हिमाचल प्रदेश को बाढ़ व बारिश सेे जो गहरे जख्म मिले हैं,उन्हें भरने के लिए हर संभव काम कांग्रेस की सरकार करेगी। यह बात प्रदेश के उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कही। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि बाढ़ से प्रभावितों के लिए राहत कार्यों की बात हो, उन्हें पुन: बसाने की बात हो, जो भी संभव करने का होगा, सब किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहली बार प्रदेश की सरकार ने आपदा से हुए नुकसान में राहत मैन्युअल को बदला है। अधिक मुआवजा लोगों को पुनर्वास के लिए दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नुकसान बहुत बड़ा हुआ है, बहुत लोग बेघर हुए हैं, बहुत लोगों के मकान खतरे में आ गए है, कृषि योग्य भूमि, बागवानी योग्य भूमि चली गई है, सड़के तबाही का शिकार हो गई हैं। सिंचाई, जल योजनाओं,बिजली लाइनों को नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि नुकसान का जो आकलन किया गया है, उससे भी कहीं अधिक नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस की सरकार वचनबद्ध है राहत कार्यों के लिए ,लोगों को न्याय देने के लिए, लोगों को पुन: बसाने के लिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सरकार, सरकारी विभाग, कर्मचारी पूरी तरह से फील्ड में डटकर काम कर रहे हैं,ताकि हिमाचल को सामान्य स्थिति में लाया जा सके। उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि प्रदेशवासी सहयोग कर रहे हैं। सभी लोग आपदा कोष में भी सहयोग कर रहे हैं, जिससे आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी, राहत करने में मदद मिलेगी, अनेक सरकारों ने मदद की है। उन्होंने कहा कि ऐसे में इस बड़ी आपदा जिसमें 360 से अधिक लोगों की जान गई है। 12000 से अधिक करोड़ का नुकसान हुआ है, इसे राष्ट्रीय आपदा केंद्र सरकार को घोषित करना चाहिए, इस आपदा में विशेष पैकेज दिया जाना चाहिए, राजनीतिक बात नहीं है जिस प्रकार से भाजपा राजनीति कर रही है । उन्होंने कहा कि केंद्र को हिमाचल की देवभूमि की मदद के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो हिमाचल को आपदा के तहत मिलना है वह हिमाचल का हक है, वह मिलेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र की सरकार की ओर से जिस प्रकार की मदद दी जानी चाहिए वह मदद अभी नहीं हुई है, उसके लिए सरकार केंद्र के समक्ष अपना पक्ष रख रही है ।मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि निश्चित रूप से सरकार को इस विषय पर सोचना चाहिए और हिमाचल को खुले मन से मदद करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हम अपने संसाधनों से हर हिमाचली की मदद करने का मादा रखते हैं और करेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व ने भी जनता को तुरंत राहत देने पुनर्वास करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार कड़ी मेहनत के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में सभी का पुनर्वास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दिवंगत आत्माओं की शांति की प्रार्थना है ,उन परिवारों के साथ गहरी संवेदनाएं हैं जिनके परिजन इस आपदा में चले गए, यह हिमाचल प्रदेश के लिए नुकसान है। उन्होंने कहा कि बहुत बड़ा नुकसान है, जिसकी भरपाई नहीं हो सकती ।उन्होंने कहा कि आपदा के नुकसान से हिमाचल को निकाल कर आगे बढ़ाना सरकार का लक्ष्य है और सब के सहयोग से इस लक्ष्य को पूरा करेंगे।
पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी शौकत सिकंद को राज्य महासचिव चुना रायजादा बोले- हिमाचल में राफ्टिंग की अपार संभावनाएं, मेहनत से करेंगे काम हिमाचल प्रदेश राफ्टिंग संघ का चुनाव ऊना जिला मुख्यालय के एक होटल में किया गया। इस मौके पर पूर्व विधायक एवं कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सतपाल सिंह रायजादा को सर्वसम्मति से राफ्टिंग संघ का प्रदेश अध्यक्ष चुना गया। प्रदेश इकाई के चुनाव के समय सभी जिलों के अध्यक्ष और महासचिव सहित राफ्टिंग संघ से जुड़े तमाम लोग कार्यक्रम में पहुंचे थे। कार्यकारिणी चुनाव बतौर रिटर्निंग ऑफिसर उच्च न्यायालय शिमला के एडवोकेट रजनी कुमारी एवं युवा सेवाएं एवं खेल विभाग की तरफ से बतौर ऑब्जर्वर संजय कुमार की देखरेख में हुआ। सभी जिलों के आए डेलिगेट्स ने सर्वसम्मति से सतपाल रायजादा को हिमाचल प्रदेश राफ्टिंग एसोसिएशन का प्रदेश अध्यक्ष चुना। इसके अलावा संरक्षक चंबा से रितिका जिंदल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जिला हमीरपुर से एचआरटीसी डायरेक्टर महेंद्र संधू, बिलासपुर के इम्तियाज़ खान एवं राफ्टिंग गेम्स के पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी शौकत सिकंद को राज्य महासचिव चुना गया। इसके अलावा उपाध्यक्ष पद के लिए सोलन से बबलू पंडित मनोहर, शिमला से अनीता शर्मा, सिरमौर से साधना बर्मन, चंबा से केवल वर्मा, मंडी से शकुंतला कश्यप को चुना गया। बिलासपुर से शिष्ट गौतम को ट्रेजर वित्त सचिव व मंडी से वंदना ठाकुर को सलाहकार लिया गया। इसके अलावा सह सचिव के पद पर सोलन से तृप्ता डोगरा, शिमला से जिला परिषद रीना कुमारी, हमीरपुर से कमल कुमार, कुल्लू से दिलीप सिंह ठाकुर, शिमला से रितु भारती एवं उच्च न्यायालय शिमला के अधिवक्ता ज्योति डोगरा को कानूनी सलाहकार चुना गया। कार्यकारिणी सदस्यों में चंबा से विशाल ठाकुर, ऊना से राणो देवी, हमीरपुर से अक्षत जैन, मंडी से गिरजा चौहान व शिमला से मुदस्सर भट्ट को लिया गया। नवनियुक्त प्रदेशाध्यक्ष सतपाल रायजादा ने अपने मनोनयन के लिए राफ्टिंग संघ की सभी जिला इकाइयों और खेल प्रेमियों का आभार व्यक्त किया। पूर्व विधायक ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में राफ्टिंग की अपार संभावनाएं हैं और इस खेल को बढ़ावा देने के लिए संघ को मजबूत किया जाएगा। हिमाचल में राफ्टिंग की संभावनाओं पर बोलते हुए सतपाल रायजादा ने राफ्टिंग को भी क्रिकेट की ही तरह हिमाचल में विशेष पहचान दिलाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि एक समय था जब क्रिकेट संघ को भी संघर्ष के दौर से गुजरना पड़ा था, लेकिन आज भारत का क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड विश्व के सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड में पहचान बना चुका है। इसी तरह राफ्टिंग की भी शुरुआत हुई है और आगे चलकर इस खेल को भी लोकप्रिय बनाया जाएगा।
सीएम ने जी-20 सम्मेलन के उपलक्ष्य पर राष्ट्रपति द्वारा आयोजित रात्रि भोज में लिया भाग मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार को नई दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा जी-20 शिखर सम्मेलन के अवसर पर आयोजित रात्रि भोज में भाग लिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेेंद्र मोदी से भी मुलाकात की और उनके समक्ष प्रदेश हित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रधानमंत्री को प्रदेश में भारी बारिश के कारण आई आपदा से हुए नुकसान के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी और उनसे प्रदेश में हुई त्रासदी को 'राष्ट्रीय आपदाÓ घोषित करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि गत दो महीनों में भारी बारिश, भू-स्खलन और बाढ़ के कारण प्रदेश में 400 से अधिक लोगों ने अपनी जान गंवाई है और 13 हजार से अधिक घरों को नुकसान पहुंचा है, जिस कारण हजारों परिवार बेघर हो गए हैं। उन्होंने बताया कि इस प्राकृतिक आपदा के कारण प्रदेश को 12 हजार करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से कहा कि इस आपदा से उबरने के लिए प्रदेश को केंद्र की ओर से आर्थिक पैकेज की आवश्यकता है। आपदा के कारण प्रदेश में हुए अभूतपूर्व नुकसान के दृष्टिगत मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि भुज और केदारनाथ मेें आई आपदा की तर्ज पर हिमाचल को भी विशेष राहत पैकेज दिया जाना चाहिए। नरेंद्र मोदी ने ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा उठाए गए प्रदेश हित के मद्दों को ध्यानपूर्वक सुना और कहा कि प्रदेश की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बिडेन, कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक, आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीस, जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान सहित अन्य देशों के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, 19 आमंत्रित देशों के प्रतिनिधि, संयुक्त राष्ट्र, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व स्वास्थ्य संगठन सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि, केंद्रीय कैबिनेट मंत्री और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के अलावा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
-कटे होंठ व तालु का फ्री प्लास्टिक सर्जरी करने के लिए हुई स्क्रीनिंग -शिविर में 13 रोगियों की कलैफ्ट सर्जरी के लिए की गई पहचान कंवर अस्पताल ऊना में रविवार को हिमोत्कर्ष परिषद द्वारा पसरीचा अस्तपाल जालंधर के सहयोग से जन्म से कटे होंठ व तालु का फ्री प्लास्टिक सर्जरी करने हेतु स्क्रीनिंग कैंप का आयोजन किया गया। शिविर में पसरीचा अस्पताल से रवि कुमार ने रोगियों की जांच की व उन्हें चिकित्सकों के परामर्श से ऑपरेशन हेतु चयनित किया। शिविर में 13 रोगियों की कलैफ्ट सर्जरी के लिए पहचान की गई, जिनका जालंधर में पसरीचा अस्पताल में फ्री ऑपरेशन किया जाएगा। हिमोत्कर्ष परिषद के प्रदेश महासचिव व कैंप प्रभारी डॉ. रविंद्र सूद ने बताया कि पसरीचा अस्पताल के सहयोग से हिमोत्कर्ष द्वारा आयोजित फ्री प्लास्टिक सर्जरी कैंप में रोगियों की निशुल्क जांच की गई, जिसमें 13 रोगियों को सर्जरी के लिए चयनित किया गया। इन रोगियों को फ्री में जालंधर पसरीचा अस्पताल ले जाकर वहां पर सर्जरी की जाएगी। शिविर के दौरान हिमोत्कर्ष परिषद के प्रदेशाध्यक्ष जतिंद्र कंवर, महासचिव डा. रविंद्र सूद, नरेश सैनी, जिलाध्यक्ष कर्णपाल सिंह मनकोटिया, हिमोत्कर्ष महिला मंच सचिव पूजा कपिला, कंवर अस्पताल स्टाफ नर्स रजनी, अनु, पूनम ठाकुर, रुचि व अन्य उपस्थित थे। इनकी होगी फ्री सर्जरी शिविर में कर्मजीत सिंह, मंजीत, मलकीयत सिंह, अंकित, संजय, शिव कुमार, प्रियंका, नवदीप, कर्ण, मनसीरत, मुस्कान, शम्मी व अन्य को ऑपरेशन के लिए चयनित किया गया। इनकी जालंधर में मुफ्त प्लास्टिक सर्जरी की जाएगी।
-सौरभ वैद और दरशोक ठाकुर को चुना वरिष्ठ उपाध्यक्ष - प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के सभागार में संपन्न हुए चुनाव प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के चुनाव आज प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के सभागार में संपन्न हुए। चुनाव प्रक्रिया में अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एसएस जोगटा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। चुनाव प्रभारी लाल सिंह चावला तथा सह प्रभारी हेम सिंह ठाकुर की देखरेख में संपन्न हुए। चुनाव में सभी 12 जिलों के अध्यक्षों तथा उनके प्रतिनिधि और 90 विभिन्न कर्मचारी संगठनों केअध्यक्ष-महासचिव व अन्य पदाधिकारियों ने भाग लिया। सभागार में लगभग 1100 कर्मचारी उपस्थित रहे। चुनाव में प्रदीप ठाकुर को सर्वसम्मति से प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ का अध्यक्ष चुना गया। चुनाव में सौरभ वैद जिला कांगड़ा तथा दरशोक ठाकुर जिला हमीरपुर को वरिष्ठ उपाध्यक्ष चुना गया। महासचिव भरत शर्मा जिला शिमला तथा कोषाध्यक्ष इंद्रजत शर्मा जिला सिरमौर से चुने गए। शमशेर ठाकुर मुख्य सलाहकार, कुशल शर्मा मुख्य प्रवक्ता, एम आर वर्मा मुख्य संरक्षक, पंकज शर्मा मीडिया प्रभारी, सुनील तोमर उपाध्यक्ष, नसीब सिंह, सोनम, मोहनलाल कश्यप, हंसराज उपाध्यक्ष रजनीश प्रवक्ता, अंकुर सचिव, ईश्वर उपाध्यक्ष, प्रवेश, हितेश शर्मा सचिव, कश्मीर सचिव, विनोद सलाहकार, नवीन रविकांत सोलन उपाध्यक्ष, मराठा सलाहकार, देव नेगी कार्यालय सचिव, नित्यानंद, रामेश्वर, कंवर सिंह ठाकुर, सुनीता मेहता उपाध्यक्ष, संजय कुमार, रजनीश, कमल शर्मा, सुरेश कुमार, जीवन गौतम, सरवन, पूजा सेन, भावना ठाकुर इत्यादि को राज्य कार्यकारिणी में चुना गया। नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर ने उन्हें अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ का अध्यक्ष चुनने के लिए धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि नवनियुक्त कार्यकारिणी कर्मचारियों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान हेतु प्रयास करेगी, जिसके लिए आज शाम को ही कार्यकारिणी की बैठक कर रणनीति तैयार की जाएगी। उन्होंने प्रदेश भर से पहुंचे सभी कर्मचारियों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि जल्द प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मिलकर सभी समस्याओं को उनके समक्ष रखा जाएगा। उनसे जल्द संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक हेतु भी आग्रह किया जाएगा, ताकि संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक में कर्मचारियों के सभी समस्याओं का निपटारा हो सके।
