग-5 के एक हिस्से के सुधार के लिए केन्द्रीय मंत्रालय की प्रस्तुत 70 करोड़ रुपये की अनुमाति राशि भी लंबित है। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री से आगामी अगस्त माह में मणिमहेश यात्रा के दृष्टिगत इसे शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया। केन्द्रीय मंत्री ने प्रदेश को हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। प्रमुख अभियंता एनपी सिंह, मुख्य अभियंता सुरेश कपूर बैठक में उपस्थित थे।
सीएम बोले- कुछ कम्युनिकेशन गैप था, उसे दूर किया मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न मुद्दों पर राज्यपाल की नाराजगी को दूर किया। राज्यपाल से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में सीएम सुक्खू ने कहा यह एक शिष्टाचार भेंट थी। करीब चार महीनों बाद मुलाकात हुई। चुनाव की व्यस्तता के चलते राज्यपाल से मुलाकात नहीं हो पाई थी। सुक्खू ने कहा कि राज्यपाल ने कुछ मुद्दों पर नाराजगी जताई है। योगा डे पर सरकारी कार्यक्रम को लेकर उनकी नाराजगी सही थी। उस दिन शहर के मेयर की भी अनुपस्थिति रही और कुछ कम्युनिकेशन गैप था, उसे दूर कर दिया गया है। सीएम ने कहा कि कुलपति नियुक्ति वाली फाइल तीन-चार महीने पहले राज्यपाल ने वापस सरकार को भेज दी थी और यह सचिव विधि के पास पड़ी रह गई। भविष्य में इन सब बातों का ध्यान रखा जाएगा। सीएम ने कहा कि राज्यपाल चाहते हैं सभी विश्वविद्यालयों में कुलपति की नियुक्त हो और वहां शिक्षा का माहौल बना रहे। इस संबंध में सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। निश्चित तौर पर राज्यपाल ने जो विषय उठाए हैं, उस पर सरकार पूरा गौर करेगी। बिलासपुर गोलीकांड पर सुक्खू ने कहा कि कानून के तहत कार्रवाई होगी। ऐसी घटनाओं की सरकार निंदा भी करती है। चाहे वे किसी भी पार्टी से जुड़े कोई लोग क्यों न हो। गलत बात गलत है। हम इस तरह की वारदातों को हिमाचल प्रदेश में सहन नहीं करेंगे।
**वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हिमाचल प्रदेश में दक्षिण पश्चिम मानसून ने प्रवेश करते ही तबाही मचाई है। इस बार पिछले साल के मुकाबले देरी से पहुंचे मानसून की पहली ही बारिश से शिमला में जगह-जगह भूस्खलन, मलबा आने से व्यापक नुकसान हुआ है। करीब आठ गाड़ियों को नुकसान पहुंचा है। शहर के मल्याणा, चमियाणा, भट्ठाकुफर, मिनी कुफ्टाधार सहित अन्य स्थानों पर भारी नुकसान हुआ है। चमियाना में सड़क किनारे पार्क तीन गाड़ियां मलबे में दब गईं। वहीं मल्याणा में पहाड़ी से बड़ी-बड़ी चट्टानें सड़क किनारे पार्क चार गाड़ियों पर गिर गईं। इससे दो गाड़ियां चकनाचूर हो गईं। भट्टाकुफर में भूस्खलन से सड़क किनारे पार्क एक कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। मिनी कुफ्ताधार का रास्ता मलबा आने से नाले में तब्दील हो गया। शहर की ईदगाह कॉलोनी में भी नुकसान हुआ है। डंगा गिरने से रास्ता बंद हो गया है। पगोग सड़क पर आए पत्थर और मलबा आने से आवाजाही प्रभावित रही। वहीं, जुन्गा रोड पर बारिश का पानी घरों में घुस गया। खलीनी में भी भूस्खलन हुआ है।
**राज्यपाल ने प्रदान किए 18 व्यक्तियों को ‘हिमाचल के प्रहरी’ सम्मान **नशे के खिलाफ लड़ाई में किया असाधारण प्रतिबद्धता का प्रदर्शन राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने बीते कल राजभवन में आयोजित ‘हिमाचल के प्रहरी’ सम्मान समारोह में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत मामलों का पता लगाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले 18 व्यक्तियों को सम्मानित किया। यह कार्यक्रम पुलिस विभाग द्वारा आयोजित किया गया था। इस अवसर पर, राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल के इन प्रहरियों ने नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ लड़ाई में असाधारण प्रतिबद्धता और बहादुरी का प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि नशीली दवाओं का दुरुपयोग एक गंभीर खतरा है, जो सीमाओं और जनसांख्यिकी से परे है। यह परिवारों को बाधित करता है, सार्वजनिक स्वास्थ्य को खतरे में डालता है और आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा देता है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश अपनी प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि हमें अपने समुदायों को नशीली दवाओं के दुरुपयोग के अभिशाप से बचाने के लिए सतर्क और सक्रिय होना चाहिए। इस खतरे का मुकाबला करने के प्रयासों के लिए एक ठोस और बहुआयामी दृष्टिकोण की आवश्यकता है, जिसमें कानून प्रवर्तन, सामुदायिक जुड़ाव, शिक्षा और पुनर्वास शामिल हैं। उन्होंने कहा कि राज्यपाल के तौर पर उन्होंने अपने 16 माह के कार्यकाल में देवभूमि में नशे के खिलाफ अपने आपको सक्रिय तौर पर जोड़ा है। उन्होंने बढ़ते नशे पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज गांव-गांव तक नशा पहुंच रहा है और अब लड़कियां तक ड्रग पैडलर बन रही हैं। उन्होंने कहा कि एनडीपीएस अधिनियम नशीली दवाओं की तस्करी और दुरुपयोग से निपटने के लिए हमारे शस्त्रागार में एक महत्वपूर्ण उपकरण है। इस कानून की प्रभावशीलता न केवल अधिकारियों पर बल्कि जनता की सतर्कता और सहयोग पर भी निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि हम देवभूमि के उन प्रहरियों का सम्मान कर रहे हैं जिन्होंने अपने नागरिक कर्तव्यों से परे जाकर कानून प्रवर्तन एजेंसियों की सहायता करने में अनुकरणीय साहस और समर्पण दिखाया है। उनके प्रयासों ने न केवल अवैध गतिविधियों का पता लगाने और उन पर अंकुश लगाने में मदद की है, बल्कि नशा मुक्त समाज के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने में भी मदद की है। उन्होंने कहा कि प्रहरियों की जिम्मेदारी की भावना ने दूसरों के लिए अनुसरण करने के लिए एक मानक स्थापित किया है। इससे पूर्व, पुलिस महानिदेशक अतुल वर्मा ने राज्यपाल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि आज हिमाचल प्रदेश पुलिस प्रदेश द्वारा लोगों के सामूहिक प्रयासों को सम्मानित करने के लिए एक समारोह आयोजित किया गया, जो नशे के खिलाफ हमारी लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। यह सम्मान समारोह हमारे जागरूक नागरिकों की सक्रिय भूमिका को मान्यता देने और उनके योगदान का जश्न मनाने के लिए आयोजित किया गया है, जो सहयोग की परिवर्तनकारी शक्ति को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि नशीली दवाओं का दुरुपयोग हिमाचल प्रदेश में एक महत्त्वपूर्ण चुनौती पेश करता है और इसे प्रभावी ढंग से संबोधित करने के लिए शिक्षा, रोकथाम, उपचार और पुनर्वास शामिल करने वाला एक बहु-विषयक दृष्टिकोण आवश्यक है। पुलिस महानिदेशक ने कहा कि पारंपरिक प्रवर्तन उपाय अकेले नशीली दवाओं के दुरुपयोग के मूल कारणों से निपटने के लिए पर्याप्त नहीं हो सकते। समस्या को उत्पन्न करने वाले सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य से संबंधित कारणों को संबोधित करने के लिए व्यापक रणनीति की आवश्यकता को पहचानते हुए, हिमाचल प्रदेश के राज्य गुप्तचर विभाग ने एक बहुआयामी एंटी-ड्रग रणनीति का प्रस्ताव रखा है। यह रणनीति विभिन्न हितधारकों और संसाधनों को एकीकृत करती है ताकि इस संकट से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके और निकट भविष्य में हिमाचल प्रदेश में नशीली दवाओं के दुरुपयोग के संकट से मुक्त वातावरण बनाया जा सके। इस अवसर पर, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के पुलिस अधीक्षक अरविंद नेगी ने प्रदेश में नशीली दवाओं के दुरुपयोग से संबंधित मामलों पर एक प्रस्तुतिकरण भी दिया। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अभिषेक त्रिवेदी ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। शिमला नगर निगम के महापौर सुरेन्द्र चौहान, उप महापौर उमा कौशल, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सतवंत अटवाल त्रिवेदी, राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा तथा राज्यपाल के सचिव का कार्यभार देख रहे सी.पी. वर्मा तथा पुलिस प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष आर.एस. बाली ने कहा कि राज्य सरकार निजी क्षेत्र के सहयोग से सार्वजनिक निजी साझेदारी प्रणाली के तहत पर्यटन अधोसंरचना के सतत विकास के लिए प्रभावी कदम उठा रही है। पर्यटन और नागरिक उड्डयन विभाग द्वारा प्रदेश में व्यवसाय के अवसरों पर चंडीगढ़ में आयोजित सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हिमाचल एक शांतिप्रिय और बेहतर कानून व्यवस्था वाला राज्य है जहां पर्यटन क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश सरकार इन संभावनाओं को धरातल पर उतारने की दिशा में अग्रसर है। सरकार पर्यटन क्षेत्र के माध्यम से राज्य की आर्थिकी को मज़बूत बनाने के साथ-साथ युवाओं को इस क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य पर्यटकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं एवं अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करने के लिए एशियन विकास बैंक के अंतर्गत तैयार की जा रही परियोजनाओं के विकास, प्रबन्धन एवं संचालन में निजी क्षेत्र की साझेदारी सुनिश्चित करना है। हिमाचल प्रदेश में निजी क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने के लिए भविष्य में देश के अन्य स्थानों में भी इस तरह के सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। सम्मेलन में निजी क्षेत्र के विशेषज्ञों ने डिजाइन, साझेदारी संरचना और एडीबी की उप-परियोजनाओं आदि के अंतर्गत विभिन पहलुओं पर बहुमूल्य सुझाव और प्रतिक्रियाएं प्रस्तुत कीं। प्रस्तुति के दौरान निजी निवेशकों ने सार्वजनिक निजी भागीदारी के लिए उपलब्ध सम्पत्तियों में विशेष रूचि दिखाई। प्रधान सचिव पर्यटन देवेश कुमार, निदेशक पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन मानसी सहाय ठाकुर, ताज, आईटीसी, महिन्द्रा, ओबरॉय, सरोवर आदि जैसे प्रमुख होटल समूहों के प्रतिनिधियों और निजी क्षेत्रों से डिलॉयट व पीडब्ल्यूसी परामर्श एजेंसी ने भी इस सम्मेलन में भाग लिया। इसके अलावा, मनीला और नई दिल्ली से एशिया विकास बैंक के अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
**75 प्रतिशत पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा पूरा लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बीते कल विभाग द्वारा प्रदेशभर में निर्माणाधीन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग से संबंधित अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों आदि भवनों एवं अन्य निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन निर्माणाधीन परियोजनाओं का 75 प्रतिशत या उससे अधिक