**योजनाओं की समयबद्ध समीक्षा और समुचित निगरानी के निर्देश दिए कृषि मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने बीते रोज़ कृषि विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। कृषि मंत्री ने विभागीय गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए कहा कि किसानों को लाभान्वित करने के लिए अधिकारियों को फील्ड स्तर पर जाकर कार्य सुनिश्चित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी फील्ड में जाकर किसानों की समस्याएं सुनें और उनका निराकरण करने के लिए हर सम्भव प्रयास करें। उन्होंने कृषि क्षेत्र में नवाचारों को शामिल करने पर विशेष अधिमान देते हुए कहा कि वे नए सुझावों और वैज्ञानिक पद्धति पर आधारित कार्यशैली अपनाएं। उन्होंने भू-संरक्षण और सिंचाई योजनाओं के कार्यान्वयन पर भी विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कृषि को प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए प्रदेश सरकार अनेक योजनाएं कार्यान्वित कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सरकार की योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहें। कृषि क्षेत्र में सुदृढ़ होने से प्रदेश की आर्थिकी को संबल मिलेगा, साथ ही मुख्यमंत्री की आत्मनिर्भर हिमाचल की परिकल्पना को साकार करने में भी मदद मिलेगी। प्रो. चन्द्र कुमार ने आपसी समन्वय से कार्य करने तथा नई योजनाओं के बारे में सुझाव देने को भी कहा। उन्होंने योजनाओं की प्रगति की समयबद्ध समीक्षा करने और उनकी निरंतर निगरानी करने के निर्देश भी दिए। कृषि निदेशक कुमुद सिंह ने विभागीय गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा प्रदेश सरकार की योजनाओं के सफल कार्यान्वयन के लिए समयबद्ध कार्य किया जा रहा है। इस अवसर पर अधिकारियों ने विभिन्न सुझाव दिए। बैठक में विभाग के सभी अधिकारी उपस्थित थे।
**आईजीएमसी में इंडोर टेस्ट बंद होने की खबरों पर बोले नेता प्रतिपक्ष शिमला: नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शिमला से वक्तव्य जारी कर कहा कि सरकार ने पहले संस्थानों पर तालाबाज़ी की और अब आम लोगों को मिल रही सुविधाओं पर तालाबाज़ी कर रही है। जिससे प्रदेश के लोग परेशान हों। उन्होंने कहा कि समाचार पत्रों के माध्यम से पता चल रहा है कि आईजीएमसी में अब इंडोर टेस्ट बंद होने वाले हैं क्योंकि अस्पताल प्रशासन ने जांच में प्रयुक्त होने वाले रीजेंट्स का परचेज़ ऑर्डर ही नहीं दिया है। जिससे अस्पताल में भर्ती मरीज़ों की सामान्य से सामान्य जाँच नहीं हो पाएगी। अस्पताल में भर्ती मरीज़ों और उनके परिजनों को अब निजी लैब से यह जांच करवाने के लिए भटकना पड़ेगा। अस्पताल में भर्ती अस्वस्थ्य व्यक्ति के लिए यह किसी आफ़त से कम नहीं है। इस तरह से बीमारी के समय में भी सुक्खू सरकार प्रदेश के लोगों को परेशान करने का प्रयास कर रही है। जिससे यह साफ़ है कि सुक्खू सरकार को प्रदेश के लोगों के सुख-दुःख से कोई मतलब नहीं हैं। यह सरकार पूरी तरह संवेदनहीन सरकार है। जयराम ठाकुर ने कहा कि सत्ता सम्भालने के बाद से ही प्रदेश सरकार का प्रदेश के लोगों से कोई लेना देना नहीं हैं। प्रदेश सरकार का हर फ़ैसला जनविरोधी और प्रदेश के लोगों को परेशानी देने वाला रहा। सत्ता में आते ही डीज़ल के दाम बढ़ा देने से लेकर संस्थान बंद करने के फ़ैसले से सुक्खू सरकार की जनविरोधी मंशा साफ़ दिखी। सरकार ने प्रदेश के अस्पतालों को भी नहीं बख्शा। पूर्व सरकार की जनहित योजनाओं को भी बंद करने या उनके बजट रोकने का भी काम किया। सुक्खू सरकार के निशाने पर स्वास्थ्य व्यवस्था भी रही। सत्ता में आने के बाद से लाखों लोगों के लिए लाइफ लाइन बनी हिमकेयर योजना का पैसा रोक दिया। जिससे लोगों का इलाज रुक गया। शेड्यूल हुए ऑपरेशन रुक गये। लोगों की डायलिसिस रुक गई। इसके बाद सरकार ने अस्पतालों में निःशुल्क जाँच करने वाली कंपनियों का पैसा रोक दिया । बार-बार पेमेंट का रिमाइंडर देने के बाद कंपनियों ने अस्पतालों में जांच भी बंद कर दी, तब भी सुक्खू सरकार तमाशाई बनी रही। अब अस्पताल में बेड पर लेटे हज़ारों मरीज़ों की इंडोर जांचे बंद करने का प्रयास किया जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा स्वास्थ्य व्यवस्था की जो उपेक्षा की जा रही है, वह दुःखद है। जब कोई भी व्यक्ति बीमार होता है उस समय उसे सहारे की सबसे ज़्यादा जरूरत होती है लेकिन वर्तमान सुक्खू सरकार उन्हें भी परेशान करने से बाज़ नहीं आ रही है। जयराम ठाकुर ने कहा कि इस तरह से काम नहीं चलेगा, सरकार हर ज़रूरतमंद का सहारा होती है इसलिए वह लोगों की मदद करे उन्हें परेशान नहीं। भाजपा सुक्खू सरकार के जनविरोधी और मनमानी वाले फ़ैसलों का डटकर विरोध करेगी।
**विश्वविद्यालय के पूर्व विद्यार्थियों के मैत्री कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के पूर्व विद्यार्थियों के दो दिवसीय ‘मैत्री’ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने ‘मैत्री’ के इंटरनेशनल चैप्टर का भी शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में शिक्षा ग्रहण करने के साथ ही उन्हें बाहरी राज्यों से आने वाले विद्यार्थियों की संस्कृृति को समझने का अवसर भी मिला। उन्होंने कहा कि अनुभव से परिपक्वता और जीवन में आगे बढ़ने के अवसर मिलते हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में रहकर ही राजनीतिक संघर्ष सीखा है। विश्वविद्यालय में बिताए लम्हों को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने अपनी कई अविस्मरणीय स्मृतियों को भी साझा किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश विश्वविद्यालय में एससीए चुनाव करवाने की संभावनाएं तलाशेगी क्योंकि ये चुनाव विद्यार्थियों को समाज सेवा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि इस सम्बंध में अधिकारियों से चर्चा की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को लोभ और मोह से बचना चाहिए और समाज की निस्वार्थ सेवा करने की भावना आत्मसात करनी चाहिए। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि वर्तमान सरकार प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रयासरत है। राज्य सरकार शिक्षा में सुधार के लिए भी कई अहम कदम उठा रही है। पहली कक्षा से ही सरकारी स्कूलों में इंग्लिश मीडियम पढ़ाई शुरू कर दी गई है। इसके अतिरिक्त प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल बनाए जा रहे हैं ताकि विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ खेलों से भी जोड़ा जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उच्च शिक्षा में बदलाव लाने जा रही है, ताकि नई तकनीक पर आधारित नए पाठ्यक्रम शुरू किए जा सकें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार संसाधनों का सदुपयोग सुनिश्चित कर प्रदेश को देश का सबसे सम्पन्न राज्य बनाना चाहती है। प्रदेश की आय बढ़ाने के लिए कई क्षेत्रों को चिन्हित किया गया है और वर्तमान सरकार वर्ष 2032 तक राज्य को सबसे समृद्ध राज्य बनाने के लिए प्रयासरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने 4000 अनाथ बच्चों को चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट के रूप में अपनाया है और 27 वर्ष तक उनकी शिक्षा और देख-रेख का दायित्व अब राज्य सरकार का है। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए प्रशिक्षित युवाओं का डाटा तैयार किया जा रहा है। जिला सोलन में कण्डाघाट क्षेत्र के टिक्करी में लगभग 300 दिव्यांगजनो को शिक्षा प्रदान करने के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने पूर्व छात्र एसोसिएशन के भवन के निर्माण के लिए दो करोड़ रुपए देने की घोषणा भी की। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस अवसर पर तीन पुस्तकों का विमोचन भी किया। उन्होंने वरिष्ठ पत्रकार संजीव शर्मा की पुस्तक ‘जूनी’ पुस्तक का विमोचन किया जिसमें एक प्रेम कहानी के माध्यम से हिमाचल प्रदेश के अनछुए पर्यटन स्थलों का विशिष्ट रूप से उल्लेख किया गया है। मुख्यमंत्री ने जेपी शेखपुरा की ‘मैं और मेरी एचपी यूनिवर्सिटी’ और ‘यादें बुरांस की’ पुस्तक का विमोचन भी किया। यादें बुरांस की पुस्तक में 450 लेखकों ने अपना योगदान दिया है। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से सक्षम चार विद्यार्थियों को एसोसिएशन का आजीवन फ्री मेम्बरशिप सर्टिफिकेट भी प्रदान किया। विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने छात्र जीवन के दिनों को याद करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू विश्वविद्यालय के उनके पुराने साथी हैं। उस समय विश्वविद्यालय का माहौल बहुत अच्छा था और सभी एक-दूसरे की सहायता करते थे। विश्वविद्यालय में आनेवाले छात्रों को हर संभव मदद प्रदान की जाती थी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के लगभग 25 छात्र नेता वर्तमान हिमाचल प्रदेश विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में तीन विचारधाराओं का संगम होता है और यह संघर्ष की भूमि है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा सहित हजारों पूर्व विद्यार्थियों ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। इससे पहले, पूर्व छात्र एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रो. चंद्रमोहन परशीरा ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और कहा कि एसोसिएशन जिला शिमला के नेरी क्षेत्र को गोद लेकर उसमें अधोसंरचना विकास करेगी। इस अवसर पर मुख्य संसदीय सचिव सुन्दर सिंह ठाकुर, विधायक केवल सिंह पठानिया, उपायुक्त अनुपम कश्यप और देश-विदेश से आए विश्वविद्यालय के पूर्व विद्यार्थी भी शामिल हुए।
वीडियो वायरल होने के बाद सिरमौर जिला के कालाअंब पुलिस थाना में तैनात लापता हैड कांस्टेबल को हरियाणा के नारायणगढ़ क्षेत्र से ढूंढ निकाला है। इस खबर की पुष्टि मामले की जांच कर रहे क्राइम डिपार्टमेंट के स्टेट सीआईडी के डीआईजी डीके चौधरी ने की है। डीके चौधरी ने बताया कि देर शाम नारायणगढ़ क्षेत्र से हैड कांस्टेबल जसवीर को ढूंढ निकाला गया है। मामले में पूरी जानकारी एसपी सिरमौर की तरफ से सांझा की जाएगी। हैड कांस्टेबल जसवीर पूरी तरह से स्वस्थ है, जिसका मेडिकल करवाया जा रहा है। सूचना देने के बाद परिजन भी पहुंच गए हैं। मामले से जुड़ी अधिक जानकारी शनिवार को पत्रकारवार्ता में ही दी जाएगी।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सहयोग से आज प्रदेश के सभी जिलों में 85 स्थलों पर मेगा मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। राज्य सचिवालय शिमला में इसके लिए कमांड सेंटर स्थापित किया गया था। कमांड सेंटर में विभिन्न जिलों में की जा गई मॉकड्रिल की निगरानी की गई। इस दौरान कमांड सेंटर शिमला में राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी विशेष रूप से मौजूद रहे। उन्होंने उपायुक्तों से वर्चुअल माधम से बातचीत की और धरातल पर किए जा रहे अभ्यास के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि संचार स्थापित करने और प्रतिक्रिया में लगने वाले समय को न्यूनतम किया जाए ताकि जान-माल का जोखिम कम से कम हो। जगत सिंह नेगी ने कहा कि आपदा के दौरान यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि कम से कम समय में बिजली, पानी, चिकित्सा सुविधा लोगों तक पहुंचे। उन्होंने मनाली, कुल्लू, मंडी और लाहौल जैसे आपदा संभावित क्षेत्रों में आपातकालीन स्थिति में सैटेलाइट फोन के माध्यम से संचार स्थापित करने पर भी बल दिया। बागवानी मंत्री ने कहा कि रेडियो आधारित संचार आपात स्थित में सहायक सिद्ध होंगे। उन्होंने कहा कि आपदा के दौरान संयुक्त सचेतक प्रणाली (सीएपी) की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। इस प्रणाली से आपदा से पूर्व ही लोगों को मोबाइल पर संदेश भेजकर दूसरी जगह स्थानांरित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जागरूकता के लिए इस तरह के कार्यक्रम समय समय पर आयोजित किए जाने चाहिए। उन्होंनेे कहा कि आगामी समय में कई जगहों पर वेदर स्टेशन भी स्थापित किए जाएंगे जिससे आपदा का जोखिम कम करने में सहायता मिलेगी। जगत सिंह नेगी ने हिमस्खलन से संभावित खतरे को लेकर सेंसर तकनीक का इस्तेमाल करने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को भी बढ़ाया जाएगा। इस अवसर पर उन्होंने आपदा के प्रति जागरुकता सामग्री का विमोचन किया। नेगी ने आपातकालीन ऑपरेशन केंद्र (ईओसी) का भी दौरा किया। विशेष सचिव आपदा प्रबंधन डीसी राणा ने जगत सिंह नेगी को आपदा के दौरान सचेत, आरएमएस रिलीफ, समर्थ, मेघदूत, दामिनी, मौसम और ड्रोन मैपिंग एप्पीलीकेशन के महत्व के बारे में जानकारी दी। एनडीआरएफ के वरिष्ठ सलाहकार मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) सुधीर बहल ने सभी जिलों से मॉकड्रिल के दौरान पेश आई चुनौतियों के बारे में जानकारी ली और समस्याओं के समाधान के सुझाव भी लिए।विशेष सचिव आपदा प्रबंधन डीसी राणा ने सभी जिलों को शीघ्र मॉकड्रिल की रिपोर्ट बनाकर प्रेषित करने का आग्रह किया। इस दौरान एनडीआरएफ 14वीं बटालियन के कमाडेंट बलजिंद्र सिंह, एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अभिषेक त्रिवेदी, एसडीआरएफ के एसपी अर्जित सेना ठाकुर और सभी विभागों से वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश में विधानसभा उपचुनावों के लिए भाजपा ने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है। पार्टी ने देहरा विधानसभा सीट से भाजपा ने होशियार सिंह चंबयाल, हमीरपुर से आशीष शर्मा और नालागढ़ विधानसभा सीट से भाजपा ने कृष्ण लाल ठाकुर को टिकट दिया है। अब कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशियों की लिस्ट जारी होने का इंतज़ार है।