-उप मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद डीजीपी ने किया स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम का गठन 11 सितंबर 2022 को जिला मुख्यालय के गांव अबादा बराना में कार हादसे की जांच को लेकर एसआईटी का गठन कर दिया गया है। इस हादसे में पांच युवकों की मौत हो गई थी। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के हस्तक्षेप के बाद हिमाचल प्रदेश पुलिस के डीजीपी संजय कुंडू ने स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम का गठन करते हुए डीआईजी नॉर्थ जोन अभिषेक दुल्लर को टीम का अध्यक्ष नियुक्त किया है। इसके अलावा पुलिस अधीक्षक ऊना अर्जित सिंह ठाकुर, आईआरबी बनगढ़ के कमांडेंट खुशहाल शर्मा को टीम में शामिल किया गया है। जो कि इस पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच कर पुलिस हेडक्वाटर को रिपोर्ट सुपुर्द करेंगे। गौरतलब है कि 11 सितंबर 2022 में आधी रात को आबादा बराना के समीप एक कार सडक़ हादसे का शिकार हो गई। हादसे में कार सवार पांच युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। युवकों की मौत के बाद जहां मृतक के परिजनों ने हादसे पर सवाल उठाए थे, वहीं अस वक्त नेता प्रतिपक्ष रहे मुकेश अग्निहोत्री ने भी मामले को लेकर निष्पक्ष जांच करवाने की मांग उठाई थी। आचार संहिता, विधानसभा चुनाव के बाद नई सरकार बनने के बाद मामला ठंडा पड़ गया, लेकिन सलोह के राजन जसवाल के पिता कुलदीप सिंह जसवाल न्याय के लिए इधर-उधर भटक रहे थे। इसी बीच घालूवाल में आयोजित युवा मिलन कार्यक्रम में उन्होंने प्रदेश के उप मुख्यमंत्री से मुलाकात की, जिसके बाद उप मुख्यमंत्री ने जल्द ही पिता को एसआईटी गठन करवाने का आश्वासन दिया। मात्र 6 दिनों के भीतर ही उप मुख्यमंत्री के आदेश के बाद एसआईटी का गठन हो गया। मामले में उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्रिहोत्री ने कहा कि सड़क हादसे में पांच युवकों की एक साथ मौत हो जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हादसा कैसे हुआ, इसको लेकर अब एसआईटी निष्पक्ष रूप से जांच करेगी और मृतक के परिजनों को न्याय मिलेगा।
बिलासपुर जिले के लुहणु मैदान में चल रही अग्निवीर सेना भर्ती रैली में हजारों की संख्या में युवा भारतीय सेना में शामिल होने के लिए भाग ले रहे हैं। जिला ऊना के गांव नलवाड़ी तहसील बंगाना के जुड़वा भाई सौरव कुमार और गौरव कुमार जो हमीरपुर में हुई रैली में सफल नहीं हो पाए थे, लुहणु मैदान में आयोजित रैली में उन्होंने अपनी सफलता का परचम लहराया। आश्चर्यजनक बात यह है कि दोनों जुड़वा भाई एक साथ सभी पायदानों को पार करते हुए सेना के लिए चुने गए हैं। विगत रैली की असफलता से सबक लेकर दोनों भाइयों ने कठोर परिश्रम के साथ सभी बाधाओं को पार करने की मन में ठानी। माता-पिता के आशीर्वाद तथा विभिन्न लोगों से प्रेरणा प्राप्त कर इस रैली में सफल हुए इन दोनों भाइयों का कहना है कि सेना भर्ती रैली में परिश्रम के माध्यम से ही स्थान पाया जा सकता है। सौरव और गौरव का कहना है कि रैली से पूर्व सी टेस्ट की सुविधा होने से छंटनी हो कर अभ्यर्थी शारीरिक क्षमता के विभिन्न आयोजनों में भाग लेता है। इससे दौड़ने में अधिक भीड़ न होने से अभ्यर्थी द्वाराअपनी क्षमता को बेहतर रूप में प्रदर्शित किया जा सकता है। उन्होंने इस प्रक्रिया को प्रारंभ करने के लिए सेना का आभार व्यक्त किया। दोनों भाईयों ने शैक्षणिक क्षेत्र में भी उत्कृष्ट मुकाम प्राप्त किया है बावजूद इसके अन्य विकल्पों के होते हुए भी उन्होंने सेना में भर्ती होकर देश सेवा को सबसे बेहतर विकल्प के रूप में चुना। इनके पिता बलवंत सिंह का कहना है कि उन्होंने इन दोनों बेटों को सेना के लिए समर्पित किया है यद्यपि एक और बेटा है जो मानसिक दिव्यांग है। उन्होंने अग्नि वीर सैन्य भर्ती के प्रति अपनी पूरी आस्था जताते हुए बच्चों द्वारा किए गए प्रदर्शन पर प्रसन्नता जाहिर की। ऐसे ही जिला हमीरपुर के काकडियार के जुड़वा भाई अखिल राठौर और निखिल राठोर भी इस रैली में अपने बचपन के सपने को साकार करने में सक्षम हुए हैं। बड़े भाई व बहुत से परिवार जन भारतीय सेना में अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं यही जज्बा अखिल और निखिल के मन में भी भरा हुआ था यह दोनों भाई बताते हैं कि अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए उन्हें जहां परिवारजनों से प्रेरणा मिली वही गांव के कुछ लोग भी मार्गदर्शक बने। यह फौज में अपने सुनहरे भविष्य को संवारने के लिए आतुर है। अखिल और निखिल कहते हैं कि आज बहुत से युवा भारतीय सेवा का अंग प्रत्यंग बन देश की सेवा के लिए तत्पर है युवाओं में इसके लिए होड़ लगी है। जिला ऊना के हरोली क्षेत्र से संबंध रखने वाले मनीष कुमार ने जमा दो की परीक्षा 92 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण की परिवार तथा स्वयं के समक्ष जीवन यापन के लिए अनेक विकल्पों में से इन्होंने सेना में जाकर देश के प्रति अपने कर्तव्य के निर्वहन को ही सबसे उचित समझा। मनीष कुमार का कहना है कि अग्नि वीर सैनिक में यदि योग्यता और समर्थ है तो वह सेना में लंबे समय के लिए अपनी सेवाएं प्रदान कर सकता है। गौरतलब है कि लुहणु मैदान में आयोजित अग्नि वीर भर्ती रैली में बहुत से ऐसे युवाओं ने भाग लिया जो न केवल शैक्षणिक योग्यता में उत्कृष्ट मुकाम हासिल किए हुए थे, अपितु अन्य वोकेशनल ट्रेनिंग या किसी और विषय में भी महारत रखते थे, किंतु इन्होंने उन सब को दरकिनार कर भारतीय सेना का सिपाही बन देश के प्रति अपने कर्तव्य को पूरा करने का लक्ष्य ही चुना।
हिमाचल प्रदेश के बहुचर्चित 250 करोड़ के छात्रवृत्ति घोटाले में निजी शिक्षण संस्थान फर्जी दावे करते रहे और शिक्षा विभाग के अधिकारी इन दावों को सत्यापित करते रहे। सीबीआई की जांच में इसका खुलासा हुआ है। ईडी की ओर से गिरफ्तार चार आरोपियों से अलग-अलग पूछताछ के दौरान यह खुलासा हुआ है। मामले में हर स्तर पर अनियमितताएं बरती गई हैं। आरोप हैं कि निजी शिक्षण संस्थान और शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से छात्रवृत्ति का बजट जारी हुआ है। इन आरोपियों के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम-2002 के प्रावधानों के कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। आरोपियों की संपत्ति, बैंक खाते से लेनदेन, कैसे छात्रवृत्ति को इधर से उधर किया गया, इसे लेकर प्रवर्तन निदेशालय बारीकी से जांच कर रहा है। उल्लेखनीय है कि ईडी ने छात्रवृत्ति घोटाले में एएसएएमएस एजुकेशन ग्रुप के पार्टनर राजदीप जोसन और कृष्ण कुमार, केसी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट पंडोगा के उपाध्यक्ष हितेश गांधी और प्रदेश उच्च शिक्षा निदेशालय की छात्रवृत्ति शाखा के तत्कालीन अधिकारी को गिरफ्तार किया है। आरोप हैं कि निजी शिक्षण संस्थान ने फर्जी दस्तावेज पेश करके अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित विद्यार्थियों के लिए पोस्ट-मैट्रिक योजना में छात्रवृत्ति घोटाला किया। यह है मामला छात्रवृत्ति घोटाले में ईडी ने सीबीआई शिमला की ओर से दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की है। आरोप लगाया गया था कि राज्य शिक्षा विभाग, निजी संस्थान और बैंक अधिकारी 250 करोड़ रुपये से अधिक की छात्रवृत्ति निधि के वितरण में बड़े पैमाने पर गलत विनियोजन में शामिल थे। इस मामले में सीबीआई और ईडी कई अधिकारियों और निजी शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
केंद्र सरकार को भेजी 10 करोड़ रुपये की डीपीआर हिमाचल सरकार प्रदेश में तीन नए नर्सिंग कॉलेज खोलेगी। यह कॉलेज चंबा, हमीरपुर और जिला सिरमौर के नाहन में खोले जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग ने डीपीआर तैयार कर केंद्र को भेज दी है। तीनों नर्सिंग कॉलेज में आधारभूत ढांचा विकसित करने पर 10 करोड़ रुपये खर्च होंगे। प्रति नर्सिंग संस्थान को 3 करोड़ रुपये से ज्यादा राशि दी जानी है। वर्तमान में हिमाचल में इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) और मंडी में दो ही सरकारी नर्सिंग कॉलेज हैं। जबकि नर्सिंग स्कूलों की संख्या 15 से ज्यादा है। प्रदेश सरकार ने नए खोले जाने वाले नर्सिंग कॉलेजों में 40-40 सीटें निर्धारित करने का फैसला लिया है। जैसे-जैसे आधारभूत ढांचा विकसित होगा। केंद्र सरकार से सीटें बढ़ाने की सिफारिश की जाएगी। हिमाचल में 12वीं की परीक्षा पास करने के बाद बड़ी संख्या में छात्राएं नर्सिंग और मिडवाइफ के कोर्स कर रही हैं। निजी संस्थानों में नर्सिंग का कोर्स करने के लिए चार लाख रुपये से ज्यादा खर्च आता है। इसमें हॉस्टल, वर्दी व अन्य खर्चे भी शामिल हैं। हजारों की संख्या में छात्राएं यह कोर्स कर रही हैं। हालांकि सरकारी कॉलेजों फीस कम है। इसमें एक साल का खर्च करीब 70 हजार के पास रहता है। हिमाचल में नए नर्सिंग कॉलेज खुलने से कई और छात्राएं सरकारी संस्थानों में प्रशिक्षण हासिल कर सकेंगी। चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. सीता ठाकुर ने बताया कि हिमाचल में नए नर्सिंग कॉलेज खोलने के लिए 10 करोड़ रुपये की डीपीआर केंद्र को भेज दी गई है।
पूर्व उद्योग मंत्री व भाजपा विधायक बिक्रम ठाकुर ने केंद्र द्वारा हिमाचल व उत्तराखंड को मिले औद्योगिक विकास योजना 2017 के अंतर्गत 1163.54 करोड़ रु स्वीकृत किए जाने पर प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताया और कहा कि जहां केंद्र सरकार समय-समय पर हिमाचल के विकास के लिए कार्य कर रही हैं वहीं हिमाचल की सुखु सरकार आपदा में जनता की कमर तोड़ने वाले निर्णय ले रही है। बिक्रम ठाकुर ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश की सरकार जब से सत्ता में आई है तब से निरंतर हिमाचल वासियों पर महंगाई का बोझ बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले कल ही अखबार के माध्यम से सीमेंट बैग पर 15 रुपए बढ़ाए जाने कि खबर प्रकाशित हुई हैं, जो कि एक अन्याय पूर्ण फैसला है। जहां प्रदेश में लोगों के मकान क्षतिग्रस्त हो गए, सड़कें, डंगे टूट गए उनको रिस्टोर करने में जहाँ सीमेंट की आवश्यकता पड़ेगी ऐसे में उसके मूल्य को बढ़ाना कहाँ तक तर्कसंगत हैं। उन्होंने कहा उचित मूल्य की दुकान (डिपु )से बीपीएल व एपीएल लोग राशन लेते हैं जिनकी इस आपदा के कारण पहले ही स्थिति खराब हो चुकी हैं। ऐसे में राशन के दामों में बढ़ोतरी करना कितना न्यायोचित है। उन्होंने कहा सस्ते राशन के डिपुओं में दालें महंगी हो गई हैं। 2 माह बाद डिपुओं में पहुंची दालों के दामों में अंतर आया है। एनएफएस यानी बीपीएल व एपीएल उपभोक्ता के लिए माह की दाल में सीधे 5 रुपए की बढ़ौतरी हुई है, वहीं मलका की दाल में एक रुपए का अंतर आया है। सितम्बर महीने में बी.पी.एल. व एनएफएस उपभोक्ताओं को माह की दाल 63 रुपए में मिलेगी, वहीं एपीएल उपभोक्ताओं को 73 और एपीएलटी उपभोक्ताओं को 98 रुपए में मिलेगी। इसी तरह बीपीएल व एनएफएस उपभोक्ताओं को मलका की दाल 54 रुपए मिलेगी। एपीएल उपभोक्ताओं को 64 और एपीएलटी उपभोक्ताओं को 89 रुपए में मिलेगी। इससे पहले अगस्त माह में प्रदेश के अधिकतर डिपुओं में दालें नहीं पहुंच पाई थीं। डिपुओं में इस बार दाल चना 16 रुपए अधिक महंगी होगी। आपदा के समय दालों में जो मूल्यांवृद्धि हुई हैं जोकि हिमाचल की जनता के साथ धोखा है। इस बढ़ोतरी को भी सरकार को तुरंत प्रभाव से वापस लेना चाहिए।
