Reading ⇾
हिमाचल प्रदेश विधानसभा की चौदहवीं विधानसभा का ग्यारहवां सत्र आगामी 16 फरवरी 2026 से शुरू होगा। यह जानकारी शनिवार को विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां ने दी। उन्होंने बताया कि यह सत्र बजट सत्र होगा, जिसकी शुरुआत दोपहर 2 बजे होगी। बजट सत्र को लेकर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और सभी की नजरें मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के चौथे बजट पर टिकी हुई हैं। कुलदीप सिंह पठानियां ने बताया कि राज्यपाल की संस्तुति प्राप्त होने के बाद विधानसभा सचिवालय की ओर से सत्र को लेकर अधिसूचना जारी कर दी गई है। हालांकि बजट सत्र में कुल कितनी बैठकें होंगी और बजट किस दिन पेश किया जाएगा, इसको लेकर अलग से आदेश जारी किए जाएंगे। विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि बजट सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से होगी। इसके बाद सदन में दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए शोक प्रस्ताव रखे जाएंगे। इसके पश्चात सदन की विधायी कार्यवाही शुरू की जाएगी, जिसमें विभिन्न विधेयकों और प्रस्तावों पर चर्चा होगी। यह बजट सत्र राजनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रदेश में राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच विपक्ष के तेवर इस सत्र में तीखे रह सकते हैं। बजट और वित्तीय स्थिति को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना है। मुख्यमंत्री सुक्खू इस सत्र में अपने कार्यकाल का चौथा बजट पेश करेंगे। इससे पहले उन्होंने वर्ष 2025-26 का बजट 17 मार्च 2025 को प्रस्तुत किया था। ऐसे में इस बार के बजट से जनता और जनप्रतिनिधियों को कई अहम घोषणाओं की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि विधानसभा सचिवालय सत्र के सुचारू संचालन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां कर रहा है। सत्र के दौरान राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों, सरकार की उपलब्धियों, भविष्य की योजनाओं और जनहित से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।
हिमाचल प्रदेश सचिवालय में आज सुबह 11 बजे सीएम सुक्खू की अध्यक्षता में कैबिनेट की एक महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। इस बैठक का मुख्य एजेंडा आगामी बजट सत्र की रूपरेखा तैयार करना और केंद्र सरकार द्वारा राजस्व घाटा अनुदान (RDG) को बंद किए जाने के फैसले पर रणनीति बनाना है। गौरतलब है कि केंद्र ने बजट 2026-27 में RDG को समाप्त कर दिया है, जिससे राज्य की वित्तीय स्थिति पर गहरा संकट मंडरा रहा है और सरकार इस मुद्दे को सदन में मजबूती से उठाने की तैयारी में है। राज्य सरकार इस वित्तीय संकट पर चर्चा के लिए पहले एक विशेष सत्र बुलाना चाहती थी, लेकिन राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने बजट सत्र के करीब होने का हवाला देते हुए इस प्रस्ताव को वापस भेज दिया था। इसके बाद सरकार ने आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से शुरू होगा। आज की बैठक में यह तय किया जाएगा कि बजट किस दिन पेश होगा और इस सत्र के दौरान कुल कितनी बैठकें आयोजित की जाएंगी। बजट सत्र की तैयारियों के साथ-साथ आज की कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री के आगामी बजट भाषण में शामिल की जाने वाली प्रमुख घोषणाओं पर भी मंथन होगा।