कार्य सम्पन्न हो चुका है, उन्हें पूरा करने को प्राथमिकता प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के निर्देशानुसार 75 प्रतिशत या उससे अधिक पूरे हो चुके निर्माणाधीन कार्यों के लिए उचित निधि सुनिश्चित कर उन्हें तय समय सीमा के भीतर पूर्ण कर जन कल्याण के लिए अतिशीघ्र समर्पित किया जाए। उन्होंने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में प्राथमिकता के आधार पर विभिन्न विभागों की परियोजनाओं की सूची तैयार करने के भी निर्देश दिए, उन परियोजनाओं का कार्य पूरा करने पर विशेष अधिमान दिया जाए जो विधानसभा क्षेत्र की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की तर्ज पर जिन ठेकेदारों के दो कार्य संतोषजनक नहीं पाए जाते हैं, उन्हें भविष्य में तब तक नए कार्य आवंटित नहीं किए जाने चाहिए, जब तक वह अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं लाते। उन्होंने कहा कि जो ठेकेदार गुणवत्तापूर्ण कार्य करते हैं एवं समय सीमा का उल्लंघन नहीं करते, उन्हें काम के आधार पर नई निर्माण परियोजना का कार्य प्रदान करने के लिए प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं की लागत वृद्धि को बढ़ने से रोकने के लिए यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि पर्याप्त बजट प्रावधान होने पर ही निर्माण कार्य आरम्भ किया जाए। इसके उपरांत विक्रमादित्य सिंह ने पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि लोक निर्माण विभाग आगामी बरसात के मौसम के दौरान किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा 206 जेसीबी, 110 बुल्डोज़र, 28 रोबो मशीन, 17 बेली ब्रिज और 13,000 श्रमशक्ति को प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर तैनात कर दिया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में बहाली एवं राहत कार्य सुनिश्चित किए जा सकें। उन्होंने कहा कि विभाग के अधिकारियों को आवश्यकता पड़ने पर और अधिक श्रमशक्ति एवं मशीनरी की तुरंत उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। लोक निर्माण मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पिछले वर्ष बरसात के दौरान उपजी स्थितियों कोे ध्यान में रखते हुए प्रतिकूल परिस्थितियों से निपटने के दृष्टिगत कार्य प्रणाली अपनाने के निर्देश दिए हैं।
हिमाचल प्रदेश में कल से अगले छह दिनों तक भारी बारिश होने की संभावना है। भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट खास तौर पर 29 और 30 जून के लिए जारी किया गया है। ऊना, बिलासपुर और हमीरपुर को छोड़कर नौ जिलों में आज और कल के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, जब खतरा कम होता है तो येलो अलर्ट जारी किया जाता है। जब सावधानी की जरूरत होती है और खतरा ज्यादा होता है तो ऑरेंज अलर्ट जारी किया जाता है और जब खतरा बहुत ज्यादा होता है तो रेड अलर्ट जारी किया जाता है। इस दौरान बारिश के साथ-साथ कुछ जगहों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। इस सीजन में मौसम विभाग ने पहली बार बारिश का ऑरेंज अलर्ट दिया है। इसे देखते हुए प्रदेशवासियों को सावधानी बरतनी होगी। स्थानीय लोगों सहित पर्यटकों को भी अधिक ऊंचाई वाले, लैंड स्लाइड संभावित क्षेत्रों और नदी-नालों के आसपास नहीं जाना चाहिए। प्रदेश के कई क्षेत्रों में प्री-मानसून की बारिश बीते तीन दिन से हो रही है। इससे प्रदेशवासियों ने भीषम गर्मी से राहत की सांस जरूर ली है। मगर ऊना सहित दूसरे शहरों का तापमान अभी भी नॉर्मल से ज्यादा चल रहा है।
हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बैचवाइज आधार पर नियुक्त होने वाले जेबीटी और टीजीटी को स्कूल जाने से पहले पढ़ाई करवाने के तरीकों का 15 दिन तक प्रशिक्षण दिया जाएगा। कई वर्षों से नौकरी का इंतजार कर रहे इन शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के लिए प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने यह फैसला लिया है। जुलाई में 1,100 जेबीटी और 1,023 टीजीटी की बैचवाइज आधार पर स्कूलों में नियुक्तियां होनी हैं। लोकसभा और विधानसभा उपचुनाव के चलते आदर्श चुनाव आचार संहिता लगने से टीजीटी और जेबीटी की भर्तियां लटक गई हैं। चुनावों की घोषणा से पहले शिक्षा विभाग ने 1023 टीजीटी का बैचवाइज भर्ती के माध्यम से चयन कर लिया था। चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के चलते इन शिक्षकों को नियुक्तियां नहीं दी जा सकी थीं। शिक्षा मंत्री ने नियुक्तियों से संबंधित सभी औपचारिकताओं को इस माह पूरा करने को कहा है। इसके अलावा करीब 1,100 पदों पर जेबीटी की बैचवाइज भर्ती भी पूरी कर ली गई है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने 13 मार्च 2024 को अक्तूबर-नवंबर 2023 के दौरान हुई बैचवाइज काउंसलिंग का परिणाम घोषित किया है। इसमें टीजीटी आर्ट्स में 496, नॉन मेडिकल में 333 और मेडिकल में 194 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। शिक्षा विभाग ने जेबीटी शिक्षकों के बैचवाइज 1,161 पद भरने के लिए हाईकोर्ट से मंजूरी मांगी थी। कोर्ट ने कुछ भर्तियों के परिणाम नहीं निकालने के आदेश देते हुए करीब 1,100 पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने को हरी झंडी दे दी है। अब इन शिक्षकों को नियुक्तियां देने से पहले निदेशालय ने प्रशिक्षित करने का फैसला लिया है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने बताया कि बैचवाइज भर्ती होने वालों को स्कूलों में पढ़ाने के नए तरीकों से अवगत करवाना आवश्यक है। चयनित होने वाले कई शिक्षक बीते कुछ वर्षों में शिक्षण के अलावा अन्य काम भी कर रहे होंगे। ऐसे में इन्हें 15 दिन का प्रशिक्षण देने का फैसला लिया गया है।
जीएसटी छह फीसदी कम होने के बाद बागवानों को अब सेब कार्टन तीन रुपये तक सस्ता मिलेगा। सेब कार्टन पर पहले जीएसटी 18 फीसदी था। कुछ दिन पहले दिल्ली में हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक में कार्टन पर जीएसटी छह फीसदी कम कर 18 से 12 फीसदी किया गया। इस बार प्रदेश में सेब की ढाई से तीन करोड़ पेटियों के उत्पादन का अनुमान लगाया गया है। उद्योगपतियों ने यूनिवर्सल कार्टन बनाना शुरू कर दिया है। इस बार सेब यूनिवर्सल कार्टन में ही बिकेगा। प्रदेश सरकार की ओर से इसको लेकर अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। यूनिवर्सल कार्टन के अलावा अन्य कार्टन में बागवान सेब नहीं बेच सकेंगे। जीएसटी कम होने से गत्ता उत्पादकों को भी इसका फायदा होगा। अगले माह से सेब सीजन शुरू होने वाला है। तीन रुपये बॉक्स सस्ता होने से सेब उत्पादकों को फायदा होगा। कई बागवानों के 2 से 3 हजार तक बॉक्स प्रतिवर्ष सेब के लगते हैं। ऐसे में उन्हें 6 से 9 हजार रुपये तक का फायदा मिलेगा। गत्ता उद्योग संघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मुकेश जैन ने बताया कि इस बार उत्पादकों ने यूनिवर्सल कार्टन बनाना शुरू कर दिया है। इस कार्टन की क्वालिटी काफी बेहतर होगी। यह कार्टन विदेशों से आयात होने वाले सामान के कार्टन की तरह होगा। इसमें एक महीने तक कार्टन खराब नहीं होगा। गत्ता उद्योग संघ के प्रदेशाध्यक्ष आदित्य सूद ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से अधिसूचना जारी होती है तो गत्ता उत्पादक कार्टन के दाम कर देंगे। सेब का सीजन शुरू होने वाला है और गत्ता उत्पादकों ने कार्टन बनाना शुरू कर दिया है। इस बार यूनिवर्सल कार्टन ही बनाए जाएंगे। इस बार गर्मी अधिक होने से सेब की फसल कम बताई जा रही है लेकिन उसके बावजूद भी ढाई से तीन करोड़ कार्टन तैयार किए जा रहे हैं।
**अपनी सत्ता बचाने के लिए पूरे देश को जेल बना देना लोकतंत्र का काला अध्याय शिमला : नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शिमला से जारी बयान में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला द्वारा आपातकाल पर निंदा प्रस्ताव की जमकर सराहना करते हुए उनका आभार जताया। कहा कि अपनी सरकार और ख़ुद को बचाने के लिए इंदिरा गांधी ने देश के डेढ़ लाख से ज़्यादा लोगों को जेल में डाल दिया। आंतरिक सुरक्षा के नाम पर ऐसी तानाशाही की गई कि लोगों से कोर्ट जाने के भी अधिकार छीन लिये गये। आपातकाल देश के लोकतंत्र और एक काला धब्बा है, जिसकी जिम्मेदारी कांग्रेस पर है। कांग्रेस के तानाशाही सोच का यह काला दाग कभी मिटेगा भी नहीं। दुःख की बात यह है कि आज भी कांग्रेस है तानाशाही के साथ काम कर रही है। प्रदेश में सरकार की कार्यप्रणाली से भी इसका आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है। यह निंदा प्रस्ताव यह बताता है कि देश में संविधान के ऊपर कुछ भी नहीं है ल। आज लोकतंत्र और संविधान की दुहाई देने वाली कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों को यह बताना चाहिए कि कांग्रेस संविधान और संवैधानिक मूल्यों का किस कदर गला घोंटा। आज ज्यादातर जो लोग इंडी एलायंस के साथ हैं उनकी पार्टियों के नेताओं को आपातकाल में जेलों में ठूंस कर किस प्रकार की यातनाएं दी गई हैं, उन नेताओं को भी देश के लोगों को बताना चाहिए। कांग्रेस के सहयोगी दलों को आपातकाल के बारे में देश को बताना चाहिए कि किस तरह से एक नेता देश के लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान के ऊपर होकर विपक्षी पार्टी के नेताओं को जेलों में भरकर प्रताड़ित कर रहा था। किस तरह राष्ट्रीय स्तर के नेताओं को भी अपने परिजनों के अंतिम संस्कार में भी शामिल होने से रोका गया। देश के लोगों को यह जानना चाहिए, जिससे आने वाली पीढ़ियां इसकी भयावहता से वाक़िफ़ हो सकें। नेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर हमला करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री प्रदेश के लोगों द्वारा कांग्रेस को पूरी तरह नकार देने के कारण हताशा में हैं इसलिए वह अनर्गल बातें कर रहे हैं। यह सरकार पूरी तरह से नाकाम हो गई है। लोगों सिर्फ़ परेशान करने के अलावा कोई काम नहीं कर रही है। आज प्रदेश में हर व्यक्ति सरकार से निराश हैं। रोजगार से लेकर विकास के मामले में यह सरकार पिछली सरकार के कामों को एक कदम भी आगे नहीं बढ़ा पाई है। एक भी युवा को रोज़गार नहीं दे पाई है यह सरकार सिर्फ़ मित्रों के लिए समर्पित सरकार है। जिसका आम आदमी के हितों से कोई लेना देना नहीं है। इस बार के उपचुनाव में भी प्रदेश के लोग इस सरकार को सबक़ सिखाने के लिए तैयार बैठे हैं।
जेपी आंदोलन के 50 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मंगलवार देर सांय इंडिया इंटरनेशनल सेंटर नई दिल्ली में सम्पूर्ण क्रांति आन्दोलन महोत्सव का आयोजन किया गया। महोत्सव का शुभारम्भ करते हुए राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने जयप्रकाश नारायण को भारत के नव निर्माण का महान नायक बताया। उन्होंने कहा कि उनके प्रयासों के फलस्वरूप आज देश में लोकतन्त्र को नई दिशा मिली है। देश के नव निर्माण आन्दोलन में उनके योगदान को सदैव याद रखा जाएगा। देश की स्वतन्त्रता संघर्ष और देश के निर्माण में उनका योगदान स्वर्णिम अक्षरों में अंकित है। राज्यपाल ने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण यथार्थवादी थे और उन्होंने सपनों को हकीकत में बदला। हम सभी को उनसे प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। राज्यपाल ने कहा कि लोक नायक जय प्रकाश अंतरराष्ट्रीय अध्ययन विकास केन्द्र द्वारा लोक नायक जयप्रकाश नारायण की स्मृति में आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रम प्रशंसनीय हैं और इनके माध्यम से उनकी स्मृतियों को संजोकर रखा जा रहा है। इस अवसर पर राज्यपाल ने सम्पूर्ण क्रांति आन्दोलन में महत्त्वपूर्ण योगदान के लिए 12 लोगों को जेपी सेनानी सम्मान से सम्मानित किया। इस अवसर पर केन्द्रीय तिब्बत प्रशासन के पूर्व प्रधानमंत्री प्रो. प्रो.समधोंग रिनपोछे, पूर्व केन्द्रीय मंत्री बीके त्रिपाठी, शोधार्थी, विचारक और समाज सेवी उपस्थित रहे।