चंबा, कांगड़ा, शिमला और अन्य जिलों के भ्रमण कर सकते हैं सैलानी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज जिला हमीरपुर के नादौन में कहा कि हाल ही में हुई भारी बारिश के कारण प्रदेश में कई सड़कें क्षतिग्रस्त हुईं और निजी एवं सार्वजनिक संपत्ति को भारी नुकसान हुआ। उन्होंने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार के दृढ़ एवं त्वरित प्रयासों के फलस्वरूप राज्य में सड़कों को काफी हद तक बहाल कर दिया गया है तथा प्रदेश में आगंतुकों के लिए सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित किया गया है। उन्होंने कहा कि यह राज्य की अब तक की सबसे भीषण त्रासदी थी, लेकिन अब राज्य में हालात सामान्य हो रहे हैं। नादौन में मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश पर्यटकों के लिए सुरक्षित है और पर्यटक अब चंबा, कांगड़ा, शिमला और अन्य जिलों के भ्रमण पर आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने और सभी प्रभावितों को आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि विपदा के समय में भी नेता प्रतिपक्ष प्रभावित परिवारों की पीड़ा के प्रति सहानुभूति व्यक्त करने के बजाय राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने नेतापक्ष से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से संपर्क कर हिमाचल प्रदेश के लिए केदारनाथ और भुज त्रासदी की तर्ज पर विशेष पैकेज प्रदान करने के लिए आग्रह करने का आहवान किया। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित करने और उत्तराखंड और गुजरात में प्रदान की गई सहायता के समान वित्तीय सहायता प्रदान करने की बार-बार अपील की है, लेकिन अभी तक केंद्र सरकार द्वारा इस संबंध में कोई भी कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार अपने संसाधनों से प्रभावित परिवारों को सहायता प्रदान करने के हरसंभव प्रयास कर रही है। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने प्रदेश पर 75 हजार करोड़ रुपये के ऋण का बोझ डाला तथा केवल राजनीतिक लाभ के लिए कई घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार कर्मचारियों के बकाया और भत्ते देने में विफल रही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता संभालने के पश्चात वित्तीय बाधाओं के बावजूद कर्मचारियों के हितों में अभूतपूर्व निर्णय लेकर पुरानी पेंशन योजना को बहाल किया है।
शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले हिमाचल प्रदेश के 16 शिक्षकों को राज्य स्तरीय पुरस्कार से नवाजा गया है। मंगलवार सुबह शिक्षक दिवस पर राजभवन शिमला में राज्यपाल शिवप्रताप शुक्ल और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर इन शिक्षकों को सम्मानित किया। कांगड़ा, बिलासपुर, लाहौल-स्पीति और किन्नौर से एक भी शिक्षक का पुरस्कार के लिए चयन नहीं हुआ है। जिला शिमला से चार, कुल्लू-ऊना और हमीरपुर से दो-दो शिक्षकों को चुना गया है। मंडी-सोलन-सिरमौर और चंबा जिला से पुरस्कार के लिए एक-एक शिक्षक का चयन हुआ है। 10 शिक्षकों का चयन प्रदेशभर से प्राप्त हुए 39 आवेदनों के आधार हुआ था। तीन शिक्षकों किशोरी लाल, दलीप सिंह और हरीराम शर्मा को सरकार की ओर से गठित राज्य स्तरीय कमेटी ने चयनित किया। कार्यक्रम में इन शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र और शॉल व टोपी देकर सम्मानित किया गया। वहीं, पुरस्कार के लिए एक शिक्षक का नाम समारोह के दौरान ही घोषित किया गया। इसके अलावा बीते वर्ष राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिमला के वीरेंद्र कुमार व चंबा के युद्धवीर सिंह को भी राज्य पुरस्कार दिया गया पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों की सूची शिक्षक का नाम स्कूल का नाम पद अमर चंद चौहान वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल आनी, कुल्लू प्रिंसिपल दीपक कुमार वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल चंबा प्रवक्ता बायोलॉजी अशोक कुमार वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल मंडी प्रवक्ता वाणिज्य कृष्ण लाल वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल बजौरा, कुल्लू डीपीई हेम राज वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल हिमरी, शिमला टीजीटी नॉन मेडिकल कमल किशोर वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल त्यूरी, ऊना कला शिक्षक नरेश शर्मा प्राथमिक स्कूल गिरथरी, हमीरपुर मुख्य शिक्षक प्रदीप कुमार प्राथमिक स्कूल सलोह, सोलन जेबीटी शिव कुमार प्राथमिक स्कूल ककराना, ऊना जेबीटी कैलाश सिंह शर्मा केंद्रीय प्राथमिक स्कूल लालपानी, शिमला जेबीटी किशोरी लाल उपशिक्षा निदेशक कार्यालय हमीरपुर सीएचटी दलीप सिंह वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल वासनी, सिरमौर प्रवक्ता अंग्रेजी हरि राम शर्मा मॉडल वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल नेरवा, शिमला प्रिसिंपल सुरजीत सिंह राठौर छोटा शिमला स्कूल प्रवक्ता
विधानसभा के तीसरे सत्र (मानसून सत्र) के चलते शिक्षा विभाग में 11 से 25 सितंबर तक छुट्टियों पर रोक लगा दी गई है। 18 सितंबर से शुरू होने वाले मानसून सत्र के चलते उच्च और प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने निर्देश जारी कर दिए हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों को मानसून सत्र के चलते रविवार सहित अन्य छुट्टियों के दौरान भी बुलाया जा सकता है। सुबह आठ से रात आठ बजे तक अफसरों को दफ्तर में मौजूद रहना होगा। विभाग ने विधानसभा में शिक्षा विभाग से संबंधित लगे सभी प्रश्नों के जवाब जल्द देने के लिए भी कहा है। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान विभाग से संबंधित सभी प्रश्नों के जवाब तैयार होने चाहिए। अधिकारियों के पास हर तरह की जानकारी होनी चाहिए। हर शाखा में कम से कम एक अधिकारी इस दौरान रोजाना सुबह साढ़े आठ बजे ऑफिस में होना चाहिए। इनकी छुट्टियां हुई हैं रद्द अतिरिक्त निदेशक प्रशासन, कॉलेज, स्कूल उच्च शिक्षा, संयुक्त निदेशक कॉलेज, संयुक्त निदेशक फाइनेंस एंड अकाउंट, सह निदेशक, उच्च शिक्षा के सभी उपनिदेशक, सभी सरकारी कॉलेजों के प्रिंसिपल, कमांडर एनसीसी और चीफ लाइब्रेरियन सेंट्रल स्टेट लाइब्रेरी सोलन, प्रारंभिक शिक्षा के सभी उपनिदेशक, प्रिंसिपल डाइट की छुट्टियां रद्द करने के आदेश दिए गए हैं। इन अधिकारियों के तहत काम करने वाले स्टाफ को भी छुट्टियां नहीं मिलेंगी। विभाग में विभिन्न श्रेणी के कर्मचारियों के कितने पद सृजित हैं, कितने पद रिक्त हैं। कितने पद भरे गए हैं। निदेशालय के अधिकारियों ने कितने स्कूलों, कॉलेजों का निरीक्षण किया। कितने नए स्कूल, कॉलेज खोले गए। सरकार की विभिन्न योजनाओं का क्या स्टेटस है।
महिला मोर्चा ने केंद्र की नीतियों व पार्टी विचार को लेकर दिया प्रशिक्षण भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा ने राष्ट्रीय स्तर महिला मोर्चा को सोशल मीडिया की तकनीक में माहिर बनाने के लिए राष्ट्रीय बैठक का आयोजन पार्टी के मुख्यालय दिल्ली में किया गया। इसका शुभारंभ भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष वानथी श्रीनिवासन ने किया। इस बैठक में महिला मोर्चा की देश भर से महिला प्रतिनिधियों ने भाग लिया। वहीं, हिमाचल से भाजपा महिला मोर्चा आईटी व सोशल मीडिया की संयोजक वर्षा ठाकुर, कांगड़ा चंबा क्षेत्र की संयोजक सीमा चंदेल व शिमला क्षेत्र से रचना शर्मा ने हिमाचल के प्रतिनिधित्व करते हुए भाग लिया। बैठक में महिला मोर्चा की सोशल मीडिया की गतिविधियों को लेकर जहां जानकारी दी गई, किस प्रकार से पार्टी के प्रचार व विचार को आगे रखना है, सोशल मिडिया का सकारात्मक प्रयोग करते हुए लोगों तक बात पहुंचानी है,वहीं केंद्र सरकार ने किस प्रकार से महिला सशक्तिकरण के लिए काम किया है, महिलाओं के लिए क्या-क्या नीतियां बनाई है ,किस प्रकार से उन नीतियों को घर-घर तक पहुंचना है, उसको लेकर के भी विशेष जानकारी दी गई। पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा बेहतर रूप से इस कार्यशाला बैठक में प्रशिक्षण दिया गया, निश्चित रूप से इस प्रशिक्षण का आने वाले समय में भाजपा महिला मोर्चा को हिमाचल में अपने कार्य व नीतियों को आगे बढ़ने व प्रचार में मदद मिलेगी। बैठक में भाग लेने गई भाजपा महिला मोर्चा की प्रतिनिधि वर्षा ठाकुर,रचना शर्मा व सीमा चंदेल ने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व का एक सराहनीय प्रयास रहा है, राष्ट्रीय स्तर की इस बैठक में अनेक महत्वपूर्ण जानकारियां दी गई हैं, जिसका लाभ हिमाचल प्रदेश को भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल महिला मोर्चा की अध्यक्ष वंदना योगी के नेतृत्व में संगठन को मजबूत बनाने में सोशल मीडिया की यह बैठक महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगी।
केंद्रीय मंत्री ने हरोली व गगरेट में घर-घर जाकर मांगी मिट्टी केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और युवा एवं खेल मामलों के मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर आज मेरी माटी, मेरा देश कार्यक्रम के अंतर्गत हिमाचल पहुंचे, जहां उन्होंने हरोली और गगरेट विधानसभाओं के कार्यक्रमों में भाग लिया। अनुराग ने कहा कि हिमाचल बलिदानियों की भूमि है। यहां मेरी माटी, मेरा देश कार्यक्रम को लेकर अपार उत्साह। मेरी माटी मेरा देश हमारे शहीदों, स्वतंत्रता संग्राम के गुमनाम नायकों को याद करने का उन्हें श्रद्धांजलि देने का प्रयास है। मेरी माटी, मेरा देश आजादी के अमृत महोत्सव का अंतिम कार्यक्रम है। इसके अंतर्गत देश के साढ़े 6 लाख गांवो में अमृत कलश यात्रा निकाली जाएगी। 30 करोड़ घरों से मिट्टी ली जाएगी। प्रत्येक गांव में अमृत वाटिका बनेगी। प्रत्येक गांव की मिट्टी को ब्लॉक स्तर से होते हुए देश की राजधानी लाया जाएगा। पंच प्रण के शपथ लिए जाएंगे। वीरों का नमन मिट्टी का वंदन होगा। अनुराग ने कहा कि हम घूम-घूम कर स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों का सम्मान कर रहे हैं। मिट्टी के दिल्ली आने पर कर्तव्य पथ से होते हुए इंडिया गेट की ओर एक अमृत वाटिका का निर्माण किया जाएगा। इंडिया गेट के पास आजादी का अमृत महोत्सव मेमोरियल बनाया जाएगा। इसका उद्देश्य देश में एकता एकजुटता की भावना बनाए रखना, गुलामी की मानसिकता से मुक्ति पाना और अपने गौरवशाली इतिहास पर गर्व करना है ताकि देश का हर नागरिक अपने कर्तव्य को पूरा कर एक विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान दे सके।
हिमाचल प्रदेश प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने शिक्षक दिवस से एक दिन पूर्व राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कारों की घोषणा कर दी है। इस बार 13 शिक्षकों को इस पुरस्कार से नवाजा जाएगा। चयनित शिक्षकों को मंगलवार को राजभवन शिमला में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल सम्मानित करेंगे। शिक्षकों के यह पुरस्कार शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य और विद्यार्थियों को पढ़ाने में विशेष रुचि लेने के लिए दिया जा रहा है। इनमें से तीन शिक्षकों को सरकार की ओर से शिक्षा के क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य के लिए शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित किया गया। पुरस्कार के लिए चयनित शिक्षकों की सूची शिक्षक का नाम स्कूल का नाम पद अमर चंद चौहान जीएसएसएस आनी प्रिंसिपल दीपक कुमार जीबीएसएसएस चंबा प्रवक्ता बायोलॉजी अशोक कुमार जीबीएसएसएस मंडी प्रवक्ता वाणिज्य कृष्ण लाल जीएसएसएस बजौरा डीपीई हेम राज जीएसएसएस हिमरी शिमला टीजीटी नॉन मेडिकल कमल किशोर जीएसएसएस त्यूरी ऊना कला शिक्षक नरेश शर्मा जीपीएस गिरथरी मुख्य शिक्षक प्रदीप कुमार जीपीएस सलोह जेबीटी शिव कुमार जीपीएस ककराना जेबीटी कैलाश सिंह शर्मा जीसीपीएस लालपानी जेबीटी किशोरी लाल उप शिक्षा निदेशक कार्यालय हमीरपुर सीएचटी दलीप सिंह जीएसएसएस वसवानी प्रवक्ता अंग्रेजी हरि राम शर्मा जीएमएसएसएस नेरवा प्रिंसिपल
विकास कार्यों में तेजी लाने और सभी परियोजनाओं को समयबद्ध पूरा करने के दिए निर्देश मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं और कार्यक्रमों के कार्यान्वयन की समीक्षा के लिए आज यहां आयोजित प्रशासनिक सचिवों की मंडे मीटिंग की अध्यक्षता की। उन्होंने विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी परियोजनाओं को समयबद्ध पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय में सभी फाइलें ई-फाइल प्रणाली के माध्यम से भेजी जाए। इससे समय की बचत होगी और कार्यों को शीघ्र निपटाने में मदद भी मिलेगी। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग द्वारा प्रदान की जाने वाली सभी जन सेवाओं के लिए ऑनलाइन प्रणाली समयबद्ध कार्यान्वित की जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गवर्नेंस में सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग को विशेष अधिमान दे रही है। इससे प्रशासन में पारदर्शिता के साथ-साथ दक्षता भी सुनिश्चित होती है। उन्होंने सभी नगर निगमों और शहरी स्थानीय निकायों का पूर्णतया डिजिटाइजेशन सुनिश्चित करने को भी कहा। इससे लोगों को अधिकांश सेवाएं ऑनलाइन माध्यम से उनके घर में ही प्राप्त हो सकेंगी। मुख्यमंत्री ने नींबू प्रजाति फल उत्पादन बहुल क्षेत्र में अतिरिक्त जूस से साइडर बनाने के लिए आधुनिक संयंत्र स्थापित करने की संभावनाएं तलाश करने के निर्देश दिए। विद्यार्थियों की सुविधा के लिए उन्होंने शिमला, रिज स्थित पुस्तकालय के खुलने का समय बढ़ाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना, राजीव गांधी रोजगार योजना सहित अन्य योजनाओं की विस्तृत समीक्षा भी की। बैठक में मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, विभिन्न प्रधान सचिव और अन्य सचिव उपस्थित थे।