**कहा, आम आदमी के जान की सरकार को नहीं परवाह, अधिकारी कर रहे मनमानी शिमला : नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में क़ानून-व्यवस्था पूरी तरह से तबाह हो गई है। अपराधियों का हर तरफ़ बोलबाला नज़र आ रहा है। एक के बाद एक जघन्य हत्याकांड हो रहे हैं लेकिन मुख्यमंत्री सिर्फ़ और सिर्फ़ अपनी कुर्सी बचाने में व्यस्त हैं और पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी हुई है। प्रदेश में क़ानून व्यवस्था मज़बूत नहीं रहेगी तो इससे प्रदेश का नुक़सान होगा। सरकार को आम आदमी के जान की परवाह ही नहीं हैं। आए दिन होने वाले हत्याकांड से प्रदेश के छवि धूमिल हुई है। सरकार को अपराधियों के ख़िलाफ़ सख़्त से सख़्त कदम उठाने की आवश्यकता है। पुलिस अराजक तत्वों पर अपनी निगरानी बढ़ाए और अपराध पर लगाम लगाए। प्रदेश में अपराधी का नहीं क़ानून का राज होना चाहिए। जयराम ठाकुर ने कहा कि सिरमौर में एक पुलिस के मुख्य आरक्षी द्वारा एसएसपी पर दबाव बनाने का आरोप लगाया गया। उसकी कहीं सुनवाई नहीं हुई। जिसके चलते उसे सोशल मीडिया में आकर अपनी बात कहनी पड़ी। इस सब के बीच पुलिस का मुख्य आरक्षी ही लापता हो गया है। उसके परिवार और परिचित लोग उसकी तलाश कर रहे हैं। स्थानीय लोग उसके तालश की माँग को लेकर धरना दें रहे हैं। परिजन ग़ायब होने पर तरह-तरह की आशंका जता रहे हैं। इस तरह से एक पुलिस कर्मी के लापता होने की बात आश्चर्यजनक है। क्या इसी तरह के व्यवस्था परिवर्तन की बात सरकार द्वारा की गई थी कि पुलिस के कर्मचारी को ही अपने अधिकारियों के ख़िलाफ़ मोर्चा खोलना पड़े। इस मामले में अभी तक मुख्यमंत्री ने क्या किया? इस मामले का पूरा सच सामने आना चाहिए और पुलिस अपने लापता कर्मचारी को चाहे जैसे खोज कर निकाले, सरकार उसके सुरक्षा की गारंटी लें। इस देवभूमि में इस तरह की मनमानी नहीं चलने देंगे। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री की नाकामी की वजह से प्रदेश के अधिकारी अपनी मनमानी कर रहे हैं और प्रदेश के लोगों की सुविधाओं से उनका कोई लेना देना नहीं रह गया है। सरकार क़ानून व्यवस्था को मज़बूत करने के लिए पुख़्ता कदम उठाए हर दिन हो रहे अपराध को रोके। इसके लिए विपक्ष सरकार के साथ मजबूती से खड़ा है और हर सहयोग करने को तैयार है।
शिमला: बी.बी.एन. स्थित विश्व स्तरीय दवा निर्माण में जुटी क्योरटेक ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर सुमित सिंगला, युवा उद्योगपति, को दवा निर्माण के क्षेत्र में शानदार उपलब्धियों के साथ साथ सामाजिक सेवा में अग्रिम पंक्तियों में रहने पर वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्ड यू के द्वारा इंटरनेशनल एक्सीलेंस अवार्ड 2024 से ब्रिटेन की संसद में 18 जुलाई को सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश के विश्व प्रसिद्ध लोक गायक और नाटी किंग कुलदीप शर्मा को भी सम्मानित किया जाएगा। हिमाचल प्रदेश की दो विभूतियों को यह प्रतिष्ठित अवार्ड विश्व भर के विभिन्न देशों के लोगों के समक्ष मिलना राज्य और देश के लिए एक अति सम्मानजनक प्राप्ति है। इसी के साथ हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ क्षेत्र के औद्योगिक वर्ग में भी यह हर्ष की बात है। इस सन्दर्भ में वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्ड यू के, इंडियन प्रेजिडेंट व सी.ई.ओ. संतोष शुक्ल ने बताया कि ब्रिटिश पार्लियामेंट के पैलेस ऑफ़ वेस्ट मिनिस्टर लंदन यू के के चर्चिल रूम (हाउस ऑफ़ कॉमन्स) में 18 जुलाई को होने जा रहे एक भव्य समारोह जिसमें ब्रिटिश सांसदों के अतिरिक्त यू के व विश्व भर से आए व्यक्ति व बुद्धिजीवी हिस्सा लेंगे। इस समारोह के दौरान सुमित सिंगला और उनकी धर्मपत्नी रेशु सिंगला जोकि बी.बी.एन. में एकमात्र महिला उद्यमी हैं और ऑय.बी.एन. हर्बल्स की चेयरपर्सन एंड मैनेजिंग डायरेक्टर हैं भी उपस्थित होंगी और साथ में सम्मान प्राप्त करेंगी। गौरतलब है कि इस समारोह के दौरान विश्व भर की विश्व धरोहरों, साइट्स को चिन्हित किया जाता है और उनका चयन करके उनका नाम ब्रिटिश जर्नल व मैगज़ीन में प्रकाशित किया जाता है। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध लोक गायक और नाटी किंग कुलदीप शर्मा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के लोक गायक को ब्रिटेन में अंतर्राष्ट्रीय अवार्ड मिलना उनके लिए एक स्वप्न से कम नहीं और इसके लिए उन्होंने प्रसिद्ध उद्योगपति सुमित सिंगला का आभार जताया। इस अवसर पर दवा निर्माण और समाज सेवा में जुटे हुए सुमित सिंगला ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की लोक गायकी को बॉलीवुड में प्रवेश करवाने के लिए वह भरसक प्रयास करेंगे। इस अवसर पर क्योरटेक ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर सुमित सिंगला ने बताया कि उनके बड़े भाई स्व.अमित सिंगला द्वारा लगाया गया वृक्ष आज 2 दशकों से अधिक समय से मलटी नेशनल कम्पनयों के लिए गुणवत्ता दवाओं के निर्माण में अग्रसर है और ग्रुप में 1000 से अधिक लोगों को रोज़गार मिल रहा है। उन्होंने कहा कि व्यापार में उतार चढ़ाव आना ग्रोथ की निशानी है और इस प्रकार के मामलों में न घबराते हुए उद्योगपतियो व इंसान को अपना लक्ष्य निर्धारित करते हुए ही कार्य करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि क्योरटेक ग्रुप भविष्य में भी राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर वैश्विक फार्मा मानकों के अनुरूप दवाओं के निर्माण में जुटा रहेगा ताकि ग्रुप का नाम विश्व स्तर पर अग्रिम पंक्तियों में आ सके। उन्होंने कहा कि ग्रुप स्व.अमित सिंगला के सपनों जिसमें मल्टी नेशनल कंपनियों के ब्रांड की दवा निर्माण के साथ-साथ अपने प्रोडक्ट की मार्केटिंग भी शुरू करने के कार्य शीघ्र ही शुरू किया जाएगा। सुमित सिंगला को देश विदेशों के लगभग 1700 संगठनों द्वारा सम्मानित किया जा चुका है, जिनमें हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा सामाजिक क्षेत्रों में सुमित सिंगला को सम्मानित किया जा चुका है। सुमित सिंगला को विश्व स्तर पर कई संस्थाओं द्वारा मानद डॉक्टरेट की डिग्री से सम्मानित किया जा चुका है परन्तु हाल ही में तुर्की के इस्तांबुल स्थित अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय में डॉक्टरेट की डिग्री प्रदान की गई है जो उनकी सामाजिक सेवाओं और दवा निर्माण के क्षेत्र में शानदार उपलब्धियों को देखते हुए दी गई।बद्दी के युवा उद्योगपति सुमित सिंगला और हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध लोक गायक नाटी किंग कुलदीप शर्मा जिन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्ड यू के द्वारा इंटरनेशनल एक्सीलेंस अवार्ड 2024 से ब्रिटेन की संसद में 18 जुलाई को सम्मानित किया जाएगा।
एसआईएस कंपनी ने युवाओं के लिए सिक्योरिटी गार्ड के 150 पद अधिसूचित किए हैं। इच्छुक आवेदक अपने मूल शैक्षणिक और अन्य प्रमाणपत्रों के साथ पासपोर्ट साइज के दो फोटोग्राफ सहित उप रोजगार कार्यालय थुनाग में 15 जून को सुबह 10:30 बजे से नियोक्ता के समक्ष साक्षात्कार में शामिल हो सकते हैं। रोजगार की तलाश कर रहे बेरोजगार युवाओं के लिए नौकरी का सुनहरा मौका है। इस बारे जानकारी देते हुए मोहन सिंह, प्रभारी उप-रोजगार कार्यालय थुनाग ने बताया कि सिक्योरिटी गार्ड के इन पदों के लिए इच्छुक आवेदक निर्धारित तिथि व स्थान पर उपस्थित होकर साक्षात्कार में भाग ले सकते हैं। सिक्योरिटी गार्ड के इन पदों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता दसवीं रखी गई है। आवेदक की न्यूनतम लम्बाई 168cm वजन 55 किलोग्राम एवं आयु 19 से 40 वर्ष निर्धारित की गई है। चयनित होने के उपरांत आवेदक को रोजाना 8 घंटे ड्यूटी के लिए प्रतिमाह 15 से 16 हजार रुपये वेतन दिया जाएगा, जबकि 12 घण्टे के लिए प्रतिमाह 17 से 22 हज़ार रुपये वेतन दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इच्छुक आवेदक अपने मूल शैक्षणिक और अन्य प्रमाणपत्रों के साथ पासपोर्ट साइज के दो फोटोग्राफ सहित उप रोजगार कार्यालय थुनाग में 15 जून को सुबह 10:30 बजे से नियोक्ता के समक्ष साक्षात्कार में शामिल हो सकते हैं। इच्छुक आवेदक ऑनलाइन माध्यम से https://eemis.hp.nic.in पर जाकर Candidate Login से भी आवेदन कर सकते हैं। साक्षात्कार में भाग लेने पर किसी भी प्रकार का दैनिक और यात्रा भता नहीं दिया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश साईंस मास्टर एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि शिक्षा विभाग ने काफी समय से मुख्याध्यापक और प्रधानाचार्य की पदोन्नति सूची जारी नहीं की है। शिक्षा विभाग द्वारा पिछले वर्ष (2023) जुलाई माह में मुख्याध्यापकों की एक पदोन्नति सूची निकाली गई थी उसके बाद मुख्याध्यापक पदोन्नति दिसम्बर माह में सम्भावित थी और विद्यालयों से पात्र अध्यापकों क नाम भी मंगवा लिए थे परन्तु बाद में बिना किसी कारण के विभाग ने नाम भिजवाने की तिथि 20/01/2024 कर दी थी। तत्पश्चात 20/01/2024 से लेकर आजतक सूची निकालने के लिए कोई भी कार्यवाही अमल में नहीं लाई गई जोकि 26000 प्रशिक्षित स्नातक अध्यापकों के साथ नायनसाफ़ी है। प्रदेश में लगभग मुख्याध्यापकों के 350 पद फिर से रिक्त हो गये हैं। पदोन्नति के लिए प्रशिक्षित स्नातकों व पदोन्नत प्राध्यापकों से नाम विद्यालयों से मंगवाए जाते हैं। संघ की हमेशा से यह मांग भी रही है कि किसी भी वर्ग में जैसे ही पद रिक्त होता है उसे तुरन्त भरा जाना चाहिए या पदोन्नति सूचियां साल में दो बार निकलनी ही चाहिए। यह बात हिमाचल प्रदेश साइंस मास्टर एसोसिएशन के प्रदेश प्रधान चंद्र केश धीमान, प्रदेश महासचिव भीम सिंह, वरिष्ठ उपप्रधान यशपाल, प्रदेश वित्त सचिव संजीव कुमार सलाहकार हरीश गुप्ता, ओम प्रकाश धीमान,अमित गुप्ता निशिकांत ने संयुक्त बयान में कही। उन्होंने कहा कि मुखियों के बिना स्कूल प्रशासन से संबंधित कार्य प्रभावित हो रहे हैं तथा मुख्याध्यापक बनने में देरी टीजीटी अध्यापकों को प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नति से भी वंचित रह जाते है। हिमाचल प्रदेश साइंस मास्टर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री माननीय सुखीविंदर सिंह सुक्खू जी व शिक्षा मंत्री माननीय रोहित ठाकुर जी से मांग करता है कि मामले में स्वयं हस्तक्षेप कर मुख्याध्यापकों की पदोन्नति सूचि 15 जुलाई से पहले पहले निकाल दी जाए क्योंकि हर माह अनेक अध्यापक 20-25 वर्ष सेवा कर बिना पदोन्नति के विना ही सेवानिवृत्त हो रहे हैं और जिन्हें इतने वर्ष के सेवा काल के उपरांत एक भी पदोन्नति नहीं मिल पाती है और संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि संघ को आशा है कि इस माह में होने वाली कैबिनेट बैठक में माननीय मुख्यमंत्री श्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू जी मुख्याध्यापको और प्रधानाचार्य की पदोन्नति सूची जारी करने के लिए इस बैठक में लिया जाएगा 2. प्रशिक्षित शिक्षकों से प्रवक्ता स्कूल न्यू की सूची जारी जल्द जारी की जाना 3. शिक्षा निदेशक कार्यालय से अनुबंध आधार 2009 से नियुक्त अध्यापकों को नियुक्ति की तिथि से वित्तय लाभ प्रदान करवाने बारे 4. मुख्याध्यापक से प्रधानाचार्य के पद पर पदोन्नति के लिए कोटे को 50% से बढ़ा कर 75% किया जाए क्योंकि इसके फीडिंग कैडर 36000 से अधिक का है जिसमे प्रशिक्षित स्नातक अध्यापक पदोन्नत होकर मुख्याध्यापक बनते है 5. प्रदेश में पुनः नियुक्ति की प्रथा को पूर्ण रूप से बंद कर दिया जाए क्योंकि यह बेरोजगारों के साथ-साथ पदोन्नति की लम्बे समय से राह देख रहे कर्मचारियों के साथ बहुत बड़ा कुठाराघात है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिहं सुक्खू ने आज हिमाचल प्रदेश विधानसभा में छह नवनिर्वाचित विधायकों के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लिया। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने विधायक राकेश कालिया, विवेक शर्मा, कैप्टन (सेवानिवृत्त) रंजीत राणा, अनुराधा राणा, सुधीर शर्मा और इंद्रदत्त लखनपाल को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण करने के उपरांत अब सदन में कांग्रेस पार्टी के विधायकों की संख्या 34 से बढ़कर 38 हो गई है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी नवनिर्वाचित विधायकों को बधाई व शुभकामनाएं दीं। उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, विधानसभा उपाध्यक्ष विनय कुमार, मंत्रिमंडल के सदस्य और विधायकगण भी इस अवसर पर उपस्थित रहे। इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने मीडियाकर्मियों से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि भाजपा का प्रदेश में सरकार बनाने का दावा विफल हो गया है क्योंकि प्रदेश के लोगों ने उपचुनावों में कांग्रेस के चार विधायकों को चुना है। उन्होंने कहा कि उपचुनाव के बाद सदन मंे विधायकों की संख्या 38 होने के साथ ही प्रदेश में कांग्रेस सरकार और मजबूत हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों को जारी रखेगी और इस दिशा में सरकार ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। उन्होंने कहा कि उपचुनावों में चार विधायकों को हराकर राज्य के लोगों ने खरीद-फरोख्त की राजनीति को नकारा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार तीन विधानसभा क्षेत्रों में होने जा रहे उपचुनावों के लिए पूरी तरह से तैयार है, जिसके लिए शीघ्र ही उम्मीदवार घोषित किए जाएंगे।
हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बच्चों को मिलने वाले मिड डे मिल की गुणवत्ता पर हमेशा से सवाल उठते है लेकिन अब बच्चों के अभिभावक भी स्कूल में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता की जांच कर सकेगें| जी हां अब हिमाचल के सरकारी स्कूलों में बच्चों को दोपहर का भोजन उनके माता-पिता प्रदेश के सरकारी स्कूलों में प्री नर्सरी से आठवीं कक्षा तक बच्चों को मिलने वाले मिड डे मील को लेकर नए निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत अब भोजन बच्चों को उनके माता-पिता या एसएमसी सदस्य से चखाने के बाद परोसा जाएगा। प्रदेश भर में प्री नर्सरी से आठवीं कक्षा तक के 5.34 लाख बच्चों को दोपहर का भोजन दिया जा रहा है। पहले जैसा भी खाना बनाया जाता था, उसे सीधे बच्चों को बांट दिया जाता था। इसकी वजह से बच्चों को कई बार खराब खाना मिल जाता था। लेकिन अब इस नए निर्देश के बाद अभिभावक या फिर एमडीएम प्रभारी को पहले खाने की टेस्टिंग करनी होगी।हर दिन किसी न किसी बच्चे के अभिभावकों को स्कूल आकर खाना टेस्ट करना होगा। खाने का स्वाद, गुणवत्ता को लेकर भी उन्हें बताना होगा। इसके लिए उनके हस्ताक्षर भी लिए जाएंगे
उत्तर भारत की सबसे कठितम धार्मिक यात्रा श्रीखंड महादेव यात्रा है जो जुलाई महीने में शुरू होने वाली है। अभी यात्रा की आधिकारिक तिथियों की घोषणा नहीं हुई है| निरमंड प्रशासन ने निर्देश जारी किए हैं कि आधिकारिक तिथियों की घोषणा से पहले कोई भी व्यक्ति अथवा यात्री अनाधिकृत तरीके से यात्रा न करें। अगर कोई अनाधिकृत तरीके से उपरोक्त यात्रा में जाता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अभी उपरोक्त यात्रा मार्ग में काफी बर्फ है और रास्ते भी खराब हैं, जिसकी मरम्मत प्रशासन द्वारा अभी की जानी है। प्रशासन ने स्थानीय टैंट मालिकों तथा पर्यटक गाइड से भी अनुरोध किया है कि वे अनाधिकृत तरीके से श्रद्धालुओं को यात्रा में जाने के लिए प्रोत्साहित न करें। एसडीएम मनमोहन सिंह ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि जुलाई माह में जब भी प्रशासन द्वारा यात्रा का संचालन किया जाएगा। केवल उसी समय श्रीखंड महादेव यात्रा करें।
**विधायक दल की बैठक में शामिल हुए नेता प्रतिपक्ष, विभिन्न विषयों पर हुई चर्चा शिमला: पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शिमला से जारी वक्तव्य में कहा कि अब प्रदेश से आचार संहिता हटी गई है। इसलिए सरकार द्वारा करवाए जाने वाले किसी भी प्रकार के विकास कार्य करने पर किसी भी तरह की रोक भी नहीं है। अतः अब सरकार डेढ़ साल से बंद पड़े विकास कार्यों की शुरुआत करे। जब से कांग्रेस सत्ता में आई है तब से विकास के सारे काम रूके हुए हैं। अस्पताल से लेकर स्कूल के चलते हुए काम बंद हैं। सड़कों से लेकर पुलों के काम रूके हुए हैं। आपदा के बाद से सड़कों पर पड़ा मलबा नहीं उठाया जा सका है। जिससे लोगों की बहुत असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अब सरकार जनहित के मुद्दों पर गंभीरता से काम करे। अपनी चुनावी गारंटियों को पूरा करे। जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश भर में जल संकट गहरा रहा है। समाचारों में हर दिन पानी की आपूर्ति बाधित होने की खबरें आ रही हैं। जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को जलापूर्ति नियमित रूप से होती रहे इसके लिए सरकार गंभीरता से काम करते हुए प्रभावी कदम उठाए। जिससे प्रदेश में जलापूर्ति बाधित न होने पाए। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर शिमला में भाजपा विधायक दल की बैठक में शामिल हुए। बैठक शाम सात बजे प्रारंभ हुई। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल भी उनके साथ रहे। बैठक में हाल में संपन्न हुए लोकसभा आम चुनाव और विधानसभा उपचुनाव पर चर्चा हुई। इसके साथ बुधवार को होने नव निर्वाचित विधायकों के शपथ ग्रहण और आगामी विधानसभा उपचुनाव पर भी चर्चा हुई। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा से बात कर स्वास्थ्य तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय में कार्यभार सम्भालने पर शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि उनका वर्तमान कार्यकाल पिछले कार्यकाल की तरह स्वास्थ्य के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल करेगा।
देशभर के सैलानियों का इंतजार खत्म हो गया है। हिमाचल पथ परिवहन निगम की बहुचर्चित बस सेवा का आगाज हो गया है। 1,026 किलोमीटर लंबे लेह-दिल्ली रूट पर एचआरटीसी की बस आज सुबह लेह के लिए रवाना हुई। एसडीएम केलांग रजनीश शर्मा ने केलांग बस अड्डा से बस को लेह के लिए रवाना किया। उन्होंने बस में सफर करने वाले 23 यात्रियों को हरी झंडी दिखाकर लेह की ओर रवाना करते हुए शुभकामनाएं दीं। इस बस से यात्री बर्फ से ढके चार दर्रों को पार कर अपने सफर को यादगार बना सकेंगे। लेह-दिल्ली बस का सफर यात्री 1,740 रुपये में पूरा होगा। 30 घंटे के रूट में यात्री दिल्ली, हरियाणा, पंजाब से होते हुए हिमाचल और लेह-लद्दाख की वादियों का आनंद उठा सकेंगे। पहाड़ी और बर्फीली वादियों से होकर गुजरने वाली सड़क पर सैलानी और आम लोग खूब लुत्फ उठा सकेंगे। हिमाचल पथ परिवहन निगम के केलांग डिपो की बस करीब 9 महीने बाद शुरू हुई है। इस साल से रूट में बदलाव किया है। अब दिल्ली से आने वाली यह बस रात में जिला मुख्यालय केलांग में नहीं रुकेगी। मात्र सुबह के समय 30 मिनट के लिए बस अड्डा में खड़ी होगी। एचआरटीसी केलांग डिपो का अतिरिक्त कार्यभार देख रहे उमेश शर्मा ने कहा कि बस सुबह 5:00 बजे केलांग से सरचू होते हुए लेह रवाना होगी। यात्री 16,500 फीट ऊंचे बारालाचा, 15,547 फीट नकिल्ला, 17,480 फीट तंगलांगला और 16,616 फीट ऊंचे लाचुंग दर्रे के नजारों से भी रुबरू होंगे। नई समयसारिणी के अनुसार बस दिल्ली से दोपहर 12:15 बजे चलेगी। चंडीगढ़ से शाम को 6:10 बजे रवाना होगी और सुबह 5:00 बजे तक केलांग बस अड्डा पहुंचेगी और 5:30 पर लेह के लिए चलेगी।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला स्थित प्रारंभिक उप शिक्षा निदेशक कार्यालय पर केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्लयूडी) ने ताला जड़ दिया है। पुलिस की मौजूदगी में सीपीडब्लयूडी कार्यालय में ताला जड़ा गया। जिला अदालत में शिक्षा विभाग की याचिका खारिज होने के बाद यह कार्रवाई अमल में लाई गई। इसको लेकर कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। कर्मचारी कार्यालय के बाहर दिनभर बैठे रहे। लोकसभा चुनावों को लेकर लगी आचार संहिता हटने के बाद कार्यालय में काम का बोझ काफी ज्यादा है। शिक्षक व गैर शिक्षकों के नियमितिकरण, पद्दोन्नति से लेकर जेबीटी की बैच वाइज नियुक्तियों की प्रक्रिया उप निदेशक कार्यालय से की जानी है और कार्यालय को सील करने के चलते यह सारे काम ठप पड़ गए। कार्यालय सील होने के बाद इसके भीतर कर्मचारियों से जुड़ा सारा रिकार्ड, कंप्यूटर, व विभाग का अन्य सामान मौजूद है। यह भवन केंद्रीय लोक निर्माण विभाग का है और इसमें ऊपरी मंजिल पर केंद्रिय श्रम एवं रोजगार विभाग का कार्यालय है, जबकि एक फ्लोर में प्रारंभिक शिक्षा विभाग के उप निदेशक कार्यालय है। वर्ष 1970 से पहले से यह ऑफिस यहां चल रहा है।
नीट 2024 के रिजल्ट में धांधली को लेकर छात्र काफी नाराज चल रहे हैं। अब नीट के प्रवेश परीक्षा में गड़बड़ी का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है, जिस पर आज सुनवाई हो रही है। नीट यूजी प्रश्नपत्र लीक होने की खबरों के बीच अभ्यर्थियों के एक समूह ने नए सिरे से एनईईटी-यूजी 2024 परीक्षा कराने की मांग करते हुए उच्चतम न्यायालय का रुख किया है। गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कोर्ट में याचिका दाखिल की है कि नीट यूजी 2024 रिजल्ट को वापस लिया जाए और फिर से परीक्षा कराई जाए। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट से छात्रों को झटका लगा है। अदालत ने परीक्षा रद्द करने और काउंसलिंग प्रक्रिया पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। वहीं, परीक्षा की मांग करने वाली याचिकाओं पर राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) को नोटिस जारी किया। अदालत ने कहा कि परीक्षा की शुचिता प्रभावित हुई है, इसलिए एनटीए को जवाब देने की जरूरत है। रिजल्ट आने के बाद से ही कई दिनों से छात्र देश के कोनों-कोनों में प्रदर्शन हो रहे हैं। इस याचिका में रिजल्ट वापस लेने और दोबारा परीक्षा की मांग की गई है। वहीं, परीक्षा के रिजल्ट में धांधली की जांच की मांग की गई है। आगे कहा गया कि एनटीए ने मनमानी ग्रेस मार्क दिया है। याचिकाकर्ता ने आशंका जताते हुए कहा कि यह तथ्य सामने आया है कि एक सेंटर विशेष पर एग्जाम दे रहे 67 स्टूडेंट्स को फुल मार्क्स 720 तक दिए गए हैं। याचिका में आगे कहा गया कि नीट परीक्षा 5 मई को हुई और तभी से कई शिकायतें सामने आई जिसमें पेपर लीक की बातें कही गईं। ये याचिका सुप्रीम कोर्ट में तेलंगाना व आंध्र प्रदेश के रहने वाले अब्दुल्लाह मोहम्मद फैज और शैंक रोशन मोहिद्दीन ने दायर की है। याचिका में कहा गया है कि छात्रों के हितों की खातिर यह याचिका दायर की गई है और सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई गई है कि इस मामले में जब तक जांच होती है तब तक नीट यूजी 2024 की काउंसलिंग पर रोक लगाई जाए। जानकारी दे दें कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में पहले से ही दो याचिका पेंडिंग है और पेपर लीक के ग्राउंड पर एग्जाम रद्द कराने की गुहार लगाई जा चुकी है। गौरतलब है कि कोर्ट ने पहली याचिका पर सुनवाई करते हुए एनटीए को नोटिस भी जारी किया था, हालांकि रिजल्ट पर रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया था।