प्रदेश में पिछले कई दिनों से मौसम शुष्क बना हुआ है। लेकिन मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, आज से एक नया पश्चिमी विक्षोभ राज्य को प्रभावित करेगा, जिससे बारिश और बर्फबारी का सिलसिला फिर शुरू होने की संभावना है। विशेष रूप से 10 फरवरी को मध्य और उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश व बर्फबारी का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक, 8 और 9 फरवरी को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहेगा, लेकिन बादल छाए रहेंगे। 10 फरवरी को कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला और किन्नौर जैसे जिलों में खराब मौसम की चेतावनी जारी की गई है। वहीं मौसम विभाग के अनुसार बीते दिनों मौसम के साफ रहने के बाद प्रदेश भर में दिन के तापमान में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है बीते 24 घंटे में राजधानी शिमला में अधिकतम तापमान 15.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से 2.6 डिग्री अधिक है। सुंदरनगर में पारा 23.2 डिग्री रहा और यहां तापमान सामान्य से 4.4 डिग्री ऊपर चला गया। भुंतर में 21.4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया, जो औसत से 4.1 डिग्री ज्यादा रहा। ठंडे इलाकों में भी गर्मी का असर दिखा। कल्पा में अधिकतम तापमान 11.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 5.6 डिग्री अधिक है। धर्मशाला में 21 डिग्री तापमान दर्ज हुआ और यह सामान्य से 3.6 डिग्री ऊपर रहा। ऊपरी शिमला क्षेत्र के साथ-साथ मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में भी तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिली। नाहन में अधिकतम तापमान 22.6 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.7 डिग्री अधिक रहा। सोलन में तापमान 19.4 डिग्री सेल्सियस रहा, हालांकि यहां बढ़ोतरी मामूली रही और यह केवल 0.3 डिग्री ज्यादा दर्ज हुआ। पर्यटन नगरी मनाली में अधिकतम तापमान 12.2 डिग्री रहा, जो सामान्य से 1.2 डिग्री ऊपर है। कांगड़ा में भी पारा 22.7 डिग्री तक पहुंच गया, जो औसत से 4.5 डिग्री ज्यादा रहा।बर्फ से ढकीं पहाडि़यां मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के बाद अगले दो से तीन दिनों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है। इससे प्रदेश में एक बार फिर ठंड का असर बढ़ेगा। यह बारिश और बर्फबारी रबी फसलों तथा सेब बागानों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है, वहीं जल स्रोतों को भी इससे राहत मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए विधायकों की प्राथमिकताओं को निर्धारित करने के लिए पहले दिन के पहले सत्र में ऊना, हमीरपुर और सिरमौर जिलों के विधायकों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि सरकार द्वारा वर्ष 2025-26 के दौरान नाबार्ड से 713.87 करोड़ रुपये की 73 योजनाएं स्वीकृत करवाई जा चुकी हैं। इन स्वीकृत योजनाओं में 512.31 करोड़ रुपये की 55 विधायक प्राथमिकता योजनाएं लोक निर्माण विभाग से सम्बन्धित हैं और 201.56 करोड़ रुपये की 18 विधायक प्राथमिकता योजनाएं जल शक्ति विभाग की हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि बजट का पूर्ण उपयोग किया जाए और नाबार्ड कार्यालय में प्रतिपूर्ति दावे 15 मार्च, 2026 से पहले जमा करें। इसके अतिरिक्त मार्च, 2026 तक नाबार्ड से और अधिक विधायक प्राथमिकताओं को स्वीकृत करवाने के लिए प्रदेश सरकार प्रयासरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार के तीन वर्ष लोक कल्याण नीतियों, पारदर्शी शासन तथा व्यापक सुधारों का रहा है तथा हमारी सरकार की नीतियों का लक्ष्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सुदुढ़ करना, युवाओं और महिलाओं को सशक्त बनाना, कमजोर वर्गों को सुरक्षा प्रदान करना तथा हिमाचल प्रदेश को समृद्धशाली, हरित ऊर्जा सम्पन्न व आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर राज्य के रूप में स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार सभी क्षेत्रों तथा समाज के प्रत्येक वर्ग के त्वरित, समावेशी एवं सत्त विकास के लिए वचनबद्ध है। ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि 16वें वित्त आयोग द्वारा संविधान के अनुच्छेद 275(1) के अन्तर्गत राज्यों को मिलने वाली राजस्व घाटा अनुदान को लेकर उठाया गया कदम पहाड़ी राज्यों के लिए घातक है। उन्होंने कहा कि यह अनुदान वर्ष 1952 से 15वें वित्त आयोग तक राज्यों की वित्तीय स्थिरता के लिए निरन्तर मिलता रहा है, जिसे 16वें वित्त आयोग ने पहली बार बन्द किया है, जो हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी व कठिन भौगोलिक परिस्थिति वाले राज्य के प्रति अन्याय है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश पेड़ों के कटान पर पूर्ण प्रतिबंध लगाकर देश के पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका के साथ-साथ हिमाचल से बहने वाली नदियों के माध्यम से पानी भी उपलब्ध करवाता है तथा केन्द्र सरकार द्वारा राजस्व घाटा अनुदान बंद करना प्रदेश के हितों के साथ कुठाराघात है। उन्होंने कहा कि 15वें वित्त आयोग ने हिमाचल प्रदेश के लिए 37199 करोड़ रुपये के राजस्व घाटा अनुदान की सिफारिश की थी। इसके अलावा कोरोना काल के दौरान पिछली भाजपा सरकार को वित्त आयोग की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर राजस्व घाटा अनुदान के रूप में 11,431 करोड़ रुपये की सहायता मिली थी। उन्होंने कहा कि अनुदान बंद कर देने से राज्य को लगभग 50 हजार करोड़ रुपये का नुकसान होगा। वहीं चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुदर्शन बबलू ने चिंतपूर्णी मंदिर के विस्तार के लिए 130 करोड़ रुपए प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। उन्होंने स्तोथर पुल, चौकी-मन्यार कॉलेज का काम जल्द से जल्द पूरा करने की मांग की। उन्होंने जोल में सब फायर स्टेशन बनाने और सड़कों के नेटवर्क को मजबूत करने की मांग की। गगरेट क्षेत्र के विधायक राकेश कालिया ने भी गगरेट अस्पताल के लिए दो करोड़ रुपए प्रदान करने पर मुख्यमंत्री का आभार करते हुए इसे पूरा करने के लिए बाकी धनराशि जल्द जारी करने की मांग की। उन्होंने भद्रकाली आईटीआई के भवन तथा छह राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं के भवनों का निर्माण काम भी पूरा करने का भी आग्रह किया। उन्होंने दौलतपुर चौक तथा मुबारकपुर के लिए सीवरेज सुविधा तथा फ्लड प्रोटेक्शन के लिए समुचित धनराशि की मांग की। ऊना के विधायक सतपाल सत्ती ने नगर निगम ऊना में शामिल नए गांवों के लिए सीवरेज स्कीम बनाने की मांग की। उन्होंने शहर की ड्रेनेज व्यवस्था को मजबूत करने, संतोषगढ़-ऊना पुल का निर्माण करने तथा बीडीओ ऑफिस का निर्माण कार्य पूरा करने की मांग की। उन्होंने भभौर साहिब सिंचाई योजना को सुदृढ़ करने की भी मांग की। कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा ने उनके क्षेत्र में जल शक्ति विभाग को विभिन्न स्कीमों के लिए 36.89 करोड़ रुपये प्रदान करने तथा नई पीने के पानी की स्कीम के लिए 14.93 करोड़ रुपये स्वीकृत करने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बंगाणा में सीवरेज स्कीम का काम पूरा करने, बंगाणा-शांतला सड़क तथा