बैंक अधिकारी बोले, सोच-समझकर अपने दस्तावेज दें लोग ऊना जिला में बाहर से आए हुए कुछ लोगों द्वारा नि:शुल्क कर्जा मुक्ति केंद्र खोला गया है, जहां लोगों से फॉर्म भरवाकर उनसे अहम आईडी प्रूफ लिए जा रहे हैं। इन लोगों का कहना है कि जिन लोगों ने बैंक से कर्ज लिया हुआ है, चाहे वह गाड़ी का लोन हो जा अन्य किसी प्रकार के कारोबार को शुरू करने के लिए लिया गया कर्ज हो और वे उसे देने में असफल हो गए हैं, उसको लेकर यह कर्ज मुक्ति अभियान चलाए हुए हैं, जिसमें वे लोगों से कर्ज की डिटेल सहित जरूरी आईडी प्रूफ लेकर फॉर्म भरवा रहे हैं। ये लोग इन फॉर्म को दिल्ली में जाकर रजिस्टर करवाएंगे। उसके बाद आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी। इन लोगों ने मीडिया से रू-ब-रू होते हुए बताया कि वे किसी से कोई फ्रॉॅड नहीं कर रहे हैं। ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत काम किया जा रहा है। अगर कोई व्यक्ति आरटीआई के तहत भी इसकी जानकारी लेना चाहे तो वह भी ले सकता है। उन्होंने कहा कि जब बड़े लोगों का कर्ज माफ किया जा सकता है तो देश की आम जनता का कर्ज क्यों नहीं माफ हो सकता, इसलिए वे लोगों का कर्ज माफ नहीं कर रहे हैं बल्कि लोगों को कर्ज मुक्त करने के लिए अभियान के तहत उनकी मदद कर रहे हैं। वहीं, जब इस मामले को लेकर बैंक के सीनियर अधिकारियों से बातचीत की गई तो बैंक के सीनियर अधिकारियों ने इस प्रकार का कर्ज मुक्त किए जाने को लेकर कोई भी जानकारी ना होने का हवाला दिया है। उन्होंने कहा है कि अगर इस प्रकार से कोई कर्ज मुक्त करने के दावे कर रहा है और लोगों से जरूरी दस्तावेज मांग रहा है तो लोग सोच समझकर ही अपने दस्तावेज उनको दें।
शिक्षा का उद्देश्य पूर्ण रूप से विकसित और शांतिप्रिय व्यक्तित्व रखने वाले व्यक्तियों का निर्माण करना है, जिनका पोषण विश्व और उनके आसपास के समाज के लिए कुछ बड़ी सोच रखने के लिए किया गया हो। एक बालक को केवल सूचनाएं प्रदान करने की प्रक्रिया के द्वारा नहीं बल्कि समग्र रूप से शिक्षित किया जाना चाहिए। गुरुदेव श्रीश्री रविशंकर का मानना है, 'कक्षा में बैठने से ही कोई शिक्षित हो रहा है, हम ऐसा नहीं मान सकते। हमें बच्चे के मन और शरीर के संपूर्ण विकास पर ध्यान देने के साथ-साथ उसमें अपनापन, साझा करने और दूसरों की देखभाल करने की भावना, प्रेम, अहिंसा और शांति जैसे मानवीय मूल्यों को विकसित करने पर भी ध्यान देना होगा।Ó एक सुंदर विचार है, जो प्राचीन गुरु-शिष्य परंपरा का हिस्सा था, जिसे आज पुनर्जीवित किया जाना चाहिए। एक अच्छा शिक्षक सदा यही चाहेगा कि उसका छात्र विजयी हो और एक अच्छा छात्र उस शिक्षक की जीत की कामना करेगा, जिसका ह्रदय विशाल है। छात्र जानता था कि उसके अल्प ज्ञान की विजय केवल दुख लाएगी, जबकि गुरु के महान ज्ञान की जीत केवल अच्छाई लाएगी। इस सोच ने छात्र और शिक्षक के मध्य एक स्वस्थ संबंध बनाया, जहां छात्र और शिक्षक अपनी वृद्धि और विकास की यात्रा पर एक-दूसरे पर पूरा भरोसा करते थे। अच्छे शिक्षक का धैर्यवान होना जरूरी एक अच्छे शिक्षक को बहुत धैर्य की आवश्यकता होती है। एक शिक्षक का धैर्य छात्रों के जीवन में चमत्कार पैदा कर सकता है, भले ही वे सीखने में थोड़े धीमे हों। माता-पिता को घर पर केवल एक या दो बच्चों को संभालना होता है, जबकि शिक्षकों को छात्रों से भरे कक्ष को संभालना होता है। यह स्पष्ट रूप से शिक्षकों के लिए अधिक तनावपूर्ण और कठिन है। इसलिए शिक्षकों को अधिक केंद्रित होने की जरूरत है। ध्यान और श्वास अभ्यास जैसी विधियाँ शिक्षकों को शांत और केंद्रित रहने के लिए तैयार करने में काफी मदद कर सकती हैं। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि बच्चे हर समय शिक्षकों को देख रहे होते हैं और उनसे सीख रहे होते हैं। शिष्य को प्रत्येक कदम पर मार्गदर्शन की आवश्यकता आज शिक्षकों के लिए यह समझना बहुत महत्वपूर्ण है कि छात्र कहां खड़े हैं और उन्हें वहां से अंतिम लक्ष्य तक जाने में प्रत्येक कदम पर मार्गदर्शन की आवश्यकता है। यहां हम भगवान कृष्ण से सीख सकते हैं कि किस तरह वे कदम दर कदम धैर्य और प्रेम के साथ अर्जुन को अंतिम मंजिल तक ले जाते हैं। आरंभ में अर्जुन भ्रमित थे और उनके मन में बहुत सारे सवाल थे। जैसे-जैसे एक छात्र बड़ा होता है, उसे बहुत अधिक भ्रम होना स्वाभाविक है क्योंकि उसकी अवधारणाएं टूटती रहती हैं। उदाहरण के लिए, हम सीखते हैं कि सूर्य पूर्व में उगता है, बाद में हमें पता चलता कि वास्तव में ग्रह कैसे गति करते हैं। इसलिए एक अच्छा शिक्षक छात्र के मन में उठने वाले इन सवालों के दौरान मार्गदर्शन करने के लिए उपलब्ध होता है। एक अच्छा शिक्षक जानकार होता है और छात्र को इन भ्रमों को दूर करने के लिए मार्गदर्शन करता है। साथ ही कई बार जरूरत पड़ने पर शिक्षक भ्रम पैदा भी कर सकते हैं। विद्रोही लोगों को प्रोत्साहन और पीठ थपथपाने की जरूरत शिक्षकों को एक नाजुक संयोजन के लिए प्रयास करना चाहिए जो है प्रेम के साथ दृढ़ता। ऐसे शिक्षक हैं, जो बहुत प्रेम करते हैं और कुछ अन्य केवल कठोर हैं। ऐसे बच्चे हैं जो विद्रोही हैं और ऐसे बच्चे हैं जो भीरु और शर्मीले हैं। विद्रोही लोगों को प्रोत्साहन और पीठ थपथपाने की जरूरत है। आपको उन्हें प्यार और उनकी देखभाल का एहसास कराना चाहिए और यह एहसास दिलाना चाहिए कि वे आपके अपने हैं। लेकिन जो बच्चे शर्मीले और डरपोक हैं, उन्हें खुलकर आगे आने और बोलने में सक्षम बनाने के लिए आप थोड़ा दृढ़ हो सकते हैं। उनके साथ सख्ती से पेश आएं और प्रेम भी करें। अक्सर हम इसका विपरीत करते हैं। शिक्षक विद्रोही बच्चों के साथ सख्ती से पेश आते हैं और शर्मीले बच्चों के साथ उदार बन जाते हैं। तब उनका व्यवहार का क्रम बेहतरी के लिए नहीं बदलेगा। आपको कठोर और कोमल दोनों होने की आवश्यकता है, अन्यथा आप छात्र का मार्गदर्शन उस दिशा की ओर नहीं कर पाएंगे जहां आप उन्हें ले जाना चाहते हैं।
हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद व केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर मेरी माटी, मेरा देश कार्यक्रम के लिए गगरेट व हरोली विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर 4 सितंबर को पहुंचेंगे। जिला ऊना भारतीय जनता पार्टी के महामंत्री राजकुमार पठानिया ने बताया कि अनुराग ठाकुर मेरी माटी मेरा देश कार्यक्रम की कलश यात्रा के लिए गग्रेट क्षेत्र के कुठेडां जसवाला में दोपहर 2:30 बजे पहुंचेंगे, जहां भाजपा नेतृत्व उनका स्वागत करेगा और अनुराग ठाकुर मेरी माटी मेरा देश कार्यक्रम की कलश यात्रा में भाग लेंगे। उन्होंने बताया कि इसके बाद केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर 4 बजे हरोली विधानसभा क्षेत्र के सलोह गांव में पहुंचेंगे, जहां मेरी माटी मेरा देश कार्यक्रम की कलश यात्रा में भाग लेंगे, यहां हरोली भाजपा का नेतृत्व व संगठन उनका स्वागत करेगा। राजकुमार पठानिया ने कहा कि मेरी माटी, मेरा देश एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है, जिसके तहत भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता प्रत्येक बूथ पर घर-घर जाकर माटी कलश में एकत्रित कर रहे हैं, जिससे शहीद स्मारक दिल्ली के पास वाटिका बनाई जाएगी।
कहा, पीएम मोदी ने लिए हैं ऐतिहासिक निर्णय, यह निर्णय बचत के साथ विकास को आगे बढ़ाएगा भारतीय जनता पार्टी की ऊना मंडल की बैठक रविवार को आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता मंडल अध्यक्ष हरपाल सिंह गिल ने की, जबकि विधायक सतपाल सिंह सत्ती और प्रदेश सचिव व हमीरपुर संसदीय क्षेत्र प्रभारी सुमित शर्मा बतौर मुख्य अतिथि इस बैठक में पहुंचे। बैठक के दौरान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल द्वारा तय किए गए कार्यक्रमों और आगामी क्रियाकलापों को लेकर चर्चा की गई और बूथ स्तर पर उन्हें लागू करने के लिए रणनीति तैयार की गई। इसके साथ ही केंद्र सरकार द्वारा एक देश एक चुनाव प्रणाली के तहत मंडल भाजपा द्वारा प्रस्ताव पारित करते हुए केंद्र सरकार को भेजा गया जिसके तहत उन्होंने एक देश एक चुनाव प्रणाली को स्वीकार करते हुए इसे लागू करने की मांग उठाई। विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के लिए अनेकों अनेक ऐसी योजनाएं लागू की है जिनके चलते देशवासियों को राहत मिल सके। वहीं देश में यदि एक देश एक चुनाव प्रणाली लागू होती है तो इससे साल भर में देश के कई चुनाव में होने वाले फालतू खर्च से बचा जा सकता है। सतपाल सती ने कहा कि इस प्रकार के निर्णय का हम समर्थन करेंगे, सभी राजनीतिक दलों का इसका समर्थन करना चाहिए ।उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जो एक देश एक चुनाव को लेकर कमेटी बनाई गई है निश्चित रूप से इस पर सकारात्मक पहल करेगी। उन्होंने कहा कि यह देश के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय होगा। सतपाल सिंह सत्ती ने प्रदेश सरकार के असफलताओं को गिनाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सरकार राहत कार्यों को तेज नहीं कर पाई है, माफिया को रोक नहीं पाई है ,कांग्रेस के लोग आपस में लड़ रहे हैं, युवा वर्ग नौकरियों के लिए भटक रहा है, भर्तियों के परिणाम घोषित नहीं हो रहे हैं, लोगों को संघर्ष करना पड़ रहा है, युवाओं को सड़कों पर आना पड़ रहा है कांग्रेस सरकार के विरुद्ध नारे लग रहे हैं ।उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार का टोटल फैलियर हो रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर भी रणनीति तैयार की गई है इस चुनाव में संसदीय क्षेत्र से भाजपा के प्रत्याशी को मजबूत बढ़त दिलाने के लिए काम किया जाएगा। जिला महामंत्री राजकुमार पठानिया, जिला उपाध्यक्ष पहु लाल भारद्वाज, मंडल अध्यक्ष अशोक धीमान, महेंद्र छिब्बर, पूर्व मंडल अध्यक्ष रमेश भड़ोलिया, सागर दत्त भारद्वाज, जिला परिषद अध्यक्ष नीलम कुमारी, नगर परिषद अध्यक्ष पुष्पा देवी,जिला प्रवक्ता विनय शर्मा, जिला आईटी सेल संयोजक चंदन कालिया,सतीश भटोली, बलवंत ठाकुर, विजय शर्मा, बलविंदर कौर, अनु ठाकुर, मोना मनकोटिया, सुखराज कौर, कमला प्रधान, रितिका भारद्वाज, रितु असोत्रा, सीमा दत्ता, पवन कपिला, नवदीप कश्यप, विनोद पुरी, राजेंद्र चौधरी, रमेश मल्ली, सोमनाथ ठाकुर, अश्विनी कपिल, शिव वत्स, राजेश कौशल, उमंग ठाकुर, राजेश प्रभाकर, हरमेश प्रभाकर, खामोश जैतिक ,बीडीसी के सदस्य, भाजपा समर्थित प्रधान, उप प्रधान, नगर परिषद के सदस्य व मंडल कार्यकर्ता मौजूद रहे।
त्योहारी सीजन से पहले ही हिमाचल प्रदेश मिल्क फेडरेशन ने दुग्ध उत्पादों के दाम बढ़ाकर उपभोक्ताओं को झटका दे दिया है। फेडरेशन ने अलग-अलग उत्पादों के 2.50 से 50 रुपये तक दाम बढ़ा दिए हैं। फेडरेशन का हिम देसी घी 50 रुपये की बढ़ोतरी के साथ 650 रुपये प्रतिकिलो मिलेगा। हालांकि दूध के दामों में बढ़ोतरी नहीं हुई। फेडरेशन ने देसी घी के अलावा पनीर के 200 ग्राम पैकेट के दाम में छह रुपये बढ़ोतरी की है। हिम खोया में प्रतिकिलो के हिसाब से 20 रुपये बढ़ोतरी की गई है। हिम बटर में 25 रुपये आधा किलो के हिसाब से बढ़ाए गए हैं। मिल्क फेडरेशन के चक्कर स्थित प्लांट के यूनिट प्रभारी शुभम ने बताया कि दुग्ध उत्पादों के बढ़े हुए दाम 1 सितंबर से लागू हो गए हैं।
मुख्य सचिव एवं राज्य कार्यकारी समिति के अध्यक्ष प्रबोध सक्सेना ने आज यहां राज्य आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 की धारा 24 (1) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य में निर्माण गतिविधियों के संबंध में आदेश जारी किए हैं। इन आदशों के अनुसार आपदा प्रभावित इमारतों और सड़कों के पुनर्निर्माण कार्यों को छोड़कर किसी भी प्रकार के निजी विकास और निर्माण गतिविधि के लिए पहाड़ियों के कटान पर पूरे राज्य में 16 सितंबर तक प्रतिबंध लगाया गया है। इसके अतिरिक्त शिमला, मंडी, कुल्लू, कांगड़ा, सोलन और चंबा जिलों में वाणिज्यिक, पर्यटन इकाइयों के निर्माण के संबंध में 16 सितंबर तक नई योजना अनुमति एवं भवन अनुमति पर प्रतिबंध रहेगा।यह निर्णय प्रदेश में भारी बरसात के कारण आई प्राकृतिक आपदा के दृष्टिगत मानवीय जीवन, आधारभूत संरचना, पारिस्थितिकी की सुरक्षा के मद्देनजर लिया गया है।