रामपुर: शिमला जिले के रामपुर उपमंडल में बीती रात एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है, जिसमें एक बोलेरो कैंपर गहरी खाई में गिर गई। इस सड़क दुर्घटना में गाड़ी सवार एक व्यक्ति की मौके पर ही मौ*त हो गई, जबकि दो गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका खनेरी अस्पताल में इलाज चल रहा है। रामपुर पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक हादसे के प्रत्यक्षदर्शी बगड़ू राम ने बताया कि राम लाल (उम्र 48 साल), राम लाला की पत्नी राधा देवी (उम्र 42 साल) और अजुन टोल्टा (उम्र 34 साल) सभी मोलागी गांव के निवासी हैं। जो की सभी शिमला से गाड़ी में सवार होकर अपने गांव मोलागी जा रहे थे। उनकी बोलेरो कैंपर (नंबर HP 25A 1850) रेत से भरी हुई थी, जिसे अर्जुन टोल्टा चला रहा था. जब उनकी गाड़ी गानवी के पास पहुंची तो खड़ी चढ़ाई होने के कारण चढ़ नहीं पा रही थी। इस बीच गाड़ी अचानक अनियंत्रित हो गई और तेजी से पीछे की ओर होते हुए सड़क से करीब 70 मीटर नीचे गानवी खड्ड में जा गिरी। इस दुर्घटना में राम लाला की मौके पर ही मौ*त हो गई। जबकि राधा देवी और अर्जुन टोल्टा घायल हो गए। वहीं, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से मृतक और घायलों को खड्ड से बाहर निकाला। श*व को पोस्टमार्टम के लिए और घायलों को इलाज के लिए खनेरी अस्पताल पहुंचाया गया। जहां घायलों का इलाज जारी है। प्रत्यदर्शियों के मुताबिक हादसा ड्राइवर के तेज गति और लापरवाही से गाड़ी चलाने के कारण हुआ है। हादसे की पुष्टि डीएसपी रामपुर नरेश शर्मा ने की है। उन्होंने बताया कि गानवी खड्ड में गाड़ी गिरने से एक की मौ*त हो गई है, जबकि दो लोग घायल हुए हैं, जिनका इलाज चल रहा है। मामले में पुलिस आगामी कार्रवाई कर रही है।
हिमाचल में नर्सिंग कोर्स के लिए सरकार ने मेडिकल कॉलेज और मान्यता प्राप्त निजी संस्थानों के लिए सीटों का आवंटन कर दिया है। वर्ष 2024-25 के लिए हिमाचल मेडिकल कॉलेजों में 160 और निजी स्वास्थ्य संस्थानों के लिए 80 सीटों का आवंटन किया गया है। जनरल नर्सिंग और मिड वाइफ के लिए यह तीन साल का कोर्स होगा। हिमाचल प्रदेश में आईजीएमसी, टांडा, नेरचौक, चंबा, हमीरपुर और नाहन छह मेडिकल काॅलेज हैं। इनमें यह कोर्स कराए जाते हैं, निजी संस्थानों को भी सरकार ने कोर्स कराने की मान्यता दी है। हिमाचल प्रदेश में 50 से ज्यादा सरकारी और निजी स्वास्थ्य संस्थान है। सरकार की ओर से नर्सिंग स्कूल और कॉलेज खोलने के नियम बनाए गए हैं। इसमें नर्सिंग संस्थानों में आधारभूत ढांचा, अध्यापन स्टाफ, उपकरण और अन्य व्यवस्थाओं को अनिवार्य किया गया है। सरकार की ओर से जिन संस्थानों को कोर्स कराने की मान्यता दी गई है। शिक्षा स्वास्थ्य निदेशालय की ओर से इनका आधारभूत ढांचा और अन्य सुविधाओं को जांचा जाएगा। नियमों के अनुसार नर्सिंग संस्थान खोलने की अनुमति से पहले भवन सहित आधारभूत ढांचा होना अनिवार्य किया है। इसी के हिसाब से सीटें निर्धारित की जाएंगी। अभ्यर्थियों को प्रैक्टिकल करने के लिए प्रयोगशाला सहित कैंपस का होना जरूरी है। उल्लेखनीय है कि हिमाचल में कई नर्सिंग संस्थानों की कार्यप्रणाली पर अंगुलियां उठती रही हैं। स्वास्थ्य शिक्षा निदेशालय की ओर से समय-समय पर निरीक्षण के दौरान कई खामियां सामने आती रही हैं। बाकायदा इसको लेकर निदेशालय से नोटिस तक जारी भी हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि हिमाचल में ऐसी नर्सें तैयार हों, जो हिमाचल के स्वास्थ्य संस्थानों के अलावा विदेशों में भी बेहतर काम कर सकें।
मौसम विभाग के अनुसार हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में अगले 3-4 दिनों के भीतर दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने की संभावना है। प्रदेश में मानसून की दस्तक झमाझम बारिश के साथ होने के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने प्रदेश में तीन दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। राज्य में 28 जून से 2 जुलाई तक लगातार बारिश का पूर्वानुमान है। इस दौरान अंधड़ चलने का येलो अलर्ट भी जारी किया गया है। वहीं 28 से 30 जून तक भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी हुआ है। वहीं आज राजधानी शिमला में बादल छाए रहने के साथ हल्की धूप खिली है। प्रदेश में मानसून के चलते लोक निर्माण विभाग तैयारियों में जुट गया है। बीते साल प्राकृतिक आपदा से सबक लेते हुए विभाग में इंतजामों को लेकर अधिकारियों की बैठकें हो रही हैं। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि लोक निर्माण विभाग को डोजर, जेसीबी और रोबोट सहित अपनी तैयारियां पूरी रखने को कहा है। विभाग को अलर्ट किया गया है। भूस्खलन और आपदा संबंधित शिकायतों के लिए कंट्रोल रूम स्थापित करने को कहा है ताकि सड़कें अवरुद्ध होने की समय रहते जानकारी मिलती रहे। उन्होंने कहा कि हिमाचल में इन दिनों सड़कों की टारिंग और मेटलिंग का काम चल रहा है। बीते साल प्राकृतिक आपदा के चलते सड़कें खराब हो गई थी। जगह-जगह डंगे गिर गए। उन्हें ठीक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बारिश में सड़कें खराब न हो, इसका भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर इन चीफ नरेंद्र पॉल सिंह ने बताया कि बरसात के चलते जोन के चीफ इंजीनियर, अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता को इंतजाम करने को कहा गया है। फील्ड में तैनात इंजीनियरों से लगातार ऑनलाइन बैठकें की जा रही हैं। समय-समय पर दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मानसून से निपटने के लिए विभाग ने इंतजाम कर लिए हैं।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय परिसर में चल रहे पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केंद्र में एक अगस्त से यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (यूपीएससी) की कोचिंग कक्षाओं का इस सत्र से बैच बैठाया जाएगा। इसके लिए प्रशिक्षण केंद्र ने 11 जुलाई तक इच्छुक युवाओं से आवेदन आमंत्रित किए हैं। बैच को बैठाने के लिए 17 जुलाई को प्रवेश परीक्षा करवाई जाएगी। मेरिट के आधार पर ही प्रवेश मिलेगा। सीट आवंटन के लिए आरक्षण रोस्टर लागू होगा। यूपीएससी के इस बैच की एक अगस्त से 31 मार्च तक कुल 800 घंटे की कोचिंग कक्षाएं संचालित की जाएंगी। इसमें आरक्षित वर्ग के चयनित अभ्यर्थियों को चार हजार और सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को आठ हजार फीस दो किस्तों में केंद्र को देनी होगी। विवि ने बैच को बैठाने की तैयारियां पूरी कर दी हैं और इसके लिए पूरा शेड्यूल भी जारी कर दिया गया है। विवि का यह पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केंद्र इस बार नए सिरे से यूपीएससी की कोचिंग देने में दक्ष और अनुभवी संस्थाओं के साथ करार करेगा और उन्हें काम सौंपा जाएगा। इसके लिए केंद्र ने 17 जुलाई तक इच्छुक संस्थाओं से निविदाएं आमंत्रित की हैं। बुधवार से आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। संस्थान के निदेशक प्रो. जोगिंद्र धीमान ने कहा कि एक साल के अंतराल के बाद फिर से यूपीएससी की कोचिंग कक्षाएं शुरू की जा रही हैं। बीते वर्ष कोचिंग देने वाली संस्था के साथ करार की समय सीमा समाप्त होने के कारण बैच नहीं बैठाया जा सका था। प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन करने को 26 जून से पोर्टल खुल जाएगा, जिसके माध्यम से छात्र 11 जुलाई तक आवेदन कर सकेंगे। 17 जुलाई को इसकी प्रवेश परीक्षा करवाई जाएगी। एक अगस्त से यूपीएससी की कोचिंग शुरू हो जाएगी।
राज्य सरकार के प्रवक्ता ने आज बताया कि प्रदेश के तीन विधानसभा क्षेत्रों देहरा, हमीरपुर और नालागढ़ में उपचुनाव के लिए मतदान के मद्देनजर इन क्षेत्रों के पंजीकृत मतदाताओं के लिए सरकार के सभी विभागों, बोर्डों, निगमों, शैक्षणिक संस्थानों और औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए 10 जुलाई, 2024 को राजपत्रित अवकाश घोषित किया गया है। इस दिन इन क्षेत्रों के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को भी सवैतनिक अवकाश मिलेगा। उन्होंने बताया कि पंजाब के जालंधर विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव के चलते ऊना, कांगड़ा, चंबा और सोलन जिलों में सेवाएं दे रहे पंजाब के पंजीकृत मतदाताओं और उत्तराखंड के बद्रीनाथ और मंगलौर विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव के चलते सिरमौर और शिमला में सेवाएं दे रहे उत्तराखंड के पंजीकृत मतदाताओं के लिए भी 10 जुलाई को विशेष सवैतनिक अवकाश घोषित किया गया है। इन राज्यों में पंजीकृत मतदाता जो सरकारी, अर्ध-सरकारी और औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत हैं, उनके लिए भी विशेष सवैतनिक अवकाश घोषित किया गया है। इसके अलावा इन विधानसभा क्षेत्रों के मतदाता जो अन्य स्थानों में काम कर कर रहे हैं, उनके लिए भी विशेष आकस्मिक अवकाश का प्रावधान है।