हिमाचल प्रदेश में अनुबंध अवधि के कारण जिन कर्मचारियों की दस साल की नियमित सेवा पूरी न हुई हो, उन्हें अब ओपीएस का लाभ मिलेगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब राज्य सरकार के वित्त विभाग के प्रधान सचिव देवेश कुमार ने इस पर एक कार्यालय आदेश जारी किया है। इस आदेश के अनुसार हालांकि केवल उन्हीं अनुबंध कर्मचारियों को पेंशन का लाभ मिलेगा जिनका चयन हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग या कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर के माध्यम से अनुबंध नीति में हुआ हो। जिन कर्मचारियों ने ओपीएस के बजाय एनपीएस का विकल्प लिया है, वे अनुबंध सेवा की पेंशन गणना करने के पात्र नहीं होंगे। अनुबंध और नियमित सेवा के बीच कोई ब्रेक न हो। ऐसे सभी कर्मचारियों को अपने विभागाध्यक्ष के माध्यम से 30 दिन में विकल्प देना होगा। नियमित हुए बगैर अनुबंध अवधि में ही मृत्यु हो गई है, तो पेंशन का लाभ नहीं मिलेगा। राज्य सरकार ने मई 2003 से हिमाचल में एनपीएस को लागू किया था। 31 मार्च 2023 को फिर से ओल्ड पेंशन शुरू की गई। सुप्रीम कोर्ट से आयुर्वेद विभाग की शीला देवी केस में एक फैसले के बाद 10 जून को वित्त विभाग ने कार्यालय आदेश जारी किए हैं। इससे अनुबंध अवधि पेंशन देने के लिए कंसीडर होगी। जिन्हें अब ऐसे कर्मचारियों या पेंशनरों की 10 साल की नियमित सेवा अनुबंध अवधि के कारण पूरी नहीं हुई, यह लाभ उन्हें मिलेगा। आयुर्वेद विभाग से शीला देवी केस में 7 अगस्त 2023 को आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार राज्य सरकार को ऐसे कर्मचारियों की अनुबंध अवधि पेंशन के लिए गिनना होगी, जो अनुबंध से सीधे नियमित हुए। इस फैसले को कुछ शर्तों के साथ लागू करने का निर्णय लिया है। हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड के कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए महंगाई भत्ते की 4 फीसदी महंगाई भत्ते की किस्त जारी की गई है। बिजली बोर्ड के कार्यकारी निदेशक मनोज कुमार ने इस संबंध में कार्यालय आदेश जारी कर दिए हैं। राज्य सरकार के कर्मचारियों और पेंशनरों को 4 फीसदी महंगाई भत्ता पहले ही दिया जा चुका है। यानी इसे अब बिजली बोर्ड के कर्मचारियों और पेंशनरों को भी 34 से बढ़ाकर 38 प्रतिशत किया गया है। इसे बिजली बोर्ड के कर्मचारियों और पेंशनरों को एक अप्रैल से दिया जाएगा। अप्रैल 2024 से लेकर जून 2024 के बीच अतिरिक्त महंगाई भत्ता दिया जाएगा। कर्मचारियों को इसे जून महीने के वेतन और पेंशनरों को पेंशन में दिया जाएगा। जबकि एक जुलाई 2022 से लेकर 31 मार्च 2024 के बीच का एरियर देने के लिए अलग से आदेश निकाले जाएंगे। प्रदेश सरकार ने जनजातीय क्षेत्रों के लोगों को नौतोड़ भूमि उपलब्ध करवाने के लिए एक बार फिर राज्यपाल से हिमाचल में लागू वन संरक्षण अधिनियम (एफसीए) से छूट देने का आग्रह किया है। जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने बताया कि पूर्व कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल में नौतोड़ अधिनियम को लागू करने का फैसला किया था जो कि 2018 तक लागू रहा। साल 2017 में जब भाजपा सरकार सत्ता में आई उस समय 2018 में मात्र एक ही केस नौतोड़ का मंजूर किया गया। हिमाचल प्रदेश नौतोड़ भूमि नियम 1968 में 20 बीघा से कम भूमि वाले पात्र लाभार्थियों को 20 बीघा सरकारी भूमि प्रदान करने का प्रावधान किया गया है। इसके तहत जनजातीय लोगोें को लाभान्वित किया गया है। जगत सिंह नेगी ने बताया कि गत शुक्रवार को पुनः राज्यपाल से निवेदन कर जनजातीय लोगों की इस मांग को प्रस्तुत किया गया ताकि पात्र लाभार्थियों को नौतोड़ भूमि प्रदान की जा सके।
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा में अनियमितता के आरोपों को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। नीट परीक्षा आयोजित होने के समय से ही विवादों के घेरे में आ गई थी। मामले ने तूल तब पकड़ा जब रिजल्ट जारी हुआ। देशभर से छात्रों, राजनेताओं द्वारा रिजल्ट में अनियमितता के आरोप लगाए जा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट में नीट यूजी को रद्द करने और फिर से आयोजित कराने की गुहार के साथ एक याचिका दायर की गई थी। यह याचिका डॉ. विवेक पाण्डेय के साथ-साथ शिवांगी मिश्रा और अन्य छात्रों द्वारा दायर की गई है। इसमें कहा गया है कि बिहार पुलिस द्वारा नीट परीक्षा के पेपर लीक के आरोपों की जांच पहले से ही की जा रही है। नीट परीक्षा के खिलाफ दाखिल इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई की जाएगी। सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति एहसानुद्दीन अमानुल्लाह की वेकेशन बेंच द्वारा इस याचिका पर सुनवाई की जानी है। वहीं, दूसरी और अभ्यर्थियों को ग्रेस मार्क्स देने के एनटीए के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक रिट याचिका भी दायर की गई थी। इसमें आरोप लगाया गया है कि रिजल्ट में ग्रेस मार्क्स देना एनटीए का मनमाना फैसला है। संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत सुप्रीम कोर्ट में यह याचिका आंध्र प्रदेश के NEET UG आवेदक जरीपते कार्तिक द्वारा दायर की गई है। नीट यूजी परीक्षा का आयोजन 5 मई को देशभर के 571 और विदेश के 14 शहरों में किया गया था। वहीं, इस परीक्षा का रिजल्ट निर्धारित समय से 10 दिन पहले यानी 14 जून की जगह 4 जून को जारी किया गया। इस वर्ष नीट यूजी में रिकॉर्ड 67 उम्मीदवारों ने AIR-1 हासिल की है, जिसमें से 6 उम्मीदवार हरियाणा के एक ही केंद्र से हैं। वहीं, कुछ छात्रों ने 720 में से 718 और 719 अंक हासिल किए है, जिसे परीक्षा की प्रकृति को देखते हुए असंभव बताया जा रहा है। ऐसे में नीट यूजी को लेकर तरह तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। नीट यूजी के खिलाफ दर्ज याचिका पर आज सुनवाई होनी है, ऐसे में आज सबकी नजरें सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर होंगी।
बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने हिमाचल प्रदेश बागवानी उपज विपणन एवं विधायन निगम (एच.पी.एम.सी.) की स्वर्ण जयंती के अवसर पर सेब बागवानी में एच.पी.एम.सी. के महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की। जगत सिंह नेगी ने कहा कि एच.पी.एम.सी. की स्थापना 10 जून, 1974 को शिमला में की गई थी, जिसका उद्देश्य सेब एवं अन्य फल बागवानों के हितों की रक्षा, विपणन सुविधाएं, फल प्रसंस्करण एवं पोस्ट हार्वेस्ट सुविधाएं प्रदान करना था। गत 50 वर्षों में एच.पी.एम.सी. ने सेब बागवानी की उन्नति में उत्प्रेरक का काम किया है। उन्होने कहा कि एच.पी.एम.सी. फल प्रसंस्करण एवं पोस्ट हार्वेस्ट तकनीक के क्षेत्र में देश भर में पिछले 5 दशक से अग्रणी संस्थान है। बागवानी मंत्री ने कहा कि निगम ने वर्ष 1980 में परवाणू में देश का पहला एप्पल जूस कंसंट्रेट संयंत्र स्थापित किया था। एच.पी.एम.सी. ने 1970 एवं 1980 के दशक में दिल्ली, मुंबई एवं चेन्नई में शीत गृहों तथा प्रदेश में 4 शीत गृहों का निर्माण किया। इसके अतिरिक्त एच.पी.एम.सी. ने देश में पहली बार बोतलबंद जूस का उत्पादन एवं विपणन प्रारंभ किया। जगत सिंह नेगी ने कहा कि एच.पी.एम.सी. प्रतिवर्ष प्रदेश के लगभग 30,000 सेब बागवानों से मंडी मध्यस्थता योजना के अंतर्गत सी ग्रेड सेब की सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य पर खरीद कर परवाणू, पराला एवं जड़ोल (सुंदरनगर) स्थित अपने फल प्रसंस्करण संयंत्रों में एप्पल जूस कंसंट्रेट का उत्पादन करता है। इसके अतिरिक्त एच.पी.एम.सी. टेट्रा पैक जूस, जैम, स्क्वैश, एप्पल साइडर विनेगर एवं अचार आदि का उत्पादन भी करता है। बागवानी मंत्री ने कहा कि एच.पी.एम.सी. सेब बागवानों को विश्वस्तरीय पोस्ट हार्वेस्ट तकनीक से लैस 10 ग्रेडिंग पैकिंग हाउस एवं 5 सी.ए. स्टोर की सुविधा उचित दरों पर उपलब्ध करवा रहा है। बागवानी मंत्री ने एच.पी.एम.सी. के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर एच.पी.एम.सी. के प्रबन्ध निदेशक सुदेश मोखटा तथा अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि निगम राज्य के लोगों को परिवहन सुविधाएं प्रदान करने में सबसे महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने निगम के संचालन के लिए प्रदेश सरकार द्वारा हर संभव सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए निगम द्वारा 25 नई वॉल्वों बसें तथा 50 टैम्पों ट्रैवलर खरीदे जाएंगे। इसके अतिरिक्त निगम के बेडे़ में इलैक्ट्रिक बसें शामिल की जाएंगी, जिनके प्रापण के लिए प्रक्रिया जारी है। वर्तमान वित्त वर्ष में इलैक्ट्रिक बसों की खरीद के लिए 327 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। प्रदेश में सीमित हवाई तथा रेल नेटवर्क के दृष्टिगत निगम की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने लोगों को श्रेष्ठ सुविधाएं प्रदान करने के लिए निगम के संचालन को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार निगम को 63 प्रतिमाह करोड़ रुपये प्रदान करेगी। उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बैठक के दौरान कहा कि प्रदेश में परिवहन सुविधा को सुदृढ़ करने के साथ ही पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में इलैक्ट्रिक बसों की विशेष भूमिका रहेगी।बैठक में प्रधान सचिव परिवहन आर.डी. नज़ीम, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक रोहन चंद ठाकुर तथा मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा भी उपस्थित थे।
जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने आज यहां शिमला से जारी प्रेस वक्तव्य के दौरान कहा कि प्रदेश सरकार जनजातीय क्षेत्रों में पात्र लोगों को नौतोड़ भूमि प्रदान करने के लिए प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में हिमाचल प्रदेश नौतोड़ भूमि नियम 1968 के तहत 20 बीघा से कम भूमि वाले पात्र लाभार्थियों को 20 बीघा सरकारी भूमि प्रदान करने का प्रावधान किया गया था। इसके तहत जनजातीय लोगोें को लाभान्वित किया गया है। जगत सिंह नेगी ने कहा कि वन संरक्षण अधिनियम-1980 के फलस्वरूप प्रदेश में प्रार्थियों को नौतोड़ भूमि आबंटित नहीं की जा सकी। लोगों की मांग को देखते हुए वर्ष 2014 में कांग्रेस सरकार ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद-5 के तहत वन संरक्षण अधिनियम 1980 को निलंबित किया जो वर्ष 2016 तक तथा उसके पश्चात वर्ष 2016 से 2018 तक जारी रहा। इस दौरान पात्र लाभार्थियों को नौतोड़ भूमि प्रदान की गई। दिसम्बर, 2017 में सरकार बदलने पर इस प्रावधान के तहत केवल एक लाभार्थी को नौतोड़ भूमि आबंटित की गई जबकि वर्ष 2018 तक नौतोड़ भूमि प्रदान की जा सकती थी। नौतोड़ के कई मामले अभी भी लम्बित पड़े हैं। जनजातीय विकास मंत्री ने बताया कि वर्ष 2020 में जन आंदोलन के कारण भाजपा सरकार को प्रदेश में एक साल के लिए नौतोड़ का प्रावधान लागू करना पड़ा लेकिन इस दौरान किसी भी व्यक्ति को लाभ प्रदान नहीं किया गया। वर्ष 2023 में कांग्रेस सरकार ने नौतोड़ भूमि प्रदान करने के लिए राज्यपाल से वन संरक्षण अधिनियम 1980 को जनजातीय क्षेत्रों से हटाने का आग्रह किया। गत शुक्रवार को पुनः राज्यपाल से निवेदन कर जनजातीय लोगों की इस मांग को पुनः प्रस्तुत किया गया ताकि पात्र लाभार्थियों को नौतोड़ भूमि प्रदान की जा सके।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां पत्रकारों से अनौपचारिक वार्ता के दौरान कहा कि प्रदेश सरकार दिल्ली सरकार के साथ किए गए समझौते के अनुसार दिल्ली को पानी देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने तीन विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले उपचुनावों के बारे में कहा कि इन क्षेत्रों में मतदाओं द्वारा निर्दलीय विधायक चुने गए थे जो विधानसभा में विभिन्न मुद्दों पर प्रदेश सरकार या विपक्ष का साथ दे सकते थे। इसके बावजूद उन्होंने अपनी सदस्यता को त्यागने का निर्णय किस आधार पर लिया है, यह बात उन्हें जनता के सामने रखनी चाहिए। यह बात स्पष्ट है कि उन्होंने अपनी सदस्यता को निजी लाभों के लिए दांव पर लगाया है। यह भी देखना होगा कि क्या भाजपा इन पूर्व तीन निर्दलीय विधायकों को अपना उम्मीदवार घोषित करती है या नहीं। उन्होंने कहा कि इन तीन विधानसभा क्षेत्रों के मतदाता इन पूर्व विधायकों से यह प्रश्न करेंगे कि जब उन्हें पांच वर्षों के लिए अपने क्षेत्र का नेतृत्व करने के लिए चुना गया था तो फिर उन्होंने किन कारणों के चलते राज्य पर उपचुनाव का बोझ डाला गया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में तीर्थ यात्रियों से भरी बस पर हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की। इस हमले में अब तक 9 लोगों की मृत्यु हुई है।