स्नेह यात्रा पर्व के तीन दिन ऐतिहासिक रहे हिमाचल में वंदना योगी की अध्यक्षता व रश्मिधर सूद की देखरेख में सफल हुए कार्यक्रम भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा अपने आप में समाज को जोड़ने का काम कर रहा है। समाज को जोड़ने के लिए सेवा के कार्य हो, चाहे जनहित में मुद्दे उठाने की बात हो, महिला सशक्तिकरण की बात हो, महिला मोर्चा ने सदैव अग्रणीय रहकर के काम किया है और पार्टी द्वारा तय कार्यक्रमों को सफलता के साथ जमीन पर उतार कर जिस प्रकार संगठन की शक्ति बढ़ाने का काम किया गया है, यह अपने आप में अद्भुत है। हिमाचल प्रदेश में महिला मोर्चा लगातार मजबूत हो रहा है, जहां वैचारिक दृष्टि से महिलाओं को जोड़ा जा रहा है, वहीं धरातल पर रहकर महिलाओं के सुख-दुख को बांटने का कार्य भी किया जा रहा है। रक्षाबंधन का पर्व देश को जोड़ने का पर्व लगातार तीन दिन 29, 30 व 31 अगस्त को उत्साह पूर्वक हिमाचल प्रदेश के हर मंडल में मनाया गया। राज्य अध्यक्ष वंदना योगी जी की अध्यक्षता व नेतृत्व में सभी स्थानों पर इस पर्व को स्नेह यात्रा के रूप में मनाया गया ,विशेष रूप से हर क्षेत्र में कार्यरत चालकों को रक्षा का सूत्र बांधकर उनकी लंबी उम्र की कामना की गई । यह अपने आप में एक बेहतर परिकल्पना का कार्यक्रम रहा कि हमने उसे वर्ग को चुना जो वर्ग समाज के लिए काम करता है, परिवार से दूर रहता है, बहनों से दूर रहता है। इस पर्व को मनाने के लिए ऐसे भाइयों के साथ महिला मोर्चा की बहने खड़ी हुई, उनका हौसला बढ़ाया, उनके उत्साह को बढ़ाया और उनकी सेवा उनके कार्य को सलाम किया ।इसी के साथ पुलिसकर्मी, सेना, पैरामिलिट्री,सफाई कर्मियों सहित विभिन्न वर्गों को भी रक्षा का सूत्र बांधा गया। यह अपने आप में हिमाचल प्रदेश में महिला मोर्चा को सशक्त करता हुआ कार्यक्रम दिखाई दिया है, जिसे सफलता से पूर्ण किया गया है ।महिला मोर्चा की अध्यक्ष वंदना योगी ने जिस प्रकार से इस कार्यक्रम को लेकर महिलाओं को सक्रिय किया, पार्टी नेतृत्व के निर्देशों के अनुसार कार्यक्रम कराया, उसके लिए वह बधाई की पात्र हैं ।वहीं इस कार्यक्रम की प्रभारी, महिला मोर्चा की पूर्व अध्यक्ष व वर्तमान में भाजपा की राज्य उपाध्यक्ष रश्मि धर सुद ने मार्गदर्शन दिया जिसके चलते कार्यक्रम सफल हुआ है । भाजपा के राज्य अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल ,नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ,संगठन मंत्री सिद्दार्थन सहित समस्त भाजपा नेतृत्व व महिला मोर्चा का नेतृत्व इस बड़े कार्यक्रम में शामिल रहा है और सब की भूमिका अहम रही है। इसीलिए मैं इस लेख के माध्यम से यह बताना चाह रही हूं की राजनीति के अंदर जहां राजनीतिक विषयों को उठाने संगठन का काम है। वही राजनीति से ऊपर उठकर समाज की सेवा समाज के लिए काम करना, सेवा के कार्य करना, यह महिला मोर्चा की विशेषता है। कोरोना काल में बहुत बड़ा सेवा का कार्य महिला मोर्चा द्वारा हर क्षेत्र में किया गया ,तो वहीं बारिश से हुए नुकसान के बीच महिला मोर्चा ने हर स्थान पर यथा संभव सेवा ,मदद व राहत के कार्य करने के लिए कदम बढ़ाए है , इसलिए राजनीति में जनहित के मुद्दे उठाने उनकी आवाज उठाना ,महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए बात करना यह संगठन करता है और भविष्य में और तेजधार ढंग से करेगा लेकिन सेवा के कार्यों को सर्वप्रथम रखते हुए आगे बढ़ाना है, यह राज्य अध्यक्ष वंदना योगी जी का संकल्प है, बह सबको सम्मान देते हुए जिस प्रकार से महिला मोर्चा को सक्रिय करने के लिए अपनी भूमिका अदा कर रही है ,निश्चित रूप से महिला मोर्चा सशक्त होकर महिलाओं को सक्रिय करके समाज को बेहतर दिशा देने का काम करेगा ।हमें रक्षाबंधन के कार्यक्रम की सफलता के बाद भविष्य के कार्यक्रमों पर रणनीति पर ध्यान केंद्रित करना होगा, समाज से जुड़े विषयों पर बात करनी है और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए धरातल पर रहकर के उचित कदम उठाते हुए समस्याओं का समाधान भी करना है।केंद्र ने रसोई गैस के दाम में कटौती कर महिला वर्ग को बड़ा लाभ दिया है,वही 75 लाख नए उज्जवला कनेक्शन भी स्वीकृत किये है , जिसका देश के साथ साथ हिमाचल को भी लाभ होगा। इसके लिए केंद्र सरकार के अच्छे निर्णय का आभार भी है । महिला शक्ति रचनात्मक कार्यों से समाज को दिशा दे और नशे पर जागरूकता का प्रहार करे यह समय की जरूरत है। रचना शर्मा स्वतंत्र लेखिका है| शिमला नगर निगम की पार्षद भी है
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गुरुवार देर सायं सभी उपायुक्तों के साथ एक वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता की और उन्हें अपने जिलों में भारी बारिश से हुए नुकसान का तीन दिन के भीतर आकलन करने के निर्देश दिए। उन्होंने आपदा प्रभावितों की सहायता के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए अधिकारियों को राहत व पुनर्वास कार्यों मेें तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने उपायुक्तों से क्षति की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उपायुक्त जिलों में क्षति का मूल्यांकन कर सम्बंधित क्षेत्रों को आपदा प्रभावित क्षेत्र का दर्जा प्रदान करें। उन्होंने कहा कि प्रभावितों को राहत राशि के उचित वितरण के लिए एसडीएम और उपायुक्तों सहित राजस्व अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि भारी बारिश के कारण हुई तबाही के दृष्टिगत राज्य सरकार ने एक विशेष राहत पैकेज की घोषणा की है। इसमें प्रभावितों की सहायता के लिए दस गुणा तक बढ़ा मुआवजा प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व में पक्के मकान को आंशिक क्षति पर 12,500 रुपये और कच्चे घर को आंशिक क्षति होने पर 10,000 रुपये की राहत राशि दी जाती थी। लेकिन प्राकृतिक त्रासदी के कारण हुए नुकसान को देखते हुए सरकार ने इसे बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया है। उन्होंने कहा कि पहले दुकानों और ढाबों को हुए नुकसान के मुआवजे के रूप में सामान के बदले केवल 10 हजार रुपये की आंशिक आर्थिक सहायता मिलती थी जिसे अब राज्य सरकार ने दस गुना बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया है। इसके अलावा, नए प्रावधानों के अनुसार दुधारू और भारवाहक मवेशियों की मृत्यु पर प्रति पशु 55,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी और भेड़, बकरी और सुअर की मृत्यु की स्थिति में वित्तीय सहायता को 4000 रुपये से बढ़ाकर 6000 रुपये कर दिया गया है। प्रदेश में धंसते क्षेत्रों के संबंध में चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह की प्राकृतिक आपदा के कारण उत्पन्न स्थितियों का गहन अध्ययन करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जिन प्रभावितों की सम्पत्ति पूर्ण रूप से नष्ट हो गई है, उन्हें पर्याप्त सहायता सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि ईमारती लकड़ी और ईंधन की लकड़ी की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए राज्य सरकार ने प्रदेश से बाहर इनके निर्यात पर प्रतिबंध लगाया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के इस आदेश की सख्ती से अनुपालना सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने आपदा के दौरान उपायुक्तों द्वारा किए गए त्वरित प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की प्रतिबद्धता के फलस्वरूप 48 घंटों के भीतर विद्युत एवं पेयजल आपूर्ति बहाल की गई। उन्होंने कहा कि अब विभाग सड़कों की मरम्मत पर विशेष ध्यान दे ताकि किसान अपनी उपज समयबद्ध बाजार तक पहुंचा सकें। उन्होंने कहा कि सड़कों को बहाल करने के लिए मशीनें किराये पर लेने में धन की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। बैठक में प्रधान सचिव राजस्व ओंकार चंद शर्मा, प्रधान सचिव लोक निर्माण भरत खेड़ा, प्रधान सचिव वित्त मनीष गर्ग, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निदेशक डीसी राणा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
चिंतपूर्णी के विधायक सुदर्शन सिंह बबलू ने आज यहां श्री माता चिंतपूर्णी मंदिर न्यास की ओर से मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को आपदा राहत कोष के लिए 2 करोड़ रुपये का चेक भेंट किया। मुख्यमंत्री ने मंदिर न्यास का इस पुनीत कार्य के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विभिन्न मंदिर न्यास व प्रदेश के लोग आपदा राहत कोष में उदारतापूर्ण अंशदान कर रहे हैं। यह राशि प्राकृतिक त्रासदी से प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान करने में सहायक होगी।
धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 के प्रावधानों के तहत हुई गिरफ्तारियां हिमाचल प्रदेश के बहुचर्चित 250 करोड़ के छात्रवृत्ति घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये गिरफ्तारियां धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 के प्रावधानों के तहत की गई हैं। इनमें एएसएएमएस एजुकेशन ग्रुप के पार्टनर राजदीप जोसन और कृष्ण कुमार, केसी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट पंडोगा के उपाध्यक्ष हितेश गांधी और प्रदेश उच्च शिक्षा निदेशालय की छात्रवृत्ति शाखा के तत्कालीन अधिकारी अरविंद राजटा शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों को विशेष न्यायालय पीएमएलए शिमला में पेश किया गया। न्यायालय ने चारों को पांच दिन के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया। ईडी ने सीबीआई शिमला की ओर से दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की है। आरोप है कि राज्य शिक्षा विभाग, निजी संस्थान और बैंक अधिकारी करीब 250 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति निधि के वितरण में बड़े पैमाने पर गलत विनियोजन में शामिल थे। ईडी की जांच से पता चला कि राजदीप जोसन और कृष्ण कुमार ने मैसर्स एएसएएमएस एजुकेशन ग्रुप एंड स्किल डेवलपमेंट सोसायटी के माध्यम से फर्जी दस्तावेज पेश करके अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित विद्यार्थियों के लिए पोस्ट-मैट्रिक योजना के तहत छात्रवृत्ति घोटाला किया। इसी तरह हितेश गांधी की अध्यक्षता वाले केसी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट पंडोगा ने छात्रवृत्ति के लिए फर्जी दावे किए, जिन्हें अरविंद राजटा ने सत्यापित किया। हितेश गांधी ने विद्यार्थियों के बैंक खाते में वितरित छात्रवृत्ति को केसी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट के बैंक खातों में स्थानांतरित कर दिया। इससे पहले 31 अगस्त को चार राज्यों में 24 स्थानों पर तलाशी ली गई थी। इसमें 4.42 करोड़ रुपये की अंतिम कुर्की आदेश दिया गया था। हिमाचल, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली के 24 स्थानों पर पड़े थे छापे प्रवर्तन निदेशालय ने छात्रवृत्ति घोटाले के मामले में 29 अगस्त को हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली के 24 स्थानों पर इस मामले में छापे मारे थे। ईडी ने इन छापों के दौरान बैंक खातों में 2.55 करोड़ रुपये की अघोषित नकदी जब्त की थी। छात्रवृत्ति घोटाले में संलिप्त आरोपियों ने खोल दिए होटल और शराब के ठेके हिमाचल में सामने आए 250 करोड़ रुपये से अधिक के बहुचर्चित छात्रवृत्ति घोटाले में संलिप्त कुछ निजी शिक्षण संस्थानों के मालिकों ने होटल और शराब के ठेके भी खोल दिए हैं। इन्होंने इसी बीच जमीन की भी खरीद-फरोख्त की है। सीबीआई की जांच में इसका खुलासा हुआ है। इनके पास आय से अधिक संपत्ति है, जिसे प्रवर्तन निदेशालय जब्त कर रहा है। सीबीआई ने अब तक की जांच के तहत करीब 28 निजी संस्थानों को छात्रवृत्ति घोटाले में संलिप्त पाया है। इनमें से 15 संस्थानों की जांच पूरी हो चुकी है। इनके खिलाफ आरोप पत्र भी दाखिल किए जा चुके हैं। 13 निजी शिक्षण संस्थानों की जांच चल रही है। यह घोटाला 2013 से 2019 के बीच हुआ है। पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर छात्रवृत्ति हुई जारी सीबीआई जांच में खुलासा हुआ है कि छात्रवृत्ति घोटाले को लेकर हर स्तर पर अनियमितताएं बरती गईं। आपसी मिलीभगत से निजी संस्थानों को पहले आओ और पहले पाओ के आधार पर छात्रवृत्ति के लिए बजट जारी हुआ। यही कारण रहा है कि छात्रवृत्ति का 80 प्रतिशत बजट निजी और 20 प्रतिशत बजट सरकारी संस्थानों को जारी हुआ।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनीष गर्ग ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार निर्वाचक नामावली को शुद्ध एवं त्रुटिरहित व अद्यतन बनाए रखने के उदेश्य से बी.एल.ओ. द्वारा 21-07-2023 से अपने मतदान क्षेत्र के अन्तर्गत घर-घर जाकर फोटोयुक्त मतदाता सूचियों में विद्यमान प्रविष्टियों के सत्यापन का कार्यक्रम आरम्भ किया गया था जो कि दिनांक 21-08-2023 तक चला। इस दौरान 01-10-2023 की अहर्ता तिथि के आधार पर 18 वर्ष से अधिक आयु प्राप्त कर चुके 32,403 मतदाताओं की पहचान कर प्रारूप 6 पर आवेदन प्राप्त कर लिये गये है। सत्यापन के दौरान 18,445 मतदाता अनुपस्थित व 41,488 स्थानान्तरित मतदाता चिन्हित किये गये। इसके अतिरिक्त मतदाता सूची में 3,335 दोहरे रूप से पंजीकृत, व 40,939 मृत मतदाताओं की पहचान की गई तथा फोटो मतदाता सूची में 21,723 मतदाताओं की खराब व धुन्धली फोटो को रंगीन फोटो से परिवर्तित करने हेतु पहचान की गई। इसके अतिरिक्त उन्होने यह भी बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार हिमाचल प्रदेश के समस्त 68 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के मतदान केन्द्रों के भौतिक सत्यापन का कार्यक्रम भी समस्त जिला निर्वाचन अधिकारियों, समस्त निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों एवं उप-मण्डलाधिकारी की देख रेख में दिनांक 22-08-2023 से 31-08-2023 तक चलाया गया था। उन्होंने कहा कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 25 के प्रावधानुसार 2 से 8 सितम्बर, 2023 तक मतदान केंद्रों की सूचियां प्रारूप में प्रकाशित की जायेंगी। यह सूचियां समस्त जिला निर्वाचन कार्यालयों, समस्त निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी एवं उप-मण्डलाधिकारी (नागरिक), समस्त तहसीलों व उप-तहसीलों के कार्यालयों में जनसाधारण के निःशुल्क निरीक्षण के लिए उपलब्ध रहेेंगी। इस दौरान यह सूचियां https://ceohimachal.gov.in पर भी देखी जा सकती हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि प्रदेशवासी मतदान केंद्रों के युक्तिकरण के सम्बंध में अपनी कोई आपत्ति अथवा परामर्श 2 से 8 सितम्बर, 2023 तक अपने जिले से सम्बंधित जिला निर्वाचन अधिकारी (जिलाधीश), निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (एडीएम/एसडीएम) के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं।