निर्वाचन विभाग के एक प्रवक्ता ने आज बताया कि स्क्रूटनी के उपरान्त अब तीन विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले उप-चुनावों में अब कुल 15 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। उन्होंने बताया कि उम्मीदवार 25 व 26 जून, 2024 को तीन बजे तक नामांकन वापस ले सकते हैं। प्रवक्ता ने अधिक जानकारी देते हुए बताया कि देहरा में अब कुल पांच, हमीरपुर में चार व नालागढ़ में छः प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। कांगड़ा जिला के देहरा विधानसभा क्षेत्र में कमलेश (53) इण्डियन नेशनल कांग्रेस, होशियार सिंह (57), भारतीय जनता पार्टी और निर्दलीय प्रत्याशी सुलेखा देवी (59), अरूण अंकेश स्याल (34) तथा एडवोकेट संजय शर्मा (56) चुनावी मैदान में हैैं। विधानसभा क्षेत्र देहरा से दो कवरिंग प्रत्याशियों कांग्रेस के हरि ओम (66) तथा भाजपा के वीर सिंह (60) के नामांकन पत्र रद्द हुए। अब यहां से पांच प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं।हमीरपुर विधानसभा क्षेत्र से आशीष शर्मा (37) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), डॉ. पुष्पिंदर वर्मा (48) इण्डियन नेशनल कांग्रेस तथा निर्दलीय प्रत्याशी प्रदीप कुमार (58) व नन्द लाल शर्मा (64) चुनावी मैदान में हैैं। विधानसभा क्षेत्र हमीरपुर से कोई भी नामांकन रद्द नहीं हुआ। यहां से चार प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र से हरदीप सिंह बावा (44) इण्डियन नेशनल कांग्रेस, के.एल. ठाकुर (64) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), किशोरी लाल शर्मा (46) स्वाभिमान पार्टी तथा गुरनाम सिंह (48), हरप्रीत सिंह (36) व विजय सिंह (36) निर्दलीय प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं । नालागढ़ क्षेत्र से एक निर्दलीय प्रत्याशी उदय कुमार सिंह (46) तथा कांग्रेस के कवरिंग प्रत्याशी परमिंदर कौर बावा (43) का नामांकन रद्द हुआ। यहां से अब छः प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं।
**मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढ़िया का किया स्वागत 16वां वित्त आयोग 23 जून को प्रदेश के तीन दिवसीय दौरे पर शिमला पहुंचा। शिमला पहुंचने पर मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढ़िया का स्वागत किया। आयोग की आज (24 जून ) प्रदेश सरकार के साथ राज्य अतिथि गृह पीटरहॉफ में महत्वपूर्ण बैठक होगी। आयोग आगामी पांच वर्षों के लिए आर्थिक मदद पर एक रिपोर्ट तैयार करेगा। 01 अप्रैल, 2026 से वित्त आयोग की सिफारिशें लागू होनी हैं। वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत ही राज्यों के लिए राजस्व का वितरण होता है। प्रदेश में अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढ़िया सहित वित्त आयोग की 13 सदस्यीय टीम आई है, जिसमें सदस्य डॉ. मनोज पांडा, सदस्य अजय नारायण झा, सदस्य एनी जॉर्ज मैथ्यू, सदस्य डॉ. सौम्या कांति घोष, सचिव रित्विक पांडे, संयुक्त सचिव राहुल जैन, संयुक्त निदेशक अमरूथा, उप-निदेशक मानस बाजपेयी, सहायक निदेशक कुलदीप सिंह मीणा, सहायक निदेशक आनन्द कुमार सिंह और निजी सचिव कुमार विवेक शामिल हैं।
हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की 23 जून को 90वें जयंती थी। साल 2021 में उनके देहांत के बाद यह उनका तीसरा जन्मदिन था। 23 जून,1934 को जन्मे वीरभद्र सिंह ने हिमाचल प्रदेश के राजनीति में अमिट छाप छोड़ी। वे छह बार हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। निधन के बाद भी हिमाचल प्रदेश की राजनीति में उनके नाम का खासा प्रभाव है। उनके निधन के बाद से ही लगातार उनकी प्रतिमा शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर स्थापित करने की मांग उठती रही है। रविवार को उनकी जयंती के मौके पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू हिमाचल कांग्रेस के राज्य कार्यालय राजीव भवन में श्रद्धांजलि देने पहुंचे। यहां मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने उन्हें पुष्पांजलि अर्पित कर याद किया। इस दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि वीरभद्र सिंह के साथ उन्हें करीब 22 साल काम करने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह के काम को आगे बढ़ाना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है। यहां जब मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की प्रतिमा स्थापना को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि इस बारे में सरकार विचार कर रही ह। रिज पर राष्ट्रीय स्तर के नेताओं की प्रतिमा स्थापित की गई है। हिमाचल प्रदेश सरकार रिज के आसपास के उपयुक्त स्थान का चयन करने में जुटी हुई है। निश्चित तौर पर वीरभद्र सिंह की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। बता दें कि इसी साल फरवरी महीने के अंत में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने इस्तीफा दे दिया था। विक्रमादित्य सिंह वीरभद्र सिंह के बेटे हैं। विक्रमादित्य ने विधानसभा सभा परिसर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने पिता की अपमान की बात कही थी। इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में विक्रमादित्य सिंह की आंखों से आंसू भी छलक पड़े थे। हालांकि बाद में विक्रमादित्य सिंह का इस्तीफा स्वीकार नहीं हुआ और कांग्रेस आलाकमान ने उन्हें मना लिया। इसके बाद मंडी संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस की टिकट पर चुनाव भी लड़े, जहां उन्हें हार का सामना करना पड़ा। वीरभद्र सिंह के देहांत के करीब तीन साल बीत जाने के बाद भी उनकी प्रतिमा स्थापना की मांग पूरी नहीं हुई है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की जयंती पर कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय राजीव भवन में श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह ने अपना पूरा जीवन विकास और राज्य की जनता के कल्याण के लिए समर्पित कर दिया। प्रदेश को खुशहाल और आधुनिक राज्य बनाने के लिए उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। प्रदेश राज्य वन विकास निगम के उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची, हिमुडा के उपाध्यक्ष यशवंत छाजटा और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी श्रद्धासुमन अर्पित किए।
हिमाचल प्रदेश में 28 जून को मानसून पहुंचने का पूर्वानुमान है। 26 जून से प्रदेश के कई क्षेत्रों में बारिश का दौर शुरू होगा। रविवार को कई क्षेत्रों में मौसम खराब बना रहने के आसार हैं। 24 और 25 जून को धूप खिली रहने की संभावना है। शनिवार को राजधानी शिमला सहित प्रदेश के कई क्षेत्रों में बादल छाए रहे। बारिश नहीं होने से मौसम में उमस बढ़ गई है। राजधानी शिमला में शनिवार को दिन भर बादल छाए रहे। प्रदेश के मैदानी जिलों में भी हल्के बादल छाए रहने के साथ धूप खिली। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक सुरेंद्र पाल ने बताया कि 26 जून से प्रदेश में बारिश शुरू होगी। 27 और 28 जून को अधिक बारिश होने के आसार हैं। 28 जून तक प्रदेश में मानसून के दस्तक देने की संभावना है। मानसून इस वर्ष सामान्य तारीख को ही हिमाचल में प्रवेश कर सकता है। उन्होंने बताया कि रविवार को कई जगह बादल बरसेंगे। 24 और 25 जून को मौसम साफ बना रहेगा।
**सरकार बनाने के सपने छोड़ दे जयराम! **अपने नौ विधायकों की करें चिंता आने वालो दिनों में बीजेपी के 9 विधायकों की सदस्यता जा सकती है। ये बयान प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज हमीपुर में दिया है। दरअसल सीएम सुक्खू आज हमीरपुर में कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा के नामांकन में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि बीजेपी के नौ विधायकों ने बीते बजट सत्र के दौरान विधानसभा में गुंडागर्दी की थी, स्पीकर के सामने सदन पटल पर रखे कागजात को फाड़कर हवा में लहराया था। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की ओर से दी गई याचिका पर स्पीकर को फैसला लेना है और कांग्रेस विधायक दल ने इस मामले में जल्दी फैसला लेने का आग्रह किया है। अगर ये नौ विधायक अयोग्य घोषित हुए तो दोबारा चुनाव में एक-दो ही गलती से जीतकर आएंगे। इससे कांग्रेस विधायकों की संख्या 50 तक पहुंच सकती है। अब ऐसा होता है या नहीं ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा लेकिन अगर ऐसा हुआ तो भारतीय जनता पार्टी की परेशानी बढ़ सकती है।
**महिलाओं को दे मुफ्त शौच सुविधा **कोर्ट ने दिए आदेश कोर्ट के आदेशों के बावजूद भी महिलाओं से शौच के लिए पांच रुपए का शुल्क लिया जा रहा है। प्रदेश हाई कोर्ट ने महिलाओं को मुफ्त शौचालय सुविधा सुनिश्चित करने हेतु नगर निगम शिमला व सुलभ इंटरनेशनल सोशल आर्गेनाइजेशन को जरूरी निर्देश जारी किए हैं। अब यदि महिलाओं से शौच के लिए शुल्क वसूला गया तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा। कोर्ट ने इस बाबत दो सप्ताह का समय दिया है। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान व न्यायाधीश सुशील कुकरेजा की खंडपीठ ने जनहित याचिका की सुनवाई के पश्चात नगर निगम शिमला को आदेश दिए कि महिलाओं को मुफ्त शौचालय सुविधा संबंधी जानकारी का प्रचार प्रसार सभी उपलब्ध माध्यमों से किया जाए। कोर्ट को बताया गया था कि कोर्ट के आदेशों के बावजूद शौच के लिए महिलाओं से पांच रुपए का शुल्क अभी भी लिया जा रहा है। कोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए सुलभ इंटरनेशनल सोशल आर्गेनाइजेशन को निर्देश दिए कि अब यदि महिलाओं से शौच के लिए शुल्क वसूला गया तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा।
हिमाचल में बनी 22 दवाओं के सैंपल फेल हो गए हैं। हिमाचल समेत देश में निर्मित 52 दवाएं मानकों पर खरा नहीं उतरी हैं। पांवटा साहिब की दवा कंपनी जी लेबोरेटरी के तीन और झाड़माजरी के डेक्सीन फार्मा के दो सैंपल एक साथ फेल हुए हैं। ड्रग कंट्रोलर मनीष कपूर ने बताया कि फेल होने वाली दवा उद्योगों को नोटिस जारी किए जाएंगे। बाजार से स्टॉक को वापस मंगवाया जाएगा। मई के ड्रग अलर्ट में यह सैंपल फेल हुए हैं। हिमाचल में दवा के सैंपल लेने का अनुपात अन्य राज्यों से 90 फीसदी अधिक है। केंद्रीय औषधि नियंत्रण संगठन ने मई में देशभर में दवाओं के सैंपल लिए। इसमें देश में 52 दवाएं मानकों पर सही नहीं पाई गई। सिरमौर के पांच, ऊना का एक और 16 सैंपल सोलन जिले के फेल हुए हैं। इसमें गले का इंफेक्शन, उच्च रक्तचाप, कैंसर, दर्द, जीवाणु संक्रमण, अल्सर, खांसी, एलर्जी, वायरस संक्रमण, एसिडिटी, खुजली और बुखार की दवा के सैंपल सही नहीं पाए गए हैं। बरोटीवाला के झाड़माजरी के स्काटाडलि कंपनी की बीपी की मेट्रोप्रोजल, झाड़माजरी डेक्सीन फार्मा की गले के इंफेक्शन की सेफुरोक्साइम और संक्रमण की दवा सेफिक्सिम, बद्दी की विंगस बायोटेक की कैंसर की दवा प्रेडनिसोलोल, ऊना के टाहलीवाल स्थित न्यूरो पैथिक की अल्फा लिपोईक एसिड, लोदी माजरा की नवकार कंपनी की उच्च रक्तचाप, पांवटा साहिब के पेस बायोटक कंपनी की जीवाणु संक्रमण, बद्दी के बायो एटलस फार्मा की बीपी की दवा टेलमीसार्टन, बद्दी की हिल्लर लैब की अल्सर की दवा पेंटा प्रोजोल, बरोटीवाला की डब्लयूपीबी फार्मा की खांसी की दवा लेवोसाल, पांवटा की जी लेबोरेटरी की एलर्जी की दवा डेक्सामेथासोन इंजेक्शन, बद्दी के गल्फा लेबोट्री की दर्द की दवा डेक्लोफेनाक के सैंपल फेल हुए हैं। काठा स्थित एलियन बायोटेक कंपनी की एलर्जी की मोंटीलुकास्ट, पांवटा की जी लेबोरेटरी की बैक्टीरिया की सेफ्ट्रिएक्सोन, बरोटीवाला की फार्मा रूट्स हेल्थ केयर की उच्च रक्तचाप की दवा रेमीजोल, झाड़माजरी की केप टेप कंपनी की बैक्टीरिया की दवा सेफ्ट्रिएक्सोन, पांवटा साहिब की जी लेबोरेटरी की नेत्र संक्रमण की जेटामाईसीन, कालाअंब की इंटीग्रेटेड कंपनी की वायरस संक्रमण की दवा सेक्ट्राई एक्सन, बद्दी की विंग्स नोविटास हेल्थकेयर कंपनी की इंफेक्शन की दवा मोक्सीटेस, बद्दी के एलवी लाइफ साइंस की एसिडिटी की दवा रेबोप्रोजोल, नालागढ़ के मझोली की रेकिन केयर लाइफ कंपनी की दर्द और बुखार की दवा लेबोटेज, सोलन को बड़ोग के रोमा फार्मा की दर्द और बुखार की दवा एसिक्लोफेनाक दवा के सैंपल मानकों पर खरा नहीं उतरे हैं।