**प्रदेश में क़ानून व्यवस्था गर्त में, सरकार ने लोगों का जीवन भगवान भरोसे छोड़ा शिमला : नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शिमला से जारी प्रेस वक्तव्य में कहा कि नरेन्द्र मोदी की सरकार देश के किसानों, युवाओं, ग़रीबों और महिलाओं के कल्याण के लिए समर्पित है। प्रधानमंत्री ने अपने तीसरे कार्यकाल के पहले फ़ैसले में किसानों को सम्मान निधि की 17वीं किश्त जारी की। यह हमारी सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने "पीएम किसान सम्मान निधि" की 17वीं किस्त के रूप में लगभग रुपये 20 हजार करोड़ से अधिक की राशि से 9 करोड़ से अधिक किसानों के देने के निर्णय की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री का आभार जताया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मोदी 3.0 की सरकार इसी तरह से देश के लोगों के विकास के काम करती रहेगी। आने वाले समय में और बड़े फ़ैसले तथा जनहितकारी योजनाएं ज़मीन पर उतरती दिखाई देंगी। जयराम ठाकुर ने राज्य सरकार पर हमला करते हुए कहा कि प्रदेश में क़ानून-व्यवस्था पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। ऐसी-ऐसी घटनाएं देखने को मिल रही है जिसकी हम कल्पना भी नहीं कर सकते हैं। एक दिन में तीन -तीन लोगों की बेरहमी से हत्या हो रही है। सरकार, पुलिस और प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा है। सुक्खू सरकार ने हिमाचल के लोगों कि जीवन को भगवान के भरोसे छोड़ दिया है। जब से कांग्रेस सत्ता में आई है तभी से अपराधियों के हौसलें बुलंद हैं। एक अपराध पर कार्रवाई न करने से ही अपराधियों के हौंसले बुलंद हो रहे हैं। कहा कि सरकार जिस तरह से आँख मूँदकर बैठी है, ऐसे काम नहीं चलेगा। सरकार को सरकार की तरह काम करना होगा। आम आदमी की ज़िंदगी के साथ खिलवाड़ हो यह भारतीय जनता पार्टी सहन नहीं करेगी। उन्होंने से मुख्यमंत्री से हाल में हुई आपराधिक घटनाओं पर सख़्त से सख़्त कदम उठाने की माँग की। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि चुनाव ख़त्म हो गए, आचार संहिता हट गई लेकिन सरकार अभी अपने नींद से नहीं जागी। विकास के काम जस के तस पड़े हैं। बस अख़बारों के माध्यम से सरकार के क़र्ज़ पर क़र्ज़ लेने का पता चलता है। इस महीनें फिर से सरकार ने 1200 करोड़ का क़र्ज़ लिया है। इसी वित्तीय वर्ष में सरकार 2900 करोड़ का क़र्ज़ लें चुकी है। जबकि दिसंबर तक क़र्ज़ की लिमिट 6200 करोड़ रुपए हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या क़र्ज़ लेकर ही सरकार चलेगी। कहा कि सत्ता में आने के पहले कांग्रेस के नेताओं द्वारा कहा जाता था कि हम आय नए साधन बनायेंगे। लेकिन सत्ता में आने के बाद से रिकॉर्ड स्तर पर क़र्ज़ ले रहे हैं। जबकि न तो सरकार ने अपने चुनावी वादे पूरे किए हैं और न ही विकास के कार्य कर रही है। ऐसे में यह क़र्ज़ किस काम के लिए लिया जा रहा है सरकार को इसका जवाब देना चाहिए।
**गुरु अर्जुन देव जी की शिक्षाओं को अपनाने का किया आह्वान मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज सिक्ख धर्म के पांचवें गुरु अर्जुन देव जी के शहीदी दिवस पर शिमला के कॉर्ट रोड स्थित गुरुद्वारा साहिब, गुरु सिंह सभा में माथा टेका। इस मौके पर उन्होंने गुरूद्वारा साहिब में शब्द कीर्तन श्रवण किया और समाज से गुरु अर्जुन देव की शिक्षाओं से प्रेरणा लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि गुरु अर्जन देव ने सच्चाई, अहिंसा और करूणा से समाज को सशक्त बनाने का प्रयास किया। इस अवसर पर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने मुख्यमंत्री को सिरोपा और तलवार भेंट कर सम्मानित किया। शिमला शहरी के विधायक हरीश जनारथा, भोरंज के विधायक सुरेश कुमार, उपायुक्त अनुपम कश्यप और अन्य अधिकारी भी इस मौके पर उपस्थित थे।
उत्तरी भारत में एक बार फिर से गर्मी बढ़ने लगी है। ऐसे में हिमाचल प्रदेश में सैलानियों का तांता लगा हुआ है। गर्मी से राहत पाने के लिए सैलानी लगातार हिमाचल का रुख कर रहे हैं। शिमला, मनाली, मंडी, कुल्लू और धर्मशाला सहित अन्य इलाकों में सैलानियों की आवाजाही बढ़ी है। हालांकि, ये सभी इलाके जाम से भी बेहाल हैं। कालका-शिमला नेशनल हाईवे पर वीकएंड और रविवार शाम को भी जाम लगा। वहीं, कुल्लू के बंजार और जीभी में वाहन चालक जाम से बेहाल रहे। वहीं, मंडी से सुंदरनगर तक भी जाम से काफी परेशानी हुई और यहां पर चार किमी के लिए चार घंटे तक का वक्त लग रहा है। प्रदेश में बीते एक सप्ताह में रुक रुक कर बारिश होती रही। ऐसे में टूरिस्ट भी राहत पाने के लिए हिमाचल पहुंच रहे हैं। मनाली में करीब 90 फीसदी होटल बुक हुए हैं। शिमला में भी 70-80 फीसदी होटलों में ऑक्युपेंसी रही है। रोहतांग पास भी गाड़ियों का जमावड़ा देखने को मिला है। यहां परमिट पर रोजाना 1200 गाड़ियां जा रही हैं। शिमला में वन मिनट ट्रैफिक प्लान फिलहाल बंद किया गया और ऐसे में शोघी से शिमला तक जाम का सामना करना पड़ रहा है। मनाली शहर से अटल-टनल तक 30 किमी के सफर के लिए रविवार को छह घंटे लगे हैं। सोशल मीडिया पर यजूर्स नें अपनी परेशानी जाहिर की। सुबह चार बजे ही टूरिस्ट की गाड़ियां रोहतांग पास के लिए निकल रही हैं। हिमाचल प्रदेश में मॉनसून से पहले कमोबेश ऐसा ही हाल रहने वाला है। प्रदेश में 20 जून के बाद मॉनसून की एंंट्री होगी।
हिमाचल की राजधानी शिमला स्थिति डिप्टी डायरेक्टर एलिमेंटरी एजुकेशन दफ्तर को सील कर दिया गया है। रेलवे बोर्ड ने आज सुबह यह कार्रवाई की है। शिमला के चक्कर स्थित सीबीआई कोर्ट के फैसले के बाद रेलवे प्रबंधन ने यह कार्रवाई की है। इससे शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। दरअसल, शिमला के चौड़ा मैदान में रेलवे बोर्ड की बिल्डिंग में पांच दशक से भी ज्यादा समय से डिप्टी डायरेक्टर एलिमेंटरी एजुकेशन दफ्तर चल रहा था। साल 2014 से इस पर रेलवे बोर्ड और शिक्षा विभाग के बीच कब्जे को लेकर कोर्ट में लड़ाई चल रही थी। बताया जा रहा है कि शिक्षा विभाग कब्जे को लेकर कोर्ट में दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाया। इस वजह से कोर्ट ने रेलवे बोर्ड के पक्ष में फैसला सुनाया। कोर्ट की जजमेंट के बाद रेलवे प्रबंधन ने डिप्टी डायेरक्टर दफ्तर पर कब्जा कर लिया है। इसके बाद शिक्षा विभाग के कर्मचारी सड़कों पर आ गए है।अब शिक्षा महकमा इस मामले में कोर्ट के आदेशों को अपेक्स कोर्ट में चुनौती देने पर विचार कर रहा है और लीगल ऑपिनियन ली जा रही है।
** देहरा, हमीरपुर और नालागढ़ में उपचुनाव **आज से तीन जिलों में आदर्श आचार संहिता लागू **13 जुलाई को होगी मतगणना... लोकसभा चुनाव व विधानसभा की छह सीटों के उपचुनाव के नतीजे घोषित होते ही अब हिमाचल में तीन विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव होंगे। निर्वाचन आयोग ने इसका शेड्यूल जारी कर दिया है। प्रदेश में निर्दलीय विधायकों के इस्तीफे से खाली हुई देहरा, नालागढ़ और हमीरपुर विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव होने हैं। चुनाव आयोग के शेड्यूल के अनुसार 10 जुलाई को इन सीटों के लिए मतदान होगा। 13 जुलाई को मतगणना व नतीजे घोषित होंगे। 15 जुलाई से पहले चुनाव की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। उपचुनाव के लिए 14 जून को राजपत्र में अधिसूचना जारी होगी। 21 जून नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथ तय की गई है।
हिमाचल प्रदेश में एक सप्ताह तक मौसम साफ रहने के आसार हैं। ऐसे में धूप खिलने से मैदानी व कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में गर्मी का प्रकोप जारी रहने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार राज्य में 16 जून तक मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है। 12 से 14 जून तक मैदानी व कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हीटवेव चलने का येलो अलर्ट जारी हुआ है। वहीं आज राजधानी शिमला व आसपास भागों में हल्के बादलों के साथ धूप खिली हुई है।
तीन दिवसीय चायल मेले के दौरान जाइका वानिकी परियोजना से जुड़े स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की खुशबू महक उठी। रविवार यानी 9 जून से 11 जून तक चलने वाले इस मेले में कोटी रेंज के तहत जाइका के कई स्वयं सहायता समूहों ने स्टॉल लगाए। आचार, जूस, चटनी, जैम, शहद और बैग समेत अन्य उत्पाद खरीदने के लिए लोगों की लंबी लाइन लगी रही। सशक्त महिला स्वयं सहायता समूह कोट और दुर्गा स्वयं सहायता समूह डवारों द्वारा निर्मित उत्पादों के दाम बाजार से कम और पूरी तरह से ऑग्रेनिक हैं। इसे देखते हुए मेले का लुत्फ उठाने पहुंचे लोगों की निगाहें जाइका वानिकी परियोजना के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों के स्टॉल पर पड़ रही हैं और अच्छी-खासी बिक्री भी होने लगी है। जाइका के मुख्य परियोजना निदेशक समीर रस्तोगी ने मेहनकश स्वयं सहायता समूहों के सभी सदस्यों की सराहना की। मेले के अवसर पर एसएमएस योशा सोलंकी, मशोबरा फोरेस्ट रेंज की एफटीयू कॉ-ऑर्डिनेटर पूजा और तारादेवी फोरेस्ट रेंज की कॉ-ऑर्डिनेटर प्रतिभा शर्मा मौजूद रहीं।
शिमला : नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर नरेन्द्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचे। दिल्ली से जारी वक्तव्य में उन्होंने कहा कि वह दिन आ गया है जिसका हर भारतवासी इंतज़ार कर रहा था। भारतीय के प्रधानमंत्री के रूप में नरेन्द्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ले रहे हैं। आधिकारिक रूप में मोदी 3.0 की शुरुआत हो रही है। देशवासियों द्वारा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन और भाजपा को दिया गया स्नेह और समर्थन अद्वितीय है। इसके लिए सभी का मैं के प्रति आभार प्रकट करता हूँ। उन्होंने समस्त देशवासियों को इस अवसर की बधाई देते हुए कहा कि यह समय बहुत महत्वपूर्ण है। बड़े-बड़े लक्ष्यों के हासिल करने के लिए जीतोड़ मेहनत करनी है। सरकार के गठन के साथ ही देश के विकास के लक्ष्यों में जुट जाना है। हर भारतीय नरेन्द्र मोदी के राष्ट्र निर्माण के मिशन में जी जान से जुटने को तत्पर है। पूरा देश चाहता था कि नरेन्द्र मोदी फिर से केंद्रीय सरकार का नेतृत्व करें। उनके तीसरे कार्यकाल के शुभारंभ का साक्षी होना सौभाग्य की बात है। जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पहले कार्यकाल से ही देश के विकास के लक्ष्य निर्धारित किए और निर्धारित समय में योजनाएं पूरा करके देशवासियों की सेवा में समर्पित की। एक से बढ़ाकर एक देश हितैषी योजनाएं देश के लोगों के विकास के लिए चलाई। सबका साथ-सबके विकास के लक्ष्य के साथ काम करते हुए देश के आख़िरी आदमी तक सरकार पहुंचाई। सरकार लोगों के जीवन में बदलाव ला सके ऐसे-ऐसे काम किए, दूसरे कार्यकाल में सरकार की योजनाओं को और व्यापक बनाया, कोविड महामारी जैसी चुनौतियों के बाद भी देश के विकास की गति को रुकने नहीं दिया। देश की विकास यात्रा को नया आयाम देने के साथ-साथ दुनिया में भारत के क़द को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। अब तीसरे कार्यकाल में देश के लोगों और सरकार के सहयोगी नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त हैं। प्रधानमंत्री ने पहले ही कह दिया है कि यह कार्यकाल बड़े फ़ैसलों के लिए जाना जाएगा तो देश को यक़ीन हैं कि मोदी 3.0 का कार्यकाल विकास की दृष्टि से ऐतिहासिक होने वाला है।