अवैध खनन के चलते स्वां नदी व खडडों की चैनालाईजेशन को भी हो रहा भारी नुकसान प्रदेश में आपदा से निपटने के लिए सरकार कार्य कर रही है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर यह आपदा आई कैसे, अब प्रदेश सरकार भी इसको लेकर कहीं न कहीं अवैध खनन को एक बड़ा कारण मान रही है। ऊना जिले में स्वां नदी में रेत और बजरी का अवैध खनन धड़ल्ले से चल रहा है, खासकर सुबह के समय यह ज्यादा बढ़ जाता है। संतोषगढ़ को टाहलीवाल से जोड़ने वाले स्वां पर बने मुख्य पुल के पास अवैध गतिविधियों को अंजाम देने के लिए खनन माफिया बड़ी संख्या में ट्रैक्टर ट्रॉलियों का उपयोग करते हैं। ऊना जिले से संबंधित समाजसेवी मनीष शारदा ने कहा कि अब सरकार ने नई गाइडलाइन जारी कर दी है, लेकिन खनन माफिया को इसका कोई असर नहीं पड़ रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से अपील की है कि व्यास नदी की तरह स्वां नदी को भी बचाने के लिए सरकार कार्य करें। मनीष शारदा भी स्वां में अवैध खनन का मुद्दा बार-बार उठा चुका हैं। उन्होंने कहा कि नदी में अवैध खनन के कारण राज्य को रॉयल्टी और वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के रूप में करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। शारदा ने कहा कि जिला ऊना में हाल ही में उफान पर आई स्वां नदी व सहायक खड्डें रेत से भर गई हंै। ऐसे में खनन माफिया फिर से अपने मंसूबों में जुट गया है। स्वां नदी में दिन-रात अवैध खनन को अंजाम दिया है। स्वां का रेत पंजाब में पहुंचाया जा रहा है। शारदा ने कहा कि सरकार ने अवैध खनन को रोकने के लिए कई विभागों को शक्तियां प्रदान की हैं, लेकिन अकेले पुलिस प्रशासन ही खनन माफिया के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है। पुलिस आए दिन रेत लेकर जा रहे वाहनों के चालान काट रही है। इसके अलावा स्वां नदी व खड्डों का निरीक्षण किया जा रहा है, लेकिन पुलिस की कार्रवाई के बावजूद अवैध खनन का काम जोरों-शोरों से चल रहा है। अवैध खनन के चलते स्वां नदी व खडडों की चैनालाईजेशन को भी भारी नुकसान हो रहा है।
ग्राम पंचायत कोरों केंथड़ी के केंथड़ी वार्ड में बोर न करवाने को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन व पंचायत से अपील की है। उन्होंने कहा कि वे सभी केन्थड़ी के रहने वाले हैं और प्रशासन से अनुरोध करते हैं कि उनके वार्ड केन्थड़ी में प्राकृतिक स्रोत सूखने की कगार पर हैं। इसकी वजह से उनके वार्ड में बोर होना है अत: ग्रामवासियों ने ग्राम पंचायत कोरों केन्थड़ी से अनुरोध किया है कि ग्राम पंचायत उनके वार्ड में हो रहे बोर को रुकवा कर भविष्य में भी कोई बोर ना करने की अनुमति दें। इस दौरान राजेंद्र, रजत, कुलवंत, रविंद्र, वीरेंद्र, धीरज, मनीष, रोहित ठाकुर, अर्जुन ठाकुर, पंकज कुमार, सुनील कुमार, अरुण ठाकुर, नीरज ठाकुर, संजीव मेहता, शुभम ठाकुर, चतर सिंह और नवीन सिंह मौजूद रहे।
कहा-पात्र विद्यार्थियों को शिक्षा के लिए 20 लाख रुपये का ऋण प्रदान करने की सुविधा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां कहा कि राज्य सरकार ने पात्र हिमाचली विद्यार्थियों को एक प्रतिशत ब्याज की दर पर ऋण प्रदान करने के लिए वित्त वर्ष 2023-24 से डॉ. यशवंत सिंह परमार विद्यार्थी ऋण योजना लागू की है। उन्होंने कहा कि इस योजना से यह सुनिश्चित होगा कि राज्य का कोई भी युवा वित्तीय संसाधनों की कमी के कारण उच्च या व्यावसायिक शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जिस परिवार की वार्षिक आय 4 लाख रुपये से कम है, उस परिवार का छात्र इस योजना के तहत ऋण प्राप्त करने के लिए पात्र है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे मामलों में जहां बैंक को शुल्क राशि की पहली किस्त जारी करने में समय लग रहा है, संबंधित संस्थान को शुल्क राशि की पहली किस्त जारी करने के लिए सभी जिलों के उपायुक्त कार्यालय के स्तर पर एक कोष बनाया जाएगा ताकि छात्र को संस्थान में प्रवेश लेने में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से उच्च शिक्षा विभाग से पात्र छात्रों द्वारा लिए गए शिक्षा ऋण के बदले ब्याज सब्सिडी का दावा करने के लिए नोडल बैंक नामित करेगी। उन्होंने कहा कि नोडल बैंक उच्च शिक्षा विभाग के साथ समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित करेगा। उन्होंने कहा कि ऋण लेने वाले विद्यार्थियों को अपनी पसंद के संस्थान में प्रवेश पाने से पहले पोर्टल पर अपना पंजीकरण करना होगा और योजना के तहत अपने आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे। इसके पश्चात विद्यार्थी को प्रवेश में चयनित होने का प्रमाणन करने से संबंधित दस्तावेज भी अपलोड करने होंगे। विद्यार्थी के पात्र पाए जाने पर उच्च शिक्षा निदेशक ऋण की पहली किस्त जारी करने के लिए संबंधित बैंक को मामले की सिफारिश करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के तहत पात्र विद्यार्थी हिमाचल प्रदेश में स्थित किसी भी अनुसूचित बैंक से शिक्षा ऋण प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि योजना के तहत विद्यार्थी बोर्डिंग, आवास, ट्यूशन फीस, किताबें और उनकी शिक्षा से जुड़े अन्य संबद्ध खर्चों को पूरा करने के लिए अधिकतम 20 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण ले सकते हैं। सीएम सुक्खू ने कहा कि पिछली कक्षा में 60 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले छात्र व्यावसायिक व तकनीकी शिक्षा जैसे इंजीनियरिंग, चिकित्सा, प्रबंधन, पैरा मेडिकल फार्मेसी, नर्सिंग, विधि इत्यादि में डिप्लोमा व डिग्री कोर्स तथा औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों, बहुतकनीकी संस्थानों से तकनीकी कोर्स तथा मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों और विश्वविद्यालयों से पी.एच.डी. करने के लिए एक प्रतिशत ब्याज की दर से ऋण लेने के लिए पात्र होंगे। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक ऋण की सुविधा का लाभ प्राप्त करने के लिए विद्यार्थियों के पंजीकरण एवं प्रवेश तिथि को आयु सीमा 28 वर्ष निर्धारित की गई है। सुक्खू ने कहा कि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने और छात्रों की प्रगति की निगरानी के लिए नियमित अवधि में योजना के परिणामों का मूल्यांकन करने के लिए एक तंत्र विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग शिकायत निवारण अधिकारी नामित करेगा, जिसके पास छात्र ईमेल, डाक या किसी डिजिटल माध्यम से अपनी शिकायतें दर्ज करवा सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह योजना गरीब छात्रों को उनकी क्षमता के अनुरूप जीवन में उनकी आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच सुनिश्चित करेगी।
अशोक धीमान व महेंद्र छिब्बर ऊना भाजपा के महामंत्री किए नियुक्त ऊना भाजपा मंडल की पदाधिकारी और कार्यकारिणी का विस्तार करते हुए ऊना मंडल के अध्यक्ष हरपाल सिंह गिल ने बताया कि विधायक ऊना सदर, सतपाल सिंह सत्ती व मंडल के शीर्ष नेतृत्व की सहमति से 13 पदाधिकारीयों को मनोनीत कर कार्यकारिणी का गठन किया गया है व मंडल कार्यकारिणी में 45 नए सदस्यों को शामिल किया है। हरपाल गिल ने बताया कि अशोक धीमान (लोअर अरनियाला) एवं महेंद्र छिब्बर (जखेड़ा) को मंडल महामंत्री का दायित्व सौंपा गया है। इसी प्रकार उपाध्यक्ष के पद पर पवन कपिला (वार्ड 2, ऊना), रविंद्र चौधरी (नगंड़ा), रमेश मल्ली (सासन), मोना मनकोटिया ( रक्कड़ कलोनी) और सचिव पद के लिए सोमनाथ ठाकुर (मैहतपुर बसदेहड़ा) अश्वनी कपिला (अजौली), प्रमेश शर्मा (संतोषगढ़), सुखराज कौर (बीनेवाल), प्रवीण कुमारी (बहडाला) साथ ही कोषाध्यक्ष पद पर अमरैल सिंह पूर्व प्रधान (देहलां अप्पर) व शिव कुमार वत्स (देहलां लोअर) को कार्यालय सचिव बनाया गया है। हरपाल गिल ने बताया कि अगले कुछ दिनों में विशेष आमंत्रित सदस्य की सूची को भी जल्द जारी किया जाएगा। हरपाल गिल ने बताया कि मंडल कार्यकारिणी सदस्य के रूप में लालसिंगी से हरवंस लाल सैनी, मलाहत से रवि जैलदार, बसोली से जोगिंदर बिंद्रा, रक्कड़ कॉलोनी से आकाश राणा, टब्बा से गुलशन ठाकुर, रामपुर से नरेंद्र कुमार ठाकुर, कुठार खुर्द से चमन लाल उपप्रधान, कुठार कलां से नरेश चौधरी, अबादा बराना सवरनी देवी प्रधान, जनकौर से शमशेर सिंह शेरा, सुनेहरा से संजना देवी प्रधान, बारसड़ा से चंचला देवी, बहडाला से ब्लॉक समिति सदस्य राधिका, सुरेश कुमार दाणू पूर्व उपप्रधान व अविनाश वामो उपप्रधान, भड़ोलियां कलां से वरिंदर कुमार शैंटी, देहलां लोअर से विनीत मैनन व पूर्व जिला परिषद सदस्य अनुराधा ऐरी, झोड़ोवाल से संजीव कुमार, नंगड़ा से कमला देवी पूर्व प्रधान, फतेहपुर से निधि राणा व नवदीप ठाकुर, ऊना वार्ड नंबर 1 से सीमा दत्ता, संतोषगढ़ से बलराम चब्बा, लम्लेहडा से राजेश कुमार बिंदु, मैहतपुर बसदेहड़ा वार्ड नंबर 4 से रितिका भारद्वाज, वार्ड 5 से बिंदर कौर, वार्ड नंबर 7 से अमरीक सिंह अटवाल व वार्ड 9 से अविनाश ठाकुर उर्फ बिल्लू उदयपुर से मास्टर बीरबल, खानपुर से सतीश चौधरी, चढ़तगढ़ से मुनीष भारद्वाज, छतरपुर टाडा से महेंद्र मोहन उर्फ मनु व राज कुमार, मैहतपुर से विशाल द्विवेदी व रामपाल, जखेडा से राजन शर्मा, बनगढ़ से हरजीव उर्फ मिंकु, श्री राकेश शर्मा व संजीव फौजी, फतेहवाल से कुलदीप चंद सनोली से दिलवाग सिंह व राजेश कौशल, मजारा से हरजाप सिंह व छतरपुर टाडा से रीता देवी को मंडल कार्यकारिणी में सदस्य मनोनीत किया गया है। इसके अतिरिक्त मंडल में सभी भाजपा समर्थित पंचायतों के प्रधान, उप प्रधान ब्लॉक समिति व जिला परिषद सदस्य एवं तीनों नगर परिषदों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व पार्षद सदस्य होंगे। उन्होंने बताया कि जल्द ही मंडल पदाधिकारी एवं कार्यकारिणी की बैठक का आयोजन कर आगामी संगठन के कार्य को गति देने के लिए आयोजित की जाएगी। हरपाल गिल ने बताया कि उपरोक्त सभी नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू रहेंगी।
जब आंखों के सामने ही सपनों का आशियाना धराशायी हो जाए तो दर्द कितना होता होगा, इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। ऐसा ही दर्द मंडी जिले के उप मंडल सरकाघाट के कई परिवारों का है। इनमें से एक अति निर्धन परिवार उप मंडल की ग्राम पंचायत रिस्सा के गांव रिस्सा का है। रिन्टू पुत्र टेक चंद के परिवार पर आपदा एक कहर बनकर आ बरसी है। इस बरसात ने इनका नया और पुराना घर दोनों छीन लिये हैं। यही नहीं गांव की सारी जमीन भूस्खलन की चपेट में आ गई है तथा मौजूदा समय में रिन्टू अपने पूरे परिवार के साथ रिस्सा के सरकारी स्कूल में अपना कष्ट भरा समय गुजार रहे हैं। आप सभी दानी सज्जनों से एक सादर अपील है कि आपकी छोटी से छोटी मदद भी इन सबको एक कुटिया बनाने में सहायक सिद्ध हो सकती है। ये लोग सरकार से भी अपील कर रहे हैं मदद की। दानी सज्जन निम्नलिखित अकाउंट नंबर में आप स्वेच्छा अनुसार सहयोग कर सकते हैं। Rintu S/O Tek Chand VPO Rissa, Sarkaghat, Mandi HP 175024 Himachal Pradesh Framing Bank Account Details 87491700075321 IFSC Code PUNBOHPGB04 इनके फोन नंबर हैं 78078 73145, 7807177180