राजकीय दंत महाविद्यालय एवं चिकित्साल्य में 21 जून को कॉलेज का तीसरा अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया, जिसमें आयुष हेल्थ सेंटर के प्रशिक्षक मनीषा द्वारा एक घंटे का योग सेशन किया गया ,जो कि सुबह 7:३० से 8 :30 बजे तक हुआ। इस सेशन में कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ.आशु गुप्ता, डॉ.आशीष, डॉ. पुष्पलता, डॉ.अर्चना, डॉ. मनीष, डॉ.पारुल और लगभग 50 छात्रों ने भाग लिया। सेशन के दौरान सभी ने शांति और सकारात्मकता का अहसास किया अतः अंत में प्रधानाचार्या द्वारा योग प्रशिक्षक मनीषा को सम्मानित किया गया अथवा सभी भागियों को जलपान और टी शर्ट्स बांटी गई। अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन अटल मैडिकल रिसर्च यूनिवर्सिटी नेर चौक मंडी द्वारा किया गया।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल, मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू और उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज जिला शिमला के जुब्बल क्षेत्र के कुड्डू के समीप चौड़ी कैंची में हिमाचल पथ परिवहन निगम की बस दुर्घटना में चार लोगों के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। यह बस कुड्डू से गिलटाड़ी जा रही थी। इस दुर्घटना में तीन अन्य लोग गम्भीर रूप से घायल हुए हैं। राज्यपाल ने घटना पर दुख व्यक्त किया और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिजनों को इस अपूर्णीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को प्रभावित परिवारों को तत्काल फौरी राहत प्रदान करने और नागरिक अस्पताल रोहड़ू में उपचाराधीन घायलों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने घटना में मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की और दिवंगत आत्मा की शांति की कामना की है। उप-मुख्यमंत्री ने बस हादसे पर शोक व्यक्त किया और घटना में मृत*कों के परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए परमपिता परमात्मा से दिवंगत आत्मा की शांति और इस अपूर्णीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आज रिज पर आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में योग क्रियाएं की। आयुर्वेद विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में अन्य व्यक्तियों ने भी योग में भाग लिया। इस अवसर पर शुभकामनाएं देते हुए राज्यपाल ने कहा कि यह गर्व की बात है कि आज पूरा विश्व योगमय हो गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है और सम्पूर्ण विश्व इसे अपना रहा है। योग हमें प्राचीन संस्कृति, परम्परा और अध्यात्म से जोड़ता है। यह व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रखता है। वर्तमान में अधिकांश बीमारियां मानसिक स्वास्थ्य से संबन्धित होती है और मन को दृढ़ करने के लिए व्यक्ति को जीवन में योगाभ्यास अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि योग जीवन जीने की पद्धति है और लोगों को योग को जीवन का अभिन्न अंग बनाना चाहिए। यह हमारे जीवन की नकारात्मकता को दूर करने में भी मदद करता है। योग हमें प्रकृति के भी करीब लाता है, जिससे हम शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहते हैं। इस अवसर पर विधायक जे.आर. कटवाल, वरिष्ठ अधिकारी, स्कूल के विद्यार्थी और लोगों ने यौगिक क्रियाएं की। इससे पहले, राज्यपाल ने हिमाचल प्रदेश के योगाध्ययन विभाग के डॉ. सत्य प्रकाश पाठक द्वारा राजभवन में आयोजित किए गए योग और ध्यान कार्यक्रम में भाग लिया। राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा और स्टाफ के अन्य सदस्यों ने भी योगासन किए।
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले की जुब्बल तहसील के तहत कुडडू से गिल्टाड़ी की ओर जा रही हिमाचल पथ परिवहन निगम रोहडू डिपो की बस के दुर्घनाग्रस्त होने से चालक, परिचालक सहित चार लोगों की मौ*त हो गई। हादसे में तीन लोग गंभीर रूप से घाय*ल हुए हैं। पुलिस प्रशासन की ओर से दुर्घटना स्थल पर पहुंच कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, परिवहन निगम की बस सुबह करीब छह बजे कुडडू से गिल्टाड़ी गांव के लिए रवाना हुई। बस में चालक-परिचालक सहित सात लोग सवार थे। करीब चार किलोमीटर चलने के बाद बस पहाड़ी में ऊपर वाली सड़क से लुढक कर नीचे की सड़क पर रूकी है। इस हादसे में दो लोगों की मौके पर मौ*त हो गई, दो ने अस्पताल पहुंचने से पहले दंम तोड़ा है। तीन लोगों को उपचार के लिए रोहडू अस्पताल पहुंचा दिया है। मृत*कों में चालक व परिचालक बताए जा रहे है। एसडीएम रोहडू ने मौके पर पहुंचे। हादसे के कारण का पता नहीं चला है। एसडीएम जुब्बल राजीव सांख्यान ने हादसे की पुष्टि की है।
निदेशक, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले राम कुमार गौतम ने बताया कि प्रदेश सरकार उपभोक्ताओं को ओटीपी के माध्यम से राशन वितरित करने के लिए 20 जून से 30 जून, 2024 तक ट्रायल रन करवाएगी। इसके अंतर्गत उचित मूल्य दुकानधारकों द्वारा राशन कार्ड में दर्ज सदस्यों में से किसी एक सदस्य के आधार से जुड़े मोबाईल नम्बर पर ओटीपी भेजा जाएगा तथा उनसे मोबाईल पर सम्पर्क करके ओटीपी की जानकारी ली जाएगी। प्रदेश में वर्तमान में कुल 1960467 राशन कार्ड धारक हैं जिनकी संख्या 7299045 है। इनमें से 99.84 प्रतिशत लोगों के आधार तथा 94.40 प्रतिशत का मोबाईल नम्बर दर्ज किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को ओटीपी प्राप्त होने के बारे में जानकारी हां या न में देनी होगी तथा ओटीपी किसी भी उचित मूल्य दुकानदार या अन्य किसी भी व्यक्ति के साथ साझा नहीं करना है। उन्होंने कहा कि इस ट्रायल का उद्देश्य भविष्य में बायोमेट्रिक सेल में किसी प्रकार की समस्या आने पर ओटीपी के माध्यम से राशन वितरित करने की सम्भावना को तलाशना है ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि सभी दुकानदार, प्रत्येक राशनकार्ड में दर्ज किसी एक व्यक्ति के मोबाईल पर ओटीपी भेज कर उस व्यक्ति से फोन पर सम्पर्क करके ओटीपी प्राप्त होने की पुष्टि करेंगे। यदि ओटीपी उपभोक्ता को प्राप्त होता है तो वे उस सदस्य की प्रविष्ट अपने पास दर्ज कर लेंगे ताकि भविष्य में राशन लेने के लिए उसके मोबाईल पर ओटीपी भेजा जा सके। यदि उस व्यक्ति के मोबाईल पर ओटीपी नहीं आता है तो उचित मूल्य दुकानधारक उसी राशन कार्ड में दर्ज किसी अन्य व्यक्ति के मोबाईल पर ओटीपी भेजेगा और ओटीपी प्राप्ति की पुष्टि होने के बाद सम्बंधित व्यक्ति का रिकार्ड अपने पास दर्ज कर लेगा। उन्होंने कहा कि सभी उपभोक्ताओं से आग्रह किया कि वे केवल ओटीपी प्राप्त होने या न होने के बारे में जानकारी उचित मूल्य दुकानधारक के साथ साझा करें और किसी भी सूरत में ओटीपी उचित मूल्य दुकानधारक या किसी अन्य व्यक्ति के साथ साझा न करें। जब कोई व्यक्ति स्वेच्छा से ओटीपी के माध्यम से राशन लेना चाहेगा उस स्थिति में ही राशन कार्ड ओटीपी उचित मूल्य दुकानधारक के साथ साझा करेगा।
हर महीने की तरह इस बार भी हिमाचल में बनीं सात दवाओं समेत देशभर की 50 दवाएं मानकों पर सही नहीं उतरी हैं। मई माह में ड्रग अलर्ट में इसका खुलासा हुआ है। प्रदेश में संक्रमण, उच्च रक्तचाप, मांसपेशियों की कमजोरी, बुखार, अल्सर और खांसी की दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं। सोलन जिले की चार, सिरमौर जिले की दो व ऊना के एक दवा केंद्रीय औषधि नियंत्रण संगठन ने देशभर के दवा उद्योगों से सैंपल लिए थे। इनमें हिमाचल के सात सैंपल सही नहीं पाए गए। हिमाचल में औद्योगिक क्षेत्र झाड़माजरी की अमेस्टर लैब कंपनी की संक्रमण की दवा सेफिक्सीम, सिरमौर के कालाअंब स्थित विद्याशय फार्मास्युटिकल कंपनी की उच्च रक्तचाप की दवा कार्वेडिलोल, बद्दी के संडोली स्थित हेल्थ बायोटेक कंपनी की मांसपेशियों की कमजोरी की दवा नियोस्टिग्माइन मिथाईल, सिरमौर के कालाअंब स्थित कासपेन फार्मास्युटिकल कंपनी की बुखार की दवा डाईफेंहाइड्रमिन, बद्दी के मानपुरा स्थित वीआईपी फार्मास्युटिकल कंपनी की अल्सर की दवा रेबिप्रोजोल, ऊना जिले की स्विश गेम्स बायोटेक कंपनी की उच्च रक्तचाप की दवा टेलमीसार्टन, साई रोड़ बद्दी स्थित एमडीसी फार्मास्युटिकल कंपनी की खांसी की दवा एसिटाइलसिस्टी एब्रोक्सोल दवा के सैंपल मानकों पर सही नहीं पाए गए। राज्य ड्रग नियंत्रक मनीष कपूर ने सैंपल फेल होने की पुष्टि करते हुए बताया कि विभाग ने जिन उद्योगों के सैंपल फेल हुए है ,उन्हें नोटिस जारी कर दिए हैं। इन उद्योगों को बाजार से स्टॉक वापस मंगवाने को कहा गया है। विभाग की ओर से अपने स्तर पर इन दवाओं के सैंपल भी लिए जाएंगे