शिमला में पर्यटकों की आवाजाही में बढ़ोतरी हुई है। मैदानी भागों में बढ़ती गर्मी से राहत पाने के लिए पर्यटक शिमला का रुख कर रहे हैं। ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक शिमला में बाहरी राज्यों से रोज आठ से 10 हजार गाड़ियां पहुंच रही हैं। शिमला में वीकेंड के अलावा सप्ताह के अन्य दिनों में भी पर्यटकों की आवाजाही में बढ़ोतरी हुई है। होटल एसोसिएशन के अनुसार शहर में 70 फीसदी से अधिक ऑक्यूपेंसी चल रही है। शिमला के अतिरिक्त मनाली, कुल्लू, डलहौजी और मैक्लोडगंज का भी सैलानी रुख कर रहे हैं। शिमला में दिल्ली, पंजाब और हरियाणा, उत्तर प्रदेश से सबसे ज्यादा पर्यटक पहुंच रहे हैं। इन क्षेत्रों से शिमला की दूरी दूसरे हिल स्टेशनों से कम होना और बेहतर कनेक्टिविटी की वजह से पर्यटकों के लिए शिमला एक बेहतर विकल्प है। आज एचपीटीडीसी लिफ्ट में 3:00 बजे के बाद पर्यटकों की लाइनें लगनी शुरू हो गई थीं। इस दौरान सैकड़ों लोगों ने लिफ्ट का इस्तेमाल किया। शाम के समय लिफ्ट में सबसे ज्यादा भीड़ रही। पार्किंग प्रबंधक सतीश के मुताबिक वीकेंड पर बढ़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे हैं। चुनाव के बाद शिमला में पर्यटकों की आवाजाही में बढ़ोतरी पर्यटन कारोबार बेहतरीन स्थिति में है। इस समय शिमला के होटलों की बुकिंग 70 प्रतिशत से अधिक है। वीकेंड पर सबसे अधिक पर्यटक शिमला का रुख करते हैं। शहर में पार्किंग की बेहतर सुविधा नहीं होने से पर्यटकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदेश के सभी जिलों में 14 जून को होने जा रही आठवीं मॉकड्रिल को लेकर शिमला में आज राज्य आपदा प्रबंधन के निदेशक व विशेष सचिव डी.सी. राणा की अध्यक्षता में वर्चुअल माध्यम से बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि व सभी जिलों के उपायुक्त शामिल हुए। प्रदेश भर के सभी जिलों में 12 जून को राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा टेबल टॉप अभ्यास किया जाएगा। टेबल टॉप अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपदा की स्थिति में जमीनी स्तर पर की गई तैयारियों का मूल्याकंन करना है। 14 जून को बाढ़, भू-स्खलन, हिम-स्खलन और औद्योगिक आपदा से निपटने के लिए सभी जिलों में मॉकड्रिल की जाएगी, जिसमें विशेषकर स्कूलों, महाविद्यालयों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में आपदा में फंसे छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालने को लेकर अभ्यास किया जाएगा। डी.सी. राणा ने कहा कि मॉकड्रिल का मुख्य उद्देश्य जीवन और संपत्ति के नुकसान को कम करना और आपदा से निपटने के लिए सभी विभागों के प्रतिनिधियों, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, केन्द्रीय सशस्त्र बलों, पुलिस, होमगार्ड आदि में समन्वय स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि मॉकड्रिल के दौरान शैक्षणिक संस्थानों में राहत कैंप न बनाए जाए जिससे कि शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि नदियों, झीलों और ग्लेशियर के क्षेत्र में रहने वाले लोगों को समय से पहले ही मॉकड्रिल को लेकर की जा रही तैयारी की जानकारी दी जाए ताकि मौके पर अभ्यास के दौरान लोगों में भय का माहौल न उत्पन्न हो। उन्होंने कहा कि मॉकड्रिल के लिए गैर सरकारी संगठनों के साथ भी समन्वय स्थापित कर कार्य योजना बनाई जाए। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्रों में भी बेहद संवेदनशील स्थानों को चिन्हित करने के निर्देश दिए। ऐसे स्थानों में त्रासदी से पूर्व घटना के संबंध में जानकारी मिले इसके लिए पूर्व चेतावनी प्रणाली की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। खतरनाक झीलों के किनारे रह रही आबादी के लिए विशेष कार्य योजना तैयार करने पर भी बल दिया जाए। आपात स्थिति में किसी भी त्रासदी की जानकारी मिलने पर मौके पर जमीनी स्तर पर अपनी कार्य योजना को भी लागू करने के लिए विकल्प रखें। उन्होंने कहा कि इस मॉकड्रिल में केंद्र सरकार, राज्य सरकार और जिला प्रशासन का त्रिस्तरीय समन्वय होगा। डी.सी. राणा ने बताया कि इस बार मॉकड्रिल में संचार सुविधा बाधित हो जाने की स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभ्यास भी किया जाएगा। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का विशेष तौर पर नेतृत्व कर रहे सेवानिवृत्त मेजर जनरल सुधीर बहल ने आपदा से निपटने के लिए विशेष योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
शिमला: आज जिला सिरमौर जिले के गिरिपार क्षेत्र के हाटी समिति की हि. प्र. विश्विद्यालय इकाई का गठन हुआ है। इस संबंध में विश्विद्यालय में विशेष बैठक हुई। इसमें हाटी छात्र संगठन की कमान अनिल चौहान जी को सौंपी गई। उन्हें सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुना गया। समीर ठाकुर को महासचिव का जिम्मा दिया गया,जबकि रवींद्र चौहान कोषाध्यक्ष होंगे। यह बनी नई कार्यकारिणी.. अध्यक्ष अनिल चौहान, उपाध्यक्ष बलदेव साम्याल और नेहा ठाकुर, महासचिव समीर ठाकुर, संयुक्त सचिव सचिन तोमर , कोषाध्यक्ष रवींद्र चौहान,कानूनी सलाहकार कुलवीर ठाकुर और ऋषब नेगी। मुख्य सलाहकार प्रदीप सिंगटा, काकू ठाकुर ,वीरेंद्र चौहान,कपिल कपूर बने। मुख्य प्रवक्ता कृष्ण प्रताप, मीडिया प्रभारी प्रवीण ठाकुर को बनाया गया। नवगठित समिति ने भरोसा जताया है कि ये समिति हाटी समुदाय के विद्यार्थियों के लिए हर तरह से कार्य करेगी और न्यायलय में लंबित हाटी मुद्दे के लिए भी लड़ाई लड़ेगी। इस बैठक में रवींद्र चौहान ,शिवम पुंडीर,प्रतिभा पुंडीर,शालू ,प्रेमलता,तनुजा नेगी,काजल,पिंकी,विनय पुंडीर,विवेक तोमर,प्रवीण ठाकुर,सुभाष,रवींद्र सिंह ,पूजा चौहान ,अंबिका कंवर ,डिम्पल ,साक्षी कंवर, राहुल ठाकुर ,रिंकु चौहान ,बँटी ,दिशांत, सचिन ,रोहन ,सृष्टि, धीरज ,राकेश ,मयंक ,रोनिक ,निखिल ,राकेश सिंगटा ,अनुज ,योगेन्द्र, पीयूष ,निशांत ,प्रणकुर, नेहा ,मानसी ,अंकिता ,कृष्ण प्रताप ,राजेश ,अभिषेक ,दीपक ,सचिन ,अनिल ,संजय नेगी ,अमन चौहान उपस्थित रहे।
**अनिरूद्ध सिंह बोले, भाजपा सरकार बनाने की तारीख पर तारीख दे रहे जयराम ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरूद्ध सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में वर्तमान कांग्रेस सरकार अपना पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा करेगी। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर मुंगेरी लाल के सपने देख रहे हैं और भाजपा सरकार बनाने की तारीख पर तारीख दे रहे हैं। अनिरूद्ध सिंह ने कहा कि प्रदेश के मतदाताओं ने कांग्रेस को पांच साल तक हिमाचल प्रदेश में सरकार चलाने का जनादेश दिया है और कांग्रेस सरकार पूरी तरह से मजबूत है। उपचुनाव की चार सीटें जीतने के बाद विधानसभा में कांग्रेस के विधायकों की संख्या 34 से बढ़कर 38 हो गई है और प्रदेश के मतदाताओं ने खरीद-फरोख्त की राजनीति को करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के अन्य राज्यों में भी जहां भाजपा ने धनबल से चुनी हुई सरकार को गिराने का प्रयास किया, वहां भाजपा को नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने कहा कि देशभर में भाजपा की खरीद-फरोख्त की राजनीति मतदाताओं को रास नहीं आई है और भाजपा को इससे सबक सीखना चाहिए। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री ने कहा कि 4 जून को दो सरकारें बनाने के जय राम ठाकुर के दावे धरे के धरे रह गए और अब भाजपा नेताओं ने जयराम ठाकुर के फैसलों पर खुले मंच से सवाल उठाना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि जय राम ठाकुर कांग्रेस सरकार की चिंता छोड़कर अपनी कुर्सी की चिंता करें। उन्होंने कहा कि भाजपा का 400 पार का नारा भी फेल हो गया, जिससे साबित होता है कि भाजपा से देश की जनता का मोहभंग हो गया है।
हिमाचल प्रदेश में नए विधायक चुनने के बाद अब विधायकों का सिटिंग प्लान बदलेगा। उपचुनाव में भाजपा के टिकट पर चुनाव जीते सुधीर शर्मा और इंद्रदत्त लखनपाल अब विपक्ष के साथ बैठेंगे, विधानसभा में इस बार तीन नए चेहरे भी शामिल होने जा रहे हैं। 11 या 12 जून को शपथ हो सकती है। इसमें कुटलैहड़ से कांग्रेस पार्टी के विजयी उम्मीदवार विवेक, लाहौल-स्पीति से अनुराधा राणा और सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विजयी प्रत्याशी रणजीत राणा शामिल है। आगामी मानसून सत्र में यह व्यवस्था देखने को मिलेगी। विधानसभा में अब दो महिला विधायक होंगी। इससे पहले पच्छाद विधानसभा क्षेत्र से रीना कश्यप अकेली महिला विधायक थी। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सदन में कहा हैं कि विधानसभा में एक ही महिला सदस्य है। उनकी मांगों को गंभीरता से लिया गया है। अब भाजपा के साथ कांग्रेस पार्टी की भी एक महिला लाहौल स्पीति से विधानसभा उपचुनाव जीतकर विधानसभा में पहुंची है। ऐसे में अब सत्ता पक्ष और विपक्ष की ओर से एक-एक महिला विधायक सदन में नजर आएगी। विधानसभा सचिवालय की ओर से नए सदस्यों के लिए आवास में आवंटित किए जाना है। शपथ समारोह के बाद विधानसभा सचिवालय प्रशासन इसकी व्यवस्था करेगा। हिमाचल प्रदेश विधानसभा में दो बार चुने गए सदस्यों को अब दो आवास सेट आवंटित किए जा सकेंगे। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया के आदेश पर सचिव ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की है। हिमाचल प्रदेश विधानसभा सदस्य (एमएलए हॉस्टल एवं विश्राम गृह आवास आवंटन) नियम 2002 के नियम 3 में संशोधन करते हुए सामान्य तौर पर हर सदस्य को केवल एक ही सेट दिया जाता है, मगर अगर आवास की उपलब्धता हो तो उन्हें दूसरा सेट भी दिया जा सकेगा। हिमाचल विधानसभा सचिवालय नए विधायकों के शपथ समारोह की तैयारियों में जुट गया है। बताया जा रहा है कि विधानसभा में यह शपथ समारोह 11 या फिर 12 जून को होगा।
कांग्रेस को शिमला लोकसभा सीट से लगातार चौथी बार हार का सामना करना पड़ा। शिमला लोकसभा सीट के सभी 17 में से 13 हलकों पर तो कांग्रेस का कब्ज़ा है। पांच कैबिनेट मंत्री, तीन सीपीएस, चार ओएसडी सहित 50 से ज्यादा पदाधिकारी के बावजूद भी कांग्रेस प्रत्याशी विनोद सुल्तानपुरी, सुरेश कश्यप से 90548 मतों से हार गए। 2019 के लोकसभा चुनावों में सुरेश कश्यप की जीत का अंतर 3,27,515 था, जो 2024 में 91,451 रह गया। 2014 में जीते भाजपा के उम्मीदवार वीरेंद्र कश्यप की जीत का अंतर 84,187 था। इस बार कम हुए जीत के अंतर से साफ है कि अबकी बार बीते चुनावों के मुकाबले कांग्रेस और भाजपा में कड़ी प्रतिस्पर्धा रही। 2009 और 2014 में भाजपा से वीरेंद्र कश्यप इस सीट पर लगातार दो बार विजयी रहे। 2009 में हुए चुनाव में भाजपा के वीरेंद्र कश्यप और कांग्रेस के मोहन लाल ब्राकटा के बीच हुए चुनावों में जीत का अंतर 27,327 मत रहा। कांग्रेस प्रत्याशी रहे कसौली के विधायक विनोद सुल्तानपुरी के पिता कृष्ण दत्त सुल्तानपुरी लगातार छह बार इस सीट से जीते थे। वह 1980 से 1998 तक सांसद रहे। सिरमौर जिला के प्रताप सिंह दो बार सांसद चुने गए थे। सोलन जिला के कर्नल धनी राम शांडिल ने भी इस सीट से दो बार लोकसभा का चुनाव जीता। 1977 में शिमला के बालक राम कश्यप भी इस सीट से सांसद चुने गए थे। उनका कार्यकाल ढाई साल रहा। इन चुनावों में कांग्रेस के उम्मीदवार विनोद सुल्तानपुरी अपने ही विधानसभा क्षेत्र से लीड बनाने में नाकामयाब रहे। किसी समय कांग्रेस का गढ़ माने जाने वाली इस सीट पर भाजपा ने लगातार चौथी बार जीत हासल कर अपने किले को और मजबूत कर लिया है। विधायकों के 13 हलकों में भी कांग्रेस को सिर्फ 2 हलकों से ही लीड मिली है, 11 हलकों में तो भाजपा प्रत्याशी सुरेश कश्यप पर जनता ने फिर से विश्वास जता कर कश्यप को संसद तक भेजने का फैसला लिया है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज वनों को आग से बचाने के उपायों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। वनों में आग लगने की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को आग की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए तत्काल सख्त कदम उठाने के साथ-साथ दीर्घकालिक उपाय करने के निर्देश दिए। उन्होंने इन प्रयासों में जन भागीदारी सुनिश्चित करने पर बल देते हुए कहा कि लोगों के सहयोग से वनों में आग लगने की घटनाओं में धीरे-धीरे कमी आ रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष अब तक वनों में 1318 आग की घटनाएं दर्ज की गई हैं। इन घटनाओं से 2789 हेक्टेयर हरित क्षेत्र सहित 12718 हेक्टेयर भूमि प्रभावित हुई है जिससे 4.61 करोड़ रुपये का प्रारंभिक वित्तीय नुकसान आंका गया है। उन्होंने कहा कि वनों में आग लगने की घटनाओं को नियंत्रित करने और इससे होने वाले नुकसान को कम करने के लिए राज्य सरकार अग्निशमन के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित एनडीआरएफ की एक समर्पित बटालियन गठित करने पर विचार कर रही है। कहा कि 374 वन बीट आग लगने की घटनाओं के लिए अत्यधिक संवेदनशील हैं तथा इन क्षेत्रों में अग्निशमन सेवाओं का सुदृढ़ीकरण किया जाना चाहिए। सीएम सुक्खू ने वनों में विशिष्ट प्रजातियों के पौधों के साथ-साथ शंकुधारी पौधों के क्षेत्रों में विविध प्रजाती के पौधे लगानेे पर बल दिया ताकि इनसे वनों में नमी बनी रहे और आग की घटनाओं में कमी लाई जा सके। उन्होंने वन विभाग को आग की घटनाओं के कारणों की जांच करने और आवश्यक कार्यवाही की सिफारिश करने के लिए सरकारी एजेंसी से अध्ययन करवाने के निर्देश भी दिए। बैठक में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार चंद शर्मा, प्रधान सचिव वन डॉ. अमनदीप गर्ग, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, प्रधान मुख्य अरण्यपाल (वन) राजीव कुमार और विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