केंद्रीय सूचना प्रसारण एवं युवा व खेल मामलों के मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया है कि हिमाचल प्रदेश में आपदा पीड़ितों के लिए केंद्र सरकार 6,000 घर बनाएगी। पीएम ग्रामीण आवास योजना के तहत ग्रामीण विकास मंत्रालय ने इसकी मंजूरी दे दी है। शुक्रवार को अनुराग ठाकुर ने नई दिल्ली में केंद्रीय ग्रामीण विकास व पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह से मुलाकात कर मंजूरी देने के लिए आभार जताया। अनुराग ने बताया कि हाल ही में 5,000 घरों को मंजूरी मिली थी। इस आपदा में केंद्र से अब तक कुल 11,000 घर मंजूर हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशानुसार केंद्र हिमाचल की हरसंभव सहायता कर रहा है। बीते दिनों भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल के साथ उन्होंने आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया था।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने दो बच्चों की संख्या वाले 143 स्कूल डि नोटिफाई किए हैं। प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने 117 प्राथमिक विद्यायल और 26 माध्यमिक विद्यालय बंद किए जाने को लेकर आदेश जारी कर दिए हैं। बिलासपुर जिले में 6, चंबा में 8, हमीरपुर में 4, कांगड़ा में 17, किन्नौर में 5, कुल्लू में 4, लाहौल-स्पीति में 19, मंडी में 18, शिमला में 25, सिरमौर में 3, सोलन में 7 और ऊना में 1 प्राथमिक विद्यालय डि नोटिफाई किया गया है। चंबा जिले में 2, कांगड़ा में 3, किन्नौर में 2, लाहौल-स्पीति में 7, मडी में 5, शिमला में 6 और सिरमौर में 1 माध्यमिक विद्यालय डि नोटिफाई किया गया है। वहीं विद्यार्थियों की संख्या बढऩे पर हिमाचल सरकार ने बंद किए 20 स्कूलों को दोबारा खोलने की अधिसूचना जारी की है। चंबा, कांगड़ा, शिमला, सिरमौर, सोलन और मंडी जिले में ये स्कूल दोबारा खोले गए हैं।
हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के 6,000 से अधिक पद भरने के लिए अक्तूबर से भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी। राज्य सचिवालय में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बताया कि नया भर्ती आयोग गठित होते ही शिक्षा विभाग भर्तियां शुरू करेगा। प्रारंभिक शिक्षा विभाग में 5,300 और उच्च शिक्षा विभाग में 1,000 पद भरे जाएंगे। प्रदेश कैबिनेट ने इन पदों को भरने के लिए पहले ही मंजूरी दे दी है। शिक्षा मंत्री ने कहा है विभाग अपने स्तर पर भी प्रयास कर रहा है कि रिक्त पद जल्द भरे जाएं। पदोन्नति और बैचवाइज आधार पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। पांच वर्ष बाद नियमित प्रिंसिपल कॉलेजों में पदोन्नत कर दिए गए हैं। अन्य श्रेणियों के शिक्षकों के पद पदोन्नति से भरे जा रहे हैं। बैचवाइज आधार पर भी जिला शिक्षा अधिकारी भर्तियां कर रहे हैं। बीते दिनों ही मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश में भर्तियां करने के लिए नया आयोग गठित करने की बात कही है। इसके लिए सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी दीपक सानन की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है। कमेटी अक्तूबर में अपनी रिपोर्ट देगी। इस रिपोर्ट के मिलते ही नया भर्ती आयोग गठित किया जाएगा। पेपर लीक मामले में भंग किए गए हमीरपुर कर्मचारी चयन आयोग की जगह नया भर्ती आयोग बनाया जाना है।
ऊना जिले में दौलतपुर चौक, अंब-अंदौरा और ऊना रेलवे स्टेशन से रेल सफर का लाभ लेने वाले यात्रियों के लिए निराशाजनक खबर है। 28 से 30 अगस्त के बीच जिले के रेलवे स्टेशन से आवागमन करने वाली वंदे भारत सहित पांच ट्रेनें तीन दिन रद्द रहेंगी। ट्रेनों को कीरतपुर साहिब रेलवे स्टेशन में ट्रैक सुधारीकरण एवं आधुनिकीकरण कार्य के चलते रद्द रखा जाएगा। हालांकि वंदे भारत 28 और 30 अगस्त दो दिन ऊना एवं अंब-अंदौरा रेलवे स्टेशन तक नहीं आएगी। ट्रेन दिल्ली और चंडीगढ़ के बीच इन तिथियों में आवागमन करेगी। वंदे भारत की 29 अगस्त के दिन ऊना आने की संभावना है। फिलहाल ट्रेनों के रद्द रहने के चलते यात्रियों को यात्रा संबंधित परेशानियां झेलनी पड़ेंगी।
चार साल की समायरा का वो मुस्कुराता चेहरा अब कभी नहीं दिखेगा। घर के उस आंगन में हंसती खेलती समायरा अब कभी नजर नहीं आएगी। कुदरत के इस कहर ने न जाने कितने परिवारों को उजाड़ दिया है। तबाही की ये तस्वीरें जब भी जहन में आती है रूह कांप उठती है। ये त्रासदी इतने गहरे जख्म देगी इस बात का अंदेशा भी नहीं था। शिव बावड़ी का वो हादसा भुलाए नई भूलता। पल भर में मंदिर मलबे में तब्दील हो चुका था। सोमवार का वो दिन उन लोगो के लिए काल का दिन बनकर आया था जो उस दिन शिव बावड़ी मंदिर में मौजूद थे। समायरा का पूरा परिवार इस हादसे में खत्म हो चुका है। 7 लोगों का एक साथ चले जाना बेहद दुखद है और उससे भी ज़्यादा दुखद अपनों की आखिरी झलक को तरस जाना। 11 दिन बीत चुके जाने के बाद समायरा का शव आज बरामद किया गया है। 11 दिन तक वो परिवार उस नन्ही सी बेटी की आखरी झलक देखने के लिए तरस गया था। वो परिवार पूरी तरह से बिखर चुका है। इस हादसे ने वो नासूर दर्द दिया है जो शायद ही किसी के जहन से कभी जाए।
मां की नजरे अपने दुलारे बेटे का इंतजार करती रही, एक पत्नी अपने सुहाग की सलामती के लिए दिन-रात प्रार्थना करती रही और वो नन्ही बच्ची रोज पूछती थी पापा कब आएंगे। नीरज के परिवार की नजरें घटनास्थल पर चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन पर थी और आस थी कि कुछ ऐसा चमत्कार हो जाए की नीरज सकुशल लौटे। दिन बीतता गया और परिवार की हिम्मत और आस्था अब जवाब दे रही थी। नीरज के सकुशल लौटने की उम्मीद दिन-व-दिन कम होते जा रही थी। 24 अगस्त को शिमला के शिव बावड़ी हादसे के घटनास्थल से नीरज का शव 11 दिन बाद मिला। हादसे वाले दिन नीरज शिव मंदिर में जलाभिषेक के लिए गया था, लेकिन चंद लम्हों में शिव बावड़ी मंदिर का नामोनिशान तक नहीं रहा। तबाही के उस मलबे में 20 लोगों ने अपनी जान गवां दी। जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों पर दुखो का पहाड़ टूट चूका है, परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। नीरज के परिवार वालो का दु:ख शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है। 11 दिन तक वो परिवार इस आस में बैठा रहा की शायद नीरज वापस लौट आएंगे। हर रोज इसी उम्मीद में वो नम आंखें इंतजार में रहीं, लेकिन आज लापता नीरज ठाकुर का शव बरामद कर लिया गया है। नीरज समरहिल के रहने वाले थे। नीरज का कुल्लू में होटल का कारोबार था। इस दुखद हादसे में नीरज ठाकुर अपनी मां शांति देवी, पत्नी समा ठाकुर और बेटी सान्या को पीछे छोड़ गए हैं। पल भर में नीरज के परिवार की खुशियां खत्म हो गई है। इस आपदा ने लोगो को जो जख्म दिए हैं, वो कभी नहीं भूल सकते।
मकान नहीं, जीवन भर की पूंजी थी। वो सपनों का आशियाना था जो पल भर में तबाह हो गया। कितना दर्दनाक रहा होगा वो मंजर जब लोगों ने अपने घरों को अपनी आँखों के सामने ताश के पत्तों की तरह बिखरते हुए देखा होगा। ये सोचना भी बेहद मुश्किल है। हिमाचल में आसमान से बरस रही आफत से सैकड़ों लोग बेघर हो चुके हैं। दरकते पहाड़, धंसती जमीन और टूटते मकान इस ओर इशारा कर रहे है कि हिमाचल पर ये संकट बड़ा है और ये संकट अभी टला नहीं है। आफत की बरसात ने ऐसा कोहराम मचाया है कि लोग रात को अपने घरों में चैन की नींद भी नहीं सो पा रहे हैं। 24 जून वो तारीख थी जब हिमाचल प्रदेश में मॉनसून की एंट्री हुई थी। तबसे अब तक भारी बारिश का दौर जारी है। हिमाचल प्रदेश आपदा प्रबंधन की तरफ से जारी रिपोर्ट में अब तक 2220 घर पूरी तरह से जमींदोज हो चुके हैं। जबकि 11 हजार के करीब घरों में दरारें आई हैं। इसी तरह 9819 घर ऐसे है जिन्हे थोड़ा बहुत नुक्सान पहुंचा है। इस रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में बारिश और फ्लैश फ्लड में 4695 से अधिक गौशालाएं बह गई हैं। 300 से अधिक दुकानें बारिश में ढह गई हैं। भारी बारिश के कारण हिमाचल में अब तक 8 हजार 99 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। कुदरत के इस कहर के कारण अब तक 350 से अधिक लोगों की मौत भी हो चुकी है। इस आपदा से जो हिमाचल को नुक्सान पहुंचा है शायद वो कुछ वक्त के बाद सामान्य भी हो जाए, कुछ समय बाद सब वापिस पटरी पर लौट आए, लेकिन जिन लोगों ने इस त्रासदी में अपनों को खोया है वो अब कभी लौट कर नहीं आएंगे। जब भी तबाही की ये तस्वीरें जहन में आएंगी उन लोगो की आंखें फिर नम हो जाएंगी। आपदा के दिए ये जख्म सदा हरे रहेंगे।
14 अगस्त को नितिका का जन्मदिन था। हमेशा की तरह वो अपने पापा के विश करने का इंतज़ार कर रही थी। नितिका अपने पापा की फोन कॉल का इंतज़ार करते-करते थक गयी। जब उसके पापा का कॉल नहीं आया तो उसने खुद कॉल की लेकिन नंबर नहीं लगा। इसके बाद जो खबर शिमला के समरहिल से आई वो दिल दहला देने वाली थी ।यहाँ सावन की शिवरात्रि की पूजा के लिए जिस शिव बावड़ी मंदिर में सात लोगों का पूरा परिवार पूजा करने गया था, वहां लैंडस्लाइड हुआ और सभी मलबे में दब गए हैं। वो लुधियाना से तुरंत शिमला के लिए निकली। शाम को यहां पहुंचीं तो देखा कि सात में से चार परिजन उनकी मां संतोष शर्मा, भाई अमन और भाई की बेटियों नायरा और साशा के शव मलबे से निकाले जा चुके थे। सावन का छठा सोमवार और 14 अगस्त का वो दिन, नितिका अब शायद कभी नहीं भूल पाएगी। इन चार शवों को मुखाग्नि भी नितिका ने ही दी। तीसरे दिन उनके भाई अमन की पत्नी अर्चना का शव मिला, जिसका संस्कार अर्चना के भाई ने किया। परिवार में इकलौती बची नितिका का कहना है कि उसे 14 अगस्त का दिन कभी नहीं भूल सकता। पापा पवन शर्मा और भतीजी समायरा अभी भी लापता हैं। नितिका का रो रो कर बुरा हाल है। नितिका कहती है, 'वक्त बीत जायेगा, लेकिन यह जख़्म कभी नहीं भर पायेगा।Ó
हिमाचल प्रदेश में आई त्रासदी ने जो दर्द दिया है वो नासूर है। त्रासदी ने जो गहरे जख्म दिए हैं, इन जख्मों का न मरहम है और न कोई दवा और न ही आने वाला वक्त ये जख्म भर सकता है। मंडी के पड़ोह के रहने वाले नितीश भी इसी दर्द से गुजर रहे हैं। 14 अगस्त की वो सुबह नितीश के परिवार के लिए नया सवेरा नहीं, बल्कि काल का ग्रास ले आया। 14 अगस्त की सुबह लगभग 5 बजे नितीश के घर के पीछे अचानक ढेर सारा मलबा आ गया। अफरातफरी में सभी घर से बाहर निकल आए, लेकिन 6 महीने की सानिया घर के अंदर ही रह गई थी। नितेश की 18 वर्षीय पत्नी मोनिका और 17 वर्षीय बहन रविता उस दुधमुंही को बचाने के लिए घर के अंदर गई। ये दोनों यही सोचकर घर में गई कि बच्ची को उठाकर तुरंत बाहर आ जाएंगी, लेकिन होनी को कौन टाल सकता है। अचानक मलबा घर पर आ गया और तीनों घर सहित उस मलबे में दब गईं। 45 वर्षीय माता रचना देवी और 11 वर्षीय एक अन्य बहन गोपी मलबे की चपेट में आ गई और उसके साथ बहती चली गई। इतने में गांव वालों को पता चल गया और उन्होंने दोनों मां-बेटी को बाहर निकाल दिया। नितीश और उसकी एक अन्य 15 वर्षीय बहन जाह्नवी भागकर खुद को बचाने में कामयाब हो सके। मां के पांव में गंभीर चोट लग चुकी थी। पांव का इन्फेक्शन इतना बढ़ गया कि डॉक्टरों को घुटने से नीचे पांव ही काटना पड़ गया। माता हॉस्पिटल में उपचारधीन है, लेकिन अभी पत्नी, बेटी और बहन का कोई सुराग नहीं लग पाया है। परिवार के इकलौते सहारे नितीश के सिर पर दुखों का पहाड़ टूटने के साथ-साथ जिम्मेदारियों का बोझ भी है। अब नितीश को समझ नहीं आ रहा कि वो अस्पताल में उपचाराधीन मां को संभाले या फिर सांबल में आकर दिन भर अपनी पत्नी, बेटी और बहन के लिए चल रहे तलाशी कार्य को देखे। नितीश पर जो दुखो का पहाड़ टूटा है उस दर्द को शब्दों में बयां करना नामुमकिन है और नामुमकिन है इस हानि की भरपाई कर पाना।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने नौ एचपीएस अधिकारियों के तबादला आदेश जारी किए हैं। एएसपी आईआरबी बस्सी नरेंद्र कुमार को एएसपी सिरमौर, एएसपी सिरमौर सोम दत्त को एएसपी आईआरबी बस्सी, डीएसपी पीटीसी डरोह अमित ठाकुर को डीएसपी लीव रिजर्व शिमला, डीएसपी सिटी शिमला तजिंदर कुमार को डीएसपी सेकंड आईआरबी सकोह, एसडीपीओ कांगड़ा मदन लाल धीमान को डीएसपी फर्स्ट आईआरबी बनगढ़, डीएसपी फर्स्ट आईआरबी बनगढ़ अंकित शर्मा को एसडीपीओ कांगड़ा, डीएसपी विजिलेंस एसआईयू शिमला, वरुण पटियाल को डीएसपी सिटी शिमला, एसडीपीओ आनी चंद्र शेखर को डीएसपी एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स शिमला और एसडीपीओ सुंदरनगर दिनेश कुमार को डीएसपी सेकंड आईआरबी सकोह लगाया गया है। इसके साथ ही नियुक्ति का इंतजार कर रहे भरत भूषण को एसडीपीओ सुंदरनगर और निशा सिंह को डीएसपी लीव रिजर्व धर्मशाला लगाया गया है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक डॉ. सुरेंद्र पाल ने बताया कि प्रदेश के कई क्षेत्रों में आज भी भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। इसे देखते हुए आज ऑरेंज अलर्ट और कल के लिए यलो अलर्ट दिया गया है। परसों से मानसून के कमजोर पड़ने के आसार हैं।रहा है। वहीं किसानों को मार्केट तक अपने उत्पाद पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