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज यहां प्रदेश मंत्रिमण्डल की बैठक में पुलिस विभाग में आरक्षी (कांस्टेबल) के 1226 पदों पर भर्ती के लिए उम्मीदवारों की अधिकतमत आयु सीमा में एक वर्ष की छूट देने को स्वीकृति प्रदान की गई। इस छूट के साथ अब सामान्य वर्ग के उम्मीदवार 18 से 26 वर्ष की आयु तक, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, गोरखा, प्रतिष्ठित खिलाड़ी 18 से 28 वर्ष तक और होमगार्ड 20 से 29 वर्ष की आयु तक पुलिस विभाग में कांस्टेबल पद की भर्ती के लिए पात्र होंगे। मंत्रिमण्डल ने नौनिहालों को बेहतर शिक्षा प्रदान करने के लिए शिक्षा विभाग में 6297 प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा प्रशिक्षकों की नियुक्ति सहित विभिन्न सरकारी विभागों में 6630 से अधिक पद सृजित कर इन्हें भरने को स्वीकृति प्रदान की। बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में चिकित्सा अधिकारियों के 200 पद सृजित करने और भरने का निर्णय लिया गया। इसके अतिरिक्त, मंत्रिमण्डल ने राज्य के विभिन्न चिकित्सा महाविद्यालयों में प्रोफेसर, एसोशिएट प्रोफेसर तथा सहायक प्रोफेसर के 22 पद भरने को मंजूरी प्रदान की। लोगों को घर-द्वार के निकट बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए डॉ. यशवंत सिंह परमार राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, नाहन में प्रोफेसर के तीन तथा एसोशिएट प्रोफेसर के दो पद, श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, नैरचौक, मंडी में प्रोफेसर के दो तथा एसोशिएट प्रोफेसर का एक पद, पंडित जवाहर लाल नेहरू राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय चंबा में विभिन्न विभागों में प्रोफेसर के चार तथा एसोशिएट एवं सहायक प्रोफेसर के पांच-पांच पद भरे जाएंगे। इसके अतिरिक्त टांडा चिकित्सा महाविद्यालय में आपाकालीन चिकित्सा अधिकारी के आठ पद सृजित कर भरने तथा चंबा चिकित्सा महाविद्यालय में सहायक प्रोफेसर के पांच पद सृजित कर भरने सहित दोनों चिकित्सा महाविद्यालयों में ट्रॉमा सेंटर क्रियाशील बनाने के लिए स्टाफ नर्स, ऑपरेशन थियेटर सहायक, तकनीशियन, मल्टी टास्क वर्कर इत्यादि सहायक स्टाफ को नियुक्त करने को स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रिमण्डल ने हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक ट्रिब्यूनल में विभिन्न श्रेणियों के 84 पद सृजित कर भरने का निर्णय लिया गया। बैठक में राज्य में नवगठित फोर लेन नियोजन क्षेत्रों के लिए नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग में विभिन्न श्रेणियों के 13 पदों को भरने की स्वीकृति प्रदान की गई। युवा सेवाएं एवं खेल विभाग में युवा आयोजकों के चार पद भरने को भी स्वीकृति प्रदान की गई। राज्य सरकार और राज्य सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, बोर्डों, निगमों, स्थानीय निकायों के अंतर्गत ग्रुप सी के पदों की सीधी भर्ती को हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग के तहत लाने का निर्णय लिया। मंत्रिमण्डल ने जिला कांगड़ा के देहरा में लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियन्ता कार्यालय और पुलिस अधीक्षक कार्यालय खोलने को स्वीकृति प्रदान की। हालांकि देहरा विधानसभा क्षेत्र में इन दिनों आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण इस संबंध में अधिसूचना बाद में जारी की जाएगी। बैठक में जिला ऊना के हरोली में विद्युत बोर्ड का मण्डलीय कार्यालय खोलने को भी मंजूरी प्रदान की गई। मंत्रिमण्डल ने प्रदेश में पर्यटन को प्रोत्साहन प्रदान करने और होम-स्टे का सुव्यवस्थित संचालन सुनिश्चित करने के लिए दिशा-निर्देश तैयार करने के लिए उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान की अध्यक्षता में एक मंत्रिमण्डलीय उप-समिति भी गठित करने का निर्णय लिया। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह और तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी इस समिति के सदस्य होंगे। इसके अलावा संसाधनों के सृजन के लिए सुझाव देने के उद्देश्य से उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में मंत्रिमण्डलीय उप-समिति को स्वीकृति प्रदान की गई। कृषि मंत्री चंद्र कुमार, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान और तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी इस उप-समिति के सदस्य होंगे। मंत्रिमण्डल ने प्रदेश में वनों की आग, सूखे की स्थिति, जल संकट और मानसून की स्थिति की भी समीक्षा की।
कनिष्ठ अभियंता (दूरसंचार) उत्तर रेलवे शिमला हरिहर थमसोए ने कहा कि उत्तर रेलवे के सोलन-सलोगड़ा खण्ड में रेलवे द्वारा नए क्वाड केबल डालने का कार्य चल रहा है। इस दौरान राष्ट्रीय उच्च मार्ग 05 तथा सोलन-शिमला हाईवे पर रेलवे क्रॉसिंग संख्या 5ए (चम्बाघाट) के पास रेलवे चारदीवारी के भीतर इस केबल को डालने के लिए रोड कटिंग होनी है जिससे यह केबल सड़क को क्रॉस कर के जा सके। कनिष्ठ अभियंता ने कहा कि 18-19 जून, 2024 को मध्यरात्रि उपरांत तड़के 02.00 बजे से 02.45 बजे तक रेलवे फाटक आंशिक रूप से बंद रहेगा।
राज्य सरकार के प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि प्रदेश में सूखे की स्थिति के मद्देनज़र लोगों को पेयजल के साथ-साथ अन्य दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में प्राकृतिक स्त्रोतों में पेयजल की कमी, पेयजल आपूर्ति, पेयजल वितरण व पेयजल योजनाओं को हुए नुकसान की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। इस गंभीर स्थिति से निपटने और लोगों को पर्याप्त पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि हालात सामान्य होने तक जल शक्ति विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। विभाग द्वारा सख्त दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा गया है कि सभी अधिकारी और कर्मचारी अपने कार्यालयों में उपस्थित रहेंगे। यदि कोई अधिकारी, कर्मचारी छुट्टी पर है तो वह तुरंत अपने तैनाती कार्यालय में रिपोर्ट करें। उन्होंने कहा कि विभाग के प्रमुख अभियंता, मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंताओं को पेयजल आपूर्ति की कमी से संबंधित समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रवक्ता ने कहा कि राज्य की जनता को पर्याप्त पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्तर पर कदम उठाने के निर्देश जारी किए गए हैं।
तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि प्रदेश सरकार बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। तकनीकी शिक्षा के माध्यम से युवाओं को स्वावलम्बी बनने के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। प्रदेश में 364 तकनीकी एवं औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान विद्यार्थियों को रोजगारपरक शिक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण व्यावसायिक शिक्षा प्रदान कर उनका कौशल संवर्धन किया जा रहा है। इन संस्थानों में सुचारू रूप से बच्चों को प्रशिक्षण मिले, इसलिए तकनीकी शिक्षा विभाग में युक्तिकरण प्रक्रिया को शुरू किया गया है। विभाग द्वारा विभिन्न श्रेणियों के लगभग 80 कर्मचारियों का युक्तिकरण किया गया है। इस कदम से व्यावसायिक शिक्षण संस्थानों में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रशिक्षु लाभान्वित होंगे। इसके साथ ही तकनीकी संस्थानों को सुदृढ़ बनाने के लिए पर्याप्त स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने के दृष्टिगत आधुनिक शैक्षणिक पाठ्यक्रम आरम्भ किए गए हैं। युवाओं को उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान दिया जा रहा है। इंजीनियरिंग महाविद्यालयों और बहुतकनीकी संस्थानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, कम्प्यूटर इंजीनियरिंग जैसे नवीन पाठ्यक्रम शामिल किए गए हैं। विभाग द्वारा युवाओं के लिए बेहतर प्लेसमेंट के अवसर भी प्रदान किए जा रहे हैं।
**ठहरने के लिए कम पड़ रही सराय **बहुत ज़रूरी होने पर ही करे यात्रा, चुड़ेश्वर सेवा समिति ने की अपील सिरमौर व शिमला जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल चूड़धार में इन दिनों श्रद्धालुओ का भारी तांता लगा हुआ है। मैदानी इलाकों में गर्मी बढ़ने के कारण इन दिनों चूड़धार जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि देखी जा रही है। खासकर विकेंट में शनिवार व रविवार को 7 से 8 हजार श्रद्धालु चूड़धार पहुंच रहे है। बता दे की हजारों की संख्या में जुट रही श्रद्धालुओ की अप्रत्याशित भीड़ को देखकर प्रशासन व चुड़ेश्वर सेवा समिति भी हैरान व प्रशासन है। इन दिनों क्षमता से चार गुना अधिक श्रद्धालु चूड़धार पहुंच रहे है। चूड़धार में चुड़ेश्वर सेवा समिति की सराय व मंदिर कमेटी की सराय में लगभग 3000 हजार श्रद्धालुओ के ठहरने की व्यवस्था है। हैरान करने वाली बात यह है कि रोजाना सात हजार से आठ हजार श्रद्धालु चूड़धार पहुंच रहे है। ऐसे में चुड़ेश्वर सेवा समिति व मंदिर कमेटी को श्रद्धालुओ को ठहराने और उनके लिए खाने की व्यवस्था करने में मुश्किल पैदा हो रही है। नतीजन अधिकतर श्रद्धालु को बाहर खुले आसमान के नीचे रातें गुज़ारनी पड़ रही हैं।समिति ने अपील की है कि चूड़धार यात्रा तभी करें यदि बहुत आवश्यक हों वरना अगले कुछ समय बाद ही यात्रा का कार्यक्रम बनायें। वहाँ पर सुविधाएँ सीमित होने के कारण बहुत कष्ट उठाना पड़ सकता है।
**प्रदेश सरकार आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करेगी जिला चम्बा के डलहौजी के खजियार में एनआरआई दम्पति पर हमले से सम्बंधित मामले में अमृतसर में दम्पति द्वारा जीरो एफआईआर दर्ज की गई है। प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मामले की कड़ी निंदा करते हुए पुलिस को इस मामले में विस्तृत जांच कर आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। खजियार में गत दिनों एक स्पैनिश-पंजाबी दम्पति पर कुछ लोगों ने हमला किया था। इस मामले में प्रदेश पुलिस, अमृतसर पुलिस स्टेशन से आने वाली जानकारी के आधार पर उचित कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोग अपनी सादगी और सौम्य स्वभाव के लिए जाने जाते हैं। हिमाचल में प्रत्येक वर्ष देश-विदेश के विभिन्न कोनों से पर्यटक घूमने आते हैं। प्रदेश सरकार द्वारा पर्यटकों को सुरक्षित माहौल प्रदान किया जाता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोग अतिथि देवो भवः की भावना से पर्यटकों का आतिथ्य सत्कार करते हैं। यह घटना 11 जून, 2024 को पर्यटन नगरी डलहौजी की पार्किंग में हुई थी, जहां दो पक्षों के बीच हुई कहा-सुनी ने झगड़े का रूप ले लिया था। इस मामले में स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा कार्रवाई की गई। स्थानीय पुलिस द्वारा पर्यटक दम्पति को हर प्रकार से सहयोग प्रदान किया गया। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंच कर पर्यटकों को प्राथमिक उपचार के लिए चम्बा हॉस्पिटल पहुंचाया। दम्पति ने चिकित्सा जांच व मामला दर्ज करवाने से मना कर दिया। इसके बाद पुलिस की उपस्थिति में दोनों पक्षों द्वारा समझौता किया गया।