थानाकलां-भाखड़ा सड़क को सुदृढ़ करने की मांग की। उन्होंने बंगाणा में सब जज कोर्ट खोलने की मांग भी की। हमीरपुर जिला से भोरंज के विधायक सुरेश कुमार ने लदरौर-पट्टा पीने के पानी की स्कीम का निर्माण जल्द से जल्द करने की मांग की। उन्होंने भोरंज नगर पंचायत में आधारभूत संरचना मजबूत करने की आग्रह किया। साथ ही सब जज कोर्ट का नया भवन बनाने और भोरंज में सीवरेज स्कीम बनाने की मांग की। उन्होंने भोरंज में क्रिटिकल केयर यूनिट के लिए 23.75 करोड़ रुपये देने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। सुजानपुर विधायक रणजीत सिंह ने सुजानपुर बीडीओ ऑफिस तथा पीएचसी चबूतरा के भवनों का निर्माण कार्य जल्द से जल्द पूरा करने का आग्रह किया। उन्होंने टौणीदेवी-ऊहल-कक्कड़-जंगलबैरी सड़क को स्तरोन्नत करने की मांग की। टौणी देवी और सुजानपुर अस्पतालों में खाली पड़े डॉक्टरों के पदों को भरने का भी अनुरोध किया। बड़सर के विधायक इंद्रदत्त लखनपाल ने बड़सर और भोटा में नया बस अड्डा बनाने का आग्रह किया। इसके साथ ही उन्होंने अपने क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने का अनुरोध किया। उन्होंने रैली जजरी स्कूल का नया भवन बनाने, पीएचसी चकमोह को शुरू करने की मांग की। उन्होंने दियोटसिद्ध से वॉल्वो बस तथा बड़सर-एम्स बस चलाने का आग्रह किया। सिरमौर जिला पच्छाद विधायक रीना कश्यप ने उनके क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने की मांग करते हुए कहा कि हाब्बन घाटी, शिरगुल महाराज और भूरेश्वर महादेव मंदिर में पर्यटन का संभावनाएं हैं। उन्होंने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला हाब्बन का निर्माण जल्द से जल्द पूरा करने की मांग की। नाहन विधायक अजय सोलंकी ने नाहन मेडिकल कॉलेज का मुद्दा उठाया और कॉर्डियोलोजी विभाग बनाने के साथ-साथ स्टाफ नर्सों के पदों को भरने की मांग की। उन्होंने क्षेत्र में तीन सड़कों के निर्माण को स्वीकृति देने के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए भोजपुर पुल बनाने का अनुरोध किया। उन्होंने बिजली के कम वोल्टेज की समस्या का निवारण करने का भी आग्रह किया। श्री रेणुकाजी विधानसभा क्षेत्र के विधायक विनय कुमार ने अपने क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की मांग करते हुए कहा कि रेणुकाजी झील की डिसिल्टिंग की जाए। उन्होंने रेणुकाजी चिड़ियाघर में शेर लाने की प्रक्रिया को तेज करने की मांग की। उन्होंने क्षेत्र में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने का भी आग्रह किया। उन्होंने आदर्श स्वास्थ्य संस्थान संगड़ाह में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने का आग्रह किया। उन्होंने ददाहू में कॉलेज भवन और बस स्टैंड का निर्माण करने की मांग की। उन्होंने बिजली विभाग का डिविजन संगड़ाह में खोलने की मांग की। पांवटा साहिब विधायक सुखराम चौधरी ने अपने विधानसभा क्षेत्र में शिक्षण संस्थानों के निर्माणाधीन भवनों का कार्य जल्द से जल्द पूरा करने की मांग की। उन्होंने हिमाचल और उत्तराखंड को जोड़ने वाले नावघाट पुल का निर्माण कार्य जल्द पूरा करने के साथ-साथ सड़क नेटवर्क को सुदृढ़ करने का भी आग्रह किया। उन्होंने गिरी सिंचाई नहरों की मुरम्मत करने की मांग की। पांवटा औद्योगिक क्षेत्र में बिजली लोड ठीक करने का आग्रह भी किया। राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष भवानी सिंह पठानिया ने इस अवसर पर आशा व्यक्त की कि विधायकों द्वारा दिए गए बहुमूल्य सुझावों से प्रदेश में विकास की गति को बढ़ावा मिलेगा। बैठक