44 मरीजों में स्क्रब टाइफस की पुष्टि, 59 मरीजों में टाइफाइड के लक्षण हिमाचल प्रदेश में जलजनित रोग पांव पसारते जा रहे हैं। दिन प्रतिदिन बढ़ रहे जलजनित रोग को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी किया है। विभाग ने इसको लेकर एडवाइजरी भी जारी की है। लोगों को आसपास साफ-सफाई और उबालकर पानी पीने की सलाह दी है। जानकारी के अनुसार स्क्रब टाइफस बीमारी की आशंका के चलते प्रदेश के अस्पतालों में 129 मरीजों के सैंपल लिए गए। इसमें 44 लोगों में स्क्रब टाइफस की पुष्टि हुई। इसके अलावा 217 लोगों की टाइफाइड को लेकर जांच की गई। इनमें 59 मरीजों में बीमारी के लक्षण पाए गए। स्वास्थ्य विभाग ने बीमारियों को लेकर मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य, वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी को अलर्ट किया है। ओपीडी में इलाज के लिए आने वाले मरीजों के टेस्ट कराने को कहा गया है। अस्पताल प्रशासन को पर्याप्त मात्रा में दवाइयां उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश में मूसलाधार बारिश के चलते लोगों के घरों में मटमैला पानी की सप्लाई हो रही है। इससे जलजनित के आंकड़ों में इजाफा हो रहा है। एनएचएम के निदेशक सुदेश मोक्टा ने कहा कि प्रदेश में जलजनित रोग के मामले बढ़ने से स्वास्थ्य संस्थानों को अलर्ट किया गया है। प्रतिदिन जिलों से बीमारी से ग्रसित मरीजों की रिपोर्ट ली जा रही है। बीमारी के लक्षण तेज बुखार 104 से 105 डिग्री तक आ सकता है जोड़ों में दर्द और कंपकंपी के साथ बुखार आना शरीर में अकड़न या शरीर टूटा लगना अधिक संक्रमण में गर्दन, बाजू के नीचे कूल्हों के ऊपर गिल्टियां आना
इंडियन ऑयल कारपोरेशन में छूट न देने का फैसला वापस लिया हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदा के बीच एचआरटीसी को बड़ी राहत मिली है। एचआरटीसी को डीजल पर मिलने वाली प्रति लीटर डेढ़ रुपए की छूट अब जारी रहेगी। इंडियन ऑयल कारपोरेशन में छूट न देने का अपना फैसला वापस ले लिया है। इंडियन ऑयल कारपोरेशन के फैसले से निगम को प्रति माह करीब एक करोड़ रुपए की बचत होगी। वहीं, सालाना 10 से 15 करोड़ रुपए की बचत होने का अनुमान है। गौरतलब है को इंडियन ऑयल कारपोरेशन ने पहले एचआरटीसी को डीजल पर मिलने वाली छूट को बंद करने का फैसला लिया था। इसके बाद एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक रोहन चंद ठाकुर की ओर से केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय के समक्ष यह मामला उठाया गया था। इनके आग्रह पर इंडियन ऑयल कारपोरेशन ने फैसला वापस ले लिया है। इस बारे में एक पत्र के माध्यम से एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक रोहन चंद ठाकुर को इंडियन ऑयल कारपोरेशन की ओर से जानकारी प्रदान की गई है।
गगरेट भाजपा मंडल ने पूर्व विधायक राजेश ठाकुर की अगुवाई में जनशताब्दी के दौलतपुर चौक पहुंचने पर ख़ुशी करते हुए दौलतपुर चौक रेलवे स्टेशन पर जश्न मनाया। इस अवसर पर नवनियुक्त भाजपा मंडल अध्यक्ष राजीव राजू अपनी समस्त टीम एवं भाजपा कार्यकर्ताओं सहित उपस्थित रहे। जहां गगरेट के पूर्व विधायक राजेश ठाकुर द्वारा एक मंडल ने केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग ठाकुर से मिलकर उक्त ट्रेन का विस्तार करने कि मांग उठाई थी, ताकि जनशताब्दी को दौलतपुर चौक तक पहुंचाया जाये। केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग ठाकुर ने इसपर मुहर लगवाई और ट्रेन को दौलतपुर चौक तक पहुंचाया है, जो एक बड़ी उपलब्धी है। उल्लेखनीय है कि जनशताब्दी ट्रेन के दौलतपुर चौक से चलने से जहां लोगों को अत्यधिक लाभ होगा तो वहीं व्यापार के लिये भी नयेअवसर खुलेंगे। गगरेट के पूर्व विधायक राजेश ठाकुर ने जनशतब्दी ट्रेन के दौलतपुर चौक से चलने पर ख़ुशी व्यक्त करते हुए इसका श्रेय केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग ठाकुर को दिया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग ठाकुर के प्रयासों से ही दौलतपुर चौक रेलवे स्टेशन पर एक के बाद एक ट्रेनें आई है, जिसका सीधा लाभ गगरेट विस क्षेत्र कि जनता को हुआ है।
राजकीय महाविद्यालय दौलतपुर चौक के सी ब्लॉक को बुधवार को कॉलेज प्रशासन द्वारा असुरक्षित घोषित कर कक्षाओं के लिये बंद कर दिया गयाढ्ढ मिली जानकारी के अनुसार दौलतपुर चौक कालेज के तीन क्लासरूम एवं दो कम्प्यूटर लैब्स में प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया और बुधवार शाम आनन फानन में दोनों लेब्स के कम्पुटर निकाल कर सुरक्षित जगह रखे गये, जहां दोनों लैब्स में करीब साठ कम्प्यूटर थे और बिल्डिंग के पिल्लर रिसने के बाद दोनों लेब सहायकों कि मौजूदगी में उक्त बिल्डिंग से शिफ्ट कर दिया गयाढ्ढ उल्लेखनीय है कि दौलतपुर चौक कॉलेज में पिछले कुछ समय दीवारों से पानी रिसने कि समस्या आ रही थी और सरकार द्वारा भी उसका संज्ञान लिया गया था जिसके बाद समस्या का अस्थायी हल किया गया और बरसात के बाद इसका स्थाई हल होने कि बात कही गयी थी। परंतु बुधवार को पिल्लर रिसने के चलते कॉलेज प्रशासन ने उक्त बिल्डिंग को अनसेफ घोषित कर दिया है।
स्वर्ण जयंती ऊर्जा नीति में संशोधन का लिया निर्णय, अब 40 वर्ष की अवधि के लिए होगा एमओयू हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक मंगलवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में शिमला में आयोजित हुई, जिसमें कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में भारी बारिश के कारण हुई भारी तबाही के कारण जान गंवाने वाले लोगों पर दुख व्यक्त किया गया और उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। राजस्व विभाग ने आपदा प्रबंधन और सार्वजनिक एवं निजी संपत्तियों को हुए भारी नुकसान पर विस्तृत प्रस्तुति दी। कैबिनेट ने बैठक में शिक्षा विभाग में उन अंशकालिक जलवाहकों की सेवाओं को नियमित करने को मंजूरी दी गई, जिन्होंने 31 मार्च, 2023 और 30 सितंबर, 2023 को संयुक्त दैनिक वेतन और अंशकालिक सेवाओं के 11 वर्ष पूरे कर लिए हैं। बैठक में स्वर्ण जयंती ऊर्जा नीति में संशोधन करने का निर्णय लिया, जिसमें एमओयू 40 वर्ष की अवधि के लिए होगा। रॉयल्टी पहले 12 वर्षों के लिए 15 प्रतिशत, अगले 18 वर्षों के लिए 20 प्रतिशत और शेष 10 वर्ष की अवधि के लिए 30 प्रतिशत होगी। इसके बाद परियोजना राज्य सरकार को नि:शुल्क और सभी बाधाओं और देनदारियों से मुक्त होकर वापस कर दी जाएगी। हालांकि विस्तारित अवधि के लिए राज्य को देय रॉयल्टी 50 प्रतिशत से कम नहीं होगी। इसमें 210 मेगावाट लूहरी चरण-एक, 66 मेगावाट धौलासिद्ध, 382 मेगावाट सुन्नी बांध और 500 मेगावाट डुगर जलविद्युत परियोजनाओं के लिए एसजेवीएनएल और एनएचपीसी के पक्ष में क्रमबद्ध मुफ्त बिजली रॉयल्टी के लिए दी गई छूट को तत्काल प्रभाव से वापस लेने का निर्णय लिया। मंत्रिमंडल ने जल विद्युत परियोजनाओं पर लिए जाने वाले जल उपकर की दरों को तर्कसंगत बनाने का निर्णय लिया। मंत्रिमंडल ने राज्य में वर्ष 2023-24 के लिए बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत खरीदे जाने वाले सेब, आम और नींबू वर्गीय फलों के समर्थन मूल्य को बढ़ाने की मंजूरी दी। अब से सेब और आम का समर्थन मूल्य 12 रुपये प्रति किलो होगा। साथ ही किन्नू, माल्टा और संतरे का समर्थन मूल्य बढ़ाकर 20 रुपए कर दिया गया है। बैठक में मिड डे मी योजना के तहत कुक कम हेल्पर का मानदेय 1 अप्रैल 2023 से बढ़ाकर 2000 रुपये करने पर सहमति दी गई। इसके अलावा मनरेगा मजदूरों की दिहाड़ी भी बढ़ाई गई। इसके तहत गैरजनजातीय क्षेत्रों में 240 रुपए जनजातीय क्षेत्रों में 294 रुपए दिहाड़ी मिलेगी। बैठक में कीरतपुर-मनाली चार पर यातायात प्रबंधन और नियंत्रण तथा सडक़ सुरक्षा मानदंडों को सुनिश्चित करने के लिए बिलासपुर, मंडी और कुल्लू जिलों में नव स्थापित तीन यातायात सह पर्यटक पुलिस स्टेशनों के लिए विभिन्न श्रेणियों के 48 पद बनाने और भरने को मंजूरी दी गई। इसके अलावा, कैबिनेट ने ग्रामीण विकास विभाग में जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (आईटी) के 35 पद भरने का भी फैसला किया। कैबिनेट ने श्रम एवं रोजगार विभाग का नाम बदलकर श्रम रोजगार एवं विदेशी प्लेसमेंट विभाग करने पर सहमति दे दी। सफाई कर्मियों को स्वास्थ्य बीमा कैबिनेट ने राज्य के सफाई कर्मियों को स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराने के लिए उन्हें आयुष्मान भारत योजना में शामिल करने पर सहमति दी। इसने राज्य में अगले पांच वर्षों में तैनात किए जाने वाले पटवारियों और 16 चेन-मैन के रूप में 874 उम्मीदवारों का चयन और प्रशिक्षण करने का निर्णय लिया। वन भूमि से पेड़ कटान को मंजूरी वन भूमि से बचे पेड़ों की गणना, चिन्हांकन, निष्कर्षण और निपटान के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को अपनी मंजूरी दे दी। इससे स्थानीय स्तर पर लकड़ी की उपलब्धता, परिवहन लागत में कमी, राजस्व में वृद्धि, फील्ड स्टाफ की बेहतर और बढ़ी हुई दक्षता और कच्चे रूपों में रूपांतरण सुनिश्चित होगा। ई टैक्सी पर सबसिडी बैठक में किसी भी सरकारी विभाग/स्थानीय प्राधिकरण/ स्वायत्त निकाय/ बोर्ड/ निगम/सरकारी उपक्रम या किसी अन्य प्रतिष्ठान द्वारा राजीव गांधी स्वरोजगार योजना-2023 के तहत ई-टैक्सी किराए पर लेने के लिए मानक संचालन प्रक्रिक्रयाओं (एसओपी) को अपनी मंजूरी दे दी। इस योजना से राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के रास्ते खुलेंगे और राज्य सरकार ई-टैक्सी खरीदने के लिए 50 प्रतिशत की सबसिडी प्रदान करेगी जो प्रदूषण को कम करने में काफी मदद करेगी और हरित राज्य बनने की दिशा में एक कदम आगे बढ़ाएगी। इसे 2 अक्तूबर, 2023 से लागू किया जाएगा।
अनुराग ठाकुर के रेलवे में प्रयास फिर रंग लाए भारत सरकार के रेल मंत्रालय ने एक बार फिर से जिला ऊना दौलतपुर चौक रेलवे स्टेशन को बड़ा तोहफा दिया है। अब दौलतपुर चौक से जनशताब्दी ट्रेन चलेगी। ऊना से चल रही जनशताब्दी ट्रेन को जो दिल्ली तक चलती है को अब दौलतपुर चौक तक बढ़ाया गया है। अब यह ट्रेन दौलतपुर चौक से चलेगी। रेल मंत्रालय ने इसको लेकर अधिसूचना जारी कर दी है ।26 अगस्त से यह ट्रेन दौलतपुर चौक से चलेगी सुबह 4:15 पर दौलतपुर चौक से चलने वाली यह ट्रेन 5:05 पर ऊना, 5:28 पर नंगल से चलेगी। वहीं दिल्ली से दोपहर को पर यह ट्रेन चलेगी और दौलतपुर चौक में 8:15 पर पहुंचेगी। हमीरपुर से क्षेत्र के सांसद व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के समक्ष अनेक बार इस ट्रेन को दौलतपुर चौक से शुरू करने को लेकर के मांग उठाई गई। अब यह मांग पूरी हुई है। अनुराग ठाकुर ने रेलवे मंत्रालय से यह मामला उठाया था, इस ट्रेन के दौलतपुर चौक से शुरू होने से निश्चित रूप से मां चिंतपूर्णी में आने वाले श्रद्धालुओं को भी लाभ होगा। वहीं, तलवाड़ा व अम्ब आने वाले लोगों के लिए यह ट्रेन वरदान होगी। यहां तक की हमीरपुर आने वाले लोग भी अब तक इस ट्रेन में आ सकेंगे। वहां से आगे अपने आगे गंतव्य पर जा सकेंगे ।जिला ऊना भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व ने दौलतपुर चौक से शुरू होने वाली जनशताब्दी ट्रेन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रेल मंत्री अश्विनी व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर का आभार व्यक्त किया है। विधायक सतपाल सत्ती, पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर, पूर्व विधायक राजेश ठाकुर, रेल के राष्ट्रीय सदस्य रहे हरि ओम भनोट, जिला भाजपा के अध्यक्ष बलवीर सिंह, महामंत्री राजकुमार पठानिया, श्याम सिंह मनिहास, उपाध्यक्ष, बलराम बबलू ने कहा कि निश्चित रूप से जिस प्रकार से रेल के नेटवर्क में बढ़ोतरी हो रही है यह अनुराग ठाकुर का व्यक्तिगत प्रयास है, जिसके लिए उन्हें साधुवाद है। प्रदेश भाजपा के सचिव व उत्तर क्षेत्रीय रेलवे समिति के सदस्य सुमित शर्मा ने कहा कि इस मांग को केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के द्वारा लगातार आगे बढ़ाया गया और अब यह मांग पूरी हुई है इसके लिए केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर का आभार है।


















