**सिर्फ़ मित्रों के भले के लिए काम कर रही है सुक्खू सरकार शिमला: नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शिमला से जारी प्रेस वक्तव्य में कहा कि सुक्खू सरकार की स्टार्टअप योजना का क्या हुआ? इस योजना का लाभ कब से प्रदेश के युवाओं को मिलना शुरू होगा। चुनाव के समय कांग्रेस ने गारंटी दी थी कि सरकार बनने पर हर विधानसभा क्षेत्र के युवाओं के लिए 10 करोड़ के हिसाब से 680 करोड़ रुपए के स्टार्टअप फण्ड का प्रबंध करेगी, जिससे युवा अपने लिए रोज़गार के साधन जुटाए और अन्य लोगों को रोज़गार भी देंगे। कांग्रेस के कई नेताओं ने इसके लिए चुनाव से पूर्व ही युवाओं से फॉर्म भी भरवा लिए थे। चुनाव के एक साल तक सरकार इस फण्ड के नाम पर ख़ामोश रही। गत नवंबर माह में सरकार ने इस योजना के प्रथम चरण की शुरुआत की विधिवत घोषणा की अख़बारों में बड़े-बड़े इश्तेहार छपे, सड़कों पर बड़े-बड़े होर्डिंग्स लगे। सरकार ने इस योजना के तहत उत्पादन इकाई लगाने के बजाय, इलेक्ट्रिक व्हीकल की ख़रीद में सब्सिडी देने की बात की। हज़ारों की संख्या में प्रदेश के युवाओं ने आवेदन भी किया। लेकिन योजना की घोषणा हुए आठ महीनें का समय बीत गया लेकिन अभी तक एक भी युवा को इस योजना का लाभ नहीं मिला। एक भी टैक्सी इस योजना के तहत अभी तक ख़रीदी नहीं जा सकी। जयराम ठाकुर ने कहा कि क्या इलेक्ट्रिक टैक्सी ख़रीदने में इतना समय लगता है। इस सरकार की मंशा ही नहीं है कि वह प्रदेश के लोगों का काम करे। यह स्टार्टअप के लिए आर्थिक सहायता का इंतज़ार कर रहे प्रदेश के युवाओं के साथ धोखा है। जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार ने भाजपा की सरकार द्वार शुरू की स्वावलंबन योजना को भी बंद कर दिया। बंद करने के पहले स्वीकृत हुई योजनाओं का बजट भी नहीं जारी किया है। कुछ ऐसे भी युवा है जिन्हें कुछ किश्तें मिली है लेकिन बाक़ी की किश्तें नहीं दी जा रही हैं। ऐसे में युवाओं को सरकार ने जानबूझकर अधर में लटका दिया है। सरकार युवाओं को लाखों की संख्या में रोज़गार देने का वादा करके सत्ता में आई थी लेकिन सरकार न ख़ुद ही लोगों को रोज़गार दे रही है न ही उद्यमशील युवाओं को लोगों को नौकरी देने दे रही है। पूर्व सरकार में स्वावलंबन योजना के तहत प्रदेश में कुल 721 करोड़ रुपये का निवेश हुआ। सरकार की ओर से इस योजना के तहत 200 करोड़ रुपये की अनुदान राशि प्रदान की गई। इसमें कुल 4377 ईकाइयां मंज़ूर हुई। जिनसे 11 हजार 674 लोगों को रोजगार मिला। यदि इस योजना राजनीतिक द्वेष की वजह से बंद नहीं किया गया होता तो प्रदेश में रोज़गार के हज़ारों साधन और राजस्व पैदा होता। लेकिन सूक्खू सरकार की अदूर्रशिता और बदले की भावना से काम करने की वजह से प्रदेश के युवाओं को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इस समय मुख्यमंत्री सिर्फ़ और सिर्फ़ मित्रों के भले के लिए काम कर रहे हैं। सिर्फ़ मित्रों के हितों की रक्षा करने के लिए काम कर रहे हैं। प्रदेश के युवाओं को रोज़गार देने की बजाय वह कैबिनेट रैंक देने और अपनी सरकार बचाने में व्यस्त हैं। उन्होंने कहा कि झूठे वादे बहुत हो गए, इधर-उधर की बातें बहुत हो गई। अब सरकार बने डेढ़ साल से ज़्यादा का समय हो गया है। अब सुक्खू सरकार जल्दी से जल्दी स्टार्टअप फंड का बजट जारी करे।
हिमाचल प्रदेश उपचुनाव के लिए कांग्रेस ने दो विधानसभा सीटों पर उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है। हिमाचल की हमीरपुर सीट के लिए कांग्रेस ने पुष्पेंद्र वर्मा को टिकट दिया है तो वहीं नालागढ़ के लिए हरदीप सिंह बावा को कैंडिडेट बनाया है। फिलहाल, देहरा विधानसभा के लिए कांग्रेस ने अभी प्रत्याशी के नाम की घोषणा नहीं की है। हमीरपुर विधानसभा सीट से प्रत्याशी डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा विधानसभा 2022 के चुनाव में कांग्रेस पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं। त्रिकोणीय मुकाबले में वह दूसरे नंबर पर रहे थे, जबकि भाजपा के प्रत्याशी तीसरे नंबर पर। उस वक़्त इंडिपेंडेंट कैंडिडेट आशीष शर्मा ने जीत हासिल की थी। अब इस बार दूसरी बार पुष्पेंदर वर्मा और आशीष शर्मा आमने सामने है। उधर, नालागढ़ सीट से हरदीप सिंह बावा भी पहले कांग्रेस टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं। 2022 के आम चुनावों में कांग्रेस की ओर से हरदीप सिंह बावा कांग्रेस, लखविंद्र राणा बीजेपी और केएल ठाकुर ने आजाद प्रत्याशी के तौर पर लड़ा था।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां कहा कि राज्य सरकार सोलन जिले के कण्डाघाट में दिव्यांगजनों के लिए उत्कृष्ट शिक्षा केंद्र (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) स्थापित करने जा रही है। विशिष्ट सुविधाओं से सुसज्जित इस केंद्र में 27 वर्ष की आयु तक के विशेष रूप से सक्षम बच्चों के लिए आवासीय सुविधाएं, खेल मैदान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सहित व्यापक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए परियोजना को समयबद्ध पूर्ण करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस परियोजना को दो वर्ष के भीतर पूरा करने के लिए दृढ़ संकल्पित है और इसके लिए पर्याप्त बजट का प्रावधान किया जाएगा। सोलन के कण्डाघाट क्षेत्र के टिक्करी गांव में 45 बीघा सरकारी भूमि को चिन्ह्ति कर, इस परियोजना को स्थापित करने के लिए भूमि का स्वामित्व सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग को दे दिया गया है। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग को कंटूर मैपिंग करने तथा विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि डीपीआर तैयार होने के पश्चात निविदा प्रक्रिया आरम्भ की जा सके। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इस केंद्र के माध्यम से 300 दिव्यांग विद्यार्थी लाभान्वित होंगे। विभाग ने इस परियोजना को तैयार करने के लिए प्रारंभिक कार्य शुरू कर दिया है। इसके लिए विभाग ने विभिन्न राष्ट्रीय संस्थानों का अध्ययन किया है तथा दृष्टि एवं श्रवण बाधित विद्यार्थियों के लिए पाठ्यक्रमों की पहचान की है। उन्होंने कहा कि इस केंद्र की रूपरेखा तैयार करने के लिए दृष्टि एवं श्रवण बाधित विशेषज्ञों तथा समग्र क्षेत्रीय केंद्र सुंदरनगर के प्रतिनिधियों की एक समिति गठित की गई है। परियोजना को और बेहतर बनाने के लिए चेन्नई में ‘दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण संस्थान’ का दौरा करने की योजना बनाई गई है। उन्होंने कहा कि इस दौरे का उद्देश्य संस्थान के उत्कृष्ट मॉडल का अध्ययन करना है ताकि कण्डाघाट केंद्र में सर्वश्रेष्ठ सुविधाओं को शामिल किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले डेढ़ वर्ष में प्रदेश सरकार ने समाज के वंचित वर्गों के कल्याण एवं उत्थान के लिए अनेक नवोन्मेषी कदम उठाए हैं।
शिमलाः मैदानी राज्यों में गर्मी की मार इस कदर पड़ रही है कि अब कूलर-एसी भी काम कर नहीं रहा है। इस बीच लोग पहाड़ी राज्यों की तरफ निकल रहे हैं। ऐसे में हिमाचल और उत्तराखंड से सटे दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और यूपी के लोग लाखों की संख्या में पहुंच रहे हैं। पहाड़ों पर लोगों की भीड़ का आलम यह है कि ट्रैफिक जाम के साथ-साथ होटलों की समस्या से भी जूझना पड़ रहा है। द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक पर्यटकों की भारी आमद के कारण पिछले दो हफ्तों में राज्य की राजधानी और देश के सबसे लोकप्रिय हिल स्टेशनों में से एक शिमला को पांच लाख से अधिक वाहन पार कर चुके हैं। इसमें सभी एंट्री और एग्जिट प्वाइंट से शहर में एंट्री करने और बाहर निकलने वाले सभी प्रकार के वाहन शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, शुक्रवार तक 13 दिनों में शहर में 5,12,345 वाहन आए, जो शहर की कुल क्षमता की तुलना में बहुत बड़ी संख्या है। प्रतिदिन औसतन 25,000 से अधिक वाहन शहर में प्रवेश कर रहे हैं और बाहर निकल रहे हैं। शिमला के पुलिस अधीक्षक (एसपी) संजीव गांधी ने कहा कि शहर में पिछले दो हफ्तों में रिकॉर्ड संख्या में वाहनों की आमद देखी गई है। भारत के विभिन्न राज्यों में बढ़ती गर्मी हिमाचल प्रदेश के पर्यटन स्थलों के लिए वरदान साबित हो रही है। भारी गर्मी से बचने के लिए सैलानी लगातार पहाड़ों का रुख कर रहे हैं। ऐसे में हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू की बात करें तो यहां पर मनाली, बंजारा, मणिकर्ण सहित अन्य पर्यटन स्थल इन दिनों सैलानियों से गुलजार है।
गर्मी से झुलस रहे हिमाचल के लिए बड़ी खुशखबरी है। अगर मौसम विभाग का पूर्वानुमान सही रहा तो हिमाचल में 18 जून से मौसम बदलना शुरू हो जाएगा। मौसम के करवट बदलते ही 19 से 21 जून के बीच हिमाचल के कई हिस्से राहत की रिमझिम से रू-ब-रू होंगे। मौसम विभाग की मानें तो 19 जून से हिमाचल में प्री मानसून की बारिश शुरू हो जाएगी और उसके बाद 21 जून तक इसका असर रहेगा। फिर 22 जून को ड्राई मौसम का अनुमान है, जबकि इसके बाद फिर मानसून शुरू हो जाएगा। मौसम में संभावित परिवर्तन की बावजूद 17 और 18 जून को भी प्रदेश के कई क्षेत्रों में हीटवेव का असर देखने को मिलेगा। इस दौरान अधिकतम तापमान 40 डिग्री के आसपास रह सकता है। पिछले 24 घंटे में भी मौसम विभाग के अनुसार राज्य के सिरमौर और मंडी में गंभीर हीट वेव देखने को मिली है, जबकि ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, शिमला, सोलन, कांगड़ा और कुल्लू में भी गर्मी का असर देखा गया है। यदि तापमान की बात करें तो सबसे ज्यादा तापमान कांगड़ा के देहरा गोपीपुर में 40 डिग्री दर्ज किया गया है, जबकि सबसे कम लाहुल -स्पीति के कुकुमसेरी में 7.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया है। पिछले 24 घंटे में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कोई अंतर नहीं आया है। मौसम विभाग के अनुसार एक नया पश्चिम विक्षोभ तैयार हो रहा है, जिसका असर दो दिन के बाद से देखने को मिलेगा।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गत सायं ऐतिहासिक रिज मैदान के पदम कम्पलैक्स में ‘इंदिराज हिमाचल-टूवर्ड्ज़ न्यू फ्रंटियर्ज’ प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। इस प्रदर्शनी के माध्यम से भारत की प्रथम महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के योगदान को प्रदर्शित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का राष्ट्र निर्माण में असाधारण योगदान रहा है। उनकी कूटनीति से देश को विश्व भर में एक विशेष पहचान मिली। यह प्रदर्शनी आमजन से उनके लगाव, उनके जीवन संघर्ष, हिमाचल एवं प्रदेश के लोगों के प्रति लगाव एवं उनकी विरासत को नए परिप्रेक्ष्य में दर्शाती है। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी भारत की पहली प्रधानमंत्री थीं, जिन्होंने देश की सेवा करते हुए अपना जीवन बलिदान किया। प्रदर्शनी में दर्शाए गए अधिकतर छायाचित्र इंदिरा गांधी मैमोरियल ट्रस्ट नई दिल्ली की आरकाईव का हिस्सा हैं। यह प्रदर्शनी छायाचित्र के माध्यम से उनकी सामाजिक और राजनीतिक जीवन यात्रा को दर्शाती है जब वह पहली बार प्रधानमंत्री बनीं। इसके अलावा यह प्रदर्शनी उनके 1966-71, 1971-77 और 1980-84 के प्रधानमंत्री के रूप में कार्यकाल तथा 1977-80 के उनके विपक्ष के नेता के कार्यकाल पर प्रकाश डालती है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदिरा गांधी का हिमाचल प्रदेश के प्रति गहरा लगाव था और यहां के विकास लिए उनके दूरदर्शी प्रयासों को हिमाचलवासी सदैव याद रखेंगे। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी के नेतृत्व में 25 जनवरी, 1971 को हिमाचल प्रदेश को आधिकारिक रूप से पूर्ण राज्यत्व का दर्जा मिला और यह देश का 18वां राज्य बना। उस पल कोे हिमाचल प्रदेश की विकास गाथा का एक ऐतिहासिक क्षण बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदिरा गांधी पूर्ण राज्यत्व प्राप्ति दिवस पर भारी बर्फबारी के बावजूद शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर आयोजित समारोह में शामिल हुईं, जो उनके प्रदेश के प्रति गहरे लगाव को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदिरा गांधी की विकास संबंधी पहलों से प्रदेश की विद्युत उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उनके प्रयासों से कृषि एवं बागवानी उत्पादकता के बढ़ने से यहां के मेहनतकश लोगों को खाद्य सुरक्षा एवं आर्थिक सुदृढ़ता सुनिश्चित हुई है और किसानों एवं बागवानों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति भी मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी ने प्रदेश के बुनियादी संपर्क के ढांचे के सुदृढ़ीकरण के अलावा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को भी प्राथमिकता दी, जिसके परिणामस्वरूप प्रदेश में प्रतिष्ठित अकादमिक, शैक्षणिक, स्वास्थ्य एवं अन्य संस्थान स्थापित हुए। यह संस्थान आज प्रदेश के विकास में उत्कृष्ट योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के साथ इंदिरा गांधी का आत्मिक जुड़ाव भी रहा है। राजनीतिक जीवन त्यागने के उपरांत इंदिरा गांधी की मशोबरा की पहाड़ियों में बसने की चाह तथा राजीव गांधी द्वारा हिमालय पर उनकी अस्थियों को विसर्जित करने की इच्छा इस क्षेत्र के लिए उनके एवं उनके परिवार के गहरे प्रेम को दर्शाती है। मुख्यमंत्री ने इस आकर्षक प्रदर्शनी के लिए ईका आरकाईविंग सर्विसिज के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि छायाचित्रों के उल्लेखनीय संग्रह वाली यह प्रदर्शनी हिमाचल की प्रगति और समृद्धि के लिए इंदिरा गांधी की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है और उनकी ‘‘हिमालय की बेटी’’ की छवि को स्थापित करती है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा, राज्य वन विकास निगम के उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची, मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, विधायक हरीश जनारथा, नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान, उप-महापौर उमा कौशल, मुख्यमंत्री के ओएसडी रितेश कपरेट, उपायुक्त अनुपम कश्यप सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
मण्डी मध्यस्थता योजना के तहत सभी लंबित देनदारियों के निपटारे के लिए 153 करोड़ रुपये जारी: मुख्यमंत्री
**हाटू मंदिर तक रोपवे स्थापित करने की संभावनाएं तलाश रही सरकार: मुख्यमंत्री **मुख्यमंत्री ने हाटू माता मंदिर में की पूजा-अर्चना मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज शिमला जिला के ठियोग विधानसभा क्षेत्र के नारकण्डा का दौरा किया और स्थानीय लोगों से भेंट कर जन समस्याएं सुनीं। उन्होंने क्षेत्र के विभिन्न प्रतिनिधिमण्डलों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के इतिहास में पहली बार प्रदेश सरकार ने मण्डी मध्यस्थता योजना (एमआईएस) के तहत सेब उत्पादकों की सभी देनदारियों का भुगतान किया है। राज्य सरकार ने पिछली भाजपा सरकार की 90 करोड़ रुपये की देनदारी सहित सभी देनदारियों को निपटाने के लिए 153 करोड़ रुपये जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों और बागवानों को सेब कीटनाशकों और उर्वरकों इत्यादि पर मिलने वाली सब्सिडी को पिछली भाजपा सरकार ने बंद कर दिया था लेकिन वर्तमान राज्य सरकार ने इसे बहाल कर दिया है। किसानों को अब गुणवत्तापूर्ण उत्पाद उपलब्ध हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की राज्य सरकार ने सेब के समर्थन मूल्य में 1.50 रुपये प्रति किलोग्राम की ऐतिहासिक वृद्धि की है, जिससे सेब का समर्थन मूल्य अब 12 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है। गत वर्ष प्रदेश सरकार ने प्रति किलोग्राम के आधार पर सेब की बिक्री सुनिश्चित की थी तथा इस वर्ष यूनिवर्सल कार्टन प्रणाली लागू की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गत वर्ष बरसात में आपदा के दौरान राज्य सरकार ने क्षतिग्रस्त सड़कों को बहाल करने के लिए पंचायतों को पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करवाई। किसानों को वित्तीय हानि से बचाने के लिए राज्य सरकार ने सेब को मंडियों तक पहुंचाने की सुविधा प्रदान की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख-सम्मान निधि योजना के तहत नारकण्डा क्षेत्र की 173 लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में तीन महीने की सम्मान निधि के रूप में 4500 रुपये हस्तांतरित किए हैं और शेष आवेदनों की समीक्षा की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत शिमला जिला में 2569 महिलाओं को 4500 रुपये प्रति महिला प्रदान किए गए हैं, जिसपर कुल 1.15 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं। पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शिमला जिला के ऊपरी क्षेत्रों में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और राज्य सरकार पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए हर सम्भव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने नारकण्डा में आइस स्केटिंग रिंक स्थापित करने के लिए 5 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं और यहां एक बहुउद्देशीय खेल हॉल भी निर्मित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए ढली से नारकंडा सड़क को फोर लेन राजमार्ग के रूप में स्तरोन्नत करने और सुरंगों की सुविधा प्रदान करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के साथ शीघ्र ही इस परियोजना पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इसके अलावा प्रदेश सरकार हाटू मंदिर तक रोपवे स्थापित करने पर भी विचार कर रही है और पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के लिए हाटू मंदिर सड़क को चौड़ा करने की योजना पर कार्य कर रही है। इससे पहले, मुख्यमंत्री ने हाटू माता मंदिर में पूजा-अर्चना की और प्रदेश के लोगों की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने नारकण्डा परिधि में एक पौधा भी रोपित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कमलेश ठाकुर, विधायक कुलदीप राठौर, राज्य वन विकास निगम के उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची, हिमाचल प्रदेश सहकारी बैंक के अध्यक्ष देवेन्द्र श्याम, पूर्व विधायक राकेश सिंघा, अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार चंद शर्मा, उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप सहित अन्य व्यक्ति उपस्थित थे।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने शनिवार सायं ऐतिहासिक रिज मैदान पर चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय शिमला ग्रीष्मोत्सव का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर लेडी गवर्नर जानकी शुक्ल भी उपस्थित रहीं। राज्यपाल ने कहा कि इस तरह के आयोजन हिमाचल प्रदेश की समृद्ध संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन में मदद करते हैं। उन्होंने कहा कि ग्रीष्मोत्सव में आयोजित किए जाने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थानीय लोगों और पर्यटकों को हिमाचल की लोक कला के विविध रंगों से अवगत करवाते हैं। शिमला के उपायुक्त एवं शिमला ग्रीष्मोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष अनुपम कश्यप ने राज्यपाल का स्वागत किया और उन्हें हिमाचली टोपी, शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने इस अवसर पर लेडी गवर्नर, लोक निर्माण विभाग मंत्री विक्रमादित्य सिंह और स्थानीय विधायक हरीश जनारथा को भी सम्मानित किया। राज्यपाल ने सांस्कृतिक संध्या का भी आनंद उठाया। ‘नाटी किंग’ कुलदीप शर्मा की प्रस्तुति सांस्कृतिक संध्या का मुख्य आकर्षण रही। इस अवसर पर नगर निगम शिमला के महापौर सुरेन्द्र चौहान, उप महापौर उमा कौशल, पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी और जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। बीते रोज़ प्रदेश के आठ जिलों ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, कांगड़ा, कुल्लू, शिमला, मंडी और सिरमौर में लू चली। नौ क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री से ज्यादा रिकॉर्ड हुआ। लगातार बढ़ रही गर्मी ने जनजीवन बेहाल कर दिया है। न्यूनतम पारा चढ़ने से रात को भी राहत नहीं मिल रही है। 17 जून तक प्रदेश में लू चलने के आसार हैं। 18 जून से प्रदेश में प्री मानसून की बौछारें पड़ने से कुछ राहत मिलने की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में 18 से 21 जून तक बारिश के आसार हैं। जून के अंत तक प्रदेश में मानसून के प्रवेश करने का पूर्वानुमान है। राजधानी शिमला सहित प्रदेश के सभी क्षेत्रों में शनिवार को चटक धूप खिली। मैदानी जिलों के साथ पहाड़ी क्षेत्रों में भी सूरज की तपिश बढ़ी है। प्रदेश के अधिकांश पर्यटन स्थल इन दिनों सैलानियों से गुलजार हो गए हैं। मैदानी राज्यों में पड़ रही भीषण गर्मी से राहत लेने के लिए सैलानी पहाड़ों का रुख कर रहे हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में इन दिनों अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री चल रहा है। मैदानी राज्यों में पारा 40 से 45 डिग्री के बीच पहुंच गया है। राजधानी शिमला, मनाली, डलहौजी, कसौली और धर्मशाला के अधिकांश होटलों में इन दिनों सैलानियों की ऑक्यूपेंसी फुल चल रही है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने रविवार और सोमवार को भी अधिकांश क्षेत्रों में लू चलने का येलो अलर्ट जारी किया है।
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की बेटी आस्था अग्निहोत्री ने शनिवार को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में सहायक आचार्य का पदभार संभाला। विवि के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज यूआईएलए में आस्था की सहायक आचार्य के पद पर नियुक्ति हुई है। बीते शुक्रवार को हुई कार्यकारिणी परिषद की बैठक में विधि विभाग के दो, मैनेजमेंट के तीन, सहायक आचार्य पदों के लिफाफे खोले गए थे। इसमें उपमुख्यमंत्री की बेटी आस्था अग्निहोत्री भी शामिल थीं। शनिवार को पदभार संभालने के बाद डा. आस्था अग्निहोत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से इसकी जानकारी सांझा की।


















