मे उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, विभिन्न विभागों के प्रशासनिक सचिव, विभागाध्यक्ष तथा संबंधित उपायुक्त व अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला में मीडिया से बातचीत में कहा कि 17 फरवरी को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है। इसमें केंद्र सरकार द्वारा रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (RDG) बंद करने और प्रदेश की आर्थिक स्थिति को लेकर चर्चा होगी। उन्होंने कहा- सत्र इसलिए बुलाया गया, ताकि प्रदेश की जनता को भी पता चले कि केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने 10 सालों में हिमाचल को क्या दिया है। सीएम ने कहा कि केंद्र से मिलने वाली करों की हिस्सेदारी हर साल बढ़ती है, लेकिन केंद्र सरकार ने हिमाचल की 10 हजार करोड़ सालाना की RDG को ही बंद कर दिया है। यह राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा संकेत नहीं है। RDG ग्रांट निरंतर 72 वर्षों से मिल रही थी। इस दौरान सीएम सुक्खू ने भाजपा नेताओं पर भी तंज कसते हुए कहा कि विधायक निधि तब देंगे, जब आप (भाजपा नेता) लोग पैसा रुकवाने केंद्र के पास नहीं जाएंगे। सीएम सुक्खू और डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री यह बात पहले भी कई बार कह चुके हैं कि हिमाचल BJP के नेता दिल्ली जाकर राज्य को केंद्र से मिलने वाली वित्तीय मदद को रोकने के लिए जाते हैं। सीएम ने आज फिर से इस बात को दोहराया। उन्होंने यह भी कहा कि अच्छा होता अगर भाजपा नेता राज्यपाल के पास हिमाचल की RDG को बहाल करने के लिए गए होते। उन्होंने कहा कि आर्थिक स्थिति ठीक होने के बाद विधायक क्षेत्र विकास निधि जारी की जाएगी। यह विधायक निधि केवल भाजपा विधायकों की ही नहीं रोकी गई है, बल्कि कांग्रेस के MLA की भी रोकी गई है।
हिमाचल भाजपा विधायक दल ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल को प्रदेश कांग्रेस सरकार के खिलाफ ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन के माध्यम से विधायक क्षेत्र विकास निधि, ऐच्छिक निधि और विपक्षी विधायकों की विकास प्राथमिकताओं को लंबित रखने के मुद्दे को उठाया गया। ज्ञापन में राज्यपाल को बताया गया कि प्रदेश सरकार अक्तूबर 2025 के बाद से विधायक क्षेत्र विकास निधि जारी नहीं कर रही है, जिस कारण विधायकों को अपने विधानसभा क्षेत्रों में जनता से किए गए विकास कार्यों के वायदे पूरे करने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। भाजपा विधायक दल ने कहा कि इस साल प्राकृतिक आपदा से प्रदेश में भारी नुकसान हुआ है और ऐसे समय में विधायक निधि विकास और पुनर्स्थापना कार्यों की जरूरत थी, लेकिन सरकार ने बजट प्रावधान होने के बावजूद केवल आधी निधि जारी कर शेष राशि रोक दी। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने बताया कि विधायकों की ऐच्छिक निधि भी समय पर जारी नहीं की जा रही, जिससे गरीब, बीमार और आपदा प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता देने में भी बाधा आ रही है। इससे जनप्रतिनिधियों की विश्वसनीयता भी प्रभावित हो रही है। ज्ञापन सौंपने के बाद नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल में परंपरा रही है कि विधायकों से विकास की दृष्टि से प्राथमिकताएं ली जाती हैं और वे पीडब्ल्यूडी और जल शक्ति विभाग में अपनी योजनाएं दर्ज करते हैं। लेकिन, पिछले तीन साल में विपक्षी विधायकों की प्राथमिकताओं पर न तो DPR बनाई जा रही है और न ही उन्हें नाबार्ड से स्वीकृति के लिए भेजा जा रहा है। यदि