**अरविंद पनगढ़िया की अध्यक्षता में 16वें वित्त आयोग ने किया पहली बैठक का आयोजन **हिमाचल प्रदेश से होगी राज्यों के दौरे की शुरुआत भारत सरकार का 16वां वित्त आयोग इस बार हिमाचल प्रदेश से देश के सभी राज्यों के दौरे की शुरुआत कर रहा है और 24 और 25 जून, 2024 को हिमाचल के दौरे पर रहेगा। वित्त आयोग की टीम इन दो दिनों में शिमला में राज्य सरकार के साथ बैठक करेगी और प्रदेश का दौरा भी करेगी। इससे पहले जून के पहले सप्ताह में ही राज्य सरकार को अपना मेमोरेंडम तैयार कर वित्त आयोग के पोर्टल पर अपलोड करना होगा। इस दौरे की तैयारी के लिए मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना में दो दिन पहले ही अपने अफसरों की टीम के साथ बैठक की है। केंद्र सरकार ने नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष अरविंद पनगढिय़ा की अध्यक्षता में 16वें वित्त आयोग का गठन किया है। इसमें चार अन्य सदस्य नियुक्त किए गए हैं, जिनमें से तीन फुल टाइम मेंबर हैं। 16वें वित्त आयोग को 31 अक्तूबर, 2025 तक अपनी सिफारिशें केंद्र सरकार को देनी हैं, जो पहली अप्रैल, 2026 से सभी राज्यों पर लागू होंगी। हिमाचल के लिए 16वें वित्त आयोग का यह दौरा काफी अहम रहने वाला है। हिमाचल को केंद्र से राजस्व घाटा अनुदान यानी रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट मिलती है, जो 15वें वित्त आयोग ने 37,199 करोड़ दी थी। हालांकि यह अनुदान हर साल कम हो रहा है, इसीलिए 16वें वित्त आयोग के पीरियड में इस अनुदान को बचाए रखना हिमाचल के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। भाजपा की जयराम ठाकुर सरकार के समय 15वें वित्त आयोग ने पांच साल की अवधि के लिए हिमाचल को 81977 करोड़ रेकमंड किए थे। इनमें 37199 करोड़ रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट, 3049 करोड़ स्थानीय निकायों के लिए और 2258 करोड़ डिजास्टर मैनेजमेंट के लिए थे। वित्त आयोग की सिफारिश में प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना के तहत 2222 करोड़ भी दिए थे। इसी वित्त आयोग ने मंडी में प्रस्तावित एयरपोर्ट के लिए 1000 करोड़ की सिफारिश भी की थी, जिसे भारत सरकार ने बाद में लागू नहीं किया। वित्त आयोग की सिफारिश के अनुसार ही केंद्र राज्यों के बीच आर्थिक संसाधनों का बंटवारा करता है।
हिमाचल के लोगों को जल्द भीषण गर्मी से राहत मिल सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इससे पहाड़ों पर अगले 5 दिन बारिश के आसार है। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने कल से अगले चार दिन तक कुछ स्थानों पर आंधी-तूफान का भी अलर्ट जारी किया है। प्रदेश के अधिक ऊंचे व मध्यम उंचाई वाले कुछ क्षेत्रों में आज भी बारिश हो सकती है। मगर मैदानी जिले ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, सोलन और सिरमौर जिला के निचले इलाकों में आज भी हीटवेव चल सकती है। इन जिलों में आज हीटवेव को लेकर येलो अलर्ट दिया गया है। मैदानी इलाकों के लोग बीते 20 दिन से गर्मी से बेहाल है। हमीरपुर के नेरी का तापमान सर्वाधिक 43.9 डिग्री सेल्सियस चल रहा है। ऊना का तापमान 43.6 डिग्री, बिलासपुर का 40.4 डिग्री, हमीरपुर 39.8 डिग्री, चंबा 38.8 डिग्री, धौलाकुंआ 39.8 डिग्री, बरठी 38.7 डिग्री, नाहन 37.7 डिग्री सेल्सियस चल रहा है। प्रदेश के ज्यादातर शहरों का पारा नॉर्मल से 5 डिग्री सेल्सियस तक ज्यादा चल रहा है। नॉर्मल की तुलना में सबसे ज्यादा 4.9 डिग्री का उछाल ऊना के तापमान में आया है। शिमला का पारा नॉर्मल से 2.3 डिग्री, सुंदनरगर 4.2 डिग्री, ऊना 4.9 डिग्री, नाहन 3.8 डिग्री, सोलन 1.9 डिग्री, बिलासपुर 3.1 डिग्री और हमीरपुर में सामान्य से 3.5 डिग्री तापमान अधिक चल रहा है। परन्तुं जल्द प्रेदशवासियों को इस भीषण गर्मी से राहत मिल सकती है। पहाड़ों पर अगले 5 दिन बारिश के आसार है।
हिमाचल प्रदेश के जंगलों में आग लगने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। रोजाना प्रदेश के हर कोने से आग लगने के मामले सामने आ रहे हैं। पिछले 24 घंटे में जंगलों में आग लगने की 29 घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें 177.11 हेक्टेयर जंगल राख हुए हैं। इस फायर सीजन में जंगल में आग लगने के मामले 1302 हो गए हैं, जिनमें 12,431 हेक्टेयर में वन संपदा राख हुई है। आग से जंगलों में अभी तक करीब 3 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। शनिवार शाम से रविवार शाम तक हमीरपुर सर्किल में जंगलों में आग लगने की 13 घटनाएं, ग्रेट हिमालय नेशनल पार्क में एक, मंडी में छह, नाहन में सात, शिमला एक और सोलन में एक मामला दर्ज हुआ है। हमीरपुर में 111 हेक्टेयर, मंडी 46. 5, नाहन में 103.51 हेक्टेयर, शिमला में पांच और सोलन में 13.5 हेक्टेयर भूमि पर वन संपदा राख हुई है। आग की घटनाओं से लोग भी परेशान हैं। जंगल की आग घरों तक पहुंच रही है, जिससे कई बार दहशत का माहौल भी बन जाता है। वन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इस बार की घटनाओं ने बीते चार सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में 681, वर्ष 2022-23 में 860 और 2021-22 में 33 घटनाएं जंगलों में आग लगने की दर्ज हुई थी। शनिवार को मंडी जिले में जंगलों की आग नियंत्रित हो गई थी, मगर रविवार को कांगणीधार, सुकेत के जैदेवी, सरकाघाट और जोगिंद्रनगर में एक के बाद एक जंगलों में आग लगने की चार घटनाएं सामने आईं। इससे कई हेक्टेयर क्षेत्र में वन संपदा राख हो गई है। वहीं वन मंडल चंबा के दायरे में आने वाले आधा दर्जन जंगल शनिवार की पूरी रात आग से दहकते रहे। वन विभाग के कर्मचारी जंगलों में लगी आग को बुझाने के लिए मौके पर डटे रहे, लेकिन तेज हवाओं से आग और फैलती गई। इसके चलते कर्मचारी काफी परेशान भी हुए। आग बुझने तक ये कर्मचारी अपने-अपने जंगलों में आग को बुझाने में डटे रहे।
**कल से प्रदेश में बारिश के आसार, चिलचिलाती गर्मी से मिलेगी राहत **अगले 4 दिन बारिश के आसार, कुछ जगहों पर आंधी-तूफान की संभावना हिमाचल प्रदेश में आज रात से पश्विमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इससे अगले चार दिन तक पहाड़ों में बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग द्वारा 4 से 6 जून को ज्यादा बारिश के आसार हैं। प्रदेशवासियों को गर्मी से राहत मिल सकती है। मौसम विभाग ने तीन दिन तक कुछ स्थानों पर आंधी-तूफान का भी अलर्ट जारी किया है। वहीं आज अधिक ऊंचे क्षेत्रों को छोड़कर अन्य स्थानों पर मौसम साफ रहेगा। इससे कुछ स्थानों पर हीट वेव भी चल रही है। ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, सोलन और सिरमौर जिला के निचले इलाकों में हीटवेव का येलो अलर्ट दिया गया है। कल से प्रदेशवासियों को गर्मी से राहत मिलेगी। हमीरपुर में तापमान 45 डिग्री पार प्रदेश में बीते 18 दिनों के दौरान 16 दिन हीट वेव महसूस की गई है। अगले कल से किसी भी जिला में हीट वेव का अलर्ट नहीं है। प्रदेशवासियों के लिए यह राहत की बात है। अभी प्रदेश के छह शहरों का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक चल रहा हैं। प्रदेश के ज्यादातर शहरों का पारा नॉर्मल से 6 डिग्री तक अधिक चल रहा है। नॉर्मल की तुलना में सबसे ज्यादा 6.2 डिग्री का उछाल मंडी के तापमान में आया है। इसी तरह शिमला का पारा नॉर्मल से 4.3 डिग्री, सुंदनर 5.4 डिग्री, ऊना 5.5 डिग्री, नाहन 4.5 डिग्री, सोलन 5.1 डिग्री, बिलासपुर 4.8 डिग्री और हमीरपुर में सामान्य से 5.7 डिग्री तापमान अधिक चल रहा है। परन्तुं कल से इस चिलचिलाती गर्मी से हिमाचल के लोगों को राहत मिलने वाली हैं।
प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिला की 6303 मीटर ऊंची चोटी चौ-चौ-कांग नील्डा फतेह करने वाले पर्वतारोहियों ने आज राजभवन में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से शिष्टाचार भेंट की। पर्वतारोहियों के इस दल में जिला शिमला के राहुल, निकिता ठाकुर और इशानी तथा जिला मंडी के शुभम बिष्ट मौजूद रहे। युवा पर्वतारोहियों को शुभकामनाएं देते हुए राज्यपाल ने कहा कि पर्वतारोहण के यह साहसिक प्रयास सराहनीय हैं और यह अन्य लोगों को भी पर्यटन गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कई चोटियां पर्यटन की दृष्टि से अनछुई हैं। दुनियाभर के पर्वतारोही पर्वतारोहण के लिए नेपाल और अन्य देशों की ओर रूख करते हैं। हिमाचल की खूबसूरत चोटियों को पर्वतारोहण जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल एक प्रसिद्ध पर्यटन गंतव्य है। पर्वतारोहण जैसी साहसिक गतिविधियों को बढ़ावा प्रदान कर प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था और सुदृढ़ होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में साहसिक गतिविधियों को बढ़ावा प्रदान करने के साथ-साथ इस क्षेत्र में सुविधाएं और सुरक्षा सुनिश्चित करना भी अत्यन्त आवश्यक है। इन गतिविधियों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए। इस अवसर पर युवा पर्वतारोहियों ने राज्यपाल के साथ अपने अनुभव भी साझा किए। राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
शिमला के थाना चौपाल क्षेत्र में सिरमौर और शिमला की सीमा पर धारटूखाड़ी के पास प्राइवेट बस भगनाल कोच एचपी 64 c8197 दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इसमें चालक कपिल पुत्र लोक बहादुर गांव थनोगा चुखाधार राजगढ़ की मौ*त हो गई,जबकि परिचालक महेश कुमार पुत्र बलदेव सिंह निवासी गांव भरहटी शिरगांव जिला सिरमौर जख्मी हो गए, उन्हें उपचार के लिए सोलन पहुंचाया गया। हादसे के वक्त इसमें चालक और परिचालक ही सवार थे। पुलिस इस मामले में हादसे के कारणों की जांच कर रही हैं।
शिमला: मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रबन्धन के संबंध में राज्य स्तरीय विशेष कार्य बल की चौथी समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। मुख्य सचिव ने कहा कि वर्तमान में प्लास्टिक हानिकारक प्रदूषक कारकों में से प्रमुख है। प्लास्टिक धरती, वायु और पानी को प्रदूषित करता है। गैर-जैवनिम्नीकरणीय (गैर-बायोडिग्रेडेबल) होने के कारण इससे उत्पन्न होने वाली प्रदूषण की समस्या विकट है। प्रदेश में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, विशेषकर प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन पर गंभीरता से कार्य किए जा रहे हैं ताकि प्लास्टिक कचरे के निपटान के लिए अधिक पर्यावरण अनुकूल और वैज्ञानिक विकल्प तैयार किए जा सकें। उन्होंने कहा कि पॉलिथीन से होने वाले खतरों के दृष्टिगत राज्य में गैर-बायोडिग्रेडेबल सामग्री से बने पॉलिथीन या प्लास्टिक कैरी-बैग के उपयोग, बिक्री और निर्माण पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। राज्य में सभी प्रकार की वस्तुओं के व्यापारियों, खुदरा विक्रेताओं और विक्रेताओं पर गैर-बायोडिग्रेडेबल सामग्री से बने कैरी बैग का उपयोग करने पर प्रतिबंध लगाया है। मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य में प्लास्टिक अपशिष्ट के संग्रहण के लिए अनेक महत्वाकांक्षी पहल की हैं। प्लास्टिक कचरे के समुचित प्रबन्धन और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अनेक अभियान क्रियान्वित किए जा रहे हैं। पर्यावरण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और शहरी स्थानीय निकाय जैसे सभी हितधारकों के साथ राज्य ने प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने सभी उपायुक्तों को प्रत्येक शनिवार को सिंगल यूज प्लास्टिक के समुचित प्रबन्धन की प्रगति का आकलन करने के लिए समीक्षा बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ‘बाय बैक नीति’ के अनुसार नॉन रिसाइकेबल और सिंगल यूज प्लास्टिक अपशिष्ट को प्रदेश में पंजीकृत कूड़ा बीनने वालों और व्यक्तिगत परिवारों के माध्यम से 75 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदा जा रहा है। नीति के तहत ब्रेड, केक, बिस्किट, कुकीज, नमकीन, कुरकुरे, चिप्स या वेफर्स, कैंडीज, पनीर पफ्स, आइसक्रीम, आइसक्रीम कैंडीज, नूडल्स, चीनी कोटिड मिष्ठान वस्तुएं, साफ और सूखी पैकेजिंग, दूध, तेल, शैम्पू, हाथ धोने, तरल साबुन, दही, छाछ, जूस आदि जैसे तरल पदार्थों के पाउच या पैकेट, अनाज या कॉर्नफ्लेक्स या नाश्ता अनाज जैसी सभी प्रकार की पैकेजिंग के प्लास्टिक कचरे को हटा दिया जाएगा। निदेशक पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी डी.