कहीं DPR बनी भी है, तो उसे आगे बढ़ाने के बजाय रोक दिया जाता है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति लोकतांत्रिक व्यवस्था और समान विकास की भावना के विपरीत है। विपक्षी क्षेत्रों के विकास कार्यों को योजनाबद्ध तरीके से रोका जा रहा है। विधायक निधि की केवल दो किश्तें 55-55 लाख रुपये ही जारी की गई हैं, जबकि शेष राशि रोकी गई है। कई मामलों में स्वीकृति पत्र जारी होने के बाद भी ट्रेजरी स्तर पर भुगतान रोक दिया गया है। जयराम ठाकुर ने कहा कि भाजपा विधायक दल ने राज्यपाल से आग्रह किया है कि सरकार को निर्देश दिए जाएं कि विधायक क्षेत्र विकास निधि और ऐच्छिक निधि तुरंत जारी की जाए और विपक्षी विधायकों की विकास प्राथमिकताओं की DPR बनाकर नाबार्ड को भेजी जाए, ताकि सभी क्षेत्रों में संतुलित विकास सुनिश्चित हो सके।
प्रदेश में चार दिन से अच्छी धूप खिलने के बावजूद 14 शहरों में रात का तापमान 5 डिग्री सेल्सियस या इससे भी नीचे लुढ़क गया है। मौसम विभाग के अनुसार धूप खिलने से दिन का तापमान तो निरंतर बढ़ रहा है। मगर रात और सुबह के वक्त कोहरा पड़ने से न्यूनतम तापमान में कमी दर्ज की जा रही है। प्रदेश के मैदानी इलाकों में आज शुक्रवार को भी घने कोहरे की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार- हमीरपुर, बिलासपुर, कांगड़ा और मंडी जिला के निचले इलाकों में कोहरा पड़ेगा। कोहरे के कारण रात और सुबह के वक्त मैदानी इलाकों में ठंड में इजाफा होगा। इन जिलों में बीते तीन दिन से कोहरा पड़ रहा है। इससे मंडी, कांगड़ा, कुल्लू और सोलन की रातें शिमला से भी ज्यादा ठंडी हो गई है। वहीं, लाहौल स्पीति के कुकुमसेरी का न्यूनतम तापमान गिरकर -14.9 डिग्री तक लुढ़क गया है। ताबो का पारा -11.4, मनाली का -0.7 और कल्पा का -2 डिग्री रह गया है। मौसम विभाग की माने तो 8 फरवरी तक मौसम साफ रहेगा। मगर 9 फरवरी को वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होगा। इस दिन चंबा, लाहौल स्पीति और किन्नौर के अधिक ऊंचे पहाड़ों पर बर्फबारी हो सकती है। अन्य क्षेत्र में धूप खिलेगी, लेकिन 10 और 11 फरवरी को प्रदेश के ज्यादातर भागों में अच्छी बारिश-बर्फबारी होगी।
Featured Videos
Video
Latest
विधानसभा सत्र: पंचायत चुनाव में देरी पर विपक्ष ने पेश किया स्थगन प्रस्ताव, सरकार ने भरी हामी
मोदी की स्वास्थ्य गारंटी : आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन से जुड़े 56.67 करोड़ लोग
देश के 45 शिक्षकों को मिला 'राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार', राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया सम्मानित
Asia Cup 2025: आज दुबई में भारत-पाक के बीच होने वाले मैच को लेकर देशभर में विरोध
कौन है चालदा महासू, क्यों उनकी प्रवास यात्रा में जुड़ते है हजारों श्रद्धालु ?
पाताल भुवनेश्वर मंदिर: रहस्य, आस्था और आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम
हिमाचल: आउटसोर्स भर्तियों की याचिका पर होगी अंतिम सुनवाई, जानें पूरी खबर
जम्मू: श्रीनगर के थाने में धमाका, 9 मौ*तें और 32 घायल
नेपाल: अंतरिम PM बनाने के लिए सेना-प्रदर्शनकारियों के बीच शुरू हुई बातचीत, कुलमान घिसिंग व सुशीला कार्की का नाम आगे
अधजली सिगरेट, चाय के झूठे प्याले और अधूरा इश्क़..
जयसिंहपुर: लोअर लंबागांव की बेटी अलीशा बनी ऑडिट इंस्पेक्टर
हिमाचल के इस गाँव में है 550 साल पुरानी ममी, आज भी बढ़ते है बाल और नाखून
11 साल बाद हरियाणा कांग्रेस को मिले जिला अध्यक्ष, हिमाचल में भी 9 महीने से इन्तजार



