सी. राणा ने जिला स्तर की पहल को शामिल करते हुए पर्यावरण की सुरक्षा के लिए कार्यान्वित किए जा रहे कार्यक्रमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ‘बाय बैक नीति’ के तहत एकत्र लगभग 1300 टन प्लास्टिक को लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़कों के निर्माण के लिए और राज्य में सीमेंट कारखानों में उपयोग किया गया है। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग को ऐसे प्लास्टिक का उपयोग करके 200 किलोमीटर सड़क बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सिंगल यूज प्लास्टिक के बारे में पूरे राज्य में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। प्रधान सचिव शहरी विकास, नगर एवं ग्राम नियोजन देवेश कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश में जंगलों की आग ने पिछले साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। अब तक पिछले साल की तुलना में 38 घटनाएं ज्यादा दर्ज हो चुकी हैं। प्रदेश में इस साल 1 अप्रैल से अब तक जंगल में आग लगने की कुल 712 घटनाएं वन विभाग ने दर्ज की हैं। जबकि वित्त वर्ष 2023-24 में 674 घटनाएं हुई थीं, जिससे 10,784 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ था। इस वित्तीय वर्ष में हुई 712 घटनाओं में 7,027 हेक्टेयर से अधिक वन क्षेत्र प्रभावित हो चुका है। प्रदेश में आग की घटनाओं में कई दिनों बाद गिरावट दर्ज की गई है। बीते बुधवार शाम से वीरवार शाम तक जंगलों में आग की केवल 15 घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें 195 हेक्टेयर भूमि पर वन संपदा को नुकसान पहुंचा है। जंगलों में आग की घटनाएं कम होने का कारण कई जगहों पर हुई बारिश है। वन विभाग ने भी इससे राहत की सांस ली है। करीब एक सप्ताह तक प्रदेश के जंगलों में हर रोज 50 से अधिक स्थानों पर आग लग रही थी। वन विभाग ने बुधवार शाम से वीरवार शाम तक बिलासपुर में एक, चंबा में दो, हमीरपुर में आठ, मंडी में दो, रामपुर में एक और डब्ल्यूएल नॉर्थ में आग लगने की एक घटना दर्ज की है।
**महिलाओं की 1500 रूपये की पैंशन को रूकवाने को दिल्ली से डाला जा रहा दवाब हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष एवं विधायक चन्द्रशेखर ने कहा है कि नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर जनता की ताकत को सार्वजनिक मंचों से बार बार चुनौती दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि जय राम ठाकुर और भाजपा नेता 4 जून को लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई कांग्रेस सरकार को गिराने की बातें कर रहे हैं जोकि जनमत का अपमान है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता अपने धनबल के अंहकार में जनता की ताकत को भी कुछ नहीं समझते। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोगों ने पूरे पांच साल के लिए कांग्रेस को सरकार बनाने का जनादेश दिया है लेकिन भाजपा जनादेश का अपमान करने पर तूली है। उन्होंने कहा कि भाजपा जितने भी षडयंत्र कर ले लेकिन वर्तमान कांग्रेस सरकार अपने पांच वर्ष का कार्यकाल अवश्य पूरा करेगी। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष ने कहा कि जय राम ठाकुर ने पहले कर्मचारियों को चुनौती देते हुए कहा कि चुनाव लड़ो तभी पैंशन मिलेगी, लेकिन कांग्रेस ने सरकार बनने के बाद पहली ही कैबिनेट में कर्मचारियों को पुरानी पैंशन प्रदान की। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता अब गुमराह करने के लिए कर्मचारियों को पुरानी पैंशन देने की बातें कर रहे हैं जबकि राजस्थान में भाजपा की सरकार बनते ही पुरानी पैंशन को खत्म कर दिया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता बताएं कि राजस्थान में सरकारी कर्मचारियों की पैंशन बंद क्यों हुई? चन्द्रशेखर ने कहा कि साल भर भाजपा नेता महिलाओं को 1500 रूपये पैंशन देने के बारे में सवाल पूछते रहे लेकिन जब कांग्रेस सरकार ने महिलाओं को प्रति माह 1500 रूपये देने की योजना शुरू की तो बार बार चुनाव आयोग के पास जाकर इसे रूकवाने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल भाजपा के नेता दिल्ली से चुनाव आयोग पर दवाब डलवाकर महिलाओं को मिलने वाली पैंशन में अडं़गे लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जून माह में महिलाओं को एक साथ दो महीने के 3000 रूपये प्रदान किये जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश की महिलाएं भाजपा को माफ नहीं करने वाली हैं और एक जून को उन्हें सबक सिखाने का मन बना चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मतदाता लोकसभा की सभी चारों सीटें और विधानसभा उपचुनाव की सभी 6 सीटें कांग्रेस के खाते में डालेगी और तब भाजपा नेताओं के पैंरों के नीचे से जमीन खिसक जाएगी।
**केन्द्र ने एमआईएस में अपना 50 प्रतिशत हिस्सा खत्म कियाः रोहित शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने सेब बागवानों के लिए मण्डी मध्यस्थता योजना के तहत 153 करोड़ जारी करने के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्दर सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इतिहास में ऐसा पहली बार है कि राज्य सरकार ने मण्डी मध्यस्थता योजना के तहत सेब बागवानों की सभी देनदारियां चुका दी हैं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष 2023 के 63 करोड़ रूपये और भाजपा सरकार के कार्यकाल के 90 करोड़ रूपये राज्य सरकार ने जारी कर दिए हैं और कई वर्षों की लम्बित देनदारियों को चुका दिया गया है। रोहित ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने मण्डी मध्यस्थता योजना के तहत सभी देनदारियां अपने संसाधनों से चुकाई हैं। उन्होंने कहा कि पहले इस योजना के तहत 50ः50 के अनुपात में केन्द्र और राज्य सरकार खर्च वहन करते थे, लेकिन वर्ष 2023 में केन्द्र सरकार ने अपना हिस्सा देना बंद कर दिया। उन्होंने कहा कि सेब बागवानों के हितों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने योजना का पूरा खर्च अपने संसाधनों से उठाने का निर्णय लिया है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार किसान व बागवान हितैषी सरकार है तथा इस सेब सीजन में यूनिवर्सल कार्टन को लागू कर दिया गया है, जबकि पिछले वर्ष सेब की खरीद प्रति किलो के हिसाब से सुनिश्चित की गई है, जिससे प्रदेश के सेब बागवानों को काफी फायदा हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सेब बागवानों के हितों को देखते हुए प्रदेश में सीए स्टोर का आधारभूत ढांचा मजबूत करने के लिए भी प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार ने सेब बागवानों के लिए कीटनाशकों और खाद पर मिलने वाली सबसिडी को पुनः बहाल किया है, जिसे पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में बंद कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी प्रदेश के सेब बागवानों के साथ केवल छल करती आई है और उनके विरूद्ध ही फैसले लिए हैं। रोहित ठाकुर ने कहा कि चुनाव आते ही भाजपा नेता जुमले इस्तेमाल करके प्रदेश के बागवानों को ठगने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पहले तो सेब पर आयात शुल्क तीन गुणा बढ़ाने की बात करते थे परन्तु अब आयात शुल्क को घटाकर 50 प्रतिशत कर दिया है, जिससे प्रदेश में सेब बागवानी का अस्तित्व ही खतरे में पड़ गया है। उन्होंने कहा कि अब तो कोल्ड स्टोर में रखे सेब के उचित दाम भी सेब बागवानों को नहीं मिल रहे हैं और उन्हें प्रति पेटी 800 रूपये से 1200 रूपये नुक्सान उठाना पड़ रहा है, जिसके लिए केन्द्र सरकार की गलत नीतियां जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने अपने लोकसभा चुनाव के घोषणा पत्र में स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के आधार पर किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी देने का वायदा किया है। इसके साथ ही किसानों और बागवानांे के कल्याण के लिए भी अपना विजन रखा है।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज राजभवन में डॉ. भरत बरोवालिया द्वारा लिखित पुस्तक ‘बैलेंसिंग द स्केल्स: प्रोपोर्शनलिटी आफ सेंटेंसिंग फार नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेज आफेंसेज’ का विमोचन किया। यह पुस्तक नारकोटिक ड्रग्स और साइकोट्रोपिक पदार्थों के मामलों में अदालतों द्वारा अपराधियों को सजा देने के बारे में केंद्रित है। इस पुस्तक में सर्वोच्च न्यायालय और हिमाचल प्रदेश, पंजाब तथा हरियाणा के उच्च न्यायालयों के मामलों का विश्लेषण किया गया है कि कौन से कारक दोषी और अभियुक्त को दी गई कारावास या सजा की अवधि के लिए जिम्मेदार हैं। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि यह पुस्तक कानूनविदों, नीति निर्माताओं और विभिन्न कार्यकर्ताओं के लिए जानकारी का महत्वपूर्ण स्रोत सिद्ध होंगी। उन्होंने कहा कि इस पुस्तक में एनडीपीएस अधिनियम के ऐतिहासिक संदर्भ और कानूनी पहलुओं तथा इस अधिनियम और इसमें होने वाले संशोधनों के कारणों को विस्तारपूर्वक बताया गया है। उन्होंने कहा कि डॉ. भरत बरोवालिया ने इस पुस्तक में भारत में ड्रग कानूनों को लागू करने वाले अंतर्निहित सिद्धांतों और नीतिगत उद्देश्यों के बारे में बहुमूल्य जानकारी प्रदान की है। उन्होंने लेखक के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह पुस्तक कानून से जुड़े व्यक्तियों और शोधार्थियों के लिए लाभकारी साबित होगी। इस पुस्तक में नशीली दवाओं से सम्बंधित जटिल कानूनों का सरल विवरण किया गया है जिसका कानूनी पेशेवर और शिक्षाविद् आसानी से उपयोग कर सकते हैं। डॉ. बरोवालिया ने इस पुस्तक में अनुसंधान के माध्यम से नशीली दवाओं से संबंधित अपराधों को नियंत्रित करने वाले कानूनी ढांचे और एनडीपीएस अधिनियम के तहत निर्धारित सजा और दिशानिर्देशों का गहन विश्लेषण किया गया है। डॉ. भरत बरोवालिया वर्तमान में हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, शिमला में सहायक प्रोफेसर (विधि) हैं और हिमाचल प्रदेश न्यायिक अकादमी शिमला में भी रिसोर्स पर्सन के रूप में अपनी बहुमूल्य सेवाएं प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि इस पुस्तक का उद्देश्य लोगों को नशीली दवाओं और इससे सम्बंधित कानूनी जटिलताओं से अवगत करवाना है। यह पुस्तक नशीली दवाओं से सम्बंधित अपराधों के प्रति समाज को जानकारी प्रदान करेगी और सार्थक सुधारों के लिए प्रेरित करेगी। इस अवसर पर लोकायुक्त, हिमाचल प्रदेश न्यायमूर्ति सी.बी. बरोवालिया, सचिव राज्यपाल राजेश शर्मा, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला विधि विभाग के डीन एवं अध्यक्ष संजय संधू भी उपस्थित थे।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज राजभवन से प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के ‘नशा मुक्त भारत’ अभियान को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। इस अभियान के अंतर्गत 40 दिनों तक शिमला जिला के विभिन्न क्षेत्रों में लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया जाएगा। इस अवसर पर राज्यपाल ने ब्रह्माकुमारी सेवा केंद्र, पंथाघाटी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह केंद्र प्रतिबद्धता के साथ नशामुक्ति के लिए कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में नशामुक्ति अभियान चलाए जा रहे हैं। नशा व्यक्ति और परिवार के साथ-साथ समाज के लिए हानिकारक है। उन्होंने सिंथेटिक दवाओं के बढ़ते प्रचलन पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि युवाओं को इनसे दूर रहना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ब्रह्माकुमारी द्वारा नशामुक्ति पर तैयार किए गए वीडियो को स्कूलों और कॉलेजों में दिखाया जाना चाहिए। इस अवसर पर राज्यपाल ने विशेष रूप से डिजाइन किए गए वाहन का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा भी उपस्थित थे।


















































